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15 दिन के भीतर बंगाल में चौथी मॉडल ने की सुसाइड, सीलिंग फैन से लटका मिला शव

पश्चिम बंगाल के कोलकाता में बंगाली फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ी अभिनेत्रियों के मरने का सिलसिला लगातार जारी है। पल्लबी डे, बिदिशा मजूमदार और मंजूषा नियोगी के बाद अब सरस्वती दास (18) ने भी आत्महत्या कर ली है। बंगाली फिल्म इंडस्ट्री में ये किसी कोहराम से कम नहीं है कि 15 दिन के भीतर 4 अभिनेत्रियों की मौत हो गई है। पेशे से मेकअप आर्टिस्ट दास मॉडलिंग कर रही थीं।

सभी अभिनेत्रियों के मरने का पैटर्न एक ही प्रकार है। खबरों के मुताबिक, चारों की मौत फाँसी के फंदे से लटकने के कारण हुई। रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार (29 मई 2022) को सुबह 2 बजे उनका शव घर के सीलिंग फैन से दुपट्टे के जरिए लटकता हुआ पाया गया। सबसे पहले उनकी नानी ने उनके शव को देखा और उसे उतारकर वो अस्पताल लेकर गई, हालाँकि उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

क्या है पूरा मामला

सरस्वती दास कोलकाता के बेदियाडांगा में अपनी नानी के यहाँ रह रही थीं। वो वहाँ अपनी माँ आरती दास के साथ बीते 17 सालों से रह रहीं थीं। अनकी माँ का तलाक हो चुका है। उन्होंने 10वीं तक की पढ़ाई करने के बाद शिक्षा छोड़ दी थी। हालाँकि, वो ट्यूशन पढ़ाती थीं और खुद मेक अप आर्टिस्ट के साथ ही मॉडलिंग की तैयारी कर रही थीं। घटना वाले दिन घर में कोई नहीं था, तो सरस्वती दास अपनी नानी के साथ सो रही थीं। रात एक बजे जब नानी की आँख खुली और उन्हें बिस्तर पर नहीं देखा तो दूसरे कमरे में गई, जहाँ वो पंखे के साथ झूलती मिलीं।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, कथित तौर पर वो किसी के साथ रिलेशन में थीं और उसी को लेकर परेशान रहा करती थी। सरस्वती दास के फोन रिकॉर्ड्स की जाँच से पता चला है कि घटना वाले दिन रात 1 बजे तक उन्होंने अपने ब्वॉयफ्रेंड से बात की थी। माना जाता है कि किसी मामले को लेकर अनबन के बाद उन्होंने आत्महत्या कर ली।

गौरतलब है कि इससे पहले 15 मई 2022 को पल्लबी डे की मौत हो गई थी। उनका शव भी पंखे से लटकता मिला था। इसके बाद 25 मई को एक्ट्रेस बिदिशा डे का शव भी उनके अपार्टमेंट में फाँसी के फंदे से लटकता मिला था। वहीं 27 मई को एक्ट्रेस और मॉडल मंजूषा नियोगी का शव उनके कमरे में सीलिंग फैन से लटकते हुए पाया गया। वो अपने परिवार के साथ कोलकाता के पटुली इलाके में रहती थीं।

मदरसे की छत पर खून से लथपथ पड़ी मिली 9 साल के बच्चे की लाश, ईंट से कूचकर हुई निर्मम हत्या: UP पुलिस ने 14 साल के आरोपित को पकड़ा

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के एक में मदरसे में एक नाबालिग बच्चे की हत्या किए जाने खबर है। मृतक की उम्र लगभग 9 साल बताई जा रही है। बच्चे की लाश मदरसे की छत के ऊपर मिली है। आरोपित उसी मदरसे का छात्र बताया जा रहा है जिसकी उम्र लगभग 14 साल है। पुलिस ने आरोपित को हिरासत में ले लिया है। घटना शनिवार (28 मई 2022) की बताई जा रही है।

बुलंदशहर के SP सिटी के मुताबिक, “नगर कोतवाली क्षेत्र में आने वाले धमेड़ा अड्डे के पास मदरसे में एक 9 साल का बच्चा था अपने से थोड़ा बड़े साथी के साथ पढ़ता था। उसी के साथी द्वारा उसकी हत्या ईंट से मार कर के की गई है। पुलिस मौके पर पहुँच कर जरूरी कार्रवाई कर रही है। परिवार वालों से तहरीर ले कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। मृतक और आरोपित एक ही गाँव के अलग-बगल के रहने वाले हैं। अभी तक हत्या की कोई स्पष्ट वजह निकल कर सामने नहीं आई है। दोनों के परिजनों से बात की जा रही है।”

एक स्थानीय न्यूज़ ने मृतक के बाबा अब्दुल से बात की। उन्होंने बताया, “जिस लड़के पर मेरे पोते को मारने का आरोप है उनके घर से पहले भी मेरे घर से मारपीट का आरोप है। उस केस की थाने में धारा 307 में FIR दर्ज है। अब बच्चे का कत्ल कर दिया। कत्ल फाँसी लगा कर किया गया।” पीछे से महिलाओं के रोने की आवाज आ रही थी जिसमे एक महिला ने कहा, “बहुत बड़ी गलती कर दी लगा कर।”

पंजाब CM भगवंत मान के साथ खड़े गोल्डी बराड़ का सिद्धू मूसेवाला की हत्या में हाथ?: जानें वायरल दावे की सच्चाई

पंजाबी गायक और कॉन्ग्रेस नेता रहे सिद्धू मूसेवाला के हत्या की हत्या की जिम्मेदारी लॉरेंस गैंग के कनाडा में रह रहे गैंगस्टर गोल्डी बराड़ ने ली है। इस हत्या के बीच पंजाब के सीएम भगवंत मान के साथ गोल्डी बराड़ नाम के ही एक व्यक्ति की तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। इसमें दावा किया जा रहा है कि ये वही गैंगस्टर है, जिसने सिद्धू मूसेवाला की हत्या की जिम्मेदारी ली थी।

हालाँकि, जब ऑपइंडिया ने इस मामले की जाँच की तो पता चला किजिस गोल्डी बराड़ की इमेज सीएम भगवंत मान के साथ वायरल हो रही है वो ‘गैंगस्टर’ गोल्डी बराड़ नहीं हैं। जिस व्यक्ति को गैंगस्टर बताया जा रहा है वो दरअसल पंजाब के फजिल्का जिले के जंदवाला गाँव के रहने वाले हैं।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीर

सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर बराड़ ने ये स्पष्ट किया, “मैं गोल्डी बराड़, गाँव जंदवाला से राजिंदर सिंह का बेटा हूँ। सिद्धू मूसेवाला की हत्या की आज की दु:खद घटना में सोशल मीडिया पर मेरी तस्वीर का गलत इस्तेमाल हो रहा है। मैं उन लोगों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करूँगा (मेरी तस्वीर साझा कर रहा हूँ)।”

कनाडा बेस्ड गैंगस्टर ली हत्या की जिम्मेदारी

पंजाब में सिंगर सिद्धू मूसेवाला के हत्या की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग के एक गैंगस्टर गोल्डी बराड़ ने ली है। ये कनाडा में रहता है। फेसबुक अकाउंट से एक पोस्ट के जरिए बराड़ ने विवादित गायक की हत्या की जिम्मेदारी ली। उसने पोस्ट में लिखा कि मूसेवाला उसके कई साथियों की हत्या के मामले में जिम्मेदार था, लेकिन पुलिस ने उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। ऐसे में उसने उसकी हत्या कर दी। हालाँकि, ये फैक्ट बड़ा ही दिलचस्प है कि राज्य में भगवंत मान की अगुआई वाली आम आदमी पार्टी ने मूसेवाला की हत्या से ठीक एक दिन पहले ही उनकी सुरक्षा को वापस ले लिया था।

हालाँकि, इस मामले में पंजाब पुलिस की प्रेस कॉन्फ्रेंस में डीजीपी ने दावा किया कि हत्या के दिन सिद्धू मूसेवाला जब अपने घर से निकले तो ये खुद ही कार चला रहे थे, उनके साथ दो अन्य लोग भी थे। इनके पीछे एक गाड़ी थी और इनके आगे दो गाड़ियाँ थीं। पुलिस का मानना है कि ये एक गैंगवार का केस हैं, क्योंकि सिद्धू मूसेवाला का शगनप्रीत का बिट्टू मूसेवाला केस में सामने आया था। ये उसी का रिएक्शन है।

पुलिस ने दावा किया कि सिद्धू मूसेवाला की सुरक्षा में पंजाब पुलिस के चार कमांडो तैनात थे, जिनमें से दो को वापस ले लिया गया था, जबकि दो इनके साथ थे। लेकिन उस दिन सिद्धू इन कमांडोज को अपने साथ नहीं ले गए और इनके पास एक प्राइवेट बुलेटप्रूफ कार भी थी, लेकिन ये उसे भी नहीं लेकर गए थे।

सिद्धू मूसेवाला की 29 मई को मनसा के एक गांव में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। कथित तौर पर, पंजाब सरकार ने 28 मई को उनकी सुरक्षा हटा दी थी।

नुपूर शर्मा के खिलाफ आजमगढ़ में ‘सिर तन से जुदा के नारे’ लगवाने वाला छात्रनेता अब्दुल रहमान गिरफ्तार, हिंदुओं के लिए बोला था- ‘इन 80 करोड़ को रखूँगा पैर की नोक पर’

उत्तर प्रदेश के आज़मगढ़ जिले में शिब्ली नेशनल पीजी कॉलेज के अध्यक्ष अब्दुल रहमान को भड़काऊ बयान देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। रहमान ने 80 करोड़ लोगों को पैर की नोक पर रखने के साथ और भी कई अन्य आपत्तिजनक बातें कहीं थीं। रहमान ने यह बयान मोहम्मद जुबेर द्वारा भड़काए जाने के बाद भाजपा प्रवक्ता नूपुर शर्मा के विरोध में चल रहे अभियान के दौरान दिया है। आजमगढ़ पुलिस ने रहमान की गिरफ्तारी की पुष्टि 29 मई 2022 (रविवार) को की है।

वायरल हो रहे वीडियो में अब्दुल रहमान के आस-पास हाथों में पोस्टर ले कर भीड़ जमा है। रहमान उस भीड़ को संबोधित करते हुए कह रहा, “लोग यहाँ खड़े हैं उनसे अपील है कि मुसलमान का कोई भी मसला हो और खास कर नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का कोई मसला हो तो हमें डंके की चोट पर खड़े होना है। मैं तो कहता हूँ कि ये 80 करोड़ हों, 80 हजार हों या 80 अरब हों। अगर मोहम्मद की बात आ गई तो मैं 80 अरब को अपने पैर की नोक पर रखता हूँ।”

रहमान के इस बयान का वहाँ मौजूद भीड़ समर्थन करते हुए ‘नारा ए तकबीर, अल्लाह हु अकबर’ का नारा लगाती है। उसी भीड़ में सफेद टी शर्ट पहन कर एक अन्य व्यक्ति अपने साथ वहाँ मौजूद बाकी लोगों से कहलवा रहा, “गुस्ताख़-ए-रसूल की बस एक ही सजा- सिर तन से जुदा, सिर तन से जुदा।” वायरल हो रहा यह वीडियो 28 मई 2022 (शनिवार) शाम लगभग 7.30 का बताया जा रहा है।

आज़मगढ़ पुलिस के SP सिटी शैलेंद्र लाल के मुताबिक, “ट्विटर से संज्ञान में आया कि शिबली कॉलेज के पास अब्दुल रहमान ने भड़काऊ भाषण दिया। इस दौरान नफरत फैलाने की कोशिश की गई। इस संबंध में पुलिस ने केस क्राइम नंबर 242/2022 धारा IPC 295A के तहत कार्रवाई की। अब्दुल रहमान नाम के व्यक्ति को हिरासत में ले कर पूछताछ व कानूनी कार्रवाई की जा रही है।”

भीड़ जमा करने वालों में सरफराज अहमद भी

आपत्तिजनक नारेबाजी करने वाली इस भीड़ को जुटाने के लिए अब्दुल रहमान के साथ सरफराज अहमद ने भी बड़ी भूमिका निभाई थी। सरफराज अहमद शिब्ली कॉलेज से ही लॉ का स्टूडेंट है। उसने 28 मई को ही अब्दुल रहमान के साथ मिल कर स्थानीय पहाड़पुर के चौकी इंचार्ज को अपने प्रस्तावित प्रदर्शन की जानकारी देने का दावा किया है। इस बाबत उन्होंने एक पत्र भी शेयर किया है। हालाँकि पुलिस को भेजे गए इस पत्र में शाँतिपूर्ण प्रदर्शन करने का वादा किया गया था।

अब्दुल रहमान द्वारा प्रेषित पत्र

‘तपस्या में रह गई कमी या हम कम काबिल हैं’: राज्यसभा टिकट न मिलने पर पवन खेड़ा हुए निराश, नगमा मोरारजी ने बताया- सोनिया गाँधी ने 18 साल से लटका रखा है

कॉन्ग्रेस की ओर से रविवार (29 मई 2022) को राज्यसभा के लिए 10 उम्मीदवारों की लिस्ट आने के बाद कई कॉन्ग्रेसी नेता अपनी पार्टी हाईकमान से नाराज हैं। पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा ने तो रात के 11 बजे ट्वीट करके अपना दुख व्यक्त किया। वहीं नगमा मोरारजी ने भी बताया कि 18 साल हो गए उन्हें राज्यसभा टिकट की आस लगाए पर आज तक उन्हें टिकट नहीं दी गई।

कॉन्ग्रेस नेता पवन खेड़ा ने अपने ट्वीट में सिर्फ इतनी ही बात लिखी, “शायद मेरी तपस्या में कुछ कमी रह गई।” इस ट्वीट को देख लोग समझ गए यहाँ तपस्या से उनका मतलब राज्यसभा सीट के लिए की गई मेहनत से हैं।

वामपंथी पत्रकार और पवन खेड़ा को कॉन्ग्रेस का सबसे बढ़िया प्रवक्ता मानने वाली रोहिणी सिंह भी इस लिस्ट को देख कॉन्ग्रेस से नाराज रहीं। उन्होंने लिस्ट शेयर करके कहा कि पवन खेड़ा के ऊपर प्रमोद तिवारी को प्राथमिकता दी गई। पता चलता है कि कॉन्ग्रेस के साथ हुआ क्या है।

वहीं भारतीय अभिनेत्री व कॉन्ग्रेस की महिला नेता नगमा मोरारजी ने भी पवन खेड़ा के ट्वीट का रिप्लाई दिया। अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा, “शायद हमार भी तपस्या 26 साल से कम पड़ गई इमरान भाई के आगे।”

इसके बाद नगमा ने आज सुबह ट्वीट करके लिखा, “सोनिया जी, हमारी कॉन्ग्रेस अध्यक्ष ने 2003 के अप्रैल में मुझे पर्सनली राज्यसभा दिलाने की बात कही थी। जब मैंने उनकी वजह से कॉन्ग्रेस ज्वाइन की उस समय हम सत्ता में भी नहीं थे। लेकिन उसके 18 साल बाद से आज तक उन्हें मुझे राज्यसभा भेजने का मौका नहीं मिला। इमरान प्रतापगढ़ी को राज्यसभा सीट मिली है। मैं पूछती हूँ क्या मैं कम काबिल थी।”

बता दें कि कॉन्ग्रेस की ओर से रविवार को जारी की गई लिस्ट में जो 10 नाम हैं उनमें हरियाणा से अजय माकन, कर्नाटक से जयराम रमेश, मध्य प्रदेश से विवेक तन्खा, छत्तीसगढ़ से राजीव शुक्ला और रंजीत रंजन, महाराष्ट्र से इमरान प्रतापगढ़ी ,राजस्थान से रणदीप सुरजेवाला, मुकुल वासनिक, प्रमोद तिवारी और तमिलनाडु से पी चिदंबरम का नाम शामिल है। इस लिस्ट को देखने के बाद कई कॉन्ग्रेसियों में नाराजगी है। माना जा रहा है कि इनमें से कुछ को अन्य नामों की उम्मीद थी और कुछ को जो इस लिस्ट में नाम दिए गए उनकी उम्मीद नहीं थी।

इंजीनियर से गायक, गायक से नेता: केवल YouTube से ही हर साल ₹30 करोड़ कमाते थे 28 साल के सिद्धू मूसेवाला, महँगी गाड़ियों का था शौक

पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की आज पंजाब के मानसा जिले में हत्या कर दी गई। 28 साल के सिद्धू का जन्म मानसा के नजदीक ही मूसेवाला गाँव में 17 जून 1993 को हुआ था। उनका असली नाम शुभदीप सिंह सिद्धू था। दुनिया उन्हें उनके रैप और गानों की वजह से जानती थी।

मौजूदा जानकारी के अनुसार, सिद्धू की माँ अपने गाँव की सरपंच थी और उन्होंने खुद ने ग्रेजुएशन इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में की थी और इसी दौरान उनका मन गायिकी की ओर भागा। फिर वो पढ़ाई करके कनाडा चले गए। इसके बाद उन्होंने कई गाने गाए और युवाओं में मशहूर होते गए।

साल 2017 में मूसेवाला का ‘जी वैगॉन’ गाना आया। उनके ‘जस्ट लिसन, सो हाई, जट का मुकाबला, डेविल, लीजेंड, ब्राउन बॉयज, इट्स ऑल अबाउट यू जैसे गाने’ मशहूर होते गाए। फिर PBX1 नाम की एल्बम आई। मूसेवाला ने आधिकारिक तौर पर अपने फिल्मी करियर को 2021 में शुरू किया था। 2019 में वह ‘तेरी-मेरी जोड़ी’ फिल्म में गेस्ट अपीयरेंस दी थी।

हिंदी भाषी युवाओं में पंजाबी गानों के बढ़ते क्रेज ने सिद्धू मूसेवाला को पूरे भारत में मशहूर कर दिया था। उनकी एक गाने की फीस लाखों थी और यूट्यूब मिलाकर उनकी सालाना कमाई (अनुमानित) 30 करोड़ रुपए दिखाई जा रही है। उन्हें महंगी गाड़ियों और मोटरबाइक का शौक था। गाड़ी में उनके पास फॉर्च्यूनर, जीप और एसयूवी जैसी गाड़ियाँ थी।कई लोगों ने उन्हें कई बार रेंज रोवर की सवारी करते भी देखा था। इसी तरह  Isuzu D-Max, Mercedes AMG 63 और Mustang जैसी कार भी उनके कलेक्शन का हिस्सा बताई जा रही हैं।

कैश आदि की बात करें तो चुनाव में जमा कराए गए हलफनामे में उन्होंने 5 लाख रुपए नकदी होने की घोषणा की थी। इसके अतिरिक्त 5 करोड़ की नकदी और 18 लाख रुपए की ज्वैलरी की बात भी इसमें बताई गई। कुल मिलाकर उन्होंने अपने पास 8 करोड़ रुपए की संपत्ति होने का दावा किया था। वो युवाओं में खासा फेमस थे। इंस्टाग्राम पर उन्हें 70 लाख लोग फॉलो करते थे, 20 लाख लोग ट्विटर पर उन्हें देखते थे और यूट्यूब पर उनकी फॉलोइंग लिस्ट 1 करोड़ 7 लाख थी। अपने गानों में सिद्धू ने गन कल्चर को बढ़ावा दिया था और पिछले साल एके-47 चलाने के कारण उनके ऊपर केस भी दर्ज हो गया था।

साल 2021 के अंत में मूसेवाला ने राजनीति में कदम रखा और कॉन्ग्रेस ज्वाइन की। इसके बाद वह लगातार आम आदमी पार्टी के ऊपर तंज कसने के कारण चर्चा में थे। पिछले दिनों उन्होंने एक गाना रिलीज किया था जिसमें उन्होंने आप समर्थकों के ऊपर निशाना साधते हुए उन्हें गद्दार कहा था। भगवंत मान सरकार ने 28 मई को उनकी सुरक्षा को हटाया था। खालिस्तानी प्रशंकर होने के कारण भी मूसेवाला ने सुर्खियों में जगह बनाई थी। इसके अलावा उस किसान आंदोलन को भी मूसेवाला ने समर्थन दिया था जिसे खालिस्तानी विदेश में बैठकर अपना समर्थन दे रहे थे और जिसके बाद दिल्ली में गणतंत्र दिवस के मौके पर खुलेआम हिंसा हुई थी।

AK-47 से ट्रेनिंग, खालिस्तान का गुणगान, ‘किसान आंदोलन’ का समर्थन, ‘गन कल्चर’ को बढ़ावा: सिद्धू मूसेवाला का विवादों से था गहरा नाता

पंजाबी सिंगर और कॉन्ग्रेस के नेता सिद्धू मूसेवाला (Sidhu Moosewala) की रविवार (29 मई, 2022) को मानसा गाँव में गोली मारकर हत्या (Murder) कर दी गई। इससे पंजाब में सुरक्षा व्यवस्था के हालातों पर गंभीर सवाल भी उठे। लेकिन, सिंगर मूसेवाला का जीवन काफी विवादों (Controversy Related to Sidhu Moosewala) से भरा रहा। आर्म्स एक्ट में उनके खिलाफ अरेस्ट वारंट भी जारी हुए।

एके-47 चलाते दिखे थे एक्टर

साल 2020 में मई के महीने में सिद्धू मूसेवाला का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें वो पाँच पुलिसकर्मियों के साथ एके-47 लेकर ट्रेनिंग करते देखे गए थे। वो अपनी निजी पिस्टल से निशानेबाजी की ट्रेनिंग लेते दिखे थे। वीडियो वायरल होते ही आरोपित पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया और सिद्धू के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था। इस मामले में उनकी गिरफ्तारी की भी कोशिशें हुई थीं, लेकिन वो अंडरग्राउंड हो गए थे।

गन कल्चर को प्रमोट करने का आरोप

सिद्धू मूसेवाला का एक गाना ‘पंज गोलियाँ’ आया था। इसमें विवाद के बाद पंजाब पुलिस ने उनके खिलाफ आर्म्स एक्ट में हिंसा और बंदूक संस्कृति को बढ़ावा देने के मामले में केस दर्ज किया था। इसके अलावा सिद्धू का एक गाना आया था, ‘जट्टी जियोने मोड़ दी बंदूक वर्गी’। इसमें उन पर 18वीं सदी के सिख योद्धा माई भागो के नाम का कथित रूप से दुरुपयोग करने के मामले में केस दर्ज किया गया था। हालाँकि, विवाद बढ़ने पर उन्होंने माफी माँग ली थी।

खालिस्तान के समर्थन का लगा आरोप

इसके अलावा पंजाबी गायक खालिस्तान के समर्थन करने के मामले में भी विवादों में रहे। वो किसानों के विरोध प्रदर्शनों में भी शामिल रहे। दिसंबर 2020 में सिद्धू मूसेवाला का गाना ‘पंजाब: माय मदरलैंड’ आया था, जिसमें वो खालिस्तानी आतंकवादी जरनैल सिंह भिंडरावाले का समर्थन करते दिखे थे। उन्होंने ‘किसान आंदोलन’ का भी समर्थन किया था। साथ ही एक गाने में खालिस्तानी आतंकी भिंडरवाले की तारीफ़ की थी।

गौरतलब है कि गायक को उनके हिट पंजाबी ट्रैक जैसे ‘लीजेंड’, ‘डेविल’, ‘जस्ट लिसेन’, ‘तिबेयन दा पुट’, ‘जट्ट दा मुकाबला’, ‘ब्राउन बॉयज़’ और ‘हथियार’ के लिए जाना जाता है।

44 कंपनियाँ, ₹8000 करोड़ का निवेश, 70000 युवाओं को नौकरी: ग्रेटर नोएडा में CM योगी ऐसे बहाएँगे विकास की धारा, समारोह में आएँगे प्रधानमंत्री

उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में तीसरे निवेश कार्यक्रम के लिए कमर कस ली है। इसके लिए 3 जून, 2022 को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की ओर से शिलान्यास का एक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम ग्रेटर नोएडा की 44 कंपनियाँ शामिल होंगी। ये कंपनियाँ ग्रेटर नोएडा में करीब 8000 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश करेंगी। इससे करीब 70,000 युवाओं को नौकरी के अवसर मिलेंगे।

इस कार्यक्रम का आयोजन लखनऊ में होना है। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम में शामिल होने वाली कंपनियों और सरकार के बीच एमओयू साइन किए जाएँगें। अधिकारियों ने कहा कि समारोह के दौरान पूरे उत्तर प्रदेश में 75,000 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश वाली करीब 2,000 परियोजनाओं का उद्घाटन किया जाएगा।

कौन-कौन सी कंपनियाँ होगीं शामिल

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के ACO दीप चंद्र ने कहा कि इस अभियान में ग्रेटर नोएडा की 44 कंपनियाँ भाग ले रही हैं। इसमें यशोदा हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, शारदा हॉस्पिटल का ट्रॉमा सेंटर, इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड, लुलु ग्रुप का फूड प्रोसेसिंग पार्क, अग्रणी रोबोटिक्स निर्माता एडवरब टेक्नोलॉजी जैसी जानी-मानी कंपनियाँ शामिल हैं। अधिकारी ने कहा कि ग्रेटर नोएडा कोरिया और कई अन्य देशों की कंपनियों के लिए औद्योगिक निवेश का गढ़ बन गया है। Samkwang India Limited, Stereon India Limited, Dream-Tech Electronics, Allentech India Limited जैसी विदेशी कंपनियाँ भारी निवेश कर रही हैं।

नोएडा प्राधिकरण के एक वरिष्ठ अधिकारी ने टीओआई को बताया, “हमने सरकार को 51 परियोजनाओं की सूची भेजी है, जो उन पर अंतिम फैसला करेगी और हमें एक दो दिनों में अंतिम सूची भेज देगी।” इस लिस्ट में अडानी (2,500 करोड़ रुपए), माइक्रोसॉफ्ट (1,000 करोड़ रुपए), टीसीएस (2,300 करोड़ रुपए), पेटीएम (300 करोड़ रुपए) जैसी बड़ी निवेशक कंपनियों के नाम शामिल हैं।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले 2018 और 2019 में इस तरह के समारोह आयोजित किए गए थे। उनमें क्रमशः 61,700 करोड़ रुपए और 67,000 करोड़ रुपए के प्रस्तावित निवेश की घोषणा की गई थी। 2019 में आयोजित दूसरे ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह में अकेले नोएडा के लिए करीब 10,000 करोड़ रुपए के समझौंतों पर हस्ताक्षर हुए थे। ये के निवेश समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए थे।

बेटी को 100000 रुपए में बेच रहा था जुल्फिकार, सौदा रोकने पर बीवी की गला घोंटकर हत्या: पीड़िता के भाई ने कहा- दो बेटियों को पहले भी बेचा गया

पाकिस्तान से एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है। वहाँ लकी शाह सद्दार इलाके में जुल्फिकार जिसकानी नाम के शख्स ने अपनी बीवी बबली जिसकानी का कत्ल सिर्फ इसलिए कर दिया है क्योंकि बबली ने उसे नाबालिग बेटी का सौदा नहीं करने दिया।

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, पाकिस्तान के लकी शाह सद्दार से शुक्रवार को जुल्फिकार को गिरफ्तार कर लिया गया। उसने अपनी बीवी को इसलिए मारा क्योंकि उसकी बीवी अपनी नाबालिग बेटी का सौदा करके उसका निकाह किए जाने के खिलाफ थी।

पीड़ित के भाई मुनव्वर जिसकानी ने पुलिस को बताया कि जुल्फिकार ने अपनी बीवी का गल घोंटा क्योंकि वो अपनी बेटी का निकाह के नाम पर सौदा होने से रोक रही थी जिसे जुल्फिकार 1 लाख रुपए में बेच चुका था। मुनव्वर ने बताया कि जुल्फिकार इससे पहले भी अपनी दो बेटियों का इसी तरह सौदा कर चुका था।

इस मामले में स्थानीय पुलिस ने बताया कि उन्होंने बबली जिसकानी के भाई मुनव्वर की शिकायत पर केस को दर्ज करके आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। शेहवान अस्पताल में बबली के शव का पोस्टमॉर्टम करवाके घरवालों को सौंपा जाएगा।

7 दिन की नवजात की हत्या

गौरतलब है कि बेटियों पर उनके ही अब्बा द्वारा किए जा रहे अत्याचार की पाकिस्तान से कुछ ही महीनों में ये दूसरी खबर है। इससे पहले 7 मार्च को पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में शाहजेब खान नाम के शख्स को पुलिस ने गिरफ्तार किया था क्योंकि उसने अपनी 7 दिन की नवजात को मौत के घाट उतारा था। शाहजेब बेटी पैदा होने से इतना नाराज था कि जब वो लड़की को मारने गया तो उसने बच्ची पर 5 गोली चलाई थी। इसके बाद नवजात ने दम तोड़ दिया।

स्पेनिश बहनों की हत्या

इसके अलावा बीते दिनों पाकिस्तान में दो स्पेनिश बहनों की हत्या को अंजाम दिया गया था। पुलिस ने जाँच के बाद कहा था कि दोनों स्पेनिश बहने चचेरे भाइयों से हुए जबरन निकाह के खिलाफ थी इसी कारण उनके भाई और चारा ने उनकी हत्या कर दी थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्हें मारने से पहले बहुत तड़पाया भी गया था। इस घटना में पाकिस्तान पुलिस ने 6 लोगों को गिरफ्तार किया था।

बिना हिंदी डब के ही महेश बाबू की SVP ने पार किया ₹200 करोड़ का आँकड़ा, रिव्यूज भी अच्छे नहीं मिले थे: अब करेंगे SS राजामौली की फिल्म

महेश बाबू (Mahesh Babu) की हालिया फिल्म ‘सरकारु वारी पाटा (SVP)’ ने नेगेटिव समीक्षाओं के बावजूद वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर 200 करोड़ रुपए कलेक्शंस के आँकड़े को पार करने में सफलता पाई है। अपने तीसरे सप्ताह में प्रवेश कर गई फिल्म (Sarkaru Vaari Paata) ने अब तक 204 करोड़ रुपए कमा लिए हैं। फिल्म ने 18 दिनों में इतनी कमाई की है। बॉक्स ऑफिस पर ये इसका अंतिम हफ्ता ही चल रहा है। फिल्म को हिंदी में डब नहीं किया गया था।

इधर ‘भूल भूलैया 2’ के साथ हिंदी फिल्म इंडस्ट्री को भी राहत मिली है। फिल्म ने भारत में 100 करोड़ रुपए की नेट कमाई के आँकड़े को पार कर लिया है। अब सभी की नज़रें अक्षय कुमार की फिल्म ‘सम्राट पृथ्वीराज’ पर टिकी हैं। वहीं आयुष्मान खुराना की फिल्म ‘अनेक’ बॉक्स ऑफिस पर औंधे मुँह गिरी है। इसी तरह कंगना रनौत की ‘धाकड़’ का भी काफी बुरा हाल हुआ है। फिल्म के अब गिने-चुने टिकट ही बिक रहे हैं और अधिकतर सिनेमाघरों ने इसे हटा दिया है।

वहीं महेश बाबू की SVP के अब डिजिटल रिलीज की तैयारी चल रही है। इसे जून महीने में ही ‘अमेज़न प्राइम’ पर रिलीज किया जा सकता है। फ़िलहाल 10 जून या 24 जून को इसे रिलीज करने की बात कही जा रही है। अब महेश बाबू अपनी 29वीं फिल्म की शूटिंग में व्यस्त हो जाएँगे, जो कि एक जंगल एडवेंचर एक्शन थ्रिलर होगा। फिल्म के निर्देशक एसएस राजामौली हैं, ऐसे में ये एक पैन इंडिया मूवी होगी। हाल ही में उनकी ‘RRR’ ने 1100 करोड़ रुपए से अधिक का कारोबार किया है।

फ़िलहाल ‘KGF 2’ ने भी अपना बॉक्स ऑफिस रन लगभग पूरा कर लिया है और इसके कलेक्शंस 1230 करोड़ रुपए के पार पहुँच गए हैं। थलापति विजय की तमिल फिल्म ‘Beast’ भी फ्लॉप हो गई और इसके लिए 150 करोड़ रुपए का आँकड़ा भी पहाड़ बन गया था। हाल ही में महेश बाबू ने कहा था कि बॉलीवुड उन्हें अफॉर्ड नहीं कर सकता है। इसके बाद पान-मसाला का विज्ञापन करने के लिए उनकी आलोचना भी हुई थी।