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दुर्गा विसर्जन के वक्त दो पक्षों में पथराव, लाठी-डंडे भी चले: छत्तीसगढ़ पुलिस पर मौके से गायब होने के आरोप, सफाई में कहा- हमने पूरी रात ड्यूटी की

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर (Bilaspur) से दुर्गा विसर्जन के दौरान दो पक्षों के बीच पथराव की खबर सामने आई है। पत्थरबाजी में दोनों पक्ष के कई लोग घायल हो गए हैं। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस दौरान दोनों तरफ से विसर्जन में लगे वाहनों और डीजे पर जमकर तोड़फोड़ की गई। डीजे पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है।

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो में देख सकते हैं कि कैसे ये लोग लाठी, डंडे व रॉड लेकर तोड़फोड़ और पथराव कर रहे हैं। युवकों की भीड़ डीजे और गाड़ियों में भी तोड़फोड़ करती हुई दिख रही हैं। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। कहा रहा है कि यह पथराव काफी देर चला। उस वक्त पुलिस यहाँ से गायब रही।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, हर वर्ष दशहरे (Dussehra) के दूसरे दिन बिलासपुर में झाँकी निकालकर माँ दुर्गा का विसर्जन किया जाता है। गुरुवार (6 अक्टूबर 2022) रात को भी शहर के गोल बाजार से लेकर पचरी घाट तक विसर्जन की तैयारियाँ की गई थी। साथ ही देवकीनंदन चौक से लेकर जूना बिलासपुर तक जगह-जगह झाँकियाँ सजाई हुई थी। झाँकी देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग यहाँ पहुँचे थे। लेकिन दुर्गा विसर्जन के दौरान शनिचरी बाजार और कुदुदंड दुर्गोत्सव समिति के लोगों के बीच शुक्रवार (7 अक्टूबर 2022) सुबह करीब 4 बजे मामूली विवाद मारपीट बदल गया।

इसके बाद करीब 6 बजे फिर से दूसरे पक्ष ने हमला कर दिया। दोनों तरफ से जमकर पत्थरबाजी की गई। यही नहीं दोनों पक्षों ने लाठी और रॉड से भी एक-दूसरे पर हमला किया। दोनों गुटों के लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। बताया जा रहा है कि जिस समय दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ उस वक्त पुलिस वहाँ से गायब थी। जबकि पुलिस अफसर यहाँ पूरी रात ड्यूटी करने का दावा कर रहे हैं। एडिशनल SP सिटी राजेंद्र जायसवाल ने कहा कि जब यह घटना हुई, उससे कुछ देर पहले ही वह वहाँ से निकले थे। तब सब कुछ ठीक था। जब वे थाने में आकर बैठे थे, तभी उन्हें इस घटना की सूचना मिली।

डकैती, ड्रग्स और फिर कत्ल: 11 साल की सजा काट निकला था जीसस मैनुअल, पैसों के लिए सिख परिवार को मारा, पकड़े जाने पर सुसाइड का प्रयास

अमेरिका के कैलिफोर्निया में सिख परिवार के चार सदस्यों को किडनैप करने और उनकी हत्या करने वाले को गुरुवार (6 अक्टूबर 2022) देर रात गिरफ्तार कर लिया गया।

मर्सिड काउंटी शेरिफ कार्यालय (Merced County Sheriff’s Office) के प्रवक्ता एलेक्जेंड्रा ब्रिटन (Alexandra Britton) ने बताया कि जीसस मैनुअल सालगाडो को बच्ची समेत चार लोगों का अपहरण करने और उनकी हत्या करने के मामले में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इसकी फोटो भी जारी की है।

48 वर्षीय सालगाडो पर 8 महीने की आरोही, उसके माता-पिता जसलीन कौर, जसदीप सिंह और चाचा अमनदीप सिंह के अपहरण और हत्या का आरोप है। शेरिफ कार्यालय ने अपने बयान में कहा कि उसे मर्सिड काउंटी जेल में रखा गया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस वारदात को जीसस मैनुअल नामक ऐसे शख्स ने अंजाम दिया जो हथियार के दम पर लूटपाट करने के मामले में दोषी ठहराया गया था और उसे 11 साल की सजा हुई थी। मर्सिड काउंटी के शेरिफ ने कहा कि अब तक इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है कि आरोपित ने परिवार को किडनैप क्यों किया था।

बताया जा रहा है कि सालगाडो पेशेवर अपराधी है। उसे कई मामलों में दोषी ठहराया गया है। पिछले मामले में उसे जनवरी 2007 में डकैती मामले में 11 साल की सजा सुनाई गई थी। जून 2015 में वह पैरोल पर बाहर आया था। इसके बाद जून 2018 में उसे जेल से रिहा कर दिया गया था। बताया जा रहा है कि आरोपित के ऊपर ड्रग्स आदि रखने का भी आरोप है

काउंटी के शेरिफ ने कहा कि उसका पिछला रिकॉर्ड इस बात की ओर इशारा करता है कि ये जघन्य अपराध पैसों के लिए किया गया है। उन्होंने कहा कि मंगलवार (4 अक्टूबर 2022) की सुबह मर्सिड काउंटी शेरिफ ऑफिस को सूचना मिली थी कि अगवा किए गए परिवार के एटीएम कार्डों में से एक का इस्तेमाल एटवाटर में एक एटीएम में किया गया है।

जाँच कर रहे अधिकारियों ने एटीएम कार्ड इस्तेमाल करने वाले व्यक्ति की तस्वीर सीसीटीवी फुटेज से निकाली। वह तस्वीर अपहृतों के ऑफिस से प्राप्त अपहरणकर्ता की तस्वीर के जैसे थी। इसके बाद अन्य स्थानीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर शेरिफ कार्यालय की टीम 48 वर्षीय आरोपित को 4 अक्टूबर को पूछताछ के लिए हिरासत में लेने गई। लेकिन वहाँ आरोपित ने सुसाइड का प्रयास किया। इस घटना के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसकी हालत नाजुक है।

गौरतलब है कि बंदूक की नोक पर अगवा की गई एक बच्ची और परिवार के तीन अन्य सदस्य एक बगीचे में मृत पाए गए थे। सिख परिवार पंजाब के होशियारपुर के टांडा के हरसी गाँव का रहने वाला था। उनका अमेरिका में ट्रांसपोर्ट बिजनेस था। परिवार का अपहरण 3 अक्टूबर 2022 को किया गया था और इनकी गाड़ी बीच सड़क पर जली हुई मिली थी।

इस घटना का वीडियो भी सामने आया था। वीडियो में एक बंदूकधारी शख्स को चारों लोगों को किडनैप करते हुए देखा गया था। वीडियो में दिख रहा था कि पहले जसदीप और अमनदीप को घर से हाथ बाँधकर बाहर निकाला गया। इसके बाद बंदूकधारी जसलीन और आठ माह की बच्ची को बाहर लाता दिखा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक मैनुअल ने सिख परिवार के तीन लोगों को गोली से मारा जबकि बच्ची को उसने भूख से तड़पाकर मारा।

दुमका में फिर सोती हुई 19 साल की लड़की को पेट्रोल डालकर जलाया, इलाज के दौरान मौत: मृतका से दोबारा शादी करना चाहता था शादीशुदा आरोपित

झारखंड में एक बार फिर हैवानियत का खेल खेला गया है। दुमका में एक शादीशुदा युवक ने दूसरी शादी करने से इनकार करने पर एक युवती पर पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया। गंभीर हालत में लड़की को राँची के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उसकी मौत हो गई। आरोपित राजेश राउत को गिरफ्तार कर लिया गया है।

घटना दुमका जिले के जरमुंडी इलाके की भालकी गाँव की है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार (6 अक्टूबर 2022) की रात 19 साल की मारुति कुमारी नाम की युवती अपनी नानी के साथ सो रही थी। उसी दौरान आरोपित राजेश घर में घुस आया और लड़की पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। इसके बाद परिजन लड़की को लेकर तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुँचे, जहाँ से उसे राजधानी राँची भेज दिया गया।

लगभग 70 प्रतिशत झुलसी लड़की ने मौत से पहले अधिकारियों को बताया कि राजेश उससे जबरदस्ती शादी करना चाहता था। उसने मना किया तो गुरुवार की रात दरवाजे की कुंडी वह तोड़कर अंदर घुस आया और पेट्रोल डालकर आग लगा दी। पाकुड़ जिले के महेशपुर थाना क्षेत्र के रामगढ़ के रहने वाले राजेश की इसी साल शादी हुई थी। इसके बाद भी वह पीड़िता पर शादी का दबाव बना रहा था, लेकिन युवती के परिजन इसके लिए तैयार नहीं थे।

लड़की अपने मामा के घर रहकर स्नातक की तैयारी कर रही थी। साल 2021 (कुछ मीडिया में साल 2019) में उसकी मुलाकात आरोपी राजेश से हुई थी और दोनों एक दूसरे से अच्छी तरह परिचित थे। इस बीच युवक की शादी हो गई। इसके बाद युवती के परिजन भी उसकी शादी के लिए लड़का तलाशने लगी।

हालाँकि, राजेश शादी होने के बावजूद युवती पर दोबारा शादी के लिए दबाव बना रहा था। हालाँकि, युवती के परिजन इसके लिए तैयार नहीं हुए। परिजनों के अनुसार, राजेश अक्सर मारुति से कहता था, “मैं तुमसे भी शादी करूँगा और तुम शादी नहीं करोगी तो दुमका कांड की तरह तुम्हें भी पेट्रोल डालकर जला दूँगा।”

कुछ दिन बाद उसने अपनी धमकी को सही कर दिया। आरोपित ने सोती हुई लड़की पर पेट्रोल डालकर आग लगा दिया और मौके से फरार हो गया। जिला प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़िता को के परिवार को एक लाख रुपए की सहायता राशि दी है। 

बता दें कि इससे पहले इसी साल अगस्त में दुमका में शाहरुख नाम के लड़के ने एकतरफा प्यार में अंकिता नाम की एक लड़की को जिंदा जला दिया था। उसने सोती हुई अंकिता के कमरे में खिड़की से पेट्रोल फेंका था। कुछ दिन बाद इलाज दौरान 12वीं में पढ़ने वाली 19 साल की उस युवती की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद खूब बवाल हुआ था।

राम मंदिर 2024 तक हो जाएगा पूरा तैयार, 50% काम कंप्लीट: राजस्थान के पावनधाम में CM योगी का ऐलान, याद दिलाते हुए बोले- लोग कहते थे परिणाम नहीं आएगा…

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में बन रहे मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के मंदिर को लेकर बड़ा बयान दिया है। राजस्थान में आयोजित हुए एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा है कि राम मंदिर निर्माण का कार्य 50 प्रतिशत तक पूरा कर लिया गया है।

मुख्यमंत्री योगी ने यह भी कहा है कि मंदिर ट्रस्ट के अनुसार, रामलला की मूर्ति को 2024 में मकर संक्रांति के दिन मंदिर के गर्भगृह में रखे जाने की संभावना है। साथ ही, मंदिर साल 2024 के अंत तक पूरी तरह से तैयार हो जाएगा।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार (6 अक्टूबर 2022) को राजस्थान के जयपुर में पावनधाम श्रीपंचखण्ड पीठ में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने पहुँचे थे। इस कार्यक्रम में उन्होंने कहा श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन 1949 में शुरू हुआ था। साल 1983 में राम जन्मभूमि समिति के गठन के बाद आंदोलन आगे बढ़ा। पूरे देश में इस आंदोलन को विश्व हिंदू परिषद के नेतृत्व में संतों ने धार दी थी।

उन्होंने यह भी कहा, “बहुत सारे लोग कहते थे कि परिणाम कुछ नहीं आने वाला है। लेकिन हम तो भगवान श्रीकृष्ण के ‘कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन’ के उद्देश्य में विश्वास करते हैं और पूज्य संतों ने अपने आंदोलन के माध्यम से इसे साबित किया है और परिणाम तो आना ही आना था। आज अयोध्या में भव्य राम मंदिर का काम शुरू हो चुका है। पीएम मोदी ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का काम आगे बढ़ाया। अब तक निर्माण का काम 50 फीसदी से आगे बढ़ चुका है।”

राम मंदिर निर्माण के लिए गठित संस्था श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुसार, विशेषज्ञों द्वारा पेश की गई रिपोर्ट के आधार पर एक अनुमान लगाया है। जिसके अनुसार, राम मंदिर निर्माण में करीब 1800 करोड़ रुपए खर्च होंगे। चूँकि, इस मंदिर में 2024 की मकर संक्रांति तक रामलला की मूर्ति की स्थापना किए जाने की संभावना है। ऐसे में, इस मंदिर का काम तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। ताकि समय रहते निर्धारित लक्ष्य तक का काम पूरा किया जा सके।

गौरतलब है, राम मंदिर का पूरा परिसर 70 एकड़ में फैला हुआ है। जिसमें से मंदिर परिसर की 50 एकड़ भूमि पर फैली हरियाली के बीच रामायण कालीन कई ऐसे वृक्ष भी दिखाई देंगे, जिनका उल्लेख वाल्मीकि रामायण में भी मिलता है। इन वृक्षों के रोपड़ के लिए शोध कार्य भी चल रहा है। दरअसल, शोध यह जानने के लिए किया जा रहा है कि उस समय के कितने पेड़-पौधों को श्री राम जन्मभूमि परिसर में लगाया जा सकता है।

ज्ञानवापी के ‘शिवलिंग’ की जाँच पर 11 अक्टूबर को फैसला: मुस्लिम पक्ष ने ‘कार्बन डेटिंग’ का विरोध किया, अगली सुनवाई में देना होगा जवाब

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के वाराणसी (Varanasi) स्थित ज्ञानवापी श्रृंगार गौरी (Gyanvapi Shringar Gauri) मामले में अगली सुनवाई अदालत 11 अक्तूबर को करेगी। ढाँचे के वजूखाने में मिले शिवलिंग की कार्बन डेटिंग कराने का फैसला भी उसी दिन हो सकता है। 

बता दें कि ज्ञानवापी ढाँचे के वजूखाने में मिले शिवलिंग की प्राचीनता का पता लगाने के लिए मामले में वादी चार महिलाओं ने कार्बन डेटिंग द्वारा जाँच कराने की माँग की है। वहीं, शिवलिंग को फव्वारा बताने वाला प्रतिवादी मुस्लिम पक्ष ने इसकी कार्बन डेटिंग कराने का विरोध किया है।

न्यायालय ने वादी पक्ष से पूछा कि कार्बन डेटिंग से उस स्थान का क्षरण तो नहीं होगा। इस वादी पक्ष ने वैज्ञानिक पद्धति से जाँच की माँग की। मुस्लिम पक्ष ने इस पर आपत्ति की है। इस पर अदालत ने स्पष्टीकरण माँगा तो अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी ने इसके लिए वक्त माँगा है।

इस मामले में हिंदू पक्ष के अधिवक्ता विष्णु जैन ने कहा, “हमने कोर्ट को कहा कि यह (शिवलिंग) हमारे मुकदमे की संपत्ति का हिस्सा है और सीपीसी (नागरिक प्रक्रिया संहिता) के आदेश 26 नियम 10 ए के आधार पर अदालत को वैज्ञानिक जांच को निर्देशित करने की शक्ति है।”

गौरतलब है कि श्रृंगार गौरी-ज्ञानवापी में वादी राखी सिंह ने शिवलिंग की कार्बन डेटिंग का विरोध किया था। उन्होंने कहा था, “शिवलिंग की कार्बन डेटिंग धर्म विरोधी कार्य है और सभी सनातनियों की भावनाओं और विश्वासों का मजाक है।”

उधर, वकील विष्णु जैन ने बताया कि उन्होंने शिवलिंग की कार्बन डेटिंग की माँग नहीं की है। जैन ने कहा कि उन्होंने इसके लिए ASI की एक विशेषज्ञ कमिटी बनाकर जाँच करने की माँग की थी। अगर शिवलिंग के आसपास कार्बन पार्टिकल्स मिलते हैं तो उसकी जाँच की जा सकती है। इससे पता चलेगा कि यह शिवलिंग कितना पुराना है।

मुस्लिम पक्ष 11 अक्तूबर को अपना जवाब कोर्ट के सामने दाखिल करेगा। इस मामले की वादी राखी सिंह द्वारा दाखिल कर्माइकल लाइब्रेरी में मिली गणेश लक्ष्मी की प्रतिमा को संरक्षित करने के आवेदन पर भी 11 अक्टूबर को ही सुनवाई होगी।

बता दें कि शुक्रवार (7 अक्टूबर 2022) को न्यायालय में शोक के चलते अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य नहीं करने का प्रस्ताव पास किया है। इसके चलते आज न्यायालय में इस मामले में कोई कार्यवाही नहीं हुई।

जिन वीर सावरकर को ‘देशद्रोही’ बुलाते रहे राहुल गाँधी, उनके पोस्टर ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में फिर दिखे: कॉन्ग्रेस ने पल्ला झाड़ा, अज्ञात लोगों पर शिकायत दर्ज कराई

कॉन्ग्रेस की तथाकथित ‘भारत जोड़ो’ यात्रा के एक पोस्टर में वीर सावरकर के साथ राहुल गाँधी, कर्नाटक कॉन्ग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष डीके शिवकुमार और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की फोटो लगाई गई है। यह पोस्टर कर्नाटक के मांड्या जिले में लगा है। गौरतलब हो कि इससे पहले कॉन्ग्रेस पार्टी बीते कुछ वर्षों में महान स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर का लगातार अपमान करती आ रही थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इन पोस्टर्स पर वीर सावरकर की फोटो लगाने का श्रेय कॉन्ग्रेस के शांति नगर विधायक नलपद अहमद हारिस को दिया जा रहा है। हालाँकि, हारिस ने कहा है कि कॉन्ग्रेस पार्टी के सदस्यों ने ये पोस्टर नहीं लगाए हैं बल्कि किसी और ने जानबूझकर पोस्टर लगाए हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एक आधिकारिक शिकायत दर्ज कराते हुए मामले की जाँच करने की माँग की जाएगी।

कॉन्ग्रेस के पोस्टर में वीर सावरकर की फोटो होने पर भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कॉन्ग्रेस पर निशाना साधा है। पूनावाला ने ट्वीट कर कहा “केरल के बाद अब कर्नाटक, सावरकर जी के पोस्टर कॉन्ग्रेस की ‘भारत जोड़ो’ में फिर से दिखाई दे रहे हैं। इससे स्पष्ट है कि ‘भारत जोड़ो’ केवल वीर सावरकर की विचारधारा से ही हो सकता है। कॉन्ग्रेस इसके लिए बदमाशों को दोष दे सकती है लेकिन सच्चाई हमेशा सामने आती है।”

इसके अलावा, आंध्र प्रदेश के भाजपा नेता विष्णु वर्धन रेड्डी ने भी इस पर व्यंग्यात्मक ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा  “कर्नाटक में कॉन्ग्रेस ने वीर सावरकर के पोस्टर लगवाए हैं यह बेहद दिलचस्प है। ऐसा लगता है कि उनके कुछ कार्यकर्ताओं ने वास्तविक इतिहास पढ़ा है और गाँधी-नेहरू परिवार के बाहर भी सोचते हैं।”

गौरतलब है, इससे पहले गत 21 सितंबर को भी ऐसी ही एक घटना केरल में हुई थी। जहाँ, अलुवा में कॉन्ग्रेस नेताओं ने ‘भारत जोड़ो’ यात्रा के दौरान वीर सावरकर का पोस्टर लगाया था। उस बैनर में वीर सावरकर सहित कई स्वतंत्रता सेनानियों की तस्वीरें शामिल थीं।

हालाँकि, उस पोस्टर के बाद कॉन्ग्रेस ने यह कहा था कि पोस्टर में प्रिटिंग के दौरान गलती हुई है। कॉन्ग्रेस की ओर से तर्क दिया गया था कि वह स्वतंत्रता सेनानियों की तस्वीरें लगाना चाहते थे लेकिन उनसे गलती हो गई। पार्टी की ओर से यह भी कहा गया था कि बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं ने इंटरनेट से तस्वीरें ली थीं और पोस्टर छापने से पहले क्रॉस-चेक नहीं किया गया था। 

केरल में वीर सावरकर की फोटो वाले पोस्टर्स पर शहजाद पूनावाला चुटकी लेते हुए कहा था “उफ्फ, ऐसा लगता है कि राहुल (गाँधी) द्वारा इतिहास को झुठलाने के प्रयास कारगर नहीं हुए हैं। जिस वीर सावरकर के खिलाफ राहुल झूठ बोल रहे हैं, उस झूठ का पर्दाफाश अलुवा और एर्नाकुलम में ‘भारत जोड़ो’ यात्रा पर लगे पोस्टर से हो चुका है। जिन्हें बाद भी छिपाने की कोशिश की गई। सावरकर जिंदाबाद।”

उन्होंने अपने अलगे ट्वीट में लिखा “राहुल जी, आप कितनी भी कोशिश कर लें। इतिहास और सच्चाई सामने आ ही जाती है। सावरकर वीर थे। छुपाने वाले ‘कायर’ हैं।”

उल्लेखनीय है कि राहुल गाँधी समेत कॉन्ग्रेस के तमाम नेताओं ने बार-बार महान क्रांतिकारी और स्वतंत्रता सेनानी स्वातंत्र्यवीर सावरकर का अपमान किया है। कॉन्ग्रेस नेताओं ने वीर सावरकर के अंडमान जेल में रहने के दौरान अंग्रेजों को दी गई ‘दया याचिकाओं’ के लिए ‘देशद्रोही’ कहा है। वीर सावरकर साल 1911 से साल 1921 तक अंडमान की सेल्युलर जेल में बंद थे। कॉन्ग्रेस नेताओं ने यह कभी माना ही नहीं कि सावरकर ने देश को स्वतंत्रता के लिए अंग्रेजों से लड़ाई लड़ी है बल्कि उन्होंने सावरकर को सिर्फ ‘माफी माँगने वाला’ बताया है।

कॉन्ग्रेस की तथाकथित ‘भारत जोड़ो’ यात्रा के रास्ते सत्ता में वापसी का स्वप्न संजोने वाले राहुल गाँधी ने भी कई बार महान क्रांतिकारी वीर सावरकर का अपमान किया है। साल 2019 में उन्होंने नई दिल्ली में ‘भारत बचाओ रैली’ को संबोधित करते हुए अपने भाषण में बेवजह वीर सावरकर का नाम घसीटा था। इस भाषण के दौरान उन्होंने देश में रेप की घटनाओं के बारे में बोलते हुए कहा था कि सच्चाई को छुपाने के लिए वह राहुल गाँधी हैं न कि ‘राहुल सावरकर’।

यही नहीं, मार्च 2022 में केरल में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने वीर सावरकर को ‘देशद्रोही’ करार दिया था। संसद भवन में वीर सावरकर की तस्वीर के सामने गाँधी जी की तस्वीर लगाने पर भाजपा की तीखी आलोचना करते हुए राहुल गाँधी ने कहा था कि देशद्रोही कभी देशभक्त नहीं हो सकता। “एक देशभक्त गलती करके देशद्रोही बन सकता है। लेकिन देशद्रोही कभी देशभक्त नहीं हो सकता। वही वीर सावरकर थे। बीजेपी महात्मा गांधी, सरदार पटेल, अंबेडकर, सुभाष चंद्र बोस पर नाटक करती है क्योंकि उनके नेता देशद्रोही थे।

नहीं मानूँगा राम-कृष्ण को भगवान, न पिंडदान करूँगा… दिल्ली में 10 हजार हिन्दुओं का धर्मांतरण, केजरीवाल के मंत्री ने भी मंच पर चढ़कर ली ‘हिन्दूविरोधी’ शपथ

दिल्ली सरकार के मंत्री राजेंद्र पाल गौतम (Rajendra Pal Gautam) को बुधवार (5 अक्टूबर 2022) को बौद्ध महासभा के कार्यक्रम में देखा गया, जहाँ 10000 हिंदुओं का बौद्ध धर्म में धर्मांतरण किया गया। बौद्ध सोसाइटी ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित विवादास्पद कार्यक्रम नई दिल्ली के झंडेवालान में डॉ. बीआर अंबेडकर भवन में आयोजित किया गया था।

सीमापुरी विधानसभा क्षेत्र से आम आदमी पार्टी के विधायक गौतम ने इस कार्यक्रम की जानकारी देते हुए अपने ट्विटर हैंडल पर इसकी कुछ तस्वीरें साझा की हैं। उन्होंने लिखा, “आज मिशन जय भीम के तत्वाधान में अशोका विजयदशमी पर डॉ. अंबेडकर भवन रानी झाँसी रोड पर 10000 से ज्यादा बुद्धिजीवियों ने तथागत गौतम बुद्ध के धाम में घर वापसी कर जाति विहीन और छुआछूत मुक्त भारत बनाने की शपथ ली। नमो बुद्धाय, जय भीम!”

ट्वीट का आर्काइव वर्जन लिंक पर क्लिक करके देखा जा सकता है।

जय भीम मिशन कार्यक्रम में 10 हजार लोगों को शपथ दिलाई गई कि वे हिन्दू देवी-देवताओं की पूजा नहीं करेंगे। इस दौरान यह कहते हुए सुना गया, “मैं हिंदू धर्म के देवी देवताओं ब्रह्मा, विष्णु, महेश, श्रीराम और श्रीकृष्ण को भगवान नहीं मानूँगा, न ही उनकी पूजा करूँगा। मुझे राम और कृष्ण में कोई विश्वास नहीं होगा, जिन्हें भगवान का अवतार माना जाता है।” यह शपथ बीआर अंबेडकर की विवादास्पद 22 प्रतिज्ञाओं से काफी मिलती-जुलती थी।

इस दौरान यह भी कहते हुए सुना गया, “मैं इस बात को नहीं मानता और न ही मानूँगा कि भगवान बुद्ध विष्णु के अवतार थे। मैं इसे केवल पागलपन और झूठा प्रचार मानता हूँ। मैं श्राद्ध नहीं करूँगा और न ही पिंडदान करूँगा।”

भगवा वस्त्र पहने हुए व्यक्ति ने इस शपथ को जारी रखा, “मैं ब्राह्मणों द्वारा किसी भी समारोह को करने की अनुमति नहीं दूँगा। मैं हिंदू धर्म का त्याग करता हूँ, जो मानवता के लिए हानिकारक और उनके विकास में बाधक है, क्योंकि यह असमानता पर आधारित है। मैं बौद्ध धर्म को अपना धर्म स्वीकार करता हूँ।”

कार्यक्रम के दौरान, ‘आप’ के मंत्री राजेंद्र पाल गौतम इन विवादास्पद लाइनों को दोहराते हुए और उस व्यक्ति के साथ मंच साझा करते हुए दिखाई दिए।

बाद में, उन्होंने अपने भाषण में हिंदुओं से अपने धर्म का त्याग करने और डॉ. अंबेडकर के मार्ग पर चलने का आग्रह किया। गौतम ने कहा, “यदि आप देशद्रोही नहीं कहलाना चाहते हैं, तो हमें बीआर अंबेडकर के इस संदेश को हर घर में फैलाने की जरूरत है। यदि जाति प्रकृति ने बनाई है, तो फ्रांस, चीन, कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड में कोई जाति क्यों नहीं है? इस जाति व्यवस्था से किसे फायदा हुआ और सबसे ज्यादा नुकसान किसको हुआ? बीआर अंबेडकर को इस बीमारी की दवा मिल गई थी और अब हम इसे फैला रहे हैं।”

इस दौरान ‘आप’ नेता ने अन्य देशों में को लेकर अपनी अज्ञानता साबित करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी।

राजेंद्र पाल गौतम ने इस बात पर भी अफसोस जताया कि कैसे बीआर अंबेडकर की बौद्ध धर्म अपनाने के एक महीने के भीतर ही मृत्यु हो गई थी और वह पूरे देश को बदल नहीं पाए। धम्मचक्र प्रवर्तन दिन के रूप में मनाए जाने वाले, 14 अक्टूबर, 1956 को अंबेडकर ने 3,80,000 अनुयायियों के साथ बौद्ध धर्म अपना लिया था।

आम आदमी पार्टी का हिन्दू विरोधी चेहरा

इस साल मार्च में अरविंद केजरीवाल ने विवेक अग्निहोत्री की फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ की आलोचना करने के बहाने दिल्ली विधानसभा में अपने संबोधन के दौरान हिंदुओं के नरसंहार का मजाक उड़ाया था। उन्होंने कहा था कि यह कल्पनाओं पर आधारित एक झूठी फिल्म है।

‘आप’ सुप्रीमो ने इससे पहले खुद को ‘हनुमान भक्त’ के रूप में रीब्रांड करने की कोशिश की थी। उस समय, नेटिज़न्स ने बताया कि कैसे उन्होंने राजनीतिक बयान देने के लिए हिंदुओं का मजाक उड़ाया था। जनवरी 2020 में जब जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में सेमेस्टर फॉर्म को लेकर वामपंथियों ने एबीवीपी के छात्रों पर हमला किया था, तब केजरीवाल ने एक आपत्तिजनक कार्टून साझा किया था। उसमें भगवान हनुमान को विश्वविद्यालय परिसर में आग लगाते हुए दिखाया गया था।

इसी तरह 2019 के आम चुनावों से पहले केजरीवाल ने एक तस्वीर साझा की, जिसमें एक व्यक्ति झाड़ू लेकर स्वस्तिक चिन्ह को मारता हुआ दिखाई दे रहा था।

अरविंद केजरीवाल के ट्वीट का स्क्रीनशॉट

अगस्त 2020 में, AAP के आधिकारिक ट्विटर हैंडल ने सिक्किम में कंचनजंगा, कामेट पीक और उत्तराखंड में नंदा देवी पहाड़ियों की तस्वीरें साझा कीं और दिल्ली के गाजीपुर में एक विशाल लैंडफिल के साथ समानताएँ बताई। विवादित ट्वीट के साथ कैप्शन लिखा था, “भारत के सबसे ऊँचे पहाड़।”

‘आप’ के ट्वीट का स्क्रीनशॉट

2018 में, AAP सुप्रीमो जानबूझकर विश्वविद्यालयों और मंदिरों के निर्माण को लेकर निम्नस्तरीय राजनीति करते हुए दिखाई दिए, ताकि लोगों में यह संदेश जा सके कि मंदिर के निर्माण से देश का विकास नहीं हो पाएगा।

2014 में भी, उन्होंने राम मंदिर को लेकर पोस्ट किया था, “मेरा राम किसी की मस्जिद तोड़कर बनाए मंदिर में नहीं बस सकता।”

‘आप’ के फेसबुक पेज का स्क्रीनशॉट

आपके सामने आम आदमी पार्टी के इतने सारे उदाहरण हैं, जब उन्होंने हिंदुओं को नीचा दिखाने की कोशिश की। ऐसे में ‘आप’ मंत्री राजेंद्र पाल गौतम का धर्मांतरण कार्यक्रम में शामिल होना कोई हैरानी की बात नहीं है।

पंजाब के ‘मोहाली ब्लास्ट’ का मुख्य आरोपित गिरफ्तार, 5 महीने बाद पकड़ में आया: खालिस्तानी आतंकी और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI से निकले संबंध

मोहाली (Mohali) स्थित पंजाब पुलिस इंटेलिजेंस मुख्यालय (Punjab Police Intelligence Head Quarter) में पर रॉकेट लॉन्चर (RPG Attack) से हमला के मामले में दिल्ली पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल (Special Cell, Delhi Police) ने इस मामले में हमले के वांछित मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर लिया है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, हमलावर नाबालिग है और इसका पाकिस्तान की कुख्यात खुफिया एजेंसी ISI से संबंध है। पकड़ा गया आरोपित उत्तर प्रदेश के फैजाबाद का रहने वाला है। नाबालिग आरोपित पाकिस्तान में रहने वाले खालिस्तान समर्थक लखबीर और हरविंदर सिंह रिंदा के संपर्क में था। रिंदा ने स्थानीय गैंगस्टर का इस्तेमाल कर इस हमले को अंजाम दिलवाया था।

मोहाली के हेडक्वार्टर पर हमले से पहले 2 लोगों ने रेकी की थी। इसकी तस्वीरें CCTV कैमरे में कैद हो गई थीं। इनमें से एक आरोपित दीपक झज्जर का रहने वाला है। वह पहले गिरफ्तार किया जा चुका है। दीपक कई बार जेल जा चुका है। उस पर यू.पी. दिल्ली हरियाणा, राजस्थान, झज्जर आदि जेलों में  बहुत सारे मामले दर्ज है। दूसरा आरोपित उत्तर प्रदेश के फैजाबाद का है, जो अब गिरफ्तार किया गया है।

कहा जा रहा है कि इनका एक और साथी है, जिसका नाम चढ़त सिंह बताया जा रहा है। वह अभी फरार है। उसे पकड़ने के लिए पुलिस की दबिश जारी है। चढ़त सिंह भी इस मामले अहम कड़ी है। रिपोर्ट के अनुसार, चढ़त सिंह शाहाबाद में 15 अगस्त को बड़ी घटना को अंजाम देने की साजिश कर रहा था, जो नाकाम हो गई थी। इस दौरान आरोपित नछ्तर सिंह पकड़ लिया गया था।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा नाबालिग से लगातार पूछताछ जारी है। कहा जा रहा है कि उसने पूछताछ में कई अहम और चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। जानकारी के अनुसार, यह नाबालिग ही घटना का मास्टरमाइंड है। इसकी गिरफ्तारी के बाद पूछताछ से मिली सूचना के बाद 3 से 4 बड़े मामले सुलझने के आसार हैं।

इस हमले के बाद पुलिस ने फरीदकोट के रहने वाले निशान सिंह को गिरफ्तार किया था। निशान की निशानदेही पर उसके साले सोनू को भी फरीदकोट से गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में निशान ने बताया था कि उसने हमलावरों को लॉजिस्टिक प्रोवाइड करवाया था। इसमें सोनू ने भी मदद की थी। निशान ने पूछताछ में बताया था कि उसे रॉकेट चालित ग्रेनेड (RPG) तरनतारन और अमृतसर के बीच तीन लोगों ने सौंपा था।

पंजाब पुलिस ने इस हमले में आतंकवादी संगठन ‘बब्बर खालसा इंटरनेशनल’ और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) की मिलीभगत बताई थी। डीजीपी ने मीडिया से कहा था कि इस हमले के पीछे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI का हाथ है।

बता दें कि मोहाली स्थित मुख्यालय पर हमले की घटना 9 मई शाम 7:30 बजे के आसपास की है। मोहाली स्थित पंजाब पुलिस इंटेलिजेंस मुख्यालय पर संदिग्ध रॉकेट लॉन्चर से हमला किया गया था। हमले के बाद इलाके में हड़कंप मच गया था। बाद में पुलिस ने पूरे इलाके को सील कर दिया। जाँच में पाया गया कि यह रॉकेट प्रोपेट ग्रेनेड है। इसे पंजाब पुलिस की इंटेलिजेंस विभाग की हेडक्वार्टर बिल्डिंग की तीसरी मंजिल पर फेंका गया था।

कपड़े उतारे, चेहरा ढका, उल्टा करके मार लगाई: पाकिस्तान में अकरम से मजदूरी माँगने गई हिन्दू महिला का 7 लोगों ने किया गैंगरेप, डॉक्टर ने इलाज करने से मना किया

पाकिस्तान में रहने वाले अल्पसंख्यक वर्ग खासतौर से हिन्दुओं की हालात बेहद खराब हैं। वहाँ, आए दिन मुस्लिमों द्वारा हिन्दुओं को प्रताड़ित किया जा रहा है। इस प्रताड़ना में, न केवल धार्मिक अधिकारों का हनन बल्कि ईशनिंदा, जबरन धर्मांतरण, हिंसा और बलात्कार किया जा रहा है। ऐसी ही एक घटना पाकिस्तान के पंजाब से सामने आई है। जहाँ, मुस्लिम जमींदार ने हिन्दू महिला के साथ सामूहिक बलात्कार कर उसे जमकर पीटा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान के पंजाब राज्य अंतर्गत बहावलपुर में मजदूर गंगाराम की पत्नी मुस्लिम जमींदार मोहम्मद अकरम के पास अपनी मजदूरी माँगने गई थी। जहाँ, उसे धमकाकर भगा दिया गया। इसके बाद अकरम हथियार लेकर महिला के घर गया और अपहरण कर अपने एक ठिकाने पर ले गया। जहाँ, 6-7 लोगों ने मिलकर उसका बलात्कार किया। इसके बाद भी मन नहीं भरा तो उसे उल्टा लटकर पिटाई की गई है।

पीड़िता का कहना है, “वह अकरम के पास मजदूरी लेने गई थी लेकिन मजदूरी देने के बजाए उसने कहा कि अगर उसने पैसे माँगे तो मार देंगे। इसके बाद अकरम उसके घर गया और अपहरण करने के बाद एक अज्ञात जगह पर ले गया। जहाँ, उसने कपड़े निकाल दिए और चेहरा ढक दिया था। इसके बाद उल्टा लटकाकर लगातार पिटाई की है।”

कहा जा रहा है कि जो डॉक्टर पीड़िता का इलाज कर रहा है उस पर अकरम दवाब डालकर मामले को छिपाने का प्रयास कर रहा है। फिलहाल, इस मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इससे पहले जब महिला को अस्पताल ले जाया गया था तो वहाँ डॉक्टर ने उसका इलाज करने से इनकार करते हुए मेडिकल सार्टिफिकेट देने से भी मना कर दिया था।

हालाँकि, इस घटना के सामने आने के तुरंत बाद, पाकिस्तान में रहने वाला स्थानीय हिन्दू समुदाय महिला पर हुए इस अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाते हुए सड़कों पर उतर आया है। आंदोलन कर रहे हिन्दुओं ने इस मामले की निष्पक्ष जाँच की माँग करते हुए सभी आरोपितों और डॉक्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की है।

महाराष्ट्र की शिंदे सरकार ने ₹513 करोड़ का दिया दिवाली पैकेज: 1.5 करोड़ राशन कार्ड धारकों को सिर्फ 100 रुपए में मिलेगा तेल, रवा, चीनी और दाल

महाराष्ट्र (Maharashtra) की मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की सरकार (CM Eknath Shinde Government) ने राज्य के लोगों को 513 करोड़ रुपए के दिवाली तोहफे की घोषणा की है। इसके लिए राज्य सरकार ने प्रस्ताव जारी किया है।

राज्य सरकार के इस फैसले से प्रदेश के 1.5 करोड़ राशन कार्ड धारकों को फायदा मिलेगा। इस स्पेशल दिवाली पैकेज के अन्‍तर्गत 100 रुपए में एक लीटर ताड़ का तेल, एक-एक किलो रवा, चीनी और चने की दाल मिलेंगे। इन चारों वस्तुओं का पैकेट केवल 100 रुपए में राशन की दुकान में मिलेगा।

इस पैकेज के लिए महाराष्ट्र सरकार ने 513 करोड़ रुपए आवंटित कर दिए हैं। इस घोषणा से दो दिन पहले राज्य मंत्रिमंडल में इस प्रस्ताव को अनुमोदित किया था। सरकार के इस इस निर्णय से 1 करोड़ 70 लाख परिवारों को सीधा लाभ पहुँचेगा। इस पैकेज को महीने की किसी तारीख को खरीदा जा सकता है।  

इसके पहले शिंदे सरकार ने राज्य की जनता के लिए 700 हेल्थ क्लीनिक खोलने का ऐलान किया था। ये हेल्थ क्लीनिक शिवसेना (Shiv Sena) के संस्थापक बाल ठाकरे (Bal Thackeray) के नाम पर खोले जाएँगे। इन्हें ‘आपला दवाखाना’ के नाम से जाना जाएगा। इसके साथ ही राज्य के प्रत्येक जिले में मेडिकल कॉलेज खोलने का भी फैसला लिया गया है।