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हैदराबाद पुलिस ने ‘सर तन से जुदा’ के नारे लगाने वालों को छोड़ा, रिपोर्ट में दावा- ओवैसी ने डाला दवाब: ‘काट डालो RSS वालों को’ वाला Video भी वायरल

भारतीय जनता पार्टी के निलंबित विधायक टी राजा सिंह की कथित विवादित टिप्पणी को लेकर हैदराबाद में जगह-जगह उपद्रव जारी है। बुधवार (24 अगस्त 2022) को एक प्रदर्शन के दौरान कलीमउद्दीन नाम के व्यक्ति ने RSS स्वयंसेवकों की हत्या के लिए उकसाने वाले नारे लगाए। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। नलगोंडा की पुलिस अधीक्षक (SP) रेमा राजेश्वरी ने कहा कि उस पर आईपीसी की धारा 153, 295 (ए) और 506 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

कलीमउद्दीन का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें वह कह रहा है, “काट डालो सालों को…” इसके पीछे-पीछे भीड़ कहती है, “RSS वालों को।” इस दौरान नारे लगाते हुए यह भी कहा गया, “बोलो बोलो क्या चाहिए, गुस्ताख-ए-नबी का सिर चाहिए।”

इधर खबर आ रही है कि भड़काऊ नारे लगाने वालों को पुलिस ने छोड़ दिया है। टाइम्स नॉउ ने बताया है कि हैदराबाद पुलिस ने असदुद्दीन ओवैसी के दबाव में 90 उपद्रवियों को छोड़ दिया है। इन उपद्रवियों को ‘सर तन से जुदा’ जैसे भड़काऊ नारे लगाने और पत्थरबाजी के बाद हिरासत में लिया गया था। इस हिंसक प्रदर्शन में महिलाएँ और छोटे-छोटे बच्चे भी शामिल थे।

रिपोर्ट के मुताबिक AIMIM के नेता साउथ जोन के DCP से मिले थे। इसके बाद 90 उपद्रवियों को छोड़ दिया गया। ओवैसी ने भी इसकी पुष्टि की है।

इस बीच गुरुवार (25 अगस्त 2022) से हैदराबाद में धारा 144 लागू कर दी गई है। बता दें कि बुधवार को AIMIM नेताओं के साथ 50 से अधिक लोगों की भीड़ ने टी राजा का सिर कलम करने का आह्वान किया था।

उल्लेखनीय है कि 22 अगस्त को टी राजा सिंह ने मुनव्वर फारूकी के विरुद्ध एक वीडियो बनाया था। इसमें उन्होंने इस्लाम पर बात करते हुए एक बुजुर्ग की चर्चा की थी। कट्टरपंथी इसे ईश निंदा बता रहे हैं। हालाँकि, राजा सिंह ने उसे मजाक बताया। इसके बाद हैदराबाद में प्रदर्शन हुए। 23 अगस्त की सुबह पुलिस ने टी राजा को गिरफ्तार कर लिया। उसी दिन दोपहर में बीजेपी ने उन्हें पार्टी से सस्पेंड कर दिया। उसी दिन इस मामले में कोर्ट ने टी राजा सिंह को चेतावनी देते हुए गिरफ्तारी के कुछ घंटों के भीतर ही जमानत दे दी थी।

बेल मिलने के बाद कट्टरपंथी दोबारा उनकी गिरफ्तारी की माँग कर रहे हैं। वहीं टी राजा सिंह ने कथित विवादित वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से हटाए जाने पर कहा कि वो उस वीडियो का पार्ट-2 भी लेकर आएँगे जिसमें और भी बातें होंगी। राजा सिंह के वकील को भी यूएई के नंबरों से 3 बार जान से मारने की धमकी मिल चुकी है।

उम्र से छोटे पर नारे ‘सर तन से जुदा’ वाले जहर बुझे: हैदराबाद में स्कूली बच्चों के इस्तेमाल पर NCPCR सख्त, FIR का दिया आदेश

हैदराबाद में बीजेपी के निलंबित विधायक टी राजा सिंह के खिलाफ प्रदर्शनों में बच्चों का भी इस्तेमाल किया गया। स्कूली बच्चों से ‘सर तन से जुदा’ जैसे नारे लगवाए गए। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने इस पर सख्ती दिखाई है।

NCPCR ने हैदराबाद पुलिस से उन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने को कहा है जिन्होंने बच्चों को उकसाया। साथ ही इन बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश करने का निर्देश भी एनसीपीसीआर ने दिया है। पुलिस को सात दिनों के भीतर इनके माता-पिता के बयान दर्ज कर कार्रवाई की रिपोर्ट जमा करने के लिए कहा है।

एनसीपीसीआर ने हैदराबाद पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखा

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एनसीपीसीआर ने बुधवार (24 अगस्त 2022) को हैदराबाद पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर उन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है, जिन्होंने पैगंबर मुहम्मद के खिलाफ कथित टिप्पणी को लेकर टी राजा सिंह के विरुद्ध स्कूली बच्चों से ‘सर तन से जुदा’ के नारे लगवाए थे।

एनसीपीसीआर ने हैदराबाद पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखा

एनसीपीसीआर ने कहा है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में हैदराबाद में कई बच्चे ‘सिर तन से जुदा’ के नारे लगाते और टी राजा सिंह को फाँसी पर लटकाने की माँग करते दिख रहे हैं। राजा सिंह के एक वीडियो को लेकर हैदराबाद में कट्टरपंथी लगातार प्रदर्शन कर रहे है।

टी राजा सिंह के बयान के बाद बवाल

22 अगस्त को टी राजा सिंह ने मुनव्वर फारूकी के विरुद्ध एक वीडियो बनाया था। इसमें उन्होंने इस्लाम पर बात करते हुए एक बुजुर्ग की चर्चा की थी। कट्टरपंथी इसे ईश निंदा बता रहे हैं। हालाँकि, राजा सिंह ने उसे मजाक बताया। इसके बाद हैदराबाद में प्रदर्शन हुए। 23 अगस्त की सुबह पुलिस ने टी राजा को गिरफ्तार कर लिया। उसी दिन दोपहर में बीजेपी ने उन्हें पार्टी से सस्पेंड कर दिया। उसी दिन इस मामले में कोर्ट ने टी राजा सिंह को चेतावनी देते हुए गिरफ्तारी के कुछ घंटों के भीतर ही जमानत दे दी थी।

बेल मिलने के बाद कट्टरपंथी दोबारा उनकी गिरफ्तारी की माँग कर रहे हैं। वहीं टी राजा सिंह ने कहा है कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं कहा। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा, “मेरे लिए पार्टी से ज्यादा, धर्म को बचाना जरूरी है।” उन्होंने विवादित वीडियो के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से हटाए जाने पर कहा कि वो उस वीडियो का पार्ट-2 भी लेकर आएँगे जिसमें और भी बातें होंगी। राजा सिंह के वकील को भी यूएई के नंबरों से 3 बार जान से मारने की धमकी मिल चुकी है।

ED छापे में जिसके घर से मिले AK-47 और गोलियाँ, वह गिरफ्तार: फ्लैट के 25 दिन से बंद होने का दावा, फिर रॉंची पुलिस के सिपाहियों ने 23 अगस्त को कैसे रखे हथियार

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के करीबी बताए जा रहे प्रेम प्रकाश को गिरफ्तार कर लिया गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार (24 अगस्त 2022) रात राँची से उसे गिरफ्तार किया। राँची में प्रेम प्रकाश से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी में दो AK- 47 राइफल और 60 जिंदा कारतूस बरामद किए गए थे। हथियार हरमू स्थित उसके ठिकाने पर एक आलमारी की तलाशी के दौरान मिले थे।

एके-47 की बरामदगी पर राँची पुलिस का भी बयान आया है। इसके मुताबिक दोनों हथियार राँची पुलिस के सिपाहियों के हैं। इन सिपाहियों को निलंबित कर दिया है। राँची पुलिस का कहना है कि दोनों सिपाही 23 अगस्त को ड्यूटी से वापस लौट रहे थे। बारिश के कारण उन्होंने अपने परिचित प्रेम प्रकाश के कर्मचारी के पास एके-47 व कारतूस आलमारी में रख दिया था। चाबी सिपाही अपने साथ ले गए थे।

बुधवार (24 अगस्त 2022) की सुबह जब सिपाही अपना हथियार लेने पहुँचे तो वहाँ ईडी की छापेमारी चल रही थी। इसके चलते वे हथियार नहीं ले पाए। इस ‘लापरवाही’ के लिए दोनों सिपाही को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस बीच प्रेम प्रकाश को हेमंत सोरेन का करीबी बताए जाने पर झारखंड के मुख्यमंत्री कार्यालय ने कड़ी आपत्ति जताई है। ऐसा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

वहीं झारखंड के गोड्डा से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने मामले की एनआइए जाँच की माँग की है। उन्होंने ट्वीट कर कहा है, “डूब मरो झारखंड पुलिस। प्रेम प्रकाश का यह फ्लैट पिछले 25 दिन से बंद था। NIA की जॉंच पूरे पुलिस महकमे में भूचाल ला देगा।”

गौरतलब है कि झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के राजनीतिक सहयोगी पंकज मिश्रा और उनके करीबी एवं बाहुबली बच्चू यादव से पूछताछ के बाद ED ने प्रेम प्रकाश के ठिकानों पर छापेमारी की थी। मिश्रा और यादव दोनों को कुछ समय पहले ही ईडी ने गिरफ्तार किया था।

छापे को लेकर दैनिक भास्कर में प्रकाशित खबर

प्रवर्तन निदेशालय की टीमों ने बुधवार को प्रेम प्रकाश और उसके करीबियों के 17 ठिकानों पर रेड डाली थी। इसके पहले 25 मई को भी प्रेम प्रकाश के ठिकानों पर छापामारी में कई कीमती सामान बरामद किए गए थे। उस दौरान एक अमेरिकी नस्ल का कछुआ भी उसके घर से मिला था।

 

हूरों को सुंदर लगे इसलिए बॉडी शेव कराकर भारत में घुस रहा था आतंकी, जिंदा पकड़ा गया: बताया- भारतीय पोस्ट उड़ाने पाकिस्तानी फौज ने भेजा था

पाकिस्तानी फौज ने आतंकी तबरक हुसैन को फिदायीन मिशन पर भेजा। भारत में दाखिल होने की कोशिश करते हुए वह जिंदा पकड़ा गया। फिलहाल उसका इलाज चल रहा है। पूछताछ में उसने बताया है कि पाकिस्तानी फौज के कर्नल युनूस ने उसे और उसके साथियों को आत्मघाती मिशन पर भेजा था। भारतीय सेना को निशाना बनाने के लिए 30 हजार रुपए भी दिए थे।

आतंकी तबरक हुसैन 21 अगस्त 2022 को भारत में घुसपैठ के लिए एलओसी पर तार काट रहा था। उसके साथ 4-5 और आतंकी भी थे। भारतीय सैनिकों की नजर पड़ते ही वे भागने लगे। लेकिन फायरिंग में तबरक को गोली लग गई और वह पकड़ा गया। उसके साथी आतंकी भागने में कामयाब रहे।

तबरक ने बताया है कि उसके दस्ते के निशाने पर भारतीय सेना की चौकियाँ थी। दो सैन्य चौकी की रेकी भी हुई थी। वह पाकिस्तान के कोटली जिले का रहने वाला है। उसने बताया है कि पाकिस्तानी फौज आम लोगों को भारतीय सीमा में घुसने के लिए उकसाती है। उनका ब्रेन वॉश किया जाता है। पैसे का लालच दिया जाता है। घुसपैठ के लिए जो तैयार नहीं होते उनके साथ पाकिस्तानी फौज बुरा व्यवहार करती है।

भारत में दाखिल होने से पहले तबरक हुसैन ने बॉडी शेव कराया था। नाखून कटवा लिए थे। वह चाहता था कि जब वह हूरों से मिले तो सुंदर दिखे।

ब्रिगेडियर कपिल राणा ने बुधवार (24 अगस्त 2022) को बताया कि तबरक हुसैन एक अनुभवी आतंकवादी गाइड है। उसे 2016 में उसके भाई के साथ गिरफ्तार किया गया था। उसे नवंबर 2017 में रिहा किया गया था। अब एक बार फिर वह पकड़ा गया है।

उत्तराखंड में 11 वर्षों से रह रही थी बांग्लादेशी महिला, मकान खरीदने के साथ-साथ बनवा लिया था वोटर कार्ड और आधार: पुलिस ने किया गिरफ्तार

उत्तराखंड पुलिस ने राजधानी देहरादून से एक बांग्लादेशी महिला को गिरफ्तार किया है। यह महिला पिछले 11 सालों से अवैध रूप से उत्तराखंड के ऋषिकेश में रह रही थी। इतना ही नहीं इसने ऋषिकेश में मकान भी खरीद लिया था और उसने वोटर कार्ड और आधार कार्ड भी बनवा लिया है।

दरअसल, राज्य की पुष्कर सिंह धामी सरकार (Pushkar Singh Dhami Government) ने प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में अवैध रूप से ठहरे विदेशी नागरिकों की खोजबीन का काम शुरू किया है। राज्य सरकार ने विभिन्न जिलों में अपने गुप्तचर विभाग को अलर्ट कर दिया है।

यह दिशा-निर्देश केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से सभी राज्यों को दिया गया है। राज्य सरकारों से कहा गया है कि वे अपने यहाँ ओवरस्टे करने वाले विदेशी नागरिकों की पहचान करे और उन्हें वापस भेजे। इसी निर्देश के तहत पहचान में जुटी राज्य सरकार के गुप्तचर विभाग ने महिला को गिरफ्तार किया।

गुप्तचर विभाग को पता चला कि ऋषिकेश के आवास विकास कॉलोनी में एक बांग्लादेशी महिला कई वर्षों से रह रही है। जानकारी मिलते ही पुलिस सोनिया चौधरी (40 वर्ष) पत्‍नी बावला चौधरी जिला देहरादून के घर गई और जाँच की

पुलिस के मुताबिक, सोनिया चौधरी मूल रूप से बांग्लादेश के ग्राम खंडाकिया, पोस्ट यूनुस नगर, थाना हजारी, जिला चटगाँव की रहने वाली है। महिला ने यहाँ साल 2016 में मकान खरीद कर उसकी रजिस्ट्री भी करा ली थी। महिला ने अवैध तरीके से भारतीय पासपोर्ट (Indian passport), मतदाता पहचान पत्र और आधार कार्ड भी बनवा लिया था। 

जाँच में पता चला कि महिला के पास बांग्लादेश का पासपोर्ट भी है, जिसकी वैधता 25 दिसंबर 2014 को खत्म हो चुकी है। वहीं, उसकी वीजा की वैधता भी 18 सितंबर 2011 को समाप्त हो चुकी है। 

उत्तराखंड पुलिस ने महिला के खिलाफ थाना ऋषिकेश में मुकदमा भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 419, 420, 467, 468, 471, 120B और विदेशी अधिनियम की धारा 14 तथा पासपोर्ट अधिनियम की धारा 12 के तहत केस दर्ज कर लिया है। 

‘प्रोड्यूसर के कमरे में नहीं गई, इसीलिए शो से निकाल दिया’: खुद से शादी करने वाली ऐक्ट्रेस का खुलासा – एक निर्माता ने कमरे में बुलाया था

हाल ही में खुद से ही शादी करके चौकाने वाली ‘दीया और बाती हम’ फेम एक्ट्रेस कनिष्का सोनी ने अब कुछ सनसनीखेज खुलासे किए हैं। कनिष्का सोनी ने हाल ही दिए एक इंटरव्यू में न सिर्फ खुद से शादी करने के पीछे की वजह बताई है, बल्कि कास्टिंग काउच और एब्यूसिव रिलेशनशिप पर भी बात की है। कनिष्का सोनी के मुताबिक, उन्होंने जो देखा उसने उन्हें बुरी तरह झकझोर दिया था। उनकी आत्मा ही निकल गई थी।

दैनिक भास्‍कर को दिए इंटरव्‍यू में कनिष्‍का ने कहा कि रिलेशनशिप को लेकर उनके अनुभव ज्‍यादातर बुरे ही रहे हैं। उन्‍होंने कहा, “जब मैं मुंबई आई तो कई लड़कों ने मुझे प्रपोज किया। मैंने 1200-1300 प्रपोजल रिजेक्‍ट किया है। एक बहुत ही पॉपुलर एक्‍टर ने भी शादी के लिए प्रपोज किया था, मगर सिर्फ दो महीने में ही उसका असली चेहरा सामने आ गया। वह बहुत ही हिंसक था। मैं नाम नहीं लूँगी, क्‍योंकि इससे विवाद खड़ा हो जाएगा।”

कनिष्का ने आगे बताया, “मैं उस एक्टर का नाम लेकर विवाद खड़ा नहीं करना चाहती, लेकिन वह बेहद हिंसक था और हर 15 मिनट में गुस्सा हो जाता था। वह चीजें तोड़ता था और मुझे पीटता था। मेरी माँ ने हमेशा कहा है कि एक टाइम पर एक ही इंसान के साथ रहना चाहिए। मैंने एक-डेढ़ साल तक रिश्ते को घसीटा।”

वहीं कनिष्का सोनी ने कास्टिंग काउच भी कई खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि जब वह मुंबई आई थीं तो वह बहुत ही बुरे अनुभव से गुजरीं। उन्हें पता ही नहीं था कि यहाँ लोग ‘गिव एंड टेक’ रिलेशनशिप पर काम करते हैं। कनिष्का सोनी को तब झटका लगा जब उन्होंने देखा कि लीड रोल देने के लिए कास्टिंग डायरेक्टर ही नहीं बल्कि प्रोड्यूसर तक गलत डिमांड कर देते हैं।

कनिष्का ने पूरे मामले के बारे में बात करते हुए बताया, “2008 में एक ए-ग्रेड फिल्म के लिए, निर्माता ने मुझे अपने घर आने के लिए कहा ताकि वह मेरा पेट देख सकें। मैंने उनसे कहा कि मैं फिल्म के लिए करुँगी। लेकिन उन्होंने मुझसे कहा- अगर तुम यहाँ नहीं कर रहे हो तो फिल्म के लिए कैसे करोगे? तब मेरा पेट दिखाना मेरे लिए बहुत बड़ी बात थी। बाबूभाई दीभा के लिए धन्यवाद, मैंने कुछ छोटे बजट की फिल्में कीं, लेकिन मेरा सपना प्रियंका चोपड़ा और कंगना रनौत की तरह बनना था।”

कनिष्का सोनी ने एक और उदाहरण देते हुए बताया, “एक बार एक बहुत बड़े प्रोड्यूसर ने उन्हें एक शो में लीड रोल दिया। कनिष्का बेहद खुश थीं। उन्होंने पूरे दिन उस शो की शूटिंग की। लेकिन जब शाम हुई तो कास्टिंग डायरेक्टर उनके पास गया और बोला कि आप प्रोड्यूसर के कमरे में नहीं गईं। उसने कनिष्का से कहा कि वह प्रोड्यूसर के कमरे में नहीं गईं तो बात नहीं बन पाएगी। कनिष्का सोनी के मुताबिक, उस प्रोड्यूसर ने उन्हें सिर्फ इसी बात पर शो से निकाल दिया क्योंकि वह उसके कमरे में नहीं गई थीं।”

गौरतलब है कि कनिष्का ने अक्षय कुमार की फिल्म हाउसफुल लिए एक आइटम सॉन्ग को भी अस्वीकार करने का भी दावा किया है।

जानिए कौन हैं 133 एकड़ में अस्पताल बनवाने वाली ‘अम्मा’, PM मोदी ने भी छुए जिनके पाँव: मछुआरा परिवार में हुआ था जन्म, अब UN भी मानता है लोहा

विश्व विख्यात साध्वी और परोपकारी माता अमृतानंदमयी (Mata Amritanandamayi) ने दिल्ली-एनसीआर के लोगों के कल्याण के लिए 2600 बेड वाला एक अत्याधुनिक अस्पताल फरीदाबाद में खोला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने बुधवार (24 अगस्त 2022) को एशिया के सबसे बड़े इस निजी अस्पताल का उद्घाटन किया।

माता अमृतानंदमयी मिशन ट्रस्ट द्वारा 133 एकड़ में बनाए गए इस अस्पताल के पहले चरण में 550 बेड की सुविधा है। जल्द ही इसे और आगे विस्तार दिया जाएगा। वर्तमान अस्पताल में कार्डियक साइंस, न्यूरो साइंस, गेस्ट्रो साइंस, रिनल, ट्रामा ट्रांसप्लांट, मदर एंड चाइल्ड केयर सहित 81 अत्याधुनिक चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराई गई हैं।

लगभग 6000 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस अस्पताल में 64 ऑपरेशन थिएटर होंगे और 543 बेड ICU के होंगे। हर ICU को पूरी तरह शीशे का बनाया गया है, ताकि मरीज को परिजन देख सकें। गंभीर रूप से बीमार रोगियों की देखभाल के लिए हर 2 रोगी पर हेल्थ वर्कर का एक वर्क स्टेशन होगा।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने माता अमृतानंदमयी का माल्यार्पण करने के बाद पैर छूकर आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा अमृता अस्पताल के रूप में माँ अमृतानंदमयी ने हमें आशीर्वाद दिया है। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले ही देश ने आजादी के अमृतकाल में प्रवेश किया है और अमृतकाल की प्रथम बेला में देश को माँ अमृतानंदमयी के आशीर्वाद का अमृत मिला है।

पीएम मोदी ने कहा, “अम्मा प्रेम, करूणा, सेवा और त्याग की प्रतिमूर्ति हैं। वह सभी के लिए एक प्रेरणा हैं। वह भारत की आध्यात्मिक परंपरा की वाहक हैं। अम्मा का जीवन संदेश हमें महा उपनिषदों में मिलता है।” पीएम ने ट्रस्ट से जुड़े लोगों और चिकित्सकों को भी बधाई दी। बता देें कि यह अस्पताल माँ अमृतानंदमयी मठ द्वारा संचालित होगा।

इस बता दें कि इस अस्पताल के कैंपस में ही मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, रिहैबिलिटेशन सेंटर और मरीजों के हैलीपैड की सुविधा दी गई है। इसके साथ ही अस्पताल में मरीजों को लेकर आने वाले लोगों के ठहरने के लिए 498 बेड वाला गेस्ट हाउस भी बनाया गया है। यह अस्पताल 2028-29 तक पूर्ण निर्मित होकर 2600 बेड का हो जाएगा।

कौन हैं अम्मा कहलाने वाला माँ अमृतानंदमयी

माँ अमृतानंदमयी का जन्म साल 1953 में केरल के एक गरीब मछुआरा परिवार में हुआ था। कहा जाता है कि वह बचपन से ही अलग प्रवृत्ति की व्यक्ति थीं। बचपन से ही उनमें आध्यात्मिकता के प्रति गहरा रुझान था। माता-पिता ने समय के साथ उनकी शादी करने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने यह कहकर मना कर दिया कि उन्होंने अपना पूरा जीवन गरीबों और असहायों के नाम कर दिया है।

कुल छह भाई-बहनों में तीसरे स्थान की माँ अमृतानंदमयी ने वर्ष 1981 में अपने माता-पिता की संपत्ति को ट्रस्ट बना दिया और लोगों की सेवा करने लगीं। यह धर्मार्थ ट्रस्ट धीरे-धीरे गाँव, जिला और राज्य में होते हुए देश स्तर पर और यहाँ तक कि दुनिया में भी धर्मार्थ का काम करने लगा।

संयुक्त राष्ट्र संघ को किया संबोधित

माँ अमृतानंदमयी के सेवा-भाव को देखते हुए उन्हें संयुक्त राष्ट्र संघ (UN) में बोलने के लिए आमंत्रित किया गया। अम्मा, अमाची (माँ) और गुरु माँ के नाम से विख्यात अमृतानंदमयी के जीवन पर ‘दर्शन-द एम्ब्रेस’ नाम से एक फिल्म भी बनाई गई है। इस फिल्म को साल 2005 में कान फिल्म फेस्टिवल में स्क्रीनिंग के लिए आधिकारिक तौर पर चुना गया था।

माता अमृतनंदमयी अपने ट्रस्ट के माध्यम से देश-दुनिया गरीब, असहाय, लाचार और निराश्रितों की सेवा करती हैं। उनके लिए कई तरह योजनाएँ संचालित करती हैं। इसलिए उन्हें देश-दुनिया में बेहद आदर की दृष्टि से देखा जाता है।

लालू-नीतीश को चुभते है BJP के तरकश से निकले ये 2 तीर, पार्टी ने दोनों सदनों में चुना अपना नेता: अनुभवी, तेज-तर्रार और अच्छे वक्ता हैं दोनों

भाजपा ने बिहार में अपने तरकश से फिर दो तीर निकाले हैं। आपको याद होगा कि इससे पहले अप्रत्याशित फैसला लेते हुए भाजपा ने पूर्णिया के तारकिशोर प्रसाद और बेतिया की रेणु देवी को उप-मुख्यमंत्री बनाया था, लेकिन अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भाजपा से अलग होते हुए राजद के साथ सरकार बना ली है, जिसमें तेजश्वी यादव डिप्टी सीएम बने हैं। भाजपा ने विधानसभा में विजय कुमार सिन्हा और विधान परिषद में सम्राट चौधरी को नेता प्रतिपक्ष चुना है।

भूमिहार समाज से आने वाले विजय कुमार सिन्हा को भाजपा ने पार्टी के विधानमंडल दल का नेता भी चुना है। दोनों ही नेता अपनी आक्रामक शैली के लिए जाने जाते हैं और सदन से लेकर सड़क तक सरकार को घेरने में समर्थ हैं। दोनों की छवि तेज-तर्रार नेताओं की है और दोनों प्रखर वक्ता भी हैं। आपको याद होगा कि विधानसभा में किस तरह स्पीकर रहते हुए विजय कुमार सिन्हा और सीएम नीतीश के बीच बहस हुई थी। भाजपा को ऐसा ही नेता चाहिए था, जो सामने से अटैक करने की क्षमता रखता हो।

तभी तारकिशोर प्रसाद और रेणु देवी पर विजय कुमार सिन्हा को तरजीह दी गई है। इस तरह भाजपा ने ये भी साफ़ कर दिया है कि वो बिहार में सुशील कुमार मोदी के काल से निकल गई है। पिछली बार सुशील मोदी के प्रति जनता और कार्यकर्ताओं के असंतोष के कारण ही उन्हें डिप्टी सीएम नहीं बनाया गया था। भाजपा ने दोनों नेताओं को पद देकर जातीय समीकरण भी साधे हैं। सम्राट चौधरी OBC समाज से आते हैं। बोचहाँ उपचुनाव में राजद ने सवर्णों को लुभाया था और भाजपा हार गई थी, ऐसे में सिन्हा समीकरण में फिट बैठते हैं।

नीतीश कुमार को अक्सर ‘लव-कुश’ समीकरण साधने वाला बताया जाता है, जो कुर्मी-कुशवाहा समाज को अपना वोट बैंक मानते हैं। ऐसे में सम्राट चौधरी के सहारे भाजपा इस समीकरण को भी काटेगी। लखीसराय से विधायकी की हैट्रिक लगा चुके विजय कुमार सिन्हा विधानसभा अध्यक्ष बनने से पहले श्रम संसाधन मंत्री थे। 15 वर्ष की उम्र से ही RSS से जुड़ने वाले सिन्हा छात्र संघ में विभिन्न पदों पर रह चुके हैं। विधानसभा में उनसे बहस के बाद नीतीश कुमार ने भाजपा आलाकमान से उनकी शिकायत तक कर डाली थी।

अब उन्हीं विजय कुमार सिन्हा को भाजपा ने नीतीश कुमार के सामने खड़ा कर दिया है। वहीं बिहार की 7 कुशवाहा आबादी OBC समाज में यादव समुदाय और कोइरी समुदाय के बाद सबसे बड़ी भागीदारी वाला समाज है। 3 बार मंत्री रहे सम्राट चौधरी के पिता 7 बार विधायक और सांसद रह चुके शकुनि चौधरी भी बिहार की राजनीति में एक बड़ा नाम हैं। सम्राट चौधरी बिहार भाजपा के उपाध्यक्ष थे। 1999 में ही वो मंत्री बन गए थे। उनकी माँ पार्वती देवी भी MLA रही हैं।

‘जहाँ भी कोई हिन्दू या यहूदी दिखे, उन्हें मार डालो’: फिलिस्तीन के डॉक्टर का वीडियो, कहा – ‘दुनिया में इस्लामी शासन के लिए ज़रूरी है मुस्लिम आर्मी

फिलिस्तीन के इस्लामी विद्वान डॉक्टर मोहम्मद अफीप शदीद (Palestinian Islamic Scholar Dr. Mohammed Afeef Shadid) का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह हिंदुओं और यहूदियों को मारने की बात कर रहा है। शदीद का कहना है कि दुनिया में इस्लाम का राज स्थापित करने के लिए हिंसक आर्मी बनाने की जरूरत है।

शदीद ने यह बयान वेस्ट बैंक में तुल्कर्म शहर के बिलाल बिन रबाह मस्जिद में 17 अगस्त 2022 को दिया था। यह वीडियो अब इंटरनेट पर वायरल हो रहा है। शदीद ने मुस्लिमों के मजहबी किताब कुरान की कई आयतों का हवाला देते हुए कहा कि मुस्लिमों एक हिंसक और आक्रामक सेना का गठन करना चाहिए और गैर-मुस्लिमों को मारकर इस्लाम को पूरी दुनिया में फैलाना चाहिए।

शदीद ने अपनी तकरीर में पर्शिया और बैजेंटाइन साम्राज्य का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि इन दोनों साम्राज्यों पर मुस्लिमों ने इसलिए नहीं हमला किया कि वे लुटेरे थे, बल्कि इन्हें जीतने और वहाँ इस्लाम का राज फैलाने के लिए हमला किया गया था।

शदीद ने कहा, “हम (मुस्लिम) मदीना से फारसी और बैजान्टाइन से लड़ने के लिए इसलिए नहीं निकले, क्योंकि उन्होंने हमारी जमीन पर कब्जा कर लिया और लूट लिया। हमने उनकी जमीन को जीतने के लिए किया और उन्हें इस्लाम में प्रवेश कराकर अल्लाह के धर्म का प्रसार किया।”

शदीद ने कहा कि फिलिस्तीन को सिर्फ वही आजाद करा सकेगा, जो अपने हथियार उठाएगा और इजरायल के तमाम यहूदियों को मार डालेगा। उन्होंने कहा कि जल्दी ने इस दुनिया में एक शक्तिशाली खलीफा का उदय होगा और वह पूरी दुनिया पर राज करेगा और इस्लाम का परचम फहराएगा।

उन्होंने आगे कहा, “उमय्यैद खलीफा के शासन में इस्लामी राज्य 1.10 करोड़ वर्ग किलोमीटर में फैला था। अब्बासिद खलीफा के दिनों में यह 3.30 करोड़ वर्ग किलोमीटर में फैला था। ऑटोमन साम्राज्य में यह एक करोड़ वर्ग किलोमीटर में फैला था।”

पेशे से दंत चिकित्सक डॉ. मोहम्मद शदीद ने आगे कहा, “दूसरा खिलाफत, जो जल्द ही हमारे दिनों में उठेगा, इंशाल्लाह 51 करोड़ वर्ग किलोमीटर तक पहुँच जाएगा, जो पूरे विश्व को कवर करता है।” उन्होंने कहा कि इसके लिए जहाँ कहीं भी बहुदेववादी (जो कई देवताओं को पूजते हैं) मिलें, उन्हें मार डालना चाहिए।

शदीद ने कहा, “हमारा लक्ष्य पूरी दुनिया में अल्लाह के दीन को फैलाना है। हम एक हिंसक सेना बनाएँगे और उन सभी से लड़ेंगे जो अल्लाह को नहीं मानते। हम उन सबसे भी लड़ेंगे, जो अल्लाह और उनके आखिरी पैगंबर के आदेश का पालन नहीं करते। हम तब तक इस लड़ाई को लड़ेंगे, जब तक कि यह संघर्ष खत्म नहीं हो जाता।” 

‘ये मेरी मेहनत की कमाई है’: फिक्स्ड डिपॉजिट्स कुर्क होने पर बोलीं जैकलीन फर्नांडिस – ‘तब पता भी नहीं था सुकेश नाम का कोई व्यक्ति दुनिया में है’

अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस ने कहा है कि उनके पास जो फिक्स्ड डिपॉजिट है वो उनकी मेहनत की कमाई है और इसका महाठग सुकेश चंद्रशेखर से कोई लेनादेना नहीं है। बता दें कि 200 करोड़ रुपए की मनी लॉन्ड्रिंग को लेकर ED (प्रवर्तन निदेशालय) ने जो चार्जशीट दायर की है, उसमें जैकलीन फर्नांडिस का भी नाम है। उनकी कई फिक्स्ड डिपॉजिट को भी जब्त किया गया है। साथ ही उनके द्वारा किए गए निवेशों को भी जाँच एजेंसी ने अटैच किया है।

जाँच एजेंसी को जैकलीन फर्नांडिस ने बताया है कि इन फिक्स्ड डिपॉजिट का किसी भी अपराध से कोई लेनादेना नहीं है और न ही इन्हें अवैध तरीके से खोला गया है। उन्होंने कहा कि ये मेरी तभी की कमाई से खोला गया था, जब उन्हें पता भी नहीं था कि इस दुनिया में सुकेश चंद्रशेखर नाम का कोई व्यक्ति अस्तित्व में भी है। जैकलीन फर्नांडिस के वकील का कहना है कि उन्होंने अब तक जाँच में अब तक पूरी तरह सहयोग किया है और हर समन के बाद उपस्थित भी हुई हैं।

जैकलीन फर्नांडिस को हाल ही में सुदीप की कन्नड़ फिल्म ‘विक्रांत रोणा’ में एक आइटम सॉन्ग में देखा गया था। इस फिल्म को हिंदी बेल्ट में सलमान खान ने रिलीज किया था। लॉकडाउन के दौरान जैकलीन फर्नांडिस कई दिनों तक सलमान खान के साथ उनके फार्महाउस में थीं और वहाँ उन्होंने एक गाना भी शूट किया था। सोमवार (22 अगस्त, 2022) को जैकलीन फर्नांडिस मुंबई के जुहू स्थित मुक्तेश्वर मंदिर में भी गई थीं।

बताया जा रहा है कि नागार्जुन की तेलुगु फिल्म ‘The Ghost’ में उन्हें काम करना था, लेकिन विवादों के कारण उन्हें इस फिल्म से हटा दिया गया है। अब वो रोहित शेट्टी की फिल्म ‘सर्कस’ में रणवीर सिंह के ऑपोजिट दिखाई देंगी। इसके साथ ही वो अक्षय कुमार के साथ ‘राम सेतु’ में भी दिखेंगी। जैकलीन फर्नांडिस को मुंबई एयरपोर्ट पर देखा गया है, जिसके बाद अनुमान लगाए जा रहे हैं कि वो शहर से बाहर गई हैं। उनके वकील ने उन पर लगे आरोपों को झूठा बताते हुए कहा कि ये दर्दनाक है।

सुकेश चंद्रशेखर एक ठग है, जिस पर जबरन वसूली और मनी मनी लॉन्ड्रिंग आरोप हैं। इस केस की जाँच कर रही ईडी ने खुलासा किया था कि उसने जैकलीन को महँगे गिफ्ट दिए थे। ईडी ने कहा था कि जाँच में पाया गया कि सुकेश ने जैकलीन को 10 करोड़ रुपये के गिफ्ट दिए हैं। इसके बाद ईडी ने उनकी 7 करोड़ की संपत्ति कुर्क कर ली थी। ईडी की चार्जशीट में खुलासा किया गया था कि सुकेश की एक सहयोगी पिंकी ईरानी ने उसकी मुलाकात जैकलीन से करवाई थी। सुकेश ने पिंकी ईरानी की मदद से ही जैकलीन तक महंगे गिफ्ट और कैश पहुँचाए थे।