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केजरीवाल और आप नेताओं के फेसबुक पेज कतर, अमेरिका और लिथुआनिया से हो रहे मैनेज: खुलासे के बाद चुपके से हटाए विदेशी एडमिन

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और ‘आप’ नेताओं का फेसबुक पेज मैनेज करने वालों को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। मीडिया पोर्टल द इंडियन अफेयर्स ने 17 अगस्त को बताया कि कैसे दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल, आप नेता आतिशी मार्लेना, राज्य सभा सांसद राघव चड्ढा और अन्य नेताओं के फेसबुक पेजों को अमेरिका, कतर और लिथुआनिया (Lithuania) में रहने वाले लोग मैनेज का रहे हैं। एक्सपोज होने के तुरंत बाद विदेश में रहने वाले लोगों को हटा दिया गया है।

आप और उसके नेताओं के आधिकारिक फेसबुक पेजों की जाँच के दौरान चौंकाने वाले खुलासे किए गए है। जाँच में पाया गया है कि आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल (Delhi CM Arvind Kejriwal) का फेसबुक पेज 28 लोग मैनेज करते हैं। इन 28 में से 26 लोग भारत के हैं। वहीं एक व्यक्ति इनमें से अमेरिका का और दूसरा कतर (Qatar) का है। ये वही अमेरिका और कतर हैं, जो सोशल मीडिया पर किसी भी नैरेटिव और प्रोपेगेंडा को हवा देने में अपनी अहम भूमिका निभाते हैं। अभी, भारत से केवल 10 एडमिन ही पेज को मैनेज करते हैं। कतर और अमेरिका सहित बाकी सभी को भारत से 16 अगस्त को ही हटा दिया गया है।

फोटो साभार: फेसबुक

आम आदमी पार्टी के फेसबुक पेज को भारत के 34 और लिथुआनिया के शख्स द्वारा भी संचालित किया जा रहा है।

इस खुलासे के बाद अब भारत के केवल 13 लोग ही पार्टी के पेज को मैनेज कर रहे हैं।

ऑपइंडिया ने 17 अगस्त को शाम 6:30 बजे स्क्रीनशॉट लिया था। फोटो साभार: फेसबुक

राघव चड्ढा के फेसबुक पेज को भारत से चार और अमेरिका से एक व्यक्ति मैनेज करता था। दिलचस्प बात यह है कि इस मामले का खुलासा होने के बाद भारत से एक व्यक्ति को हटा दिया गया है।

फोटो साभार: फेसबुक

आतिशी के फेसबुक पेज के एडमिन सेक्शन में कोई बदलाव नहीं किया गया है। हालाँकि, अमन अरोड़ा के मामले में कनाडा से एक एडमिन को हटा दिया गया है।

फोटो साभार: फेसबुक

इस खुलासे से यह बात स्पष्ट हो गई है कि ‘आप’ नेताओं के विदेशों में ऐसे लोगों को अपने एजेंडा के लिए अपॉइंट कर रखा हैं, जो उनके सोशल मीडिया अकाउंट को मैनेज कर रहे हैं। हालाँकि, जैसे ही पार्टी के नेताओं ने द इंडियन अफेयर्स की रिपोर्ट देखी, उन्होंने तुरंत बाद उन एडमिन को हटा दिया।

मोदी सरकार ने भारत के खिलाफ फेक न्यूज़ फैलाने वाले 8 यूट्यूब चैनलों को किया ब्लॉक, 114 करोड़ थे व्यूज और 85 लाख 73 हजार सब्सक्राइबर

मोदी सरकार ने भारत के खिलाफ दुष्प्रचार करने वाले यूट्यूब चैनलों पर कार्रवाई की है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने भारत की नेशनल सिक्योरिटी, विदेश संबंधों और सार्वजनिक व्यवस्था संबंधी फेक न्यूज़ फैलाने वाले 8 यूट्यूब चैनलों को ब्लॉक कर दिया है। इन चैनलों पर आईटी नियम, 2021 के तहत एक्शन लिया गया है। इसमें 7 भारतीय और एक पाकिस्तानी न्यूज चैनल शामिल हैं।

सूचना प्रसारण मंत्रालय ने बताया, “7 भारतीय और 1 पाकिस्तानी YouTube समाचार चैनल आईटी नियम, 2021 के तहत ब्लॉक किए गए हैं। इन YouTube चैनलों को 114 करोड़ से अधिक बार देखा गया था, और 85 लाख 73 हजार सब्सक्राइबर थे। ब्लॉक्ड YouTube चैनलों द्वारा भारत विरोधी कंटेंट के जरिए पैसे कमाए जा रहे थे।”

केंद्र सरकार की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि ये चैनल केंद्र द्वारा धार्मिक संरचनाओं को ध्वस्त करने, धार्मिक त्योहारों के उत्सव पर प्रतिबंध लगाने, भारत में धार्मिक युद्ध की घोषणा जैसे झूठे दावे कर रहे थे। बयान में आगे कहा गया कि इस तरह की सामग्री में सांप्रदायिक विद्वेष पैदा करने और देश में सार्वजनिक व्यवस्था को बिगाड़ने जैसा कंटेंट पाया गया।

सरकार ने अपने बयान में कहा है कि इन यूट्यूब चैनलों पर भारत विरोधी फेक न्यूज चलाए जा रहे थे। ये यूट्यूब चैनल पर भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर को लेकर फेक न्यूज फैला रहे थे। राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेशी राज्यों के साथ भारत के मैत्रीपूर्ण संबंधों के दृष्टिकोण से इनके कंटेंट को पूरी तरह से गलत और संवेदनशील माना गया है।

गौरतलब है कि इससे पहले इसी साल अप्रैल महीने में भी कई यू ट्यूब चैनलों पर कार्रवाई की गई थी। केंद्र की मोदी सरकार ने तब 22 यूट्यूब चैनलों को तत्काल प्रभाव से ब्लॉक कर दिया गया था। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के आदेश पर यह कार्रवाई की गई थी। इन 22 चैनलों में 18 भारतीय YouTube समाचार चैनल के अलावा 4 पाकिस्तानी यूट्यूब चैनल थे। बता दें कि इससे पहले भी मोदी सरकार ने 78 यूट्यूब चैनल को ब्लाक किया था।

आईटी एक्ट 2000 की धारा 69A के उल्लंघन के आरोप में ये कार्रवाई की गई थी। इस मामले में सरकार का कहना था कि ये चैनल्स भारत में दहशत फैलाने, सांप्रदायिक विद्वेष भड़काने और सार्वजनिक व्यवस्था बिगाड़ने के लिए झूठी जानकारी फैला रहे थे।

जिस गाँव से हो रही थी नूपुर शर्मा की हत्या की प्लानिंग, वहाँ 6 मदरसे-15 मस्जिदः जैश आतंकी नदीम के अब्बा बोले- माफ कर दे सरकार…

उत्तर प्रदेश का कुण्डा कलां गाँव इन दिनों चर्चा में है। यह गाँव सहारनपुर से करीब 50 किलोमीटर दूर गंगोह थाना क्षेत्र। गंगोह बाजार से गाँव की दूरी लगभग 14 किलोमीटर है। इसी गाँव से 12 अगस्त 2022 को यूपी ATS ने जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी मोहम्मद नदीम को दबोचा था। वह बीजेपी की पूर्व नेता नूपुर शर्मा की हत्या की प्लांनिग में जुटा था। भारत में आतंकी नेटवर्क खड़ा करने की कोशिश कर रहा था।

17 अगस्त 2022 को ऑपइंडिया की टीम कुण्डा कलां पहुँची। गंगोह से कुण्डा कलां के रास्ते में हिन्दू बहुल गाँव विलासपुर और बीनपुर हैं। लेकिन कुण्डा कलां मुस्लिम बहुल है। ग्राम प्रधान गुलफाम ने ऑपइंडिया को बताया, “गाँव में लगभग 7500 वोटर हैं। इनमें करीब 500 ही हिंदू हैं।” पूर्व प्रधान इकबाल के मुताबिक गाँव में 6 मदरसे और 15 मस्जिदें हैं। इस गाँव से हरियाणा की सीमा केवल 2 किलोमीटर ही दूर है।

नदीम के गाँव तक पक्की सड़क जाती है। उसके गाँव से लगभग 1 किलोमीटर पहले प्रथमिक स्वास्थ्य केंद्र है। उसके सामने गुजर रही 2 महिलाओं ने बताया कि उन्होंने कुछ दूरी पर एक आतंकी पकड़े जाने की बात सुनी है।

नदीम के गाँव के बाहर

नदीम के गाँव के बाहर गेट बना हुआ है। इस पर प्रधान के तौर पर हाजी शरीफ के बेटे नूरा का नाम लिखा है। इसी बोर्ड पर उपप्रधान का नाम ओम प्रकाश लिखा था।

गाँव का प्रवेश गेट

गेट के पास बकरी चरा रहे नसीम बताया कि हाजी शरीफ की मौत हो चुकी है। नदीम की गिरफ्तारी को लेकर उसने बताया, “नदीम ने मरने वाला काम किया है। उसको पाकिस्तान से क्या मतलब था?” वहीं बकरी चरा रही एक महिला ने कहा, “हम लोग गरीब हैं। हमें नूपुर शर्मा नाम भी नहीं पता।”

नसीम

गिरफ्तारी से पहले पहचान बदलकर आया ATS का दस्ता

17 अगस्त को नदीम के घर जब ऑपइंडिया की टीम पहुँची तो गाँव के कई लोग जमा थे। शुरुआत में नदीम के अब्बा नफीस ने यह कहते हुए बात करने से इनकार कर दिया कि वे बीमार हैं। हालाँकि थोड़ी देर बाद वे राजी हो गए। उन्होंने बताया कि उनका गाँव सुन्नी बहुल है। ज्यादातर लोग देवबंदी मत को मानते हैं। उन्होंने बताया कि गिरफ्तारी से पहले ATS के लोग दिन में आधार कार्ड को वोटर कार्ड से लिंक करवाने की बात कह उनके घर आए थे। पूरे परिवार से वे लोग मिले थे। फिर रात के समय वही लोग 4 वाहनों में आए और नदीम को कमरे से उठाकर ले गए। नफीस का कहना है कि वे न तो नूपुर शर्मा के बारे में जानते हैं और न ही जैश-ए-मोहम्मद के बारे में।

नदीम के अब्बा नफीस

नफीस के मुताबिक देहरादून में किराना दुकान चलाने वाले उनके बेटे का भी मोबाइल चेक किया गया था। ATS ने उनके एक और बेटे तैमूर को भी पकड़ा था। लेकिन उसे बाद में छोड़ दिया। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान में मौजूद रिश्तेदारों से बात करते हुए उसने यदि एकाध कमेंट गलत कर दिया हो तो इसकी सजा इतनी कड़ी नहीं होनी चाहिए।”

इसी कमरे से गिरफ्तार हुआ था नदीम

नदीम के अब्बा ने कहा, “जैसे मेरे बेटे को आतंकी बना दिया गया वैसे और भी कई लोगों को बनाया गया था।” हालाँकि कुछ ही देर बाद वो अपनी ही बात से पलट गए और उन्होने कहा कि अगर मेरे बेटे से कोई गलती हुई भी है तो मैं सरकार से उसे माफ़ करने की अपील करते हुए आगे से उसकी पूरी जिम्मेदारी लेने का ऐलान करता हूँ।

पुलिस चौकी और ग्राम प्रधान गुलफाम

नदीम के परिजनों के मुताबिक वो कोई नशा नहीं करता था। नदीम के पड़ोसी ने बताया कि जब ATS वाले रात में आए तो गली में एक फुट पानी भरा था। मुख्य सड़क पर गाड़ी छोड़ वे घुटने भर पानी में चलकर नदीम के घर तक पहुँचे थे। नदीम के घर से लगभग 700 मीटर दूर ही पुलिस चौकी है। नदीम के घरवालों का कहना है कि वहाँ नदीम पर कोई केस नहीं है।

स्थानीय ग्रामीण व पूर्व प्रधान इकबाल

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार इस घटना की निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए। पूर्व प्रधान इकबाल ने बताया गाँव के लगभग 60 परिवारों की रिश्तेदारी पाकिस्तान में हैं। इनमें से केवल नदीम को ही क्यों पकड़ा गया, ये जाँच का विषय है। ग्रामीणों का यह भी कहना था कि इस घटना से गाँव की काफी बदनामी हो रही है।

बेटी की सहेली से निकाह करना चाहता था एक अब्बा, इनकार करने पर किया रेपः बाल काटे-जूते चटवाए, Video वायरल

पाकिस्तान (Pakistan) औरतों के लिए नर्क बन चुका है। महिलाओं का वहाँ रहना किस कदर मुश्किल हो चुका है इसकी बानगी एक कॉलेज जानी वाली लड़की पर हुए अत्याचार से सामने आई है। पाकिस्तान के लाहौर से 150 किलोमीटर दूर फैसलाबाद में रहने वाली एक लड़की पर उससे दोगुनी उम्र के उसकी सहेली के अब्बू ने ही निकाह करने का दबाव बनाया। जब लड़की ने इनकार कर दिया तो उसको जूते चाटने पर मजबूर किया गया।

फैसलाबाद में डेंटिस्ट की पढ़ाई कर रही एक लड़की से उसकी सहेली के अब्बू ने निकाह करने की इच्छा जताई। लड़की ने निकाह से इनकार कर दिया तो उसका रेप किया गया। इसके साथ ही इस दरिंदगी का वीडियो बनाकर लड़की को ब्लैकमेल किया गया। लड़की से कहा गया कि अगर उसने 10 लाख रुपए नहीं दिए तो ये वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया जाएगा। पीड़ित लड़की अपनी माँ के साथ फैसलाबाद में रहती है। जबकि उसके दो भाई ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया में रहते हैं।

घटना की वीडियो मंगलवार से सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। वीडियो में आरोपित लड़की को पीटते नजर आ रहे हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि उसका सिर और भौहें मुंडवा दीं गई हैं और उसे आरोपितों के जूते चाटने के लिए मजबूर किया गया। पुलिस ने कहा कि उन्होंने मुख्य संदिग्ध आरोपित शेख दानिश, उसकी बेटी और पाँच अन्य संदिग्धों को गिरफ्तार किया है।

‘लड़की की भौहें काट उसका सिर मुंडवाया’

एफआईआर में लड़की ने कहा है कि वो दानिश की बेटी एना की दोस्त थी। उसके साथ उसके पारिवारिक संबंध थे। एना के पिता शेख दानिश ने उसे निकाह का प्रस्तवा दिया था। लेकिन लड़की और उसके परिवार ने निकाह से इनकार कर दिया। दानिश लड़की के पिता की उम्र का था, जब ये बात उसने अपनी दोस्त एना से कही तो वो भड़क गई।

लड़की ने कहा है कि निकाह के लिए इनकार करने के बाद दानिश और उसके साथियों ने लड़की और उसके भाई को प्रताड़ित किया। उसे जबरन दानिश के घर ले गए और फिर से उनकी पिटाई की। उसका सिर और उसकी भौएँ मुंडवा दी और इस पूरी घटना का वीडियो बनाया। इसके बाद दानिश उसे दूसरे कमरे में ले गया और वहाँ उसके साथ रेप किया। इसका भी वीडियो बनाया। लड़की ने बताया कि आरोपित ने उसका मोबाइल छीन लिया। उससे 5 लाख रुपए वसूले 4 लाख 50 हजार के सोने के गहने भी उससे छीन लिए। इसके बाद वीडियो वायरल करने का डर दिखाकर उससे 10 लाख रुपए की माँग भी की।

पंजाब पुलिस के एक प्रवक्ता ने कहा, “पुलिस ने दानिश और उसकी बेटी सहित सात संदिग्धों को गिरफ्तार किया है और शेष आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।”

जम्मू-कश्मीर में रह रहे दूसरे राज्यों के लोग भी डाल सकेंगे वोट, 25 लाख नए वोटर जुड़ने के आसार: मतदाता सूची में ‘रोहिंग्या घुसपैठ’ रोकने पर कड़ी नजर

जम्मू कश्मीर (Jammu-Kashmir) से अनुच्छेद 370 खत्म किए जाने के बाद इस केंद्रशासित प्रदेश में पहली बार विधानसभा चुनाव होने जा रहा है। इस साल के अंत तक यहाँ चुनाव प्रस्तावित है। जम्मू-कश्मीर के मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) हृदेश कुमार सिंह ने बुधवार (17 अगस्त 2022) को एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस बार जम्मू-कश्मीर में बाहर के लोग भी वोट डाल सकेंगे। इनमें कर्मचारी, छात्र, मजदूर या देश के दूसरे राज्यों के वे व्यक्ति शामिल होंगे, जो आमतौर पर जम्मू-कश्मीर में रह रहे हैं।

प्रदेश में ऐसा पहली बार होगा, जब गैर-कश्मीरी वोट डाल सकेंगे। मतदाता सूची में उनका नाम जोड़ने का काम शुरू हो गया है। मुख्य चुनाव अधिकारी ने कहा, “अनुच्छेद 370 को निरस्त करने से पहले कई लोग जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में मतदान नहीं कर सकते थे, लेकिन अब वे भी मतदाता बन सकते हैं।”

इसके लिए बूथ लेवल के अधिकारी, मतदाता सूची अधिकारी (ERO) और सहायक ईआरओ को नियुक्त कर दिया गया है। इनमें कर्मचारी, छात्र, मजदूर या देश के दूसरे राज्यों के वे व्यक्ति मतदाता सूची में अपना नाम जोड़वा सकेेंगे, जो जम्मू-कश्मीर में रह रहे हैं। अधिकारी ने कहा कि मतदाता बनने के लिए लोगों को जम्मू-कश्मीर के स्थायी निवासी होना जरूरी नहीं है।

हृदेश कुमार सिंह ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में इस बार करीब 25 लाख नए वोटरों का नाम वोटर लिस्ट में शामिल होने के आसार हैं। 15 सितंबर से वोटर लिस्ट में नाम शामिल करने की प्रक्रिया शुरू होगी, जो 25 अक्टूबर तक चलेगी।10 नवंबर तक दावों और आपत्तियों का निपटारा होगा। वोटर लिस्ट में नाम को आधार कार्ड के जरिए जोड़ा जाएगा।

रिपोर्ट के मुताबिक, एक अक्टूबर 2022 को या उससे पहले 18 साल पूरा करने वाले लोग अपना नाम मतदाता सूची में शामिल करा सकते हैं। जम्मू-कश्मीर में 18 साल से अधिक उम्र के करीब 98 लाख लोग हैं, लेकिन वोटिंग लिस्ट में अभी 76 लाख रजिस्टर्ड हैं। धारा 370 हटने के बाद तीन साल पर मतदाता सूची अपडेट करने का काम हो रहा है।

जम्मू-कश्मीर में परिसीमन आयोग की रिपोर्ट लागू होने के बाद विधानसभा सीटों की संख्या 90 हो गई है। विधानसभा सीटों की संख्या में वृद्धि के साथ मौजूदा मतदाता सूची में व्यापक बदलाव आया है। अब नए ढाँचे के अनुसार, मतदाता सूची तैयार की जा रही है। केंद्र शासित प्रदेश में 600 मतदान केंद्र जोड़े गए हैं और अब कुल मतदान केंद्रों की संख्या 11,370 हो गई है।

नए मतदाताओं के लिए विशेष शिविर 

हृदयेश सिंह ने कहा कि आयोग घर-घर जाकर प्रचार करने की योजना बना रहा है और योग्य मतदाताओं की जागरूकता के लिए शैक्षणिक संस्थानों में विशेष शिविर भी आयोजित करने की योजना बना रहा है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि आधार संख्या को मतदाता सूची के आँकड़ों से जोड़ने के लिए संशोधित पंजीकरण प्रपत्रों में प्रावधान किया गया है।

उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग नए मतदाता पहचान पत्र जारी करेगा, जिसमें नई सुरक्षा विशेषताएँ होंगी। घाटी के बाहर रहने वाले कश्मीरी प्रवासियों के बारे में उन्होंने कहा कि ऐसी विस्थापित आबादी के लिए पहले से ही एक विशेष प्रावधान है, ताकि वे अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।

हृदेश कुमार सिंह ने कहा, “कश्मीरी पंडित प्रवासी अपने गृह निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाता के रूप में पंजीकृत हैं। नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए दिल्ली, जम्मू और उधमपुर सहित विभिन्न स्थानों पर उनके लिए विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं और उन सभी को मतदाता पहचान पत्र दिए जाएँगे।” उन्होंने जम्मू-कश्मीर में शरण लेने वाले रोहिंग्या मुस्लिमों द्वारा मतदाता सूची में अपना नाम दाखिल करने की आशंका को खारिज कर दिया।

केरल CM के निजी सचिव की पत्नी को सबसे कम नंबर, फिर भी बना रहे थे एसोसिएट प्रोफेसर: गवर्नर आरिफ मोहम्मद खान ने नियुक्ति पर लगाई रोक

केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान (Kerala Governor Arif Mohammad Khan) ने कन्नूर यूनिवर्सिटी में विवादास्पद नियुक्ति पर रोक लगा दी है। आरोप है कि मलयालम विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर मुख्यमंत्री पिनराई विजयन (CM Pinarai Vijayan) के निजी सचिव केके रागेश की पत्नी प्रिया वर्गीस (Priya Varghese) को नियुक्त करने के लिए नियमों का उल्लंघन किया गया।

आदेश में कहा गया है कि राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कुलाधिपति के रूप में कन्नूर विश्वविद्यालय में नियुक्ति के लिए चयन प्रक्रिया में आगे की कार्रवाई पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। यह पद मलयालम विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर के लिए था।

उन्होंने कहा, “मैं विश्वविद्यालयों का कुलाधिपति हूँ। इसलिए मेरे रहते इन विश्वविद्यालयों में किसी भी तरह का पक्षपात और भाई-भतीजावाद नहीं होगा और मैं इसकी अनुमति नहीं दूँगा।”

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुलपति (vice chancellor) के कार्यकाल को बढ़ाए जाने से ठीक पहले नवंबर में भर्ती के लिए इंटरव्यू लिया गया था। इसमें प्रिया को छठे एवं अंतिम स्थान पर होने के बावजूद फर्स्ट रैंक दिया गया, जिसके बाद से उनकी नियुक्ति पर सवाल उठ रहे हैं।

बताया जा रहा है कि मलयालम विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर फर्स्ट रैंक के साथ प्रिया की नियुक्ति ने उस समय विवाद खड़ा कर दिया था, जब इससे जुड़े शिक्षक संघों ने आरोप लगाया कि यह नियुक्ति पक्षपातपूर्ण है। आरटीआई के जवाब ने इस आरोप की पुष्टि की है कि शॉर्टलिस्ट किए गए छह उम्मीदवारों की तुलना में रिसर्च में सबसे खराब प्रदर्शन निजी सचिव केके रागेश की पत्नी का रहा। इसके बावजूद प्रिया को पहली रैंक दी गई।

उम्मीदवारों में प्रिया ने इंटरव्यू में सबसे ज्यादा अंक हासिल किए। उन्होंने 50 में से 32 अंक प्राप्त किए। उनका रिसर्च में स्कोर 156 था, जो इस पोस्ट के शॉर्टलिस्ट किए गए छह अभ्यर्थियों में सबसे कम है। वहीं, दूसरी रैंक प्राप्त करने वाले व्यक्ति ने इंटरव्यू में 30 अंक प्राप्त किए, जबकि रिसर्च में 651 अंक है।

आरटीआई का जवाब फोटो साभार: mathrubhumi

वहीं, केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के निजी सचिव केके रागेश की पत्नी प्रिया वर्गीस ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों का खंडन किया है। उन्होंने कहा कि कन्नूर विश्वविद्यालय में एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में उनकी नियुक्ति में किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं किया गया है।

प्रिया वर्गीस ने 15 अगस्त को एक फेसबुक पोस्ट में कहा था कि इस पद पर नियुक्ति के लिए अन्य उम्मीदवारों ने उनसे अधिक अंक प्राप्त किए हैं, ये खबरें झूठी हैं। प्रिया के पति केके रागेश कन्नूर से नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद हैं।

जिस हिरोइन से साजिद खान ने कहा था- टॉप और ब्रॉ उतारो, उसे सूरज पंचोली देता था गालीः जिया खान की माँ ने कोर्ट में बताया कैसे टॉर्चर की गई उनकी बेटी

बॉलीवुड की दिवंगत हिरोइन जिया खान को सूरज पंचोली गाली देता था। उसे शारीरिक और मानसिक तौर पर टॉर्चर करता था। यह दावा जिया खान की माँ राबिया ने किया है। वे बुधवार (17 अगस्त 2022) को मुंबई की एक विशेष अदालत में पेश हुईं थी।

जिया खान की आत्महत्या के मामले में अभिनेता सूरज पंचोली नामजद हैं। सीबीआई ने उन पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर रखा है। एक्टर आदित्य पंचोली के बेटे सूरज फिलहाल जमानत पर हैं। 

जिया खान की माँ राबिया खान ने बुधवार को कोर्ट में बताया जिया 2006 में मुंबई में छुट्टी बिताने के लिए आई थी। इसी दौरान निर्देशक रामगोपाल वर्मा ने जिया को अमिताभ बच्चन के साथ नि:शब्द फिल्म के लिए अप्रोच किया। उस समय जिया 17 साल की थी। यह फिल्म 2007 में रिलीज हुई। इस फिल्म के कारण जिया को काफी सराहना मिलीं और अन्य फिल्मों के भी प्रस्ताव मिलने लगे।

राबिया खान ने आगे बताया कि पंचोली ने सोशल मीडिया पर जिया को स्टॉक करना शुरू किया। उसने जिया से मिलने को कहा। शुरुआत में जिया उससे नहीं मिलना चाहती थी। लेकिन सितंबर 2012 में दोनों के बीच मुलाकात हुई। जिया खार में जिम करने जाती थी। सूरज पंचोली वहाँ पर उसके लिए फूल लेकर जाता था। इसके बाद जिया ने अपनी माँ को उसके साथ तस्वीरें भी भेजी थी। इसे देख राबिया को लगा दोनों रिलेशन में हैं। लेकिन जिया ने अपनी माँ को बताया कि वे सिर्फ दोस्त हैं।

राबिया ने अदालत को बताया कि अक्टूबर 2012 में जिया और सूरज एक-दूसरे के घर पर रहने लगे थे। सूरज पंचोली ने पूरी तरह से सब अपने कंट्रोल में कर लिया था। 24 दिसंबर 2012 को उन्हें दोनों के बीच लड़ाई होने का पहली बार पता चला। इसके बाद आगे भी कई मौकों पर ऐसी घटनाएँ हुई।

एक्ट्रेस की माँ ने कहा कि 2013 में जिया ने बताया कि सूरज पंचोली उसे अपने दोस्तों के सामने नीचे दिखाता था और उसके सामने दूसरी लड़कियों से फ्लर्ट करता था। रबिया ने कोर्ट में कहा, “जिया ने कहा कि मुझे लगता है कि सूरज और उसके बचपन के दोस्त करण जोशी के बीच अजीब रिश्ता है। फिर मैंने जिया से उन लोगों की तस्वीरें भेजने के लिए कहा जिनके साथ वह गोवा में थी। जिया ने सूरज की कुछ महिला मित्रों के साथ अपनी तस्वीरें भेजीं और उस तस्वीर में जिया की जाँघ और उसकी कोहनी पर चोट के निशान थे। इसके बारे में पूछे जाने पर जिया ने कहा- कोई बात नहीं, हमारा अभी झगड़ा हुआ था।”

गौरतलब है कि इससे पहले राबिया खान ने इस मामले में सलमान खान और महेश भट्ट पर भी गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि 2015 में एक सीबीआई ऑफिसर ने उन्हें बताया था कि सलमान खान रोज फोन करते थे और पैसे की बात करते थे। वो कहते थे कि लड़के (सूरज पंचोली) से पूछताछ मत करो। वहीं इंडिया टुडे को दिए इंटरव्यू में राबिया खान ने बताया था जिया के अंतिम संस्कार पर महेश भट्ट ने उनसे कहा था कि उनकी बेटी (जिया) डिप्रेशन में थी। बकौल राबिया भट्ट ने उनसे कहा था, “तुम चुप हो जाओ वरना तुम्हें भी इंजेक्शन देकर सुला देंगे।” 

यौन शोषण के आरोपित व बॉलीवुड फिल्म निर्माता साजिद खान पर भी जिया को परेशान करने का आरोप लगा था। जिया की बहन करिश्मा ने एक बार बताया था, “वह स्क्रिप्ट पढ़ रही थी तभी उसने (साजिद खान) ने उससे उसका टॉप और ब्रा हटाने को कहा। उसे नहीं समझ आया कि वो क्या करे। उसने कहा था कि अभी तो फिल्म शुरू भी नहीं हुई और ये सब अभी से हो रहा है। वो घर आकर बहुत रोई थी। उसका कहना था कि उनके पास कॉन्ट्रैक्ट हैं। अगर मैंने छोड़ा तो मुझ पर मुकदमा होगा। अगर नहीं छोड़ा तो मेरा यौन उत्पीड़न होगा। हर स्थिति हारने वाली है।”

बता दें जिया खान की मौत 3 जून 2013 को हुई थी। साल 2016 में बॉम्बे कोर्ट ने मौत को आत्महत्या करार कर दिया था। हालाँकि राबिया खान इसे हमेशा से हत्या बताती रहीं और सूरज पंचोली पर इल्जाम मढ़ती रही हैं।

‘गाँव में रहना है तो इस्लाम अपनाना पड़ेगा’: झारखंड के मुस्लिम बहुल गाँव में हिंदू परिवार की बेटियों के साथ मारपीट और अश्लीलता, पंचायत में उठक-बैठक भी कराई

झारखंड के हजारीबाग (Hazaribagh, Jharkhand) के एक गाँव में रहने वाले दो-तीन हिंदू परिवारों को मुस्लिमों द्वारा तंग करने का मामला सुर्खियों में है। इस गाँव की एक हिंदू लड़की को मुस्लिमों द्वारा कान पकड़वाकर जबरन उठक-बैठक कराने का मामला सामने आया है। इतना ही नहीं, उन पर इस्लाम अपनाने (Religious Conversion in Islam) का भी दबाव बनाया जा रहा है।

मामला हजारीबाग के बड़कागाँव थाना क्षेत्र के सिरमा गाँव का है। इस गाँव की महिला किरण देवी का आरोप है कि 10 अगस्त की रात को मुखिया इशरत जहां के बेटे वसीम दर्जनों लोगों के साथ रात में उनके जबरन घुस गया और बेटियों को अगवा करके ले गया।

किरण देवी का आरोप है कि बाहर बारिश में भरी पंचायत में उनकी दोनों नाबालिग बेटियों के साथ गाली-गलौच और अश्लीलता की गई। उन्हें थप्पड़ मारे गए और कान पकड़वाकर सबके उठक-बैठक कराई गई। इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर भी वायरल कर दिया गया। आरोपितों ने धमकी दी कि उनका पूजा-पाठ बंद करवा दिया जाएगा।

किरण देवी का कहना है कि अगले दिन जब इस घटना की शिकायत लेकर पंचायत समिति के पास गई तो तो 15-20 लोगों ने उन्हें घेर लिया, जिसमें मुस्लिम महिलाएँ भी शामिल थीं। वे सभी किरण देवी पर इस्लाम अपनाने का दबाव बनाने लगे। उन्होंने धमकाया कि इस गाँव में रहना है तो मुस्लिम बनना होगा, नहीं तो लापता करवा दिया जाएगा। 

हालाँकि, पुलिस ने लापरवाही और पीड़ित परिवार पर ही केस दर्ज करने के बाद सनातन हिंदू समाज संगठन ने अनशन शुरू कर दिया। संगठन का कहना है कि पीड़ित को न्याय दिलाने के बजाय पुलिस ने उन पर ही मामला दर्ज कर दिया है। संगठन ने परिवार पर केस हटाने और उसे सुरक्षा देने की माँग की है।

बता दे कि सिरमा गाँव है मुस्लिम बहुल और यहाँ पर हिंदुओं के दो-तीन परिवार ही रहता है। जिस परिवार को प्रताड़ित किया जा रहा है उसमें दो नाबालिग लड़कियाँ, एक छोटा भाई और उनकी विधवा माँ है। उनके पिता तुलसी साव की मौत हो चुकी है।

मामले की शिकायत करने के बाद मुस्लिम पक्ष ने भी परिवार पर मुकदमा कर दिया। पुलिस ने पीड़ित परिवार पर ही धार्मिक भावना भड़काने का आरोप लगाकर मामला दर्ज कर लिया। इस पर पीड़िता का कहना है कि पुलिस आरोपितों को बचाने के लिए जानबूझकर मामले को उलझा रही है।

जब लोगों को इस बात का पता चला तो उनमें आक्रोश फैल गया। पुलिस की इस कार्रवाई के विरोध में अनशन शुरू कर दिया। लोगों के दबाव को देखते हुए पुलिस का कहना है कि दो आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है और अन्य चार लोगों की तलाश जारी है। उन्हें जल्दी ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

बता दें कि आरोपितों में मुखिया इशरत जहां के पुत्र मोहम्मद वसीम, शजीबुल्ला, मोहम्मद नाजिम, मोहम्मद तकिब, मोहम्मद आसिफ समेत 5 अज्ञात लोगों का नाम शामिल है। पुलिस ने इनमें मोहम्मद नदीम और मोहम्मद साकिब को गिरफ्तार कर लिया है।

इसके पहले पंचायत में उसे एक वीडियो वायरल करने का दोषी करार दिया था और कहा था कि इसे वायरल करने से उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँची है। वहीं, युवती का कहना था कि उसने वीडियो को वायरल नहीं किया है। इसके बावजूद उसे और परिवार को जलील किया गया। बताया जा रहा है कि उस वीडियो में गाँव के कुछ मुस्लिम लड़के पाकिस्तान का झंडा लहरा रहे थे।।

बता दें कि झारखंड में कई इलाकों में पिछले कुछ वर्षों में मुस्लिमों की तादाद तेजी से बढ़ी है। आबादी बढ़ने के साथ उन इलाकों की जनसांख्यिकीय स्थिति भी बदल गई है। जिन-जिन क्षेत्रों में मुस्लिमों की आबादी बढ़ी है, वहाँ वे इस्लाम के अनुसार कामकाज करने का दबाव बना रहे हैं।

हाल ही में झारखंड के कई जिलों के ऐसे इलाकों के सरकारी स्कूलों के नाम बदलने का मामला सामने आया, जहाँ मुस्लिमों की आबादी ज्यादा है। इन इलाकों के सरकारी स्कूलों के नाम बदलकर उर्दू स्कूल कर दिया गया और रविवार की जगह शुक्रवार (जुमे) की दिन छुट्टी घोषित कर दी गई।

नीतीश की महिला मंत्री के खिलाफ भी खुला मोर्चा: जेडीयू MLA ने कहा- वह विरोधियों की हत्या करवाती हैं, उन्हें नहीं हटाया तो मैं दूँगी इस्तीफा

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जब से अपनी नई कैबिनेट का गठन किया है, वह विवादों में है। मंत्रियों में से करीब 72 फीसदी दागी हैं। कानून मंत्री बनाए गए कार्तिकेय सिंह को लेकर दावा किया जा रहा है कि जिस दिन उन्होंने शपथ ली, उसी दिन उन्हें किडनैपिंग के एक केस में कोर्ट में हाजिर होना था। अब जेडीयू (JDU) की लेसी/लेशी सिंह (Leshi Singh) को कैबिनेट में शामिल किए जाने का विरोध हो रहा है। इसका विरोध जेडीयू की ही एक अन्य महिला विधायक बीमा भारती (Bima Bharti) ने किया है।

बीमा भारती ने लेसी सिंह को कैबिनेट से नहीं हटाए जाने पर पार्टी से इस्तीफे की धमकी दी है। उनका दावा है कि लेसी सिंह का जो भी विरोध करता है, वह उसकी हत्या करवा देती हैं। चुनावों के समय पार्टी विरोधी काम करती हैं। इसके बावजूद उन्हें कैबिनेट में जगह दी गई है। बीमा भारती ने कहा, “हत्यारोपित को सरकार में खाद्य और उपभोक्ता संरक्षण मंत्री बनाया गया। अगर मुख्यमंत्री लेसी सिंह का इस्तीफा नहीं लेते हैं, तो मैं अपने पद से इस्तीफा दे दूँगी।”

समाचार एजेंसी एएनआई से उन्होंने कहा, “लेसी सिंह को हमेशा कैबिनेट में क्यों चुना जाता है। सीएम उनमें ऐसा क्या देखते हैं? लेसी सिंह पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहती हैं। पार्टी को बदनाम करती हैं। हमारी बात क्यों नहीं सुनी जाती? क्या इसलिए कि हम पिछड़ी जाति से हैं?”

बीमा भारती पूर्णिया जिले के रुपौली से विधायक हैं। वह लगातार 5 बार इस क्षेत्र से विधायक बनी हैं। लेसी सिंह पूर्णिया के ही धमदाहा से विधायक हैं। बीमा भारती ने दैनिक भास्कर को बताया, “वह मेरे विरुद्ध लगातार षड्यंत्र रच रही हैं। जिला परिषद के चुनाव में मेरी बेटी को लेसी सिंह और उनके बेटे ने मिलकर 3 वोट से हरवा दिया। मुझे मंत्री नहीं बनाया, इसका दुख नहीं है। उसे मंत्री बनाया है इसका मुझे दुख है। पार्टी में और भी महिला विधायक हैं, जिन्हें मंत्री बनाना चाहिए।”

रुपौली विधायक के अनुसार, उन्होंने यह सारी बातें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को, राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह और प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा को बता दी हैं। यदि जल्द से जल्द लेसी सिंह का इस्तीफा नहीं लिया गया, तो वह अपनी विधायकी से इस्तीफा दे देंगी।

बता दें कि बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 16 अगस्त 2022 को मंत्रिमंडल विस्तार किया था। उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के भाई तेज प्रताप समेत 31 नए मंत्रियों ने शपथ ली थी। भाजपा से अलग होने के बाद नीतीश कुमार की जदयू ने राजद से गठबंधन कर नई सरकार बनाई है। नई कैबिनेट में कॉन्ग्रेस और जीतनराम माँझी की पार्टी को भी प्रतिनिधित्व मिला है। इस सरकार को समर्थन दे रहे वामदल कैबिनेट का हिस्सा नहीं बने हैं।

अरबी घोड़ा, ईरानी बिल्ली… झुमके से लेकर कार तकः जैकलीन फर्नांडिस को मिले ‘गिफ्ट’ की लिस्ट, हिरोइन की माँ, भाई-बहन पर भी मेहरबान था सुकेश

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जेल में बंद महाठग सुकेश चंद्रशेखर (Sukesh Chandrashekhar) से संंबंधित करोड़ों रुपए के वसूली के मामले में बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस (Jacqueline Fernandez) को आरोपित बनाया है।

वहीं, ED जैकलीन के खिलाफ धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत दूसरी पूरक अभियोजन शिकायत भी दर्ज कर सकती है। बता दें कि रैनबैक्सी के प्रमोटर शिविंदर सिंह की पत्नी अदिति सिंह से 215 करोड़ रुपए की वसूली के मामले में दिल्ली पुलिस ने सुकेश को गिरफ्तार किया था।

यह पहली बार है जब जैकलीन को किसी मामले में आरोपित बनाया गया है। इससे पहले उनसे ED ने सिर्फ पूछताछ की थी। इधर आरोपित बनाए जाने पर जैकलीन के वकील प्रशांत पाटिल ने कहा कि इसकी जानकारी उन्हें मीडिया से मिली है। ED की तरफ से कोई आधिकारिक कम्युनिकेशन नहीं किया गया है।

पाटिल का कहना है कि अगर जैकलीन को आरोपित बनाया गया है तो य दुर्भाग्यपूर्ण है, क्योंकि वह खुद पीड़ित हैं ना कि आरोपित। उनके वकील ने कहा कि जैकलीन एक बड़े षडयंत्र का शिकार हुई हैं। उन्होंने जाँच के दौरान ED को हर से सहयोग दिया, जानकारी दी, फिर ED उनके साथ हुई धोखाधड़ी को समझने में विफल रही।

बताया जाता है कि जैकलीन को इस बात की जानकारी थी कि सुकेश एक अपराधी और वह जबरन वसूली करने वाला है। एक्ट्रेस को कॉनमैन ने 10 करोड़ रुपए का सामान गिफ्ट किया था। ED ने जैकलीन की 7.2 करोड़ रुपए की फिक्स डिपॉजिट को कुर्क किया था।

गिरफ्तार सुकेश और जैकलीन के बीच रिश्तों की लगातार खबरें आती रही हैं। मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि जैकलीन ने जेल में बंद सुकेश से मुलाकात भी की थी। वहीं, सुकेश ने जैकलीन और उनके परिवार को कई महँगे गिफ्ट दिए थे।

जैकलीन और उनके परिवार को सुकेश ने दिया गिफ्ट

सुकेश ने जैकलीन की माँ को लग्जरी कार मासेराती और पॉर्श कार गिफ्ट में दी थी। अमेरिका में रहने वाली जैकलीन की बहन को उसने 1.50 लाख अमेरिकी डॉलर (लगभग 1.20 करोड़ रुपए) लोन के रूप में दिए थे। इतना ही नहीं, ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले जैकलीन के भाई को भी 15 लाख रुपए दिए गए थे।

सुकेश ने सिर्फ जैकलीन के परिवार को ही महँगे गिफ्ट नहीं दिए, उसने जैकलीन को भी दिया। उसने जैकलीन को डिजाइनर गुच्ची, चैनल एवं वाईएसएल बिर्किन के महँगे बैग और महँगे झुमके दिए। वाईएसएल, लुई वुइटन और गुच्ची के जूते, कार्टियर चूड़ियाँ (3) तथा हेमीज़ एवं टिफ़नी के कंगन दिए। इसके अलावा रोलेक्स, रोजर डुबुइस और फ्रेेंक मूलर की लग्जरी घड़ियाँ दीं।

सुकेश ने जैकलीन को BMW (5) और मिनी कूपर कार भी गिफ्ट की थी। हालाँकि, जैकलीन इसे लौटाने का दावा करती हैं। इसके अलावा, गुच्ची के दो जिमवियर, 52 लाख रुपए का एक अरबी घोड़ा एस्पुएला, 9-9 लाख रुपए की तीन फारसी बिल्लियाँ भी दीं। सुकेश ने जैकलीन के लिए किराए पर निजी जेट भी लिया था।