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दिल्ली में तेज आँधी-बारिश से जामा मस्जिद के गुंबद को पहुँचा भारी नुकसान, सोशल मीडिया पर लोग लिख रहे- ‘अल्लाह रहम फरमाए’

दिल्ली-एनसीआर में सोमवार (30 मई 2022) को भारी बारिश के बाद मौसम का मिजाज बदल गया और लोगों को गर्मी से राहत मिली। वहीं, कई जगहों पर तेज हवाओं के कारण कई पेड़ टूट गए और इमारतों को भी काफी नुकसान पहुँचा है। दिल्ली में हुई झमाझम बारिश के बाद जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। सड़कों पर पानी भरा हुआ है और यातायात प्रभावित हो रहा है। इसी बीच सोशल मीडिया पर दिल्ली की जामा मस्जिद की तस्वीरें वायरल हो रही हैं। ये तस्वीर जामा मस्जिद के सबसे बड़े गुंबद के बुर्ज की है, जो तेज आँधी और बारिश के कारण गिर गया है। बुर्ज के गिरने से 2 से 3 लोग घायल हो गए हैं।

सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स दुआएँ माँग रहे हैं कि सब कुछ ठीक हो जाए। ट्विटर पर राशिद लिखते हैं, “अभी थोड़ी देर पहले दिल्ली में आए आँधी तूफान में दिल्ली की शाही जामा मस्जिद के मेन गुम्बद का हिस्सा टूट कर गिर गया। अल्लाह रहम फरमाए।”

वहीं, कुछ यूजर्स इस पर फिरकी भी ले रहे हैं। आलोक लिखते हैं कि दिल्ली की जामा मस्जिद खुद ही टूटकर गिरने लगी है।

दिल्ली की जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने कहा कि मस्जिद के बीच के गुम्बद का ऊपरी हिस्सा 3 भागों में टूट गया है। 2 नीचे गिरे हैं और एक अभी भी अटका हुआ है। अगर उसे नीचे नहीं लाया गया और वह गिर गया, तो यह उसके सामने की दीवार को नुकसान पहुँचाएगा। क्षतिग्रस्त हिस्से को नीचे लाने के लिए एएसआई डीजी को लिख रहा हूँ।

दरअसल, यह पहली बार नहीं जब जामा मस्जिद को इस तरह का नुकसान पहुँचा है। इससे पहले भी कई बार कुछ चीजें टूटी हैं, जिसके बाद जामा मस्जिद की मरम्मत कराने की भी माँग उठी थी।

गौरतलब है कि पिछले साल जून में जामा मस्जिद की मीनार से पत्थर का एक बड़ा टुकड़ा गिर गया था। पत्थर मस्जिद परिसर में गिरा और फर्श में धंस गया। उस दौरान लॉकडाउन की वजह से जामा मस्जिद में भीड़-भाड़ नहीं थी, इसलिए किसी को क्षति नहीं पहुँची थी। जामा मस्जिद के नायब इमाम सैयद शाबान बुखारी ने बताया था कि मस्जिद करीब 375 साल पुरानी है। इसके संरक्षण की सख्त जरूरत है। सिर्फ मीनार ही नहीं, बल्कि पूरी मस्जिद को बचाने के लिए एएसआई को काम करने की जरूरत है।

केजरीवाल सरकार को झटका: दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन को ED ने किया गिरफ्तार, हवाला लेनदेन के मामले में हुई कार्रवाई

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र कुमार जैन को ईडी ने गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई कोलकाता की एक कंपनी से जुड़े हवाला लेनदेन के मामले में की गई है। वहीं यह भी कहा जा रहा है कि ईडी की इस कार्रवाई से केजरीवाल सरकार का बड़ा झटका लगा है।

बता दें कि सत्येंद्र जैन पर फर्जी कंपनियों के जरिए अवैध लेन-देन करने का आरोप है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जैन को पहले हिरासत में लिया गया था। ईडी ने पहले उनसे पूछताछ की और फिर बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

वहीं सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी के बाद आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता और कवि कुमार विश्वास ने तंज कसते हुए ट्वीट किया है, “यह केस जब पहली बार आया था तो मैंने भरी PAC में सत्येंद्र जैन से जवाब माँगा था। बौने ने उसे सपत्नीक मेरे सामने रोने-धोने के लिए बिठाया। मैंने कहा निजी सम्बन्ध अपनी जगह पर इसका जवाब दो, तो आजकल पंजाब का वसूली-प्रमुख बना नया “चिंटू” कागज फैलाकर बोला “सर मैं CA हूँ, कोई गड़बड़ नहीं है।”

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोलकाता की एक कंपनी से जुड़े हवाला लेनदेन के मामले में जाँच में पाया गया था कि 2015-16 के दौरान सत्येंद्र जैन एक लोकसेवक थे, तो उनके द्वारा लाभकारी स्वामित्व वाली और नियंत्रित कंपनियों को हवाला के जरिए कोलकाता बेस्ड एंट्री ऑपरेटरों को नकद ट्रांसफर के बदले शेल कंपनियों से 4.81 करोड़ रुपए प्राप्त हुए थे।

गौरतलब है कि ED ने अपनी जाँच में बताया है कि इस रकम का उपयोग जमीन की सीधी खरीद या दिल्ली और उसके आसपास कृषि भूमि की खरीद हेतु लिए गए ऋण को चुकाने के लिए किया गया था। बता दें कि सत्येंद्र जैन के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का ईडी का मामला अगस्त 2017 में सीबीआई द्वारा उनके और अन्य के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति रखने के आरोप में दर्ज एफईआआर का हिस्सा है।

चीटियों ने बता दिया कहाँ है ‘बिहार का KGF’! देश का सबसे बड़ा स्वर्ण खादान, जहाँ छिपा है 23 करोड़ टन सोना: सरकार जल्द लेगी बड़ा फैसला

कहा जा रहा है कि ‘बिहार को KGF’ मिल गया है। आप तब तक फिल्म याद कीजिए लेकिन यह सच है कि माओवादियों के दबदबे वाले बिहार के जमुई में सोने का अकूत भंडार मिला है। यहाँ की लाल मिट्टी के नीचे इतना सोना है इस बात का कभी किसी को अंदाजा नहीं था। वहीं अब इसे पूरे देश के स्वर्ण भंडार का करीब 44% बताया जा रहा है। यह स्वर्ण भंडार इसलिए भी चर्चा में आया क्योंकि बिहार सरकार ने देश की सबसे बड़ी सोने की खदान के खनन की अनुमति देने का फैसला किया है। यह जानकारी मीडिया में राज्य के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से शनिवार (28 मई, 2022) को दी गई है।

वहीं मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) ने बिहार के जमुई जिले में करीब 23 करोड़ टन (लगभग 222.88 मिलियन टन) सोने का सर्वेक्षण किया है। उन्होंने सोने के साथ-साथ करीब 37.6 टन खनिज अयस्क की भी सूचना दी है। इसी को देखते हुए नीतीश कुमार सरकार ने हाल ही में जमुई जिले के उस इलाके में सोने के खोज का फैसला किया है। कहा जा रहा है कि इस मुद्दे पर केंद्र के साथ बातचीत चल रही है।

वैसे बिहार के इस क्षेत्र में सोने के भंडार को खोजने में कहा जा रहा है कि करीब 40 साल लग गए हैं। और यह संभव हुआ चींटियों की वजह से। इस इलाके में ऐसी किंवदंती है कि चालीस साल पहले इस क्षेत्र में एक विशाल बरगद का पेड़ था। सूरज की गर्मी और गर्मी से बचने के लिए चींटियाँ बरगद के पेड़ के नीचे घोंसला बनाना शुरू कर देती हैं। कहते हैं कि जब चीटियों ने मिट्टी को नीचे से उठाना शुरू किया, तो स्थानीय लोगों ने मिट्टी में पीले धातु के छोटे-छोटे कण मिले हुए देखे। तभी यह खबर इलाके के लोगों में फैल गई। कहते हैं वह खोज की शुरुआत है।

हालाँकि, जमुई के कई गाँवों के लोग ऐसी बाते कहते आए हैं। वहीं ग्रामीणों का यह भी कहना है कि आज से लगभग 15-16 साल पहले कोलाकाता से भी एक टीम आई थी, जिसने करमटिया में सोना होने की बात कही थी। इसके बाद में कई जाँच और सर्वे एजेंसियों ने भी जाँच कर जमुई जिले को सोने का बड़ा स्रोत बताया है।

बता दें कि बिहार के जमुई जिले में सोने के बड़े भंडार की चर्चा पिछले साल लोकसभा में केंद्रीय खान मंत्री प्रह्लाद जोशी ने की थी। उस समय भी मामला तेजी के साथ सुर्खियों में आया था। अब यहाँ से सोना निकालने के लिए बिहार सरकार की ओर से अनुमति देने का फैसला लिया जा रहा है। शनिवार को इस बाबत एक वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी दी।

रिपोर्ट के अनुसार, बिहार के जमुई जिले में करमटिया, झाझा और सोनो में भारी मात्रा में सोना और खनिज होने के संकेत कई सालों से लोगों को मिलते आ रहे हैं। जिस पर मुहर राज्य का खान और भूविज्ञान विभाग भी लगा चुका है। वहीं बिहार का अब यह विभाग जमुई में सोने के भंडार की खोज के लिए जीएसआई और राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एनएमडीसी) सहित ऐसी खोज में लगी एजेंसियों के साथ भी विचार-विमर्श कर रहा है।

गौरतलब है कि भारत में सबसे अधिक सोना कर्नाटक राज्य में पाया जाता है। इस राज्य में कोलार सोने की खान भारत की सबसे पुरानी और प्रमुख सोने की खानों में से एक है। हालाँकि, 2001 में सोने की यह खान बंद कर दी गई है।

1000 किलो फूलों की सजावट, CM योगी करेंगे राम मंदिर के गर्भगृह का शिला पूजन: दशकों से तराशे जा रहे पत्थर अब आएँगे काम

अयोध्या (Ayodhya) में राम मंदिर (Ram Mandir) निर्माण के मद्देनजर 1 जून को गर्भगृह का पूजन किया जाएगा। इस मौके पर सीएम योगी आदित्यनाथ (Yogi Aadityanath) और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Prasad Maurya) गर्भ गृह में शिला की पूजा करेंगे। इसके बाद से यहाँ पर निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। इसके तहत 5 दिवसीय अनुष्ठान किया जा रहा है। बीते दो साल में राम मंदिर की नीव और उसकी प्लिंथ (कुर्सी) का काम किया गया।

इस कार्यक्रम के मौके पर रामलला के दोनों गर्भगृहों को 10 क्विंटल फूलों से सजाया जाएगा। इसके तहत रामलला के वैकल्पिक गर्भगृह समेत उनके मूल गर्भगृह को फूलों से सुसज्जित किया जाएगा। इस कार्य की जिम्मेदारी ऐसे मौकों पर साज-सज्जा के मशहूर आशीष मिश्र की टीम को सौंपी गई है। इससे पहले जून 2020 में जब राम मंदिर का भूमि पूजन हुआ था तो उस दौरान भी इसकी जिम्मेदारी आशीष मिश्र को ही मिली थी। यहीं नहीं, पिछले साल 29 अगस्त को भी राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अयोध्या दौरे पर उन्होंने ने ही गर्भगृह को सजाया था।

आशीष मिश्र का कहना है कि हर बार की तरह इस बार भी वो सजावट में गेंदा, लाल एवं हल्का गुलाबी गुलाब, सफेद एवं बैंगनी डहेलिया, नीला शंख पुष्प आदि का ही इस्तेमाल करेंगे।

क्या बोले चंपत राय

इस कार्यक्रम को लेकर श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट के अध्यक्ष चंपत राय कहते हैं कि मंदिर को नक्काशीदार पत्थरों से बनाया जाएगा। इन पत्थरों का रंग हल्का गुलाबी होगा। बीते दो सालों में तो केवल मंदिर की कुर्सियों को भरने का काम किया गया है। संभावना है कि ये काम अभी सितंबर तक चलेगा। गर्भगृह की कुर्सी भरी जा चुकी है और अब मंदिर के पश्चिमी कोने से नक्काशीदार पत्थरों को लगाना शुरू किया जाएगा। गर्भगृह की चौड़ाई और लंबाई दोनों ही 20 फीट की है।

इसकी बाहरी दीवार 6 फुट मोटी है। इसकी ठीक पीछे की दीवार को महापीठ कहा जाता है, जिसकी पूजी सीएम योगी करेंगे। उन्होंने कहा कि 2024 में मकर संक्रांति के बाद मंदिर में रामलला विराजमान होंगे। इससे पहले दिसंभर 2023 में ही इसकी तैयारी थी, लेकिन खरमास के कारण ऐसा संभव नहीं हो रहा है।

मदरसा टीचर की शिकायत पर मुंबई पुलिस ने नुपूर शर्मा के खिलाफ दर्ज की दूसरी FIR: पहली कंप्लेन दंगा फैलाने वाले रजा अकादमी ने की थी

भारतीय जनता पार्टी की महिला नेता नुपूर शर्मा के ऊपर दूसरी एफआईआर मुंबई के मुंब्रा पुलिस थाने में दर्ज हुई है। मुंबई पुलिस ने इस एफआईआर की पुष्टि करते हुए बताया कि ये केस भी नुपूर के खिलाफ मजहबी भावनाओं को ठेस पहुँचाने के इल्जाम में हुआ। ये एफआईआर मोहम्मद गुफरान खान नामक एक मदरसा टीचर ने करवाई है।

मुंब्रा पुलिस ने जानकारी साझा करते हुए कहा, “भाजपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता नुपुर शर्मा के खिलाफ ठाणे के मुंब्रा पुलिस स्टेशन में एक और मामला दर्ज किया गया है। कथित तौर पर शत्रुता को बढ़ावा देने, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने के लिए आईपीसी की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।”

शिकायतकर्ता मोहम्मद गुफरान खान ने कहा कि उन्हें वॉट्सऐप के जरिए ज्ञानवापी पर हुए डिबेट का लिंक मिला था जिसमें नुपूर शामिल थीं। उन्होंने डिबेट शो में पैगंबर मोहम्मद और उनकी बीवी को लेकर आपत्तिजनक बात कही थी, जिसे सुन वे आहत हुए और उन्होंने शिकायत करवाई। मुंबई पुलिस ने ये केस आईपीसी की धारा 153 (ए) (बी) और 295 (ए), 298 और 505 के तहत केस दर्ज किया है।

पुलिस थाने के अधिकारी ने अपने बयान में कहा कि शर्मा का बयान दो समुदायों के बीच नफरत को बढ़ावा देने वाला है इसलिए उन्होंने इस संबंध में एफआईआर की है। मामले में कार्रवाई करने से पहले पुलिस नुपूर का पक्ष भी जानेगी। बता दें इससे पहले इमाम काउंसिल ने मुंब्रा पुलिल थाने में जाकर नुपूर शर्मा के खिलाफ ज्ञापन दिया था।

बता दें कि इससे पहले रजा अकादमी ने नुपूर शर्मा के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी है। दिलचस्प बाच ये है कि यही रजा अकादमी खुद हिंसा और हिंदुओं के खिलाफ भड़काऊ बयान देने के मामले में खुद विवादों में रहा है। रजा अकादमी की शिकायत पर शर्मा के खिलाफ मुंबई पुलिस ने IPC की धारा 295A, 153A और 505B के तहत मामला दर्ज किया गया है।

डिबेट शो के बाद नुपूर शर्मा को मिल रही धमकियाँ

उल्लेखनीय है कि 26 मई 2022 की शाम को टाइम्स नाउ पर एक बहस के बाद AltNews के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर ने शर्मा पर पैगंबर मुहम्मद का अपमान करने का आरोप लगाते हुए एक ऑनलाइन कैंपने चलाया था। इसके बाद कट्टरपंथी नुपूर को और उनके परिवार को जान से मारने और रेप की धमकियाँ देने लगे। जबकि हकीकत में डिबेट शो के दौरान नुपूर ने ज्ञानवापी के शिवलिंग पर बन रहे मजाक को आधार बनाकर पूछा था कि क्या जैसे उनके भगवान का मजाक उड़ रहा है वो भी दूसरे मजहब पर इस तरह बात रख सकती हैं?

‘भाई की हत्या का बदला लिया’: जानें कौन है तिहाड़ में बंद लॉरेंस बिश्नोई और कनाडा वाला गोल्डी बरार, सिद्धू मूसेवाला हत्या में आया है नाम

लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने पंजाबी सिंगर और कॉन्ग्रेस नेता सिद्धू मूसेवाला की हत्या की जिम्मेदारी ली है। बताया जा रहा है कि गोल्डी बरार इस इस हत्याकांड का मास्टरमाइंड है। वह लॉरेंस बिश्नोई का करीबी साथी भी है। उसने सोशल मीडिया पर हत्या की जिम्मेदारी लेते हुए इसे अपने भाई की मौत का बदला बताया है। 31 वर्षीय लॉरेंस पंजाब के फिरोजपुर जिले के अबोहर में धतरंवाली गाँव के एक संपन्न किसान का बेटा है। उसने अबोहर में 12वीं कक्षा तक पढ़ाई की और बाद में कॉलेज की पढ़ाई के लिए 2010 में चंडीगढ़ चला गया। लॉरेंस बिश्नोई समुदाय से हैं, जो पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कई हिस्सों में बसे हुए हैं। अभी फिलहाल वह राजस्थान की जेल में बंद है।

लॉरेंस बिश्नोई पर हत्या, रंगदारी समेत कुल दो दर्जन मामले दर्ज

उस पर हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी समेत कुल दो दर्जन मामले दर्ज हैं। उस पर आरोप है कि वह जेल के अंदर से अपनी गैंग को ऑपरेट कर रहा है। इससे पहले भी उसने राजस्थान, पंजाब में कई बार आतंक फैलाया है। नवंबर, 2019 में जब बिश्नोई को डीलर राजवीर उर्फ सोनू शाह की हत्या के मामले में पूछताछ के लिए चंडीगढ़ लाया गया था, तो इस बात के सबूत मिले थे कि वह भरतपुर जेल के अंदर से एक सेल फोन का इस्तेमाल कर रहा था। इसको लेकर चंडीगढ़ पुलिस ने भरतपुर जेल प्रशासन के समक्ष यह मुद्दा उठाया था।

गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई (Lawrence Bishnoi) ने छात्र राजनीति के जरिए अपराध की दुनिया में कदम रखा। वह चंडीगढ़ में डीएवी कॉलेज, सेक्टर-10 का छात्र था। लॉरेंस 2011 और 2012 में पंजाब विश्वविद्यालय (एसओपीयू) के छात्र संगठन का अध्यक्ष भी रह चुका है। आपराधिक रिकॉर्ड के मुताबिक, लॉरेंस बिश्नोई के खिलाफ पहली एफआईआर हत्या के प्रयास को लेकर दर्ज की गई थी। उसके बाद अप्रैल 2010 में एक अन्य मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। फिर फरवरी 2011 में बिश्नोई के खिलाफ मारपीट और सेल फोन लूटने का मामला दर्ज किया गया था। तीनों मामले छात्र राजनीति से जुड़े हैं। चंडीगढ़ पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, शहर में लॉरेंस बिश्नोई के खिलाफ सात प्राथमिकी दर्ज की गई थी। चार मामलों में उसे बरी कर दिया गया और तीन में अदालती सुनवाई लंबित है।

बिश्नोई से दो बार पूछताछ करने वाले एक पूर्व पुलिस वाले ने बताया, “लॉरेंस के दो पते थे, जिनमें से एक पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) में हॉस्टल नंबर 4 और दूसरा सेक्टर 4, पंचकुला में था। उसे अपने सीनियर्स के साथ रहना पसंद था। वह हमेशा कुछ बड़ा करने के बारे में सोचता रहता था।” वर्ष 2015 में लॉरेंस बिश्नोई मोहाली के पास पुलिस हिरासत से भागने में कामयाब रहा, लेकिन उसे जल्द ही फिर गिरफ्तार कर लिया गया। लॉरेंस ने बीए का पहला साल भी पास नहीं किया। वह 2010 में परीक्षा के दौरान नकल करते हुए पकड़ा गया था।

गोल्डी बरार बोला, ‘चचेरे भाई की हत्या का बदला लिया’

कनाडा में रह रहे गैंगस्टर गोल्डी बरार (Goldy Brar) ने गायक सिद्धू मूसेवाला हत्या की जिम्मेदारी ली है। बताया जा रहा है कि उसने जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के साथ मिलकर इस हत्या को अंजाम दिया था। गोल्डी बरार का कहना है कि गायक का नाम अकाली दल के नेता विक्की मिड्दुखेड़ा और उसके चचेरे भाई गुरलाल बरार की हत्या में सामने आया था। मिड्दुखेड़ा की पिछले साल मोहाली में और गुरलाल बरार की चंडीगढ़ में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

कौन है गोल्डी बरार?

सतिंदर सिंह उर्फ गोल्डी बरार गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का करीबी है। वह पंजाब के फरीदकोट जिले का रहने वाला है। बरार राज्य में चलाए जा रहे रंगदारी रैकेट में शामिल था। आरोप है कि कॉन्ग्रेस नेता गुरलाल पहलवान की हत्या में उसका हाथ था। वह अभी कनाडा में रह रहा है और वहीं से पंजाब में एक मॉड्यूल के जरिए काम कर रहा है। पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) वी के भावरा ने कहा था कि मूसेवाला की हत्या का संबंध शिअद नेता विक्की मिड्दुखेड़ा की हत्या से है।

गोल्डी बरार ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा था कि उसने मूसेवाला की हत्या अपने भाई की हत्या का बदला लेने के लिए की थी। इससे पहले मिड्दुखेड़ा की हत्या की जिम्मेदारी बांबिहा गैंग (Bambiha gang) ने ली थी।

AN 94 से ही हुई थी मूसेवाला की हत्या

पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला (Sidhu Moosewala) की रविवार (29 मई, 2022) को पंजाब के मानसा जिले में हत्या कर दी गई। उनकी हत्या पर बड़ा खुलासा हुआ है। सिद्धू मूसेवाला के कत्ल में जिस अत्याधुनिक हथियार का इस्तेमाल किया गया था, वह रूस का है। पंजाब के गैंगवार में ‘AN 94 Russian Assault Rifle’ का इस्तेमाल पहली बार हुआ है। यह हथियार कितना घातक है, इसका अंदाजा मूसेवाला की थार गाड़ी की हालत को ही देखकर लगाया जा सकता है।

इस असॉल्ट राइफल का वजन 3.85 किलोग्राम है। स्टॉक यानी बट के साथ इसकी लंबाई 37.1 इंच और बगैर स्टॉक के 28.7 इंच होती है। इसके बैरल (नली) की लंबाई 15.9 इंच है। इसमें 5.45×39 mm की गोलियाँ लगती हैं। (AN-94) असॉल्ट राइफल इतना खतरनाक हथियार है कि बर्स्ट मोड में इससे 1800 गोलियाँ दागी जा सकती हैं। इस असॉल्ट राइफल से फुल ऑटोमैटिक मोड में हर मिनट 600 राउंड गोलियाँ निकलती हैं। इसके अलावा इस असॉल्ट राइफल की फायरिंग रेंज (Firing Range) 700 मीटर है।

’70 साल में 6.37 लाख प्राथमिक विद्यालय, 8 साल में 6.53 लाख’: BJP ने गिनाई मोदी सरकार की उपलब्धियाँ, किसानों के खाते में अब तक ₹1.80 लाख करोड़

केंद्र में मोदी सरकार के 8 साल पूरे होने के मौके पर सोमवार (30 मई, 2022) को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने याद किया कि देश आज आजादी के 75 वर्ष पूरे होने पर अमृत महोत्सव मना रहा है। उन्होंने कहा कि इसके साथ-साथ देश मोदी सरकार के 8 साल के सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण को भी मना रहा है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी जिस तरह से काम करते हैं, उनके कामों में एक प्रकार का इनोवेशन दिखता है।

नड्डा ने बीजेपी मुख्यालय, दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि गरीबों की सेवा, उनका कल्याण ही मोदी सरकार के काम करने का तरीका है। नड्डा ने इस मौके पर जिक्र किया कि नमो ऐप पर एक माइक्रोसाइट बनाई गई है, जिसमें इन 8 सालों में सरकार ने कौन-कौन से काम किए हैं, इसको लेकर एक गेम की तरह से समझाया गया है। उन्होंने कहा, “माइक्रोसाइट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने जो इनोवेशन खड़ा किया है वो Interesting और Interaction होने के साथ ही Information एवं Innovation से युक्त हैं।”

देश में राजनीति की संस्कृति को पीएम मोदी ने बदल दिया

इस मौके पर नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय राजनीति की संस्कृति को बदल दिया है। सरकार के काम करने की शैली भी आज बदल गई है। 2014 से अब तक हमने एक लंबी यात्रा तक की है। आज हम देश में एक जिम्मेदार सरकार देखते हैं, आज हम प्रो-एक्टिव, प्रो-रिस्पोंसिव सरकार देखते हैं। विपक्ष पर निशाना साधते हुए नड्डा कहते हैं कि पहले योजनाएँ कागज पर बनती थीं, लेकिन वक्त बदला है अब इनके लागू होने के बाद भी इन पर नजर रखी जाती है। यही बदलाव हमारी प्रगति की निशानी है।

शिक्षा की बात करते हुए बीजेपी अध्यक्ष कहते हैं, “पिछली सरकार के 70 वर्षों में शिक्षा विभाग ने 6.37 लाख प्राथमिक विद्यालय बनाए गए थे। मोदी सरकार के 8 साल के कार्यकाल में 6.53 लाख प्राथमिक विद्यालय बने हैं। यूनिवर्सल एजुकेशन की दृष्टि से हम आगे बढ़ रहे हैं।”

नड्डा ने कहा कि बीते 2 साल से 80 करोड़ परिवारों को प्रति माह 5 किलो का राशन मुफ्त दिया जा रहा है। सरकार द्वारा चलाई गई गरीब कल्याण अन्न योजना की प्रशंषा दुनियाभर में की गई है। अब तक किसान सम्मान निधि के तहत दिए जाने वाले 2-2 हजार रुपयों की 10 किस्तें किसानों को दी जा चुकी हैं और 11वीं किस्त कल शिमला से पीएम मोदी जारी करेंगे। इस योजना पर अब तक 1 लाख 80 हजार करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं।

बीजेपी नेता ने कहा कि इन 8 सालों में संस्कृति की रक्षा के लिए कई कार्य किए गए। चाहे वो भव्य राम मंदिर का निर्माण हो, दिव्य काशी हो, महाभारत सर्किट हो, रामायण सर्किट हो, केदारनाथ का पुनरुद्धार, सोमनाथ का विकास और सटेच्यू ऑफ यूनिटी तक भारत के समृद्ध इतिहास को दिखाते हैं। देश में महामारी से निपटने के लिए अब तक 192 करोड़ से अधिक लोगों को वैक्सीन की डोज लगाई गई। साथ ही 100 देशों को 18.5 करोड़ से अधिक वैक्सीन के डोज दिए गए।

‘चमत्कारी इलाज’ के नाम पर 100 का ईसाई धर्मांतरण, दलित समाज के लोग निशाना: यूपी के 2 जिलों में घटनाएँ, 3 गिरफ्तार

UP पुलिस ने सहारनपुर और आजमगढ़ जिलों ने ईसाई धर्मान्तरण के आरोपितों पर कार्रवाई की है। सहारनपुर में 2 और आज़मगढ़ में 1 आरोपित को गिरफ्तार किया गया है। दोनों ही जिलों में हिन्दू संगठनों ने आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है। दोनों स्थानों पर भोले-भाले ग्रामीणों को प्रार्थना के नाम पर जमा कर के उनके धर्म परिवर्तन का प्रयास किया जा रहा था।

आज़मगढ़ में शैतानी आत्मा के इलाज के नाम पर जुटती थी भीड़

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पहला मामला आज़मगढ़ जिले से रविवार (29 मई, 2022) को सामने आया। यहाँ कंधरापुर इलाके में शैतानी आत्मा के इलाज के नाम पर मोहरिल नाम का आरोपित लोगों को जमा करता था। बताया जा रहा है कि मोहरिल अब तक लगभग 100 लोगों को धर्मांतरण करवा चुका है। इसके लिए वो एक मकान में बाकायदा बैनर आदि लगा कर सभाएँ करता था। घटना के दिन जब हिन्दू संगठन इस शिकायत पर मौके पर पहुँचे तो दर्जनों लोग हाथों में धार्मिक किताबें ले कर प्रार्थना करते नजर आए। पूछने पर मोहरिल ने इसे चंगाई सभा बताया।

जब हिन्दू संगठन के लोग मोहरिल से बहस कर रहे थे तभी वहाँ आईं कुछ लड़कियाँ हिन्दू संगठन के ही लोगों से झगड़ने लगीं। आख़िरकार मोहरिल का आयोजन बिना प्रशासनिक अनुमित के पाया गया। विवाद के बीच पुलिस भी मौके पर पहुँच गई। पुलिस ने मोहरिल को गिरफ्तार कर लिया। आजमगढ़ के SP सिटी के मुताबिक, मोहरिल पर धर्मांतरण विरोधी कानून के तहत केस दर्ज किया गया है।

सहारनपुर में धर्मान्तरण के प्रयास में 2 गिरफ्तार

वहीं सहारनपुर जिले के बेहट थानाक्षेत्र में धर्मान्तरण के प्रयास में 2 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। SSP सहारनपुर IPS आकाश तोमर ने बताया, “रविवार (29 म,ई 2022) को गिरफ्तार किए गए लोगों के नाम अजय और अनिल हैं। दोनों ने कुछ दिनों पहले अपना धर्म परिवर्तन कर चुके हैं। साथ ही ये दूसरे लोगों को भी धर्म परिवर्तन के लिए उकसा रहे थे। इसके लिए वो तमाम तरह के लालच भी दे रहे थे। कुछ लोगों ने इस केस में शिकायत दी थी जिसकी जाँच के बाद मामला सही पाया गया। अब इस केस में इन दोनों की गिरफ्तारी की गई है। आरोपितों पर धर्मान्तरण विरोधी कानून व अन्य धाराओं के तहत एक्शन लिया जाएगा।”

इसी घटना के एक वीडियो में मौके पर हिन्दू संगठनों को आरोपितों से बहस करते देखा जा सकता है। वीडियो में बहस के बाद आरोपित को हिन्दू संगठन थाने ले जाने के लिए कहते हैं। आरोपित प्रार्थना के सवाल का सही जवाब भी नहीं दे पा रहा था। उस पर दलित समाज के लोगों के धर्म परिवर्तन के प्रयास का आरोप लगाया जा रहा है।

वहीं एक अन्य वीडियो में आरोपित से पुलिस पूछताछ करती दिखाई दे रही है। उस वीडियो में अपने ट्रस्ट का नाम लॉर्ड जीजस ट्रस्ट बता रहा है। पुलिसकर्मी उस से सवाल करते हैं कि उस ट्रस्ट में तुम क्या कर रहे हो। ये वीडियो इस घटना के शिकायतकर्ता और बजरंग दल पदाधिकारी हरीश कौशिक द्वारा शेयर किया गया है।

124 जर्जर मंदिरों का गौरव वापस लाने में जुटीं BJP की मेयर प्रमिला पांडे, सैकड़ों साल पुराने मंदिर में खंडित कर दी गई थीं प्रतिमाएँ

देश के अलग-अलग राज्यों में इन दिनों हिंदू मंदिरों का मुद्दा गर्माया हुआ है। ऐसे में उत्तरप्रदेश के कानपुर की मेयर व भारतीय जनता पार्टी की महिला नेता प्रमिला पांडे ने अपने क्षेत्र में जर्जर अवस्था में पड़े मंदिरों की हालात सुधारने का जिम्मा लिया है। इसी क्रम में सोमवार को वह बाबूपुरवा के गेट नंबर 6 के पास प्राचीन शिव मंदिर का निरीक्षण करने पहुँची और पाया कि वहाँ मूर्तियों को खंडित किया गया था।

स्थानीय लोगों ने शिकायत की कि मंदिरों से मूर्तियों को हटाया जा रहा है और पूरे मंदिर परिसर में कब्जे की कोशिश हो रही है। स्थानीयों के मुताबिक इस काम को भूमाफियों के जरिए अंजाम दिया जा रहा है। मंदिर सैंकड़ों साल पुराना है जिसमें माँ पार्वती, हनुमान जी की मूर्तियाँ रखी हुई थीं। लोगों की शिकायतें सुनने के बाद मेयर प्रमिला पांडे ने संबंधित अधिकारी को निर्देश दिए कि जब तक जगह का सत्यापन न हो तब तक वहाँ किसी निर्माण की इजाजत न दी जाए।

मंदिरों को पुननिर्माण के लिए आगे आई भाजपा नेता

बता दें कि इससे पहले कानपुर नगर निगम की ओर से शहर में 124 मंदिरों को चिह्निंत करने का कार्य किया गया था। ये सारे मंदिर वही थे जिनकी हालत जर्जर थी या फिर इन्हें कूड़ा घरों में तब्दील कर दिया गया था। मेयर प्रमिला पांडे इन मंदिरों को दोबारा से पुनर्जीवित करने की कोशिशों में जुटी हैं। 28 मई को प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने बीते शनिवार को 8 मंदिरों का दौरा किया था। मंदिरों की हालत ऐसी थी कि किसी की आँखोों में आँसू आ जाए।

उन्होंने बेकनगंज इलाके में निरीक्षण के दौरान कृष्ण मंदिर से सटकर एक बिरयानी बेचने वाले को फटकार लगाई थी। उन्होंने पूछा था कि अगर कोई मस्जिद तोड़कर मंदिर बनाता तो तुम्हें कैसे लगता। इसके अलावा उन्होंने हिंदू मंदिरों की हालत सुधरवाने के लिए पुलिस कमिश्नर से भी बात की थी और कहा था कि पुलिस प्रशासन को 124 मंदिरों की लिस्ट सौंपी जाएगी। पुलिस ने भी उन्हें भरोसा दिया था कि वे सभी मंदिरों को मुक्त करवाकर नगर निगम को सौंपेंगे और फिर दीवार बनवाकर गेट लगवाया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि मीडिया से बातचीत में कानपुर मेयर ने मंदिर मस्जिद विवाद पर अपनी बात रखते हुए बताया था कि कैसे मुगल आक्रांताओं द्वारा मंदिरों को तोड़ डालने का काम हुआ। लेकिन कभी किसी ने मस्जिदों को नहीं छुआ। आज मंदिरों का सर्वे हो रहा है तो हर पुरानी मस्जिद में से मंदिर आ रहे हैं। उन्होंने हिंदू मंदिरों के लिए चलाई जा रही अपनी मुहीन को लेकर कहा कि वो किसी पक्ष से कोई चीज नहीं माँग रहीं लेकिन अपने मंदिरों के लिए कार्य कर रही हैं। अगर इससे किसी को कोई नाराजगी है तो होती रहे।

ज्ञानवापी विवादित ढाँचे में शिवलिंग पर चली ड्रिल

याद दिला दें कि पिछले दिनों ज्ञानवापी में सर्वे के दौरान शिवलिंग मिलने के दावा किया गया था। साथ ही विवादित ढाँचे के परिसर में तमाम हिंदू प्रतीक भी पाए गए थे। इसके बाद कोर्ट ने शिवलिंग की सुरक्षा के आदेश दिए। हालाँकि बाद में पता चला कि उस शिवलिंग पर ड्रिल चलाकर छेद करके उसे खंडित करने की कोशिशें हुईं।

कानपुर के बिल्हौर में मिली थी खंडित मूर्तियाँ

इसके अलावा इससे पहले कानपुर के बिल्हौर में ही मूर्ति खंडित करने का मामला उजागर हुआ था। घटना अरौल रेलवे स्टेशन के पास गूजेपुर रोड पर बने दुर्गा मंदिर की थी। वहाँ चूँकी ताला नहीं पड़ता था तो लोगों ने एक सुबह देखा कि बजरंगबली की मूर्ति का दाहिना हाथ तोड़ दिया गया। वहीं दुर्गा माँ की मूर्ति भी खंडित कर दी गई। इस घटना के बाद इलाके में तमाव फैल गया था और दोबारा मूर्ति स्थापना का आश्वासन देकर स्थिति संभाली गई थी।

‘वक्फ की संपत्ति है पूरा का पूरा ज्ञानवापी परिसर’: कोर्ट में बोले मस्जिद कमिटी के वकील अभय यादव – मुस्लिमों को नमाज का अधिकार

ज्ञानवापी विवादित ढाँचे को लेकर वाराणसी कोर्ट में हो रही सुनवाई समाप्त हो चुकी है। वहीं कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 4 जुलाई की तारीख दी है। जिला जज डा.अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत में आज सोमवार (30 मई, 2022) को करीब 2 घंटे तक सुनवाई चली जिसमें मुस्‍ल‍िम पक्ष ने विस्‍तार से अपनी बात रख दी है। वहीं फोटो और वीडियो के बारे में अदालत दिशा निर्देश तय करेगी और उसके बाद दोनों पक्षों को सर्वे की रिपोर्ट दे दी जाएगी। माना जा रहा है कि आज शाम को ही इस पर फैसला हो सकता है। अदालत के अनुसार इस पर आई आपत्तियों को देखते हुए इस पर आदेश आएगा।

आज की सुनवाई में ज्ञानवापी प्रकरण में जिला जज की अदालत में लंबित प्रकरण में पक्ष रखने के लिए सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील हरिशंकर जैन एवं उनके पुत्र वकील विष्णु शंकर जैन के साथ ही वाद मित्र विजय शंकर रस्तोगी एडवोकेट भी अदालत पहुँचे थे। जहाँ दोपहर दो बजे से ज्ञानवापी विवादित ढाँचे के मामले में अदालत ने मुस्लिम पक्ष की दलीलों को विस्तार से सुना। आज केवल 13 से 39 पैरा तक ही बहस हो सकी है।

इससे पहले वाराणसी में दो अदालतों में सुनवाई पूरी हो गई है। जिला जज और सिविल जज की फास्ट ट्रैक कोर्ट में दो अलग-अलग मुकदमों में पक्षकारों ने अपना पक्ष रखा। बता दें कि चार जुलाई को भी विपक्ष अपनी बहस जारी रखेगा।

वहीं आज मामले की शुरुआत में परिसर में स्थित माँ श्रृंगार गौरी की दैनिक पूजा-अर्चना करने एवं अन्य देवी-देवताओं को संरक्षित करने के जिला जज की अदालत में होने वाली सुनवाई के मामले में पक्षकार बनने के लिए स्वयंभू ज्योर्तिलिंग आदिविश्वेश्वर की तरफ से वकील विजय शंकर रस्तोगी ने पक्षकार बनने के लिए अदालत में अर्जी दी थी।

वाराणसी जिला न्यायालय आज भी सुनवाई के दौरान आज, माँ शृंगार गौरी से संबंधित मुकदमा सुनवाई योग्य नहीं है, इस दावे के साथ मुस्लिम पक्ष के अधिवक्ता ने अपनी दलीलें शुरू की। वहीं अंजुमन इंतजामिया मस्जिद समिति द्वारा दायर आदेश में प्लेस ऑफ़ वर्शिप एक्ट के 7 नियम 11 सीपीसी के तहत हिंदू महिलाओं द्वारा दायर याचिका को खारिज करने की माँग की गई।

वहीं मुस्लिम पक्ष की तरफ से पेश वकील एडवोकेट अभय नाथ यादव ने दावा किया कि मस्जिद परिसर वक्फ संपत्ति नहीं है, ‘गलत’ है। उन्होंने इसके लिए दीन मोहम्मद केस का हवाला दिया। अधिवक्ता अभय नाथ यादव ने कोर्ट के सामने दावा किया कि ज्ञानवापी मस्जिद एक वक्फ संपत्ति है।

उन्होंने मामले में एक पुराने मामले का हवाला देते हुए कहा, “दीन मोहम्मद केस (1937) में कोर्ट ने फैसला किया कि कौन सा क्षेत्र मस्जिद की संपत्ति है और कौन सा क्षेत्र मंदिर की संपत्ति है। ज्ञानवापी मस्जिद का पूरा परिसर मुस्लिम वक्फ का है और मुसलमानों को इसमें नमाज अदा करने का अधिकार है।”

गौरतलब है कि आज वाराणसी की ज्ञानवापी विवादित ढाँचे को लेकर केंद्रीय ब्राह्मण महासभा की ओर से भी एक नई याच‍िका दाख‍िल कर दी गई है। इस तरह से ज्ञानवापी मसले पर याच‍िका की संख्‍या काफी तेजी से बढ़ती जा रही है।