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‘कट्टर’ मुस्लिम शिवसेना नेता का वायरल वीडियो देखिए, कह रहा- इंशाअल्लाह हनुमान चालीसा का पाठ नहीं होने देंगे

सोशल मीडिया पर शनिवार (23 अप्रैल 2022) से एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में दाढ़ी और टोपी पहने शिवसेना का एक मुस्लिम नेता कह रहा है कि वह महाराष्ट्र के CM उद्धव ठाकरे ( Uddhav Thackeray) के आवास ‘मातोश्री’ के बाहर हनुमान चालीसा (Hanuman Chalisa) का पाठ नहीं करने देगा। 35 सेकंड के इस वीडियो में ​​शिवसेना नेता ने कहा, “हम यहाँ रवि राणा की पत्नी व सांसद नवनीत राणा द्वारा 500 लोगों के साथ मातोश्री के बाहर हनुमान का चालीसा पाठ करने के ऐलान के बाद एकत्रित हुए हैं। वो यहाँ 500 क्या 5000 लोगों के साथ भी आ जाएँ तो भी इंशा अल्लाह कुछ नहीं होने वाला है, क्योंकि यहाँ बालासाहेब ठाकरे के कट्टर शिवसैनिक मौजूद हैं।”

रवि राणा और नवनीत राणा गिरफ्तार

महाराष्ट्र के विधायक रवि राणा और उनकी सांसद पत्नी नवनीत राणा को शनिवार को गिरफ्तार ​कर लिया गया था। उन्होंने ऐलान किया था कि वे मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के आवास मातोश्री के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे। उनके ऐलान के बाद मातोश्री के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया। सैकड़ों शिवसैनिकों ने अमरावती से सांसद नवनीत राणा के आवास के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया और उनके घर में घुसने की कोशिश की।

मुंबई पुलिस नवनीत राणा और उनके पति रवि राणा को गिरफ्तार कर खार पुलिस स्टेशन ले गई थी। विधायक रवि राणा और सांसद नवनीत राणा के खिलाफ खार पुलिस स्टेशन में धारा 153 (A), 34, IPC r/w 37 (1) 135 बॉम्बे पुलिस अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके बाद नवनीत राणा और रवि राणा ने मुंबई पुलिस को लिखित शिकायत देते हुए कहा था कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, शिवसेना नेता अनिल परब और संजय राउत सहित सभी 700 लोगों पर भी धारा 120 B, 143, 147, 148, 149, 452, 307, 153A, 294, 504, 506 के तहत मामला दर्ज़ किया जाना चाहिए।

गौरतलब है कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के निजी आवास मातोश्री के बाहर हनुमान चालीसा (Hanuman Chalisa) का पाठ करने की घोषणा के बाद अमरावती से निर्दलीय सांसद नवनीत राणा (MP Navneet Rana) और उनके विधायक पति रवि राणा (MLA Ravi Rana) के घर पर शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने जमकर उपद्रव किया। नवनीत राणा और उनके पति ने कहा कि इस दौरान शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने उनके घर में घुसने की कोशिश की।

इस दौरान शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी भी उनके घर के बाहर हंगामे में शामिल रहीं। उन्होंने धमकी भरे अंदाज में कहा कि अगर वे घर से बाहर आते हैं तो कोल्हापुरी मिर्ची से उनका स्वागत किया जाएगा। सांसद नवनीत राणा ने यह भी कहा कि उन्हें रोकने के लिए सीएम उद्धव ठाकरे ने उनके घर गुंडे भेजे। शिवसेना तो खत्म होने की बात कहते हुए नवनीत राणा ने कहा कि असली शिव सैनिक तो बाला साहब के साथ चले गए हैं, अब गुंडों की शिवसेना रह गई है।

यही नहीं महाराष्ट्र में शनिवार को भाजपा नेता किरीट सोमैया (Maharashtra BJP Leader Kirit Somaiya) पर भी शिवसेना (Shiv Sena) के कार्यकर्ताओं ने हमला कर उन्हें हमला कर घायल कर दिया था। सोमैया सांसद नवनीत राणा और उनके पति विधायक रवि राणा से मुलाकात करने खार थाना गए थे, जहाँ उनकी कार पर पथराव किया गया।

‘हमारे ग्रंथों में जल संरक्षण का संदेश’: PM मोदी ने ‘मालधार’ और ‘हलमा’ का दिया उदाहरण, कहा- म्यूजियम जाकर अपना इतिहास जानें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) आज 24 अप्रैल 2022 (रविवार) को देशवासियों से मन की बात कर रहे हैं। इस दौरान आज़ादी के अमृत महोत्सव की चर्चा करते हुए उन्होंने इसे जन आंदोलन का रूप बताया। पीएम मोदी ने इतिहास को लेकर लोगों में बढ़ती दिलचस्पी की तरफ इशारा करते हुए युवाओं को म्यूजियम जाने के लिए प्रोत्साहित किया।

पानी बचाने पर जोर

मन की बात में पीएम मोदी ने जल संरक्षण पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “हमारे धर्मग्रंथ और पूर्वजों ने भी हमें पानी बचाने का संदेश दिया है। कई संस्कृतियाँ और जनजातियाँ भी जल संरक्षण का काम करती आई हैं।” इस दौरान उन्होंने हड़प्पा सभ्यता के साथ मालधार और हलमा जनजाति के जल संरक्षण में योगदान को भी बताया।

कैशलेश लेनदेन को बढ़ावा

पीएम मोदी ने लोगों से कैशलेश लेनदेन और डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने कहा कि UPI और अन्य डिजिटल भुगतान प्रक्रिया से गाँव से शहर तक लोगों को सहूलियत हो रही है। इसी के साथ उन्होंने इसे सुरक्षित और सुविधाजनक बताते हुए फुटकर आदि के झंझट से मुक्त बताया। इस दौरान उन्होंने दिल्ली की 2 लड़कियों का भी जिक्र किया, जिन्होंने पूरे दिन नकद भुगतान न करने का संकल्प लिया था।

दिव्यांगों पर विशेष ध्यान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिव्यांगों को प्रतिभावान बताया। मोदी ने दिव्यांगों की प्रतिभा को दुनिया के सामने लाने और उसे देश के विकास में प्रयोग करने की जरूरत बताई। इसके लिए उन्होंने सरकार द्वारा चलाई जा रही कई योजनाओं का भी जिक्र किया। इस काम में भी पीएम मोदी ने डिजिटल टेक्नोलॉजी को सहायक बताया है।

गणित में भारत वैदिक काल से अब तक के योगदान को गिनाया

पीएम मोदी ने गणित के क्षेत्र में भारत के वैदिक काल से अब तक के योगदान को बताया। इस दौरान उन्होंने आर्यभट्ट और भारती कृष्ण तीर्थ की चर्चा करते हुए वैदिक सूत्रों को आधुनिक गणित और विज्ञान का आधार बताया।

म्यूजिम जाकर इतिहास से जुड़ने की अपील

पीएम मोदी ने देशवासियों से म्यूजियम जाकर वहाँ अपने इतिहास से जुड़ने की अपील की। उनके मुताबिक, बहुत लोग अभी अपने इतिहास और उपलब्धियों के कई पहलुओं से परिचित नहीं हैं। इस दौरान उन्होंने रेल और पतंग म्यूजियम की भी चर्चा की। इसी के साथ मोदी ने आने वाले 18 मई को विश्व म्यूजियम दिवस के बारे में बताया।

‘कायर है भारतीय सेना’ बोलने वाले मुस्लिम समर्थक को AAP विधायक ने कहा तालिबानी, इस्लामवादियों से अब खा रहे गाली

आम आदमी पार्टी के विधायक नरेश बाल्यान (Aam Aadmi Party MLA Naresh Balyan) की टाइमलाइन पर इस्लामवादियों और आतंकवाद समर्थकों ने ट्रोल किया है। बाल्यान ने भारतीय सेना को ‘कायर’ कहने वाले ‘आप’ समर्थक ब्लॉग ‘जनता का रिपोर्टर’ के संपादक रिफत जावेद को ‘तालिबानी’ कह दिया। इसके बाद से उन्हें लगातार निशाना बनाया जा रहा है।

शनिवार (23 अप्रैल 2022) की शाम को जावेद ने ट्वीट किया था, “भारतीय सेना: धर्मनिरपेक्षता पर एक ट्वीट का बचाव नहीं कर सकती और आप उम्मीद करते हैं कि ये कायर देश की रक्षा करेंगे।” विवाद के बाद जावेद ने अपना ट्वीट डिलीट कर दिया। हालाँकि, उनके विवादित ट्वीट का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।

रिफत जावेद द्वारा किए गए ट्वीट का स्क्रीनशॉट

भारतीय सेना के बारे में उनकी टिप्पणी से दिल्ली के उत्तम नगर से आम आदमी पार्टी के विधायक नरेश बाल्यान नाराज हो गए और उन्होंने ब्लॉगर को ‘आतंकी’ और ‘तालिबानी’ बता दिया। इसको लेकर बाल्यान ने कई ट्वीट किए, जिनमें उन्होंने रिफत जावेद को खूब लताड़ा। एक ट्वीट में उन्होंने लिखा, “देखो इस तालिबानी को, भारतीय फौज को Coward बोल रहा है। देश छोड़ के अफगानिस्तान क्यों नहीं चले जाते तालिबानी? इस पर तो मुकदमा होना चाहिए।”

आप विधायक ने आगे कहा, “किसी PR कंपनी ने ट्वीट डिलीट किया तो इस तालिबानी ने पूरे भारतीय फौज को Coward बोल गाली दिया। इसमें और लश्कर में क्या फर्क है? ये भी विदेश में बैठा Indian Army को डरपोक बोल रहा है और लश्कर वाले भी। खैर Indian Army अच्छे से इलाज करना जानती है ऐसे आतंकियों का। बहुतों का किया है।”

नरेश बाल्यान द्वारा किए गए ट्वीट का स्क्रीनशॉट

नरेश बाल्यान ने जोर दिया कि रिफत जावेद का ट्वीट सिर्फ भारतीय सेना पर नहीं, बल्कि मेजर बतरा जैसे सैनिकों पर भी था, जिन्होंने देश की सेवा में अपने प्राण न्योछावर कर दिए। उन्होंने ट्वीट किया, “ये खुलकर दी गई हुई गाली सिर्फ भारतीय फौजों के लिए नहीं है, बल्कि ये गाली मेजर बतरा, मेजर मोहित शर्मा जैसे कफन में लिपटे हजारों शहीदों और उनके घरवालों को है। देश के 137 करोड़ नागरिकों को है। विदेश में बैठे ऐसे ही तालिबानी एजेंडा चलाने वाले सेना को गाली दे लेते हैं।”

आप विधायक ने मेजर उस्मान की एक तस्वीर भी ट्वीट की और ‘शहीद’ बताया। कहा, “कोई इस देश विरोधी सोच को बताए कि ब्रिगेडियर उस्मान डरपोक नहीं था, जिसने कश्मीर बचाने के लिए अपनी शहादत दी थी। आजकल कोई भी ऐरा-गैरा आकर इन्हें डरपोक बोल रहा है। भयानक गाली है ये आर्मी।”

एक अन्य ट्वीट में बाल्यान ने लिखा, “(रिफत) अब ट्वीट डिलीट कर भाग गया। Coward कौन? तुम या भारतीय फौज? अगली बार भारतीय फौज को coward कहने से पहले हजार बार सोचना। ऐसे लोग भाजपा से पैसे खाकर देश के करोड़ों लोगों की भावना को भड़काकर भाजपा के पक्ष में माहौल बनाते हैं।” इसके बाद उन्होंने आप समर्थक ब्लॉगर पर भाजपा के पेरोल पर होने का आरोप लगाया।

रिफत पर कमेंट के बाद इस्लामवादी भड़के

इसके बाद इस्लामवादी नरेश बाल्यान को ट्विटर पर घेरने लगे और भारतीय सेना का बचाव करने और ब्लॉगर रिफत को तालिबानी सोच वाला कहने को लेकर उन्हें गाली देने लगे। एक इस्लामवादी ने लिखा, “अब आम आदमी पार्टी। बाल्यान जैसे संघियों से भरी हुई। आप मुस्लिमों को क्यों बदनाम कर रहे हैं? भारतीय सेना को जवाब देना चाहिए कि वह अपने मुस्लिम सैनिकों के साथ क्यों नहीं खड़ी है। अफगानिस्तान क्यों जाएँ रिफत जावेद! आपसे आपका विधायक का दर्जा छीन लिया जाना चाहिए।”

एक अन्य इस्लामवादी ने लिखा, “जब कट्टरता दिखाने की बात आती है तो AAP भाजपा का बाप बन जाती है। नरेश बाल्यान आम आदमी पार्टी में आरएसएस के सांप हैं।”

‘पत्रकार’ आदित्य मेनन ने ट्वीट किया था, “इन बेशर्म लोगों को मुस्लिमों को तालिबानी, बांग्लादेशी या रोहिंग्या बताने में 2 मिनट नहीं लगेंगे।” मेनन ने इस्लाम धर्म अपना लिया है।

बॉलीवुड के पटकथा लेखक हुसैन हैदरी ने टिप्पणी की, “अगली बार दिल्ली में कॉन्ग्रेस को वोट दें। तब तक ‘आप’ पंजाब और शायद गुजरात तक पहुँच जाएगी। शुरुआत में उसे दिल्ली से उखाड़ फेंकने से कम-से-कम आधुनिक और भाजपा पॉलिश संस्करण के भारत में पैदा होने और उसे बढ़ने से रोकने में मदद मिलेगी।”

भारतीय सेना को कायर कहने वाला रिफत जावेद का ट्वीट जम्मू में रक्षा मंत्रालय के जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) द्वारा कथित तौर पर इफ्तार मनाने वाले भारतीय सेना के जवानों के ट्वीट को हटाने के बाद आया।

क्रिकेटर रिद्धिमान साहा को पत्रकार बोरिया मजूमदार ने धमकाया था, BCCI का एक्शन: स्टेडियम-खिलाड़ी तक जाने पर रोक, 2 साल का लगेगा प्रतिबंध

भारतीय टेस्ट टीम के सीनियर विकेटकीपर रिद्धिमान साहा (Wriddhiman Saha) को धमकाने के मामले में मशहूर पत्रकार बोरिया मजूमदार (Boria Majumdar) पर बीसीसीआई दो साल का प्रतिबंध लगा सकती है। प्रतिबंध लगने के बाद मजूमदार देश के किसी भी क्रिकेट स्टेडियम में नहीं जा पाएँगे।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, बीसीसीआई की तीन सदस्यीय समिति ने बोरिया मजूमदार को भारतीय विकेटकीपर रिद्धिमान साहा को धमकाने का दोषी पाया है। इस मामले में मजूमदार ने शनिवार (23 अप्रैल 2022) को फोन कॉल और किसी भी टेक्स्ट मैसेज का कोई जवाब नहीं दिया।

बीसीसीआई के एक शीर्ष अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर द संडे एक्सप्रेस को बताया:

“हम भारतीय क्रिकेट बोर्ड की सभी राज्य इकाइयों को उन्हें स्टेडियम के अंदर जाने से रोकने के लिए सूचित करेंगे। बोरिया मजूमदार को घरेलू मैच कवर करने की भी अनुमति नहीं होगी। खिलाड़ियों को उनसे दूर रहने के लिए कहा जाएगा। इसके अलावा हम आईसीसी से मजूमदार को ब्लैकलिस्ट करने की अपील करेंगे।”

बोरिया मजूमदार (Boria Majumdar) और ऋद्धिमान साहा का यह मामला इस साल 19 फरवरी को सामने आया था। उस समय रिद्धिमान साहा ने एक पत्रकार पर इंटरव्यू के लिए धमकी देने का आरोप लगाया था। साहा ने हालाँकि तब पत्रकार का नाम उजागर नहीं किया था।

इस पूरे मामले पर वीरेंद्र सहवाग और वेंकटेश प्रसाद जैसे पूर्व खिलाडियों ने रिद्धिमान साहा से धमकी देने वाले पत्रकार का नाम सार्वजनिक करने की माँग की थी। इसके बाद बोरिया मजूमदार ने 8 मिनट 36 सेकेंड का एक वीडियो पोस्ट कर के रिद्धिमान साहा के आरोपों पर सफाई दी थी। साथ ही उन्होंने साहा द्वारा दिखाई गई चैट स्क्रीनशॉट्स को एडिटेड बताया था।

अपने वीडियो में बोरिया मजूमदार ने कहा था, “रिद्धिमान साहा ने चैट के कुछ हिस्सों को ब्लर (धुंधला) कर दिया है। उन्होंने ही मुझसे इंटरव्यू के लिए कहा था। वो चैट की तारीख को छिपाना चाह रहे हैं। वो जनता को गुमराह भी कर रहे हैं। मैं BCCI से इस मामले की निष्पक्ष जाँच की माँग करता हूँ। मेरे वकील साहा को मानहानि का नोटिस भी भेज रहे हैं।”

मामले के तूल पकड़ने के बाद BCCI ने इसकी जाँच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की थी। इसमें उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला, कोषाध्यक्ष अरुण धूमल और शीर्ष परिषद के सदस्य प्रभतेज भाटिया शामिल थे। 37 वर्षीय साहा और पत्रकार मजमूदार समिति के सामने पेश हुए थे। इस दौरान साहा ने आरोप लगाया था कि मजमूदार ने इंटरव्यू नहीं देने पर उन्हें धमकाया था।

प्रियंका गाँधी से 2 करोड़ रुपए में खरीदो पेंटिंग… कॉन्ग्रेसी नेताओं ने यस बैंक वाले राणा कपूर को ऐसे दी थी धमकी और लालच

यस बैंक के सह-संस्थापक राणा कपूर (Rana Kapoor) ने प्रवर्तन निदेशालय (ED: Enforcement Directorate, ईडी) के सामने बड़ा खुलासा किया है। राणा कपूर ने ईडी को बताया है कि उन्हें कॉन्ग्रेस नेता प्रियंका गाँधी वाड्रा से एमएफ हुसैन (MF Husain) की एक पेंटिंग खरीदने के लिए मजबूर किया गया था।

राणा कपूर ने यह भी बताया कि पेंटिंग बेच कर मिले पैसों का इस्तेमाल गाँधी परिवार ने कॉन्ग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी के न्यूयॉर्क में इलाज के लिए किया था। मुबंई की एक विशेष अदालत में ED द्वारा दायर आरोप पत्र में यह बात सामने आई है।

कॉन्ग्रेस नेता प्रियंका गाँधी ने ‘यस बैंक’ के संस्थापक राणा कपूर को जो पेंटिंग बेची थी, उस पूरी प्रक्रिया में पूर्व केंद्रीय मंत्री मिलिंद देवड़ा ने बिचौलिए की भूमिका निभाई थी। इस बात का खुलासा भी खुद उन्होंने ही किया है।

राणा कपूर ने ईडी को यह भी बताया कि उन्हें पूर्व पेट्रोलियम मंत्री मुरली देवड़ा ने कहा था कि एमएफ हुसैन की पेंटिंग खरीदने से इनकार करने पर गाँधी परिवार के साथ उनके संबंधों में खटास आ सकती है। संबंधों के अलावा एक धमकी ‘सम्मान’ की भी दी गई थी। इनकार करने पर ‘पद्म भूषण पुरस्कार नहीं मिलेगा’ – राणा कपूर को यह भी कहा गया था।

यस बैंक के सह-संस्थापक राणा कपूर ने पेंटिंग के लिए 2 करोड़ रुपए के चेक का भुगतान किया था। कपूर ने बताया कि मिलिंद देवड़ा ने बाद में उन्हें बताया था कि पेंटिंग से मिले पैसों का इस्तेमाल गाँधी परिवार ने न्यूयॉर्क में सोनिया गाँधी के इलाज के लिए किया था।

राणा कपूर ने ईडी को यह भी बताया कि सोनिया गाँधी के करीबी अहमद पटेल ने उनसे कहा था कि सोनिया के इलाज के लिए सही समय पर गाँधी परिवार की मदद करके अच्छा काम किया है। इसलिए ‘पद्म भूषण’ पुरस्कार के लिए मेरे नाम पर विचार किया जाएगा।

बता दें कि साल 2020 में ‘ऑपइंडिया’ को विश्वस्त सूत्रों ने बताया था कि मिलिंद देवड़ा और राणा कपूर के बीच इस पेंटिंग की बिक्री को लेकर तेज़त के माध्यम से बातचीत भी हुई थी। मिलिंद अपने ब्लैकबेरी के फोन से राणा से बात किया करते थे। यहाँ वो राणा कपूर को ‘अंकल’ कह कर सम्बोधित करते हैं। ऑपइंडिया के सूत्रों की मानें तो मिलिंद देवड़ा ने मई 29, 2010 को राणा कपूर को भेजे मैसेज में लिखा था:

“राणा अंकल, मई 28, 2010 को मुझे आपका पत्र मिला और मैंने उसे प्रियंका गाँधी को भेज दिया है। हालाँकि, अभी तो उनके या उनके परिवार के साथ अपनी मुलाक़ात नहीं हो सकेगी लेकिन कुछ दिनों बाद मैं इसके लिए पूरा प्रबंध करा दूँगा। पेंटिंग के पेमेंट चेक के रूप में प्रियंका और सोनिया अगले ही सप्ताह चाहती हैं। मेरे पिता को भी इस बारे में बताया गया है और उन्होंने भी आपसे संपर्क करने की असफल कोशिश की थी। दुर्भाग्य से चीजें काफ़ी देरी से हो रही हैं। आप इस मैसेज का रिप्लाई करें और बताएँ कि आप कब तक चेक दे रहे हैं। मुझे मेरे पिता को इस बारे में तुरंत बताना है। आप मैसेज देख रहे हैं तो जल्द रिप्लाई करें।”

प्रवर्तन निदेशालय ने अपने दूसरे पूरक आरोप पत्र में यह भी कहा है कि वह यस बैंक के साथ पूर्व-डीएचएफएल से जुड़े 5050 करोड़ रुपए के अवैध लेनदेन और मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जाँच भी कर रही है। इस मामले में यस बैंक के सह-संस्थापक, उनका परिवार, दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (डीएचएफएल) के प्रमोटर कपिल और धीरज वधावन के प्रमोटर भी सह-आरोपित हैं।

गौरतलब है कि ईडी ने दो साल पहले मुंबई की अदालत को बताया था कि ‘यस बैंक’ ने डीएचएफएल के 3700 करोड़ रुपए के मूल्य से भी अधिक के डिबेंचर ख़रीदे थे। डीबीएचएल ने डोलीट अर्बन वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड को 600 करोड़ का लोन दिया था। दिलचस्प यह कि इस कम्पनी में राणा कपूर की बेटियाँ बतौर डायरेक्टर कार्यरत थीं।

यस बैंक ने बिना पर्याप्त कोलैटरल के उक्त लोन दे दिया था और नियमों की अनदेखी की गई थी। दोनों कंपनियों के करार में 4300 करोड़ रुपए की गड़बड़ी सामने आई थी। इसके बाद कोर्ट ने राणा कपूर को ईडी की कस्टडी में भेज दिया था। इसके अलावा कपूर परिवार के पास ED को 44 महँगी पेंटिंग्स मिली थी। इनमें से कई राजनेताओं से ख़रीदी गई थी।

PM मोदी के दौरे से पहले जम्मू-कश्मीर में विस्फोट: सभा स्थल से सिर्फ 12 किलोमीटर दूर की घटना, सुरक्षा एजेंसियाँ सतर्क

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) दौरा से पहले सांबा जिले में रविवार (24 अप्रैल 2022) की सुबह एक खेत में एक बड़ा विस्फोट हुआ। यह विस्फोट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित जनसभा स्थल से सिर्फ 12 किलोमीटर की दूरी पर बताई जा रही है। घटना के बाद मौके पर पुलिस पहुँची और इलाके का गहनता से जाँच कर रही है।

पुलिस के अनुसार, यह विस्फोट जिले के बिश्नाह के ललायल इलाके में स्थित एक खेत में हुआ है। विस्फोट के कारण खेत में बड़ा-सा गड्ढा हो गया है। बिजली को शक है कि यह विस्फोट और गड्ढा बिजली गिरने के कारण भी हो सकती है। स्थिति को देखते हुए पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई है और जनसभा स्थल पर सुरक्षा-व्यवस्था को और कड़ी कर दी गई है। 

राज्य से अनुच्छेद 370 हटने के बाद प्रधानमंत्री मोदी की जम्मू-कश्मीर में यह पहली बार जनसभा होगी। इस दौरान पीएम मोदी 20 हजार करोड़ रुपए से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इसके अलावा, करीब 38 हजार करोड़ रुपए की अन्य विकास परियोजनाओं में निवेश की भी घोषणा करेंगे।

इस दौरान राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पीएम मोदी पंचायत प्रतिनिधियों को संदेश देंगे। सभा स्थल पर 30 हजार से अधिक पंचायत सदस्यों के साथ करीब एक लाख लोगों के ठहरने की व्यवस्था की गई है।

हिन्दू लड़की का अपहरण कर धर्मान्तरण का दबाव, अनवर और सरवर गिरफ्तार: लालू के दोनों बेटों के अलावा बेटी पर भी UP पुलिस की नजर

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में एक हिंदू लड़की के अपहरण और धर्मान्तरण के दबाव के आरोप में पुलिस ने 2 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। जाफरगंज के DSP ने इस बावत हुई कार्रवाई की जानकारी गुरुवार (21 अप्रैल 2022) को दी।

पीड़िता ने खुद पर जबरन निकाह के दबाव का भी आरोप लगाया है। मामले में पीड़ित परिवार ने अनवर और सरवर नाम के 2 भाइयों के साथ उनके अब्बा और बहन पर भी साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया था।

DSP जाफरगंज ने 23 अप्रैल 2022 (शनिवार) को बताया, “थाना गाज़ीपुर पर एक लड़की को जबरन अगवा करने का केस दर्ज किया गया है। उसके धर्मान्तरण का भी प्रयास किया गया था। FIR दर्ज कर के 2 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।”

इस से पहले पीड़िता ने ऑपइंडिया से बात करते हुए अपने अपहरण और जबरन धर्मपरिवर्तन के दबाव की शिकायत पुलिस में देने तक की पूरी घटना बताई थी। पीड़िता ने पुलिस पर भी उनकी शिकायत पर ध्यान न देने की बात कही थी। उन्होंने स्थानीय चौकी इंचार्ज पर आरोप लगाया था कि आरोपितों को खोजने के लिए पीड़िता को ही कहा जा रहा है।

ऑपइंडिया ने इस घटना की जानकारी SHO गाजीपुर से ली। उन्होंने बताया, “घटना केस क्राइम नंबर 78/2022 की है। इसमें धारा 504, 506, 354, 366 IPC के तहत सरवर और अनवर को गिरफ्तार किया गया है। यही दोनों मुख्य आरोपित थे। इस केस में अभी आरोपितों के अब्बा लालू और एक महिला की भूमिका की जाँच की जा रही है।”

गौरतलब है कि गाजीपुर थानाक्षेत्र की पीड़िता ने आरोप लगाया था कि बाजार जाते समय अनवर और सरवर नाम के 2 भाइयों ने उनका अपहरण कर लिया था। बाद में वो कुछ दूरी पर ले जाकर उसे जबरन निकाह और धर्म परिवर्तन के लिए धमका रहे थे। उनके पीछे उनके अब्बा और उनकी बहन भी थीं। लड़की के परिजनों को देख कर आरोपित लड़की को छोड़ कर भाग निकले थे। इस मामले में पुलिसिया लापरवाही के खिलाफ विश्व हिन्दू परिषद ने भी विरोध दर्ज करवाया था।

महाराष्ट्र में BJP नेता पर जानलेवा हमला, FIR भी दर्ज नहीं: पुलिस के सामने शिवसेना के गुंडों ने की मारने की कोशिश

महाराष्ट्र में भाजपा नेता किरीट सोमैया (Maharashtra BJP Leader Kirit Somaiya) पर शिवसेना (Shiv Sena) कार्यकर्ताओं ने शनिवार (23 अप्रैल 2022) को हमला कर घायल कर दिया है। सोमैया सांसद नवनीत राणा (Navneet Rana) और उनके पति विधायक रवि राणा (Ravi Rana) से मुलाकात करने खार थाना गए थे। इसके बाद उनकी कार पर पथराव कर दिया गया। हमले के बाद सोमैया देर रात बाद बांद्रा पुलिस स्टेशन शिकायत दर्ज पहुँचे, लेकिन उनका आरोप है कि पुलिस ने उनकी शिकायत दर्ज नहीं की।

किरीट सोमैया का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें उनकी कार का शीशा टूटा हुआ दिख रहा है और उनके चेहरे से खून की टपक कर रहा है। सोमैया ने ट्वीट कर इस हमले की जानकारी दी है। उन्होंने कहा, “शिवसेना के गुंडों ने खार थाने पर भारी पथराव किया। मेरी गाड़ी के शीशे टूटे और मैं घायल हो गया हूँ।”

इसके बाद बाद उन्होंने ट्वीट किया, “सीएम उद्धव ठाकरे के गुंडा लोगों को पुलिस ने खार पुलिस स्टेशन पर एकजुट होने दिया। मैं बाहर निकला तब गुंडा लोगों ने पत्थरबाजी की। कार की खिड़की के शीशे मेरी तरफ के टूट गए और मुझे भी पत्थर लगे। पुलिस की निगरानी में ये हमला हुआ।”

सोमैया ने कहा कि यह तीसरी बार उद्धव ठाकरे के गुंडों ने उन्हें मारने की कोशिश की है। सबसे पहले वासिम, फिर पुणे अब पुलिस स्टेशन (खार मुंबई) में। उन्होंने कहा कि खार थाने परिसर में 50 पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में शिवसेना के 100 गुंडों ने उन्हें मारने के लिए पथराव किया। उन्होंने पुलिस पर भी सवाल उठाया और कहा कि पुलिस ने उन्हें थाने में जमा होने दिया और एफआईआर भी दर्ज नहीं कर रही है।

इस हमले को लेकर उद्धव ठाकरे की हर तरफ आलोचना हो रही है। भाजपा नेता पर हमले के बाद राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कार्रवाई की माँग की है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, “मुंबई और महाराष्ट्र में कानून और व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। खार पुलिस स्टेशन के ठीक सामने किरीट सोमैया के कार पर हमला हुआ है, जबकि पुलिस वहाँ मौजूद थी। यह बिल्कुल अस्वीकार्य है!”

फडणवीस ने कहा, “किरीट सोमैया पर हमले को लेकर मैं आज गृह सचिव और गृहमंत्री से बात करूँगा और राजनीतिक कार्यकर्ता के रूप में काम करने वाली पुलिस के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए एक पत्र भी लिखूँगा।” उन्होंने कहा कि सोमैया ने हमले की संभावना के बारे में खार पुलिस को पहले ही सूचित कर दिया था और Z+ सुरक्षा की माँग की थी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बजाय, पुलिस ने शिवसेना के गुंडों को राज्य सरकार के दबाव में हमला करने की अनुमति दी।

वहीं, पुलिस की लापरवाही को डीसीपी मंजूनाथ शिंगे ने नकार दिया है। उन्होंने कहा कि सोमैया की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और इस मामले की निष्पक्ष जाँच की जाएगी।

उधर हमले के बाद भी किरीट सोमैया ने कहा कि वे फिर नवनीत राणा और रवि राणा से मिलने के लिए जाएँगे। उन्होंने उद्धव ठाकरे को चुनौती देते हुए कहा कि उन्हें रोक कर दिखाएँ। उन्होंने कहा कि जो नवनीत राणा का विरोध कर रहे हैं, वे शिवसैनिक नहीं, गुंडे हैं। इस सरकार का अंत आ गया है।

बता दें कि सांसद नवनीत राणा और उनके पति रवि राणा ने सीएम उद्धव ठाकरे के निजी आवास मातोश्री के बाहर शनिवार (23 अप्रैल 2022) को हनुमान चालीसा का पाठ करने की घोषणा की थी। इस घोषणा के बाद शिवसेना के कार्यकर्ता और प्रियंका चतुर्वेदी जैसी बड़ी नेता उनके आवास के सामने पहुँचकर हंगामा कर दिया था। उनके घर में घुसने की कोशिश की और धमकी दी। बाद में पुलिस ने पति-पत्नी को हिरासत में लिया था।

हुबली हिंसा में रजा अकादमी से जुड़े तार, मुस्लिम भीड़ को उकसाकर कराया मंदिर और पुलिस स्टेशन पर हमला: रिपोर्ट

हनुमान जयंती के मौके पर कर्नाटक के हुबली जिले में इस्लामिक कट्टरपंथियों द्वारा की गई हिंसा के मामले की जाँच में अब रजा अकादमी का नाम सामने आया है। ये एक कट्टरपंथी इस्लामिक संगठन है, जो कि 2012 में मुंबई के आजाद मैदान पर हुए दंगों के लिए जिम्मेदार है।

रिपोर्ट के मुताबिक, हुबली पुलिस की जाँच में शहर में पुलिसकर्मियों के खिलाफ हिंसा में रजा अकादमी की भूमिका होने का संदेह जताया गया है। दरअसल, एक व्हाट्सएप स्टेटस को लेकर 200 इस्लामियों ने पुराने हुबली पुलिस स्टेशन पर हमला कर दिया था। साथ ही उसी से लगे अस्पताल औऱ पथराव किया गया। मामले में 120 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, मौलाना वसीम ने पहले हुबली की एक दरगाह पर उन्मादी भाषण दिया और इसके बाद उसने पुलिस स्टेशन के बाहर भी यही किया।

ये आरोपित मौलाना वसीम मोबालिक है, जो एआईएमआईएम का नेता भी हैं। उसी ने पुराने हुबली पुलिस स्टेशन के बाहर हुबली पुलिस आयुक्त की कार के ऊपर भड़काऊ भाषण दिया था। दंगों के बाद फरार चल रहे मौलाना वसीम मोबालिक को पुलिस ने गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया था।

पुलिस की पूछताछ के दौरान कट्टरपंथी इस्लामिक मौलाना को वसीम ने कबूल किया था कि मामले का एक अन्य आरोपित तौफीक मुल्ला रजा अकादमी का सदस्य है। मौलाना वसीम ने यह भी खुलासा किया कि उसने एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया था और भीड़ को पुलिस पर हमला करने के लिए उकसाया था। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि पुलिसकर्मियों के खिलाफ हमले तेज होंगे।

गौरतलब है कि 2012 में मुंबई में हुए आज़ाद मैदान दंगों के लिए रज़ा अकादमी जिम्मेदार थी, जिसमें 40,000 से अधिक मुस्लिमों ने मुंबई की सड़कों पर हिंसा की थी। आजाद मैदान दंगों की सबसे चौंकाने वाली घटना मुस्लिम भीड़ द्वारा अमर जवान ज्योति स्मारक को अपवित्र करने की थी। मौलाना वसीम ने यह भी दावा किया कि उसे पता ही नहीं चला कि ओल्ड हुबली थाने के बाहर इतनी बड़ी मात्रा में पत्थर कैसे आ गए।

मारना चाहती थी भीड़

हुबली हिंसा के मामले में पुलिस निरीक्षक जगदीश की शिकायत पर हुबली थाने पर हमले के मामले में मुस्लिम भीड़ के खिलाफ दो केस दर्ज किए गए थे। जगदीश के मुताबिक, मुस्लिम दंगाइयों की भीड़ ने उनके ऊपर हमला कर दिया, जिस कारण उन्हें अपनी जान बचाकर भागना पड़ा। उन्हें ओल्ड हुबली थाने के कर्मियों को बचाने के लिए तैनात किया गया था।

उन्होंने कहा, “भीड़ ने हमें घेर लिया था औऱ हम जीप के अंदर बैठ गए। मुस्लिम भीड़ ने हमें हमारा काम करने से रोका और हत्या की भी धमकी दी। ओल्ड हुबली महिला थाने के बाहर भीड़ जमा हो गई थी। हमें उच्च अधिकारियों से वहाँ जाने के आदेश मिले। रात 10.30 बजे हम अरविंद नगर के लिए निकले। 100-150 लोगों की भीड़ ने हमें रोक दिया। भीड़ के पास धारदार हथियार, रॉड और पत्थर थे।”

‘पहले मंदिर तोड़ा, फिर गौशाला पर चलाया बुलडोजर’: अतिक्रमण के नाम पर राजस्थान सरकार की कार्रवाई से 400 से अधिक गाएँ बेआसरा

राजस्थान के अलवर जिले में गहलोत सरकार का बुलडोजर लगातार चल रहा है। लेकिन, अतिक्रमण विरोधी मुहिम के नाम पर पहले मंदिर को ध्वस्त कर दिया गया और अब गौशाला को तोड़ दिया गया है। कठूमर स्थित जिस गौशाला को प्रशासन के बुलडोजर ने उजाड़ दिया, उसमें 400 गौवंश रहते थे। बताया जा रहा है कि गौशाला को ध्वस्त करने से पहले गायों के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई।

गौशाला को ध्वस्त किए जाने की लक्ष्मणगढ़ रेंजर्स जतिन सेन का कहना है कि मैथना के रूधं स्थित वन विभाग की करीब 1400 एकड़ जमीन हैं, जिसमें से 40 एकड़ पर गौशाला बीते एक दशक से चल रही थी। इसके लिए राजगढ़ स्थित वन संरक्षक कोर्ट ने 2020 में इसे खाली कराने का आदेश दिया था। इसके बाद दिसंबर 2021 में गौशाला के संचालक को इसे कहीं औऱ शिफ्ट करने के लिए नोटिस दिया गया, लेकिन जब नहीं किया गया तो इसे ध्वस्त कर दिया गया। वन विभाग का कहना था कि गौशाला के संचालक ने इसे हटाने के लिए 10 दिन का समय माँगा था, लेकिन ग्रामीणों के विरोध के कारण उसे ये समय नहीं दिया गया।

गौरतलब है कि इस गौशाला का नाम हनुमान गौशाला है, जो कि मैथना में स्थित है। इसके अध्यक्ष हैं तेजीराम शर्मा। वो कहते हैं कि 2012 से गौशाला को चलाया जा रहा है, जहाँ मौजूदा वक्त में 425 गौवंश हैं। शर्मा के मुताबिक, उन्होंने 1 सितंबर 2014 को गो सेवा निदेशालय पशुपालन विभाग जयपुर में गौशाला का रजिस्ट्रेशन करवाया था। दिलचस्प बात ये है कि 2017-18 में इसे सर्वश्रेष्ठ गौशाला का पुरस्कार भी दिया गया था।

इससे पहले तोड़ दिया था मंदिर

गौरतलब है कि हाल ही में राजस्थान के अलवर जिले (Alwar in Rajasthan) के राजगढ़ में वर्षों पुराने हिंदू मंदिर को बुलडोजर से जमींदोज कर दिया गया था। 300 साल पुराने मंदिर को जमींदोज करने के लिए जेसीबी मशीन लाई गई थी। इंडिया टीवी के मुताबिक, मंदिर के अंदर रखे शिवलिंग को भी ड्रिल मशीन का उपयोग करके उखाड़ दिया गया था। हिंदू मंदिर के अलावे राजगढ़ के अधिकारियों ने मास्टरप्लान का हवाला देते हुए ‘सड़क चौड़ीकरण’ अभियान में 85 से अधिक हिंदू परिवारों के घरों को ध्वस्त कर दिया।