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लगातार तीसरे दिन ED के सामने होगी राहुल गाँधी की पेशी, केस ट्रांसफर करने की कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष की गु​हार भी अदालत ने ठुकराई

आरएसएस के स्वयंसेवक विवेक चंपानेरकर ने 2019 में अपने वकील आदित्य मिश्रा के माध्यम से मानहानि का यह मुकदमा दायर किया था। इसमें कहा गया था कि आरएसएस एक सामाजिक संगठन है और राहुल गाँधी एवं भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव सीताराम येचुरी द्वारा की गई टिप्पणियों की वजह से यह बदनाम हो रहा है।

नेशनल हेराल्ड मामले में राहुल गाँधी से प्रवर्तन निदेशालय (ED) के सवालों का सिलसिला अभी खत्म नहीं हुआ है। वे लगातार तीसरे दिन बुधवार (15 जून 2022) को ईडी के सामने पेश होंगे। इधर कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष को महाराष्ट्र के ठाणे की एक अदालत से भी झटका लगा है। कोर्ट ने राहुल गाँधी की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के एक स्वयंसेवक द्वारा दायर मानहानि के केस को ट्रांसफर करने अपील की थी।

जानकारी के मुताबिक राहुल गाँधी की याचिका पिछले साल दिसंबर में ही खारिज कर दी गई थी, लेकिन यह आदेश मंगलवार (14 जून 2022) को वेबसाइट पर अपलोड किया गया। आरएसएस के स्वयंसेवक विवेक चंपानेरकर ने 2019 में अपने वकील आदित्य मिश्रा के माध्यम से मानहानि का यह मुकदमा दायर किया था। इसमें कहा गया था कि आरएसएस एक सामाजिक संगठन है और राहुल गाँधी एवं भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव सीताराम येचुरी द्वारा की गई टिप्पणियों की वजह से यह बदनाम हो रहा है। चंपानेरकर ने आरोप लगाया कि गाँधी और येचुरी, पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या से आरएसएस को उसे बदनाम कर रहे हैं। चंपानेरकर ने राहुल गाँधी से ₹1 का सांकेतिक मुआवजा माँगा था।

फिलहाल यह मामला सिविल जज, सीनियर डिवीजन के समक्ष लंबित है। केस को ट्रांसफर करने की माँग करते हुए राहुल गाँधी के वकील ने दलील दी थी कि इसे सिविल जज, जूनियर डिवीजन को ट्रांसफर करना चाहिए, क्योंकि वादी द्वारा माँगा गया मुआवजा ₹5 लाख से कम था। इसके बाद प्रधान जिला न्यायाधीश ने अपने आदेश में कहा कि राहुल गाँधी उसी न्यायाधीश के समक्ष वित्त संबंधी क्षेत्राधिकार का मुद्दा उठा सकते हैं, जो मुकदमे की सुनवाई कर रहे हैं।

गौरतलब है कि गौरी लंकेश की हत्या के एक दिन बाद 6 सितंबर, 2017 को राहुल गँधी ने ट्वीट किया था, “जो कोई भी आरएसएस/भाजपा के खिलाफ बोलता है, उस पर हमला किया जाता है और मार भी दिया जाता है। वे केवल एक विचारधारा को थोपना चाहते हैं जो भारत के स्वरूप के खिलाफ है।”

क्या है नेशनल हेराल्ड मामला

बता दें कि ED ने नेशनल हेराल्ड समाचार पत्र से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में राहुल गाँधी से मंगलवार को लगातार दूसरे दिन 11 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की। ईडी की यह जाँच यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड में कथित वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित है, जो कॉन्ग्रेस द्वारा संचालित नेशनल हेराल्ड का मालिक है। यह समाचार पत्र एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) द्वारा प्रकाशित किया जाता है और यंग इंडियन के स्वामित्व में है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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