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भगवान श्रीराम हो गए लड़ाकू रैंबो, हनुमान गुस्से के प्रतीक हैं: छत्तीसगढ़ CM बघेल की BJP-RSS पर टिप्पणी, बोले- राहुल गाँधी अकेले दमदार नेता

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रविवार (मई 8, 2022) को भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय सेवक संघ को निशाना बनाने के चक्कर में भगवान श्रीराम और हनुमान पर आपत्तिजनक टिप्पणी की। सीएम बघेल ने भाजपा-आरएसएस पर निशाना साधने की आड़ में भगवान श्रीराम को रैंबो कहा और हनुमान जी को क्रोध का प्रतीक। कॉन्ग्रेस नेता व प्रदेश सीएम ने इंडियन एक्सप्रेस को कहा कि भारत इस समय ‘भड़काऊ और आक्रमक राष्ट्रवाद’ के दौर से गुजर रहा है जहाँ किसी आपत्ति या असहमति के लिए कोई जगह नहीं है। इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि ये दौर एक समय के बाद गुजर जाएगा और कॉन्ग्रेस की दोबारा सत्ता वापसी होगी।

श्रारीम और हनुमान पर CM बघेल की टिप्पणी

उन्होंने कहा, “राम हमारी संस्कृति में समाए हुए हैं। राम साकार और निराकार दोनों हैं… हमने राम को विभिन्न रूपों में स्वीकार किया है। हम कबीर के राम, तुलसी के राम और शबरी के राम को जानते हैं। राम हर भारतीय के दिल और दिमाग में रहते हैं। कार्यकर्ताओं ने राम को एक रूप में स्वीकार किया है, किसान उन्हें दूसरे रूप में देखते हैं, आदिवासी उनका एक और रूप देखते हैं, बुद्धिजीवी और भक्त उन्हें दूसरे रूप में देखते हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “महात्मा गाँधी भी राम को मानते थे। उन्होंने आखिर शब्द ही ये कहा था- ‘हे राम’ थे। वे रघुपति राघव राजा राम का पाठ करते थे। लेकिन आज भाजपा और आरएसएस जिस तरह से राम को देखते हैं और जो एजेंडा तय कर रहे हैं, उन्होंने उन राम को बदल दिया है जो ‘मर्यादा पुरुषोत्तम’ थे और हर भक्त के दिलों में प्रेम के प्रतीक के रूप में रहते हैं। भाजपा-आरएसएस ने उन्हें लड़ाकू रैम्बो बना दिया है। इसी तरह हनुमान नम्रता, भक्ति और ज्ञान के प्रतीक हैं। लेकिन आज उनके पोस्टर आक्रमक हैं। यदि आप हनुमान जी के पुराने चित्रों को देखें, तो देखेंगे कि भगवान बहुत सुंदर थे, भक्ति और ध्यान मुद्रा में थे। मगर आज वह क्रोधित और आक्रामक हैं। जिस तरह से वे समाज की मानसिकता को स्थापित कर रहे हैं उन्होंने पहले राम के साथ ये किया (आक्रमक दिखाया) और अब हनुमान के साथ ऐसा कर रहे हैं। हमारा राम कबीर और तुलसी का है, आदिवासियों, किसानों और श्रमिकों के है राम- सौम्य राम जो सर्वव्यापी हैं।”

भाजपा का राष्ट्रवाद ‘मुसोलिनी’ से आया, कॉन्ग्रेस की होगी सत्ता में वापसी

भाजपा पर निशाना साधने के लिए सीएम बघेल ने कहा कि इस पार्टी के राष्ट्रवाद का विचार इम्पोर्ट किया हुआ है। बीएस मुंज का नाम लेते हुए उन्होंने पूछा, “मुसोलिनी से कौन मिला था, वह बीएस मुंज थे….ड्रम, टोपी, सब कुछ इम्पोर्ट किया हुआ है। इनके राष्ट्रवाद में असहमति और आपत्ति को जगह नहीं है। हमारा राष्ट्रवाद बिलकुल अलग था। हम शुरुआत से ही परंपराओं से जुड़े रहे जिसका विकास शंकराचार्य, कबीर, गुरु नानक, रामकृष्ण परमहंस द्वारा हुआ।”

पार्टी की सत्ता वापसी को लेकर सीएम बघेल ने कहा कि भारतीय समाज प्रेम, भाईचारा और सहिष्णुता चाहता है। यही देश की संस्कृति रही है। अंत में सिर्फ प्रेम और भाईचारा ही जीतेगा। कॉन्ग्रेस नेता उम्मीद करते हैं कि जिस दौर से देश गुजर रहा है उसका जल्द अंत होगा। लोग समझ चुके हैं कि अब हद्द हो गई है। हिंसा अलग अलग राज्यों में हो रही है। उन्होंने कहा, “मैं नाम नहीं लेना चाहता। लेकिन क्या ये हिंसा का नेतृत्व कोई कर रहा है। ये बिन सिर की है। अगर ऐसा एजेंडा तय होता है तो ये देश के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है।”

सीएम बघेल के लिए राहुल गाँधी निर्भीक राजनेता

अपने इंटरव्यू में सीएम बघेल ने राहुल गाँधी को एकमात्र निर्भीक व दमदार राजनेता कहा जो भाजपा से नहीं डरते हैं और सीधे उन पर हमला करते हैं। सीएम बघले के अनुसार सिर्फ राहुल गाँधी ही ऐसे नेता हैं जो लोगों के कल्याण का सोचते हैं। चाहे वो महंगाई का मामला हो, बेरोजगारी का, जीएसटी या नोटबंदी का।

भूपेश बघेल के पिता पर भी है श्रीराम पर आपत्तिजनक टिप्पणी का आरोप

गौरतलब है कि केवल सीएम बघेल ने भाजपा के कंधे पर बंदूक रखकर हिंदू देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं की। उनकी छवि पर सवाल नहीं उठाए बल्कि उनके पिता नंद कुमार बघेल पर भी भगवान राम के बारे में कथिततौर पर अपमानजनक टिप्पणी का आरोप लगा था। साल 2021 में उनके खिलाफ एफआईआर हुई थी क्योंकि उन्होंने ब्राह्मणों को लेकर कहा था कि वह ब्राह्मणों को गंगा से वोल्गा भेजेंगे। जैसे अंग्रेज आकर गए वैसे ही ब्राह्मण भी सुधर जाएँ वरना वोल्गा जाने को तैयार हों।

3 बच्चों के अब्बा के चंगुल से छूटी हिंदू छात्रा, कोर्ट ने भेजा माता-पिता के साथ: धर्मांतरण के बाद निकाह कर चुका था आरिफ

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में बीकॉम की छात्रा का अपहरण व उसका धर्मांतरण करवा कर निकाह करने वाला आरिफ गिरफ्तारी के बाद जेल भेज दिया गया। इस दौरान पीड़ित लड़की भी अदालत लाई गई। अदालत में लड़की ने साफ तौर पर आरिफ के साथ रहने से मना कर दिया। उसने वापस अपने माता-पिता के साथ लखीमपुर खीरी लौटने की इच्छा जताई और उनके साथ चली गई।

लड़की ने अपने बयान में बताया कि आरिफ उसे पहले कोर्ट मैरिज के लिए ले जा रहा था। मगर बीच रास्ते उसने उसका धर्मांतरण करवाया और फिर किसी को 27 हजार रुपए देकर उससे निकाह रचा लिया। पुलिस अब आरिफ पर लगे आरोपो की जाँच कर रही है। वहीं लड़की को उसके माता-पिता के साथ भेज दिया गया है।

बता दें कि पूरा मामला रसूलपुर थाना क्षेत्र का है। इस इलाके की रहने वाली एक हिंदू लड़की कॉलेज में बी.कॉम की पढ़ाई कर रही थी। लेकिन, 25 अप्रैल 2022 को वह अचानक गायब हो गई। परिजनों के बहुत ढूँढने पर भी जब छात्रा नहीं मिली तो अंत में उसके पिता ने थाने में जाकर पुलिस को तहरीर दी और आरिफ को नामजद किया। 30 वर्षीय आरिफ रामगढ़ थाना क्षेत्र के आकाशवाणी रोड का रहने वाला है। कुछ रिपोर्ट्स में उसे तीन बच्चों का अब्बा बताया जा रहा है।

शिकायत के बाद पुलिस आरिफ को गिरफ्तार करने के लिए लगातार दबिश देने लगी, लेकिन वह कहीं हाथ नहीं आया। इसी दौरान गुरुवार (5 मई 2022) को पुलिस को मुखबिर से आरिफ के बारे में जानकारी मिली। सूचना के आधार पर पुलिस ने आरिफ को दखल की पुलिया के पास से गिरफ्तार कर लिया और उसकी निशानदेही पर छात्रा को भी बरामद कर लिया।

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरिफ से पूछताछ की। पूछताछ में आरिफ ने पुलिस को बताया कि वह छात्रा का धर्मांतरण कराने के बाद उससे निकाह कर चुका है। हालाँकि, धर्म परिवर्तन से संबंंधित उसने किसी तरह का कागजात नहीं दिया। पूछताछ में उसने बताया कि वह लड़की से निकाह करके उसे देहरादून, हरिद्वार में भटका रहा था।

कॉन्ग्रेसी मंत्री के बेटे पर रेप का आरोप, बोली पीड़िता – नशीला ड्रिंक पिला कर कई बार किया बलात्कार, गर्भपात भी करवाया, शराब पीकर मारपीट

राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार में जलदाय मंत्री डॉ महेश जोशी का बेटा है रोहित जोशी। उस पर 23 साल की एक लड़की को शादी का झाँसा देकर रेप करने का आरोप लगा है। मामले में उत्तरी दिल्ली की पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज कर मामले को माधोपुर के एसपी को ट्रांसफर कर दिया है, क्योंकि पहली बार उसके साथ वहीं पर रेप किया गया था।

पीड़िता का आरोप है कि रोहित जोशी ने उसके साथ कई मौकों पर रेप किया। उसने उसकी माँग में सिंदूर भरकर कहा कि अब तुम मेरी पत्नी हो गई हो और हम जल्द ही शादी कर लेंगे। इसके बाद वो उसे हनीमून पर ले गया और उसके साथ रेप किया। आरोप है कि जब वो गर्भवती हो गई तो उसका गर्भपात भी करा दिया।

दिल्ली के सदर थाने में दर्ज एफआईआर में पेशे से पत्रकार पीड़िता ने की संगीन आरोप लगाए हैं। उसने पुलिस को बताया कि उनम दोनों की दोस्ती फेसबुक के जरिए हुई थी। धीरे-धीरे जान-पहचान बढ़ी और दोनों करीब आ गए। पीड़िता के मुताबिक, पिछले साल 8 जनवरी, 2021 को रोहित उसे सवाई माधोपुर लेकर गया था, जहाँ उसने उसे नशीली चीजें खिलाकर उसका रेप किया। इस दौरान आरोपित ने उसकी नग्न तस्वीरें और वीडियो बना लिए। इसी के बल पर वो उसे लगातार ब्लैकमेल कर रहा था।

प्रदेश कॉन्ग्रेस कमिटी का मेंबर है आरोपित

आरोप है कि उसके बाद वो पीड़ित पत्रकार को 20 अप्रैल, 2022 को अपने दोस्त के फार्म हाउस पर ले गया और वहाँ पर उसने पत्रकार की माँग में सिंदूर भरकर कहा कि अब वो उसकी पत्नी है और दोनों जल्द रिशेप्शन करेगा। इसके बाद हनीमून के लिए दोनों मनाली चले गए। लेकिन इसी बीच 11 अगस्त, 2021 को वो गर्भवती हो गई और जब उसने इसके बारे में आरोपित को बताया तो दोनों के बीच काफी झगड़ा हुआ। इसके अगले दिन आरोपित ने पीड़िता को एक बार फिर से अपने दोस्त अजय यादव के ऑफिस में बुलाया और उसके साथ मारपीट की।

उसने जबरन उसका गर्भपात भी करा दिया। इसके बाद भी वो नहीं रुका और 3-4 सितंबर 2021 को दिल्ली के होटल सम्राट में रेप किया और फिर पिछले महीने 17 अप्रैल 2022 को भी उसके साथ दरिंदगी की गई। पीड़िता ने पुलिस को बताया है कि रोहित आए दिन शराब पीकर जबरदस्ती उसका रेप और मारपीट करता था।

भंवरी देवी जैसे हश्र की देता है धमकी

पीड़िता के मुताबिक, रोहित अपने पिता के मंत्री होने की धौंस जमाता है। वो कहता है कि बदमाशों और माफियाओं से उसके कनेक्शन हैं। वो पुलिस नहीं डरता। आरोप है कि रोहित ने पीड़िता और उसके परिजनों को जान से मारने की धमकी भी दी और कहा, “मंत्री का बेटा हूँ मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।”

Pak बर्बरता का शिकार हुए शरणार्थियों ने उठाई आवाज, बलिदानियों को श्रद्धांजलि दे कहा- जल्द भारत का हिस्सा होगा PoJK

पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर को वापस पाने के लिए स्वतंत्रता के बाद से अब तक कई लोग बलिदान हुए हैं। ऐसे में 8 मई 2022 को कई राजनीतिक व सामाजिक संगठनों ने जम्मू कश्मीर पीपुल्स फोरम के बैनर तले इन बलिदानियों को श्रद्धांजलि देते हुए एक रैली की।

‘पुण्यभूमि स्मरण’ के नाम से आयोजित यह रैली रविवार को सुबह 10:30 बजे जम्मू के गाँधी नगर स्थित पद्म सचदेव गवर्नमेंट पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज फॉर विमेन में आयोजित की गई।

फोटो साभार: जम्मू कश्मीर नाऊ यूट्यूब चैनल

इसके ब्रोशर में रैली के आयोजकों ने कहा, “15 अगस्त, 1947 को महापुरुषों और नायकों के निरंतर संघर्ष, बलिदान और प्रयासों के बाद भारत आजाद हुआ था, लेकिन पाकिस्तान ने 22 अक्टूबर, 1947 को हमला कर हजारों लोगों को मार डाला। जम्मू-कश्मीर में हजारों लोगों को अपनी जन्मभूमि छोड़ना पड़ा। 1965 और 1971 में छंब क्षेत्र से कई लोगों का पलायन हुआ। आइए हम उस समय बलिदान देने वालों को श्रद्धांजलि देने और अपने पूर्वजों की पवित्र भूमि को याद करने के लिए आयोजित बैठक में भाग लें।”

फोटो साभार: जम्मू कश्मीर नाऊ यूट्यूब चैनल

इसमें इस बात का जिक्र किया गया है कि 1947 में आजादी के बाद 22 अक्टूबर को जम्मू और कश्मीर पर कब्जा करने के इरादे से हमला किया था। इसी के साथ उसने जम्मू-कश्मीर के हजारों वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र पर कब्जा कर लिया। इसी को पाक अधिकृत जम्मू-कश्मीर कहा जाता है और वहाँ के विस्थापितों को पीओजेके के शरणार्थी कहा जाता है।

फोटो साभार: ट्विटर हैंडल फर्रागो अब्दुल

ब्रोशर के मुताबिक, जम्मू और कश्मीर की तत्कालीन सरकार की नीतियों के कारण हजारों पीओजेके शरणार्थी जम्मू-कश्मीर के बाहर भटकने पर मजबूर हैं। सात दशकों से अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे लोगों को मौजूदा सरकार उनके अधिकार देने की कोशिश कर रही है।

फोटो साभार: ट्विटर हैंडल फर्रागो अब्दुल्ला

रैली के आयोजकों ने छंब से विस्थापित हुए कहा कि 1965 और 1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान पलायन करने पर मजबूर हुए छंब के लोगों को आज प्रवासी के तौर पर जाना जाता है।

फोटो साभार: ट्विटर हैंडल फर्रागो अब्दुल्ला

इसमें पीओजेके क्षेत्र के मूल हिंदुओं और सिखों पर किए गए अत्याचार का भी जिक्र किया गया है, जिसमें बताया गया कि उस दौरान हिंदुओं और सिखों की बेरहमी से हत्याओं के साथ महिलाओं का रेप और उनके परिवारों को जिंदा जला दिया गया था। नरसंहार के कारण हजारों हिंदू और सिख परिवारों को पलायन करना पड़ा। इस कारण से बिछड़ गए कई परिवारों का आज तक पता नहीं चल सका।

फोटो साभार: ट्विटर हैंडल फर्रागो अब्दुल्ला

पूर्व एमएलसी रमेश अरोड़ा ने कहा, “इस धरती के इतने बहादुर सपूत 1947 में शहीद हुए थे, जब 22 अक्टूबर 1947 को पीओजेके क्षेत्र में हमला हुआ था। चीन ने पाकिस्तान के साथ पीओजेके के कुछ हिस्सों पर भी कब्जा कर लिया है। चीन का दखल दिनों दिन बढ़ता ही जा रहा है। हाल ही में पाकिस्तान में एक आत्मघाती हमलावर ने खुद को उड़ा लिया और कुछ चीनी नागरिकों को मार डाला। पाकिस्तानी सेना बलूच विद्रोहियों पर काफी सख्त है। हमारा कहना है कि पीओजेके के लोगों ने समय-समय पर कहा है कि वे भारत के साथ रहना चाहते हैं।”

फोटो साभार: ट्विटर हैंडल फर्रागो अब्दुल्ला

रमेश अरोड़ा आगे कहते हैं कि 1994 का हमारा संकल्प बहुत स्पष्ट है। इसमें कहा गया है कि भारत और पाकिस्तान के बीच एकमात्र विवाद यह है कि हम पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले POJK को वापस लेना चाहते हैं।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जल्द ही समय बदल जाएगा और POJK जल्द ही भारत का हिस्सा होगा।

इसी तरह से जम्मू के वार्ड नंबर 9 के नगरसेवक सुनीत रैना ने कहते हैं कि यह पहली घटना है जब 1947, 1965 और 1971 में पीओजेके से पलायन करने वाले लोग एक जगह इकट्ठा हो रहे हैं। इतिहास में पहली बार उनकी आवाज सुनी जा रही है।

फोटो साभार: ट्विटर हैंडल फर्रागो अब्दुल्ला

रैली के दौरान पीओजेके से आए लोगों की रक्षा में 1947-1948 के युद्ध में वीरगति पाने वाले भारतीय सेना के वीर जवानों और अधिकारियों के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए परिसर में विभिन्न बैनर और पोस्टर का प्रदर्शन किया गया।

रैली में लगाए गए पोस्टरों और बैनरों में पाक अधिकृत कश्मीर के विभिन्न स्थानों और 1947 के हमले का विरोध करने वाले महत्वपूर्ण लोगों की कहानियों को भी प्रदर्शित किया गया था।

जड़ों को खोदता, लकड़ियाँ भर आग लगा देता: कश्मीर के जिस मंदिर को सूफी के कहने पर 600 साल पहले तोड़ा, वहाँ अब हुई पूजा-अर्चना

जम्मू कश्मीर के अनंतनाग में स्थित मार्तण्ड सूर्य मंदिर के बारे में आपने सुना है? जी हाँ, वही मंदिर जिससे विशाल भारद्वाज की फिल्म ‘हैदर (2014)’ में ‘शैतान की गुफा’ के रूप में दिखा कर बदनाम किया गया था और जहाँ उस फिल्म के नायक शाहिद कपूर ने ‘डेविल डांस’ भी किया था। जबकि असली बात तो ये है कि ये मंदिर कभी पूरे भारत का, खासकर हिमालय का गौरव हुआ करता था। चुनिंदा प्राचीन सूर्य मंदिरों में एक था ये।

वर्षों बाद कश्मीर के मार्तंड सूर्य मंदिर में हुई पूजा

हम इस मंदिर की आज बात इसीलिए कर रहे हैं, क्योंकि इसे लेकर एक ताज़ा खबर आई है। असल में शुक्रवार (6 मई, 2022) को सुबह 100 से भी अधिक श्रद्धालुओं ने यहाँ पहुँच कर पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने हनुमान चालीसा का पाठ भी किया। कई पंडित भी यहाँ पर पहुँचे। बताया जाता है कि इस मंदिर का निर्माण 8वीं शताब्दी में हुआ था, लेकिन सन् 1389 और 1413 के बीच कई बार इसे नष्ट करने की कोशिश की गई।

अब श्रद्धालुओं ने वहाँ पहुँच कर शंख बजा कर पूजा-पाठ किया और ‘हर-हर महादेव’ के नारों से ‘भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (ASI)’ द्वारा संरक्षित ये स्थल गूँज उठा। पिछले कई वर्षों से कश्मीरी पंडित ये लगातार माँग कर रहे हैं कि ‘शारदा पीठ कॉरिडोर’ को खोल दिया जाए। ये एक सकारात्मक खबर है, इसीलिए भी क्योंकि मार्तण्ड सूर्य मंदिर में शंकराचार्य जयंती के दिन ये कार्यक्रम हुआ। भारत की चार दिशाओं में चार मठ स्थापित करने वाले जगद्गुरु ने सही मायनों में देश का एकीकरण किया था।

अब कई ज्योतिषाचार्यों एवं पंडितों ने यहाँ पूरे विधि-विधान के साथ पूजा की है। बता दें कि शारदा पीठ ‘पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK)’ में स्थित है। मार्तण्ड सूर्य मंदिर में पूजा-अर्चना के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रही और बड़ी संख्या में जवाब मौजूद रहे। अनंतनाग को स्थानीय मुस्लिमों द्वारा ‘इस्लामाबाद’ भी कहा जाता है। जिला प्रशासन ने सुरक्षा की व्यवस्था की थी। एक शिला को मंच बना कर वहाँ श्रद्धालुओं ने पूजा की।

सिकंदर शाह मीरी नाम के इस्लामी आक्रांता ने इस मंदिर को तोड़ा था। पूजा के दौरान श्रद्धालुओं के हाथ में भगवा झंडे भी थे, जिन पर ॐ अंकित था। साथ ही उनके हाथों में देश का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा भी था। भगवद्गीता का पाठ भी किया गया। ASI द्वारा संरक्षित स्थलों पर पूजा-पाठ किया जा सकता है, अगर पहले से होता रहा हो। महाराजा रुद्रनाथ अनहद महाकाल के नेतृत्व में ये कार्यक्रम हुआ। वो राजस्थान के करौली में ‘राष्ट्रीय अनहद महायोग पीठ’ के अध्यक्ष हैं।

उन्होंने जिला प्रशासन को इस कार्यक्रम की अनुमति के लिए ईमेल किया था, लेकिन उन्हें कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। उन्होंने कहा कि हमने आगे बढ़ने का फैसला लिया, क्योंकि चुप रहने की बजाए कार्य करने बेहतर है। यहाँ आकर कमिश्नर को कार्यक्रम की सूचना दी गई, जिन्होंने कहा कि ये सुरक्षित क्षेत्र नहीं है। फिर पुलिस फ़ोर्स भेजी गई। आदिगुरु शंकराचार्य भी कश्मीर आए थे। श्रद्धालुओं का कहना है कि उस स्थल को पवित्र करने के लिए वो वहाँ गए थे।

जैसा कि हमें पता है, भगवान सूर्य की पूजा भारतीय सनातन संस्कृति में आदिकाल से होती आई है। इसका उदाहरण ऋग्वेद में भी मिल सकता है, जिसमें सूर्य को इस संपूर्ण ब्राह्मण की दृष्टि बताया गया है। उन्हें प्रकाश का देवता माना गया। आज भी उत्तर बिहार में छठ पूजा (सूर्य षष्ठी) सबसे बड़ा त्यौहार है। उन्हें इस जगत का पालन-सर्वेक्षक बताया गया है। जीवन के अर्थ को ही ऋषियों ने सूर्योदय का वर्णन करना करार दिया। उन्हें समस्त लोकों को प्रकाशित करने वाला बताया गया है।

ललितादित्य मुक्तापीड ने करवाया था भव्य मंदिर का निर्माण

कश्मीर में एक बहुत ही पराक्रमी राजा हुआ थे जिनका नाम था ललितादित्य मुक्तापीड। कहा जाता है कि मार्तण्ड सूर्य मंदिर का निर्माण उन्होंने ही करवाया था। उनका तो सन् 761 में निधन हो गया और उनके बाद उनके वंश के अधिकतर राजा दुर्बल साबित हुए, लेकिन ये मंदिर लोगों को अपने प्रिय राजा की याद दिलाता रहा। मार्तण्ड सूर्य मंदिर की भव्यता की तुलना विजयनगर सम्राज्य की राजधानी हम्पी से होती रही है। अफ़सोस ये कि इस्लामी आक्रांताओं की बर्बरता के कारण हम्पी के भी अब सिर्फ अवशेष ही बचे हैं। वो शहर, जिसकी तुलना तब के रोम से होती थी।

उस समय भारत, ईरान और मध्य एशिया के कई क्षेत्रों में करकोटा वंश के ललितादित्य मुक्तापीड का शासन फैला हुआ था। भले ही इस मंदिर का भव्य निर्माण उन्होंने कराया हो, इससे जुड़ी कथा महाभारत में पांडवों तक जाती है। मार्तण्ड सूर्य मंदिर के आसपास कुल 84 अन्य छोटे-छोटे मंदिर हुआ करते थे, जिनके आज सिर्फ अवशेष ही बचे हैं। ओडिशा के कोणार्क और गुजरात के मोढेरा की तरफ मार्तण्ड सूर्य मंदिर का स्थान भी देश में उच्चतम था।

15वीं शताब्दी की शुरुआत में इस्लामी आक्रांताओं ने इसे जड़ से मिटाने की ठान ली और इसे अवशेषों में बदल दिया। एक पूरी की पूरी फ़ौज को इस मंदिर को तोड़ने में पूरे एक साल लग गए, जिससे इसकी मजबूती का अंदाज़ा लगाया जा सकता है। इससे तीन किलोमीटर की दूरी पर ही मट्टन में शिव मंदिर स्थित है, जहाँ आज भी पूजा-पाठ होता है। यहाँ एक जल के कुंड के भीतर ही शिवलिंग स्थित है। श्रद्धालु वहाँ आज भी दर्शन के लिए जाते हैं।

अनंतनाग शहर से पूर्व दिशा में इसकी दूरी 3 किलोमीटर है और ये जम्मू कश्मीर की राजधानी श्रीनगर से 64 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। ये एक किस्म के पठार पर स्थित है। उस समय इसकी कलाकृतियाँ देख कर लोग अचंभे से भर जाते थे। सिकंदर शाह मीरी ने उनमें से कई मंदिरों को ध्वस्त कर के उन्हीं ईंट-पत्थरों का इस्तेमाल कर मस्जिदें बनवाई। उसने इसकी जड़ों को खोदना शुरू किया और उनमें से पत्थर निकाल कर लकड़ियाँ भर देता था। इसके बाद उन लकड़ियों में वो आग लगवा देता था। इस तरह उसने मार्तंड सूर्य मंदिर को ध्वस्त कर डाला।

ये भी जानने लायक बात है कि इस मंदिर को नष्ट करने की सलाह उसे एक ‘सूफी फकीर’, जिसे आजकल ‘सूफी संत’ भी कहते हैं, उसने दी थी। उसका नाम था – मीर मुहम्मद हमदानी। वो कश्मीर के समाज को इस्लामी बनाना चाहता था। वो इलाके में ब्राह्मणों के वर्चस्व को तोड़ कर सारी संपदा हथियाना चाहता था। इसके बाद कई भूकंप भी आए, जिनमें मंदिर को क्षति पहुँची। जिस पठार पर इसे बनाया गया था, वहाँ से तब अधिकतर कश्मीर घाटी को देखा जा सकता था।

Marvel लाया पहली मुस्लिम सुपरहीरो सीरीज: फरहान अख्तर इसी से करेंगे हॉलीवुड में बिस्मिल्लाह, बोले- बहुत खुशनसीब हूँ

बॉलीवुड अभिनेता फरहान अख्तर मार्वेल स्टूडियोज की पहली मुस्लिम सुपरहीरो सीरीज ‘मिस मार्वेल’ में नजर आएँगे। इस फिल्म में जर्सी सिटी में पली-बढ़ी एक मुस्लिम अमेरिकी टीनेजर कमला खान उर्फ मिस मार्वेल की कहानी देखने को मिलेगी। ये किरदार इमान वेल्लानी निभाएँगी। फरहान अख्तर इस फिल्म में किस रोल में होंगे, ये अभी कन्फर्म नहीं है। मगर डिज्नी प्लस की इस सीरीज से वह अपना हॉलीवुड डेब्यू करेंगे। कुछ रिपोर्ट्स बता रही है कि वो इस सीरीज में गेस्ट अपीयरेंस देंगे।

डिज्नी+ सीरीज एक्टर का पहला हॉलीवुड प्रोजेक्ट होगा। 48 वर्षीय एक्टर ने एक इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए खुद ही इसका खुलासा किया है। उन्होंने पोस्ट के कैप्शन में लिखा, “खुशनसीब हूँ कि, यूनिवर्स आपको आगे बढ़ने व सीखने के ऐसे मौके देता है और इस केस में मुझे ये रोल करने में बहुत ज्यादा मजा आया।”

डेडलाइन की 6 मई की रिपोर्ट में भी इसकी पुष्टि की गई है। इसके मुताबिक, शो में कमला खान एक गेमर और फैन फिक्शन राइटर हैं, जो कैप्टन मार्वेल की फैन हैं। वो अपने घर और स्कूल में खुद को तब तक एक बाहरी के रूप में महसूस करती हैं, जब तक उन्हें अपने पसंदीदा किरदार की तरह सुपरपावर नहीं मिल जाती।

गौरतलब है कि पिछले साल की शुरुआत में भी इस तरह की चर्चाएँ सामने आईं थीं कि एक्टर बैंकॉक मार्वेल स्टूडियोज के एक प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। अब उसकी पुष्टि भी हो गई है। यह सीरीज 8 जून 2022 को ओटीटी प्लेटफॉर्म डिज्नी+हॉट स्टार पर रिलीज होगी। यहाँ ये अंग्रेजी, तमिल, तेलुगू, हिंदी और मलयालम भाषा में उपलब्ध होगी। उल्लेखनीय है कि इससे पहले अख्तर ‘रॉक ऑन!’, ‘जिंदगी ना मिलेगी दोबारा’, ‘भाग मिल्खा भाग’ और ‘दिल धड़कने दो’ जैसी हिट फिल्में दे चुके हैं।

बता दें कि मिस मार्वेल सीरीज में फरहान और वेल्लानी के अलावा अरामिस नाइट, ज़ेनोबिया श्रॉफ, मोहन कपूर, सागर शेख, ऋष शाह, मैट लिंट्ज़, अजहर उस्मान, यास्मीन फ्लेचर, लैथ नाकली, ट्रैविना स्प्रिंगर और निमरा बुका भी नजर आएँगे। इनके अलावा एक्टर फवाद खान भी इससे पहले ये कन्फर्म कर चुके हैं कि वो भी इस सीरीज में शामिल हैं। एक्टर ने एक इंटरव्यू में कहा था, “हाँ मैं भी सीरीज का हिस्सा हूँ। मैं अब इनकार भी नहीं कर सकता, अब तो मैं झूठ नहीं बोल सकता, वो तो उन्होंने खुद न्यूज लगा दी है।”

हनुमान मंदिर में लाउडस्पीकर लगाने पर कारोबारी को सिराज की धमकी – उतरवा लो, वरना होगा किशन भरवाड़ वाला हाल

गुजरात के बोटाद में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। सिराज उर्फ़ ‘सिरो डॉन’ उर्फ़ ‘डॉन हुसैन खलयानी बोटादवाला’ नामक एक स्थानीय गुंडे ने ‘विश्व हिन्दू परिषद (VHP)’ के नेता एवं कारोबारी महेन्द्रभाई लालजीभाई माली उर्फ़ मुन्नाभाई माली को धमकी दी है। उसने धमकाया है कि कारोबारी का वही वही हाल होगा, जो किशन भरवाड़ का हुआ था। ये घटना गुरुवार (5 मई, 2022) की है। बता दें कि बोटाद जिले को अहमदाबाद के दक्षिणी-पश्चिमी और भावनगर के उत्तरी-पश्चिमी हिस्सों को काट कर बया गया था।

इसके दो दिन बाद शनिवार को मुन्नाभाई माली ने बोटाद पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। बोटाद पुलिस ने इस शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपित को गिरफ्तार करने में भी सफलता पाई है। आरोपित सिरो डाउन का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। कई अन्य अपराधों को लेकर उसके खिलाफ पहले से ही शिकायतें दर्ज होती रही हैं। मुन्नाभाई माली ने ऑपइंडिया से बात करते हुए बताया कि 5 मई, 2022 को वो दोपहर 3 बजे घर से दुकान की तरफ जा रहे थे।

तभी, नागलपर दरवाजा के पास एक मेडिकल स्टोर के नजदीक सामने वाली सड़क से एक बिना नंबर वाली स्विफ्ट कार में सिराज आ धमका। इसके बाद उसने मुन्नाभाई माली को धमकी देते हुए कहा, “गाँव में तुमने हनुमान जी के मंदिर पर एक लाउडस्पीकर लगा रखा है। उस लाउडस्पीकर को जल्द से जल्द उतरवा लो, वरना तुम्हारा वही हाल होगा जो किशन भरवाड़ का हुआ था। आखिर तुम हमारा क्या कर लोगे? अगर मैं तुम्हें कार में खींच लूँ और तुम्हारा अपहरण कर लूँ, तुम कुछ नहीं कर पाओगे।”

गुंडे सिराज ने कारोबारी को धमकी देते हुए आगे कहा, “हमलोग तुम सब पर नजर रख रहे हैं। अपनी हद में रहो, वरना मैं तुम्हारी हत्या कर दूँगा।” इसके बाद उसने सड़क पर ही चिल्लाते हुए कारोबारी मुन्नाभाई माली को फिर से मार डालने की धमकी दी। इसके बाद मुन्नाभाई माली ने रसिकभाई तलशिभाई कंजरिया को फोन किया, जो विहिप के भावनगर खंड के अध्यक्ष हैं। उन्हें पूरी घटना के बारे में बताया। उनकी सलाह पर ही बोटाद पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया गया।

ऑपइंडिया ने भी रसिकभाई तलशिभाई कंजरिया से बात की, जिन्होंने बताया, “पूरे भारत और गुजरात की तरह, बोटाद में भी कई मंदिरों पर हनुमान चालीसा बजाने के लिए माइक और लाउडस्पीकर लगाए गए हैं। मुन्नाभाई 20 वर्षों से विहिप से जुड़े हुए हैं। वो जब अपनी फूलों की दुकान की तरफ जा रहे थे, तब उन्हें सिराज ने अपहरण और हत्या की धमकी दी। इस क्षेत्र में सांप्रदायिक भाईचारा नए रखने के लिए सिराज जैसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।”

याद दिलाते चलें कि किशन भरवाड़ की हत्या 25 जनवरी 2022 को कर दी गई थी। 2 बाइक सवारों ने इस हत्याकांड को अंजाम दिया। हत्या की वजह सोशल मीडिया पर मोहम्मद पैगम्बर को ले कर डाली गई एक पोस्ट थी जिसे हत्यारोपितों ने ईशनिंदा माना था। ये मामला संसद में भी गूँजा था। ATS ने पाया था कि मौलाना शब्बीर ने किशन की हत्या करने वाले आरोपितों को 11 लोगों की हत्या करने का ठेका दिया था। मौलाना अय्यूब को अहमदाबाद के जमालपुर से आरोपितों को हथियार उपलब्ध करवाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

आँकड़ों में कंफ्यूज राहुल गाँधी ने करवाई फजीहत: ट्वीट में खुद बता डाला- कॉन्ग्रेस काल में 2022 से भी ज्यादा महंगा था LPG सिलिंडर

कॉन्ग्रेस सांसद राहुल गाँधी ने रविवार (8 मई 2022) को LPG गैस के मुद्दे पर मोदी सरकार को घेरने के चक्कर में अपनी ही पार्टी की फजीहत करवा ली। एक ट्वीट कर के उन्होंने बताया कि साल 2014 में कॉन्ग्रेस की सरकार के दौरान एक सिलेंडर ₹1,237 का था। जो कि मोदी सरकार में ₹999 का है। राहुल गाँधी ने यह समझाने का प्रयास किया कि तब ग्राहक ₹410 अपनी जेब से भरते थे और सरकार उन्हीं करदाता ग्राहकों का ₹847 सब्सिडी के तौर पर लगाती थी।

राहुल गाँधी ने आगे लिखा, “तब एक 2 सिलेंडर के दाम में आज सिर्फ एक। सिर्फ कॉन्ग्रेस सरकार ही गरीबों और मध्यमवर्गीय लोगों के कल्याण के लिए काम करती है। हमारी आर्थिक नीतियों में यही प्रमुखता भी होती है।”

असल में कॉन्ग्रेस सांसद ने लोगों को यह बताने का प्रयास किया था कि कैसे मोदी सरकार ने लोगों को सब्सिडी देना बंद कर दी। इसी के चलते साल 2022 में लोगों को एक सिलेंडर के ₹999 देने पड़ रहे हैं। लेकिन कहीं न कहीं राहुल गाँधी ने ये मान लिया कि साल 2014 में गैस सिलेंडर का दाम साल 2022 से अधिक था। कुल मिला कर कॉन्ग्रेस सरकार टैक्स भरने वालों का ही पैसा उन्हें सब्सिडी के रूप में लौटा रही थी।

आँकड़ों के हिसाब से वर्तमान समय में सिलेंडर गैस का मूल्य पिछले 8 वर्ष पहले के दाम से उतार चढ़ाव के बाद भी सबसे कम है। मार्कोट्रेंड के एक लेख के मुताबिक साल 2014 में भारत में मुद्रास्फीति की दर 6.65%, 2015 में 4.91%, 2016 में 4.95%, 2017 में 3.33%, 2018 में 3.95%, 2019 में 3.72%, 2020 में 6.62% रही। साल 2014 में ₹1,237 की कीमत वर्तमान साल 2022 के हिसाब से लगभग ₹1,950 के आस-पास होगी। ये आँकड़े कहीं न कहीं राहुल गाँधी के दावों से मेल नहीं खाते है।

चित्र साभार – Marcotrends

LPG उत्पादन, क्रूड आयल रेट और आयत

शायद राहुल गाँधी के ट्वीट के बचाव में कॉन्ग्रेस पार्टी दावा करे कि तब क्रूड आयल और नेचुरल गैस के दाम आज के मुकाबले काफी अधिक थे। LPG गैस का उत्पादन क्रूड आयल के रिफाइन प्रक्रिया के दौरान होता है या इसे नेचुरल गैस प्रोडक्शन प्रक्रिया के दौरान निकाला जाता है। एल्गास में लिखे एक लेख के मुताबिक LPG मुख्य रुप से 2 माध्यमों से पैदा होती है। इसके उत्पादन का लगभग 60% हिस्सा सामान्य नेचुरल गैस प्रोडक्शन प्रक्रिया से आता है जबकि लगभग 40% क्रूड आयल रिफाइन प्रक्रिया के माध्यम से।

साभार – orfonline.org

रिपोर्ट के मुताबिक, “यह एक सह-उत्पाद है जो प्राकृतिक ढंग से पैदा होता है। बाद में इसे जमा कर के सिलेंडर के माध्यम से बड़े पैमाने पर वितरित किया जाता है। LPG गैस का निर्माण LPG गैस निर्माण प्रक्रिया के तहत होता है। इस दौरान नेचुरल क्रूड आयल का आसवन (डिस्टिलेशन) होता है।” भारत अधिकतर क्रूड आयल खाड़ी देशों से खरीदता है।

ब्रेंट क्रूड आयल के साल 2014 से 2022 के बीच के दाम का ग्राफ, साभार – ट्रेडिंग इकोनॉमिक्स

यहाँ ये ध्यान देने योग्य है कि ब्रेंट यूरोप के साथ अफ्रीका और मध्य पूर्व के देशों द्वारा प्रयोग किया जाने वाला एक मानक है। उपलब्ध आँकड़ों के मुताबिक 1 बैरल क्रूड आयल का दाम साल 2014 में लगभग $113 था। लगभग यही दाम आज भी है।

जब 2014 और 2022 में क्रूड आयल के दाम एक समान थे तब सिलेंडर गैस के दामों में ₹200 से अधिक का अंतर क्यों है ? यद्द्पि राहुल गाँधी ने यह तर्क देने की कोशिश की है कि मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों से मध्यमवर्गीय परिवार प्रभावित हो रहे हैं। उनके ट्वीट से यही मतलब निकाला जा सकता है कि वर्तमान समय में सिलेंडर गैस के दाम पहले के मुकाबले कम हैं। सब्सिडी से बच रहा पैसा सरकार के कई अन्य प्रोजेक्टों को पूरा करने में काम आ रहा है।

माही विज को अनजान शख्स से मिली रेप की धमकी, 3 साल की बेटी के सामने गाली-गलौच: Video के आधार पर मुंबई में शिकायत दर्ज

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई महिलाओं के सबसे सुरक्षित कही जाती है, लेकिन टेलीविजन अभिनेत्री माही विज ने मुंबई की पोल-पट्टी खोलकर रख दी है। अभिनेत्री ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से एक छोटा-सा वीडियो क्लिप शेयर करते हुए बताया कि एक शख्स ने उनसे गाली-गलौच और रेप की धमकी दी। उन्होंने कहा कि उस अजनबी व्यक्ति ने उनकी कार को टक्कर मार दी। इस मामले में उन्होंने मुंबई पुलिस से मदद माँगी और पुलिस ने स्थानीय थाने पहुँचकर रिपोर्ट लिखवाने के लिए कहा है।

अभिनेत्री ने सोशल मीडिया पर लिखा, “इस व्यक्ति ने मेरी कार को टक्कर मारी, गाली दी और मुझे बलात्कार की धमकी दी।” उन्होंने आगे कहा कि उसकी पत्नी भी आक्रामक हो गई और अपने पति को रेप करने के लिए उकसाया। माही ने मुंबई पुलिस से मदद माँगते हुए कहा, “हमारे लिए खतरा बने इस आदमी को खोजने में मेरी मदद करें।”

माही विज का कहना है कि जब यह घटना उनके साथ हुई, तब उनके साथ उनकी लगभग तीन साल की बेटी तारा भी थी। विज द्वारा शेयर किए गए कुछ सेकेंड में वीडियो में बदतमीजी करने वाले शख्स की कार का नंबर दिख रहा है। उन्होंने इसी आधार पर पुलिस से माँगी है। वहीं, मुंबई पुलिस ने उनकी ट्वीट का जवाब देते हुए कहा कि निकटतम पुलिस स्टेशन में जाकर अपनी शिकायत दर्ज कराएँ।

इसके बाद माही मुंबई के वर्ली पुलिस स्टेशन गईं और वहाँ उन्हें अपने साथ हुई घटना की लिखित शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने रिकॉर्ड किए गए वीडियो की को भी पुलिस के साझा किया है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने उन्हें हर तरह से मदद करने का आश्वासन दिया है।

बता दें कि माही विज टेलीविजन सीरियल की प्रसिद्ध अभिनेत्री हैं और घर-घर में लोकप्रिय हैं। उनकी सीरियल ‘लागी तुझसे लगन’ और ‘बालिका वधू’ को दर्शकों को खूब सारा प्यार मिला। वह जल्द ही डांस रियलिटी शो ‘डांस इंडिया डांस लिटिल मास्टर्स’ को होस्ट करने वाली है। माही ने मशहूर टीवी एक्टर जय भानुशाली से शादी की है। दोनों की एक बेटी है।

‘KGF 3’ में विलेन के रूप में हो सकती है ‘भल्लाल देवा’ की एंट्री, चैप्टर 2 की कमाई पहुँची ₹1130 करोड़: हिंदी में तोड़ा ‘दंगल’ का रिकॉर्ड

KGF फ्रैंचाइज़ी के फैन दर्शकों के लिए एक बहुत ही अच्छी खबर है। ‘बाहुबली’ सीरीज में अपने किरदार से डरावने और क्रूर विलेन की छवि को नया रूप देने वाले राना दग्गुबाटि ‘KGF 3’ में दिखाई दे सकते हैं। निर्देशक प्रशांत नील और निर्माता कंपनी ‘Hombale फिल्म्स’ की योजना है कि हॉलीवुड के मार्वल की तरह ‘KGF’ को भी एक बड़ी फ्रैंचाइज़ी के रूप में विकसित किया जाए। रामचंद्र राजू (गरुड़ा) और संजय दत्त (अधीरा) ने फिल्म सीरीज की पहली दो फिल्मों में विलेन का किरदार निभाया है।

जहाँ तक बॉक्स ऑफिस कलेक्शंस की बात है, यश के लीड रोल वाली ‘KGF 2’ ने अब तक दुनिया भर में 1130 करोड़ रुपए की कमाई कर ली है। इसके साथ ही इसने निर्देशक एसएस राजामौली की फिल्म ‘RRR’ का हालिया रिकॉर्ड तोड़ दिया है, जिसमें जूनियर NTR और राम चरण मुख्य भूमिकाओं में थे। ‘RRR’ ने अब तक 1127 करोड़ रुपए की कमाई की है। जहाँ ‘RRR’ तेलुगु फिल्म है, ‘KGF’ सीरीज कन्नड़ सिनेमा इंडस्ट्री से ताल्लुक रखती है।

मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि ‘KGF 3’ की योजना तैयार है और इसके लिए निर्माता-निर्देशक जल्द ही राना दग्गुबाटि से संपर्क कर सकते हैं। ‘KGF 2’ में संजय दत्त के किरदार ‘अधीरा’ की मौत हो जाती है, ऐसे में नया विलेन कहानी की ज़रूरत भी है। हैदराबाद में प्रशांत नील और राना दग्गुबाटि की मुलाकात हो सकती है। फ़िलहाल प्रशांत नील प्रभास-श्रुति हासन स्टाटर ‘सालार’ की शूटिंग में व्यस्त हैं। इसके बाद वो अगली फिल्म पर काम शुरू करेंगे।

यश पहले ही बता चुके हैं कि अगले भाग में एक्शन का लेवल और ऊपर होगा। इसके अलावा ज्यादा रोमांच भी देखने को मिलेगा। प्रोड्यूसर विजय किरगंदुर इसके लिए योजना बना रहे हैं। ‘सालार’ की 30-35% शूटिंग पूरी हो चुकी है। अलग-अलग फिल्मों के अभिनेताओं को ‘मार्वल यूनिवर्स’ की तर्ज पर ‘KGF’ सीरीज में लाया जाएगा। ये सभी एक्शन स्टार ही होंगे। ‘KGF 3’ का बजट भी 500 करोड़ रुपए पहुँच सकता है। अक्टूबर-नवंबर तक ‘सालार’ की शूटिंग भी पूरी हो जाने की उम्मीद है।

अकेले हिंदी भाषा में ‘KGF 2’ ने 400 करोड़ से अधिक की नेट कमाई कर ली है। फिल्म ने सभी हिंदी फिल्मों को भारत में कमाई के मामले में पीछे छोड़ दिया है, यहाँ तक कि आमिर खान के ‘दंगल (2016)’ और ‘बजरंगी भाईजान (2015)’ को भी। जहाँ ‘दंगल’ की नेट कमाई 387 करोड़ रुपए थी, सलमान खान की ‘बजरंगी भाईजान’ ने 320 करोड़ रुपए नेट बटोरे थे। अब हिंदी में ‘KGF 2’ से आगे सिर्फ ‘बाहुबली 2’ का हिंदी वर्जन है, जो हिंदी भाषा में 500 करोड़ रुपए की नेट कमाई करने वाली अकेली मूवी है।