Home Blog Page 2783

‘धर्मध्वजा की रक्षा करेंगे’: आदिवासियों ने धर्मांतरण के खिलाफ खोला मोर्चा, दूसरा मजहब अपनाने वाले किए जाएँगे समाज से बाहर

राजस्थान के बांसवाड़ा स्थित कुशलगढ़ के दशहरा मैदान में जनजाति सुरक्षा मंच ने रविवार (24 अप्रैल, 2022) को महासम्मेलन का आयोजन किया। इस दौरान आदिवासियों के धर्मांतरण का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। मंच के पदाधिकारियों ने एक सुर में धर्मांतरण कर दूसरे धर्म को अपनाने वाले लोगों को जनजाति कोटे के तहत मिलने वाले आरक्षण को भी छोड़ने को कहा। इसके साथ ही ऐसे लोगों को समाज से बाहर निकालने की भी माँग उठी।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे बंशीलाल कटारा ने कहा कि आदिवासी हमेशा से धर्म की रक्षा करता आया है। हम धूनी, धाम और धर्मध्वजा की रक्षा करेंगे। उन्होंने जनजातियों की सुरक्षा के मुद्दे को सड़क से संसद और सरपंच से सांसद तक का आंदोलन का ऐलान किया। कटारा कहते हैं कि संविधान के अनुच्छेद 341 और 342 में एससी/एसटी की भारतीय एवं राज्यवार, आरक्षण और संरक्षण के लिए राष्ट्रपति से सूची जारी कराने का प्रावधान है। इसके मुताबिक, अपना धर्म छोड़कर ईसाई और मुस्लिम बने लोगों को एससी कोटे के तहत आरक्षण की सुविधा नहीं मिल सकती है।

हालाँकि, ऐसे लोग एसटी की सूची में शामिल हो सकते हैं। जब भी आदिवासी धर्मांतरण कर ईसाई धर्म में शामिल होता है, तो वे भारतीय ईसाई कहलाते हैं। ऐसे में वो अल्पसंख्यकों की श्रेणी में आते हैं। इस तरह से ये ईसाई और मुस्लिम, दोनों मजहबों में जाकर लाभ लेते हैं।

चर्चा के दौरान इस बात का भी जिक्र किया गया कि 1968 में पूर्व सांसद कार्तिक उराँव ने एक स्टडी के जरिए दावा किया था कि देश के 5 प्रतिशत ईसाई भारत के 62 प्रतिशत से अधिक एसटी कोटे से मिलने वाले राजकीय अनुदानों का फायदा उठा रहे हैं।

बीजेपी के जनजाति मोर्चा ने भी की यही माँग

इसी तरह से भाजपा की जनजातीय मोर्चा के नेताओं ने भी ईसाई और मुस्लिम धर्म अपनाने वाले आदिवासियों को आरक्षण से बाहर करने की माँग उठाई थी।

‘फीस लाखों, माँ चंडी मेले में 3 मिनट परफॉर्म कर के भाग गईं’: अमीषा पटेल के खिलाफ शिकायत दर्ज, बाद में कहा – जान का खतरा था

मध्य प्रदेश के खंडवा में बॉलीवुड अभिनेत्री अमीषा पटेल (Ameesha Patel) पर ‘धोखाधड़ी’ (Cheating) का आरोप लगाते हुए एक सामाजिक कार्यकर्ता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। सामाजिक कार्यकर्ता सुनील जैन ने ‘गदर’ फिल्म की एक्ट्रेस पर आरोप लगाया है कि उन्होंने फीस लेने के बाद भी खंडवा में आयोजित एक कार्यक्रम में ‘अधूरी परफॉर्मेंस’ दी। पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, कथित तौर पर अमीषा पटेल ने इस कार्यक्रम में अपनी परफॉर्मेंस देने के लिए लाखों में फीस ली थी, लेकिन वह केवल तीन मिनट में ही मंच से उतर कर चली गईं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, खंडवा के माँ नवचंडी मेले में शनिवार (23 अप्रैल, 2022) रात फिल्म स्टार नाइट कार्यक्रम में करीब दो घंटे देरी से पहुँची अमीषा पटेल ने अपनी फिल्म ‘कहो न प्यार है…’ के टाइटल सॉन्ग पर डांस मूव्स किए। अमीषा को एक घंटे परफॉर्म करना था, लेकिन वह सिर्फ 3 मिनट के अंदर मंच से उतरकर इंदौर के लिए निकल गईं। बताया जा रहा है कि एक्ट्रेस ने मात्र कुछ सेकंड की परफॉर्मेंस के बदले 4.25 लाख रुपए लिए थे। वहीं, एक्ट्रेस ने अपने बचाव में कहा है कि खडंवा के कार्यक्रम में आयोजकों द्वारा उचित व्यवस्था नहीं की गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि इस कार्यक्रम में उन्हें जान का खतरा था।

अमीषा पटेल ने इस मामले को लेकर कार्यक्रम के अगले दिन, यानी रविवार (24 अप्रैल, 2022) को अपने ट्विटर हैंडल (Twitter) पर लिखा, “23 अप्रैल को मध्य प्रदेश के खंडवा शहर में नवचंडी महोत्सव 2022 (Navchandi Mahostav 2022) में उन्होंने भाग लिया, लेकिन स्टार फ्लैश एंटरटेनमेंट और अरविंद पांडे द्वारा यह कार्यक्रम ठीक प्रकार से आयोजित नहीं किया गया था। मैं स्थानीय पुलिस को धन्यवाद देना चाहती हूँ कि उन्होंने मेरी मदद की।”

ऐसी खबरें हैं कि अभिनेत्री के साथ उस कार्यक्रम में किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार नहीं किया गया है। इस मामले में मोघाट थाना प्रभारी ईश्वर सिंह चौहान ने मीडिया को बताया कि एक्ट्रेस के इवेंट के दिन वह भी आयोजन स्थल पर मौजूद थे। कार्यक्रम में लोगों की भीड़ जरूर थी, लेकिन किसी प्रकार की अभद्रता नहीं हुई।

‘4 घंटे, FIR को लेकर जिद पर अड़ी पुलिस’: रसूखदार के शेल्टर होम में 7 साल की बच्ची से यौन शोषण, जाँच के लिए झारखंड पहुँचे बाल आयोग अध्यक्ष

झारखंड के राँची में पूर्व नौकरशाह द्वारा संचालित चिल्ड्रेन होम में सात साल की बच्ची के यौन उत्पीड़न का मामला प्रकाश में आया है। इस मामले में शिकायत मिलने के बाद ‘राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR)’ के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो मामले की छानबीन करने के लिए मंगलवार (26 अप्रैल, 2022) को राँची पहुँचे।

ट्विटर के जरिए इसकी जानकारी देते हुए प्रियंक कानूनगो ने कहा, “आज झारखंड के राँची में हूँ। यहाँ एक चिल्ड्रेन होम में बच्चे के साथ स्टाफ़ द्वारा यौन हिंसा व उसके बाद उसको दबाने का मामला प्रकाश में आया है। बालगृह उसी रसूख़दार पूर्व नौकरशाह से ही सम्बंधित संस्था का है जहाँ बच्चों का उपयोग धरना, प्रदर्शन व अराजक गतिविधियों में करते हैं।”

इसकी के साथ कानूनगो ने अपने अगले ट्वीट में राँची पहुँचने की घटना की बात की। उन्होंने लिखा, “शर्मनाक बात है कि पिछले चार घंटे से झारखंड पुलिस बच्चे के यौन शोषण के संज्ञेय अपराध में भी FIR दर्ज करने के लिए परिजन को फ़रियादी बनाने की ज़िद पर अड़ी है। न तो स्वयं से मुक़दमा बना रही न ही एनसीपीआर को अपना फरियादी बना रही है।” इसके साथ ही राज्य के सीएम हेमंत सोरेन पर तंज कसते हुए प्रियंक कानूनगो ने पूछा कि आखिर किसका दबाव है।

ऐसे हुआ खुलासा

गौरतलब है कि हाल ही में एक सामाजिक कार्यकर्ता ने एनसीपीसीआर में शिकायत दर्ज करवाया था कि बीते 7 अप्रैल को राँची के धुर्वा थाना क्षेत्र स्थित रेनबो फाउंडेशन इंडिया द्वारा संचालित रेनबो चिल्ड्रेन होम में एक आदिवासी बच्ची का वहीं के गार्ड ने यौन उत्पीड़न किया। इस मामले में बच्ची को न्याय दिलाने की बजाय चिल्ड्रेन होम के मैनेजर ने इस घटना को दबाने की कोशिश की। इसी पर आयोग ने संज्ञान लिया है।

इसी तरह से पूर्व आईएएस अधिकारी और कथित समाजसेवी हर्ष मंदर द्वारा चलाए जा रहे चिल्ड्रेन होम (अमन घर) में भी भी लड़कों के यौन शोषण का मामला प्रकाश में आया था। इस चिल्ड्रेन होम के मालिक हर्ष मंदर ही हैं। आयोग के मुताबिक, बच्चों के यौन शोषण की कई घटना 2012, 2013 और 2016 में लड़कों के घर के भीतर हुई थी।

श्रीराम को ‘शातिर’ और रावण को ‘नेक’ बताने वाली LPU प्रोफेसर ने मंदिर में हाथ जोड़ कर माँगी माफ़ी, कहा – मैं डिप्रेशन में थी

भगवान राम (Bhagwan Ram) का अपमान करने वाली लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) की बर्खास्त प्रोफेसर गुरसंग प्रीत कौर ने फेसबुक पर एक वीडियो शेयर लोगों से माफी माँगी है। वीडियो में आप देख सकते हैं कि कौर भगवान राम के मंदिर में खड़ी होकर, दोनों हाथ जोड़कर लोगों से उनकी भावनाएँ आहत करने के लिए माफी माँग रही हैं।

भगवान राम को ‘शातिर, छलिया’ और रावण को नेक दिल बताने वाली कौर 1.26 मिनट के वीडियो में कहती हैं, “नमस्ते। मैं गुरसंग प्रीत कौर, लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में अस्सिटेंट प्रोफेसर के तौर पर काम करती थी। क्लास रूम लेक्चर के दौरान मुझसे एक बहुत बड़ी गलती हो गई, जिसे पाप भी कहा जा सकता है। गलती से मैंने भगवान राम जी के लिए कुछ ऐसे शब्दों का प्रयोग किया, जिससे पूरे देश की और हिंदू समाज के लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँची है। हालाँकि, मेरी ऐसी मंशा नहीं थी।”

वह रोते हुए आगे कहती हैं, “अब जब मैं भगवान राम की शरण में आ गई हूँ, तो मेरे मन में कुछ भी ऐसा नहीं है। मैंने गुरुग्रंथ सा​हब जी का पाठ भी किया हुआ है। उस समय में डिप्रेशन थी, या यूँ कह सकते हैं कि फिजिकल हेल्थ इशू की वजह से मुझे समझ में नहीं आया कि मैं क्लास में बच्चों से क्या कह रही हूँ। मैं आप सबसे, सारे भारतवासियों से क्षमा माँगती हूँ। मुझे इस पाप के लिए माफ करें। मुझसे गलती हुई है। मेरी वजह से बहुत सारे लोगों की धार्मिक भावनाओं और आस्था को चोट पहुँची है। मेरी आप सबसे से विनति है कि आप इसे मेरी पहली और आखिरी गलती समझकर माफ कर दीजिए।”

बीते दिनों सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में बर्खास्त प्रोफेसर गुरसंग प्रीत कौर भगवान राम को ‘बुरा इंसा’न बताया था। वह कहते हुए दिखी थीं, “राम बुरा इंसान था। राम ने रावण जैसे नेक दिल इंसान के साथ छल किया।” कौर वीडियो में अपने छात्रों को बता रही हैं कि राम ने रावण का वध करने के लिए सीता के अपहरण की साजिश रची थी, ना कि रावण की, जिसने सीता का अपहरण किया और उन्हें लंका ले गया।

वह यहीं नहीं रुकतीं। बार-बार एक ही बात को दोहराती हैं। कौर छात्रों को भगवान राम के खिलाफ भड़काते हुए कहती हैं, “क्या आप जानते हैं कि रावण एक नेक दिल इंसान था? जबकि राम अच्छा इंसान नहीं था। राम बेहद शातिर था, जिसने चतुराई से सीता के अपहरण की योजना बनाई और रावण को बुरा इंसान साबित कर दिया।” इसके बाद प्रोफेसर छात्रों से अपने कुतर्कों पर विचार करने के लिए कहती हैं।

इसके बाद यूनिवर्सिटी ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक बयान जारी करते हुए इस घटना पर खेद जताया था। उन्होंने कहा था, “भगवान राम का अपमान करने वाली प्रोफेसर का वीडियो सामने आने के बाद उसे बर्खास्त कर दिया गया है।

भारत ने यमन में 6 देशों के 14 नागरिकों को छुड़ाया, हूती विद्रोहियों के कब्जे में थे: बोला नाविक मुनव्वर – PM मोदी का आभार

गृह युद्ध ग्रस्त यमन से भारत के राहत भरी खबर आई है। वो खबर ये है कि पिछले तीन महीने से वहाँ के हूती विद्रोहियों के कब्जे से भारत सरकार अपने जिन नागरिकों को छुड़ाने की कोशिश कर रही थी, उन्हें छुड़ा लिया गया है। 7 भारतीय नाविकों समेत 14 अलग-अलग देशों के नागरिकों को भारत सरकार ने कूटनीतिक प्रयासों के जरिए सुरक्षित बचा लिया है। सभी भारतीयों को सुरक्षित दिल्ली लाया गया है।

मुंबई के नाविक मोहम्मद मुनव्वर ने बताया कि वो लोग वहाँ करीब साढ़े तीन महीने से फँसे थे। उन्होंने बचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया है। वहीं लखनऊ के नाविक मोहम्मद जशीम खान के मुताबिक, यमन के विद्रोही उनकी जहाजों और उस पर लदे माल पर कब्जा करना चाहते थे। हालाँकि, जब उन्हें इस बात का पता चला कि हम लोग भारतीय हैं तो अच्छा बर्ताव किया गया।

ओमान के विदेशमंत्री बद्र अलबुसैदी ने भी ट्विटर के जरिए इसकी पुष्टि की। उन्होंने कहा कि कैप्टन कार्लोस डेमाटा, अयानाचेव मेकोनेन, दीपाश मुता परम्बिल, मोहम्मद जशीम खान, सूर्य हिदायत परमा, श्रीजीत सजीवन, अखिल रेघु, मोहम्मद मुनवर समीर, ल्यूक साइमन और उनकी पत्नी, बच्चे मौगथान और वीरा वीएसएसजी वासमसेट्टी व संदीप सिंह को यमन में रिहा कर दिया गया है। ओमान में उनकी देखभाल की जा रही है और हरसंभव मदद की जा रही है। ओमानी विदेश मंत्रालय के मुताबिक, सभी 14 लोगों को ओमान रॉयल एय़रफोर्स के प्लेन से मस्कट ले जाया गया है।

इस बीच अलबुसैदी के ट्वीट पर रिप्लाई करते हुए भारतीय विदेशमंत्री एस जयशंकर ने उन्हें धन्यवाद कहा। साथ ही कहा था कि मेरे दोस्त अलबुसैदी भारतीयों की सुरक्षित घर वापसी का इंतजार है।

उल्लेखनीय है कि मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है जिन 14 लोगों को रेस्क्यू किया गया है, उनमें भारत के सात, यूके के 3, इंडोनेशिया, म्यांमार, फिलीपींस और इथियोपिया के एक-एक नागरिक हैं।

क्या है पूरा मामला

गौरतलब है कि इसी साल फरवरी में संयुक्त अरब अमीरात के एक व्यापारिक जहाज को यमन हूती विद्रोहियों ने अगवा कर लिया था। उसी में ये सभी नागिरक थे। इसके बाद भारत सरकार एक्शन में आई और कूटनातिक प्रयास शुरू किए गए। इसमें ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक के हस्तक्षेप के बाद इन सभी को छोड़ा गया।

यमन युद्ध में देवदूत बनकर उतरे थे भारत के जांबाज

गौरतलब है कि भारत सरकार इससे पहले भी यमन से हजारों भारतीयों को बचा चुकी है। वक्त था साल 2015, गृह युद्ध की आग से जल रहे यमन में सउदी अरब, मिश्र समेत कई पड़ोसी देशों की सेनाएँ घुस गईं। हालात खराब होते देख भारत सरकार ने वहाँ फंसे हजारों भारतीयों को सुरक्षित वापस निकालने के लिए ‘ऑपरेशन राहत’ छेड़ दिया। 10 दिन तक चले इस बचाव अभियान में 4640 भारतीयों समेत कुल 5600 लोगों को रेस्क्यू किया। इसमें 41 देशों के 960 नागरिक शामिल थे। उस दौरान विदेश राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह यमन गए और वहाँ से आखिरी भारतीय के निकलने तक वहीं रहे।

सड़क किनारे हिजाब पहने खड़ी थी महिला फिदायीन, वैन के आते ही खुद को उड़ाया; चीन के 3 नागरिकों की मौत: कराची सुसाइड ब्लास्ट का Video

पाकिस्तान (Pakistan) में मंगलवार (26 अप्रैल 2022) को कराची विश्वविद्यालय (केयू) के कन्फ्यूशियस इंस्टीट्यूट के पास आत्मघाती विस्फोट (Suicide Blast) हुआ। इसमें चीन के तीन नागरिकों समेत 4 लोगों की मौत हो गई। वहीं दो अन्य बुरी तरह से घायल हुए हैं। यह विस्फोट दोपहर करीब 2:30 हुआ। बलूच लिबरेशन आर्मी ने इसकी जिम्मेदारी ली है।

रिपोर्ट के मुताबिक, सिंध प्रान्त के आईजी मुश्ताक अमहद महार ने इसकी पुष्टि की है। विश्वविद्यालय के एक प्रवक्ता ने बताया है कि मरने वाले चीनी नागरिक कन्फ्यूशियस इंस्टीट्यूट के निदेशक हुआंग गुइपिंग, डिंग मुपेंग, चेन साई हैं। उनके चालक खालिद की भी मौत हो गई। वहीं इस हमले में घायल होने वालों में दो अन्य वांग युकिंग और हामिद हैं।

इस धमाके का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक गाड़ी को धू-धू कर जलते देखा जा सकता है। बताया जाता है कि धमाका इतना तेज था कि आसपास की इमारतों की खिड़कियाँ औऱ काँच सब टूट गए। जब यह घटना हुई तो गाड़ी वाणिज्य विभाग के बगल में स्थित कन्फ्यूशियस संस्थान की ओर मुड़ती हुई दिखाई दी। मीडिया से बात करते हुए डीआईजी ईस्ट मुकद्दस हैदर ने कहा कि प्रारंभिक जानकारी से पता चलता है कि वैन हॉस्टल से निकलने के बाद संस्थान की ओर जा रही थी।

इस धमाके की प्रकृति को लेकर डीआईजी ने कहा कि किस प्रकार का बम था इसका पता लगाने की कोशिशें की जा रही हैं। इस बीच सिंध के सीएम ने आनन-फानन में चीन के वाणिज्य दूतावास का दौरा किया औऱ वहाँ उन्होंने चीनी महावाणिज्य दूत ली बिजियान को विस्फोट के बारे में जानकारी दी। पत्रकार बशीर अहमद ने ब्लास्ट का सीसीटीवी फुटेज शेयर किया है। इसमें फिदायीन महिला हमलावर नजर आ रही है। सड़क किनारे हिजाब में खड़ी महिला के पास जैसे ही वैन आती है जोरदार धमाका होता है।

सिंध के सीएम कार्यालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि मुख्यमंत्री मुराद अली शाह ने चीनी नागरिकों की मौत पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने चीनी अधिकारी को आश्वासन दिया कि घटना की पूरी जाँच की जाएगी। शाह ने कहा, “घटना में शामिल लोगों को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा। हम देश और प्रांत में चीनी विशेषज्ञों द्वारा दी गई सेवाओं को महत्व देते हैं।”

कॉन्ग्रेस में PK की नो एंट्री, क्योंकि वो राहुल गाँधी के कुत्ते के साथ एक प्लेट में बिस्किट नहीं खा सकते: नेता विदेश में, चाटुकार मौज में

काफी दिनों से बन रही हवा मंगलवार (26 अप्रैल, 2022) को अचानक से ख़त्म हो गई। अब तक गाँधी परिवार के साथ प्रशांत किशोर की बैठकों की खबरें आ रही थीं, अब पता चला है कि PK की कॉन्ग्रेस में एंट्री नहीं होगी। कॉन्ग्रेस ऐसे ही चलती रहेगी, कुछ नया नहीं होगा। कई महीनों से चल रहे मोलभाव के बाद प्रशांत किशोर को कॉन्ग्रेस की ‘एम्पॉवर्ड एक्शन ग्रुप’ में शामिल होने का न्योता मिला, लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया।

जैसा कि लोगों से छिपा नहीं है, 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव गँवा चुकी कॉन्ग्रेस की अपने दम पर सत्ता फ़िलहाल छत्तीसगढ़ और राजस्थान में ही बची है, जबकि 3 राज्यों (तमिलनाडु, झारखंड और महाराष्ट्र) में वो सरकार में गठबंधन साथी के रूप में साझीदार है। पार्टी का जनाधार किस कदर घटता जा रहा है, ये हमने हालिया 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों में देखा। प्रियंका गाँधी का चेहरा और उनकी ‘दादी वाली नाक’ भी फेल हो चुकी है।

ऐसे में पार्टी को उम्मीद थी कि राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर इसमें नई जान फूँक देंगे और सब चंगा हो जाएगा। लेकिन, गाँधी परिवार को ये उम्मीद नहीं रही होगी कि पीके उनकी चाटुकारिता नहीं करेंगे। कभी कहा गया कि प्रशांत किशोर ने कॉन्ग्रेस को रास्ते पर लाने के लिए गाँधी परिवार की जगह किसी और को कमान देने का सुझाव दिया है, तो कभी उनके 85 पन्नों वाले प्रेजेंटेशन की बात गई की गई। कभी कहा गया कि उन्होंने जनता से जुड़ाव के लिए नई रणनीति बनाई है।

ये भी विडंबना ही है कि जब ये सारे विचार-विमर्श चल रहे थे, तब राहुल गाँधी विदेश में छुट्टियाँ मना रहे थे। पार्टी का पूर्व अध्यक्ष, जो भविष्य का अध्यक्ष भी बताया जाता है और अभी भी सारे निर्णय लेता है, उसके इस रवैये से आप समझ सकते हैं कि वो अपनी पार्टी को ऊपर उठाने के लिए कितना चिंतित है। 2024 से पहले ‘राजनीतिक चुनौतियों’ से निपटने के लिए राजस्थान के उदयपुर में 13-14 मई को ‘चिंतन शिविर’ भी आयोजित किया गया है।

प्रशांत किशोर पर वापस आएँ तो उनके पीछे हटने का कारण ये बताया जा रहा है कि उन्हें पार्टी उनकी योजनाओं को लागू करने के लिए खुली छूट नहीं दे रही है। पीके ने ट्वीट कर के बताया कि उन्होंने EAC में शामिल होने या फिर चुनाव की जिम्मेदारियाँ लेने का कॉन्ग्रेस का ऑफर ठुकरा दिया है। उन्होंने कहा कि उनके विचार में कॉन्ग्रेस को उनसे ज्यादा एक नेतृत्व की जरूरत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी को बदलाव वाले सुधार कर के अपनी जड़ों में पैठी संरचात्मक समस्याओं को ठीक करने के लिए सामूहिक इच्छाशक्ति की आवश्यकता है।

वहीं कॉन्ग्रेस के महासचिव और पार्टी की वर्किंग कमिटी के सदस्य रणदीप सिंह सुरजेवाला ने इस ट्वीट के कुछ देर पहले ही बयान दिया था कि प्रशांत किशोर के प्रेजेंटेशन और उनके साथ हुई बैठकों के बाद ही अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने ‘EAC 2024’का गठन किया है। उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर ने कॉन्ग्रेस में शामिल होने का न्योता ठुकरा दिया है। उन्होंने कहा कि वो प्रशांत किशोर के सुझावों और उनके प्रयासों की प्रशंसा करते हैं।

वहीं ‘कॉन्ग्रेस के पत्रकार’ आदेश रावल की मानें तो प्रशांत किशोर और कॉन्ग्रेस के बीच बात बिगड़ने की पहली बड़ी वजह ‘Absolute Power (संपूर्ण शक्ति)’ है, और दूसरा कॉन्ग्रेस प्रशांत किशोर और IPAC को एक समझ रही थी, जबकि PK कंपनी और खुद को अलग बता रहे थे। बता दें कि ‘इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमिटी (IPAC)’ प्रशांत किशोर द्वारा स्थापित कंपनी है, जो पार्टियों के लिए विभिन्न चुनावों की जिम्मेदारी लेती है।

कॉन्ग्रेस में अभी भी सब कुछ ठीक नहीं चल रहा हैं। गुजरात में पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष हार्दिक पटेल लगातार याद दिला रहे हैं कि उनकी उपेक्षा हो रही है। हरियाणा में पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा से कार्यकर्ताओं की नाराजगी के बावजूद उनके करीबी को प्रदेश अध्यक्ष का पद थमा दिया गया। महाराष्ट्र में गठबंधन में रहने के बावजूद पार्टी के मंत्री-विधायक लगातार MVA (महा विकास अघाड़ी) सरकार के खिलाफ आलाकमान से शिकायत करते रहते हैं।

प्रशांत किशोर के कॉन्ग्रेस में शामिल न होने की असली वजह तो ये है कि राहुल गाँधी को रणनीतिकार या नेता नहीं, बल्कि चाटुकार चाहिए। असम के मुख्यमंत्री और भाजपा नेता हिमंता बिस्वा सरमा ने एक वाकया सुनाया था। जब वो कॉन्ग्रेस में हुआ करते थे और पार्टी से नाराज़ चल रहे थे, तब वो राहुल गाँधी से मिलने गए थे। इस दौरान वो अपने कुत्ते को बिस्किट खिलाते हुए हर बात पर ‘So What (तो क्या?)’ कहते रहे। सबसे बड़ी बात कि तरुण गोगोई जैसे बुजुर्ग नेता भी उसी प्लेट से बिस्किट उठा कर खाते रहे।

राहुल गाँधी को ऐसे ही लोग चाहिए। नेता ऐसा होना चाहिए, जो उनके हर ऐन मौकों पर विदेश जाने को चैनल-चैनल घूम कर बचाव करे। नेता ऐसा, जो उनके रिट्वीटस-लाइक्स गिना कर उन्हें उनकी उच्च श्रेणी की याद दिलाता रहे। नेता ऐसा, जो पंजाब के मुख्यमंत्री रहे चरणजीत सिंह चन्नी की तरह उनकी गाड़ी की ‘डिक्की’ में भी बैठ कर सफर कर सके। नेता ऐसा, जो उनके इस्तीफे के बाद फिर से अध्यक्ष बनाए जाने की माँग करे। जो एक ही प्लेट में उनके कुत्ते के साथ बिस्किट खा सके।

प्रशांत किशोर को इससे पहले भी चुनावी रणनीतिकार की जिम्मेदारियाँ 2014 में नरेंद्र मोदी के बाद से आंध्र प्रदेश में जगन मोहन रेड्डी, दिल्ली में अरविंद केजरीवाल, पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह, पश्चिम बंगाल और गोवा में तृणमूल कॉन्ग्रेस ने दी है। कॉन्ग्रेस ने भी यूपी में उनसे काम लिया। बिहार में जदयू के नीतीश कुमार ने उन्हें राज्यमंत्री स्तर तक का दर्जा दे डाला था। लेकिन, गाँधी परिवार के साथ उनकी बात नहीं बनी। क्या वो ‘चाटुकार’ नहीं हैं, इसीलिए?

₹200 करोड़ का बंगला, ₹25 लाख का नेमप्लेट: गौरी के कहने पर ‘मन्नत’ में चेंज, शाहरुख खान की रईसी से नेटिजन्स हैरान

बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) अपने आलीशान घर मन्नत (Mannat) की नेमप्लेट बदलवाने के बाद से खासा सुर्खियों में हैं। इस नई नेमप्लेट की कीमत सुनकर आप भी शॉक्ड रह जाएँगे। दरअसल, शाहरुख के घर की नेमप्लेट की कीमत लाखों में बताई जा रही है, जो हमारे और आपकी साल भर की सैलरी से भी कहीं ज्यादा है।

बॉलीवुड लाइफ के मुताबिक, “शाहरुख खान की बीवी गौरी खान, जो कि एक इंटीरियर डिजाइनर हैं, उनके एक्सपर्ट सुपरविजन में इस नेमप्लेट को तैयार किया गया है। इस नेमप्लेट की कीमत 20 से 25 लाख रुपए है, क्योंकि गौरी को कुछ क्लासी चाहिए था, जो उनकी खान फैमिली के स्टैंडर्ड को सूट करे।” नेमप्लेट को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा हो रही है। यूजर्स मन्नत की पहले और अबकी नेमप्लेट की फोटो शेयर कर रहे हैं। इस नेमप्लेट की जितनी कीमत बताई जा रही है, एक मध्यम वर्गीय परिवार इतनी बड़ी रकम में अपने लिए एक शानदार कार खरीद सकता है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शाहरुख खान के बंगले ‘मन्नत’ की कीमत 200 करोड़ रुपए से ज्यादा की है। साल 1997 में अपनी फिल्म ‘यस बॉस’ की शूटिंग के दौरान शाहरुख खान ने मन्नत को देखा था। शाहरुख से पहले ये बंगला एक गुजराती बिजनेसमैन नरीमन दुबाश का था, जो बाई खोर्शेड के नाम पर रजिस्टर था।

बताया जाता है कि साल 2001 में शाहरुख ने इस बंगले को 13.32 करोड़ रुपए में खरीदा था। फिर साल 2005 में, शाहरुख खान और गौरी ने इस घर का नाम ‘मन्नत’ रखा था। दोनों ने इसे बेहद शानदार और महँगी चीजों से सजाया है। इस घर को गौरी ने खुद डिजाइन किया है।

वर्क फ्रंट की बात करें तो शाहरुख खान ने अपनी आगामी फिल्म ‘पठान’ की शूटिंग स्पेन में पूरी कर ली है। इस फिल्म में उनके साथ दीपिका पादुकोण और जॉन अब्राहम भी होंगे। इसके अलावा वह दक्षिण भारतीय फिल्मों के निर्देशक एटली की फिल्म में भी काम कर रहे हैं। यह फिल्म अगले साल जनवरी में सिनेमाघरों में रिलीज की जाएगी। शाहरुख, राजकुमार हिरानी की फिल्म ‘Dunki’ में भी नजर आएँगे। इस फिल्म में उनके अपोजिट तापसी पन्नू लीड रोल में होंगी।

जहाँगीरपुरी के बाद अब शाहीनबाग में बुलडोजर चलाने का प्लान रेडी, दक्षिणी दिल्ली में 1 महीने चलेगा से अतिक्रमण हटाओ अभियान

दिल्ली के जहाँगीरपुरी में बुलडोजर चलने के बाद अब शाहीन बाग से भी अतिक्रमण हटाया जाएगा। इस संबंध में जानकारी दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के मेयर मुकेश सुर्यन द्वारा दी गई है। सुर्यन ने कहा है कि आने वाले दिनों में शाहीन बाग में भी बुलडोजर चलेगा क्योंकि यहाँ भी लोगों ने अवैध कब्जे किए हुए हैं। शाहीन बाग के अलावा सरिता विहार, ओखला, तिलक नगर और कालिंदी कुंज भी प्रशासन का बुलडोजर पहुँचेगा। ये अभियान एक महीने चलेगा।

आजतक की रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के मेयर मुकेश ने बताया कि शाहीन बाग में लोगों ने सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण किया हुआ है जबकि सरिता विहार, कालिंदी कुंज में कॉलोनियों को काटकर अवैध कब्जा किया हुआ है। सुर्यन कहते हैं, “हम दिल्ली में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चला रहे हैं। दिल्ली में रोहिंग्या व बांग्लादेशियों ने कई जगह पर कब्जा किया हुआ है। हमने इस संबंध में सर्वे किया था। अब उसकी रिपोर्ट आ गई है, जितनी जगह पर अतिक्रमण हुआ है वहाँ कार्रवाई होगी।”

दिल्ली की पुरानी सरकारों पर निशाना साधते हुए दक्षिणी दिल्ली के मेयर ने आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “70 सालों में कॉन्ग्रेस और 7 सालों में आम आदमी पार्टी की सरकार ने दिल्ली वालों के लिए कभी कुछ नहीं सोचा। दोनों ही सरकारों ने घुसपैठियों और बांग्लादेशियों को बसाने का काम किया किया, मगर दिल्ली की चिंता कभी नहीं की। दिल्ली वाले पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं। मगर AAP सरकार और उनके विधायक पानी पहुँचा रहे है रोहिंग्याओं को। नाइट शेल्टर्स में बस आती है उन्हें खाना देने।”

गौरतलब है कि पिछले दिनों हनुमान जन्मोत्सव पर जहाँगीरपुरी में जो हिंसा हुई उसके बाद प्रशासन ने इलाके में फैले अतिक्रमण पर कार्रवाई करते हुए वहाँ बुलडोजर चलाया था। इसी के साथ खबर आई थी कि दिल्ली के भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने 20 अप्रैल को पत्र लिखकर रोहिंग्या, बांग्लादेशी और आसामाजिक तत्वों द्वारा किए गए अतिक्रमण को हटाने की बात कही है। जिसका जिक्र भाजपा नेता व मेयर सुर्यन ने करते हुए कहा कि इस काम के लिए नियमित बैठकें की जा रही हैं। जिन इलाकों में अतिक्रमण ज्यादा है वहाँ यातायात जाम सहित तमाम परेशानियाँ आती हैं। मेयर के अनुसार, ऐसे इलाकों की पहचान चल रही है। आगे इसकी लिस्ट बनेगी और फिर ये तय होगा कि किस दिन से अतिक्रमण हटाया जाएगा।

अजान के वक्त अपने घर में भी संगीत बजाना हुआ हराम: रेलवे सब इंस्पेक्टर के खिलाफ केस, महाराष्ट्र में मुस्लिम तुष्टिकरण चरम पर

उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार में मुस्लिम तुष्टिकरण चरम पर है। हनुमान चालीसा को लेकर महिला सांसद और उनके विधायक पति पर राजद्रोह का मामला दर्ज किया गया है। अब एक और चौंकाने वाली घटना राज्य के औरंगाबाद से सामने आई है। यहाँ रेलवे के एक सब इंस्पेक्टर के खिलाफ केस दर्ज किया गया है, क्योंकि वे अजान के वक्त अपने घर में ब्लूटूथ स्पीकर से संगीत बजा रहे थे।

सब इंस्पेक्टर किशोर मलकुनाइक औरंगाबाद की अमृतसाई प्लाजा सोसायटी में रहते हैं। पुलिस ने उनके खिलाफ अपने घर में ब्लूटूथ स्पीकर पर संगीत बजाने के आरोप में मामला दर्ज किया है। दरअसल किशोर अपने घर संगीत बजा रहे थे, उस समय उनके घर के सामने की मस्जिद में अजान हो रहा था।

जानकारी के मुताबिक किशोर मलकुनाइक अमृतसाई प्लाजा हाउसिंग सोसाइटी के बी-विंग में चौथी मंजिल पर रहते हैं। 23 अप्रैल 2022 की शाम वह अपने परिवार के चार सदस्यों के साथ अपनी पत्नी का जन्मदिन मना रहे थे। इस दौरान वह ब्लूटूथ स्पीकर पर संगीत बजा रहे थे। ब्लूटूथ स्पीकर को उन्होंने अपने घर की खिड़की पर रखा था। उसी समय शाम के करीब सात बजे मलकुनाइक के घर के सामने मस्जिद से अजान बज रही थी।

मलकुनाइक के संगीत बजाने से समाज में रहने वाले कुछ लोग ‘परेशान’ हो गए। दिव्य मराठी की रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय निवासी शेख शफीक, शेख शब्बीर, इमरान खान, मुदस्सिर अंसारी और अन्य ने सतारा पुलिस स्टेशन के कंट्रोल रूम में फोन कर किशोर मलकुनाइक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद इंस्पेक्टर सुरेंद्र मलाले, सब-इंस्पेक्टर और हवलदार की अपनी टीम के साथ मौके पर पहुँचे। पुलिस सिल्क मिल इलाके में सफा मस्जिद के बाहर पहुँची और फिर मलकुनाइक के घर की जाँच-पड़ताल की।

पुलिस को मलकुनाइक के घर के बेडरूम की खिड़की पर रखा ब्लूटूथ स्पीकर मिला। पूछताछ के बाद, मलकुनाइक ने संगीत बजाना स्वीकार किया। पुलिस ने कथित तौर पर स्पीकर को जब्त कर लिया और मलकुनाइक के खिलाफ आईपीसी की धारा 505 (बी), (सी) और महाराष्ट्र पुलिस की धारा 135 के तहत मामला दर्ज किया है।

मामले की जाँच सतारा थाना के सब-इंस्पेक्टर कराले कर रहे हैं। आरोप साबित होने पर मलकुनाइक को तीन साल तक की जेल हो सकती है। वर्तमान में मलकुनाइक स्थानीय अदालत में जमानत के लिए आवेदन करने की कोशिश में हैं। घटना के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, “23 अप्रैल को अचानक रात करीब साढ़े आठ बजे पुलिस आ गई, उस समय हम अपने घर के अंदर जश्न मना रहे थे। कल्पना कीजिए कि एक ब्लूटूथ स्पीकर कितना शोर करेगा?” उन्होंने बताया कि अगले दिन उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।

किशोर मलकुनाइक ने आरोप लगाया, “हम इस समाज में लंबे समय से रह रहे हैं। कई मुस्लिम आसपास रहते हैं और हमारे बीच कभी कोई विवाद नहीं रहा। फिर भी अगर मैं अपने घर में संगीत बजाता हूँ तो विवाद पैदा हो जाता है… यह अस्वीकार्य है। इसके पीछे वाकई एक बड़ी साजिश है!” मलकुनाइक दंपति को पुलिस थाने में लंबी पूछताछ के बाद रात के 1 बजे राहत मिली थी। उनके अनुसार उन्होंने अज़ान के दौरान मस्जिद के सामने कभी भी ‘लाउडस्पीकर’ नहीं बजाया, जबकि पुलिस ने उनके खिलाफ ऐसा करने के लिए मामला दर्ज किया है।