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‘जिनके दाऊद इब्राहिम से कनेक्शन, उनको शिवसेना कैसे दे सकती समर्थन’: एकनाथ शिंदे ने बताई बगावत की वजह, निशाने पर संजय राउत भी

महाराष्ट्र में चल रहे सियासी घमासान के बीच शिवसेना के बागी विधायक एकनाथ शिंदे ने एक बार फिर से उद्धव ठाकरे कर निशाना साधा है। 26 जून 2022 (रविवार) को किए गए एक ट्वीट में उन्होंने बाला साहब ठाकरे के सिद्धांतों की याद दिलाते हुए मुंबई बम विस्फोट और दाऊद से जुड़े लोगों को शिवसेना से मिल रहे समर्थन पर सवाल खड़े किए हैं। इसी के साथ एकनाथ शिंदे के मनसे प्रमुख राज ठाकरे से भी जानकारी आ रही है।

एकनाथ शिंदे ने अपने ट्वीट में लिखा, “मुंबई बम ब्लास्ट में निर्दोषों की हत्या करने वाले और दाऊद इब्राहिम से रिश्ता रखने वालों का हिन्दू हृदय सम्राट बाला साहेब ठाकरे की शिवसेना कैसे समर्थन कर सकती है ? हमने अपने कदम इसी की खिलाफत में उठाए हैं। अगर हमें मौत भी आती है तो कोई दिक्क्त नहीं है। अपने इस ट्वीट में एकनाथ शिंदे ने संजय राऊत को टैग भी किया है। साथ ही ##MiShivsainik (मैं शिवसैनिक) का हैशटैग भी दिया है। एकनाथ के इस ट्वीट को संजय राऊत द्वारा बागी विधायकों को दी जा रही मौत और हिंसा की धमकियों का जवाब माना जा रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एकनाथ शिंदे ने जहाँ उद्धव सरकार के विरोध में मोर्चा खोल रखा है। वहीं उनके भाई व मनसे प्रमुख राज ठाकरे से फोन पर बात की है। उन्होंने कूल्हे की सर्जरी करवा कर अस्पताल से रविवार (26 जून 2022) को घर लौटे राज ठाकरे का हालचाल पूछा। फिलहाल जानकारी के मुताबिक राज ठाकरे की तबियत में सुधार हो रहा है।

इस बीच महाराष्ट्र के संजय राऊत का विरोध हो रहा है। कई स्थानों पर राऊत के पुतले जलाए गए हैं। सोशल मीडिया पर भी उनके खिलाफ ट्रेंड चल रहे हैं। ठाणे में एकनाथ शिंदे समर्थकों ने ‘एकनाथ आगे बढ़ो, हम तुम्हारे साथ हैं’ और ‘संजय राऊत हाय-हाय’ का नारा लगाया। ठाणे में विरोध प्रदर्शन में कुछ लोग खुद को बाला साहब का शिवसैनिक बताते हुए शिवसेना में हुई फूट का जिम्मेदार संजय राऊत को बताते दिखाई दे रहे हैं।

‘सपा निकम्मी, अखिलेश घमंडी… नहीं हरा पाएँगे BJP को’ : ओवैसी ने UP उपचुनावों के नतीजे देख मुस्लिमों को चेताया, कहा- ऐसी पार्टियों पर वोट बर्बाद न करें

उत्तर प्रदेश के उपचुनावों में भारतीय जनता पार्टी की जीत और समाजवादी पार्टी की हार को देखते हुए ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहालदुल मुस्लिमीन के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सपा को निकम्मा और अखिलेश यादव को घमंडी करार दिया है।

उन्होंने रामपुर और आजमगढ़ के चुनावी नतीजे देखते हुए कहा कि इन परिणामों ने ये साफ कर दिया है कि सपा में भाजपा को हराने की न तो काबिलियत है और न ही कुव्वत है। उन्होंने ट्वीट करते हुए मुस्लिमों से अपील की कि अब वह प्रदेश में अखिलेश यादव की पार्टी पर भरोसा करना छोड़ें और अपनी तकदीर का फैसला खुद करें।

ट्वीट में उन्होंने लिखा, “रामपुर और आज़मगढ़ चुनाव के नतीजे से साफ़ ज़ाहिर होता है कि सपा में भाजपा को हराने की न तो क़ाबिलियत है और ना क़ुव्वत। मुसलमानों को चाहिए कि वो अब अपना क़ीमती वोट ऐसी निकम्मी पार्टियों पर ज़ाया करने के बजाए अपनी खुद की आज़ाद सियासी पहचान बनाएँ और अपने मुक़द्दर के फ़ैसले ख़ुद करें।”

इसी तरह रामपुर और आजमगढ़ चुनावों को देखने के बाद उन्होंने मीडिया में अखिलेश यादव को लेकर बयान दिया। उन्होंने अखिलेश यादव के गैर-जिम्मेदाराना रवैये पर गुस्सा जाहिर करते हुए कहा, “अखिलेश यादव अहंकारी हैं। उनके पिता मुलायम सिंह यादव उस सीट से सांसद रह चुके हैं। उसके बाद वो भी वहाँ के चुने गए। लेकिन इन लोगों ने एक भी वहाँ जाकर लोगों से ये बताना जरूरी नहीं समझा कि आखिर वो चुनाव क्यों नहीं लड़ेंगे।”

उन्होंने मीडिया में भी कहा कि समाजवादी पार्टी भाजपा को हरा पाने में सक्षम नहीं हैं। इनमें इमानदारी की कमी है। अल्पसंख्यकों को ऐसे लोगों के लिए वोट नहीं देना चाहिए। उन्होंने ये भी कहा कि अब बताएँ कि भाजपा की जीत के लिए कौन जिम्मेदार है, किसे ये बी टीम, सी टीम कहेंगे।

उल्लेखनीय है कि जिन दो सीटों के कारण ओवैसी सपा से इतने नाराज दिखे उसमें एक रामपुर है जहाँ घनश्याम लोधी ने सपा से आसिम राजा को 42 हजार वोटों के अंतर से हराया। वहीं दूसरी सीट सपा का गढ़ कही जाने वाली आजमगढ़ की है। यहाँ अखिलेश यादव के भाई को मात देकर दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ ने 8 हजार से ज्यादा वोटों से जीत हासिल की है।

ये भी मालूम हो कि ओवैसी द्वारा अखिलेश को घमंडी इसलिए कहा गया क्योंकि इन दोनों क्षेत्रों में अखिलेश यादव सक्रिय रूप से प्रचार के लिए नहीं गए। वहीं योगी आदित्यनाथ ने चुनावी प्रचार में साफ कर दिया था कि आजमगढ़ को आर्यमगढ़ बनाने का मौका न गवाएँ। ये जगह मुगल काल से पहले आर्यमगढ़ ही थी। लेकिन मुगलों ने इसका नाम आजमगढ़ किया था।

‘लगातार मिल रही धमकियाँ, हमें और हमारे समर्थकों को जान का खतरा’: शिंदे गुट पहुँचा सुप्रीम कोर्ट, बोले आदित्य ठाकरे – हम शरीफ क्या हुए…

महाराष्ट्र में शिवसेना नेताओं के बीच चल रहा सियासी घमासान अब सुप्रीम कोर्ट में आ गया है। एकनाथ शिंदे व उनके समर्थक नेताओं ने डिप्टी स्पीकर के उस नोटिस के विरुद्ध कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है जिसमें 16 बागी विधायकों को अयोग्य ठहराए जाने की बात है। शिंदे गुट की याचिका को कोर्ट ने सूचीबद्ध कर लिया है। अब इस पर सोमवार (27 जून 2022) को सुनवाई होगी।

इस याचिका में कहा गया है कि शिवसेना के दो तिहाई से ज्यादा सदस्य शिंदे गुट के समर्थन में हैं। इसके बावजूद डिप्टी स्पीकर ने 21 जून को पार्टी के विधायक दल का नेता नियुक्त कर दिया। याचिका में डिप्टी स्पीकर के नोटिस को अवैध और मनमाना कहा गया है।

जानकारी के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट में शिंदे गुट ने कुल दो याचिका लगाई हैं। याचिका में शिंदे गुट ने कहा है कि डिप्टी स्पीकर के नोटिस के बाद एक ओर उन्हें और उनके समर्थकों को रोजाना धमकियाँ आ रही हैं। उनका जीवन भी खतरे में हैं। दूसरी ओर उद्धव सरकार ने उन विधायकों के आवास से और उनके परिवारों के सदस्यों के पास से सुरक्षा पापस ले ली है। इसके अलावा संपत्तियों को नुकसान पहुँचाने का काम भी किया गया है।

बता दें कि एक तरफ जहाँ बागी विधायकों के परिजनों को सुरक्षा दिलाने के लिए राज्यपाल भगत सिंग कोश्यारी ने केंद्रीय गृह सचिव को पत्र लिखकर सुरक्षा प्रदान करने के लिए अपील की है। वहीं आदित्य ठाकरे ने युवा सेना की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में बालासाहेब ठाकरे और आनंद दिघे को याद किया। उन्होंने दिलवाले फिल्म के डॉयलॉग को भी याद किया जिसमें कहा गया था- “हम शरीफ क्या हुए, सारी दुनिया बदमाश हो गई।” आदित्य ठाकरे ने शिवसैनिकों से बैठक में ये भी कहा, “मैं तो सड़क पर उतर ही रहा हूँ। बाकी शिवसैनिक भी बागी विधायकों की सच्चाई बताने के लिए लोगों तक जाएँ।”

YRF की ‘शमशेरा’ में बड़ा सा त्रिपुण्ड तिलक वाला गुंडा, देश का गद्दार: लगातार फ्लॉप के बावजूद नहीं सुधर रहा बॉलीवुड, फिर हिन्दूफ़ोबिया

लगातार फ्लॉप फिल्मों के बावजूद बॉलीवुड नहीं सुधर रहा है। एक बार फिर से त्रिपुण्ड वाले ‘हिन्दू विलेन’ को लाया गया है। रणबीर कपूर की आने वाली पीरियड फिल्म ‘शमशेरा’ में संजय दत्त्त को बतौर विलेन इंट्रोड्यूस किया गया है। उन्हें अंग्रेजों के लिए काम करता गद्दार दिखाया गया है, जो एक पुलिस अधिकारी होता है। इसमें उनके माथे पर बड़ा का त्रिपुण्ड वाला भगवान शिव का चन्दन अंकित होता है। लगभग हर दृश्य में उनका यही लुक है।

‘शमशेरा’ के बारे में बता दें कि ये ‘यशराज फिल्म्स (YRF)’ की मूवी है। हाल ही में इसी कंपनी की ‘सम्राट पृथ्वीराज’ बुरी तरह फ्लॉप होकर गई है, जो एक हाई बजट फिल्म थी। ‘शमशेरा’ में मुख्य किरदार में रणबीर कपूर हैं, जिन्होंने डाकू पिता और फिर उसकी मृत्यु के बाद बेटे की भूमिका निभाई है। दोनों ही किरदारों में वो डाकू हैं। उसे पकड़ने के लिए अंग्रेज संजय दत्त के किरदार को लेकर आते हैं, हिन्दू लुक वाला विलेन।

संजय दत्त ने हाल ही में यश की कन्नड़ फिल्म ‘KGF 2’ को विलेन ‘अधीरा’ का किरदार अदा कर के सुर्खियाँ बटोरी थीं। फिल्म ने 1100 करोड़ रुपए से भी अधिक का कारोबार किया। 22 जुलाई, 2022 को रिलीज हो रही करण मल्होत्रा द्वारा निर्देशित ‘शमशेरा’ में वाणी कपूर मुख्य अभिनेत्री हैं। साथ ही रोनित रॉय, आशुतोष राणा और सौरभ शुक्ल जैसे वरिष्ठ कलाकार सहायक भूमिकाओं में हैं। संजय दत्त के किरदार का नाम इसमें ‘दरोगा शुद्ध सिंह’ होता है।

फिल्म का बजट 150 करोड़ रुपए के भी पार बताया जा रहा है। रणबीर कपूर की प्रतिष्ठा फ़िलहाल दाँव पर लगी है, क्योंकि उनकी एक और आने वाली फिल्म ‘ब्रह्मास्त्र’ भी बड़ी बजट वाली है। इसके ट्रेलर के एक दृश्य में रणबीर कपूर जूते पहन कर उछल कर मंदिर का घंटा बजाते हुए दिख रहे हैं, जिसे लोगों ने हिन्दू धर्म का अपमान भी करार दिया। फिल्म के निर्माताओं में करण जौहर भी हैं। ‘ब्रह्मास्त्र’ के VFX को भी घटिया और चोरी का बताया जा रहा है।

लोकसभा उपचुनावों में जीते SAD के सिमरनजीत ने भिंडरावाले का किया महिमामंडन: कभी ब्लू स्टार के कारण छोड़ी थी पुलिस सर्विस, खालिस्तान की माँग बराबर

पंजाब में खुलेआम खालिस्तान की माँग करने वाले शिरोमणि अकाली दल के सिमरनजीत सिंह मान ने लोकसभा उपचुनावों में संगरूर से जीत हासिल की है। सिमरनजीत ने चुनाव जीतने के बाद मीडिया में कहा कि ये खालिस्तानी जरनैल सिंह भिंडरावाले की दी गई सीख की जीत हुई है।

समाचार एजेंसी एएनआई द्वारा साझा वीडियो में सुन सकते हैं कि सिमरनजीत कहते हैं, “ये जीत हमारे पार्टी कार्यकर्ताओं की है और जरनैल सिंह भिंडरावाले ने जो सीख दी उसकी है।”

इस वीडियो को देखने के बाद लोग हैरान हैं कि कैसे एक ऐसा व्यक्ति देश में विधायक चुना जा सकता है जो देश को तोड़ने के सपने देखे। मान को लेकर कहा जा रहा है कि सिमरनजीत को तो तुरंत बर्खास्त कर दिया जाना चाहिए। ये खुलेआम खालिस्तान की बातें कर रहा है।

बता दें कि पंजाब में भगवंत मान के मुख्यमंत्री बनने के बाद संगरूर की सीट खाली थी। ऐसे में उपचुनावों में SAD से सिमरनजीत सिंह मान ने चुनाव लड़ा और 7,10,825 वोटो में से 2, 52, 898 पाकर जीत हासिल की। बाकी बची पार्टियों के प्रत्याशियों में से आप के गुरमैल सिंह को 2, 46, 828 वोट मिले जबकि भाजपा के केवल ढिल्लों को 66, 171 वोट मिले, वहीं कॉन्ग्रेस के दलवीर सिंह गोल्डी के हिस्से 78,844 वोट आए।

मालूम हो कि सिमरनजीत सिंह मान ने पिछले दिनों चुनाव के मद्देनजर दीप सिद्धू और सिद्धू मूसेवाला का बढ़ चढ़कर नाम अपने सोशल मीडिया पर इस्तेमाल किया था। इसके अलावा सिमरनजीत की पहले की प्रोफाइल देखें तो पता चलेगा कि वो हमेशा से खालिस्तानी समर्थकों में आए हैं। ऑपरेशन ब्लू स्टार के कारण उन्होंने पुलिस की नौकरी छोड़ दी थी। इतना ही नहीं उनकी पार्टी के ऊपर ब्लू स्टार की बरसी पर स्वर्ण मंदिर में खालिस्तानी नारे लगाने के इल्जाम भी लगते रहे हैं। उनके कई सोशल मीडिया पोस्ट में खुलेआम खालिस्तान को माँगा गया है।

इसके अलावा भिंडरावाले के लिए भी उनके पोस्टों में संवेदना साफ दिखते ही बनती है। एक पोस्ट में तो सिमरनजीत ने ये भी दिखाने का प्रयास किया था कि हिंदू राष्ट्र में सिखों के हाल बुरे हैं। उन्होंने कहा था कि हिंदुओं को लगता है कि वह सिखों को मशीन गन से डरा देंगे और इससे वह खालिस्तान की माँग नहीं करेंगे। रिपोर्ट यह भी बताती हैं कि वह देशद्रोह जैसे आरोप समेत कई आरोपों में 30 से ज्यादा बार पकड़ा गया लेकिन उसे कभी दोषी नहीं करार दिया गया।

कमल हासन की विक्रम ने पार किया ₹400 करोड़ का आँकड़ा, बुरी हार के बावजूद लड़ेंगे अगला विधानसभा चुनाव: ‘जुग जुग जियो’ की विवाद के बावजूद ठीक-ठाक कमाई

तमिलनाडु के वरिष्ठ अभिनेता कमल हासन की फिल्म ‘विक्रम’ ने दुनिया भर में 400 करोड़ रुपए की कमाई कर ली है। हाल ही में 67 वर्षीय अभिनेता ने स्पष्ट किया था कि वो राजनीति से किसी किस्म का ब्रेक नहीं ले रहे। विक्रम में मलयालम के जाने-माने अभिनेता फहद फासिल और तमिल स्टार विजय सेतुपति भी हैं। साथ ही इसमें सूर्या का गेस्ट अपीयरेंस है। 400 करोड़ रुपए में से लगभग 284 करोड़ रुपए अकेले भारत से आए हैं।

जबकि विदेश में भी फिल्म के कलेक्शंस 120 करोड़ रुपए के आँकड़े को पार कर गया है। तेलुगू राज्यों में फिल्म को लोगों ने हाथोंहाथ लिया है, जहाँ इसने 40 करोड़ रुपए की कमाई कर डाली। लोकेश कांगराज द्वारा निर्देश इस फिल्म को खुद कमल हासन ने ही निर्मित किया था। तमिलनाडु में फिल्म ने अपनी कुल कमाई का 42%, अर्थात 169 करोड़ रुपए कमाए हैं। फिल्म की कमाई अब भी जारी है और आँकड़े बढ़ भी सकते हैं।

उन्होंने तमिलनाडु के अगले विधानसभा चुनाव को लड़ने का ऐलान भी कर दिया है। उनकी पार्टी ‘मक्कल निधि मैय्यम’ को 5 साल पूरे हो चुके हैं, लेकिन अब तक कोई सफलता हाथ नहीं लगी है। खुद कमल हासन को विधानसभा उपचुनाव में हार का मुँह देखना पड़ा था। सुपरस्टार रजनीकांत के साथ काम करने पर उन्होंने कहा कि वो हमेशा इसके लिए तैयार हैं। अपनी पार्टी MNM के बारे में उन्होंने कहा कि इसका अच्छा विकास हुआ है।

वहीं वरुण धवन और अनिल कपूर की फिल्म ‘जुग जुग जियो’ ने 2 दिन में 22 करोड़ रुपए के आसपास भारत में नेट कमाई की है। फिल्म में कियारा आडवाणी और नीतू सिंह भी हैं। रविवार को फिल्म के कलेक्शंस में उछाल देखने को मिला। हालाँकि, इसका बजट 85 करोड़ रुपए है। फैमिली ऑडिएंस के लिए ये फिल्म इस सप्ताह पहली पसंद बन रही है। फिल्म को समीक्षकों ने पसंद नहीं किया है और कुछ ज्यादा ही नाच-गाने व फ़िल्मी पंजाबी शादी के सेट को लेकर इसकी आलोचना हुई है।

‘भारत जल्द बनेगा $30 ट्रिलियन की इकोनॉमी’ : देश का मजाक उड़वाने के लिए NDTV ने पीयूष गोयल के बयान से की छेड़छाड़, पोल खुलने पर भी सुधार नहीं

किसी के बयान को तोड़-मरोड़ कर फेक न्यूज फैलाने में माहिर NDTV ने इस बार केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के बयान से छेड़छाड़ की है। NDTV ने तथ्यों को किनारे करके पीयूष गोयल के नाम पर लिखा कि उन्होंने ये कहा है कि देश जल्द ही $30 ट्रिलियन की इकोनॉमी बनेगा।

इस ट्वीट को देखने के बाद NDTV के पाठक केंद्र सरकार का मजाक उड़ाने में फिर जुट गए। बताया जाने लगा कि भारत सरकार सिर्फ बातें बनाने का काम करती है और अब तक पिछले वादों को भी पूरा नहीं कर सकी है। किसी-किसी ने तो ये भी कहा कि देश 30 ट्रिलियन इकोनॉमी बनने की बजाय $30 ट्रिलियन कर्जे में डूब जाएगा।

अब देखें तो ये भारत के जल्द ही $30 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनने की बात एनडीटीवी की तरह ही कुछ मीडिया पोर्टल्स ने भी अपने शीर्षक में की। लेकिन हकीकत क्या है? इसे जानने के लिए पीयूष गोयल का वो ओरिजनल बयान देखना होगा जिसे लेकर एनडीटीवी जैसे संस्थानों ने ऐसी जानकारी फैलाई कि लोग सरकार के साथ देश का मजाक बनाने लगे।

पीयूष गोयल ने अपने बयान में कहा था, “अगर भारत हर साल कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ के आधार पर 8 फीसद की दर से बढ़ता है तो अर्थव्यवस्था 9 सालों में दोगुनी होकर $6.5 ट्रिलियन हो जाएगी। 18 सालों में यह $13 ट्रिलियन होगी, 27 सालों में $26 ट्रिलियन और 30 साल बाद ये बढ़कर $30 ट्रिलियन हो सकती है।”

अब केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के बयान को पढ़ें तो पता चलेगा कि उन्होंने कहीं पर भी एनडीटीवी वाला दावा नहीं किया। बल्कि उन्होंने एक सुनहरे भविष्य की कल्पना की अनुमान पर की है। उन्होंने कहा है कि अगर देश की अर्थव्यवस्था एक तय दर से बढ़ेगी तो 30 साल बाद वो समय भी आएगा जब भारत $30 ट्रिलियन की इकोनॉमी होगी।

केंद्रीय मंत्री के बयान से उलट एनडीटीवी ने अपनी रिपोर्ट के शीर्षक में दिखाया है कि केंद्रीय मंत्री देश को 30 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाने का दावा कर रहे हैं वो भी बहुत जल्द है। यही वजह है कि लोग भारत सरकार पर उंगली उठा रहे हैं कि 3 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी 30 ट्रिलियन डॉलर तक कैसे पहुँच सकती है।

बता दें कि सोशल मीडिया पर तमाम यूजर्स द्वारा एनडीटीवी की यह पोल खोले जाने के बावजूद अभी तक एनडीटीवी ने इस खबर के लिखे जाने तक अपनी खबर की भाषा में कोई बदलाव नहीं किया है। उनकी खबर से अब भी साफ नहीं है कि ये देश के 30 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी होने की बात 30 सालों को लेकर कही गई है।

’47 साल पहले हुआ था लोकतंत्र को कुचलने का प्रयास’: जर्मनी में PM मोदी ने याद दिलाया आपातकाल, कहा – ये इतिहास पर काला धब्बा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जर्मनी दौरे में वहाँ की राजधानी म्यूनिच में भारतीय समुदाय को भी सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि वो उन सभी में भारत की संस्कृति, एकता और बंधुत्व के भाव का दर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आपका ये स्नेह मैं कभी भूल नहीं पाउँगा। पीएम मोदी ने कहा कि आपके इस प्यार, उत्साह और उमंग से जो लोग हिंदुस्तान में देख रहे हैं, उनका सीना भी गर्व से भर गया होगा। उन्होंने वहाँ आपातकाल की भी बात की।

पीएम मोदी ने कहा कि आज का दिन एक और वजह से जाना जाता है – जो डेमोक्रेसी हमारा गौरव है, जो डेमोक्रेसी हर भारतीय के DNA में है, आज से 47 साल पहले इसी समय उस डेमोक्रेसी को बंधक बनाने, डेमोक्रेसी को कुचलने का प्रयास किया गया था। उन्होंने याद दिलाया कि आपातकाल के कालखंड भारत के वाइब्रेंट डेमोक्रेटिक इतिहास में एक काले धब्बे की तरह है, लेकिन इस काले धब्बे पर सदियों से चली आ रही लोकतांत्रिक परंपराओं की श्रेष्ठता भी पूरी शक्ति के साथ विजयी हुई, लोकतांत्रिक परंपराएँ इन हरकतों पर भारी पड़ी।

पीएम मोदी ने जर्मनी के म्युनिक में कहा कि भारत के लोगों ने लोकतंत्र को कुचलने की सारी साजिशों का जवाब, लोकतांत्रिक तरीके से ही दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि हम भारतीय कहीं भी रहें, अपनी डेमोक्रेसी पर गर्व करते हैं और हर हिंदुस्तानी गर्व से कहता है, भारत ‘लोकतंत्र की जननी’ है। विकास के मुड़े गिनाते हुए उन्होंने बताया कि आज भारत के हर गाँव तक बिजली पहुँच चुकी है, लगभग हर गाँव सड़क मार्ग से जुड़ चुका है, 99% से ज्यादा लोगों के पास क्लीन कुकिंग के लिए गैस कनेक्शन है और आज भारत का हर परिवार बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ा हुआ है।

पीएम मोदी ने कहा, “आज भारत के हर गरीब को 5 लाख रुपए के मुफ्त इलाज की सुविधा उपलब्ध है। कोरोना के इस समय में भारत पिछले दो साल से 80 करोड़ गरीबों के लिए मुफ्त अनाज सुनिश्चित कर रहा है। इतना ही नहीं, आज भारत में औसतन हर 10 दिन में एक यूनिकॉर्न बन रहा है। आज भारत में हर महीने औसतन 5 हजार पेटेंट फाइल होते हैं। आज भारत हर महीनें औसतन 500 से अधिक आधुनिक रेलवे कोच बना रहा है। आज भारत हर महीने औसतन 18 लाख घरों को पाइप वॉटर सप्लाई से जोड़ रहा है।”

पीएम मोदी ने कहा कि आज 21वीं सदी का भारत चौथी औद्योगिक क्रांति में, इंडस्ट्री 4.0 में पीछे रहने वालों में नहीं, बल्कि इस औद्योगिक क्रांति का नेतृत्व करने वालों में से एक है। उन्होंने कहा कि Information Technology और Digital Technology में भारत अपना परचम लहरा रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया में हो रहे रियल टाइम डिजिटल पेमेंट्स में से 40% ट्रांजेक्शन भारत में हो रहे हैं और आज भारत डेटा कंजम्प्शन में नए रिकॉर्ड बना रहा है। भारत उन देशों में है जहाँ डेटा सबसे सस्ता है।

प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि आज का भारत “होता है, चलता है, ऐसे ही चलेगा” वाली मानसिकता से बाहर निकल चुका है और आज भारत ‘करना है’ ‘करना ही है’ और ‘समय पर करना है’ का संकल्प रखता है। उन्होंने ये भी कहा कि भारत अब तत्पर है, तैयार है, अधीर है – भारत अधीर है, प्रगति के लिए, विकास के लिए। भारत अधीर है, अपने सपनों के लिए, अपने सपनों की सिद्धि के लिए। उन्होंने आँकड़े गिनाए कि आज भारत में 90% व्यस्कों को वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि 95% व्यस्क ऐसे हैं, जो कम से कम एक डोज ले चुके हैं और ये वही भारत है, जिसके बारे में कुछ लोग कह रहे थे कि सवा अरब आबादी को वैक्सीन लगाने में 10-15 साल लग जाएँगे। उन्होंने बताया कि भारत में वैक्सीन का आँकड़ा 196 करोड़ को पार कर चुका है और ‘मेड इन इंडिया’ वैक्सीन ने भारत के साथ ही दुनिया के करोड़ों लोगों की कोरोना से जान बचाई है। उन्होंने जानकारी दी कि पिछले साल हमने अब तक का उच्चतम एक्सपोर्ट किया है।

बकौल पीएम मोदी, ये इस बात का सबूत है कि एक ओर हमारे निर्माता नए अवसरों के लिए तैयार हो चुके हैं, वहीं दुनिया भी हमें उम्मीद और विश्वास से देख रही है। उन्होंने कहा कि आज स्वच्छता भारत में एक जीवनशैली बन रही है और भारत के लोग, भारत के युवा देश को स्वच्छ रखना अपना कर्तव्य समझ रहे हैं। बकौल प्रधानमंत्री, आज भारत के लोगों को भरोसा है कि उनका पैसा ईमानदारी से देश के लिए लग रहा है, भ्रष्टाचार की भेंट नहीं चढ़ रहा।

उन्होंने आगे कहा, “बीते दशकों में आपने मेहनत और अपने काम से भारत की सशक्त छवि यहाँ बनाई है। आजादी के अमृतकाल में, यानी आने वाले 25 साल में आपसे अपेक्षाएँ और बढ़ गई हैं। आप इंडिया की सक्सेस स्टोरी भी हैं और भारत की सफलताओं के ब्रांड एम्बेसडर भी हैं।”

‘गुवाहाटी से आएँगी 40 लाशें, पोस्टमॉर्टम के लिए भेजेंगे’: संजय राउत ने कामाख्या मंदिर और छठ पूजा को भी नहीं छोड़ा, कहा – मोदी-शाह डरते हैं हमसे

शिवसेना के प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने पार्टी के बागी विधायकों को लेकर विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि गुवाहाटी से 40 लाशें आएँगी और महाराष्ट्र विधानसभा में उनका पोस्टमॉर्टेम होगा। उन्होंने कहा, “ये जो 40 लोग हैं, ये ज़िंदा लाश हैं। मुर्दा हैं। उनके शव यहाँ आएँगे। उनकी आत्मा मरी हुई है। ये 40 लोग जब उतरेंगे तो मन से ये ज़िंदा नहीं रहेंगे। उन्हें पता है कि ये तो आग लगी है, इससे क्या हो सकता है।”

संजय राउत ने साथ ही उन विधायकों को ढकी दी कि वो महाराष्ट्र आकर दिखाएँ। ज्ञात हो कि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना के विधायकों ने असम के गुवाहाटी में डेरा डाला हुआ है। शिवसेना मुखपत्र ‘सामना’ के एग्जीक्यूटिव एडिटर संजय राउत ने कहा कि कामाख्या मंदिर में पशु बलि दी जाती है, हमने 40 लोगों को बलि दिए जाने के लिए वहाँ भेजा है। साथ ही उन्होंने धमकाया कि शिवसेना का हजारों समर्थक शांत हैं, वरना सबको पता है एक इशारे पर वो क्या कर सकते हैं।

वीडियो में देखा जा सकता है कि जब संजय राउत कहते हैं कि वो 40 लाशों को पोस्टमॉर्टम के लिए विधानसभा भेजेंगे, तब सभा में एक शिवसेना कार्यकर्ता चिल्ला कर कहता है कि हम सीधे उनका अस्थि विसर्जन कर देंगे। इस पर संजय राउत कहते हैं कि हम इन्हें छठ पूजा में भेज देंगे। उन्होंने कामाख्या देवी मंदिर को ‘जादू-टोना मंदिर’ कह कर अपमानित किया। शिवसेना कार्यकर्ताओं ने बॉडी शेमिंग की हदें भी पार कर दी और कहा कि सिर्फ 40 साँड़ की ही बलि नहीं देनी है, उनमें 3 भैंस भी हैं।

संजय राउत ने आगे कहा, “सभी का एक बाप होता है लेकिन संजय राउत के 3 बाप गुजरात में, 4 दिल्ली में और 2 असम में हैं। कुछ मुंबई भाजपा में भी हैं। आपके 20-25 बाप हैं, ऐसों को हम नाजायज औलाद कहते हैं। जब आनंद दीघे (ठाणे के दिवंगत नेता) जेल गए थे, तब एकनाथ शिंदे कहाँ थे? तब हम वहाँ थे, वो ऑटो रिक्शा चला रहे थे। हम शिवसेना हैं, हमारा डर ऐसा है कि हमें देख कर मोदी-शाह भी रास्ता बदल लेते हैं।”

उधर राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को भी मुंबई के अस्पताल ने कोरोना के इलाज के बाद छुट्टी दे दी है। उन्होंने राज्य के पुलिस अधिकारियों से शिवसेना के बागी विधायकों के परिवारों को सुरक्षा देने का निर्देश दिया है। कई विधायकों के घरों और दफ्तरों पर शिवसैनिकों के हमले देखने को मिले हैं। 15 विधायकों को केंद्र सरकार ने CRPF की Y सिक्योरिटी भी दी है। उधर भंडारा के बागी शिवसेना विधायक नरेंद्र भोंडेकर का जन्मदिन भी एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में गुवाहाटी के रैडिसन ब्लू होटल में बनाया गया।

‘दाढ़ी कटा…भाजपा के मुखबिर’ : BJP के मुस्लिम नेता को कट्टरपंथियों ने पीटा, मार-मार कर उंगली तोड़ी

उत्तर प्रदेश के कानपुर में भारतीय जनता पार्टी से जुड़े एक मुस्लिम नेता को उन्हीं के समुदाय के लोगों द्वारा पीटे जाने की खबर आई है। पीड़ित नेता का नाम फैसल मलिक है। मलिक ने अपने साथ हुई हिंसा की शिकायत पुलिस को दी है। उनकी तहरीर पर चार लोगों के विरुद्ध केस दर्ज हुआ है।

जानकारी के मुताबिक, कानपुर में भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा छावनी मंडल के कोषाध्यक्ष फैसल ने आरोप लगाया है कि उनके बीजेपी से जुड़े होने के कारण उनके समुदाय के लोग उनसे नाराज थे। सबको उनका पार्टी में रहना खटकता था। इसी कारण उन्होंने मलिक को जमकर पीटा और उन्हें धमकी दी कि वो अपने दाढ़ी को कटा लें।

फैसल की हाथ में पट्टी बाँधे एक वीडियो भी सामने आई है। इस वीडियो को शेयर करते हुए न्यूज नेशन पत्रकार अमित सिंह ने बताया कि फैसल ने दावा किया है कि मुस्लिम दबंगों ने उन्हें इसलिए मारा क्योंकि वे मुस्लिम होकर भाजपा से जुड़े। इतना ही नहीं दबंगों ने उन्हें भाजपा का मुखबिर भी कहा।

फैसल का पूछना है कि क्या दाढ़ी रखकर भाजपा में शामिल होना गुनाह है। अगर हाँ, तो पार्टी उन्हें निकाल दे। लेकिन अगर ऐसा नहीं है तो उन लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की जानी चाहिए जिन्होंने उन्हें पीटा। उनका आरोप है कि उनसे मारपीट के वक्त दबंगों ने उनकी उंगली तोड़ दी। वहीं पुलिस ने इस शिकायत के मिलने के बाद रेल बाजार थाना में चार लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 324, 504, 506 के तहत केस को दर्ज किया है।

जी न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, एसपी ने इस मामले पर जानकारी दी कि फैसल मलिक आजाद पार्क के पास रहते हैं। वहीं उन्होंने घास लगाई थी जहाँ कुछ लोग फुटबॉल खेलने आए। जब फैसल ने उनका विरोध किया तो उनसे मारपीट की गई। अब शिकायत के आधार पर चार लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। जाँच के बाद तथ्य सामने आएँगे उन्हें जाँच में शामिल करके कार्रवाई की जाएगी।