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नूपुर शर्मा की गिरफ्तारी के लिए सुप्रीम कोर्ट में वकील अबू सोहेल और चाँद कुरैशी, पैगंबर पर टिप्पणी को लेकर महाराष्ट्र में पत्रकार नविका कुमार पर भी FIR

पैगंबर मुहम्मद पर कथित विवादित टिप्पणी को लेकर टीवी पत्रकार नविका कुमार के खिलाफ महाराष्ट्र में एफआईआर दर्ज की गई है। वहीं नूपुर शर्मा की गिरफ्तारी को लेकर दो वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

अमीरोद्दीन जफ्फियोद्दीन फारूके की शिकायत पर महाराष्ट्र के परभणी जिले के नानलपेट पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर में नविका कुमार के साथ साथ नुपूर शर्मा का भी नाम है। शिकायतकर्ता ने नविका कुमार पर जानबूझकर धार्मिक भावनाओं को भड़काने का आरोप लगाया है। फारूके ने कहा है कि 25 मई की रात नौ बजे जब नविका कुमार अपने प्राइम टाइम शो ‘द न्यूज ऑवर’ को होस्ट कर रही थीं, तब नूपुर शर्मा ने पैगंबर मुहम्मद के खिलाफ अपशब्द कहे थे, जिससे उनकी धार्मिक भावनाएँ आहत हुईं।

वहीं बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा के खिलाफ एक्शन और उनकी गिरफ्तारी के लिए दो वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। सुप्रीम कोर्ट में एडवोकेट अबू सोहेल और एडवोकेट चाँद कुरैशी की ओर से अर्जी दाखिल कर कहा गया है कि नूपुर का बयान भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 21, 26 और 29 का उल्लंघन है। पैगंबर मुहम्मद के खिलाफ उनके नफरती बयान के कारण मुस्लिम समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँची है। ऐसे में संबंधित अथॉरिटी को निर्देश दिया जाए कि वह तत्काल नूपुर शर्मा के खिलाफ एक्शन ले और उन्हें गिरफ्तार करें।

याचिकाकर्ताओं का कहना है कि नेशनल चैनल पर अपनी पार्टी का प्रतिनिधित्व करते हुए नूपुर शर्मा ने इस्लाम धर्म का अपमान किया। पूरे देश की शांति बिगाड़ दी है। उनका इस तरह से नफरत फैलाना दंडनीय अपराध है। याचिका के अनुसार, शर्मा के अपशब्दों की वजह से देश और दुनिया में हंगामा खड़ा हो गया है।

गौरतलब है कि पैगंबर मुहम्मद के खिलाफ कथित टिप्पणी पर विवाद बढ़ने और मुस्लिम देशों के विरोध को देखते हुए बीजेपी ने 5 जून को नूपुर शर्मा को निलंबित कर दिया था। साथ ही दिल्ली इकाई के मीडिया प्रमुख नवीन कुमार जिंदल को भी निष्कासित कर दिया था। नूपुर शर्मा ने दावा किया है कि पैगंबर मुहम्मद के बारे में उनकी टिप्पणी ‘भगवान शिव का अपमान’ किए जाने की प्रतिक्रिया के रूप में थी, क्योंकि वह इसे बर्दाश्त नहीं कर सकीं। पार्टी से निलंबित किए जाने के बाद उन्होंने इसके लिए माफी भी माँगी थी। इसके बावजूद कट्टरपंथी लोगों द्वारा उन्हें लगातार जान से मारने की धमकी दी जा रही है। पूर्व बीजेपी प्रवक्ता के खिलाफ मुंबई, हैदराबाद और पुणे में धार्मिक भावनाएँ भड़काने के आरोप में मामले दर्ज किए गए हैं।

लगातार तीसरे दिन ED के सामने होगी राहुल गाँधी की पेशी, केस ट्रांसफर करने की कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष की गु​हार भी अदालत ने ठुकराई

नेशनल हेराल्ड मामले में राहुल गाँधी से प्रवर्तन निदेशालय (ED) के सवालों का सिलसिला अभी खत्म नहीं हुआ है। वे लगातार तीसरे दिन बुधवार (15 जून 2022) को ईडी के सामने पेश होंगे। इधर कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष को महाराष्ट्र के ठाणे की एक अदालत से भी झटका लगा है। कोर्ट ने राहुल गाँधी की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के एक स्वयंसेवक द्वारा दायर मानहानि के केस को ट्रांसफर करने अपील की थी।

जानकारी के मुताबिक राहुल गाँधी की याचिका पिछले साल दिसंबर में ही खारिज कर दी गई थी, लेकिन यह आदेश मंगलवार (14 जून 2022) को वेबसाइट पर अपलोड किया गया। आरएसएस के स्वयंसेवक विवेक चंपानेरकर ने 2019 में अपने वकील आदित्य मिश्रा के माध्यम से मानहानि का यह मुकदमा दायर किया था। इसमें कहा गया था कि आरएसएस एक सामाजिक संगठन है और राहुल गाँधी एवं भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव सीताराम येचुरी द्वारा की गई टिप्पणियों की वजह से यह बदनाम हो रहा है। चंपानेरकर ने आरोप लगाया कि गाँधी और येचुरी, पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या से आरएसएस को उसे बदनाम कर रहे हैं। चंपानेरकर ने राहुल गाँधी से ₹1 का सांकेतिक मुआवजा माँगा था।

फिलहाल यह मामला सिविल जज, सीनियर डिवीजन के समक्ष लंबित है। केस को ट्रांसफर करने की माँग करते हुए राहुल गाँधी के वकील ने दलील दी थी कि इसे सिविल जज, जूनियर डिवीजन को ट्रांसफर करना चाहिए, क्योंकि वादी द्वारा माँगा गया मुआवजा ₹5 लाख से कम था। इसके बाद प्रधान जिला न्यायाधीश ने अपने आदेश में कहा कि राहुल गाँधी उसी न्यायाधीश के समक्ष वित्त संबंधी क्षेत्राधिकार का मुद्दा उठा सकते हैं, जो मुकदमे की सुनवाई कर रहे हैं।

गौरतलब है कि गौरी लंकेश की हत्या के एक दिन बाद 6 सितंबर, 2017 को राहुल गँधी ने ट्वीट किया था, “जो कोई भी आरएसएस/भाजपा के खिलाफ बोलता है, उस पर हमला किया जाता है और मार भी दिया जाता है। वे केवल एक विचारधारा को थोपना चाहते हैं जो भारत के स्वरूप के खिलाफ है।”

क्या है नेशनल हेराल्ड मामला

बता दें कि ED ने नेशनल हेराल्ड समाचार पत्र से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में राहुल गाँधी से मंगलवार को लगातार दूसरे दिन 11 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की। ईडी की यह जाँच यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड में कथित वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित है, जो कॉन्ग्रेस द्वारा संचालित नेशनल हेराल्ड का मालिक है। यह समाचार पत्र एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) द्वारा प्रकाशित किया जाता है और यंग इंडियन के स्वामित्व में है।

मवेशी का इलाज करने वेटनरी डॉक्टर को बुलाया, जबरन करवा दी शादी: बिहार में पकड़ुआ ब्याह का Video वायरल

बिहार से पकड़ुआ या पकड़ौआ ब्याह (Forced Marriage) की एक और घटना सामने आई है। इस मामले में मवेशी के इलाज के लिए वेटनरी डॉक्टर को बुलाकर अगवा कर लिया गया। फिर उसकी जबरन शादी करा दी गई। मामला बेगूसराय के तेघड़ा थाना क्षेत्र का है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीड़ित युवक तेघड़ा थाना क्षेत्र के पिढ़ौली गाँव का रहने वाला है। उसके पिता सुबोध कुमार झा ने इस संबंध में तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। उन्होंने अपनी शिकायत में कहा है कि उनका बेटा सत्यम कुमार झा पशु चिकित्सक है। उसे मवेशी का इलाज करने के बहाने हसनपुर गाँव निवासी विजय सिंह ने बुलाया था। इसके बाद उनके बेटे का अपहरण कर विजय सिंह ने उसे अपनी लड़की से शादी को मजबूर किया।

तेघड़ा पुलिस ने हसनपुर स्थित विजय कुमार सिंह के घर दबिश दी। लेकिन लड़का और लड़की नहीं मिले। इस बीच सोशल मीडिया पर इस पकड़ौआ विवाह का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में सत्यम को एक मंदिर में दूल्हे का सेहरा और पोशाक पहने हुए एक लड़की के साथ शादी की रस्में निभाते हुए देखा जा सकता है। आस-पास लोगों की भीड़ है। मंडप के पीछे डीजे लगा हुआ है। लड़की पक्ष के लोग बेहद खुश और नाचते हुए दिख रहे हैं। वहीं सत्यम बेहद डरे हुए नजर आ रहे हैं।

बेगूसराय के एसपी योगेंद्र कुमार ने बताया है कि पीड़ित पिता की शिकायत पर पुलिस सभी एंगल से जाँच कर रही है। सत्यम की बरामदगी के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि वह अपनी मर्जी से वहाँ गया था या ​उसके साथ जबर्दस्ती की गई।

वैसे बिहार में पकड़ौआ ब्याह नई बात नहीं है। एसपी योगेंद्र कुमार के अनुसार बेगूसराय में 1970 के दशक में इसकी शुरुआत हुई। इस तरह की शादी बेगूसराय सहित बिहार के कुछ जिलों में बेहद पॉपुलर हैं। हालाँकि समय बदलने के साथ इस प्रथा पर बहुत हद तक रोक भी लगी है, लेकिन अभी भी कभी-कभी इस तरह के मामले सामने आते रहते हैं। 2021 में इसी तरह गया जिले में छठ पूजा पर घर आए एक युवक को अगवा कर उसकी जबरन शादी करा दी गई थी।

गौरतलब है कि 2019 में पटना की फैमिली कोर्ट ने इसी तरह के एक मामले में पकड़ुआ विवाह को अवैध करार दिया था। 2017 में पीड़ित विनोद अपनी दोस्त की शादी में शामिल होने के लिए पटना गया था इसी दौरान उसके साथ मारपीट करके बंदूक की नोक पर जबरदस्ती शादी करवा दी गई थी।

टोक्यो ओलंपिक के बाद नीरज चोपड़ा ने पहली बार फेंका भाला: अपना ओलंपिक रिकॉर्ड तोड़ा-नेशनल रिकॉर्ड बनाया, फिर भी नहीं जीत पाए गोल्ड

टोक्यो ओलंपिक में भाला फेंक कर भारत में स्वर्ण पदक लाने वाले नीरज चोपड़ा ने फिनलैंड में अपना ही बनाया रिकॉर्ड तोड़ डाला। उन्होंने पावो नुरमी गेम्स में 89.30 मीटर का अपना सबसे बेहतरीन थ्रो फेंका और देश को रजत पदक दिलाया। ये थ्रो इतना शानदार था कि इसे पूरे सीजन के सबसे बेहतरीन 5 थ्रो में से एक कहा जा रहा है।

याद दिला दें कि नीरज ने टोक्यो ओलंपिक्स के दौरान 87.58 मीटर का थ्रो फेंक राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था। इसके बाद उन्होंने अपना टारगेट 90 मीटर थ्रो फेंकने का रखा। फिनलैंड में चल रहा पावो नुरमी गेम्स, टोक्यो ओलंपिक्स के बाद उनका पहला टूर्नामेंट है इसलिए यहाँ दूसरे प्रयास में 89.30 मीटर का थ्रो देख कह सकते हैं कि नीरज अपने लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

बता दें कि टोक्यो ओलंपिक्स के 10 माह बाद दोबारा से मैदान में उतरे नीरज चोपड़ा ने पहले प्रयास में 86.92 मीटर का थ्रो किया था। इसके बाद दूसरे प्रयास में उन्होंने अपने ओलंपिक वाले रिकॉर्ड को तोड़ते हुए 89.30 मीटर दूर भाला फेंका और अपनी आखिरी कोशिश में 85.85 मीटर के थ्रो के साथ समापन किया। इस टूर्नामेंट में वह स्वर्ण पदक जीतते-जीतते रह गए और उन्हें दूसरा स्थान मिला। प्रथम पर फिनलैंड के ओलिवियर हेलांडेर हैं। हेलांडेर ने 89.93 मीटर थ्रो फेंक अपने देश को स्वर्ण पदक दिलाया।

अब आगे चोपड़ा अगले शनिवार को फिनलैंड में होने वाले कोर्टेन खेलों में हिस्सा लेंगे। वह 30 जून से स्टाकहोम लेग ऑफ द डायमंड लीग में भाग लेंगे। अपने इस टूर्नामेंट्स से पहले नीरज ने यूएसए और तुर्की में ट्रेनिंग ली थी। उन्होंने सोचा हुआ था कि वो 90 मीटर से आगे फेंकने के विचार से खुद को दबाव में नहीं डालेंगे और अमेरिकी के यूजीन में 15-24 जुलाई को होने वाली विश्व चैंपियनशिप के दौरान धीरे-धीरे अपने लक्ष्य को हासिल करेंगे।

नीरज चोपड़ा की थ्रो देख भारतीय हुए रोमांचित

फिलहाल, फिनलैंड में नीरज चोपड़ा की दूसरी थ्रो की वीडियो देख हर कोई रोमांचित है। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और पूर्व भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह ने वीडियो शेयर करके नीरज चोपड़ा की तारीफ की है। वहीं हर भारतीय भी नीरज की इस नई उपलब्धि से खुश है। नए रिकॉर्ड बनाने के लिए उन्हें सोशल मीडिया पर भर-भर कर शुभकामनाएँ दी जा रही हैं। उनकी टोक्यो ओलंपिक 2020 में फेंकी गई जैवलीन थ्रो को याद करते हुए लोग नीरज की तारीफ कर रहे हैं। उनसे पहले एथलीट ट्रैक एंड फील्स प्रतियोगिताओं में यह उपलब्धि कोई हासिल नहीं कर पाया था। लेकिन नीरज के स्वर्ण जीतने के बाद हर भारतीय में खुशी की लहर दौड़ गई। इसके बाद एक इंटरव्यू में नीरज ने कहा भी था कि अब उनका लक्ष्य 90 मीटर तक भाला फेंकने का होगा।

जानें बंगाल की Dotex का काला चिट्ठा, जिस पर 2 दिन से राहुल गाँधी से पूछताछ कर रही ED: ₹5 लाख की कंपनी को दिया था ₹1 करोड़ का लोन

कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जाँच की तहत सोमवार (13 जून, 2022) को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने पेश हुए। जहाँ मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय एजेंसियों ने कॉन्ग्रेस सांसद से कई सवाल किए। जिसमें एक सवाल डोटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड (Dotex Merchandise Pvt Ltd) नामक एक फर्म के बारे में भी था।

इस मामले में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और भाजपा के दिग्गज नेता सुब्रमण्यम स्वामी भी राहुल गाँधी के इस फर्म के साथ संबंधों पर सवाल उठा चुके हैं। और ED भी पिछले दो दिनों से कॉन्ग्रेस सांसद से पूछताछ कर रही है। ऐसे में आइए जानते हैं कि डोटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड क्या है?

मीडिया ने ईडी के सूत्रों के हवाले खुलासा किया कि कोलकाता स्थित फर्म ने कथित तौर पर यंग इंडियन को 2010 में ऋण के रूप में 1 करोड़ रुपए का भुगतान किया था। ऋण का भुगतान तब किया गया था जब यंग इंडिया सिर्फ एक महीने पुरानी कंपनी थी और उसकी कुल कीमत केवल 5 लाख रुपए थी।

अब जाँच एजेंसी का आरोप है कि डोटेक्स मर्चेंडाइज द्वारा ऋण के रूप में भुगतान किया गया पैसा कभी वापस नहीं किया गया और ऐसी अटकलें हैं कि धन को संभवतः यंग इंडियन के माध्यम से मनी लॉन्ड्रिंग किया गया था।

इंडिया टुडे की रिपोर्ट अनुसार इस पूरे मामले में कुछ बातें निकलकर सामने आईं हैं। जैसे संपत्ति आकाश दीप नामक आवासीय अपार्टमेंट में कोलकाता के बालीगंज के श्रीपल्ली में 5, लोअर रॉडन स्ट्रीट में मौजूद है। यह चौथी मंजिल पर स्थित है, जहाँ कमरा नंबर 3 में डोटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड का साइनबोर्ड लगा है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार केयरटेकर ने दावा किया कि यह डोटेक्स मर्चेंडाइज का गेस्ट हाउस है। जो पिछले 20 सालों से वहाँ मौजूद है। उन्होंने यह भी दावा किया कि इसके निर्देशक हेमंत गोयनका और सुनील भंडारी कभी कभी कार्यालय आते हैं।हालाँकि, इंडिया टुडे ने दावा किया कि कार्यालय के स्थान पर केवल तीन कमरों का गेस्ट हाउस मौजूद है।

क्या है नेशनल हेराल्ड मामला

बता दें कि ईडी की यह जाँच यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड में कथित वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित है, जो कॉन्ग्रेस द्वारा संचालित नेशनल हेराल्ड का मालिक है। यह समाचार पत्र एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) द्वारा प्रकाशित किया जाता है और यंग इंडियन के स्वामित्व में है।

वहीं सोनिया गाँधी को भी इस मामले में एजेंसी ने 23 जून को पूछताछ के लिए तलब किया है। जो फ़िलहाल अभी अस्पताल में भर्ती हैं।

‘क़तर में 2014 से अब तक 1611 भारतीय कामगारों की मौत, शव के लिए भी करवाते हैं इंतजार’: मजदूर संघ ने कहा – मानवाधिकार का घोर उल्लंघन

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ट्रेड यूनियन शाखा भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) ने कतर में प्रवासी कामगारों के साथ गुलामों जैसा व्यवहार किए जाने पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। बीएमएस ने मंगलवार (14 जून 2022) को आरोप लगाया कि कतर में प्रवासी श्रमिकों, विशेष रूप से भारतीयों के अधिकारों का घोर उल्लंघन हो रहा है।

एक बयान में बीएमएस महासचिव बिनॉय कुमार सिन्हा (BMS General Secretary Binoy Kumar Sinha) ने कहा, “हमें कई मानवाधिकार संगठनों ने इस बात की सूचना दी है कि जब से कतर ने फीफा विश्व कप के आगामी संस्करण की मेजबानी के लिए बोली जीती है, तब से वहाँ भारतीय कामगार गुलामों जैसी जिंदगी जी रहे हैं।”

भारत में सबसे बड़े केंद्रीय ट्रेड यूनियन बीएमएस ने कहा कि 2014 से कतर में 1611 भारतीय प्रवासी कामगारों की मौत हुई है। मृत परिवारों को अपने ही लोगों का शव लेने के लिए काफी इंतजार करना पड़ता है। यह चिंता का विषय है।

BMS ने कतर की सरकार और ट्रेड यूनियन के सामने इस मुद्दे को उठाया है। इसके अलावा भारत में कतर के राजदूत के सामने भी विरोध प्रदर्शन किया है। इस मुद्दे को श्रम और विदेश मंत्रालय के समक्ष भी उठाया गया था। बीएमएस ने माँग की कि कतर में सभी भारतीय कामगारों को सभी मूलभूत सुविधाएँ मुहैया करवाई जाएँ और उनके मानवाधिकारों का सम्मान किया जाए।

मृत के परिवार को भी मुआवजा देने की माँग करते हुए बीएमएस ने आगे कहा, “यदि कतर सरकार इन मोर्चों पर सकारात्मक कदम नहीं उठाती है, तो बीएमएस इस मुद्दे को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों मंचों पर जल्द से जल्द उठाने के लिए मजबूर होगी।”

बता दें कि कतर में काफिला प्रणाली भारत के साथ-साथ अन्य दक्षिण एशियाई देशों के श्रमिकों के लिए गंभीर आघात का कारण बना है। पासपोर्ट की जब्ती, ओवरटाइम काम, तंग आवास, यौन शोषण, विशेषज्ञता के क्षेत्र से बाहर जबरन काम करवा कर श्रमिकों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।

‘नूपुर शर्मा की रक्षा को सड़क पर उतरेंगे 18 लाख नागा साधु’: साधु-संतों का जुटान, कहा – हमारी बेटी को मिल रही रेप की धमकी, शांत नहीं बैठेंगे

पाताल पुरी मठ के प्रमुख महंत बालक दास का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में उन्हें यह कहते हुए सुना जा सकता है कि ​यदि इस्लामवादियों ने बीजेपी की प्रवक्ता नूपुर शर्मा (Nupur Sharma) को नुकसान पहुँचाने की कोशिश की तो साधु समाज शांत नहीं बैठेगा। उन्होंने कहा कि हमारी बेटी को बलात्कार की धमकी दी जा रही है, उनकी रक्षा के लिए 18 लाख नागा साधु-संत सड़कों पर उतरेंगे।

यह वीडियो 11 जून को काशी में हुई धर्म परिषद का है। धर्म परिषद का आयोजन वाराणसी के हर तीरथ के सुदाम कुटी में किया गया था। बैठक की अध्यक्षता पातालपुरी मठ के प्रमुख महंत बालक दास ने की थी। इस सभा में काशी में कई मठों, पीठों और अखाड़ों के प्रमुख पुजारियों और धार्मिक नेताओं के साथ-साथ कई अन्य हिंदू संतों ने भाग लिया था।

इस दौरान महंत बालक दास ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “दिन-ब-दिन अराजकता बढ़ती ही जा रही है। लोगों ने हद ही पार कर दी है। भगवान शिव का मजाक उड़ाया जा रहा है। शिवलिंग को एक फव्वारा कहा जा रहा है। इसके बाद भी सनातन धर्म के लोग शांत बैठे हुए हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “हद हो गई, भारत की एक बेटी ने भगवान शिव पर अपमानजनक टिप्पणी सुनने के बाद वही कहा जो उनके कुरान में लिखा हुआ है। सभी सनातनी लोग शांतिपूर्ण बर्ताव कर हैं, फिर भी ये मौलवी मस्जिदों से लोगों को बुला रहे हैं कि वे आएँ पत्थर फेंकें और अराजकता फैलाएँ।”

महंत बालक दास ने कहा कि अगर चीजें गलत होती हैं तो नागा साधु नूपुर शर्मा के बचाव में सड़कों पर उतरेंगे। उन्होंने कहा, “आज हमारी बेटी को बलात्कार की धमकी दी जा रही है। अगर उसे कुछ हो गया तो ध्यान रहे कि यह साधु संत समाज शांत नहीं बैठेगा। 18 लाख नागा साधु सड़क पर उतर आएँगे, साथ ही पूरा संत समाज सड़क पर उतर आएगा और फिर आप उस दृश्य की कल्पना भी नहीं कर सकते हैं।”

बीते दिनों संतों ने इस्लामिक कट्टरपंथियों की हिंसा के खिलाफ 16 प्रस्तावों को पास किया था। संतों ने एक सुर में कहा था कि भारत में किसी भी तरह से तालिबानी मानसिकता को फैलने नहीं दिया जाएगा। धर्म परिषद में नूपुर शर्मा को रेप और हत्या की धमकी देने वालों को भी जेल भेजने की माँग की गई थी।

ऑपइंडिया से बात करते हुए महंत बालक दास ने कहा था, “काशी में इस तरह की कोई घटना न घटे, इसको लेकर शांति की अपील की गई है। लेकिन, ये सोचने का विषय है कि आखिर जुमे की नमाज में ऐसा क्या पढ़ाया जा रहा है कि वहाँ से निकलते ही लोग उतने उग्र हो जा रहे हैं। 15-16 साल के उन्मादी लड़के पत्थरबाजी कर रहे हैं।”

कौन हैं नागा साधु?

नागा साधु भगवान शिव के भक्त होते हैं, जो हिमालय में निवास करते हैं। आदिगुरु शंकराचार्य की ओर से स्थापित किए गए विभिन्न अखाड़ों में रहने वाले ऐसे साधु नग्न रहते हैं और शरीर पर धूनी की राख लपेटकर रखते हैं। कुंभ मेले में ये शाही स्नान के लिए एकत्रित होते हैं।

जुबैर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने वालों को मिलेगा बड़ा इनाम, अरबपति की घोषणा: हिन्दू देवी-देवताओं के अपमान का मामला

ट्विटर पर हिन्दू धर्म के समर्थन में बोलने वाले प्रमुख आवाजों में से एक भारतीय मूल के अरबपति व्यवसायी अरुण पुदुर ने ऑल्ट-न्यूज़ के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर के खिलाफ उसके हिन्दूफोबिक विचारों और हिन्दुओं के खिलाफ चलाए जा रहे नैरेटिव से लड़ने के लिए पुरष्कारों की घोषणा की है। लड़ाई लड़ी है। पुदुर ने उन लोगों के लिए आर्थिक मदद की घोषणा की है जो जुबैर के खिलाफ उसके हिंदूफोबिक कार्यों के कारण कानूनी कार्रवाई करने के इच्छुक हैं।

पुदुर, जो एक सॉफ्टवेयर फर्म सेल्फ्रेम टेक्नोलॉजी ग्रुप ऑफ कंपनीज चलाते हैं, उन्होंने यह घोषणा ट्विटर पर की है। पुरस्कार के अनुसार, जो व्यक्ति जुबैर को हिंदूफोबिया का दोषी ठहराते हुए लम्बे समय तक जेल भेजेगा, उसे पुदुर की तरफ से ₹ ​​50,000 / – का पुरस्कार दिया जाएगा।

वहीं कानूनी कार्रवाई के माध्यम से जुबैर के लिए जेल की सजा का प्रावधान सुनिश्चित करने वालों को ₹10,000/- और मोहम्मद जुबैर और उसके ‘फैक्ट चेक’ पोर्टल ऑल्ट न्यूज़ के खिलाफ हर भारतीय राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में दर्ज की गई पहली FIR के लिए ₹1,000/- मिलेंगे।

यह तब हुआ जब मोहम्मद जुबैर ने अपना फेसबुक अकाउंट डिलीट कर दिया। शायद हिंदू धर्म और हिंदू देवताओं के खिलाफ अपनी विवादास्पद सामग्री को हटाने के लिए। कई नेटिज़न्स के अनुसार जुबैर, नूपुर शर्मा विवाद के बीच हिंदू धर्म और हिंदू देवताओं का मजाक उड़ाते हुए उसके पुराने ट्वीट्स के ऑनलाइन सामने आने के बाद से गुस्से में है।

अरुण पुदुर द्वारा की गई घोषणा के अनुसार, मोहम्मद जुबैर के खिलाफ कार्रवाई कानूनी होनी चाहिए। अपनी घोषणा के बारे में बात करते हुए पुदुर लिखते हैं, “जुबैर ने लंबे समय से मीडिया का दुरुपयोग किया, झूठ बोला और हेरफेर किया। यह समय है कि वह अपने अपराधों की सजा भुगते। उसके झूठ की वजह से बहुत से लोग घायल हुए, दंगे हुए और मौतें हुईं, अब इसे रोकना होगा!”

बता दें कि मलेशिया के पुदुर ने मोहम्मद जुबैर के अपराधों पर, खासकर हिंदू धर्म के खिलाफ उसके द्वारा किए गए अपमानजनक सोशल मीडिया पोस्ट को गंभीरता से संज्ञान लेने का फैसला किया है। जुबैर के फेसबुक अकाउंट को डिलीट किए जाने के बाद लोग हिंदू देवी-देवताओं का मजाक उड़ाने वाले उसके पुराने ट्वीट्स खोज-खोज कर शेयर कर रहे हैं।

गौरतलब है कि नूपुर शर्मा पहले ही बता चुकी हैं कि कैसे जुबैर ने पैगंबर मोहम्मद पर उनकी टिप्पणियों का एडिटेड वीडियो साझा करके उनके खिलाफ ईशनिंदा का माहौल बनाया और उन्हें लगातार धमकी देने के लिए मुस्लिम उम्माह को उकसायाहै। जबकि अब खुद उसी के पुराने पोस्टों यह पता चला है कि AltNews के सह-संस्थापक का स्वयं हिंदू धर्म और हिंदू देवताओं के बारे में अपमानजनक पोस्ट करने का इतिहास रहा है।

प्रयागराज के दंगाई की बेटी का ट्विटर लोकेशन ‘Lynchistan’, देश का अपमान: CAA-NRC ही नहीं, हिजाब विवाद में भी कई शहरों में दिए भाषण

प्रयागराज में दंगा भड़काने वाले जावेद पंप की JNU वाली बेटी ने सोशल मीडिया पर अपना लोकेशन ‘Lynchistan (लिंचिस्तान)’ लिख दिया है। उन्होंने ट्विटर पर अपना लोकेशन बदल कर ‘Lynchistan’ सेट कर दिया। बता दें कि गिरोह विशेष भारत में ‘मुस्लिमों की मॉब लिंचिंग (भीड़ द्वारा हत्या)’ का नैरेटिव फैलाता रहा है, जिसे जावेद आफरीन ने आगे बढ़ाया है। बता दें कि उनके अब्बा मोहम्मद जावेद के घर पर प्रयागराज में योगी आदित्यनाथ सरकार का बुलडोजर चल चुका है।

आफरीन फातिमा AMU (अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी) से ‘बैचलर और आर्ट्स (BA)’ और ‘मास्टर ऑफ आर्ट्स (MA)’ की पढ़ाई की है। CAA और NRC के विरोध में हुए प्रदर्शनों में खासा सक्रिय रहीं आफरीन फातिमा ने संसद भवन पर हमला करने वाले आतंकी अफजल गुरु का भी समर्थन किया था। उन्होंने शाहीन बाग़ और जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शनों में भड़काऊ भाषण दिए थे। उस दौरान उन्होंने न सिर्फ JNU और दिल्ली, बल्कि अपने गृह जिले प्रयागराज में भी माहौल बिगाड़ने का काम किया था।

हिजाब विवाद में भी आफरीन फातिमा ने कट्टर इस्लामी एजेंडे को आगे बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। उन्होंने इस दौरान दक्षिण भारत के कई शहरों का दौरा कर के भाषण दिए थे। बता दें कि कर्नाटक में ही मुख्यतः ये विवाद सामने आया था। जावेद पंप की दूसरी बेटी सुमैया प्रयागराज में ही पीएचडी कर रही हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में ये भी कहा जा रहा है कि आफरीन फातिमा के ट्विटर बायो में लोकेशन ‘Lynchistan’ डालने से जाँच एजेंसियाँ भी सतर्क हो गई हैं।

लोगों ने इसे देश विरोधी हरकत करार दिया है। जावेद पंप को दिल्ली दंगा मामले में जेल में बंद उमर खालिद के अब्बा का भी करीबी बताया जा रहा है। सोशल मीडिया पर आफरीन फातिमा के समर्थन में इस्लामी और वामपंथी गैंग ने हैशटैग चलाया और ट्वीट्स किए। यूपी पुलिस इंटरनेट पर दंगाइयों का समर्थन करने वालों को खँगाल रही है। आफरीन फातिमा JNU स्टूडेंट यूनियन की काउंसलर भी हैं। उनके अब्बा का घर फ़िलहाल जमींदोज किया का चुका है।

PM मोदी का स्वागत करने जा रहे थे आदित्य ठाकरे, SPG ने कार से उतारा: भड़के CM उद्धव, कहा – मेरा बेटा मंत्री है…

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार (14 जून 2022) को महाराष्ट्र पहुँचे। इस दौरान उन्होंने पुणे में तुकाराम महाराज मंदिर का उद्घाटन किया। पीएम को पुणे में रिसीव करने के लिए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पहुँचे। इस दौरान उनके साथ बेटे और राज्य के पर्यटन मंत्री आदित्य ठाकरे भी थे, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi) की सुरक्षा में शामिल एसपीजी कर्मियों ने कैबिनेट मंत्री आदित्य ठाकरे (Aaditya Thackeray) को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) की कार से उतार दिया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, आदित्य ठाकरे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और अपने पिता उद्धव ठाकरे की गाड़ी में बैठकर पीएम से मिलने के लिए कोलाबा में नौसेना के हेलीपोर्ट आईएनएस शिकरा जा रहे थे। उद्धव ठाकरे की गाड़ी शिकारा हेलीपोर्ट पहुँची, तो वहाँ तैनात एसपीजी ने कार की चेकिंग कीं। कार में आदित्य ठाकरे को देख एसपीजी ने उन्हें नीचे उतार दिया।

इसकी वजह आदित्य ठाकरे का वीआईपी लोगों की लिस्ट में शामिल नहीं होना बताया जा रहा है। जिन वीआईपी लोगों को पीएम का स्वागत करना था, उस लिस्ट में आदित्य का नाम नहीं था। इसलिए स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) ने उन्हें गाड़ी से नीचे उतरने को कहा। कहा जा रहा है कि एसपीजी के इस रवैये से उद्धव ठाकरे और उनके बेटे काफी नाराज दिखे

उद्धव ठाकरे ने एसपीजी से कहा कि आदित्य ठाकरे उनके बेटे के तौर पर पीएम को रिसीव करने नहीं आए हैं, बल्कि वह महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री हैं। उनकी दलील थी कि महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री होने के नाते आदित्य ठाकरे आधिकारिक प्रोटोकॉल के अनुसार पीएम मोदी का स्वागत कर सकते हैं। उद्धव ठाकरे से बहस के बाद आदित्य ठाकरे को एसपीजी ने पीएम के स्वागत की अनुमति दी गई।

बता दें कि पुणे के देहू में पीएम मोदी, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री अजित पवार एक ही मंच पर थे। यहाँ पीएम और फडणवीस का मंच पर भाषण हुआ, अजित पवार का भाषण नहीं होने पर सियासत गरमा गई। एनसीपी की सांसद सुप्रिया सुले ने इसे महाराष्ट्र का अपमान बताया और कहा, “ये गंभीर बात है। राज्य के उपमुख्यमंत्री का अपमान है।”