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‘बिहारी बहन*&$… तुम सबके L@^$ काट के मुँह में खिला दूँगी’: महिला ने गार्ड्स को बकी गंदी-गंदी गालियाँ, वीडियो वायरल

नोएडा की एक महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वो सिक्योरिटी गार्ड्स को गंदी-गंदी गालियाँ बकती हुई नजर आ रही है। महिला ने बिहारियों को लेकर भी अपशब्द का प्रयोग किया और कहा, “ये यहाँ जितने भी बिहारी हैं ना यहाँ, Behen*h&d इनको सँभालो।” थाना सेक्टर-126 में जेपी सोसाइटी की उक्त महिला को रविवार (21 अगस्त, 2022) को यूपी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

बताया जा रहा है कि सिक्योरिटी गार्ड ने गेट खोलने में देरी की, जिसके बाद उक्त महिला भड़क गई और कार का शिक्षा नीचे कर के गंदी-गंदी गालियाँ बकने लगी। इतना ही नहीं, उसने गार्ड का कॉलर पकड़ कर भी उसे घसीटा और उस पर हाथ चलाया। महिला ने गार्ड को धक्का भी मारा। गार्ड और उसके साथियों ने महिला से लाख आग्रह किया, उसने गाली देना बंद नहीं किया। उसकी पहचान भाव्या रॉय के रूप में हुई है, जो पेशे से वकील है।

बताया जा रहा है कि गिरफ़्तारी के बाद महिला खुद की ही गाड़ी से पुलिस थाना गई और इस दौरान वो खुद ही ड्राइव भी कर रही थी। आहत गार्ड ने अपने परिवार और बच्चों की दुहाई देते हुए कहा कि अब मैं ये नौकरी नहीं कर सकता, बहुत बेइज्जती हुई है। उसने कहा कि महिलाओं की इज्जत करने के बावजूद उसके साथ इस तरह का व्यवहार किया गया, वो भी एक पढ़ी-लिखी महिला द्वारा। लोगों ने ये भी बताया कि उस वक्त महिला शराब के नशे में थी।

वीडियो में महिला कहती है, “मैं तेरी $#ड फाड़ दूँगी। अबे भो%ड़ी के, तुम बहन%$द मेरी इज्जत करते हो? ये बोलेगा मेरे को माधर%$द? इसकी माँ की &त। तुमलोगों के टट्टे साले बड़े हो गए हैं, बहन%$द, तुम सबके लं%# काट के मुँह में खिला दूँगी भो%ड़ी के। This Shit Doesn’t Work. खाल खींच लूँगी इस माधर%$द की।” इस दौरान महिला ने अपनी जाँघ थपथपाते हुए हमला भी कर दिया। हालाँकि, इस दौरान गार्ड्स मिन्नतें करते रहें।

इस वीडियो के वायरल होने के बाद लोग इसे ‘अल्ट्रा फेमिनिज्म’ बताते हुए पूछ रहे हैं कि क्या इस महिला के घर पर भी बुलडोजर चलेगा? दीपिका नारायण भारद्वाज ने लिखा कि महिला सशक्तिकरण जब गलत हो जाता है तो ऐसा ही होता है। नीतू झा नामक पत्रकार ने पूछा कि महिलाएँ कब तक विक्टिम कार्ड खेलती रहेंगी? पत्रकार हर्षवर्धन त्रिपाठी ने कहा कि ये भी ऐसा ही व्यवहार कर रही है, जैसा श्रीकांत त्यागी ने किया था।

वीरेंदर सहवाग के स्कूल में 8 साल के बच्चे का यौन शोषण, डरा-सहमा है मासूम: दावा – जहाँ हुई घटना, वहाँ का CCTV भी खराब

हरियाणा के झज्जर सहित ‘सहवाग इंटरनेशनल स्कूल’ में एक 8 साल के बच्चे का यौन शोषण का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस घटना के बाद केस दर्ज कर लिया है। बच्चे का मेडिकल करवा कर बयान दर्ज कर लिए गए हैं। पिता की शिकायत के आधार पर हरियाणा पुलिस ने इस मामले की FIR दर्ज की है। चूँकि मामला संवेदनशील है, इसीलिए स्थानीय पुलिस अधीक्षक (SP) ने महिला पुलिस की थाना प्रभारी को जाँच सौंपी है।

DSP राहुल देव ने अपनी टीम के साथ स्कूल का दौरा किया और इस घटना से सम्बंधित तथ्य जुटाए। जिस क्षेत्र में इस घटना होने की बात कही जा रही है, उधर का CCTV भी काम नहीं कर रहा है। इससे जाँच प्रभावित होने की भी आशंका है। बच्चे की उम्र कम होने के कारण स्पष्ट बयान लेने में भी दिक्कत की बात सामने आई है। अगर दोषियों को पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया तो अन्य बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी आशंकाएँ हो सकती हैं।

इस मामले के सामने आने के बाद इस स्कूल में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के अभिभावक भी अपने बच्चों को लेकर सशंकित हैं। बताया जा रहा है कि ये घटना सोमवार (15 अगस्त, 2022) की रात की है। पीड़ित बच्चा डरा हुआ है। जाँच के बाद ही पुलिस इस बारे में कुछ स्पष्ट बता पाएगी। हॉस्टल में ही रहने वाले किसी कर्मचारी या विद्यार्थी पर शक की सूई जा सकती है। मामला हाई प्रोफ़ाइल बन गया है, क्योंकि स्कूल पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंदर सहवाग का है।

झज्जर के एसपी वसीम अकरम ने कहा कि पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है और पुलिस किसी भी दोषी को नहीं छोड़ेगी। उक्त स्कूल अपनी स्पोर्ट्स एक्टिविटीज के कारण चर्चा में रहता है। जहाँ वीरेंदर सहवाग इस स्कूल के संस्थापक हैं, उनकी पत्नी आरती इसकी चेयरपर्सन हैं। उत्तर प्रदेश के उस बच्चे का एडमिशन यहाँ अप्रैल 2022 में ही कराया गया था। स्पेशल टीम मामले की जाँच कर रही है। बच्चे ने किसी का नाम नहीं लिया है, लेकिन स्कूल के ही कुछ कर्मचारियों से पूछताछ हुई है।

बांग्लादेशी आतंकियों के रहने-खाने का इंतजाम करने वाले 2 इमाम गिरफ्तार, अलकायदा के लिए कर रहे थे स्लीपर सेल की भर्ती

असम के गोलपारा जिले से पुलिस ने शनिवार (20 अगस्त 2022) रात दो संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है। पड़ताल में पुलिस ने इन दोनों संदिग्ध आतंकियों का सीधा संबंध अल-कायदा भारतीय उपमहाद्वीप (AQIS) और अंसारुल्लाह बांग्ला टीम (ABT) से जुड़ा पाया है। अब पुलिस इन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गिरफ्तार किए गए संदिग्धों में एक की पहचान अब्दुस सुभान के तौर पर हुई है, जो कि मोरनई पुलिस थाने में आने वाले तिंकुनिया शांतिपुर के मस्जिद का इमाम है। वहीं दूसरा आरोपित जलालुद्दीन शेख है। वह माटिया पुलिस थाने अंतर्गत आने वाले तिलपारा नातून मस्जिद का इमाम है।

पुलिस ने बताया कि शनिवार को एक अभियान के दौरान इनकी गिरफ्तारी हुई। इन्हें पकड़ने के बाद इनसे काफी देर पूछताछ की गई। इसी दौरान इनके आतंकी संगठनों से जुड़े होने के कई सबूत मिले।

गोलपारा एसपी वीवी राकेश रेड्डी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि इन लोगों का एक्यूआईएस/एबीटी के बारपेटा और मोरीगाँव मॉड्यूल से सीधा संबंध पाया गया है। इसके अलावा इनके घर से अल-कायदा, जिहादी तत्व, पोस्टर और अन्य दस्तावेज समेत बहुत सारी आपत्तिजनक सामग्री मोबाइल फोन के साथ जब्त की गई घर से सिम कार्ड और आईडी कार्ड भी बरामद हुए हैं।

एसपी बताते हैं कि छानबीन में ये भी पता चला कि ये लोग बांग्लादेश से आए जिहादी आतंकियों को आश्रय देते थे और साथ में उनके खाने-पीने का इंतजाम भी करते थे। इन्होंने कबूल किया है कि AQIS की ओर से जिले में स्लीपर सेल्स को रिक्रूट कर रहे थे।

बता दें कि इस पूरे केस में माटिया पुलिस थाने में आईपीसी की धारा 120बी, 121, 121 (ए) और आरडब्ल्यू धारा 18/18 (बी) / 19/20 यूए (पी) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। आगे की पूछताछ इन दोनों इमामों को हिरासत में लेकर की जा रही है। याद दिला दें कि इससे पहले असम में 28 जुलाई को 11 संदिग्धों को असम पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इनके संबंध भी AQIS और ABT से पाए गए थे।

PM की सुरक्षा करेगा देशी नस्ल का मुधोल हाउंड, SPG में शामिल: कभी छत्रपति शिवाजी के बेटे की बचाई थी जान

प्रधानमंत्री की सुरक्षा-व्यवस्था का जिम्मा सँभालने वाले स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) के दस्ते में पहली बार एक देशी नस्ल के कुत्ते को शामिल किया गया है। इसका नाम है मुधोल हाउंड (Mudhol Hound)। इसे चार महीने की ट्रेनिंग के बाद सुरक्षा दस्ते में शामिल कर लिया जाएगा। इस नस्ल का कुत्ता अपनी तीव्रता और निष्ठा के लिए जाना जाता है।

पीएम 24 घंटे SPG के जवानों के सुरक्षा घेरे में रहते हैं। सुरक्षा दस्ते में सेना और पुलिस के जवानों के साथ-साथ प्रशिक्षित कुत्ते भी शामिल किए जाते हैं। अब मधुल को भी शामिल हो जाएँगे। मुधोल हाउंड भारतीय वायुसेना सहित भारतीय सशस्त्र बलों और कुछ अर्धसैनिक बलों में पहले ही शामिल किए जा चुके हैं।

बता दें कि SPG के अधिकारियों ने इसी साल अप्रैल में कर्नाटक के बागलकोट जिले के थिम्मापुर में स्थित ‘कैनाइन रिसर्च एंड इंफॉरमेशन सेंटर’ का दौरा किया था। अधिकारियों ने सेंटर से दो नर कुत्तों को लेकर अपने दस्ते में शामिल करने की इच्छा जताई थी।

मुधोल हाउंड की विशेषताएँ

मुधोल हाउंड अपनी विशेषताओं की वजह से भारतीय सुरक्षा बलों के लिए पसंदीदा बनता जा रहा है। इस नस्ल के कुत्ते 72 सेंटीमीटर तक बढ़ते हैं और इनका वजन 20 से 22 किलोग्राम के बीच होता है। इसके कारण इसमें गजब की फुर्ती होती है। यह मौसम के हिसाब के अपने आप को ढाल लेता है। इसके अलावा यह बहादुर होता है।

दूसरे नस्ल के कुत्तों की अपेक्षा मुधोल हाउंड में देखने की क्षमता अधिक होती है। यह 270 डिग्री तक देख सकता है। मुधोल हाउंड अपने मालिकों के प्रति बेहद वफादार होते हैं। लंबे पैर और छरहरे शारीरिक बनावट की वजह से ये उत्कृष्ट शिकारी कुत्ते हैं।

इसकी सूंघने की क्षमता (घ्राण शक्ति) भी अधिक होती है और यह अपने शिकार को दूर से ही सूंघने के साथ-साथ देख भी लेता है। ये 3 किलोमीटर की वस्तु को भी सूँघ सकेत हैं। यह जल्दी थकता नहीं है और लंबी दूरी तक दौड़ लगा सकता है। ये कुत्ते 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ सकते हैं।

मुधोल हाउंड तीन नस्लों से मिला एक संकर प्रजाति का कुत्ता माना जाता है। यह यूरोप और अमेरिका में पाए जाने वाले ग्रेहाउंड नस्ल, उत्तरी अफ्रीका में पाए जाने वाले स्लोफी नस्ल और पूर्वी एशिया एवं भूमध्य क्षेत्र में पाए जाने वाले सालुकी नस्लों का हाईब्रिड है।

मुधोल हाउंड को मराठा हाउंड, पश्मी हाउंड, कठेवार डॉग, बेदार, बेराड, काठेवर, साइट हाउंड के नाम से जाना जाता है। इसकी बहादुरी और मौसम के हिसाब से खुद को ढाल लेने की क्षमता के कारण दुनिया भर में इसकी माँग है। इस प्रजाति की कुत्ते की सबसे अधिक माँग ऑस्ट्रेलिया और डेनमार्क में है। इसके साथ ही ये कई अन्य देशों में भी भेजा जाता है।

मुधोल हाउंड का इतिहास

मुधोल हाउंड कुत्तों का नाम दक्षिणी भारत के कर्नाटक में स्थित मुधोल रियासत के नाम पर रखा गया है। कहा जाता है कि मुधोल रियासत के शासकों ने कर्नाटक के बागलकोट नामक स्थान पर इन कुत्तों को पाला था।

कहा जाता है कि 1937 तक इस रियासत के शासक मालोजीराव घोरपड़े ने एक बार इस देशी नस्ल के कुत्ते की जोड़ी को ब्रिटेन के सम्राट किंग जार्ज पंचम को भेंट किया था। उस दौरान उन्होंने इस कुत्ते का नाम मुधोल हाउंड रख दिया था। तब से इसका यह नाम प्रचलित हो गया है।

शिवाजी की सेना में रहा शामिल, उनके बेटे की बचाई जान

मुधोल हाउंड कुत्तों की बहादुरी और वफादारी की कई कहानियाँ प्रचलित हैं। कहा जाता है कि आज से लगभग 300 साल पहले मराठा शासक छत्रपति शिवाजी महाराज भी इस कुत्ते को बहुत पसंद करते थे। उन्होंने अपनी सेना में इस नस्ल के कुत्तों को भी शामिल किया था।

मुधोल कुत्तों की वीरता की कई कहानियाँ महाराष्ट्र और कर्नाटक के इलाकों में प्रचलित हैं। इनमें एक यह भी यह है कि इन कुत्तों ने छत्रपति शिवाजी महाराज के बड़े बेटे संभाजी महाराज की जान बचाई थी। इसकी वजह से शिवाजी महाराज इन्हें बहुत पसंद करते थे। वे अपनी छापामार सेना में इन कुत्तों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया।

प्रधानमंत्री मोदी भी कर चुके हैं तारीफ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 6 मई 2018 को बागलकोट जिले के जामखंडी की एक रैली में मुधोल नस्ल के कुत्तों का जिक्र किया था। उसके बाद से यह नाम खूब सुर्खियों में आया था। उन्होंने कॉन्ग्रेस पर हमला करते हुए कहा था, “राष्ट्रवाद के नाम पर ये बीमार पड़ जाते हैं, जबकि मुधोल कुत्ते राष्ट्रवाद भरे होते हैं।”

अगस्त 2020 में अपने उन्होंने लोकप्रिय शो ‘मन की बात’ में पीएम मोदी ने कहा था कि ये कुत्ते हर आपदा में खड़े होते हैं और सेना के हर मिशन के लिए तैयार रहते हैं। उन्होंने इस भारतीय नस्ल की प्रशंसा करते हुए कहा था कि भारतीय नस्लों में मुधोल हाउंड और हिमाचली हाउंड उत्कृष्ट वंशावली के हैं। उन्होंने राजपलायम, कन्नी, चिप्पीपराई और कोम्बाई कुत्तों को भी बेहतरीन नस्ल का बताया था।

पीएम मोदी ने कहा था कि मुधोल हाउंड कुत्तों को प्रशिक्षित कर सेना, CISF और NSG के डॉग स्क्वॉयड में शामिल किया गया है। कोम्बाई कुत्तों को CRPF ने शामिल किया है। उन्होंने लोगों से अपील की थी कि वे एक भारतीय नस्ल के कुत्ता जरूर घर लाए।

सशस्त्र सेनाओं में हैं शामिल

फरवरी 2016 में पहली बार मुधोल प्रजाति के कुत्तों को प्रशिक्षित करने का काम शुरू किया गया था। इन्हें रीमाउंट वेटरीनरी कॉर्प्स ट्रेनिंग सेंटर (RVC) में 2 साल ट्रेनिंग देने के बाद सेना में शामिल कर लिया गया था। बता दें कि इस ट्रेनिंग सेंटर में पहले से ही विदेशी नस्ल के लैब्राडोर और जर्मन शेफर्ड को ट्रेनिंग दी जाती है।

इस वक्त भारतीय सेना, भारतीय वायुसेना, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) और सीमा सुरक्षा बल (SSB) में मुधोल हाउंड की तैनाती की गई है। इसके अलावा, बाँदीपुर टाइगर रिजर्व में बाघों की सुरक्षा के लिए भी मुधोल हाउंड को तैनात किया गया है।

सीनियर इंस्ट्रक्टर कर्नल जयविंदर सिंह ने कहा था कि यह कुत्ता इतना काबिल होता है कि ट्रेनर की आँखों को पढ़कर अपने टारगेट पर हमला कर देता है। मुधोल हाउंड के ट्रेनर डीके साहू ने कहा था कि शुरुआत में इन्हें 3 हफ्तों की बेसिक ट्रेनिंग दी जाती है, इसके बाद 36 सप्ताह की ट्रेनिंग होती है।

महिला ने पति के शरीर के टुकड़े-टुकड़े किए, फिर आग पर पकाया: कहा – कई लड़कियों से थे उसके सम्बन्ध, मुझे पीटता था

ईरान (Iran) में एक महिला ने दिल दहला देने वाले अपराध को अंजाम दिया। उसने अपने पति को चाकू से गोद कर मार डाला। इसके बाद उसने पति के शरीर के टुकड़े-टुकड़े कर उसके मांस को पकाया। महिला की 5 साल की एक बेटी भी है।

ईरान के इस्लामशहर (Eslamshahr) में शनिवार (13 अगस्त, 2022) को पुलिस ने एक 22 वर्षीय महिला को तब गिरफ्तार किया, जब उसके घर से उसके पति के शरीर के टुकड़े बरामद किए गए। पुलिस को स्थानीय लोगों ने आरोपित महिला के घर से बदबू (लाश सड़ने की बदबू) आने की सूचना दी थी। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुँची और छानबीन शुरू की। पुलिस को आरोपित के घर से उसके पति का शव क्षत-विक्षत हालत में मिला। जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, महिला अफगानिस्तान की रहने वाली है। आरोपित महिला ने पुलिस को बताया कि उसके पति के किसी दूसरी औरत के साथ अवैध संबंध थे। उसने आरोप लगाया कि उसका पति उसे और उसकी बेटी को पीटता था। महिला का कहना है कि उसने पति की हरकतों से तंग आकर महिला ने अपने पति की हत्या कर दी।

आरोपित महिला द्वारा पुलिस को दिए गए बयान के अनुसार, 15 साल की उम्र में उसे शादी करने के लिए मजबूर किया गया था। महिला के पति ने उसे शादी की रात ही कह दिया था कि उसे उसमें (महिला में) कोई दिलचस्पी नहीं है और उसके दूसरी महिलाओं के साथ भी संबंध हैं। पुलिस का कहना है कि उसके पति ने उसे एक बार नहीं बल्कि कई बार धोखा दिया था। वो उसकी इन हरकतों से तंग आ गई थी।

महिला के बयान के अनुसार, उसने अपने पति की गर्लफ्रेंड को अपने घर पर देखा था। पति की गर्लफ्रेंड के जाने के बाद दोनो पति-पत्नी के बीच तीखी बहस हुई। इस बीच उसका पति गुस्से में चाकू ले आया। आरोपित महिला ने अपने पति से कहा कि उसको धोखा देने से पहले वो उसे मार दे। लेकिन, उसने महिला को ही चाकू थमा दिया।

इसके बाद महिला ने पति से पूछा कि अगर तुम मुझे मारना चाहते तो कैसे मारते? पति ने कहा कि मैं तुम्हारे पेट में छुरा घोंप देता। इतने में महिला ने अपने पति के पेट में छुरा घोंप दिया और कहा कि इस तरह मैं तुम्हें मार देती। महिला का कहना था कि ऐसा करने के बाद उसे समझ नहीं आया कि उसने ये अचानक कैसे कर दिया? चाकू लगने के बाद उसका पति जमीन पर गिर पड़ा। हालाँकि, ये अब तक साफ़ नहीं हो सका है कि उसने अपने पति के शरीर के टुकड़ों को क्यों पकाया था।

महिला के पति (मृतक) की उम्र करीब 38-39 थी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। इस्लामशहर के पुलिस प्रमुख कर्नल अली आगाकरखाने ने कहा “पहले आरोपित महिला ने विरोधाभासी बयान दिए, लेकिन फिर इस हत्याकांड के बारे में विस्तार से बताया और दावा किया कि उसने अपने पति को एक अवैध संबंध के कारण मार डाला।”

भारत के 6 राज्यों में बाढ़ की तबाही, अब तक 41 मौतें: बादल फटने और भूस्खलन के कारण सबसे ज्यादा प्रभावित हिमाचल प्रदेश

हिमाचल प्रदेश सहित भारत के 6 राज्यों में बाढ़ का कहर जारी है। इस आपदा के कारण देश भर में अब तक 41 मौतें दर्ज की गई हैं। इस बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य रहा हिमाचल प्रदेश। यहाँ के सीएम जय राम ठाकुर ने पीड़ितों को मुआवजा देने का ऐलान भी कर दिया है। साथ ही जिला प्रशासन को सड़कें ठीक करने के निर्देश भी दिए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार भारी बारिश और बादल फटने के कारण देश के 6 राज्यों के अलग-अलग इलाकों में लोग बाढ़ की तबाही झेल रहे हैं। अकेले हिमाचल प्रदेश में अब तक 22 मौतें दर्ज की गई हैं। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, झारखंड और उड़ीसा में बाढ़ ने जनजीवन को बहुत प्रभावित किया है।

हिमाचल प्रदेश के अलावा उत्तराखंड में बाढ़ से 4 लोगों की मौत हुई है और 13 लोग लापता बताए जा रहे हैं। वहीं झारखंड में भी 4 लोगों की जान चली गई और 7 लोग तेज बहाव के कारण नदियों में बह गए हैं। बाढ़ के कारण ओडिशा में 6 और जम्मू-कश्मीर में 2 लोगों की मौत हुई है।

हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के निदेशक सुदेश कुमार मोख्ता ने जानकारी दी कि मंडी, कांगड़ा और चंबा जिलों में बाढ़ से सर्वाधिक नुकसान हुआ है। वहीं कई सड़कें खराब होने के कारण यातायात भी ठप पड़ गया है। मंडी में बारिश के चलते शनिवार को स्कूलों को बंद रखना पड़ा।

ओडिशा जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता बीके मिश्रा ने बताया कि बालासोर, क्योंझर और मयूरभंज में शुक्रवार रात भारी बारिश हुई। इसके बाद सुवर्णरेखा, बुधबलंग, वैतरणी और सालंदी में जल स्तर पर नजर रखी जा रही है। खबर है कि राज्य में बारिश के चलते 6 लोगों की मौत हुई है। बताया जा रहा है कि राज्य के कुल 500 गाँवों में लगभग चार लाख लोग फँसे हुए हैं।

हिमाचल प्रदेश में सीएम ने किया मुआवजे का ऐलान

बाढ़ की तबाही के बीच प्रदेश की भाजपा सरकार ने प्रभावित लोगों को कुछ राहत दी है। सीएम जय राम ठाकुर ने शनिवार को कहा, “कल से हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण बहुत जान-माल का नुकसान हुआ है। अब तक 15 लोगों की मृत्यु हुई है। 8 लोग लापता हैं। मृतकों के परिवार को सरकार की तरफ से मुआवजा दिया जाएगा और उनकी पूरी मदद की जाएगी।”

मुआवजे के अलावा हिमाचल प्रदेश के सीएम ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि वो जल्द ही रोड सही करे ताकि लोगों को दिक्कत न हो।

मनीष सिसोदिया नहीं छोड़ सकेंगे देश, CBI ने जारी किया लुक आउट नोटिस: कार्रवाई से पहले राष्ट्रपति की ले ली गई थी मंजूरी

शराब घोटाले में FIR के बाद अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (Delhi Deputy CM Manish Sisodia) सहित 14 लोगों के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया है। ये लोग बिना इजाजत के अब देश नहीं छोड़ सकेंगे। हालाँकि, इसमें ‘ऑनली मच लाउडर’ कंपनी के मालिक विजय नायर का नाम शामिल नहीं है।

शराब घोटाले की FIR में कुल 15 लोगों के नाम हैं, जिनमें मनीष सिसोदिया का नाम सबसे ऊपर है। सूत्रों के हवाले से मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि मनीष सिसोदिया पर कार्रवाई करने से पहले CBI ने राष्ट्रपति से आवश्यक मंजूरी ले ली थी।

नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर एक अधिकारी ने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया, “सिसोदिया के खिलाफ 17 अगस्त को राष्ट्रपति कार्यालय से 17A की मंजूरी मिलने के बाद ही प्राथमिकी दर्ज की गई थी। एक बार प्राथमिकी दर्ज होने के बाद सिसोदिया सहित सभी नामित 13 व्यक्तियों के खिलाफ एलओसी जारी किए गए थे, ताकि किसी के भी भारत से बाहर जाने की स्थिति में आव्रजन अधिकारियों को सतर्क किया जा सके।”

दरअसल, केंद्रशासित प्रदेशों के किसी विधायक पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 17A के तहत जाँच के लिए राष्ट्रपति की मंजूरी आवश्यकता होती है। वहीं, आबकारी अधिकारियों की जाँच की अनुमति उप-राज्यपाल देता है।

अधिकारी ने यह भी बताया कि 2 मार्च 2016 को पूर्व शराब कारोबारी विजय माल्या देश छोड़कर ब्रिटेन भाग गया था। इसके बाद से सीबीआई लगभग सभी मामलों में एहतियात के तौर पर आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ लुक आउट जारी करना शुरू कर दिया है।

बता दें कि मनीष सिसोदिया सहित अन्य लोगों पर दर्ज FIR में PMLA की दो धाराएँ भी जोड़ी गई हैं। इस तरह सीबीआई के अलावा, अगर जरूरत पड़ी तो प्रवर्तन निदेशालय (ED) की भी इसमें एंट्री हो सकती है और वह मामले की जाँच में शामिल हो सकती है।

उधर मनीष सिसोदिया ने शनिवार (20 अगस्त 2022) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा था कि केंद्र सरकार उनके काम पर ब्रेक लगाने के लिए उन्हें परेशान कर रही है और अगले 2-4 दिन में उन्हें गिरफ्तार कर सकती है।

झारखंड सरकार पर खतरे के बीच बैठक से गायब रहे कॉन्ग्रेस और झामुमो के 11 विधायक: CM सोरेन की विधायकी पर खतरे को लेकर हुई थी महागठबंधन की मीटिंग

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Jharkhand CM Hemant Soren) के लिए रास्ते मुश्किल होती जा रही हैं। खनन मामले में विधायकी जाने की आशंकाओं के बीच शनिवार (20 अगस्त 2022) को राँची में आयोजित की गई बैठक में महागठबंधन के 11 विधायक नहीं पहुँचे। इसको लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।

सीएम सोरेन की अध्यक्षता में आयोजित हुई इस बैठक में आने वाले राजनीतिक हालात पर चर्चा की गई। महागठबंधन में शामिल सीएम सोरेन की पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM), राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और कॉन्ग्रेस (Congress) ने अपने-अपने विधायकों से राँची में रहने का आदेश दिया था।

तीनों के दलों द्वारा अपने विधायकों को जारी किए गए निर्देश के बावजूद बैठक में 11 विधायक नहीं पहुँचे। इनमें सबसे अधिक कॉन्ग्रेस के हैं। बता दें कि हाल ही में कॉन्ग्रेस के तीन विधायक नकदी के साथ पश्चिम बंगाल में पकड़ाए थे। तब कॉन्ग्रेस ने केंद्र की सत्ताधारी पार्टी भाजपा (BJP) पर विधायकों को खरीदने का आरोप लगाया था।

अपने विधायकों के टूटने के डर से और खनन पट्टा मामले में चुनाव आयोग के आने वाले निर्णय में उनकी विधानसभा सदस्यता जाने के कयासों के बीच इस बैठक का आयोजन किया गया था। बैठक के बाद संसदीय कार्यमंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि सीएम सोरेन के नेतृत्व में सभी विधायक एकजुट हैं और अपना कार्यकाल पूरा करेगी।

इस बैठक में यह निर्णय लिया गया कि आगे राजनीतिक हालात चाहें जैसे भी हों, राज्य की महागठबंधन सरकार पर कोई असर नहीं पड़ेगा। गठबंधन के विधायक गाँव-गाँव जाकर हेमंत सरकार के कामकाज के बारे में लोगों को बताएँगे। इसके साथ ही सरकार को अस्थिर करने की भाजपा की साजिश का पर्दाफाश करेंगे।

झामुमो और कॉन्ग्रेस के विधायक रहे गायब

बताया जा रहा है कि जो 11 विधायक बैठक में नहीं पहुँचे उनमें कॉन्ग्रेस और झामुमो के विधायक शामिल हैं। इन विधायकों के बैठक में नहीं पहुँचने की वजह निजी काम एवं समस्याएँ बताई जा रही हैं। कहा जा रहा है कि विधायक भूषण बाड़ा की फ्लाइट मौसम खराब होने के कारण देर से राँची पहुँची।

वहीं, पूर्णिमा नीरज सिंह शहर से बाहर होने के कारण बैठक में नहीं पहुँची। विधायक ममता देवी का स्वास्थ्य ठीक नहीं बताई जा रही है। वहीं, शिल्पी नेहा तिर्की वरिष्ठ नेताओं से मिलने के लिए दिल्ली गई हुई हैं। इस कारण ये लोग बैठक में नहीं पहुँचे। 

कॉन्ग्रेस के तीन विधायक कैश कांड में गिरफ्तार में गिरफ्तार हैं। वहीं, झामुमो के सरफराज अहमद विदेश में है, जबकि चमरा लिंडा अस्वस्थ बताई जा रही हैं। समीर मोहंती खराब मौसम के कारण देर शाम तक राँची पहुँचे। वहीं, सीएम सोरेन के भाई बसंत दिल्ली में थे।

पार्टी से निर्देश के बावजूद इन विधायकों के अनुपस्थित रहने पर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। हालाँकि, महागठबंधन का कहना है कि सारे विधायक एकजुट हैं और सरकार कोई खतरा नहीं है।

सीएम सोरेन की पत्नी कल्पना को मुख्यमंत्री बनाए जाने की तैयारी

खनन लीज मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की कुर्सी को लेकर चुनाव आयोग का फैसला आने वाला है। सोरेन पर विभागीय मंत्री होते हुए अपने नाम से खनन लीज लेने का आरोप है। मामला राज्यपाल कार्यालय से होते हुए चुनाव आयोग तक पहुँचा और आयोग ने इस पर कई दिनों तक सुनवाई की। 

इसके साथ ही हाल ही में कॉन्ग्रेस के तीन विधायक 48 लाख रुपए की नकदी के साथ पश्चिम बंगाल (West Bengal) में पकड़ाए थे। इसके बाद से उन्हें पार्टी में टूट का डर सताने लगा है। इस घटना के बाद से दोनों पार्टियाँ अलर्ट मोड में हैं।

इस पर गोड्डा से भाजपा सांसद निशिकांंत दुबे ट्वीट कर कहा था, “झारखंड में भाभी जी के ताजपोशी की तैयारी, परिवारवादी पार्टी का बेहतरीन नुस्ख़ा गरीब के लिए।” उन्होंने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन (Kalpna Soren) की ओर इशारा किया।

जिस 40 साल के इमरान को ईसाई परिवार ने दिया सहारा, उसी ने घर से 12 साल की बेटी का किया अपहरण: धर्मांतरण के बाद निकाह, भाइयों को हत्या की धमकी दी

पाकिस्तान में एक नाबालिग ईसाई लड़की के अपहरण और धर्मांतरण का मामला सामने आया है। परिवार का कहना है कि उनकी 12-13 साल की लड़की को उनके ही घर में रहने वाले इमरान ने किडनैप किया और बाद में उसका धर्म परिवर्तित करवा कर उससे निकाह कर लिया। अब लड़की परिजनों के पास किसी भी हाल में लौटना चाहती है लेकिन कोर्ट के आदेश हैं कि वो इमरान के साथ ही रहे।

डीएनडी पर प्रकाशित एक रिपोर्ट बताती है कि 40 साल का इमरान शहजाद और अदीबा अपने तीन बच्चों के साथ ईसाई दंपत्ति के घर में रहते थे। ईसाई परिवार ने उनकी मदद उस समय में की थी जब इमरान की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। लेकिन इमरान और अदीबा, ईसाई परिवार के एहसान को भुलाकर उनके घर में झगड़ा करते थे। आए दिन इमरान अपनी बीवी अदीबा पर हाथ उठाता था, उसको मारता था।

ऐसे में ईसाई परिवार ने उन लोगों को घर छोड़ने को कहा। परिवार ने उन्हें समझाया कि उनके घर में लड़ाई झगड़े का माहौल नहीं है और वो नहीं चाहते हैं कि ये लड़ाइयाँ हों, जो उनके बच्चों पर असर डालें।

इमरान और अदीबा ने इसी चेतावनी के एक हफ्ते बाद ईसाई दंपत्ति की बेटी जारा (बदला नाम) को उठाने की साजिश रची। 30 अप्रैल 2022 को इमरान की बीवी अदीबा उनके घर आई और कहा कि वो जारा को बाजार ले जाना चाहती है। घरवाले अदीबा को जानते थे तो उन्होंने अपनी बच्ची को उसके साथ भेज दिया। लेकिन देर रात होने पर भी जब बच्ची नहीं लौटी तो वह परेशान हो गए। बाजार में खूब ढूँढने के बाद वह लोग थाने रिपोर्ट लिखवाने गए।

बच्ची के पिता बताते हैं कि जिस समय वह वहाँ पर रिपोर्ट लिखवा रहे थे, तभी इमरान ने उन्हें मैसेज भेजा कि उनकी बेटी उसके पास है और अब वह उसको नहीं छोड़ेगा। 1 मई को पीपीसी की धारा 364 बी के तहत केस रावलपिंडी थाने में दर्ज हुआ। पुलिस ने इमरान, अदीबा और अपहरण करने वाले लियाकत को गिरफ्तार किया। बच्ची भी रातभर थाने में अदीबा के साथ रखी गई।

14 मई को जब बच्ची की गवाही कोर्ट में दिलवाने का समय आया तो उसने कहा कि उसकी उम्र 14 साल है और वो मेडिकल नहीं करवाना चाहती। उसने इस्लाम कबूल करके इमरान से निकाह किया है और उसके साथ अपनी मर्जी से रहना चाहती है।

बच्ची के इस बयान को सुनने के बाद रावलपिंडी के जज ने उन तीनों आरोपितों को रिहा कर दिया। लेकिन, इस फैसले के कुछ दिन बाद बच्ची का परिजनों पर फोन आया। उसने बताया कि आरोपितों ने उसे धमकी दी थी कि वो उनके पक्ष में बोलें वरना दोनों भाइयों को मार दिया जाएगा। बेटी की बात सुन माँ ने दोबारा याचिका दाखिल की। लेकिन 13 जुलाई को उनकी याचिका खारिज कर दी गई। अब पीड़िता की माँ का कहना है कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के साथ न्याय नहीं होता।

पुलिस कानून को ताक पर मुस्लिमों का साथ देती है। उनके अनुसार, जाँच में किए गए भेदभाव के कारण एक छोटी बच्ची अपने माँ-बाप से अलग उस व्यक्ति के पास है जिसने उसको सताया। अल्पसंख्यकों के अधिकारों के लिए लड़ने वाले कार्यकर्ताओं के कारण ये मामला प्रकाश में आया है, लोग जारा की रिहाई और इमरान को सजा दिलाने की माँग कर रहे हैं।

लखीमपुर खीरी के गाँव में इलाज के बहाने ईसाई धर्मांतरण का लालच, 7 महीने से चल रहा था दुष्प्रचार: यूपी पुलिस ने 2 को दबोचा

देश में धर्मांतरण का जाल लगातार फैलाया जा रहा है। इसके लिए विदेशी फंडिंग से लेकर तरह-तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। धर्मांतरण का नया मामला उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी से सामने आया है। लखीमपुर खीरी के निघासन विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत दौलतापुर गांव में ईसाई मिशनरी के लोगों पर लालच देकर धर्मांतरण के लिए प्रेरित करने का आरोप लगा है। धर्मांतरण का यह आरोप स्थानीय ग्रामीणों ने ही लगाया है।

बताया जा रहा है कि शुक्रवार (19 अगस्त) को दौलतापुर में धर्मांतरण के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। यह कार्यक्रम गाँव के ही दयाराम नामक व्यक्ति के घर के सामने आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम को लेकर ग्राम प्रधान दीपक जायसवाल व अन्य ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा है कि इसमें में पंजाब के ईसाई मिशनरी से जुड़े लोग आए थे।

इस कार्यक्रम में पहले ईसाई मजहब से जुड़े भजन और प्रवचन चलाए गए थे। इसके बाद ईसाई मजहब से जुड़ी हुई बातें करते हुए ईसाइयत की तारीफ की गई और इसे ही स्वीकार करने के लिए कहा गया।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि इस कार्यक्रम में सैकड़ों लोगों को इकट्ठा कर बीमारी दूर करने से लेकर अन्य प्रकार के लालच दिए जा रहे थे। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि बीते सात महीनों से यहाँ ऐसा ही चला आ रहा है। इस तरह के कार्यक्रमों के चलते ही गाँव के तीन-चार लोगों ने अपना धर्म परिवर्तन कर लिया है।

पुलिस को देख भाग खड़े हुए लोग

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दौलतापुर में आयोजित इस कार्यक्रम को लेकर स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी थी। इस सूचना के बाद, सीओ सुबोध जायसवाल और तहसीलदार भीमचंद पुलिस फोर्स के साथ कार्यक्रम स्थल पहुँच गए थे। पुलिस बल को देखते ही वहाँ मौजूद लोग कार्यक्रम स्थल को छोड़कर भाग खड़े हुए।

इस पूरे मसले पर तहसीलदार भीमचंद ने कहा है हम लोग पुलिस टीम के साथ दौलतापुर गाँव गए थे। गाँव के ही दयाराम नामक व्यक्ति के घर सामने बिना किसी अनुमति के भीड़ इकट्ठा कर धर्म का प्रचार किया जा रहा था। इसके बाद, कार्यक्रम को तुरंत बंद करवाते हुए दोनों आयोजकों निक्का और दयाराम को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।

इस मामले पर कोतवाल चंद्रभान यादव ने कहा है कि इस कार्यक्रम को लेकर लिखित शिकायत नहीं मिली थी। इसलिए, आयोजकों पर शांति भंग करने को लेकर चालान किया गया है।