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सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने श्रीकांत त्यागी को दिया था विधायक वाला VVIP स्टीकर, कार पर लगा कर बनाता था भय का माहौल: पूछताछ में खुलासा

नोएडा पुलिस कमिश्‍नर ने मीडिया को यह भी बताया कि श्रीकांत पिछले चार दिनों से उत्तराखंड में छिपकर रह रहा था, लेकिन मेरठ में पुलिस ने उसे धर दबोचा।

महिला के साथ बदलूकी करने वाले श्रीकांत त्यागी (Shrikant Tyagi) ने पूछताछ के दौरान बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनकी कार पर लगा वीवीआईपी स्टिकर उन्हें सपा नेता स्‍वामी प्रसाद मौर्य (Swami Prasad Maurya) ने दिया था। स्टिकर की मान्यता वर्ष 2023 तक है।

नोएडा के पुलिस कमिश्‍नर आलोक सिंह ने मंगलवार (9 अगस्त 2022) को कहा, “उनकी कार पर लगा विधायक का स्टिकर स्वामी प्रसाद मौर्य ने खुद मुहैया कराया था। इसका उद्देश्य भय का माहौल बनाना था।” पूछताछ में यह भी सामने आया है कि श्रीकांत त्‍यागी नोएडा से भागकर लखनऊ में छिपना चाहता था, लेकिन पुलिस टीमों से बचकर निकलना मुमकिन नहीं हो पाया। नोएडा पुलिस ने श्रीकांत त्यागी का एक अन्य वाहन भी जब्त किया है।

श्रीकांत त्यागी को मंगलवार सुबह में मेरठ से गिरफ्तार किया गया। उसके साथ तीन और लोग गिरफ्तार हुए हैं। प्रशासन ने इससे पहले उसके अवैध घर पर बुलडोजर कार्रवाई की थी। वहीं भाजपा ने भी साफ किया था कि उसका बीजेपी किसान मोर्चा से कोई संबंध नहीं हैं। नोएडा पुलिस कमिश्‍नर ने मीडिया को यह भी बताया कि श्रीकांत पिछले चार दिनों से उत्तराखंड में छिपकर रह रहा था, लेकिन मेरठ में पुलिस ने उसे धर दबोचा। यूपी के पूर्व मंत्री स्‍वामी प्रसाद मौर्य का खास रहा त्‍यागी पुराना हिस्‍ट्रीशीटर है। नोएडा के ही दो थानों में उस पर 9 मुकदमें दर्ज हैं।

गौरतलब है कि 5 अगस्त 2022 को सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया था। इसमें त्यागी एक महिला के साथ अभद्रता करता दिख रहा था। इस वीडियो में उसे महिला के साथ सरेआम गाली-गलौच और हाथापाई करते हुए देखा गया था, जबकि वहाँ खड़े लोग मूकदर्शक बनकर यह सब देख रहे थे, वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने जब उसकी तलाश शुरू की तो वो फरार पाया गया। पुलिस ने इसके बाद उस पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया और 8 टीमें बनाकर 3 राज्यों में तलाश जारी की।

बताया जा रहा है कि श्रीकांत त्यागी लगातार अपनी पत्नी और वकील से संपर्क करने की कोशिश कर रहा था। इसी के चलते उसकी लोकेशन का खुलासा हुआ और आखिरकार वह पकड़ा गया। श्रीकांत पर पहला मुकदमा वर्ष 2007 में गुंडा एक्ट के तहत दर्ज हुआ था। उसे लग्जरी गाड़ियाँ रखने और लोगों पर रौब जमाने का शौक था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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