मध्य प्रदेश के नीमच में एक हिंदू युवती से झूठ बोलकर शादी करने और धर्मांतरण का दवाब डालने का मामला सामने आया है। पीड़ित युवती के अनुसार अशरफ खान ने खुद को तलाकशुदा बता उससे शादी की। दो महीने बाद उसके शादीशुदा होने का पता चला। इसके बाद वह युवती पर धर्म बदलने का दबाव डालने लगा। उसके साथ मारपीट करने लगा।
आरोप है कि 3 बार युवती का जबरन गर्भपात कराया गया। आखिर में अशरफ के अत्याचारों से तंग आकर पीड़िता ने विश्व हिंदू परिषद (VHP) के मदद माँगी। विहिप जिलाध्यक्ष सत्यनारायण पाटीदार, मातृशक्ति जिला संयोजिका रेखा वर्मा की मदद से पीड़िता ने आरोपित के खिलाफ महिला थाने में केस दर्ज करवाया है। विहिप के जिला मंत्री लक्ष्मण राठौर ने कहा कि पीड़िता ने पदाधिकारियों को आकर अपनी आपबीती सुनाते हुए न्याय दिलाने की गुहार लगाई थी।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 24 वर्षीय पीड़िता कैंट क्षेत्र की रहने वाली है। वह ब्यूटी पार्लर चलाती है। वर्ष 2018 में उसकी मुलाकात अशरफ (34) से हुई थी। वह बालाजी रोड बघाना का रहने वाला है। खुद को तलाकशुदा बताकर वह युवती के करीब आया। युवती ने बताया, “20 जून 2021 को वह (अशरफ) मुझे महावीर नगर स्थित एक घर पर ले गया। वहाँ उसने कुछ कागज पर साइन करवाए। इसके बाद बोला- अपना निकाह हो गया।”
पीड़िता ने आगे बताया, “दो महीने बाद मुझे पता चला कि अशरफ शादीशुदा है। उसने झूठ बोलकर मुझसे कागजों पर साइन करवाए थे। इसके बाद अशरफ मुझ पर धर्म बदलने का दबाव डालने लगा। वह कहता था- धर्म तो बदलना ही पड़ेगा। वह नशे में मुझसे मारपीट करता था। 2-3 बार मेरा गर्भपात भी करा चुका है।”
SP सूरज कुमार वर्मा ने महिला थाने को आरोपित के खिलाफ कार्रवाई के लिए कहा है। वहीं महिला थाना प्रभारी अनुराधा गिरवाल का कहना है कि अशरफ के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर पीड़िता को न्याय दिलाया जाएगा।
हैदराबाद में टी राजा सिंह के बयान के बाद ‘सर तन से जुदा’ करने की माँग लेकर सड़कों पर उतरी भीड़ को कॉन्ग्रेस के कट्टरपंथी नेताओं का समर्थन मिल गया है। तेलंगाना के कॉन्ग्रेस के सचिव राशिद खान को जहाँ अब भी ‘आग लगाने’ की बात कहने का कोई पछतावा नहीं है। वहीं कॉन्ग्रेस विधायक फिरोज खान ने कहा है कि अगर राजा सिंह ने माफी नहीं माँगी तो वो हर मुस्लिम को कहेंगे कि राजा को पीटें।
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, फिरोज ने कहा है कि राजा सिंह को अपने कहे के लिए माफी माँगनी होगी और ये कहना होगा कि पैगंबर मोहम्मद मुस्लिम समुदाय के हीरो हैं। फिरोज खान ने कहा,
“टी राजा सिंह तुष्टिकरण की राजनीति करना चाहता है। उसे जेल में डालो। राजा सिंह को अपने बयान पर माफी माँगनी होगी। अगर उसने ये नहीं किया तो मैं हर मुस्लिम से कहना चाहता हूँ कि वो हैदराबाद में जहाँ मिले वहाँ उसे पीटें। हम एक बार नहीं बार-बार कानून को अपने हाथ में ले सकते हैं।”
राशिद खान आग लगाने की बात पर कायम, सर तन से जुदा नारे को बताया सही
बता दें कि इससे पहले राज्य में कॉन्ग्रेस के सचिव राशिद खान ने कहा था कि अगर राजा सिंह की गिरफ्तारी नहीं हुई तो गोशामहल जाकर राजा सिंह के घर में आग लगा देंगे। आज दोबारा उन्होंने ऐसी भड़काऊ बयानबाजी की है। उन्होंने कहा है,
“राजा सिंह ने पहली बार ये बयान नहीं दिया है। वो बार-बार पैगंबर मोहम्मद की शान में गुस्ताखी करता है। उसी की वजह से तेलंगाना का माहौल खराब हुआ है। ये आदमी लगातार मुसलमानों की आस्था से खेल रहा है। उन्हें तकलीफ दे रहा है। अगर हिंदू-मुसलमान के झगड़े छिड़ गए, बस्तियाँ जल गईं तो कौन जिम्मेदार होगा। बीजेपी-आरएसएस लगातार ऐसे कार्टूनों को पैदा कर रही है। हिंदुत्व का जहर उगलकर उसे सड़कों पर छोड़ रही है। आज माहौल देखो हर जगह हिंदू मुस्लिम। मंदिर-मस्जिद की बात हो रही है। कोई तरक्की की बात नहीं कर रहा।”
राशिद के अनुसार, उन लोगों ने पुलिस से राजा की गिरफ्तारी की माँग की थी, जो कि हुई, मगर बाद में उसे छोड़ दिया गया। कॉन्ग्रेस सचिव कहते हैं कि अगर कानून अपना काम करती तो कभी लोगों को सड़कों पर नहीं उतरना पड़ता। राजा सिंह के खिलाफ कई एफआईआर दर्ज हैं। पर कभी तेलंगाना पुलिस ने उसे हिरासत में नहीं लिया। इस बार लिया क्योंकि जनता सड़क पर उतर गई। मुस्लिम आग बबूला हो गए। पुलिस को डर था कि मुस्लिम गोशामहल में दाखिल होकर राजा सिंह का घर जला देंगे, इसीलिए उन्हें इस दफा हिरासत में लेकर कोर्ट में पेश किया गया।
खून बहा सकते हैं, सिर कटा सकते हैं: कॉन्ग्रेस सचिव
राशिद खान से जब पूछा गया कि क्या वो ‘सर तन से जुदा’ नारे का समर्थन करते हैं, तो इस पर राशिद खान ने कहा कि ये नारेबाजी इसलिए हो रही है क्योंकि रसूल की शान में बोला गया। मुसलमान अपना सिर कटा सकता है, खून की नदियाँ बहा सकता है, अपनी जान को कुर्बान कर सकता है। पर, रसूल की शान में गुस्ताखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कॉन्ग्रेस नेता ने टी राजा को पार्टी से निलंबित किए जाने के फैसले को पहले से प्री-प्लॉन्ड बताया। उन्होंने कहा कि वह जो ‘सर तन से जुदा’ नारे का समर्थन कर रहे हैं, उसका कॉन्ग्रेस से लेना-देना नहीं है। वो मुसलमान होने के नाते ऐसा बोल रहे हैं। अगर किसी को लड़ना है तो राशिद खान से लड़े, मुसलमान से लड़े, कॉन्ग्रेस को बीच में न लाए।
राशिद के मुताबिक, पुलिस 23 अगस्त को राजा सिंह को हिरासत में नहीं लेती तो वो अपने आग लगाने वाले बयान पर खरा उतरते और आग लगा देते। लेकिन पुलिस ने राजा सिंह को हिरासत में लिया, इसलिए वो ऐसा नहीं कर रहे। राशिद कहते हैं कि कोर्ट को राजा सिंह को बेल नहीं देनी चाहिए थी। वो मुजरिम है। उसकी जुबान नहीं फिसली। ये लगातार सोची-समझी साजिश है। इसे बेल मिली है इसलिए मुस्लिमों का गुस्सा थमा नहीं है।
‘किसी का कत्ल हुआ तो राजा सिंह जिम्मेदार होगा’
एक अन्य वीडियो में राशिद खान को अल्लाह हू अकबर, नारा-ए-तकबीर, सर तन से जुदा नारे लगाने वाली भीड़ का समर्थन करते देखा जा सकता है। इसमें वो वही बात कर रहे हैं कि अगर हिंदू मुस्लिम झगड़े हुए, बस्तियाँ जल जाती हैं, किसी का कत्ल हो जाता है, तो इसके लिए सिर्फ राजा सिंह जिम्मेदार हैं।
पत्रकार ने उनसे जब पूछा कि क्या उनकी ऐसी बातों से माहौल खराब नहीं होगा? इस पर राशिद खान ने कहा कि माहौल खराब राजा सिंह ने किया है। इसके बाद भीड़ दोबारा अल्लाह- हू-अकबर के नारे लगाते सुनी जा सकती है। वहाँ खड़े लोग कहते हैं कि ‘सर तन से जुदा’ के नारे बिलकुल सही हैं और ये लगने चाहिए।
कॉन्ग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता जयवीर शेरगिल (Jaiveer Shergill) ने दुखी मन से अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। कॉन्ग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गाँधी को भेजे गए त्याग पत्र में उन्होंने पार्टी पर ही कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यालय के दरवाजे उनके लिए बंद हो गए। पार्टी में चाटुकारिता हावी है। इसके साथ ही कॉन्ग्रेस का यू-ट्यूब चैनल भी डिलीट हो गया है। जिसे पार्टी ने खुद ट्वीट कर बताया है।
“It pains me to say that decision-making is no longer for interests of public & country,rather it’s influenced by the self-serving interests of individuals indulging in sycophancy & consistently ignoring on-ground reality”, wrote Shergill in his resignation letter to Sonia Gandhi pic.twitter.com/EHRODA5PoR
दरअसल, देशभर में ‘भारत जोड़ो यात्रा’ शुरू करने की तैयारी कर रही कॉन्ग्रेस के लिए दूसरी बुरी खबर है। बुधवार को ही पार्टी का यूट्यूब चैनल डिलीट हो गया। यह जानकारी कॉन्ग्रेस पार्टी ने खुद ट्वीट करके दी। कॉन्ग्रेस की सोशल मीडिया टीम ने अपने ट्वीट में कहा, “हमारा YouTube चैनल ‘इंडियन नेशनल कॉन्ग्रेस’ को डिलीट कर दिया गया है। हम इसे ठीक कर रहे हैं और गूगल और यूट्यूब की टीमों के लगातार संपर्क में हैं।
Hi,
Our YouTube channel – ‘Indian National Congress’ has been deleted. We are fixing it and have been in touch with Google/YouTube teams.
We are investigating what caused this – a technical glitch or sabotage.
कॉन्ग्रेस प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने इस्तीफ देते हुए कहा- “मैंने कॉन्ग्रेस पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफे का प्राथमिक कारण यह है कि कॉन्ग्रेस में निर्णय अब जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए नहीं किया जा रहा है। यह विशुद्ध रूप से एक मंडली से प्रभावित हो रहा है जो केवल चाटुकारिता में लिप्त है।”
शेरगिल यहीं नहीं रुके, आगे उन्होंने गाँधी परिवार पर भी हल्ला बोलते हुए कहा- “मैं राहुल गाँधी, सोनिया गाँधी और प्रियंका गाँधी से मिलने के लिए एक साल से अधिक समय से समय माँग रहा हूँ, लेकिन समय नहीं मिला।”
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अपने इस्तीफे में उन्होंने कुछ कॉन्ग्रेस नेताओं पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा- “मैंने पिछले 8 सालों में कॉन्ग्रेस से कुछ नहीं लिया बल्कि दिया है। आज मुझे लोगों के सामने झुकने के लिए मजबूर किया जा रहा है क्योंकि वे शीर्ष नेतृत्व के करीब हैं; यह मुझे मंजूर नहीं।”
ऐसा कहा जा रहा है कि उन्हें पिछले कुछ महीनों से प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की अनुमति नहीं दी गई थी। जिसके बाद बुधवार (24 अगस्त, 2024) को उन्होंने कॉन्ग्रेस पार्टी के प्रवक्ता के पद से इस्तीफा देने का फैसला किया। जयवीर ने कॉन्ग्रेस पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गाँधी को लिखे अपने त्याग पत्र में इशारों-इशारों में वरिष्ठ नेताओं पर निशाना साधा है।
गौरतलब है कि जयवीर शेरगिल पेशे से एक वकील हैं और पिछले आठ सालों से कॉन्ग्रेस से जुड़े हुए थे। वह सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करते हैं। वह उस समय चर्चा में आए थे, जब उन्होंने कानूनी मामलों का सामना कर रहे कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं को कानूनी मदद करने के लिए 24 घंटे कानूनी टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर लॉन्च किया था।
दिल्ली स्थित कुतुब मीनार (Qutub Minar) परिसर में हिंदू और जैन मंदिरों के जीर्णोद्धार से संबंधित मामले में कुँवर महेंद्र ध्वज प्रसाद सिंह की हस्तक्षेप याचिका का भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने विरोध किया। कुतुब मीनार से जुड़े मामले में उन्होंने खुद को पक्षकार बनाए जाने के लिए अर्जी दी है।
अपनी याचिका में कुँवर महेंद्र ध्वज प्रसाद सिंह ने खुद को आगरा संयुक्त प्रांत (United province of Agra) का उत्तराधिकारी बताया। याचिका में उन्होंने आगरा से लेकर मेरठ तक के यमुना नदी और गंगा नदी के बीच के क्षेत्रों, अलीगढ़, बुलंदशहर और गुरुग्राम पर अपने अधिकार की माँग की गई है।
ASI ने तर्क दिया कि याचिकाकर्ता ने जिस जमीन के मालिकाना हक की बात की है, उसको लेकर उन्होंने आजादी के बाद से किसी कोर्ट में न तो अपील दायर की और न ही कानून के मुताबिक माँग की गई।
ASI ने कहा कि वह कुतुब मीनार का देखरेख सन 1913 से कर रहा है, जब उसे इस इमारत को संरक्षित घोषित कर उसके अधीन कर दिया गया था। उस दौरान सभी नियमों का पालन किया गया था। इस मामले पर साकेत कोर्ट अगली सुनवाई 13 सिंतबर को करेगी।
ASI ने तर्क दिया कि उस समय भी जमीन के मालिकाना हक को लेकर किसी ने अपील नहीं की थी। याचिकाकर्ता 150 वर्षों तक बैठे रहे और इसके खिलाफ कोर्ट में अपील नहीं की। ASI ने कहा कि मालिकाना हक की अपील में लिमिटेशन का कानून लागू होता है। इसलिए इस याचिका पर विचार करने का औचित्य नहीं है।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण संस्थान ने कोर्ट को बताया कि पिछले साल इसी तरह की एक याचिका दिल्ली हाईकोर्ट में सुल्ताना बेगम नाम की एक महिला ने दायर की थी, जिसे लिमिटेशन के आधार पर खारिज कर दिया गया था। उस याचिका में महिला ने खुद को मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर-II के परपोते का विधवा बताते हुए लाल किले पर कब्जा की माँग की थी।
दरअसल, याचिकाकर्ता ने ऑर्डर 1 रूल 10 के तहत याचिका दाखिल करते हुए मामले में पक्षकार बनाए जाने की माँग की है। याचिका में कहा गया है कि महेंद्र ध्वज प्रसाद सिंह तत्कालीन आगरा प्रांत के वारिस हैं। इस हिसाब से वे दक्षिणी दिल्ली की उस जमीन के भी वे वारिस हैं, जिस पर कुतुब मीनार बना है।
पाकिस्तान (Pakistan) में एक बच्ची का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म किया गया। फिर उसे जिंदा जला दिया। घटना इस्लामाबाद (Islamabad) से सटे कोहसर कस्बे की है। द न्यूज के मुताबिक, नाबालिग का शव पुराना किरपा रोड में एक घर की पानी की टंकी से बरामद किया गया है। ये इलाका किरपा पुलिस थाना क्षेत्र में आता है। मृतक बच्ची मरदान इलाके की रहने वाली थी।
पीड़ित पिता ने किरपा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में कहा है कि उनकी 7 साल की बेटी अपनी दादी, माँ और बहन के साथ एक समारोह में शामिल होने के लिए पड़ोसी के घर गई थी। थोड़ी देर बाद नाबालिग के लापता होने की खबर मिली। परिवार वाले बच्ची को ढूँढते रहे, लेकिन वह नहीं मिली।
उन्होंने पुलिस को बताया कि उनकी पत्नी ने अपने पड़ोसी की बेटी को एक अजनबी के साथ एक निर्माणाधीन घर से बाहर भागते हुए देखा था। जब उनका परिवार निर्माणाधीन घर में पहुँचा तो उनके होश उड़ गए। रिपोर्ट के अनुसार, बेटी की जलीलाश घर की छत पर पानी की टंकी में मिली। दुष्कर्म की पुष्टि के लिए पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। एक लड़की सहित चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने जल्द पूरी घटना का पर्दाफाश करने का दावा किया है।
बता दें कि पाकिस्तान में साल दर साल महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध की घटनाएँ बढ़ती जा रही हैं। हालत यह है कि पंजाब प्रांत में महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध बढ़ रही यौन हिंसा के बाद जून 2022 में आपातकाल की घोषणा की गई थी। पंजाब के गृह मंत्री अट्टा तरार ने कहा था कि उन्हें ये करने पर मजबूर होना पड़ा, क्योंकि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होते अपराध समाज और सरकार दोनों के लिए चिंताजनक हैं। हालाँकि, इसके बाद भी महिलाओं और बच्चियों के साथ अपराध की वारदातें थमने का नाम नहीं ले रही है।
भाजपा नेता और टिकटॉक स्टार सोनाली फोगाट (Sonali Phogat) की मौत के मामले में नया खुलासा हुआ है। सोनाली फोगाट के फार्म हाउस से उनका लैपटॉप, मोबाइल और सीसीटीवी की हार्ड डिस्क चोरी हो गई है। इसके साथ ही मीडिया रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि गोवा पुलिस ने सोनाली फोगाट के पीए सुधीर सांगवान को हिरासत में ले लिया है। सुधीर ने ही सबसे पहले परिवार को सोनाली की मौत की सूचना दी थी।
सोनाली के परिजनों ने आरोप लगाया है कि PA सुधीर सांगवान बार-बार अपना बयान बदल रहा है। कभी वह कह रहा है कि रात 2 बजे सोनाली की तबीयत खराब हुई। कभी कह रहा है कि सुबह वो बीमार पड़ीं। वहीं, गोवा पुलिस ने पीए को हिरासत में लेने की बात से इनकार किया है। डीएसपी दलवी ने कहा कि ऐसा नहीं है, वे इस मामले में जाँच कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभी तक सुधीर को कस्टडी में नहीं लिया गया है, इसीलिए वायरल खबर सही नहीं है।
परिवार ने चौंकाने वाला दावा किया है कि हत्या से पहले सोनाली फोगाट के साथ बलात्कार भी किया गया था। सोनाली फोगाट के छोटे भाई फतेहाबाद के भूथनकलाँ गाँव निवासी रिंकू ने आरोप लगाया है कि सुधीर और सोनाली फोगाट के दोस्त सुखविंदर ने खाने में नशीली वस्तु देकर सोनाली फोगाट के साथ रेप किया। परिवार का आरोप है कि ये दोनों वीडियो बना कर ब्लैकमेल भी कर रहे थे। उन्होंने पुलिस को लिखी शिकायत में सुधीर पर सोनाली की संपत्ति हड़पने के लिए साजिश करने का आरोप भी लगाया है।
इस शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 3 साल पहले भी सुधीर ने खाने में नशीला पदार्थ मिला कर खिला दिया था और सोनाली का रेप किया था। बताया गया है कि दिंवगत अभिनेत्री ने अपने जीजा को कॉल कर के बात बताई थी। घर में 2016 में हुई एक चोरी के बाद सुधीर ही खाने-पीने के इंतजाम देखता था। आरोप है कि ये चोरी उसने ही कराई थी। घर की चाबियाँ भी उसके पास ही रहती थीं। साथ ही सारे लेनदेन और कागजी दस्तावेज भी वही देखता था।
सुधीर सांगवान बीते करीब चार से पाँच सालों से सोनाली फोगाट का सारा काम संभालते आ रहा है। सोनाली के भांजे एडवोकेट विकास ने भी ‘बिग बॉस’ की एक्स कंटेस्टेंट की मौत का जिम्मेदार सुधीर सांगवान को ठहराया है। विकास ने पीए पर आरोप लगाते हुए कहा है कि उसने ही सोनाली फोगाट की मौत की साजिश रची। वह उनके साथ गोवा में मौजूद था। एडवोकेट ने यह भी कहा कि सुधीर सांगवान के कहने पर फार्म हाउस से लैपटॉप और जरूरी सामान उठा लिया गया है, जिसमें सारे डाटा, जमीन और प्रॉपर्टी के कागजात भी सेव थे।
सोनाली की मौत 22 अगस्त, 2022 की रात हुई थी। उन्हें नॉर्थ गोवा स्थित अंजुना के सेंट एंथोनी हॉस्पिटल लाया गया था। उन्होंने बेचैनी की शिकायत की थी, जहाँ उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
गौरतलब है कि सोनाली फोगाट की गोवा में संदिग्ध मौत को उनकी बहन ने साजिश करार दिया था। बहन रूपेश ने मंगलवार (23 अगस्त, 2022) को बताया था कि सोनाली फोगाट ने 22 अगस्त 2022 की सुबह माँ से बात की थी। उन्होंने माँ से कहा था, “मुझे कुछ गड़बड़ लग रही है। ऐसा लग रहा है कि मेरे खिलाफ कोई साजिश हो रही है।” रूपेश ने यह भी बताया, “सोनाली ने माँ को खाने में गड़बड़ी होने की बात भी बताई थी। उसने कहा था कि खाने का असर उसके शरीर पर पड़ रहा है। इसलिए परिवार को शक है कि उसकी हत्या की गई है। इस मामले में CBI जाँच होनी चाहिए।”
थाईलैंड के छोनबुरी प्रांत के बैंग सेन बीच (Bang Saen Beach) पर बीते दिनों एक सिर कटी नंगी बॉडी मिली थी, जिसे देख लोग इतना डर गए थे कि कोई आगे जाने को तैयार भी नहीं था। सामने आई तस्वीर भी ऐसी ही थी जैसे किसी ने हत्या करके उस लाश को बीच किनारे फेंक दिया है।
हालाँकि अब इस लाश का रहस्या खुलासा है और ये बात पता चली है कि वो कोई इंसानी शरीर नहीं बल्कि पूरी इंसान जैसी दिखने वाली सेक्स डॉल थी। बता दें कि बीच के पास इस सेक्स डॉल को देख कई लोग घबराहट से भर गए थे। उन्होंने खुद जाकर देखने की बजाय पुलिस को इसकी सूचना दी थी।
Thailand: In a bizarre incident from Thailand’s Bang Sean district, where tourists encountered a ‘dead body’ on a beach which later turned out to be an ‘ultra-realistic’ sex doll. pic.twitter.com/9p4unpdvAu
जब पुलिस ने इसे देखा तो पाया कि ये सेक्स डॉल बहुत ज्यादा असली दिख रही थी। इसी कारण लोग धोखा खा गए। पुलिस ने आश्वस्त किया कि बीच पर लोगों को कोई खतरा नहीं हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया से सामने आई तस्वीरों से पता चला है कि ये सेक्स डॉल एक जापानी सेक्स डॉल थी। जिसे-एवी आइडल कहा जाता है। इसकी कीमत 500 डॉलर यानी कि 44,161.31 रुपया है। नेटीजन्स भी इस फोटो को देख हैरान हैं कि निर्जीव डॉल इतना ह्यूमन बॉडी जैसे कैसे दिख सकती है।
Thailand: "We believe the doll had been dumped in a river or canal before entering the sea & washing up on the sand. It has now been removed to prevent it from scaring tourists. If the owner wants to reclaim their doll, they can collect her from the rescue team's station," Police
बता दें कि पुलिस ने बताया 18 अगस्त को बीच पर मौजूद लोगों ने रेस्क्यू टीम को बताया था कि वहाँ एक शव नंगा पड़ा है। अधिकारियों ने उसे देखा तो वो बॉडी औरत की लगी। पास जाने पर पता चला कि वो एवी डॉल है। उसका सिर गायब था और नीचे का हिस्सा खुला था। पुलिस ने कहा,
“हमें लगता है कि समुद्र में आने से पहले डॉल को नदी या किसी झरने में फेंका गया जो किनारे आकर मिट्टी पर रुक गई थी। अब उसे किनारे से हटा दिया गया है ताकि पर्यटक डरें न। अगर कोई व्यक्ति दावा करता है कि ये गुड़िया उसकी है तो वो इसे रेस्क्यू टीम स्टेशन से ले जा सकता है।”
जमीन के बदले नौकरी देेने के मामले में बिहार और हरियाणा के 25 ठिकानों पर सीबीआई (CBI) ने बुधवार (24 अगस्त 2022) को छापेमारी की। ये ठिकाने बिहार के उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव (Bihar Deputy CM Tejaswi Yadav) और उनसे जुड़े लोगों के बताए जा रहे हैं।
हरियाणा के गुरुग्राम (Gurugram) में CBI ने तीन ठिकानों पर रेड की। इनमें से एक अर्बन क्यूब्स मॉल (Urban Cubes Mall) भी शामिल है। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि गुरुग्राम के सेक्टर-71 स्थित यह मॉल तेजस्वी यादव का है। हालाँकि, तेजस्वी ने इससे इनकार किया है।
अर्बन क्यूब्स मॉल के अलावा के अन्य दो जगह भी CBI के निशाने पर है। इनमें से एक लोकेशन सेक्टर 65 का है, जहाँ तेस्वी की कंपनी मेडवास का ऑफिस बताया जा रहा है। वहीं, तीसरा लेकेशन सेक्टर 42 में स्थित गोल्फ व्यू कॉरपोरेट टावर के 7वीं मंजिल पर स्थित लैंडबेस प्राइवेट लिमिटेड। ये दोनों भी तेजस्वी से जुड़े बताए जा रहे हैं।
CBI raids are underway at 25 places in connection with land for job scam case at different places in Delhi, Haryana's Gurugram and Bihar's Patna, Katihar, and Madhubani. pic.twitter.com/6onI7V2HUp
हालाँकि, अर्बन क्यूब्स मॉल (Urban Cubes Mall) का मालिक होने से तेजस्वी ने इनकार किया है। तेजस्वी ने कहा, “गुरुग्राम के जिस मॉल में सीबीआई ने छापा मारा है, वह मेरा नहीं है। इसका उद्घाटन बीजेपी सांसद ने किया था।”
Gurugram mall raided by CBI not mine, it was inaugurated by BJP MP, alleges Bihar deputy CM Tejashwi Yadav
सीबीआई ने यह छापेमारी जमीन के बदले नौकरी घोटाला मामले में की है। एजेंसी ने 23 सितंबर 2021 को इस मामले में FIR की थी। इस घोटाले को बहुत ही शातिर तरीके से अंजाम दिया गया था। जिन उम्मीदवारों से जमीनें ली गई थीं, उन्हें नौकरी देने के लिए रेलवे अधिकारियों ने अनुचित तरीके से जल्दबाजी में आवेदन मँगाए और तीन दिनों के भीतर समूह ‘डी’ पदों पर स्थानापन्न के रूप में नियुक्त कर दिया। बाद में उनकी नौकरी को नियमित कर दिया गया था।
जिस समय पर इस घोटाले को अंजाम दिया गया, उस समय रेल मंत्री लालू यादव थे। लालू यादव के करीबी भोला यादव उनके OSD हुआ करते थे और वही इन सब चीजों को मैनेज करते थे। बाद में सीबीआई ने भोला यादव को अरेस्ट कर लिया था।
इतना ही नहीं, इस मामले में लालू यादव की पत्नी और तेजस्वी यादव की माँ राबड़ी देवी के पटना स्थित आवास पर भी सीबीआई ने छापेमारी की थी। उस दौरान तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव के कमरों की भी तलाशी ली गई थी। वहाँ कई दस्तावेज बरामद करने की बात सामने आई थी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज बुधवार (24 अगस्त, 2022) को हरियाणा के फरीदाबाद में ‘अमृता हॉस्पिटल’ का उद्घाटन किया जिसे देश का सबसे बड़ा प्राइवेट हॉस्पिटल माना जा रहा है। माता अमृतानंदमयी देवी ने इसे स्थापित किया है, जिन्हें प्यार से अम्मा के नाम से जाना जाता है। राष्ट्रीय राजधानी के बाहरी इलाके फरीदाबाद में 133 एकड़ में बने इस अस्पताल में 2600 बेड हैं। जिसका निर्माण अंतिम चरण में है। इस अस्पताल को बनाने पर करीब 6000 करोड़ रुपए खर्च होंगे। यहाँ 500 ICU बेड होंगे, 81 स्पेशिलिटीज़ और 8 सेंटर ऑफ एक्सिलेंस होंगे। इसमें 64 फुल नेटवर्क वाले मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर और 534 क्रिटिकल केयर बेड भी होंगे।
Managed by Mata Amritanandamayi Math, the super-specialty hospital will be equipped with 2600 beds. The hospital, which is being constructed at an estimated cost of around Rs. 6000 crores, will provide state-of-the-art healthcare facilities to the people: PMO https://t.co/wcqjvjezkv
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इलाज की अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस इस अस्पताल का प्रबंधन माता अमृतानन्दमयी मठ द्वारा किया जाएगा। इस मौके पर PM मोदी ने कहा, “अमृता अस्पताल के रूप में माँ अमृतानंदमयी ने हमें आशीर्वाद दिया है। कुछ दिन पहले ही देश ने आजादी के अमृतकाल में प्रवेश किया है। मुझे खुशी है कि अमृतकाल की प्रथम बेला में देश को माँ अमृतानंदमयी के आशीर्वाद का अमृत मिला है।”
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “आधुनिकता और आध्यात्मिकता का समागम यह अस्पताल गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों की सेवा, सुलभ और प्रभावी इलाज का माध्यम बनेगा। अम्मा प्रेम, करूणा, सेवा और त्याग की प्रतिमूर्ति हैं। वह भारत की आध्यात्मिक परंपरा की वाहक हैं। उनका जीवन संदेश हमें महाउपनिषदों में मिलता है।”
कुछ दिन पहले ही देश ने एक नयी ऊर्जा के साथ आजादी के अमृतकाल में प्रवेश किया है। अमृतकाल में देश के सामूहिक प्रयास प्रतिष्ठित हो रहे हैं, देश के सामूहिक विचार जागृत हो रहे हैं। हमारे यहां आयुर्विज्ञान एक वेद है। हमने हमारी मेडिकल साइंस को भी आयुर्वेद का नाम दिया है: PM pic.twitter.com/4TMVRpM6ZY
इस अवसर पर PM मोदी ने कहा, “अम्मा ने स्वच्छ भारत और नमामि गंगे अभियान में भी अहम योगदान दिया है।” पीएम मोदी ने कहा, “यह भी पुरातन समय के जैसे एक तरह का PPP मॉडल है। मैं पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप नहीं, इसे परस्पर प्रयास के तौर पर देखता हूँ। पीएम ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए प्रभावी PPP मॉडल तैयार किया जा रहा है।”
गौरतलब है कि अब तक इस अस्पताल में कुल 4,000 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं। इसमें एक फोर स्टार होटल, एक मेडिकल कॉलेज, एक नर्सिंग कॉलेज, संबद्ध स्वास्थ्य विज्ञान के लिए एक कॉलेज, एक पुनर्वास केंद्र, रोगियों के लिए एक हेलीपैड और कई अन्य सुविधाओं के साथ रोगियों के परिवार के लोगों के लिए 498 कमरों वाला गेस्टहाउस भी बन रहा है।
वहीं पहले चरण में अस्पताल का लक्ष्य 550 बिस्तरों को लॉन्च करना है और फिर अगले 18 महीनों में इसे 750 में अपग्रेड करना है। अस्पताल 2027-2029 के बीच अपने तय लक्ष्य को पूर्णता में हासिल करेगा। बता दें कि उद्धाटन के मौके पर हरियाणा के गवर्नर बंडारू दत्तात्रेय, मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला, केंद्रीय मंत्री और फरीदाबाद से सांसद कृष्ण पाल गुर्जर, गुरु माता अमृतानंदमयी भी उनके साथ मौजूद रहीं।
झारखंड (Jharkhand) से एक बड़ी खबर आ रही है। प्रदेश के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नजदीकी और दलाल प्रेम प्रकाश उर्फ पीपी के घर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छापेमारी की है। सूत्रों के हवाले से मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि प्रेम प्रकाश के राँची के हरमू स्थित घर पर छापेमारी में ED को दो AK-47 मिले हैं।
इसके अलावा, प्रेम प्रकाश के सासाराम स्थित बैंक कालोनी के गोरक्षणी मुहल्ला स्थित आवास में भी सुबह से ही ईडी की छापेमारी चल रही है। वहीं, प्रेम प्रकाश के मामा रतन श्रीवास्तव के यहाँ भी छापेमारी हो रही है। इसके अलावा, प्रेम प्रकाश के करीबी और कोयला व्यापारी एमके झा के आवास पर रेड डाली गई है।
दो AK-47 की बरामदगी के बाद ED सहित विभिन्न एजेेंसियाँ इन हथियारों की जानकारी जुटा रही है। एजेेंसियाँ यह भी जानने का प्रयास कर रही हैं कि ये घातक हथियार रखने का क्या उद्देशय हो सकता है। वहीं, प्रतिबंधित माओवादियों से से संबंधों की भी जाँच की जा सकती है। बता दें कि भारत में आम लोगों को AK-47 राइफल रखना प्रतिबंधित है।
बता देें कि अवैध खनन पट्टा के मामले में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जाँच के घेरे में है। उनके कई करीबी भी छापेमारी के दायरे में आ चुके हैं। इसके पहले सोरेन की करीबी IAS पूजा सिंघल के घर छापेमारी हो चुकी है और वहाँ से करोड़ों की नकदी बरामद की जा चुकी है। वहीं, साधारण मेडिकल दुकानदार से राँची में हॉस्पिटल के मालिक बने पूजा के दूसरे पति अभिषेक झा के घर भी ED छापेमारी कर चुकी है।
ED has recovered AK 47 from the premises of middleman Prem Prakash: Sources
Raids are underway at multiple locations in Ranchi (Jharkhand) in an ongoing investigation in connection with illegal mining and extortion. pic.twitter.com/RFlIxcnOkN
प्रेम प्रकाश नेताओं और अधिकारियों का करीबी बताया जाता है। उससे जुड़े 17 ठिकानों पर ED की छापेमारी चल रही है। ये ठिकाने झारखंड, बिहार, दिल्ली व तमिलनाडु के बताए जा रहे हैं। अवैध खनन और मनरेगा घोटाले में जाँच के दौरान प्रेम प्रकाश का नाम सामने आया था। इसके बाद ED ने लंबे समय तक उससे पूछताछ की थी ।
पूछताछ के आधार पर ED ने उससे जुड़े लगभग दर्जन भर ठिकानों पर छापेमारी भी की थी। तब ED को विदेशी नस्ल का कछुआ और करोड़ों रुपए के लेनदेन से संबंधित दस्तावेज मिले थे। वहीं, इस बार जारी छापेमारी में दो AK-47 मिलने की बात कही जा रही है। प्रेम प्रकाश राजनेताओं और नौकरशाहों की मिलीभगत से ट्रांसफर-पोस्टिंग कराने से लेकर ठेका दिलाने तक की दलाली का काम करता था।
निलंबित IAS पूजा सिंघल की जाँच के दौरान नाम आया था सामने
राँची के खूंटी में हुए मनरेगा घोटाले में ED ने IAS पूजा सिंघल और चार्टर्ड अकाउंटेंट सुमन कुमार को गिरफ्तार किया था। कभी रिम्स के आगे दवा की दुकान चलाने वाले ने पूजा सिंघल से नजदीकी बढ़ाई और पूजा सिंघल से शादी कर ली। इसके बाद झा ने सिंघल की मदद से करोड़ों रुपए के हेरफेर कर पल्स हॉस्पिटल खड़ा कर लिया।
पूजा सिंघल और उनके चार्टर्ड अकाउंटेंट को रिमांड पर लेकर ED ने जब पूछताछ की थी। उसके बाद एक अन्य बिचौलिया पंकज मिश्रा को अवैध खनन मामले में ED ने 19 जुलाई 2022 को गिरफ्तार किया था। मिश्रा से ही प्रेम प्रकाश के नाम का खुलासा हुआ। ED को जानकारी मिली कि पांडेय सत्ता के करीब रहता है और दलाली का काम करता है।
अंडा सप्लाई से ट्रांसफर-पोस्टिंग तक
प्रेम प्रकाश के दलाल बनने की भी एक अलग कहानी है। प्रेम प्रकाश छोटा-मोटा पेटी कॉन्ट्रैक्टर था। साल 2015 में झारखंड के सचिव स्तर के एक अधिकारी ने प्रेम प्रकाश को मिड-डे मील योजना में अंडा सप्लाई का काम दिया। इसके बाद उसकी हैसियत बढ़ती चली गई। वह आधा दर्जन IAS अधिकारियों से संपर्क बना लिया।
साल 2019 में हेमंत सोरेन की सरकार बदलने के साथ ही प्रेम प्रकाश की किस्मत भी बदल गई। अब वह सत्ता का करीबी बन गया और बड़े-बड़े अधिकारियों का ट्रांसफर-पोस्टिंग कराने लगा। अंडे का सप्लाई करने वाला प्रेम प्रकाश अब पीपी के नाम से पहचाना जाने लगा।