गुजरात के सूरत स्थित एक म्युनिसिपल स्कूल के प्रिंसिपल नरेश मेहता फिर से चर्चा में हैं। वे गर्मी की छुट्टियों में छात्रों को भगवद्गीता का ज्ञान दे रहे हैं। इसके लिए ऑनलाइन क्लास लेते हैं। मिली जानकारी के अनुसार संत डोंगरेजी महाराज म्युनिसिपल प्राइमरी स्कूल के प्रधानाचार्य मेहता छुट्टियों के दौरान 1117 छात्रों को भगवद्गीता के श्लोक सिखाने में जुटे हैं।
देश गुजरात की एक रिपोर्ट के अनुसार, मेहता स्वेच्छा से स्कूली बच्चों को उनकी गर्मी की छुट्टी के दौरान भगवद्गीता सिखाते हैं। वह श्लोकों को संस्कृत से गुजराती में अनुवाद करते हैं, ताकि छात्र उन्हें बेहतर ढंग से समझ सकें और उनके नक्शेकदम पर चलने का प्रयास कर सकें। मेहता यह सेवा नि:शुल्क और बहुत ही सरल अंदाज में दे रहे हैं।
नरेश मेहता हर सुबह 10 बजे छात्रों को एक मीटिंग लिंक फॉरवर्ड करते हैं। बच्चे इस लिंक को ज्वाइन करते हैं और श्लोक सीखने के लिए जुड़ते हैं। उनकी शिक्षण शैली छात्रों के बीच इतनी लोकप्रिय हो गई है कि सूरत के बाहर के भी कई छात्र भगवद्गीता की कक्षा में शामिल होने लगे हैं।
मेहता ने देश गुजरात को बताया कि हर घर में भगवद्गीता की एक प्रति होने के बावजूद कोई इसे पढ़ता नहीं है। बहुत कम ही लोग होते हैं, जो इसे पढ़ने में रुचि रखते हैं। इस ऑनलाइन क्लास के पीछे भी यही मकसद है कि बच्चे अपने घरों में रखे भगवद्गीता को पढ़े। अब उनकी कोशिश है कि इस ऑनलाइन क्लास में बच्चों के साथ-साथ माता-पिता भी हिस्सा लें। उनके इस पहल की हर तरफ प्रशंसा हो रही है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने भी मेहता के प्रयासों की सराहना की है।
उल्लेखनीय है कि प्रिंसिपल नरेश मेहता इससे पहले उस समय सुर्खियों में आए थे, जब उन्होंने राज्य की 193 से अधिक लड़कियों को बोर्ड परीक्षा में बैठने के लिए प्रोत्साहित किया। इनमें से कुछ लड़कियों ने पैसे की कमी की वजह से पढ़ाई छोड़ दी थी तो कुछ ने कोविड-19 महामारी की वजह से पिछले साल अपने माता-पिता को खो दिया था। स्कूल में छात्राओं की संख्या कम होते देख उन्होंने उनके घर का दौरा किया, जिसके बाद उन्हें इस परिस्थिति के बारे में पता चला। इसके बाद उन्होंने छात्राओं और उनके अभिभावकों को इसके लिए प्रोत्साहित और राजी किया। प्रिंसिपल मेहता गर्व से बताते हैं, “अब तक, मैंने 512 लड़कियों को प्रशिक्षित किया है और वे अब उच्च अध्ययन कर रही हैं। कुछ ने तो काम करना भी शुरू कर दिया है।”
गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले कॉन्ग्रेस से इस्तीफा देने वाले पाटीदार नेता हार्दिक पटेल (Hardik Patel) ने एक बार फिर पार्टी पर हमला बोला है। मंगलवार (24 मई, 2022) को सिलसिलेवार ट्वीट कर उन्होंने कॉन्ग्रेस पर हिंदू धर्म की आस्था को नुकसान पहुँचाने का आरोप लगाया। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, “मैंने पहले भी कहा था कि कॉन्ग्रेस पार्टी जनता की भावनाओं को ठेस पहुँचाने का काम करती है, हमेशा हिंदू धर्म की आस्था को नुकसान पहुँचाने का प्रयास करती है। आज पूर्व केन्द्रीय मंत्री और गुजरात कॉन्ग्रेस के नेता ने बयान दिया की राम मंदिर की ईंटों पर कुत्ते पेशाब करते हैं..!”
मैं कांग्रेस और उसके नेताओं से पूछना चाहता हूँ की आपको भगवान श्री राम से क्या दुश्मनी हैं ? हिंदुओ से क्यों इतनी नफरत ? सदियों बाद अयोध्या में भगवान श्री राम का मंदिर भी बन रहा है फिर भी कांग्रेस के नेता भगवान श्री राम के ख़िलाफ़ अनाप-शनाप बयान देते रहते हैं।
इसके बाद उन्होंने अपने दूसरे ट्वीट में कहा, “मैं कॉन्ग्रेस और उसके नेताओं से पूछना चाहता हूँ कि आपको भगवान श्रीराम से क्या दुश्मनी है? हिंदुओं से क्यों इतनी नफरत क्यों? सदियों बाद अयोध्या में भगवान श्रीराम का मंदिर बन रहा है, फिर भी कॉन्ग्रेस के नेता भगवान श्रीराम के खिलाफ अनाप-शनाप बयान देते रहते हैं।”
बीते दिनों ‘इंडिया टुडे’ के पत्रकार राजदीप सरदेसाई (Rajdeep Sardesai) कॉन्ग्रेस पर हार्दिक पटेल के हमलों और उनकी इस्तीफे वाली चिट्ठी में किए गए खुलासों से परेशान दिखे। उनकी यह झुंझलाहट हार्दिक पटेल के साथ एक इंटरव्यू में स्पष्ट तौर पर दिखी। इस दौरान राजदीप लगातार हार्दिक के इस्तीफे की भाषा को लेकर सवाल उठाते रहे।
इस पर हार्दिक ने उन्हें आईना दिखाते हुए कहा था, “कॉन्ग्रेस भाजपा के खिलाफ मैदान में उतरने के लिए कड़ी मेहनत क्यों नहीं कर रही है? क्यों वे अपने काम के प्रति ईमानदार नहीं हैं? जब भी राहुल गाँधी गुजरात में आते हैं, तो हम अपेक्षा करते हैं कि वह यहाँ के जमीनी मुद्दों पर बात करेंगे। लेकिन यहाँ पार्टी के नेता उनके आने पर उनकी खातिरदारी में जुट जाते हैं कि वो कब खाएँगे, क्या खाएँगे। नाश्ते में क्या लेंगे। उनके लिए कौन सा चिकन सैंडविच लाना है, कहाँ से लाना है। ये सब देखकर बहुत दुःख होता है। ये लोग अपनी गलतियों को सुधारना ही नहीं चाहते हैं। इसलिए जो गलत होगा उस पर बोलूँगा।”
उल्लेखनीय है कि कॉन्ग्रेस से इस्तीफा देने के बाद 19 मई, 2022 को गुजरात के नेता हार्दिक पटेल (Hardik Patel) ने देश की सबसे पुरानी पार्टी पर जमकर हमला बोला था। उन्होंने कहा था, “गुजरात में सिर्फ हार्दिक ही नहीं, बल्कि कई नेता कॉन्ग्रेस से नाराज हैं। कॉन्ग्रेस में सच बोलो तो बड़े नेता आपको बदनाम करते हैं। यही उनकी रणनीति है।” इसके साथ ही पटेल ने आरोप लगाया कि कॉन्ग्रेस सबसे बड़ी जातिवादी पार्टी है।
गौरतलब है कि 18 मई को हार्दिक पटेल ने कॉन्ग्रेस से इस्तीफा देकर पार्टी की राज्य इकाई को बड़ा झटका दिया था। पटेल ने ट्विटर पर हिंदी, अंग्रेजी और गुजराती में पत्र साझा करते हुए लिखा था, “आज मैं हिम्मत करके कॉन्ग्रेस पार्टी के पद और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देता हूँ। मुझे विश्वास है कि मेरे इस निर्णय का स्वागत मेरा हर साथी और गुजरात की जनता करेगी। मैं मानता हूँ कि मेरे इस कदम के बाद मैं भविष्य में गुजरात के लिए सच में सकारात्मक रूप से कार्य कर पाऊँगा।”
पाकिस्तानी ISI एजेंट के जाल में फँसे सेना के जवान ने पूछताछ में कई बड़े खुलासे किए हैं। राजस्थान के जोधपुर में तैनात गनर प्रदीप कुमार ने बताया कि वह पाकिस्तानी महिला एजेंट की खूबसूरती का दीवाना हो गया था। वह उससे शादी करने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार था। इसके चलते उसने महिला को सेना के कई सीक्रेट डॉक्यूमेंट, वीडियो और फोटो तक शेयर कर दिए।
यही नहीं उसने ‘रिया’ नाम की इस आईएसआई एजेंट से अपने कुछ दोस्तों की भी जान-पहचान करवाई थी। इसके बाद शातिर महिला एजेंट ने इनको भी अपने झाँसे में लेने का भरपूर प्रयास किया था। लेकिन इन्हें ट्रैप करने में कामयाब नहीं हो पाई और समय रहते ही स्टेट पुलिस की इंटेलिजेंस को इसकी जानकारी मिल गई। पुलिस इन सभी के फोन जब्त कर जाँच में जुट गई है। वहीं, दो दिन की रिमांड के बाद प्रदीप को जयपुर कोर्ट में पेश किया जाएगा।
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, जवान प्रदीप सेना की बेहद अहम रेजिमेंट से जुड़ा हुआ था। सात महीने पहले उसने पाकिस्तानी महिला एजेंट को पोकरण में हुए कुछ मिसाइल परीक्षणों के वीडियो के साथ ही मिसाइलों का पूरा ब्योरा तक भेज दिया था। इसके मोबाइल से महिला को भेजे गए डॉक्यूमेंट की जानकारी भी मिली है। बताया जा रहा है कि वह अपनी यूनिट में होने वाले सैन्य कार्यक्रमों और अभ्यास के लाइव वीडियो गुपचुप तरीके से बनाता था। महिला उससे जो भी जानकारी माँगती थी, वह उसे भेजता रहता था। इसके बदले जवान उससे केवल शादी करना चाहता था, क्योंकि इस केस में दुश्मन देश को भेजे गए इनपुट के बदले पैसों के लेनदेन की जानकारी सामने नहीं आई है।
जाल में फँसाने से पहले पूरा होमवर्क करती हैं
ये पाकिस्तानी ISI महिला एजेंट जवानों को अपने जाल में फँसाने से पहले पूरा होमवर्क करती हैं। कैप्टन रैंक के अफसरों द्वारा इन्हें मारवाड़ी और पंजाबी में बातें करने और रहन-सहन की ट्रेनिंग दी जाती है। यही नहीं, इन युवतियों को रिया, पूजा, अवनी, अनिका, हरलीन, मुस्कान जैसे नाम देकर हिंदू पहचान दी जाती है ताकि आसानी से सेना का जवान इनके जाल में फँस सके। गनर प्रदीप कुमार को अपने जाल में फँसाने वाली मिलिट्री नर्सिंग सर्विस की नर्स बनी रिया अब तक 10 लोगों को फँसा चुकी है।
गौरतलब है कि कई वर्षों से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI द्वारा खूबसूरत लड़कियों को भारतीय नागरिकों और जवानों के पीछे लगाया जाता रहा है। सोशल मीडिया के जरिए सेना के जवानों को अपने झाँसे में लेकर भारतीय सेना व सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कई राज जुटाए जाते हैं और फिर उसे पाकिस्तान पहुँचाया जाता है। मुख्य तौर पर सेना के मूवमेंट और हथियारों के बारे में जानकारियाँ इकट्ठा करना इनकी मुख्य मंशा होती है। जोधपुर हनीट्रैप मामले में बताया जा रहा है कि भारतीय सेना के जवानों और नए अफसरों को फँसाने के लिए पाक सेना की मिलिट्री इंटेलिजेंस सिंध हैदराबाद में टंडो झानियों के पास आर्मी कैंट से एक मॉड्यूल ऑपरेट कर रही है, जिसे हैदराबाद मॉड्यूल नाम दिया गया है।
ग्रेटर नोएडा के बीटा-2 थाना क्षेत्र के सेक्टर-37 के एक मंदिर में अराजक तत्वों द्वारा सोमवार (23 मई, 2022) दोपहर देवी-देवताओं की मूर्तियों को खंडित करने का मामला सामने आया है। कहा जा रहा है कि जैसे ही मंदिर में स्थापित माँ दुर्गा, शिवलिंग और हनुमान जी की मूर्तियों को खंडित करने की सूचना आस-पास फैली, भारी संख्या में लोग मौके पर पहुँच गए।
— पं अमित शर्मा उर्फ ओमेश्वर दयाल शर्मा (@AmitPan12670227) May 23, 2022
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इससे पहले की लोगों का आक्रोश बढ़ता, सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुँचकर जाँच-पड़ताल शुरू कर दी और आरोपितों की धड़-पकड़ के लिए आसपास के सीसीटीवी खंगालें जा रहे हैं।
— पं अमित शर्मा उर्फ ओमेश्वर दयाल शर्मा (@AmitPan12670227) May 23, 2022
बता दें कि नोएडा पुलिस ने लोगों को त्वरित कार्रवाई का आश्वासन देते हुए कहा है कि वह दिल्ली से नई मूर्तियाँ मँगाकर स्थापित कराएगी। इस मामले में DCP ग्रेटर नोएडा ने ट्वीट किया, “पुलिस बल मौके पर मौजूद है, आवश्यक कार्यवाही की जा रही है।”
— पं अमित शर्मा उर्फ ओमेश्वर दयाल शर्मा (@AmitPan12670227) May 23, 2022
वहीं इस मामले में कहा जा रहा है कि खंडित मूर्तियों को फिलहाल पुलिस ने तिरपाल डालकर ढँकवा दिया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कोतवाली प्रभारी अनिल राजपूत ने बताया कि जल्द ही नई मूर्तियाँ स्थापित कराईं जाएँगी। फ़िलहाल, मूर्तियों को ध्वस्त करने वाले अराजक तत्वों की तलाश शुरू कर दी गई है।
उक्त प्रकरण में थाना बीटा-2 पर मुकदमा पंजीकृत है, अन्य अग्रिम कार्रवाई जारी है।
— POLICE COMMISSIONERATE GAUTAM BUDDH NAGAR (@noidapolice) May 24, 2022
गौरतलब है कि इस मामले में यह भी दावा किया जा रहा है कि पुलिस को एक महिला ने जानकारी दी है कि एक युवक ने पत्थर फेंककर मूर्तियाँ खंडित की है। वहीं पुलिस ने इस मामले में एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। इस बात की जानकारी पुलिस कमिश्नरेट गौतम बुद्ध नगर द्वारा ट्वीट करके दी गई है। उन्होंने लिखा, “थाना बीटा-2 पुलिस द्वारा आरोपी अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया है, आवश्यक वैधानिक कार्रवाई जारी है।”
इंटरनेट पर वायरल पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) की रैली वाली वीडियो में एक बच्चे को भड़काऊ नारेबाजी करता देख केरल कोर्ट सकते में आ गया। न्यायाधीश पी गोपीनाथ ने छोटे बच्चे के मुँह से हिंदुओं और ईसाइयों के लिए उगली गई घृणा को सुन पूछा है कि क्या रैलियों में ऐसी भड़काऊ बयानबाजी करवाना वैध है। उन्होंने दूसरे मामले पर सुनवाई करने के बीच इस मुद्दे को उठाया और बच्चों के भविष्य पर चिंता जाहिर कर पूछा कि क्या कोई कानून ऐसा नहीं है जो इन चीजों पर प्रतिबंध लगाए। अगर नहीं, फिर तो ये बच्चे ऐसी ही नफरत के साथ बड़े होंगे।
मालूम हो कि भले ही बच्चों के अंदर घृणा भरकर उनका इस्तेमाल रैलियों में किए जाने पर अदालत ने अब चिंता जाहिर की है, लेकिन हकीकत ये है कि इस्लामी कट्टरपंथी हों या वामपंथी…ये लोग हमेशा से बच्चों का प्रयोग अपना एजेंडा चलाने के लिए करते रहे हैं। ये पहली वीडियो नहीं है जब बच्चों ने इस तरह गैर मुस्लिमों को धमकाया हो।
“Hindus should buy rice & flowers for their last rites, Christians buy incense for their last rites. If you want to live here, live ‘decently’; otherwise, we know how to implement ‘Azadi’.” -Slogans are from the PFI rally in #Kerala.
— Hindu Genocide Watch (@hgenocidewatch) May 22, 2022
इससे पहले भी कई वीडियो सामने आ चुकी हैं जब छोटे-छोटे के भीतर भरी गई घृणा का प्रदर्शन सरेआम हुआ।
पत्थबाजी में बच्चों का प्रयोग
दूसरे समुदाय द्वारा बच्चों के मन में भरी जा रही नफरत का सबसे ताजा उदाहरण जहाँगीरपुरी में हनुमान जन्मोत्सव पर हुई हिंसा का है जहाँ घायल पुलिसकर्मी ने मीडिया के सामने आकर बताया था कि कैसे महिला से लेकर बच्चे तक उनके ऊपर छतों से पत्थरबाजी कर रहे थे। इतना ही नहीं कश्मीर में होने वाली पत्थरबाजी में भी बच्चों का प्रयोग होता था। हालाँकि प्रशासन की सख्ती के बाद अब वहाँ पहले जैसे दृश्य कम देखने को मिलते हैं।
राजनैतिक रैलियों में बच्चों का इस्तेमाल
राजनैतिक रैलियों में भी नारेबाजी करवाके कट्टरपंथी-वामपंथी बच्चों का इस्तेमाल अपने हित में करते आए हैं। साल 2020 में कन्हैया कुमार की रैली में एक बच्चे ने मंच पर चढ़ कर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुलेआम गाली दी थी। बच्चे को मंच से कहते सुना गया था कि अगर भारत में ताजमहल और लालकिला ना होता तो क्या पीएम अमेरिकी राष्ट्रपति को गाय और गोबर दिखाते? प्रियंका गाँधी ने भी बच्चों से चौकीदार चोर के नारे लगवाए थे जिसमें बच्चों ने भद्दी-भद्दी गालियों का प्रयोग शुरू कर दिया था। वीडियो बाद में खूब वायरल हुई थी।
देखेंः कन्हैया कुमार की ‘संविधान बचाओ रैली’ में इस लड़के का भाषण ‘ताज और लालकिला न होता तो गोबर दिखाते।’ pic.twitter.com/3HLzeHxtSH
शाहीन बाग के समय भी बूढ़ी औरतों से लेकर छोटी बच्चियों का इस्तेमाल प्रदर्शन को मजबूत दिखाने के लिए हुआ था जहाँ समय-समय पर न केवल प्रशासन के खिलाफ बल्कि हिंदुओं के खिलाफ भी गाली उगली जा रही थी। स्थिति इतनी घटिया कर दी गई थी कि कड़ाके की ठंड में बच्चों को लेकर महिलाएँ बैठीं और फिर जब बच्चे ने बीमार होकर दम तोड़ दिया तो उसका पछतावे की जगह बच्चे को कुर्बानी का नाम दिया गया था।
बच्चे/बच्चियों में भरा जा रहा कट्टरपंथी डोज
इसके अलावा आप देखें इसी साल जो कर्नाटक में बुर्का विवाद हुआ था वह भी बताता है कि कैसे कट्टरपंथी अपने मकसद को पाने के लिए छोटी बच्चियों को टारगेट बनाया था। पहले वहाँ स्कूल जाने वाली लड़कियों का ब्रेनवॉश किया गया था, फिर उन्हें हिजाब पहन कर स्कूल जाने की सलाह दी गई थी। नतीजा क्या हुआ ये बजरंग दल कार्यकर्ता हर्षा की हत्या के जरिए हम सबने देखा।
कट्टरपंथियों के कारण कैसा होगा भविष्य?
ये सब कोई इक्के-दुक्के मामले नहीं है। बच्चों के भीतर दूसरे समुदाय के प्रति नफरत भरने का काम, उनके देवी-देवताओं का अपमान करने का काम लंबे समय से चला आ रहा था। आप इंटरनेट पर खोजेंगे तो ऐसी तमाम वीडियो मिल जाएँगी जब छोटे-छोटे बच्चों ने नकली चाकू-तलवार लेकर काफिरों को मौत के घाट उतारने की बातें कहीं और लोग गर्व से उसे साझा करते रहे
ऐसी वीडियोज की सबसे कॉमन बातें ये हैं कि ये इस्लामी बहुल क्षेत्र या देश से वायरल हुईं और हँसी-मजाक बताकर इसे आगे बढ़ाया। अब ऐसी तस्वीर भारत के कोने-कोने से दिखने लगी हैं। ये हाल उसी भारत में हो रहा है जहाँ हिंदू अपने आपको सेकुलर दिखाने की कोशिशों में दिन-रात धर्म को भूलता जा रहा है और दूसरी ओर दूसरा समुदाय खुद को अल्पसंख्यक बता बता कर मजहबी तालीम के नाम पर बच्चों में जहर भर रहा है।
सोचिए कि यही बच्चे आने वाले समय में न सिर्फ अपने घर के बड़े बनकर आने वाली पीढ़ी को कट्टरपंथ का इंजेक्शन देंगे बल्कि ये आपके और हमारे समाज का हिस्सा होंगे और देश का भविष्य कहलाएँगे। क्या देश का भविष्य आपको ऐसा चाहिए जो हिंदुओं और ईसाइयों से बोले कि उनका समय पूरा हो गया, उन्हें यमराज लेने आ रहे हैं!
ध्यान रहे कि ये केवल कोर्ट के लिए चिंता का विषय नहीं होना चाहिए कि बच्चों के अंदर किस स्तर पर घृणा भरी जा रही है, ये देश में रहने वाले हर वर्ग की चिंता होनी चाहिए कि आखिर मजहबी तालीम के नाम पर ये कैसी नफरत समुदाय विशेष के लोग बच्चों के मन में भर रहे हैं कि जिस समय पर उन्हें पढ़ना लिखना चाहिए वो रैलियों में शामिल होकर हिंदुओं को गाली दे रहे हैं, देश के जवानों को पत्थरों से मार रहे हैं। समुदाय की लड़कियाँ- जिन्हें भारत में समानता के अधिकार के तहत स्कूल में शिक्षित होने का इतना अच्छा अवसर है वो कट्टरपंथियों के कहने पर बुर्के और हिजाब की लड़ाई लड़ रही हैं।
क्या आपको लगता है कि ऐसी नफत के साथ आगे चलकर यही बच्चे विविध धर्मों के लोगों के साथ समभाव से गुजर-बसर कर पाएँगे? या इनका मकसद भारत को इस्लामी राष्ट्र बनाना नहीं रह जाएगा? ऐसी घृणा का अंजाम सिर्फ ऐसे ही दृश्यों को जन्म देगा जैसे पिछले दिनों करौली, खरगोन से लेकर जहाँगीरपुरी में देखे गए थे, जैसे शाहीन बाग, कर्नाटक में देखे गए थे।
काशी मामले में ‘हिन्दू सेना’ ने अदालत में पक्षकार बनाए जाने की याचिका लगाते हुए दावा किया है कि उसके पास ज्ञानवापी विवादित ढाँचे में स्वयंभू ज्योतिर्लिंग के होने के दस्तावेजी प्रमाण मिले हैं। ये याचिका संगठन के अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने वाराणसी की जिला अदालत में दायर की है। उन्होंने कहा कि ‘अनुच्छेद-25’ के तहत इस मामले से उनके पूजा के अधिकार पर प्रभाव पड़ता है, इसीलिए इस मामले में उन्हें पक्षकार बनाया जाना चाहिए।
डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज डॉक्टर एके विश्वेश इस मामले की सुनवाई कर रहे हैं। ज्ञानवापी एक हिन्दू मंदिर है और वहाँ अभी भी हिन्दू देवी-देवताओं के चित्र और मूर्तियाँ हैं – इसको आधार बना कर हिन्दू पक्ष वहाँ पूजा के अधिकार के लिए अदालत पहुँचा हुआ है। विष्णु गुप्ता ने कहा कि इस मामले में जो दूसरा पक्ष है, कभी उसने ही इन मंदिरों को ध्वस्त कर के वहाँ मस्जिद बना दिया था। उन्होंने आदि विश्वेशर ज्योतिर्लिंग के अधार्मिक चरित्र को बनाए रखने और उसकी रक्षा के लिए खुद को सम्बद्ध मानते हुए पक्षकार बनाए जाने की अपील की है।
उन्होंने रिसर्च और खोजबीन के बाद मिले कुछ प्राचीन दस्तावेज भी अदालत के समक्ष पेश किए जाने की अनुमति माँगी है। कुछ लोगों का ये भी कहना है कि ज्ञानवापी में मिले शिवलिंग का नाम ‘नंदीकेश्वर’ है। स्कन्द पुराण के ग्रन्थ ‘काशीखण्ड’ के हवाले से बताया गया है कि ज्ञानवापी की उत्तर दिशा में नंदी द्वारा स्थापित शिवलिंग है और वो उत्तर दिशा से जल की रक्षा करते हैं। BHU में धर्मशास्त्र मीमांसा विभाग के प्रो. माधव जनार्दन रटाटे ने ये बात कही है।
उन्होंने श्लोक ‘शैलादीश्वरमालोक्य ज्ञानवाप्या उदक्दिशि। लभेत् गणत्वपदवीं नात्र कार्या विचारणा।’ का हवाला देते हुए कहा कि इसमें ये विवरण हैं। साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि गुरु चरित्र ग्रन्थ के 42वें अध्याय में भी ज्ञानवापी और नंदीकेश्वर का जिक्र है। उन्होंने एक अन्य ग्रन्थ ‘कृत्यकल्पतरु’ में भी यही चीज होने की बात कही। उन्होंने कहा कि इतने विशाल शिवलिंग को स्थापित करने की क्षमता शिव के वाहन नंदी देव के पास ही हो सकती है।
बता दें कि मध्य प्रदेश के धार जिले में भी नर्मदा किनारे ‘नंदीकेश्वर’ शिवलिंग हैं, जिसे प्राचीन बताया जाता है। शिव पुराण में नंदीकेश्वर महादेव और गंगा कुंड की चर्चा है। वहीं जिला अदालत में इस मामले की अगली सुनवाई 26 मई को होगी। सर्वे पर दोनों पक्ष एक सप्ताह में जवाब (आपत्तियाँ) दाखिल करेंगे। कोर्ट रूम में 36 लोगों को जाने की इजाजत मिली। मुस्लिम पक्ष का कहना था कि ये मामला सुने जाने योग्य ही नहीं है। कोर्ट रूम के बाहर ‘हर हर महादेव’ के नारे भी लगे।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में हत्या और उसे घर में ही कब्र बनाकर दफनाने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहाँ आरोपित ने अपने दोस्त की गला रेत कर हत्या करने के बाद लाश अपने ही घर में दफना दिया। हालाँकि, हत्या के करीब सात महीने बाद यह राज उस समय खुला जब आरोपित शराब के नशे में धुत्त होकर मृतक दोस्त का खोपड़ी लिए घूमता दिखा।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह पूरा मामला भोपाल के हबीबगंज थाना क्षेत्र का है। यहाँ रहने वाला शमशेर और उसका दोस्त शिवा रंगाई-पुताई का काम करते थे। शमशेर की गर्लफ्रेंड आशा भी पुताई का काम करती थी। आशा अपने पति को छोड़कर शमशेर के साथ रह रही थी, वहीं कहा जा रहा है कि जब आशा की नजदीकी शिवा से बढ़ी तो शमशेर ने शिवा की हत्या कर दी। यह पूरा मामला लव ट्रायएंगल का नजर आ रहा है। वहीं पिता ने यह आरोप लगाया है कि शमशेर किसी और को आरोपित बनाने के लिए शिवा की खोपड़ी लिए घूम रहा था।
वहीं सोमवार (23 मई, 2022) की देर रात आरोपित शमशेर नशे में दोस्त का खोपड़ी लेकर मोहल्ले में घूमता दिखा। कहा जा रहा है कि ये देखकर गली की महिलाएँ डर गईं और थाने पहुँचकर पुलिस को खबर की। तब जाकर 7 महीने पुरानी मर्डर मिस्ट्री का खुलासा हुआ। पुलिस ने आरोपित शमशेर और हत्या का राज छुपाने वाली उसकी गर्लफ्रेंड आशा को भी गिरफ्तार कर लिया है।
वहीं इस मामले में हबीबगंज थाना प्रभारी भानसिंह प्रजापति का भी कहना है कि मोहल्ले की महिलाएँ सोमवार (23 मई, 2022) की रात थाने पहुँची। उन्होंने बताया कि मोहल्ले का शमशेर उर्फ बब्बू नशे की हालत में लोगों को धमका रहा है। वह चीख-चीख कर कह रहा कि उसने शिवदत्त भालेराव उर्फ शिवा की हत्या कर उसे घर में ही दफना दिया है। वह हमें भी मारने की धमकी दे रहा है।
कहा जा रहा है कि शिवा की हत्या का खुलासा कभी नहीं होता, लेकिन सोमवार की रात पहले शराब के नशे में धुत्त शमशेर ने अपने दूसरे दोस्तों को धौंस दिखाने के लिए घर में बनी कब्र को फिर खोदा और उसमें से मृतक शिवा का सिर काट लिया। और उसी कटे हुए खोपड़ी को लेकर वह दोस्तों को धमकाने लगा। जिससे जब मोहल्ले की महिलाओं की नजर पड़ी तो भांडा फूट गया।
हबीबगंज पुलिस ने जब शमशेर को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने शिवराम भालेराव उर्फ़ शिवा की हत्या करना स्वीकार कर लिया। उसी की झुग्गी के बाथरूम से भालेराव का कटा हुआ सिर मिला। वहीं पास ही जमीन के 3 फीट नीचे से उसका धड़ भी बरामद कर लिया गया है। इस मामले में कहा जा रहा है कि अक्टूबर, 2021 में ही उसने दोस्त शिवा हत्या की थी। तब शिवा की थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी।
ओडिशा के भद्रक जिले में मंगलवार (24 मई 2022) को एक चर्च को सील कर दिया गया। जिला प्रशासन ने आदिवासियों के जबरन ईसाई धर्मांतरण (Religious Conversions) की कई शिकायतें मिलने के बाद यह कदम उठाया है। साथ ही इलाके में धारा 144 लागू कर दी है। चर्च के आसपास तीन से अधिक लोगों को इकट्ठा नहीं होने देने का आदेश जारी किया गया है। यह चर्च भद्रक ब्लॉक के गेल्टुआ गाँव (Church in Geluta) में स्थित है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट और ग्रामीण पीएस के आईआईसी द्वारा मामले की संयुक्त जाँच की गई थी। जाँच से पता चला है कि गेल्टुआ गाँव में स्थित चर्च के आसपास के दो समुदायों के बीच झड़प हुई थी। भद्रक के उप कलेक्टर मनोज पात्रा ने कहा, “आदिवासियों के ईसाई धर्म में कन्वर्ट होने की शिकायतें मिल रही थीं। हमने अपनी जाँच में पाया कि यहाँ दो समुदायों के बीच झड़प हुई है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने गेल्टुआ में धारा 144 लागू कर दी है। चर्च के आसपास केवल तीन लोगों को ही इकट्ठा होने की अनुमति है।”
Odisha | There were complaints regarding tribals conversion to Christianity. We found out that there is some breach of peace b/w communities. Dist admin has enforced Section 144 in Geltua, 3 persons are allowed to gather in vicinity of Church: Manoj Patra, Sub Collector, Bhadrak pic.twitter.com/Ef0AMYgdGu
यह पहली बार नहीं है, जब ओडिशा से जबरन धर्मांतरण का मामला सामने आया हो। इससे पहले 26 सितंबर 2021 को ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले में जबरन धर्मांतरण करवाने वाले एक पादरी को ग्रामीणों ने धर-दबोचा था। महेंद्र साहू नाम का पादरी तंगरडीही गाँव में लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए लालच दे रहा था। पादरी नियमित तौर पर हिंदुओं को ईसाई बनाने के लिए तंगरडीही गाँव में आता था। ग्रामीणों के मना करने के बावजूद वह इस काम को बिना किसी रोकटोक के करता था। वह गाँव का दौरा करता था और ईसाई बनने का लालच देता था। ग्रामीणों ने जब उसे पकड़ा उस समय भी वह यही कर रहा था। लोगों ने उसकी हरकतों से तंग आकर एक एफिडेविट पर लिखवाया कि वो भविष्य में दोबारा कभी भी तंगरडीही गाँव में नहीं आएगा।
इसी तरह वर्ष 2018 में ओडिशा के गजपति जिले के निवासी थबीर पांडा को उसकी पत्नी और सास ने ईसाई धर्म में कन्वर्ट करने से इनकार करने पर पीटा था। पीड़ित थबीर पांडा और उसकी पत्नी सुरभि ने 2014 में भवानीपटना कोर्ट में शादी की थी। शादी के बाद थबीर पर उसकी पत्नी लगातार हिंदू धर्म छोड़ने का दबाव बनाती थी। दोनों के बीच रोज इसको लेकर झगड़े होते थे। ऐसा बताया जाता है कि पांडा को सुरभि और उसकी माँ ने ईसाई धर्म अपनाने से इनकार करने पर बेरहमी से पीटा था।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार (24 मई, 2022) को ऐलान किया कि राज्य के स्वास्थ्य मंत्री विजय सिंगला को उनके पद से हटा दिया गया है। भ्रष्टाचार में घिरे मंत्री को लेकर AAP की फजीहत होने के बाद उन्होंने ये फैसला लिया। विजय सिंगला को पंजाब पुलिस की एंटी-करप्शन सेल ने गिरफ्तार किया है। एक टेंडर के दौरान उन पर किकबैक माँगने का मामला सामने आया है। विपक्ष भी इस मामले को लेकर AAP के संयोजक अरविंद केजरीवाल पर हमलावर है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री भ्रष्टाचार में संलिप्त थे और पुलिस-प्रशासन के पास इसके सबूत भी हैं। विजय सिंगला पर आरोप है कि वो राज्य के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए जा रहे टेंडरों में 1% कमीशन ले रहे थे। हालाँकि, भगवंत मान अपनी फजीहत बचाने के लिए ये कह रहे हैं कि सरकार भ्रष्टाचार सम्बंधित गतिविधियों से दूर रहे। उन्होंने कहा कि कड़ी कार्रवाई करते हुए वो मंत्री को पद से हटा रहे हैं। बता दें कि अरविंद केजरीवाल ने कई रैलियों में ‘पंजाब में 10 दिन में भ्रष्टाचार ख़त्म हो गया’ जैसी बातें की थीं।
भगवंत मान ने कहा, “मंत्री विजय सिंगला के भ्रष्टाचार सम्बंधित गतिविधियों में शामिल होने के पुख्ता सबूत हमें मिले हैं। मुझे इसकी कोई परवाह नहीं कि विपक्षी पार्टियाँ ये कह कर इसका इस्तेमाल हम पर निशाना साधने के लिए करें कि सरकार बनने के 2 महीने के भीतर ही एक मंत्री को भ्रष्टाचार के कारण हटाना पड़ा। मुद्दा ये है कि हम अनाचार में किसी की भी संलिप्तता को बर्दाश्त नहीं करेंगे। हमारे पार्टी के राष्ट्रीय संयोजन ने स्पष्ट कर दिया है कि भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
उन्होंने याद दिलाया कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ऐसे ही 2015 में दिल्ली के एक मंत्री को हटा दिया था, जब उस पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे। बता दें कि तब अरविंद केजरीवाल ने लाइव टीवी पर फ़ूड एंड सिविल सप्लाइज मंत्री रहे वसीम अहमद खान को हटाने का ऐलान कर दिया था। भगवंत मान ने AAP को एक ईमानदार पार्टी बताते हुए कहा कि सिंगला ने अपनी गलती स्वीकार कर ली है। बता दें कि पंजाब के मनसा विधानसभा क्षेत्र से विजय सिंगला ने कॉन्ग्रेस उम्मीदवार गायक सिद्धू मूसेवाला को हराया था।
उन्हें इस पंजाब विधानसभा चुनाव में सबसे ज्यादा वोट मिले थे। साथ ही पिछले 3 दशकों में ऐसा पहली बार हुआ था, जब मनसा से कोई मंत्री राज्य की कैबिनेट में था। AAP के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने भी अपनी पार्टी की ‘सत्यनिष्ठा, साहस और न्याय’ की बात करते हुए इस फैसले के लिए पंजाब सरकार की पीठ थपथपाई। मान ने कहा कि पिछले मुख्यमंत्रियों ने रेत खनन जैसे मामलों में दागियों पर एक्शन नहीं लिया, जबकि उन्हें पता था कि कौन-कौन इसमें शामिल हैं।
कर्नाटक हाई कोर्ट (Karnataka High Court) में जज के पोडियम के पास नमाज अदा करती हुई दो महिलाओं का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो को सबसे पहले मीडिया चैनल ‘संवाद’ ने अपने यूट्यूब और फेसबुक चैनल पर अपलोड किया। कन्नड़ भाषा में वीडियो का शीर्षक लिखा गया है। हिंदी में इसका अर्थ है, ‘कर्नाटक उच्च न्यायालय में नमाज’। तब से नेटिज़न्स इस वीडियो को ट्विटर और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर कर रहे हैं।
कर्नाटक में हिंदू जनजागृति समिति के प्रवक्ता मोहन गौड़ा ने 15 मई को ट्विटर पर इस वीडियो को शेयर किया था। उन्होंने कहा था, “मुस्लिमों ने कर्नाटक हाई कोर्ट के हॉल के अंदर नमाज अदा की। आदरणीय प्रवीण सूद (डीजीपी कर्नाटक), अरागा ज्ञानेंद्र (राज्य गृह मंत्री कर्नाटक), डॉ. संजीव एम पाटिल (डीसीपी पश्चिम बीसीपी), डीसीपी सेंट्रल बीसीपी, उच्च न्यायालय के नियमों का उल्लंघन करने वाले दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई हुई? इस तरह से नमाज पढ़कर उच्च न्यायालय परिसर का दुरुपयोग किया जा रहा है?”
Muslims offered Namaz inside the Karnataka High court Hall.
बिना अनुमति के उच्च न्यायालय परिसर में शूट किए गए वीडियो को अपलोड करने के लिए चैनल संवाद के खिलाफ 16 मई, 2022 को एफआईआर दर्ज की गई थी। बेंगलुरु के विधान सौध पुलिस स्टेशन में चैनल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी। एनजी दिनेश (in-charge Registrar administration NG Dinesh) ने शिकायत के आधार पर आईपीसी की धारा 447 (आपराधिक कार्य) और 505 (2) (शत्रुता, घृणा या दुर्भावना पैदा करने या इसे बढ़ावा देने) के तहत एफआई दर्ज की थी।
एफआईआर कॉपी। साभार: कर्नाटक पुलिस
शिकायत में लिखा गया है कि एक मिनट 48 सेकंड का वीडियो 14 मई को ‘कर्नाटक उच्च न्यायालय में नमाज’ शीर्षक के साथ सोशल मीडिया पर अपलोड किया गया था। इसमें आगे लिखा है, “हाई कोर्ट परिसर के अंदर बिना अनुमति के प्रवेश करना और वीडियो बनाना प्रतिबंधित है। नियमों का उल्लंघन कर शूट किया गया वीडियो दो समुदायों के बीच नफरत पैदा करता है। हम उन लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की माँग करते हैं, जिन्होंने वीडियो शूट किया और इसे सोशल मीडिया पर शेयर किया।” एफआईआर में फेसबुक और यूट्यूब पर अपलोड किए गए वीडियो का लिंक भी दिया है। फिलहाल वीडियो को चैनल से हटा दिया गया है।
हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार के पास शिकायत दर्ज
मोहन गौड़ा ने इस विषय में ऑपइंडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि कर्नाटक उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार के पास एक शिकायत दर्ज की गई है। कर्नाटक डेली होसादिगेंथा (Karnataka Daily Hosadigantha) ने अधिवक्ता आर पुट्टरैय्या के हवाले से कहा कि उन्होंने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई है। अधिवक्ता के शब्दों में, “मैंने न्यायाधीशों की एक पीठ के सामने कथित रूप से कोर्ट के परिसर में प्रवेश करने और नमाज पढ़ने वाली दो महिलाओं के खिलाफ शिकायत दर्ज की है। इस संबंध में यूट्यूब चैनल के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराने वाले रजिस्ट्रार को भी विश्वास है कि अदालत कक्ष में प्रवेश करने वाली दो महिलाओं पर मुकदमा चलाया जाएगा।”
साभार: मेचिरुभट/ट्विटर
कर्नाटक हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को संबोधित करते हुए शिकायत में उन्होंने कहा, “हम अधिवक्ता न्यायालयों को न्याय का मंदिर मानते हैं, जिसने कभी भी किसी व्यक्ति से उसके धन, जाति और धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं किया। यही कारण है कि आज भी देश के नागरिक न्यायिक व्यवस्था में पूर्ण विश्वास रखते हैं।” उन्होंने आगे कहा, “कर्नाटक हाई कोर्ट के हॉल का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि 2 लोग यहाँ माननीय न्यायाधीशों के पोडियम का दुरुपयोग कर रहे हैं। यह सर्वविदित है कि पोडियम का इस्तेमाल माननीय न्यायाधीशों द्वारा न्याय देने के लिए किया जाता है।” पुट्टरैय्या ने CJI से इस संबंध में उचित कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।