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गाय के पैर बाँध कर ड्राइवर शहरे आलम ने किया रेप, पकड़ाने पर बोला – बहक गया था: अंडरवियर में माफ़ी माँगते वीडियो वायरल

छत्तीसगढ़ के रायपुर में एक शहरे आलम नाम के एक व्यक्ति पर गाय के साथ रेप करने का आरोप लगा है। आरोपित एक कमरे में गाय के चारों पैर बाँध कर उसके साथ दुष्कर्म कर रहा था। इस दौरान लोगों ने शहरे आलम को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया। घटना 10 जुलाई, 2022 (रविवार) की है। पकड़ा गया आरोपित मूल रूप से प्रयागराज UP का है।

सुदर्शन न्यूज़ के रिपोर्टर योगेश मिश्रा ने इस घटना का वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा, “गौ माता के चारों पैर बांधकर दुष्कर्म करते हुये पकड़ा गया दरिंदा शहरे आलम। छत्तीसगढ़ के रायपुर की शर्मनाक घटना।” वीडियो में आरोपित हाथ जोड़ कर लोगों से माफ़ी मांगता दिखाई दे रहा है। घटना के दौरान उसने सिर्फ अंडरवियर पहना था। वीडियो में वो लोगों के आगे ‘बहक कर’ गाय के साथ गलत काम करना स्वीकार भी कर रहा था। बगल में एक गाय बँधी दिखाई दे रही है।

इस घटना की पुलिस में शिकायत ओम प्रकाश ने दर्ज करवाई है। शिकायत के मुताबिक, “घटना शनिवार-रविवार सुबह तड़के लगभग 3:15 की है। रायपुर के सतनाम चौक के पास एक व्यक्ति एक मकान के अंडर अंडरवियर सरका के गाय के साथ रेप कर रहा था। हमने कुछ लोगों के साथ उसे पकड़ना चाहा तो वो भागने लगा। उसे दौड़ा कर पकड़ा गया तो वो इलाहाबाद का रहने वाला शहरे आलम निकला जिसके अब्बा का नाम उस्मान खान है। भागते हुए वो गिर पड़ा जिस से उसको खरोंच आई।”

थाने में दी गई शिकायत और आरोपित पर लगी धाराएँ

इस केस में दर्ज FIR के मुताबिक, आरोपित की उम्र लगभग 20 साल है। वह रायपुर के दुर्गा चौक स्थित ट्रांसपोर्ट नगर में ड्राइवर के तौर पर काम करता है। मौके पर कई लोगों की भीड़ जमा हो गई थी जो आरोपित पर कार्रवाई की माँग कर रही थी। रायपुर की खमतराई थाना पुलिस ने इस शिकायत पर शहरे आलम के खिलाफ अप्राकृतिक दुष्कर्म की धारा 377 IPC और ‘पशु क्रूरता निवारण अधिनियम’ की धारा 11(1) घ के तहत केस दर्ज कर के आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है।

गौरतलब है कि इस से पहले UP के अयोध्या में जून 2022 में रेप करने के आरोप में शहाबुद्दीन को गिरफ्तार किया गया था। अप्रैल 2022 में लखनऊ में गाय के साथ दुष्कर्म करते हुए माज़िद का वीडियो वायरल हुआ था जिसे गिरफ्तार कर लिया गया था। इसके अलावा फ़रवरी 2022 में राजस्थान के भिवाड़ी में गाय की बछिया के साथ रेप करने के आरोप में जुबेर और चुन्ना गिरफ्तार किए गए थे।

गुलाम मसीह के खेत से IPL यूट्यूब पर LIVE, मजदूरों को पहना दी CSK-MI की जर्सी: जानिए कैसे शोएब-आसिफ के फर्जीवाड़े में डूब गए रूसी

गुजरात पुलिस ने एक फर्जी इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) का भंडाफोड़ किया है। यह आईपीएल गुजरात के मेहसाणा जिले के मोलीपुर गाँव के एक खेत में खेला जा रहा था। इसे असली आईपीएल की तरह दिखाने की पूरी कोशिश की गई थी। उसी तरह से लाइट, साउंड और कमेंट्री की व्यवस्था की गई थी। इसी का परिणाम है कि रूस में बैठे सट्टेबाज भी इन ठगों की चाल में फँस गए। इन ठगों ने रूस के तीन शहरों टवेर, वोरोनिश और मॉस्को के लोगों को अपनी जाल में फँसाया। मामले में 4 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है और इसमें इस्तेमाल किए गए हवाला चैनलों की भी जाँँच की जा रही है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक शोएब दावड़ा नामक शख्स ने इस फर्जी खेल का तामझाम शुरू किया। फिर इस फर्जीवाड़े में गुलाम मसीह, आसिफ, सादिक दावड़ा, सादिक, सैफी और मोहम्मद कोलू जैसे लोग जुड़ते गए। इन ठगों ने गाँव के 21 खेत में काम करने वाले मजदूरों और बेरोजगार युवकों को इससे जुड़ने के लिए तैयार किया। 

यही 21 लोग बारी-बारी से चेन्नई सुपर किंग्स, मुंबई इंडियंस और गुजरात टाइटन्स की जर्सी पहनते और खेलते थे। इतना ही नहीं, इन ठगों ने आईपीएल को असली दिखाने के लिए अंपायर, वॉकी-टॉकी और पाँच एचडी कैमरे भी लगवाए। इसके साथ ही रूस में बैठे लोग, जो इन मुकाबलों पर सट्टा लगा रहे थे, उन्हें किसी तरह का शक न हो, इसलिए इंटरनेट से क्रिकेट स्टेडियम में बैठे दर्शकों के शोर का ऑडियो डाउनलोड किया और मैच के दौरान बीच-बीच में इसे बजा दिया जाता था ताकि असली मैच जैसा लगे। इसके अलावा, ठगों ने कमेंटेटर हर्षा भोगले की नकल करने के लिए मेरठ के एक कमेंटेटर को भी इसमें शामिल किया, जो हूबहू भोगले की तरह कमेंट्री करता था।

आयोजन को प्रमाणिक दिखाने के लिए ‘IPL’ नाम से यूट्यूब पर एक चैनल भी चलाया जा रहा था। इस चैनल पर फर्जी मैचों का लाइव प्रसारण किया जाता था। इसके साथ ही सट्टेबाजी के लिए टेलीग्राम चैनल भी बनाया गया था। इस चैनल के जरिए ही रूस में बैठे लोग फर्जी आईपीएल मैच पर दाँव लगाते थे।

मेहसाणा के एसओजी पीआई भावेश राठौड़ ने बताया कि इस फर्जीवाड़े का मुख्य आयोजक शोएब दावड़ा सट्टा लगाने के लिए मशहूर रूस के एक पब में 8 महीने काम करने के बाद अपने गाँव मोलीपुर लौटा था। उसी ने इस पूरे खेल को अंजाम दिया। राठौड़ ने बताया, “शोएब ने गुलाम मसीह नामक शख्स के खेत को किराए पर लिया और वहाँ हलोजन लाइटें लगाईं। 21 खेतिहर मजदूरों को प्रति मैच 400 रुपए देने का वादा किया। इसके बाद उसने कैमरामैन को काम पर रखा और आईपीएल टीमों की जर्सी खरीदी।”

शोएब ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि रूसी पब में काम करने के दौरान उसकी मुलाकात आसिफ मोहम्मद से हुई थी, जो इस ठगी का मास्टरमाइंड था। आसिफ ने पब में रूसी लोगों को क्रिकेट की बारीकियों के बारे में बताया। इसके बाद शोएब ने सादिक दावड़ा, साकिब, सैफी और मोहम्मद कोलू को अंपायर की जिम्मेदारी दी। सैफी और सादिक ने खिलाड़ियों का इंतजाम किया। 

पुलिस अधिकारी ने आगे बताया कि शोएब सट्टा लगाता था और अंपायर कोलू को चौके और छक्के दिखाने का निर्देश देता था। कोलू बल्लेबाज और गेंदबाज को सचेत कर देता था। इसके बाद, बॉलर एक धीमी गेंद डालता था, जिस पर बल्लेबाज चौका या छक्का लगाता था। उन्होंने बताया कि कैमरामैन कैमरों को आसमान की ओर पैन करके दिखाते थे कि गेंद कहीं दिखाई नहीं दे रही है। इसके बाद, वे अंपायर पर जूम करते थे, जो चौके या छक्के का संकेत देता था। 

इसी तरह से पूरी सट्टेबाजी का खेल चल रहा था। फर्जी आईपीएल कराने वालों को रूस से सट्टा लगाने के लिए 3 लाख रुपए की पहली किश्त भी मिल गई थी। हालाँकि, जब तक इस फर्जीवाड़े से जुड़े लोग इन पैसों को इस्तेमाल कर पाते, पुलिस ने सबको दबोच लिया। बताया जा रहा है कि यह आईपीएल क्वॉर्टर फाइनल तक पहुँच चुका था, लेकिन सेमीफाइनल में पहुँचने से पहले ही पुलिस ने उनका पर्दाफाश कर दिया।

16 जून की ‘सीक्रेट मीटिंग’ में बना था कन्हैया लाल का गला काटने का प्लान, फरहाद गिरफ्तार: अजमेर दरगाह के खादिम गौहर के नेपाल भागने की आशंका

राजस्थान के उदयपुर में हुई 28 जून 2022 को कन्हैया लाल का गला काट डाला गया था। इस मामले में एक और गिरफ्तारी हुई है। पकड़े गए आरोपित का नाम फरहाद शेख उर्फ़ बबला है। इस मामले में अब तक कुल 7 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

NIA ने फरहाद को कन्हैयालाल की हत्या की साजिश रचने के आरोप में पकड़ा है। वह 30 जून 2022 से हिरासत में था। उसकी गिरफ्तारी की पुष्टि NIA ने रविवार (10 जुलाई 2022) को की। वहीं कन्हैया लाल के हत्यारों के कनेक्शन अजमेर दरगाह के जिस खादिम गौहर चिश्ती से होने की बात सामने आई थी, उसके नेपाल भागने की आशंका जताई जा रही है। मोहम्मद रियाज और गौस मोहम्मद ने कन्हैया लाल की उनके टेलर शॉप में घुसकर बर्बर तरीके से हत्या कर दी थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कन्हैयालाल की हत्या से पहले 16 जून को उदयपुर के पटेल सर्किल के पास एक सीक्रेट मीटिंग हुई थी। इस मीटिंग में कन्हैया लाल की हत्या की साजिश रची गई। इसमें फरहाद भी शामिल था। उसने ही कत्ल का वीडियो बनाने की सलाह दी थी ताकि उसे वायरल कर लोगों में डर पैदा किया जा सके। फरहाद चिकन शॉप चलाता है।

बबला उर्फ़ फरहाद इस हत्याकांड के हत्यारे रियाज़ का रिश्तेदार बताया जा रहा है। उसने उदयपुर में लगभग आधे दर्जन नूपुर समर्थकों की रेकी करवाई थी, जिसमें कन्हैयालाल भी शामिल थे। आरोप है कि बबला ने उदयपुर और आस-पास के जिलों में लगभग 50 लोगों की गैंग बना रखी है। वह भी दावत-ए-इस्लामी का भी सदस्य बताया जा रहा है। इस घटना में सुरक्षा एजेंसियों को अब अमजद की तलाश है। आरोप है कि कन्हैया लाल की हत्या के बाद हत्यारों ने अमजद की ही दुकान पर कपड़े बदले थे।

इस बीच दैनिक भास्कर में प्रकाशित एक रिपोर्ट में गौहर चिश्ती के नेपाल भागने की आशंका जताई गई है। रिपोर्ट के अनुसार गौहर लगातार अपना फोन और सिम बदल रहा है। इससे जाँच एजेंसियों को उसकी सही लोकेशन मिलने में दिक्क्तें आ रही हैं। उसके राजस्थान के अलावा कई अन्य राज्यों के लोगों से भी सम्पर्क बताए जा रहे हैं। इन पर भी जाँच एजेंसियों की कड़ी नजर है। गौहर अजमेर दरगाह के बाहर भड़काऊ नारेबाजी में शामिल था। वह कन्हैया लाल की हत्या से पहले उदयपुर गया था। साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि कन्हैया लाल की हत्या के बाद दोनों हत्यारे अजमेर उसके पास ही शरण लेने आ रहे थे, लेकिन बीच रास्ते में पकड़े गए।

काली को PM मोदी ने ‘माँ’ क्यों कहा, यह नारी विरोधी है: HT पत्रकार कनिका ने हिंदू आस्था पर उठाए सवाल, पूछा- शिव को पापा क्यों नहीं बोलते

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रविवार (10 जुलाई 2022) को अपने संबोधन में हिंदू देवी काली को ‘काली माँ’ कहे जाने के बाद हिंदुस्तान टाइम्स की पत्रकार कनिका गहलोत ने इस पर आपत्ति जाहिर की है। कनिका का कहना है कि आखिर काली को माँ कहकर क्यों बुलाया गया। वह पूछती हैं कि क्या शिव को ‘पापा’ कहकर हिंदू बुलाते हैं।

अपने ट्वीट में कनिका गहलोत ने लिखा, “नरेंद्र मोदी ने आखिर क्यों हिंदू देवी काली को माँ काली कहा। वह सबसे श्रेष्ठ देवी हैं और उनकी आराधना विभिन्न ढंग से की जा सकती है। हर किसी को उन्हें माँ की तरह देखने की जरूरत नहीं है।”

अपने अगले ट्वीट में कनिका ने हिंदुओं पर निशाना साधते हुए कहा, “हिंदुओं को ज्यादा शौक है हर औरत को माँ या बहन बना देने का है। ये बहुत ज्यादा हानिकारक और नारीविरोधी चीज है। क्या कभी शिव को शिव पापा बुलाया। आखिर क्यों नहीं बुलाया।”

कनिका गहलोत का ऐसा बयान पढ़ने के बाद अब नेटीजन्स उनकी खिल्ली उड़ा रहे हैं। खुद को पत्रकार बताने वाली कनिका पर लोग इसलिए हँस रहे हैं क्योंकि सदियों से देवी काली को लोग माँ का कहकर ही पुकारते आए हैं। इसलिए प्रधानंमत्री मोदी ने भी उन्हें माँ ही कहा।

लोग इसी बात पर पूछ रहे हैं कि अगर सबको अधिकार है कि वो काली की अपने ढंग से पूजा करें तो मोदी अगर उन्हें ‘माँ’ कहते हैं तो इस पर क्या आपत्ति। कनिका इन सवालों के जवाब में कहती हैं कि मोदी को ही अकेले क्यों अधिकार हो कि वो निर्णय लें कि काली माँ हैं या नहीं। लीना और महुआ को ये अधिकार क्यों नहीं है कि वो जैसे काली को देखती हैं वैसे देख सकें। ये उन पर है कि वो उन्हें कैसे देखती हैं।

बता दें कि काली डॉक्यूमेंट्री में माँ काली को टोरंटो की सड़कों पर सिगरेट पीता दिखाए जाने के बाद हिंदू देवी के अपमान का पूरा मामला उठा था। इसके बाद रविवार को पीएम ने कहा था कि माँ काली का असीमित और असीम आशीर्वाद तो हमेशा भारत के साथ है।

यही सुन कनिका ने अपने ट्वीट किए। उनके ट्वीट से जाहिर है कि वो लीना के पक्ष में आवाज उठा रही हैं, इसीलिए उन्होंने अपनी प्रोफाइल की मेन तस्वीर पर भी सिगरेट पीती काली को लगाया है और पीएम मोदी के मुँह से माँ काली सुन आपत्ति जताई है।

वहीं दूसरी ओर नेटीजन्स ने उनसे पूछा है कि जब चर्च में जाकर किसी अनजान व्यक्ति को लोग फादर बोलते हैं तब आखिर इतनी आपत्ति क्यों नहीं जातई जाती। यूजर्स ने हिंदुस्तान टाइम्स से भी सवाल किया है कि क्या इस तरह के लोगों को वो आर्टिकल लिखने के लिए रखते हैं।

गांगुली-सहवाग-युवराज सब बाहर हुए, ये क्यों नहीं: विराट कोहली को ‘रेस्ट’ पर वेंकटेश प्रसाद, कपिलदेव को रोहित शर्मा ने किया खारिज

विराट कोहली के खराब फॉर्म को देखते हुए उन्हें टीम से बाहर करने की मॉंग हो रही है। कपिलदेव के बाद अब पूर्व गेंदबाज वेंकटेश प्रसाद (Venkatesh Prasad) ने भी इस मसले पर अपनी राय रखी है। उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और वर्तमान मैनेजमेंट पर सवाल उठाया है।

उन्होंने कहा है कि किसी भी प्लेयर के फॉर्म में ना होने पर वे उसे ड्रॉप नहीं करते हैंए बल्कि रेस्ट देते हैं। वेंकटेश ने पूर्व खिलाड़ियों का उदाहरण देते हुए बताया है कि कैसे इससे पहले उन्हें खराब फॉर्म के कारण टीम से बाहर किया गया था।

विराट कोहली का नाम लिए बिना वेंकटेश प्रसाद ने सिलसिलेवार ट्वीट करते हुए लिखा, “एक समय था जब आप फॉर्म में नहीं होते थे तो प्रतिष्ठा की परवाह किए बिना आपको बाहर कर दिया जाता था। सौरव गांगुली, वीरेंद्र सहवाग, युवराज सिंह, जहीर खान और हरभजन सिंह जैसे सभी खिलाड़ियों को फॉर्म में नहीं होने पर बाहर कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने घरेलू क्रिकेट में वापसी की, रन बनाए और फिर से टीम इंडिया में वापसी की।”

पूर्व गेंदबाज ने आगे कहा, “अब चीजें काफी बदल गई हैं, जहाँ आउट ऑफ फॉर्म में रहने वाले खिलाड़ियों को रेस्ट दिया जाता है। देश में इतनी प्रतिभा है तो आप केवल अपनी प्रतिष्ठा पर ही नहीं खेल सकते। भारत के महानतम मैच-विजेताओं में से एक, अनिल कुंबले को कई मौकों पर बाहर बैठना पड़ा था। कुछ बड़ा हासिल करने के लिए एक्शन की जरूरत है।” 

विराट कोहली लगभग तीन साल से शतक नहीं लगा पाए हैं और किसी भी फॉर्मेट में बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे हैं। विराट कोहली ने अपना अंतिम शतक नवंबर 2019 में बांग्लादेश के खिलाफ कोलकाता टेस्ट मैच में मारा था। इसके बावजूद उन्हें बार-बार मौके मिल रहे हैं। 

इससे पहले कपिल देव ने विराट कोहली को टीम से बाहर न करने को लेकर आपत्ति जताते हुए कहा था कि जब रविचंद्रन अश्विन को टेस्ट के प्लेइंग 11 से बाहर किया जा सकता है तो विराट कोहली को क्यों नहीं? कपिल देव ने कहा कि कोहली को टीम से बाहर करना कोई बड़ा मसला नहीं है। उनका कहा था कि अगर नए खिलाड़ियों को भरपूर मौका नहीं मिलता है तो यह उनके साथ नाइंसाफी होगी। अगर कोहली प्रदर्शन नहीं करेंगे तो नए खिलाड़ियों को टीम से बाहर नहीं रखा जा सकता है। 

बता दें कि इंग्लैंड के खिलाफ अंतिम T20 मैच में भी विराट कोहली का निराशाजनक प्रदर्शन जारी रहा। इसके बावूजद भारतीय टीम के कप्तान रोहित शर्मा ने टीम में विराट कोहली के बारे में कपिल देव की टिप्पणियों पर असहमति व्यक्त की है।

रोहित ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “वह (कपिल देव) बाहर से खेल देख रहे हैं और नहीं जानते हैं कि अंदर क्या हो रहा है। हमारा अपना सोचने का तरीका है। हम अपनी टीम बनाते हैं और इसके पीछे काफी सोच-विचार किया जाता है। हम युवाओं का समर्थन करते हैं और उन्हें अवसर देते हैं। ऐसे में ये बातें आपको बाहर से पता नहीं चलतीं। इसलिए बाहर जो हो रहा है, वह महत्वपूर्ण नहीं है। लेकिन भीतर जो हो रहा है, वह हमारे लिए अधिक महत्वपूर्ण है।”

उन्होंने आगे कहा, “अगर फॉर्म की बात करें तो हर कोई उतार-चढ़ाव से गुजरता है। खिलाड़ी की काबिलियत प्रभावित नहीं होती है। इसलिए हमें इन बातों का ध्यान रखना चाहिए। जब कोई खिलाड़ी इतने सालों से अच्छा प्रदर्शन कर रहा हो तो एक या दो खराब सीरीज उसे खराब खिलाड़ी नहीं बनाती है। हमें उनके पिछले प्रदर्शनों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। हम जो टीम में हैं, खिलाड़ी के महत्व को जानते हैं। उन्हें इसके बारे में बात करने का पूरा अधिकार है, लेकिन यह हमारे लिए ज्यादा मायने नहीं रखता।”

शोएब और कलीम ने फतेहपुर से हिंदू लड़की को किया किडनैप, दिल्ली की मस्जिद में धर्मान्तरण: बंधक बना देश के कई शहरों में रेप

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर से अगवा की गई हिंदू लड़की बरामद कर ली गई है। पीड़िता के अनुसार दिल्ली की एक मस्जिद में उसका धर्मांतरण कराया गया। उसे कई शहरों में बंधक बनाकर रखा गया और रेप किया गया। लड़की 21 जून 2022 को अगवा की गई थी। 9 जुलाई 2022 (शनिवार) को उसे बरामद किया गया।

इस मामले में पुलिस ने शोएब को गिरफ्तार किया है। एक अन्य आरोपित कलीम फरार है। दिल्ली की एक मस्जिद के मौलवी की भी तलाश की जा रही है। उस पर पीड़िता का जबरन निकाह और धर्मान्तरण करवाने का आरोप है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 22 जून को फतेहपुर जिले के थाना खखरेरू में लड़की के अगवा होने की शिकायत की गई थी। पीड़िता के परिजनों ने 2 युवकों पर उसके अपहरण का आरोप लगाया था। शिकायतकर्ता पिता ने शोएब मंसूरी पर लम्बे समय से अपनी बेटी को परेशान करने का आरोप लगाया था। साथ ही बताया था कि शोएब और कलीम ने उनकी बेटी के अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देते हुए उसे अपने साथ कहीं ले गए हैं।

न्यूज़ 18 के मुताबिक 9 जुलाई को पुलिस ने पीड़िता को बरामद करते हुए शोएब को फतेहपुर के विजयीपुर चौराहे से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पीड़िता ने बताया, “सबसे पहले शोएब और कलीम मुझे लेकर रायबरेली गए। वहाँ मुझे एक कमरे में बंद कर मेरे साथ रेप किया गया। अगले दिन शोएब मुझे दिल्ली अपने एक रिश्तेदार के घर ले गया और बंधक बनाकर कई दिन मेरे साथ रेप किया। 5 जुलाई को शोएब मुझे एक मस्जिद में ले गया। मौलवी से जबरन मेरा धर्म परिवर्तन करवाया और निकाहनामा बनाकर 2 लोगों से गवाही दिलवाई।”

पीड़िता ने बताया, “मेरा धर्म परिवर्तन करवाकर शोएब मुझे वापस लखनऊ अपने एक रिश्तेदार के यहाँ लेकर आ गया और यहाँ भी कई बार मेरे साथ रेप किया। वह लोगों से मुझे अपनी बीवी कहकर मिलवाता था और मुझे मुस्लिम इस्लामी तौर-तरीकों से रहने को कहता था। 9 जुलाई को मुझे वापस फतेहपुर लाते हुए पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।” पुलिस ने पीड़िता के बयान के आधार पर FIR में अपहरण की धाराओं के साथ रेप और धर्मान्तरण विरोधी एक्ट भी जोड़ा है।

गौरतलब है कि बीते साल उत्तर प्रदेश के मेरठ से इसी तरह का एक मामला सामने आया है। यहाँ एक कोचिंग में पढ़ाने वाले अमान ने पहले एक हिंदू छात्रा को प्रेम जाल में फँसाया। फिर धर्मांतरण कराने के लिए उसे अगवा कर दिल्ली भेज दिया। दिल्ली की जामा मस्जिद में उसका धर्मांतरण कराया जाना था। लेकिन धर्मांतरण से पहले ही पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर छात्रा को बरामद कर लिया था।

‘जो हाल श्रीलंका के राष्ट्रपति का हुआ वही यहाँ PM मोदी का होगा’ : TMC विधायक इदरीस अली का जहर, देखें Video

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कॉन्ग्रेस के विधायक इदरीस अली ने श्रीलंका हालातों को देखने के बाद मीडिया में आकर कहा है कि भारत में पीएम मोदी का वही हाल किया जाएगा जो श्रीलंका में राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे का हुआ है।

समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए इदरीस अली ने कहा, “श्रीलंका में जो हाल राष्ट्रपति का हुआ है। वो हाल तो मेरे ख्याल से यहाँ अब पीएम मोदी का हो जाएगा। इनका वही हाल होगा तो राष्ट्रपति राजपक्षे का हुआ। भारत में जो कुछ भी हो रहा है उसके पीछे प्रधानमंत्री का हाथ है वो उनकी असफलता है। श्रीलंका में जो हुआ शायद उससे ज्यादा यहाँ हो और पीएम मोदी को देश छोड़ भागना पड़े। उन्हें इस्तीफा देकर भागना पड़ेगा।”

उल्लेखनीय है कि श्रीलंका में पिछले दिनों सरकार का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति भवन में घुस आए थे। उन्होंने राष्ट्रपति से इस्तीफे की माँग करते हुए राष्ट्रपति को ही उनके आवास से बाहर कर दिया था। इसके बाद वही प्रदर्शनकारी भवन के बिस्तर पर आराम फरमाते, खाना पकाते, सेल्फी लेते और स्वीमिंग पूल में तैरते नजर आए थे।

भारत ने भी श्रीलंका में घटती घटनाओं को लेकर अपना बयान जारी किया था। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस समय को कठिन दौर बताते हुए कहा था, “हम श्रीलंका को लेकर बहुत सहायक रहे हैं। हम हर संभव मदद की कोशिश कर रहे हैं। वे अपनी समस्या पर काम कर रहे हैं, देखते हैं आगे क्या होता है। अभी तक शरणार्थियों से संबंधित कोई समस्या नहीं है। शरणार्थियों को लेकर चिंता करने वाली कोई बात नहीं है… हम श्रीलंका में स्थित भारतीय दूतावास के अधिकारियों के भी संपर्क में हैं। पल-पल के घटनाक्रम की जानकारी ली जा रही है।”

गौरतलब है कि श्रीलंका में ये हालात कर्ज में डूबने के बाद हुआ है। वहाँ सड़क पर प्रदर्शनकारी इसलिए हैं क्योंकि उनकी बुनियादी जरूरत तक नहीं पूरी हो पा रही। ऐसे में जब इदरीस अली ने इन हालातों से भारत को जोड़ अपनी इच्छा बताई तो लोग नाराज दिखे। लोगों ने उनका बयान सुनने के बाद अपनी आपत्ति जाहिर की है। उन्हें कहा जा रहा है कि इदरीस का सपना कभी पूरा नहीं होगा और यदि ऐसा कुछ हुआ तो वो पहले बंगाल में होगा।

बता दें कि इदरीस अली ने मीडिया से बातचीत में कथिततौर पर एक गलत दावा भी किया। उन्होंने कहा कि कोलकाता में होने जा रहे सियालदह मेट्रो स्टेशन के उद्घाटन में सीएम ममता बनर्जी को आमंत्रित नहीं किया गया है जबकि मीडिया रिपोर्ट कहती हैं कि ये बात गलत है। आमंत्रण दिया गया है।

इदरीस अली ने कहा, “ममता बनर्जी को इस कार्यक्रम में आमंत्रित न करना इस परियोजना का अपमान है। इस परियोजना के लिए रेल मंत्री रहते हुए ममता बनर्जी ने मंजूरी दी थी।”

रैली के मंच पर ही साथी नेता को ताबड़तोड़ किस करने लगे Pak के पूर्व मंत्री शेख रशीद, छुड़ाने की करता रहा कोशिश: इमरान खान ने किया अनदेखा

नाम है शेख रशीद। पाकिस्तान में इमरान खान की पार्टी पीटीआई के नेता हैं और इमरान सरकार के दौरान देश के गृह मंत्री भी रहे। अपने भारत विरोधी बयानों के लिए सुर्खियों में रहे। ताजा मामला पाकिस्तान के पंजाब प्रान्त का है, जहाँ एक रैली के दौरान शेख रशीद ने अपनी ही पार्टी के एक नेता को जबरन पकड़कर उन्हें चूम लिया। इस दौरान वो उनकी पकड़ से खुद को छुड़ाने की कोशिश करते रहे।

रिपोर्ट के मुताबिक, पीटीआई की यह रैली पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के कहुटा में आयोजित की गई थी। इसमें इमरान खान समेत पीटीआई के तमाम बड़े नेता शामिल हुए। मंच पर नेताओं के भाषणों के दौरान शाहबाज गिल पीछे से शेख रशीद से मिलने पहुँचे और उनके कान में कुछ कहा। बस फिर क्या था मौका देख शेख रशिद ने शाहबाज को चूम लिया। उनकी हरकत देखकर उनके बगल में बैठे पीटीआई के अन्य नेता अवाक रह गए, लेकिन शेख रशीद बिल्कुल नहीं रुके। हालाँकि, खुद शाहबाज गिल शर्मिंदा हो गए और अपना सिर पीछे खींचने लगे। फिलहाल इस घटना का वीडियो भी खूब वायरल हो रहा है।

उल्लेखनीय है कि शाहबाज गिल इमरान खान के राजनीतिक सलाहकार हैं। जिस वक्त शेख रशीद ने ये हरकत की, उस दौरान इमरान खान कुछ दूरी पर बैठे थे। हालाँकि, उन्होंने इसे अनदेखा कर दिया।

कौन हैं शेख राशिद अहमद

शेख रशिद अहमद इमरान खान की पार्टी पीटीआई के वरिष्ठ नेता हैं। उन्होंने 2020 से 2022 तक पाकिस्तान के 38वें गृह मंत्री के रूप में कार्य किया। इमरान सरकार में गृह मंत्री बनने से पहले वे रेल मंत्री थे। शेख रशीद ने आवामी मुस्लिम लीग की स्थापना की, बाद में पीटीआई में उसका विलय करवा दिया। गृह मंत्री रहते हुए शेख रशीद ने भारत में पाव भर के परमाणु बम से हमले की धमकी दी थी। ये धमकी उन्होंने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के विरोध में दी थी।

‘आदिवासी बच्चों की पढ़ाई के नाम पर ₹13.50 करोड़ इकट्ठा कर के खा गई मेधा पाटेकर, चलाया राष्ट्र विरोधी एजेंडा’: मध्य प्रदेश में 12 पर FIR

सामाजिक कार्यकर्ता होने के नाम पर कभी किसान आंदोलन में शामिल होने वाली तो कभी सीएए के विरोध में प्रदर्शन करने वाली मेधा पाटेकर के खिलाफ मध्य प्रदेश में केस दर्ज हुआ है। आरोप है कि नर्मदा नवनिर्माण अभियान की ट्रस्टी मेधा ने सामाजिक कार्यों के नाम पर इकट्ठा की गई 13.50 करोड़ रुपए से अधिक राशि का दुरुपयोग किया। उन्होंने इस रकम को राजनीतिक गतिविधियों और विकास परियोजनाओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने में इस्तेमाल किया।

ये शिकायत मध्यप्रदेश के बड़वानी में 25 वर्षीय प्रीतम राज ने दर्ज करवाई है। इसमें मेधा पाटेकर के अलावा 11 नाम और हैं। सबके खिलाफ आईपीसी की धारा 420 के तहत बड़वानी में ही मुकदमा दायर हुआ है। ऑपइंडिया को प्राप्त हुई एफआईआर की प्रति के अनुसार, शिकायतकर्ता ने नर्मदा बचाओ आंदोलन की संस्थापक मेधा पाटेकर व उससे जुड़े सदस्यों पर इल्जाम लगाया है कि ये लोग आदिवासी बच्चों को शिक्षित करने के नाम पर जनता को गुमराह करते हैं। साथ ही इकट्ठा की गई धन राशि का गलत प्रयोग करते हैं।

शिकायतकर्ता के अनुसार, मेधा पाटेकर दिखाती हैं कि उनकी संस्था नर्मदा घाटी के लोगों के कल्याण के लिए मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के आदिवासी बच्चों को प्राथमिक स्कूल की शिक्षा प्रदान करने के अलावा शैक्षिक उद्देश्यों के लिए आवासीय जीवन शालाएँ प्रदान करती है। लेकिन हकीकत में सामाजिक कल्याण के नाम पर इकट्ठा पैसों से धोखाधड़ी हो रही है।

पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला ने भी इस संबंध में बताया है कि राजपुर थाना क्षेत्र के टेमला बुजुर्ग निवासी प्रीतम राज की शिकायत पर मेधा पाटेकर, परवीन समी जहाँगीर, विजया चौहान और संजय जोशी समेत 12 लोगों के विरुद्ध धारा 420 के तहत केस दर्ज करके मामले की जाँच शुरू कर दी गई है।

उन्होंने जानकारी दी कि मेधा पाटेकर व संस्था से जुड़े अन्य लोगों ने नर्मदा नवनिर्माण अभियान के नाम पर 2007 से 2022 के बीच शैक्षणिक और सामाजिक गतिविधियों के नाम पर ₹13,52,59,304 रुपए इकट्ठा किए और इनका प्रयोग गलत उद्देश्यों से किया। पुलिस का कहना है कि जाँच के बाद इस केस में धाराएँ बढ़ सकती हैं।

एफआईआर में सवाल किए गए हैं कि 135259304 रुपयों की राशि को संस्था द्वारा जमा व खर्च किया गया। लेकिन न तो इसके स्त्रोत पर खुलासा हुआ और न ही ये बताया गया कि ये इन्हें खर्च कहाँ किया गया है। एफआईआर में आरोप है कि इस राशि को राजनैतिक व राष्ट्र विरोधी एजेंडा फैलाने के लिए इस्तेमाल किया गया। शिकायतकर्ता ने माँग की है कि इस धनराशि के स्त्रोत और खर्च की जाँच होनी चाहिए।

एफआईआर में लिखा है कि मेधा पाटेकर ने इंदौर की अदालत में अपनी सालाना आय को 6000 रुपए सालाना बताया था जबकि 2007 से 2021-22 के बीच 19,25, 711 रुपए उन्हें प्राप्त हुए हैं। ऐसे में आशंका जताई गई कि नर्मदा नव निर्माण अभियान या तो धन शोधन के लिए खोला गया मोर्चा है या फिर इसे भारत विरोधी गतिविधियों का वित्त पोषण करने के लिए खोला गया है।

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट बताती हैं कि मेधा पाटेकर ने फिलहाल उनके विरुद्ध बड़वानी में दर्ज केस के बारे में सूचना होने से मना किया है। उन्होंने कहा कि उनके ऊपर इस तरह के आरोप पहले भी लगे हैं। लेकिन सच ये है कि उनके पास आय और व्यय दोनों से संबंधित जानकारी व ऑडिट है। इसके अलावा अपने अकॉउंट को लेकर उन्होंने कहा कि अपना अकॉउंट वह खुद संचालित नहीं करती हैं। इसे एक सेवानिवृत्त व्यक्ति चलाते हैं।

गोमांस को लेकर विवादित बयान, AIUDF सांसद बदरुद्दीन अजमल पर FIR: असम के कॉन्ग्रेस नेता ने कहा – हिन्दू धर्म में बीफ खाना पाप

असम में ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) के प्रमुख और धुबरी निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा सांसद बदरुद्दीन अजमल की गोमांस को लेकर बयान पर मुश्किलें बढ़ गई हैं। कॉन्ग्रेस विधायक कमलाक्ष डे पुरकायस्थ ने उनपर हिन्दू भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराया है।

आरोप है कि राज्य जमीयत उलेमा के प्रमुख कथित तौर पर दावा किया था कि पुरकायस्थ ने गुप्त रूप से गोमांस खाया था। पुरकायस्थ का आरोप है कि इस तरह के बेतुके आरोप लगाकर अजमल सांप्रदायिक दंगे भड़काना चाहते हैं।

पुरकायस्थ द्वारा की गई एफआईआर में लिखा है, “हिन्दू धर्म में गाय की पूजा की जाती है। हिन्दू धर्म में बीफ खाना पाप माना जाता है। बदरुद्दीन अजमल ने ऐसा कहकर पूरे हिन्दू समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुँचाई है। सांसद अजमल की इस तरह की टिप्पणी सांप्रदायिक सद्भाव को भड़का और नष्ट कर सकती है। किसी राजनीतिक दल के नेता के इस तरह के प्रेरक बयान से सांप्रदायिक दंगे हो सकते हैं।”

इसके साथ ही पुरकायस्थ ने एफआईआर में आरोप लगाया कि 7 जुलाई को बदरुद्दीन अजमल ने कहा था कि पुरकायस्थ गुप्त रूप से मांस खाते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि विधायक बड़ी संख्या में मुस्लिम वोटरों का समर्थन करते हैं। धुबरी से सांसद ने ये बयान असमी भाषा में दिया था। अजमल के इस बयान के बाद उनकी खासी आलोचना हो रही है।

इस पर अजमल ने गुरुवार को मीडियाकर्मियों से कहा, “अपने हिंदू भाइयों की भावनाओं का सम्मान करने की अपील की है। यहाँ तक की कई मुस्लिम धार्मिक संस्थान भी गाय की बलि का समर्थन नहीं करते हैं।” उनके मुताबिक, देश के सबसे बड़े इस्लामिक शैक्षणिक संस्थान दारुल उलूम देवबंद ने भी कुछ साल पहले इसी तरह की अपील जारी की थी।

कॉन्ग्रेस विधायक जो असम प्रदेश कॉन्ग्रेस कमेटी (पीसीसी) के कार्यकारी अध्यक्ष भी हैं, ने धारा 153 (दंगा भड़काने के इरादे से उकसाना), 500 (मानहानि की सजा), 505 (सार्वजनिक शरारत करने वाले बयान) के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई है। इसके अलावा आईपीसी की धारा 295 (किसी भी वर्ग के धर्म का अपमान करने के इरादे से पूजा स्थल को चोट पहुंचाना या अपवित्र करना) का केस दर्ज किया गया है।