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लड़की से निकाह, नहीं तो परिजनों का सिर तन से जुदा: UP में पुलिस वाले की बेटी को बहलाकर शाहरुख ने बनाई अश्लील Video, फिर धर्मान्तरण का दबाव

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में लव जिहाद, धर्मान्तरण और सिर तन से जुदा की धमकी का मामला सामने आया है। यहाँ पर आरोपित शाहरुख़ नाम का व्यक्ति है जबकि पीड़ित उत्तर प्रदेश पुलिस की PAC विंग में तैनात एक कर्मचारी।

पीड़ित का आरोप है कि पहले तो बहला-फुसला कर आरोपित उसकी बेटी को घर से भगा ले गया। बाद में वापस लौटने के बाद पूरे परिवार को कत्ल की धमकी दी। पीड़ित का यह भी आरोप है कि उनकी बेटी के अश्लील फोटो भी सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकियाँ दी जा रही हैं। पुलिस ने केस दर्ज कर के आरोपित की तलाश शुरू कर दी है। घटना की शिकायत शुक्रवार (28 अक्टूबर 2022) को की गई है।

मामला शिकोहाबाद थानाक्षेत्र का है। यहाँ पर इटावा जिले के PAC विभाग में तैनात के कर्मचारी ने पुलिस में शाहरुख़ के खिलाफ FIR दर्ज करवाई है। कर्मचारी का आरोप है कि अमरोहा जिले का रहने वाला आरोपित शाहरुख़ 24 सितम्बर 2022 को उसकी बेटी को बहला-फुसला कर अपने साथ अमरोहा ले गया था। दोनों का परिचय फेसबुक के माध्यम से हुआ था।

शिकायत के मुताबिक शाहरुख़ ने पीड़िता पर खुद से निकाह करने और इस्लाम कबूलने का दबाव बनाया। ऐसा करने के लिए वो पीड़िता के फोटो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देता रहा। इस दौरान शाहरुख़ ने पीड़िता से कुछ कागजातों पर दस्तखत भी करवाए।

पीड़ित पिता की शिकायत में बताया गया है कि कुछ दिनों बाद पीड़िता अपनी माँ से जैसे-तैसे बात कर पाई और घर वापस लौट आई। इसके बाद से शाहरुख़ लगातार उसे खुद से निकाह करने और धर्मान्तरण का दबाव दे रहा है। शिकायत में ये भी बताया गया है कि निकाह से इंकार करने पर पीड़िता और उसके परिजनों को सिर तन से जुदा की धमकी दी जा रही है।

पीड़ित पिता ने लिखा है कि सितम्बर में उनकी बेटी के अपहरण के बाद वो लोक-लाज से काफी दिनों तक चुप रहे, लेकिन अब परिवार को मिल रही प्राणघातक धमकियों से वो पुलिस में शिकायत करने को मजबूर हैं। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है।

अपनी शिकायत में पीड़ित पिता ने यह भी बताया है कि आरोपित शाहरुख़ ने सोशल मीडिया पर कई फर्जी हैंडल बना रखे हैं। इन्हीं से वो पीड़िता को को आए दिन धमकाता रहता है। धमकियों में शाहरुख़ का ये भी कहना है कि वो परिजनों के अलावा उस लड़के का भी कत्ल कर देगा जिस से उसकी शादी की जाएगी। पुलिस विभाग में तैनात पीड़ित पिता ने अपनी बेटी को मानसिक रूप से बेहद परेशान बताया है। उन्होंने कहा है कि अगर इस तनाव में उनकी बेटी आत्महत्या जैसा कोई गलत कदम उठती है तो उसका जिम्मेदार शाहरुख़ ही होगा।

पुलिस ने पीड़िता के पिता की तहरीर पर शाहरुख़ के खिलाफ IPC की धारा 366, 506 के साथ IT एक्ट 2008 की धारा 66 के तहत FIR दर्ज कर लिया है। फिरोजाबाद के एडिशनल SP रणविजय का कहना है कि आरोपित की तलाश की जा रही है। इसी के साथ सबूतों को भी जुटाया जा रहा है जिसके आधार पर आगे की जाँच व कार्रवाई की जाएगी।

केजरीवाल सरकार की ‘शराब पॉलिसी’ के कारण ₹2500 करोड़ का नुकसान: RTI में खुलासा, BJP नेता बोले- ये आबकारी नहीं पापकारी नीति

दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार शराब घोटाले को लेकर घिरी हुई है। इस मामले में उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के घर समेत कई ठिकानों पर छापेमारी की जा चुकी है। साथ ही, सिसोदिया पर गिरफ्तारी की तलवार भी लटक रही है। इस शराब घोटाले को लेकर भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने दिल्ली सरकार की आबकारी नीति को पापकारी नीति करार देते हुए कहा है कि आप का पाप बेनकाब हुआ है। उन्होंने यह भी कहा है कि शराब नीति से सरकार को अब तक सामने आए आँकड़ों से कहीं अधिक नुकसान हुआ है।

भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने दावा किया है कि उन्हें आरटीआई से प्राप्त जानकारी के अनुसार दिल्ली सरकार की शराब नीति से सरकारी खजाने को करीब 2500 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। शहजाद ने ट्वीट कर कहा “दिल्ली सरकार की ओर से एक आरटीआई का जवाब मिला है, जिसके मुताबिक, नई शराब नीति के चलते कम से कम 2500 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।”

उन्होंने आगे कहा है “नई शराब नीति के तहत, दिल्ली सरकार ने 17 नवंबर 2021 से 31 अगस्त 2022 तक कुल 5,036 करोड़ रुपए कमाए, यानी प्रतिदिन 17.5 करोड़ रुपए की कमाई हुई। जबकि पुरानी शराब नीति के हिसाब से सितंबर 2022 में कुल 768 करोड़ रुपए कमाए यानी प्रतिदिन 25.6 करोड़ रुपए की कमाई हुई। इस तरह से हर दिन कम से कम 8 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।”

इसके अलावा, शहजाद पूनावाला ने कथित स्टिंग ऑपरेशन और जाँच का हवाला देते हुए कहा है कि जिस तरह से शराब माफियाओं से आप नेताओं ने कमीशन लिया है उसका भी प्रमाण सामने आ चुका है। उन्होंने कहा है कि शराब घोटाले में शराब माफियाओं के साथ आम आदमी पार्टी के नेताओं की मिलीभगत के कारण ही उन्हें कोर्ट से कोई राहत नहीं मिल रही है।

उन्होंने आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल पर आरोप लगाते हुए कहा है कि दिल्ली के शराब घोटाले का पैसा पंजाब चुनाव में इस्तेमाल हुआ है और अब इसका इस्तेमाल गुजरात के लिए भी किया जा रहा है। पूनावाला ने आगे कहा कि, जब भी शराब नीति के बारे में सवाल उठाए जाते हैं आम आदमी पार्टी मामले को मोड़ देती है या विक्टिम कार्ड खेलना शुरू कर देती है।

शहजाद पूनावाला ने कहा “हमारे प्रवक्ता और नेता संबित पात्रा, मनोज तिवारी, प्रवेश वर्मा और आदेश गुप्ता ने करीब एक महीने पहले 10-12 सवाल पूछे थे। आखिर कमीशन क्यों बढ़ाया गया? धवन रिपोर्ट में की गई सिफारिशों के बावजूद होलसेल निजी कंपनियों को क्यों दिया गया? लाइसेंस का समय क्यों बढ़ाया गया? कैश में पैसे क्यों लिये और इनका पंजाब में इस्तेमाल क्यों हुआ? बिना प्रक्रिया का पालन किये महंगे बीयरों पर छूट क्यों दी गई?”

‘कांतारा’ की शूटिंग पहले ऋषभ शेट्टी ने त्याग दिया था मांसाहार, पीठ पर अब भी जले के निशान: फिल्म ने कमाए ₹275 करोड़, अब सिद्धिविनायक पहुँच किया दर्शन

वनवासी हिन्दू संस्कृति पर बनी फिल्म कन्नड़ फिल्म ‘कांतारा’ आज पूरे भारत में धूम मचा रही है। इसके लेखन और निर्देशन करने वाले ऋषभ शेट्टी ने इसमें मुख्य अभिनेता की भूमिका भी निभाई है। उनका कहना है कि इसमें अभिनय करना उनके लिए सबसे कठिन था। उन्होंने बताया कि ‘दैव कोला’ वाले दृश्य की शूटिंग से लगभग एक महीने पहले ही उन्होंने मांसाहार का त्याग कर दिया था। बता दें कि कर्नाटक के वनवासी इस त्योहार को मनाते हैं।

फिल्म में एक दृश्य है, जिसमें ऋषभ शेट्टी की पीठ पर आग वाली छड़ी से वार किया जाता है। अभिनेता ने बताया है कि ये दृश्य एकदम वास्तविक है, ऐसे में उनकी पीठ पर जले के कई निशान भी आ गए थे। उन्होंने बताया कि हाव-भाव और एक्शन के कारण अभिनय वाला कार्य कठिन था। ऋषभ शेट्टी ने बताया कि ‘दैव कोला’ नृत्य के दौरान उन्हें शरीर पर 50-60 किलो का अतिरिक्त वजन ढोना था। ‘दैव कोला’ अलंकार के बाद वो सिर्फ नारियल पानी लेते थे, और कुछ नहीं।

इस दृश्य को फिल्माने से पहले और इसके बाद उन्हें प्रसाद खाने के लिए दिया जाता था। दिन का अंत होने तक उन्हें काफी थकावट हो जाती थी। उन्होंने बताया कि फिर भी वो काम करते थे, ताकि दूसरे लोगों की ऊर्जा कम न हो। ऋषभ शेट्टी ने कहा कि वो शूटिंग के दौरान हुई कठिनाइयों की बात नहीं करते, लेकिन अब मीडिया पूछ रही है तो उन्हें ये सब बताना पड़ रहा है। उन्होंने पीठ पर आग से दागे जाने वाले दृश्य को लेकर कहा कि भले ही ये दर्दनाक था, उनके मन में ये बात थी कि उन्हें ये करना है।

बता दें कि अब तक ‘कांतारा’ ने दुनिया भर में 275 करोड़ रुपए की कमाई कर ली है। फिल्म की सफलता के बाद ऋषभ शेट्टी रविवार (30 अक्टूबर, 2022) को मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर भगवान गणपति के दर्शन के लिए पहुँचे। वहाँ उनके कई प्रशंसक भी जुट गए, जिनके साथ उन्होंने सेल्फी ली। हाल ही में उन्होंने चेन्नई में सुपरस्टार रजनीकांत से मुलाकात कर के उनका आशीर्वाद लिया। रजनीकांत ने उनकी फिल्म की तारीफ की और उन्हें सम्मानित किया।

तिहाड़ जेल में मसाज के मजे ले रहे AAP के मंत्री सत्येंद्र जैन, सीसीटीवी फुटेज से VIP ट्रीटमेंट का खुलासा: घर का खाना, पत्नी से मिलने-जुलने पर रोक नहीं

भ्रष्टाचार के मामले में जेल में बंद दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन को तिहाड़ जेल में VIP सुविधाएँ मिलने का आरोप लगा है। यह आरोप खुद ED (प्रवर्तन निदेशालय) ने कोर्ट में शपथ पत्र दाखिल कर के लगाया है। शपथ पत्र में में बताया गया है कि सत्येंद्र जैन की पत्नी पूनम उनसे बिना रोक-टोक मिलती हैं। इसी के साथ एफिडेविट में जैन पर इन सुविधाओं को पाने के लिए अपने मंत्री पद के दुरूपयोग का आरोप है। अपने आरोपों के समर्थन में ED ने कोर्ट में एक CCTV फुटेज भी सबमिट की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रवर्तन निदेशालय ने यह शपथ पत्र ट्रायल कोर्ट में लगाया है। इस एफिडेविट में कहा गया है कि मंत्री सत्येंद्र जैन की पत्नी को उनसे मिलने-जुलने में कोई रोक-टोक नहीं है। आरोप यह भी है कि खुद कारागार मंत्री सतेन्द्र जैन जिस जेल में बंद हैं, वो जेल उनके खुद के अधिकार क्षेत्र में आती है। आरोप यह भी है कि मुलाकात के दौरान पूनम जैन अपने पति के साथ निर्धारित समय से ज़्यादा देर तक रुकतीं हैं।

बताया जा रहा है कि ED ने कोर्ट में जेल के अंदर की एक CCTV फुटेज भी सबमिट की है। इस फुटेज में सत्येंद्र जैन द्वारा मालिश करवाने का दावा किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि जेल के सुपरिंटेंडेंट भी लगातार सतेंद्र जैन से मिलते रहते हैं। शपथ पत्र में ये भी बताया गया है कि मंत्री सत्येंद्र जैन अपने ही केस में आरोपित दूसरे व्यक्ति से जेल में अलग से घंटों देर तक मुलाकात करते हैं। सत्येंद्र जैन के खिलाफ दिए गए ED के शपथ पत्र में यह भी बताया गया है कि उन्हें जेल में घर का खाना खिलाया जाता है। नियमानुसार, बंदियों को केवल जेल परिसर में बना खाना ही दिया जा सकता है।

गौरतलब है कि ED ने मनी लांड्रिंग मामले में सत्येंद्र जैन को 30 मई 2022 को गिरफ्तार किया था। 12 जून को उन्हें तिहाड़ जेल में शिफ्ट किया गया था तब से वो वहीं बंद हैं। जैन से जुडी 4 कंपनियों पर मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। इसके अलावा 14 फरवरी 2015 से 31 मई 2017 के बीच उन पर अलग-अलग लोगों के नाम पर कई संपत्तियाँ हड़पने का भी आरोप है। ED ने 6 जून 2022 को सत्येंद्र जैन के एक करीबी के घर से 2.85 करोड़ कैश और सोने के 133 सिक्के भी बरामद करने का दावा किया था।

परंपरा जो बन गई ‘मौत की पार्टी’… ईसाई सेंट्स की वेश-भूषा से शुरू हुआ, भूत-प्रेतों वाले डरवाने गेटअप तक पहुँच गया: ऐसा रहा है हैलोवीन का सफर

दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में शनिवार (29 अक्टूबर, 2022) को आयोजित हैलोवीन फेस्टिवल में मची भगदड़ में करीब 150 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। इस हादसे के बाद से पूरी दुनिया में हैवोलीन चर्चा का विषय बना हुआ है। आइए जानते हैं, हैवोलीन फेस्टिवल क्या है और कब मनाया जाता है।

हैलोवीन शब्द अंग्रेजी के हॉलो शब्द से लिया गया है, जिसका अर्थ ‘पवित्र’ होता है। यही नहीं, हॉलो शब्द का उपयोग संतों के लिए भी किया जाता है। यही कारण है कि जब स्कॉटलैंड और आयरलैंड में इस फेस्टिवल की जब शुरुआत हुई, तब लोग संतों की वेशभूषा में तैयार होकर अन्य लोगों के घर जाते थे। हैलोवीन के इतिहास को लेकर अलग-अलग मान्यता है। कुछ लोग इसे सैकड़ों वर्ष पुराना तो कुछ 2000 साल पुराना मानते हैं।

पहले इसे, ‘आल सेंट्स डे’, ‘ऑल हैलोज़ डे’ और ‘ऑल हैलोज़ ईव’ कहा जाता था और 1 नवंबर को मनाया जाता था। चूँकि, यह तीन शब्दों का नाम था इसलिए धीरे-धीरे बदलते हुए इसे हैलोवीन कहा जाने लगा। ईसाई, सेल्टिक कैंलेंडर के आखिरी दिन यानी 31 अक्टूबर को पूर्वजों की याद में हैलोवीन फेस्टिवल मनाते हैं। इस साल भी यह फेस्टिवल सोमवार (31 अक्टूबर, 2022) को मनाया जाएगा।

जैसा कि बताया गया है, पहले इस फेस्टिवल को ईसाई संतों की वेशभूषा में तैयार होकर मनाया जाता था। हालाँकि, अब इस फेस्टिवल में हैलोवीन कॉस्ट्यूम (Halloween Costume) यानी डरावने कपड़े और डरावना मास्क-मेकअप किया जाता है। हैवोलीन को लेकर ईसाई समुदाय में मान्यता है कि भूतों का गेटअप करने से पूर्वजों की आत्‍माओं को शांति मिलती है। वहीं, फसल के मौसम में किसानों की मान्यता थी कि बुरी आत्माएँ धरती पर आकर उनकी फसल को नुकसान पहुँचा सकती हैं। यही कारण था कि लोग डरावने कपड़े पहनने लगे। हालाँकि, इसे लेकर आज भी अलग-अलग कहानियाँ और मान्यताएँ हैं।

इस फेस्टिवल में लोग कद्दू को खोखला करके उसमें डरावने चेहरे और नाक बनाते हैं। इसके बाद, उसके अंदर जलती हुई मोमबत्ती (कैंडल/लालटेन) डाल कर अंधेरे में रख दिया जाता है। इन्हें ही डरावना हैलोवीन कहा जाता है। कई देशों में कद्दू, यानी हैलोवीन ही को घर के बाहर अंधेरे में पेड़ों पर लटकाया जाता है, जो पूर्वजों का प्रतीक होता है। इस फेस्टिवल के खत्‍म होने के बाद कद्दू को दफना दिया जाता है।

जिसके रिजॉर्ट में काम करती थी अंकिता भंडारी, अब उसकी फैक्ट्री में लगी आग: उत्तराखंड पुलिस ने किया था सील, जेल में है पुलकित आर्य

उत्तराखंड के अतिचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड केस में आरोपित पुलकित आर्य की फैक्ट्री में आग लगने की खबर है। आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। ये फैक्ट्री उसी वंतरा रिजॉर्ट के पास थी जहाँ अंकिता बतौर रिसेप्शनिस्ट काम करती थी। हत्याकांड के बाद SIT ने फैक्ट्री परिसर को सील कर रखा था। घटना रविवार (30 अक्टूबर, 2022) की बताई जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ऋषिकेश में बनी ये फैक्ट्री स्वदेशी आयुर्वेद नाम से थी। घटना के दिन स्थानीय लोगों ने फैक्ट्री से धुआँ उठता देखा। फ़ौरन ही इस मामले की सूचना पुलिस को दी गई। हालाँकि, सील होने के बाद भी फैक्ट्री की सुरक्षा में पुलिस तैनात है। सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में आग की लपटों और धुएँ के गुबार को देखा जा सकता है।

पत्रकार सरिता तिवारी ने लक्ष्मण झूला थाना इंचार्ज विनोद सिंह गुसाईं के हवाले से कहा है कि घटना का कारण कैंडी फैक्ट्री में लगे इनवर्टर का शॉर्ट सर्किट होना हो सकता है। आग से हुए नुकसान की आधिकारिक जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। फिलहाल दमकल विभाग ने आग पर काबू पा लिया है।

गौरतलब है कि इसी साल 18 सितम्बर को वन्तारा रिजॉर्ट की रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की हत्या हो गई थी। हत्या का आरोप में रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य पर लगा है। उनके साथ अंकित और सौरभ भास्कर को भी गिरफ्तार किया गया है। मामले की जाँच के लिए SIT का गठन किया गया है। रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के मुताबिक रिजॉर्ट में जिस्म फरोशी का धंधा चलता था। धामी सरकार ने इस रिजॉर्ट पर बुलडोजर भी चलवाया था।

FIR के बाद मेटा पर फँसे द वायर ने अपने ही टेक ‘एक्सपर्ट’ को बनाया ‘बकरा’, पहले सिद्धार्थ वरदराजन ने खुद कबूला था ‘फर्जीवाड़े’ में अपना हाथ

मेटा के सहारे भाजपा को बदनाम करने की कोशिशों में बुरी तरह विफल होने के बाद अब द वायर ने खुद की छवि सुधारने के लिए एक नई तिगड़म भिड़ाई है। खबर है कि उन्होंने अपने उसी टेक एक्सपर्ट देवेश कुमार के खिलाफ शिकायत कर दी है जिसकी बदौलत वह ऐसी ‘फर्जी’ स्टोरीज गढ़ने में सफल हुए थे। देवेश के खिलाफ की गई शिकायत की सूचना ठीक तभी आई है जब भाजपा नेता अमित मालवीय ने भी संस्थान के ऊपर FIR दर्ज करवाई है और उसमें देवेश का नाम नहीं दिखा।

द वायर की शिकायत पर फिलहाल देवेश के ऊपर एफआईआर दर्ज नहीं हुई। लेकिन इस तरह अपने ‘एक्सपर्ट’ पर केस करना वामपंथी वेबसाइट के शातिर रवैये को दर्शाती है कि कैसे उन्होंने खुद को बचाने के लिए देवेश को बकरा बना दिया।

द वायर का अभी कहना है कि वह देवेश के खिलाफ शिकायत इसलिए दर्ज करवा रहे हैं क्योंकि उन्होंने संस्थान को नुकसान पहुँचाना चाहा और फर्जी के सूत्रों से रिपोर्ट बनवाई। लेकिन इन्हीं देवेश को लेकर पहले साइट के विचार कुछ और थे। जब तक इनके खिलाफ एफआईआर नहीं हुई थी तब तक देवेश को सिद्धार्थ वरदराजन का पूरा समर्थन था। 19 अक्टूबर को प्लेटफॉर्मर को दिए एक इंटरव्यू में वरदराजन ने कहा था, “ये सारा विवाद देवेश को लेकर नहीं बनाया जाना चाहिए। ये मेरे बारे में भी बराबर है। मैं भी स्टोरी से जुड़ा हुआ था।”

वरदराजन का ये पाखंड सोशल मीडिया पर खूब शेयर हो रहा है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की वरिष्ठ सलाकार ने गौर करवाया है कि सिद्धार्थ वरदराजन की बहादुरी देंखें। पहले बोला था कि ये मामला देवेश का नहीं है। इसमें वो खुद शामिल हैं और अब कह रहे हैं कि उन्होंने देवेश के ऊपर शिकायत की है क्योंकि उसने फर्जी जानकारी आगे बढ़ाई।

बता दें कि एक ओर जहाँ द वायर अपनी मनगढ़ंत कहानी के कारण बुरी तरह फँस गया है। वहीं देवेश के ऊपर सारा ठीकरा फोड़कर वो खुद को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। ये पहली बार नहीं हुआ कि द वायर ने फर्जी खबरों के सहारे केंद्र पर सवाल खड़े किए थे।

इससे पहले भी कई दफा वो झूठे दावों के साथ प्रोपेगेंडा बेच चुके हैं। मगर इस बार सारा दाव उलटा पड़ गया। भाजपा नेता ने अपनी कंप्लेन में द वायर के संस्थापक सिद्धार्थ वरदराजन, सिद्धार्थ भाटिया, एम के वेणु, डिप्टी एडिटर जाह्नवी सेन का नाम दिया है। वहीं वायर ने कंप्लेन में सिर्फ देवेश का नाम दिया है जबकि स्टोरी संस्थान के कई लोगों ने मिलकर की।

याद दिला दें कि अमित मालवीय के विरुद्ध प्रकाशित स्टोरी में जाह्नवी सेन का नाम लेखक के तौर पर है। इसके बाद 11 अक्टूबर को मेटा पर प्रकाशित खबर में भी जाह्ववी का नाम है और उनके साथ सिद्धार्थ वरदराजन का नाम साफ तौर पर स्टोरी के लेखकों के तौर पर देखा जा सकता है। वहीं 15 अक्टूबर को खुद को सही साबित करने के लिए द वायर जो अपने प्रमाण देता है उसमें हमें देवेश कुमार का नाम देखने को मिलता है।

जिन्होंने किया ‘द कश्मीर फाइल्स’ और ‘कार्तिकेय 2’ जैसी फिल्मों का निर्माण, अब वो जमीन पर बदलेंगे तस्वीर: तेलंगाना के इस गाँव को लिया गोद

2021 में कम बजट की दो फिल्मों ने सभी का ध्यान खींचा, जो थीं ‘द कश्मीर फाइल्स’ और ‘कार्तिकेय 2’। पहली फिल्म का निर्देशन विवेक अग्निहोत्री ने किया था, जो ब्लॉकबस्टर रही। ये हिंदी भाषा में बनी थी। दूसरी फिल्म का निर्देशन चंदू मोंडेति ने किया था। ये तेलुगु फिल्म सुपरहिट रही। ये फ़िल्में अन्य भाषाओं में डब होकर भी कमाल करती थीं। दोनों फिल्म के निर्माता थे अभिषेक अग्रवाल, जिन्होंने अब एक गाँव को गोद लिया है।

‘अभिषेक ग्रुप’ के मैनेजिंग डायरेक्टर अभिषेक अग्रवाल अब तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले के कंडुकुर मंडल स्थित थिम्मापुर गाँव की तस्वीर बदलेंगे। उन्होंने केंद्र सरकार में संस्कृति, पर्यटन और उत्तर-पूर्वी राज्यों के विकास जैसे मंत्रालय संभालने वाले जी किशन रेड्डी की मौजूदगी में रविवार (30 अक्टूबर, 2022) को एक कार्यक्रम में इस गाँव को गोद लिया। जी किशन रेड्डी तेलंगाना के सिकंदराबाद से ही सांसद हैं। वो अविभाजित आंध्र प्रदेश में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे हैं।

अभिषेक अग्रवाल ने ‘चन्द्रकला फाउंडेशन’ के बैनर तले इस गाँव को गोद लेने का ऐलान किया है। कोरोना काल में दो सालों में इसका ‘सार्थक दिवस’ मनाया गया था, जिसमें ज़रूरतमंदों की मदद की गई। अब इसका तीसरा ‘सार्थक दिवस’ मनाया गया है। ये दिवस दिवंगत चन्द्रकला देवी की जयंती पर मनाया जाता है, जो अभिषेक अग्रवाल की दादी थीं। उन्होंने जीवन भर कई समाजिक कार्य किए थे, इसीलिए इस संस्था के माध्यम से अभिषेक अग्रवाल इस क्रम को जारी रखे हुए हैं।

अभिषेक अग्रवाल अपने चैरिटी कार्यों के लिए भी जाने जाते हैं। 41 वर्षीय फिल्म निर्माता फिल्में अपनी अगली फिल्म ‘टाइगर नागेश्वर राव’ में भी व्यस्त हैं, जिसमें रवि तेजा मुख्य किरदार में होंगे। थिम्मापुर गाँव जी किशन रेड्डी का जन्मस्थान भी है। अभिषेक अग्रवाल अपनी दादी की जयंती और अपने पिता के 60वें जन्मदिवस पर गाँव को गोद ले रहे हैं। हैदराबाद स्थित JRC कन्वेंशन में इससे संबंधित कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

यूपी में बिना मान्यता के चल रहे थे 7500 मदरसे, योगी सरकार के सर्वे से खुलासा: मान्यता प्राप्त मदरसों की संख्या 16513

उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री धर्म पाल सिंह ने कहा है कि राज्य सरकार द्वारा हाल ही में किए गए सर्वे से पता चला है कि राज्य में 7500 से अधिक मदरसे बिना मान्यता के चलाए जा रहे थे। सरकार द्वारा निर्धारित की गई शर्तों को पूरा करने वाले गैर-मान्यता प्राप्त मदरसों को मान्यता देने के लिए यह सर्वेक्षण किया जा रहा है। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री धर्मपाल सिंह ने मीडिया से हुई बातचीत में कहा है कि जितने भी मदरसे गैर-मान्यता प्राप्त पाए गए हैं उनको लेकर अब एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति फैसला करेगी।

गौरतलब है कि सभी जिलाधिकारी आगामी 15 नवंबर तक मदरसों के सर्वे को लेकर अपनी रिपोर्ट सौंपेगें। इसके बाद ही गैर-मान्यता प्राप्त मदरसों की अंतिम सूची जारी की जाएगी।

इस मामले में, उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष इफ्तिखार अहमद जावेद ने कहा है कि गैर-मान्यता प्राप्त मदरसों को लेकर सटीक संख्या सामने आने में अभी समय लगेगा। हालाँकि, अनुमान के हिसाब से लगभग 7500 ऐसे मदरसे हैं, जिनका सर्वे गुरुवार (27 अक्टूबर, 2022) तक 75 जिलों की टीमों द्वारा किया गया था।

उन्होंने कहा, “उत्तर प्रदेश में 16,513 मान्यता प्राप्त मदरसे हैं, जिनमें से 560 को शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को वेतन के रूप में सरकारी अनुदान दिया जा रहा था। 560 मदरसों के शिक्षण कर्मचारियों का वेतनमान केंद्र सरकार के स्कूलों के समान है।”

उल्लेखनीय है कि मदरसा आधुनिकीकरण योजनाके तहत 744 मदरसों को शिक्षा मित्र के लिए अनुदान दिया जाता है। साथ ही सभी मान्यता प्राप्त मदरसों के मेधावी छात्रों को छात्रवृत्ति भी प्रदान किया जाता है।

मदरसों को उचित कक्षाओं, छात्रों के लिए फर्नीचर, पीने का पानी, पंखे, लाइट, शौचालय और अन्य ऐसे ही बुनियादी सुविधाओं व सरकार द्वारा अनिवार्य मानदंडों को पूरा करने के लिए अनुदान दिया जा रहा था। मदरसे शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारी दोनों के वेतन के लिए भी आवेदन कर सकते हैं। एक सरकारी प्रवक्ता के अनुसार, गोरखपुर में 150, लखनऊ, आजमगढ़, वाराणसी और मऊ में 100, अलीगढ़ में 90, कानपुर में 85, प्रयागराज में 70 और आगरा में 35 गैर-मान्यता प्राप्त मदरसे हैं।

उत्तर प्रदेश सरकार ने 1 सितंबर को घोषणा की थी कि वह राज्य के गैर-मान्यता प्राप्त मदरसों का सर्वे कराएगी ताकि शिक्षकों और छात्रों के विवरण, पाठ्यक्रम और किसी भी गैर-सरकारी संगठन से इसकी संबद्धता जैसी जानकारी का पता लगाया जा सके।

अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा था कि यह सर्वे राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) की आवश्यकताओं के अनुसार किया जाएगा। जिसमें, छात्रों को प्रदान की जाने वाली बुनियादी सुविधाओं की जाँच की जाएगी। मंत्री ने आगे कहा था कि इस सर्वे से मदरसे का नाम और इसे चलाने वाली संस्था का नाम, चाहे वह निजी या किराए के भवन में चलाया जाता हो और पीने का पानी, फर्नीचर, बिजली तथा शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं के बारे में जानकारी इकट्ठा करने में मदद मिलेगी।

‘हवाला के पैसे से गुजरात में चुनाव लड़ रही AAP, दिल्ली-पंजाब से भेजा जा रहा काला धन’: चुनाव से पहले ‘अंगड़िया’ पर फँसी केजरीवाल की पार्टी

गुजरात में आगामी विधानसभा चुनावों की गहमागहमी में राज्य सरकार के गृहमंत्री हर्ष संघवी ने आम आदमी पार्टी (AAP) पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि आम आदमी पार्टी ने गुजरात में दिल्ली और पंजाब सहित अन्य माध्यमों से हवाला का पैसा गुजरात चुनावों के लिए भेजा है।

बकौल हर्ष संघवी काला धन भेजने के लिए अंगड़िया का भी तरीका प्रयोग में लाया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गुजरात के गृहमंत्री ने दावा किया कि पार्टी द्वारा चुनावों के लिए भेजे गए काले धन का कुछ हिस्सा बरामद हो चुका है। इसके लिए उन्होंने बारडोली और अहमदाबाद में हुई कार्रवाई का हवाला दिया।

इसी एक साथ उन्होंने कहा कि बारडोली से आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार ने यह बात कबूली भी है कि बरामद काला धन उसे दिल्ली के पार्टी कार्यालय से भेजा गया। उन्होंने अपील भी की है कि आप पार्टी के बड़े नेताओं से बरामद काले धन का सोर्स पूछा जाए।

जानकारी के मुताबिक अंगड़िया लेन-देन की एक पुरानी प्रणाली है। इसे बैंकिंग के समांतर माना जाता है। इस सिस्टम में व्यापारी ‘अंगड़िया’ नाम के एक व्यक्ति के माध्यम से एक प्रदेश से दूसरे प्रदेश में कैश भेजते हैं। इस सिस्टम को अधिकतर ज्वेलर्स कारोबारी प्रयोग करते हैं।

हवाला कनेक्शन का खुलासा

कुछ दिन पहले गुजरात के सूरत में 20 लाख रुपए की लूट का मामला प्रकाश में आया था। लुटेरों ने सौरभ पराशर नाम के शख्स की गाड़ी से यह रुपए चुराए थे। लेकिन एक आदिल मेमन नाम के शख्स ने उन लुटेरों को सही समय पर पकड़कर सारा पैसा पुलिस को दे दिया। पुलिस ने जाँच की तो पता चला कि सौरभ पराशर बड़दोली विधानसभा के AAP प्रत्याशी राजेंद्र सोलंकी का ड्राइवर है।

हालाँकि सोलंकी से पूछताछ हुई तो उन्होंने बताया कि सौरभ उनका ड्राइवर नहीं है बल्कि दूसरे राज्य का AAP कार्यकर्ता है। पुलिस ने आगे छानबीन की तो पता चला कि आम आदमी पार्टी ने 182 विधानसभा सीटों पर चुनाव के लिए 30 लोग बाहर से हायर किए थे ताकि वो पार्टी का खर्चा उठाने के लिए हवाला लेन-देन कर सकें। सौरभ उन्हीं में से एक था।

इसी साल के अंत में हैं चुनाव

गौरतलब है कि गुजरात विधानसभा की 182 सीटों के लिए इसी साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं। पहले के चुनावों में भाजपा और कॉन्ग्रेस की सीधी टक्कर हुआ करती थी लेकिन इस बार आम आदमी पार्टी ने भी इन चुनावों में ताल ठोंकी है। पिछले 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 99 सीटें जीत कर सरकार बनाई थी। दूसरे नंबर पर रही कॉन्ग्रेस को 77 सीटों पर जीत मिली थी।