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डॉली को ईद की सेवईयाँ खिलाने गाँव ले गया पप्पू खान, सोते में कुल्हाड़ी से गर्दन काट दी

उत्तर प्रदेश के मथुरा में शुक्रवार (मई 6, 2022) को पप्पू खान नामक शख्स ने अपनी प्रेमिका डॉली को कुल्हाड़ी से मार कर मौत के घाट उतार दिया। बताया जा रहा है कि डॉली और पप्पू खान दोनों शादीशुदा थे और अपने घर से अलग शिवनगर कॉलोनी में पिछले डेढ़ साल से लिव-इन में रहते थे। शुक्रवार को डॉली से अनबन के बाद आरोपित ने निर्मम घटना को अंजाम दिया। उसके बाद वह घर से फरार हो गया। लोगों को हत्या की जानकारी अगली सुबह मिली। अब मामला गोविंदपुरी थाने में दर्ज है।

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, 32 साल की डॉली का विवाह 11 साल पहले आगरा के हरीपर्वत के खटीक पाड़ा निवासी शंकर लाल से हुआ था। लेकिन पिछले डेढ़ साल से उसके पति ने उससे हर संबंध तोड़ दिए थे और वह पप्पू खां के साथ शिवनगर में रहती थी। ईद के मौके पर खान उसे अपने साथ अपने गाँव जलालपुर ले गया था, जहाँ पप्पू खान की बीवी ने इसका विरोध किया और काफी तमाशा हुआ। बीवी लगातार पप्पू से इस बात पर लड़ाई करती थी। वहीं डॉली लगातार उस पर शादी का दबाव बनाती थी। ऐसे में शुक्रवार को ड्राइवरी करने वाले पप्पू खान ने देर रात घर पर जाकर डॉली की निर्मम हत्या को अंजाम दिया।

अगली सुबह डॉली की लाश को उसकी बहन गीता ने देखा। खून से लथपथ शरीर को देख गीता डर से चिल्ला पड़ी। उसकी चीखें सुन आसपास के लोग जुटे। फिर पुलिस को सूचना दी गई। मामले में पड़ताल के बाद पुलिस को पता चला कि पप्पू खां ने शादी के दबाव के चलते डॉली को मौत के घाट उतारा। अब पुलिस ने हत्यारोपित को ढूँढने के लिए तीन टीमें लगाई हैं। आरोपित चार बच्चों का अब्बा है और मृतिका भी दो बच्चों की माँ है। पिछले डेढ़ साल से दोनों अपने घर को छोड़ शिवनगर में साथ रहते थे।

कुछ समय पहले डॉली की बहन गीता भी अपने पति देवीराम और बच्चों के साथ आकर इनके साथ रहने लगी थी। देवीराम ई-रिक्शा चलाते हैं। मृतिका के जीजा ने बताया कि गुरुवार रात 12 बजे तक ऐसी कोई बात नहीं थी। मगर, इसके बाद क्या हुआ, किसी को नहीं पता। सुबह उठकर शव देखा तो दंग रह गए। वहीं गीता ने बताया कि गुरुवार की देर रात तक पप्पू उन्हीं के साथ था फिर कहाँ गायब हुआ पता नहीं चला। गीता के अनुसार, इस घटना को पप्पू ने ही अंजाम दिया है। पड़ताल में पता चला कि आरोपित पप्पू चौक बाजार निवासी अनिल शर्मा के गाड़ी का ड्राइवर है। जिनका प्लॉट बिड़ला मंदिर के सामने है। उन्होंने अपने घर की देख रेख के लिए पप्पू खान को वहाँ छोड़ा हुआ था। पहले पप्पू यहाँ अकेले रहता था मगर बाद में डॉली को अपनी बीवी बताकर उसके साथ रहने लगा।

खरगोन पहुँचे कॉन्ग्रेस नेताओं को लोगों ने खदेड़ा, ‘दिग्विजय सिंह मुर्दाबाद’ के नारे: दंगे के बाद 25 दिन से मुस्लिम तुष्टिकरण में लगी थी पार्टी

मध्य प्रदेश के खरगोन में रामनवमी के जुलूस के दौरान हुई हिंसा के 25 दिनों के बाद कॉन्ग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल 5 मई 2022 को दंगा प्रभावित इलाके में लोगों का हाल जानने के लिए पहुँचा। लेकिन, उन्हें बिल्कुल भी इस बात का अंदाजा नहीं रहा होगा कि वहाँ के नाराज लोग इनके खिलाफ ही नारेबाजी करते हुए इनका विरोध करेंगे। गुस्साए लोगों ने कॉन्ग्रेस के 5 विधायकों समेत दूसरे नेताओं को वहाँ से खदेड़ दिया।

कॉन्ग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने घटना का राजनीतिकरण करने और खरगोन को बदनाम करने का आरोप लगाया था। रिपोर्टों के अनुसार, खरगोन के लोकल लोगों ने दंगे के 20 से भी अधिक दिन बीतने के बाद हिंसा प्रभावित इलाके में पहुँचने पर कॉन्ग्रेसियों के खिलाफ नाराजगी व्यक्त की। लोगों ने खरगोन हिंसा पर कॉन्ग्रेस के रुख पर नाराजगी व्यक्त की। इनका कहना था कि कॉन्ग्रेस के प्रतिनिधिमंडल का ये दौरा किसी और मकसद को साधने के लिए हुए है।

लगे ‘दिग्विजय सिंह मुर्दाबाद’ के नारे

वायरल हो रहे वीडियो के मुताबिक, खरगोन के लोगों ने ‘दिग्विजय सिंह मुर्दाबाद’ के नारे भी लगाए। दरअसल, खरगौन हिंसा पर मुस्लिम तुष्टिकरण करते हुए दिग्विजय सिंह आरोप लगाया था कि बीजेपी ने ही गरीब मुस्लिम लड़कों को पैसे देकर काम पर रखा था और उसी ने उससे रामनवमी जुलूस पर पत्थर भी फिकवाए। उनके इसी कथित बयान से लोगों में नाराजगी है। दिग्विजय ने दावा किया था कि उन्हें ऐसी शिकायतें मिली हैं, जिनसे इस हिंदू जुलूसों पर हमले भाजपा द्वारा करवाए गए थे।

नीमच में दिग्विजय सिंह ने कहा था, “मुझे कुछ शिकायतें मिली हैं, जिनका मैंने अभी तक सत्यापन नहीं किया है, लेकिन इन शिकायतों के अनुसार, भाजपा के कुछ लोग खुद गरीब मुस्लिम लड़कों को पत्थर फेंकने के लिए भुगतान करते हैं। मैं तथ्यों की जाँच करूँगा और फिर इस मुद्दे को उठाऊंगा।”

खरगोन हिंसा

रामनवमी के अवसर पर 10 अप्रैल 2022 को खरगोन में हिंदुओं की ओर से जुलूस निकाले गए थे। इस दौरान जुलूस पर मुस्लिमों ने पत्थरबाजी की। इसके साथ ही जम कर आगजनी भी की गई। वहाँ भारी मात्रा में पुलिस बल को तैनात किया गया है। आगजनी और तोड़फोड़ के दौरान हुई हिंसा में कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। खरगोन के तालाब चौक और तवड़ी इलाके में ये घटना हुई, जहाँ से गुजर रहे रामनवमी के जुलूस पर भीड़ ने पत्थरबाजी शुरू कर दी। इस घटना में 6 पुलिसकर्मियों समेत 24 लोग घायल हुए थे।

इस दंगे के बाद खरगोन प्रशासन ने दंगाइयों के खिलाफ कड़ा कदम उठाते हुए उनकी अवैध रूप से निर्मित संपत्तियों पर बुलडोजर चलाया। इस अभियान में 5 जेसीबी मशीनें लगा दीं। इसके साथ ही करीब 77 आरोपितों को गिरफ्तार भी कर लिया है।

KGF Chapter 2 के प्रसिद्ध अभिनेता का निधन: लंबे समय तक बीमारी से जुझने के बाद अस्पताल में तोड़ा दम, 100 से ज्यादा कर चुके हैं फिल्म

बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचाने वाली साउथ की फिल्म केजीएफ चैप्टर 2 (KGF Chapter 2) के ऐक्टर मोहन जुनेजा (Mohan Juneja) का लंबी बीमारी के बाद शनिवार (7 मई 2022) की सुबह निधन हो गया। बेंगलुरु के एक प्राइवेट अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था और वहीं उन्होंने अंतिम सांस ली। मोहन अपनी कॉमेडी के जरिए दर्शकों के दिलों में एक अलग जगह बनाई थी।

मोहन जुनेजा ने कॉमेडियन के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी। फिल्म ‘चेतला’ से उन्हें बड़ा ब्रेक मिला था। मोहन जुनेजा ने तमिल, तेलुगु, मलयालम और हिंदी की कई फिल्मों में काम किया है। उन्होंने अपने करियर में 100 से अधिक फिल्मों के जरिए दर्शकों का मनोरंजन किया। फिल्म KGF Chapter 1 और KGF Chapter 2 में भी उन्होंने भूमिका निभाई थी। उन्होंने फिल्म केजीएफ में पत्रकार आनंद के इन्फॉर्मर की भूमिका निभाई थी।

उनके जानने वालों का कहना है कि मोहन जुनेजा बचपन से ही ऐक्टर बनना चाहते थे। उन्होंने कॉलेज में पढ़ाई के दौरान नाटकों में काम लिया था। साल 2008 में आई रोमांटिक कन्नड़ फिल्म ‘संगमा’ से करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने कन्नड़ तमिल फिल्म ‘टैक्सी नंबर’ में अभिनय किया। 2010 में मोहन ने कन्नड़ भाषा के नाटक ‘नारद विजया’ और फिर 2018 में उन्होंने तो हॉरर फिल्म ‘निगूडा’ में अपने अभिनय का लोहा मनवाया।

मोहन जुनेजा की आखिरी फिल्म KGF Chapter 2 है। उन्होंने कन्नड़ और तेलुगु फिल्मों में सबसे अधिक काम किया। उनके पास कुल संपत्ति 73 लाख रुपए से अधिक की है। उनकी मौत पर फिल्म इंडस्ट्री के लोगों ने दुख जाहिर किया है।

HT ने भाजपा को बताया गुंडों की पार्टी, विरोध होने पर ‘टेक्निकल’ बहाना: तजिंदर बग्गा की गिरफ़्तारी पर किया था घटिया पोस्ट

पंजाब पुलिस ने शुक्रवार (6 मई, 2022) को भाजपा नेता तजिंदर पाल सिंह बग्गा को उनके दिल्ली स्थित आवास से गिरफ्तार कर लिया और उनके बुजुर्ग पिता के साथ मारपीट की। दिल्ली में पंजाब पुलिस पर अपहरण का मामला दर्ज किया गया। हरियाणा में पंजाब पुलिस की गाड़ी को रोका गया और तजिंदर बग्गा को वापस दिल्ली पुलिस को सौंप दिया गया। लेकिन, इन सबके बीच मीडिया ने भी खूब प्रोपेगंडा फैलाया। हिंदुस्तान टाइम्स (HT) ने तो भाजपा को गुंडों की पार्टी तक बता दिया।

हिंदुस्तान टाइम्स ने ट्विटर पर शेयर की गई अपनी खबर में लिखा, “शुक्रवार को घटनाओं के नाटकीय क्रम में ‘भाजपा – गुंडों की पार्टी’ के नेता तजिंदर बग्गा को पंजाब पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, फिर उन्हें कुछ ही घंटों बाद वापस दिल्ली ले आया गया।” JNU के प्रोफेसर आनंद रंगनाथन ने HT से पूछा कि भाजपा के बारे में वो ऐसे शब्दों का इस्तेमाल कर रहा है तो ‘आम आदमी पार्टी (AAP)’ को लेकर उसकी शब्दावली क्या होगी?

वहीं अब HT ने इस मामले पर सफाई दी है। मीडिया संस्थान ने कहा, “ट्वीटडेक के एक ऑटोपोल फीचर ने भाजपा के लिए एक शरारतपूर्ण हैशटैग का इस्तेमाल किया और इससे पहले कि इस चीज की जाँच की जाती और इसे सही किया जाता, ट्वीट प्रकाशित हो गया। हमें इस गलती के लिए गंभीर रूप से पछतावा है। हम अपनी सोशल मीडिया प्रकाशन प्रक्रिया की समीक्षा कर रहे हैं और ऐसे कदम उठा रहे हैं, जिससे भविष्य में ऐसा न हो।”

हालाँकि, HT को इस दौरान लोगों की तीखी प्रतिक्रियाओं का सामना करना पड़ा। एक व्यक्ति ने याद दिलाया कि इसी तरह HT ने ‘नीति आयोग’ के CEO अमिताभ कान्त के बयान को लेकर भी झूठ फैलाया था, जिसके बाद उन्हें स्पष्ट करना पड़ा था कि उन्होंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है। उनके हवाले से गलत खबर छाप दी गई थी कि उन्होंने भारत में ‘ज़रूरत से ज्यादा लोकतंत्र’ होने की बात कही है, जबकि वो मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के बारे में बात कर रहे थे।

राजनीतिक विश्लेषक ऋषि बागरी ने हिंदुस्तान टाइम्स से पूछा कि क्या आपका ऑटोपोल फीचर सिर्फ एक ही पार्टी के विरुद्ध काम करता है? उन्होंने आश्चर्य जताया कि इतने सटीक तरीके से किसी वाक्य के बीच इस तरह के हैशटैग का आना मशीनी गलती नहीं हो सकती। सोशल मीडिया में ये भी कहा जा रहा है कि AAP से कई मीडिया संस्थानों को भारी विज्ञापन मिलता है, इसीलिए वो तजिंदर बग्गा मामले में टिप्पणी करने से बच रहे हैं और उल्टा भाजपा को ही दोषी ठहरा रहे हैं।

ईद पर पत्नी अशरीन को शॉपिंग कराने के लिए नागराजू ने बेच दी थी अपनी सोने की चेन: दोनों के बीच बेपनाह मुहब्बत के बावजूद साले मुबीन ने कर दी हत्या

हैदराबाद (Hyderabad) में 4 मई 2022 को 23 साल की मुस्लिम युवती सैयद अशरीन सुल्ताना (Sayed Ashrin Sultana) से शादी करने के कारण उसके 25 साल के दलित युवक नागराजू (Nagaraju) की हत्या कर दी गई। हत्या अशरीन के भाई सैयद मुबीन ने अपने दोस्त मोहम्मद मसूद अहमद के साथ मिलकर की थी। नागराजू से शादी के बाद सैयद अशरीन सुल्ताना ने अपना नाम पल्लवी रख लिया था।

अशरीन और नागराजू दोनों साथ पढ़ते थे और दोनों पिछले 10 वर्षों से एक दूसरे को जानते थे। दोनों के बीच गहरा प्यार था। ईद के दिन अशरीन को तोहफा देने के लिए नागराजू ने अपनी सोने की चेन बेच दी थी। नागराजू पत्नी को खरीददारी के लिए चारमीनार लेकर गए थे।

नागराजू एक कार शोरूम में सेल्स एक्जीक्यूटिव का काम करते थे। वहाँ के HR मैनेजर के सतीश ने बताया कि उन्हें हाल ही में पता चला था कि नागराजू ने शादी की है। उन्होंने कहा कि नागराजू ने उन्हें सोने की चेन बेचने के बारे में उन्हें बताया था और कहा था कि उन्होंने अपनी सोने की चेन 25,000 रुपए में बेच दी है। सतीश ने बताया कि नागराजू अपनी पत्नी को ईद पर खरीददारी के लिए चारमीनार ले जाना चाहते थे। इसलिए उन्होंने पैसे की व्यवस्था चेन बेच कर की थी।  

सतीश ने बताया कि नागराजू बहुत ही ईमानदार, मेहनती और मासूम इंसान थे। वह घर जाने से पहले आमतौर पर कपड़े बदल लेते थे, लेकिन घटना वाली शाम को वह अपनी वर्दी में ही घर चले गए। उन्होंने बताया था कि उन्हें देर हो रही है और अपनी बहन के घर से पत्नी को लेना है।

पत्नी को लेकर जाने के दौरान अशरीन के भाई सैयद मुबीन अहमद ने अपने दोस्त मोहम्मद मसूद अहमद से साथ नागराजू को घेर लिया और पहले रॉड से पीट-पीटकर, फिर चाकू मारकर सरेआम हत्या कर दी। इस दौरान अशरीन उन्हें बचाने की कोशिश करती रही और वहाँ खड़े लगे से भी बचाने की गुहार लगाई, लेकिन किसी ने मदद नहीं की।

नागराजू के दोस्त तलारी दनिया ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि मुबीन ने दोनों की शादी के बाद नागराजू की हत्या करने की कसम खाई थी। वह अशरीन का बड़ा भाई है और फल बेचने का काम करता है। वहीं, उसका दोस्त और रिश्तेदार मसूद अहमद कार मैकेनिक का काम करता है।

ईद मनाने घर आई थी, भाई ने गोली मार दी… क्योंकि नाचती थी, मॉडलिंग में करियर बनाना चाहती थी

पाकिस्तान में एक भाई ने अपनी बहन की हत्या कर दी है। मीडिया रिपोर्ट में हत्या की वजह ऑनर किलिंग (हालाँकि यह शब्द ही गलत है) बताई जा रही है। भाई अपनी बहन के मॉडलिंग और डांसिंग क्षेत्र में करियर बनाने से नाराज था। पुलिस ने आरोपित भाई हमजा को गिरफ्तार कर लिया है। घटना पंजाब क्षेत्र में गुरुवार (5 मई 2022) को घटी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मृतका का नाम सिदरा है। वो लाहौर से 130 किलोमीटर दूर रेनाला खुर्द ओकरा की रहने वाली थी। सिदरा एक स्थानीय कपड़े के ब्रांड के लिए मॉडलिंग करती थी। इसी के साथ वो फैसलाबाद के थिएटर में डांस भी किया करती थी। इस बात से सिदरा का परिवार, खास कर भाई हमजा नाराज रहता था। मृतका के परिजनों ने उसके काम को इस्लाम के खिलाफ बता कर कई बार बंद करने के लिए कहा था।

पाकिस्तान की पुलिस के मुताबिक पिछले सप्ताह सिदरा अपने परिवार के साथ ईद मनाने के लिए आई थी। घटना के दिन उसकी अपने भाई से बहस हुई। इसी बहस के दौरान हमजा ने अपनी बहन को पीटा। बाद में उसने अपनी बहन को गोली मार दी। सिदरा की मौत मौके पर ही हो गई थी। मृतका की उम्र 22 साल बताई जा रही है।

पुलिस ने आरोपित भाई हमजा को गिरफ्तार कर लिया है। हमजा ने पुलिस के सामने अपनी बहन की हत्या करना भी स्वीकार कर लिया है। पुलिस ने इस केस में धारा 302, 311 और 34 PPC में कार्रवाई की है।

श्रीलंका में फिर लगा आपातकाल: चुनाव में FREE वाला कल्चर ले डूबा देश को, घट गए दो-तिहाई कर दाता

श्रीलंका के राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे (Sri Lankan President Gotabaya Rajapaksa) ने शुक्रवार-शनिवार (6-7 मई 2022) की आधी रात को एक बार फिर आपातकाल (Emergency) लगा दिया। राष्ट्रपति के प्रवक्ता ने कहा कि बढ़ते आर्थिक संकट को लेकर राष्ट्रपति के इस्तीफे की माँग को लेकर लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को ट्रेड यूनियनों ने भी देशव्यापी हड़ताल की थी। ऐसे में कानून-व्यवस्था को बनाए रखना जरूरी है। उधर श्रीलंका के वित्त मंत्री ने बताया कि अपने चुनावी वादे को पूरा करने के लिए साल 2019 में राजपक्षे सरकार द्वारा की गई व्यापक कर कटौती के बाद देश में करदाताओं की संख्या लगभग 10 लाख कम हो गई है।

शुक्रवार को ट्रेड यूनियनों के हड़ताल के बाद छात्रों ने देश की संसद का घेराव करने की चेतावनी दी थी। श्रीलंका के लोगों का आरोप है कि राष्ट्रपति गोतबाया देश में जारी आर्थिक संकट से निपटने में पूरी तरह नाकाम साबित हो चुके हैं। इसके बावजूद वे अपना पद नहीं छोड़ रहे हैं।

विद्यार्थियों ने चेतावनी दी है कि राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे ने पद नहीं छोड़ा तो वे संसद का घेराव करेंगे। वहीं, इंटर यूनिवर्सिटी स्टूडेंट फेडरेशन (IUSF) ने संसद तक जाने वाले रास्तों को बंद कर दिया है और वहाँ लगातार प्रदर्शन कर रही है। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए आँसू गैस के गोले और वाटर कैनन का इस्तेमाल कर रही है। व्यापार संघ, स्वास्थ्य, डाक, बंदरगाह सहित सरकारी सेवाओं से जुड़े ज्यादातर व्यापार एवं कर्मचारी संघ हड़ताल में शामिल हैं।

इमरजेेंसी लगाने के बाद सरकार सार्वजनिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, विद्रोह व दंगा और नागरिक आपूर्ति आदि के लिए नियम कठोर नियम बना सकती है। इस दौरान राष्ट्रपति के आदेश के बाद किसी भी व्यक्ति की संपत्ति पर कब्जा किया जा सकता है और किसी भी परिसर की तलाशी ली जा सकती है। बिना कारण बताए किसी को गिरफ्तार भी किया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर राष्ट्रपति किसी भी कानून को बदल या निलंबित भी कर सकते हैं।

बता दें कि चीन के कर्ज के जाल में फँसने के बाद श्रीलंका के हालात बेहद खराब हो चुके हैं। आर्थिक संकट के कारण वहाँ के लोगों को जरूरी चीजें तक नहीं मिल रही हैं और महँगाई अपने चरम पर पहुँच गई है। बिजली और परिवहन जैसी मूलभूत आवश्यकताओं की स्थिति जर्जर हो चुकी है। इसको लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन जारी है।

देश में करदाताओं की संख्या 10 लाख घटी

श्रीलंका के वित्त मंत्री अली साबरी ने बताया कि पिछले दो वर्षों में देश में लगभग 10 लाख करदाता कम हो गए हैं। सबरी ने बताया कि साल 2020 के शुरू में देश में 15,50,000 करदाता थे, जो साल 2021 के अंत तक 4,12,000 रह गए। दरअसल, नवंबर 2019 में राष्ट्रपति राजपक्षे सरकार ने अपने चुनावी वादों को पूरा करने के लिए देश में व्यापक कर कटौती की थी। सरकार ने मूल्य वर्धित कर (VAT) को 15 प्रतिशत से घटाकर 8 प्रतिशत कर दिया था और सात अन्य करों को भी समाप्त कर दिया था। सबरी ने इसे सरकार की ऐतिहासिक गलती बताया।

इन कर कटौती के कारण अगले वर्ष देश की क्रेडिट रेटिंग में गिरावट आई और श्रीलंका अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजार में अलग-थलग पड़ गया। जून 2019 में देश का विदेसी मुद्रा भंडार 8,864 मिलियन डॉलर के पर था, जो जनवरी 2022 में 2,361 मिलियन डॉलर पर आ पहुँचा। इसमें कोविड-19 की स्थिति ने और समस्या उत्पन्न की। साल 2018 में श्रीलंका के पर्यटन उद्योग में उछाल आया और $4.4 मिलियन राजस्व के रूप में प्राप्त हुआ, लेकिन कोविड के कारण साल 2021 में यह गिरकर $200 मिलियन तक रह गया।

इसके पहले भी लगा था इमरजेंसी

इसके पहले देश में 1 अप्रैल को आपातकाल लागू किया गया था। हालाँकि, कुछ दिन बाद ही 5 अप्रैल को इसे हटा लिया गया था। दरअसल, उस समय आपातकाल लगाने का निर्णय 31 मार्च 2022 को राष्ट्रपति आवास के बाहर जबरदस्त विरोध प्रदर्शन के बाद लिया गया था। प्रदर्शन के दौरान पुलिस को बल प्रयोग करते हुए 45 लोगों को गिरफ्तार भी किया था। इसके अलावा, अलग-अलग शहरों में कर्फ्यू लगा दी गई थी।

‘हिंदुत्व मतलब नाजीवाद और फासीवाद’ – शारदा यूनिवर्सिटी ने किया उसे सस्पेंड, जिसने बनाया था यह सवाल… माफी भी माँगी

नोएडा स्थित शारदा यूनिवर्सिटी के प्रश्न पत्र में हिंदूवादियों की तुलना फासीवादी और नाजीवादी से करने पर उठे विरोध के बाद बड़ा एक्शन हुआ है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने प्रश्नपत्र बनाने वाली फैकल्टी को सस्पेंड कर दिया है।

शारदा यूनिवर्सिटी ने यह एक्शन 6 मई 2022 (शुक्रवार) को लिया। साथ ही विश्वविद्यालय के मैनेजमेंट ने उस प्रश्नपत्र के लिए लोगों से माफ़ी भी माँगी है। हालाँकि प्रश्नपत्र बनाने वाले का नाम अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है।

अपने ट्वीट में यूनिवर्सिटी ने आगे कहा, “विश्वविद्यालय प्रशासन हर उस लाइन से कोई इत्तेफाक नहीं रखती जो किसी भी राष्ट्रीय पहचान या संस्कृति के विरोध में हो। हम भारत के सच्चे और स्वर्णिम रूप को दिखाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

इस विवादित पेपर के पाँचवें नंबर पर सवाल किया गया था कि धर्मान्तरण के मूल कारण क्या हैं? वहीं, छठे नंबर पर पूछा गया था – ”क्या आपको नाजीवादी, फासीवादी और हिंदुत्व में कोई समानता दिखती है?” प्रश्न पत्र में दोनों सवालों को विस्तार से बताने के लिए कहा गया था।

यह पूरा विवाद तब उठा था, जब भाजपा नेता विकास प्रीतम सिन्हा ने इसकी फोटो कॉपी ट्वीट करते हुए उसमें पूछे गए एक सवाल को आपत्तिजनक बताया। यह प्रश्न पत्र BA के राजनीति विज्ञान के साल 2021-2022 सत्र का था। विकास प्रीतम के मुताबिक पेपर को कथित रूप से एक मुस्लिम शिक्षक ने बनाया है।

भाजपा नेता ने अपने ट्वीट में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, धर्मेंद्र प्रधान और शलभमणि त्रिपाठी को टैग किया था। इस पेपर के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर शारदा यूनिवर्सिटी के खिलाफ कई नेटीजेंस ट्वीट कर रहे थे।

अपने हिंदू जीजा को मारने वाला मोबिन गिरफ्तार: बहन बोली- मुझे भी फाँसी देने की कोशिश, ओवैसी कह रहे- दिया जा रहा घटना को अलग रंग

हैदराबाद (Hyderabad) में 4 मई 2022 को 25 साल के दलित युवक नागराजू (Nagaraju) की हत्या कर दी गई। वजह उसने 23 साल की मुस्लिम युवती सैयद अशरीन सुल्ताना (Syed Ashreen Sultana) से हिंदू रीति-रिवाज से शादी की थी। शादी के बाद अशरीन ने अपना नाम पल्लवी रख लिया था। इस शादी से गुस्साए अशरीन के भाई ने नागराजू की सरेआम रॉड से पीट-पीटकर और फिर चाकू मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा इस घटना को अलग रंग देने की कोशिश की जा रही है।

मृतक नागराजू की पत्नी सैयद अशरीन सुल्ताना ने बताया कि दोनों पिछले 10 वर्षों से एक दूसरे को जानते थे और शादी करने का फैसला लिया था। वे दोनों शादी के पहले से ही इसके परिणामों को लेकर चिंतित थे। अशरीन ने बताया कि जब इस बात की जानकारी उसके भाई हुई तो उसने दो बार जान से मारने की कोशिश की थी।

एक न्यूज चैनल को अशरीन ने बताया कि उसकी अम्मी ने उसे चेतावनी दी थी कि अगर उसने दलित हिंदू नागराजू से शादी किया तो उसका भाई दोनों को मार देगा। आशरीन ने बताया कि उसके भाई ने शादी से पहले भी उसे रॉड से मारा था। अशरीन ने आगे कहा, “मेरी शादी से पहले मेरे भाई ने मेरी हत्या करने की कोशिश की थी। उसने मुझे दो बार फाँसी देने की कोशिश की।”

उसने बताया कि शादी के बाद दोनों ने अपने मोबाइल के नंबर भी बदल दिए, ताकि उसका पता ना चले। इसके साथ ही जिले के SP से भी सुरक्षा की गुहार लगाई थी। हालाँकि, शादी के बाद से ही अशरीन का भाई सैयद मोबिन उनकी खोज में लगा था। एक महीना पहले मोबिन ने दोनों पहचानने की कोशिश की थी, लेकिन पहचान नहीं पाया, लेकिन 6 मई को नागराजू और अशरीन को स्कूटी पर साथ जाने के दौरान वह सामने आ गया और रोक कर हत्या कर दी।

अशरीन ने बताया कि जिस दिन यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई, उस दिन नागराजू सुबह ऑफिस के लिए निकल गया और उसे अपनी बहन के पास छोड़ गया, क्योंकि उनकी तबीयत ठीक नहीं थी। रात करीब 8:30 बजे नागराजू पत्नी अशरीन को लेकर घर जाने लगा। इसी दौरान रास्ते में दो हमलावरों ने रोक कर नागराजू को पिटने लगे।

आशरीन ने बताया कि पहले तो वह हमलावरों को नहीं पहचान पाई और पूछा कि उसके पति को क्यों मार रहे हो? पति को बचाने के लिए जब एक हमलावर को उसने धक्का दिया, तब उसने अपने भाई को पहचान लिया। अशरीन ने कहा कि इस घटना में उसके रिश्तेदार शामिल नहीं है। इस हत्या को उसके भाई और भाई के दोस्त मोहम्मद मसूद अहमद ने अंजाम दिया है।

अशरीन के मुताबिक, “घटना के समय वहाँ कई लोग मौजूद थे। मैं उनसे चीख-चीख कर अपने पति को बचाने की मदद माँगती रही लेकिन कोई भी आगे नहीं आया। अंत में मैंने हमलावरों के पैर पकड़ कर कहा कि अगर इसे मारा तो मैं खुद भी मर जाऊँगी। पर इस बात का भी उन पर कोई असर नहीं पड़ा।”

अशरीन ने कहा कि उसका भाई और दोस्त नागराजू को 20 मिनट तक मारते रहे और लोग तमाशा देखते रहे। किसी ने भी बचाने की कोशिश नहीं की। उन्होंने कहा, “अगर तमाशा देखने वालों ने मदद की होती तो मेरे पति आज जिंदा होते. यह केवल हमारे बारे में नहीं है, दुनिया में कहीं भी ऐसा अपराध होने पर लोगों को पीड़ित की मदद के लिए आगे आना चाहिए।” 

अशरीन उर्फ ​​पल्लवी ने कहा, “हमारी शादी के महीनों पहले से मैंने उसे किसी और से शादी करने के लिए मनाने की बहुत कोशिश की थी। मैं नहीं चाहती थी कि मेरी वजह से उसकी जान को कोई खतरा हो, लेकिन वह नहीं माना। उसने कहा था कि जिएँगे तो साथ और मरेंगे तो साथ। लेकिन, मेरे भाई ने उसे मार दिया और मुझे छोड़ दिया।” 

घटना को अलग रंग दिया जा रहा है- ओवैसी

इस घटना पर AIMIM के चीफ और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने घटना की निंदा तो की, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि यह घटना आपराधिक वारदात है और उसे अलग रंग देने की कोशिश की जा रही है।

औवैसी ने कहा, “इस घटना को एक अलग रंग दिया जा रहा है। हम हत्यारों के साथ खड़े नहीं हैं। हम सरूरनगर में हुई (ऑनर किलिंग) घटना की मज्जम्मत करते हैं। महिला ने स्वेच्छा से शादी करने का फैसला किया। उसके भाई को उसके पति को मारने का कोई अधिकार नहीं है। यह संविधान के अनुसार एक आपराधिक कृत्य है और इस्लाम के अनुसार सबसे खराब अपराध है।”

झारखंड के CM सोरेन की करीबी IAS पूजा और उनके करीबियों के ठिकानों पर ED की छापेमारी: 25 करोड़ रुपए बरामद, ससुर अरेस्ट

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Jharkhand CM Hemant Soren) की खास और खान एवं भूविज्ञान विभाग की सचिव तथा झारखंड राज्य खनिज विकास निगम लिमिटेड (JSMDC) की प्रबंध निदेशक (MD) IAS पूजा सिंघल झा (Pooja Singhal Jha) और उनके करीबियों के करीब 20 ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छापेमारी की।

इस छापेमारी में एजेंसी को लगभग 25 करोड़ मिले हैं। पैसों को गिनने के लिए मशीन मँगवाना पड़ा। खबर यह भी है कि पूजा के आवास से करीब 25 करोड़ रुपए नकद बरामद हुए हैं। वहीं, कई मीडिया रिपोर्टंस में इसे पूजा के CA के यहाँ से 17 करोड़ जब्त होने की बात कही जा रही है। इसके साथ ही सोरेन के करीबी कारोबारी अमित अग्रवाल के ठिकानों पर भी छापेमारी हुई।

ससुर कामेश्वर झा गिरफ्तार

इसके अलावा, पूजा के पति अभिषेक झा के कई ठिकानों और ससुर के बिहार स्थित मुजफ्फरपुर और मधुबनी के ठिकानों पर भी छापेमारी की गई। बताया जा रहा कि झारखंड कैडर के इस IAS अधिकारी के ससुर कामेश्वर झा को उनके मधुबनी स्थित आवास से गिरफ्तार कर लिया गया है। झा पहले दरभंगा के जनसंपर्क विभाग के अधिकारी रह चुके हैं और पूजा के दूसरे पति अभिषेक झा के पिता हैं।

पति अभिषेक झा के ठिकानों पर भी छापेमारी

प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने एक साथ झारखंड के राँची, धनबाद, खूँटी, जयपुर, फरीदाबाद, गुरुग्राम, कोलकाता, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, मधुबनी और दिल्ली-NCR में छापे मारे हैं।पूजा सिंघल ने IAS पति राहुल पुरवार से तलाक लेने के बाद व्यवसायी अभिषेक झा से शादी की है। ED ने अभिषेक झा के राँची में काँके रोड के चाँदनी चौक स्थित पंचवटी रेजिडेंसी, लालपुर के हरिओम टावर स्थित नई बिल्डिंग और बरियातू के पल्स अस्पताल में भी छापेमारी की।

ED ने मनरेगा घोटाले के एक मामले के संबंध में की है। ED ने झारखंड उच्च न्यायालय को बताया था कि झारखंड के खूंटी जिले में मनरेगा में 18.06 करोड़ रुपए के घोटाले के वक्त वहां की उपायुक्त पूजा सिंघल थीं। इस मामले में वहाँ के जूनियर इंजीनियर राम विनोद प्रसाद सिन्हा को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। उन्होंने ED को बताया था कि कमीशन की राशि उपायुक्त कार्यालय तक पहुँचती थी। 

बता दें कि झारखंड उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव कुमार ने पूजा सिंघल के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति को लेकर ED को शिकायत भी सौंपी थी। फरवरी 2022 को भेजे गए अपनी शिकायत में राजीव ने आरोप लगाया था कि पूजा अपनी मर्जी से रेत खनन के ठेके अपने पसंद के ठेकेदारों को ही दे रही हैं। 

जब पूजा के सामने ही एक फरियादी ने CM को बताया था रिश्वत लेने में उनका नाम

पूजा सिंघल पर रिश्वतखोरी के आरोप लगते रहे हैं। एक बार उनके सामने ही एक व्यक्ति ने उनका नाम ले लिया था। सोरेन से पहले राज्य में रघुवर दास के नेतृत्व में भाजपा की सरकार थी। उस समय रघुवर दास सूचना भवन में जनसंवाद का आयोजन कर आम लोगों से मिलते थे। इसी दौरान धनबाद का एक व्यक्ति उनसे मिलने आया।

धनबाद से आए उस व्यक्ति ने रघुवर दास को बताया कि धनबाद मार्केटिंग बोर्ड में उसकी दुकान है और अधिकारी उससे पैसे माँगता है। वह अधिकारी कहता है कि पैसा ऊपर तक जाता है। राँची में कोई मैडम हैं पूजा सिंघल, उनके पास भी पैसा पहुँचाना पड़ता है। फरियादी जब यह बात कह रहा था, उस वक्त पूजा सिंघल रघुवर दास के साथ ही मौजूद थीं। इस वाकए को सुनकर वह सकपका गईं और शर्म से गड़ गईं। उस समय पूजा सिंघल कृषि सचिव थीं।

पूजा सिंघल पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप

पूजा सिंघल पर भ्रष्टाचार के कई आरोप हैं। उन पर राज्य के चतरा, खूंटी और पलामू जिले में उपायुक्त रहने के दौरान कई वित्तीय अनियमितताओं को अंजाम देने के आरोप हैं। खूंटी में मनरेगा योजना में 18.06 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ, उस वक्त पूजा सिंघल वहाँ उपायुक्त थी। वहीं, चतरा में अगस्त 2007 से 2008 तक पूजा सिंघल उपायुक्त थीं और वहाँ भी उन पर अनियमितता करने के आरोप हैं।

पलामू में उपायुक्त रहने के दौरान उन्होंने करीब 83 एकड़ भूमि एक निजी कंपनी को खनन के लिए ट्रांसफर कर दी। पूजा सिंघल पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, उनके भाई और करीबियों को कौड़ियों के भाव में खान आवंटित करने का आरोप हैं।