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हिन्दू वकील को नंगा कर सिर कलम कर दिया, दरगाह के खादिम को प्लेट में रख पेश किया: दोनों बेटियों को मुस्लिमों को सौंप दिया, नोआखली में अहिंसा का भाषण देते रह गए गाँधी

देश को सन् 1947 में आज़ादी तो मिली, लेकिन कॉन्ग्रेस की नीतियों के कारण इस आज़ादी के साथ-साथ देश को कई घाव भी मिले। सबसे बड़ी बात तो ये कि भारत ने विभाजन का दंश भी झेला। देश खंडित हो गया और इसकी वजह बनी इस्लामी कट्टरता। चटगाँव तब बंगाल का हिस्सा हुआ करता था, जो उसके बाद पूर्वी पाकिस्तान और फिर बांग्लादेश का हिस्सा बना। वहीं स्थित है नोआखली, जहाँ की हिन्दू जनसंख्या ने अक्टूबर-नवंबर 1946 में बड़े नरसंहार का सामना किया।

ये सब अचानक नहीं हुआ था, बल्कि संगठित रूप से अंजाम दिया गया था। इन दंगों के बीच 27 अक्टूबर को महात्मा गाँधी भी कोलकाता पहुँचे, जहाँ उन्हें एक सप्ताह तक हिरासत में रखा गया। 6 नवंबर को वो नोआखली के लिए रवाना हुआ। आज़ादी के समय कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष रहे जेबी कृपलानी ने गाँधी जी के इस दौरे का जिक्र ‘गाँधी जीवन और दर्शन’ नामक पुस्तक में किया है। वो भारत की पहली महिला मुख्यमंत्री (यूपी की) सुचेता कृपलानी के पति थे।

जबी कृपलानी ने अपनी पुस्तक ‘गाँधी जीवन और दर्शन’ में लिखा है कि कैसे गाँधी जी के रास्ते में विष्ठा डाल दी जाती थी और उन्हें परेशान किया जाता था। स्थानीय मुस्लिम नेता आकर अफ़सोस जता कर चले जाते थे, लेकिन लौट कर वही लोग गड़बड़ियाँ करवाते थे। मुस्लिमों पर गाँधी जी की प्रार्थना सभा का असर नहीं होता था, क्योंकि वो मौलवियों के प्रभाव में थे। किसी भी कॉन्ग्रेस नेता ने वहाँ का दौरा नहीं किया। गाँधी जी भी ‘पीड़ित मुस्लिमों’ का दुःख जानने बिहार चले गए। न हिंदुओं में वो आत्मविश्वास भर पाए, न मुस्लिमों को समझा पाए।

लेकिन, पलायन का भारी दंश वहाँ हिन्दुओं ने ही झेला था। 1946 में 250 सदस्यीय बंगाल विधानसभा में डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी ‘हिन्दू महासभा’ के एकमात्र सदस्य थे। उन्होंने हिन्दुओं की पीड़ा के लिए आवाज़ उठाने में जान लगा दी। नोआखली में उस वक्त 82% मुस्लिम थे और हिन्दुओं की जनसंख्या मात्र 18% थी। हिन्दुओं की हत्याओं के अलावा जम कर लूटपाट और आगजनी की गई, जैसे मुस्लिम भीड़ की हिंसा में आमतौर पर किया जाता है।

हिन्दुओं को जबरन मुस्लिम बनाया जा रहा था। हिन्दुओं की घरों एवं संपत्तियों को योजनाबद्ध तरीके से तबाह किया गया। वो पलायन करने और राहत शिविरों में रहने को मजबूर हुए। अपनी पुस्तक ‘भारत और पाकिस्तान का उदय’ में यास्मीन खान ने लिखा है कि कलमा पढ़ने के साथ धर्मांतरण शुरू किया जाता था और फिर जबरन गोमांस खिलाया जाता था। फिर महिलाओं के साथ बलात्कार किया जाता था। मुस्लिमों में ये बात बैठ गई थी कि सभी गैर-मुस्लिमों का धर्मांतरण करा देना है।

‘राष्‍ट्रवादी साहित्यकार संघ’ के अध्यक्ष आचार्य मायाराम पतंग ने डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी पर लिखी एक पुस्तक में गाँधी जी के नोआखली दौरे को लेकर एक वाकये के जिक्र किया है। एक बार महात्मा गाँधी किसी मुस्लिम के आँगन में बैठ कर अहिंसा का प्रवचन दे रहे थे और उनके बगल में एक ऐसा व्यक्ति बैठा था, जिसने कई हिन्दुओं की हत्याएँ की थीं। जब सुचेता कृपलानी ने एक कागज़ पर लिख कर उन्हें ये बात बताई, तो वो मुस्कुरा दिए और उस मुस्लिम व्यक्ति से कुछ नहीं कहा।

एक सप्ताह से भी अधिक समय तक चले नोआखली के दंगों में 5000 हिन्दुओं के मारे जाने की बात कही जाती है, लेकिन आँकड़ा इससे कहीं बहुत ज्यादा है। सैकड़ों हिन्दू महिलाओं का बलात्कार किया गया। हिन्दुओं से ‘जजिया’ नामक कर वसूला जाने लगा था, जो ‘काफिरों’ के लिए इस्लामी आक्रांताओं के काल में अनिवार्य हुआ करता था। बंगाल में उस समय मुस्लिमों की सरकार थी और उसे पढ़े-लिखे और समृद्ध हिन्दुओं का आगे बढ़ना रास नहीं आ रहा था।

फेनी नदी में अपने जीवन-यापन के लिए मछली पकड़ रहे मछुआरों पर मुस्लिम भीड़ ने ईद-अल-फितर के दिन ही हमला बोल दिया। इसी तरह चरुईयाह में मछुआरों के एक समूह पर हमला किया गया। बाबूपुर नामक गाँव में एक कॉन्ग्रेस नेता के ही बेटे की हत्या कर दी गई। कॉन्ग्रेस दफ्तर को आग के हवाले कर दिया गया और परिवार के अन्य लोगों और नौकरों पर हमले किए गए। मुस्लिम भीड़ ने हथियार लेकर लूटपाट शुरू कर दिया।

इससे पहले कोलकाता में ‘डायरेक्ट एक्शन डे‘ के ऐलान के बाद मुस्लिम भीड़ ने कहर बरपाया था। बंगाल के एक नेता गुलाम सरवर हुसैनी का इन दंगों में बड़ा हाथ था, जिसने जमींदारों पर हमले के बहाने मुस्लिम किसानों को भड़काया और उन्हें अपने साथ लेकर एक ‘मियार फ़ौज’ नामक एक इस्लामी फ़ौज बनाई। वो श्यामपुर (अब लक्ष्मीपुर स्थित रामगंज) के दरया शरीफ दरगाह का खादिम था और सूफी परिवार से था। नोआखली के ‘बार एसोसिएशन’ और जिले में ‘हिन्दू महासभा’ के अध्यक्ष राजेंद्र रॉय चौधरी का कटा हुआ सिर सरवर को एक प्लेट में रख कर पेश किया गया था।

उनकी दो बेटियों को इस्लामी फ़ौज के दो सरदारों को सौंप दिया गया। उस समय ‘भारत सेवाश्रम संघ’ के स्वामी त्रयम्बकानंद उनके घर ही ठहरे हुए थे, लेकिन एक दिन पहले किसी तरह उन्हें सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया था। कहा जाता है तो चौधरी रॉय को नंगा कर के उनका सिर काटा गया था। उनके घर को आग के हवाले कर दिया गया था। उनके घर की महिलाओं को आपत्तिजनक रूप से खुले में घुमाया गया, ताकि लोग तमाशा देखें।

चौधरी के घर महात्मा गाँधी भी पहुँचे थे। वहाँ कई शव ऐसे थे, जिन्हें जल जाने के कारण पहचानना तक मुश्किल था और उनका अंतिम संस्कार भी नहीं हो पाया था। वहाँ महिलाओं की लाशें भी थीं। सुजाता चौधरी ने अपने एक उपन्यास में इस घटना को जगह दी है। इन दंगों के बाद भी हिन्दुओं को सताया जाना कम नहीं हुआ। महिलाओं को मंगलसूत्र-सिंदूर हटाने को मजबूर किया गया और उन्हें कलमा पढ़वाने के लिए मौलवियों को उनके घर भेजा जाने लगा।

साथ ही पुरुषों को इस्लामी धर्मांतरण के बाद मुस्लिमों की तरह दाढ़ी रखने और स्कल कैप पहनने को मजबूर किया गया। हालाँकि, इस्लामी पत्र-पत्रिकाओं ने जबरन धर्मांतरण की घटनाओं को नकार दिया। त्रिपुरा, असम और पश्चिम बंगाल में पीड़ित हिन्दुओं को शरण लेनी पड़ी। हिन्दुओं को राहत शिविर की तरफ ले जा रहे पुलिस वालों पर भी मुस्लिम भीड़ ने हमला किया। अंत में हार कर महात्मा गाँधी को कहना पड़ा कि हिन्दू या तो नोआखली छोड़ दें, या फिर अपनी दुर्दशा को तैयार रहें।

‘वो नीच किस्म का आदमी पूरे देश को C बना रहा है’: AAP के प्रदेश अध्यक्ष ने PM मोदी को कहे अपशब्द, माने जाते हैं अरविंद केजरीवाल के ‘राइट हैंड’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए गुजरात में AAP के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल इटालिया ने आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल किया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के करीबी माने जाने वाले गोपाल इटालिया को एक वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘नीच’ कहते हुए सुना गया। उन्होंने कहा, “आप नीच किस्म के आदमी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। मैं इसकी पुष्टि नहीं कर सकता, लेकिन क्या कभी पहले किसी प्रधानमंत्री ने इस तरह की नौटंकी की है?”

उन्होंने गुजरात में आगामी विधानसभा चुनावों की बात करते हुए कहा कि ‘ये नीच किस्म का आदमी’ यहाँ पर रोडशो कर रहा है और लोगों को ‘C’ बना रहा है। उन्होंने कहा कि ‘C’ का अर्थ लोग समझ ही रहे हैं। उन्होंने पीएम मोदी पर पूरे भारत को ‘C’ बनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि वो डिजिटल इंडिया की बातें करते हैं, लेकिन खुद दौड़े-दौड़े दिल्ली से गुजरात वोट देने आते हैं। उन्होंने पीएम मोदी के लिए 50 सेकेंड के अंदर कई बार ‘नीच’ शब्द का प्रयोग किया।

गोपाल इटालिया पहले से ही विवादों में रहे हैं और द्वारका में उन पर भगवान श्रीकृष्ण पर आपत्तिजनक टिप्पणी के आरोप में FIR भी दर्ज की जा चुकी है। उमराला तालुका पुलिस थाने में अहीर समाज के अमितभाई डांगर ने मामला दर्ज कराते हुए कहा था कि उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के लिए ‘राक्षस’ शब्द का प्रयोग किया। इससे पहले गुजरात के गृह मंत्री हर्ष संघवी को ‘ड्रग्स संघवी’ बताने और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटिल को ‘शराब तस्कर’ बताने को लेकर उन पर केस दर्ज हो चुके हैं।

भाजपा की आईटी सेल के मुखिया अमित मालवीय ने गोपाल इटालिया के ताज़ा वीडियो पर निशाना साधते हुए कहा कि वो भी अब अरविंद केजरीवाल के स्तर पर ही गिर गए हैं। उन्होंने कहा कि गुजरात की मिट्टी के लाल, जिन पर राज्य को गर्व है, उनके लिए इस तरह के शब्द का इस्तेमाल करना हर एक गुजराती का अपमान है, जिसने पिछले 27 वर्षों से अपना बहुमूल्य वोट पीएम मोदी को दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी फ़िलहाल गुजरात के दौरे पर हैं।

CM गहलोत के गृह जिले में ‘सर तन से जुदा’ के नारे, पुलिस के सामने बेखौफ इस्लामी भीड़ ने की हरकत: कन्हैया लाल की हत्या का समर्थन का भी, वीडियो आया सामने

राजस्थान के जोधपुर में इस्लामी भीड़ ने खुलेआम ‘सर तन से जुदा’ के नारे लगाए हैं। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है। साथ ही हरे रंग के इस्लामी झंडे ली हुई भीड़ को ‘नारा-ए-तकबीर’ और ‘अल्लाहु अकबर’ के नारे लगाते हुए भी देखा गया। ये वीडियो वहाँ आयोजित एक मजहबी जुलूस का है। पुलिस का कहना है कि वो वीडियो सामने आने के बाद कार्रवाई में जुट गई है। हालाँकि, मात्र एक को ही अभी तक गिरफ्तार करने की बात सामने आई है।

ये मामला रविवार (9 अक्टूबर, 2022) का है। घटना जोधपुर के पीपाड़ शहर में हुई। डीएसपी भूपेंद्र सिंह शेखावत ने जानकारी दी कि बारावफात (मिला-उल-नबी) के दौरान शहर में जुलूस निकाला जा रहा था, उसी दौरान ये घटना हुई। इस दिन दुनिया भर में मुस्लिम पैगंबर मुहम्मद की जयंती मनाते हैं। खास बात तो ये है कि ये नारेबाजी राजस्थान पुलिस के सामने हुई है। हिन्दू संगठनों का आरोप है कि सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के लिए ऐसा किया गया। जोधपुर राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का गृह जिला भी है।

हिन्दू कार्यकर्ताओं ने इस संबंध में थाने में शिकायत भी दर्ज करवाई है। पुलिस ने मुख्य आरोपित रोशन अली सिंधी (47) को गिरफ्तार किया है। राजस्थान पुलिस का कहना है कि वो बाकी आरोपितों की तलाश में जुटी हुई है। पुलिस का कहना है कि लगातार छापेमारी चल रही है और पुलिस की इस मामले पर पैनी नजर बनी हुई है। ‘विश्व हिंदू परिषद (VHP)’ के सत्यनारायण ने मामला दर्ज करवाते हुए आरोप लगाया कि कन्हैया लाल की हत्या के समर्थन में ये नारेबाजी की गई।

याद दिला दें कि पैगंबर मुहम्मद पर टिप्पणी के आरोप के बाद भाजपा ने अपनी प्रवक्ता नूपुर शर्मा को निलंबित कर दिया था। उनके समर्थन में पोस्ट करने पर इस्लामी कट्टरपंथियों ने कन्हैया लाल तेली नामक दर्जी की राजस्थान के उदयपुर में सिर कलम कर हत्या कर दी थी, साथ ही वीडियो भी बनाया था। ताज़ा मामले में आरोपित राशन अली सिंधी पहले भी दंगा आरोपित रहा है। वो शहर में एक कपड़ों की दुकान चलाता है। पूर्व पालिका अध्यक्ष महेंद्र सिंह कच्छावाह ने कहा कि पीपाड़ पहले भी दंगा पीड़ित रहा है, अब फिर माहौल बिगाड़ने की साजिश चल रही है।

‘जिस अमजद के लिए सबको छोड़ बन गई मुस्लिम, अब वही कर रहा मारपीट’: अभिनेत्री दिव्या ने दर्ज कराई शिकायत – शौहर की दूसरी लड़की से संबंध

चैनल ‘विजय टीवी’ के शो ‘चेलम्मा’ के कारण लोकप्रियता बटोरने वाली अभिनेत्री दिव्या श्रीधर ने अपने शौहर अर्णव अमजद खान के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। अभिनेत्री ने आरोप लगाया कि उनके पति ने उनके साथ मारपीट की। साथ ही उन्होंने अपने पति पर किसी और महिला के साथ विवाहेतर संबंध होने का भी दावा किया। दिव्या का आरोप है कि अर्णव अमजद खान अपनी एक को-स्टार के साथ ही रिलेशनशिप में हैं।

अभिनेत्री दिव्या श्रीधर का कहना है कि उनके पति ने न सिर्फ उनके साथ मारपीट की और उन्हें प्रताड़ित किया, बल्कि उनके साथ हिंसा भी की। दिव्या श्रीधर का कहना है कि उन्होंने अर्णव अमजद खान से निकाह के लिए सब को छोड़ कर इस्लाम में धर्मांतरित होने का निर्णय लिया था, लेकिन अब वही ये सब कर रहा है। उन्होंने बताया कि एक दिन वो घर नहीं आए, खोजने पर वो अपनी को-स्टार के साथ मिले। दिव्या के अनुसार, उस अपार्टमेंट के गार्ड ने बताया कि वो दोनों शादीशुदा हैं।

दिव्या ने ये भी बताया कि अर्णव ने उन्हें सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ब्लॉक कर के रखा हुआ है। उन्होंने बताया कि अर्णव का असली नाम मुहम्मद है और उस लड़की के साथ उसकी बातचीत के रिकॉर्डिंग्स उनके पास सबूत के रूप में उपलब्ध हैं। उधर अर्णव ने दिव्या के खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हुए कहा है कि अभिनेत्री ने अपने 3 महीने के गर्भ को गिरा दिया। उन्होंने आवादी पुलिस थाने में दर्ज काउंटर-शिकायत में कहा है कि उन्होंने अपनी पत्नी को नहीं मारा-पीटा।

उन्होंने सबूत के रूप में सीसीटीवी फुटेज पेश करते हुए दावा किया कि उस समय वो घर में ही नहीं थे। उन्होंने दावा किया कि उन्हें बलि का बकरा बनाने के लिए दिव्या ये सब कर रही है, ताकि एबॉर्शन के मामले में उन्हें फँसाया जा सके। दिव्या श्रीधर ने गुरुवार (6 अक्टूबर, 2022) को चेन्नई के पुलिस कमिश्नर के समक्ष दर्ज शिकायत में दिव्या ने बताया कि अर्णव की गर्लफ्रेंड ने फिल्म शूटिंग के लोकेशन पर उन्हें गालियाँ बकीं और पानी के बोतल से मारा। साथ ही अपनी पहचान छिपा कर शादी का भी आरोप उन्होंने अमजद पर लगाया।

‘महिलाओं को मिलती है रेप की धमकियाँ, सुंदर नगरी में नहीं सुरक्षित कोई हिन्दू’: दलित युवक के हत्यारे मुस्लिमों पर कार्रवाई की माँग, VHP की विराट हिन्दू सभा

दिल्ली के सुन्दर नगरी में 1 अक्तूबर, 2022 को हुई दलित युवक मनीष की हत्या के बाद अब विश्व हिन्दू परिषद (VHP) ने उप-राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन में मृतक के परिजनों को 1 करोड़ रुपए की सहायता राशि के साथ 1 सदस्य को नौकरी की माँग की गई है। इसी ज्ञापन में हिन्दुओं की सुरक्षा की माँग सुंदर नगरी और आस-पास सक्रिय धर्मांतरण करवाने वाले लोगों पर नकेल कसने के लिए भी कहा गया है।

यह ज्ञापन रविवार (9 अक्टूबर, 2022) को दिया गया है। VHP की विराट हिन्दू सभा में एक संत ने अब पानी सिर से ऊपर चले जाने की बात करते हुए ‘जैसे को तैसा’ वाली भाषा में जवाब देने का बयान दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रविवार को आयोजित इस विराट हिन्दू सभा में न सिर्फ VHP के कई बड़े पदाधिकारी मौजूद थे, बल्कि संत समाज के कई लोगों के साथ भाजपा व कुछ ने हिन्दू संगठनों के पदाधिकारी भी शामिल हुए।

इस बैठक में महामंडलेश्वर नवल किशोर दास ने हिन्दुओं की एकता पर बल देते हुए कहा कि अगर हिन्दू एक हो जाएँ तो दिल्ली का कमिश्नर भी उन्हें चाय पिलाएगा। इसी सभा को सम्बोधित करते हुए भाजपा सांसद प्रवेश वर्मा ने मनीष की हत्या के लिए जिहादियों को जिम्मेदार बताया है। विश्व हिन्दू परिषद (VHP) पदाधिकारी सुरेंद्र जैन ने कहा कि यदि पुलिस मनीष के कतिलों को रिहा कर दे तो इसका स्वागत किया जाएगा, भले ही इसके बाद कानून हाथ में क्यों न लेना पड़े।

इसी सभा को सम्बोधित करते हुए योगेश्वर आचार्य ने कहा कि अब पानी सिर से ऊपर जा चुका है और जिहादियों को चुन-चुन कर मारा जाना चाहिए। इस सभा में आर्थिक बहिष्कार की माँग की उठी, जिसमें जिहादी तत्वों से कुछ भी खरीदने से परहेज की वकालत की गई।

VHP ने जारी की प्रेस विज्ञप्ति

विराट हिन्दू सभा के बाद विश्व हिन्दू परिषद ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए बताया कि कभी सुंदर नगरी में 90% हिन्दू रहते थे, जो अब महज 30% बचे हैं। इसी प्रेसनोट में आगे कहा गया कि वहाँ पर जिहादी न केवल हिन्दुओं के घरों का दरवाजा खटखटा कर उन्हें परेशान करते हैं बल्कि महिलाओं को भी रेप की धमकियाँ दी जाती हैं। विहिप के अनुसार सुंदर नगरी में न तो हिन्दू समुदाय का कोई वर्ग सुरक्षित है और न ही उनके मंदिर।

इस प्रेसनोट में विश्व हिन्दू परिषद ने पुलिस को भी सवालों के घेरे में खड़ा करते हुए लोगों की सुनवाई न करने की शिकायतों से उन्हें रूबरू करवाया। विहिप ने इस बाबत केरल पुलिस का हवाला दिया, जहाँ कई पुलिसकर्मियों पर अंदर ही अंदर PFI की मदद का आरोप लगा था। प्रेसनोट में दिल्ली की केजरीवाल सरकार को हिन्दू विरोधी बताने के साथ जिहादी तत्वों को बढ़ावा देने वाली भी बताया गया है।

80 करोड़ रुपए, 12 हेक्टेयर जमीन, 24 घंटे बिजली: जिस गाँव का ‘सूर्य मंदिर’ अब तक था विश्व भर में प्रसिद्ध, PM मोदी ने उस ग्राम को बनाया देश का पहला ‘सोलर विलेज’

प्राचीन सूर्य मंदिर के लिए विश्व प्रसिद्ध मेहसाणा जिले के मोढेरा गाँव ने आज एक और उपलब्धि अपने नाम कर ली। पीएम मोदी ने रविवार (9 अक्टूबर 2022) को मोढेरा को देश का पहला ‘सोलर विलेज’ घोषित किया। यहाँ के सूर्य मंदिर से लेकर प्रत्येक घर में बिजली की आपूर्ति सौर ऊर्जा के माध्यम से होगी।

दरअसल, मेहसाणा जिले के मोढेरा गाँव के प्रत्येक घर की छत पर सोलर पैनल लगाए गए हैं। जिससे इस गाँव को 24 घंटे सौर पैनल से बिजली मिलेगी। इस गाँव को सोलर विलेज बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने दो चरणों में सौर पैनल लगाए हैं। इस गाँव को आधुनिक पहचान दिलाने के लिए करीब 80.66 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। इसके लिए राज्य सरकार ने 12 हेक्टेयर जमीन आवंटित की है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज इस गाँव को सोलर गाँव घोषित करते हुए कहा, ” जिस मोढेरा को सदियों पहले मिट्टी में मिलाने के लिए आक्रांताओं ने क्या कुछ नहीं किया, जिस मोढेरा पर भाँति-भाँति के अत्याचार हुए। वो मोढेरा अब अपनी पौराणिकता के साथ-साथ आधुनिकता के लिए भी दुनिया में मिसाल बन रहा है।”

विश्व प्रसिद्ध मोढेरा को सोलर विलेज बनाने के लिए मेहसाणा के सुजानपुरा में बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) के साथ एकीकृत सौर ऊर्जा परियोजना को अमल में लाया गया है। ग्राउंड माउंटेड सोलर पावर प्लांट लगाया गया है। ये सभी सोलर सिस्टम बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (बीईएसएस) से जुड़े हुए हैं।

इस सिस्टम को सूर्य मंदिर से सिर्फ 6 किलोमीटर की दूरी पर लगाया गया है। इससे मोढेरा को 24×7 यानी 24 घंटे और सातों दिन सौर ऊर्जा आधारित बिजली मिलेगी। इस परियोजना को ‘सोलराइजेशन ऑफ मोढेरा सन टेम्पल एंड टाउन’ नाम दिया गया है।

बता दें कि पीएम मोदी ने मोढेरा को सौलर विलेज घोषित करने के साथ गाँव को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर मजबूती के साथ पेश करने के लिए 3,900 करोड़ रुपए की अन्य कई योजनाओं की भी आधारशिला रखी।

मोढेरा गाँव की इस उपलब्धि पर सरपंच जतनबेन डी ठाकोर ने कहा है कि केंद्र सरकार व राज्य की इस परियोजना से सभी ग्रामीण बेहद खुश हैं। पहले यहाँ बिजली का बिल लगभग 1 हजार रुपये के आसपास आता था लेकिन अब यह लगभग शून्य हो गया है।

मोढेरा गाँव को सौर्य ऊर्जा आधारित बनाने पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने खुशी जताई है। उन्होंने कहा है कि गुजरात ने एक बार फिर से स्वच्छ व हरित ऊर्जा पैदा करने के प्रधानमंत्री के विजन को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। 2030 तक अक्षय ऊर्जा के माध्यम से भारत की 50 फीसदी ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के प्रधानमंत्री जी के संकल्प को पूरा करने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं।

नहीं मानता राम-कृष्ण को भगवान…: हिंदूविरोधी शपथ लेने वाले केजरीवाल के मंत्री ने दिया इस्तीफा, गुजरात तक फजीहत करवाने के बाद बोले- वो मेरा व्यक्तिगत मामला था

आम आदमी पार्टी नेता व केजरीवाल सरकार में मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। हिंदुओं के धर्मांतरण वाले कार्यक्रम में जाने के बाद से लगातार राजेंद्र पाल गौतम पर सवाल उठ रहे थे। उनके इस कार्यक्रम में हिंदूविरोधी शपथ लेने की वजह से केजरीवाल को गुजरात में काले होर्डिंग्स के जरिए लोगों का विरोध झेलना पड़ा था।

टाइम्स नाऊ की रिपोर्ट के अनुसार, 10000 हिंदुओं के धर्मांतरण में शामिल होकर हिंदूविरोधी शपथ लेने वाले आप नेता राजेंद्र पाल गौतम ने रविवार को इस्तीफा दिया। सफाई में गौतम ने कहा है कि वो जिस कार्यक्रम का हिस्सा बने वो उनका व्यक्तिगत मामला था इससे पार्टी का या उनके मंत्री होने का कोई लेना देना नहीं है।

बता दें कि आप नेता झंडेवालान में आयोजित जिस कार्यक्रम में शामिल हुए थे उसमें 10 हजार हिंदुओं का धर्मांतणरण हुआ था। शपथ में कहते सुना गया था- “मैं इस बात को नहीं मानता और न ही मानूँगा कि भगवान बुद्ध विष्णु के अवतार थे। मैं इसे केवल पागलपन और झूठा प्रचार मानता हूँ। मैं श्राद्ध नहीं करूँगा और न ही पिंडदान करूँगा।”

भगवा वस्त्र पहने हुए व्यक्ति ने इस शपथ को दिलाते हुए कहा था, “मैं ब्राह्मणों द्वारा किसी भी समारोह को करने की अनुमति नहीं दूँगा। मैं हिंदू धर्म का त्याग करता हूँ, जो मानवता के लिए हानिकारक और उनके विकास में बाधक है, क्योंकि यह असमानता पर आधारित है। मैं बौद्ध धर्म को अपना धर्म स्वीकार करता हूँ।”

कार्यक्रम के दौरान, ‘आप’ के मंत्री राजेंद्र पाल गौतम इन विवादास्पद लाइनों को दोहराते हुए और उस व्यक्ति के साथ मंच साझा करते हुए दिखाई दिए थे। इस कार्यक्रम की वीडियो सोशल मीडिया पर आने के बाद बीजेपी ने आप प्रमुख और आप मंत्री के खिलाफ शिकायत दी थी। वहीं गुजरात में ब्लैक होर्डिंग्स के साथ केजरीवाल का भी विरोध हुआ था.

वाराणसी में गेस्ट हाऊस के भीतर CCTV कैमरा, घूमने आई लड़कियों ने कपड़े बदलते वक्त देखा: बवाल के बाद 2 हिरासत में, जाँच में निकली कई अश्लील Video

उत्तर प्रदेश वाराणसी (Varanasi, Uttar Pradesh) के एक गेस्ट हाउस में CCTV कैमरा लगाकर लड़कियों की अश्लील वीडियो रिकॉर्ड करने पर हंगामा मच गया है। लड़कियों की नजर कैमरे पर पड़ी, इसके बाद इसका खुलासा हुआ। मौके पर पहुँचकर पुलिस ने होटल संचालक और मैनेजर एवं अन्य कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर हिरासत में ले लिया गया है।

सिगरा थाने की पुलिस ने परेड कोठी स्थित जेपी गेस्ट हाउस के CCTV की DVR कब्जे में लेकर उसकी जाँच की तो उसमें कई वीडियो रिकॉर्ड मिले। इसके बाद पुलिस ने होटल के संचालक प्रदीप यादव और मैनेजर राजकुमार को हिरासत में ले लिया है।

दरअसल, पश्चिम बंगाल की एक स्वयंसेवी संस्था (NGO) की करीब 20 छात्राएँ वाराणसी घूमने के लिए आई हुई थीं। शनिवार (8 अक्टूबर 2022) को संस्था की सभी छात्राएँ और उसके अधिकारी कैंट स्टेशन के पास स्थित जेपी गेस्ट हाउस में ठहरे थे। छात्राएँ जिस हॉल में ठहरी थीं, वहाँ एक CCTV कैमरा लगा हुआ था। कपड़े बदलते समय लड़कियों की नजर कैमरे पर पड़ी तो हंगामा करते हुए संस्था के अधिकारियों को इसकी जानकारी दी।

एनजीओ के अधिकारियों ने इसकी शिकायत गेस्ट हाउस के मैनेजर से की तो उसने कहा कि कैमरे बंद हैं। इस पर संस्था के लोगों ने रिकॉर्डिंग चेक कराने की माँग की, लेकिन वे इसके बहाने बनाने लगे। सूचना मिलने पर ACP और सिगरा थाना की पुलिस मौके पर पहुँचे।

कानपुर के गर्ल्स हॉस्टल में वीडियो

इससे पहले कानपुर के रावतपुर स्थित तुलसी नगर के एक निजी गर्ल्स हॉस्टल में छात्रा का अश्लील वीडियो बनाए जाने का मामला सामने आया था। इस मामले में सफाई कर्मचारी ऋषि को गिरफ्तार किया गया था। इसके अलावा वॉर्डन और हॉस्टल संचालक को भी गिरफ्तार किया गया था।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, रावतपुर थाना प्रभारी संजय शुक्ला पर आरोप लगा कि उन्होंने वार्डन सीमा पाल और गर्ल्स हॉस्टल के संचालक मनोज पांडेय के खिलाफ केस को कमजोर किया, जिसकी वजह से दोनों को कोर्ट से जमानत मिल गई। यह बात सामने आई थी कि यह हॉस्टल IPS अधिकारी सुरेंद्र तिवारी का है।

मदुरै में डॉक्टर आशिक बनवाता था वीडियो

तमिलनाडु के मदुरै शहर में एक डॉक्टर की प्रेमिका उसे अपने साथ हॉस्टल में रहने वाली लड़कियों की अश्लील वीडियो व फोटो भेजा करती थी। ये फोटो व वीडियो आरोपित अपने ही मोबाइल से बनाती थी।

आरोपित महिला का नाम जननी है जबकि डॉक्टर का नाम आशिक है। पुलिस ने डॉक्टर और उसकी प्रेमिका को गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला 22 सितम्बर 2022 को दर्ज हुआ था।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह मामला अन्नानगर थाना क्षेत्र का है। यहाँ एक हॉस्टल में रहने वाली BED की छात्रा जननी पर आरोप है कि उसने अपनी सहेलियों की आपत्तिजनक तस्वीरें अपने प्रेमी डॉक्टर आशिक को व्हाट्स एप पर भेजी हैं।

बताया जा रहा है कि तस्वीरें तब खींची गईं हैं जब लड़कियाँ या तो कपड़े बदल रहीं थीं या वो नहा रही थीं। एक दिन नहा रही एक लड़की को शक हुआ तो उसने युवती का मोबाइल चेक किया।

IIT बॉम्बे में लड़कियों का वीडियो बनाने का मामला

आईआईटी बॉम्बे (IIT Bombay) की हॉस्टल के वॉशरूम में लड़कियों का वीडियो बनाने का मामला सामने आया था। इस मामले में हॉस्टल के ही कैंटीन के एक कर्मचारी को गिरफ्तार किया गया था।

पीड़िता ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि रात में आईआईटी बॉम्बे के एक कर्मचारी ने हॉस्टल H10 के वॉशरूम में उसका वीडियो रिकॉर्ड किया। पीड़िता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपित के खिलाफ धारा 354 C के तहत मामला दर्ज करते हुए गिरफ्तार कर लिया गया।

चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में छात्रा बनाती थी अन्य छात्राओं का वीडियो

पिछले महीने पंजाब के चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी (Chandigarh University) के हॉस्टल में रहनी वाली छात्राओं के नहाने के वीडियोज वायरल होने की खबर के बाद बवाल मचा गया था। छात्रा हॉस्टल की लड़कियों के नहाने का वीडियो रिकॉर्ड कर अपने फ्रेंड को भेजा करती थी।

मामला सामने आने के बाद कुछ लड़कियों ने हॉस्टल वार्डन राजविंदर कौर से शिकायत करते हुए कहा कि एक लड़की वॉशरूम में 6 लड़कियों का वीडियो बना रही थी। इसके बाद वार्डन राजविंदर कौर ने लड़की से पूछताछ की और फिर गर्ल्स हॉस्टल मैनेजर रीतू को इसकी जानकारी दी गई।

इस दौरान, हॉस्टल मैनेजर के सामने आरोपित छात्रा ने फोटो या वीडियो बनाने से इनकार कर दिया। हालाँकि, हॉस्टल मैनेजर का कहना है कि जब उसने आरोपित छात्रा के मोबाइल की जाँच की थी तो उसमें से कई फोटो और वीडियो डिलीट किए हुए मिले।

‘मुझे गंदी-गंदी गालियाँ दी, सुप्रीम कोर्ट में करूँगा FIR’: राजद की बैठक छोड़ निकले तेज प्रताप ने जारी किया ऑडियो, बेहोश दलित नेता पहुँचाए गए अस्पताल

दिल्ली में हो रही ‘राष्ट्रीय जनता दल (RJD)’ की कार्यकारिणी बैठक में बिहार सरकार में मंत्री तेज प्रताप यादव ने श्याम रजक पर खुद और अपने PA को गंदी-गंदी गालियाँ देने का आरोप लगाया है। तेज प्रताप ने अपनी ही पार्टी के नेता श्याम रजक को संघी और भाजपाई कहा है। फिलहाल वो बैठक छोड़ कर चले गए हैं। यह घटनाक्रम आज रविवार (9 अक्टूबर 2022) का है। तेज प्रताप के आरोपों के बाद श्याम रजक अचानक ही बेहोश हो गए हैं। जानकारी के मुताबिक, उन्हें अस्पताल ले जाया गया है।

वायरल हो रहे एक वीडियो में तेज प्रताप यादव बैठक से बाहर निकल कर जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। वो कह रहे हैं कि उन्हें दी गई गालियों की ऑडियो उनके पास मौजूद है। तेज प्रताप के मुताबिक, वो उस ऑडियो को अपने पेज पर डाल कर पूरे बिहार की जनता को सुनवाएँगे। उनके मुताबिक, श्याम रजक ने कार्यक्रम की जानकारी लेने पर उनके PA को साला कहा और खुद उनको बहन की गाली दी है। बैठक छोड़ कर जाते हुए तेज प्रताप ने कहा कि यहाँ कोई गाली सुनने नहीं आया है।

बैठक से बाहर जाने के बाद भी तेज प्रताप यादव के तेवर गर्म रहे। ‘न्यूज़ 18’ से बात करते हुए उन्होंने कहा कि उनके पिता लालू प्रसाद यादव ने ही श्याम रजक को वहाँ पहुँचाया है, जहाँ आज वो हैं। तेज प्रताप का आरोप है कि न सिर्फ उन्हें बल्कि उनकी माँ, बहन और पिता तक को गाली दी गई है। खुद को अपने दिए गए विभाग में बहुत व्यस्त बताते हुए तेज प्रताप यादव ने कह कि वो कभी गलत बात सहन नहीं करते।

तेज प्रताप ने श्याम रजक के गुस्से के पीछे उनके मंत्री न बनने की नाराजगी होने की संभावना जताई। उन्होंने कहा कि मैं और तेजस्वी मंत्री बन गए पर वो नहीं बन पाए, शायद ये वजह हो उनके द्वारा दी जा रही गालियों की। उन्होंने श्याम रजक को ऑफर दिया कि अगर उनका मन हो तो आ कर पर्यावरण मंत्रालय चलाएँ। इसी के साथ उन्होंने कहा कि अगर मंत्री ही बनना है तो श्याम रजक तेजस्वी से बात करें। तेज प्रताप ने श्याम रजक पर दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट के माध्यम से FIR दर्ज करवाने का भी एलान किया है।

गालियों को श्याम रजक के संस्कार बाते हुए तेज प्रताप ने कहा कि जब उन्हें पार्टी में जलील कर के स्टेज से उतार दिया गया था तब उन्हें मंच पर मैंने ही बिठाया था। उन्होंने कहा कि मैंने तेजस्वी को भी श्याम रजक की गालियों का ऑडियो सुनाया है और इस सबूत को वो कोर्ट तक ले जाएँगे। श्याम रजक के हालात पर कोई भी टिप्पणी न करते हुए उन्होंने कहा कि हालात कैसे भी रहे हों पर उन्होंने गाली कैसे दे दी?

श्याम रजक पर संघी होने का आरोप लगाते हुए तेज प्रताप ने कहा कि एक तरफ वो लालू को सामाजिक न्याय का पुरोधा बता रहे तो दूसरी तरफ उनके ही बेटे को गाली दे रहे। तेज प्रताप के मुताबिक, दोतरफा राजनीति करने वाले श्याम रजक ने संगठन को तोड़ने का शुरू से ही काम किया है। बैठक के अंदर हुए हंगामे का भी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में RJD कार्यकर्ता दो भागों में लामबंद होते दिख रहे हैं जिसमें तेज प्रताप को बाहर जाते देखा जा सकता है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस विवाद की वजह बताया जा रहा एक ऑडियो भी सामने आया है। इस ऑडियो में श्याम रजक की आवाज होने का दावा किया जा रहा। ऑडियो में कहा गया, “मंत्री हो गया है तो मंत्री का पीए फोन कर रहा है। हम लोग भी मंत्री थे हम डायरेक्ट बात करते थे। पीए से बात नहीं करवाते थे।” इसी ऑडियों में एक जगह आपत्तिजनक शब्द भी बोला गया है। हालाँकि ऑपइंडिया इस ऑडियो की पुष्टि नहीं करता।

श्याम रजक की सफाई में रामचरित मानस की चौपाई

तेज प्रताप यादव के इन आरोपों पर राजद नेता श्याम रजक ने सफाई दी है। सफाई देने के लिए उन्होंने ‘समरथ कहुँ नहिं दोषु गोसाईं’ कहते हुए कहा कि तेज प्रताप सामर्थ्यवान हैं और वो पार्टी के बँधुआ मजदूर। खुद को दलित बताते हुए श्याम रजक ने कहा कि तेज प्रताप जो भी कह रहे हैं, वो अपने सामर्थ्य से कह रहे।

58% भ्रष्टाचारी ब्राह्मण, 84% ईमानदार मुस्लिम: बॉलीवुड के गटर ने ‘आदिपुरुष’ को किया बर्बाद, श्रीराम से लेकर हनुमान तक का अपमानजनक चित्रण

भारत देश की सिनेमा इंडस्ट्री अर्थात बॉलीवुड के दोगलेपन से हम सब काफी समय से वाकिफ हैं। कला के नाम पे ये अनगिनत अपमानजनक सामग्री बना कर बेच चुके हैं, ठीक वैसे ही जैसे किसी ने अपनी मर्यादा बेच दी हो। दूर से चमचमाता हुआ ये कालसर्पी गटर बड़ा ही आकर्षक लगता है। बहुत ही गिने चुने व्यक्ति हैं जो सामाजिक दृश्य की सही प्रस्तुति करते हैं अपनी सिनेमा में। बॉलीवुड के दूषित गर्भ से एक और अपमानजनक फ़िल्म का जन्म हुआ है जिसका नाम आदिपुरूष है।

जी हाँँ, हमारे मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के शौर्य और शिक्षा को अमर्यादित रूप से प्रस्तुत करने की कोशिश। माता सीता की झलक ऐसी दिखाई गई है जैसे पुराने फिल्मों की मधुबाला। राम भक्त श्री हनुमान जी की भक्ति और तप का उपहास और शिव भक्त प्रकांड पंडित रावण की भी भर्त्सना की गई है। हनुमान चालीसा में ही अंजनीपुत्र के स्वरूप का वर्णन श्री तुलसीदास जी ने किया है। वो पंक्तियाँ हैं:

कंचन बरन बिराज सुबेसा, कानन कुण्डल कुंचित केसा॥4॥
अर्थ- आप सुनहले रंग, सुन्दर वस्त्रों, कानों में कुण्डल और घुंघराले बालों से सुशोभित हैं।


हाथबज्र और ध्वजा विराजे, कांधे मूंज जनेऊ साजै॥5॥
अर्थ- आपके हाथ में बज्र और ध्वजा है और कन्धे पर मूंज के जनेऊ की शोभा है।

इस फ़िल्म में दर्शाए गए हनुमान जी के चरित्र का इससे दूर-दूर तक कोई सामंजस्य नहीं दिखता। विपरीत रूप में उन्हें चमड़े के वस्त्र और बिना गदा के दिखाया गया है।

ये फ़िल्म अभी सिनेमाघरों में रिलीज नही हुई है पर इसके दो मिनिट के टीजर ने सनातनी भावनाओं को आघात किया है। कला का सही मूल्य तभी है जब वो जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए सच प्रदर्शित करे। इस फ़िल्म में ना ही श्रीराम की स्वर्णिम व्यक्तित्व की झलक मिलती है ना हनुमान जी की प्रेमपूर्ण भक्ति। सात्विक स्वभाव के हमारे देवगणों को चमड़े के वस्त्रों में दिखाया गया है। हनुमान चालीसा तक बहुत ही सुंदर व्याखान करती है।

वहीं पंडित रावण की वेशभूषा ऐसी प्रतीत होती है जैसे कोई मध्यकालीन क्रूर शासक हो जो भारत पे आक्रमण करने आया हो। रावण की स्वर्णरूपी नगरी लंका को भी एक काले खंडहर के रूप में दिखाया गया है। पुष्कप विमान की जगह किसी काले चमगादड़ को रावण की सवारी बना दी गई है। जैसा हमें ज्ञात है की शिव भक्त रावण को चारो वेद कंठस्त्य थे। शिवतांडव स्त्रोत की रचना रावण ने ही की थी। रावण अहंकारी जरूरी था, पर उतना ही ज्ञानी भी। रावण का वध तय था श्रीराम के हाथों, पर श्रीराम ने भी उसकी विद्वत्ता की सराहना की थी। रावण को तो फिल्म निर्माताओं ने छपरी हेयरकट और औरंगजेबी वेशभूषा दे दी है।

इतना बुरा वर्णन बस दो मिनट के टीजर में था तो पूरी फिल्म में की गई पात्रों की दुर्गति की कल्पना भी कठिन है।

ये पहली बार नहीं है कि बॉलीवुड ने हिंदू विरोधी फिल्म कला या यह कहूँ की कलंक के नाम पर पेश की है। पिछले वर्ष ही तांडव नाम की कुप्रस्तुति की गई थी। इस फिल्म में सैफ अली खान थे और इसपे पर बहुत बहस हुई थी। आज से कुछ वर्षो पहले आमिर खान की फिल्म पीके ने भी हिंदू समाज के गुरु की नकारात्मक छवि दिखाई थी। इसी पीके फिल्म में शिवजी के रूप का उपहास किया गया था, कहीं उन्हें मोबाइल फ़ोन पर बात करते भी दिखाया गया, सिर्फ हिंदू रीति रिवाजों का मजाक उड़ाया गया। अन्य कई फिल्में हैं जो की लव जिहाद और हिंदू फोबिया को नॉर्मलाइज करती हैं।

बॉलीवुड के गटर से निकले कुछ निर्देशक अब वेब सीरीज़ भी बनाते हैं। अलग-अलग ऑनलाइक प्लेटफार्म पे गंदी वेब सीरीज़ का अंबार लगा है। ठीक वैसे ही जैसे कूड़े का पहाड़। ऐसी ही वेब सिरीज़ जो भारतीय संस्कृति के वार पे इस सुसंस्कृति को वासना से भर रही है। कला के नाम पे बस अश्लीतला बेची जा रही ही जाती है। नेटफ्लिक्स पर रिलीज़ हुई सुटेबल ब्वॉय में अगर एक मंदिर की मर्यादा को चोट पहुँचाने की कोशिश की गई तो वहीं नेटफ्लिक्स पर ही रिलीज़ हुई एक और फिल्म लुडो को लेकर भी सवाल उठे।

इस फिल्म में चार कहानियों को एक में पिरोया गया लेकिन अनुराग बासु अपनी एंटी हिंदू सोच का गटर यहाँ भी खोल गए।
एक रिसर्च के मुताबिक- 

  • बॉलीवुड की फिल्मों में 58% भ्रष्ट नेताओं को ब्राह्मण दिखाया गया है।
  • 62% फिल्मों में बेइमान कारोबारी को वैश्य सरनेम वाला दिखाया गया है।
  • फिल्मों में 74% फीसदी सिख किरदार मज़ाक का पात्र बनाया गया।
  • जब किसी महिला को बदचलन दिखाने की बात आती है तो 78 फीसदी बार उनके नाम ईसाई वाले होते हैं।
  • 84 प्रतिशत फिल्मों में मुस्लिम किरदारों को मजहब में पक्का यकीन रखने वाला, बेहद ईमानदार दिखाया गया है, यहाँ तक कि अगर कोई मुसलमान खलनायक हो तो वो भी उसूलों का पक्का होता है।

कट्टरपंथियों के कब्जे में फिल्म इंडस्ट्री

कुल मिलाकर बॉलीवुड में एक खास धड़ा इसी पर काम कर रहा है, उन्हें पक्का यकीन है कि वो अगर हिंदू संस्कृति पर सवाल उठाएँगे तो ज़ाहिर है लिबरल सनातन समाज उन्हें कठघरे में नहीं खड़ा करेगा,  जबकि मुस्लिम समुदाय कार्टून/कैरिकेचर बनने पर ही बवाल खड़े कर देता है। यही वजह है कि कुछ फिल्मों में हिंदू धर्म के प्रति पक्षपाती रवैया देखा गया।

एक फिल्म निर्देशक का काम है सही रिसर्च करना अगर वो एक महाकाव्य पर फ़िल्म बनाने की इच्छा रखते हैं। और सवाल यह है कि बॉलीवुड में सिर्फ हिंदू भावनाओं के साथ क्यों खिलवाड़ किया जाता आ रहा है। ख़ैर हमारी उम्मीद ही शायद गलत है। जिन लोगों की ख़ुद की ज़मीर ही नहीं न खुद की इज़्ज़त, वो दूसरो के धार्मिक भावनाओं का क्या ध्यान रखेंगे। समय आ गया है खुद के लिए आवाज़ उठाने का। अपनी आवाज़ बुलंद करे और पूर्ण रूप से इस अपमानजनक फिल्म का बहिष्कार करें। जब बॉलीवुड हमारे इतिहास और भावनाओं का सम्मान नही कर सकता तो उसे भी सम्मान नही मिलेगा।

जय हिंद। जय श्रीराम।