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राकेश टिकैत की माइके-माइके पिटाई, फिर स्याही फेंक कर चेहरा काला किया: वीडियो वायरल, 3 हिरासत में

बेंगलुरु में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे राकेश टिकैत पर न सिर्फ काली स्याही फेंकी गई, बल्कि माइक उठा कर शख्स ने उनकी पिटाई भी कर डाली। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि मीडिया को सम्बोधित करने बैठे राकेश टिकैत के पास अचानक से एक व्यक्ति आता है और उनके सामने मेज पर रखी माइक उठा कर उनके सिर पर दे मारता है। हालाँकि, इसके बाद राकेश टिकैत के समर्थक उस पर भिड़ जाते हैं।

राकेश टिकैत की माइक से पिटाई: बेंगलुरु का वीडियो वायरल

वीडियो में देखा जा सकता है कि ‘किसान नेता’ के समर्थक उस शख्स की पिटाई करने लगते हैं, जिससे वो नीचे गिर जाता है। हालाँकि, इस दौरान एक दूसरा व्यक्ति आ धमकता है और राकेश टिकैत के चेहरे पर स्याही छिड़क कर उनका चेहरा काला कर देता हो। राकेश टिकैत की ‘माइके-माइके’ हुई पिटाई की लोग ‘कड़ी निंदा’ कर रहे हैं। इस मामले में कर्नाटक पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है।

एक अन्य वायरल वीडियो में लोगों को कार्यक्रम में एक-दूसरे पर कुर्सियों से हमला करते हुए भी देखा जा सकता है। टेलीविजन माइक से राकेश टिकैत को पीटा गया। इस दौरान ‘मोदी-मोदी’ के नारे भी लगते हुए सुना जा सकता है। तीनों हमलावरों को किसान नेताओं ने पकड़ कर पुलिस को सौंप दिया। तीनों को हाई ग्राउंड्स पुलिस थाने में जाँच-पड़ताल के लिए ले जाया गया है। कार्यक्रम के आयोजकों का कहना है कि एक दिन पहले प्रशासन को आयोजन की सूचना दे दी गई थी।

बेंगलुरु में राकेश टिकैत पर फेंकी गई काली स्याही

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में राकेश टिकैत पर काली स्याही फेंकी गई है हाल ही में ‘भारतीय किसान यूनियन (BKU)’ ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया था। जहाँ राकेश टिकैत BKU के राष्ट्रीय प्रवक्ता बन कर बैठे हुए थे, संगठन के अध्यक्ष की कमान उनके बड़े भाई नरेश टिकैत के पास थी। राकेश टिकैत सोमवार (30 मई, 2022) को बेंगलुरु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले थे। कार्यक्रम के दौरान जम कर हंगामा और मारपीट भी हुई।

राकेश टिकैत ने इसका आरोप भी भाजपा पर ही लगाया है। उन्होंने कहा कि ये सब सरकार की मिलीभगत से हुआ है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ही एक व्यक्ति वहाँ आ धमका और उसने स्याही फेंक राकेश टिकैत का चेहरा काला कर दिया। उस व्यक्ति ने वहाँ से भागने का भी प्रयास किया, लेकिन राकेश टिकैत के समर्थकों ने उसे पकड़ लिया और उसकी पिटाई कर दी। राकेश टिकैत ने कहा कि ये सब सरकार की ही साजिश है।

बता दें कि कर्नाटक में बसवराज बोम्मई के नेतृत्व में भाजपा की सरकार है। राकेश टिकैत ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने वहाँ उनके लिए सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं की। उन्होंने कहा कि सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार और पुलिस की ही होती है। उनके समर्थकों ने वहाँ इस घटना के बाद जम कर बवाल काटा। किसान नेता युद्धवीर सिंह भी इस दौरान उनके साथ मौजूद थे। दोनों किसान नेता एक स्थानीय चैनल के स्टिंग खुलासे को लेकर सफाई देने आए थे।

असल में कर्नाटक के किसान नेता कोडिहल्ली चंद्रशेखर को पैसे माँगते हुए कैद कर लिया किया गया था, जिस बाबत सफाई देने के लिए ये किसान नेता वहाँ पहुँचे थे।

सड़क दुर्घटना में मारा गया असम में थाना जलाने वाला अशिकुल इस्लाम, पुलिस से भाग रहा था: शराबी की मौत पर 2000 की भीड़ ने की थी हिंसा

असम (Assam) के नौगाँव जिले के बटाद्रवा पुलिस स्टेशन में पिछले हफ्ते लोगों को आगजनी के लिए उकसाने वाले आरोपित की मौत हो गई ​है। पुलिस ने बताया कि आरोपित पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश में एक सड़क दुर्घटना में मारा गया। वहीं इस मामले में तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं। नौगाँव की पुलिस अ​धीक्षक एसपी लीना डोले ने कहा कि रविवार (29 मई, 2022) को पुलिस ने आरोपित आशिकुल इस्लाम के खिलाफ मामला दर्ज किया था और हम उसे पूछताछ के लिए अपने साथ ले गए थे। पूछताछ के दौरान आशिकुल ने अपना जुर्म कबूल किया था कि उसने अपने घर में हथियार रखे थे।

डोले ने आगे कहा कि इसके बाद हमारी टीम हथियारों की तलाश में निकल गई। तलाशी अभियान समाप्त होने के बाद आरोपित ने रास्ते में कार से भागने की कोशिश की, तभी उसके पीछे चल रहा वाहन गलती से उसके ऊपर चढ़ गया। उसे गंभीर अवस्था में अस्पताल ने भर्ती कराया गया, जहाँ उसे मृत घोषित कर दिया गया।

इससे पहले दिसंबर 2021 में, जोरहाट में एक छात्र नेता की लिंचिंग के मुख्य आरोपित नीरज दास की इसी तरह से मौत हो गई थी। वह कथित तौर पर हिरासत से भागने की कोशिश कर रहा था, तभी पुलिस एक गाड़ी गलती से उसके ऊपर चढ़ गई थी।

क्या है मामला

उल्लेखनीय है कि असम के नौगाँव जिले के बटाद्रवा पुलिस स्टेशन में कथित तौर पर एक मुस्लिम व्यक्ति शफीकुल इस्लाम (Shafiqul Islam) की मौत के बाद कट्टरपंथियों की करीब 2000 की भीड़ ने बीते हफ्ते थाने पर हमला कर उसे आगे के हवाले कर दिया था। इस मामले में जिला प्रशासन ने 22 मई को आरोपित 5 परिवारों के घरों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया था। इस मामले में तीन अन्य लोगों को गिरफ्तार भी किया गया था।

घटना को लेकर असम के डीजीपी भास्कर ज्योति महंत ने कहा था कि पुलिस मौत के मामले को गंभीरता से ले रही है और इसकी जाँच जारी है। उन्होंने स्पष्ट कहा था कि थाने में आग लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। डीजीपी ने रविवार को एक बयान जारी कर कहा था कि शफीकुल इस्लाम (39) की मौत के मामले में बटाद्रबा थाने के प्रभारी को निलंबित कर दिया गया है।

गौरतलब है कि शफीकुल सलोनाबोरी गाँव का रहने वाला था। उसके परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने उसे रिहा करने के लिए 10,000 रुपए और एक बत्तख के घूस की माँग की थी। गाँववालों का कहना है कि उसकी बीवी सुबह बतख और 10,000 रुपए लेकर जब थाने पहुँची तब उसे पता चला कि उसके शौहर की तबीयत बिगड़ने से उसे नौगाँव सिविल अस्पताल ले गए हैं। इसके बाद जब वो अस्पताल पहुँची तो पता चला कि शफीकुल की मौत हो चुकी है। इस मामले में ग्रामीणों ने पुलिसकर्मियों पर टॉर्चर करने का आरोप लगाते हुए थाने का घेराव कर लिया था।

ये क्या बवासीर बना दिए हो: आमिर खान की ‘लाल सिंह चड्ढा’ का ट्रेलर देख नेटीजन्स का आया रिएक्शन, यूजर बोले- दर्शकों के इतने बुरे दिन नहीं आए कि ये एक्टिंग देखें

बॉलीवुड एक्टर आमिर खान की आगामी फिल्म लाल सिंह चड्ढा ट्रेलर रिलीज हो गया है। इसमें वो एक मंदबुद्धि के रूप में नजर आते हैं, जो कि बाकियों से अलग होता है। हालाँकि, बाद में वो आर्मी में शामिल हो जाता है। रविवार (29 मई 2022) को आईपीएल मैचों के दौरान ही लाल सिंह चड्ढा का 3 मिनट का ट्रेलर रिलीज किया गया।

ट्रेलर देखने के बाद सोशल मीडिया पर आमिर खान को लेकर कई तरह से सवाल किए जा रहे हैं। इस फिल्म जिस तरह के हाव भाव आमिर दिखाते हैं वो काफी कुछ पीके और धूम 3 में उनके ‘समर’ से मेल खाता है। हालाँकि, सोशल मीडिया पर लोग इसे बॉयकॉट करने की माँग कर रहे हैं।

इसी क्रम में अकलेश भामोर नाम के यूजर ने फिल्म के ट्रेलर को एवरेज और क्रिंगी करार दिया।

एँग्री बोट नाम के यूजर ने कहा कि बॉलीवुड के डंबोस को सभी धर्मों के साथ समान व्यवहार करने की जरूरत है। यूजर ने कहा कि वो #BoycottLaalSinghChaddha का बॉयकॉट करने जा रहा है। इसके साथ ही यूजर ने एक पोस्टर शेयर किया, जिसमें एक तरफ दिखाया गया था कि कैसे उन्होंने 2012 में सभी मुस्लिमों से हज करने की अपील की थी, जबकि 2014 में एक्टर ने कहा था कि मंदिर वही लोग जाते हैं जो डरते हैं।

इसी तरह से निकिता सिंह ने फिल्म को बॉयकॉट करने का ऐलान करते हुए कहा, “आमिर खान और करीना कपूर खान स्टार्टर लाल सिंह चड्ढा को हॉलीवुड फिल्म ‘फॉरेस्ट गंप’ को कॉपी करने में 14 साल लगे। बॉलीवुड के लिए फंडिंग बंद करो।” इसी तरह फिल्म का ट्रेलर देख लोग मजाक बना रहे हैं और कह रहे हैं कि जो असली फिल्म थी- ‘फॉरेस्ट गंप’ उसका हीरो टॉम हैंक्स आज यही कह रहा होगा- ‘ये क्या बवासीर बना दिए हो।’

फिल्म क्रिटिक ने रोहित जायसवाल ने आमिर खान की फिल्म को लेकर कहा, “मैंने फॉरेस्ट गंप देखा है और यदि आप इसकी तुलना लाल सिंह चड्ढा से करते हैं तो यह कहीं भी अपने मूल संस्करण के पास नहीं ठहरती है, मैं आमिर खान को शुभकामनाएँ देता हूँ, हो सकता है कि फिल्म बड़ी ब्लॉकबस्टर हो, लेकिन जहाँ तक फिल्म के ट्रेलर का सवाल है तो इसमें वो भावनाएँ वह नहीं है बॉस…।” इसी तरह कई यूजर्स ने फिल्म के ट्रेलर को देखने के बाद बॉलीवुड के लिए अफसोस जताया है। लोग बोल रहे हैं बॉलीवुड अपने इतने बुरे दिनों से गुजर रहा है कि उसे सिर्फ कॉपी करनी पड़ रही है। कुछ ने कहा कि दर्शकों के इतने बुरे दिन नहीं है कि वो फिल्म में ऐसी एक्टिंग देखें।

गौरतलब है कि ‘लाल सिंह चड्ढा’ हॉलीवुड फिल्म ‘फॉरेस्ट गंप’ की रीमेक है। ‘फॉरेस्ट गंप’ टॉम हैंक्स ने मुख्य भूमिका निभाई थी। फिल्म का निर्देशन अद्वैत चंदन ने किया है। इसमें आमिर खान (Aamir Khan) और करीना (Kareena Kapoor) के अलावा नागा चैतन्य, मोना सिंह जैसे सितारों ने काम किया है। यह फिल्म 11 अगस्त 2022 को रिलीज होगी।

राकेश टिकैत पर फेंकी गई काली स्याही, बेंगलुरु में कर रहे थे प्रेस कॉन्फ्रेंस: कार्यक्रम में मारपीट, जम कर हंगामा

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में राकेश टिकैत पर काली स्याही फेंकी गई है हाल ही में ‘भारतीय किसान यूनियन (BKU)’ ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया था। जहाँ राकेश टिकैत BKU के राष्ट्रीय प्रवक्ता बन कर बैठे हुए थे, संगठन के अध्यक्ष की कमान उनके बड़े भाई नरेश टिकैत के पास थी। राकेश टिकैत सोमवार (30 मई, 2022) को बेंगलुरु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले थे। कार्यक्रम के दौरान जम कर हंगामा और मारपीट भी हुई।

राकेश टिकैत ने इसका आरोप भी भाजपा पर ही लगाया है। उन्होंने कहा कि ये सब सरकार की मिलीभगत से हुआ है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ही एक व्यक्ति वहाँ आ धमका और उसने स्याही फेंक राकेश टिकैत का चेहरा काला कर दिया। उस व्यक्ति ने वहाँ से भागने का भी प्रयास किया, लेकिन राकेश टिकैत के समर्थकों ने उसे पकड़ लिया और उसकी पिटाई कर दी। राकेश टिकैत ने कहा कि ये सब सरकार की ही साजिश है।

बता दें कि कर्नाटक में बसवराज बोम्मई के नेतृत्व में भाजपा की सरकार है। राकेश टिकैत ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने वहाँ उनके लिए सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं की। उन्होंने कहा कि सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार और पुलिस की ही होती है। उनके समर्थकों ने वहाँ इस घटना के बाद जम कर बवाल काटा। किसान नेता युद्धवीर सिंह भी इस दौरान उनके साथ मौजूद थे। दोनों किसान नेता एक स्थानीय चैनल के स्टिंग खुलासे को लेकर सफाई देने आए थे।

असल में कर्नाटक के किसान नेता कोडिहल्ली चंद्रशेखर को पैसे माँगते हुए कैद कर लिया किया गया था, जिस बाबत सफाई देने के लिए ये किसान नेता वहाँ पहुँचे थे।

ASI को भी नहीं मालूम ताजमहल में कब और किसकी इजाजत से हो रही नमाज़ : RTI खुलासे के बाद उठी ‘मजहबी गतिविधियों’ को बंद कराने की माँग

ताजमहल के मामले में एक RTI के जवाब में पुरातत्व विभाग (ASI) ने बताया है कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि वहाँ कब से और किसकी इजाजत से नमाज़ पढ़ी जा रही है। ASI के इस जवाब के बाद वहाँ धार्मिक गतिविधियों को बंद करने की माँग की गई है। ताजमहल में अभी भी शुक्रवार को जुमे की नमाज़ अदा की जाती है।

गौरतलब है कि इतिहासकार राजकिशोर ने दिल्ली स्थित भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) से RTI के माध्यम से सवाल किया था कि ताजमहल परिसर में होने वाले नमाज़ की इजाजत किसने और कब दी थी। इसके जवाब में ASI ने इसकी जानकारी न होना बताया। खुद राजकिशोर के मुताबिक, “मैंने जनसूचना के माध्यम से सवाल किया था कि किसी पुराने ग्रंथ में यहाँ होने वाले नमाज़ का उल्लेख क्यों नहीं है ? औरंगज़ेब के समय के किसी भी ग्रंथ में नमाज़ का कहीं जिक्र नहीं है। इसके जवाब में ASI ने अपने पास कोई जानकारी न होना बताया। इसका सीधा सा अर्थ है कि यहाँ बिना किसी नियम या अनुमति के नमाज़ अदा की जा रही है।”

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राजकिशोर राजे ने कहा, “ताजमहल के अंदर नमाज़ का जिक्र शाहजहाँ के वक्त की किताबों में भी नहीं है। उस समय तो आम लोगों को ताजमहल के अंदर भी घुसने की इजाजत नहीं थी। ऐसे में नमाज पढ़ना तो दूर की बात है। ताजमहल एक एतिहासिक स्थान है जहाँ किसी भी प्रकार की मजहबी गतिविधियों को करने की इजाजत नहीं होनी चाहिए।” कुछ समय पहले ताजमहल की सुरक्षा में तैनात CISF ने 2 पर्यटकों को कैम्पस में नमाज़ पढ़ते हिरासत में लिया था। तब उन दोनों ने इसकी जानकारी न होना बताया था।

गौरतलब है कि जयपुर के राजघराने की सदस्य और बीजेपी से सांसद दीया कुमारी ने दावा किया है कि जिस जगह पर ताजमहल स्थित है वो जमीन उनकी थी। दीया कुमारी ने ताजमहल के बंद दरवाजों को खोलने के लिए दायर की गई याचिका की तारीफ करते हुए कहा कि इससे सच निकलकर बाहर आएगा। इसके साथ ही उन्होंने ये भी दावा किया है कि उनके पास ऐसे डॉक्यूमेंट्स हैं, जिससे ये साबित होता है कि ताजमहल जयपुर के पुराने शाही परिवार का पैलेस था। उधर इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने 12 मई 2022 को ताजमहल के 20 कमरों को खोलने की याचिका खारिज कर दी थी।

मौत आने वाली है… बचने के लिए खालिस्तान जनमत संग्रह को समर्थन दो: सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद आतंकी संगठन SFJ ने पंजाबी गायकों को दी धमकी

पंजाबी सिंगर और कांग्रेस नेता सिद्धू मूसेवाला की हत्या के कुछ घंटे बाद ही खालिस्तानी आतंकी समूह सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) ने अब एक धमकी भरा पत्र जारी किया है। एसएफजे प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू ने पंजाबी गायकों को धमकी देते हुए उनसे खालिस्तान आंदोलन का समर्थन करने को कहा है। एसएफजे की धमकी तब आई जब पंजाब के डीजीपी वीरेश कुमार भावर ने स्वीकार किया कि मूसेवाला की हत्या गैंगवार का परिणाम थी।

सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद, पन्नू ने पंजाबी गायकों के नाम एक धमकी भरे पत्र में कहा, “मौत आने वाली है और अब भारत से पंजाब की मुक्ति के लिए खालिस्तान जनमत संग्रह का समर्थन करने का समय है।“

बता दें कि रविवार (29 मई 2022) को पंजाब के मानसा गाँव में सिद्धू मूसेवाला की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उन पर ताबड़तोड़ 30 गोलियाँ चलाई गई थीं। एक्टर की हत्या की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग के मेंबर गोल्डी बराड़ ने ली थी, जो कि कनाडा में रहता है। पंजाब के डीजीपी भी इसकी पुष्टि कर चुके हैं। वहीं मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मूसेवाला थार के जिस वाहन को वह चला रहे थे, उस पर सामने से दो कारों – एक सफेद बोलेरो और एक डार्क ग्रे स्कॉर्पियो से भारी फायरिंग हुई। घटना के सीसीटीवी फुटेज में भी मूसवाला की हत्या से कई मिनट पहले दो कारों को उसकी काली एसयूवी के पीछे जाते देखा गया है।

वहीं मामले में पंजाब पुलिस ने रविवार को अपने बयान में कहा कि मूसेवाला के पास बुलेटप्रूफ कार थी, जिसका इस्तेमाल उसने हत्या के दिन नहीं किया था। प्रारंभिक जाँच से पता चला है कि अपराध में 7.62 मिमी, 9 मिमी और 0.30 बोर के हथियारों सहित तीन हथियारों का इस्तेमाल किया गया था। मामले की जाँच की जा रही है।

गौरतलब है कि मूसेवाला की हत्या के बाद उनकी माँ का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है। इसमें चरणजीत कौर रो-रोकर अपने बेटे के लिए इंसाफ की माँग कर रही हैं। उन्होंने पंजाब सरकार को निकम्मी करार देते हुए कहा कि वे उन्हें भी गोली मार दें। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बेटे की सुरक्षा को भगवंत मान ने छीन लिया, जबकि खुद अपनी बहन की सुरक्षा में 20-20 सिक्योरिटी गार्ड को लगा रखा है।

कनाडा के गैंगस्टर ने ली मूसेवाला की हत्या की जिम्मेदारी

मूसेवाला की हत्या के कुछ घंटे बाद ही कनाडा के गैंगस्टर सतिंदर सिंह उर्फ ​​गोल्डी बराड़ ने हत्या की जिम्मेदारी ली थी। सोशल मीडिया पर एक बयान जारी करते हुए, बराड़ ने कबूल किया था कि वह, सचिन बिश्नोई और लॉरेंस बिश्नोई समूह के साथ हत्या के लिए जिम्मेदार है।

गोल्डी बराड़ ने अपने पोस्ट में कहा, “हमारे भाई विक्की मिद्दुखेड़ा, गुरलाल बराड़ की हत्या में उसका नाम था, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। वह हमारे भाई अंकित भादु की मुठभेड़ के पीछे भी था.. दिल्ली पुलिस ने मीडिया के सामने उनका नाम लिया था, लेकिन फिर भी वह अपनी शक्ति का इस्तेमाल कर सजा से बच रहा था, उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही थी। वह हमारे ही खिलाफ काम कर रहे थे।”

वहीं रिपोर्ट के अनुसार बताया जा रहा है कि मूसेवाला की हत्या के मामले में मानसा पुलिस ने बिश्नोई गिरोह के दो साथियों को हिरासत में लिया है। गायक की पूर्व मैनेजर शगुन प्रीत भी सवालों के घेरे में है क्योंकि उसका नाम भी विक्की मिधुखेड़ा की हत्या में सामने आया था।

‘अब्दुल का बेटा अब नहीं बनाएगा पंचर… वो साइकिल फैक्ट्री का ख्वाब देखेगा’ : गुजरात में बोले ओवैसी – RSS वाले बनाते हैं मजाक

हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि अब्दुल अगर अब तक पंक्चर बनाता था तो अब अब्दुल का बेटा एपीजे अब्दुल कलाम की तरह वैज्ञानिक बनेगा। उन्होंने गुजरात के मांगरोल में आयोजित AIMIM की जनसभा में ये बात कही। उन्होंने कहा कि भाजपा और संघ परिवार के लोग बार-बार मुस्लिमों का नाम लेकर तंज कसते रहते हैं कि अब्दुल पंक्चर बनाने वाला है। उन्होंने वहाँ मौजूद लोगों से भी पूछा कि ऐसा बोला जाता है न?

इसके बाद ओवैसी ने कहा, “अब हम उनको बताएँगे कि अब्दुल अब तक पंक्चर बनाता था, लेकिन अब्दुल का बेटा एपीजे अब्दुल कलाम की तरह साइंटिस्ट बनेगा। इंशाअल्लाह!” उन्होंने कहा कि अब्दुल का बेटा पंक्चर नहीं बनाएगा, बल्कि साइकिल की पूरी की पूरी फैक्ट्री ही खोलेगा। AIMIM के मुखिया ने कहा कि ये उनका ख्वाब है, कल तक जो पंक्चर बनाते थे उनके बेटे पंक्चर न बनाए ये उनकी कोशिश है। उन्होंने कहा कि चुनाव लड़ो और जीतो, ताकि कोई अब्दुल पंक्चर न बनाए।

उन्होंने कहा कि अब्दुल तो पंक्चर बना चुका, लेकिन अब कोई अब्दुल का बेटा सड़क पर नहीं बैठेगा। उन्होंने कहा कि अब्दुल तो फल बेचता था, लेकिन उसका बेटा ऐसा नहीं करेगा। उन्होंने मुस्लिम परिवारों से ख्वाब देखने की अपील करते हुए कहा कि वो सपने देखेंगे, तभी तो पूरे होंगे। ओवैसी ने आरोप लगाया कि ये ‘जालिम लोग’ हमेशा कहते हैं कि तुम्हें ख्वाब देखने की इजाजत नहीं है, लेकिन आप ख्वाब देखना शुरू करो और हम मिल कर उन ख्वाबों को पूरा करेंगे।

उन्होंने लोगों को अल्लाह पर भरोसा रखने की सलाह देते हुए कहा कि कब तक हम नाइंसाफी की ज़िन्दगी गुजारेंगे और जुल्म का शिकार बनेंगे, कब तक हम डर-डर कर ज़िन्दगी गुजारेंगे – इसीलिए, वो इस कोशिश में लोगों की दुआओं के लिए आए हैं, क्योंकि गुजरात में AIMIM मजबूत होगी तो इन मुद्दों को हम हल कर सकते हैं। बता दें की गुजरात के साथ-साथ राजस्थान के मुस्लिम वोट बैंक पर भी ओवैसी की नजर है।

‘लिंग प्रवेश छोड़कर दूध पीती बच्ची से हर कामुक हरकत इस्लाम में जायज’: किताब अल-वसीलाह में मुस्लिमों के सवालों का जवाब

इस्लामी जानकार अपनी किताबों से मुस्लिमों द्वारा तमाम मुद्दों पर पूछे जाने वाले कई सवालों के जवाब देते हैं। उन्ही में से एक सवाल नाबालिग लड़की के साथ यौन संबंध बनाने को लेकर है। इसके जवाब में इस्लामी जानकार बाल विवाह के साथ बालिग और नाबालिग के बीच शारीरिक संबंध बनाने की इजाजत देते हैं। उनके मुताबिक 9 साल से कम उम्र की लड़की से यौन संबंध बनाना मना है।

ईरान के संस्थापक अयातुल्लाह खुमैनी के मुताबिक, “एक पुरुष अपनी शारीरिक इच्छाओं की संतुष्टि किसी नाबालिग लड़की से पा सकता है। हालाँकि उसे लिंग प्रवेश नहीं कराना चाहिए। इस्लामी कानून के तहत एक नवजात शिशु के साथ वासनापूर्ण स्पर्श जायज है। अगर पुरुष लिंग प्रवेश कराता है और उस से लड़की को कोई नुकसान पहुँचता है तो उसे लड़की के पूरे जीवन भर का ख़र्च उठाना होगा।” इन बातों का उल्लेख अल-वसीलाह, खंड 2, पृष्ठ 221-222 में भी है।

अयातुल्लाह खुमैनी आगे कहते हैं, “लड़की के 9 साल के होने से पहले सेक्स नहीं करना चाहिए। भले ही वह स्थाई या अस्थाई निकाह ही क्यों न हो। इसके अलावा अन्य तमाम हरकतें की जा सकती हैं जिसमें कामुक टच, गले लगाना और पैरों के बीच में प्राइवेट पार्ट रगड़ना शामिल है। यहाँ तक कि ये सब किसी दूध पीती बच्ची के साथ भी जायज है।”

क्या है थाइंग (Thighing)

सेक्स न होने की दशा में पुरुष द्वारा अपना प्राइवेट पार्ट जाँघों के बीच रगड़ने की दशा को थाइंग कहते हैं। इस काम के लिए उम्र या पीरियड्स की कोई बाध्यता नहीं होगी। सेक्स के इस विकल्प में पुरुष के गुप्तांग को पार्टनर की जाँघों के बीच में कामुकता से रगड़ा जाता है। इसे जाँघ सेक्स या इंटरफेमरॉल सेक्स भी कहा जाता है।

सुन्नी समुदाय के कानूनी सूत्रों में भी इस प्रकार के सेक्स का जिक्र आता है। फतवों की एक प्रसिद्ध और मान्य वेबसाइट Islamweb.net पर इस से मिलता-जुलता एक फ़तवा देखा जा सकता है।

उस फतवे में सवाल किया गया कि नाबालिगो से थाइंग का क्या नियम है ? जिस पर जवाब आया, “अगर यह सवाल किसी नाबालिग बीवी से थाइंग का है तो पुरुषों के लिए इसकी इजाजत है। लेकिन अगर थाइंग किसी उस लड़की से हो जो बीवी न हो तो ये हराम है। भले ही ये नाबालिग से हो या वयस्क से अथवा पुरुष से हो या स्त्री से।”

हर महीने 4000 रुपए, ₹500000 तक का मुफ्त इलाज: कोरोना में अनाथ हुए बच्चों के लिए PM मोदी ने जारी किए फायदे, 23 की उम्र होने पर मिलेंगे ₹10 लाख

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना महामारी के दौरान अनाथ हुए बच्चों के फायदे के लिए कई सरकारी योजनाएँ शुरू की हैं। उन्हें हर महीने 4000 रुपए दिए जाने के साथ ही 5 लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज की सुविधा भी प्रदान की जाएगी। जब ये बच्चे 23 वर्ष के हो जाएँगे, तब उन्हें एक साथ 10 लाख रुपए भी मिलेंगे। पीएम केयर्स से इन छात्रों के बैंक खातों में छात्रवृत्ति भेजी गई। ‘पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन’ के माध्यम से उन्हें आयुष्मान हेल्थ कार्ड दिया गया है।

बच्चों को सम्बोधन की शुरुआत करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “आज मैं प्रधानमंत्री के तौर पर नहीं, आपके परिवार के एक सदस्य के तौर पर आपसे बात कर रहा हूँ। आज आप सभी बच्चों के बीच आकर मुझे बहुत सुकून मिला है। जीवन हमें कई बार अप्रत्याशित मोड़ पर लाकर खड़ा कर देता है। ऐसी परिस्थितियाँ जिनकी हमने कल्पना भी नहीं की होती हैं, हँसते-खेलते अचानक अंधेरा छा जाता है। कोरोना ने अनेकों लोगों के जीवन में, अनेकों परिवार के साथ ऐसा ही कुछ किया है।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उन्हें इसका एहसास है कई कोरोना की वजह से जिन्होंने अपनों को खोया है, उनके जीवन में आया ये बदलाव कितना कठिन है। उन्होंने कहा कि जो चला जाता है, उसकी हमारे पास सिर्फ चंद यादें ही रहा जाती हैं, लेकिन जो रहा जाता है, उसके सामने चुनौतियों का अंबार लग जाता है। पीएम मोदी ने कहा कि ऐसी चुनौतियों में पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन्स आप सभी ऐसे कोरोना प्रभावित बच्चों की मुश्किलें कम करने का एक छोटा सा प्रयास है।

प्रधानमंत्री ने बताया कि ‘पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन’ इस बात का भी प्रतिबिंब है कि हर देशवासी पूरी संवेदनशीलता से आपके साथ है। उन्होंने संतोष जताया कि बच्चों की अच्छी पढ़ाई के लिए उनके घर के पास ही सरकारी या प्राइवेट स्कूलों में उनका दाखिला कराया जा चुका है। साथ ही ऐलान किया कि अगर किसी को प्रॉफेशनल कोर्स के लिए, हायर एजुकेशन के लिए एजुकेशन लोन चाहिए होगा, तो पीएम केयर्स उसमें भी मदद करेगा।

पीएम मोदी ने ध्यान दिलाया कि किऐसे रोजमर्रा की दूसरी जरूरतों के लिए अन्य योजनाओं के माध्यम से इन बच्चों लिए 4 हजार रुपए हर महीने की व्यवस्था भी की गई है। उन्होंने जिक्र किया कि ऐसे बच्चे जब अपने स्कूल की पढ़ाई पूरी करेंगे, तो आगे भविष्य के सपनों के लिए और भी पैसों की जरूरत होगी। बकौल प्रधानमंत्री, इसके लिए 18-23 साल के युवाओं को हर महीने स्टाइपेंड मिलेगा और जब ये बच्चे 23 साल के होंगे तब 10 लाख रुपये उन्हें एक साथ मिलेंगे।

उन्होंने याद दिलाया की एक और बड़ी चिंता स्वास्थ्य से जुड़ी भी बनी रहती है, क्योंकि कभी कोई बीमारी आ गयी तो इलाज के लिए पैसे चाहिए। उन्होंने आश्वस्त किया कि किसी भी बच्चे को उसके लिए भी परेशान होने की जरूरत नहीं है। ‘पीएम केयर्स फ़ॉर चिल्ड्रन’ के माध्यम से कोरोना में अनाथ हुए बच्चों को आयुष्मान हेल्थ कार्ड भी दिया जा रहा है, जिससे 5 लाख रुपए तक के इलाज की मुफ्त सुविधा भी इन सब बच्चों को मिलेगी।

पीएम मोदी ने कहा, “मैं जानता हूँ कि कोई भी प्रयास और सहयोग आपके माता-पिता के स्नेह की भरपाई नहीं कर सकता। लेकिन अपने पिता और माता के न होने पर इस संकट की घड़ी में माँ भारती आप सब बच्चों के साथ है। पीएम केयर्स के जरिए देश अपनी इस जिम्मेदारी के निर्वहन की कोशिश कर रहा है। ये प्रयास किसी एक व्यक्ति, संस्था या सरकार का मात्र प्रयास नहीं है। पीएम केयर्स में हमारे करोडों देशवासियों ने अपनी मेहनत और पसीने की कमाई को जोड़ा है।”

पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना महामारी की आँच पूरी मानवता ने सही है और दुनिया का शायद ही कोई ऐसा कोना होगा, जहाँ सदी की इस सबसे बड़ी त्रासदी ने कभी न भुलाने वाले जख्म न दिए हों। उन्होंने बच्चों से कहा कि आपने जिस साहस और हौसले से इस संकट का सामना किया है, उस हौसले के लिए वो उन सभी को सलाम करते हैं। उन्होंने बताया कि इस फंड ने कोरोना काल के दौरान अस्पताल तैयार करने में, वेंटिलेटर्स खरीदने में, ऑक्सिजन प्लांट्स लगाने में भी बहुत मदद की, जिस वजह से कितने ही लोगों का जीवन बचाया जा सका, कितने ही परिवारों का भविष्य बचाया जा सका।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जो हमें असमय छोड़ गए, आज ये फंड उनके बच्चों के लिए, बच्चों के भविष्य के लिए काम आ रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि निराशा के बड़े से बड़े माहौल में भी अगर हम खुद पर भरोसा करें तो प्रकाश की किरण अवश्य दिखाई देती है और हमारा देश तो खुद ही इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। उन्होंने कहा कि हम इस समय अपनी आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं और सैकड़ों वर्ष की गुलामी में, इतनी लंबी आजादी की लड़ाई में हमारी सबसे बड़ी ताकत थी, हार न मानने की हमारी आदत।

प्रधानमंत्री ने कहा, “आज जब हमारी सरकार अपने 8 वर्ष पूरे कर रही है तो देश का आत्मविश्वास, देशवासियों का खुद पर भरोसा अभूतपूर्व है। भ्रष्टाचार, हजारों करोड़ के घोटाले, भाई-भतीजावाद, देशभर में फैल रहे आतंकी संगठन, क्षेत्रीय भेदभाव, जिस कुचक्र में देश 2014 से पहले फँसा हुआ था, उससे बाहर निकल रहा है। टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल बढ़ाकर हमारी सरकार ने गरीब को उसके अधिकार सुनिश्चित किए हैं। अब गरीब से गरीब को भरोसा है कि सरकार की योजनाओं का लाभ उसे मिलेगा, निरंतर मिलेगा। हमारी सरकार अब शत प्रतिशत सशक्तिकरण का अभियान चला रही है।”

निकम्मी सरकार ने सब खत्म कर दिया: सिद्धू मूसेवाला की माँ ने रो रोकर पंजाब CM पर लगाए इल्जाम, बोलीं- ‘अपनी बहन को दे रखे हैं 20-20 गार्ड’

पंजाबी गायक और कॉन्ग्रेस ने सिद्धू मूसेवाला (Sidhu Moosewala) की हत्या के मामले में उनकी माँ चरणजीत कौर (Sidhu Moosewala’s Mother Charanjit Kaur) ने इसके लिए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान (Bhagwant Mann) और आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा, “ऐसी निकम्मी सरकार आई है, जिसने सबकुछ खत्म कर दिया है। अब मुझे भी गोली मार दें।”

सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद उनकी माँ का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें चरणजीत कौर रो-रोकर अपने बेटे के लिए इंसाफ की माँग कर रही हैं। उन्होंने पंजाब सरकार को निकम्मी करार दिया और कहा के वे उन्हें भी गोली मार दें। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बेटे की सुरक्षा को भगवंत मान ने छीन लिया, जबकि खुद उनकी बहन की सुरक्षा में 20-20 सिक्योरिटी गार्ड को लगा रखा है।

इस बीच पंजाबी गायक के पिता बलबीर कौर ने अपने बेटे की हत्या के मामले में मानसा में केस दर्ज कराया है। पुलिस को दी शिकायत में उन्होंने दावा किया है कि उनके बेटे को अक्सर फिरौती के लिए फोन पर धमकियाँ दी जाती थीं। इन्हीं धमकियों के मद्देनजर उन्होंने अपने लिए बुलेटप्रूफ फॉर्च्यूनर खरीदी थी। उनका कहना है कि सिद्धू अपने दो दोस्तों गुरविंदर सिंह और गुरप्रीत के साथ थार गाड़ी से निकले थे। मैं सरकारी गनमैन लेकर दूसरी गाड़ी से उसके पीछे गया था।

एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, सिद्धू मूसेवाला का पिता ने इस मामले में राज्य के सीएम भगवंत मान को पत्र लिखकर सीबीआई और एनआईए से जाँच कराने की माँग की है।

गौरतलब है कि रविवार (29 मई 2022) को पंजाब के मानसा गाँव में सिद्धू मूसेवाला की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उन पर ताबड़तोड़ 30 गोलियाँ चलाई गई थीं। एक्टर की हत्या की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग के मेंबर गोल्डी बराड़ ने ली थी, जो कि कनाडा में रहता है। वहीं पंजाब के डीजीपी भी इसकी पुष्टि कर चुके हैं।