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‘केजरीवाल की घटिया राजनीति का शिकार बने गायक सिद्धू मूसेवाला’: बरसे सिरसा, 30 राउंड फायरिंग, खून से लथपथ गाड़ी का आया वीडियो

पंजाब के युवा गायक और कॉन्ग्रेस नेता सिद्धू मूसेवाला की दिन-दहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। मामले में बीजेपी नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने पंजाब सरकार और सीएम भगवंत मान पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि सिद्धू मूसेवाला की मौत के जिम्मेदार भगवंत मान और अरविंदर केजरीवाल की घटिया राजनीति है।

उन्होंने एक वीडियो रिलीज कर कहा, “प्रसिद्ध सिंगर सिद्धू मूसेवाला ने पंजाब की शान बढ़ाई थी। अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान की घटिया राजनीति के चलते आज उन पर 20 गोलियों के साथ कातिलाना हमला किया गया। एक राजनीतिक पार्टी ने घटिया काम करना शुरू किया। लोगों की पहले सुरक्षा हटाओ, फिर उनके नाम को अखबारों में छपवाओ। वो लिस्टें बाजार में बँटवाओ। मैंने कल ही ट्वीट कर कहा था कि तुम ये पाप कर रहे हो। पहले लोगों की सुरक्षा को हटाते हो और फिर उनके नामों की कॉन्फिडेंशियल लिस्ट को छापते हो। इससे किसी की जान जा सकती है।”

सिरसा के मुताबिक, लोगों को पता था कि सिद्धू मूसेवाला की सुरक्षा छीन ली गई है इसके बाद उस पर हमला हुआ, जिसमें उनकी मौत हो गई। इस मामले में भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल के खिलाफ धारा 302 का केस दर्ज होना चाहिए।

पत्रकार आदित्यराज कौल ने कहा कि सिद्धू मूसेवाला ने पंजाब में गन कल्चर पर कभी गाने गाए थे और आज उसी गन ने उनकी जान ले ली।

रिपोर्ट के मुताबिक, सिद्धू मूसेवाला के वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि उनकी गाड़ी की खिड़कियाँ पूरी तरह से टूट चुकी हैं और सीटें खून से लथपथ हैं। इस हमले में गोलीबारी में चालक समेत दो और लोग घायल हो गए। दावा किया गया है कि उनकी गाड़ी पर कम से कम 30 से अधिक राउंड फायर किए गए। उनके दो सहयोगियों की हालत गंभीर है और उन्हें इलाज के लिए दूसरी जगह ट्रांसफर किया जा सकता है।

गौरतलब है कि रविवार (29 मई 2022) को पंजाब के मानसा गाँव में गोली चलाई गई थी। इसमें उनकी मौत हो गई है। बता दें कि ये घटना ठीक पंजाब में ठीक उस समय हुई है जब भगवंत सरकार के कहने पर पंजाब पुलिस ने पंजाब के 424 लोगों को दी गई सुरक्षा को हटाया था। इसमें एक सिद्धू मूसेवाला भी थे। घटना संबंधी एक वीडियो सामने आई है। इसमें मूसेवाला खून से लथपथ गाड़ी में बैठे हैं।

उल्लेखनीय है कि सिद्धू मूसे वाला इन पंजाब चुनावों में कॉन्ग्रेस की टिकट पर मानसा से चुनाव लड़े थे और आप के उम्मीदवार से हार का मुंह देखा था। इसके बाद वह पिछले माह अपने नए गाने बलि का बकरा में आप समर्थकों को निशाना बनाकर भी विवाद में आए थे। इस गाने में उन्होंने आम आदमी पार्टी के समर्थकों को गद्दार कहा था। इसके अलावा पिछले साल वह एके-47 के साथ दिखे थे तब भी उनके विरुद्ध एफआईआर हुई थी। मूसे वाला को लोग खालिस्तानी प्रशंसक के तौर पर भी जानते हैं।

गलत ढंग से छुआ, जबरदस्ती पीछे से पकड़ा: JNU छात्रा का यौन शोषण करने पर AISA के कॉमरेड के खिलाफ केस दर्ज, लगातार ऐसी हरकतें करने का है आरोप

दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) की छात्रा से छेड़छाड़ (Sexual molestation) के मामले में दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई की है। छात्रा की शिकायत पर आरोपित के खिलाफ दिल्ली के वसंतकुंज नॉर्थ थाने में केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपित के खिलाफ इंडियन पीनल कोड की धारा 354 और 509 के तहत कार्रवाई की है।

मामले में दिल्ली पुलिस ने एक ट्वीट के जरिए कहा, “वसंतकुंज नॉर्थ में जेएनयू की तीसरे वर्ष की छात्रा से छेड़छाड़ की शिकायत के बाद U / S 354 A / 509 आईपीसी के तहत एक मामला दर्ज किया गया है। आरोपित पीड़िता का सहपाठी है, इसे जाँच में शामिल किया गया है। आगे की जाँच जारी है।”

रिपोर्ट के मुताबिक, छात्राओं के एक समूह ने दावा किया है कि छात्रा ने एक बयान में कहा था कि आरोपित ने उसे गलत तरीके से छुआ और बिना उसकी मर्जी के पीछे से जबरदस्ती पकड़ा। वो इस तरह की हरकतें लगातार कर रहा है। वहीं शिकायतकर्ता छात्रा का कहना है कि उसे पता चला है कि आरोपित ने उसे बदनाम करने की कोशिश की है। हालाँकि, ये जानकारी उसे उसके की क्लासमेट्स के जरिए पता चली।

गौरतलब है कि इससे पहले ABVP ने आरोपित का नाम प्रसन्ना राज बताया था। एक बयान जारी कर एबीवीपी ने कहा था कि इस घटना को लेकर पीड़िता ने आईशी घोष से मदद माँगी थी, लेकिन घोष ने बड़ी ही चालाकी के साथ पीड़िता को ICC से शिकायत करने से रोकते हुए उसे गैर-मौजूदा GSCASH से संपर्क करने को कहा।

छात्र संगठन ने दावा किया था कि आरोपित प्रसन्ना वामपंथियों के स्टूडेंट विंग ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिशन (AISA) का ही सदस्य है। जिसे सीनियर कॉमरेड बचाने में जुट गए हैं। इसी कारण से अब तक किसी भी वामपंथी ने इस पर कोई बयान नहीं दिया है। ABVP के मुताबिक, AISA के लोगों के खिलाफ सेक्सुअल असॉल्ट के इतने मामले सामने आ चुके हैं कि अगर इन्हें AISA का नाम बदलकर ‘ऑल इंडिया सेक्शुअल असॉल्टर्स’ भी कर दिया जाए तो किसी तरह की आतिश्योक्ति नहीं होनी चाहिए।

गाल काटे, छाती नोची, गंदा काम करके कूड़े में फेंक दिया: करौली में 4 साल की बच्ची का रेप करने वाला गिरफ्तार, राजस्थान पुलिस ने माँ-बाप को कहा था- ‘जाओ सो जाओ’

राजस्थान के करौली में एक 4 साल की नाबालिग बच्ची के साथ रेप की सूचना है। पीड़ित परिवार जादू और मदारी का खेल दिखा कर जीवन यापन करता है। बच्ची के आंतरिक अंगों को काफी नुकसान पहुँचा है। घटना 27-28 मई की रात की बताई जा रही है। वहीं बताया जा रहा है कि पुलिस ने आरोपित को 29 मई 2022 (रविवार) को गिरफ्तार कर लिया है। कुछ मीडिया चैनल आरोपित को मानसिक बीमार भी बता रहे हैं।

घटना की पुष्टि करते हुए करौली के SP शैलेन्द्र इंदौलिया ने कहा, “बच्ची की स्थिति ठीक है। डॉक्टरों से मेडिकल मुआयना करवाया गया है। आगे इसमें अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।”

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ मूल रूप से गंगापुर निवासी पीड़ित परिवार 3 महीने से हिंडौन सिटी के महवा रोड स्थित झुग्गी झोपडी में रह रहा था। वह मदारी का खेल दिखा कर पेट पालता था। घटना की रात 11 बजे इनकी 3 साल की छोटी लड़की ने अपनी माँ से पीने के लिए पानी माँगा। इसके बाद परिवार को अपनी 4 वर्षीया बच्ची के गुम होने की जानकारी हुई। परिजनों ने आस-पास तलाश किया पर वो नहीं मिली। सुबह लगभग 5 बजे कचरा बीनने वाली एक महिला से बच्ची के कचरे के ढेर में पड़ी होने की जानकारी मिली।

बच्ची बेहोश और लहूलुहान हालात में थी। उसे अस्पताल ले जाया गया। मामले की सूचना पुलिस को दी गई। मेडिकल जाँच में डॉक्टरों ने बच्ची के साथ रेप होने की पुष्टि की। इसी के साथ 5 सदस्यों की मेडिकल टीम ने बच्ची की पीठ, गाल, सीने और आंतरिक अंगों में घाव होना बताया। बेहतर इलाज के लिए पीड़िता को जयपुर भेज दिया गया। बच्ची अपने डेरे से लगभग आधे किलोमीटर दूर मिली।

होश आने पर बच्ची ने अपने साथ हुई घटना को दर्द से कराहते हुए बताया। बच्ची ने कहा, “मम्मी-पापा के साथ सोते समय मुझे एक लड़का गोदी में उठा ले गया। डेरे से दूर जा कर उसने मेरे कपड़े उतार कर मेरे साथ गंदा काम किया। उसने मेरे गाल को काटा और सीने पर नाखून गड़ाए। मेरे रोने के बाद भी उसने मुझे नहीं छोड़ा और डंडे से पीटते हुए जमीन पर पटक दिया। बहुत देर बाद उसने मुझे कपड़े पहना कर पटरी के पास कचरे में फेंक दिया और भाग गया।”

पुलिस ने कहा, “जा कर सो जाओ’

इस घटना की शिकायत करौली के थाना नईमंडी में की गई है। पीड़ित परिवार के मुताबिक वो रात में 3 भी थी थाने गए थे लेकिन वहाँ मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें लौटा दिया। भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस वालों ने कहा, “जा कर सो जाओ। सुबह बच्ची मिल जाएगी।” वहीं जब बच्ची सुबह पीड़ित परिवार को कूड़े के ढेर पर मिली तब पुलिस ने कहा, “अस्पताल ले जाओ और इलाज करवाओ।” वहीं अब पुलिस ने पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज कर के जाँच DSP किशोरीलाल को सौंपी है। रिपोर्ट के मुताबिक जल्द ही एक ASI समेत 4 पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो सकती है।

भाजपा ने उठाए सवाल

भाजपा ने राजस्थान की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। राजसमंद से भाजपा सांसद दीया कुमार ने इसे राजस्थान की गहलोत सरकार की महिला सुरक्षा में नाकामी बताया है।

पंजाबी गायक सिद्धू मूसे वाला की पंजाब में गोली मारकर हत्या, भगवंत सरकार ने एक दिन पहले ही छीनी थी सुरक्षा

पंजाब के मानसा गाँव में पंजाबी गायक व कॉन्ग्रेस नेता सिद्धू मूसेवाला के ऊपर गोली चलाई गई। घटना में गायक बुरी तरह घायल हो गए। उन्हें फौरन अस्पताल ले जाया गया। कुछ खबरों में उनकी हालात गंभीर बताई गई लेकिन बाद में पता चला कि गोली लगने के बाद उन्होंने दम तोड़ दिया।

बता दें कि ये घटना ठीक पंजाब में ठीक उस समय हुई है जब भगवंत सरकार के कहने पर पंजाब पुलिस ने पंजाब के 424 लोगों को दी गई सुरक्षा को हटाया था। इसमें एक सिद्धू मूसेवाला भी थे। घटना संबंधी एक वीडियो सामने आई है। इसमें मूसेवाला खून से लथपथ गाड़ी में बैठे हैं।

उल्लेखनीय है कि सिद्धू मूसे वाला इन पंजाब चुनावों में कॉन्ग्रेस की टिकट पर मानसा से चुनाव लड़े थे और आप के उम्मीदवार से हार का मुंह देखा था। इसके बाद वह पिछले माह अपने नए गाने बलि का बकरा में आप समर्थकों को निशाना बनाकर भी विवाद में आए थे। इस गाने में उन्होंने आम आदमी पार्टी के समर्थकों को गद्दार कहा था। इसके अलावा पिछले साल वह एके-47 के साथ दिखे थे तब भी उनके विरुद्ध एफआईआर हुई थी। मूसे वाला को लोग खालिस्तानी प्रशंसक के तौर पर भी जानते हैं।

सिद्धू मूसेवाला का असली नाम शुभदीप सिंह सिद्धू था और वह मानसा जिले के मूसा गाँव के रहने वाले थे। मूसेवाला पर अपने गानों में हिंसा और बंदूक संस्कृति को बढ़ावा देने के आरोप लगते रहे थे। कैप्टन अमरिंदर सिंह के मुख्यमंत्री रहने के दौरान मूसेवाला पर आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ था। साथ ही कई अन्य मामलों में वह आरोपित पाए गए थे। पिछले साल कॉन्ग्रेस में शामिल होते हुए उन्होंने कहा था कि वह ‘पंजाबियों की आवाज उठाने’ के लिए राजनीति में आए हैं।

‘महाराष्ट्र से शनि को चले जाना चाहिए’: अमरावती में MP नवनीत राणा और पति पर फिर FIR, रोड जाम करने और लाउडस्पीकर बजाने का आरोप

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के आवास के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ करने की घोषणा करने के बाद से अमरावती से निर्दलीय सांसद नवनीत राणा (Navneet Rana) और उनके पति रवि राणा (Ravi Rana) के खिलाफ राजनीतिक बदला लेने का सिलसिला जारी है। अब राणा दंपत्ति पर अमरावती में सड़क जाम करने को लेकर FIR दर्ज कराई गई है।

दरअसल, लगभग एक महीना बाद घर पहुँचने पर कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया था। पुलिस का आरोप है कि राणा दंपत्ति ने रोड पर मंच बनाकर रोड किया और रात तक लाउडस्पीकर बजाकर निर्धारित नियमों को तोड़ा है। इस सिलसिले में पुलिस ने पति-पत्नी और 14 समर्थकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

जेल से रिहा होने के बाद शनिवार (28 मई 2022) को सांसद नवनीत राणा ने उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा था कि शनि को अब महाराष्ट्र छोड़ देना चाहिए। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र को शनि लग गया है, इसलिए वह रामनगर में हनुमान चालीसा का पाठ करेंगी।

महाराष्ट्र में हिंदू देवी-देवताओं का अपमान किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “राम और हनुमान का महाराष्ट्र में इतना अनादर क्यों हो रहा है? ये शनि जो हमारे महाराष्ट्र में आ गया है, इसे जाना ही चाहिए। इसके लिए मैं आरती और हनुमान चालीसा का पाठ करूंगी।”

उन्होंने आगे कहा, “मैंने दिल्ली में इतने शांतिपूर्ण तरीके से हनुमान चालीसा का पाठ किया। सुरक्षा भी थी और मुझे कोई समस्या नहीं हुई, लेकिन पता नहीं महाराष्ट्र में हनुमान चालीसा का पाठ करने का मुद्दा क्यों है?” 

जब रामनगर के हनुमान मंदिर में राणा दंपत्ति हनुमान चालीसा का पाठ करने पहुँचे तो राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी (NCP) के कार्यकर्ताओं ने उनका जबरदस्त विरोध किया। NCP का आरोप था कि उनके हनुमान चालीसा के पाठ का बैनर उनके कार्यालय के सामने लगाया गया था।

बता दें कि शुक्रवार (27 मई 2022) को लोकसभा सांसद नवनीत राणा की गिरफ्तारी को लेकर संसद की विशेषाधिकार समिति (Parliament Privileges Committee) ने महाराष्ट्र के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक (DGP) और मुंबई पुलिस के आयुक्त को तलब किया है। उन्हें नवनीत राणा की गिरफ्तारी को लेकर 15 जून को मौखिक साक्ष्य के लिए पेश होने को होने को कहा है।

बता दें कि सीएम उद्धव ठाकरे के निजी आवास मातोश्री के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ करने की घोषणा के बाद शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने इसको लेकर भारी उत्पात मचाया था। इसके बाद मुंबई पुलिस ने पति-पत्नी को 23 अप्रैल को गिरफ्तार कर लिया था। उन पर देशद्रोह सहित कई धाराओं में केस दर्ज किए गए थे। कोर्ट ने दोनों को 4 मई को जमानत दे दी थी।

कोर्ट से जमानत मिलते ही बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) की टीम सांसद नवनीत राणा के घर पर निरीक्षण करने के लिए पहुँच गई। BMC ने उनके घर के बाहर नोटिस चिपकाया था। इस नोटिस में कहा गया है कि BMC उनके फ्लैट का निरीक्षण कर यह जाँच करेगी कि उसमें कोई अवैध निर्माण तो नहीं हुआ है।

प्रोपेगंडा से आहत महंत ने रोते हुए छोड़ा पद, ‘The Lallantop’ ने चला दिया था शिवलिंग को फव्वारा बताने वाला बयान: कहा – 9 दिन से व्यथित हूँ

ज्ञानवापी विवादित ढाँचे को लेकर ‘The Lallantop’ ने काशी करवट के महंत गणेश शंकर उपाध्याय (Ganesh Shankar Upadhyay) के हवाले से ‘शिवलिंग नहीं फव्वारा’ वाला बयान चला दिया था। अब उन्होंने महंत पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे के बाद उनके छोटे भाई दिनेश शंकर उपाध्याय (Dinesh Shankar Upadhyay) नए महंत बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि एजेंडे के तहत चलाई गई खबर से वो काफी आहत हुए हैं और अब वो खुद इस पद पर आसीन नहीं रहना चाहते हैं। साथ ही ये भी कहा कि इस तरह की हरकतें करने वालों को भगवान सजा देगा।

‘खबर इंडिया’ के केशव मालान के द्वारा शेयर किए गए वीडियो में गणेश शंकर उपाध्याय कहते हैं, “मैं आज, अभी, इसी सभा में महंत पद की गरिमा, मर्यादा और निर्बाध परंपरा की रक्षा के लिए अपने पद का त्याग करता हूँ। ‘असतो माँ सद्गमय, तमसो माँ ज्योतिर्गमय मृत्योर्मामृतम् गमय:’ हर-हर महादेव।”

उन्होंने आगे कहा, “इन 9 दिनों में मुझे बेहद कष्ट हुआ है। (रोते हुए) इन कष्टों के प्रायश्चित स्वरूप वर्तमान में मैं इस पद को साथ लेकर चलने में असमर्थ हूँ। इस घटनाक्रम के क्षोभ की अग्नि में मेरी स्वाभाविक सौम्यता आहूत हो गई है। इस मानसिक वेदना से मैं बहुत अधिक व्यथित हूँ।”

गौरतलब है कि इससे पहले हिन्दू संत ने दी ‘लल्लनटॉप’ नाम के वेब मीडिया पर एजेंडे के तहत खबर चलाने का आरोप लगाते हुए लताड़ लगाई थी। गणेश शंकर उपाध्याय ने कहा था कि क्या लोग अंधे हैं कि उन्हें दिखाई नहीं दे रहा है? पूरे ज्ञानवापी में हिन्दू मंदिर होने के प्रमाण मौजूद हैं, कैसे उसे मस्जिद मान लें? उन्होंने कहा कि ज्ञानवापी के ऊपर-नीचे, अलग-बगल, चारों तरफ प्रमाण पड़े हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘लल्लनटॉप’ ने उन्हें बरगला कर के कुछ कहवा लिया और घूमा-फिरा कर सिद्ध करने में लगे हुए हैं कि वो फव्वारा है।

‘The Lallantop’ पर महंत गणेश शंकर उपाध्याय का बयान तोड़-मरोड़ कर चलाने का आरोप

उन्होंने ये भी कहा था कि षणयंत्र के तहत उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया, ताकि हिन्दुओं में विभेद पैदा किया जा सके। इससे वो एकजुट न हो सकें।उन्होंने ऐसा करने वालों को विधर्मी करार देते हुए कहा था कि ऐसे लोगों को पहचानने की जरूरत है, जो एक लॉबी षड्यंत्र के रूप में काम कर रही है। ये मीडिया से लेकर राजनीति तक में सक्रिय हैं।

नेपाल में तारा एयर का लापता विमान क्रैश: घटनास्थल पर धुआँ देखे जाने की खबर, 22 यात्रियों में एक ही परिवार के 4 भारतीय शामिल

नेपाल का तारा यात्री विमान लापता होने के छह घंटे बाद खोज लिया गया है और नेपाल सेना मुस्तांग के कोवांग के क्रैश वाली जगह पर पहुँचने का प्रयास कर रही है। इस विमान में 4 भारतीय सहित कुल 22 यात्री सवार थे। विमान की स्थिति क्या है, इसको लेकर अभी जानकारी सामने नहीं आई है। हालाँकि, स्थानीय लोगों द्वारा क्रैश वाली जगह पर आग और धुआँ देखे जाने की बात कही जा रही है।

अधिकारियों ने बताया था कि विमान ने रविवार (29 मई 2022) की सुबह 9.55 बजे पर्यटन स्थल पोखारा से जोमसोम पर्वतीय शहर के लिए उड़ान थी, जिसकी निर्धारित दूरी 15 मिनट की थी। लेकिन, उड़ान भरने के थोड़ी देर बाद इस विमान का एयरपोर्ट से संपर्क टूट गया।

सेना के प्रवक्ता नारायण सिलवाल के अनुसार, स्थानीय लोगों द्वारा नेपाल सेना को बताया गया कि तारा एयर का विमान मनापति हिमाल के भूस्खलन के तहत लामचे नदी के मुहाने पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। नेपाल सेना जमीन और हवाई मार्ग से घटनास्थल की ओर बढ़ रही है।

त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के महाप्रबंधक प्रेम नाथ ठाकुर ने कहा कि लापता विमान के कैप्टन प्रभाकर घिमिरे का सेल फोन नेपाल टेलीकॉम से कप्तान के फोन को ट्रैक करने के लिए कहा गया था। जीपीएस ट्रैकिंग में उनका फोन बज रहा है। नेपाल सेना का हेलीकॉप्टर संभावित दुर्घटना क्षेत्र में उतर गया है। उन्होंने कहा कि हमने नेपाल सेना और नेपाल पुलिस के जवानों को भी तलाशी के लिए पैदल भेजा है।

एयरलाइंस के एक प्रवक्ता ने कहा कि इस विमान में मुंबई के रहने वाले एक ही परिवार के चार भारतीय, दो जर्मन और 13 नेपाली यात्री सवार थे। विमान को सुबह 10:15 बजे पश्चिमी पर्वतीय क्षेत्र के जोमसोम हवाईअड्डे पर उतरना था, लेकिन घोरेपानी के ऊपर आसमान से विमान का संपर्क टूट गया। जोमसोम हवाई अड्डे पर एक हवाई यातायात नियंत्रक के अनुसार, उनके पास जोमसोम के घासा में एक तेज आवाज के बारे में एक अपुष्ट रिपोर्ट आई है।

नेपाल की राजधानी काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने इस संबंध में एक आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर +977-9851107021 भी जारी कर दिया है। वहीं, दूतावास ने ट्वीट कर बताया कि वह विमान में सवार यात्रियों के परिवार के संपर्क में है।

साल 2016 में भी तारा का एक विमान लापता होने के बाद क्रैश हो गया था। उत्तरी नेपाल के पहाड़ी इलाके में लापता हुए इस विमान में 23 यात्री थे। इस दुर्घटना में सभी यात्री मारे गए थे। उस वक्त उड़ान का कुल समय 19 मिनट था, लेकिन उड़ान भरने के आठ मिनट बाद विमान से संपर्क टूट गया था।

नूपुर शर्मा का सिर कलम करने वाले को ₹20 लाख इनाम का ऐलान, बताया ‘गुस्ताख़-ए-रसूल’: मुस्लिमों को उकसा रहा AltNews वाला जुबैर

‘ऑल्ट न्यूज़’ के कथित फैक्ट चेकर मोहम्मद जुबेर द्वारा कट्टरपंथियों को उकसाए जाने के बाद भाजपा प्रवक्ता नूपुर शर्मा को लगातार मौत की धमकियाँ मिल रही हैं। अब पाकिस्तान के भी एक चरमपंथी संगठन ने नूपुर शर्मा का सिर काटने वाले को इनाम देने का एलान किया है। उसने नूपुर शर्मा को ‘गुस्ताख़ ए रसूल’ कह कर सम्बोधित किया है। यह घोषणा पाकिस्तान के एक ट्विटर हैंडल ‘लब्बैकियंस TV’ द्वारा 28 मई 2022 (शनिवार) को हुई है।

नूपुर शर्मा का सर काटने वाले को इनाम देने की घोषणा करने वाले ‘@LabbaikiansTv’ हैंडल से अक्सर पाकिस्तान के ‘तहरीक ए लब्बैक’ के भाषण शेयर किए जाते हैं। इस हैंडल द्वारा का कत्ल करने वाले को 5 मिलियन पाकिस्तान रुपए (लगभग 19.5 लाख भारतीय रुपए) देने का एलान किया गया है। यह ट्विटर हैंडल पाकिस्तान की चरमपंथी पार्टी तहरीक ए लब्बैक (TLP) के समर्थकों द्वारा चलाया जाता है। इस ट्वीट के बाद कई पाकिस्तानियों ने भी भी इस मुद्दे पर बोलना शुरू कर दिया। हारिश ने लिखा, “काश मैं भारत में होता तो इसका कत्ल कर देता।”

वहीं एक अन्य यूजर आफ़ताब हुसैन ने लिखा, “मार डालो #ली को।”

भाजपा प्रवक्ता नूपुर शर्मा का सिर काटने वालों को पाकिस्तान के हैंडल से लगभग 20 लाख रुपए इनाम देनी की घोषणा की गई है। बताया 'गुस्ताख़-ए-रसूल'।
साभार- ट्विटर

यहाँ ये ध्यान रखने योग्य है कि तहरीक-ए-लब्बैक (TLP) वही समूह है जिसने कुछ दिनों सियालकोट में पहले श्रीलंकाई नागरिक की हत्या कर दी थी। मृतक का नाम प्रियंथा कुमारा था जिनके ऊपर ईशनिंदा का आरोप लगा था। कुछ समय पहले TLP को पाकिस्तान में बैन कर दिया गया था लेकिन नवम्बर 2021 में इसने फिर से वापसी कर ली थी। इस चरमपंथी संगठन से बैन हटाने का आदेश पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने दिया था।

क्या है पूरा मामला

गौरतलब है कि भाजपा प्रवक्ता नूपुर शर्मा को मौत की धमकियाँ 27 मई 2022 से मिलनी शुरू हुईं। तब उन्होंने कहा था कि हिन्दू धर्म की आस्थाओं का मजाक उड़ाने पर लोग इस्लामी मान्यताओं का भी मजाक उड़ा सकते हैं। इस पूरे बहस की एक क्लिप निकाल कर ऑल्ट न्यूज़ के कथित फैक्ट चेकर मोहम्मद जुबेर ने वायरल कर दी। थोड़ी ही देर में नूपुर शर्मा को मौत की धमकियाँ मिलनी शुरू हो गई थी। इस मामले लोगों को नूपुर के खिलाफ भड़काने में मोहम्मद जुबेर का साथ राणा अयूब ने भी दिया।

अमरनाथ यात्रा से पहले विस्फोटकों से लदा ड्रोन भारत भेज रहा पाकिस्तान, सुरक्षाबल ने गोली मार गिराया: छानबीन में मिले 7 मैग्नेटिक बम

जम्मू-कश्मीर में पुलिस ने पाकिस्तान से भेजे गए नॉर्थ कोरियनन ड्रोन को एक बार फिर ध्वस्त कर दिया। घटना रविवार (29 मई 2022) को कठुआ जिले के राजबाग पुलिस थाने के नजदीक तल्ली हरिया चाक के सीमा इलाके की है। ड्रोन के जमीन पर गिरने के बाद छानबीन में इससे 7 यूजीसीएल ग्रेनेड और 7 मैग्नेटिक व स्टिकी बम मिले हैं। ये ड्रोन भेजे जाने की घटना चूँकि अमरनाथ यात्रा से पहले हुई है इसलिए घाटी की सुरक्षा को और कड़ा कर दिया गया है।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक मुकेश सिंह ने इस कार्रवाई के बारे में बताया कि पुलिस तलाशी दल ने सुबह राजबाग थाना क्षेत्र के तल्ली हरिया चक इलाके में सीमा पर एक ड्रोन की गतिविधि देखी और उस पर गोलियाँ चलाकर उसे नीचे गिराया। इसके बाद ड्रोन पर लादे गए सामान की जाँच बम निरोधक दस्ते ने की। जिन्हें 7 मैग्नेटिक बम और 7 ‘अंडर बैरल ग्रेनेडल लांचर’ (यूबीजीएल) मिले।

कठुआ के एसएसपी आरसी कोतवाल ने ड्रोन को लेकर बताया कि इस ड्रोन के साथ एक पे लोड भी जोड़ा गया था। इसमें मैग्नेटिक बम और यूजीबीएल ग्रेनेड थे। श्री अमरनाथ यात्रा को लेकर आतंक का खतरा बढ़ता जा रहा है। शायद ये विस्फोटक भी अमरनाथ यात्रा को निशाना बनाने के लिए भेजे गए थे।

बता दें कि कोविड के कारण दो साल से रुकी 43 दिन लंबी चलने वाली अमरनाथ यात्रा इस साल 30 जून से दो रास्तों पर शुरू होगी। एक रास्ता पारंपरिक है 48 किलोमीटर का जो पहलगाम के नुनवान से होते हुए जाता है और दूसरा रास्ता 14 किलोमीटर का है जो कश्मीर के गांदरबल से होता हुआ जाता है।

अधिकारियों के बीच बैठक

ऐसे में इस यात्रा से पहले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। इस बाबत श्रीनगर में जम्मू-कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह की अध्यक्षता में हाई लेवल मीटिंग भी हुई थी। इस मीटिंग में सीआरपीएफ के एडीजी दलजीत सिंह चौधरी, स्पेशल डीजी सीआईडी आर आर स्वेन, आईजीपी कश्मीर घाटी विजय कुमार, डीआईजी अब्दुल जब्बार आदि वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल थे। वहीं कई अधिकारियों ने इस मीटिंग को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिेए भी अटेंड किया। इस बैठक में यात्रा के दौरान क्या क्या सुरक्षा बरती जानी है इसे लेकर व्यापक चर्चा हुई। डीजीपी दिलबाग सिंह ने अधिकारियों से खास ध्यान संवेदनशील इलाकों पर और बेस कैंप्स पर रखने को कहा। इसके अलावा किसी आपदा से निपटने के लिए भी पर्याप्त प्रबंधन करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए।

आतंकियों को हथियार क्यों भेज रहा पाकिस्तान

उल्लेखनीय है कि कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार पिछले दिनों बताया गया था कि घाटी में इस समय आतंकी समूह हथियारों की कमी से परेशान हैं। ऐसे में पाकिस्तान उन्हें अपनी सीमा से ड्रोन के जरिए हथियार सप्लाई करता है। ऐसे में कश्मीर में सुरक्षाबलों ने आतंकियों की नापाक कोशिशों को नाकाम करने के लिए अपनी एंट्री ड्रोन क्षमता को, जैमिंग तकनीक को बढ़ाया है और लगातार पाकिस्तान की हरकतों पर नजर बनाए हुए हैं।

ज्ञानवापी में जमीन घोटाला: बुनकर समाज ने कहा – मस्जिद कमेटी के पास कुल 31 बिस्वा जमीन, फिर 10.5 की बात क्यों?

वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर को तोड़कर बनाए गए ज्ञानवापी विवादित ढाँचे की अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी पर मुस्लिमों के बुनकर समाज ने घोटाले का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि ज्ञानवापी की 31 बिस्वा जमीन थी, जो अब 10.5 बिस्वा ही रह गई है। ऐसे में बाकी जमीन कहाँ गई यह कमिटी को बताना चाहिए।

लोहता निवासी बुनकर मुख्तार अहमद अंसारी का कहना है कि साल 1883 के रेवेन्यू रिकॉर्ड में ज्ञानवापी की जमीन 31 बिस्वा थी। कमीशन की हालिया कार्रवाई में ज्ञानवापी की जमीन 10.5 बिस्वा ही बताई गई है। इसलिए बाकी जमीनों के बारे में अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी स्पष्ट करे। इस ज्ञानवापी मामले में पक्षकार बनने के लिए अंसारी ने जिला जज के यहाँ प्रार्थना पत्र दिया है।

अंसारी ने कहा कि बाकी के 20 बिस्वा जमीन का जिक्र कहीं नहीं है। उन्होंने कहा कि राखी सिंह सहित पाँच महिलाओं ने माता शृंगार गौरी मामले को लेकर मुकदमा दाखिल किया उसमें आराजी संख्या (रेवेन्यू रिकॉर्ड का नंबर) 9130 का जिक्र किया गया है, लेकिन रकबा (क्षेत्रफल) का उल्लेख नहीं किया गया।

अंसारी के अनुसार, ज्ञानवापी के पास कुल 14,000 वर्ग फीट जमीन थी। इसका बता लगाने के लिए वह नगर निगम गए। उसके बाद वक्फ बोर्ड गए। अंत में उन्होंने रेवेन्यू ऑफिस से 1883 का नक्शा निकलवाया।

अंसारी द्वारा दिखाया गया रेवेन्यू रिकॉर्ड (साभार: दैनिक भास्कर)

दैनिक भास्कर के अनुसार, इस संबंध में अंसारी ने कमिटी से पूछा, “जो बात अवाम को बतानी चाहिए, वह आप लोग बताते नहीं हैं। जो नहीं बताना चाहिए, वह बताते हैं। उन लोगों को हमारी बात बहुत खराब लगी और हमें गद्दार कहा। कहा गया कि भाजपा वालों से पैसा लेकर सवाल कर रहे हो। इसके अलावा भी हमें अनाप-शनाप कहा गया।”

अंसारी के आरोपों को मसाजिद कमेटी ने बेबुनियाद बताया और कहा कि अंसारी 1883 के जिस खसरे की बात कर रहे हैं, उसमें बदलाव हुआ है। साल 1937 में कोर्ट में जितनी जमीन का जिक्र है, उतनी ही जमीन कमेटी के पास है।

बुनकर अंसारी के आरोपों को लेकर मसाजिद कमेटी के संयुक्त सचिव एसएम यासीन कहा कि ज्ञानवापी परिसर में जितनी बैरिकेडिंग है, उतनी ही जमीन उनके पास है। उन्होंने कहा कि कमेटी के पास ज्ञानवापी परिसर में 2,500 वर्ग फीट से ज्यादा का एक प्लॉट है। इसके अलावा, परिसर में ही 1,400 वर्ग फीट का एक और प्लॉट कमेटी के पास है। यासीन ने बताया कि परिसर में स्थित 1,700 वर्ग फीट के एक अन्य प्लॉट को आपसी सहमति से मंदिर प्रशासन से बदला गया है।

यासीन ने कहा कि 100 साल पहले की वह बात नहीं बता सकते। मस्जिद की जमीन वर्ष 1937 में ही सिकुड़ गई थी। अंसारी जिस जमीन की बात कर रहे हैं, उसके बारे में वही बता सकते हैं। उनके सारे आरोप निराधार हैं। हालाँकि, अंसारी कमेटी की बातों से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अगर वे सच बोल रहे तो कागज दिखा दें।