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थूक मिलाकर पार्षदों-विधायकों को पानी पिलाता था तौफीक, मुबीन सब देखकर भी चुप रहा: 6 महीने बाद खुली पोल, कानपुर में हंगामा

उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर निगम के पार्षदों को लम्बे समय से जूठा पानी और खाने की चीजें थूक कर खिलाने का मामला प्रकाश में आया है। बताया जा रहा है कि आरोप तौफीक नाम के एक आउटसोर्स कर्मचारी पर लगा है जिसे अब नौकरी से निकाल दिया गया है। वहीं नगर निगम के ही एक अन्य कर्मचारी मुबीन पर इस पूरे मामले की जानकारी होने के बाद भी छिपाए रखने का आरोप लगा है।

19 सितम्बर 2022 को एक पार्षद ने इस घटना की जानकारी होने पर आरोपित तौफीक के खिलाफ FIR दर्ज करने की माँग की थी लेकिन फ़िलहाल अभी तक कोई पुलिस कार्रवाई नहीं हुई है।

कानपुर के वार्ड संख्या 91 के पार्षद राघवेंद्र मिश्रा द्वारा नगर आयुक्त को इस बाबत शिकायती पत्र प्रेषित किया गया। इस पत्र में उन्होंने लिखा था कि नगर निगम पार्षदों के कमरे में तौफीक, मुबीन, धर्मेंद्र कुमार और शिव कुमार नाम के कर्मचारियों की नियुक्ति है।

राघवेंद्र के मुताबिक इन सभी में तौफीक नाम का कर्मचारी पिछले 6 माह से पार्षदों के खाने और चाय-पानी में थूक रहा है। पार्षद राघवेंद्र मिश्रा ने आगे लिखा कि अन्य कर्मचायर्यों को इसकी सूचना होने के बाद भी उन्होंने इस घटना के बारे में नहीं बताया।

शिकायती पत्र

अपने इसी पत्र में पार्षद राघवेंद्र ने लिखा कि पार्षद कक्ष में विधायक जैसे कई अन्य गणमान्य लोग आते रहे हैं। शिकायती पत्र में आरोपित तौफीक पर कड़ी कार्रवाई की माँग की गई है। ऑपइंडिया से 25 सितम्बर 2022 (रविवार) को बात करते हुए पार्षद राघवेंद्र मिश्रा ने बताया, “हम पार्षद तौफीक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई चाहते हैं लेकिन हमारे सिटी मजिस्ट्रेट का रवैया इस मामले में ढुलमुल है।”

राघवेंद्र ने कहा, “हमारे खाने-पीने की चीजों में तौफीक के थूकने की जानकारी एक अन्य कर्मचारी मुबीन को थी लेकिन उसने हमसे ये बात छिपा कर रखी।” पार्षद के मुताबिक एक अन्य व्यक्ति द्वारा पार्षदों को 6 माह से थूके जाने की जानकारी मिली तब पूछताछ में तौफीक ने अपनी हरकत कबूल की और मुबीन ने भी उसकी पुष्टि की। बताया जा रहा है कि सबसे पहले नगर निगम की ही एक महिला कर्मचारी ने तौफीक को ऐसी हरकत करते देखा। उसके बाद भाजपा से जुड़े पार्षदों ने हंगामा कर दिया।

राघवेंद्र के मुताबिक तौफीक आउटसोर्स पर था इसलिए उसे नौकरी से निकाल दिया गया लेकिन मुबीन परमानेंट स्टाफ है जिसे कमरे से हटाया गया है। वहीं मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मुबीन ने माना कि तौफिक गिलास में मुँह लगाने के बाद ही पानी पिलाता था और ज्यादातर वो जूठा पानी ही पार्षदों और अन्य आने वाले लोगों को पानी पिलाता था। तौफीक और मुबीन के अलावा पहले से तैनात 2 अन्य कर्मचारियों को भी हटा दिया गया है। फ़िलहाल जिन 2 नए स्टाफ की पार्षदों के कमरे में हुई है उनके नाम राहुल और कपिल हैं।

₹500 करोड़ का बजट, 3D में ‘रामायण’ की कहानी: अयोध्या नगरी से रिलीज होगा ‘आदिपुरुष’ का टीजर, प्रभास भी मौजूद होंगे

हिंदू विरोधी बॉलीवुड (Bollywood) की फिल्में बॉक्स ऑफिस पर लगातार धराशायी हो रही हैं। वहीं, दक्षिण भारतीयों फिल्मों के सुपरस्टार प्रभाष (Prabhas) की फिल्मों का लोगों का बेसब्री से इंतजार रहता है। प्रभाष की मुख्य किरदार वाली फिल्म ‘आदिपुरुष’ (Adipurush) का भी लोगों को इंतजार है। डायरेक्टर ओम राउत रामायण (Ramayan) पर आधारित इस फिल्म का टीजर अयोध्या से लॉन्च करेंगे।

लगभग 500 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली आदिपुरुष में रामायण की कहानी को भव्य तरीके से 3D में पेश किया जाएगा। फिल्म में ‘बाहुबली’ स्टार (Bahubali Star) प्रभास और कृति सेनोन (Kriti Sanon) मुख्य भूमिका में होंगे। फिल्म का टीजर 2 अक्टूबर 2022 को रिलीज किया जा सकता है। वहीं, फिल्म अगले साल 12 जनवरी को रिलीज होगी।

फिल्म का टीजर भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या में रिलीज किया जाएगी और इस मौके पर फिल्म के प्रमुख किरदार उपस्थित रहेंगे। टीजर रिलीज के दौरान डायरेक्टर ओम राउत के अलावा प्रभास भी उपस्थित रहेंगे। हालाँकि, अभी तक यह तय नहीं हो पाया है कि प्रभास के अलावा आदिपुरुष के कलाकारों और क्रू में से कौन फर्स्ट लुक लॉन्च के दौरान मौजूद होगा।

सूत्रों के हवाले से बॉलीवुड हंगामा ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, “टीजर को 2 अक्टूबर (रविवार) को किया जाएगा। प्रभास आदिपुरुष की टीम के साथ अयोध्या में उपस्थित होंगे। उत्तर प्रदेश का यह धार्मिक शहर भगवान राम का जन्मस्थान है, जिस पर आदिपुरुष आधारित है। इसलिए, निर्माताओं ने सोचा कि वहाँ प्रोमोशन करना उपयुक्त होगा।”

बता दें कि आदिपुरुष में प्रभास के अलावा कृति सनोन, सैफ अली खान, सनी सिंह और वत्सल सेठ भी प्रमुख भूमिका में हैं। इस फिल्म में प्रभास भगवान राम की भूमिका में हैं। वहीं, रावण का किरदार सैफ अली खान (Saif Ali Khan) ने निभाया है।

डायरेक्टर ओम राउत ने फिल्म में अपनी काबिलियत को फिर साबित करने की कोशिश की है। इसके पहले उन्होंने तन्हाजी: द अनसंग वॉरियर (2020) का निर्देशन कर चुके हैं। वहीं, बाहुबली के जरिए प्रभास ने देश के घर-घर तक अपनी पहचान बनाई है।

कॉन्ग्रेस की महिला नेता ने अवैध हथियार से चलाई खुले में गोली, Video इंस्टाग्राम पर अपलोड की: Reel देख पुलिस ने केस दर्ज किया

हरियाणा के पलवल में कॉन्ग्रेस की एक महिला नेता और एक महिला एडवोकेट पर अवैध हथियार से सरेआम हवाई फायरिंग करने के आरोप में केस दर्ज किया गया है। इन दोनों महिलाओं ने फायरिंग करते हुए रील बनाई थी और उसको इंस्टाग्राम पर अपलोड किया था। वीडियो देखने के बाद पुलिस ने मामले पर संज्ञान लिया। लेकिन अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पलवल पुलिस में साइबर सेल प्रभारी विनोद कुमार सोशल मीडिया मॉनिटरिंग कर रहे थे। इस दौरान उन्हें इंस्टाग्राम पर अवैध हथियार लहराते हुए दो महिलाओं का वीडियो दिखा। इन वीडियो के बैकग्राउंड में पंजाबी गाने चल रहे थे। जिसके बाद, अवैध हथियारों के बारे में पुलिस लाइन से रिपोर्ट लेते हुए दोनों ही महिलाओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

साइबर सेल प्रभारी विनोद कुमार का कहना है कि वीडियो में दिख रही दोनों ही महिलाओं के बारे में जानकारी जुटाई गई थी। इसमें से एक महिला की पहचान वार्ड नंबर 14 निवासी चंचल गौतम उर्फ निशा गौतम (कॉन्ग्रेस नेता) व दूसरी महिला की पहचान वार्ड नंबर 26 निवासी पूनम राव (एडवोकेट) के रूप में हुई है।

इस पूरे मामले पर, सिटी थाने की ऑफिसर इन कमांड रेणु देवी का कहना है कि उन्हें इस मामले की जाँच करने का काम सौंपा गया है। वह पूरे मामले की गहनता से जाँच कर रहीं हैं। इस जाँच में जो भी तथ्य सामने आएँगे उसके आधार पर आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

देवी-देवताओं की तस्वीरों पर थूका, फिर फाड़ कर जला डाला: यूपी में 2 नन हुईं गिरफ्तार, हिन्दू महिला पर बनाया जा रहा था ईसाई धर्मांतरण का दबाव

उत्तर प्रदेश के सम्भल जिले में हिन्दुओं पर धर्मांतरण का दबाव डालने के आरोप में 2 ईसाई ननों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों पर हिन्दू देवी-देवताओं की तस्वीरों को फाड़ कर जला देने का भी आरोप है। दोनों आरोपित महिलाओं का संबंध ईसाई मिशनरियों से बताया जा रहा है। दोनों ईसाई मिशनरियों द्वारा संचालित स्थानीय स्कूल सी डी एम हाईस्कूल में सिस्टर के पद पर कार्यरत हैं। इस ममले में हिन्दू संगठनों ने नाराजगी जताई है। घटना 21 सितम्बर, 2022 (बुधवार) की है।

घटना नखासा थाना क्षेत्र की है। यहाँ के गाँव सिरसानाल में 21 सितम्बर, 2022 को पुलिस को महिलाओं द्वारा धर्मांतरण की शिकायत की सूचना मिली थी। पुलिस को ये भी बताया गया था कि आरोपित महिलाओं ने हिन्दू देवी-देवताओं की तस्वीरों को जलाया है। घटना की सूचना पर क्षेत्र के SDM और DSP भारी फ़ोर्स के साथ गाँव में पहुँचे। पुलिस के पहुँचने पर पता चला कि क्रिश्चियन मिशनरियों से जुड़ीं रोस मेरी और जिसा नाम की 2 ईसाई महिलाएँ सुनीता नाम की एक महिला के घर जा कर धर्मांतरण का दबाव बना रहीं थीं।

संभल जिले के पुलिस अधीक्षक IPS चक्रेश मिश्रा के मुताबिक, शिकायत करने वाली महिला सुनीता के पति का नाम विलियम है जो वह ईसाई है लेकिन उनकी पत्नी हिन्दू है। SP संभल के अनुसार सुनीता ने इस हरकत का विरोध किया और उनकी ही शिकायत पर पुलिस ने दोनों महिलाओं को IPC की धारा 452/504/506 153- A के साथ उत्तर प्रदेश धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम 3/5(1) के तहत गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने बताया कि मौके पर हालात सामान्य हैं और सुरक्षा के लिए पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।

इस मामले की जानकारी देते हुए खुद शिकायतकर्ता महिला सुनीता के ईसाई बन चुके पति विलियम ने कहा कि उनकी पत्नी हिन्दू है और उसने भगवान की 4 तस्वीरें लगा रखी हैं। विलियम ने ईसाई ननों पर आरोप लगाया है कि दोनों महिलाओं ने उनके घर में घुस कर देवी-देवताओं की तस्वीरों पर थूका और उनको फाड़ कर जला दिया। विलियम ने अपनी पत्नी को परेशान बताते हुए न्याय की माँग की।

वहीं शिकायतकर्ता महिला सुनीता ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “मुझे दोनों सिस्टर ईसाई बनने के लिए कह रहीं थी लेकिन मैंने मना कर दिया और हिन्दू ही रहने की बात कही।” सुनीता ने ये भी कहा कि उसके 2 बेटे हैं और वो भी भविष्य में हिन्दू ही रहेंगे।

वहीं पुलिस का कहना है कि इस पूरे मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

‘अब्बा करने वाले थे 5वाँ निकाह…बेटी घर से भागी’ : मदरसे में पढ़ी रुखसार आर्य समाज मंदिर में बनी निशा, हिन्दू प्रेमी संग 7 फेरे लिए

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले की रहने वाले रुखसार खातून नाम की लड़की ने हिन्दू धर्म स्वीकार करते हुए अपना नया नाम निशा रख लिया है। इसी के साथ रुखसार ने फरीदाबाद के आर्य समाज मंदिर में राम आशीष शर्मा के साथ 7 फेरे भी ले लिए। राम आशीष भी मूल रूप से गोरखपुर के ही रहने वाले हैं।

रुखसार के अब्बा ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवा रखी है जिसके चलते दोनों काफी समय से भारत के अलग-अलग हिस्से में छिप कर रह रहे थे। दोनों की शादी शादी शनिवार (24 सितम्बर 2022) को हुई है।

निशा बनी रुखसार की बचपन में पढ़ाई दारुल उलूम अहले सुन्नत अनवारुल उलूम नाम के मदरसे में हुई है। ऑपइंडिया के पास रुखसार और राम आशीष के शादी का प्रमाण पत्र मौजूद है। इस प्रमाण पत्र के मुताबिक दोनों ने फरीदाबाद के सेक्टर 11 स्थित आर्य समाज मंदिर ट्रस्ट में शादी की है। सर्टिफिकेट के मुताबिक दोनों बालिग हैं। सामने आए विवाह के विजुअल में दोनों ने वैदिक विधि-विधान से शादी करते हुए नजर आ रहे हैं। दोनों ने गायत्री मंत्र और ॐ लिखे बैनर के आगे अग्नि के 7 फेरे लिए हैं।

इस शादी को करवाने वाले फरीदाबाद में हिन्दू संगठन के पदाधिकारी बिट्टू बजरंगी ने दोनों की शादी का वीडियो अपने फेसबुक पर 24 सितम्बर को LIVE भी किया।

बिट्टू बजरंगी ने ऑपइंडिया से बात करते हुए हमें बताया कि दोनों गोरखपुर के रहने वाले हैं और एक लम्बे समय से दोनों में प्यार था। बिट्टू के मुताबिक दोनों के घर वाले इस रिश्ते से नाराज थे इसलिए दोनों कुछ माह पहले घर छोड़ कर गुजरात के सूरत भाग गए।

बिट्टू बजरंगी कहते हैं कि सूरत में रहने के दौरान लड़के राम अशीष को अपने परिजनों की गोरखपुर पुलिस द्वारा प्रताड़ना की जानकारी हुई क्योंकि लड़की के अब्बा कमालुद्दीन ने लड़के के खिलाफ पुलिस में शिकायत दे दी थी। कमालुद्दीन ऑटो रिक्शा चलाते हैं। रुखसार खातून की माँ का नाम गौसुन निशा है।

बिट्टू बजरंगी ने हमें बताया, सूरत में रह रहे राम आशीष को सोशल मीडिया से उनके बारे में जानकारी हुई तो उन्होंने बिट्टू से अपनी शादी करवाने का आग्रह किया। इसके बाद बिट्टू बजरंगी ने विवाह की पूरी तैयारी की और दोनों को फरीदाबाद बुलाया गया। यहाँ पहले इनकी कोर्ट मैरिज हुई। बाद में आर्य समाज मंदिर में लड़की की शादी और घर वापसी करवाई गई।

बिट्टू के मुताबिक लड़की और लड़का दोनों इस रिश्ते से काफी खुश हैं और वो आगे भी साथ ही रहना चाहते है। बिट्टू बजरंगी ने आशा और उम्मीद जताई है कि अब गोरखपुर पुलिस लड़के के घर वालों को प्रताड़ित नहीं करेगी।

इसी मदरसे की छात्रा रहीं रुखसार

हमसे बात करते हुए बिट्टू बजरंगी ने एक और अहम जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लड़की रुखसार ने उन्हें (बिट्टू को) बताया था कि उसके अब्बू कमालुद्दीन पहले से ही 4 निकाह कर चुके हैं और अब 5वें निकाह की तैयारी में हैं। बिट्टू के अनुसार इसी बात का मदरसे में पढ़ी लड़की के जेहन पर काफी गलत असर हुआ और सम्भवतः इसी वजह से उसने हिन्दू लड़के को अपना जीवनसाथी चुना। बिट्टू बजरंगी के मुताबिक फरीदबाद में उनके साथियों और अन्य धर्मनिष्ठ लोगों ने वर-वधू को आशीर्वाद दिया।

गौरतलब है कि इसी सप्ताह उत्तर प्रदेश के बरेली में रुबीना नामक मुस्लिम महिला ने घर-वापसी कर हिन्दू लड़के से शादी रचा ली थी। 3 बच्चों की माँ रुबीना का कहना था कि उसका पूर्व शौहर शराब के नशे में उसे मारपीट करता था। एक दिन उसने नशे में ही ‘तीन तलाक’ दे कर घर से निकाल दिया। इसके बाद उसने हिन्दू धर्म अपना कर अपने दोस्त प्रेमपाल से विवाह किया।

सोशल मीडिया में लिखा ‘खेला होई’, 15 साल के आदित्य तिवारी को चाकुओं से गोद कर मार डाला: नाबालिग हत्यारों में अधिकतर मुस्लिम, तलवार-कट्टे से केक काटते आए नजर

बिहार के सारण के जलालपुर में स्कूल के सामने दिन दहाड़े हत्या का मामला सामने आया है। यहाँ, हाई स्कूल के छात्र आदित्य तिवारी की प्रेम प्रसंग के चलते स्कूल के सामने ही हत्या की गई है। हत्या के मुख्य आरोपित का एक वीडियो सोशल में वायरल हो रहा है जिसमें ‘आज जलालपुर में खेला होई’ लिखा हुआ है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कोचिंग में पढ़ने वाली लड़की के साथ 10वीं के छात्र आदित्य तिवारी का प्रेम प्रसंग चल रहा था। इस लड़की को लेकर ही मृतक आदित्य तिवारी का कोचिंग सेंटर में कुछ युवकों के साथ झगड़ा हुआ था। इसके बाद जब वह परीक्षा देने के लिए अपने स्कूल पहुँचा तो कुछ लड़के वहाँ पर मारपीट के इरादे से पहले ही मौजूद थे। इन लड़कों ने स्कूल के सामने ही मारपीट कर चाकू से हमला कर दिया। 

आदित्य की हत्या उस वक्त हुई जब स्कूल में सेकेंड टर्म की परीक्षा चल रही थी और एग्जाम पेपर भी बाँटे जा चुके थे। तभी कुछ छात्रों ने आदित्य तिवारी को देखा और शिक्षकों को सूचना दी। इस सूचना के बाद शिक्षकों ने आनन-फानन में आदित्य को सामुदायिक अस्पताल ले गए जहाँ उसे मृत घोषित कर दिया गया।

हत्या के इस मामले में, अब तक तीन आरोपितों की पहचान की गई है। ये तीनों ही आरोपित मुस्लिम हैं। दो आरोपितों की गिरफ्तारी और उनसे पूछताछ के बाद हत्या के कारणों का खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि दोनों गिरफ्तार आरोपित नाबालिग हैं। फिलहाल मुख्य साजिशकर्ता, जिसकी पहचान तैफ उर्फ ​​सोनू खान के रूप में हुई है वह फरार है। इस हत्या के संबंध में पुलिस कोचिंग सेंटर मालिकों से भी पूछताछ कर रही है। 

इस घटना के बाद से कोचिंग सेंटर और स्कूल दोनों ही बंद हैं। जलालपुर हाई स्कूल के सभी शिक्षक जिला शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालय गए थे। स्कूल खोलने के लिए शिक्षकों ने सुरक्षा की गारंटी मांगी है। शिक्षकों का कहना है कि बिना सुरक्षा के वे स्कूल नहीं चलाएंगे। प्रभारी हेडमास्टर प्रभातेश पांडेय ने कहा है कि स्कूल के बेंच-डेस्क तोड़ दिए गए हैं। एलईडी टीवी तोड़ दिया गया है और काफी तोड़-फोड़ की गई है। स्कूल खुलने पर सब कुछ पता चलेगा।

बता दें, जिस चाकू से आदित्य की हत्या की गई है उसे जलालपुर पुलिस ने ईनामीपुर गाँव से बरामद कर लिया है। इस बारे में, पहले तो दोनों ही गिरफ्तार आरोपित पुलिस को बरगलाते रहे लेकिन फिर कड़ी पूछताछ में हत्या को लेकर कई खुलासे किए हैं। आरोपितों ने पुलिस को बताया है कि हत्या के बाद उन लोगों चाकू को खेत किनारे फेंक दिया था।

इसके बाद वे ईनामीपुर गाँव होते हुए चाईपाली स्थित अपने घर पहुँचे थे। जलालपुर थानाध्यक्ष ने कहा है कि चाकू की एसएफएल से जाँच कराई जाएगी। फिलहाल कोपा थाने पर दोनों आरोपितों को रखा गया है। जबकि इस हत्या का मास्टर माइंड फरार है जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।

इस घटना को लेकर उत्तर प्रदेश के भाजपा विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने आदित्य तिवारी के लिए न्याय की माँग करते हुए ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा, “महज 15 साल का था बिहार का आदित्य तिवारी। भाई की तरह ही सैनिक बनकर देश की सेवा करना चाहता था। लेकिन तैफ, साहिल और अरशद ने स्कूल में धारदार हथियारों से मौत के घाट उतार दिया। ये तीनों दरिंदे स्कूली बच्चियों को रोज छेड़ते थे, आदित्य ने हिम्मत जुटा कर इनका विरोध किया था।”

इस ट्वीट के साथ विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने एक अन्य ट्वीट को कोट किया है। इसमें एक वीडियो शेयर कर कहा गया है, “इस मामले से जुड़े दो वीडियो वायरल हैं जिसमें हत्या के कुछ आरोपित और उनका गिरोह है – एक वीडियो में लिखा है, ‘आज जलालपुर में खेला होई’ (हत्या के पहले ये वीडियो जारी किया गया) दूसरे वीडियो में तलवार और देसी कट्टे से केक काटते हुए आरोपित नजर आ रहा है।”

अब उत्तर प्रदेश के हर स्कूल में अनिवार्य होगी योग की शिक्षा, योगी सरकार ने तैयार किया ड्राफ्ट: खेल टूर्नामेंट्स के लिए बच्चों को किया जाएगा तैयार

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (UP CM Yogi Adityanath) की सरकार राज्य के सभी स्कूलों में योग को अनिवार्य करने जा रही है। इसके लिए राज्य सरकार ने मसौदा भी तैयार कर लिया है। अब इसे मंजूरी के लिए शासन को भेजा गया है। शासन की अनुमति मिलने के बाद उसे लागू कर दिया जाएगा।

राज्य के स्कूलों में इसे अनिवार्य करने के पीछे सरकार का मकसद प्रतिभा को उभारना है। सरकार राज्य के दूरदराज के हिस्सों में मजबूत खेल संस्कृति को विकसित, खेल के बुनियादी ढाँचे का विकास और खिलाड़ियों को बढ़ावा देना चाहती है। 

इसको लेकर अतिरिक्त मुख्य सचिव (खेल) नवनीत सहगल ने कहा, “इस नीति का उद्देश्य 5 से 14 वर्ष के आयु वर्ग में प्रतिभा की पहचान करके उनकी भागीदारी को बढ़ाना है। इसके साथ ही सार्वजनिक-निजी भागीदारी, सार्वजनिक-संघ भागीदारी और खेल पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना है।”

राज्य की योगी आदित्यनाथ सरकार 100 करोड़ रुपए के प्रारंभिक कोष के साथ ‘उत्तर प्रदेश खेल विकास कोष’ बनाएगी। इस नीति के तहत खिलाड़ियों और स्कूली छात्रों के प्रशिक्षण कार्यक्रम में भी योग अनिवार्य होगा। इसके साथ ही सभी जिला मुख्यालयों के खेल स्टेडियमों में योग के प्रशिक्षण एवं अभ्यास की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

नवनीत सहगल ने कहा कि केंद्र ने लखनऊ स्थित गुरु गोबिंद सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज को तीन खेलों के लिए ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE)’ के रूप में विकसित करने की सहमति दी है। इसमें युवाओं के लिए खेल प्रबंधन, खेल पत्रकारिता, खेल कानून, खेल डेटा विश्लेषण सहित अन्य पाठ्यक्रम संचालित किए जाएँगे।

इसके अलावा, उच्च कोटि के प्रदर्शन करने वाले 20 छात्र-छात्राओं को केंद्र राष्ट्रीय और राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करेगी। सहगल ने आगे कहा कि युवा प्रतिभाओं को प्रशिक्षण देने के लिए हर जिले में एक जिला खेल केंद्र होगा। बुनियादी खेल और फिटनेस प्रशिक्षण के लिए डीएससी में एक जिला खेल कोचिंग केंद्र भी शामिल किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि नई नीति के तहत खेल संघों और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को अकादमियों की स्थापना के लिए पट्टे पर जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही खेल का मैदान विकसित करने के लिए ग्राम सभा की भूमि ग्रामीण अकादमियों को लीज पर दी जाएगी। अकादमी में कम-से-कम 50 प्रतिशत खिलाड़ी उत्तर प्रदेश के होंगे।

थावे माता मंदिर में चप्पल पहनकर घुसे बिहार के उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, BJP ने बोला हमला, कहा- ऐसे बनेंगे धर्मनिरपेक्ष

बिहार के उप-मुख्यमंत्री (Bihar Deputy CM) और राजद के नेता (RJD Leader) तेजस्वी यादव (Tejaswi Yadav) के एक मंदिर में चप्पल पहनकर घुसने पर बवाल हो गया है। राज्य में विपक्षी दल भाजपा (BJP) ने भी तेजस्वी यादव पर निशाना साधा है।

दरअसल, गोपालगंज जिले के थावे में स्थित प्रसिद्ध देवी माता मंदिर में तेजस्वी यादव चप्पल पहनकर घुस गए थे। इसको लेकर सोशल मीडिया पर तेजस्वी यादव की खूब आलोचना हो रही है। वहीं, बिहार भाजपा के प्रवक्ता निखिल आनंद ने कहा है, “बिहार सरकार की किताब में उपमुख्यमंत्री का प्रोटोकॉल या प्रिविलेज होता है न! इसमें थावे मंदिर परिसर में चप्पल पहनकर घूमने का भी लिखा है क्या?”

सामने आए वीडियो में तेजस्वी चप्पल पहनकर मंदिर परिसर में जाते हुए दिख रहे हैं, जबकि उनके सुरक्षाकर्मी और अधिकारी नंगे पाँव हैं। निखिल आनंद ने अपने ट्वीट में आगे कहा, “जब सुरक्षाकर्मी व अन्य सहयोगी खाली पैर मंदिर परिसर में थे तो चप्पल पहनने की विशेष सुविधा आपने क्यों लिया भाई! ऐसे धर्मनिरपेक्ष बनिएगा!!”

बता दें कि उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव शनिवार (24 सितंबर 2022) को गोपालगंज में थावे माता मंदिर में गए थे और उन्होंने वहाँ दर्शन एवं पूजन किया था। उसी दौरान का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वहाँ से वे मीरगंज के लिए रवाना हो गए थे, जहाँ उन्होंने अपनी दादी मरछिया देवी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया था।

‘पानीपत का बाबरपुर अब कहलाएगा गुरु नानकपुर’ : हरियाणा में CM खट्टर का ऐलान, बोले- इतिहास की गलतियाँ सुधारना सरकार का काम है

हरियाणा के पानीपत में बाबरपुर नाम का गाँव अब से गुरु नानक पुर कहलाएगा। ये ऐलान राज्य की खट्टर सरकार ने किया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने इस संबंध में कहा कि नाम बदलने का कार्य अच्छा है। इतिहास की जो गलतियाँ हैं उन्हें सुधारना सरकार का ही काम है। इसलिए लोगों की भावना को देखते हुए यह प्रस्ताव पारित हुआ और सरकार ने भी इसे माना

मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने यह घोषणा करने से पहले आज पानीपत के ऐतिहासिक पहली पातशाही गुरुद्वारा साहिब में माथा टेका। उन्होंने तस्वीरें सोशल मीडिया पर डालते हुए बताया, “आज पानीपत के ऐतिहासिक पहली पातशाही गुरुद्वारा साहिब में माथा टेक कर सिख धर्म के पहले गुरु श्री गुरु नानक देव जी से समस्त प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि हेतु अरदास की।”

उल्लेखनीय है कि बाबरपुर का नाम बदले जाने की खबर पहले भी आ रही थी लेकिन आज मनोहर लाल खट्टर जब पानीपत जिले के दौरे पर गए तो इसकी घोषणा की। खबरों के मुताबिक ये काम पानीपत शहर विधानसभा क्षेत्र के विधायक प्रमोद विज के कारण ये नाम बदला जा सका।

बाबरपुर का नाम बदले जाने के लिए विज ने नगर निगम सदन में कहा था कि चूँकि गुरु नानक देव जी पानीपत आए थे, इसलिए बाबरपुर का नाम नानकपुर के नाम पर रखा जाना चाहिए। विज के तर्कों के बाद सदन ने इसे निर्णय को सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया और सरकार ने भी फैसले पर मुहर लगा दी। इसके बाद विज ने खट्टर सरकार को उनकी बात सुनने के लिए धन्यवाद दिया। राज्य सरकार के इस फैसले से सामान्य जन भी सहमत हैं।

‘स्कूलों में बंद हो भजन, योग और सूर्य नमस्कार, कमजोर हो रही कश्मीर की मुस्लिम पहचान’: उलेमाओं की माँग, कहा – इस्लामी मान्यताओं को चुनौती बर्दाश्त नहीं

जम्मू कश्मीर में इस्लामी मजहब संगठनों के एक समूह ‘मुत्ताहिदा मजलिस-ए-उलेमा (MMU)’ ने सरकार और शिक्षा विभाग से स्कूलों में ‘भजन और सूर्य नमस्कार’ को रोकने की माँग की है। मुत्ताहिदा मजलिस-ए-उलेमा का मानना है कि भजन और सूर्य नमस्कार से मुस्लिमों की मजहबी भावना और जम्मू कश्मीर की मुस्लिम पहचान कमजोर हो रही हैं।

शनिवार (24 सितंबर, 2022) को आयोजित एक बैठक के बाद एमएमयू के एक प्रवक्ता ने कहा हिंदू भजन और सूर्य नमस्कार से संबंधित आदेश मुसलमानों की मजहबी भावनाओं को आहत करते हैं और उनमें पीड़ा पैदा करते हैं। संगठन ने दावा किया कि स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों में मुस्लिम छात्रों को भजन गाने के लिए कहकर जम्मू कश्मीर की मुस्लिम पहचान को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है।

इस बैठक में एक प्रस्ताव पारित कर यह भी कहा गया है कि जम्मू कश्मीर में हिंदुत्व के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से लागू की जा रही गतिविधियों पर एमएमयू को खेद है। उलेमाओं ने कहा कि योग और सुबह की प्रार्थना के नाम पर मुस्लिम छात्रों को भजन करने के लिए कहा जाता है और कई बार सूर्य नमस्कार करने के लिए भी कहा जाता है। उन्होंने दावा किया कि यह मान्यता के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है।

एमएमयू ने यह भी कहा कि इस बैठक से उन्हें सरकार और शिक्षा विभाग को यह सूचित करना है कि जम्मू कश्मीर में मुस्लिमों द्वारा इस तरह की गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, क्योंकि यह उनकी मजहबी और इस्लामी मान्यताओं के लिए एक सीधी चुनौती है। एमएमयू ने सरकार से अपने आदेश तुरंत वापस लेने और ‘भजन व सूर्य नमस्कार’ को रोकने की अपील की है।

एमएमयू की ओर से अभिभावकों को सूचित करते हुए कहा गया, “यदि आपके बच्चों को सरकारी स्कूलों में गैर-इस्लामिक गतिविधियों में भाग लेने के लिए मजबूर किया जाता है, तो बच्चों को वापस बुला कर प्राइवेट स्कूलों में एडमिशन कराना चाहिए। हम मुस्लिम शिक्षकों से इस तरह की गैर-इस्लामी गतिविधियों को बढ़ावा देने से बचने और उनके विश्वास को बढ़ावा देने का आग्रह करते हैं।”

दरअसल, यह विवाद तब शुरू हुआ जब दक्षिण कश्मीर के कुलगाम में स्कूली बच्चों का ‘रघुपति राघव राजा राम’ भजन गाते हुए का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस वीडियो के सामने आने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती समेत कई मुस्लिम संगठनों ने आपत्ति जताई थी। महबूबा मुफ्ती ने स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों में योग और भजन को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर ‘जम्मू-कश्मीर में हिंदुत्व के एजेंडे’ को आगे बढ़ाने का आरोप लगाया था।

वहीं, इस पूरे मामले पर भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने कहा कि वह जम्मू कश्मीर में कट्टरवाद को पनपने नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में जो हो रहा है उसमें कुछ भी नया नहीं है और जो लोग भजनों पर सवाल उठा रहे हैं, उन्हें पहले भजन सुनना चाहिए और फिर बयान देना चाहिए।