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करवा चौथ पर उनसे लगवाएँ मेहंदी जो ये त्योहार मनाते हैं: मुजफ्फरनगर में VHP का ‘जिहाद पर प्रहार’, हिंदू महिलाओं के लिए अलग-अलग जगह खोले 13 सेंटर

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में महिलाओं के लिए विश्व हिंदू परिषद ने 13 मेहंदी सेंटर खोले हैं। ये कदम वीएचपी ने हिंदू महिलाओं को लव जिहाद से बचाने के लिए उठाया है। संगठन का मानना है कि करवा चौथ जैसे मौकों पर हिंदू महिलाओं को मुस्लिम युवक आकर्षित करते हैं। ऐसे में अगर अलग सेंटर खुलेगा तो ऐसी स्थित पैदा ही नहीं हो पाएगी।

जानकारी के मुताबिक, मुजफ्फरनगर के 13 अलग-अलग जगहों पर मेहंदी सेंटर्स को बनाया गया। पोस्टरों में करवा चौथ की बधाइयाँ देते हुए कहा गया है कि इस पवित्र अवसर पर मेहंदी उन्हीं से लगवाएँ जो इन त्योहारों को मनाते हैं। अपना त्योहार, अपनों को रोजगार- जिहाद पर प्रहार।

इस संबंध में संगठन के विभाग अध्यक्ष ललित माहेश्वरी ने कहा, “ये हमारा पहला प्रयास है ताकि सेंटर में हमारी बच्चियाँ ही मेहंदी लगाएँ और पैसा भी समाज में रहे। इस कदम से कट्टरपंथी कमजोर होंगी और हिंदू बच्चियाँ को धर्मपरिवर्तन, पलायन से छुट्टी मिलेगी।” 

आगे माहेश्वरी कहते हैं, “हमने बच्चों को कह दिया है कि तुम मेहंदी लगाने आओ। और भी बच्चियाँ आ रही हैं। समाज की महिलाओं से भी बोला गया है कि वो इन सेंटर्स में मेहंदी लगवाने आएँ यहाँ बड़ी संख्या में बच्चियाँ मेहंदी लगाने आएँगी।”

विहिप के विभाग अध्यक्ष इस बात पर चिंता जताते हैं कि आजतक लव जिहाद के मामले बढ़ रहे हैं, जिसको रोकना विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल का लक्ष्य है। इस पहल में संगठनों को हिंदू समाज से समर्थन मिला है। 13 सेंटर बनाए गए हैं ताकि महिलाओं को ज्यादा दूर न जाना पड़े।

उन्होंने यह भी बताया कि 8 लोगों की बजरंग दल की टीम मार्केट में घूम रही हैं। ये टीमें देखेंगी कि अगर कोई विधर्मी करवा चौथ के मौके पर मेहंदी लगाकर औरतों को बहला रहा है तो उसका आधार कार्ड देखते हुए उसकी शिकायत पुलिस में की जाएगी।

इससे पहले इस संबंध में अखिल भारत हिंदू महासभा के कार्यकर्ताओं ने अपने कार्यालय पर लठ पूजन करने के बाद चेतावनी दी थी। हिंदू महासभा के सदस्यों ने कहा था अगर कोई विधर्मी हिंदू बहू-बेटियों के हाथों में मेहंदी लगाते हुए पाए गए, तो संगठन के कार्यकर्ता उन्हें सबक सिखाएँगे।

भारत की जिस संस्कृति के खिलाफ बोले राहुल गाँधी से लेकर कोर्ट तक… उस पर बनी फिल्म तोड़ रही ‘KGF 2’ के भी रिकॉर्ड

जिस जल्लीकट्टू (Jallikattu) को राहुल गाँधी (Rahul Gandhi) की पार्टी कॉन्ग्रेस (Congress) और न्यायपालिका ने कभी क्रूर बताकर उस पर रोक लगाने की बात कही थी, उस पर आधारित फिल्म सफलता के नित-नए झंडे गाड़ रही है। फिल्म कांतारा (Kantara) ने बॉक्स ऑफिस कलेक्शन के मामले में KGF-2 को भी पीछे छोड़ दिया है।

कर्नाटक में अपने दूसरे मंगलवार को फिल्म ने 4 करोड़ से अधिक का बिजनेस किया। दूसरे सोमवार की तरह ही दूसरा मंगलवार को कांतारा का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन KGF चैप्टर 2 से अधिक रहा। केजीएफ ने इस दिन 3 करोड़ रुपए का व्यापार किया था। फिल्म की सफलता को देखते हुए इसे हिंदी में भी रिलीज किया जाएगा।

कांतारा ने कमाई के मामले में अपने पहले सप्ताह को पीछे छोड़ते हुए दूसरे हफ्ते के सिर्फ पाँच दिनों में लगभग 26.50 करोड़ रुपए की कमाई की है। पूरा दूसरा हफ्ता रुपये की ओर बढ़ रहा है। इस पूरे सप्ताह में फिल्म के 33.50-34 करोड़ रुपए कमाने की उम्मीद है, क्योंकि दर्शकों के बीच फिल्म का जलवा बरकरार है।

इस फिल्म का कुल बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 52.75 करोड़ रुपए है, जिसमें से अकेले कर्नाटक से 50.50 करोड़ रुपए कमाए हैं। अभी तक की कमाई के आधार पर कांतारा KGF 2 (171.50 करोड़ रुपए), RRR (86 करोड़ रुपए) और 777 चार्ली (51 करोड़ रुपए) के बाद यह फिल्म राज्य में चौथी सबसे अधिक कमाई करने वाली फिल्म है।

फिल्म की कहानी

इस फिल्म की कहानी जल्लीकट्टू जैसे दक्षिण भारत के खेल पर आधारित है, जो आधुनिक और सांस्कृतिक विरासत के बीच एक टकराव को दिखाती है। फिल्म की कहानी में राजा ने देवता माने जाने वाले एक पत्थर के बदले अपनी कुछ जमीन गाँव वालों को दे दी थी। राजा को देवता ने पहले ही बता दिया था कि अगर उसने जमीन वापस ली तो अनर्थ हो जाएगा।

दूसरी तरफ एक वन विभाग के अधिकारी को लगता है कि गाँव के लोग अंधविश्वास के कारण जंगल को नुकसान पहुँचा रहे हैं और पशुओं के साथ क्रूरता कर रहे हैं। यही टकराव फिल्म की कहानी है। फिल्म में गाँव वालों के जंगल और जानवरों से जुड़े अपने विश्वास हैं और उनका मानना है कि जब वो जंगल की सेवा करते हैं तो जंगल पर सिर्फ उनका अधिकार है।

कॉन्ग्रेस ने किया था जल्लीकट्टू का विरोध

2011 में कॉन्ग्रसे के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के पर्यावरण एवं वन मंत्रालय ने उत्सव में सांडों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया था। साल 2009 के जल्लीकट्टू अधिनियम संख्या 27 के तमिलनाडु विनियमन के तहत त्योहार जारी रहा। वहीं, 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य के कानून को रद्द कर दिया और जल्लीकट्टू पर प्रतिबंध लगा दिया था।

हालाँकि, तमिलनाडु में जल्लीकट्टू का आयोजन जारी रहा। साल 2017 में तमिलनाडु सरकार ने भारत के प्रधानमंत्री के समर्थन से एक विधेयक पारित किया, जिसमें जल्लीकट्टू को पशु क्रूरता निवारण अधिनियम (1960) से छूट दी। पहला कानूनी जल्लीकट्टू उत्सव 1 फरवरी 2017 को मदुरै जिले में आयोजित किया गया था। हालाँकि, साल 2021 के जलीकट्टू आयोजन में शामिल होने राहुल गाँधी खुद गए।

साल 2014 में तत्कालीन पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने जल्लीकट्टू पर प्रतिबंध का स्वागत किया था और कहा था, “मैं सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करता हूँ। यह एक बर्बर प्रथा को समाप्त कर देगा।” मीडिया से बात करते हुए रमेश ने बाद में उत्सव को जारी रखने के भाजपा के प्रयासों की भी आलोचना की थी। उन्होंने इसे एक ‘बर्बर प्रथा’ कहा था और कहा था कि भाजपा चुनाव से पहले कुछ स्थानीय नेताओं को खुश करने के लिए उनका समर्थन कर रही है।

इसके पहले पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह से लेकर कॉन्ग्रेस के कई नेताओं तक पार्टी ने हमेशा जल्लीकट्टू का विरोध किया। ह्यूमेन सोसाइटी इंटरनेशनल के एनजी जयसिम्हा को संबोधित एक पत्र में डॉ सिंह ने त्योहार को मनोरंजन का एक क्रूर रूप बताया। उन्होंने कहा, “हमें बुलफाइट्स को हतोत्साहित करना होगा, जो मनोरंजन का एक क्रूर रूप प्रदान करते हैं।”

शरीर के 56 टुकड़े, कुछ पका कर खाया, कुछ को कच्चा: केरल हत्याकांड में मोहम्मद शफी ने दिए थे ‘जवानी बरकरार’ के टिप्स

केरल हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। वामपंथी कार्यकर्ता भगवल सिंह और उसकी बीवी लैला ने काले जादू के चक्कर में पड़कर ना केवल दोनों महिलाओं की हत्या की, बल्कि मोहम्मद शफी के कहने पर उनके शरीर के छोटे-छोटे टुकड़े कर उसे पकाकर भी खाया।

दोनों मृत महिलाओं के शरीर के अंगों को मंगलवार (11 अक्टूबर 2022) को पथानामथिट्टा गाँव में दंपति के घर से बरामद किया गया। बताया जा रहा है कि आरोपित दंपति को शफी ने कहा था कि मानव शरीर के अंगों को पकाकर खाने से वह हमेशा जवान रहेंगे।

एक स्थानीय अदालत ने बुधवार (12 अक्टूबर 2022) को केरल के पथानामथिट्टा (Pathanamthitta) जिले में रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना को अंजाम देने वाले तीनों आरोपितों भगवल सिंह, उसकी पत्नी लैला और मोहम्मद शफी को दो सप्ताह की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। आरोपित दंपति पथानामथिट्टा जिले के अरनमुला के पास अपने घर में मसाज सेंटर चलाते थे। उनका एजेंट मोहम्मद शफी जून और सितंबर में दोनों महिलाओं को घर ले आया था, जहाँ दंपति ने उनकी बेरहमी से हत्या कर दी थी।

कोच्चि पुलिस आयुक्त सीएच नागराजू ने मीडियाकर्मियों को बताया कि वो इस पूरे मामले की तहकीकात कई चीजों को ध्यान में रख कर कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “जब हमने मुख्य आरोपित मोहम्मद शफी से पहले पूछताछ की, तो हमें उससे कुछ नहीं मिला। इसके बाद हमने जाँच में पाया कि साजिश रचने वाला मुख्य आरोपित मानसिक रूप से विकृत (साइको) है।”

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पहले दोनों महिलाओं का अपहरण किया गया, फिर कत्ल और उसके बाद उनके शवों के साथ दरिंदगी की गई। मोहम्मद शफी के कहने पर दंपति ने दोनों महिलाओं के शव के टुकड़े-टुकड़े किए। इसके बाद उसे पकाकर खा गए। ऐसी खबरें हैं कि लैला ने दोनों महिलाओं की हत्या करने के बाद उनके मांस के कुछ हिस्सों को पकाने की बात स्वीकार की है।

कोच्चि के पुलिस आयुक्त नागराजू ने कहा कि इसकी पुष्टि होनी बाकी है, लेकिन इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा, “दोनों महिलाओं के शरीर के सभी हिस्सों को बरामद कर लिया गया है। एक महिला के शरीर के कुछ हिस्सों को तीन गड्ढों से बरामद किया गया, जहाँ उन्हें दफनाया गया था।”

पुलिस आयुक्त ने आगे कहा, “हम इसकी जाँच भी कर रहे हैं कि क्या इस घटना को आरोपितों के साथ मिलकर और लोगों ने भी अंजाम दिया है। क्या ऐसे और भी मामले हुए हैं।”

कोच्चि के डीसीपी एस शशिधरन ने रविवार (10 अक्टूबर 2022) को बताया, “हम इस बात की भी जाँच कर रहे हैं कि क्या मुख्य आरोपित शफी ने इन महिलाओं को मौत के घाट उतारने से पहले उनके साथ दुष्कर्म तो नहीं किया। इस केस के अलावा शफी के खिलाफ 8 आपराधिक मामले दर्ज हैं।” शफी के बारे में यह भी कहा जा रहा है कि वह 75 वर्षीय महिला के बलात्कार के मामले में जमानत पर बाहर था।

शफी ने वामपंथी कार्यकर्ता और उसकी पत्नी से करवाया कत्ल

पुलिस ने इस केस का खुलासा मंगलवार (11 अक्टूबर 2022) को किया था। उन्होंने बताया कि दो महिलाओं के अपहरण और हत्या केस में कोच्चि पुलिस ने तीन लोगों को पकड़ा है। इनकी पहचान मोहम्मद शफी, भगवल सिंह और उनकी पत्नी लैला के तौर पर हुई।

भगवल सिंह और उसकी पत्नी लैला ने मोहम्मद शफी के कहने पर दोनों महिलाओं को मारने के बाद उनके शरीर के कुछ हिस्सों को कच्चा खाया। इनमें से एक पीड़िता की सामने की पसलियों को काटा गया था। शरीर के कुछ हिस्सों को पका कर खाया गया क्योंकि मोहम्मद शफी ने कहा था कि मानव अंगों को पका कर खाने से जवानी बरकरार रहती है।

पुलिस ने आगे बताया कि मोहम्मद शफी ने महिलाओं की कुर्बानी देने के लिए उकसाया और फिर औरतों को पैसों का लालच देकर घर तक बुलाया। इसके बाद हत्या को अंजाम दिया गया। इन औरतों की पहचान लॉटरी डीलर पद्मा और सेल्सवुमन रोजलिन के तौर पर हुई थी। दोनों की उम्र 50 पार थी।

दोनों औरतें त्रिशूर जिले की वड्डाक्केनचेरी की रहने वाली थीं। इनमें से एक जून 2022 में गायब हुई थीं जबकि दूसरी सितंबर 2022 में। घटना के दौरान वह एर्नाकुलम के कलाड़ी में थीं। दंपती ने शफी के कहने पर इनकी हत्या के बाद इनके शरीर के 56 टुकड़े किए और इन्हें दफना दिया गया।

कैसे हुआ खुलासा?

दोनों हत्याओं का खुलासा तब हुआ, जब पद्मा के बेटे ने अपनी माँ के गायब होने की शिकायत पुलिस में दी। बेटे ने बताया कि उनकी माँ हमेशा उनको कॉल करती थीं लेकिन जब एक दिन उन्होंने ऐसा करना बंद कर दिया तो वो केरल में उन्हें खोजने आए। यहाँ वह नहीं थीं।

पुलिस ने शिकायत पर जाँच शुरू की। पुलिस ने उनका मोबाइल ट्रेस किया और उस जगह पहुँची, जहाँ शरीर के हिस्से दफन थे। उसी जगह पुलिस को रोजलिन के शव के भी टुकड़े मिले।

कथित तौर पर पहले पैसों की लालच में रोजलिन को मारा गया, लेकिन जब घर की आर्थिक स्थिति नहीं सुधरी तो फिर शफी ने एक और कुर्बानी देने को कहा। रिपोर्ट्स के अनुसार, दंपती ने औरतों को पहले चारपाई से बाँधा था। फिर लैला ने शफी के बताए अनुसार उन औरतों का सिर तन से अलग किया और फिर पूरी बॉडी को धारदार हथियार से काट डाला। शरीर बाद में दफना दिया गया।

बता दें कि मोहम्मद शफी उर्फ राशिद ने कुछ महीने पहले पथानामथिट्टा जिले के एलंथूर में रहने वाले भगवल सिंह के साथ फेसबुक पर चैट करना शुरू किया था। पुलिस के मुताबिक, राशिद ने खुद को श्रीदेवी नाम की महिला बताया था। कुछ समय के बाद शफी ने सिंह का विश्वास जीत लिया और उसे आर्थिक रूप से मजबूत बनने के लिए एर्नाकुलम के पेरुम्बवूर के एक आलिम की मदद लेने की सलाह दी थी।

RSS कार्यकर्ता पर कट्टरपंथी इस्लामी भीड़ ने रात में किया हमला, सिर पर पत्थर मारा: अब तक 20 गिरफ्तार, मुस्लिम संगठन का नेता भी हिरासत में

कर्नाटक के हावेरी में मंगलवार (11 अक्टूबर 2022) रात कुछ आरएसएस कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित करने का मामला प्रकाश में आया है। पुलिस ने इस संबंध में अब तक 20 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक मुस्लिम संगठन अंजुमन-ए-इस्लाम का अध्यक्ष है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, घटना कर्नाटक के रातिहल्ली गाँव की है। उस समय आरएसएस कार्यकर्ता गुरुराज कुलकर्णी और उनके 3 सहयोगी पथ संचलन का मार्ग तय करने के लिए कार में जा रहे थे। लेकिन तभी मुस्लिम समुदाय के कुछ लोग आए और उनसे बहस करने लगे। इसके बाद आपसी बहस झड़प में बदल गई।

पुलिस ने बताया कि इस दौरान गुरुराज कुलकर्णी के सिर पर पत्थर से हमला हुआ। वहीं बाकी कार्यकर्ता भी पीटे गए जिससे उन्हें भी चोटें आई। घटना की जानकारी होने पर पुलिस भी वहाँ पर पहुँची और उन्होंने घायल आरएसएस कार्यकर्ताओं को इलाज के लिए अस्पताल भेजा।

वीडियो में देख सकते हैं कि एक व्यक्ति अपना माथा पकड़कर खड़ा है। वहीं उसके साथी उसे कट्टरपंथी मुस्लिम भीड़ से बचाने का प्रयास कर रहे हैं। इसके अलावा मौके पर पुलिस भी है जो भीड़ को धकेलकर दूर कर रही है।

घटना के बाद गुरुराज की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई की है। हावेरी के एसपी ने बताया कि इस घटना में अब तक 20 लोग पकड़े गए हैं। इनमें एक अंजुमन-ए-इस्लाम का नेता भी है। हर अपराधी को अपने किए की सजा भुगतनी होगी।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले कर्नाटक के चिक्कमगलुरु जिले से आरएसएस कार्यकर्ता को धमकी देने का मामला सामने आया था। धर्म जागरण के जिला समन्वयक डॉ शशिधर की कार पर लिखा गया था, “किल यू जिहादी।” इसके अलावा याद दिला दें कि बीते दिनों पीएफआई के तमाम नेताओं की गिरफ्तारी के बाद कर्नाटक में आरएसएस कार्यकर्ताओं के घरों पर पेट्रोल बम फेंकने की घटना सामने आई है। कर्नाटक के साथ ऐसा केरल और तमिलनाडु में भी होता देखा गया था।

मोमिनपुरा हिंसा की जाँच के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट ने बंगाल के DGP से SIT बनाने को कहा, माँगी रिपोर्ट: पीड़ितों को मुआवजा देने के लिए ममता सरकार को निर्देश

पश्चिम बंगाल के मोमिनपुरा(Mominpura Violence, West Bengal) में 9 अक्टूबर 2022 को हिंदुओं पर फिर हमला हुआ था। इस दौरान हिंदुओं की दुकानों और घरों पर दंगाइयों ने हमला किया और उनके घरों पर पेट्रोल बम फेंके, उनकी झोपड़ियों में आग लगा दी गई। इस मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट (Calcutta High Court) ने राज्य के DGP को जरूरी निर्देश दिया है।

कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल के डीजीपी को मोमिनपुरा हिंसा की जाँच के लिए एक विशेष जाँच दल (SIT) गठित करने और इससे संबंधित रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा, हाईकोर्ट ने पुलिस को यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा कि आगे से इस तरह की हिंसा ना हो।

इस घटना को लेकर हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई थी, जिसकी सुनवाई करते हुए कोर्ट ने यह निर्देश दिया। याचिका में कहा गया है, “तनाव की स्थिति राज्य के अन्य शहरों और हिस्सों में फैल सकती है। पुलिस और प्रशासन मूकदर्शक बने हुए हैं। स्थिति और खराब होती दिख रही है और प्रशासन के हाथ से निकल गई है।”

जनहित याचिका में राज्य की ममता बनर्जी सरकार (Mamta Banerjee Government) पर आरोप लगाया गया है कि राजधानी कोलकाता (Kolkata) के मोमिनपुर इकबालपुर इलाके में सांप्रदायिक हिंसा भड़कने और दंगों को नियंत्रित करने में विफल रही है।

कलकत्ता हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा कि इस हिंसा के दौरान राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) अधिनियम का अनुपालन किया गया था या नहीं। इस मामले में कोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा अब तक लिए गए एक्शन की रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कहा। इसके साथ ही हिंसा के पीड़ितों को मुआवजा देने का निर्देश दिया है।

बता दें कि कट्टरपंथी इस्लामी भीड़ ने इकबालपुर थाने के भीतर भी इस्लामी झंडा लेकर घुसी थी और वहाँ भी काफी उत्पात मचाया था। हिंसा के मद्देनजर प्रदेश के भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने बंगाल के गवर्नर व गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिख अपील की कि वह मोमिनपुर में सेंट्रोल फोर्स (CAPF) तैनात करें, क्योंकि राज्य सरकार दंगाइयों का मजहब देख उन्हें कुछ भी कहने से बच रही है।

दरअसल, वहाँ पैगंबर मोहम्मद के जन्मदिन के मौके पर इस्लामियों ने हिंदुओं के घर व दुकानों पर इस्लामी झंडे लगा दिए थे, जिन्हें कथित तौर पर हिंदुओं ने खोल दिया। इसी के बाद 700 से अधिक की भीड़ में कट्टरपंथी इकट्ठा हुए और हिंदुओं के घर में तोड़फोड़ शुरू कर दी। बार-बार पुलिस को बुलाए जाने के बाद भी सुनवाई नहीं हुई। बाद में पता चला कि उपद्रवियों ने इकबालपुर थाने में भी हल्ला मचा रखा था। वह वहाँ इस्लामी झंडों के साथ घुस गए थे और पुलिस उन्हें देख एकदम चुप थी।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुकांता मजूमदार ने मोमिनपुर इलाके में भड़की हिंसा के बाद एक वीडियो ट्वीट किया। उन्होंने दावा किया कि हालात देखने के बाद मयूरभंज से हिंदू भाग रहे हैं, उनके घरों पर हमला हो रहा है। पुलिस बिलकुल चुप है। कानून व्यवस्था का कोई नामों निशान नहीं है।

हिंसा भड़कने के बाद की कई वीडियोज सोशल मीडिया पर सामने आई हैं। इनमें दिख रहा है कि कैसे कट्टरपंथी यहाँ-वहाँ देखे बिना हर चीज को तोड़ रहे हैं। साथ ही हिंदुओं के घरों के आस पास जो बड़ी बिल्डिंग हैं उनपर चढ़कर वह पत्थर व पेट्रोल बम फेंक रहे हैं।

इस हिंसा की पीड़ित एक हिंदू महिला ने घटना के दो दिन बताया था, “हम परसों रात से डर के साए में जी रहे हैं। उन्होंने बम फेंककर दहशत का माहौल पैदा कर दिया। हमारे लड़कों को घर से भगा दिया। हमारे घर जला दिए गए। डर से हम लोगों को अपना घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा।”

पीड़िता ने कहा कि इस क्षेत्र के लोगों को अपने घरों को छोड़कर सड़कों पर रहने को विवश होना पड़ा। पुलिस भी 4 घंटे के बाद आई। हिंदू निवासियों ने स्थानीय प्रशासन द्वारा कोई भी मदद नहीं करने पर दुख व्यक्त किया। जबकि कोलकाता के मेयर और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस क्षेत्र के बेहद करीब रहते थे। लेकिन इनमें से कोई भी स्थानीय हिंदुओं की मदद के लिए नहीं आया। वहाँ रहने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि पुलिस स्टेशन यहाँ से सिर्फ 15 मिनट की दूरी पर है।

एक अन्य हिंदू पीड़ित ने बताया था, “खिड़कियों से हमारे घरों पर पेट्रोल बम फेंके गए। खिड़की टूट गई थी और काँच पूरे बिस्तर पर बिखरा हुआ था। पथराव की वजह से जगह-जगह ईंटें पड़ी थीं। सुबह हमें गंदगी साफ करनी थी। हमें डर था कि कहीं छत गिर न जाए। हमारा सारा सामान बिस्तर पर था।

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष को रेप की धमकी: Big Boss से साजिद खान (10 लड़कियों से यौन शोषण का आरोप) को निकालने के लिए लिखी थी चिट्ठी

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल (Swati Maliwal) को इंस्टाग्राम पर रेप की धमकी मिली है। उन्होंने बुधवार (12 अक्टूबर 2022) को ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। दिल्ली पुलिस से इसकी शिकायत की गई है।

स्वाति मालीवाल ने बताया कि जब से उन्होंने साजिद खान (Sajid Khan) को बिग बॉस 16 (Big Boss 16) में एंट्री दिए जाने पर सवाल उठाया है, तभी से उन्हें रेप की धमकी दी जा रही है। उन्होंने अपने ट्वीट के साथ धमकी वाले कुछ स्क्रीनशॉट भी शेयर किए हैं।

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष ने अपने ट्वीट में लिखा, “जब से साजिद खान को बिग बॉस से बाहर करने के लिए I&B मंत्री को चिट्ठी लिखी है। तब से मुझे इंस्टाग्राम पर रेप की धमकी दी जा रही है। जाहिर है ये हमारा काम रोकना चाहते हैं। दिल्ली पुलिस को शिकायत दे रही हूँ। FIR दर्ज करें और जाँच करें। जो भी लोग इनके पीछे है, उनको अरेस्ट करें!”

दरअसल, दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष ने सोमवार (10 अक्टूबर 2022) को बॉलीवुड डायरेक्टर साजिद खान (Sajid Khan) को रिएलिटी शो बिग बास (Big Boss) से हटाने की माँग की थी। उन्होंने कहा था कि साजिद खान पर 10 से अधिक महिलाओं के यौन उत्पीड़न आरोप है।

स्वाति मालीवाल ने अपने ट्वीट में कहा था, “साजिद खान के खिलाफ 10 महिलाओं ने मीटू (MeToo) मूव्मेंट के दौरान यौन शोषण के आरोप लगाए थे। ये सभी कम्प्लेंट साजिद की घिनौनी मानसिकता दिखाती है। अब ऐसे आदमी को बिग बॉस में जगह दी गई है जो कि पूरी तरह गलत है। मैंने केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर को पत्र लिखा है कि वह साजिद खान को इस शो से हटवाएँ।”

बता दें कि एक्ट्रेस शर्लिन चोपड़ा (Sherlyn Chopra) भी उन अभिनेत्रियों में शामिल हैं, जिन्होंने साजिद खान पर MeToo का आरोप लगाया था। शर्लिन ने मंगलवार (11 अक्टूबर 2022) को स्वाति मालीवाल को धन्यवाद कहा था।

शर्लिन चोपड़ा ने ट्विटर पर लिखा, “धन्यवाद स्वाति जी। अगर सलमान खान सर के किसी करीबी महिला मित्र या रिश्तेदार के साथ साजिद खान कोई घिनौनी हरकत करता, तो क्या सलमान सर साजिद के खिलाफ एक्शन नहीं लेते? सलमान सर हम पीड़ित महिलाओं के भाई-जान क्यों नहीं बन सकते?”

चेहरे से निकली गोली, पाँव पर प्लास्टर चढ़ा: J&K में आतंकियों को दबोचने वाले आर्मी डॉग ‘Zoom’ की हालत में सुधार, 24-48 घंटे अब भी जरूरी

जम्मू कश्मीर के अनंतनाग में आतंकियो के साथ मुठभेड़ में घायल हुए आर्मी डॉग ‘जूम’ की हालात में सुधार होने लगा है। आतंकियों पर हमले के समय उसे दो गोलियाँ लगी थीं, जिसके बाद उसको गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया।

अब खबर आई है कि श्रीनगर के वेटरिनरी अस्पताल में सर्जरी के बाद ‘जूम’ की हालत स्थिर है। लेकिन 24-48 घंटे अब भी उसके लिए महत्वपूर्ण हैं। बताया जा रहा है कि जूम के पैर में फ्रैक्चर हुआ था, जिसकी वजह से प्लॉस्टर चढ़ाया गया है। वहीं चेहरे पर गोली लगी थी जिसे निकालकर टांके लगा दिए गए हैं। इन चोटों की वजह से वह अब भी मेडिकल देखरेख में रखा गया है।

बता दें कि लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों के साथ 10 अक्टूबर को अनंतनाग के कोकरनाग में हुई मुठभेड़ में 2 आतंकी मारे घए थे। इस मुठभेड़ में जहाँ आतंकियों पर हमले के दौरान जूम घायल हुआ था। वहीं दो सैनिकों को भी चोट आई थी।

ऑपरेशन के दौरान जूम को आतंकियों से घर खाली कराने का काम दिया गया था। लेकिन जैसे ही वो अंदर घुसा आतंकियों ने उस पर गोली चला दी गई। जूम ने फिर भी आतंकियों की पहचान कर सेना की मदद की जिसके बाद सैनिक अपना निशाना साध पाए।

घटना की जानकारी देते हुए चिनार कॉर्प्स ने एक वीडियो शेयर की थी। इस वीडियो में बताया गया था कि जूम प्रशिक्षित डॉग था। जो एक खतरे का एहसास होते ही तुरंत आतंकियों पर हमला करने को तैयार था। वीडियो में दिख रहा है कि एक इशारे पर जूम एक ठिकाने में घुसता है और इसके बाद आतंकी के भेष में दिखे शख्स पर हमला करता है। जूम तब तक लड़ाई करता है जब तक वह दुश्मन को जमीन पर नहीं गिरा देता।

हिंदू महिला सांसद ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बायडेन वाली पार्टी छोड़ी, कहा – कायरों से प्रेरित, नस्लवाद को भड़काने वाले

अमेरिका की पहली हिंदू महिला सांसद तुलसी गबार्ड (Tulsi Gabbard) ने डेमोक्रेटिक पार्टी (Democratic Party) पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे छोड़ने की घोषणा की है। उन्होंने मंगलवार (11 अक्टूबर 2022) को अपने ट्विटर हैंडल पर एक वीडियो में डेमोक्रेटिक पार्टी को छोड़ने की बात कही।

41 वर्षीय गबार्ड ने ट्वीट के साथ लिखा, “मैं अब डेमोक्रेटिक पार्टी में नहीं रह सकती। यह पार्टी कायरता से प्रेरित है, जो देश के हर मुद्दे को नस्लीय बनाकर हमें बाँटते हैं। वर्तमान में डेमोक्रेटिक पार्टी कुछ एलीट लोगों के कंट्रोल में है। ये जंग की बातें करते हैं और श्वेत-विरोधी नस्लवाद को भड़काते हैं। अगर इस पार्टी में कुछ ऐसे लोग भी हैं, जो मेरे विचारों से इत्तेफाक रखते हैं, तो उन्हें भी तत्काल यह पार्टी छोड़ देनी चाहिए।”

अमेरिका में लोगों की बुनियादी स्वतंत्रता को कमतर आँकने वाली डेमोक्रेटिक पार्टी की आलोचना करते हुए गबार्ड ने आगे कहा, “मैं एक ऐसी सरकार में विश्वास करती हूँ, जो लोगों के लिए हो। लेकिन आज की डेमोक्रेटिक पार्टी इन मूल्यों को दरकिनार कर रही है। यह एक शक्तिशाली अभिजात वर्ग की सरकार बन गई है।”

तुलसी गबार्ड (Tulsi Gabbard) ने अभी तक किसी अन्य पार्टी में शामिल होने के बारे में किसी भी तरह की जानकारी नहीं दी है। अमेरिका में डेमोक्रेटिक पार्टी वो राजनीतिक पार्टी है, जिससे जुड़े हैं अभी के राष्ट्रपति जो बायडेन।

बता दें कि गबार्ड का जन्म 12 अप्रैल 1981 को अमेरिका में हुआ था। पूर्व कॉन्ग्रेस महिला ने 21 साल की उम्र में स्टेटहाउस के लिए चुनाव लड़ा था। वह 2013 में अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के लिए हवाई से चुनी जाने वाली पहली हिंदू थीं और हवाई से चार बार सांसद रह चुकी हैं।

अमेरिका में कॉन्ग्रेस के लिए निर्वाचित पहली हिंदू तुलसी गबार्ड ने 2013 में पवित्र भगवद गीता पर हाथ रखकर पद एवं गोपनीयता की शपथ ली थी। तुलसी को प्रतिनिधि सभा के स्पीकर जॉन बोहनर ने शपथ दिलाई थी।

तुलसी गबार्ड के मुताबिक, उन्हें मुश्किल वक्त में भगवद गीता से ताकत और शांति मिलती है। उन्होंने दो साल पहले हिंदू स्टूडेंट्स काउंसिल की ओर से आयोजित वर्चुअल कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा था कि ऐसे माहौल में कोई भी विश्वास के साथ यह नहीं कह सकता है कि कल क्या होगा? इन हालातों में भक्ति, योग और कर्म योग के अभ्यास से ताकत और शांति प्राप्त कर सकते हैं। यह भगवान कृष्ण ने भगवद गीता में सिखाया है।

हलाला, तीन तलाक में कब दिखाओगे बदलाव: आमिर खान के नए AD में हिंदू रीति-रिवाजों पर उठाया गया सवाल, विवेक अग्निहोत्री बोले- ‘फिर कहते हो हिंदू ट्रोल करते हैं’

आमिर खान और कियारा आडवाणी ने भले ही साथ में कोई फिल्म न की हो, लेकिन एक विज्ञापन में वो दोनों पति-पत्नी के रूप में साथ नजर आए हैं। ये विज्ञापन AU स्मॉल फाइनेंस बैंक के लिए शूट किया गया। चूँकि इसकी टैगलाइन थी- बदलाव हमसे है, इसलिए क्रिएटिविटी के नाम पर दिखाया गया कि शादी में अब लड़कों की विदाई उनके घरों से होनी चाहिए। विज्ञापन देखने के बाद सोशल मीडिया पर हिंदू भड़के हुए हैं। उनका कहना है कि बदलाव के नाम पर हिंदू रीति-रिवाज को क्यों चेंज करने पर जोर दिया जा रहा है।

विज्ञापन में देख सकते हैं कि एक गाड़ी में दूल्हा (आमिर खान)-दुल्हन (कियारा आडवाणी) बिदाई के बाद घर जा रहे हैं। आमिर खान कहते हैं कि ये पहली बिदाई है जिसमें लड़की नहीं रोई। इसके बाद अगल सीन गृह प्रवेश का है। यहाँ आमिर पूछते हैं अंदर पहले कौन जाएगा? कियारा जवाब देती हैं कि जो नया है वो। आमिर कहते हैं यानी ‘मैं’। आगे गृह प्रवेश होता है और लड़की की जगह आमिर को घर में प्रवेश करते दिखाया जाता है। आखिर में संदेश दिया जाता है- सदियों से जो प्रथा चलती आ रही है, वो चलती है क्यों? तभी तो हम सवाल पूछते हैं बैंकिंग की हर प्रथा से ताकि आपको मिले बेस्ट सर्विक- AU बैंक- बदलाव हमसे है।

इस एड को देखने के बाद कई लोगों ने इस पर आपत्ति जताई जिनमें से एक विवेक रंजन अग्निहोत्री भी हैं। उन्होंने कहा, “मैं समझ नहीं पा रहा हूँ कि आखिर बैंक कबसे सामाजिक और धार्मिक प्रथाओं में बदलाव लाने की जिम्मेदारी लेने लगे। मुझे लगता है कि AU बैंक को बैंकिंग की जगह एक्टिविज्म करना चाहिए। ऐसी बकवास करते हैं फिर कहते हैं कि हिंदू लोग ट्रोल करते हैं।”

इस एड के बाद आमिर की वो वीडियो शेयर की जा रही है जिसमें उनसे ईद पर जानवरों की कुर्बानी देने पर सवाल पूछा गया था। आमिर ने यहाँ पर कहा था कि उन्हें लगता है कि मजहब बहुत ही पर्सनल मैटर है। सबकी अपनी भावनाएँ हैं। उनकी भी अपनी आस्था है। इसलिए वह दूसरों के बारे में कुछ नहीं कहना चाहते।

इस बयान के साथ ये विज्ञापन दिखाकर कहा जा रहा है कि आमिर का पाखंडी चेहरा देखें। जब वो हिंदू धर्म का विज्ञापन करते हैं तो बदलाव सही है, पर मजहब पर बात आए तो कुछ नहीं कहना है।

यूजर्स का पूछना है कि आखिर ऐसे काम निकाह और हलाला जैसे मुद्दों पर क्यों नहीं बनाए जाते। हिंदू धर्म के रीति-रिवाजों को गलत दिखाने की क्या होड़ है। लोगों का पूछना है कि आमिर खान तीन तलाक और हलाल में बदलाव पर कब बात करेंगे

दिल्ली के CM केजरीवाल ठरकी हैं? कौन है Esmee, जिसको फॉलो करने के कारण सोशल मीडिया पर #TharkiKejriwal कर रहा ट्रेंड?

अरविंद केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री हैं। राजनीति में तहलका मचाने आए थे। हमेशा सुर्खियों में रहना भी जानते हैं। फिलहाल सोशल मीडिया की जनता #TharkiKejriwal (ठरकी केजरीवाल) को ट्रेंड करवा रही है। किसी सुंदर महिला के गंदे-गंदे फोटो-वीडियो के साथ अरविंद केजरीवाल का नाम जोड़ा जा रहा है।

ट्विटर पर @Esmee4Keeps नाम का एक अकाउंट है। प्रोफाइल फोटो किसी महिला की है – दिखने में सुंदर और छोटे वस्त्र पहने हुई। अरविंद केजरीवाल ने इस महिला को फॉलो किया, ऐसा ट्विटर पर मौजूद जनता का कहना है। सिर्फ कहना नहीं है, इन लोगों ने सबूत के तौर पर फोटो-वीडियो भी उपलब्ध कराए हैं।

TharkiKejriwal (ठरकी केजरीवाल)

किसी महिला को फॉलो कर लेने भर से आखिर कोई ठरकी या हमेशा सेक्स के बारे में सोचने वाला भला कैसे हो सकता है? इसके लिए हमने जाँच पड़ताल की। @Esmee4Keeps नाम के अकाउंट ने कुल चार फोटो ट्वीट किए हैं। सामाजिक दृष्टि से देखें तो चारों फोटो गंदे तो हैं – कहीं सिर्फ पैंटी दिखा रही हैं तो कहीं बिना ब्रा पहने हुए।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल शायद यहीं फिसल गए या पिघल गए। वैसे भी किसी बड़े राजनेता ने कभी कहा था कि लड़के हैं, गलतियाँ हो जाती हैं। खैर! सोशल मीडिया की जनता न तो नेता हैं, न ही माफ करने वाली भीड़। केजरीवाल भी रगड़ दिए गए – #TharkiKejriwal (ठरकी केजरीवाल) ट्रेंड करवा के।

भारत की जनता कितनी क्रिएटिव है, नीचे देखिए:

इतना सब हो जाने के बाद हमने अरविंद केजरीवाल के ट्विटर हैंडल की पड़ताल की। रिपोर्ट लिखते समय उनके हैंडल ने @Esmee4Keeps को फॉलो नहीं किया हुआ है। इसका मतलब हुआ कि इस अकाउंट को अनफॉलो कर दिया गया है।