Home Blog Page 2684

नहीं आता गैजेट्स चलाना, आशीष नेहरा ने दिखा दिया कागज़-कलम से भी आ सकती है ट्रॉफी: IPL जीतने वाले पहले भारतीय कोच, RCB ने निकाल दिया था

आशीष नेहरा IPL की ट्रॉफी जीतने वाले पहले भारतीय कोच हैं। उन्होंने बिना किसी लैपटॉप-फोन या फैंसी डेटा के ये कर दिखाया। आशीष नेहरा के बारे में बताया जाता है कि वो आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल नहीं करते और यहाँ तक कि वो सोशल मीडिया पर भी सक्रिय नहीं हैं। ‘गुजरात टाइटंस’ के लिए खिलाड़ियों की नीलामी से लेकर टीम को विजेता बनाने तक, उनका प्रदर्शन शानदार रहा। कप्तान हार्दिक पंड्या और अन्य खिलाड़ियों के साथ उनकी बॉन्डिंग भी मस्त रही।

IPL के 15 वर्षों के इतिहास में आशीष नेहरा से पहले किसी भी ट्रॉफी विजेता टीम का कोच भारतीय नहीं रहा, सभी विदेशी ही थे। आशीष नेहरा ने ये कर दिखाया और खुद को एक सफल मेंटर के रूप में स्थापित किया है। यहाँ तक कि टीम के कप्तान हार्दिक पंड्या ने भी इस जीत का लगभग पूरा श्रेय उन्हें ही दिया। पहली बार IPL में आई ‘गुजरात टाइटंस’ की जीत पर पंड्या ने कहा कि आने वाली नस्लें इस जीत को याद रखेंगी और इस पर चर्चा करेंगी।

पूर्व भारतीय तेज़ गेंदबाज आशीष नेहरा को अक्सर कागज़-कलम के साथ मैचों में देखा जाता था। वो मोबाइल-लैपटॉप या आईपैड पर नहीं, बल्कि कागज़ पर कलम से चीजें नोट करते रहते थे और रणनीति बनाते थे। जहाँ प्रत्येक टीम में मैनेजमेंट को गैजट्स के साथ देखा जाता है, आशीष नेहरा ने बता दिया कि पेन-पेपर का इस्तेमाल कर के भी टूर्नामेंट जीते जा सकते हैं। उन्हें कभी गुस्से में नहीं देखा गया। वो डगआउट में रिलैक्स्ड नजर आते थे।

स्पिनर अमित मिश्रा ने भी उनकी तारीफ़ की। इसके अलावा सोशल मीडिया पर फैंस भी उनकी तारीफों के पुल बाँध रहे हैं। आशीष नेहरा के बारे में साथी खिलाड़ी कहते हैं कि वो कभी दबाव में नहीं आते और हमेशा हँसी-मजाक करते रहते हैं। भारत को वर्ल्ड कप जिताने वाले गैरी कस्टर्न भी ‘गुजरात टाइटंस’ से जुड़े हुए थे, लेकिन हेड कोच के रूप में टीम प्रबंधन ने आशीष नेहरा पर भरोसा जताया। आमिर खान ने भी IPL फाइनल के बाद एक कार्यक्रम में उन्हें गुजरात की जीत का मुख्य आर्किटेक्ट बताया।

इससे पहले ‘रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु’ सहित कुछ अन्य टीमों ने आशीष नेहरा को अपना हेड कोच नहीं बनाया था। एक नई टीम ने उन पर भरोसा जताया। RCB ने उन्हें हटा दिया था तो उन्होंने शर्त रखी थी कि वो बतौर मुख्य कोच ही किसी टीम से जुड़ेंगे। RCB ने 2018 में उन्हें गेंदबाजी कोच बनाया था। नीलामी के बाद लोगों ने आशीष नेहरा की आलोचना करते हुए कहा था कि राष्ट्रीय टीमों से बाहर हो चुके खिलाड़ियों पर उन्होंने भरोसा जताया है और ऐसे युवा खिलाड़ी लिए, जो प्रभावी नहीं हैं। अब इन अटकलों पर विराम लग गया है।

आशीष नेहरा को इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स चलाने नहीं आता। उन्होंने खुद स्वीकार किया था कि पत्नी के बहुत कहने पर उन्होंने एक स्मार्टफोन खरीदा था। वो मैच के दौरान अक्सर नारियल-पानी पीते हुए और खिलाड़ियों को सलाह देते हुए देखे जाते थे। चार बार न्यूजीलैंड के स्टीफेन फ्लेमिंग, तीन बार श्रीलंका के महेला जयवर्धने और दो बार ऑस्ट्रेलिया के ट्रेवर बैलिस टूर्नामेंट जीत चुके हैं। टॉम मूडी, रिकी पोंटिंग, जॉन राइट, डैरेन लेहमैन और शेन वॉर्न एक-एक बार बतौर कोच चैंपियन बने। अब आशीष नेहरा इस सूची में शामिल हुए हैं।

स्कूल में घुस कश्मीरी पंडित महिला शिक्षक को आतंकियों ने मारी गोली, हुई मौत: हिंदुओं की टार्गेटेड किलिंग पर लगाम कब?

जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में इस्लामी आतंकियों ने एक महिला कश्मीरी हिंदू (पंडित) की हत्या कर दी है। हाई स्कूल गोपालपोरा की शिक्षिका रजनी को आतंकियों ने स्कूल में गोलियों से छलनी कर दिया। घायल रजनी को अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित किया।

महिला कश्मीरी पंडित और शिक्षिका की हत्या के बाद पूरे इलाके की घेराबंदी की गई है। 31 मई 2022 को अंजाम दी गई इस घटना के बाद आतंकियों को पकड़ने के लिए सुरक्षाबलों ने कार्रवाई शुरू कर दी है।

कश्मीर जोन की पुलिस का कहना है कि इस घटना के लिए जिम्मेदार आतंकियों को खोज निकाला जाएगा और उन्हें ढेर कर दिया जाएगा।

कश्मीरी हिंदुओं पर टार्गेटेड अटैक

कश्मीर के ही बडगाम में दो-तीन हफ्ते पहले 12 मई 2022 को लश्कर-ए-तैयबा के दो आतंकियों ने एक सरकारी कार्यालय में घुस कर 35 वर्षीय राहुल भट की गोली मारकर हत्या कर दी थी। राहुल भट प्रवासी कश्मीरी हिंदुओं के रोजगार के लिए दिए गए विशेष पैकेज के लिए काम कर रहे थे।

जिस समय दोनों आतंकियों ने कार्यालय में घुसकर भट की हत्या की थी, उस समय शाम के लगभग साढ़े चार बज रहे थे और तहसील कार्यालय कर्मचारियों से भरा हुआ था। आतंकी दुस्साहस दिखाते हुए भरी ऑफिस में घुस गए और राहुल भट को सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी।

टार्गेटेड अटैक खौफ की रणनीति

राहुल भट की हत्या से पहले पिछले साल 7 अक्‍टूबर को आतंकियों ने प्रिंसिपल सतिंदर कौर और अध्‍यापक दीपक चंद की हत्‍या कर दी थी। 5 अक्‍टूबर को माखनलाल बिंद्रू को मौत के घाट उतारा गया था। 17 सितंबर को कॉन्‍स्‍टेबल बंटू शर्मा को जान से हाथ धोना पड़ा था। 8 जून को सरपंच अजय पंडिता की जान गई थी। यह सिलसिला मानो थमने का नाम नहीं ले रहा है।

राहुल भट या महिला शिक्षक रजनी की हत्या आम आतंकी घटना नहीं। यह टार्गेटेड किलिंग है। टार्गेटेड किलिंग इसलिए क्योंकि जिस ऑफिस/स्कूल में घुस कर आतंकी ऐसी घटना को अंजाम देते हैं, अगर यह आम आतंकी घटना होती तो वहाँ काम करने वाले दूसरे भी मारे जा सकते थे या घायल होते। क्या ऐसा हुआ? नहीं। क्या कारण हो सकता है? सिर्फ और सिर्फ टार्गेटेड किलिंग। भीड़ भरे ऑफिस/स्कूल/जगह में घुसना और नाम पूछ कर गोली मारना टार्गेटेड किलिंग नहीं है तो और क्या है?

15000 समर्थकों के साथ भाजपा में शामिल होंगे हार्दिक पटेल, खुद बताई तारीख़: गुजरात की राजनीति में बड़ी हलचल

गुजरात कॉन्ग्रेस के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष हार्दिक पटेल ने पार्टी छोड़ने के बाद अब भाजपा में शामिल होने का फैसला लिया है। उन्होंने बताया है कि वो गुरुवार (2 जून, 2022) को भाजपा की सदस्यता ग्रहण करेंगे। उनके साथ 15,000 अन्य समर्थक भी भाजपा में शामिल होंगे। इस दौरान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटिल भी मौजूद रहेंगे। गाँधीनगर स्थित भाजपा कार्यालय में वो हार्दिक पटेल को पार्टी की सदस्यता दिलाएँगे।

हार्दिक पटेल ने खुद ANI से बात करते हुए इसकी पुष्टि की है कि वो 2 जून को भाजपा में शामिल हो रहे हैं। ‘पाटीदार आंदोलन’ का चेहरा रहे हार्दिक पटेल को अदालत से ही राहत मिल गई है, ऐसे में अब उनके चुनाव लड़ने का रास्ता भी साफ़ हो गया है। हालाँकि, अभी तक भाजपा ने इस सम्बन्ध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी गुजरात दौरे पर गए थे। गुजरात में पाटीदारों का अच्छा-खासा प्रभाव है।

इससे पहले उन्होंने उन्होंने कॉन्ग्रेस पर हिंदू धर्म की आस्था को नुकसान पहुँचाने का आरोप लगाया। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, “मैंने पहले भी कहा था कि कॉन्ग्रेस पार्टी जनता की भावनाओं को ठेस पहुँचाने का काम करती है, हमेशा हिंदू धर्म की आस्था को नुकसान पहुँचाने का प्रयास करती है। आज पूर्व केन्द्रीय मंत्री और गुजरात कॉन्ग्रेस के नेता ने बयान दिया की राम मंदिर की ईंटों पर कुत्ते पेशाब करते हैं..!” उन्होंने पूछा था कि कि कॉन्ग्रेस नेताओं को भगवान श्रीराम से क्या दुश्मनी है?

कॉन्ग्रेस से इस्तीफा देने के बाद हार्दिक पटेल ने कहा था, “जब भी राहुल गाँधी गुजरात में आते हैं, तो हम अपेक्षा करते हैं कि वह यहाँ के जमीनी मुद्दों पर बात करेंगे। लेकिन यहाँ पार्टी के नेता उनके आने पर उनकी खातिरदारी में जुट जाते हैं कि वो कब खाएँगे, क्या खाएँगे। नाश्ते में क्या लेंगे। उनके लिए कौन सा चिकन सैंडविच लाना है, कहाँ से लाना है। ये सब देखकर बहुत दुःख होता है। ये लोग अपनी गलतियों को सुधारना ही नहीं चाहते हैं। इसलिए जो गलत होगा उस पर बोलूँगा।”

टीले वाली मस्जिद नहीं, लक्ष्मण टीला पर स्थित ‘टीलेश्वर महादेव’: लखनऊ की अदालत में सुनवाई, 9 साल से केस लड़ रहे हरिशंकर जैन

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ सतजित ‘टीले वाली मस्जिद’ को लेकर सेशन कोर्ट में सुनवाई चल रही है। हरिशंकर जैन ये इस सम्बन्ध में याचिका दायर की थी। उनका कहना है कि ये ‘टीले वाली मस्जिद’ नहीं, बल्कि ‘लक्ष्मण टीला’ है। 2013 में इस सम्बन्ध में निचली अदालत में दायर याचिका को लेकर जो आदेश आया था, उसके विरुद्ध रिवीजन सूट दायर किया गया है। इसमें ‘लक्ष्मण टीला’ को हिन्दुओं को वापस सौंपने की माँग की गई है।

बता दें कि अदालत में ज्ञानवापी मामले में भी हिन्दुओं का प्रतिनिधित्व वरिष्ठ अधिवक्ता हरिशंकर जैन ही कर रहे हैं। उनके बेटे विष्णु शंकर जैन भी इस मामले में सक्रिय हैं। जैन ने अपनी याचिका में कहा है कि पूरे ‘टीला वाली मस्जिद’ के परिसर को ‘शेषनागेस्थ टीलेश्वर महादेव’ कहा जाता है। उन्होंने बताया कि क्रूर मुग़ल बादशाह औरंगजेब के समय इसे ध्वस्त कर दिया गया था। कोर्ट ने इसके बाद इससे सम्बंधित पक्षों को नोटिस जारी किया।

मुस्लिम पक्ष ने इस सूट को रद्द करने की अपील की, जिसे कोर्ट ने नकार दिया। ये याचिका ‘शेषनागेस्थ टीलेश्वर महादेव विराजमान’ और ‘लक्ष्मण टीला शेषनाग तीर्थभूमि’ की तरफ से दायर की गई है। रामरतन मौर्य, वेदप्रकाश त्रिवेदी, दिलीप साहू, स्वतंत्र कुमार त्रिपाठी और धनवीर सिंह याचिकाकर्ताओं में से हैं। इसमें ASI और केंद्रीय गृह मंत्रालय के अलावा वक्फ बोर्ड और मौलाना फजुर रहमान को भी रेस्पोंडेंट बनाया गया है।

याचिका में माँग की गई है कि इस स्थान को हिन्दुओं को सौंप कर उन्हें पूजा-पाठ की अनुमति दी जाए और उनके दर्शन में बाधा डालने वालों को रोका जाए। 25 सितंबर, 2017 को निचली अदालत ने वाद के खिलाफ दायर प्रतिवादी की आपत्ति को ख़ारिज कर दिया था। मौलाना फजुर रहमान की मौत के बाद उनके उत्तराधिकारी मौलान फजलुल मन्नान को प्रतिवादी बनाया गया। इस मामले में आज भी अदालत में सुनवाई होनी है।

‘हम जिएँगे और मरेंगे, ऐ वतन तेरे लिए’: बलिदानी मुदस्सिर अहमद का आखिरी वीडियो, सच साबित कर गए गाने के बोल… पिता बोले – फख्र है

बारामूला में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में बलिदान हुए जम्मू कश्मीर पुलिस के मुदस्सिर अहमद शेख का आखिरी वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें वो ‘हम जिएँगे और मरेंगे ऐ वतन तेरे लिए, दिल दिया है जान भी देंगे, ऐ वतन तेरे लिए’ गाने गाने पर एक्ट करते हुए दिख रहे हैं। हाथ में राइफल लेकर मुदस्सिर अहमद ने हँसते हुए ये वीडियो बनाया था। इसमें वो पुलिस ड्रेस में दिख रहे हैं। लोग उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए इस वीडियो को शेयर कर रहे हैं।

देशभक्ति गाने का ये वीडियो मुदस्सिर अहमद ने बलिदान होने से 3 दिन पहले बनाया था। वहीं उनके पिता ने अपने बेटे की वीरगति को प्राप्त होने पर गर्व जताया है। मक़सूद अहमद ने कहा कि उन्हें इस बात से बहुत ख़ुशी है कि उनके बेटे की वजह से 1000 लोगों की जान बच गई। उन्होंने कहा कि उनके बेटे की क़ुरबानी पर उन्हें बहुत फख्र है। उन्होंने कहा कि उन्हें पता है कि उनका बेटा वापस नहीं आएगा, लेकिन उन्हें इस बात का फख्र है कि उन्होंने लड़ते-लड़ते अपनी जान दे दी।

मुदस्सिर अहमद शेख के पिता ने कहा कि उनके बेटे ने देश के लिए अपनी जान दे दी, लेकिन आतंकवादियों को भागने नहीं दिया। बता दें कि बारामूला में हुए एनकाउंटर में तीन आतंकियों को मार गिराया गया। मुदस्सिर अहमद शेख ने इस एनकाउंटर से पहले अपने भाई से जूते खरीद लेने को और पैसे की चिंता न करने को कहा था। उन्होंने भाई को भेजे अपने इस आखिरी वॉइस मैसेज में बताया था कि वो एक ऑपरेशन में जा रहे हैं, तुम सब अपना ख्याल रखना और कल किसी भी वक्त फोन कर लेना।

बारामूला में ये मुठभेड़ बुधवार (25 मई, 2022) को हुई थी। उनके पिता कह रहे हैं कि बेटे की मौत पर आँसू बहाने की कोई जरूरत नहीं है, सब को उन पर गर्व है। मारे गए सभी आतंकी पाकिस्तान पोषित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के थे। स्पेशल पुलिस ऑफिसर मुदस्सिर अहमद शेख ‘इलीट पुलिस यूनिट’ के सदस्य थे। क्रीरी स्थित नजीभाट चेकपॉइंट पर ये गोलीबारी हुई। उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने उनके घर जाकर परिजनों से मुलाकात की। शेख को उनके साथी ‘बिंदास मुदस्सिर’ कह कर भी बुलाते थे।

‘शिवलिंग होता तो कब का तोड़ कर हटा देते’: ज्ञानवापी पर मौलाना सरफ़राज़ अहमद ने दोहराया, एंकर ने पूछा – पैगंबर मुहम्मद पर कोई ऐसा बोले तो?

काशी के ज्ञानवापी विवादित ढाँचे के अंदर के नए वीडियोज सामने आने के बाद ये लगभग साफ़ हो गया है कि शिवलिंग के साथ छेड़छाड़ की गई थी और जिसे ‘मस्जिद’ कहा जाता है, उसके भीतर मंदिर होने के कई प्रमाण मौजूद हैं। अब सरफराज अहमद नाम के एक मौलाना ने कहा है कि ज्ञानवापी में शिवलिंग की बातें करने वालों का मकसद ही था कि हिंदुस्तान में बवाल करना है। उन्होंने कहा कि जो न्यूज़ चैनलों में चल रहा है वो क्या है, कानून के दायरे में मना कर दिया गया है कि कोई बात न करे, लेकिन फिर भी मीडिया में चल रहा है।

मौलाना सरफराज ने आगे कहा, “आपको क्या लगता है, जो फव्वारा कहा जा रहा है वो क्या है? फव्वारा है तो फव्वारा ही कहा जाएगा न। और अगर आपने ये आरोप लगा है कि ये शिवलिंग है तो ये जाँच का विषय है। एक बात मैं ‘ऑफ द रिकॉर्ड’ बोलना चाहता हूँ। किसी जमाने में ये मंदिर था। मंदिर तोड़ कर मस्जिद बन दी गई, इसमें कोई संशय की बात नहीं है। तो कहने का मतलब कि क्या बना, किसने बनाया – ये एक अलग विषय है।”

वायरल वीडियो में मौलाना सरफराज कहता दिख रहा है कि ज्ञानवापी के बारे में कोई प्रमाण भी नहीं है, क्योंकि कागजात लेकर अंग्रेज लंदन चले गए थे। ‘Zee Hindustan’ चैनल ने जब मौलाना सरफराज से इस बयान को लेकर पूछा तो उन्होंने कहा कि उन्होंने ‘ऑफ द रिकॉर्ड’ भी ये बात कही थी और अब ‘ऑन द रिकॉर्ड’ भी कह रहे हैं कि अगर वहाँ शिवलिंग होता तो उसे कब का तोड़ कर हटा देते। इस पर टीवी एंकर और डिबेट में मौजूद हिन्दू संत के कड़ी आपत्ति जताई।

मौलाना सरफराज ने इस बयान पर माफ़ी माँगने से इनकार करते हुए कहा कि उन्होंने ऐसा क्या कहा है? एंकर प्रत्यूष खरे ने पूछा कि अगर यही बात पैगंबर मुहम्मद के बारे में किसी ने कह दी होती तो बवाल मच जाता और मौलाना सरफराज अहमद इसी चैनल पर माफ़ी मँगवाने की बात कह रहे होते। बता दें कि सर्वे के लीक वीडियो में मस्जिद के वजूखाना के अंदर शिवलिंग स्पष्ट शिवलिंग दिख रहा है। साथ ही तहखानों की दीवारों पर स्वस्तिक, त्रिशूल, कमल और हिंदू देवताओं के रूपांकरण उकेरे हुए नजर आ रहे हैं।

मंदिरों की मरम्मत के लिए फंड इकट्ठा करने वाला YouTuber गिरफ्तार, तमिलनाडु के सरकारी विभाग ने कहा – हमसे नहीं ली अनुमति

तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में कार्तिक गोपीनाथ नाम के एक YouTuber को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि उसने मंदिरों की मरम्मत को लेकर लोगों रुपए इकट्ठे किए, लेकिन उसका इस्तेमाल अपने व्यक्तिगत कामों के लिए किया। पुलिस का कहना है कि बिना प्रशासन की अनुमति के उसने ऐसा किया। बताया जा रहा है कि उक्त YouTuber दक्षिणपंथी तमिल दर्शकों में लोकप्रिय था। 32 वर्षीय कार्तिक गोपीनाथ ने ऑनलाइन फंड इकट्ठा करने के अलावा 6 लाख रुपए अपने बैंक खाते में भी मँगाए।

पुलिस के अनुसार, कार्तिक गोपीनाथ ने दावा किया कि वो असामाजिक तत्वों द्वारा नुकसान पहुँचाए गए मंदिरों की मरम्मत के लिए फंड्स जमा कर रहे हैं। साथ ही उन पर राज्य के ‘हिन्दू रिलीजियस एंड एंडोमेंट्स विभाग (HRCE)’ की अनुमति के बिना इस काम के नाम पर कई लाख रुपए जमा करने के आरोप हैं। राज्य में मंदिरों का नियंत्रण इसी संस्था के हाथ में है। उत्तर चेन्नई स्थित अवाडी के पुलिस कमिश्नर ने कहा कि पेरम्बलूर के नजदीक स्थित सिरुवाचूर के एक मंदिर के एग्जीक्यूटिव ऑफिसर ने इस बाबत शिकायत की थी।

इसमें बताया गया था कि YouTuber कार्तिक गोपीनाथ ने ‘इलाया भरतम’ के नाम पर एक यूट्यूब चैनल खोला और लोगों को ‘मिलाप’ फंडरेजिंग साइट के जरिए रुपए भेजने को कहा। उन्होंने अरुल्मिगु मधुरा कालीअम्मन परिसर में स्थित मंदिरों की मरम्मत कराने की बात कही। उन पर इस रकम का इस्तेमाल ‘खुद के लिए करने’ के आरोप लगे हैं। तमिलनाडु में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के अन्नामलाई ने इस गिरफ़्तारी की निंदा करते हुए कहा कि पुलिस निर्दोषों को छोड़ दे और सीधा उन्हें गिरफ्तार करे।

उन्हें YouTuber के करीब भी बताया जा रहा है। ‘मिलाप’ के जरिए कार्तिक गोपीनाथ ने अब तक 33 लाख रुपए से भी अधिक जमा कर लिए थे। उन्होंने अपनी अपील में बताया था कि उक्त मंदिर में बदमाशों ने प्रतिमाओं को खंडित किया है। ‘मिलाप’ के जरिए सामाजिक कार्यों और मेडिकल इमरजेंसी के लिए रुपए जमा किए जाते हैं। पुलिस का कहना है कि मंदिर में तोड़फोड़ की घटना सही है, लेकिन कार्तिक गोपीनाथ और उनके समर्थक इसे सांप्रदायिक रंग देने में लगे हुए हैं।

पुलिस का कहना है कि तोड़फोड़ का काम मंदिर के ही पुजारी के भाई ने किया था, जो एक तेलुगु ब्राह्मण है और मानसिक रूप से विक्षिप्त है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। कार्तिक गोपीनाथ ने HRCE विभाग के अधिकारी को ये रुपए देने के लिए लिखा भी था, लेकिन विभाग ने मना करते हुए कहा कि मंदिरों के देखभाल का काम उसका है, ऐसे में YouTuber को अपने बैंक खाते में इसके लिए रुपए नहीं जमा करने चाहिए थे।

अक्टूबर 2021 में कार्तिक गोपीनाथ ने बताया था कि उन्होंने अपने फॉलोवर्स से एक सप्ताह में 10 लाख रुपए माँगे थे, लेकिन उन्हें मात्र 8 घंटे में ही लोगों ने 15 लाख रुपए दे दिए। हालाँकि, अधिकतर रुपए अभी भी ‘मिलाप’ पर ही हैं और कार्तिक गोपीनाथ को जारी नहीं किए गए हैं। उन्होंने बताया था कि रुपए के इस्तेमाल को लेकर वो चैनल के जरिए लोगों को अपडेट करते रहेंगे। उन्होंने बताया था कि HRCE विभाग की देरी के कारण दिक्कतें आ रही हैं।

YouTuber ने स्थानीय लोगों से विचार-विमर्श कर के एक मूर्तिकार को रुपए भी दिए थे। लेकिन, उन्हें विभाग से ज़रूरी अनुमति नहीं मिल रही थी। सिरुवाचूर के कई लोगों ने हस्ताक्षर कर के उन्हें मंदिर की मरम्मत के लिए अनुमति दी थी। तमिलनाडु के नियमों के हिसाब से सरकारी विभाग की अनुमति के बिना मंदिरों के लिए धन इकट्ठा नहीं किए जा सकता। ‘मिलाप’ का कहना है कि फंड्स में से मात्र 1 लाख रुपए ही निकाले गए हैं। मूर्तिकार वीके मुनुसामी ने मूर्तियाँ बनाने के लिए 18 लाख रुपए मिलने की पुष्टि की है।

लीक हो गई ज्ञानवापी सर्वे वाली सीडी, वीडियो में शिवलिंग सहित सब कुछ स्पष्ट दिख रहा: दीवारों पर त्रिशूल के चिह्न

विवादित ज्ञानवापी ढाँचे के नीचे एक हिंदू मंदिर के अस्तित्व के सबसे स्पष्ट संकेत ऑनलाइन सामने आए नए वीडियो में दिख रहे हैं। वीडियो में मस्जिद के वजूखाना के अंदर शिवलिंग स्पष्ट शिवलिंग दिख रहा है। साथ ही तहखानों की दीवारों पर स्वस्तिक, त्रिशूल, कमल और हिंदू देवताओं के रूपांकनों को उकेरा गया है।

ज्ञानवापी विवादित ढाँचे के मामले पर सोमवार (30 मई, 2022) को कोर्ट के आदेश के बाद शपथपत्र देने के साथ ही बंद लिफाफे में सर्वे की रिपोर्ट और वीडियो की सीडी पक्षकारों को सौंप दी गई। हालाँकि, रिपोर्ट सौंपने के कुछ देर बाद ही पहले की तरह यह रिपोर्ट भी लीक हो गई और सर्वे का वीडियो वायरल हो गया।

वहीं हिन्दू पक्ष ने प्रेस कांफ्रेंस कर दावा किया कि सर्वे के वीडियो को किसी ने वायरल कर दिया है। हिन्दू पक्ष ने अपने चारों लिफाफे भी मीडिया को दिखाए और दावा किया कि हमारे लिफाफे अभी तक सील बंद हैं।

हिन्दू पक्ष के वकील सुधीर जैन के अनुसार, “हम लोगों को मिला लिफाफा अभी तक खोला ही नहीं गया है। अभी हम लोगों को पता चला कि वीडियो कुछ मीडिया प्लेटफार्म पर चल रहा है। अब हम कोर्ट से इस बारे में शिकायत करेंगे। हम लोगों को कोर्ट से चार लिफाफे मिले थे, चारों लिफाफे अभी तक सील बंद हैं। हम लोगों ने लीक नहीं किया है।”

बता दें कि आज शाम को इससे पहले अदालत में शपथपत्र देने के बाद हिन्दू पक्ष की तरफ से वादी पक्ष की पाँच में से चार महिलाओं को सील बंद लिफाफे में रिपोर्ट की सीडी मिली थी। बताया जा रहा है कि शपथ पत्र नहीं देने के कारण दूसरे पक्ष को अभी रिपोर्ट और सीडी नहीं मिली है। ऐसे में अदालत से केवल चार ही लिफाफे दिए गए और चारों को सील बंद बताने के बाद भी लीक कैसे हुआ, इस बात पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।

गौरतलब है कि ज्ञानवापी विवादित ढाँचे को लेकर वाराणसी कोर्ट में आज सुनवाई हुई थी। वहीं कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 4 जुलाई की तारीख दी है। जिला जज डा.अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत में आज सोमवार (30 मई, 2022) को करीब 2 घंटे तक सुनवाई चली जिसमें मुस्‍ल‍िम पक्ष ने विस्‍तार से अपनी बात रख दी है। वहीं अब इस पूरे मामले में वीडियो लीक होने से नया मोड़ आ गया है।

सैफ अली खान के बेटे इब्राहिम को बॉलीवुड में लॉन्च करेंगे करण जौहर: मीडिया में चर्चा – ओरिजिनल कहानी नहीं, इस साउथ फिल्म की होगी रीमेक

बॉलीवुड में स्टार किड्स को लॉन्च करने वाले फिल्ममेकर करण जौहर (Karan Johar) एक बार फिर सुर्खियों में हैं। दरअसल, बॉलीवुड गलियारों में ऐसी चर्चा है कि वह सैफ अली खान के सबसे बड़े बेटे इब्राहिम अली खान (Ibrahim Ali Khan) को फिल्म इंडस्ट्री में ‘हृदयम’ के रीमेक के साथ लॉन्च करने की योजना बना रहे हैं। इस साल की शुरुआत में ऐसी खबरें सामने आई थीं कि करण जौहर के धर्मा प्रोडक्शंस और फॉक्स स्टार स्टूडियोज ने मलयालम रोमांटिक-कॉमेडी फिल्म ‘हृदयम’ के राइट्स खरीद लिए हैं।

अब, अगर लेटेस्ट रिपोर्ट्स की माने तो सैफ अली खान के बेटे इब्राहिम को इस फिल्म के लीड रोल के लिए ले लिया गया है। बॉलीवुड हंगामा के मुताबिक, करण पिछले कुछ समय से इब्राहिम को लॉन्च करने के लिए एक अच्छी फिल्म की तलाश में थे। उनका मानना है कि इब्राहिम के लॉन्च के लिए यह बेस्ट प्रॉजेक्ट है। फिल्म में एक ऐसे स्टूडेंट की कहानी दिखाई गई है, जो शादी के बाद पिता बनता है और यह कहानी इब्राहिम के लिए बेस्ट रहेगी।

बॉलीवुड में करण जौहर, आदित्य चोपड़ा सहित अन्य कई बड़े फिल्ममेकर्स पर नेपोटिज्म को बढ़ावा देने और स्टारकिड्स को लॉन्च करने आरोप लगता रहा है। अभी इब्राहिम अली खान करण जौहर की आने वाली फिल्म ‘रॉकी और रानी की प्रेम कहानी’ में उन्हें असिस्ट कर रहे हैं। इससे पहले करण जौहर आलिया भट्ट, वरुण धवन, सिद्धार्थ मल्होत्रा, जाह्नवी कपूर और अनन्या पांडे और शनाया कपूर जैसे स्टारकिड्स को बॉलीवुड में लॉन्च कर चुके हैं। आपको एक और बात बता दें कि करण जौहर इब्राहिम की बहन सारा अली खान को भी लॉन्च करने की फिराक में थे, लेकिन उनकी फिल्म कुछ कारणों से लटक गई थी, जिसके बाद सारा का बॉलीवुड डेब्यू अभिषेक कपूर की फिल्म ‘केदारनाथ’ से हुआ था।

वहीं फिल्म इंडस्ट्री में बाहर से आए बेहतरीन कलाकारों की तारीफ करना भी वह (करण जौहर) जरूरी नहीं समझते हैं। कार्तिक आर्यन जिनकी फिल्म ‘भूल भुलैया 2’ इन दिनों बॉक्स ऑफिस पर सफलता के झंडे गाड़ रही है। उन्हें करण ने अपनी अपकमिंग फिल्म ‘दोस्ताना 2’ से बाहर निकाल दिया। इसके बाद उनके दोस्त शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) की ‘फ्रैडी‘ (Freddy) से भी कार्तिक को बाहर का रास्ता दिखा गया। यह केवल इंडस्ट्री में बाहर से आए कलाकारों का मनोबल तोड़ने जैसा है।

गौरतलब है कि ‘इब्राहिम की डेब्यू फिल्म साउथ की सुपरहिट फिल्म ‘हृदयम’ का हिंदी रीमेक (Hridayam Remake) होगी। इस मलयालम फिल्म में सुपरस्टार मोहनलाल के बेटे प्रणव मोहनलाल ने लीड रोल निभाया था। यह फिल्म सिनेमाघरों में इस साल जनवरी में रिलीज हुई थी।

अभिनेत्री ने पूरा किया तिरुपति बालाजी को किया संकल्प, सिर मुंडवा कर दान किए बाल: ICU में भर्ती थे पति, मंदिर में जपती थीं भगवान का नाम

सोशल मीडिया पर अभिनेत्री दीप्ति ध्यानी की तस्वीर वायरल हो रही है, जिसमें उन्होंने अपने सिर के बाल मुंडवा रखे हैं। दरअसल, उनके पति और टीवी अभिनेता सूरज थापर के लिए उन्होंने एक संकल्प (मनौती) रखा था। उन्होंने संकल्प लिया था कि अगर उनके पति की बीमारी ठीक हो जाती है तो वो तिरुपति बालाजी मंदिर में अपने सिर के सारे बाल दान कर देंगी। उन्होंने मनौती पूरी होने के बाद अपना संकल्प भी पूरा किया है।

सूरत थापर ने खुद को एक भाग्यशाली व्यक्ति बताया है। दरअसल, सूरज थापर पिछले साल ही कोरोना की चपेट में आ गए थे। उनकी हालत इतनी बिगड़ गई थी कि उन्हें अस्पताल के ICU में भर्ती कराना पड़ा था। जब उनकी हालत काफी नाजुक बताई जा रही थी, तभी उनकी पति दीप्ति ध्यानी ने ये कामना की थी कि अगर उनके पति ठीक होकर वापस घर लौटते हैं तो वो तिरुपति बालाजी को अपने सिर के सारे बाल मुंडवा कर दान कर देंगी।

अब सूरज थापर एकदम ठीक हो चुके हैं। दीप्ति ध्यानी ने अपने नए वाले लुक को इंस्टाग्राम पर शेयर करते हुए लिखा, “तेरे नाम सूरज थापर।” सूरज थापर ने भी दीप्ति ध्यानी का ट्रांसफॉर्मेशन शेयर करते हुए लिखा कि इसे ही प्यार कहते हैं, दुनिया में कोई किसी के लिए इतना नहीं करता। सूरज थापर मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती थे। उन्होंने बताया कि वो पत्नी के संकल्प को लेकर परेशान थे, लेकिन उन्होंने कहा कि उनके लिए बालों से ज्यादा पति का जीवन मायने रखता है।

सूरज ने कहा कि उनकी पत्नी अभिनय के क्षेत्र में हैं और उनका अच्छा दिखना ज़रूरी है। जल्द ही टीवी पर भी उनका कमबैक होने वाला है, ऐसे में सूरज चिंतित थे। उन्होंने बताया कि कैसे उनकी पत्नी मंदिर में बैठ कर भगवान का नाम जप रही थीं। बकौल सूरज, उन्हें नहीं लगता वो ऐसा कभी के पाएँगे। उन्हें भरोसा है कि प्रोड्यूसर्स इसी लुक के हिसाब से रोल ढूँढ निकालेंगे और दीप्ति को काम मिलेगा। उन्होंने कहा कि दीप्ति ध्यानी स्कार्फ पहनने से मना कर रही हैं और उन्हें वो पहले से ज्यादा ही सुंदर लग रही हैं।