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‘हटाई जाएगी अजमेर की दरगाह, मोदी सरकार का ऐलान’: जो YouTube चैनल हुए हैं बैन, जानिए वे फैलाते थे कैसे-कैसे फेक न्यूज

केन्द्र की नरेंद्र मोदी सरकार (Narendra Modi Government) ने बीते कुछ वर्षों में आईटी नियमों के अंतर्गत काफी सख्ती दिखाई है। सरकार ने गुरुवार (18 अगस्त) को आईटी नियम 2021 के तहत सात भारतीय और एक पाकिस्तानी यूट्यूब चैनल को बैन (YouTube Channels Ban) कर दिया। इन चैनलों द्वारा फेक न्यूज और भारत विरोधी प्रोपगेंडा फैलाया जाता था।

जिन यूट्यूब चैनलों को प्रतिबंधित किया गया है उनके नाम हैं- लोकतंत्र टीवी, यू एंड वी टीवी, एएम रजवी, गौरवशाली पवन मिथिलांचल, SeeTop5TH, सरकारी अपडेट, सब कुछ देखो। जिस पाकिस्तानी यूट्यूब चैनल को बैन किया गया है, उसका नाम है ‘न्यूज़ की दुनिया’।

फेक और देश विरोधी कंटेंट से कर रहे थे जमकर कमाई

फेक न्यूज फैलाने वाले ये सारे चैनल यूट्यूब द्वारा मॉनिटाइज किए जा चुके थे। इसलिए यह कहना गलत नहीं होगा कि फेक न्यूज और भारत विरोधी प्रोपेगैंडा फैलाकर कर ये यूट्यूब चैनल पैसा कमा रहे थे। इन कुल चैनलों कुल व्यूअरशिप 144 करोड़ और सब्सक्राइबर 85.73 लाख थे।

हालाँकि, भारत सरकार ने फेक न्यूज फैलाने वाले इन 8 चैनल्स पर बैन लगा दिया है, लेकिन इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स को इन चैनल्स से कंटेंट हटाने में कुछ घण्टों का समय लगता है। ऐसे में हमने बिना देरी किए इन सभी चैनल्स की जानकारी जुटाई है।

सबसे पहले बात करते हैं लोकतंत्र टीवी की। इसके यूट्यूब चैनल और फेसबुक पेज, दोनों को भारत सरकार ने बैन कर दिया गया है। इस चैनल के 12.9 लाख सब्सक्राइबर हैं।

सोर्स: यूट्यूब

इस चैनल के एक वीडियो का टाइटल है, ‘गाय मांस में टॉप करने वाला भारत को बड़ा झटका…’। इस टाइटल ही गलफहमी पैदा करने वाला है, जबकि सच्चाई ये है कि भारत गोमांस का निर्यात करता ही नहीं है। हालाँकि यह सच है कि भारत बीफ के टॉप निर्यातकों में से एक है, लेकिन इसमें भैंस का मांस होता है न कि गाय का।

सोर्स: यूट्यूब

भारत सरकार द्वारा बैन किया गया अगला चैनल यू एंड वी टीवी है, जिसके 10 लाख से अधिक सब्सक्राइबर हैं। इस चैनल का सबसे लोकप्रिय वीडियो तीन साल पुराना था, जिसे 14 लाख बार देखा गया था। 

सोर्स: यूट्यूब

18 अगस्त को अपलोड किए गए नवीनतम वीडियो का टाइटल था ‘गडकरी और शिवराज भाजपा से किए गए बाहर’। यह फर्जी खबर है। वास्तव में, इस चैनल द्वारा हर दिन इसी तरह की फर्जी और फेक खबरें अपलोड की जा रही थीं।

सोर्स: यूट्यूब

अगला चैनल एएम रज़वी है, जिसके यूट्यूब पर 95,900 सब्सक्राइबर हैं। इस चैनल को यूट्यूबर AM Razvi चलाता था। चैनल पर सबसे लोकप्रिय वीडियो में स्क्रिप्टेड और फेक खबरें हैं।

सोर्स: यूट्यूब

अपनी प्रेस विज्ञप्ति में भारत सरकार ने इस चैनल का एक स्क्रीनशॉट साझा किया है जिसमें लिखा था, “अजमेर शरीफ दरगाह को बचाना हुआ मुश्किल, भगवाधारियों का दरगाह पर हमला”। यही नहीं इस वीडियो के थंबनेल में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर है, जिसकी बैकग्राउंड में एक बुलडोजर भी दिखाई गई है। यह पूरी तरह से फेक खबर है और यह दिखाने का प्रयास किया गया था कि सीएम योगी दरगाह को गिराना चाहते थे।

सोर्स: पीआईबी

इस लिस्ट में अगला चैनल गौरवशाली पवन मिथिलांचल है, जिसके सात लाख सब्सक्राइबर हैं। इस चैनल के सबसे पॉपुलर वीडियो को 57 लाख लोगों ने देखा था। इस चैनल को यूट्यूब द्वारा वेरीफाई किया गया है, जो कि सबसे अधिक आश्चर्यजनक बात है। इस चैनल में अधिकांश वीडियो फेक थे।

सोर्स: यूट्यूब

अगला चैनल SeeTop5TH है, जिसके 33.5 लाख सब्सक्राइबर हैं। इस चैनल ने एक वीडियो में दावा किया है कि बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री रेखा ने इस्लाम कबूल कर लिया है। इस वीडियो में यह दावा किया गया कि रेखा ने कहा था, “बाबरी मस्जिद को ध्वस्त करने की साजिश रचने वालों को अल्लाह कभी माफ नहीं करेगा।”

सोर्स: यूट्यूब

अपनी प्रेस विज्ञप्ति में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने एक स्क्रीनशॉट जोड़ा है। इसमें वीडियो का टाइटल था, ‘मोदी सरकार का अजमेर दरगाह पर ऐलान, हटाई जाएगी ख्वाजा गरीब नवाज दरगाह’।

सोर्स: पीआईबी

इन चैनल्स के अलावा तीन और चैनल- ‘सब कुछ देखो’, ‘सरकार अपडेट’ और ‘न्यूज की दुनिया’ (पाकिस्तानी यूट्यूब चैनल) को भारत सरकार द्वारा बैन किया गया है। ये तीनों चैनल भी लाखों व्यूज वाले थे। सीधे तौर पर ये चैनल फेक खबर फैलाकर लाखों लोगों की मानसिकता को बदलने की कोशिश रहे थे।

गौरतलब है कि भारत सरकार ने दिसंबर 2021 से अब तक 102 से अधिक यूट्यूब चैनलों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उनके अकाउंट को फेक और भारत विरोधी कंटेंट शेयर करने के कारण बैन किया है। इसके अलावा, भारत सरकार ने भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल सौ से अधिक चीनी ऐप्स पर भी बैन लगाया है।

गूगल को लेनी चाहिए जिम्मेदारी

यदि देखा जाए तो भारत सरकार द्वारा हाल ही में बैन किए गए सभी चैनल्स का मॉनिटाइजेशन हो चुका था। इसका मतलब यह है कि इन सभी चैनल्स के वीडियोज पर विज्ञापन दिखाए जा रहे थे और वीडियो बनाने वाले लोग इससे पैसे कमा रहे थे। 

गूगल दावा करता है कि उसके पास किसी भी यूट्यूब चैनल को मॉनिटाइज करने के लिए एक सख्त पॉलिसी है। सीधे शब्दों में कहें तो यदि किसी को यूट्यूब से पैसा कमाना है तो उसके लिए गूगल के पास कड़ा कानून है। इसमें, सबसे बड़ी बात यह है कि फेक खबर को लेकर गूगल या यूट्यूब की नीति स्पष्ट नहीं है। अक्सर यह देखा जाता है कि जब तक बड़े पैमाने पर लोगों द्वारा चैनल या वीडियो को जब तक रिपोर्ट नहीं किया जाता, तब तक उसे नहीं हटाया जाता है।

मॉनिटाइजेशन की बात करें यानी यूट्यूब की कमाई की बात करें तो जब किसी वीडियो पर कोई विज्ञापन दिखाई देता है तो वीडियो बनाने वाले और यूट्यूब दोनों ही पैसा कमाते हैं। यूट्यूब विज्ञापनों से होने वाली आय का औसतन 55% तक वीडियो बनाने वाले को देता है।

बता दें कि ये चैनल सिर्फ भारत में बैन हुए हैं। यदि कोई व्यक्ति VPN के जरिए इन चैनल को देखना चाहे या भारत से बाहर का कोई व्यक्ति देखना चाहे तो उसे देख सकता है। इसे देखने में उसे कोई परेशानी नहीं होगी।

महाराष्ट्र में दही-हांडी को मिला साहसिक खेल का दर्जा, गोविंदाओं को मिलेगी सरकारी नौकरी: शिंदे सरकार ने जन्माष्टमी पर दी बड़ी सौगात

महाराष्ट्र में श्री कृष्ण जन्माष्टमी बड़ी धूम-धाम से मनाई जाती है। इसी उत्साह को शिंदे सरकार ने अब दोगुना कर दिया है। सीएम एकनाथ शिंदे ने दही-हांडी को साहसिक खेल का दर्जा देने का निर्णय लिया है और इस बार गोविंदाओं को भी बड़ी सौगात सरकार देने वाली है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार महाराष्ट्र की शिंदे सरकार ने गुरुवार 18 अगस्त यानि जन्माष्टमी से एक दिन पहले प्रदेश भर को श्री कृष्ण जन्माष्टमी का अनमोल तोहफा दिया है। सीएम ने यह ऐलान किया कि अब दही-हांडी महोत्सव को भी साहसिक खेल का दर्जा मिलेगा। वहीं इसमें भाग लेने वाले तमाम गोविंदाओं को भी सरकार की ओर से विशेष मुआवजा और स्पोर्ट्स कोटा से सरकारी नौकरी का भी अवसर प्रदान किया जाएगा।

आपको बताते चलें कि इसी मुद्दे पर आज विधानसभा में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा, “महाराष्ट्र सरकार ने दही हांडी उत्सव के लिए बनाए जाने वाले ह्यूमन पिरामिड को साहसिक खेल के रूप में मान्यता देने का फैसला किया है। इस मान्यता के साथ पर्व में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ी स्पोर्ट्स कोटा के तहत सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन करने के योग्य हो जाएँगे।”

सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा कि ह्यूमन पिरामिड के निर्माण के दौरान किसी प्रतिभागी की दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु होने पर उसके परिजनों को राज्य सरकार की ओर से मुआवजे के रूप में 10 लाख रुपए मिलेंगे। साथ ही गंभीर रूप से घायल होने वाले खिलाड़ी को सात लाख रुपए और फ्रैक्चर वाले खिलाड़ी को पाँच लाख रुपए दिए जाएँगे।

उन्होंने आगे कहा, “राज्य सरकार ‘गोविंदा’ (प्रतिभागियों) को चोट लगने की स्थिति में उनके इलाज का खर्च भी वहन करेगी। दो साल की पाबंदियों के बाद इस बार दही हांडी उत्सव को राज्य में बड़े पैमाने पर मनाया जाएगा क्योंकि सरकार ने सभी कोरोना संबंधी प्रतिबंधों को हटा दिया है। त्योहार में गोविंदा के ग्रुप शहरों में घूमते हैं और दही हांडी को तोड़कर इनाम जीतने के लिए एक-दूसरे के साथ होड़ करते हैं।”

उद्धव सरकार ने उत्सव पर लगाया था प्रतिबंध

गौरतलब है कि शिंदे सरकार ने पिछले उद्धव सरकार द्वारा दही-हांडी उत्सव पर लगाए गए प्रतिबंध को हटा लिया था। उद्धव सरकार ने कोरोना महामारी और मानवीय असुरक्षा का हवाला देते हुए इस पर प्रतिबंध लगाया था। उस समय भाजपा और हिंदू संगठनों ने इसका विरोध भी खूब किया था। मगर इसके बावजूद भी प्रतिबंध नहीं हटाया गया।

लेकिन अब सीएम शिंदे ने उस प्रतिबंध को तो हटाया ही, बल्कि इसमें सुरक्षा का भी पूरा इंतजाम कर दिया है। वहीं सीएम एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार ने दही हांडी के दौरान कथित आंदोलन के संबंध में दायर सभी कानूनी मामलों को वापस लेने का फैसला किया।

‘लड़ाई तो साझे पानी की है…’: मृतक दलित के घर बिसलेरी लेकर पहुँचे राजस्थान कॉन्ग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष: सोशल मीडिया पर लोगों ने जमकर धोया

राजस्थान के जालौर में दलित छात्र की मौत के बाद राजनीति गरमाई हुई है। जालोर का सुराणा गाँव इस समय राजनीतिक अड्डा बनता जा रहा है। इस बीच कॉन्ग्रेस के राजस्थान चीफ गोविंद सिंह डोटासरा के दलित परिवार से मुलाकात के दौरान बोतल से पानी पीने पर सोशल मीडिया पर नया विवाद खड़ा हो गया है।

दरअसल, सोशल मीडिया पर एक फोटो वायरल हो रहा है। जिसमें कॉन्ग्रेस के राजस्थान चीफ दलित परिवार के घर पानी पीने के लिए बिसलेरी की बोतल का इस्तेमाल कर रहे हैं। वहीं भाजपा नेता व राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा की पत्नी पूर्व विधायक गोलमा देवी ने भी पीड़ित के घर जाकर परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान कहा जा रहा है कि गोलमा देवी ने घर के लोटे से ही पानी पिया। जिसके बाद दोनों नेताओं के फोटो की तुलना करते हुए सोशल मीडिया पर टिप्पणियाँ की जा रही है। इस फोटो के वायरल होने के बाद शोक-भेंट ने अब सोशल मीडिया पर नए विवाद को जन्म दे दिया है। सोशल मीडिया पर प्रदेश कॉन्ग्रेस अध्यक्ष की खूब किरकिरी हुई है।

बता दें कि वायरल तस्वीर में जहाँ कॉन्ग्रेस प्रदेशाध्यक्ष के पास में रखी हुई बिसलेरी पानी की बोतल दिखाई दे रही है, वहीं दूसरी ओर गोलमा देवी के आगे रखा पानी के लोटे की तस्वीरें वायरल हो रही है। लोग डोटासरा की सोशल मीडिया पर खिंचाई कर रहे हैं और गोलमा देवी की खूब तारीफ हो रही है।

सोशल मीडिया पर लोगों ने डोटासरा को धोया

ट्विटर पर महेंद्र कुमार शर्मा नामक यूजर ने उनकी फोटो को साझा करते हुए लिखा, “पैक्ड ड्रिंकिंग वाटर की बोतल से पानी पिया तो गोविन्द सिंह डोटासरा और छैलू सिंह में क्या फर्क रह गया। आखिर लड़ाई तो साझे पानी की है….?”

इसी क्रम में रूप सिंह मीणा ने अपने एक ट्वीट में लिखा, “आखिर लड़ाई तो साझे पानी की है…? क्या सिर्फ वोट की राजनीति करने जाते हैं?”

इसके साथ-साथ आर पी सत्तावन नामक यूजर ने गोलमा देवी की भी फोटो शेयर की और लिखा, “गुलाम गिरी छोड़िए, फर्क समझिए…  गोलमा देवी दलित के घर की मटकी का पानी पी सकती है, लेकिन गोविंद सिंह डोटासरा को दलित के घर जाने पर दुकान की बोतल का पानी चाहिए, क्योंकि दलित के घर का पानी पीने से वो अपवित्र हो जाएँगे। आपकी राय कुछ भी हो, लेकिन ये तस्वीरें तो यही बयान कर रही है।”

रामप्रसाद नांगल नाम के यूजर ने भी दोनों तस्वीरों को साझा किया और लिखा, “देखो कौन कहता है भेदभाव नहीं होता, हर जगह होता है।”

एक अन्य यूजर देसराज मीणा ने भी लिखा, “जालोर हत्या कांड, दोनो फोटो को थोड़ा गौर करके देखे, आपको इसमें जातिवाद साफ दिखाई दे रहा होगा।”

मनोज ओड़च नाम के यूजर ने इस मामले में ट्विटर पर लिखा, “तस्वीर में अन्तर साफ है कि सच्चा दलित हितैषी कौन है!”

पश्चिम बंगाल से STF ने अलकायदा के दो आतंकियों को पकड़ा, अब्दुर रकीब और काजी अहसानुल्लाह के रूप में हुई पहचान

पश्चिम बंगाल से अक्सर आतंकी गतिविधियों से जुड़ी खबरें आती रहती हैं। ताजा मामला प्रदेश के उत्तरी 24 परगना जिले के सासन के खारीबाड़ी इलाके का बताया जा रहा है, जहाँ STF ने अलकायदा के 2 आतंकियों को गिरफ्तार किया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार स्पेशल टास्क फोर्स (Special Task Force) ने 17 अगस्त, बुधवार देर रात को दोनों आतंकवादियों को गिरफ्तार किया है। ये दोनों आतंकी भारत में प्रतिबंधित आतंकी संगठन अलकायदा के संदिग्ध सदस्य भी बताए जा रहे हैं। दोनों आतंकी देश में बड़ी साजिश को अंजाम देने की फिराक में थे। लेकिन इससे पहले ये कुछ कांड करते, इन्हें STF ने धर लिया।

वहीं इस कार्रवाई को लेकर ATF ने जानकारी दी है कि ये भारतीय उप-महाद्वीप में प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन (AQIS) के सक्रिय सदस्य हो सकते हैं। कुछ सूत्रों के हवाले से ये भी बताया जा रहा है कि हिरासत में लिए गए लोगों की पहचान गंगारामपुर, जिला दक्षिण दिनाजपुर निवासी अब्दुर रकीब सरकार और हुगली जिले के आरामबाग निवासी काजी अहसानुल्लाह के रूप में हुई है।

आपको बताते चलें कि पश्चिम बंगाल पुलिस के एसटीएफ ने यह भी दावा किया कि उनके कब्जे से भारत के खिलाफ जंग छेड़ने का संकेत देने वाला कट्टरपंथी साहित्य जब्त किया गया है। हिरासत में लिए गए दोनों आरोपितों के खिलाफ यूएपीए और आईपीसी के विभिन्न प्रावधानों के तहत केस दर्ज किया गया है। वहीं पूछताछ करने पर दोनों ने 17 और FIR की जानकारी दी है।

गौरतलब है कि अलकायदा की भारतीय उपमहाद्वीप इकाई ने इंटरनेट व सोशल मीडिया के जरिए भारत के खिलाफ बड़े स्तर पर अभियान छेड़ रखा है। वह जिहाद के नाम पर जहर फैलाने में लगा हुआ है। केंद्रीय जाँच व खुफिया एजेंसियों ने लगातार उन पर नजर गड़ा रखी हैं। जैसे ही सुरक्षा एजेंसियाँ किसी एक साइट व उससे जुड़े लोगों पर कार्रवाई करती हैं, तुरंत दूसरी साइट व दूसरा ग्रुप सक्रिय हो जाता है। 12 से ज्यादा बंगाल में सक्रिय हैं और उनकी सामग्री भी बांग्ला भाषा में होती है। वहीं इस सामग्री में अलकायदा के नेताओं के अरबी में दिए गए भाषणों का उर्दू व बांग्ला में अनुवाद है।

कर्नाटक के सभी स्कूलों और प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेजों में प्रतिदिन राष्ट्रगान गाना अनिवार्य, ‘जन गण मन’ नहीं गाने वाले बेंगलुरु के 3 निजी स्कूलों पर कार्रवाई

कर्नाटक सरकार (Karnataka Government) ने राष्ट्रगान को लेकर एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। सरकार ने अपने इस आदेश में राज्य के सभी स्कूलों और प्री यूनिवर्सिटी (PU) कॉलेजों में प्रत्येक दिन सामूहिक राष्ट्रगान गाने को अनिवार्य कर दिया है। राज्य सरकार का यह आदेश सभी सरकारी, निजी और सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों में लागू होगा।

राज्य सरकार ने अपने आदेश में इन शिक्षण संस्थानों से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि सभी छात्र-छात्राएँ हर सुबह राष्ट्रगान गाएँ। आदेश में यह भी कहा गया है कि यदि किसी शिक्षण संस्थान में सामूहिक राष्ट्रगान के लिए स्थान नहीं है तो छात्र-छात्राएँ अपनी-अपनी कक्षाओं में राष्ट्रगान गा सकते हैं।

आदेश में कहा गया है कि इस संबंध में पहले से आदेश होने के बाद भी राजधानी बेंगलुरु के कुछ प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में सुबह की प्रार्थना के दौरान सामूहिक राष्ट्रगान नहीं गाया जा रहा है। इस संबंध में कई शिकायतें प्राप्त हुई थीं।

शिकायतों के मिलने के बाद लोक निर्देश विभाग के बेंगलुरु नॉर्थ और साउथ डिवीजन के उप-निदेशकों ने ऐसे विद्यालयों का दौरा कर जाँच किया। इसमें उन्होंने पाया गया है कि ये शिकायतें सही हैं और इन विद्यालयों में राष्ट्रगान नहीं हो रहा था।

राज्य सरकार ने यह आदेश कर्नाटक शिक्षा अधिनियम 1983 की धारा 133 (2) के तहत जारी किए किया है। राज्य सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि कर्नाटक शिक्षा अधिनियम 1983 की धारा 7(2)(g)(i) के अनुसार संविधान का पालन करना और उसके आदर्शों और संस्थानों, राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रगान का सम्मान करना आवश्यक है।

शिक्षा मंत्री ने तीन स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई के दिए निर्देश

मीडिया रिपोर्ट्स में यह बात सामने आ रही है कि जाँच के दौरान पाया गया कि बेंगलुरु के तीन निजी विद्यालयों में प्रार्थना के दौरान राष्ट्रगान नहीं गाया जा रहा था। इस पर कर्नाटक सरकार ने सख्त रूख अपनाया है।

राज्य के शिक्षा मंत्री बीसी नागेश ने शिकायतों के आधार पर इन तीनों स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश जारी किया है। ये तीन स्कूल हैं- बिशप कॉटन बॉयज हाईस्कूल, सेंट जोसेफ बॉयज हाईस्कूल और बाल्डविन गर्ल्स हाईस्कूल।

राजू श्रीवास्तव की हालत गंभीर, ब्रेन नहीं कर रहा काम, हार्ट में भी समस्या: परिजन पहुँचे ईश्वर की शरण में, दोस्त और फैंस भी ईश्वर से कर रहे प्रार्थना

प्रसिद्ध कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव (Comedian Raju Srivastava) को लेकर चिंताजनक खबर आ रही है। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि वे लगभग ब्रेन डेड वाली अवस्था में पहुँच गए हैं और डॉक्टरों ने जवाब दे दिया है। वहीं, उनके परिजन और फैंस उनके लिए ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं। उनका परिवार आनंदपुरी के संकटमोचन मंदिर में पहुँचकर प्रार्थना की।

राजू श्रीवास्तव दिल्ली स्थित एम्स (AIIMS, Delhi) के कार्डियोलॉजी न्यूरो साइंस के ICU में भर्ती हैं। न्यूरो फिजिशियन डॉ. आंचल श्रीवास्तव की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है। कहा जा रहा है कि बुधवार की देर रात उनके शरीर और ब्रेन में सूजन आ गई, जिसके बाद से उनकी हालत बिगड़ रही है। 

गुरुवार की सुबह राजू श्रीवास्तव के मुख्य सलाहकार अजित सक्सेना ने बताया कि डॉक्टरों ने बताया कि उनका ब्रेन काम नहीं कर रहा है और हार्ट भी प्रोब्लम कर रहा है। वह लगभग ब्रेन डेड की स्थिति में पहुँच गए हैं। वे अभी भी वेंटिलेटर पर हैं।

राजू श्रीवास्तव के पीए गर्वित सक्सेना का कहना है कि उन्हें एक इंजेक्शन दिया गया था। इसके बाद सूजन की स्थिति आई। उनका कहना है कि डॉक्टरों का कहना है कि सूजन कम होने के बाद हो सकता है कि ब्रेन फिर से काम करन लगे।

उधर राजू के मैनेजर मकबूल का कहना है कि राजू श्रीवास्तव के ‘ब्रेन डेड’ होने की खबरें गलत और अफवाह हैं। उन्होंने कहा कि वे बेहोश हैं और उनके दिमाग की नसों में सूजन आ गई है। इसलिए उनका शरीर प्रतिक्रिया नहीं कर रहा है। डॉक्टर उनका इलाज कर रहे हैं।

राजू श्रीवास्तव के परिजन इस खबर से बेहद चिंतित हैं। उनके छोटे भाई काजू और उनकी पत्नी श्रेया व भतीजी तनु श्रीवास्तव ने उनके बचपन के मित्रों और प्रशंसकों के साथ आनंदपुरी स्थित संकटमोचन मंदिर में पूजा-अर्चना की। उन्होंने पौधा लगाकर राजू श्रीवास्तव के स्वस्थ होने की कामना की।

उधर राजू के मित्र और कॉमेडियन एहसान कुरैशी ने खबरों को चिंताजनक बताया। पुराने दिनों को याद करते हुए कुरैशी ने कहा कि वे लखनऊ जब भी आते थे तो मिला करते थे। आजतक से बातचीत में कुरैशी ने कहा, “राजू की बेटी की शादी होनी है। उनका बेटा छोटा है। बस मालिक उनको एक बार खड़ा कर दे। जिस आदमी ने पूरी दुनिया को हँसाया, उसकी सलामती के लिए दुआ कर रहे हैं सब।”

बता दें कि 10 अगस्त 2022 की सुबह एक्सरसाइज करते वक्त राजू श्रीवास्तव बेहोश होकर गिर गए थे। इसके बाद उन्हें एम्स लाया गया था। वहाँ डॉक्टरों ने बताया कि उन्हें हार्ट अटैक आया था। इसके कारण उनका ब्रेन डैमेज हो गया और उन्हें एंजियोप्लास्टी करनी पड़ी। पिछले 10 साल में उनकी 3 बार एंजियोप्लास्टी हो चुकी है।

बीएस येदियुरप्पा समेत 6 नए सदस्यों के साथ भाजपा संसदीय बोर्ड का गठन, गडकरी- शिवराज बाहर: 2024 की स्पष्ट रणनीति

बीजेपी के नए संसदीय बोर्ड का ऐलान हो चुका है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बुधवार, 17 अगस्त 2022 की शाम को नए संसदीय बोर्ड का ऐलान किया। इसके साथ ही केंद्रीय चुनाव समिति का ऐलान भी कर दिया गया है। दोनो ही बीजेपी के सबसे महत्वपूर्ण संगठन हैं। लोकसभा चुनाव के लिए अब ज्यादा समय नहीं रह गया है। दो साल बाद ही आम चुनाव होने हैं। ऐसे में बीजेपी ने संसदीय बोर्ड और चुनाव समिति में बहुत सूझ-बूझ के साथ नेताओं को शामिल किया है। वहीं बड़ा बदलाव करते हुए इस बोर्ड से दिग्गज नेता नितिन गडकरी और शिवराज सिंह को हटा दिया गया है। इससे पहले 2014 में संसदीय बोर्ड में बदलाव किया गया था।

बीजेपी संसदीय बोर्ड में ये हैं सदस्य

बीजेपी संसदीय बोर्ड में कुल 11 नेताओं को जगह मिली है। जेपी नड्डा के अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा, असम के पूर्व मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल, के. लक्ष्मण, इकबाल सिंह लालपुरा, सुधा यादव, सत्यनारायण जाटिया और बीएल संतोष का नाम शामिल है। आपको बता दें कि बीएल संतोष बीजेपी संसदीय बोर्ड के सचिव बनाए गए हैं।

संसदीय बोर्ड में इन 6 नए चेहरों को मिली जगह

इस बार संगठन में 6 नए चेहरों को जगह दी गई है। इसमें कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के दिग्गज नेता बीएस येदियुरप्पा, केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल, इकबाल सिंह लालपुरा, सुधा यादव, के लक्ष्मण और सत्यनारायण जाटिया शामिल हैं।

संसदीय बोर्ड में बदलाव 2024 की रणनीति

बीएस येदियुरप्पा को संसदीय बोर्ड में शामिल करना भाजपा का एक मास्टस्ट्रोक साबित हो सकता है। इसके पीछे बीजेपी की योजना कर्नाटक विधानसभा चुनाव और 2024 लोकसभा चुनाव तक की है। दरअसल, बीएस येदियुरप्पा लिंगायत समुदाय के सबसे बड़ा चेहरा हैं और कर्नाटक में लिंगायत समुदाय चुनाव जीतने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। कर्नाटक में कॉन्ग्रेस के दोनों बड़े नेता सिद्धारमैय्या और डीके शिवकुमार लिंगायत समुदाय से ही आते हैं। ऐसे में बीएस येदियुरप्पा को केंद्रीय संसदीय बोर्ड में शामिल भाजपा ने लिंगायत समुदाय को पूरी तरह से अपनी ओर कर लिया।

लिंगायत समुदाय ने पहले भी कर्नाटक में भाजपा को मतदान किया है। इस तरह एक बात स्पष्ट है कि येदियुरप्पा ना सिर्फ कर्नाटक चुनावों में बल्कि आने वाले लोकसभा चुनावों में भी भाजपा के लिए फायदेमंद साबित होने वाले हैं। संसदीय बोर्ड और केंद्रीय चुनाव समिति में शामिल किए जाने पर येदियुरप्पा ने पीएम मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का धन्यवाद किया है।

सर्बानंद सोनोवाल को भी संसदीय बोर्ड में शामिल करना भी भाजपा की 2024 की रणनीति का ही एक हिस्सा है। इसके पीछे की मुख्य वज़ह है कि सर्वानंद सोनोवाल उत्तर-पूर्व के आदिवासी समुदाय से आने वाले पहले ऐसे नेता हैं जिन्हें भाजपा के महत्वपूर्ण निर्णय करने वाले संसदीय बोर्ड में शामिल किया गया है। इसके साथ ही सोनोवाल असम के पूर्व मुख्यमंत्री हैं- असम में उनका अच्छा-खासा जनाधार है। ऐसे में भाजपा हिमंता बिस्वा सरमा और सोनोवाल के साथ उत्तर-पूर्व को जीतने की रणनीति पर काम कर रही है।

संसदीय बोर्ड और केंद्रीय चुनाव समिति में शामिल किए गए सर्बानंद सोनोवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का धन्यवाद किया है। उन्होंने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर लिखा है, “मुझे बीजेपी के संसदीय बोर्ड एवं केन्द्रीय चुनाव समिति का सदस्य मनोनीत किये जाने पर माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का हृदय से आभार। पार्टी ने मुझे जो दायित्व दिया है उसका मैं निष्ठापूर्वक निर्वहन करने का कोशिश करूँगा।”

सुधा ‘यादव’ फैक्टर!

सुधा यादव को भी भाजपा ने संसदीय बोर्ड में शामिल किया है। सुधा यादव हरियाणा के रेवाड़ी से संबंध रखती हैं। वो भाजपा की पूर्व लोकसभा सांसद भी हैं। सुधा यादव का संसदीय बोर्ड में शामिल होना कई मायनों में महत्वपूर्ण है। दरअसल, पीएम मोदी ने सबसे पहले सुधा यादव को चुनाव लड़ने के लिए प्रेरित किया था। यह वर्ष 1999 की बात है। सुधा यादव के पति सुखबीर सिंह यादव भारतीय सेना में थे। 1999 के कारगिल युद्ध में वो बलिदान हो गए। इस वक्त में पीएम मोदी हरियाणा भाजपा के पार्टी प्रभारी के तौर पर काम कर रहे थे।

भाजपा के सामने हरियाणा में एक बड़ी चुनौती थी। राव इंद्रजीत सिंह, उस वक्त कॉन्ग्रेस पार्टी में हुआ करते थे, राव इंद्रजीत सिंह के सामने लड़ने के लिए पार्टी को कोई मजबूत प्रत्याशी नहीं मिल रहा था। ऐसे में चुनाव प्रभारी के नाते नरेंद्र मोदी ने सुधा यादव को चुनाव लड़ाने का प्रस्ताव रखा। पार्टी तैयार हो गई, लेकिन सुधा यादव ने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया। बाद में नरेंद्र मोदी ने उनसे बात की तो वो चुनाव लड़ने के लिए तैयार हो गईं- और चुनाव जीत भी गईं।

सुधा यादव का बोर्ड में शामिल होना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे पहले संसदीय बोर्ड में एक मात्र महिला सुषमा स्वराज थी। इसके साथ ही भाजपा हरियाणा में यादव वोटर्स को भी साधने की कोशिशों में जुटी है। ऐसे में इनका संसदीय बोर्ड में शामिल होना महत्वपूर्ण हो जाता है।

इसके साथ ही जो और 3 नए चेहरे संसदीय बोर्ड में शामिल किए गए हैं- उनके चुनाव के पीछे भी भाजपा की लंबी रणनीति है। चाहे मध्य-प्रदेश में दलितों का जाना-माना चेहरा सत्यनारायण जाटिया हो, तेलंगाना से संबंध रखने वाले के. लक्ष्मण हो जोकि भाजपा की ओबीसी यूनिट के मुखिया भी हैं या फिर इकबाल सिंह लालपुरा हो- इन सभी को सोची-समझी रणनीति के तहत संसदीय बोर्ड में शामिल किया गया हैं।

बीजेपी की केंद्रीय चुनाव समिति में इन नेताओं को मिली जगह

संसदीय बोर्ड की तरह ही 2024 के चुनावों को ध्यान में रखते हुए बीजेपी की केंद्रीय चुनाव समिति के सदस्यों को शामिल किया गया है। इसमें 15 नेताओं को जगह मिली है। जिसमें जेपी नड्डा, पीएम नरेंद्र मोदी, राजनाथ सिंह, अमित शाह, बीएस येदियुरप्पा, सर्बानंद सोनोवाल, के लक्ष्मण, इकबाल सिंह लालपुरा, सुधा यादव, सत्यनारायण जाटिया, भूपेंद्र यादव, देवेंद्र फडणवीस, ओम माथुर, बीएल संतोष और वनथी श्रीनिवास का नाम शामिल है।

अर्जुन कपूर की KRK ने कर दी घनघोर बेइज्जती, कहा- आप ऐसे एक्टर का कैसे बायकॉट कर सकते जिसकी फिल्म कुत्ता भी देखने नहीं जाता

बॉलीवुड फिल्मों के बायकॉट पर सबक सिखाने की बात कहकर अभिनेता अर्जुन कपूर (Arjun Kapoor) चौतरफा घिर गए हैं। मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा है कि उन्हें जनता को धमकाने की बजाए अपनी एक्टिंग पर ध्यान देना चाहिए। वहीं फिल्म अभिनेता से क्रिटिक बने कमाल राशिद खान (KRK) ने अर्जुन कपूर का मजाक बनाते हुए कहा है कि जिस अभिनेता की फिल्म देखने कुत्ता भी नहीं जाता हो उसका बायकॉट कैसे किया जा सकता है।

केआरके ने अपने यूट्यूब चैनल पर 8 मिनट 29 सेकंड का वीडियो अपलोड किया है। इसमें वे अर्जुन कपूर की जमकर खिंचाई करते हुए नजर आ रहे हैं। अर्जुन के बयान का जिक्र करते हुए वे कहते हैं, “पब्लिक आमिर खान की फ़िल्म का बहिष्कार करे तो समझ आता है। शाहरुख खान की फिल्म का बहिष्कार करे तो समझ आता है। लेकिन आप अर्जुन कपूर जैसे सुपर-डुपर महाफ्लॉप हीरो की बेइज्जती कैसे कर सकते हैं। उस बेचारे की फिल्म का बहिष्कार कैसे कर सकते हैं? मतलब अब आप एक ऐसे एक्टर की फिल्म का भी बहिष्कार करेंगे जिसकी फिल्म को कुत्ता भी देखने नहीं जाता।”

केआरके यहीं नहीं रुके, उन्होंने आगे कहा, “पब्लिक वरुण धवन की फिल्म का बहिष्कार करे तो मैं मान सकता हूँ। सिद्धार्थ मल्होत्रा की फिल्मों का बहिष्कार भी समझ आता है। लेकिन आप जैसे लुक्खे की फ़िल्म का बहिष्कार पब्लिक कैसे कर सकती है।” आप पूरा वीडियो नीचे देख सकते हैं।

अर्जुन कपूर पर तंज कसते हुए KRK ने इस वीडियो में कहा है, “भाईजान! अब आप पब्लिक को सबक सिखाकर रहना। पब्लिक को छोड़ना मत भाईजान, अब आप अपनी फिल्म थिएटर में रिलीज करने के बजाय सीधे यूट्यूब पर अपलोड करना शुरू कर दो भाईजान। जब यूट्यूब पर फिल्म फ्री में देखने को मिलेगी तो जाहिर सी बात है, यह जरूर देखेंगे और देखकर खुद ही पागल हो जाएँगे। इनसे बदला लेना है भाईजान!”

आगे वो कहते हैं, “क्या अर्जुन कपूर हीरो दिखता है? क्या अर्जुन कपूर को एक्टिंग आती है? क्या अर्जुन कपूर में एक्टर वाली एक भी क्वालिटी है? इसलिए आप लोगों को अर्जुन कपूर की फिल्म का बहिष्कार नहीं करना चाहिए, बल्कि जहाँ भी अर्जुन कपूर की फिल्म का पोस्टर दिखे उस पर खड़े होकर मूतना चाहिए।”

इससे पहले मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भी अर्जुन कपूर को फ्लॉप और फ्रस्ट्रेटड एक्टर बताते हुए कहा था कि टुकड़े-टुकड़े गैंग में दूसरे मजहब पर फिल्म बनाने की हिम्मत नहीं है। गौरतलब है कि फिल्मों के बॉयकॉट पर आगबबूला होते हुए अर्जुन कपूर ने कहा था, “मुझे लगता है कि हमने बायकॉट के बारे में चुप रहकर गलती की और यह हमारी शालीनता थी, लेकिन लोगों ने इसका फायदा उठाना शुरू कर दिया है।”

1 नाव-3 AK 47, कारतूस और विस्फोटक भी: जैसे 26/11 के लिए समंदर से आए पाकिस्तानी आतंकी, वैसे ही इस बार महाराष्ट्र के तट पर आया हथियार

महाराष्ट्र के रायगढ़ में हरिहरेश्वर समुद्र तट (Harihareshwar Beach in Raigad) पर एक संदिग्ध नाव मिलने से हड़कंप मच गया है। नाव में AK 47, राइफलें, कारतूस, विस्फोटक समेत कई हथियार मिले हैं। हरिहरेश्वर तट मुंबई से 200 और पुणे से 170 किमी की दूरी पर है। इस जहाज में कोई भी शख्स सवार नहीं था। इसको लेकर सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया गया है।

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Maharashtra Dy CM Devendra Fadnavis) ने बताया कि नाव से तीन एके-47 राइफलें मिली हैं। नाव एक ऑस्ट्रेलियाई नागरिक की है। यह यूरोप जा रही थी। अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक समुद्र में नाव का इंजन खराब हो गया था। कोरियाई नाव से लोगों को निकाला गया। यह अब हरिहरेश्वर समुद्र तट पर पहुँच गई है। आगामी त्यौहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए पुलिस और प्रशासन को अलर्ट कर दिया गया है।

उन्होंने बताया कि आधी टूटी हालत में नाव हाई टाइड के कारण कोकण तट की ओर आ गई। केंद्रीय जाँच एजेंसियों को सूचित कर दिया गया है। इस मामले को हल्के में नहीं लिया जाएगा। एटीएस भी इस पर काम कर रही है। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त बल भी तैनात किया जाएगा। अलर्ट की स्थिति के मानदंडों के अनुसार सभी आवश्यक सावधानियाँ बरती गई हैं।

इसके अलावा डिप्टी सीएम ने जानकारी दी कि अभी तक किसी आतंकी एंगल की पुष्टि नहीं हुई है। यहाँ नाव अभी-अभी पहुँची है। हम किसी भी बात से इनकार नहीं कर रहे हैं। सभी पहलुओं की जाँच कर रहे हैं। रायगढ़ जिले में हाई अलर्ट जारी किया गया है।

बता दें कि समुद्री इलाके से आतंकियों के आने की संभावना हमेशा बनी रहती हैं। मुंबई में 26 नवंबर 2008 को आतंकी हमले को अंजाम देने के लिए लश्कर के 10 आतंकी समुद्र के रास्ते पाकिस्तान से भारत आए थे। फिलहाल पुलिस ने नाव को अपने कब्जे में ले लिया है। स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की जा रही है, ताकि नाव के बारे में जानकारी हासिल की जा सके। महाराष्ट्र एटीएस की टीम इस पूरे मामले की पड़ताल करेगी।

इंस्टाग्राम पर धनश्री ने हटाया पति युजवेंद्र का सरनेम, सोशल मीडिया में लग रहे रिश्ते टूटने के कयासः चहल ने लिखा- न्यू लाइफ लोडिंग

क्रिकेटर युजवेंद्र चहल और उनकी पत्नी अपने रिश्ते को लेकर एक बार फिर से सोशल मीडिया पर छाए हुए हैं। अगर सोशल मीडिया में चल रही बातों पर यकीन की जाए तो दोनों का रिश्ता टूटने की कगार पर आ चुका है। साल 2020 में जो कपल प्रेम की मिसाल बन रहे थे, वो आज अलग होने जा रहे हैं।

भारतीय स्पिनर युजवेंद्र चहल ने साल 2020 में कोरियोग्राफर धनश्री से शादी की थी। उस समय ये देश के सबसे चर्चित कपल हुआ करते थे। दोनों सोशल मीडिया पर खूब एक्टिव रहते थे। धनश्री अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर विभिन्न क्रिकेटरों के साथ कई डांस वीडियो भी डालती थीं। वहीं, स्टेडियम में चहल को चीयर-अप करते हुए भी नजर आती थीं। उस समय किसी ने नहीं सोचा होगा कि शादी के महज 2 साल में ही इनके रिश्ते में खटास आ जाएगी।

सूर्यकुमार यादव के साथ उनकी पत्नी देविशा, चहल की पत्नी धनश्री और बल्लेबाज श्रेयस अय्यर

चहल और धनश्री के रिश्ते को लेकर अफवाहें उड़नी तब शुरू हुईं, जब हाल ही में सूर्यकुमार यादव ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक तस्वीर पोस्ट की। इस फोटो के कैप्शन में यादव ने चहल का मजाक बनाते हुए लिखा “कल रात के बारे में। सॉरी युजवेंद्र चहल हमने आपको मिस नहीं किया।” तस्वीर में यादव के साथ उनकी पत्नी देविशा, चहल की पत्नी धनश्री और बल्लेबाज श्रेयस अय्यर भी थे।

अटकलों को हवा तब मिली, जब धनश्री ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल से ‘चहल’ सरनेम हटा दिया। इससे पहले उनके इंस्टाग्राम हैंडल में धनश्री वर्मा चहल लिखा हुआ था। ये देखने के बाद तो लोगों ने इस अफवाह पर अपनी मुहर लगाना शुरू कर दिया कि कपल अलग हो रहा है। आमतौर पर सोशल मीडिया हैंडल पर कोई नया सरनेम तभी जोड़ता है जब वो किसी नए बंधन में बंधता है।

धनश्री ने हटाया ‘चहल’ सरनेम

इससे पहले युजवेंद्र चहल ने भी अपने इंस्टाग्राम हैंडल से अपनी एक तस्वीर पोस्ट कर रिश्ता टूटने के संकेत दिया था। पोस्ट करते हुए उन्होंने लिखा ‘न्यू लाइफ लोडिंग’। फिलहाल दोनों कपल के रिश्ते के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है। सोशल मीडिया में दोनों के पोस्ट और धनश्री द्वारा ‘चहल’ सरनेम हटा देने के बाद रिश्ता टूटने के कयास लगाए जा रहे हैं।

युजवेंद्र चहल की इंस्टा स्टोरी

युजवेंद्र चहल और धनश्री के फैंस इस खबर से दुखी हैं। वहीं, कई लोग उन्हें ट्रोल भी कर रहे हैं। आज से दो साल पहले जो कपल प्रेम की मिसाल हुआ करते थे आज सोशल मीडिया पर उनके रिश्ते का मजाक बनाया जा रहा है।

ट्विटर पर मीम्स शेयर कर कई लोग धनश्री पर प्रसिद्धि पाने के लिए रिश्ता जोड़ने का आरोप लगा रहे हैं। हालाँकि, कपल की ओर से न तो इन अटकलों का खंडन किया गया है और न ही रिश्तों में सब कुछ ठीक होने को लेकर सफाई दी गई है।