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आलू के बोरे, कच्चा रास्ता, अल्ताफ-यूनुस सरगना… नेपाल से भारत में आ रहे जाली नोट: रिपोर्ट में दावा- नकली नोट माँगे तो तस्कर ने पटकी 500 की गड्डियाँ

ऑपइंडिया ने हाल ही में भारत-नेपाल सीमा (India Nepal Border) पर बदलती डेमोग्राफी को लेकर सिलसिलेवार रिपोर्ट किया था। बताया था कि कैसे जनसंख्या में बदलाव का असर जमीन पर दिख रहा है। सीमा पर हो रही तस्करी, कानून व्यवस्था के लिए पैदा चुनौतियों और भारत की आंतरिक सुरक्षा को खतरे को लेकर भी हमने रिपोर्ट की थी।

अब दैनिक भास्कर ने नेपाली सीमा से हो रहे जाली नोट के कारोबार को लेकर चौंकाने वाले दावे किए हैं। एक रिपोर्ट में बताया है कि जब उसके रिपोर्टर इस कारोबार में संलिप्त लोगों तक पहुँचे और जाली नोट माँगे तो उन्होंने नकली भारतीय नोट के 500 की गड्डियाँ पटक दी। इस रिपोर्ट की माने तो भारतीय जाली नोटों के कारोबार में दुबई, मलेशिया, बांग्लादेश और पाकिस्तान के लोग शामिल हैं। नेपाल का परसा और बारा जिला इसका अड्डा है। सरगना दुबई में है। रिपोर्ट में 80 करोड़ रुपए के नकली नोट नेपाल पहुँचने और उसे होली तक भारत के बाजार में खपाने का लक्ष्य तय किए जाने की बात भी कही गई है।

दैनिक भास्कर के मुताबिक नेपाल में नकली नोटों के सबसे बड़े तस्कर अल्ताफ मियाँ और यूनुस अंसारी हैं। दोनों ISI के एजेंट बताए जाते हैं। पूर्व सांसद मिर्जा दिलशाद बेग के उत्तराधिकारी के तौर पर काम कर रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि नोटों के अलावा अल्ताफ और यूनुस सोने और ड्रग्स की भी तस्करी में शामिल हैं। दोनों फ़िलहाल जेल में हैं और वहीं से अपने सिंडिकेट को संचालित करते हैं।

जानकारी के मुताबिक नकली नोटों को सीमा के आर-पार ले जाने के लिए आलू के बोरे और लकड़ी के गट्ठरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इन नकली नोटों में डॉलर सहित कुछ विदेशी मुद्राएँ भी शामिल हैं। साइकिल से खेतों और कच्चे रास्तों से नोट भारत में लाए जाते हैं। इस काम में बच्चों और महिलाओं का भी इस्तेमाल हो रहा है।

ज्यादातर तस्करी वीरगंज, रुपनदेही, सोनौली और सिद्धार्थनगर के बढ़नी बाॅर्डर से होती है। डील सेट होने से पहले वीडियो कॉल पर माल दिखाया जाता है। उसके बाद फोन पर रेट तय किया जाता है। दैनिक भास्कर के रिपोर्टर दिग्विजय कुमार और अलोक द्विवेदी ने रिपोर्ट में बताया है कि नेपाल पुलिस इस तस्करी को रोकने में कोई रूचि नहीं लेती।

गौरतलब है कि इसी साल सितम्बर में बिहार की सीतामढ़ी पुलिस ने मेजरगंज और बैरगनिया में नकली नोटों की तस्करी के आरोप में नेपाल के पति-पत्नी सहित 5 आरोपितों को गिरफ्तार किया था। इनके पास से भारतीय और नेपाली नकली नोटों के साथ अवैध हथियार भी बरामद हुए थे। अक्टूबर 2022 में भी गोरखपुर के गगहा क्षेत्र से नकली नोटों की खेप पकड़ी गई थी। अगस्त 2019 में दिल्ली पुलिस ने नेपाल से नकली नोटों की तस्करी करने वाले आलम अंसारी को गिरफ्तार किया था। उसके पास से ₹ 5.50 लाख रुपये के नकली नोट बरामद हुए थे। तब स्पेशल सेल ने खुलासा किया था कि नकली नोट भारत में नेपाल के रास्ते पाकिस्तान से भेज जाता था।

बंगाल के खिर्दीपुर में वापस नहीं लौटे हैं हिंदू, जिनके घर जले उन्होंने नहीं मनाई दीवाली: रिपोर्ट में बताया, हिंसा के 1 माह बाद कैसे हैं हालात

पश्चिम बंगाल के मुस्लिम बहुल खिर्दीपुर में अक्टूबर में हुई हिंदू विरोधी हिंसा के बाद वहाँ हालात अब भी ठीक नहीं हुए हैं। NIA हिंसा की जाँच कर रही है जबकि शांति बनी रहे इसके लिए इलाके में 9 अक्टूबर से ही रैपिड एक्शन फोर्स को तैनात किया गया है। हालात ऐसे हैं कि कट्टरपंथियों के डर से जिन हिंदुओं ने घर छोड़ा था वो अब तक लौटकर नहीं आए हैं।

दैनिक भास्कर में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार वह घटना के एक महीने बाद प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति देखने के गए थे। वहाँ उन्हें पता चला कि इलाके में फोटो लेना बिलकुल बना है। ऐसे में उन्होंने कुछ स्थानीयों से बात की और पाया कि 8-9 अक्टूबर को हिंसा हुई उसमें ज्यादा शिकार हिंदू थे जिनके न घर छोड़े गए, न वाहन… सबमें आग लगा दी गई।

एक रवि कुमार और शंभू कुमार ने पत्रकारों को बताया कि वो लोग वार्ड नंबर 13 में रहते हैं। जहाँ उनके जानने वाले 4-5 हिंदू परिवार अब तक घर नहीं लौटे हैं। 9 अक्टूबर को कोजागरी लक्ष्मी पूजा थी। तभी, हिंदुओं के घरों पर अचानक हमला किया गया। वो लोग कौन थे, ये किसी को नहीं पता चला। बस ये पता था कि वो दूसरे समुदाय के थे।

स्थानीयों ने बताया कि हिंसा के दौरान बिजली चली गई थी। न पुलिस आ रही थी और न बिजली। लोग गाड़ी तोड़ रहे थे। गोले फेंके जा रहे थे। बम की आवाज आ रही थी। हालत ऐसी थी कि डर से घर छोड़ गए और अब तक नहीं लौटे। जिनके घर जले उन्होंने दिवाली तक नहीं मनाई। फिलहाल इलाके में पुलिस तैनात है। कैंप लगे हैं। कुछ जवान यूनिफॉर्म में घूमते हैं कुछ सादे कपड़ो में।

नेशनल बॉक्सर मेहराजुद्दीन अहमद ने कहा कि एक भाजपा नेता ने नबी का फ्लैग खींचा था जिससे हिंसा भड़की। वहीं भाजपा का कहना है कि वो जब हिंसा के बाद इलाके में जाना चाहते थे तो उन्हें रोका गया। पुलिस बताती है कि पहले मयूरभंज और भूकैलाश रोड पर हिंसा हुई फिर इकबाल पुर स्टेशन को घेरा गया। मामले की जाँच में उन्हें कई बम और हथियार मिले। सरकार ने एसआईटी बनाई। 63 लोग गिरफ्तार हुए।

उल्लेखनीय है कि बंगाल में अक्टूबर में हुई हिंदू विरोधी हिंसा कोई नई बात नहीं थी। साल 2021 में चुनाव के दौरान भी हिंदुओं पर जानबूझकर टारगेट बनाया गया था। भाजपा को वोट देने वालों के साथ जहाँ मारपीट हुई थी, वहीं औरतों के साथ रेप की घटनाएँ घटी थी। भाजपा कार्यकर्ताओं को तो जगह-जगह मारा गया था।

जहाँगीरपुरी में जहाँ मना अंसार की जमानत का ‘जश्न’, वहीं से दिल्ली पुलिस ने ‘जुलूस’ निकाल किया भीतर: हिंदुओं पर हमले का है मास्टरमाइंड

दिल्ली के जहाँगीरपुरी में हिंदुओं पर हमले (2022 Jahangirpuri violence) का मुख्य आरोपित अंसार शेख फिर से गिरफ्तार कर लिया गया है। दिल्ली पुलिस ने बताया है कि जेल से निकलते ही माहौल खराब करने की कोशिश में अंसार सहित चार गिरफ्तार किए गए हैं। रोहिणी कोर्ट ने 4 नवम्बर 2022 को अंसार को जमानत दी थी। उसके बाद जहाँगीरपुरी में उसकी जमानत का जश्न मना था। इसके वीडियो भी सामने आए थे।

जमानत के बाद जेल से निकलने के बाद अंसार ने दोपहिया और चार पहिया गाड़ियों के साथ जुलूस निकाला था। इस दौरान समुदाय के कई लोगों ने उसका ‘हीरो’ की तरह स्वागत किया। उसके स्वागत में सोशल मीडिया पर पोस्ट और स्टेट्स डाले। लेकिन रविवार (6 नवम्बर 2022) को उसी रास्ते पर जुलूस निकाल दिल्ली पुलिस ने उसे फिर से सलाखों के पीछे डाल दिया।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में अंसार ने जेल से निकलते ही पुष्पा फिल्म का स्टाइल दिखाया। यही अंदाज़ उसने जेल जाने के दौरान दिखाया था। जेल से उसको घर ले जाने के लिए कई वाहन आए थे। रास्ते में नारेबाजी करता जुलूस जहाँगीरपुरी पहुँचा। वीडियो में सड़क किनारे खड़े कई लोगों ने हाथ हिलाकर उसका स्वागत करते दिख रहे हैं।

कुछ लोगों के स्क्रीनशॉट भी वायरल हो रहे हैं। उन्होंने अंसार के साथ फिल्म पुष्पा स्टाइल में सेल्फी ले कर पोस्ट की है। कई एकाउंट पर ‘वेलकम अंसार भाई’ भी लिखा हुआ था। VHP नेता उमाशंकर दुबे ने अंसार की रिहाई के बाद हुए जश्न और दोबारा गिरफ्तारी की वीडियो शेयर की है।

अंसार दोबारा गिरफ्तार

सोशल मीडिया पर दंगे के आरोपित अंसार का वीडियो वायरल होने के बाद दिल्ली पुलिस हरकत में आ गई। पुलिस ने अंसार और उसके 3 अन्य साथियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने अंसार का जहाँगीरपुरी में ही जुलूस निकाला। पुलिस ने अंसार के साथ अरबाज़, जुनैल व एक अन्य पर शान्ति भंग की धाराओं में कार्रवाई की है।

गौरतलब है कि दिल्ली के जहाँगीरपुरी में अप्रैल 2022 में हनुमान जयंती शोभायात्रा के दौरान हिंसा K ब्लॉक में हिंसा भड़क गई थी। आरोप है कि मस्जिद की छतों से शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालुओं पर पथराव किया गया था। हिंसा को काबू करने के प्रयास में दिल्ली पुलिस के एक सब इंस्पेक्टर मेंदलाल के हाथ में दंगाइयों द्वारा मारी गई गोली भी लग गई थी। बाद में जाँच के दौरान अंसार और तबरेज इस हिंसा के मास्टरमाइंड के तौर पर निकल कर सामने आए थे।

नाम बदला तो ब्लू टिक जाएगा, वार्निंग के बिना ही अकाउंट होंगे सस्पेंड: एलन मस्क का सपना- ट्विटर मतलब विश्वसनीयता

ट्विटर का मालिक बदलने के बाद उसमें लगातार बदलाव किए जा रहे हैं। इसी क्रम में एलन मस्क ने एक बड़ा फैसला लिया है। एलन ने ऐलान किया है कि अब से अगर कोई भी शख्स किसी और के नाम से अकॉउंट चलाते पाया गया, वो भी बिन इस बात को साफ किए कि वो अकॉउंट पैरोडी है तो उसे हमेशा के लिए सस्पेंड कर दिया जाएगा। मस्क ने कहा है कि अब से ट्विटर अकॉउंट सस्पेंड करने से पहले कोई चेतावनी नहीं देगा।

उन्होंने फर्जी अकॉउंट वालों को चेतावनी देते हुए बताया, “पहले हम लोगों ने वॉर्निंग दी थी कि हम अकॉउंट सस्पेंड कर रहे हैं लेकिन अब हम व्यापक सत्यापन को शुरू कर रहे हैं। इसके अनुसार कोई चेतावनी नहीं होगी। ये स्पष्ट तौर पर ट्विटर पर साइन इन करने की शर्त है।” इसके अलावा मस्क ने यह भी बताया कि अगर कोई व्यक्ति अपना नाम बदलता है तो भी वो अपना वेरीफाइड चेकमार्क गवा सकता है।

मस्क ने ट्वीट किया, “बड़े स्तर पर सत्यापन पत्रकारिता का लोकतंत्रीकरण करेगा और लोगों की आवाज को सशक्त करेगा।” वह कहते हैं कि ट्विटर दुनिया के बारे में सबसे सटीक जानकारी देने का विश्वसनीय सूत्र बने, यही उनकी सबसे ज्यादा कोशिश है।

बता दें कि इससे पहले एलन मस्क ने ट्विटर यूजर्स को जानकारी दी थी कि वो जल्द ही ट्विटर को इस लायक बनाएँगे कि वहाँ लंबे-लंबे टेक्स्ट लिखे जा सकें ताकि नोटपैड के स्क्रीनशॉट आदि शेयर करने की जरूरत न पड़े।

उल्लेखनीय है कि पैरोडी अकॉउंट्स को लेकर जो एलन मस्क का सख्त फैसला आया वो एक ट्विटर अकॉउंट के संज्ञान में आने के बाद आया। उस ट्वीट पर साफ तौर पर एलन का नाम लिखा हुआ था। वहीं आईडी इयान वुलफॉर्ड के नाम से थी। उस पर कई हिंदी और भोजपुरी में ट्वीट थे। जिसके ट्वीट वायरल होने के बाद उस अकॉउंट को सस्पेंड कर दिया गया है। ट्विटर ने फैसला लिया है कि वो जल्द ही अपने प्लेटफॉर्म पर ब्लू टिक के बदले पैसे चार्ज करना शुरू कर देंगे। कई देशों के लिए यह नियम आ भी गया है और कई देशों में जल्द लागू हो जाएगा।

देश तोड़ने की बात करने वाले के साथ ‘भारत जोड़’ रहे राहुल गाँधी: यात्रा में प्रशांत भूषण का लिया साथ, भारतीय सेना को कह चुके हैं भला-बुरा

देश के दो राज्यों हिमाचल प्रदेश और गुजरात में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। लेकिन, कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी इन दो राज्यों का दौरा करने की बजाए ‘भारत जोड़ो’ यात्रा कर रहे हैं। कॉन्ग्रेस की ‘भारत जोड़ो’ यात्रा रविवार (6 नवंबर, 2022) को तेलंगाना में थी। इस दौरान, राहुल गाँधी के साथ ‘आम आदमी पार्टी (AAP)’ के पूर्व नेता प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव भी शामिल हुए।

इस यात्रा में शामिल होने के बाद प्रशांत भूषण ने ट्वीट कर कहा, “आज भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुआ, क्योंकि मुझे लगता है कि इसमें भाजपा और उसके सहयोगियों द्वारा बनाए जा रहे नफरत के माहौल को सकारात्मक रूप से बदलने की क्षमता है। उम्मीद है कि यह बेरोजगारी, कीमतों, भाई-भतीजावाद आदि की वास्तविक समस्याओं की ओर भी ध्यान आकर्षित करेगा।”

प्रशांत भूषण आज भले ही कॉन्ग्रेस की ‘भारत जोड़ो’ यात्रा में शामिल होकर तथाकथित ‘नफरत के माहौल’ के खिलाफ आवाज़ उठाने की बातें कर रहे हों, लेकिन यह वही प्रशांत भूषण हैं जिन्होंने देश के अभिन्न अंग कश्मीर को लेकर जनमत संग्रह की बात कही थी।

प्रशांत भूषण ने एक इंटरव्यू में कहा था, “यह अत्यंत जरूरी है कि हम लोगों के दिलों और मन को जीतें और अलगाव की भावना को उभरने से रोकें। इसके लिए जो पहली चीज किए जाने की जरूरत है, वह आर्म फोर्सेज स्पेशल पावर्स एक्ट (AFSPA) को हटाने की है जो सेना को मानवाधिकार के उल्लंघन के मामलों में छूट प्रदान करता है। आंतरिक सुरक्षा के मामलों में सेना की तैनाती लोगों की मंजूरी के बाद ही प्रभावी होनी चाहिए ,सिवाय ऐसे स्थानों पर जहाँ अल्पसंख्यकों के हितों की सुरक्षा जरूरी हो।”

उल्लेखनीय है कि सभी राजनीतिक पार्टियाँ गुजरात और हिमाचल प्रदेश के चुनाव में जुटी हुई हैं, लेकिन कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी सिर्फ अपनी ‘भारत जोड़ो’ यात्रा कर रहे हैं। इसलिए, यह कहा जा रहा है कि यह यात्रा कॉन्ग्रेस की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ न होकर राहुल गाँधी की व्यक्तिगत यात्रा बनकर रह गई है।

फोटो देख कर लड़की चुनी, सेक्स करने होटल भी पहुँचा, लेकिन फिर… दिल्ली के क्रिकेटर को हनीट्रैप में फँसाने वाले 3 गिरफ्तार, वीडियो बना कर रहे थे ब्लैकमेल

पश्चिम बंगाल पुलिस ने शनिवार (5 नवंबर, 2022) को दिल्ली के एक क्रिकेटर को हनीट्रैप में फँसा कर ब्लैकमेलिंग और जबरन वसूली के आरोप में 3 लोगों को गिरफ्तार किया है। हालाँकि, पुलिस ने हनी ट्रैप का शिकार हुए क्रिकेटर के नाम का खुलासा नहीं किया है।

इस मामले में पुलिस ने कहा है कि क्रिकेटर की शिकायत के आधार पर जाँच कर तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान ऋषभ चंदा, सुभोनकर विश्वास और शिव सिंह के रूप में हुई है। जबकि, हनीट्रैपिंग रैकेट का मुख्य मास्टरमाइंड अब भी फरार बताया जा रहा है। पुलिस ने फरार आरोपित की जल्द-जल्द से गिरफ्तारी की बात कही है।


एबीपी बांग्ला की रिपोर्ट के अनुसार, हनीट्रैप का शिकार हुआ क्रिकेटर अक्टूबर के अंत में मुश्ताक अली ट्रॉफी (SMAT) के मैच खेलने के लिए दिल्ली से कोलकाता आया था। वहाँ वह सॉल्ट लेक इलाके के एक होटल में रुका था। इस दौरान वह एक डेटिंग ऐप के जरिए आरोपितों के संपर्क में आया।

इसके बाद, मंगलवार (1 नवंबर, 2022) को वह बिधाननगर सिटी थाना अंतर्गत अंतर्गत आने वाले बागुईआटी इलाके के एक बस-स्टॉप पर चारों आरोपितों से मिला। इस मुलाकात के दौरान, क्रिकेटर को कुछ तस्वीरें दिखाई गईं और उसे इन फोटोज में से एक चुनने के लिए कहा गया। जब, उसने उन फोटोज में से एक को पसंद कर लिया तब उसे उस लड़की मिलवाया भी गया। फिर, जब वह लड़की के साथ होटल में रुका, तब आरोपितों ने उसका वीडियो रिकॉर्ड कर लिया।

पीड़ित क्रिकेटर इस बात से अनजान था कि वह हनीट्रैप का शिकार हो गया है। हालाँकि, कुछ समय बाद आरोपितों ने उसे संपर्क किया और वीडियो वायरल करने की धमकी देते हुए पैसे की माँग की। पीड़ित ने तत्काल ही आरोपितों को नेट बैंकिंग के माध्यम से 60,000 रुपये ट्रांसफर कर दिए। यही नहीं, उसे अपनी सोने की चेन और कीमती मोबाइल फोन भी आरोपितों को देना पड़ा।

हालाँकि, आरोपित यहीं नहीं रुके और उसे ब्लैकमेल करने के लिए और कॉल आने लगे। इससे परेशान होकर बुधवार (2 नवंबर 2022) को उसने स्थानीय बागुईआटी थाने में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने पीड़ित क्रिकेटर के बयान के आधार पर जाँच शुरू की। इसके बाद, शनिवार (5 नवंबर, 2022) को बागुईआटी इलाके से ही तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है, जबकि चौथा आरोपित जिसे इस हनीट्रैप रैकेट का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है – वह अब भी फरार है।

पश्चिम बंगाल से अलकायदा का आतंकी मोनिरुद्दीन खान गिरफ्तार, फर्जी आइकार्ड्स बनाने में है एक्सपर्ट: AQIS में करवा रहा था भर्तियाँ

पश्चिम बंगाल के साउथ 24 परगना से अलकायदा से जुड़ा संदिग्ध आतंकी मोनिरुद्दीन खान गिरफ्तार किया गया है। STF (स्पेशल टास्क फोर्स) ने रविवार (6 नवंबर, 2022) को ये कार्रवाई की है। मोनिरुद्दीन खान खूँखार अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन में भर्तियाँ करवा रहा था। साथ ही वो अलकायदा को साजो-सामान भी मुहैया करा रहा था। साथ ही वो फर्जी भारतीय आईडी कार्ड्स बना कर मुहैया कराता था। उसकी उम्र 20 साल है।

उसे गिरफ्तार कर के STF ने अदालत में पेश किया, जहाँ से उसे 14 नवंबर तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है। वो अलकायदा के भारतीय उप-महाद्वीप में सक्रिय हिस्से AQIS (अलकायदा इंडियन सबकॉन्टिनेंट) के साथ जुड़ा हुआ था। कोलकाता पुलिस ने इस संबंध में आगे की जाँच भी शुरू कर दी है। इससे पहले अगस्त 2022 में भी पश्चिम बंगाल में अलकायदा के एक आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया गया था।

उत्तरी 24 परगना जिले के सासन के खारीबाड़ी इलाके से STF ने अलकायदा के 2 आतंकियों को गिरफ्तार किया था। दोनों आतंकी देश में बड़ी साजिश को अंजाम देने की फिराक में थे। लेकिन इससे पहले ये कुछ कांड करते, इन्हें STF ने धर लिया।  हिरासत में लिए गए लोगों की पहचान गंगारामपुर, जिला दक्षिण दिनाजपुर निवासी अब्दुर रकीब सरकार और हुगली जिले के आरामबाग निवासी काजी अहसानुल्लाह के रूप में हुई थी

पश्चिम बंगाल के अलावा असम में भी अलकायदा की सक्रियता की खबर आती रहती है, जहाँ मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की सरकार संगठन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है। अगस्त 2022 में गोलपाड़ा से दो इमामों को गिरफ्तार किया गया था, जो अलकायदा से जुड़े थे। इससे पहले असम में 28 जुलाई को 11 संदिग्धों को असम पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इनके संबंध भी AQIS और ABT से पाए गए थे। कई ऐसे मदरसों पर बुलडोजर भी चला है।

हिन्दू महिला से रेप, जबरन धर्मांतरण, निकाह… कफील की करतूत में अम्मी भी साथ, अब्बा ने नाबालिग से किया था कुकर्म: पीड़िता की भाभी कर चुकी है आत्महत्या

उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर जिले में धर्मांतरण और जबरन निकाह का मामला सामने आया है। यहाँ पर एक महिला ने अपनी बेटी के एक मुस्लिम व्यक्ति द्वारा जबरन निकाह कर लेने और धर्म-परिवर्तन करवाने की शिकायत दर्ज करवाई गई है। आरोपित का नाम कफील अहमद है, जिस पर मारपीट, रेप और अप्राकृतिक संबंध बनाने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायत में यह भी आरोप है कि कफील की ब्लैकमेलिंग के कारण पीड़िता की भाभी पहले ही आत्महत्या कर चुकी है। पुलिस ने केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है।

FIR शनिवार (5 नवम्बर, 2022) को दर्ज हुई है। मुख्य आरोपित कफील अहमद को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। इस केस में नामजद अन्य आरोपितों की तलाश के साथ-साथ मामले की जाँच पुलिस द्वारा की जा रही है। घटना सदर बाजार थाना क्षेत्र की है। पुलिस को दी गई शिकायत में पीड़िता की माँ ने बताया है कि उसके पर पर कफील अहमद एक रिश्तेदार के दोस्त के तौर पर आया करता था। पीड़िता का आरोप है कि उसने सबसे पहले अश्लील वीडियो बना कर उनकी बेटी को ब्लैकमेल करने की शुरुआत की, जिसमें घर आने वाले अन्य रिश्तेदार ने भी कफील का साथ दिया।

इसी अश्लील वीडियो को हथियार बना कर कफील 31 अगस्त, 2020 को पीड़िता की बेटी को लखनऊ ले कर गया। बाद में 5 सितम्बर, 2022 को कफील ने पीड़िता से जबरन इस्लाम कबूल करवाया और नया इस्लामी नाम दे दिया। शिकायत में आगे बताया गया है कि कफील ने हिन्दू लड़की को मुस्लिम बनाने के बाद उस से जबरन निकाह भी किया। बाद में जोर-जबरदस्ती कर के कई बार रेप किया और अप्राकृतिक संबंध बनाने की कोशिश की। इन सबसे मना करने पर लड़की को 4 नवम्बर, 2022 को बेरहमी से मारा-पीटा गया।

पुलिस को दी गई शिकायत में महिला ने कफील अहमद के साथ उसकी अम्मी जाहिदा बेगम और भाई फरीद अहमद पर भी अपनी बेटी की प्रताड़ना में कफील का साथ देने का आरोप लगाया है।

पीड़िता के शरीर पर चोट के निशान

शिकायत में आगे पीड़िता की माँ ने एक और बड़ा आरोप लगाते हुए कफील को अपनी बहू की आत्महत्या का जिम्मेदार बताया है। शिकायतकर्ता महिला के मुताबिक, कफील ने उनकी बेटी को ब्लैकमेल कर के उनकी बहू का नहाते हुए अश्लील वीडियो बनवा लिया था। बाद में कफील उसी अश्लील वीडियो को वायरल करने की धमकी देते हुए महिला की बहू को भी ब्लैकमेल करने लगा। इस प्रताड़ना से तंग आ कर शिकायतकर्ता महिला की बहू ने आखिरकार 5 नवम्बर, 2021 छत से कूद कर आत्महत्या कर ली थी।

पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने कफील अहमद, कफील की अम्मी जाहिदा और कफील के भाई फरीद के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। पुलिस ने चौथे आरोपित के तौर पर कफील को पीड़िता के घर लाने वाले रिश्तेदार डिम्पल सक्सेना को भी कफील के सहयोगी के तौर पर नामजद किया है। इन सभी पर IPC की धारा 376 (2)(n), 377, 323, 120- B, 306 और ‘उत्तर प्रदेश धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम’ की धारा 3 और 5(1) के तहत FIR दर्ज कर ली है। ऑपइंडिया के पास इस केस की FIR मौजूद है।

धर्म-परिवर्तन के बाद अख़बार में दिए गए इश्तेहार

ऑपइंडिया ने इस मामले में पीड़िता से बात की। धर्म-परिवर्तन की शिकार हुई लड़की ने हमें बताया कि वो लगभग 2 वर्षों से लगातार प्रताड़ना का शिकार हुई है। इसी के साथ लड़की ने हमें बताया कि आरोपित कफील एक नामी नेता और पूर्व चेयरमैन के करीबियों में से आता है जो प्रभाव और दबाव के साथ पैसे के दम पर बचता आ रहा है। हमसे बात करते हुए पीड़िता रो पड़ी और कहा कि इस घटना से न सिर्फ उनको शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना मिली है बल्कि उनके पूरे परिवार की इज्जत भी चली गई है। अंत में पीड़िता ने पुलिस प्रशासन के आरोपितों पर कठोर कार्रवाई की माँग की है।

पहले भी हो चुका है केस

ऑपइंडिया द्वारा जुटाई गई जानकारी के मुताबिक, 1 साल पहले भी पीड़ित लड़की ने आरोपित पर केस दर्ज करवाया था। तब पुलिस ने त्वरित एक्शन लेते हुए पीड़िता का कोर्ट में 164 का बयान दर्ज करवाया था। जानकारी के मुताबिक, उस समय पीड़िता कोर्ट में मुकर गई थी, जिसका फायदा आरोपित कफील को मिला था। ऑपइंडिया ने पीड़िता से इस बाबत बात की। पीड़िता ने बताया कि मामला अप्रैल 2021 है और तब पुलिस के ही एक सब-इंस्पेक्टर ने उन्हें डरा दिया था कि समझौता कर लो तो बेहतर होगा।

पीड़िता ने हमें आगे बताया कि ललित नाम के एक दरोगा ने यह भी कहा था कि अगर न मानी तो शायद उनके भाई को फर्जी केस में फँसा दिया जाए। पीड़िता ने हमें आगे बताया कि इस बार पूरी हिम्मत कर के वो कफील और उसके पूरे परिवार को सज़ा दिलाना चाहती है।

शाहजहाँपुर की पीड़िता, जिसे धर्म-परिवर्तन और रेप का बनाया गया शिकार

कफील का अब्बा कबीर है नाबालिग बच्चे से कुकर्म का आरोपित

धर्मांतरण के आरोपित कफील के बारे में और जानकारी जुटाने के दौरान हमें पता चला कि कफील का अब्बा कबीर एक नाबालिग बच्चे से कुकर्म का आरोपित है। उस पर 10 अप्रैल, 2021 को शाहजहाँपुर जिले में अपने एक साथी के साथ 8 साल के बच्चे के साथ जबरन अप्राकृतिक कुकर्म का आरोप लगा था। तब पीड़ित परिवार ने शिकायत में बताया था कि जिस लड़के के साथ कुकर्म हुआ था, उसके मलद्वार से खून निकल आया था।

इस शिकायत पर सदर बाजर पुलिस ने कबीर अहमद व एक अन्य पर IPC की धारा 377 और पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की थी, जिसमें आरोपित को जेल भी जाना पड़ा था। फ़िलहाल कबीर अहमद उस केस में जमानत पर चल रहा है। ऑपइंडिया के पास इस केस की FIR कॉपी भी मौजूद है।

कफील के भाई पर भी हिन्दू लड़की के अपहरण का आरोप

पीड़िता ने ऑपइंडिया से बात करते हए आरोप लगाया कि साल 2010 में कफील के भाई फरीद पर भी एक नाबालिग हिन्दू लड़की के अपहरण का आरोप है। पीड़िता ने हमें बताया कि 2010 के उस केस में भी कफील और उनकी अम्मी नामजद थीं और उन सभी को पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा था। पीड़िता ने कहा कि आरोपित का परिवार हिन्दू लड़कियों को टारगेट करने का आदी है।

चार धाम यात्रा के लिए 889 km का ‘ऑल वेदर रोड’, कर्णप्रयाग तक रेलवे लाइन, हजारों करोड़ के पुल: 22 साल का हुआ उत्तराखंड, ‘डबल इंजन’ सरकार ने गिनाए काम

उत्तराखंड सरकार ने राज्य के 22वें स्थापना दिवस के अवसर पर तैयारियाँ तेज कर दी हैं। एक अलग राज्य की माँग को लेकर कई वर्षों तक चले आंदोलन के बाद 9 नवंबर, 2000 को उत्तराखंड को देश के 27वें राज्य के रूप में शामिल किया गया था। शुरुआत में इसे उत्तरांचल के रूप में जाना जाता था। हालाँकि, साल 2007 में इसका नाम बदलकर उत्तराखंड कर दिया गया। उत्तराखंड की 22वीं वर्षगाँठ से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वीडियो जारी कर राज्य सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों के बारे में बताया है।

मुख्यमंत्री धामी ने वीडियो जारी करते हुए ट्वीट में कहा है, “हमारी सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यशस्वी नेतृत्व में विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से विकास के नए कीर्तिमान स्थापित करते हुए वर्ष 2025 तक उत्तराखंड को अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाने हेतु सतत क्रियाशील हैं।”

उत्तराखंड में डबल इंजन (केंद्र और राज्य) सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों को बताते हुए वीडियो में बताया गया है कि आधारभूत संरचना के विकास से उत्तराखंड की प्रगति को मजबूत आधार मिल रहा है। वीडियो में बताया गया है कि ऑल वेदर रोड, भारत माला परियोजना और डाट काली टनल से उत्तराखंड के लोगों और वहाँ आने वाले पर्यटकों के लिए यातायात की सुविधा बढ़ी है।

‘ऑल वेदर रोड’ चार धाम यात्रा को ध्यान में रखते हुए बनाई गई है। 12 हजार करोड़ रुपए की लागत से बनी 889 किलोमीटर लंबी इस सड़क का काम 85 प्रतिशत से अधिक पूरा हो चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पुष्कर सिंह धामी की इस महत्वाकांक्षी परियोजना के 2024 तक पूरे होने की उम्मीद है।

भारत माला परियोजना‘ की बात करें तो इसके तहत 65,000 किमी नेशनल हाइवे बनाया जा रहा है। इसके तहत पंजाब लेकर मणिपुर तक को नेशनल हाईवे से जोड़ा जाना है। इस परियोजना को दो भागों में बाँटा गया है, जिसमें से पहले चरण में 34,800 किमी सड़क का निर्माण किया जा रहा है। इस सड़क के निर्माण से लॉजिस्टिक लागत में बड़ी कमी सामने आएगी। इसके अलावा डाट काली टनल की बात करें तो दिल्ली-देहरादून के रास्ते में बन रही 340 मीटर लंबी टनल के निर्माण से वाहनों की आवाजाही आसान होगी और जाम से भी निजात मिल जाएगी। इस साल के अंत तक इस टनल के शुरू होने के अनुमान है।

यही नहीं, वीडियो में ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन की भी बात की गई है। 125 किलोमीटर लंबी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के अंतर्गत सुदूर पहाड़ों में रहने वाले लोगों के लिए विशेष रेलेवे ट्रैक बिछाया गया है। इससे पहाड़ों में रहने वाले उत्तराखंड वासियों का जीवन सुगम होगा।

साथ ही, डोबरा चांठी पुल, रानीबाग पुल, रानीपोखरी के निर्माण से भी राज्य के लोगों के लिए यातायात व्यवस्था आसान हुई है। 1.35 अरब रुपए से अधिक की लागत से बने इस पुल से सीधे तौर पर करीब 2 लाख लोगों को लाभ हो रहा है। कुमाऊँ में रानीबाग पुल का निर्माण 7 करोड़ 17 लाख रुपए की लागत से हुआ है। वहीं, पुल के शुरू हो जाने से कुमाऊँ की जनता समेत भीमताल, भवाली, रामगढ़, मुक्तेश्वर आने वाले पर्यटकों को इसका लाभ मिलेगा। इसके अलावा, करीब 2000 करोड़ रुपए की लागत से बने रानीपोखरी पुल से ऋषिकेश-देहरादून आने जाने वाले लोगों को लाभ होगा।

केदरानाथ व हेमकुंड साहिब में रोपवे के निर्माण से भी राज्य की जनता व यहाँ आने वाले पर्यटकों को भी भारी सुविधाएँ मिलेंगी। केदारनाथ-सोनप्रयाग रोपवे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वकांक्षी परियोजना का हिस्सा है। 9.7 किमी लंबे इस रोपवे के निर्माण में 1268 करोड़ रुपए खर्च हो रहे हैं। इस रोपवे के निर्माण से 6-7 घंटे से का सफर लगभग 30 मिनट का रह जाएगा।

दुनिया के सबसे ऊँचे गुरुद्वारे हेमकुंड साहिब में बन रहे रोपवे को दुनिया का सबसे ऊँचा रोपवे माना जाता है। सिख धर्म के प्रमुख धर्म स्थलों में से एक हेमकुंड साहिब में बन रहे रोपवे की लंबाई करीब 12.4 किमी है। अब तक हेमकुंड साहिब तक पहुँचने के लिए 19 किमी पैदल चढ़ाई करनी पड़ती है। लेकिन, रोपवे के निर्माण से यह यात्रा महज 45 मिनट में पूरा हो जाएगा।

‘नौटंकीबाज… होटल में प्राइवेट इवेंट करती है’: राखी सावंत के मानहानि केस के बाद शर्लिन चोपड़ा ने ठोकी FIR, साजिद खान पर छिड़ी थी दोनों में जंग

बिग बॉस कंटेस्टेंट और मीटू के आरोपित साजिद खान के कारण राखी सावंत और शर्लिन चोपड़ा में विवाद बढ़ता ही जा रहा है। हाल में साजिद खान के ऊपर इल्जाम लगाने के कारण राखी सावंत ने शर्लिन पर मानहानि का मुकदमा ठोका था। अब खबर है कि शर्लिन ने भी राखी सावंत के खिलाफ आईपीसी की कई धाराओं के तहत केस दर्ज करवाया है।

शर्लिन चोपड़ा ने इस केस की जानकारी अपने ट्विटर पर शेयर की। उन्होंने लिखा, “नौटंकीबाज राखी सावंत तैयार हो जा गिरफ्तार होने के लिए।” आईपीसी की धारा 354, 354A, 499, 500, 509,503, आईटी एक्ट 67A के तहत दर्ज करवाया है। अपनी शिकायत में शर्लिन के वकील ने कहा है कि राखी सावंत लगातार उनकी मुअक्किल शर्लिन की छवि बिगाड़ने में लगी हैं और जान की धमकियाँ दे रही हैं।

बता दें कि इससे पहले राखी सावंत ने शर्लिन के खिलाफ मानहानि केस दर्ज करवाया था। उनका कहना था कि शर्लिन की उनके ऊपर बयानबाजी से उनका जीवन प्रभावित हुआ है। उनके बॉयफ्रेंड ने उनसे सवाल करने शुरू कर दिए हैं। राखी का कहना था कि अगर वाकई उनके साथ गलत हुआ है तो उन्हें सबूत पेश करके केस लड़ना चाहिए। देश का कानून अच्छा है उन्हें न्याय देगा। लेकिन इस तरह ब्लैकमेलिंग उचित नहीं है।

राखी सावंत ने शर्लिन चोपड़ा को लेकर कहा था, “तू एक पोर्न स्टार है, तू एक नंगी है। तू कितनी बार वेश्यावृत्ति में पकड़ गई है।” वहीं शर्लिन चोपड़ा ने भी राखी सावंत पर निशाना साधते हुए कहा था, “राखी सावंत क्या करती है। वो लग्जरी होटल्स में जाकर प्राइवेट इवेंट्स करती है और करवाती है। वो सब्सक्रिप्शन पर बॉयफ्रेंड और हस्बैंड बनाती है। एक या दो साल में वो उन भाड़े के बॉयफ्रेंड और हस्बैंड को इतना चूस-चूस के कंगाल करती है कि बेचारे भाग जाते हैं। ये है राखी सावंत की असलीयत।”

शर्लिन चोपड़ा ने क्या कहा था

उल्लेखनीय है कि राखी सावंत साजिद खान की बड़ी समर्थकों में से एक हैं। वह लगातार उन लोगों पर सवाल खड़ा कर रहीं थीं जिन्होंने उनपर मीटू के इल्जाम लगाए। ऐसे में शर्लिन ने भड़कते हुए कहा था, “ वह 31 किलो मेकअप लगाती है, अपने गंजे सर को छुपाने के लिए। हेयर एक्सटेंशन और बिग का इस्तेमाल करती है। हर तीन-चार महीने में अपने बॉयफ्रेंड्स बदलती है। हर 6 महीने में अपना पति बदलती है। हमने कभी पूछा कि आप ऐसा क्यों करती हैं? नहीं… क्यों नहीं पूछा, क्योंकि उसकी लाईफ है, उसकी मर्जी। लेकिन, जब कोई पीड़ित महिला पुलिस चौकी जाती है, साजिद खान के खिलाफ शिकायत दर्ज करने तो दिक्कत होती है।”

शर्लिन चोपड़ा ने आगे कहा था, “बात यहाँ सिर्फ शर्लिन चोपड़ा की नहीं हो रही है। बात उन तमाम पीड़ित महिलाओं की हो रही है, जिन्होंने हिम्मत करके मीडिया के सामने आकर अपना बयान दिया। सयोनी चोपड़ा, सिमरन सूरी, मिचेल ह्वाइट, मंदाना करीमी, अहाना कुमरा, करिश्मा उपाध्याय, जिया खान, डिंपल पॉल, रानी चटर्जी, कनिष्का सोनी… ये कुछ नाम हैं जो मैं आपको सुना रही हूँ। ऐसी कई महिलाएँ हैं जिन्होंने डर के मारे, शर्मिंदगी से सामने आकर अपना अनुभव साझा नहीं किया।”