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पटियाला हिंसा में शिवसेना नेता हरीश सिंगला गिरफ्तार, पार्टी ने भी निकाला: राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने मान सरकार से 7 दिनों में माँगी रिपोर्ट

पंजाब के पटियाला (Patiala, Ounjab) में हुई हिंसा के बाद हालात को देखते हुए शनिवार (30 अप्रैल 2022) की सुबह तक के लिए राज्य कर्फ्यू लगा दिया गया है। इस मामले में भगवंत माऩ सरकार (CM Bhagwant Mann) से कार्रवाई का निर्देश मिलने के बाद पुलिस ने शिवसेना (बाल ठाकरे) के नेता हरीश सिंगला को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया है।

पटियाला के श्री काली देवी मंदिर के पास दो गुटों के बीच हुई हिंसक झड़प के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने घटना के जाँच के आदेश दिए हैं। वहीं, इस मामले में उन्होंने मुख्य सचिव अनिरुद्ध तिवारी, डीजीपी वीके भावरा व अन्य सीनियर अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की थी।

वहीं, इस मामले का अल्पसंख्यक आयोग ने भी संज्ञान लिया है। इस संबंध में राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने पंजाब के मुख्य सचिव को पत्र लिखा है। आयोग की संयुक्त सचिव ए. धनलक्ष्मी ने पत्र में कहा है कि पंजाब सरकार इस संबंध में 7 दिनों के अंदर विस्तृत रिपोर्ट आयोग को सौंपे।

पटियाला हिंसा मामले में शिवसेना (बाल ठाकरे) ने अपने नेता हरीश सिंगला को पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल बताते हुए उन्हें बर्खास्त कर दिया है। पंजाब में शिवसेना प्रमुख योगराज शर्मा की तरफ से जारी किए गए प्रेस नोट में इस संबंध में जानकारी दी गई है और उनके कार्यों से पार्टी ने दूरी बना ली है।

अफगानिस्तान के काबुल में अलग-अलग बम धमाकों में कम-से-कम 30 लोगों की मौत: मस्जिद में जुमे की नमाज पढ़ने के दौरान हुआ विस्फोट

अफगानिस्तान (Afghanistan) की राजधानी काबुल (Kabul) में शुक्रवार (29 अप्रैल 2022) की दो बम विस्फोट हुए। इन दोनों विस्फोटों में कम-से-कम 30 लोगों के मारे जाने की खबर है। वहीं, बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। खबर यह भी आ रही है कि मृतकों की संख्या बताई गई संख्या से कई गुना अधिक है। वहीं, तालिबान अधिकारियों ने एक विस्फोट में 20 और दूसरे में 10 लोगों के मौत की पुष्टि की है।

अफगानिस्तान के आंतरिक मंत्रालय (MoI) के एक प्रवक्ता ने कहा कि काबुल के छठे पुलिस जिले में एक मस्जिद में विस्फोट हुआ। इसमें कम-से-कम 20 लोग मारे गए हैं। हमलावर भी मारा गया है। घटना काबुल के सराय अलाउद्दीन की है। इस हमले में घायलों की जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

वहीं, दूसरा ब्लास्ट काबुल के दारुल अमन इलाके के एक घर में हुआ है। अफगानिस्तान की न्यूज एजेंसी टोलो न्यूज के अनुसार, इसमें 10 लोगों के मारे जाने की खबर है। वहीं, इस हमले में 20 लोगों के घायल होने की बात सामने आ रही है।

बताया जा रहा है कि सराय उलाउद्दीन की सुन्नी मस्जिद में बड़ी संख्या में लोग नमाज पढ़ने के लिए इकट्ठा हुए थे। इसी दौरान धमाका हुआ। अभी तक इन हमलों की जिम्मेदारी किसी ने नहीं ली है।

बता दें कि गुरुवार (28 अप्रैल 2022) को अफगानिस्तान के मजार-ए-शरीफ इलाके में दो अलग-अलग विस्फोटों में 11 लोगों की मौत हो गई थी। इस हमले में 13 लोग घायल हो गए थे। यह धमाका एक बस में हुआ था, जिसमें महिलाएँ एवं बच्चे सवार थे। इस हमले की जिम्मेदारी ISIS ने ली थी।

‘कितनी भी फ़ौज ले आओ, Pak से बात करनी ही पड़ेगी’: बुलडोजर से भड़कीं महबूबा मुफ़्ती, लाउडस्पीकर उतरवाए जाने से भी दिक्कत

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री व पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती का पाक प्रेम एक बार फिर से जाग गया है। उन्होंने भारत और पाकिस्तान को लेकर कई मुद्दों पर ‘आज तक’ को अपने विचार बताए। मुफ्ती ने कहा, “AFSPA की वजह से घाटी में लोग परेशान हो गए हैं। सुरक्षा बलों को इतनी ताकत दी गई फिर भी सरपंच मर रहे हैं, लोगों पर गोली चल रही है। तो मेरे मुताबिक हमारे घर में ही कोई ना कोई कमी है, कहीं ना कहीं हम ही फेल होते हुए नजर आ रहे हैं। पाकिस्तान से बात करने के अलावा कोई दूसरा चारा नहीं है, कितनी भी फौज ले आएँ, बात तो करनी ही पड़ेगी।”

जम्मू-कश्मीर की वर्तमान स्थिति के लिए उन्होंने केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा, “कश्मीर को बर्बाद किया जा रहा है। केंद्र जम्मू-कश्मीर को पूरे तरीके से खत्म करना चाहता है। यह सरकार हमारा वजूद खत्म करना चाहती है। शायद इसलिए, क्योंकि यह मुस्लिम मेजॉरिटी राज्य है। हर तरफ से हमें कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।”

यही नहीं महबूबा मुफ्ती ने केंद्र की मोदी सरकार और बीजेपी को देश में हो रही हिंसात्मक घटनाओं के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि अचानक से लाउडस्पीकर का मामला आया, इससे पहले हिजाब का मामला आया था, आगे हलाल का मामला आएगा। उनके अनुसार, ये सब समाज को बाँटने की साजिश लग रही है।

महबूबा ने आरोप लगाते हुए कहा कि रोजगार और बिजली-पानी का संकट है, ऐसे में सबसे आसान काम है, हिंदू-मुसलमानों को एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा करना। उन्होंने कहा, “अगर ऐसे ही चलता रहा तो भविष्य में हमारे हालात और खराब होंगे। मजहब का दुरुपयोग करके हमारा पड़ोसी तबाह हो गया था। वह आज तक इसका खामियाजा भुगत रहे हैं।”

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री ने भारत की तुलना पाकिस्तान से करते हुए कहा, “उन्होंने मजहब के नाम पर लोगों को बंदूकें दे दीं। हमारे देश में भी यही हो रहा है। यहाँ मजहब के नाम पर लोगों को बुलडोजर और तलवारें दी जा रही हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि हमारा देश एक धर्मनिरपेक्ष नींव पर आधारित है। धर्मनिरपेक्षता हमारे डीएनए में है। बीजेपी धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने को तोड़ने की कोशिश कर रही है, लेकिन डीएनए तो रहेगा ही। उन्होंने कहा कि जहाँ तक मस्जिदों में लाउडस्पीकर बंद करने का सवाल है, यह उनके उसी एजेंडे का हिस्सा है।

‘हम अल्लाह के रास्ते पर चलते हैं, तुम्हारी हुकूमत से नहीं डरेंगे’: ओवैसी ने मुस्लिमों को भड़काया – मैदान मत छोड़ो

एआईएमआईएम (AIMIM) के चीफ और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियों में भाषण देते हुए उनकी आँखों से आँसू आ गए। वायरल वीडियो को एआईएमआईएम (AIMIM) के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर शेयर किया गया है। करीब 1 घंटा 40 मिनट के इस वीडियो में असदुद्दीन ओवैसी मुस्लिमों को मैदान नहीं छोड़ने की सलाह देते हुए नजर आ रहे हैं।

उन्होंने 38 सेकंड के दौरान रोते हुए कहा, “हम तुम्हारे जुल्म से नहीं डरेंगे, तुम्हारी ताकत से नहीं डरेंगे, सब्र से मुकाबला करेंगे, मैदान नहीं छोड़ेंगे।” इस दौरान वीडियो में ‘इंशाअल्लाह’ और ‘अल्लाह-हु-अकबर’ के नारे भी लगाए गए।

उन्होंने वीडियो में आगे कहा, “खरगोन में मुसलमानों के घर तोड़ दिए, जहाँगीरपुरी में उनके साथ हिंसा हुई। मैं कह रहा हूँ कि हिम्मत मत खोना। मुझे मौत से डर नहीं है। हम तुम्हारी हुकूमत से डरने वाले नहीं है।” ओवैसी ने आरोप लगाया कि देश में एक समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है। उनकी नजरों में कई ऐसी घटनाएँ हुई हैं, जहाँ पर सीधे तौर पर एक धर्म के खिलाफ कार्रवाई की गई।

उन्होंने यह भी कहा, “हम अल्लाह के रास्ते पर चलने वाले हैं, हिम्मत रखने वाले हैं। मुस्लिम समाज के पास सिर्फ ईमान वाली दौलत है, ऐसे में अल्लाह ही उनके लिए रास्ते खोलेगा। किसी को भी मायूस होने की जररूत नहीं है, उतार चढ़ाव आएँगे, लेकिन हर चुनौती का डटकर सामना किया जाएगा।”

बता दें कि इससे पहले भी कई मौकों पर ओवैसी ऐसे भाषण दे चुके हैं, जिसमें उनका एक समुदाय के प्रति खास झुकाव देखने को मिला है। रामनवमी पर हुईं हिंसा को लेकर भी उन्होंने सोशल मीडिया और न्यूज चैनलों पर यह मुद्दा उठाया था कि उनकी नजरों में केवल एक विशेष समुदाय के खिलाफ ही पुलिस का एक्शन हो रहा है और बुलडोजर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने इसे बीजेपी की बाँटने वाली रणनीति बताया था।

‘भूल भूलैया 2’ में ब्राह्मणों के लिए ‘ह₹!मी’ शब्द का इस्तेमाल, गाने में राम-कृष्ण का अपमान: अब भी नहीं सुधर रहा बॉलीवुड

अक्टूबर 2007 में एक फिल्म आई थी, जिसका नाम था ‘भूल भूलैया’ और जिसमें अक्षय कुमार के अलावा विद्या बालन, परेश रावल व राजपाल यादव जैसी फ़िल्मी हस्तियाँ मुख्य भूमिकाओं में थीं। ये फिल्म अप्रैल 2005 में आई रजनीकांत की तमिल ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘चंद्रमुखी’ की रीमेक थी। ‘चंद्रमुखी’ खुद मलयालम सुपरस्टार मोहनलाल की दिसंबर 1993 में आई फिल्म ‘Manichitrathazhu’ की रीमेक थी, जिसमें सुरेश गोपी भी मुख्य भूमिका में थे।

अब 20 मई, 2022 को कार्तिक आर्यन एवं कायरा आडवाणी अभिनीत ‘भूल भूलैया 2’ रिलीज हो रही है, जिसमें सपोर्टिंग किरदारों में तब्बू, राजपाल यादव, संजय मिश्रा और राजेश शर्मा भी हैं। फिल्म में इसके प्रीक्वल के गाने ‘हरे राम, हरे कृष्णा’ का भी नया वर्जन पेश किया गया है। हॉरर में रोमांस और कॉमेडी का तड़का लगा कर भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के नामों को एक फ़िल्मी गाने में इस्तेमाल किया गया है, वो भी डिस्को के रूप में।

बात सिर्फ यहीं तक नहीं रुकती है, बल्कि ब्राह्मणों का भी इस फिल्म में अपमान किया गया है। संजय मिश्रा को एक पंडित की भूमिका में दिखाया गया है और राजपाल यादव को उनके सहायक के। हमेशा की तरह राजपाल यादव की वेशभूषा ऐसी ही है, ताकि शिखा का मजाक बनाया जा सके। भले ही वैज्ञानिक और आध्यात्मिक तौर पर शिखा या चोटी रखने के कई फायदे साबित हुए हों, लेकिन बॉलीवुड के लिए ये मजाक से बढ़ कर और कुछ नहीं।

फिल्म में एक डायलॉग है राजपाल यादव का, “ये तो म्हारे से भी ज्यादा ह$#मी है।” इस पर संजय मिश्रा कॉमेडी करते हुए जवाब देते हैं, “का अंतर्यामी है? ये हमसे भी बड़ा ह$#मी है।” भूषण कुमार की ‘T-Series’ के यूट्यूब पेज पर आए इसके ट्रेलर को खबर लिखे जाने तक 4.62 करोड़ लोग देख चुके हैं। 3 मिनट 12 सेकेंड के इस वीडियो में आप 50 सेकेंड के बाद इस हिस्से को देख सकते हैं। रामनामी कपड़े पहन कर कार्तिक आर्यन को कॉमेडी करते हुए भी देखा जा सकता है।

ये भी ध्यान देने लायक है कि इस फिल्म के निर्देशक अनीस बज्मी हैं और लेखक फरहाद सामजी हैं। दोनों ही मुस्लिम समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। फिल्म में तबस्सुम फातिमा हाशमी, यानी तब्बू भी हैं। ऐसे में हिन्दू देवी-देवताओं और ब्राह्मणों के अलावा सनातन रीति-रिवाजों का मजाक बनाए जाने की आशंका खुद बलवती हो जाती है। वैसे भी ब्राह्मणों के प्रति बॉलीवुड की नफरत पुरानी है। अब तो OTT पर आने वाले वेब सीरीज में भी इसे आगे बढ़ाया जा रहा है।

शायद यही कारण है कि देश की ग्रामीण और सनातन संस्कृति में रचे-बसे और इससे जुड़े परिदृश्य दिखाने वाले दक्षिण भारतीय फ़िल्में पूरे भारत में ब्लॉकबस्टर का दर्जा प्राप्त कर रही है। 1100 करोड़ रुपए कमाने वाली ‘RRR’ में भगवान श्रीराम से प्रेरित किरदार डाला गया था। 960 करोड़ रुपए कमा चुकी ‘KGF 2’ के अभिनेता यश परिवार के साथ पत्तल पर भोजन खाते दिखते हैं। हाल ही में हिंदी भाषा को लेकर अजय देवगन और किच्चा सुदीप में विवाद भी हो गया।

पटियाला काली मंदिर में हिंसा के बाद कर्फ्यू, राघव चड्ढा ने राजनीतिक दलों पर मढ़ा दोष: हिन्दू संगठनों ने बुलाया बंद

पंजाब के पटियाला (Patiala, Punjab) में ‘खालिस्तान मुर्दाबाद’ मार्च निकालने के बाद हुए बवाल के बाद शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया है। यह कर्फ्यू शुक्रवार (29 अप्रैल 2022) की शाम सात से शनिवार को सुबह 6 बजे तक के लिए लगाई गई है। तनाव को देखते हुए कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

इस हिंसा को लेकर राज्यसभा के सांसद राघव चड्ढा ने कहा, “इस मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पंजाब सरकार और पुलिस इस हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी। इन राजनीतिक दलों के मास्टरमाइंड को नहीं बख्शा जाएगा।”

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान (Bhagwant Mann) ने इस मामले में ऐक्शन लेने की बात कही है। मान ने ट्वीट किया, “पटियाला में हुई घटना पर DGP और सभी बड़े अधिकारियों की मीटिंग बुलाई। मामले की तुरंत जाँच के निर्देश दिए हैं और अधिकारियों को सख़्त हिदायत दी है कि एक भी दोषी को बख्शा न जाए। पंजाब विरोधी ताकतों को किसी भी कीमत पर पंजाब की शांति भंग नहीं करने दी जाएगी।”

नवजोत सिंह सिद्धू ने ट्वीट कर कहा, “पंजाबी हमारे गुरु के सार्वभौमिक भाईचारे और एकता की शिक्षाओं से बंधे हैं। हमारे समाज में किसी भी असामाजिक तत्व को फूट डालने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। पटियाला की घटना पंजाब सरकार की भीड़ का अनुमान लगाने और उसे नियंत्रित करने में घोर नाकामयाबी के कारण हुई। जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।”

इस मामले को लेकर पंजाब के हिंदू समाज ने शनिवार (30 अप्रैल 2022) को बंद का आह्वान किया है।

बता दें कि शुक्रवार को शिवसेना (ठाकरे) द्वारा खालिस्तान विरोधी मार्च निकालने के दौरान दो गुटों में झड़प हो गई। दोनों तरफ से पत्थर चलने लगे। इस दौरान खालिस्तान समर्थकों के हाथों में तलवारें दिखाई देने लगीं। खालिस्तान समर्थकों की भारी भीड़ ने काली माता मंदिर को घेर लिया। उन्हें काबू करने के लिए पुलिस को 15 राउंड गोलियाँ चलानी पड़ी। उपद्रवियों के काली माता मंदिर में भी घुसने की फुटेज सामने आए हैं। हिंसा को काबू करने के प्रयास में SHO त्रिपड़ी करमवीर सिंह तलवार के हमले में घायल हो गए।

फिर टली राणा दंपति की जमानत पर सुनवाई, महाराष्ट्र सरकार ने हनुमान चालीसा पाठ को बताया साजिश: कहा – ‘राष्ट्रपति शासन लगवाना चाहते थे’

महाराष्ट्र (Maharashtra) में हनुमान चालीसा विवाद (Hanuman Chalisa Controversy) को लेकर जेल में बंद सांसद नवनीत राणा (Navneet Rana) और उनके पति रवि राणा (Ravi Rana) को शुक्रवार (29 अप्रैल, 2022) को भी कोर्ट से राहत नहीं मिली है। उनकी जमानत याचिका पर शुक्रवार को होने वाली सुनवाई को टाल दिया गया है। आज सिर्फ मुंबई पुलिस ने इस मामले में अपना जवाब दाखिल किया है। पुलिस ने कोर्ट में जमानत याचिका पर विरोध जताया है और इसे ‘राष्ट्रपति शासन’ लगाने की साजिश बताया है।

रवि और नवनीत राणा द्वारा डाले गए जमानत आवेदनों के जवाब में महाराष्ट्र सरकार ने उनकी जमानत का विरोध करते हुए कहा कि इससे मामले में रुकावट आएगी क्योंकि अगर जमानत दी जाती है, तो आरोपित जाँच के दौरान दिए गए समय पर उपस्थित नहीं होंगे। पुलिस ने आगे कहा, “यह कानून और व्यवस्था की स्थिति को चुनौती देने की एक बड़ी साजिश है… इस हद तक कि कानून और व्यवस्था नाम की कोई चीज न होने की दलील देकर महाराष्ट्र के राज्यपाल द्वारा वर्तमान सरकार को भंग करने की सिफारिश की जा सकती है।” बता दें कि राज्यपाल द्वारा सरकार भंग करने के बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन लग जाता है।

क्या होता है राष्ट्रपति शासन

बता दें कि राष्ट्रपति शासन को लागू करने के लिए सबसे पहले राष्ट्रपति को यह सुनिश्चित करना पड़ता है कि किसी विशेष राज्य का कार्यशक्ति फेल हो गया है और तब वहाँ पर राष्ट्रपति शासन की आवश्यकता है। इसके बाद जब राष्ट्रपति सुनिश्चित हो जाए तो उस घोषणा को संसद के दोनों ही सदन (राज्य सभा और लोक सभा) में दो महीने के अंतर्गत ही सामान्य बहुमत से स्वीकृत करना होगा।

फिर जब संसद के दोनों सदन से उस घोषणा को स्वीकृति प्रदान हो जाती है, तो उस राज्य में अगले छह महीने के लिए राष्ट्रपति शासन लागू हो जाता है। राष्ट्रपति शासन को अधिक से अधिक तीन वर्षों तक बढ़ाया जा सकता है, परन्तु इसके लिए यह आवश्यक है, कि प्रत्येक 6 माह में संसद के दोनों सदन उसे सामान्य बहुमत से स्वीकृत करें। राष्ट्रपति शासन का मतलब है किसी राज्य का नियंत्रण भारत के राष्ट्रपति के पास चले जाना। लेकिन प्रशासनिक दृष्टि से केंद्र सरकार इसके लिए राज्य के राज्यपाल को कार्यकारी अधिकार प्रदान करती है।

बता दें कि मरावती से निर्दलीय सांसद नवनीत राणा मुंबई की भायखला महिला जेल में बंद हैं जबकि उनके पति तलोजा जेल में हैं। अब उनकी सुनवाई शनिवार (30 अप्रैल) को होगी। कल इस मामले में दोनों पक्ष बहस करेंगे। इससे पहले मुंबई पुलिस की माँग और कोर्ट में ज्यादा केस पेंडिंग होने के चलते दोनों की सुनवाई शुक्रवार यानी 29 अप्रैल तक टाल दी गई थी। शुक्रवार को उन्हें उम्मीद थी कि जमानत मिल जाएगी लेकिन एक बार फिर उनके हाथ निराशा ही लगी। हनुमान चालीसा के विवाद के चलते राणा दंपति 14 दिन की न्यायिक हिरासत यानी 6 मई तक कस्टडी में हैं।

क्यों जेल में हैं राणा दंपति

गौरतलब है कि राणा दंपति ने सीएम उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) के घर ‘मातोश्री’ के बाहर हनुमान चालीसा पढ़ने का ऐलान किया था। उन्होंने जिस दिन ऐसा करने का ऐलान किया था, उसी दिन सुबह उनके घर के बाहर बड़ी संख्या में शिवसैनिक पहुँच गए और दिनभर हंगामा किया। उनका आरोप था कि इस दंपति ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाया है। जिसके बाद पति-पत्नी को गिरफ्तार कर लिया गया और उन्हें जेल भेज दिया गया।

हिन्दू युवती से बलात्कार करने वाला मौलवी ओसामा खान गिरफ्तार, शौहर और दो देवरों ने भी किया था रेप: ‘लव जिहाद’ का मामला

कुछ दिन पहले ही मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक हिंदू युवती को जबरन मुस्लिम बनाने का मामला सामने आया था। इस मामले में धर्म छिपा कर हिंदू रीति-रिवाज से शादी करने वाले आरोपित युवक इमरान, उसके भाइयों और मौलवी ने युवती के साथ दुष्कर्म किया था। इस मामले में आरोपित मौलवी ओसामा खान को भी पुलिस ने दबोच लिया है। डबरा पुलिस ने आरोपित को सिमरिया गाँव से पकड़ा है। पुलिस ने आरोपित को अदालत में पेश किया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। धर्मांतरण के मुख्य आरोपित इमरान, उसकी अम्मी सुग्गा बेगम और उसके भाइयों को पुलिस पहले ही पकड़ चुकी है।

आरोपित मौलाना ओसामा की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस पर हिंदू संगठन दबाव बना रहे थे। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस उसकी कुंडली निकाल रही थी। लगातार दबिश दे रही थी। पुलिस इस बात का पता लगा रही थी कि मौलाना ने इस तरीके से अन्य युवतियों को तो अपना शिकार तो नहीं बनाया है। जानकारी के मुताबिक, मौलाना का तीन मंजिला मकान मदरसा के पास बना हुआ है। वहाँ उसका परिवार रहता है।

बुधवार (27 अप्रैल, 2022) को पुलिस ने मौलाना को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। मौलाना ने ‘पाक साफ करने’ के नाम पर ‘लव जिहाद’ पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया था। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, मौलवी ओसामा खान ने पीड़िता का धर्म परिवर्तन करवाया और फिर निकाह करवाया था। इतना ही नहीं, इसके बाद मौलवी ने यह कहते हुए पीड़िता के साथ रेप किया था- “तुझे पाक-साफ करना पड़ेगा।” जब मौलवी उसके साथ रेप कर रहा था तो उसका शौहर कमरे के बाहर ही खड़ा था।

गौरतलब है कि पिछले दिनों मध्य प्रदेश के डबरा में लव जिहाद और मौलाना द्वारा पड़िता का​​​​​​​ शोषण करने का मामला सामने आया था। लव जिहाद के आरोपित इमरान ने पहले पहचान छुपाकर युवती से विवाह किया। इसके बाद युवती पर दबाव बनाकर धर्म परिवर्तन कराया। उससे देह व्यापार करने के लिए मजबूर किया। युवती के दूसरे समुदाय की होने पर मौलाना ने उसे ‘साफ कर’ने की बात कहकर एक रात उसके साथ हलाला का हवाला देकर शारीरिक शोषण किया था। पीड़िता को बंधक बनाकर शौहर, दो देवर, मौलाना और दो अन्य लोगों द्वारा सात माह तक रेप किया गया था।

पीड़िता ने आपबीती में बताया था कि उसकी सास सुग्गा बेगम ने उसे वेश्यावृत्ति के धंधे में धकेल दिया था। उसे एक कमरे में बंद करके रखा गया था, सिर्फ बाथरूम जाने के लिए निकलने दिया जाता था। सास हर दूसरे दिन अनजान लोगों को लेकर कमरे में आती थी। उनसे पैसे लेती और पीड़िता का रेप कराती थी। इस दौरान वह दो बार गर्भवती हुई। एक बार सास ने गर्भपात की गोली खिला दी और दूसरी बार सीढी से धक्का दे दिया था। आरोपितों से भयभीत पीड़िता ने पुलिस से सुरक्षा की भी माँग थी। पीड़िता को डर है कि आरोपित उसके साथ कुछ भी कर सकते हैं।

यूपी ATS ने देवबंद से बांग्लादेशी छात्र को दबोचा, फर्जी दस्तावेजों से 7 साल से भारतीय बन रह रहा था: दारुल उलूम में भारत विरोधी गतिविधि

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में यूपी ATS टीम ने देवबंद दारुल उलूम के एक छात्र को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किया गया छात्र बांग्लादेशी है। वो 2015 से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भारतीय बनकर रह रहा था और देवबंद में पढ़ाई कर रहा था। देर रात यूपी ATS टीम ने देवबंद दारुल उलूम जाकर वहाँ के रूम नम्बर 61 से गिरफ्तारी की।

गिरफ्तार बांग्लादेशी का नाम तलहा तालुकदार बिन फारुख बताया जा रहा है। वह बांग्लादेश में कुम्मिला जिले के दाउद कंदी पुलिस थाना क्षेत्र स्थित बरगुआली के रहने वाला है। तलहा के कब्जे से एटीएस ने आधार कार्ड, पैन कार्ड, दारुल उलूम देवबंद का पहचान पत्र, लाइफ टाइम मेंबरशिप कार्ड, बांग्लादेशी मुद्रा, बांग्लादेशी पासपोर्ट की फोटो कॉपी और 150 रुपए भारतीय करेंसी बरामद की है। बताया जा रहा है कि आरोपित पाकिस्तान में ट्रेनिंग कर चुका है।

देवबंद में रहकर अरबी आलिम की पढ़ाई कर रहा था

यूपी एटीएस से इस संबंध में प्रेस नोट भी जारी किया है। इसके मुताबिक एटीएस को सूचना मिली थी कि तलहा नाम का एक व्यक्ति दारुल उलूम देवबंद में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर रह रहा है और देश विरोधी गतिविधियों में संलिप्त है। बयान में कहा गया कि एटीएस की टीम ने इस सूचना के आधार पर छानबीन की तो पता चला कि तलहा नाम का एक व्यक्ति दारुल उलूम देवबंद के कमरा नंबर 61 में रहकर अरबी आलिम की पढ़ाई कर रहा है। एटीएस ने बताया कि इसके बाद तलहा को पूछताछ के लिए बुलाया गया तो उसने खुद को भारतीय नागरिक बताया और अपनी बात की पुष्टि के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड और दारुल उलूम की आजीवन सदस्यता कार्ड प्रस्तुत किया। हालाँकि वह अधिकारियों के प्रश्नों का संतोषजनक जवाब नहीं दे सका।

यूपी पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट (फोटो साभार: UP Police)

धोखाधड़ी, दस्तावेजों में हेराफेरी समेत कई धाराओं में केस

रिलीज के मुताबिक मुताबिक, अधिकारियों ने जब उसकी तलाशी ली तो उसके पर्स से बांग्लादेशी पासपोर्ट की फोटोकॉपी मिली जिसके बारे में वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका और उसने खुद को बांग्लादेशी नागरिक होना स्वीकार कर लिया। बयान में कहा गया कि एटीएस ने थाना देवबंद में तलहा तालुकदार के खिलाफ धोखाधड़ी, दस्तावेजों में हेराफेरी, विदेशी अधिनियम समेत अन्य सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। एटीएस के आधिकारिक बयान के अनुसार यह जाँच की जा रही है कि तलहा तालुकदार ने भारतीय दस्तावेज कैसे बनवाए और उसके भारतीय संबंधों का भी पता लगाया जा रहा है।

‘शायद ब्रा भी नहीं रहेगी’: पूनम पांडे ने फैंस से किया कैमरे के सामने टॉपलेस होने का वादा, शर्त- LockUpp के लिए देना होगा वोट

पूनम पांडे बोल्ड फोटो, वीडियो और बयानों के लिए ही जानी जाती हैं। ओटीटी पर चल रहे एकता कपूर के रियलिटी शो लॉकअप (LockUpp) में भी वे इसी फॉर्मूले पर चल रही हैं। अभिनेत्री कंगना रनौत (Kangana Ranaut) इस शो की होस्ट हैं और अब यह अपने अंतिम चरण में है। ऐसे में पूनम पांडे (Poonam Pandey) ने वोट करने पर फैंस से कैमरे के सामने टॉपलेस होने का वादा किया है। पूनम पांडे ने कुछ इसी तरह का वादा 2015 में भारत के क्रिकेट विश्‍व कप जीतने पर भी किया था। इस बोल्‍ड ऐलान से वे लाइमलाइट में तो आ गई थीं, लेकिन शिवसेना की धमकी के बाद अंडरग्राउंड भी हो गईं थी।

अब एक बार फिर वह अपने वादे को लेकर सुर्खियाँ बटोर रही हैं। उन्होंने फैंस से वादा किया है कि इस बार अगर वो उनकी बात मान लेते हैं, तो वे कैमरे के सामने टॉपलेस हो जाएँगी। उन्होंने कहा, “अगर आप मुझे भर-भर के वोट देते हैं, तो इस बार टी-शर्ट उतारूँगी, शायद ब्रा भी नहीं रहेगी।”

बता दें कि लॉकअप के एक एपिसोड की शुरुआत में पूनम ने खुले यार्ड एरिया में बिकनी में नहाते हुए दर्शकों की धड़कनें बढ़ा दी थीं। जब पूनम नहा रही थी तो पायल रोहतगी को छोड़कर बाकी सभी लोग लॉक अप एरिया के अंदर बैठे थे। हालाँकि शो के निर्माताओं ने लॉकअप के अंदर पूनम के नहाते हुए फुटेज को प्रसारित नहीं किया। लेकिन इसकी चर्चा खूब हुई। लॉकअप के ही एक अन्य प्रतिभागी हिंदूफोबिक कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी ने मजाक उड़ाते हुए कहा था, “अगर वो प्रॉमिस करे कि ऑडियंस उसे वोट देगी और बचाएगी तो वो हर गुरुवार और शुक्रवार के एपिसोड में अपनी टी-शर्ट उतारेगी।” इस शो में पूनम पांडे एक बार कैमरे के सामने टॉप भी उतार चुकी हैं।