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रिया चकवर्ती और उसका भाई शौविक करते थे ड्रग्स का इस्तेमाल, सुशांत सिंह राजपूत के लिए खरीदे भी: स्पेशल कोर्ट में NCB, 12 जुलाई को सुनवाई

बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत से जुड़े ड्रग्स मामले में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने स्पेशल कोर्ट में मसौदा आरोप दायर कर दिया है। इसमें सुशांत की गर्लफ्रेंड रहीं रिया चकवर्ती और उनके भाई शौविक पर वे आरोप बरकरार रखे गए हैं जो एजेंसी ने आरोप-पत्र में लगाए थे। हालाँकि कोर्ट ने अभी आरोप तय नहीं किए हैं। अब इस मामले की सुनवाई 12 जुलाई को होगी।

बुधवार (22 जुलाई 2022) को दाखिल की है। हालाँकि इस ड्राफ्ट पर अंतिम फैसला आरोपितों द्वारा दाखिल डिस्चार्ज एप्लिकेशन पर फैसला आने के बाद भी होगा।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश वी जी रघुवंशी कर रहे हैं। स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर अतुल सरपांडे ने बताया है कि आरोपितों के खिलाफ वे आरोप कायम रखे गए हैं, जिनका जिक्र अदालत में पूर्व में दाखिल आरोप-पत्र में किया गया था। इसके मुताबिक रिया और उसका भाई शौविक ड्रग्स का इस्तेमाल करते थे। साथ ही सुशांत के लिए ड्रग्स की खरीद में भी संलिप्त थे।

मार्च 2021 में NCB ने विशेष एनडीपीएस (NDPS) कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। इसमें 33 लोग आरोपित बनाए गए थे। इनमें रिया चकवर्ती और उसके भाई शौविक का नाम शामिल था। 12000 से अधिक पन्नों के चार्जशीट में 200 चश्मदीदों के बयान का उल्लेख होने की बात सामने आई थी। उस समय की रिपोर्टों में बताया गया था कि करीब 50 हजार पन्ने डिजिटल फॉर्मेट में भी कोर्ट के सामने पेश किए गए हैं।

गौरतलब है कि सुशांत सिंह राजपूत 14 जून 2020 को ब्रांदा के अपने फ्लैट में फंदे से लटके मिले थे। सीबीआई इस मामले के जाँच कर रही है। मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के ऐंगल की जाँच के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ED) को बॉलीवुड सेलिब्रिटीज और ड्रग पैडलर्स के बीच कनेक्शन मिले थे। इसके बाद एनसीबी ने कार्रवाई करते हुए कई जगहों पर छापेमारी और गिरफ्तारियाँ की थी। सितंबर 2020 में रिया चक्रवर्ती को गिरफ्तार किया गया था। रिया लगभग 1 महीने जेल में रहीं थी। बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी।

माफिया डॉन मुख्तार अंसारी की बीवी आफसा अंसारी की ₹3.76 करोड़ की संपत्ति होगी कुर्क, अवैध तरीके से खरीदी गई जमीन पर कार्रवाई के आदेश

माफिया डॉन मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। अब मुख्तार अंसारी की पत्नी के खिलाफ एक्शन लेते हुए मऊ के जिला अधिकारी ने गैंगस्टर की बीवी आफसा अंसारी (Afsa Ansari) की 3.76 करोड़ रुपए की संपत्ति को कुर्क करने का आदेश दिया है। ये कार्रवाई गैंगस्टर एक्ट के तहत की गई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, आईएस 191 गैंग के मुखिया मुख्तार अंसारी की दर्जी टोला वार्ड नंबर 9 यूसुफपुर की रहने वाली पत्नी आफसा अंसारी ने गैरकानूनी तरीके से पैसे कमाकर अपने नाम से जमीन की खरीदी की थी। ये जमीन शेखपुर परगना व तहसील सदर जनपद गाजीपुर में स्थित है। जिले के जिलाधिकारी अरुण कुमार के आदेश के मुताबिक, ये जमीन आराजी संख्या 70 में 235 एयर रकबा जमीन खरीदी गई थी।

इतना ही नहीं अंसारी के खिलाफ जनपद गाजीपुर में कई थानों समेत जनपद सराय लखंसी और थाना दक्षिण टोला में कई अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। डीएम अरुण कुमार के मुताबिक, अब सरकार की मंशा के तहत गलत तरीके से कमाए गए धन से बनाई गई संपत्तियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। जिले में इस तरह के कई अन्य के भी अवैध कमाइयों को चिन्हित किया जा रहा है। इन सभी के खिलाफ कुर्की का एक्शन लिया जाएगा। इसके अलावा प्रशासन लगातार माफियाओं के अवैध निर्माणों के साथ ही उस शस्त्र लाइसेंसों को भी रद्द करने की कार्रवाई कर रहा है।

गौरतलब है कि कभी पूर्वांचल की राजनीति में बड़ा नाम और अपनी दबंगई के लिए कुख्यात रहे मुख्तार अंसारी के खिलाफ योगी सरकार के ताबड़तोड़ एक्शन ने माफिया की कमर तोड़ कर रख दी है। उसकी पत्नी आफसा अंसारी के खिलाफ भी पिछले महीने ही कोर्ट ने अरेस्ट वारंट जारी किया था। ये अरेस्ट वारंट अवैध तरीके से अर्जित संपत्तियों को लेकर ही जारी किया गया था।

उद्धव ठाकरे ने छोड़ा महाराष्ट्र CM का आवास, एकनाथ शिंदे की दो टूक- महाराष्ट्र में NCP-कॉन्ग्रेस से गठबंधन तोड़ना होगा

महाराष्ट्र में बढ़ते सियासी संकट बीच सीएम उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र की जनता को संबोधित करते हुए कहा कि अगर बागी विधायक उनसे यह कहते हैं कि वह उन्हें (ठाकरे) मुख्यमंत्री के रूप में नहीं देखना चाहते तो वह अपना पद छोड़ने के लिए तैयार हैं। उद्धव ठाकरे ने यह भी कहा, “सूरत और अन्य जगहों से वो बयान क्यों दे रहे हैं? मेरे सामने आकर मुझसे कह दें कि मैं मुख्यमंत्री और शिवसेना अध्यक्ष के पदों को सँभालने में सक्षम नहीं हूँ। मैं तत्काल इस्तीफा दे दूँगा। मैं अपना इस्तीफा तैयार रखूँगा और आप आकर उसे राजभवन ले जा सकते हैं।”

इस बीच खबर ये भी आ रही है कि मुख्यमंत्री आवास से उद्धव ठाकरे का सामान निकाला जा रहा है।

वहीं उद्धव ठाकरे के बयान के कुछ देर बाद ही गुवाहाटी के एक होटल से एकनाथ शिंदे ने भी महाराष्ट्र में सत्ता को लेकर जारी खींचतान पर अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि शिवसेना को एनसीपी और कॉन्ग्रेस से गठबंधन तोड़ना होगा।

एक नाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे के सामने अपनी मुख्य माँगों को रखते हुए कहा:

  • पिछले ढाई वर्षों में, एमवीए सरकार ने केवल घटक दलों को फायदा पहुँचाया, और शिवसैनिकों को लगातार भारी नुकसान हुआ।
  • घटक दल मजबूत हो रहे हैं, शिवसेना का व्यवस्थित रूप से गबन किया जा रहा है।
  • पार्टी और शिवसैनिकों के अस्तित्व के लिए अप्राकृतिक गठबंधन से बाहर निकलना जरूरी है।
  • महाराष्ट्र के हित में अब निर्णय लेने की जरूरत है।

मीडिया में भले ही इधर सवाल-जवाब चल रहे हों लेकिन उद्धव ठाकरे की सरकार को लेकर सस्पेंस अभी भी बरकरार है। इस बीच जहाँ बागी नेता एकनाथ शिंदे ने दावा किया है कि उनके साथ 46 विधायक हैं। उन्होंने होटल से एक तस्वीर भी जारी की है। वहीं तेज़ी से बदलते घटनाक्रम के बीच मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा है कि अगर शिवसैनिक चाहें तो वे इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने बिना किसी का नाम लेते हुए कहा, “मुझे खुशी होगी कि अगर कोई शिवसैनिक राज्य का मुख्यमंत्री बने। शिवसेना कभी भी हिन्दुत्व से नहीं भटकी है। आज भी शिवसेना बाला साहेब के बताए रास्ते पर चल रही है।”

इस सियासी घमासान के बीच गुवाहाटी के होटल से एकनाथ शिंदे का एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें वे अपने समर्थक विधायकों से बात कर रहे हैं और एक पेपर पर कुछ लिख रहे हैं।

इस बीच शिवसेना सांसद संजय राउत ने यह कहकर सस्पेंस बरक़रार रखने की कोशिश की कि उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री बने रहेंगे और मौका आने पर बहुमत साबित करेंगे।

गौरतलब है कि आज शाम को ही महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और एनसीपी प्रमुख शरद पवार के बीच मुलाकात हुई है। इस मुलाकात के हवाले से मीडिया में दावा किया जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच मुलाकात में बागी नेता एकनाथ शिंदे को राज्य का मुख्यमंत्री पद देने पर विचार हुआ है। वहीं बैठक में इस बात पर चर्चा हुई कि किस तरह बागी नेता एकनाथ शिंदे को शांत कराया जाए। इसी कड़ी में इस बात पर भी विचार किया गया कि क्या उन्हें सीएम का पद देकर इस संकट को खत्म किया जा सकता है। इसके बाद महाराष्ट्र कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष नाना पटोले ने भी कहा कि उन्हें शिंदे को समर्थन करने में दिक्कत नहीं है बाकि उद्धव ठाकरे जो भी फैसला लेंगे वो मंजूर है।

बता दें कि महाराष्ट्र में शिवसेना, कॉन्ग्रेस और एनसीपी के गठबंधन की सरकार है। वहीं इसी बीच दो दिन पहले शिवसेना के वरिष्ठ नेता एकनाथ शिंदे ने बगावत कर दी है। शिंदे शिवसेना के करीब 46 विधायकों के साथ असम के गुवाहाटी में हैं और खुद को असली शिवसेना बता रहे हैं। कहा जा रहा है कि उन्होंने सीएम उद्धव ठाकरे के सामने बीजेपी के साथ सरकार बनाने की शर्त रखी है।

अपने परिवार को बाढ़ में फँसा छोड़, सेना के अधिकारी ने बचाई 100 लोगों की जान: सेना ने की तारीफ, बताया- ये निस्वार्थ सेवा का असाधारण उदाहरण

देश भर में भारत सरकार के अग्निपथ स्कीम के विरोध के बीच एक बार फिर से सेना ने देश सेवा के जज्बे को दिखाया है। बाढ़ प्रभावित असम में भारतीय सेना के अधिकारी कैप्टन दास ने खुद से पहले दूसरों की सेवा का अनुपम उदाहरण पेश किया है। रूपम दास का खुद का परिवार बाढ़ में फँसा हुआ था, लेकिन उन्होंने इसकी परवाह किए बिना ही 100 से भी अधिक लोगों की जान बचाई।

असमी आर्मी के सैन्य अधिकारी रूपम दास विनाशकारी बाढ़ का सामना कर रहे अपने गृह राज्य में बाढ़ग्रस्त इलाकों में बचाव अभियान चला रहे हैं। असम के पाठशाला के रहने वाले दास के प्रयासों की सराहना करते हुए सेना ने रविवार को कहा, “सेना द्वारा बाढ़ बचाव अभियान के दौरान, समर्पित अधिकारी ने अपने परिवार के सदस्यों के फँसे होने के बावजूद सौ से अधिक लोगों की जान बचाई।”

बयान में कहा गया, “उनकी कार्रवाई मानवता और राष्ट्र के लिए निस्वार्थ सेवा का एक असाधारण उदाहरण है। इस तरह के प्रेरक कार्य असाधारण मानवीय मूल्यों और मजबूत सैन्य सौंदर्य को प्रकट करते हैं और देश के युवाओं में मूलभूत गुणों को प्रदर्शित करते हैं।”

गौरतलब है कि असम में बाढ़ के हालात को देखते हुए चार दिन पहले बचाव अभियान के लिए सेना की टुकड़ियों को उतारा गया था। सेना की चौदहवीं बटालियन ने प्रदेश के सात जिलों में 4,500 से अधिक लोगों को बचाया है। वहीं रविवार को नौ और लोगों की मौत हो गई थी। इनमें से 6 की बाढ़ और तीन की लैंड स्लाइड की चपेट में आने से मौत हुई थी। इसी के साथ मरने वालों की कुल संख्या 71 हो गई।

बता दें कि असम की बाढ़ में 33 जिलों में 42.28 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। रेलवे ने कई ट्रेनों को रद्द कर दिया है। मीडिया ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में बनाए गए 223 शिविरों में से 44 में पानी आ गया है।

इससे पहले रविवार को भी डिब्रूगढ़ में ब्रह्मपुत्र नदी में एक नाव के पलट जाने से चार लोगों के लापता होने की खबर सामने आई थी। असम के अलावा मेघालय भी बाढ़ और भूस्खलन से बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

सेक्स करने पर मिलेगी 7 साल की सज़ा, सिंगल्स के लिए क़तर का शरिया कानून: FIFA वर्ल्ड कप से पहले किया ऐलान

फ़ुटबॉल प्रशंसक, सावधान! कतर में फीफा विश्व कप 2022 (FIFA World Cup 2022) के दौरान किसी भी विवाहेत्तर यौन संबंध स्थापित करते पकड़े गए तो सात साल की जेल की सजा हो सकती है। दरअसल, इस साल नवंबर में फुटबॉल वर्ल्ड कप खेला जाना है, जिसकी मेजबानी कतर कर रहा है। वहीं इस्लामिक देश क़तर ने शरिया कानून को ध्यान में रखते हुए फीफा वर्ल्ड कप के दौरान शराब और सेक्स को लेकर कई तरीके की बंदिशें लगाई हैं।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, खाड़ी देश क़तर में जब तक आप पति-पत्नी की टीम के रूप में नहीं आ रहे हैं, तब तक सेक्स आपको सेक्स से दूर ही रहना होगा। ऐसे में निश्चित रूप से इस टूर्नामेंट में कोई वन-नाइट स्टैंड नहीं होगा। कोई ऐसी पार्टी नहीं होगी जहाँ सिंगल्स दूसरों से मिल सकें। वर्ल्ड कप के कई महीने पहले ही क़तर ने फुटबॉल फैंस को खुली चेतावनी दे दी है कि इस साल के यदि विश्व कप में वन-नाइट स्टैंड में पकड़े गए तो आपको सात साल तक सलाखों के पीछे रहना पड़ सकता है।

असल में क़तर अपने इस्लामिक कानून और नियमों को लेकर सख्त पाबन्द है और यहाँ सेक्स को लेकर भी कई कड़े नियम लागू हैं। यहाँ पर पति-पत्नी के अलावा किसी और के साथ सेक्स करना गैर कानूनी है, चाहे वह दोनों की मर्ज़ी से ही क्यों न हुआ हो फिर भी इसके लिए कड़ी सजा का प्रावधान हैं। इसलिए फीफा वर्ल्ड कप के दौरान क़तर आने वाले सिंगल्स अगर किसी के साथ सेक्स करते पकड़े जाते हैं तो उन्हें पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज सकती है। यदि आप होमोसेक्शुअल रिलेशनशिप में है तो भी आपके विरुद्ध शरिया कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जा सकती है। कुलमिलाकर, इस साल के विश्व कप में पहली बार अनिवार्य रूप से अवैध सेक्स प्रतिबंध है।

गौरतलब है कि कतर में अपने नागरिकों के लिए भी शादी के बाहर सेक्स और समलैंगिकता अवैध है। वहाँ पहले से ही अलग-अलग सरनेम वाले फैंस को होटल का कमरा तक नहीं मिल रहा। कतर में फीफा 2022 विश्व कप के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नासिर अल-खतर ने कहा, “हमारे लिए हर एक फैन की सिक्योरिटी बेहद अहम है। यहाँ खुले में तो पति-पत्नी भी किसी तरह के प्यार का इजहार नहीं कर सकते क्योंकि यह हमारी संस्कृति का हिस्सा नहीं है। कतर एक रूढ़िवादी देश है और अगर आप यहाँ आ रहे हैं तो आपको नियमों का पालन करना ही होगा।”

वहीं कुछ मीडिया रिपोर्ट में समलैंगिकता को लेकर कतर फुटबॉल संघ के महासचिव मंसूर अल अंसारी के हवाले से कहा गया है कि क़तर में वर्ल्ड कप के दौरान इंद्रधनुषी झंडों पर भी प्रतिबंध लगाने का विचार किया जा रहा है। उन्होंने अप्पने बयान में कहा, “आप एलजीबीटी के बारे में अपना विचार प्रदर्शित करना चाहते हैं, तो इसे ऐसे समाज में प्रदर्शित करें जहाँ यह स्वीकार हो। कतर में इसकी कोई जगह नहींं।”

फैजल, शोहिल और सलमान ने दलित अधेड़ को पीट-पीट कर मार डाला, छेड़खानी का किया था विरोध: छत पर चढ़ लड़कियों से करते थे छेड़छाड़

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले से चौंकाने वाली घटना प्रकाश में आई हैं, जहाँ एक दलित के घर पर की छत पर लड़कियों से छेड़छाड़ कर रहे मुस्लिम युवकों को रोकने गए अधेड़ उम्र के पिता की हत्या कर दी गई। घटना के बाद इलाके में भारी तनाव फैल गया। इस मामले में मृतक राजू की पत्नी की शिकायत पर तीन आरोपितों बुधवार (22 जून 2022) को गिरफ्तार कर लिया गया है।

गिरफ्तार किए गए आरोपितों में मोहम्मद फैजान उर्फ भूरा पुत्र इमदाद हुसैन, मोहम्मद शोहिल पुत्र इमदाद हुसैन और फैय्याज हुसैन का बेटा मोहम्मद सलमान उर्फ मुन्ना शामिल है। इन सभी के खिलाफ आईपीसी की धारा 147, 149, 302 3(2)5 SC/ST एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है।

क्या है पूरा मामला

रिपोर्ट के मुताबिक, ये घटना जिले के अमरिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले माधौपुर की है। 16 जून को मुस्लिम आरोपित छत पर चढ़कर, लड़कियों से छेड़छाड़ कर रहे थे। लड़कियों को बचाने के लिए गए दलित जब इसका विरोध किया तो आरोपितों ने अधेड़ के साथ बुरी तरह से मारपीट की। इस मारपीट में बुरी तरह से घायल अधेड़ राजू गंभीर रूप से घायल हो गया। बाद में उसको इलाज के लिए अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया, जहाँ 18 जून को उसकी मौत हो गई। इस मामले में बीती रात भी पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी।

घटना के बाद इलाके में भारी तनाव फैल गया। आसपास के तीन थानों की फोर्स को मौके पर तैनात किया गया है। इस मामले में मृतक राजू की पत्नी राम बेटी ने अमरिया थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। बहरहाल तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। बाकियों की तलाश की जा रही है। अमरिया के थानाध्यक्ष केके वर्मा ने मामले में आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।

कर्नाटक में JDS विधायक की गुंडई, कॉलेज प्रिंसिपल को पीटा: वीडियो वायरल, कर्मचारी संघ नाराज़

कर्नाटक (Karnataka) से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ मांड्या शहर में सोमवार (20 जून 2022) को जनता दल (सेक्युलर) के विधायक एम श्रीनिवास (M Srinivas) ने एक कॉलेज के प्रिंसिपल को सार्वजनिक रूप से पीट दिया। बताया जा रहा है कि विधायक नलवाड़ी कृष्णराजा वाडियार आईटीआई कॉलेज के निरीक्षण करने के लिए गए थे। उसी दौरान उन्होंने ये हरकत की।

रिपोर्ट के मुताबिक, कॉलेज में बने कंप्यूटर लैब के लिए चल रहे विकास कार्यों को लेकर प्रिंसिपल से उन्होंने कुछ सवाल पूछा, जिसका उत्तर जब विधायक के मन मुताबिक नहीं मिला तो उन्होंने प्रिंसिपल को थप्पड़ जड़ दिए। पीड़ित प्रिंसिपल की पहचान नागानंद के रूप में हुई है।

जेडीएस विधायक की इस हरकत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें उन्हें कई बार प्रिंसिपल को थप्पड़ मारते देखा गया। जेडीएस विधायक ने पहले अपने साथियों के सामने कॉलेज प्राचार्य को फटकार लगाई और फिर मारपीट करने लगे।

इस घटना के बाद प्रिंसिपल नागानंद सदमे में हैं। वही वीडियो में देखा जा सकता है कि लोग विधायक को शाँत करने की कोशिश कर रहे हैं। इस मामले में हालाँकि, कॉलेज प्राचार्य ने शिकायत दर्ज नहीं कराई, लेकिन सरकारी कर्मचारी संघ (मांड्या) के अध्यक्ष शंभू गौड़ा ने जानकारी दी है कि मामला जिला आयुक्त के समक्ष उठाया जाएगा।

सरकारी कर्मचारी संघ ने घटना की पूरी जानकारी ली और नागानंद को अपना पूरा समर्थन भी दिया। नेटिजन्स ने एक कॉलेज प्रिंसिपल के साथ मारपीट और अपमानित करने के लिए जेडीएस विधायक की भी आलोचना की है।

कॉन्ग्रेस नेताओं ने किया था पुलिस पर हमला

ये कोई पहली बार नहीं है, जब नेताओं ने इस तरह की हरकतें की हों। इससे पहले हाल ही में जेडीएस की पूर्व सहयोगी कॉन्ग्रेस पार्टी ड्यूटी पर पुलिस अधिकारियों के साथ मारपीट करने के लिए चर्चा में रही है। हाल ही में राहुल गाँधी के समर्थन में विरोध प्रदर्शन के दौरान 16 जून को तेलंगाना में एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर का कॉलर पकड़ लिया था।

इसी तरह से 21 जून को नेट्टा डिसूजा को अग्निपथ योजना के विरोध में पुलिस अधिकारियों पर थूकते देखा गया था। डिसूजा अखिल भारतीय महिला कॉन्ग्रेस की कार्यवाहक अध्यक्ष हैं। खास बात ये है कि ये वही नेता है, जो जवानों के अधिकारों के लिए लड़ने का दावा करती हैं। बाद में वही पुलिसकर्मियों का अपमान करते देखा गया।

हाथ बाँध कर सेक्स, चाकू से वार: शाहबाज ने ‘राहुल गुर्जर’ बन हिन्दू लड़की को फाँसा, अब कह रहा – इस्लाम क़बूलो, जन्नत मिलेगी

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के हरदा जिले से लव जिहाद (Love Jihad) का चौंकाने वाला मामला प्रकाश में आया है, जहाँ शाहबाज शरीफ नाम के मुस्लिम युवक ने एक हिन्दू लड़की को राहुल गुर्जर बनकर अपने जाल में फँसा लिया। बाद में आरोपित ने पीड़िताके साथ रेप (Rape) किया और उस पर धर्मान्तरण (Religious Conversion) इस्लाम कबूलने का दबाव बनाया। आरोपित ने पीड़िता को कहा कि अगर वो इस्लाम कबूल करती है तो उसे जन्नत मिलेगी।

रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़िता दुर्गेश नंदिनी चौहान (24) हरदा जिले के टिमरनी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले विद्या विहार कॉलोनी की रहने वाली है। अनुसूचित समुदाय से आने वाली नंदिनी बीएससी की स्टूडेंट है। पीड़िता का कहना है कि शाहबाज सेठ (राहुल गुर्जर) कट्टरपंथी इस्लामवादी है। उसने कहा था कि जल्द हमलावर जल्द ही भारत पर कब्जा कर लेंगे। पीड़िता की शिकायत पर आरोपित खिलाफ रेप और मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम समेत कई अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।

इस मामले में पीड़िता की शिकायत पर पहली एफआईआर (नंबर 00/2022) 27 मई 2022 को हरदा जिले के टिमरनी पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी। बाद में अगले दिन मामले को सिराली थाने में ट्रांसफर कर दिया गया और वहाँ एक नई एफआईआर (नंबर 164/2022) दर्ज की गई थी।

नंदिनी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि करीब डेढ़ साल पहले हरदा डिग्री कॉलेज में उसकी मुलाकात आरोपित से हुई थी। शुरुआत में वो नंदिनी को पटाने के चक्कर में उसकी पढ़ाई से लेकर तमाम चीजों में बहुत ही ख्याल रखा। इस कारण दोनों करीब आ गए। वक्त के साथ प्यार हुआ और शारीरिक संबंध भी बन गए। एक दिन सरसौद स्थित पत्थर की एक छोटी से खदान के ऑफिस में जब वो थी, तो उसी दौरान उसे पहली बार उस पर शक हुआ। बाद में राहुल ने खुलासा किया कि उसका असली नाम शाहबाज सेठ है और उसने नंदिनी को फँसाने के लिए ये सब किया था।

नौकरी का झाँसा देकर वो 14 नवंबर 2021 को नंदिनी को मल्हारगंज के कन्नौद ले गया। वहीं पर दोनों साथ रहने लगे। इस दौरान उसने नंदिनी पर कड़ी नजर रखी। हर चीज मसलन फोन पर बात करते वक्त भी स्पीकर चालू करने को कहता। उसने नंदिनी के अंतरंग पलों को अपने फोन में रिकॉर्ड किया और जब वो उससे सेक्स के लिए इनकार करती तो उसे वायरल करने की धमकी देता था। एक दिन एक कार्यक्रम में शामिल होने के बहाने से उसने उससे अपने माता-पिता से मिलने देने के लिए राजी किया। बाद में घर पहुँचकर जब अपनी व्यथा परिजनों को बताई तो उन्होंने केस दर्ज कराया।

‘मेरे जीवन के एक-एक इंच को कंट्रोल किया’

स्वराज्य से बात करते हुए नंदिनी ने बताया कि शाहबाज कन्नौद ले जाने के बाद शुरू में तो ठीक था, लेकिन बाद उसने अपना असली रंग दिखाया। वो उसे घर में बंद कर देता, उसका फोन ले लेता। बाद में वो नंदिनी के साथ मारपीट करने लगा। नर्सिंग में डिप्लोमा कर चुकी नंदिनी कहती हैं, “उसने मेरी लाइफ के हर इंच को नियंत्रित किया। उसकी इजाजत के बिना मैं अपने माता-पिता की कॉल का जवाब भी नहीं दे सकती थी।”

पीड़िता ने आरोपित के वहशीपने को उजागर करते हुए बताया कि वह सेक्स करते समय उसके हाथों को बाँध देता था और उसके शरीर के विभिन्न हिस्सों में चाकू जैसे धारदार चीजों से कट मार देता था। नंदिनी ने कहा, “वो ऐसे पेश आता था, जैसे वो मालिक हो और मुझे उसकी हर बात माननी चाहिए।”

नंदिनी के मुताबिक, आरोपित ने कहा था कि अगर वो इस्लाम कबूलती है तो उसे (शाहबाज) जन्नत मिलेगी। शाहबाज ने ये भी कहा था कि वो निकाह करेगा। एक जो उसके धर्म से होगी और दूसरी नंदिनी। इसके अलावा उसने नंदिनी को धमकाया की सेना में आधे से अधिक मुस्लिम हैं और वो अपना काम करना बंद कर दें तो आक्रमणकारी भारत पर कब्जा कर लेंगे। मुस्लिमों से निकाह करने वाली बॉलीवुड अभिनेत्रियों का उदारण देकर वो कहता था कि केवल इस्लाम ही एक आदर्श धर्म है। उसने ये भी कहा था कि निकाह के बाद उसे ‘हिजाब’ पहनना होगा।

पीड़िता का आरोप है कि शाहबाज के परिजन अब मामले को सुलझाने का दबाव बना रहे हैं। उन्होंने उसके भाई का अपहरण करने की भी धमकी दी है। बहरहाल, मामले में धारा 376 (बलात्कार), 376 (2) (एन) (बलात्कार करने वाले को कठोर कारावास), 506 (आपराधिक धमकी) और रोकथाम की धारा 3 (2) (VA), मध्य प्रदेश धर्म की स्वतंत्रता अधिनियम, 2021 की धारा 3 और 5 के साथ अत्याचार अधिनियम, 2015 के तहत केस दर्ज किया गया है।

‘जिस्मफरोशी के लिए सप्लाई की जाती थीं नॉर्थ ईस्ट की लड़कियाँ’: भारतीय नागरिकता के जुगाड़ में था चीनी ‘जासूस’, हवाला कारोबार के लिए बनाई 8 फर्जी कंपनियाँ

उत्तर प्रदेश के नोएडा में रहने वाले दो चीनी नागरिकों की नेपाल सीमा से गिरफ्तारी के बाद लगातार कई बड़े खुलासे हो रहे हैं। अभी तक की पुलिस की जाँच में सामने आया है कि चीनी नागरिक सु फाई व उसकी गर्लफ्रेंड ने 8 फर्जी कम्पनियाँ खोली हुई थी। प्रत्येक कंपनी में 3 पार्टनर थे। यहाँ तक कि चीनी नागरिकों का नेटवर्क कई शहरों में फैले होने की बात भी सामने आई है। वहीं चीनी नागरिकों के फर्जी कंपनियों से हवाला के जरिए रुपए वाइट किए जा रहे थे।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पूरे मामले में पुलिस ने करीब 40 करोड़ के कैंसल चेक भी बरामद किए हैं। अनुमान है कि हवाला कारोबार के जरिए अरबों रुपए का लेनदेन हुआ है। इस जाँच में अब जीएसटी विभाग की भी एंट्री हो गई है। वहीं चीनी नागरिक सु फाई ओर उसकी गर्लफ्रेंड का नेटवर्क बेंगलुरु, मुंबई, के साथ ही नॉर्थ ईस्ट के 4 शहरों से जुड़े होने की बात सामने आई है। कहा जा रहा है कि इन शहरों में अलग-अलग पते पर फर्जी कंपनियाँ रजिस्टर्ड की गई हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, दो फर्जी कंपनियों का खुलासा पुलिस पहले ही कर चुकी है। जाँच में सामने आया है कि सभी कंपनियाँ मोबाइल पार्ट से संबंधित बनाई गई हैं। पुलिस के अनुसार, अरबों रुपए के हवाला कारोबार से जुड़े इस रैकेट के तार चीन से भी जुड़ते दिखाई दे रहे हैं। चीनी नागरिकों के इस नेटवर्क में 100 से अधिक लोगों के जुड़े होने की आशंका है।

वहीं मामले की छानबीन करते हुए पुलिस जाँच में चीनी नागरिक के दोस्त रवि कुमार नटवरलाल का पता चला है। जो प्रत्येक कंपनी में शेयर होल्डर है। सभी कंपनियों में पार्टनर दो से तीन लोग बनाए गए हैं। ज्यादातर कंपनियों में सु फाई और रवि नटवरलाल ही पार्टनर हैं। वहीं पुलिस नटवरलाल को ही मास्टरमाइंड बता रही है। उसने एमबीबीएस की पढाई की हुई है।

बता दें कि जहाँ करोड़ों रुपए का लेनदेन के मामले में अब जीएसटी विभाग ने भी जाँच शुरू कर दी है। वहीं जाँच में पहले ही यह बात सामने आ गई है कि फर्जी कंपनी व गेस्ट हाउस में पब और हवाला कारोबार के साथ देह व्यापार से जुड़े लोगों को करीब 15 करोड़ रुपए सु फाई और इसकी गर्लफ्रेंड ने कई बैंक अकाउंट में भेजे हैं। इनमें कई विदेशी खाते भी हैं।

गौरतलब है कि सु फाई ओर उसकी गर्लफ्रेंड की जमानत कराने के लिए चीन में बैठे माइकल नाम के व्यक्ति ने दिल्ली हाई कोर्ट की एक लॉ एजेंसी हायर की है। इसके 20 वकील जमानत कराने की प्रक्रिया में जुटे हुए हैं। वहीं इस पूरे मामले में सु फाई समेत उसकी गर्लफ्रेंड के दो पासपोर्ट अलग-अलग नाम से पाए गए हैं। इसी पासपोर्ट से इंडिया में 15 से अधिक शहरों में हवाई यात्राएँ की गई थीं। रिपोर्ट के अनुसार, जाँच अधिकारी ने यह भी बताया है कि इन लोगों का इंडिया में बसने के लिए फर्जी एड्रेस और पहचान पत्र बनवाने की पूरी योजना थी।

जो महिला बन सकतीं हैं देश की पहली ST राष्ट्रपति, जानिए कैसा है उनका गाँव: पूरी तरह डिजिटल है ऊपरबेड़ा, ग्रामीण बोले- यह द्रौपदी मुर्मू की देन

ओडिशा के मयूरभंज जिले में है रायरंगपुर। रायरंगपुर से करीब 25 किमी की दूरी पर है ऊपरबेड़ा। ऊपरबेड़ा उन द्रौपदी मुर्मू (Draupadi Murmu) का गाँव हैं जो एनडीए की तरफ से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार हैं। इस पद के लिए उनका निर्वाचित होना करीब-करीब तय है। ऐसा हुआ तो वे इस पद पर पहुँचने वाली दूसरी महिला और अनुसूचित जनजाति वर्ग (ST) से आने वाली पहली शख्सियत होंगी।

दैनिक भास्कर और दैनिक जागरण ने इस गाँव की स्थिति पर रिपोर्ट की है। इसके अनुसार इस गाँव में 300 घर हैं। करीब 6000 की आबादी है। गाँव पूरी तरह डिजिटल है। ग्रामीणों के अनुसार यह विकास द्रौपदी मुर्मू की ही देन है।

द्रौपदी मुर्मू की उम्मीदवारी की घोषणा के बाद से इस गाँव में खुशी का माहौल है। ग्रामीण खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। कुछ लोग अपने गाँव की बेटी को अभी से राष्ट्रपति मान चुके हैं। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, इन दिनों गाँव का बच्चा-बच्चा अलग ही रंग में दिखाई दे रहा है। स्थानीय लोगों के लिए यह पल किसी उत्सव से कम नहीं है। मेले जैसा नजारा है। हर चौक-चौराहे पर केवल यही चर्चा हो रही है कि अपने घर की बेटी देश की राष्ट्रपति बनेगी।

स्थानीय लोग द्रोपद्री मुर्मू से बहुत प्यार करते हैं। इसकी वजह द्रौपदी मुर्मू का हर विषम परिस्थितियों में उनके साथ खड़ा होना है। वह अपने गाँव वालों को अपना परिवार समझती हैं। अपने पति और बेटों की मौत के बाद उन्होंने कभी भी खुद को अकेला नहीं समझा। एक महिला जिसके पति और बेटे इस दुनिया में ना रहे तो वह खुद को कमजोर समझने लगती है, लेकिन उन्होंने (मुर्मू) इसे अपनी कमजोरी की जगह ता​​कत बनाया और अपने ससुराल की जमीन शिक्षण संस्थान के नाम दान कर दी। मौजूदा वक्त में इस जमीन पर छात्र-छात्राओं के लिए हॉस्टल के साथ-साथ एसएलएस स्कूल के नाम पर शिक्षण संस्थान संचालित हो रहा है, जिसमें करीब 70 बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। उन्होंने यहाँ अपने पति और बच्चों की याद में प्रतिमा भी स्थापित कराई है।

रेवती नंदी कहती हैं, “वह मुझे मौसी बुलाती है। अपने घर की बेटी है। जब भी आती है, हम लोगों से मिले बिना नहीं जाती। घर में बैठकर खाना भी खाती है। काफी विनम्र स्वभाव की है हमारी द्रौपदी।” 50 साल की सारोमनि कहती हैं, “मेरा गाँव तो डिजिटल है। यहाँ सबका बैंक में खाता है। खेती-बारी के लिए कर्ज घर बैठे ही मिल जाता है। हम लोगों के घर में पानी की पाइपलाइन और शौचालय भी हैं। गरीबों के लिए पीएम आवास है। यह सब द्रौपदी की ही देन है।”

वहीं सत्यजीत गिरि बताते हैं, “वर्ष 2000 के आसपास हमारे गाँव आने में काफी परेशानी होती थी। द्रौपदी मुर्मू ने 2003 में पुल बनवा दिया। अब गाँव से बाहर जाने में कोई परेशानी नहीं होती है।”

बता दें कि द्रौपदी मुर्मू झारखंड की पहली महिला राज्यपाल रही हैं। उनका जन्म ओडिशा के आदिवासी जिले मयूरभंज के बैदापोसी गाँव में हुआ था। 1997 में वह रायरंगपुर से बतौर पार्षद जीतीं। इसके बाद उन्हें भारतीय जनता पार्टी की आदिवासी मोर्चा का उपाध्यक्ष बनाया गया। साल 2000 और 2009 में वह रायरंगपुर से विधायक भी चुनी गईं।