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बिहार में सोते हुए पुजारी को काटा, 3 किमी दूर काली मंदिर में झोले में रखा मिला सिर: दहशत में स्थानीय, हत्यारों का सुराग नहीं

बिहार के बेतिया से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। गोपालपुर थाना क्षेत्र के बकुलहर मठ स्थित राम जानकी मंदिर के पुजारी का सिर काटकर हत्या कर दी गई। उनका कटा सिर करीब 3 किलोमीटर दूर पिपरा काली मंदिर में झोले में रखा मिला। कुछ रिपोर्टों में दोनों मंदिर के बीच की दूरी एक किलोमीटर ही बताई गई है।

बुधवार (10 अगस्त 2022) की सुबह जब लोग काली मंदिर में पूजा करने गए, तो मंदिर के गेट पर पुजारी का कटा सिर देख दंग रह गए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मृतक की पहचान 55 वर्षीय रुदल प्रसाद वर्णवाल के तौर पर हुई है। वे राम जानकी मंदिर में करीब 40 साल से पूजा-पाठ कर रहे थे। पूजा-पाठ के अलावा उनको किसी से कोई मतलब नहीं रहता था। इस हत्याकांड के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।

स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, बकुलहर राम जानकी मंदिर के पुजारी प्रतिदिन की तरह मंगलवार (9 अगस्त 2022) की रात मंदिर परिसर में सोए हुए थे। सुबह उनका सिर कटा शव मिला। हत्यारों का अब तक सुराग नहीं है।

बकुलहर गाँव के रहने वाले अरुण कुमार तिवारी ने बताया कि बुधवार सुबह जब लोग मठ की ओर गए तो उन्होंने राम जानकी मंदिर में खून देखा। पुजारी का धड़ वहीं पड़ा था। इसी बीच सूचना मिली की पिपरा के काली मंदिर में उनका सिर मिला है। इस घटना के बाद दोनों मंदिरों के समीप लोगों की भारी भीड़ जुट गई। पुजारी की निर्मम हत्या को लेकर लोगों में काफी गुस्सा हैं। घटना का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। चनपटिया थानाध्यक्ष मनीष कुमार ने बताया कि मामले की जाँच की जा रही है। पुलिस ने कटे सिर व धड़ को अपने कब्जे में ले लिया है। जल्द ही मामले का पर्दाफाश कर दिया जाएगा।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने बताया मुस्लिम समाज पर हमला, हत्यारा निकला मुहम्मद सईद: शिया-सुन्नी ‘लव स्टोरी’ में 4 मर्डर, खौफ से घरों में कैद था US का एक शहर

न्यू मेक्सिको में 4 लोगों की सीरियल किलिंग के मामले में पुलिस ने मुहम्मद सईद नाम के एक अफगानी प्रवासी को गिरफ्तार किया है। ये घटना अल्बकरीक की है। मृतकों में सभी मुस्लिम ही थे। इस घटना के बाद से पुलिस ने न्यू मेक्सिको के सबसे बड़े शहर अल्बकरीक में स्थित प्रमुख मस्जिद के बाहर सुरक्षा कड़ी कर दी थी। इस मामले को पहले ‘इस्लामोफोबिया’ और मुस्लिमों से घृणा करने वाले की करतूत बताया जा रहा था। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बायडेन ने इसे ‘मुस्लिम समुदाय’ पर हमला बताते हुए इसकी निंदा की थी और कहा था कि प्रशासन मुस्लिम समाज के साथ मजबूती से खड़ा है।

अब पुलिस का कहना है कि ये हत्याएँ आपसी दुश्मनी के कारण हो सकती है और मुस्लिम समाज के भीतर ही अलग-अलग समुदायों के बीच संघर्ष को भी इसके कारण के रूप में संदेहित किया जा रहा है। जहाँ एक व्यक्ति की हत्या नवंबर 2021 में हुई थी, बाकी के तीनों की हत्याएँ पिछले दो सप्ताह में ही हुई हैं। मृतकों में सभी अफगान और पाकिस्तानी मूल के थे। पुलिस ने आरोपित के घर की भी तलाशी ली, जिससे पता चला कि वो मृतकों से परिचित था।

पुलिस ने कहा है कि वो अभी भी इन हत्याओं के पीछे की मंशा का पता लगा रहे हैं। आशंका जताई गई है कि मुस्लिमों के भीतर का सांप्रदायिक संघर्ष का इसमें रोल है, जिससे वो एक-दूसरे से घृणा करने लगते हैं। पुलिस का कहना है कि हत्या के कारण का ये एक हिस्सा हो सकता है, बड़े कारण के बारे में वो लोग पता लगा रहे हैं। मुहम्मद सईद पर पहले से घरेलू हिंसा का एक मामला दर्ज है। एक संदिग्ध कार की मदद से उसे पकड़ा गया, जिसका इस्तेमाल एक हत्या में हुआ था।

41 वर्षीय आफताब हुसैन और 27 वर्षीय अफजल हुसैन की हत्याओं के मामले में मुहम्मद सईद को आधिकारिक रूप से आरोपित बनाया गया है, जिनकी हत्याएँ क्रमशः 26 जुलाई और 1 अगस्त को हुई थीं। उसके बाद 25 साल के ट्रक ड्राइवर नईम हुसैन की हत्या हुई, जो 8 जुलाई को ही अमेरिका का नागरिक बना था। उससे पहले के दोनों मृतकों की अंतिम क्रिया में शामिल होने के कुछ ही घंटों बाद बाद उसे निशाना बनाया गया।

इस हत्या 62 वर्षीय मुहम्मद अहमदी की हुई थी, जो अफगानिस्तानी मूल का था। उसे 7 नवंबर, 2021 को मार डाला गया था। शहर के दक्षिणी-पूर्वी भाग में एक कैफे और एक दुकान के बाहर वो सिगरेट पी रहा था, तभी उसे शिकार बनाया गया। इस दुकान को वो अपने भाई के साथ मिल कर चलाता था। दो हत्याओं में इस्तेमाल किए गए बंदूक मुहम्मद सईद के के घर से मिली। बुलेट्स की जाँच कर पुलिस इस नतीजे पर पहुँची।

अल्बकरीक की 5.65 लाख जनसंख्या में 5000 मुस्लिम हैं, जो वहाँ की मस्जिद में नमाज पढ़ने आते हैं। ऐसे में वहाँ सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। यूनिवर्सिटी और न्यू मेक्सिको के कुछ छात्रों ने डर से शहर छोड़ दिया था, तो कई मुस्लिम परिवार घरों में बंद थे। शहर के मुस्लिम समाज के अध्यक्ष ने कहा कि शिया-सुन्नी समाज का एक निकाह इसका कारण हो सकता है, जिससे आरोपित गुस्से में था। मरने वालों में एक सुन्नी है। सईद 6 वर्षों से अमेरिका में रह रहा था। अल्बकरीक में अफगानिस्तान के कई मुस्लिम आकर बसे हैं, खासकर वहाँ से अमेरिकी सेना के निकलने के बाद।

‘लाल सिंह चड्ढा’ के काम नहीं आए आमिर खान के आँसू, एडवांस बुकिंग में फिल्म का बुरा हाल: 80% टिकट बिकने और ₹550 Cr कमाई के दावे भी झूठे

लाल सिंह चड्ढा की रिलीज डेट नजदीक आने के साथ ही इस फिल्म का क्या हाल होगा इस पर लगने वाले अनुमान बढ़ते ही जा रहे हैं। एक तरफ दर्शक हैं जो सोशल मीडिया पर आमिर खान के पुराने बयानों को देख उखड़े हुए हैं। वहीं दूसरी ओर आमिर खान और उनकी पूरी लाल सिंह चड्ढा की टीम है जो इस फिल्म को सुपरहिट कराने के लिए मंदिर-गुरुद्वारे जा रही है और फर्जी एडवांस बुकिंग के नाम पर माहौल बना रही है।

उम्मीदों से भी कम हुई एडवांस बुकिंग में कमाई

एडवांस बुकिंग का और फिल्म के सुपरहिट होने का आपस में कोई खास संबंध नहीं है। फिल्म समीक्षक तरण आदर्श ने तो आज अपने ट्वीट में ये तक कहा है कि जो एडवांस बुकिंग का हल्ला काट कर सबकुछ ‘चंगा’ दिखाने की कोशिश हो रही है, वो एडवांस बुकिंग वास्तविकता में उम्मीदों से भी कम हुई है। आदर्श ने साफ कहा है कि चाहे वो लाल सिंह चड्ढा हो या रक्षा बंधन, दोनों की इज्जत केवल स्पॉट बुकिंग और पहले दिन फिल्म देखने के बाद आए रिएक्शन पर निर्भर होगी। इसके अलावा और कुछ नहीं।

तरण आदर्श ने फिल्मों पर ऐसी टिप्पणी जाहिर है इनकी एडवांस बुकिंग से हुई कमाई को देखकर की है। लाल सिंह चड्ढा की अभी तक केवल 8 करोड़ रुपए की प्री बुकिंग हुई है। अनुमान है कि रिलीज से पहले ये कमाई ज्यादा से ज्यादा 10 करोड़ रुपए पहुँचेगी। उससे ज्यादा नहीं। 

83 जितनी हुई लाल सिंह चड्ढा की एडवांस बुकिंग

याद दिला दें इससे पहले एडवांस बुकिंग में इतनी कमाई रणवीर सिंह की फिल्म 83 की हुई थी। कपिल देव जैसा बड़ा नाम जुडे़ होने बावजूद उस फिल्म की कितनी भद्द पिटी, ये किसी से छिपी नहीं हैं। उस फिल्म को क्रिस्मस जैसे मौके पर रिलीज किया गया था जब फिल्मों के चलने की ज्यादा संभावना होती है। फिर भी हाल क्या हुआ सबने देखा।

ये बात सच है कि दर्शक जिस फिल्म को चाहते हैं वो ही फिल्म ब्लॉकबस्टर पर ‘सुपरहिट’ या ‘सुपरफ्लॉप’ होती है। एडवांड बुकिंग सिर्फ फिल्म कैसी कमाई करेगी इसके शुरुआती अनुमान होते हैं। केजीएफ-2 जैसी साउथ सिनेमा की फिल्म ने अपनी रिलीज से पहले ही 22.50 करोड़ रुपए की कमाई की थी। इसके अलावा सोशल मीडिया पर सामान्य लोग खुद उसका प्रचार कर रहे थे। 

आमिर खान दर्शकों को मनाने में जुटे

अब सोच सकते हैं कि लोगों में उस फिल्म को देखने का क्रेज कितना ज्यादा रहा होगा। लेकिन इन हालिया बॉलीवुड फिल्मों के साथ समस्या ये है कि इन्हें सामान्य दर्शक ही बॉयकॉट करने की ठाने बैठा है। लोगों में पुराने बयान सुनने के बाद गुस्सा इतना है कि दंगल, थ्री इडियट जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्म दे चुके बॉलीवुड के ‘मिस्टर पर्फेक्शनिस्ट’ गहरी चिंता में हैं।

वो अपनी फिल्म के रिलीज से पहले उसका प्रमोशन तो कर ही रहे हैं, लेकिन साथ ही वो दर्शकों से विनती भी कर रहे हैं कि उनकी फिल्म जाकर देंखे वरना वह बहुत टूट जाएँगे। मंदिर, गुरुद्वारे जाकर माथ टेककर वो लोगों को बता रहे हैं कि जिन्होंने उनके लिए सोचा है कि वो भारत को पसंद नहीं करते, वो सब लोग गलत हैं। 

उन्होंने मीडिया में जाकर प्लीज कहते हुए दर्शकों से अपील कर रहे हैं कि उनकी फिल्म को देखा जाए। इसके अलावा आज तो उन्होंने स्वर्ण मंदिर जाकर अरदास भी लगाई है। हालात कितने बुरे हैं इसे इस बात से समझा जा सकता है कि आमिर खान की साख बचाए रखने के लिए फिल्म में शाहरुख खान को शामिल करके, लाल सिंह चड्ढा का रिव्यू देने के लिए मैदान में उतारा गया है। शाहरुख तक ने इसे प्रमोट किया है।

एडवांस बुकिंग का झोल

इसके अलावा फिल्म को प्रमोट करने के लिए झूठ का सहारा भी लिया जा रहा है। सोशल मीडिया पर पिछले दिनों हिंदुओं की माँग को गलत ठहराने के लिए फर्जी मैसेज वायरल किए गए थे जिसमें कहा गया था कि लाल सिंह चड्ढा के बॉयकॉट की माँग करके भक्तों ने उसका प्रमोशन कर दिया। जिसके बाद फिल्म की 80 फीसदी बुकिंग है वो हो चुकी है और फिल्म ने 550 करोड़ कमा भी दिए।

सोशल मीडिया पर फैलाया गया झूठ

हालाँकि ये बातें कितनी फर्जी हैं इसकी पोल अन्य सोशल मीडिया यूजर्स ने तर्कों के साथ खोलीं। बाकायदा दिखाया गया कि कैसे ‘बुक माय शो’ जैसी एप पर कहीं पर किसी भी सिनेमा हॉल में अगर लाल सिंह चड्ढा की बुकिंग करने जाएँगे तो आपको अधिकांश सीटें खाली ही मिलेंगी।

लाल सिंह चड्ढा में समस्या क्या है?

बता दें कि लाल सिंह चड्ढा फिल्म को लेकर समस्या ये नहीं है कि इस फिल्म से किसी की भावनाएँ आहत हो रही हैं या फिर कोई विवादित कंटेंट हैं। सब जानते हैं कि ये टॉम हैंक की क्लासिक फिल्म फॉरेस्ट गंप की कॉपी है। अगर लोगों ने उसे पसंद किया है तो इसे भी देख सकते हैं। मगर, आमिर की माफी के बावजूद इस फिल्म के बहिष्कार की माँग लगातार इसलिए बनी है क्योंकि लोगों को लगने लगा है कि आमिर ने पिछली फिल्मों के समय से हिंदुओं की भावना का मजाक लिबर्टी और क्रिएटिव कंटेंट के नाम पर उड़ाया जबकि लिबरल गिरोह दर्शकों के सामने उन्हें मिस्टर पर्फेक्शनिस्ट बताकर पेश करता रहा।

लोगों के सवाल यही है कि जब आमिर खान ने खुद अपने मजहब और उससे जुड़ी आस्थाओं का पूरा पालन किया, और किसी ने उन्हें कुछ नहीं कहा, तब उन्होंने क्यों हिंदू धर्म और पूजा-पाठ के तरीकों पर सवाल उठाया? क्यों अपनी फिल्मों में देवी-देवताओं को मजाक का पात्र बनाया? लोगों के मन में ये सवाल छोड़ा कि शिवलिंग पर दूध क्यों चढ़ाना गलत है?

बिकनी वाली प्रोफेसर को ₹99 करोड़ की मानहानि का नोटिस: फोटो को घूर रहा था छात्र, इसलिए सेंट जेवियर्स से देना पड़ा था इस्तीफा

बिकनी वाली फोटो के कारण जिस महिला प्रोफेसर को कथित तौर पर कोलकाता के सेंट जेवियर्स कॉलेज से इस्तीफा देना पड़ा था, अब उन्हें 99 करोड़ रुपए की मानहानि का नोटिस भेजा गया है। यह नोटिस विश्वविद्यालय ने भेजा है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार महिला प्रोफेसर इस नोटिस को अदालत में चुनौती दे सकती हैं।

महिला प्रोफेसर ने दावा किया था स्विमिंग सूट में तस्वीरें पोस्ट करने के कारण उन्हें पिछले साल अक्टूबर में इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया था। उनके खिलाफ एक अभिवावक ने शिकायत की थी, जिसने अपने बेटे को सोशल मीडिया में उनकी तस्वीर को घूरते देखा था। हालाँकि विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि महिला ने स्वेच्छा से इस्तीफा दिया था।

इस घटना के बाद से महिला प्रोफेसर दूसरे राज्य में रह रही हैं। उनका कहना है कि वह इस महीने कलकत्ता हाई कोर्ट (Calcutta HC) में मानहानि नोटिस के खिलाफ याचिका दायर करेंगी। यूनिवर्सिटी के अधिकारियों ने उनसे ‘बिना शर्त माफी’ माँगने और सेंट जेवियर्स की छवि धूमिल करने के लिए मुआवजे के रूप में 99 करोड़ रुपए की माँग की है।

अभिवावक की शिकायत के बाद महिला प्रोफेसर ने जाधवपुर थाने में शिकायत भी दर्ज कराई थी। इसमें उन्होंने अपना इंस्टाग्राम अकाउंट हैक होने की आशंका जताई थी, क्योंकि उनकी तस्वीर उनके फॉलोअर्स के अलावा कोई नहीं देख सकता। जिस अभिवावक ने शिकायत की थी उसका बेटा सेंट जेवियर्स का ही छात्र है।

विश्वविद्यालय अधिकारियों से की गई शिकायत में कहा गया था, “हाल ही में मेरा बेटा प्रोफेसर की बिकनी वाली तस्वीर देख रहा था। मैं दंग रह गया। इंस्टाग्राम पर जानबूझकर अंग प्रदर्शन करते इस तरह की तस्वीरें शेयर की गईं थीं। एक प्रोफेसर को सोशल मीडिया पर अपनी बिकनी वाली तस्वीरें अपलोड करते हुए देखना अभिभावक के रूप में मेरे लिए बेहद शर्मनाक है, क्योंकि मैंने अपने बेटे को इन सबसे दूर रखने की कोशिश की है। यह अश्लील, असभ्य और अनुचित है। एक 18 वर्षीय छात्र अपनी प्रोफेसर को सार्वजनिक मंच पर अंग प्रदर्शन करते हुए देखता है, यह बहुत गलत है।”

इसके बाद सेंट जेवियर्स के कुलपति और अन्य अधिकारियों के साथ एक बैठक में प्रोफेसर से इस मामले पर स्पष्टीकरण माँगा गया था। इसको लेकर उन्होंने कहा था कि किसी भी परिस्थिति में कोई भी छात्र उन तस्वीरों तक नहीं पहुँच सकता है, जो उन्होंने विश्वविद्यालय ज्वाइन करने से दो महीने पहले इंस्टाग्राम पर पोस्ट की थीं, क्योंकि तब तक उनकी तस्वीरें अपने आप ट्रैश सेक्शन में चली जाती थीं। उन्होंने तर्क दिया कि उनका इंस्टाग्राम अकाउंट प्राइवेट है। इसलिए उनकी तस्वीरें उनके फॉओअर्स के अलावा कोई नहीं देख सकता। साथ ही पूर्व प्रोफेसर ने दावा किया था है हो सकता है उनका इंस्टाग्राम अकाउंट हैक कर लिया गया हो और वहीं से उनकी निजी तस्वीरें लीक कर दी गई हों।

जजों से जुड़ी सूचनाओं पर न्यायपालिका का पहराः हाई कोर्ट ने खुद याचिका दायर करवाई, फिर सुनवाई कर खुद को ही दे दी राहत

पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने केंद्रीय सूचना आयोग के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें जजों के खिलाफ आई शिकायतों के बारे में जानकारी उपलब्ध करवाने को कहा गया था। साथ ही हाई कोर्ट ने उस व्यक्ति को नोटिस भी जारी किया है, जिसने आयोग से इस संबंध में जानकारी उपलब्ध कराने को कहा था। लेकिन इस फैसले से भी ज्यादा दिलचस्प वह प्रक्रिया है जिसके तहत हाई कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई की है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार केंद्रीय सूचना आयोग के आदेश के खिलाफ पहले पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने याचिका दायर करवाई। फिर खुद सुनवाई करते हुए आदेश पर रोक लगा दी। आयोग के आदेश के खिलाफ हाई कोर्ट ने अपने ज्वाइंट रजिस्ट्रार से याचिका दायर करवाई। इसमें कहा गया कि सूचना आयोग ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर जानकारी माँगी है। इसलिए कोर्ट इस पर रोक लगाए। जस्टिस महावीर सिंह संधू ने सुनवाई करते हुए आयोग के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी और आयोग तथा सूचना माँगने वाली व्यक्ति को नोटिस जारी किया है।

दैनिक जागरण में प्रकाशित खबर

दरअसल, नारनौल जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष मनीष वशिष्ठ ने अगस्त 2019 में एक आरटीआई लगाई थी। इसमें उन्होंने निचली अदालतों के जजों, हाई कोर्ट के जजों के खिलाफ मिली शिकायतों और उन पर कार्रवाई के बारे में जानकारी माँगी थी। हाई कोर्ट के मना करने के बाद उन्होंने केंद्रीय सूचना आयोग में अपील की। इसके बाद आयोग को हाई कोर्ट ने बताया कि लंबे समय तक जिला जजों का रिकॉर्ड नहीं रखा जा सकता। साथ ही जजों के बारे में माँगी गई सूचना सार्वजनिक नहीं, बल्कि व्यक्तिगत है। इसलिए ये जानकारी सूचना के अधिकार के तहत नहीं दी जा सकती हैं।

केंद्रीय सूचना आयोग ने हाई कोर्ट के जवाब पर असहमति जताते हुए जिला अदालतों को छोड़कर पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के जजों के खिलाफ आई शिकायत और उनके स्टेटस की जानकारी देने का आदेश दिया। आदेश के बाद पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने स्वयं याचिका दायर की और जज बनकर इस पर सुनवाई करते हुए खुद को राहत दे दी।

जिस पालघर में पीट-पीटकर हुई थी साधुओं की हत्या, वहाँ अब ST महिला के घर में घुसे ईसाई मिशनरी के एजेंट: धर्मांतरण का बना रहे थे दबाव, 4 गिरफ्तार

महाराष्ट्र के पालघर जिले के डहाणू इलाके में वनवासी महिला को ईसाई बनाने के लिए घर में घुसे 4 मिशनरी एजेंटों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। ये लोग वनवासी महिला की स्थिति को देख उसके पास आए थे और उसे पैसों का लालच देकर ईसाई धर्म स्वीकारने को कह रहे थे। महिला का आरोप है कि उसके मना करने के बावजूद इन लोगों ने उसपर दबाव बनाया और न मानने पर घर में घुस धमकी भी दी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इन आरोपितों की पहचान क्लेमंत डी बेला, मरियम टी फिलिप्स, परमजीत कौर और परशुराम धर्म ढिंगाणा के तौर पर हुई है। वनवासी महिला की शिकायत के आधार पर इनके विरुद्ध आईपीसी की धारा 153, 295, 448 और 34 में केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने इन्हें 5 अगस्त को गिरफ्तार किया था।

इन चारों पर आरोप है कि ये वनवासी महिला के घर में तब घुसे जब वो घर में अकेली थी। इसके बाद इन्होंने उसे पैसे का लालच दिया व अन्य कई लुभावने ऑफर दिए। मगर, जब महिला ने नहीं सुना तो इन लोगों ने उसे धमकी देनी शुरू कर दी।

हालाँकि, मौके पर पहुँचे ग्रामीणों के कारण महिला को इन लोगों के चंगुल से छुड़ा लिया गया और पुलिस को इस संबंध में सूचित किया गया। इसके बाद इन चारों की गिरफ्तारी हुई।

वकील आशुतोष जे दुबे ने अपने ट्विटर पर घटना संबंधी वीडियो को शेयर किया। इसमें दो महिला और एक पुरुष सफेद कपड़े पहने देखा जा सकता है। इसके अलावा एक गाड़ी की वीडियो है जिसमें ‘गॉड इज लव, गुड एंड ग्रेट लिखा है।’

वीडियो में राष्ट्रीय हिंदू सेवा संघ के लोगों को ईसाई मिशनरियों से सवाल करते देखा जा सकता हैं। वहीं आसपास देख सकते हैं कि इन मिशनरियों के पास छानबीन में पैसों के लिफाफे मिले। वीडियो बनाने वाले लोग इन लिफाफों और पैसों को दिखाकर दावा करते हैं कि इन्हीं को देकर ये लोग आदिवासियों पर ईसाई धर्म स्वीकारने के दबाव बनाते हैं।

पालघर में सक्रिय ईसाई मिशनरियाँ

बता दें कि महाराष्ट्र के पालघर जिले के सूदुर आदिवासी इलाकों में लंबे समय से ईसाई मिशनरियाँ सक्रिय हैं। ये लोग न केवल लोगों को ईसाई धर्म में आने के लिए तरह-तरह के ऑफर देते हैं। बल्कि हिंदू आस्था के प्रति घृणा को भी बढ़ावा देते हैं। कथिततौर पर हिंदू धर्म, संस्कृति और पूजा पाठ करने की पद्धति का मजाक उड़ाना इन लोगों के लिए आम हैं।

2019 में पालघर में कुछ ईसाई उपदेशकों व नाराज स्थानीयों में झड़प भी हुई थी। तब, इन मिशनरियों ने आकर हनुमान जी को बंदर और भगवान गणेश को हाथी कहा था। इसके अलावा साल 2020 में इसी पालघर में दो साधुओं की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। तब भी यही सामने आया था कि लेफ्ट विंग नक्सलियों और मिशनरियों का इन सबमें हाथ है।

13 साल के लड़के से कुकर्म करना चाहता था मोहम्मद फुरकान, नाकाम होने पर गला घोंट कर मार डाला: यूपी पुलिस ने दबोचा

उत्तर प्रदेश के बिजनौर (Bijnor) में मोहम्मद फुरकान (Mohammad Furqan) नाम के शख्स ने 13 साल के लड़के का गला घोंटकर उसकी हत्या दी। बताया जा रहा है कि आरोपित लड़के के साथ कुकर्म करना चाहता था। लेकिन इसमें विफल होने पर उसने लड़के की हत्या कर दी। पुलिस ने मोहम्मद फुरकान को गिरफ्तार कर लिया है। बिजनौर के पुलिस अधीक्षक दिनेश सिंह ने बताया कि लड़का 3 अगस्त को लापता हो गया था, जिसके बाद परिवार के सदस्यों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर उसकी काफी तलाश की, लेकिन देर रात तक उसका कोई सुराग नहीं मिला।

पुलिस के मुताबिक, 13 वर्षीय रिहान (अब्बा का नाम शकील) दारानगर गंज का रहने वाला था। 4 अगस्त को उसका शव बिजनौर के दारानगर में कश्यप मोहल्ले के पीछे वन विभाग की जमीन पर पड़ा मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि गला घोंटने की वजह से उसकी मृत्यु हुई है। आरोपित फुरकान उर्फ काला (25 साल) को पुलिस ने 8 अगस्त को गिरफ्तार किया था।

पूछताछ में आरोपित ने अपने जुर्म कबूला है। उनसे बताया कि रिहान उसी के गाँव का रहने वाला था। वह रिहान के साथ गलत काम करने के लिए उसे काफी दिनों से बहला-फुसला रहा था। 3 अगस्त को मौका पाते ही वह लड़के को बहला-फुसलाकर अपने साथ रात करीब 8 बजे जंगल की ओर ले गया। वहाँ उसने रिहान के कपड़े उतारे और जैसे ही आरोपित उसके साथ गलत काम करने लगा, वह उसके चंगुल से भागकर जोर-जोर से शोर मचाने लगा और कहने लगा कि वह सारी बात अपने घर वालों बताएगा।

गाँव में बदनामी के डर से उसने (फुरकान) रिहान को पकड़ लिया और अपने हाथों से गला दबाकर उसकी हत्या की दी। घटना को अंजाम देने के बाद वह वहाँ से भाग गया।

गौरतलब है कि इसी साल मार्च में राजस्थान की राजधानी जयपुर (Jaipur, Rajasthan) में एक ऐसी घटना सामने आई थी। शौहर मोहम्मद रियाज (27) और बीवी रुही परवीन (25) ने एक नाबालिग बच्चों के साथ ना सिर्फ मारपीट की, बल्कि शराब के नशे में रियाज उसके साथ कुकर्म भी किया। इतना ही नहीं, नाबालिग बंधकर बनाकर रखा गया और खाने के नाम पर उसे बिस्किट और पानी दिया जाता था।

‘लाल सिंह चड्ढा’ को हिट कराने के लिए SRK की शरण में आमिर खान, होगा कैमियो अपीयरेंस: कहा – वो भारत के सबसे बड़े स्टार

सोशल मीडिया पर आमिर खान (Aamir Khan) की अपकमिंग फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढा’ का लगातार बहिष्कार करने की माँग की जा रही है। वहीं, आमिर खान भी दर्शकों को सिनेमाघरों तक लाने के लिए जोर-शोर से अपनी फिल्म का प्रमोशन कर रहे हैं और इंटरव्यू दे रहे हैं। उन्होंने हाल में दिए अपने इंटरव्यू में खुलासा कि ‘लाल सिंह चड्ढा’ (Laal Singh Chaddh) में उनके साथ शाहरुख खान भी नजर आएँगे। दरअसल, फिल्म में शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) का स्पेशल कैमियो (Cameo) है।

आमिर खान ने अपने इंटरव्यू में बताया कि उन्होंने कैसे शाहरुख खान को कैमियो करने के लिए मनाया। ‘पीके’ फिल्म के अभिनेता ने कहा, “शाहरुख मेरे अच्छे दोस्त हैं। जब मैंने उनसे कहा कि मुझे एक ऐसे इंसान की तलाश है, जो भारत में अमेरिका के एल्विस (प्रेस्ली) की तरह हो। भारत का सबसे बड़ा स्टार हो। यही वजह है कि मैं आपके पास आया हूँ। ये बात सुनकर उन्होंने इस फिल्म के लिए तुरंत हाँ कर दिया।” हालाँकि, उन्होंने ये नहीं बताया कि आखिर उनका रोल है क्या।

आपको बता दें कि आमिर खान अपनी फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढा’ को हिट कराने के लिए हर जतन कर रहे हैं। बीते दिनों उन्होंने फिल्म की एक वीडियो क्लिप जारी की थी। इसमें उन्हें करीना कपूर के साथ गोलगप्पे खाते हुए, फिर सेना का प्रशिक्षण लेते हुए दिखाया गया है। इस दौरान उन्हें बंदूक के साथ भी दिखाया गया है। इसमें आमिर खान यह कहते हुए नजर आ रहे हैं कि उनकी माँ उन्हें सेना में भेजना चाहती हैं, लेकिन उन्हें लोगों को मारना अच्छा नहीं लगता।

गौरतलब है कि आमिर खान 4 साल बाद इस फिल्म से बड़े पर्दे पर वापसी कर रहे हैं। ‘लाल सिंह चड्ढा’ हॉलीवुड सुपरहिट फिल्म फॉरेस्ट गम्प का रीमेक है। फिल्म में आमिर के अलावा करीना कपूर खान, नागा चैतन्य भी अहम किरदार में हैं। ये फिल्म 11 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

‘पहली कैबिनेट बैठक में ही देंगे 10 लाख नौकरियाँ’: तेजस्वी यादव को याद दिलाया वादा तो किया टाल-मटोल, बेरोजगारी पर नीतीश कुमार को घेरते थे

तेजस्वी यादव ने सत्ता में आने पर 10 लाख नौकरियों का वादा किया था, लेकिन अब इस सम्बन्ध में पूछे गए सवाल पर उन्होंने स्पष्ट जवाब नहीं दिया। बता दें कि बिहार में सत्ता-परिवर्तन तो हुआ है, लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बने रहेंगे। उन्होंने अब भाजपा को किनारे लगा कर फिर से राजद के साथ हाथ मिला लिया है। तेजस्वी यादव इस सरकार में उप-मुख्यमंत्री होंगे। जाहिर है, जनता से किए वादे उन्हें याद दिलाए जाएँगे।

नीतीश कुमार के साथ गठबंधन का ऐलान करने के लिए जब तेजस्वी यादव मीडिया के सामने आए तो उनसे उनके 10 लाख नौकरियों के वादे से जुड़ा सवाल भी पूछा गया। इस पर राजद नेता ने कहा, “तारीख़ तो तय हो जाने दीजिए।” स्पष्ट है, उन्होंने गोलमोल जवाब देकर सवाल को टाल दिया। 164 विधायकों के समर्थन वाला पत्र सौंपने के बाद नीतीश कुमार फिर से सरकार बनाएँगे। शपथग्रहण की तारीख़ फ़िलहाल तय नहीं की गई है।

2020 विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान बेरोजगारी के मुद्दे को भुनाते हुए तेजस्वी यादव ने कहा था, “पहली कैबिनेट में पहली कलम से बिहार के 10 लाख युवाओं को नौकरी देंगे। बिहार में 4 लाख 50 हज़ार रिक्तियाँ पहले से ही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, गृह विभाग सहित अन्य विभागों में राष्ट्रीय औसत के मानकों के हिसाब से बिहार में अभी 5 लाख 50 हज़ार नियुक्तियों की अत्यंत आवश्यकता है।” उन्होंने पूछा था कि नीतीश कुमार आँकड़ों की बात क्यों नहीं करते?

वहीं भाजपा ने नीतीश कुमार के फैसले को जनादेश के साथ विश्वासघात बताते हुए कहा है कि जदयू की कम सीटें होने के बावजूद भाजपा ने उन्हें मुख्यमंत्री का पद दिया। पूर्व उप-मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि जदयू तोड़ने के आरोप झूठे हैं। प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने कहा कि हम 74 सीटें जीतने में कामयाब रहे थे उसके बावजूद भी प्रधानमंत्री ने जो वादा किया था हमने उस वादे का पूर्णत: पालन किया था और नीतीश कुमार इस एनडीए गठबंधन के मुख्यमंत्री बने। उन्होंने ताज़ा घटनाक्रम को जनता के साथ धोखा करार दिया।

सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने श्रीकांत त्यागी को दिया था विधायक वाला VVIP स्टीकर, कार पर लगा कर बनाता था भय का माहौल: पूछताछ में खुलासा

महिला के साथ बदलूकी करने वाले श्रीकांत त्यागी (Shrikant Tyagi) ने पूछताछ के दौरान बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनकी कार पर लगा वीवीआईपी स्टिकर उन्हें सपा नेता स्‍वामी प्रसाद मौर्य (Swami Prasad Maurya) ने दिया था। स्टिकर की मान्यता वर्ष 2023 तक है।

नोएडा के पुलिस कमिश्‍नर आलोक सिंह ने मंगलवार (9 अगस्त 2022) को कहा, “उनकी कार पर लगा विधायक का स्टिकर स्वामी प्रसाद मौर्य ने खुद मुहैया कराया था। इसका उद्देश्य भय का माहौल बनाना था।” पूछताछ में यह भी सामने आया है कि श्रीकांत त्‍यागी नोएडा से भागकर लखनऊ में छिपना चाहता था, लेकिन पुलिस टीमों से बचकर निकलना मुमकिन नहीं हो पाया। नोएडा पुलिस ने श्रीकांत त्यागी का एक अन्य वाहन भी जब्त किया है।

श्रीकांत त्यागी को मंगलवार सुबह में मेरठ से गिरफ्तार किया गया। उसके साथ तीन और लोग गिरफ्तार हुए हैं। प्रशासन ने इससे पहले उसके अवैध घर पर बुलडोजर कार्रवाई की थी। वहीं भाजपा ने भी साफ किया था कि उसका बीजेपी किसान मोर्चा से कोई संबंध नहीं हैं। नोएडा पुलिस कमिश्‍नर ने मीडिया को यह भी बताया कि श्रीकांत पिछले चार दिनों से उत्तराखंड में छिपकर रह रहा था, लेकिन मेरठ में पुलिस ने उसे धर दबोचा। यूपी के पूर्व मंत्री स्‍वामी प्रसाद मौर्य का खास रहा त्‍यागी पुराना हिस्‍ट्रीशीटर है। नोएडा के ही दो थानों में उस पर 9 मुकदमें दर्ज हैं।

गौरतलब है कि 5 अगस्त 2022 को सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया था। इसमें त्यागी एक महिला के साथ अभद्रता करता दिख रहा था। इस वीडियो में उसे महिला के साथ सरेआम गाली-गलौच और हाथापाई करते हुए देखा गया था, जबकि वहाँ खड़े लोग मूकदर्शक बनकर यह सब देख रहे थे, वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने जब उसकी तलाश शुरू की तो वो फरार पाया गया। पुलिस ने इसके बाद उस पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया और 8 टीमें बनाकर 3 राज्यों में तलाश जारी की।

बताया जा रहा है कि श्रीकांत त्यागी लगातार अपनी पत्नी और वकील से संपर्क करने की कोशिश कर रहा था। इसी के चलते उसकी लोकेशन का खुलासा हुआ और आखिरकार वह पकड़ा गया। श्रीकांत पर पहला मुकदमा वर्ष 2007 में गुंडा एक्ट के तहत दर्ज हुआ था। उसे लग्जरी गाड़ियाँ रखने और लोगों पर रौब जमाने का शौक था।