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हर मिनट 600 गोलियाँ, रफ़्तार 900 मीटर प्रति सेकेंड: रूस के घातक AN-94 से हुई सिद्धू मूसेवाला की हत्या, पंजाब में पहली बार इस्तेमाल

पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला (Sidhu Moosewala) की रविवार (29 मई, 2022) को पंजाब के मानसा जिले में हत्या कर दी गई। उनकी हत्या पर बड़ा खुलासा हुआ है। सिद्धू मूसेवाला के कत्ल में जिस अत्याधुनिक हथियार का इस्तेमाल किया गया था, वह रूस का है। पंजाब के गैंगवार में ‘AN 94 Russian Assault Rifle’ का इस्तेमाल पहली बार हुआ है। यह हथियार कितना घातक है, इसका अंदाजा मूसेवाला की थार गाड़ी की हालत को ही देखकर लगाया जा सकता है।

रूस के अलावा कुछ ही देश हैं, जिनके पास AN-94 असॉल्ट राइफल है। आइए जानते हैं AN-94 राइफल कितनी पॉवरफुल है और इसकी क्या खासियत है।

जानिए AN 94 राइफल के बारे में, जिसका इस्तेमाल करती है रूस की सेना

इस असॉल्ट राइफल का वजन 3.85 किलोग्राम है। स्टॉक यानी बट के साथ इसकी लंबाई 37.1 इंच और बगैर स्टॉक के 28.7 इंच होती है। इसके बैरल (नली) की लंबाई 15.9 इंच है। इसमें 5.45×39 mm की गोलियाँ लगती हैं। (AN-94) असॉल्ट राइफल इतना खतरनाक हथियार है कि बर्स्ट मोड में इससे 1800 गोलियाँ दागी जा सकती हैं। इस असॉल्ट राइफल से फुल ऑटोमैटिक मोड में हर मिनट 600 राउंड गोलियाँ निकलती हैं। इसके अलावा इस असॉल्ट राइफल की फायरिंग रेंज (Firing Range) 700 मीटर है।

AN-94 असॉल्ट राइफल को चीफ डिजाइनर गेनाडी निकोनोव (Gennadiy Nikonov) ने बनाया था। यह AK-74 की तुलना में अत्याधुनिक हथियार था। ये वही डिजाइनर हैं, जिन्होंने निकोनोव मशीन गन (Nikonov Machine Gun) बनाई थी। इस असॉल्ट राइफल (AN-94) का उपयोग रूस के सैन्य बलों में वर्ष 1997 से लगातार हो रहा है। AN-94 असॉल्ट राइफल का पूरा नाम ‘एवतोमैत निकोनोव’ है। चीफ डिजाइनर गेनाडी निकोनोव ने 1980 में इस पर काम शुरू किया था और 1994 में यह बनकर तैयार हुई।

इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके दो शॉट बर्स्ट ऑप्शन हैं। यानी दो गोलियों के निकलने में समय का अंतर माइक्रोसेकेंड्स में होता है। यह खासियत दुश्मन को हिलने तक का मौका नहीं देती और दुश्मन को एक साथ दो गोलियाँ लगती हैं। गोलियों की रफ़्तार 900 मीटर प्रति सेकेण्ड होती है।

AN 94 से ही हुई पंजाब के गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या

गौरतलब है कि रविवार (29 मई 2022) को पंजाब के मानसा गाँव में गोली चलाई गई थी। इसमें उनकी मौत हो गई है। ये घटना ठीक पंजाब में ठीक उस समय हुई है जब भगवंत सरकार के कहने पर पंजाब पुलिस ने पंजाब के 424 लोगों को दी गई सुरक्षा को हटाया था। इसमें एक सिद्धू मूसेवाला भी थे। घटना संबंधी एक वीडियो सामने आई है। इसमें मूसेवाला खून से लथपथ गाड़ी में बैठे हैं।

उल्लेखनीय है कि सिद्धू मूसे वाला इन पंजाब चुनावों में कॉन्ग्रेस की टिकट पर मानसा से चुनाव लड़े थे और AAP के उम्मीदवार से हार का मुँह देखा था। इसके बाद वह पिछले माह अपने नए गाने ‘बलि का बकरा’ में आप समर्थकों को निशाना बनाकर भी विवाद में आए थे। इस गाने में उन्होंने आम आदमी पार्टी के समर्थकों को गद्दार कहा था। इसके अलावा पिछले साल वह एके-47 के साथ दिखे थे, तब भी उनके विरुद्ध एफआईआर हुई थी। मूसेवाला को लोग खालिस्तानी प्रशंसक के तौर पर भी जानते थे।

‘सफेदपोश वेश्या.. तुम्हारी माता सीता की…’: नूपुर शर्मा की हत्या पर AIMIM (इंकलाब) ने रखा ₹1 करोड़ का इनाम, जुबैर ने भड़काया था

दिल्ली BJP की नेता नूपुर शर्मा (Nupur Sharma) के खिलाफ जब ऑल्ट न्यूज के को फाउंडर जुबेर ने कट्टरपंथियों इस्लामवादियों को भड़काया है, तभी से उन्हें लगातार हत्या की धमकियाँ दी जा रही हैं। कथित ईशनिंदा के मामले में पाकिस्तान के पाकिस्तान के आतंकी संगठन TLP के समर्थकों द्वारा 50 लाख रुपए का इनाम घोषित करने के बाद अब हैदराबाद स्थित AIMIM (इंकलाब) के एक सदस्य ने शर्मा की हत्या करने पर इनाम घोषित किया है।

रविवार (29 मई, 2022) को हैदराबाद स्थित एक स्थानीय पार्टी AIMIM (इंकलाब) ने कथित नूपुर शर्मा की हत्या करने वाले को 1,00,00,000 रुपए का इनाम देने का ऐलान किया। लोकल पार्टी के नेता कवी अब्बासी का नूपुर शर्मा को धमकी देते हुए और हिन्दू धर्म को लेकर अपमानजनक टिप्पणी करते हुए वीडियो सामने आया है। इसमें वो बीजेपी और शर्मा को ‘सफेदपोश वेश्या’ करार देता है।

वायरल वीडियो की शुरुआत में ही अब्बासी कहता है, “जैसा कि आप जानते हैं, पैगंबर मुहम्मद का अपमान करने की सजा इस्लाम में मौत है। जो कोई भी ईशनिंदा करता है, हम उसे मारने के लिए ₹1 करोड़ का इनाम घोषित करते हैं। हमने पहले वसीम रिजवी के लिए भी इसी तरह की घोषणा की थी।”

अब्बासी आगे कहता है, “मैं नूपुर शर्मा की हत्या के लिए 1 करोड़ रुपए के इनाम की घोषणा करता हूँ। नूपुर शर्मा, मैं तुम्हें ये बताना चाहता हूँ कि तुम्हारी सीता माता की उम्र क्या थी, जब उन्होंने भगवान राम से शादी की थी? 6 साल की थी। राजा दशरथ की कितनी पत्नियाँ थीं? 100 से ज्यादा। अगर हम तुम्हारे धर्म को उजागर करना शुरू कर दें, तो तुम सड़क पर आ जाओगे। तुम कुछ और नहीं बल्कि एक सफेदपोश वेश्या हो।”

उसने बीजेपी पर अपमानजनक टिप्पणी करते हुए कहा कि भाजपा ‘पुरुष और महिला वेश्याओं का हब’ बन गई है। उसने कहा, “हमारे पास तुम्हारे रिकॉर्ड हैं। हम जानते हैं कि कैसे पुरुष भाजपा कार्यकर्ता अपनी महिला समकक्षों का शोषण कर रहे हैं। वो एक (नूपुर शर्मा) ‘सफेदपोश वेश्या’ है।” अब्बासी की बदजुबानी यहीं नहीं रुकती, वो आगे कहता है, “जब भी कोई पैगंबर मुहम्मद को बदनाम करता है, हम उसे जीवित नहीं छोड़ते हैं। हम मरे हुए को भी आसानी से जाने नहीं देते। इस्लाम हमें यही सिखाता है। मैं नूपुर शर्मा पर ₹1 करोड़ का इनाम रख रहा हूँ। मैं हाई कोर्ट का वकील हूँ।”

पाकिस्तानी टीएलपी ने नूपुर शर्मा पर रखा 50 लाख रुपए का ईनाम

पाकिस्तान के ‘लब्बाइकियंस टीवी’ नाम का एक ट्विटर हैंडल है, जो खुद को तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (TLP) के भाषणों और उसके इंटरव्यूज को शेयर करता है। उसने नूपुर शर्मा के ऊपर ईनाम रखने वाली पोस्ट को शेयर किया। इसमें कथित तौर पर ईशनिंदा के मामले में शर्मा का सिर कलम करने वाले को करीब 19.5 लाख पाकिस्तानी रुपए का नकद इनाम देने की घोषणा की। इसके ट्वीट में लिखा है, “गुस्ताक-ए-रसूल नुपुर शर्मा का सिर काटने वाले को 50 लाख रुपए का इनाम दिया जाएगा-लब्बिकियंस टीवी।” इस हैंडल को टीएलपी के समर्थकों द्वारा चलाया जाता है।

इसी क्रम में एक यूजर कहता है कि अगर वो भारत में होता तो अब तक नूपुर शर्मा की हत्या कर देता।

आ गए UPSC परीक्षा के परिणाम: शीर्ष 3 रैंकिंग पर लड़कियों का कब्ज़ा, सेंट स्टीफेंस की श्रुति शर्मा ऑल इंडिया टॉपर

यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) ने साल 2021 के परिणामों की घोषणा कर दी है। इस बार सफल हुए टॉप 3 प्रतियोगियों में लड़कियों ने बाजी मारी है। इनके नाम श्रुति शर्मा, अंकिता अग्रवाल और गामिनी सिंगला हैं। ऐश्वर्य वर्मा चौथे स्थान पर रहे, जो पुरुषों में टॉपर हैं। ये परीक्षा परिणाम आज सोमवार (30 मई, 2022) को घोषित किए गए हैं।

पुरुषों में दूसरे सफल प्रतियोगी उत्कर्ष द्विवेदी हैं, जिनको रैंकिंग में पाँचवें नंबर पर स्थान मिला है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस बार UPSC में कुल 685 छात्रों का चयन हुआ है। इसमें सामान्य वर्ग के 244 छात्र, OBC वर्ग के 203, SC वर्ग के 105, ST वर्ग के 60 व EWS वर्ग के 73 छात्रों का चयन हुआ है। केंद्रीय राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने सफल हुए शीर्ष 25 अभ्यर्थियों को शुभकामनाएँ देते हुए उनकी लिस्ट शेयर की है।

श्रुति की पढ़ाई JNU से और कोचिंग जामिया से

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, UPSC एग्जाम में टॉप करने वाली श्रुति शर्मा ने शुरुआती पढ़ाई दिल्ली के सेंट स्टीफेंस कॉलेज से की थी। इसके बाद उन्होंने JNU (जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी) से ग्रेजुएशन किया। फिलहाल श्रुति जामिया मिलिया रेसिडेंशियल कोचिंग एकेडमी से सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहीं थीं।

गौरतलब है कि UPSC 2021 की प्री परीक्षा 10 अक्टूबर, 2021 को आयोजित हुई थी, जिसका रिजल्ट 29 अक्टूबर को जारी हुआ था। इसके बाद इसका मेंस एग्जाम 7 से 16 जनवरी, 2022 को हुआ था, जिसका रिजल्ट मार्च 2022 में जारी हुआ था। बाद में इसका अंतिम चरण इंटरव्यू 5 अप्रैल से शुरू हुआ था। पीएम मोदी ने सफल प्रतिभागियों को बधाई दी है और परीक्षा में सफल न होने वालों को भी भविष्य के लिए उत्साहित करते हुए कहा है कि वो जिस भी क्षेत्र में रहेंगे देश के लिए योगदान देंगे।

‘सस्ता आटा के लिए अपने कपड़े भी बेच डालूँगा’: कंगाल पाकिस्तान के नए PM का ‘नायाब फॉर्मूला’, लोगों पर मँडरा रहा खाने का संकट

तंगहाली से जूझते पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री महमूद खान को अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि अगर 24 घंटों के भीतर 10 किलो गेहूँ के आटे की बोरी की कीमत 400 रुपए से कम नहीं की तो वह अपने कपड़े बेच देंगे और लोगों को खुद सस्ता आटा उपलब्ध कराएँगे।

रविवार (29 मई, 2022) को ठाकारा स्टेडियम में एक जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा, “मैं अपने शब्दों को दोहराता हूँ, मैं अपने कपड़े बेच दूँगा और लोगों को सबसे सस्ता गेहूँ का आटा उपलब्ध कराऊँगा।”

जनसभा में सियासी गरमी की गूँज लोगों को प्रधानमंत्री के भाषण में भी सुनाई दी। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने देश को अब तक की सबसे ज्यादा महंगाई और बेरोजगारी का तोहफा दिया है। शहबाज ने इमरान खान के नेतृत्व वाली सरकार की भी निंदा करते हुए कहा कि हालाँकि, खान ने 50 लाख घर और 1 करोड़ नौकरियाँ प्रदान करने का वादा किया था, लेकिन वह विफल रहे और देश को आर्थिक संकट में धकेल दिया।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, रैली के दौरान शहबाज ने कहा, “मैं आपके सामने घोषणा करता हूँ कि मैं अपना जीवन कुर्बान कर दूँगा लेकिन इस देश को समृद्धि और विकास के रास्ते पर खड़ा कर दूँगा।”

बता दें कि पाकिस्तान आम लोगों के सामने खाने का संकट मंडरा रहा है। सरकार गेहूँ की कमी के संकट से लड़ने के लिए खुद को तैयार कर रही है क्योंकि इस साल उत्पादन लक्ष्य से करीब 30 लाख टन कम रहने का अनुमान है। इसके अलावा शाहबाज शरीफ ने पाकिस्तानी अधिकारियों को गेहूँ की चोरी और भंडारण को रोकने के लिए साइलो के निर्माण की रणनीति तैयार करने का भी निर्देश दिया है।

गौरतलब है कि पाकिस्तान पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भी वृद्धि की चपेट में है, जिस पर प्रधानमंत्री शहबाज ने इस खेद जताते हुए इसके लिए भी इमरान खान को दोषी ठहराया। इसके अलावा, रैली के दौरान प्रधान मंत्री शहबाज शरीफ ने भी अपने पिता और पूर्व प्रधान मंत्री नवाज शरीफ की देशभक्ति के लिए सराहना की और इमरान खान के ‘हकीकी आजादी मार्च’ पर चुटकी ली।

राकेश टिकैत की माइके-माइके पिटाई, फिर स्याही फेंक कर चेहरा काला किया: वीडियो वायरल, 3 हिरासत में

बेंगलुरु में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे राकेश टिकैत पर न सिर्फ काली स्याही फेंकी गई, बल्कि माइक उठा कर शख्स ने उनकी पिटाई भी कर डाली। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि मीडिया को सम्बोधित करने बैठे राकेश टिकैत के पास अचानक से एक व्यक्ति आता है और उनके सामने मेज पर रखी माइक उठा कर उनके सिर पर दे मारता है। हालाँकि, इसके बाद राकेश टिकैत के समर्थक उस पर भिड़ जाते हैं।

राकेश टिकैत की माइक से पिटाई: बेंगलुरु का वीडियो वायरल

वीडियो में देखा जा सकता है कि ‘किसान नेता’ के समर्थक उस शख्स की पिटाई करने लगते हैं, जिससे वो नीचे गिर जाता है। हालाँकि, इस दौरान एक दूसरा व्यक्ति आ धमकता है और राकेश टिकैत के चेहरे पर स्याही छिड़क कर उनका चेहरा काला कर देता हो। राकेश टिकैत की ‘माइके-माइके’ हुई पिटाई की लोग ‘कड़ी निंदा’ कर रहे हैं। इस मामले में कर्नाटक पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है।

एक अन्य वायरल वीडियो में लोगों को कार्यक्रम में एक-दूसरे पर कुर्सियों से हमला करते हुए भी देखा जा सकता है। टेलीविजन माइक से राकेश टिकैत को पीटा गया। इस दौरान ‘मोदी-मोदी’ के नारे भी लगते हुए सुना जा सकता है। तीनों हमलावरों को किसान नेताओं ने पकड़ कर पुलिस को सौंप दिया। तीनों को हाई ग्राउंड्स पुलिस थाने में जाँच-पड़ताल के लिए ले जाया गया है। कार्यक्रम के आयोजकों का कहना है कि एक दिन पहले प्रशासन को आयोजन की सूचना दे दी गई थी।

बेंगलुरु में राकेश टिकैत पर फेंकी गई काली स्याही

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में राकेश टिकैत पर काली स्याही फेंकी गई है हाल ही में ‘भारतीय किसान यूनियन (BKU)’ ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया था। जहाँ राकेश टिकैत BKU के राष्ट्रीय प्रवक्ता बन कर बैठे हुए थे, संगठन के अध्यक्ष की कमान उनके बड़े भाई नरेश टिकैत के पास थी। राकेश टिकैत सोमवार (30 मई, 2022) को बेंगलुरु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले थे। कार्यक्रम के दौरान जम कर हंगामा और मारपीट भी हुई।

राकेश टिकैत ने इसका आरोप भी भाजपा पर ही लगाया है। उन्होंने कहा कि ये सब सरकार की मिलीभगत से हुआ है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ही एक व्यक्ति वहाँ आ धमका और उसने स्याही फेंक राकेश टिकैत का चेहरा काला कर दिया। उस व्यक्ति ने वहाँ से भागने का भी प्रयास किया, लेकिन राकेश टिकैत के समर्थकों ने उसे पकड़ लिया और उसकी पिटाई कर दी। राकेश टिकैत ने कहा कि ये सब सरकार की ही साजिश है।

बता दें कि कर्नाटक में बसवराज बोम्मई के नेतृत्व में भाजपा की सरकार है। राकेश टिकैत ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने वहाँ उनके लिए सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं की। उन्होंने कहा कि सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार और पुलिस की ही होती है। उनके समर्थकों ने वहाँ इस घटना के बाद जम कर बवाल काटा। किसान नेता युद्धवीर सिंह भी इस दौरान उनके साथ मौजूद थे। दोनों किसान नेता एक स्थानीय चैनल के स्टिंग खुलासे को लेकर सफाई देने आए थे।

असल में कर्नाटक के किसान नेता कोडिहल्ली चंद्रशेखर को पैसे माँगते हुए कैद कर लिया किया गया था, जिस बाबत सफाई देने के लिए ये किसान नेता वहाँ पहुँचे थे।

सड़क दुर्घटना में मारा गया असम में थाना जलाने वाला अशिकुल इस्लाम, पुलिस से भाग रहा था: शराबी की मौत पर 2000 की भीड़ ने की थी हिंसा

असम (Assam) के नौगाँव जिले के बटाद्रवा पुलिस स्टेशन में पिछले हफ्ते लोगों को आगजनी के लिए उकसाने वाले आरोपित की मौत हो गई ​है। पुलिस ने बताया कि आरोपित पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश में एक सड़क दुर्घटना में मारा गया। वहीं इस मामले में तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं। नौगाँव की पुलिस अ​धीक्षक एसपी लीना डोले ने कहा कि रविवार (29 मई, 2022) को पुलिस ने आरोपित आशिकुल इस्लाम के खिलाफ मामला दर्ज किया था और हम उसे पूछताछ के लिए अपने साथ ले गए थे। पूछताछ के दौरान आशिकुल ने अपना जुर्म कबूल किया था कि उसने अपने घर में हथियार रखे थे।

डोले ने आगे कहा कि इसके बाद हमारी टीम हथियारों की तलाश में निकल गई। तलाशी अभियान समाप्त होने के बाद आरोपित ने रास्ते में कार से भागने की कोशिश की, तभी उसके पीछे चल रहा वाहन गलती से उसके ऊपर चढ़ गया। उसे गंभीर अवस्था में अस्पताल ने भर्ती कराया गया, जहाँ उसे मृत घोषित कर दिया गया।

इससे पहले दिसंबर 2021 में, जोरहाट में एक छात्र नेता की लिंचिंग के मुख्य आरोपित नीरज दास की इसी तरह से मौत हो गई थी। वह कथित तौर पर हिरासत से भागने की कोशिश कर रहा था, तभी पुलिस एक गाड़ी गलती से उसके ऊपर चढ़ गई थी।

क्या है मामला

उल्लेखनीय है कि असम के नौगाँव जिले के बटाद्रवा पुलिस स्टेशन में कथित तौर पर एक मुस्लिम व्यक्ति शफीकुल इस्लाम (Shafiqul Islam) की मौत के बाद कट्टरपंथियों की करीब 2000 की भीड़ ने बीते हफ्ते थाने पर हमला कर उसे आगे के हवाले कर दिया था। इस मामले में जिला प्रशासन ने 22 मई को आरोपित 5 परिवारों के घरों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया था। इस मामले में तीन अन्य लोगों को गिरफ्तार भी किया गया था।

घटना को लेकर असम के डीजीपी भास्कर ज्योति महंत ने कहा था कि पुलिस मौत के मामले को गंभीरता से ले रही है और इसकी जाँच जारी है। उन्होंने स्पष्ट कहा था कि थाने में आग लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। डीजीपी ने रविवार को एक बयान जारी कर कहा था कि शफीकुल इस्लाम (39) की मौत के मामले में बटाद्रबा थाने के प्रभारी को निलंबित कर दिया गया है।

गौरतलब है कि शफीकुल सलोनाबोरी गाँव का रहने वाला था। उसके परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने उसे रिहा करने के लिए 10,000 रुपए और एक बत्तख के घूस की माँग की थी। गाँववालों का कहना है कि उसकी बीवी सुबह बतख और 10,000 रुपए लेकर जब थाने पहुँची तब उसे पता चला कि उसके शौहर की तबीयत बिगड़ने से उसे नौगाँव सिविल अस्पताल ले गए हैं। इसके बाद जब वो अस्पताल पहुँची तो पता चला कि शफीकुल की मौत हो चुकी है। इस मामले में ग्रामीणों ने पुलिसकर्मियों पर टॉर्चर करने का आरोप लगाते हुए थाने का घेराव कर लिया था।

ये क्या बवासीर बना दिए हो: आमिर खान की ‘लाल सिंह चड्ढा’ का ट्रेलर देख नेटीजन्स का आया रिएक्शन, यूजर बोले- दर्शकों के इतने बुरे दिन नहीं आए कि ये एक्टिंग देखें

बॉलीवुड एक्टर आमिर खान की आगामी फिल्म लाल सिंह चड्ढा ट्रेलर रिलीज हो गया है। इसमें वो एक मंदबुद्धि के रूप में नजर आते हैं, जो कि बाकियों से अलग होता है। हालाँकि, बाद में वो आर्मी में शामिल हो जाता है। रविवार (29 मई 2022) को आईपीएल मैचों के दौरान ही लाल सिंह चड्ढा का 3 मिनट का ट्रेलर रिलीज किया गया।

ट्रेलर देखने के बाद सोशल मीडिया पर आमिर खान को लेकर कई तरह से सवाल किए जा रहे हैं। इस फिल्म जिस तरह के हाव भाव आमिर दिखाते हैं वो काफी कुछ पीके और धूम 3 में उनके ‘समर’ से मेल खाता है। हालाँकि, सोशल मीडिया पर लोग इसे बॉयकॉट करने की माँग कर रहे हैं।

इसी क्रम में अकलेश भामोर नाम के यूजर ने फिल्म के ट्रेलर को एवरेज और क्रिंगी करार दिया।

एँग्री बोट नाम के यूजर ने कहा कि बॉलीवुड के डंबोस को सभी धर्मों के साथ समान व्यवहार करने की जरूरत है। यूजर ने कहा कि वो #BoycottLaalSinghChaddha का बॉयकॉट करने जा रहा है। इसके साथ ही यूजर ने एक पोस्टर शेयर किया, जिसमें एक तरफ दिखाया गया था कि कैसे उन्होंने 2012 में सभी मुस्लिमों से हज करने की अपील की थी, जबकि 2014 में एक्टर ने कहा था कि मंदिर वही लोग जाते हैं जो डरते हैं।

इसी तरह से निकिता सिंह ने फिल्म को बॉयकॉट करने का ऐलान करते हुए कहा, “आमिर खान और करीना कपूर खान स्टार्टर लाल सिंह चड्ढा को हॉलीवुड फिल्म ‘फॉरेस्ट गंप’ को कॉपी करने में 14 साल लगे। बॉलीवुड के लिए फंडिंग बंद करो।” इसी तरह फिल्म का ट्रेलर देख लोग मजाक बना रहे हैं और कह रहे हैं कि जो असली फिल्म थी- ‘फॉरेस्ट गंप’ उसका हीरो टॉम हैंक्स आज यही कह रहा होगा- ‘ये क्या बवासीर बना दिए हो।’

फिल्म क्रिटिक ने रोहित जायसवाल ने आमिर खान की फिल्म को लेकर कहा, “मैंने फॉरेस्ट गंप देखा है और यदि आप इसकी तुलना लाल सिंह चड्ढा से करते हैं तो यह कहीं भी अपने मूल संस्करण के पास नहीं ठहरती है, मैं आमिर खान को शुभकामनाएँ देता हूँ, हो सकता है कि फिल्म बड़ी ब्लॉकबस्टर हो, लेकिन जहाँ तक फिल्म के ट्रेलर का सवाल है तो इसमें वो भावनाएँ वह नहीं है बॉस…।” इसी तरह कई यूजर्स ने फिल्म के ट्रेलर को देखने के बाद बॉलीवुड के लिए अफसोस जताया है। लोग बोल रहे हैं बॉलीवुड अपने इतने बुरे दिनों से गुजर रहा है कि उसे सिर्फ कॉपी करनी पड़ रही है। कुछ ने कहा कि दर्शकों के इतने बुरे दिन नहीं है कि वो फिल्म में ऐसी एक्टिंग देखें।

गौरतलब है कि ‘लाल सिंह चड्ढा’ हॉलीवुड फिल्म ‘फॉरेस्ट गंप’ की रीमेक है। ‘फॉरेस्ट गंप’ टॉम हैंक्स ने मुख्य भूमिका निभाई थी। फिल्म का निर्देशन अद्वैत चंदन ने किया है। इसमें आमिर खान (Aamir Khan) और करीना (Kareena Kapoor) के अलावा नागा चैतन्य, मोना सिंह जैसे सितारों ने काम किया है। यह फिल्म 11 अगस्त 2022 को रिलीज होगी।

राकेश टिकैत पर फेंकी गई काली स्याही, बेंगलुरु में कर रहे थे प्रेस कॉन्फ्रेंस: कार्यक्रम में मारपीट, जम कर हंगामा

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में राकेश टिकैत पर काली स्याही फेंकी गई है हाल ही में ‘भारतीय किसान यूनियन (BKU)’ ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया था। जहाँ राकेश टिकैत BKU के राष्ट्रीय प्रवक्ता बन कर बैठे हुए थे, संगठन के अध्यक्ष की कमान उनके बड़े भाई नरेश टिकैत के पास थी। राकेश टिकैत सोमवार (30 मई, 2022) को बेंगलुरु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले थे। कार्यक्रम के दौरान जम कर हंगामा और मारपीट भी हुई।

राकेश टिकैत ने इसका आरोप भी भाजपा पर ही लगाया है। उन्होंने कहा कि ये सब सरकार की मिलीभगत से हुआ है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ही एक व्यक्ति वहाँ आ धमका और उसने स्याही फेंक राकेश टिकैत का चेहरा काला कर दिया। उस व्यक्ति ने वहाँ से भागने का भी प्रयास किया, लेकिन राकेश टिकैत के समर्थकों ने उसे पकड़ लिया और उसकी पिटाई कर दी। राकेश टिकैत ने कहा कि ये सब सरकार की ही साजिश है।

बता दें कि कर्नाटक में बसवराज बोम्मई के नेतृत्व में भाजपा की सरकार है। राकेश टिकैत ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने वहाँ उनके लिए सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं की। उन्होंने कहा कि सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार और पुलिस की ही होती है। उनके समर्थकों ने वहाँ इस घटना के बाद जम कर बवाल काटा। किसान नेता युद्धवीर सिंह भी इस दौरान उनके साथ मौजूद थे। दोनों किसान नेता एक स्थानीय चैनल के स्टिंग खुलासे को लेकर सफाई देने आए थे।

असल में कर्नाटक के किसान नेता कोडिहल्ली चंद्रशेखर को पैसे माँगते हुए कैद कर लिया किया गया था, जिस बाबत सफाई देने के लिए ये किसान नेता वहाँ पहुँचे थे।

ASI को भी नहीं मालूम ताजमहल में कब और किसकी इजाजत से हो रही नमाज़ : RTI खुलासे के बाद उठी ‘मजहबी गतिविधियों’ को बंद कराने की माँग

ताजमहल के मामले में एक RTI के जवाब में पुरातत्व विभाग (ASI) ने बताया है कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि वहाँ कब से और किसकी इजाजत से नमाज़ पढ़ी जा रही है। ASI के इस जवाब के बाद वहाँ धार्मिक गतिविधियों को बंद करने की माँग की गई है। ताजमहल में अभी भी शुक्रवार को जुमे की नमाज़ अदा की जाती है।

गौरतलब है कि इतिहासकार राजकिशोर ने दिल्ली स्थित भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) से RTI के माध्यम से सवाल किया था कि ताजमहल परिसर में होने वाले नमाज़ की इजाजत किसने और कब दी थी। इसके जवाब में ASI ने इसकी जानकारी न होना बताया। खुद राजकिशोर के मुताबिक, “मैंने जनसूचना के माध्यम से सवाल किया था कि किसी पुराने ग्रंथ में यहाँ होने वाले नमाज़ का उल्लेख क्यों नहीं है ? औरंगज़ेब के समय के किसी भी ग्रंथ में नमाज़ का कहीं जिक्र नहीं है। इसके जवाब में ASI ने अपने पास कोई जानकारी न होना बताया। इसका सीधा सा अर्थ है कि यहाँ बिना किसी नियम या अनुमति के नमाज़ अदा की जा रही है।”

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राजकिशोर राजे ने कहा, “ताजमहल के अंदर नमाज़ का जिक्र शाहजहाँ के वक्त की किताबों में भी नहीं है। उस समय तो आम लोगों को ताजमहल के अंदर भी घुसने की इजाजत नहीं थी। ऐसे में नमाज पढ़ना तो दूर की बात है। ताजमहल एक एतिहासिक स्थान है जहाँ किसी भी प्रकार की मजहबी गतिविधियों को करने की इजाजत नहीं होनी चाहिए।” कुछ समय पहले ताजमहल की सुरक्षा में तैनात CISF ने 2 पर्यटकों को कैम्पस में नमाज़ पढ़ते हिरासत में लिया था। तब उन दोनों ने इसकी जानकारी न होना बताया था।

गौरतलब है कि जयपुर के राजघराने की सदस्य और बीजेपी से सांसद दीया कुमारी ने दावा किया है कि जिस जगह पर ताजमहल स्थित है वो जमीन उनकी थी। दीया कुमारी ने ताजमहल के बंद दरवाजों को खोलने के लिए दायर की गई याचिका की तारीफ करते हुए कहा कि इससे सच निकलकर बाहर आएगा। इसके साथ ही उन्होंने ये भी दावा किया है कि उनके पास ऐसे डॉक्यूमेंट्स हैं, जिससे ये साबित होता है कि ताजमहल जयपुर के पुराने शाही परिवार का पैलेस था। उधर इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने 12 मई 2022 को ताजमहल के 20 कमरों को खोलने की याचिका खारिज कर दी थी।

मौत आने वाली है… बचने के लिए खालिस्तान जनमत संग्रह को समर्थन दो: सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद आतंकी संगठन SFJ ने पंजाबी गायकों को दी धमकी

पंजाबी सिंगर और कांग्रेस नेता सिद्धू मूसेवाला की हत्या के कुछ घंटे बाद ही खालिस्तानी आतंकी समूह सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) ने अब एक धमकी भरा पत्र जारी किया है। एसएफजे प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू ने पंजाबी गायकों को धमकी देते हुए उनसे खालिस्तान आंदोलन का समर्थन करने को कहा है। एसएफजे की धमकी तब आई जब पंजाब के डीजीपी वीरेश कुमार भावर ने स्वीकार किया कि मूसेवाला की हत्या गैंगवार का परिणाम थी।

सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद, पन्नू ने पंजाबी गायकों के नाम एक धमकी भरे पत्र में कहा, “मौत आने वाली है और अब भारत से पंजाब की मुक्ति के लिए खालिस्तान जनमत संग्रह का समर्थन करने का समय है।

बता दें कि रविवार (29 मई 2022) को पंजाब के मानसा गाँव में सिद्धू मूसेवाला की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उन पर ताबड़तोड़ 30 गोलियाँ चलाई गई थीं। एक्टर की हत्या की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग के मेंबर गोल्डी बराड़ ने ली थी, जो कि कनाडा में रहता है। पंजाब के डीजीपी भी इसकी पुष्टि कर चुके हैं। वहीं मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मूसेवाला थार के जिस वाहन को वह चला रहे थे, उस पर सामने से दो कारों – एक सफेद बोलेरो और एक डार्क ग्रे स्कॉर्पियो से भारी फायरिंग हुई। घटना के सीसीटीवी फुटेज में भी मूसवाला की हत्या से कई मिनट पहले दो कारों को उसकी काली एसयूवी के पीछे जाते देखा गया है।

वहीं मामले में पंजाब पुलिस ने रविवार को अपने बयान में कहा कि मूसेवाला के पास बुलेटप्रूफ कार थी, जिसका इस्तेमाल उसने हत्या के दिन नहीं किया था। प्रारंभिक जाँच से पता चला है कि अपराध में 7.62 मिमी, 9 मिमी और 0.30 बोर के हथियारों सहित तीन हथियारों का इस्तेमाल किया गया था। मामले की जाँच की जा रही है।

गौरतलब है कि मूसेवाला की हत्या के बाद उनकी माँ का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है। इसमें चरणजीत कौर रो-रोकर अपने बेटे के लिए इंसाफ की माँग कर रही हैं। उन्होंने पंजाब सरकार को निकम्मी करार देते हुए कहा कि वे उन्हें भी गोली मार दें। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बेटे की सुरक्षा को भगवंत मान ने छीन लिया, जबकि खुद अपनी बहन की सुरक्षा में 20-20 सिक्योरिटी गार्ड को लगा रखा है।

कनाडा के गैंगस्टर ने ली मूसेवाला की हत्या की जिम्मेदारी

मूसेवाला की हत्या के कुछ घंटे बाद ही कनाडा के गैंगस्टर सतिंदर सिंह उर्फ ​​गोल्डी बराड़ ने हत्या की जिम्मेदारी ली थी। सोशल मीडिया पर एक बयान जारी करते हुए, बराड़ ने कबूल किया था कि वह, सचिन बिश्नोई और लॉरेंस बिश्नोई समूह के साथ हत्या के लिए जिम्मेदार है।

गोल्डी बराड़ ने अपने पोस्ट में कहा, “हमारे भाई विक्की मिद्दुखेड़ा, गुरलाल बराड़ की हत्या में उसका नाम था, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। वह हमारे भाई अंकित भादु की मुठभेड़ के पीछे भी था.. दिल्ली पुलिस ने मीडिया के सामने उनका नाम लिया था, लेकिन फिर भी वह अपनी शक्ति का इस्तेमाल कर सजा से बच रहा था, उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही थी। वह हमारे ही खिलाफ काम कर रहे थे।”

वहीं रिपोर्ट के अनुसार बताया जा रहा है कि मूसेवाला की हत्या के मामले में मानसा पुलिस ने बिश्नोई गिरोह के दो साथियों को हिरासत में लिया है। गायक की पूर्व मैनेजर शगुन प्रीत भी सवालों के घेरे में है क्योंकि उसका नाम भी विक्की मिधुखेड़ा की हत्या में सामने आया था।