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सोशल मीडिया के जरिए ‘कट्टरपंथी’ बना था हिंदू नेता का हत्यारा: पुलिस बोली- हेट क्राइम की जाँच जारी, SFJ का पन्नू ₹10 लाख देने की कर चुका है घोषणा

पंजाब के अमृतसर (Amritsar, Punjab) में हिंदू नेता सुधीर सूरी की हत्या के आरोपित संदीप सनी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बताया कि वह सोशल मीडिया के जरिए कट्टरपंथी बना था और हेट क्राइम में शामिल था।

अमृतसर के पुलिस कमिश्नर ने बताया, “आरोपित संदीप सनी को घटना वाले दिन ही गिरफ्तार किया गया था। वह सोशल मीडिया पर कट्टरपंथी बना और घृणा अपराध किया। हालाँकि, यह पूरा हिस्सा नहीं है और आगे की तकनीकी जाँच की जरूरत है। एसआईटी आगे जाँच करेगी।”

बता दें कि आरोपित संदीप का कट्टरपंथी संगठन वारिस पंजाब दे (WPD) के साथ कनेक्शन भी सामने आया है। इस संगठन का नेतृत्व दुबई से लौटे विवादास्पद नेता अमृतपाल सिंह कर रहे हैं। WPD की स्थापना पंजाबी अभिनेता दीप सिद्धू ने की थी। इस साल के शुरुआत में हरियाणा में एक सड़क दुर्घटना में मारे गए सिद्धू सांसद सिमरनजीत सिंह मान के समर्थक थे।

संदीप अमृतसर के सुल्तानविंड स्थित कश्मीर एवेन्यू WPD का सदस्य है। कहा जा रहा है कि जिस सुजुकी स्विफ्ट कार से वह गोपाल मंदिर के घटना स्थल पर पहुँचा था, उसके विंडस्क्रीन पर WPD का स्टिकर लगा हुआ था। उसका एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें आरोपित संदीप अपने बेटे को अमृतपाल सिंह से मिलवाता दिख रहा है।

उधर, खालिस्तानी अलगाववादी संगठन सिख फॉर जस्टिस (SFJ) ने 10 लाख रुपए देने की घोषणा की है। SFJ का आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू (Gurpatwant Singh Pannu) ने एक वीडियो के जरिए कहा कि यह पैसा संदीप को कानूनी कार्रवाई में मददगार होगा।

आतंकी पन्नू ने कहा है कि SFJ संदीप के साथ खड़ा है। उसने कहा कि 2% सिखों को मसलने की बात करने वाले हिंदू नेता को मारना गलत नहीं है। इसलिए संदीप को इंसाफ दिलाने के लिए SFJ उसकी मदद करेगी। पन्नू ने कहा कि वह संदीप को 10 लाख रुपए देगा, ताकि वह कानूनी लड़ाई लड़ सके।

खालिस्तानी आतंकी पन्नू ने कहा है सूरी की हत्या को आतंकवाद नहीं, कत्ल बताया। उसने कहा कि संदीप कोई आतंकवादी नहीं है। उसने किसी सार्वजनिक जगह पर बम नहीं मारा है। पन्नू ने कहा कि किसी राजनीतिक व्यक्ति का कत्ल करने का मतलब आतंकवाद नहीं होता। संदीप ने पाँच गोलियाँ मारीं, जो हिंदू नेता सुधीर सूरी को लगी।

‘लेस्टर हिंसा का RSS से कोई संबंध नहीं’: UK के थिंक टैंक ने भी माना- मुस्लिम इन्फ्लुएंसर्स ने गढ़ा ‘हिन्दू आतंकी’ का झूठा नैरेटिव, मीडिया ने फैलाया

इस साल सितंबर में ब्रिटेन के लेस्टर में हुए हिंदू विरोधी दंगों (Leicester communal clashes) की रिपोर्ट में कहा गया है कि सोशल मीडिया इंफ्लुएंसरों के एक समूह की साजिश के कारण शहर में हिंदू-मुस्लिम दंगे हुए थे। रिपोर्ट में कहा गया कि इन सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर में कुछ संबंध आतंकियों से भी हैं।

ब्रिटेन स्थित हेनरी जैक्सन सोसाइटी के शार्लोट लिटिलवुड ने अपनी रिपोर्ट में का है कि हिंसा भड़काने के लिए संगठित हिंदुत्व चरमपंथ और आतंकवाद का एक झूठा नैरेटिव बनाया गया था। हिंदुत्व चरमपंथ का नैरेटिव गढ़ने वालों में एक सजायाफ्ता आतंकी भी है। इसने तालिबान और ISIS आतंकियों के लिए दुआ माँगी थी।

रिपोर्ट में इन सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर पर फर्जी खबरें फैलाकर सामुदायिक तनाव को भड़काने का आरोप लगाया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि राजनीतिक नेताओं के सहयोग से मुख्यधारा के मीडिया द्वारा सहानुभूति हासिल करने के लिए फर्जी नैरेटिव गढ़ा गया, जिसका परिणाम ये हुआ कि उनके पूजा स्थलों पर हमले बढ़े और हिंदू समुदाय की सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया था।

रिपोर्ट में कहा गया है कि मुख्यधारा की मीडिया ने घटनाओं का सही एवं तथ्यात्मक विश्लेषण करने के बजाए हिंदुत्व और भारत की राजनीति पर इन इंफ्लुएंसर के बयानों को अपनी रिपोर्ट में शामिल करके मुद्दे को और उलझा दिया।

इसके अलावा, थिंक-टैंक ने अपनी जाँच रिपोर्ट में कहा है कि जिन लोगों पर ‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के आतंकवादी‘ होने का आरोप लगाया गया था, उनका न तो दक्षिणपंथी संगठन से कोई संबंध था और न ही उसके बारे में उन्हें पता था।

रिपोर्ट में आगे कहा गया है, “ब्रिटेन में सक्रिय आरएसएस के आतंकवादियों और हिंदुत्व चरमपंथी संगठनों के झूठे आरोपों ने हिंदू समुदाय को व्यापक नफरत, हमले और बर्बरता के खतरे में डाल दिया है।” दरअसल, इन सोशल मीडिया इंफ्लुएंसरों ने आतंकी RSS का झूठा नैरेटिव गढ़ा था।

इनमें से एक इंफ्लुएंसर ने एक रैली की अगुआई करते हुए एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसके कैप्शन में लिखा था, ‘मुस्लिम पेट्रोल इन लेस्टर’ और मुस्लिमों को बाहर आकर ‘हिंदू फासीवादियों’ का मुकाबला करने के लिए उकसाया था। इस इंफ्लुएंसर के सोशल मीडिया पर 8 लाख फॉलोअर्स हैं।

इनमें से 1.5 लाख वाले एक इंफ्लुएंसर ने एक मुस्लिम लड़की और हिंदू लड़के के मामले के दौरान फर्जी खबरें फैलाई थीं। इसके पहले यह खुद को पाकिस्तान में D कंपनी से जुड़ा हुआ बताया था और दाऊद इब्राहिम की जमकर तारीफ की थी।

शार्लोट के अनुसार, यह मुद्दा दमन और दीव के एक हिंदू और उसके मुस्लिम पड़ोसियों के बीच टकराव से उपजा है। यह हिंदू हाल ही में वहाँ गया था। पूर्वी लेस्टर के LE5 पोस्टकोड क्षेत्र मुस्लिम बहुल है, और वहाँ हाल ही में गए हिंदू परिवार ने अपने त्योहारों पर उत्सव मनाया था। इससे उसके मुस्लिम पड़ोसी नाराज हो गए थे।

इसके बाद उस हिंदू व्यक्ति ने 17 सितंबर को ‘हिंदू सेफ्टी मार्च’ निकालकर हिंदुओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाया था। इसके बाद इन इंफ्लुएंसरों ने फेक फोटोग्राफ के जरिए उसे संघ का आतंकी बताया और हाथ में तलवार लिए हुए उसकी फोटो वायरल कर दी।

इस हिंसा में ब्रिटेन का सजयाफ्ता कट्टरपंथी मौलाना अंजेम चौधरी और इस्लामी खिलाफत का ख्वाब देखने वाला प्रतिबंधित आतंकी संगठन हिज्ब-उर-तहरीर की भूमिका भी सामने आई है। इसके बाद से मामला बिगड़ता चला गया और हिंसा की चिंगारी भड़क उठी।

शादीशुदा हिंदू महिला की मुन्ना मियाँ ने चापड़ से की हत्या, अब्बू और भाई संग लाश में लगाई आग: 2 महीने बाद गिरफ्तार, दुमका की घटना

झारखंड के दुमका में इसी साल 31 अगस्त को झाड़ियों में मिले एक महिला के अधजले शव की पहचान हो गई है। मृतका शादीशुदा हिंदू महिला थी जिसकी हत्या मुन्ना मियाँ ने कर दी थी। पुलिस द्वारा किए गए खुलासे में हत्या में मुन्ना के साथ उसका भाई और अब्बा भी शामिल मिले। कत्ल से पहले महिला का गला दबा कर उसके ऊपर चापड़ से वार भी किए गए थे। 2 नवम्बर 2022 को पुलिस ने मुन्ना मियाँ को गिरफ्तार कर लिया और शुक्रवार (4 नवम्बर 2022) को जेल भेज दिया गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 31 अगस्त 2022 पहाड़पुर की झाड़ियों में एक महिला की अधजली लाश मिली थी। पुलिस के काफी प्रयास के बाद भी लाश की शिनाख्त नहीं हो पाई थी। बाद में जाँच के दौरान पुलिस ने खुलासा करते हुए बताया कि वो लाश हंसडीहा के नोनीहाट पंचायत के चंपातरी गाँव की रहने वाली हिंदू महिला थी। पुलिस ने खुलासा करते हुए बताया कि उसकी हत्या तालझारी के सकटिया गाँव के शादीशुदा मुन्ना मियाँ ने अपने भाई सुलेमान मियाँ और अब्बा जुमरति मियाँ की संलिप्तता से की है।

जानकारी के मुताबिक, आरोपित 30 वर्षीय मुन्ना चौथी क्लास तक पढ़ा है। वह मजदूरी के साथ खेती-बाड़ी का काम करता है। इसके अलावा वो चित्रानंद शाह नाम के एक व्यक्ति का आटोरिक्शा 250 दिहाड़ी के हिसाब से चलाता था। मृतका शाह के ही घर पर अपने बच्चे के साथ रहते हुए साफ-सफाई का काम करती थी। एक दिन वो चित्रानन्द के कहने पर महिला का इलाज करवाने अस्पताल ले गया। इसी दौरान मुन्ना मियाँ ने उससे उसका नंबर ले लिया और दोनों में लगातार बातें होने लगीं।

महिला शादीशुदा थी जिसका ससुराल पश्चिम बंगाल के रानीगंज में था। जब उसके ससुराल वाले उसे को लेने आए तो उसने मना कर दिया और लड़-झगड़ कर हावड़ा चली गई। हावड़ा में उसने मुन्ना मियाँ को फोन कर के पैसे न होने की बात कह कर बुलाया। मुन्ना मियाँ हावड़ा पहुँचा और वहाँ से उसको अपने साथ ले कर गुजरात चला गया। कुछ दिनों बाद मुन्ना महिला को वहीं छोड़ कर वापस लौट आया। इस दौरान महिला भी गुजरात से बंगलुरु चली गई। मुन्ना मियाँ ये जान कर खुद भी बंगलुरु चला आया।

बताया जा रहा है कि बंगलुरु में मुन्ना मियाँ को शक हुआ कि महिला के कई अन्य लोगों से भी संबंध हैं। बताया जा रहा है कि एक बार मुन्ना ने उसको किसी और के साथ आपत्तिजनक हालत में देख भी लिया था। इसके बाद दोनों में काफी लड़ाई हुई थी और मुन्ना वापस झारखंड लौट आया था। झारखंड लौट कर उसने अपने भाई सुलेमान और अब्बा जुमराति मियाँ के साथ महिला की हत्या की प्लानिंग की। इस हत्या को अंजाम देने के लिए उन्होंने महिला को आधार कार्ड वाला बन कर झारखंड के देवघर बुलाया।

28 अगस्त को महिला अपने बच्चे के साथ देवघर आ गई। मुन्ना ने उसको यहाँ एक किराए के मकान में रखा। 29 अगस्त को मुन्ना और वह एक साथ रहे। बाद में 30 अगस्त को मुन्ना अपने भाई सुलेमान के साथ चापड़ और माचिस खरीद कर लाया। इसी दौरान हत्या की जगह भी तय कर ली गई। हथियार को उन्हीं झाड़ियों में छिपा दिया गया। शाम 4 बजे मुन्ना उसको अपने साथ आधार कार्ड बनवाने के बहाने बाइक पर बिठाया और घटनास्थल की तरफ बढ़ गया।

आधार कार्ड वाले को फोन करने के बहाने मुन्ना ने अपने भाई और अब्बा को बुलाया। इसी दौरान वो बाइक पहाड़पुर की पहाड़ी की तरफ ले गया। वहाँ पर मुन्ना के अब्बा व भाई ने मिल कर महिला को पकड़ लिया और चापड़ मार कर हत्या कर दी। हत्या के बाद महिला की लाश को झाड़ियों में छिपा दिया गया। इसी दौरान सबूत मिटाने के लिए आरोपितों ने बाइक से पेट्रोल निकाल कर उसके शव को जला दिया। अगले दिन मुन्ना ने घटनास्थल पर जा कर पुलिस द्वारा की जा रही शव शिनाख्त की कार्रवाई भी देखी।

इस दौरान मुन्ना ने नहिला बच्चे को अपने रिश्तेदार के घर दुर्गापुर में रख दिया था। कुछ दिनों तक सभी आरोपितों ने पुलिस की हरकतों पर नजर रखी। बाद में केस लम्बे समय तक न खुलने के चलते वो सभी शांत हो गए थे। हालाँकि पुलिस खोजबीन में लगी रही और अंत में सभी आरोपित पकड़े गए। पुलिस ने आरोपितों से महिला की हत्या में प्रयोग हुए हथियार भी बरमाद कर लिए हैं।

गौरतलब है कि इसी साल अगस्त में दुमका में शाहरुख नाम के लड़के ने एकतरफा प्यार में अंकिता नाम की एक लड़की को जिंदा जला दिया था। उसने सोती हुई अंकिता के कमरे में खिड़की से पेट्रोल फेंका था। कुछ दिन बाद इलाज दौरान 12वीं में पढ़ने वाली 19 साल की उस युवती की मौत हो गई थी।

‘हिन्दू थे दंगाइयों का निशाना’: AAP के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन पर कोर्ट की सख्त टिप्पणी, कहा – हिन्दुओं को मार रहे थे, उनकी ही संपत्ति को पहुँचाया नुकसान

‘नागरिकता संशोधन कानून (CAA)’ के विरोध में दिल्ली में हुए दंगों को लेकर दिल्ली की कड़कड़डूमा अदालत ने ‘आम आदमी पार्टी (AAP)’ के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत 8 लोगों के खिलाफ आरोप तय किए हैं। शनिवार (5 नवंबर 2022) को हुई सुनवाई में कोर्ट ने माना है कि ताहिर हुसैन और अन्य आरोपित हिंदुओं को टारगेट करते हुए अधिक से अधिक नुकसान पहुँचाना चाहते थे।

दरअसल, कड़कड़डूमा कोर्ट में दिल्ली दंगों के दौरान गोली लगने से घायल हुए शिकायतकर्ता अजय गोस्वामी के एक बयान के आधार पर मामले की सुनवाई कर रही थी। इस मामले में सुनवाई करते हुए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पुलस्त्य प्रमचला ने ताहिर हुसैन, शाह आलम तनवीर मलिक, गुलफाम, नाजिम, कासिम, रियासत अली और लियाकत अली के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 307, 120 बी और धारा 149 के तहत आरोप तय किए हैं।

इस दौरान कोर्ट ने कहा है कि सभी आरोपित हिंदुओं को मारने और उन्हें नुकसान पहुँचाने के उद्देश्य से काम कर रहे थे। साथ ही, इस बात के भी सबूत हैं कि ताहिर हुसैन, शाह आलम, नाजिम, कासिम, रियासत और लियाकत ‘हिंदुओं को सबक सिखाने’ के लिए लोगों को उकसा रहे थे। इस तरह यह आईपीसी की धारा 505 के तहत एक दंडनीय अपराध है। अदालत ने कहा कि वो सभी आरोपियों पर लगाए गए आरोपों के लिए मुकदमा चलाने का निर्देश देती है।

अदालत ने यह भी कहा है कि सबूतों से यह सामने आया है कि सभी आरोपित हिंदुओं को निशाना बनाने, उन्हें मारने और संपत्तियों को अधिक से अधिक नुकसान पहुँचाने में शामिल थे। हिंदुओं पर अंधाधुंध गोलीबारी यह स्पष्ट करती है कि यह भीड़ जानबूझकर हिंदुओं को मारना चाहती थी। इनके ये कृत्य मुस्लिम और हिंदुओं के बीच सद्भाव के खिलाफ था। ताहिर हुसैन के घर के आसपास कई लोग इकट्ठे हुए। उनमें से कुछ हथियारों, एसिड, पेट्रोल बम से लैस थे। ताहिर हुसैन ने घर में इन हथियारों को जमा करके रखने की व्यवस्था की थी।

बता दें, दिल्ली दंगों के पीड़ित अजय गोस्वामी ने खजूरी खास पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराते हुए कहा था कि मुख्य करावल नगर रोड पर पथराव और फायरिंग में शामिल भीड़ ने उन्हें गोली मारी दी थी। उन्होंने यह भी कहा था कि गुलफाम और तनवीर उन पर अंधाधुंध फायरिंग कर रहे थे।

गौरतलब है कि नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में फरवरी 2020 में दिल्ली में दंगे भड़क उठे थे। दंगे में मुस्लिमों ने मुख्य रूप से हिंदुओं को निशाना बनाते हुए गोलीबारी, पेट्रोल बम, चाकू, तलवार, पत्थरबाजी समेत अन्य तरह से हमले किए थे। इस दंगे में कई पुलिसकर्मियों सहित 53 लोग मारे गए थे। जबकि 700 से अधिक लोग घायल हुए थे।

‘T Series’ के गाने में बिकनी पहनी लड़कियाँ, बोल – हरे राम, हरे कृष्ण: साउथ के म्यूजिक डायरेक्टर के खिलाफ FIR दर्ज, बताया भजन का अपमान

तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री के संगीत निर्देशक देवी श्री प्रसाद के नए गाने ‘ओ परी’ पर हिन्दू भावनाओं को ठेस पहुँचाने के आरोप लगे हैं। गाने में बिकनी पहनी लड़कियों को दिखाया गया है, साथ ही इसके बोल में ‘रामा, बोलो रामा हरे, कृष्णा, बोलो कृष्णा हरे’ का उपयोग किया गया है। सामाजिक कार्यकर्ता और अभिनेत्री कराटे कल्याणी ने ये मामला दर्ज कराया है। इस गाने को भूषण कुमार की ‘T Series’ ने रिलीज किया है।

YouTube पर अब तक इस गाने को 2 करोड़ से भी अधिक बार देखा जा चुका है। कल्याणी ने अपनी शिकायत में कहा है कि ‘हरे कृष्णा, हरे रामा’ हिन्दुओं के लिए एक पवित्र भजन है और कम कपड़े पहनी हुई लड़कियों को इस वीडियो में इस बोल के साथ दिखाना गंभीर रूप से आपत्तिजनक है और हिन्दुओं की भावनाओं को आहत करने वाला है। उन्होंने कहा कि भगवद्गीता या अन्य पवित्र साहित्यों को जो रोज-रोज नहीं पढ़ सकता, उन्हें ‘हरे राम, हरे कृष्ण’ कहने के लिए कहा जाता है।

उन्होंने कहा कि प्राचीन हिन्दू साहित्यों और सनातन संस्कृति इतनी समृद्ध है कि ये भजन काफी महत्वपूर्ण और शक्तिशाली है। उन्होंने न सिर्फ इस गाने को यूट्यूब से हटाने, बल्कि देवी श्री प्रसाद से माफीनामा जारी करने की माँग भी की है। पुलिस ने इस मामले में IPC (भारतीय दंड संहिता) की धारा-153A (किसी समुदाय की भावनाओं को आहत करना) और 295A (जानबूझ कर किसी धर्म का अपमान करना) के तहत मामला दर्ज किया है।

उक्त गाने में एक विदेशी लड़की को बिकनी पहन कर मंत्र जपते हुए भी देखा जा सकता है। शिकायतकर्ता अभिनेत्री ने पूछा कि गाना बनाने वालों ने एक बार भी ये सोचा कि दर्शकों को इसे देखना-सुन्ना कितना खराब लगेगा? उन्होंने कहा कि हिन्दू धर्म में जो बचा है, उसे भी बर्बाद करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि वो स्टूडियो में जाकर बातचीत को भी तैयार हैं। आंध्र प्रदेश में भाजपा के जनरल सेक्रेटरी एस विष्णुवर्धन रेड्डी ने भी इस गाने पर आपत्ति जताई है।

‘हिन्दुओं के कारण भारत सेक्युलर, काशी-मथुरा में गलती सुधारने का वक्त’: अयोध्या पर बोले आर्कियोलॉजिस्ट केके मुहम्मद- विरोध के कारण मैं फैक्ट नहीं बदल सकता

अयोध्या में खुदाई कर मंदिर का सबूत जुटाने वाले पुरातत्वविद् केके मुहम्मद (Archeologist KK Mohammad) का कहना है कि बाबरी की तरह देश में अभी कई मुद्दे हैं और अगर सभी पक्षों ने इसका हल नहीं निकाला तो ये बड़ी समस्या बन जाएँगी। उन्होंने कहा कि देश में कई मंदिर हैं, जिन्हें तोड़कर मस्जिद बनाया गया है। उन्होंने कहा कि देश में धर्मनिरपेक्षता हिंदुओं के कारण है।

केके मुहम्मद ने कहा कि मथुरा और काशी के ज्ञानवापी मामले को जल्द हल करना चाहिए। यहाँ प्रमाण की कमी नहीं है। बस सच को स्वीकार करने की जरूरत है। उन्होंने कहा, “मैं हमेशा मुसलमानों से कहता हूँ कि पाकिस्तान से अलग होने के बावजूद भारत सेक्युलर है, क्योंकि यहाँ हिंदुओं की मैजॉरिटी है।”

दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने कहा कि जब बात साइंटिफिक रिसर्च की हो तो उस पर विश्वास करना चाहिए। उन्होंने कहा, “मैं कहता हूँ कि भारत जैसे देश में मंदिरों को तोड़कर मस्जिद बनाए जाने पर कई मामले सामने आएँगे। ऐसे में पहले जो गलती की है, उसे सुधारने के पक्ष में सोचना चाहिए।”

देश में आर्कियोलॉजिस्ट के भविष्य के सवाल पर उन्होंने कहा कि भात में इनका कोई भविष्य नहीं है। इसके लिए ना स्टूडेंट्स आगे आ रहे हैं और न ही सरकार सपोर्ट कर रही है। बीजेपी गवर्नमेंट से कुछ उम्मीद थी, लेकिन उन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया। उन्होंने कहा, मैं कहता हूँ कि आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ASI) का सबसे खराब समय BJP के राज में ही है।”

अयोध्या मामले में हिंदू मंदिर की बात रखने के कारण केके मुहम्मद को मुस्लिम समुदाय का विरोध झेलना पड़ता। उन्होंने कहा, “लोगों के विरोध को फेस न करना पड़े, इसके लिए मैं अपने प्रोफेशन से धोखा नहीं कर सकता। खुदाई में मंदिर के अवशेष मिले। ये फैक्ट था। इतिहास के तथ्यों को रखना ही मेरा धर्म है।”

बता दें कि केके मुहम्मद ने कहा था कि 27 मंदिरों को तोड़कर दिल्ली के कुतुब मीनार परिसर में स्थित कुव्वत उल इस्लाम मस्जिद बनाई गई है। उन्होंने कहा था कि मंदिरों को तोड़कर निकाले गए और उन पत्थरों से ही यह मस्जिद बनी है। उन्होंने कहा था कि उस जगह पर अरबी में लिखे अभिलेखों और ताजूर मासिर नामक किताब में इसका जिक्र है।

गौरतलब है कि केके मुहम्मद 1976-77 में पहली बार अयोध्या में जाकर राम मंदिर और बाबरी मस्जिद वाली विवादित जगह पर खुदाई की थी। उन्होंने बाबरी के नीचे मंदिर के अवशेषों का पता लगाने वाले पहले व्यक्ति थे। उन्होंने कहा था कि मंदिर के खंम्भों पर मस्जिद बनाई गई थी।

‘शादी से पहले बच्चा होने पर मुझे भी कोई परेशानी नहीं’: नव्या नवेली नंदा ने नानी जया बच्चन की सलाह का किया समर्थन, कहा – उनसे हर तरह की बात करने में सहज

बॉलीवुड अभिनेत्री जया बच्चन ने अपनी नातिन नव्या के पॉडकॉस्ट ‘द हेल नव्या’ पर बात करते हुए कहा था कि उन्हें इस बात से कोई दिक्कत नहीं अगर नव्या नवेली नंदा बिना शादी के बच्चा करना चाहें। अपनी नानी के इस बयान पर नव्या ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि शादी के पहले बच्चा होने से उन्हें कोई भी परेशानी नहीं है।

हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में नव्या नवेली नंदा ने कहा है कि वह जया बच्चन के बयान से अनकम्फर्टेबल नहीं हैं। इस पॉडकास्ट में वो महिलाओं को लेकर बात कर रही हैं। नव्या ने कहा कि महिलाओं के सेफ स्पेस के बारे में बात होती है, इसलिए उनका ‘शादी से पहले होने वाले बच्चे से दिक्कत नहीं है’ वाला बयान गलत नहीं है। नव्या ने कहा, “अगर बिना शादी के भी बच्चा है तो मुझे इस बात से कोई समस्या नहीं है।”

इस इंटरव्यू में उन्होंने यह भी कहा है कि उनका पॉडकास्ट महिलाओं की स्वास्थ और स्वच्छता (हेल्थ एंड हाइजीन) पर आधारित है। उन्होंने दावा किया कि इन सब्जेक्ट्स पर बात करने के लिए जरूरी है कि आपको एक सुरक्षित, कम्फर्टेबल और हेल्दी व्यवहार रखना हो। यही वजह है कि उन्होंने इस बारे में पॉडकास्ट पर बात की। उन्होंने यह भी कहा, “हमारे पॉडकास्ट का उद्देश्य महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल बनाना है और मुझे लगता है कि हम ऐसा कर सकते हैं। हमने पॉडकास्ट में रिश्तों, दोस्ती जैसी कई अन्य चीजों के बारे बातचीत की। मैं उनसे हर तरह की बाते करने में खुद को कंफर्टेबल महसूस कर रही थी।”

नव्या ने आगे कहा “पॉडकास्ट में लोग आपकी राय से सहमत और असहमत हो सकते हैं। मेरा मानना है कि इस पॉडकास्ट के पीछे की मानसिकता अच्छी और मजेदार बातचीत की थी। मुझे लगता है कि हम ऐसा करने में सक्षम थे। मैं सभी के प्यार और समर्थन के लिए आभारी हूँ।”

दरअसल, गत सप्ताह जया बच्चन ने कहा था, “लोगों को मुझसे यह सुनना बेहद आपत्तिजनक लगेगा लेकिन फिजिकल अट्रैक्शन और कंपैटिबिलिटी बहुत ज्यादा जरूरी होती है। हमारे समय में हम एक्सपेरिमेंट नहीं कर सकते थे। लेकिन आज की पीढ़ी ये सब करती है और उन्हें क्यों नहीं करना चाहिए? इसी से रिश्ते लंबे चलते हैं। अगर शारीरिक संबंध नहीं है तो रिश्ता ज्यादा दिन नहीं चलने वाला। आप प्यार, ताजी हवा और अडजस्टमेंट के भरोसे रिश्ता नहीं निभा सकते। मुझे लगता है कि ये बहुत जरूरी है।”

इस बातचीत में उन्होंने शादी और बच्चों पर भी बात की। उन्होंने कहा “आजकल के रिश्तों में इमोशन्स और रोमांस की कमी होती है। मुझे लगता है कि आपको अपने सबसे अच्छे दोस्त से शादी करनी चाहिए। आपके पास एक अच्छा दोस्त होना चाहिए। आपको डिस्कस करना चाहिए। आपको कहना चाहिए। हो सकता है कि मैं आपके साथ एक बच्चा पैदा करना चाहती हूँ, क्योंकि मैं आपको पसंद करती हूँ। मुझे लगता है कि आप अच्छे हैं तो चलिए शादी करते हैं, क्योंकि यही समाज का कहना है।’ मुझे कोई समस्या नहीं है अगर आपके बिना शादी के भी बच्चा हो। मुझे सच में कोई प्रॉब्लम नहीं है।”

मौलानाओं के सिर पर जोरदार वार, साफा सीधे कूड़ेदान में: ईरान में युवाओं ने बदला प्रदर्शन का ढंग, स्कूली लड़के-लड़कियों की Video वायरल

सोशल मीडिया पर ईरान की कुछ वीडियोज वायरल हो रही हैं। इन वीडियोज में वहाँ के युवा मौलानाओं के साफा को हाथ मारकर गिराते दिखाई दे रहे हैं। महसा अमिनी की मौत के बाद देश में चल रहे प्रदर्शन के बीच से ये वीडियोज आई हैं। देख सकते हैं कि कई स्कूल के लड़के और लड़कियाँ मौलानाओं के सिर पर बंधे साफे को गिरा रहे हैं।

एक वीडियो में देखा जा सकता है कि मौलाना जैसा दिखने वाला एक व्यक्ति सफेद साफा बाँधकर आगे जा रहा होता है तभी लड़का पीछे से आता है और साफे पर इतने जोरदार ढंग से मारता है कि वो नीचे गिर जाता है। इसके बाद एक लड़का बैग लेकर आता है और वो भी दूसरे मौलाना के साथ यही करता है। एक वीडियो में तो ये भी दिखता है कि कैसे पहले साफा को गिराया जाता है, फिर उसे खोला जाता है और उसके बाद उसके कूड़े दान में फेंक दिया जाता है।

ईरान में हिजाब के विरोध में युवक-युवतियों द्वारा दी जा रही ऐसी प्रतिक्रिया को लोग नए ढंग का प्रदर्शन मान रहे हैं। ईरान प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को चेतावनी दी, लेकिन फिर भी नाराज लोग इस तरह प्रशासन के सामने अपने विरोध को दर्ज करवा रहे हैं। सबमें महसा अमिनी की मौत और उसके बाद हुई सैंकड़ों हत्याओं को लेकर गुस्सा है। यही वजह है कि चाहे घरेलू महिलाएँ हों या स्कूल जाती लड़कियाँ, सबने विरोध में अपने हिजाब को जलाया। ईरान की पुलिस से लेकर वहाँ के सर्वोच्च नेता की आलोचना की।

बता दें कि 22 साल की महसा अमिनी की पिछले दिनों पुलिस द्वारा पीटे जाने के बाद मौत हो गई ती। अमिनी तेहरान घूमने गई थीं। वहाँ उन्होंने अपना सिर ढंग से नहीं ढका था। पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया और फिर पुलिस वाहन में उन्हें पीटा गया। कथिततौर पर पुलिस ने उस लड़की को इतना पीटा की कुछ दिन बाद उसने अस्पताल में दम तोड़ दिया। इसी घटना ने पहले ईरान की औरतों को हिजाब के विरोध में खड़ा किया और उसके बाद विश्व भर में हिजाब की की आलोचना होने लगी।

खलील ने 9 साल किया हिंदू महिला का रेप, अब उसका बेटा भी बनाना चाहता है संबंध: पीड़िता बोली- गोमांस खिलाकर करवा चुका है धर्मांतरण

मध्‍यप्रदेश में लव जिहाद और धर्मांतरण विरोधी कानून बनने के बाद भी आए दिन इससे जुड़े केस सामने आते रहते हैं। राजधानी भोपाल में हिंदू महिला ने खलील नामक बीड़ी कारोबारी पर गोमाँस खिलाकर धर्मांतरण करवाने और शादी का झाँसा देकर 9 साल तक बलात्कार, मारपीट, ब्लैकमेलिंग व गर्भपात कराने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने कहा है कि खलील का बेटा भी उसे ब्लैकमेल कर उसके साथ संबंध बनाना चाहता है।

अपने साथ हुई ज्यादती को लेकर सिंगरौली निवासी पीड़िता ने शनिवार (5 नवंबर 2022) को भोपाल कलेक्टर अविनाश लवानिया और तलैया थाने में शिकायत की है। पीड़िता ने अपनी शिकायत में कहा है कि उसके पिता चाहते थे कि वह पुलिस की नौकरी करे। इसलिए उनकी मृत्यु के बाद वह पुलिस की तैयारी करने के लिए साल 2012 में 17 साल की उम्र में ही भोपाल आ गई थी।

भोपाल आकर उसने पॉलिटेक्निक कॉलेज में एडमिशन लेने के साथ ही एक बाइक शो रूम में काम करना शुरू कर दिया। जहाँ, उसकी पहचान रायसेन निवासी खलील से हुई। खलील जानता था कि पीड़िता आर्थिक तंगी से जूझ रही है इसलिए उसने छोटी-मोटी मदद कर नजदीकियाँ बढ़ानी शुरू कर दीं।

इसके बाद खलील ने पीड़िता को तलैया थाना क्षेत्र में ही एक फ्लैट दिला दिया। इसी फ्लैट में उसने उसके साथ बलात्कार किया, जिसका वीडियो भी खलील के दोस्त ने बनाया था। पीड़िता जब गर्भवती हुई तो वह उसे शादी का झाँसा देने लगा। यही नहीं, आरोपित खलील पीड़िता को अपने घरवालों से मिलवाने के लिए रायसेन भी ले गया। जहाँ, मांस खिलाया गया।

गोमांस खिलाकर कराया धर्मांतरण

पीड़िता गर्भवती हुई तो खलील ने उसके साथ शादी करने का भरोसा दिलाया और रायसेन में अपने परिवार के लोगों से मिलवाने ले गया। जहाँ उसे गोमांस खिलाया और फिर खलील की पत्नी ने उसे बताया कि गोमांस खिलाकर धर्मांतरण करा दिया गया है। इसके बाद, भोपाल लौटकर उसका गर्भपात करा दिया।

टाइम्स नाउ की रिपोर्ट के अनुसार, खलील ने पीड़िता को कुछ सालों तक अपने घर में भी रखा था। जहाँ उसने उसका नाम भी बदल दिया और लगातार उसके साथ दुष्कर्म करता रहा। हालाँकि, कुछ सालों बाद मारपीट कर उसे घर से भगा दिया। पीड़िता का आरोप है कि खलील ही नहीं बल्कि खलील का बेटा भी अब उसे ब्लैकमेल कर रहा है। खलील के बेटे के पास पीड़िता के अश्लील वीडियो हैं। इन वीडियो के आधार पर वह ब्लैकमेल कर उसके साथ संबंध बनाना चाहता है।

पीड़िता ने कलेक्टर भोपाल और पुलिस से शिकायत दर्ज कराते हुए आरोपित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की है। हालाँकि, शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने कहा है कि यह मामला 10 वर्ष पुराना है, इसलिए सभी पहलुओं से जाँच करने के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।

8 साल की बच्ची को धमकाया, मुँह दबा कर झाड़ियों में ले गया… सब्जी बेचने वाले शहरयार मिर्जा ने किया रेप का प्रयास, लोगों ने पकड़ कर पुलिस को सौंपा

मध्य प्रदेश के इंदौर में 8 साल की बच्ची से रेप के आरोप में 50 साल के शहरयार मिर्जा को गिरफ्तार किया गया है। बताया जा रहा है कि आरोपित मोहल्ले में सब्जी बेचने आया करता था। इस दौरान वो मौक़ा देख कर 8 साल की एक बच्ची को ले कर गलत नीयत से झाड़ियों में चला गया था। यह हरकत एक महिला ने देख ली और लोगों को जमा कर लिया। मिर्जा को पुलिस के हवाले कर दिया गया है, जहाँ उस पर पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई हुई है।

लोगों की समय पर जर पड़ जाने से बच्ची को उसकी हैवानियत से किसी तरह बचा लिया गया। जब ये सूचना लोगों में फैली, तब ‘हिन्दू जागरण मंच’ के कई लोग भी मौके पर पहँचे और आरोपित को दबोचने में कामयाबी पाई। साथ ही उसे खजराना थाना क्षेत्र की पुलिस के हवाले कर दिया गया है। बच्ची को कुछ जगह चोटें भी आई हैं, जिसके बाद उसका इलाज कराया गया। कनाड़िया थाने में इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है।

‘हिन्दू मंच’ के कार्यकर्ता विनय शर्मा ने जानकारी दी कि आरोपित खजराना स्थित हिना कॉलोनी में रहता है। पुलिस ने बच्ची का बयान दर्ज कर लिया है। बच्ची ने पुलिस को बताया कि वो शाम के साढ़े 6 बजे घर के बाहर खेल रही थी, तभी आलू-प्याज बेचने वाला व्यक्ति उसे धमकाते हुए मुँह दबा कर दूर स्थित झाड़ियों में ले गया। इस दौरान एक महिला जी नजर पड़ने से उसने शोर मचाया और आरोपित पकड़ा गया। लोगों के इकट्ठा होने के कारण बच्ची को बचा लिया गया।