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नुपूर शर्मा पर चर्चा कर रहे थे BJYM नेता, कट्टरपंथी भीड़ ने पीछे से हमला बोला: हाथ में रॉड और धारदार हथियार, दोस्तों की बदौलत बचे

उत्तर प्रेश में भारतीय जनता पार्टी के यूथ विंग के नेता अभिषेक सिंह राठौर पर कट्टरपंथियों ने हमला किया। BJYM नेता ने ट्विटर पर घटना की जानकारी देते हुए बताया कि चूँकि उन्होंने नुपूर शर्मा मामले पर बात की इसलिए मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने ‘सर तन से जुदा’ का नारा लगाते हुए उनके ऊपर जानलेवा हमला किया

ऑपइंडिया ने इस घटना की जानकारी होने पर अभिषेक से संपर्क किया। वह बिहार के चंपारण के रहने वाले हैं। घटना के दिन वह नोएडा सेक्टर 44 में रेस्टोरेंट में जा रहे थे। तभी, उन्होंने देखा कुछ लोग इकट्ठा होकर राजनैतिक चर्चा कर रहे थे, वह भी उस चर्चा का हिस्सा बने।

अभिषेक ने कहा, “मैं राजनीति से जुड़ा हूँ तो मुझे लगा कि मुझको मेरे विचार साझा करने चाहिए। मैंने वहाँ कई मुद्दों पर बात की, उसी में नुपूर शर्मा का विवाद भी था।” अभिषेक के अनुसार वह चर्चा के बाद वहाँ से निकल गए लेकिन कुछ ही देर में दर्जनों लोग रॉड और धारदार हथियार लेकर उन्हें मारने आ गए।

अभिषेक बताते हैं कि उनके ऊपर पीछे से हमला हुआ। हमलावरों में दो का नाम अमजद और राशिद था। पीड़ित के मुताबिक ये सारे लोग उस समय वहीं थे जब वो नुपूर शर्मा मामले पर बात कर रहे थे। उनके विचार सुनने के बाद ही कट्टरपंथियों ने उनके ऊपर हमला किया।

इस दौरान भाजपा के युवा नेता को उनके दो दोस्तों ने बचाया और उनको अस्पताल लेकर गए। वहाँ उन्हें इमरजेंसी में इलाज मिला। फिर पुलिस को भी घटना के बारे में सूचित किया गया।

फिलहाल अभिषेक अस्पताल से डिस्चार्ज किए जा चुके हैं। उन्होंने नोएडा एसीपी को लिखित शिकायत दी है। मामले में जाँच जारी है। डीएसपी नोएडा ने अभिषेक के आरोपों वाली वीडियो पर ट्वीट करके कहा कि जाँच में अभी पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन अभिषेक द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर मामला दर्ज करके आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।

याद दिला दें कि नुपूर शर्मा के टीवी पर की गई टिप्पणी के बाद कट्टरपंथियों ने न केवल उनको जान से मारने की धमकियाँ दी बल्कि उन लोगों को भी मारा जो उनके समर्थन में बोलते, अपने विचार प्रकट करते, नुपूर की फोटो लगाते दिखे। अलकायदा भी इस संबंध में बयान जारी कर दिल्ली, मुंबई, यूपी और गुजरात में धमकियाँ दे चुका है।

जॉब के बदले जमीन, ज्वॉइनिंग सिर्फ 3 दिन में: CBI ने लालू यादव के खिलाफ दायर की चार्जशीट, पत्नी और बेटियों को भी बनाया आरोपित

बिहार की सत्ताधारी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) और उनके परिवार की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने Land for Job घोटाले में चार्जशीट दाखिल किया है। इसमें लालू यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी (Rabri Devi), और बेटी मीसा भारती (Misa Bharti) और हेमा यादव (Hema Yadav) सहित 16 लोगों को आरोपित बनाया गया है।

विशेष सीबीआई कोर्ट में दाखिल चार्जशीट में रेलवे की पूर्व जेनरल मैनेजर सौम्या राघवन (Soumya Raghavan) को भी आरोपित बनाया गया है। सौम्या रेलवे बोर्ड के फाइनांशियल कमिश्नर के पद से सेवानिवृत हुई हैं। आरोपितों में नौकरी हासिल करने वाले सात लोगों के भी नाम हैं।

आरोप पत्र में कहा गया है कि रेलवे में नौकरी देने के बदले लोगों से जमीन रिश्वत के रूप में ली गई थी। इन जमीनों का अधिग्रहण सर्किल रेट से कम और मार्केट रेट से काफी कम रेट पर किया गया था। ये जमीन राबड़ी देवी और उनकी बेटियों भारती एवं हेमा यादव के नाम पर ट्रांसफर किया गया था।

बता दें कि जिस समय यह घोटाला हुआ था, उस समय लालू प्रसाद यादव यूपीए शासनकाल में रेलमंत्री थे। उस समय नौकरी के देने बदले लालू प्रसाद यादव के परिजनों को पटना में करीब 1.05 लाख वर्ग फुट जमीन अधिग्रहित की गई थी।

इस घोटाले में बिना विज्ञापन निकाले रिश्वत देने वाले अभ्यार्थियों को तीन दिन के अंदर रेलवे में नौकरी दे दी गई थी। इतना ही नहीं, इन उम्मीदवारों ने नौकरी के लिए झूठे स्थानांतरण प्रमाण पत्र का इस्तेमाल किया है और रेल मंत्रालय में झूठे प्रमाणित दस्तावेज भी जमा कराए थे।

इस मामले में सीबीआई ने मई महीने में लालू यादव और उनके परिजनों के दिल्ली और पटना के 16 ठिकानों पर छापेमारी की थी। पटना में अधिकारियों ने राबड़ी देवी और तेज प्रताप यादव से अलग-अलग कमरों में पूछताछ की। पूछताछ के लिए 3-3 अफसरों की दो टीमें बनाई गई। दिल्ली में मीसा भारती के आवास पर लालू यादव से CBI के एसपी और डीएसपी स्तर के अफसरों ने पूछताछ की।

जुलाई 2022 में सीबीआई ने लालू प्रसाद यादव के पूर्व OSD भोला यादव को गिरफ्तार कर लिया था। भोला यादव 2004 से 2009 तक लालू यादव के ओएसडी रहे। लालू यादव उस वक्त केंद्रीय रेल मंत्री थे। उसी समय रेलवे भर्ती घोटाला हुआ था। आरोप है कि भोला यादव ही घोटाले का कथित सरगना है।

भोला यादव राजद से विधायक और विधान पार्षद भी रहे हैं। वह लालू यादव के बेहद करीबी माने जाते हैं। कहा जाता है कि लालू प्रसाद का अधिकतर राज भोला यादव को पता है। भोला यादव को लालू यादव का ‘हनुमान’ कहा जाता है। वह चारा घोटाले समेत कई मामले में फँसे लालू यादव के साथ अदालत और अस्पताल हर जगह मौजूद रहते हैं। उन पर भी आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है।

क्या है मामला

रेलमंत्री रहने के दौरान लालू यादव ने साल 2004-2009 के दौरान रेलवे के समूह ‘डी’ में नौकरी देने के बदले अपने परिवार और करीबी लोगों के नाम पर जमीनें ली थीं। ये सारी जमीनें पटना में स्थित हैं। ये जमीन लालू यादव के परिवार द्वारा संचालित कंपनी के नाम पर उपहार के तौर पर लिया गया था।

दरअसल, रेलवे में इन नियुक्तियों के लिए कोई विज्ञापन या सार्वजनिक नोटिस नहीं निकाला गया था। इसके बावजूद पटना के जिन लोगों से जमीनें ली गईं उन्हें जबलपुर, कोलकाता, जयपुर और हाजीपुर में नियुक्ति दे दी गई।

‘मेरे कंधे पर हाथ फेरे…गंदी गालियाँ बकीं’ : 2 कॉन्ग्रेसी विधायकों पर ट्रेन में महिला को छेड़ने के आरोप, FIR होने पर बोले- इल्जाम गलत है, हमने उसकी शक्ल भी नहीं देखी

मध्यप्रदेश में कॉन्ग्रेस के दो नेताओं के ऊपर ट्रेन में एक महिला यात्री से बदसलूकी करने के आरोप लगे हैं। कॉन्ग्रेसी नेताओं के नाम सिद्धार्थ कुशवाहा (सतना विधायक) और सुनील सर्राफ (कोतमा) है। महिला का आरोप है कि ये दोनों नेता नशे में धुत उनकी बर्थ के पास आए और उनसे बदसलूकी की गई।

महिला की शिकायत

शिकायत में महिला ने बताया कि वह 6 अक्टूबर 2022 को रेवांचल एक्सप्रेस से रीवा स्टेशन से रानी कमलापति स्टेशन जा रही थी। उसकी रिजर्वेशन एसी कोच में थी जहाँ वह अपने 7 माह के बच्चे के साथ बैठी थीं। महिला के मुताबिक, रात के करीब 11.50 पर सामने वाली बर्थ पर दोनों विधायक आए और फिर साइड वाली बर्थ पर बैठकर खाना खाया। इसके बाद दोनों बात करते हुए गंदी-गंदी गालियाँ देने लगे।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, महिला ने आगे शिकायत में कहा, “उन्होंने मेरे कंधे को टच करके मुझे उठाया। कहने लगे मैडम आपने खाना खाया है या नहीं। मैंने कुछ नहीं कहा। वे दोनों नशे की हालत में बुरी नीयत से देख रहे थे। मेरे कंधे पर हाथ फेरते हुए बकवास कर रहे थे। मैंने कहा कि मेरा बेटा सो रहा है, गाली-गलौज मत करिए। उन्होंने जब मेरी बात नहीं सुनी तो मैंने अपने पति को कॉल कर पूरी घटना बताई।”

इसके बाद महिला के पति ने घटना की शिकायत सागर पुलिस में और रेल मंत्री को ट्वीट करके दी। शिकायत पर संज्ञान लेते हुए सागर पुलिस ने देर रात महिला के पास जीआरपी को भेजा और उन्हें दूसरी सीट पर ट्रांसफर किया गया।

पीड़िता के अनुसार, जब वह जा रही थीं तब भी सुनील सर्राफ ने कहा, “आप क्यों जा रही हो, क्यों परेशान हो रही हो।” महिला ने उनकी शिकायत TTE और सागर पुलिस से की। उन्होंने अपील की कि उन लोगों को ट्रेन से नीचे उतारकर कार्रवाई की जाए। हालाँकि उस समय ऐसा नहीं हुआ।

कॉन्ग्रेस नेताओं ने दी सफाई

बता दें कि पूरे घटनाक्रम में शिकायत होने के बाद सतना विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा ने कहा, “नशे में धुत रहने के जो आरोप मुझ पर लगाए गए हैं, वह गलत हैं, ऐसा कुछ भी नहीं है। मेरे जानने वाले बता देंगे कि मैं शराब नहीं पीता। उस दिन भी हम नशे में नहीं थे। हमने तो अपने कंपार्टमेंट की लाइट तक भी नहीं जलाई थी, क्योंकि बच्चा सो रहा था। हमने उन्हें अपनी सीट भी दी थी।”

वहीं सुनील सर्राफ ने बताया कि महिला खुद सिद्धार्थ कुशवाहा की बर्थ पर लेटी थी। ऐसी में उन्होंने बस ये पूछा कि उनकी बर्थ कौन सी है। इसके अलावा उन्होंने कुछ नहीं पूछा। वह कहते हैं कि उनका ट्रेन में सफर रोज होता है, उनकी उम्र 50 की हो गई है, विधायक होकर ये सब करेंगे क्या। उनके मुताबिक महिला का बच्चा सो रहा था इसलिए उन लोगों ने छोटी लाइट में खाना खाया।

विधायक सुनील सर्राफ के मुताबिक, “महिला अगर ऐसा कह रही है तो यह पाप है। हम लोगों ने तो उसका चेहरा भी नहीं देखा। ये सब साजिश लग रहा है वरना महिला ने शिकायत देते हुए हमारी उम्र,और हमारा विधानसभा क्षेत्र तक लिखवाया है। उसे कैसे पता चला कि हम लोगों की उम्र क्या है। कौन सा विधानसभा क्षेत्र है।”

भाजपा ने कॉन्ग्रेस के चरित्र पर सवाल उठाए

उल्लेखनीय है कि इस मामले में शिकायत के बाद सागर थाने में आईपीसी की धारा 354 के तहत छेड़खानी का मुकदमा दर्ज हुआ है। आगे कार्रवाई चल रही है। इस बीच भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष ने कॉन्ग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि कॉन्ग्रेस विधायकों ने ट्रेन में एक बहन के साथ छेड़छाड़ की है। प्रियंका गाँधी इस पर जवाब दें कि वो अब क्यों उस बेटी के लिए आगे नहीं आ रहीं। उन्होंने कहा कि पार्टी का असली चेहरा ही यही है।

बांग्लादेश में फिर हिंदू मंदिर पर हमला: ब्रिटिशकालीन मंदिर में घुस कट्टरपंथियों ने माँ काली की प्रतिमा को तोड़ा, सिर को आधा किलोमीटर दूर सड़क पर फेंका

बांग्लादेश में हिंदुओं के प्रति नफरत के कारण उन पर और उनके पूजास्थलों पर हमले की घटनाएँ लगातार बढ़ती जा रही हैं। शुक्रवार (7 अक्टूबर 2022) को इस्लामी कट्टरपंथियों ने एक बार फिर एक काली मंदिर पर हमला कर मूर्तियों को खंडित कर दिया। प्रतिमा के टुकड़े को आधा किलोमीटर दूर फेंक दिया।

बांग्लादेश के झेनैदाह जिले के दौतिया गाँव में एक ब्रिटिशकालीन एक काली मंदिर है। शुक्रवार को कट्टरपंथी मंदिर में घुसे और प्रतिमा के सिर को तोड़ दिया और उसे ले जाकर लगभग आधा किलोमीटर दूर सड़क पर फेंक दिया। इस मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। उधर, पुलिस का कहना है कि वह मामले की जाँच कर रही है।

मंदिर समिति के अध्यक्ष सुकुमार कुंडा ने बताया कि इस मंदिर में अंग्रेजों के जमाने से पूजा होती आ रही है। इधर कुछ दिनों से मंदिरों पर बढ़े हैं, फिर भी इस मंदिर में कोई सुरक्षा व्यवस्था का उपाय नहीं किया गया था।

कुंडा ने कहा कि सुबह 3-4 बजे के हमलावर मंदिर में घुसे और सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने के कारण बिना किसी डर के मूर्तियों को खंडित कर गए। उन्होंने कहा कि इस हमले में किसी व्यक्ति को नुकसान नहीं पहुँचा है। हमले की सूचना पुलिस को दी गई है।

बांग्लादेश पूजा सेलिब्रेशन काउंसल के जनरल सेक्रेटरी और ढाका यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर चंदनाथ पोद्दार बताया कि बांग्लादेश में 10 दिवसीय दुर्गा पूजा खत्म होने के 24 घंटे के अंदर यह घटना हुई है। झेनैदाह के ASP अमित कुमार बर्मन ने कहा कि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जाँच शुरू कर दी गई है। अज्ञात लोगों के खिलाफ तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

पिछले साल भी दुर्गा पूजा के दौरान चाँदपुर जिले में भीड़ ने हिंदू मंदिर पर हमला कर मूर्तियों को खंडित कर दिया था। इसके साथ ही 3 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हमले के बाद बांग्लादेश हिंदू यूनिटी काउंसिल ने प्रधानमंत्री शेख हसीना से अल्पसंख्यक समुदाय को सुरक्षा उपलब्ध कराने की माँग की थी।

मुस्लिम बहुल बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले की घटनाएँ आम बात हैं। इतना ही नहीं, वहाँ नाबालिग हिंदू लड़कियों के अपहरण और बलात्कार की घटनाएँ भी आती रहती हैं। लगातार प्रताड़ना की वजह से बांग्लादेश में हिंदुओं की संख्या घटती जा रही है। वहाँ की 16.9 करोड़ आबादी में हिंदुओं की संख्या करीब 10 फीसदी है।

सजा पूरी होने पर भी भारतीयों को नहीं छोड़ रहा पाकिस्तान, जेल में ही हो रही हैं मौतें: पिछले 9 महीनों में 6 कैदियों ने दम तोड़ा, MEA चिंतित

भारत के प्रति पाकिस्तान की दुर्भावना जगजाहिर है, लेकिन वहाँ की जेलों में बंद भारतीय कैदियों को सजा पूरी करने के बाद भी रिहा नहीं कर रहा है। इतना ही नहीं, सजा पूरी कर चुके कैदियों की पाकिस्तान की जेलों में मौत में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इसको लेकर भारत ने चिंता जाहिर की है और पाकिस्तान के संपर्क में है।

सजा पूरी करने के बाद भी पाकिस्तान में जेलों में बंद ऐसे 6 भारतीय कैदियों की पिछले 9 महीनों में मौत हो चुकी है। हालाँकि, ये मौत किस प्रकार हुई, इसका विवरण मंत्रालय ने नहीं दिया है, लेकिन जिस तरह वहाँ की जेलों में भारतीय कैदियों को टॉर्चर किया जाता है, इससे लगता है कि वे सामान्य हालत में नहीं रहे होंगे।

शायद यही कारण है कि सजा पूरी करने के बाद भी इन कैदियों को पाकिस्तान रिहा नहीं करता है कि कहीं उसके द्वारा किए जा रहे मानवाधिकारों का उल्लंघन सामने ना आ जाए। हालाँकि, भारत इन कैदियों को वहाँ की जेलों से छुड़ाने का लगातार कोशिश करता रहता है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने बताया कि हाल के दिनों में पाकिस्तानी जेलों में बंद भारतीय मछुआरों की मौतों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। पाकिस्तान की जेलों में मारे गए 6 कैदियों में 5 मछुआरे हैं। बागची ने बताया कि कैदियों ने अपनी सजा पूरी कर ली थी, फिर भी पाकिस्तान ने उन्हें रिहा नहीं किया।

अरिंदम बागची ने कहा, “भारतीय कैदियों की मौत की ये बढ़ती घटनाएँ चिंताजनक हैं और पाकिस्तानी जेलों में उनकी सुरक्षा और सुरक्षा पर सवाल उठाती हैं। यह एक बड़ी और लगातार चलने की समस्या है। पाकिस्तान की कस्टडी में मरे 6 कैदियों में 5 मछुआरे हैं।”

मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, “हम दोहराना चाहेंगे कि पाकिस्तान अपनी हिरासत में सभी भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बाध्य है और हम अनुरोध करते हैं कि पाकिस्तान सरकार एक बार फिर सभी भारतीयों को तुरंत रिहा करे और उन्हें वापस सौंपे।”

बागची ने कहा कि पाकिस्तान ने इन भारतीय कैदियों को अवैध रूप से जेलों में बंद कर रखा। ये पहले ही अपनी सजा पूरी कर चुके थे। भारत ने इन मछुआरों को जेलों से रिहा कर भारत को सौंपने की कई बार माँग की थी, लेकिन पाकिस्तान इस पर कोई भी प्रतिक्रिया नहीं देता।

इससे पहले अगस्त में केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री (MoS) वी मुरलीधरन ने कहा था कि सरकार ने भारतीय मछुआरों की सुरक्षा को हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता दी है और पाकिस्तानी हिरासत से उनकी जल्द रिहाई के लिए सभी सहायता प्रदान की जा रही है।

उन्होंने आगे कहा था कि पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा भारतीय मछुआरों की गिरफ्तारी और उनकी मछली पकड़ने वाली नौकाओं को जब्त करने के मामलों को बार-बार पाकिस्तान सरकार के साथ उठाया जाता है और यह बताया जाता है कि इस मुद्दे पर मानवीय और आजीविका के आधार पर विचार किया जा सकता है।

बता दें कि 20 जून 2022 को पाकिस्तान ने अटारी वाघा सीमा के माध्यम से 20 भारतीय मछुआरों को रिहा कर भारत भेजा था। ये मछुआरे अनजाने में पाकिस्तानी जलक्षेत्र में प्रवेश कर गए थे। इसके लिए उन्हें चार साल की सजा हुई और सजा काटने के बाद उन्हें जेल से रिहा कर दिया गया था।

हालाँकि, पाकिस्तान भारत पर संभवत: दबाव बनाए रखने के लिए मछुआरों सहित सजा पूरी कर लिए सभी भारतीय कैदियों को रिहा नहीं करता है। ऐसे भी कई मामले आए हैं, जिनमें भारतीय सीमा में होने के बावजूद इन मछुआरों का अपहरण करने का आरोप पाकिस्तानी सैनिकों पर लगा है।

महसा अमिनी की मौत का कारण बीमारी थी, पिटाई से कुछ नहीं हुआ: जिस लड़की को हिजाब सही से न पहनने पर पुलिस ने मारा, उस पर ईरान ने दी सफाई

ईरान में बीते दिनों हिजाब ढंग से न पहनने के कारण हुई महसा अमिनी की हत्या के बाद वहाँ लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं। तमाम वीडियोज सामने आ चुके हैं जो बताते हैं कि महसा को कितनी बेरहमी से पीटा गया। बावजूद इन प्रमाणों के ईरान के एक संगठन ने अपना बयान जारी कर दावा किया है कि महसा की मौत पीटे जाने के कारण नहीं बल्कि बीमारी से हुई।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, महसा अमीनी की मौत के तीन सप्ताह बाद ईरान के फोरेंसिक संगठन ने एक रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि महसा की मौत बीमारी की वजह से हुई थी न कि उसकी मौत का कारण पुलिस हिरासत में हुई मारपीट है। इस मेडिकल रिपोर्ट में कहा गया है उसकी मौत आठ साल की उम्र में हुई ब्रेन ट्यूमर की सर्जरी से जुड़ी हुई थी।

बता दें, गत 13 सितंबर को हिजाब न पहनने की वजह से महसा अमीनी को मॉरल पुलिस ने गिरफ्तार किया था। तीन दिन बाद यानी 16 सितंबर को पुलिस कस्टडी में ही उसकी मौत हो गई थी। इसके बाद से ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन शुरू हुए। जो कि सरकार की दमनकारी नीतियों के कारण हिसंक होते चले गए।

ईरान के लगभग हर शहर में महिलाएँ मॉरल पुलिसिंग और हिजाब कानून के खिलाफ सड़कों पर उतर रही हैं। ईरान में महिलाएँ सरकार के लिए मुश्किल का सबसे बड़ा सबब बन गई हैं। न तो वो हिजाब पहनने को तैयार हैं और न ही बाल ढंकने को तैयार हैं।

हिजाब विरोधी प्रदर्शन से ईरानी सरकार पूरी तरह परेशान हो चुकी है। प्रदर्शनों से घबराई हुई इब्राहिम रईसी सरकार दमन पर उतारू है। कट्टरपंथी इस्लामिक विचारधारा वाली सरकार ने कुछ दिन पहले ईरान में इंटरनेट भी बंद कर दिया था। ऐसा कहा जा रहा है कि ईरान में बीच-बीच में कभी भी इंटरनेट बंद किया जा रहा है। यही कारण है कि वहाँ से काफी कम जानकारी सामने आ रही है।

गौरतलब है कि 16 सितंबर से शुरू हुए यह आंदोलन अब विकराल रूप धारण करता जा रहा है। प्रदर्शनकारी हिजाब की बाध्यता दूर करने की माँग को लेकर डटे हुए हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वह अंतिम सांस तक अपने अधिकारों के लिए लड़ते रहेंगे। यब प्रदर्शन अब ईरान के सभी 31 प्रांतों के 164 शहरों में फैल गया है। इस प्रदर्शन के दौरान, अब तक 15000 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जबकि, करीब 100 लोगों की मौत हो चुकी है।

चेकिंग के दौरान UP पुलिस से भागा शूटर दानिश, रोकने पर फायरिंग की: मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार, छानबीन में अवैध हथियार बरामद

नोएडा फिल्म सिटी में शुक्रवार (7 अक्टूबर 2022) को पुलिस और बदमाश के बीच मुठभेड़ हुई है। इस मुठभेड़ में पुलिस ने छेनू गैंग के एक बदमाश को गिरफ्तार किया है। बदमाश की पहचान दानिश उर्फ सयार उर्फ चीता के रूप में हुई है। दानिश पर दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में 20 से अधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने उसके पास से चोरी की बाइक, अवैध हथियार और लूट के मोबाइल बरामद किए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस स्थानीय ब्रह्मपुत्र मार्केट के पास चेकिंग कर रही थी। इस दौरान, पुलिस ने एक संदिग्ध को रुकने के लिए कहा लेकिन वह भागने लगा और इसके बाद उसने पुलिस पर फायरिंग भी कर दी। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की जिसमें दानिश घायल हो गया। इसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया।

इस मामले में, नोएडा एडीसीपी आशुतोष द्विवेदी ने कहा, “शुक्रवार सुबह ब्रह्मपुत्र मार्केट के पास पुलिस जाँच अभियान चला रही रही थी। इस दौरान, एक संदिग्ध को देखकर पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया लेकिन वह भागने लगा। जिसके बाद पुलिस ने उसका पीछा किया।”

उन्होंने आगे बताया, “पुलिस ने उसका पीछा करते हुए उसे नोएडा के सेक्टर 16A फिल्म सिटी में बने बिजली घर के पास एक खाली बिल्डिंग के पास रोका। जहाँ, उसने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जिसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए फायरिंग की जिसमें वह घायल हो गया और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके पास से अवैध हथियार, लूटे गए 4 मोबाइल फोन व चोरी की बाइक बरामद किए हैं।”

एडीसीपी द्विवेदी ने यह भी कहा है पुलिस ने दानिश के सहयोगी का पता लगाने के लिए तलाश अभियान शुरू किया है। उसका सहयोगी शुक्रवार सुबह उसके साथ ही था, लेकिन फिर फरार हो गया है। उसे भी जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।

एडीसीपी आशुतोष द्विवेदी का कहना है कि गिरफ्तार आरोपित दानिश, छेनू गैंग का शार्प शूटर रहा है। दिल्ली-एनसीआर में उस पर 20 से अधिक मामले दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस इस अभियुक्त के पुराने सभी मामलों की भी जानकारी कर रही है और यह भी देखा जा रहा है कि दिल्ली एनसीआर में दर्ज मामलों के अलावा यह किन-किन मामलों में वांछित था।

छत्तीसगढ़ का कॉन्ग्रेस नेता शाहनवाज 16 साल की नाबालिग लड़की को लेकर गया होटल, 6 लोगों ने मिलकर किया गैंगरेप: 4 गिरफ्तार, 2 फरार

छत्तीसगढ़ के महेंद्रगढ़ (Mahendragarh, Chhattisgarh) जिले में 16 साल की एक नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म (Gangrape) के मामले में पुलिस ने यूथ कॉन्ग्रेस (Youth Congress) के जिला अध्यक्ष मोहम्मद शाहनवाज सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।

घटना महेंद्रगढ़ के चिरमिरी कस्बे की है। इस कस्बे की नाबालिग लड़की को चार महीना पहले कॉन्ग्रेस नेता शाहनवाज सहित 6 लोग लोग बिलासपुर के एक होटल में लेकर गए। वहाँ सबने नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। उस दौरान नाबालिग ने डर से मामला दर्ज नहीं कराया था।

पीड़िता की शिकायत के आधार पर चिरमिरी पुलिस ने भारतीय दण्ड संहिता (IPC) की धारा 363, 366A, 376D और पॉक्सो ऐक्ट (POCSO Act) की धारा 46 के तहत केस दर्ज किया है। इन धाराओं के तहत FIR दर्ज कर पुलिस ने शाहनवाज और तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, दो अपराधी अभी भी फरार है। उनकी तलाश की जा रही है।

बता दें कि इसी साल 25 मार्च को राजनांदगांव के चिखली थाने के अंतर्गत एक शादीशुदा महिला ने शहर कॉन्ग्रेस कमिटी के सचिव विकास गजभिये के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था। महिला विकास की पड़ोसी है। शिकायत में महिला ने कॉन्ग्रेस नेता पर उसके पति की हत्या की धमकी देने का भी आरोप लगाया था। इसके बाद बाद आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया था।

CM केजरीवाल और AAP मंत्री कर रहे दंगा भड़काने की कोशिश: 10 हजार हिन्दुओं के धर्मांतरण की Video देख भड़की BJP, दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज

भारतीय जनता पार्टी दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने शुक्रवार (7 अगस्त 2022) को आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल और राजेंद्र पाल गौतम के खिलाफ दंगा भड़काने की कोशिश करने के आरोप में शिकायत दर्ज कराई है।

आदेश गुप्ता ने यह शिकायत धर्मांतरण कार्यक्रम के दौरान ली गई शपथ में उपयोग किए गए शब्दों के आधार पर की है। उक्त धर्मांतरण कार्यक्रम में, 10 हजार हिन्दुओं को बौद्ध धर्म में धर्मांतरित किया गया है।

दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने राजेंद्र पाल गौतम के खिलाफ संसद मार्ग थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने अपनी शिकायत में केजरीवाल और गौतम पर हिंदुओं के खिलाफ बड़े पैमाने पर आम जनता को भड़काने तथा बाद में अंबेडकर भवन में बयान देकर उन्हें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करके दंगा, हिंसा और सार्वजनिक उपद्रव भड़काने की कोशिश करने का आरोप लगाया है।

आदेश गुप्ता ने शिकायत में कहा है, “अरविंद केजरीवाल ने राजेन्द्र पाल गौतम और अन्य व्यक्तियों के साथ मिलकर साजिश रचते हए धर्मांतरण के वीडियो को सोशल मीडिया में फैलाकर तनावपूर्ण स्थिति पैदा की है। यह देखा है सकता है कि वीडियो और इससे जुड़े पोस्ट आपराधिक प्रकृति के हैं। जिनका उद्देश्य धर्म के आधार पर देश को विभाजित करना है। जिसके बाद, विभाग धर्मों के बीच हिंसा, दंगे और दुश्मनी का माहौल बन गया है।”

इस शिकायत में यह भी कहा गया है, “यदि इस मामले की जाँच विशेष जाँच दल द्वारा की जाती है और इसके पीछे साजिश और मकसद का पता लगाने के लिए उचित कदम उठाए जाते हैं तो मैं आपका आभारी रहूँगा।”

दरअसल, दिल्ली सरकार के मंत्री राजेंद्र पाल गौतम बुधवार (5 अक्टूबर 2022) को दिल्ली में आयोजित एक धर्मांतरण कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इस कार्यक्रम में 10 हजार हिंदुओं को बौद्ध धर्म मे धर्मांतरित किया गया है। इस कार्यक्रम का वीडियो दिल्ली बीजेपी ने शेयर किया था।

इस वीडियो में आप (AAP) मंत्री समेत कई अन्य लोगों को शपथ लेते हुए दिखाया गया है। “मैं हिंदू धर्म के देवी देवताओं ब्रह्मा, विष्णु, महेश, श्रीराम और श्रीकृष्ण को भगवान नहीं मानूँगा, न ही उनकी पूजा करूँगा। मुझे राम और कृष्ण में कोई विश्वास नहीं होगा, जिन्हें भगवान का अवतार माना जाता है।” यह शपथ बीआर अंबेडकर की विवादास्पद 22 प्रतिज्ञाओं से काफी मिलती-जुलती थी।

इस दौरान यह भी कहते हुए सुना गया, “मैं इस बात को नहीं मानता और न ही मानूँगा कि भगवान बुद्ध विष्णु के अवतार थे। मैं इसे केवल पागलपन और झूठा प्रचार मानता हूँ। मैं श्राद्ध नहीं करूँगा और न ही पिंडदान करूँगा।”

भगवा वस्त्र पहने हुए एक व्यक्ति ने इस शपथ में आगे कहा है, “मैं ब्राह्मणों द्वारा किसी भी समारोह को करने की अनुमति नहीं दूँगा। मैं हिंदू धर्म का त्याग करता हूँ, जो मानवता के लिए हानिकारक और उनके विकास में बाधक है, क्योंकि यह असमानता पर आधारित है। मैं बौद्ध धर्म को अपना धर्म स्वीकार करता हूँ।”

इससे पहले, भाजपा दिल्ली अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने ट्वीट कर कहा था, “हिंदू विरोधी दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री ने हजारों लोगों के मध्य हिंदू देवी-देवताओं का अपमान किया है, यह क्षमा योग्य नहीं है। क्या किसी भी धर्म के प्रति ऐसे जहर उगलने की इजाजत आप के मंत्रियों को है? अरविंद केजरीवाल अगर जरा भी शर्म बची है तो ऐसे मंत्री को बर्खास्त करो।”

दुर्गा मूर्ति विसर्जित कर लौट रहा था अंकुर, बीच रास्ते में नईम ने भाइयों संग मिलकर पीटा: जातिसूचक गालियाँ देकर पैसे छीने, शिकायत पर हत्या की धमकी

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद (Firozabad, Uttar Pradesh) में नवरात्रि के बाद माँ दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन करके लौट रहे एक दलित व्यक्ति के साथ मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने मारपीट की। इतना ही नहीं, इन लोगों ने जातिसूचक गाली भी दी और पुलिस में शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी।

फिरोजाबाद जनपद के थाना टूंडला क्षेत्र के लाइनपार के नगला झम्मन निवासी अंकुर कुमार ने पुलिस को दी गई शिकायत में कहा कि वह 6 अक्टूबर 2022 (बुधवार) को माँ दुर्गा का विसर्जन करके अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान नगला मस्जिद का रहने वाला नईम पुत्र लईक ने दो भाइयों और पाँच-छह अन्य लोगों के साथ उसे रोक लिया।

इसके बाद उसे जातिसूचक शब्द कहे। जब अंकुर ने इसका विरोध किया तो बदमाशों ने उसके मारपीट की और उसकी जेब में रखे पैसों को दिन-दहाड़े छिन लिया। इतना ही नहीं, आरोपितों ने पीड़ित को धमकाया कि अगर उसने पुलिस में शिकायत को वह उसे जान से मार देगा।

आरोपितों ने अंकुर को धमकाते हुए कहा कि जो भी अंकुर के पक्ष में बोलने आएगा, वो भी नहीं बचेगा। अपनी जान की खतरा को देखते हुए अंकुर ने टुंडला थाने में शिकायत दर्ज कराई है। यूपी पुलिस ने कहा कि इस संबंध में वैधानिक कार्रवाई जारी है।