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‘गरीब हूँ, तो क्या 10000 में बिक जाऊँ?’: अंकिता ने दोस्त से बयाँ किया था दर्द, व्हाट्सएप्प चैट में कहा था- प्रॉस्टिट्यूट नहीं बनूँगी, अब यहाँ काम नहीं करना

उत्तराखंड (Uttarakhand) की अंकिता भंडारी हत्याकांड (Ankita Bhandari Murder) मामले में रोज नए और सनसनीखेज खुलासे हो रहे हैं। हत्या का आरोपित पुलकित आर्य अंकिता को रिजॉर्ट में आने वाले ग्राहकों को स्‍पेशल सर्विस देने का दबाव बनाता था। इसके साथ ही वह इस हत्याकांड में मृतका के दोष को फँसाने की कोशिश कर रहा था।

कस्टमर को स्पेशल सर्विस देने के पुलकित आर्य के लगातार दबाव के बावजूद अंकिता नहीं झुकी। अंत में उसने रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट की अपनी नौकरी छोड़ने का फैसला कर लिया, लेकिन उससे पहले ही उसकी हत्या कर दी गई।

उत्तराखंड के DGP अशोक कुमार ने बताया कि चैट में ये बात सामने आई है कि अंकिता भंडारी पर गलत काम करने का लगातार दबाव बनाया जा रहा था। उन्होंने बताया कि SIT अंकिता के WhatsApp चैट्स की जाँच कर रही है।

अंकिता ने गलत काम करने के अपने ऊपर डाले जा रहे दबाव को अपने दोस्त के साथ साझा की थी। उसने चैट के जरिए अपने दोस्त को इसके बारे में बताया था। चैट में रिसॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और उसके साथी का कच्चा चिट्ठा है। अंकिता ने अपने दोस्‍त को बताया था कि पुलकित उसे प्रॉस्टिट्यूट बनाने पर तुला हुआ था।

उधर हत्या के बाद पुलकित आर्य अंकिता की दोस्त पुष्प को ही संदिग्ध बनाने पर जुटा हुआ था। अंकिता के गायब होने के बाद जब उसके दोस्त पुष्प ने पुलकित को फोन किया तो पुलकित उसे लगातार गुमराह करता रहा।

आजतक के मुताबिक, पुलकित ने पुष्प को बताया कि अंकिता रिसॉर्ट में आई थी, लेकिन रात का खाना खाने के बाद वह कमरे में चली गई और तब से वह गायब है। उसने पुष्प को यह भी बताया कि वह रात भर के लिए अपना फोन अंकिता को दे दिया था। वे सब भी अंकिता को खोज रहे हैं। वहीं, जाँच में यह बात सामने आई है कि अंकिता के साथ झड़प में पुलकित का मोबाइल नहर में गिर गया था।

इस दौरान पुलकित उसके दोस्त पुष्प से ही पूछता है कि अंकिता उसके साथ तो नहीं चली गई है। उसके बाद पुलकित पुलिस स्टेशन में बैठकर पुष्प को गुमराह करता रहा। उसने पुष्प को कहा कि वह अंकिता को खोजने के लिए पुलिस स्टेशन में बैठा हुआ है। पुलिस जब कॉल रिकॉर्ड खंगालेगी तो पता चल जाएगा कि अंकिता किस-किस से बात की थी।

बता दें कि 17 सितंबर को अंकिता भंडारी की हत्या कर दी गई थी। वह गरीब परिवार से ताल्लुक रखती थी और परिवार का खर्चा चलाने के लिए रिसॉर्ट में नौकरी करती थी। इस दौरान रिसॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य ने अंकिता पर कस्टमर को स्पेशल सर्विस देने के दबाव बनाता था। इसमें पुलकित के अलावा, उसके साथी अंकित का भी नाम सामने आया है।

गौरतलब है कि पुलकित आर्य भाजपा नेता विनोद आर्य का बेटा है। भाजपा ने आरोपित पुलकित आर्य के भाई व पिता को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। उत्तराखंड के ऋषिकेश की चिल्ला नहर से अंकिता भंडारी का शव बरामद हो गया है। पुलिस ने इस मामले में 3 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनमें पुलकित आर्य भी शामिल है।

सीएम पुष्कर सिंह धामी द्वारा मामले में सख्त कार्रवाई के आदेश देने के बाद पुलकित आर्य के ऋषिकेश स्थित वनतारा रिजॉर्ट पर बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया गया। इस कार्रवाई के अलावा सीएम धामी ने उत्तराखंड के सभी रिजॉर्ट की जाँच करने के निर्देश दिए थे। सीएम धामी ने ट्वीट कर कहा कि जो रिजॉर्ट अवैध बने हैं या अवैधानिक रूप से संचालित हैं उनके विरुद्ध तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

‘पिरामिडों की वाहवाही करते हो, 80 टन का पत्थर सबसे ऊँचे मंदिर पर कैसे पहुँचा इस पर बात नहीं करते’: साउथ के हीरो ने कहा – इतिहास पर गर्व करना सीखो

दक्षिण भारत के अभिनेता विक्रम ने भारत के प्राचीन इतिहास और सांस्कृतिक गौरव को लेकर बात की है। चोल साम्राज्य पर आ रही फिल्म ‘PS-1’ को लेकर आयोजित एक कार्यक्रम में तमिल अभिनेता ने कहा कि सभी की अलग-अलग रुचि होती है और वो विज्ञान, भूगोल या ज्योतिष कुछ भी हो सकता है, लेकिन उनकी नज़र में इतिहास सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि कैसे हम सबने बचपन से ही इतिहास की कहानियाँ सुनी हैं।

उदाहरण के लिए विक्रम ने हिंदी में ‘चंदा मामा’ का नाम लिया और कहा कि तमिल में भी ऐसी कहानियाँ हैं। उन्होंने कहा कि हमारा इतिहास खासा समृद्ध था और हमारे राजा-महाराजा भी वीर थे। उन्होंने बताया कि वो एक चीज की तरफ सबका ध्यान खींचना चाहते हैं। बकौल विक्रम, सभी ये बातें करते हैं कि मिस्र के पिरामिडों को कैसे बनाया गया और उस जमाने में उन्हें बनाना कैसे संभव हुआ। लेकिन, उन्होंने इस पर अफ़सोस जताया कि भारत में मंदिरों को कैसे बनाया गया इस पर कोई बात नहीं करता।

विक्रम ने बताया, “तंजावुर के मंदिर का गोपुरम सबसे ऊँचा है। ये चोल साम्राज्य का सांस्कृतिक गढ़ है और राजराज चोल ने इसे बनवाया था। इसके सबसे ऊपर जो पत्थर लगा हुआ है, उस एक पत्थर का वजन 80 टन है। इसके बारे में कोई बात नहीं करता कि ये कैसे बना, लेकिन सब पिरामिडों की बात करते हैं। हम गिरती हुई इमारतों की प्रशंसा करते हैं, लेकिन उन मंदिरों पर बात नहीं करते जिन्होंने प्लास्टर के बिना ही निर्माण कर लिया।”

उन्होंने बताया कि हाथियों, बैल और इंसानों का इस्तेमाल कर के 6 किलोमीटर लंबे रैंप का निर्माण किया गया, उस ज़माने में बिना किसी मशीन का इस्तेमाल कर के इसे संभव किया गया। उन्होंने बताया कि ये निर्माण 6 भूकंपों को बर्दाश्त कर के भी खड़ा रहता है। उन्होंने उस तकनीकी संरचना के बारे में समझाया, जिससे ये संभव हुआ। उन्होंने बताया कि उस ज़माने में 5000 से अधिक बाँध बनवाए और उनके मंत्रिमंडल में जल प्रबंधन को लेकर एक अलग मंत्री था।

विक्रम ने याद दिलाया कि कैसे इन राजाओं ने महिलाओं के नाम पर नगर बसाए। उन्होंने बताया कि इन राजाओं ने मुफ्त अस्पताल बनवाए और ऋण देकर लोगों की मदद की। ये सब नौवीं शताब्दी में हुआ, जब हम सबसे बड़ी नौसेना थे और उस समय पश्चिम के सुपरपॉवर क्या कर रहे थे? उन्होंने बताया कि इसके 500 वर्षों बाद अमेरिका को कोलंबस ने खोजा। यूरोप में अंधकार था। विक्रम ने कहा कि पूर्व-पश्चिम और उत्तर-दक्षिण का भेद भुला कर ये भारत का इतिहास है, जिस पर हमें गर्व होना चाहिए।

ईरान में महसा अमिनी की हत्या पर खबर छापने वाली महिला पत्रकार गिरफ्तार: पुलिस ने सामान जब्त किया, ट्विटर अकॉउंट भी सस्पेंड

ईरान में हिजाब के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच महसा अमिनी की मौत की खबर प्रकाशित करने वाली महिला पत्रकार को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह गिरफ्तारी 22 सितम्बर 2022 को हुई है। महिला पत्रकार के वकील मोहम्मद अली कामफिरौजी ने इस गिरफ्तारी की जानकारी दी। नीलोफर जिस अख़बार में काम करती हैं उसका नाम शार्ग है।

फ़ारसी भाषा में किए गए ट्वीट में नीलोफर के वकील ने बताया, “ईरान के सुरक्षा बलों ने मेरी मुवक्किल के घर पर छापा मारा और शार्ग अख़बार की पत्रकार नीलोफर को गिरफ्तार कर लिया। नीलोफर के घर की तलाशी ली गई और उसके कई सामानों को ज़ब्त कर लिया गया है। अभी ये तय नहीं है कि उस पर कौन से आरोप लगाए जाएँगे। नीलोफर के बारे में आगे कोई भी खबर या तो मैं या उनके पति मोहम्मद होसैन अजरलो द्वारा दी जाएगी।”

रिपोर्ट्स के मुताबिक गिरफ्तारी से पहले पत्रकार नीलोफर का ट्विटर अकॉउंट भी सस्पेंड कर दिया गया था। फिलहाल अभी यह तय नहीं है कि नीलोफर का हैंडल ईरान के प्रशासन के अनुरोध पर सस्पेंड हुआ है या किसी अन्य कारण से। नीलोफर की गिरफ्तारी के साथ ईरानी सुरक्षा बलों ने देश भर में अन्य प्रदर्शनकरियों के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू कर दी है।

गिरफ्तार हुए हैं और भी पत्रकार

गौरतलब है कि अमिनी की मौत के मामले में पत्रकार नीलोफर की गिरफ्तारी पहला मामला नहीं है। इस से पहले ईरान सरकार विरोधी प्रदर्शन करने वाले कई अन्य पत्रकार भी गिरफ्तार हो चुके हैं। कुछ ही दिन पहले यल्डा मोएरी नाम की एक ईरानी फोटो जर्नलिस्ट को ईरानी अधिकारियों ने राज्य विरोधी विरोध प्रदर्शनों के दौरान गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के समय वो तेहरान शहर में हिजाब स्ट्रीट पर हिंसक हो गई भीड़ की कवरेज कर रहीं थीं। इस गिरफ्तारी की पुष्टि उनके पिता घोलमरेज़ा मोएरी ने की थी। इसके अलावा उन्होंने इस कार्रवाई की शिकायत पत्रकारों की आवाज उठाने वाले संस्थान CPJ से की थी।

पहले याल्डा और अब नीलोफर की गिरफ्तारी पर CPJ के उत्तरी अफ्रीका के कार्यक्रम समन्वयक सदस्य शरीफ मंसूर ने नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा, “ईरानी अधिकारी यह समझ लें कि पत्रकारों को बंद कर के वो देश भर में हो रहे विरोध प्रदर्शनों को छिपा नहीं पाएँगे। दोनों पत्रकारों को तत्काल रिहा किया जाए। ईरान सरकार पत्रकारों पर मनमानी कार्रवाई से बाज़ आए।”

गौरतलब है कि गलत तरीके से हिजाब पहनने के नाम पर ईरान (Iran) की मोरल पुलिस द्वारा पिटाई के कारण कोमा में गई 22 साल की महसा अमिनी (Mahsa Amini) की शुक्रवार (16 सितंबर 2022) को राजधानी तेहरान में मौत हो गई थी। 13 सितंबर को अमिनी को गिरफ्तार किए जाने के कुछ घंटों बाद ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया था। तेहरान की मोरल पुलिस ने अपने बालों को पूरी तरह नहीं ढँकने का आरोप लगाकर उसे गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद उसे उसे एक हिरासत केंद्र में लेकर बुरी तरह पीटा गया था। तब से पूरे ईरान में विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला जारी है जिसमें कई लोगों को पुलिस ने गोली मार दी है और कईयों को गिरफ्तार किया गया है।

‘शहीद भगत सिंह पर होगा चंडीगढ़ एयरपोर्ट का नाम’: PM मोदी का ऐलान, ‘मन की बात’ में बोले – 2 शब्द कहूँगा, आपका जोश 4 गुना बढ़ जाएगा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने रविवार (25 सितंबर, 2022) को मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ (Mann ki Baat) के जरिए देश को संबोधित किया। मन की बात का यह 93वाँ एपिसोड था। इसमें पीएम मोदी ने 28 सितंबर को शहीद भगत सिंह की जयंती पर चंडीगढ़ एयरपोर्ट का नाम बदलने का ऐलान किया। साथ ही, MyGov पर नामीबिया से भारत आए चीतों के नाम का सुझाव देने का भी आग्रह किया है।

मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने कहा, “इस समय देश में चारों ओर उत्सव की रौनक है। कल नवरात्रि का पहला दिन है। इसमें हम देवी के पहले स्वरूप ‘माँ शैलपुत्री’ की उपासना करेंगे। यहाँ से नौ दिनों का नियम-संयम और उपवास, फिर विजयादशमी का पर्व भी होगा। यानी, एक तरह से देखें तो हम पाएँगे कि हमारे पर्वों में आस्था और आध्यात्मिकता के साथ-साथ कितना गहरा संदेश भी छिपा है।”

उन्होंने यह भी कहा कि भारत के अलग-अलग समुदायों और विविधताओं से भरी संस्कृति को यहाँ फलते-फूलते देखा जा सकता है। इतना ही नहीं, यहाँ के तटीय इलाकों का खानपान लोगों को खूब आकर्षित करता है। उन्होंने कहा कि इसके इन मजेदार बातों के साथ ही एक दुखद पहलू भी है, हमारे तटीय क्षेत्र पर्यावरण से जुड़ी कई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। बकौल पीएम मोदी, क्‍लाइमेट चेंज, मरीन इकोसिस्‍टम्‍स के लिए बड़ा खतरा बना हुआ है। दूसरी ओर हमारे बीचेज पर फैली गंदगी परेशान करने वाली है। उन्होंने याद दिलाया कि हमारी यह जिम्मेदारी बनती है कि हम इन चुनौतियों के लिए गंभीर और निरंतर प्रयास करें।

पीएम मोदी ने योग को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा है कि दुनिया अब इस बात को स्वीकार कर चुकी है कि फिजिकल और मेंटल वेलनेस के लिए योग बहुत ज्यादा कारगर है, विशेषकर डायबिटीज और ब्‍लड प्रेशर से जुड़ी मुश्किलों में योग से बहुत मदद मिलती है। योग की ऐसी ही शक्ति को देखते हुए 21 जून को संयुक्त राष्ट्र ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाना तय किया गया है।

देश के बहादुर सैनिकों की वीरता को याद दिलाने वाली ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ को लेकर पीएम ने कहा कि वो सिर्फ दो शब्द कहेंगे लेकिन उन्हें पता है, इसे सुन कर लोगों का जोश चार गुना ज्यादा बढ़ जाएगा। ये दो शब्द हैं – सर्जिकल स्‍ट्राइक। उन्होंने कहा कि हमारे देश में अमृत महोत्सव का जो अभियान चल रहा है उन्हें हम पूरे मनोयोग से सेलिब्रेट करें, अपनी खुशियों को सबके साथ साझा करें।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भगत सिंह की जयंती के ठीक पहले उन्हें श्रद्धांजलि स्वरूप एक महत्वपूर्ण निर्णय किया है। यह तय किया गया है कि चंडीगढ़ एयरपोर्ट का नाम अब शहीद भगत सिंह के नाम पर रखा जाएगा।

नामीबिया से भारत लाए गए चीतों के बारे में बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “MyGov के प्‍लेटफॉर्म पर, एक कॉम्‍प्‍टीशन आयोजित किया जाएगा। इसमें लोगों से मैं कुछ चीजें शेयर करने का आग्रह करता हूँ। चीतों को लेकर जो हम अभियान चला रहे हैं, आखिर, उस अभियान का नाम क्या होना चाहिए? क्या हम इन सभी चीतों के नामकरण के बारे में भी सोच सकते हैं। जैसे, इनमें से हर एक को किस नाम से बुलाया जाए? वैसे ये नामकरण अगर ट्रेडिशनल हो तो काफी अच्छा रहेगा। क्योंकि, अपने समाज, संस्कृति, परंपरा और विरासत से जुड़ी हुई कोई भी चीज हमें सहज ही अपनी ओर आकर्षित करती है।”

‘कॉन्ग्रेस के शासन में ठहर गया था देश’: Infosys के संस्थापक ने की PM मोदी की तारीफ, कहा- भारत के लिए दुनिया भर में बढ़ा सम्मान

टेक्नोलॉजी सेक्टर की बड़ी कंपनियों में से एक इंफोसिस (Infosys) के सह-संस्थापक नारायण मूर्ति (Narayana Murthy) ने कॉन्ग्रेस (Congress) की नेतृत्व वाली यूपीए सरकार (UPA Government) को लेकर बड़ी बात कही है।

नारायण मूर्ति ने शुक्रवार (23 सितंबर 2022) को कहा कि केंद्र की यूपीए सरकार के दौरान निर्णय लेने में देरी की जाती थी। इसलिए मनमोहन सिंह जैसे अर्थशास्त्री के प्रधानमंत्री होने के बावजूद देश में आर्थिक गतिविधियाँ रूकी हुई थीं। नारायण मूर्ति ने भारतीय प्रबंधन संस्थान, अहमदाबाद (IIM-A) में छात्रों के साथ बातचीत के दौरान मनमोहन सिंह को असाधारण व्यक्ति कहा।

इंफोसिस के सह-संस्थापक ने कहा, “मैं लंदन में (2008 और 2012 के बीच) HSBC के बोर्ड में हुआ करता था। पहले कुछ वर्षों के दौरान बोर्ड रूम (बैठकों के दौरान) में चीन के नाम का दो से तीन बार उल्लेख किया गया था, लेकिन भारत के नाम का उल्लेख केवल एक बार किया गया था।”

भाजपा के नेतृत्व वाली मौजूदा एनडीए सरकार की तुलना कॉन्ग्रेस के नेतृत्व वाली पिछली यूपीए सरकार से करते हुए मूर्ति ने कहा कि निर्णय लेने में देरी के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान हुआ।

उन्होंने कहा, “दुर्भाग्य से मुझे नहीं पता कि बाद में क्या हुआ। मनमोहन सिंह के कार्यकाल, जो कि एक असाधारण व्यक्ति हैं और उनका मैं बहुत सम्मान करता हूँ, के दौरान भारत स्थिर हो गया था। निर्णय तुरंत नहीं किए गए और सब कुछ ठप कर दिया गया। जब तक मैं (HSBC) छोड़ रहा था, उस दौरान अगर चीन का नाम 30 बार लिया गया था तो भारत का नाम केवल एक बार लिया गया था।”

नारायण मूर्ति ने साल 1991 के आर्थिक सुधारों के लिए पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह की प्रशंसा भी की। बता दें कि पीवी नरसिम्हाराव की सरकार में आर्थिक सुधारों को लागू किया गया था और मनमोहन सिंह उस दौरान वित्त मंत्री थे।

जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने भविष्य में भारत की कल्पना कहाँ की है तो उन्होंने कहा, “युवा पीढ़ी का काम है कि जब भी वे किसी अन्य देश, विशेष रूप से चीन का नाम लेते हैं, तो लोग भारत के नाम का उल्लेख करें।” उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि युवा पीढ़ी इस काम को बखूबी करेगी।

नारायण मूर्ति ने ‘मेक इन इंडिया’ और ‘स्टार्टअप इंडिया’ जैसे अभियान के लिए नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) नेतृत्व वाली केंद्र की एनडीए सरकार (NDA Government) की सराहना की। उन्होंने कहा, “एक समय था जब अन्य देशों के अधिकांश लोग भारत को नीचा देखते थे, लेकिन आज देश के लिए एक तरह का सम्मान है, जो अब दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है।”

उन्होंने आगे कहा, “चीन ने 1978 और 2022 के बीच 44 वर्षों की अवधि में भारत को छह गुना पीछे छोड़ दिया है। हालाँकि, मेरा मानना है कि अगर इस दिशा में बैठे सभी अद्भुत व्यक्ति मिलकर काम करें तो भारत को वही सम्मान मिलेगा, जो आज चीन को मिलता है।”

गुजरात में AAP नेता रेप केस में गिरफ्तार: 23 साल की युवती को दिया मॉडल बनाने का लालच, फ्लैट पर दुष्कर्म किया

गुजरात की गिर सोमनाथ पुलिस ने आम आदमी पार्टी के नेता भागू वाला वेरावल से रेप केस में गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस AAP नेता की कोविड रिपोर्ट आने का इंतजार कर रही है, इसके बाद उन्हें आधिकारिक रूप से गिरफ्तार किया जाएगा

वेरावल पुलिस इंस्पेक्टर सुनील इसरानी ने बताया कि 23 साल की युवती ने शुक्रवार (23 सितंबर 2022) को भागू वाला के खिलाफ शिकायत दी थी जिसमें आरोप था कि AAP नेता ने उसका रेप किया। शिकायत के बाद युवती का मेडिकल चेक अप करवा दिया गया और केस को आईपीसी की धारा 376 के तहत दर्ज करके कार्रवाई की गई।

पुलिस का कहना है कि आरोपित की कोविड रिपोर्ट आने के बाद उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा और उसे हिरासत में लेकर आगे पूछताछ होगी।

बता दें कि रेप केस में फँसे भागू वाला पहले कॉन्ग्रेस में उपाध्यक्ष पद पर थे और उसके बाद उन्होंने हाल में आम आदमी पार्टी ज्वाइन की। उनके नाम एक फिल्म प्रोडक्शन कंपनी है जिसका नाम विश्वास फिल्म क्रिएशन है। भागू वाला पर आरोप है कि उन्होंने इसी फिल्म कंपनी के बूते एक मॉडल को कास्टिंग के नाम पर फँसाया। उसके बाद अपने फ्लैट पर बुलाकर उसका रेप किया।

शिकायत में ये उल्लेख है कि आरोपित ने युवा महिला को लालच दिया कि वो उसे मॉडलिंग का काम दिलवाएँगे। इसके बाद लड़की को उन्होंने अपने फ्लैट पर बुलाया और उसका रेप किया। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज होने के बाद अपनी पड़ताल शुरू कर दी थी और अब खबर है कि आप नेता की गिरफ्तारी हो चुकी है।

PFI ने तैयार की थी हिट लिस्ट, दूसरे धर्म के प्रभावशाली लोगों की हत्या की थी साजिश: NIA का खुलासा, केरल CM बोले – हिंसा करने वालों को नहीं छोड़ेंगे

PFI ने भारत में इस्लामी शासन स्थापित करने के लिए कुछ प्रभावशाली लोगों की एक ‘हिट लिस्ट’ बना रखी थी। लोगों को आतंकित करने के लिए एक खास साजिश रची गई थी। हालाँकि, NIA (राष्ट्रीय जाँच एजेंसी) अधिकारियों को ऊपर से निर्देश आया है कि इस ‘हिट लिस्ट’ को सार्वजनिक न किया जाए। हालाँकि, इसे बंद लिफाफे में अदालत के समक्ष पेश किया जा सकता है। अगर इसके विवरण सार्वजनिक किए जाते हैं तो इससे देश का सामाजिक माहौल बिगड़ने की आशंका है।

NIA ने केरल की अदालत को बताया है कि PFI ने किन-किन प्रभावशाली लोगों की हत्या की साजिश रची थी, इसकी तह में जाना आवश्यक है। इसके बाद कोर्ट ने 11 आरोपितों को NIA की रिमांड में भेज दिया है। कोच्चि में इन सभी 11 आरोपितों से पूछताछ की जाएगी। राज्य से बाहर कहाँ-कहाँ इन्होंने गुप्त बैठकों में हिस्सा लिया था, वहाँ ले जाकर भी इनसे पूछताछ होगी। सबूत जुटाने के लिए जाँच एजेंसी ऐसा करने वाली है।

NIA ने कोर्ट को बताया है कि जिनकी हत्याओं की PFI ने साजिश रची थी, वो सभी दूसरे धर्मों के हैं। कई ऐसे दस्तावेज जब्त हुए हैं, जिससे पता चलता है कि कट्टरपंथी इस्लामी संगठन ने देश के माहौल और समाजिक-राजनीतिक ताने-बाने को बिगाड़ने की पूरी तैयारी कर रखी थी। देश की संप्रभुता को नुकसान पहुँचाना भी उनकी मंशा थी। कई डिजिटल सबूत भी मिले हैं। अदालत परिसर में नारेबाजी को लेकर भी कोर्ट ने PFI कार्यकर्ताओं की क्लास लगाई।

वहीं केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कहा है कि PFI कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारियों के बाद राज्य में हुई हिंसा के लिए पहले से साजिश रच ली गई थी और इसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस संगठित उपद्रव से राज्य को काफी नुकसान पहुँचा है। उन्होंने पुलिस की तारीफ करते हुए कहा कि कड़ी कार्रवाई करते हुए कइयों को गिरफ्तार भी किया गया है। उन्होंने बताया कि हिंसा में संलिप्त लोगों की पहचान करने में पुलिस लगी हुई है।

‘…गालों की मोटाई B**$ के बराबर होती है’ : कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता ने महिला को भेजे गंदे मैसेज, स्क्रीनशॉट वायरल होने पर अकॉउंट बंद किया

तमिलनाडु में कॉन्ग्रेस के नेता लेफ्टिनेंट सीडीआर गोकुल चंद्रन ने कुछ समय पहले ट्विटर पर एक महिला को अश्लील मैसेज भेजने की बात कबूली। उनके द्वारा ये तब स्वीकार किया गया जब एक महिला ने उनके द्वारा भेजे गए आपत्तिजनक संदेशों को सार्वजानिक कर दिया।

इस कबूलनामे के बाद कॉन्ग्रेस नेता ने पहले अपने ट्विटर हैंडल को प्राइवेट करते हुए ट्वीट्स को प्रोटेक्ट किया। उसके बाद उन्होंने अपने अकाउंट को डिएक्टिवेट कर डाला। सीडीआर गोकुल चंद्रन ने ये सब करने से पहले अपने ट्विटर बायो से ये जानकारी हटा दी थी कि वो कॉन्ग्रेस से हैं।

बता दें कि गोकुल कॉन्ग्रेस के IT सेल के सदस्य हैं। उन्होंने अपनी नीच हरकत को किसी के साथ व्हाट्सएप पर चैट के दौरान स्वीकार किया। कॉन्ग्रेस नेता के उसी कबूलनामे का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर शेयर हो रहा है।

अंकुर सिंह नाम के एक ट्विटर यूजर ने भी उनके आपत्तिजनक संदेशों का स्क्रीनशॉट शेयर किया है। ये स्क्रीनशॉट दो लोगों की बीच की बातचीत के हैं जिसमें अंकुर का दावा है कि कॉन्ग्रेस नेता गोकुल ने एक महिला को प्रताड़ित किया।

कॉन्ग्रेस नेता के स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए सोशल मीडिया पर महिला ने लिखा, “आप जानते हैं कि आप कौन हैं ? अगर दोबारा ऐसा किया तो आपके 13 हजार फॉलोअर्स को भी पता चल जाएगा। आपकी फौज की छवि और TV डिबेट में दिखना आपको हर चीज के लिए स्वतंत्र नहीं कर देता। मैंने प्राइवेट मैसेज को अनदेखा कर दिया था लेकिन इसके बावजूद आप बेशर्मी से मेरे मैसेज में स्वीकार कर रहे कि वो आपने भेजा था। आपकी ऐसी हिम्मत?”

दरअसल कॉन्ग्रेस नेता गोकुल ने महिला को भेजे संदेश में लिखा था, “मैं आपको देख कर इस निष्कर्ष पर पहुँचा हूँ कि गालों की मोटाई स्तन के बराबर होती है।” महिला यूजर ने कॉन्ग्रेस नेता के इस मैसेज को सार्वजानिक कर दिया जिसके बाद गोकुल ने माफ़ी माँग कर ट्विटर बंद कर दिया है।

अपना मैसेज वायरल होने के बाद कॉन्ग्रेस नेता ने लिखा, “मैं खुद को दोषी महसूस कर रहा हूँ। मेरी हरकत का कोई औचित्य या स्पष्टीकरण नहीं है। शायद आपको मेरी हरकत के बारे में पहले ही पता चल चुका होगा वरना थोड़ी देर बाद पता चल ही जाएगा। मैंने जो भी किया उसके लिए मैं अपमान का पात्र हूँ। मैं इस पर और अधिक बहस नहीं करना चाहता। मैं सबसे माफ़ी माँगता हूँ। साथ ही मुझे अपने अपने व्यवहार कर खेद है।”

तमिलनाडु में एक और RSS कार्यकर्ता के घर पर हमला, 3 पेट्रोल बम फेंककर लगाई आग: पूरी घटना Video में कैद

तमिलनाडु में फिर से एक आरएसएस कार्यकर्ता के घर पर तीन पेट्रोल बम फेंके गए। इस बार घटना मदुरई (मदुरै) की है। सामने आई वीडियो में दिख रहा है कि एक शख्स भागते हुए आया और उसने एक के बाद एक करके तीन पेट्रोल बम आरएसएस कार्यकर्ता के घर पर फेंके। इसके बाद वह अपने साथी के साथ बाइक पर बैठ फरार हो गया। वहीं आसपास खड़े लोग घटना देख सन्न रह गए।

जानकारी के मुताबिक, आरएसएस कार्यकर्ता का नाम कृष्णन हैं। उन्हीं के घर के अंदर पेट्रोल बम फेंककर आग लगाई गई। घटना में कोई घायल नहीं हुआ लेकिन आग लगने से कृष्णन की कार क्षतिग्रस्त हो गई।

असिस्टेंट कमिशनर शनमुगम ने इस संबंध में बताया, “तमिलनाडु के मदुरई में तीन पेट्रोल बम फेंके गए। हम इस मामले की जाँच कर रहे हैं। कोई भी इस घटना में घायल नहीं हुआ है।”

कृष्णन ने दावा किया है कि जिस तरह उनके ऊपर हमला हुआ वैसे ही 20 आरएसएस कार्यकर्ताओं पर तमिलनाडु में हमला हो चुका है। ये घटनाएँ बीते कुछ दिनों में ही घटी हैं। अपने साथ हुई घटना पर उन्होंने पुलिस को शिकायत दे दी है। उन्हों एएनआई को कहा,

“मैं आरएसएस से 45 साल से जुड़ा हूँ। 7 बजे के करीब मुझे आवाज सुनाई दी। देखा तो पेट्रोल बम फेंके गए थे, मेरी कार जल रही थी। 20 से ज्यादा आरएसएस कार्यकर्ता अब तक निशाना बनाए जा चुके हैं। हमने इस संबंध में शिकायत दी है।”

बता दें कि इससे पहले चेन्नई के पास तांबरम में चितलापक्कम में आरएसएस के डिस्ट्रिक्ट सेक्रेट्री सीतारमन के आवास पर पेट्रोल बम फेंका गया था। घटना सुबह 4 बजे अंजाम दी गई थी। वहाँ भी दो बाइक सवारों ने आकर आग लगाई थी।

इसके अलावा कोयंबटूर के कोवईपुदुर में इसी तरह की एक घटना हुई थी। वहाँ भी अज्ञात लोगों ने आरएसएस के एक पदाधिकारी के आवास पर पेट्रोल बम फेंका थे। घटना में कोई घायल नहीं हुआ था लेकिन फिर भी इलाके में सुरक्षा को बढ़ा दिया गया था।

‘अपना मजहब लेकर चले जाओ वरना…’ : पुणे में ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ चिल्लाने वालों को राज ठाकरे ने दी चेतावनी, कहा- हिन्दू भड़के तो अंजाम सही नहीं होगा

पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के खिलाफ हुई देशव्यापी कार्रवाई के बाद महाराष्ट्र के पुणे में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान ‘पाकिस्तान ज़िंदाबाद’ के नारे लगाने वालों को मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने जवाब दिया है। उन्होंने नारेबाजों से कहा है कि ऐसी घटनाओं पर हिन्दू खामोश नहीं बैठने वाला। ठाकरे ने गृहमंत्री अमित शाह से देशहित में ऐसे देशविरोधी तत्वों को तत्काल खत्म करने की माँग की। उन्होंने कहा कि बेहतर होगा कि ऐसे लोग अपना मजहब ले कर पाकिस्तान ही चले जाएँ। राज ठाकरे ने यह बयान 24 सितम्बर 2022 (शनिवार) को दिया।

अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर राज ठाकरे ने पहले PFI के कट्टरपंथियों पर NIA की छापेमारी का जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि चरमपंथी PFI से जुड़े कुछ लोगों ने पुणे में ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के साथ ‘अल्लाह-हू-अकबर’ के नारे लगाए हैं। उन्होंने लिखा कि PFI के ही लोग गिरफ्तार होने की वजह उनको देशविरोधी कार्यों के लिए मिल रही फंडिग है। इन हरकतों को बेहद ही गंभीर मुद्दा बताते हुए राज ठाकरे ने आगे लिखा कि सरकार फ़ौरन सख्त कदम उठा कर ऐसी हरकतों को रोके।

राज ठाकरे ने आगे लिखा है कि देश विरोधियों की गिरफ्तारी के बाद कुछ लोग सड़कों पर उतर कर ‘अल्लाह-हू-अकबर और पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगा रहे हैं जो भारत के अंदर किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने लिखा कि अगर नारा लगाने वालों के दिमाग में पाकिस्तान ही है तो अपना मज़हब ले कर वहाँ चले भी जाएँ।

राज ठाकरे ने केंद्र और राज्य सरकार को सम्बोधित करते हुए लिखा है कि वो तत्काल ऐसे असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई करें अन्यथा हिन्दू समाज इसे सहन नहीं करेगा। आगे उन्होंने लिखा है, “इसका अंजाम क्या होगा इसे मुझे लिखने की जरूरत नहीं है।” ठाकरे ने अगली लाइन भगवा रंग से लिखते हुए कहा, “अगर मराठी हिन्दुओं ने इस मामले को अपने हाथों में ले लिया तो उसका अंजाम क्या होगा इसे मैं यहाँ नहीं लिख सकता।” उन्होंने लिखा कि त्योहारों का समय है और इस से अशांति फैल सकती है इसलिए सरकार तत्काल कार्रवाई करे जो देश के लिए सही भी होगा।

गौरतलब है कि पुणे में आयोजित एक विरोध प्रदर्शन में PFI सर्मथकों द्वारा कथित तौर पर पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाने के आरोपों के साथ वीडियो वायरल हो रहा है। यह वीडियो 24 सितम्बर 2022 का बताया जा रहा है। कहा जा रहा है कि नारेबाजी के तुरंत बाद महाराष्ट्र पुलिस ने तुरंत प्रभाव कार्रवाई करते हुए एक आरोपित को गिरफ्तार किया है। इसके साथ-साथ बिना अनुमति प्रदर्शन करने के आरोप में 60-70 लोगों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया गया है।