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3 साल से प्रीति के साथ लिव इन में था फिरोज, शादी से मुकरा तो गला रेत सूटकेस में पैक कर दी बॉडीः हत्या से पहले के ‘हालात’ की पड़ताल कर रही पुलिस

फिरोज सलमानी करीब तीन साल से प्रीति शर्मा के साथ लिव इन में रहता था। लेकिन जब शादी की बात आई तो मुकर गया। नाराज प्रीति ने उस्तूरे से उसका गला काट दिया। घटना उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद की है।

रविवार (7 अगस्त 2022) की रात पुलिस ने प्रीति को लाश के साथ गिरफ्तार किया। वह फिरोज की बॉडी सूटकेस में डाल उसे ठिकाने लगाने ऑटो से निकली थी। लेकिन पकड़ी गई। हालाँकि हत्या की वजह को लेकर फिलहाल पुलिस खुलकर कुछ भी कहने से इनकार कर रही है। वह उन परिस्थितियों की पड़ताल कर रही है, जिसकी वजह से ये हत्या हुई।

गाजियाबाद के SSP मुनिराज ने सोमवार को बताया, “कल रात टीला मोड़ पुलिस गश्त पर थी। उसी दौरान एक महिला के सूटकेस की जाँच करने पर लाश मिली। पूछताछ के दौरान महिला ने बताया कि वह मृतक के साथ लिव इन रिलेशनशिप में रहती थी। हम मामले की जाँच कर रहे हैं। मृतक के परिवार वालों को सूचना दे दी गई है। महिला के साथ मृतक के परिजनों से भी पूछताछ की जाएगी। घटनास्थल पर पुलिस की फील्ड यूनिट भेजी गई है। अभी जाँच प्राथमिक चरण में है। लिहाजा हत्या की वजह को लेकर कुछ स्पष्ट नहीं कहा जा सकता।”

मिली जानकारी के मुताबिक घटना गाजियाबाद के टीला मोड़ थाना क्षेत्र की है। इसी थाना क्षेत्र के तुलसी निकेतन की रहने वाली 32 साल की प्रीति शर्मा की शादी काफी समय पहले दीपक यादव से हुई थी। विवाद के चलते 3 साल पहले प्रीति पति से अलग हो गई। इसी दौरान उसकी मुलाकात 23 साल के फिरोज सलमानी से हुई। वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सम्भल जिले का रहने वाला था और एक सैलून में काम करता था। कुछ मुलाकातों के बाद दोनों लिव इन में रहने लगे। कुछ समय बाद जब प्रीति ने शादी के लिए कहा तो फिरोज इनकार करने लगा। इसको लेकर आए दिन दोनों में झगड़े होते थे।

मिली जानकारी के मुताबिक घटना के दिन भी दोनों के बीच काफी झगड़ा हुआ था। इसी दौरान प्रीति ने फिरोज की गर्दन को उस्तरे से रेत दिया। रात के करीब 2 बजे वह एक सूटकेस में लाश डाल गाजियाबाद रेलवे स्टेशन के लिए ऑटो से निकली। वह किसी ट्रेन में सूटकेस डाल देना चाहती थी। रास्ते में जब शक के आधार पर ऑटो को रोककर सूटकेस की तलाशी ली गई तो लाश बरामद हुई।

पुलिस ने इसके बाद प्रीति को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने हत्या की बात कबूली है। उस पर IPC की हत्या की धारा 302 और सबूत छिपाने की धारा 201 के तहत कार्रवाई की जा रही है।

झारखंड बन रहा ‘इस्लामिक स्टेट’, 1800 स्कूलों में जुमे को छुट्टी, वोट के लिए कॉन्ग्रेस-JMM की मिलीभगत: BJP सांसद ने की NIA जाँच की माँग

झारखंड के गोड्डा से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद निशिकांत दुबे ने राज्य में रविवार की जगह शुक्रवार को होने वाली छुट्टियों पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि झारखंड को इस्लामिक स्टेट (मुस्लिम राज्य) में बदला जा रहा है।

बीजेपी सांसद ने दावा किया कि यह एक साजिश है। उन्होंने राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) से इसकी जाँच कराने की माँग की है। उन्होंने कहा कि देश को तोड़ने की साजिश हो रही है और इसमें कॉन्ग्रेस और झामुमो दोनों ही शामिल हैं। ये इनकी वोट बैंक की राजनीति है। जीत के लिए वे बांग्लादेश हो, पाकिस्तान हो या चीन के लोग, किसी की भी मदद ले सकते हैं।

इससे पहले बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने ट्वीट करके भी कॉन्ग्रेस और झामुमो पर निशाना साधा था। उन्होंने लिखा था, “राज्य के सत्ताधारी सफेद टोपी वाले नेता इस राज्य को इस्लामिक राज्य में बदलना चाहते हैं। इस तरह की राजनीति का जवाब हम देंगे, राज्य अपनी नीति में बदलाव लाए नहीं तो जनता बदलाव ला देगी।” 

वहीं निशिकांत दुबे ने शुक्रवार (5 अगस्त 2022) को लोकसभा में भी इस मुद्दे को उठाया था। उन्होंने कहा था कि देश इस्लामीकरण की तरफ बढ़ रहा है। झारखंड के 1800 स्कूलों में रविवार की बजाय शुक्रवार को छुट्टी हो रही है। इस मामले की जाँच एनआईए से कराई जाए और उनकी फंडिंग रोकी जाए।

निशिकांत दुबे ने लोकसभा में कहा था, “राज्य के कुछ जिलों में जनसंख्या का संतुलन बदल गया है। ऐसा इसलिए हो रहा है कि बांग्लादेश पास में ही है। अचानक देखने में आया कि झारखंड में 1800 ऐसे स्कूल हैं, जिन्होंने अपने नाम में उर्दू शब्द लगा लिया। इन स्कूलों में रविवार को छुट्टी नहीं होती है, बल्कि शुक्रवार को हो रही है। देश इस्लामीकरण की तरफ बढ़ रहा है। झारखंड उसे रास्ता दे रहा है। इसकी एनआईए से जाँच कराई जाए। यह कड़ा संदेश जाना चाहिए कि देश एक कानून, एक विधान से चलता है।”

गौरतलब है कि हाल के दिनों में झारखंड में इस्लामीकरण एक बड़ी समस्या बनकर उभरा है। हाल ही में शिक्षा मंत्री के आदेश के बावजूद पलामू जिले में शुक्रवार को मुस्लिमों ने जबरदस्ती 5 सरकारी स्कूलों को बंद करवा दिया। समझाने के बाद भी वे नहीं माने और स्कूल में ताला जड़ दिया। 

पिछले दिनों खबर आई थी कि प्रदेश में जहाँ मुस्लिम बहुल इलाके हैं वहाँ जनसंख्या के आधार पर स्कूलों के नियम तय हो रहे हैं। अगर किसी स्कूल के बाहर उर्दू लिख दिया गया तो मतलब उसे उर्दू स्कूल मान लिया गया और वहाँ मुस्लिमों के हिसाब से छुट्टी का दिन और प्रार्थना का ढंग बदल दिया गया। पिछली रिपोर्ट्स में कई ऐसे स्कूलों और जगहों के नाम और वहाँ किए गए मनमाने बदलाव का खुलासा हुआ था। 

इस समस्या को लेकर झारखंड हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका भी दायर की गई। इस याचिका में स्कूलों के ‘इस्लामीकरण’ पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश देने की माँग की गई। याचिकाकर्ता पंकज यादव ने अपनी जनहित याचिका में उल्लेख किया कि झारखंड के मुस्लिम बहुल इलाकों जामताड़़ा, पाकुड और गढ़वा सहित कम-से-कम छह जिलों में स्कूलों का ‘इस्लामीकरण’ हो चुका है। यहाँ स्कूलों में जबरदस्ती उर्दू को जोड़ा जा रहा है। यहीं नहीं, स्कूल बोर्ड और रविवार के बजाय शुक्रवार (जुम्मा) को छुट्टी दे रहा है।

पंकज यादव ने अपनी याचिका में कहा था, “इस्लामी कट्टरपंथी नाबालिग स्कूली बच्चों पर शरीयत और इस्लामी प्रथाओं को लागू करने की कोशिश कर रहे हैं। स्कूली प्रार्थना को जबरदस्ती बदल दिया गया है और बच्चों को प्रार्थना के दौरान हाथ नहीं जोड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है।” 

प्रतीक पवार पर जिन कट्टरपंथियों ने चलाई तलवार, उनमें से 8 और गिरफ्तार, अब तक कुल 14 हिरासत में: नुपूर शर्मा की DP लगाने पर मुस्लिमों ने घेरकर किया था हमला

महाराष्ट्र के अहमदनगर (Ahmednagar) जिले में बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा (Nupur Sharma) का समर्थन करने वाले युवक पर जानलेवा हमला करने के मामले में रविवार (7 अगस्त 2022) को 8 और लोगों को गिरफ्तार किया गया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मामले में एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है। ये सभी कर्जत के रहने वाले हैं। उन्हें आज (8 अगस्त 2022) कोर्ट में पेश किया जाएगा। कर्जत पुलिस के मुताबिक, युवक पर धारदार हथियारों से हमला करने के मामले में अब तक 14 आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है। 6 अगस्त को पुलिस ने पाँच लोगों को गिरफ्तार किया था और हमले में शामिल एक नाबालिग को हिरासत में लिया गया। इन पाँचों को 10 अगस्त तक के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।

बता दें कि यह घटना 4 अगस्त 2022 की है। महाराष्ट्र के अहमदनगर के कर्जत में इस घटना को अंजाम दिया गया था। यह मामला तब सामने आया, जब शनिवार (6 अगस्त 2008) को महाराष्ट्र के बीजेपी विधायक नीतेश राणे ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस हमले के बारे में बताया। पीड़ित युवक का नाम प्रतीक पवार उर्फ सनी है।

रिपोर्टों के अनुसार, करीब 15 मुस्लिम युवकों के समूह ने प्रतीक को घेरकर उस पर तलवार, दरांती और हॉकी स्टिक से जानलेवा हमला किया। उसके चेहरे पर थूका। हमलावर उसे मरा समझ छोड़कर चले गए थे। हमले में सनी के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं हैं। प्रतीक को 35 टाँके लगे हैं। वह अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहा है। राणे ने दावा किया है कि नूपुर शर्मा की डीपी लगाने के कारण प्रतीक पर हमला हुआ।

वहीं एक अधिकारी ने बताया कि यह घटना उस समय हुई जब पवार और शिकायतकर्ता अमित माने अपनी बाइक पर एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जा रहे थे और मेडिकल दुकान के पास एक मित्र की प्रतीक्षा कर रहे थे। उसी समय मुस्लिम समुदाय के कुछ लोग दुपहिया वाहनों से उनके पास पहुँचे और उस पर हमला कर दिया। एफआईआर के अनुसार, वे सभी तलवार, दरांती और हॉकी स्टिक लिए हुए थे।

गौरतलब है कि इससे पहले नूपुर शर्मा का समर्थन करने के कारण महाराष्ट्र के अमरावती में ही 21 जून 2022 को उमेश कोल्हे की हत्या कर दी गई थी। यह मामला कई दिनों तक मीडिया की सुर्खियों से दूर रहा। लेकिन जब उदयपुर में 28 जून 2022 को कन्हैयालाल का मोहम्मद रियाज और गौस मोहम्मद ने गला काट दिया, उसके बाद इस मामले की भी परतें खुलने लगीं।

बरेली में काँवड़ को मारी लात, पुलिस पर भी हमला: मुरादाबाद में फेंके पत्थर

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के हाफिजगंज में रविवार (7 अगस्त, 2022) की शाम को काँवड़ियों को टक्कर मारकर भाग रहे बाइक सवार युवकों को पकड़ने के दौरान जमकर हंगामा हुआ। जिसमें दो शिवभक्त घायल हो गए। एक्सीडेंट से गुस्साए काँवड़ियों ने सड़क पर काँवड़ रखकर तीन घंटे तक जाम लगा दिया। मामले की सूचना मिलने पर पहुँची पुलिस जब काँवड़ियों को समझा रही थी, इसी दौरान मुस्लिम समुदाय के लोगों ने पथराव कर दिया। वहीं मुरादाबाद में भी छत से काँवड़ियों पर पत्थरबाजी की खबर है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस अधीक्षक (देहात) राजकुमार अग्रवाल ने सोमवार (8 अगस्त, 2022) को बताया कि रविवार देर शाम बकैनिया हरहरपुर मटकली, नवदिया, बमनपुरी, मटकुला, संतोषपुर, कमुआ प्रेमपुर समेत 8 गाँवों के 400 काँवड़ियों का जत्था हरहरपुर जाने वाले मार्ग से गुजर रहा था। तभी आगे बकैनिया गाँव में ग्राम प्रधान इकरार अहमद के घर के सामने मुस्लिम समुदाय के दो युवकों ने मोटरसाइकिल से कांवड़ियों को टक्कर मार दी, जिसके चलते प्रेमपुर गाँव के काँवड़ यात्री बुद्धसेन गंगवार और योगेंद्र गंगवार घायल हो गए। जिसके बाद मुस्लिम युवकों से कहासुनी हो गई। जब काँवड़ियों ने भाग रहे मोटरसाइकिल सवारों को पकड़ने का प्रयास किया तो मुस्लिमों के घरों से काँवड़ियों पर पथराव शुरू हो गया।

वहीं इस मामले में काँवड़ियों का कहना था कि हम लोगों का जत्था जल चढ़ाने जा रहा था, तभी एक बाइक वाले ने काँवड़ को टक्कर मार दी। विरोध करने पर उसने दूसरी काँवड़ को भी लात मारा। जिसके बाद बाइक सवार के समर्थकों ने काँवड़ियों पर पथराव भी किया। इस पर काँवड़िए भड़क गए। सूचना मिलने पर इंस्पेक्टर हाफिजगंज अजीत प्रताप सिंह पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुँचकर स्थिति सँभालने की कोशिश की। रिपोर्ट के अनुसार, देर शाम तक विधायक और अधिकारी काँवड़ियों को समझाने में जुटे रहे। वहीं काँवड़ियों के खिलाफ कार्रवाई की माँग कर रहे थे।

गौरतलब है कि इस घटना में 2-3 पुलिसकर्मियों को हल्की चोटें भी आई है। वहीं मुस्लिम उपद्रवियों पर इंस्पेक्टर हाफिजगंज की वर्दी फाड़ने का भी आरोप है। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जाँच कर रही है। जिस व्यक्ति की बाइक काँवड़ से टकराई थी, वो बाइक छोड़कर फरार हो गया। यूपी पुलिस उस बाइक सवार को खोज रही है।

बता दें कि इस मामले में प्रेमपुर-मुरारपुर के निवासी सत्येंद्र कुमार की तहरीर पर इकरार अहमद समेत 13 लोगों के खिलाफ जानलेवा हमला करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया। वहीं पुलिस की ओर से भी एक और मामला दर्ज किया गया है। जाँच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

इसके अलावा मुरादाबाद के करनपुर में भी रामपुर की तरफ जा रहे काँवड़ियों पर कहा जा रहा है छत पर खेल रहे मुस्लिम समुदाय के बच्चों ने पत्थर फेंक दिया। इससे गुस्साए काँवड़िए ने दिल्ली हाईवे जाम कर दिया। हालाँकि, सूचना मिलने पर सीओ हाईवे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। पुलिस अफसरों ने किसी तरह काँवड़ियों को समझा कर हाईवे से उठाया। इस दौरान करीब एक घंटे तक यातायात बाधित रहा। बता दें इस मामले में रामपुर जनपद के टांडा क्षेत्र के काँवड़ियों का जत्था बृजघाट से गंगाजल लेकर वापस लौट रहा था। वहीं इस मामले में जब पुलिस छत पर गई तो बताया गया कि बच्चों ने खेलते हुए पत्थर फेंक दिया था।

बांग्लादेश में हिंदू मंदिर पर फिर कट्टरपंथियों का हमला, तोड़ी गई माँ काली और भगवान गणेश की मूर्ति: 3 मदरसा छात्र गिरफ्तार, फुटबॉल खेलने से रोके जाने पर दे गए थे धमकी

बांग्लादेश में एक बार फिर से हिंदू देवी-देवताओं की मूर्ति तोड़ने की खबर सामने आई है। इस बार केनमारी मंदिर में हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियों के साथ तोड़-फोड़ की गई। मामले में बांग्लादेश की मोंगला पुलिस ने तीन आरोपितों को हिरासत में लिया है। ये तीनों आरोपित मदरसे के छात्र हैं।

घटना शनिवार (6 अगस्त 2022) रात की बताई जा रही है। रिपोर्टों में कहा गया है कि मंदिर प्रशासन मे मदरसे के कुछ छात्रों को मंदिर से सटे मैदान में फुटबॉल खेलने से रोक दिया। इससे बौखलाए छात्रों ने मंदिर पर हमला कर दिया। 

यह मंदिर चांदपई जिले के केनमारी क्षेत्र में स्थित है। एकुशी टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक शनिवार (6 अगस्त 2022) शाम को केनमारी मंदिर में दर्शन करने के लिए कुछ लोग आए थे। तभी कुछ लोग मंदिर के मैदान पर फुटबॉल खेलने भी आ गए। इसी दौरान मंदिर में आए लोगों और फुटबॉल खेलने आए लोगों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई।

इसके बाद मंदिर समिति ने लड़कों के मंदिर के मैदान में खेलने से रोक दिया। इसको लेकर विवाद हो गया। हालाँकि विवाद के बाद वह लड़के तो चले गए लेकिन जाते-जाते उन्होंने मंदिर के अधिकारियों को परिणाम भुगतने की धमकी दी।

इसके बाद शनिवार की रात अज्ञात बदमाशों ने आकर मंदिर में माँ काली और भगवान गणेश की मूर्तियों के साथ तोड़फोड़ की। पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है। मामले में उपजिला पूजा उत्सव परिषद के अध्यक्ष पीयूष मजूमदार ने कहा,

“मुझे मंदिर के अधिकारियों और फुटबॉल खेलने आए लड़कों के बीच तकरार के बारे में पता चला है। हालाँकि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि मारपीट की घटना उस विवाद के वजह से हुई थी या किसी अन्य कारण से। इलाके में इस तरह की यह पहली घटना है।”

मोंगला पुलिस स्टेशन ने मामले में जानकारी देते हुए बताया कि रविवार (7 अगस्त 2022) सुबह घटनास्थल का दौरा किया गया और मारपीट में शामिल तीन लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। आगे की जाँच की जा रही है।

बांग्लादेश में मंदिर पर हमले

बांग्लादेश में मंदिरों पर हमले की कई घटनाएँ हो चुकी हैं। 16 जुलाई को बांग्लादेश (Bangladesh) में नरैल के लोहागारा के सहपारा इलाके में एक फेसबुक पोस्ट से गुस्साए कट्टरपंथी मुस्लिमों (Radical Islam) की भीड़ ने हिंदुओं के एक मंदिर, किराने की दुकान और कई घरों को तोड़ दिया। इतना ही नहीं उसमें आग भी लगा दी। 

इससे पहले मार्च 2022 में, बांग्लादेश के ढाका डिवीजन में वारी में लालमोहन साहा स्ट्रीट पर इस्कॉन मंदिर पर हमला किया गया था। हमलावरों की इस भीड़ का नेतृत्व 62 वर्षीय हाजी सफीउल्लाह कर रहा था। उसके नेतृत्व में 150-200 लोगों की इस्लामी भीड़ ने इस्कॉन मंदिर पर हमला किया था। ‘नारा-ए-तकबीर’ और ‘अल्लाह हु अकबर’ के नारे लगाती भीड़ ने मंदिर परिसर में तोड़फोड़ की और मंदिर में रखे पैसे और अन्य कीमती सामान को भी लूट लिया।

एक ही समुदाय ने हथिया ली ₹400 करोड़ की 2000 बीघा जमीन, मंदिर का बदल दिया नाम: गुजरात के खेड़ा में ‘लैंड जिहाद’ पर सरकार सख्त

गुजरात के खेड़ा जिले में स्थित नडियाद में ‘लैंड जिहाद’ का बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ के मतार तहसील में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने जालसाजी कर के और हथकंडे अपना कर 400 करोड़ रुपए की 2000 बीघा जमीन को खरीद कर अपने नाम करा लिया। 2012 से अब तक इस जमीन की खरीद-बिक्री से जुड़े 628 मामले संदिग्ध पाए गए हैं। 500 से अधिक लोगों को नोटिस जारी कर सबूत पेश करने के लिए तलब किया गया है।

‘दैनिक भास्कर’ की पड़ताल के अनुसार, 250 ऐसे मामले भी हैं जिनमें भूमि से सम्बंधित कानून के तहत जमीन को जब्त करने की कार्रवाई भी प्रशासन द्वारा की गई है। गुजरात सरकार भी इस मामले को लेकर गंभीर है। राज्य के राजस्व मंत्री राजेंद्र त्रिवेदी खुद मतार तहसील के कार्यालय में पहुँचे, जहाँ उन्होंने जानकारी दी कि 1930 मामलों की जाँच की गई है। 400 करोड़ रुपए की 2000 बीघा जमीन फर्जी किसानों के मिलते-जुलते नामों के साथ खरीद ली गई है।

मंत्री ने कई मामलों में अधिकारियों पर भी लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि उन पर कार्रवाई भी होगी। उन्होंने सवाल किया कि एक विशेष कौम के लोग भला एक ही क्षेत्र में सामूहिक रूप से जमीन क्यों खरीद रहे हैं? इसकी जाँच की जाएगी कि इनकी मंशा क्या है। इसके लिए रुपए कहाँ से आए और किन लोगों ने दिए, इसे भी उन्होंने जाँच का विषय बताते हुए कहा कि पुलिस के साथ-साथ इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एंट्री भी हो सकती है।

260 ऐसे मामलों में भूमि को जब्त कर के सरकारी के अधीन करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि भूमिधारक के रिकॉर्ड में विधर्मियों के नाम जुड़ जाने से ये पूरा मामला ‘लैंड जिहाद’ का प्रतीत होता है। वणसर इलाके में तो प्राणनाथ महादेव मंदिर की जमीन बेचने के लिए मंदिर का नाम ही बदल दिया गया। 15 अप्रैल, 2013 को खेड़ा के डीएम ने इस सम्बन्ध में आदेश जारी किया था। इसी तरह साणंद तहसील में एक हिन्दू जमीन धारक की वसीयत में मुस्लिम का नाम जोड़ दिया गया।

खेड़ा में ‘लैंड जिहाद’ को लेकर ‘दैनिक भास्कर’ में प्रकाशित रिपोर्ट

इस तर्ज पर मतार में भी कई जमीनें खरीदी गईं। अहमदाबाद में कमलभाई उपनाम को कमालबाला कर दिया गया और विरासत सम्बन्धी प्रक्रिया के तहत पीढ़ीनामा इसी अनुसार तैयार कर दिया गया। कमाल में वाला उपनाम जोड़ कर सौदे किए गए। एक तो ऐसा नाम जोड़ा गया है, जिसमें बेटे की उम्र 51 साल और माँ की आयु 49 साल दिखाई गई है। ऐसे कई गड़बड़झाले हैं। मंत्री ने फर्जी किसानों की जाँच का निर्देश देते हुए कहा कि झूठे दस्तावेज के आधार पर एक समुदाय का दबदबा नहीं रहने दिया जाएगा। खरीददारों में से अधिकतर अहमदाबाद के रहने वाले हैं।

हथौड़े से फोड़ा सिर, गला काटा, चेहरा पत्थरों से कूचा: कर्नाटक में बहनों ने ही सुपारी दे भाई को मरवाया, 4 कातिलों को दिए थे ₹50000

कर्नाटक के कलबुर्गी में एक युवक की हत्या के आरोप में उसकी 2 बहनों को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि दोनों बहनों ने भाई द्वारा अपनी निजी जिंदगी में दखल देने के कारण उसे सुपारी दे कर रास्ते से हटवा दिया। पुलिस ने सुपारी ले कर हत्या करने के आरोपित 4 अन्य लोगों को भी गिरफ्तार कर लिया है। मृतक का शव 29 जुलाई 2022 को अलंद रोड पर मिला था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मृतक का नाम नागराज था जिसकी उम्र 29 साल थी। आरोपित दोनों सगी बहनें मिनाक्षी और अनीता अपने पतियों से अलग हो कर नागराज और उसकी माँ के साथ रहती थीं। बताया जा रहा है कि मृतक नागराज शक था कि उसकी बहनें किसी और के साथ रिलेशनशिप में हैं। इसके चलते वह दोनों बहनों पर कड़ी नजर रखता था। वह लगातार अपनी बहनों से उनके पार्टनरों से शादी कर के उनके साथ रहने या उन्हें छोड़ देने का दबाव बनाता था। इसी बात पर आए दिन विवाद होता रहता था।

एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक आरोपित अविनाश से मृतक की बहन के अवैध संबंध थे। बताया जा रहा है कि आए दिन के झगड़े और टोका-टाकी से नाराज हो कर दोनों बहनों ने अपने भाई को रास्ते से हटाने का प्लान बना डाला। दोनों ने इस कत्ल के लिए अविनाश को 50 हजार रुपए भी दिए। अविनाश ने अपने साथ अपने साथियों आसिफ़, मोहसिन और रोहित को भी मिला लिया।”

बताया जा रहा है कि इन चारों आरोपितों ने पहले नागराज के सिर पर बीयर की बोतल से वार किया। इसके बाद सिर पर हथौड़े से चोट की। बाद में नागराज का गला काटा फिर उसकी पहचान बदलने के लिए उसके सिर पर भारी पत्थर से वार कर के चेहरे को कुचल डाला। पुलिस के मुताबिक बाद में भाड़े के चारों हत्यारों ने मृतक का शव ऑटोरिक्शा में डाल कर शहर से बाहर फेंक दिया और फरार हो गए थे।

पुलिस ने मृतक नागराज के कपड़ों से उसकी पहचान करवाई। बाद में बहनों की कॉल डिटेल निकलवाने पर पुलिस भाड़े के चारों हत्यारों तक पहुँची। आरोपित दोनों बहनों की कत्ल की सुपारी लेने वालों से लगातार बात हुई थी।

5 साल में पहली बार अक्षय कुमार की रक्षाबंधन को ‘U’, लाल सिंह चड्ढा को ‘U/A’: जानिए फिल्मों को कैसे मिलता है सेंसर सर्टिफिकेट

अक्षय कुमार की ‘रक्षाबंधन’ 11 अगस्त को रिलीज होने वाली है। इस फिल्म को सेंसर बोर्ड ने ‘U’ सर्टिफिकेट दिया है, वह भी बिना किसी कट के। सेंसर सर्टिफिकेट मेकर्स को 3 अगस्त को सौंपा गया। सेंसर सर्टिफिकेट में बताया गया कि रक्षाबंधन फिल्म की टाइमिंग सिर्फ 110 मिनट यानी 1 घंटा 50 मिनट है। इस तरह से यह फिल्म अक्षय के 30 साल से अधिक के करियर में अब तक की सबसे छोटी फिल्म बताई जा रही है।

कई बार U सर्टिफिकेट लेने के लिए फिल्मों के कई सीन्स हटा दिए जाते हैं। लेकिन बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट के मुताबिक रक्षाबंधन को सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) ने बिना किसी कट और संशोधन के ‘U’ सर्टिफिकेट के साथ पास किया है। सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है, “अक्षय कुमार की रक्षाबंधन एक साफ-सुथरी फैमिली एंटरटेनर है। यह चीज प्रोमो में भी देखने को मिली। निर्देशक आनंद एल राय ने इसे संवेदनशील तरीके से बनाया है। इस तरह की फिल्म में गाली-गलौज या इंटीमेट सीन्स की कोई जरूरत नहीं थी। इसलिए, CBFC जाँच समिति को इसमें किसी तरह का कट लगाने की जरूरत महसूस नहीं हुई।”

2017 में मिला था बॉलीवुड फिल्म को U सर्टिफिकेट

बता दें कि पाँच साल बाद बॉलीवुड की किसी फिल्म को यह सर्टिफिकेट दिया गया है। इससे पहले साल 2017 में आई फिल्म ‘हिंदी मीडियम’ को सेंसर बोर्ड की तरफ से यू (U) सर्टिफिकेट मिला था। एजुकेशन सिस्टम की कमियों को उजागर करती इस फिल्म में दिवगंत अभिनेता इरफान खान और पाकिस्तानी एक्ट्रेस सबा खान मुख्य किरदार में नजर आए थे। इस फिल्म के पाँच साल बाद अब अक्षय की रक्षाबंधन यू (U) सर्टिफिकेट पाने वाली पहली फिल्म है। आमतौर पर बॉलीवुड फिल्मों को सेंसर से U/A सर्टिफिकेट मिलता है। अक्षय कुमार की फिल्म ‘रक्षाबंधन’ के साथ कंपीट करने वाली आमिर खान की ‘लाल सिंह चड्ढा’ को भी U/A सर्टिफिकेट ही मिला है।

बॉलीवुड में किसी भी फिल्म की रिलीज से पहले अक्सर इसे मिलने वाले सर्टिफिकेट से जुड़ी खबरें आती हैं। इस सर्टिफिकेट में कई तरह की जानकारियाँ होती हैं। फिल्म के नाम वगैरह से लेकर फिल्म की लंबाई तक। लेकिन यह सर्टिफिकेट होता क्या है? क्यों दिया जाता है? कौन प्रदान करता है और यह कितने प्रकार का होता है? आइए इस बारे में जानते हैं।

क्या है सेंसर का सर्टिफिकेट?

CBFC यानी “सेंसर बोर्ड फॉर फिल्म सर्टिफिकेशन” किसी फिल्म में दिखाए गए कंटेंट के आधार पर भारत में फिल्मों को रिलीज के लिए सर्टिफिकेट प्रदान करता है। इसका मतलब है कि फिल्म सर्टिफिकेट के मुताबिक तय किए गए दर्शक वर्ग को दिखाए जाने के लायक है। 

4 तरह के सर्टिफिकेट

U सर्टिफिकेट: यह सर्टिफिकेट ऐसी फिल्मों को दिया जाता है जो हर प्रकार की ऑडियंस को दिखाए जाने के लिए ठीक हैं। ऐसी फिल्मों का प्रसारण/स्क्रीनिंग हर प्रकार के दर्शक वर्गों के लिए किया जा सकता है। यह फिल्में आप अपने पूरे परिवार के साथ बिना किसी झिझक या दिक्कत के देख सकते हैं। जिस फिल्म में किसी तरह के कोई बोल्ड सीन या गाली-गलौज नहीं होते उन फिल्मों को सेंसर बोर्ड की तरफ से ‘U’ सर्टिफिकेट दिया जाता है।

A सर्टिफिकेट: इस तरह की फिल्में सिर्फ वयस्कों को दिखाई जा सकती हैं। आमतौर पर बोल्ड सीन्स या एडल्ट कॉमेडी वाली फिल्मों को इस तरह के सर्टिफिकेट दिए जाते हैं।

U/A सर्टिफिकेट: इस सर्टिफिकेट वाली फिल्में 12 साल से कम उम्र के बच्चों को उनके माता-पिता की देखरेख में दिखाया जा सकता है।

S सर्टिफिकेट: इस तरह का सर्टिफिकेट स्पेशल ऑडियंस के लिए दिया जाता है। यानी यदि किसी फिल्म को सिर्फ डॉक्टर्स या सेना के जवानों को दिखाया जा सकता है तो उसे यह सर्टिफिकेट दिया जाएगा।

‘खनन माफियाओं ने की डंपर चढ़ाने की कोशिश, गाड़ी को पत्थरों से तोड़ा’ : BJP की महिला सांसद पर जानलेवा हमला, राजस्थान पुलिस पर लापरवाही का आरोप

राजस्थान के भरतपुर से भाजपा सांसद रंजीता कोली ने आरोप लगाया है कि खनन माफियाओं द्वारा उन्हें मारने की कोशिश की गई। आरोपों के मुताबिक खनन माफिया ने उनकी कार पर तब हमला करवाया जब वो दिल्ली से वापस आ रही थीं। हमले के विरोध में उन्होंने उसी स्थान पर धरना देना शुरू कर दिया। सांसद ने पुलिस पर भी लापरवाही का आरोप लगाया है। घटना 8 अगस्त 2022 (सोमवार) की है।

सांसद रंजीता ने इस घटना के बाद धरने और पुलिस से हो रही बहस का वीडियो अपने फेसबुक पेज पर शेयर किया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटनास्थल कमा-कोसी के पास लेवला मोड़ है। सांसद रंजीता ने खुद पर हमले की जानकारी देते हुए बताया कि माफियाओं ने उनके ऊपर डंपर चढ़ाने का प्रयास किया और उनकी गाड़ी के शीशे तोड़े। वह बोलीं, “मैंने लगभग 100 की संख्या में ओवरलोड ट्रक देखे। इस दौरान मैंने उन्हें रोकने की कोशिश की तो वो भागने लगे। उन्होंने मेरी कार पर पथराव किया और मेरी कार तो क्षतिग्रस्त कर डाला। उस दौरान मेरी हत्या भी हो सकती थी। यह मेरे ऊपर हमला था लेकिन मैं इस से डरने वाली नहीं हूँ।”

घटनास्थल पर पहुँचे भरतपुर के DM अलोक रंजन ने कहा, “सांसद ने धरना खुद पर हुए पथराव का आरोप लगाते हुए दिया है। हम यहाँ आए और हमने उनसे शिकायत पत्र देने के लिए कहा। उनका आरोप है कि नजदीकी पुलिस चौकी ने उनकी शिकायत पर ध्यान नहीं दिया। यह मामला पुलिस अधिकारियों के संज्ञान में लाया गया है।”

वहीं घटनास्थल पर पहुँचे भरतपुर के एडिशनल SP ने बताया, “सांसद ने हमें बताया कि वो दिल्ली से वापस आ रहीं थीं और उन्होंने ओवरलोड ट्रक देखे। उन्होंने ट्रकों को रुकवाया तो 2-3 ट्रक तो रुक गए लेकिन कुछ भाग निकले। सांसद का कहना है कि भागते समय उन ट्रकों से पथराव किया गया था।” सामने आ रही तस्वीरों में सांसद रंजीता की कार के शीशे टूटे हुए थे और उनके साथ धरनास्थल पर कई लोग जमा थे।

इस मामले में भरतपुर पुलिस के मुताबिक, “घटना की सूचना मिलते ही तुरंत सीनियर अधिकारियों के नेतृत्व में पुलिस फ़ोर्स को मौके पर भेजा गया। DM व पुलिस के समझाने पर सांसद द्वारा धरना खत्म कर दिया गया है। सांसद ने हमला करने वाले लोगों के खिलाफ शिकायत दी है जिस पर थाना कामा में FIR दर्ज हुई है। आरोपितों को जल्द गिरफ्तार करने के आदेश दिए गए हैं।”

गौरतलब है कि 19 जुलाई 2022 को हरियाणा के मेवात क्षेत्र के नूंह में अवैध खनन रोकने गए DSP सुरेंद्र सिंह को खनन माफियाओं ने डम्पर से कुचल कर मार डाला था। इस मामले में पुलिस ने इकरार और शब्बीर को गिरफ्तार किया था।

जो मोहसिन ISIS के वीडियो दिखा देता था आतंकवाद का ट्यूशन, उसे ‘बेकसूर’ बता रहा AAP विधायक अमानतुल्लाह खान: कपिल मिश्रा ने पूछा- आतंकियों को क्यों बचा रहा केजरीवाल गैंग

दिल्ली में रहकर खूँखार आतंकी संगठन ISIS के लिए फंड जुटाने के आरोप में गिरफ्तार हुए मोहसिन खान को लेकर नया खुलासा हुआ है। जाँच में सामने आया है कि मोहसिन बच्चों को घर पर ट्यूशन देने के बहाने बुलाता था और फिर उन्हें ISIS की वीडियो दिखाता था। उसकी गिरफ्तारी के बाद आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह खान ने उसे समर्थन दिया है।

अमानतुल्लाह खान ने अपने ट्विटर पर मोहसिन खान की रिहाई की माँग उठाई है। खान का कहना है कि मोहसिन पर जो इल्जाम लगाए गए हैं वो बिलकुल गलत हैं। हकीकत में भाजपा और आरएसएस मुस्लिमों को आईएसआईएस के नाम पर बदनाम कर रही है।

अमानतुल्लाह ने मोहसिन के अरेस्ट होने के बाद ट्वीट किया, “NIA द्वारा जामिया के छात्र मोहसिन की गिरफ्तारी सरा-सर गलत और असंवैधानिक है। भाजपा और RSS वालों ने ISIS के नाम पर मुसलमानों को बदनाम और परेशान करने  का नया तरीका निकाला है। मोहसिन बेकसूर है और उसका किसी भी असामाजिक तत्व के साथ कोई सम्बंध नही रहा है। मोहसिन को जल्द रिहा किया जाए।”

भाजपा नेता ने उठाए सवाल

अमानतुल्लाह खान के ऐसे ट्वीट के बाद भारतीय जनता पार्टी के कपिल मिश्रा ने आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने याद दिलाया है कि पहले ये पार्टी ताहिर हुसैन को समर्थन दे रही थी और अब मोहसिन खान को। उन्होंने लिखा, “AAP कल तक ताहिर हुसैन को बेकसूर बता रही थी , आज ISIS के आतंकवादी को बेकसूर बता रही हैं। दिल्ली में बम ब्लास्ट करने, दिल्ली के लोगों को मारने के लिए आए आतंकवादियों को केजरीवाल का गैंग क्यों बचा रहा हैं? अमानतुल्ला खान केजरीवाल के इशारे पर ये सब बोल रहा हैं।”

बता दें कि एक ओर अमानतुल्लाह खान और कुछ अन्य लोग सोशल मीडिया पर मोहसिन को निर्दोष बताते हुए उसकी रिहाई माँग रहे हैं। वहीं खबरों में कहा गया है कि मोहसिन के संबंध आईएसआईएस से थे, इसका खुलासा  उसके साथियों ने ही किया है। ये भी पता चला है कि वो ISIS के 35 कमांडरों के साथ संपर्थ में था।

ट्यूशन पढ़ाने के बहाने बच्चों को पढ़ा रहा था ISIS का पाठ

एनआईए की जाँच में ये भी सामने आया कि मोहसिन वीडियोज दिखाकर अन्य छात्रों को प्रभावित करता था। वह अपने पास बच्चों को पढ़ाई करने के बहाने बुलाता था। उन्हें फ्री ट्यूशन का लालच देता था और उसके बाद उन्हें ऐसी वीडियोज दिखाता था। जब बच्चों ने अपने घरों में इन वीडियोज के बारे में परिजनों को बताया तो वो डर गए। उन्होंने घबराकर मोहसिन के बारे में शिकायत दी। एनआईए ने प्राप्त शिकायतों की जाँच की और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से सीरिया जाता था फंड

जामिया में मैकेनिकल इंजीनियरिंग का प्रथम वर्ष छात्र मोहसिन बाटला हाउस स्थित जापानी गली में फ्लैट लेकर रहता था। उसका काम ISIS के लिए फंड जुटाने का था। इसके अलावा वह छात्रों के भीतर ISIS की विचारधारा का प्रचार-प्रसार भी करता था। जाँच एजेंसी ने इस संबंध में मामला जून में दर्ज किया था। राष्ट्रीय जाँच एजेंसी ने मोहसिन अहमद को एक कट्टरवादी बताया है। भारत के साथ-साथ वो विदेश से भी ISIS से सम्बन्ध रखने वालों से फंड्स इकट्ठे कर रहा था। इसके बाद इस फंड को आतंकी संगठन की गतिविधियों को अंजाम देने के लिए क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से सीरिया और अन्य देशों में भेजा जा रहा था। इस सम्बन्ध में आगे की जाँच फ़िलहाल जारी है। NIA पता लगा रही है कि वो कहाँ किस-किस के संपर्क में था और इसमें उसके साथ कौन-कौन है, कितने पैसे कहाँ-कहाँ भेजे जाते थे।