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‘मंदिर जैसे शरीर में जबरन प्रवेश कर…’: हलीम-रिजवान को ‘पिशाच’ बता कोर्ट ने दी फाँसी, रेप के बाद नाबालिग को कर दिया था अंधा

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले की एक अदालत ने हलीम और रिजवान को मौत की सजा सुनाई है। दोनों नाबालिग लड़की को अगवा कर बलात्कार के दोषी ठहराए गए हैं। हलीम ऑटो मै​केनिक है, जबकि रिजवान दर्जी। इस मामले के एक अन्य आरोपित का मामला अदालत ने किशोर न्यायालय को ट्रांसफर कर दिया था।

लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार अदालत ने हलीम और रिजवान को ‘पिशाच’ करार देते हुए कहा कि उन्होंने नाबालिग के मंदिर जैसे शरीर में न केवल प्रवेश किया, बल्कि उसे तोड़ने की भी कोशिश की। उल्लेखनीय है कि गैंगरेप के बाद पीड़िता को गंभीर चोटें भी पहुँचाई गई थी। उसका चेहरा विकृत कर दिया गया था। बाईं आँख से वह स्थायी रूप से अंधी हो चुकी है।

कोर्ट ने गुरुवार (3 नवंबर 2022) को सजा सुनाते हुए इसे जघन्य अपराध बताया। पचास हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। इससे पहले 21 अक्टूबर 2022 को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश/बलात्कार और पॉक्सो कोर्ट के जज पंकज कुमार श्रीवास्तव ने हलीम और रिजवान को दोषी करार दिया था।

कोर्ट ने कहा था, “अपनी हवस को पूरा करने के लिए न केवल पीड़िता के साथ सामूहिक बलात्कार किया गया, बल्कि जानबूझकर उसे ऐसी चोटें भी पहुँचाई कि वह शारीरिक और मानसिक रूप से विकलांग हो गई। जब भी पीड़िता खुद को आईने में देखती होगी, उसे खुद पर अफसोस होता कि वह इस दुनिया में लड़की के रूप में क्यों पैदा हुई। लोग अपने जीवन में एक बार मरते हैं और यह पीड़िता हजारों, लाखों बार मरेगी।”

कोर्ट ने 10 पेज के आदेश में मौत की सजा को सही ठहराते हुए कहा है कि अगर कड़ी सजा नहीं दी गई तो लड़कियों के माता-पिता हर पल इस डर में जिएँगे कि कोई उनकी बेटी को हवस का शिकार न बना ले। गौरतलब है कि 30 दिसंबर 2021 को इस मामले में प्रतापगढ़ के नवाबगंज थाने में मामला दर्ज कराया गया था। 27 दिसंबर 2021 को बाजार जाते समय नाबालिग पीड़िता को अगवा किया गया था। रेलवे लाइन के पास गैंगरेप के बाद उसे छोड़ दिया गया था। उससे पहले क्रूरता से उसके सिर पर वार किए गए। आँखों पर चाकू से हमला किया गया। पैर तोड़ दिया गया था।

BJP के पूर्व नेता नवीन जिंदल को सुप्रीम कोर्ट से राहत: पैगंबर मोहम्मद पर टिप्पणी को लेकर दर्ज सभी FIR दिल्ली पुलिस के हवाले, गिरफ्तारी नहीं

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने शुक्रवार (4 नवंबर 2022) को इस्लाम के पैगंबर मुहम्मद (Prophet Muhammad) पर बयान से जुड़े दिल्ली प्रदेश भाजपा के पूर्व प्रवक्ता नवीन जिंदल (Navin Jindal) केस को दिल्ली पुलिस को सौंपने का आदेश दिया है। इसके साथ ही जाँच पूरी होने तक उनकी गिरफ्तारी पर भी रोक लगाई है।

नवीव जिंदल की ओर से कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता गीता लुथरा ने जिरह की। उन्होंने कोर्ट के सामने नुपूर शर्मा और नविका कुमार के मामले का जिक्र किया और कहा कि इन दोनों भी पैगंबर मामले में नामित हैं। ऐसे मेें नवीन कुमार के सारे केसों को भी दिल्ली ट्रांसफर कर जाँच के लिए दिल्ली पुलिस को सौंपी जाए और इनकी गिरफ्तारी पर रोक लाई जाए।

उधर एजेेंसी की ओर से कोर्ट में पेश पेश हुए अतिरिक्त सॉलीसिटर जनरल विक्रमजीत बनर्जी ने इसके लिए अपनी सहमति दे दी। उन्होंने कहा, “वही ट्वीट, वही ट्विटर हैंडल की जाँच की जा रही है। जो दिल्ली में दिख रहा है, वही कोलकाता में दिख रहा है।”

इस पर जस्टिस एमआर शाह ने कहा, “हम यह आदेश पारित नहीं करेंगे कि इस मुद्दे के संबंध में भविष्य में दर्ज होने वाली सभी प्राथमिकी भी दिल्ली पुलिस को स्थानांतरित की जाएगी। हम केवल उन मामलों को स्थानांतरित करने का आदेश देंगे, जो लंबित हैं और कोई अन्य मामला नहीं है।”

बता दें कि मई 2022 में टाइम्स नाऊ की एंकर नविका कुमार के मामले में एमआर शाह की खंडपीठ ने सभी प्राथमिकी और शिकायतों को दिल्ली पुलिस को ट्रांसफर करने का आदेश दिया था। बता दें कि पैगंबर मुहम्मद पर जो बयानबाजी हुई थी वह नविका कुमार के शो में ही हुई थी। नवीन जिंदल ने बाद में ट्विटर पर इस संबंध में बयान दिया था।

पैगंबर पर बयानबाजी के बाद बीजेपी ने नूपुर शर्मा और नवीन कुमार जिंदल को पार्टी से निष्कासित कर दिया था। इसको लेकर देश भर में बवाल किया गया था और नवीन जिंदल तथा नूपुर शर्मा के खिलाफ देश भर में कई जगहों पर शिकायत दर्ज कराई गई थी।

पंजाब में हिंदूवादी नेता की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या: कूड़े में मिली थी भगवान की मूर्ति, मंदिर के बाहर धरने पर बैठे थे

पंजाब के अमृतसर में मंदिर की मूर्तियों की बेअदबी मामले पर प्रदर्शन कर रहे शिवसेना हिंदुस्तान के नेता सुधीर सूरी को गोली मार दी गई। घटना गोपाल मंदिर के बाहर घटी। गोली की आवाज सुनते ही हड़कंप मच गया। कहा जा रहा है कि प्रदर्शनस्थल में जुटी भीड़ में से कोई हमलावर था जिसे पुलिस ने पकड़ लिया है।

गोली लगने के बाद सूरी की हालत नाजुक थी। उनको अस्पताल में भर्ती करवाया गया। डॉक्टरों ने उन्हें संभव इलाज देने का प्रयास भी किया लेकिन इलाज के वक्त सूरी ने दम तोड़ दिया। गोली उनकी छाती में लगी थी।

पुलिस ने गोली मारने वाले संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया है। उसकी पहचान संदीप के तौर पर हुई है। पुलिस को उसके पास से हथियार भी बरामद हुआ है। सूरी काफी समय से खालिस्तानियों के निशाने पर थे। कुछ समय पहले खुलासा भी हुआ था कि विदेश में बैठकर खालिस्तानी उनकी हत्या की साजिश रच रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि सुधीर सूरी कुछ दिन से कूड़े में भगवान की मूर्तियाँ मिलने के बाद गोपाल मंदिर के बाहर धरना दे रहे थे। उनकी माँग थी कि मंदिर के बाहर रखा कूड़ा साफ हो और इस तरह देवी-देवताओं का अपमान न हो। इसी प्रदर्शन के वक्त उन पर गोली चली।

चश्मदीद डॉ अजय शर्मा ने बताया, “दो सरदार बाइक पर आए। उन्होंने गाड़ी खड़ी की। इसके बाद उन्होंने 5-6 गोली मारी। एक उनके माथे पर लगी। 2 छाती पर लगी। 1 कंधे पर लगी। उन लोगों ने सुधीर सूरी को पहले से निशाना बनाया हुआ था। एक को पुलिस ने पकड़ लिया है।”

इससे पहले गुरुवार को भी एक शिवसेना नेता के घर के पास फायरिंग की घटना घटी थी। गुरुवार (3 नवंबर 2022) को टिब्बा रोड स्थित ग्रेवाल कॉलोनी में पंजाब शिवसेना नेता अश्विनी चोपड़ा के घर के पास दो साइकिल सवार लोगों ने फायरिंग की थीं। हमलावर मौके से निकल गए थे। लेकिन उनकी फुटेज घर के बाहर लगे सीसीटीवी में कैद हो गई थी।

तुष्टिकरण की यात्रा पर राहुल गाँधी: पहले पादरी से पढ़ा ईसाइयत का पाठ, अब मुस्लिमों ने विक्टिम कार्ड से वक्फ बचाओ तक पर दी समझाइश

भारत जोड़ो यात्रा (Bharat Jodo Yatra) पर निकले कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी (Rahul Gandhi) तुष्टिकरण की राजनीति को नया मुकाम दे रहे हैं। पहले उन्होंने भारत माता को लेकर घृणा दिखाने वाले पादरी से ईसाइयत का पाठ पढ़ा था। अब कथित मुस्लिम बुद्धिजीवियों के साथ उन्होंने विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की है।

7 सितंबर 2022 को तमिलनाडु के कन्याकुमारी से 3750 किमी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ शुरू हुई थी। अभी यह यात्रा तेलंगाना में है। तमिलनाडु, केरल, आंध्रप्रदेश और कर्नाटक से गुजरते हुए राहुल गाँधी तेलंगाना पहुँचे हैं। इस दौरान उन्होंने एआईएमआईएम (AIMIM) के गढ़ हैदराबाद की चार मीनार मस्जिद के सामने भाषण भी दिया था।

इसके अलावा तेलंगाना के हनुमाननगर में राहुल गाँधी ने वरिष्ठ अधिवक्ताओं, शिक्षाविदों, सेवानिवृत्त नौकरशाहों, सामुदायिक संगठनों के नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, लेखकों, कर्मचारी प्रतिनिधियों और विभिन्न क्षेत्र से जुड़े लोगों सहित मुस्लिम बुद्धिजीवियों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत की। इन मुस्लिम ‘बुद्धिजीवियों’ ने राहुल गाँधी और कॉन्ग्रेस पार्टी पर अपना विश्वास जताया।

डेक्कन क्रॉनिकल की एक रिपोर्ट के अनुसार, मुस्लिम बुद्धिजीवियों और राहुल गाँधी के बीच मुस्लिम समुदाय के कथित उत्पीड़न से लेकर वक्फ संपत्तियों के संरक्षण सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई। फरहाना खान नाम की एक शिक्षाविद ने मीडिया को बताया, “राहुल गाँधी ने हमें कई आश्वासन दिए हैं, जो हमें वास्तविक लगे। हमने वक्फ संपत्तियों के संरक्षण सहित कई मुद्दों पर उनसे चर्चा की है, जिन्हें नेताओं द्वारा लूटा जा रहा है।”

एक सामाजिक कार्यकर्ता सबा कादरी ने कहा, “मुस्लिमों पर हमेशा से हमले होते रहे हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या कॉन्ग्रेस सत्ता में आने पर मुस्लिमों की रक्षा करेगी। इस पर उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस हमेशा से एक धर्मनिरपेक्ष पार्टी रही है और मैं इस विचारधारा के साथ खड़ा रहूँगा।” राहुल से चर्चा करने वालों में पूर्व अधिकारी शफीकुज्जमां और तेलंगाना हाई कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता कुदसिया तबस्सुम भी शामिल थे।

तबस्सुम ने राहुल गाँधी से यूएपीए (UAPA) के दुरुपयोग के बारे में बात की, जिसके तहत कथित तौर पर मुस्लिमों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यूएपीए की धाराओं का इस्तेमाल मुस्लिमों को बुनियादी मौलिक अधिकारों से वंचित करने के लिए किया जा रहा है। वहीं शफीकुज्जमां ने पुलिस के हमले में मुस्लिमों को निशाने के बारे में चर्चा की। उन्होंने यह भी कहा कि कॉन्ग्रेस के पास बेहतर मुस्लिम प्रतिनिधित्व और स्थानीय नेतृत्व होना चाहिए।

इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, राहुल गाँधी ने इन सभी बातों को धैर्यपूर्वक सुना। ऐसा प्रतीत होता है कि राहुल गाँधी (Rahul Gandhi) ने मुस्लिम नेताओं की माँगों के अनुरूप यूएपीए कानून के विरोध में उनका समर्थन किया। कथित तौर पर, राहुल ने सहमति व्यक्त की कि समाज के कुछ वर्गों को निशाना बनाने के लिए यूएपीए और अन्य कानूनों का दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस मुस्लिम समुदाय के नेताओं द्वारा उठाए गए मुद्दों का समाधान करेगी।

दिलचस्प बात यह है कि हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस मदन बी लोकुर ने एक सिटिजन रिपार्ट जारी की थी, जिसमें यूएपीए कानून को कमजोर करने की माँग को लेकर दिल्ली हिंदू विरोधी दंगों की जाँच को गलत तरीके से पेश किया गया था।

इससे पहले राहुल गाँधी ने 9 सितंबर 2022 को हिंदू विरोधी टिप्पणियों के लिए कुख्यात पादरी जॉर्ज पोन्नैया से मुलाकात की थी। इस मुलाकात का एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें जीसस के बारे में चर्चा हो रही थी। पादरी राहुल गाँधी को समझा रहे थे कि यीशु ही असल में ईश्वर हैं।

अब दिल्ली में मजदूर घोटाला: श्रमिक कल्याण बोर्ड में 2 लाख फर्जी रजिस्ट्रेशन, BJP बोली- हेराफेरी से चल रही केजरीवाल सरकार

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (CM Arvind Kejriwal) के नेतृत्व वाली दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार (Delhi AAP Government) के एक के बाद एक घोटाले सामने आ रहे हैं। अब यह बात सामने आई है कि दिल्ली बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर वेलफेयर बोर्ड में 2 लाख फर्जी कामगार हैं। इसको लेकर भाजपा ने दिल्ली सरकार पर हमला बोला है।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि बोर्ड में 2 से अधिक वर्कर फर्जी हैं और इनमें से 65,000 कामगारों के नाम पर एक ही मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड है। उन्होंने वर्करों के कल्याण वाले धन का हेराफेरी करने का आरोप लगाया।

संबित पात्रा ने कहा, “AAP द्वारा 2018-2021 के बीच लगभग 9 लाख लोगों को निर्माण श्रमिकों के रूप में पंजीकृत किया गया था, जिनमें से लगभग 2 लाख नकली हैं। इसके 65000 कंस्ट्रक्शन वर्कर्स के के लिए सिर्फ एक मोबाइल नंबर डाला गया और ऐसे फ्रॉड किया गया।”

भाजपा प्रवक्ता ने आगे कहा, “इनमें से 4000 से अधिक श्रमिकों के स्थायी पते भी समान हैं। यह केवल प्रारंभिक जाँच है, जिसमें कहा गया है कि लगभग 2 लाख पंजीकरण फर्जी हैं और यह संख्या और भी अधिक हो सकती है।”

जाँच अधिकारियों का कहना है कि ये फर्जी आंकड़े और भी अधिक हो सकते हैं। प्रारंभिक जाँच में जिन श्रमिकों को शामिल किया गया है, वे साल 2018 से 2021 के बीच पंजीकृत हुए हैं। वहीं, सरकारी आंकड़े दर्शाते हैं कि भवन एवं अन्य निर्माण से जुड़े श्रमिकों की कुल संख्या 13 लाख 13 हजार 309 है। इनमें से 9,07,739 2018-22 के बीच जुड़े हैं। अधिकारियों का मानना है कि फर्जी श्रमिकों की वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक है।

अधिकारियों का कहना है कि जो 2 लाख फर्जी केस पाए गए हैं, उनमें 1 लाख 11 हजार 516 की दोबारा एंट्री की गई, 65 हजार लोगों के एक ही मोबाइल नंबर हैं। इनमें 15 हजार 747 ऐसे श्रमिक हैं जिनका पता एक ही है लेकिन वे आपस में किसी तरह संबंधित नहीं हैं। वहीं, 4370 श्रमिकों का स्थायी पता एक ही है।

दरअसल, श्रमिकों के कल्याण से जुड़ी संस्थानों ने उप-राज्यपाल से भ्रष्टाचार से शिकायत की थी। इसके बाद उप-राज्यपाल वीके सक्सेना ने 26 सितंबर 2022 को इस मामले की जाँच का आदेश दिया था। शिकायतकर्ताओं में बोर्ड के दो सदस्य भी शामिल हैं। इस मामले की पूरी रिपोर्ट अगले कुछ दिनों में आ सकती है।

बता दें कि दिल्ली सरकार की विजिलेंस और एंटी करप्शन यूनिट गैर-निर्माण श्रमिकों के फर्जी पंजीकरण और उन्हें 900 करोड़ रुपए दिए जाने के मामले की जाँच साल 2018 से ही कर रही है। इस मामले में मई 2018 में FIR दर्ज की गई थी।

बता देें कि बोर्ड के पास 3,000 करोड़ रुपए का फंड है, जो 10 लाख रुपए से अधिक लागत वाले प्रोजेक्ट पर 1 प्रतिशत का श्रमिक कर लगा कर जनवरी 2006 से वसूला जा रहा है। इस फंड का उपयोग श्रमिकों के कल्याण पर खर्च किया जाता है, जिनमें उनके बच्चों की पढ़ाई के लिए स्कॉलरशिप देने सहित कई काम शामिल हैं।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 2 नवंबर 2022 को घोषणा की कि दिल्ली सरकार बोर्ड से पंजीकृत लगभग 10 लाख श्रमिकों को 5000 रुपए सहायता राशि देंगे। उन्होंने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण को लेकर निर्माण कार्य पर रोक है, इसलिए ये सहायता राशि दी जा रही है। इस सहायता राशि पर 5000 करोड़ रुपए खर्च होंगे। पिछले साल कोविड के दौरान केजरीवाल सरकार ने इस मद से 350 करोड़ रुपए खर्च किए थे।

उधर, भाजपा प्रवक्ता पात्रा ने कहा कि फर्जी नामों के जरिए दिल्ली की केजरीवाल सरकार पैसों में हेराफेरी कर रही है और उसका इस्तेमाल अपनी पार्टी से संबंधित गतिविधियों को संचालित करने के लिए कर रही है। उन्होंने कहा कि जिस कल्याण फंड का निर्माण श्रमिकों के हितों के लिए किया गया, उसका उपयोग दिल्ली सरकार अपनी पार्टी के लिए कर रही है।

पराली जलाने के मामले 28% कम, ₹26 लाख जुर्माना: जानिए हरियाणा में खट्टर सरकार ने कैसे किसानों को फायदा पहुँचा बदले हालात

दिल्ली एक बार फिर गैस चैंबर बन गया है। हर साल की तरह ही इस साल भी इसका ठीकरा हरियाणा और पंजाब ​के किसानों पर फोड़ा जा रहा है। प्रदूषण की इस खतरनाक स्थिति के लिए पराली जलाने को जिम्मेदार बताया जा रहा है।

पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार आने के बाद भी पराली जलाने को लेकर स्थिति में सुधार नहीं आया है। उलटे इस साल मामले बढ़ गए हैं। यह दूसरी बात है कि जब तक पंजाब में आप की सरकार नहीं बनी थी, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल इस समस्या के निदान का फॉर्मूला अपने पास होने का दावा किया करते थे। लेकिन, हरियाणा में मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार के प्रयासों की वजह से पराली जलाने के मामलों में काफी कम आई है।

रिपोर्टों के अनुसार पंजाब में इस साल पराली जलाने के 24146 मामले सामने आए हैं। जो पिछले साल के मुकाबले 20 फीसदी ज्यादा हैं। वहीं हरियाणा में 3 नवंबर 2022 तक ऐसे 2377 मामले सामने आए थे। यह पिछले साल के मुकाबले 28 प्रतिशत कम है। पिछले छह वर्षों में हरियाणा पराली जलाने की घटनाओं में 55 प्रतिशत से अधिक की कमी लाने में सफल रहा है। ऐसी घटनाओं की संख्या 2016 में 15,686 थी, जो 2021 में घटकर 6,987 हो गई थी।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार खट्टर सरकार ने पिछले छह साल में जो कदम उठाए हैं उसके कारण यह मुमकिन हो पाया है। हरियाणा कृषि और किसान कल्याण विभाग ने पराली नहीं जलाने के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने के मकसद से नकद पुरस्कार शुरू किए। उन्हें सब्सिडी दी।

राज्य के कृषि मंत्री जेपी दलाल ने बताया कि किसानों को सरकार इस संबंध में जागरुक करने के साथ साथ इंसेंटिव और मशीनरी मुहैया करा रही है। पराली पर एमएसपी देने को लेकर एक कमेटी का गठन किया गया है। किसानों को प्रति एकड़ सात हजार रुपए देकर धान की जगह अन्य फसलों की खेती को लेकर प्रोत्साहित किया जा रहा है।

करनाल के किसानों का कहना है कि इस साल जिले में पराली जलाने की घटनाओं में कमी बेलर प्रदान करने के कारण हुई है । बेलर फसल अवशेषों को कॉम्पैक्ट गांठों में करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली मशीन है। किसानों इन्हें कारखाने, बायोमास संयंत्र, बॉयलर और इथेनॉल संयंत्र में बेचकर कमाई करते हैं और पराली जलाने की आवश्यकता नहीं होती ।

राज्य के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के महानिदेशक डॉ. हरदीप सिंह का कहना है कि पिछले साल तक 72770 से अधिक फसल अवशेष प्रबंधन मशीनें किसानों को दी गई थीं। इस वर्ष 7,146 मशीनें देने का लक्ष्य है। पराली को नष्ट करने के लिए छिड़काव करने के लिए 2.5 लाख एकड़ क्षेत्र के लिए पूसा डीकंपोजर कैप्सूल की 2.5 लाख से अधिक किट प्रदान की जा रही है।

हरियाणा के मुख्मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने ने सोमवार (31 अक्टूबर 2022) को एक प्रेस मीट में कहा था कि पराली जलाने के मुद्दे पर स्थायी समाधान के प्रयास में किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर धान के अवशेष खरीदने के मामले में विचार करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति बनाई गई है।

इसके अलावा जो पराली जला रहे हैं उनसे भी राज्य सरकार सख्ती से निपट रही रही है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक पराली जलाने को लेकर 1041 चालान किए गए हैं। लगभग 26 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। अधिकारियों ने बताया कि कुरुक्षेत्र, कैथल, जींद और करनाल उन जिलों में शामिल हैं जहाँ पराली जलाने को लेकर सबसे ज्यादा किसानों का चालान किया गया है।

शराब पीकर प्रदर्शन, महिलाओं से छेड़खानी… गुजरात में AAP के CM कैंडिडेट इसुदान गढ़वी पत्रकार से बने हैं झाड़ू छाप नेता

गुजरात में आम आदमी पार्टी ने आज (4 नवंबर 2022) टीवी पत्रकार इशुदान गढ़वी को अपना मुख्यमंत्री पद का प्रत्याशी घोषित कर दिया। आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने बताया कि 1648500 के करीब लोगों में से 73 फीसद लोगों के कहने पर उन्होंने इशुदान गढ़वी को अपना सीएम प्रत्याशी घोषित किया है। सामने आई वीडियो में देख सकते हैं कि इस घोषणा के बाद गढ़वी कितना भावुक दिखाई दिए।

मंच पर मौजूद गोपाल इटालिया ने भी उनको बधाई दी जबकि इटालिया खुद सीएम पद की रेस में कुछ समय पहले तक बड़ा नाम माने जा रहे थे। उनके अलावा बीच में मेधा पाटकर का नाम भी मीडिया में उछला था और अल्पेश कथेरिया, इंद्रनील राज्य गुरु, मनोज सुरथिया भी इस रेस में शामिल थे। हालाँकि आप ने इसुदान गढ़वी को चुना।

याद दिला दें कि इसुदान गढ़वी आम आदमी पार्टी से विवादित नाम हैं। उनके ऊपर गुजरात में (जहाँ शराब प्रतिबंध है वहाँ) शराब पीकर प्ररदर्शन करने बीजेपी की महिला कार्यकर्ता के साथ छेड़खानी करने के आरोप लग चुके हैं। इसकी वजह से उन्हें जेल भी जाना पड़ा था। एफएसएल की रिपोर्ट में पुष्टि भी हुई थी कि उन्होंने घटना के समय शराब पी थी। लेकिन खुद को पाक साफ दिखाने के लिए उन्होंने सारा इल्जाम भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पर मढ़ दिया। उन्होंने कहा कि वो तो शराब पीते ही नहीं। वे देवी उपासक हैं।

आज जब गढ़वी के नाम की घोषणा हुई तो मंच पर गोपाल इटालिया के अलावा उनको मंच पर बैठे पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गले लगाया। मान पर भी शराब से जुड़े आरोप लगते रहे हैं। इजुलाई 2016 में उन पर सांसद हरिंदर खालसा ने सदन में शराब पीकर आने का आरोप लगाया था। खालसा भी आप से ही चुने गए थे, लेकिन बाद में उन्हें पार्टी ने निलंबित कर दिया था। पिछले दिनों मान की जर्मनी यात्रा भी शराब से जुड़े आरोपों के कारण चर्चा में रही थी। हालाँकि उन्होंने आरोपों को झूठा और बेबुनियाद बताया था

ट्विटर में स्टाफ होंगे हाफ, मेल कर कहा- घर लौट जाएँ: मस्क के आने के बाद 877000 यूजर्स घटे, खुद के 6 महीने में 246 लाख फॉलोवर बढ़े

एलन मस्क द्वारा ट्विटर खरीदे जाने के बाद से कंपनी लगातार चर्चा में है। ट्विटर डील पूरी होते ही पहले पराग अग्रवाल समेत शीर्ष अधिकारियों की छुट्टी हुई और अब खबर है कि कंपनी करीबन आधे से ज्यादा कर्मचारियों को चलता कर रही है। इस संबंध में कर्मचारियों को कथिततौर पर 4 नवंबर को एक ईमेल आया जिसमें साफ तौर पर लिखा है कि अगर आप ऑफिस आ रहे हैं या फिर ऑफिस में हैं तो घर लौट जाएँ।

पत्रकार बेनी जॉनसन ने ये ईमेल अपने ट्वीट में शेयर किया है। कुछ नेटीजन्स इसे वोक लोगों के लिए एक सबक कह रहे हैं, तो कुछ इसकी आलोचना कर रहे हैं। इस बीच खबर ये भी है कि कई लाखों लोगों ने एलन मस्क के ट्विटर खरीदे जाने के बाद सोशल मीडिया साइट को छोड़ना शुरू कर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार करीब 877000 अकॉउंट डिएक्टिवेट किए जा चुके हैं और 497000 अकॉउंट को 27 अक्टूबर से 1 नवंबर के बीच सस्पेंड किया जा चुका है। यह गिनती सामान्य से दोगुनी है।

एलन मस्क के 6 महीने में बढ़े 246 लाख फॉलोवर्स

एलन मस्क के ट्विटर से जुड़ते ही जहाँ ट्विटर के यूजर्स में कटौती होने लगी है। वहीं खुद एलन के फॉलोवर्स धड़ाधड़ बढ़ रहे हैं। सोशल ब्लेड के मुताबिक, केवल एक दिन में 28 अक्टूबर को मस्क के 8 लाख फॉलोवर्स बढ़े थे। वहीं 29 अक्टूबर को 6 लाख, 30 अक्टूबर को 4 लाख और 31 अक्टूबर को 4 लाख फॉलोवर्स की बढ़ोतरी हुई। इस समय एलन मस्क के कुल 113.8 मिलियन फॉलोवर्स हैं।  बताया जा रहा है कि मात्र एक महीने के अंदर 57 लाख फॉलोवर्स बढ़े हैं। वहीं ट्विटर डील की बात शुरू होने के बाद से 246 लाख फॉलोवर्स में इजाफा हुआ है। फॉलोवर्स के लिहाज से देखें तो उनसे आगे सिर्फ बराक ओबामा और जस्टिन बीबर ही थे। वहीं 100 मिलियन का आँकड़ा पार करने वालों में उनके पीछे कैटी पेरी और रिहाना हैं।

ब्लू टिक के पैसे, कर्मचारियों से 12 घंटे काम

उल्लेखनीय है कि इससे पहले ट्विटर को लेकर खबरें आई थीं कि ट्विटर जल्द ही ब्लू टिक वाले यूजर्स से पैसे लेने वाला है। हर देश में ब्लूटिक का रेट अलग-अलग तय होगा। भारत में यूजर्स से ब्लूटिक के बदले 150-200 रुपए लिए जाने का अनुमान है। इसके अलावा ट्विटर कर्मचारियों की शिफ्ट को लेकर भी सीएनबीसी ने यह खबर फैलाई थी कि उनके एलन मस्क सातों दिन में 12 घंटे अपने कर्मचारियों की सेवा लेंगे और काम पूरा न होने पर कर्मचारियों को निकाल देंगे।

कार से सटकर खड़ा हो गया मजदूर का 6 साल का बच्चा, सिशाद ने मारी लात: Video वायरल, BJP बोली- केरल शैतानों की जमीन बनी

केरल के थालास्सेरी (Thalassery, Kerala) में गुरुवार (3 नवंबर 2022) को पार्क की गई कार से सटकर खड़े होने पर सिशाद नाम के व्यक्ति ने 6 साल के एक बच्चे पर हमला कर दिया। सिशाद ने बच्चे को इतनी जोर से लात मारी कि इसके कारण बच्चे की पीठ में गंभीर रूप से चोट आ गई है। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मामले का संज्ञान लेते हुए पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है।

वायरल वीडियो में दिख रहा है कि सड़क के किनारे एक कार खड़ी है। उससे सटकर एक बच्चा खड़ा होता है। इतने में कार में से एक व्यक्ति उतर आता है और बच्चे को जोर से ठोकर मार देता। आरोपित सिशाद केरल के पोन्निमपलम का रहने वाला है। वहीं, पीड़ित बच्चा गणेश राजस्थान के एक मजदूर का बताया जा रहा है, जो काम की खोज में केरल में रह रहा है।

इस घटना को लेकर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के सुरेंद्रन ने राज्य की पिनराई विजयन (Pinarayi Vijayan) सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाया है। घटना का वीडियो ट्वीट करते हुए सुरेंद्रन ने कहा, “पिनराई विजयन के शासन में God’s Own County (देवताओं की भूमि) कहलाने वाला केरल Devil’s Own Land (शैतानों की जगह) बन गया है। छह साल के राजस्थानी लड़के को कार पर झुकाने पर लात-घूंसों से पीटा गया। यह अमानवीय घटना कन्नूर के थालास्सेरी में हुई।”

वीडियो में यह भी दिख रहा है कि सिशाद के साथ एक महिला भी है, जो बिना कुछ कहे कार में बैठ जाती है। इस घटना को लेकर जब आसपास के लोगों ने आरोपित से पूछा तो उसने इसे सही ठहराने की कोशिश की और तुरंत वहाँ से भाग गया।

घटना का वीडियो वायरल होते ही पुलिस ने सिशाद को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि उसने आरोपित पर हत्या का प्रयास सहित विभिन्न गैर-जमानती धाराएँ लगाई हैं। गिरफ्तारी के साथ ही आरोपित की कार को भी जब्त कर लिया गया है।

घटना का संज्ञान बाल अधिकार संरक्षण आयोग (CPCR) ने भी लिया है। CPCR के अध्यक्ष केवी मनोज कुमार ने घटना को लेकर कहा कि आयोग ने इसका संज्ञान लिया है और जरूरत हुई आयोग बच्चे का इलाज कराएगा।

‘भाई इंजेक्शन लेकर आया है, वे मुझे मारना चाहते हैं’: समीर के प्रेम में थी गुलफ्शा इसलिए भाइयों ने मार डाला, नेचुरल डेथ बता दफनाने की भी कोशिश

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद की गुलफ्शा मरी नहीं थी। मार डाली गई थी। मारने वाले खुद उसके भाई तौहीद और मोहीद थे। दोनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने अपना गुनाह भी कबूल कर लिया है।

गुलफ्शा की हत्या किए जाने का खुलास ऑडियो से हुआ है। ये ऑडियो उसके प्रेमी समीर से पुलिस को मिले हैं। 20 साल की गुलफ्शा समीर से प्यार करती थी। कोर्ट मैरिज करना चाहती थी। इसलिए अपने ही भाइयों ने उसे मार डाला। तौहीद और मोहीद ने पुलिस को बताया कि परिवार की बेइज्जती न हो, इसलिए उन्होंने बहन को तकिए से मुँह दबाकर मार डाला। इस मामले में पुलिस लड़की की अम्मी की भूमिका की जाँच भी कर रही है, क्योंकि वह भी घटनास्थल पर मौजूद थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गुरुवार (3 नवंबर 2022) तड़के 3.30 बजे एक भाई ने तकिया से उसका मुँह दबाया और दूसरे ने छोटी बहन को पकड़ा, जो उसे बचाने की कोशिश कर रही थी। इस दौरान घटनास्थल पर लड़की की अम्मी भी मौजूद थी। गुलफ्शा की बहन ने घर के सदस्यों पर आरोप लगाया है कि उन्होंने मिलकर उसे मौत के घाट उतार दिया। बहन के आरोपों के मुताबिक, उसके भाइयों को पता चल गया था कि गुलफ्शा अपने बॉयफ्रेंड के साथ भागकर कोर्ट मैरिज करने जा रही है। वे उसका विरोध कर रहे थे।

गुलफ्शा ने बॉयफ्रेंड समीर को बुधवार (2 नवंबर 2022) रात 9 बजे कॉल करके बता दिया था कि उसकी जान को खतरा है। रात 9 बजे से अगली सुबह यानी गुरुवार सुबह 3 बजे के बीच दोनों के बीच करीब 8-10 बार फोन पर बातचीत हुई। हर बार गुलफ्शा ने समीर को अपनी जान का खतरा बताया। प्रेमी समीर ने सबूत के तौर पर पुलिस को कई ऑडियो क्लिप मुहैया कराए हैं। एक ऑडियो क्लिप लड़की की मौत से चंद सेकंड पहले का है। इसमें गुलफ्शा अपने ब्वॉयफ्रेंड समीर से फोन पर कह रही थी, “मेरे भाई और अम्मी रात में 3 बजे ऊपर आए हैं। प्लीज..मदद करो…। कुछ भी करो प्लीज… हेल्प यार…।” इसके कुछ देर बाद चिल्लाने की आवाज आती है। एक ऑडियो में वह कह रही है, “भाई-माँ को सब पता चल गया है। भाई इंजेक्शन लेकर आया है। वो मुझे मारना चाहते हैं। प्लीज समीर कुछ मदद करो।”

पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधीक्षक निपुण अग्रवाल ने बताया कि युवती का शव उसके घर में पड़ा मिला। इस मामले में अलग-अलग एंगल से जाँच की जा रही है। ऑटोप्सी रिपोर्ट आने के बाद ही हत्या की सही वजह का पता चल पाएगा। बताया जा रहा है कि गुलफ्शा की मौत के बाद उसके परिजनों ने इसे नेचुरल डेथ बता शव को दफनाने की कोशिश भी की थी। गुलफ्शा के परिवार में अब्बा नन्हें खां, अम्मी शमशीद, भाई तौहीद और मोहीद और एक बहन है। नन्हें खां लकवाग्रस्त है।