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दलित परिवार में थी शादी, रोटियों पर थूक लगाकर मेहमानों को खिला रहा था ईमान: Video वायरल, UP के मोदी नगर की घटना

सोशल मीडिया में एक वीडियो वायरल हुआ है। 2 मिनट 20 सेकेंड के इस वीडियो में दिख रहा शख्स रोटियों पर थूक लगा रहा है। वीडियो एक शादी समारोह की बताई जा रही। यह शादी उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के मोदी नगर में हुई बताई जा रही। पुलिस ने मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। आरोपित का नाम ईमान बताया जा रहा है।

मिली जानकारी के मुताबिक मामला मोदी नगर थानाक्षेत्र के सारा मार्ग स्थित गोविन्दपुरी कॉलोनी का है। यहाँ एक शादी समारोह में रोटी बनाने वाला युवक उस पर थूक रहा था। आरोपित जहाँ रोटियों पर थूक रहा था, उस जगह अँधेरा था। उसके बगल काफी लोग डांस कर रहे थे। पर उन्हें इस हरकत की भनक भी नहीं लगी। इस हरकत को किसी ने छत से लगभग 3 मिनट तक रिकॉर्ड किया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।

इस मामले की पुलिस में शिकायत हिन्दू युवा वाहिनी ने की है। ऑपइंडिया से बात करते हुए शिकायतकर्ता नीरज शर्मा ने बताया, “घटना 18 अप्रैल 2022 (सोमवार) की है। शादी एक पुलिसकर्मी के परिवार की थी। परिवार दलित समुदाय से है। उस शादी में यह वीडियो बनाई गई। उसी समय मामला थाने गया और पुलिसकर्मी और आरोपित में समझौता हो गया। इसके बाद आरोपित को छोड़ दिया गया था। जब इस मामले की जानकारी हमें हुई तो हमने बताया कि शादी में 400 लोगों ने वो खाना खाया है। क्या बाकी 399 लोगों ने भी आरोपित को माफ़ कर दिया?”

नीरज ने आगे बताया, “इसके बाद हम लोगों ने इस मामले में मोदी नगर थाने में तहरीर दी। उस तहरीर के आधार पर आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपित सारा गाँव का है। उसका नाम ईमान है। उसकी पैरवी के लिए मुझे मीडिया से जुड़े लोगों की कॉल आई पर मैंने इस अपराध को माफ करने योग्य नहीं माना।”

FIR Copy

ऑपइंडिया ने इस मामले में SHO मोदी नगर को सम्पर्क किया। उन्होंने बताया, “घटना में FIR अज्ञात के नाम दर्ज हुई थी। हमने आरोपित की पहचान कर उसको गिरफ्तार कर लिया है।” पुलिस ने इस मामले में 295 – A और 501 (1)(B) धाराओं के तहत कार्रवाई की है।

गौरतलब है कि गाजियाबाद जिले में इससे पहले भी खाने पर थूकने के वीडियो वायरल हो चुके हैं। नवम्बर 2021 में लोनी थाना क्षेत्र के मुस्लिम होटल में रोटियों पर थूकने के आरोप में एक आरोपित को हिरासत में लिया गया था। इसके अलावा अक्टूबर 2021 में तमीज़उद्दीन नाम का आरोपित भाटिया मोड़ पर पंचवटी अहिंसा वाटिका नाम की मार्केट में चिकन पॉइंट नाम की दुकान में खाने में थूकता हुआ पकड़ा गया था।

अंपायर से बहस, खिलाड़ियों को बुलाया, मैदान में कोच… IPL में ‘नो बॉल’ पर दिल्ली ने खेली नई ‘क्रिकेट’: हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद ऋषभ पंत ने मानी गलती

दिल्ली कैपिटल्स (Delhi Capitals) और राजस्थान रॉयल्स (Rajsthan Royals) के बीच खेले गए आईपीएल (IPL 2022) के 34वें मैच में इस सीजन का सबसे बड़ा विवाद सामने आया है। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में इस मैच को जीतने के लिए दिल्ली को आखिरी ओवर में 36 रनों की दरकार थी। दिल्ली कैपिटल्स के खिलाड़ी रॉवमैन पॉवेल (Rovman Powell) ने ओबेद मैकॉय (Obed McCoy) की पहली तीन गेंदों पर लगातार तीन छक्के लगाकर अपनी टीम में जीत की उम्मीद जगाई, लेकिन तीसरी गेंद विवाद का कारण बन गई।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये गेंद बल्लेबाज की कमर से ऊपर थी, लेकिन अंपायर ने इसे नो बॉल करार नहीं दिया। इसको लेकर दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान ऋषभ पंत आगबबूला हो गए। ड्रेसिंग रूम से वे अपने खिलाड़ियों को खेल छोड़ वापस आने का इशारा करते हुए नजर आए। सोशल मीडिया पर पंत का यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। हालाँकि कुछ देर में बाद मामला शांत हो गया और खेल दुबारा शुरू हुआ। आखिर में दिल्ली 15 रन से मैच हार गई।

दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान ऋषभ पंत का कहना है कि राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ शुक्रवार (22 अप्रैल 2022) को हुए इस मुकाबले के अंतिम ओवर में कथित नो-बॉल को लेकर तीसरे अंपायर को हस्तक्षेप करना चाहिए था। हालाँकि दिल्ली के सहायक कोच शेन वॉटसन इस मामले में अपने कप्तान से असहमत नजर आए। उन्होंने कहा कि अंपायर के फैसले को स्वीकार किया जाना था। लेकिन पंत द्वारा अपने बल्लेबाजों रोवमैन पॉवेल और कुलदीप यादव को मैच खत्म होने से पहले ही वापस बुलाने के इशारे पर उन्होंने चुप्पी साध ली। वहीं, राजस्थान रॉयल्स के कप्तान संजू सैमसन (Sanju samson) ने दिल्ली कैपिटल्स पर मिली जीत के बाद ‘नो-बॉल’ विवाद पर कहा कि यह फुलटॉस गेंद थी, जिसे अंपायर ने सामान्य गेंद करार दिया और वह अपने फैसले पर अडिग रहे।

मैच खत्म होने के बाद पंत ने इस मामले पर अपनी निराशा व्यक्त करते हुए कहा, “मुझे लगता है कि वो पूरे खेल में अच्छी गेंदबाजी कर रहे थे, लेकिन आखिर में पॉवेल ने हमें मौका दिया। मुझे लगा कि वो नो बॉल हमारे लिए कीमती हो सकती थी। लेकिन ये मेरे नियंत्रण में नहीं है। हाँ, निराश हूँ लेकिन इसके बारे में ज्यादा कुछ नहीं कर सकता।” नो बॉल ना देने के लिए अंपायर की आलोचना करने के साथ पंत ने ये भी माना कि खिलाड़ियों को मैदान से बुलाने के लिए सहायक कोच प्रवीण आमरे को मैदान पर भेजने का उनका फैसला गलत था।

मातोश्री के बाहर हनुमान चालीसा रोकने को पुलिस-शिवसैनिक एक्टिव: नवनीत राणा को नोटिस, लाउडस्पीकर वाले मोहित कंबोज पर हमला

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Maharashtra CM Udaddhav Thackeray) के निजी आवास ‘मातोश्री’ के सामने हनुमान चालीसा का पाठ करने के ऐलान के बाद निर्दलीय विधायक रवि राणा (Ravi Rana) और उनकी पत्नी लोकसभा सांसद नवनीत राणा (Navneet Rana) को मुंबई पुलिस ने नोटिस भेजा है। वहीं, इस ऐलान के बाद कलानगर में स्थित मातोश्री के पास शिवसेना (Shiv sena) के सैकड़ों कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगा है। इसी दौरान वहाँ से गुजर रहे भाजपा नेता मोहित कंबोज (Mohit Kamboj) की गाड़ी पर शिवसेना के सैनिकों ने हमला कर दिया और उनकी कार के शीशे तोड़ दिए।

महाराष्ट्र भाजपा के नेता मोहित कंबोज का कहना है कि वे एक शादी समारोह से लौट रहे थे। इसी दौरान उनकी गाड़ी मुंबई के बांद्रा उपनगर के कलानगर इलाके में शुक्रवार (22 अप्रैल 2022) की देर एक सिग्नल पर रूकी थी। इसी दौरान सैकड़ों लोगों की भीड़ ने उनकी कार पर हमला कर दिया। नवनीत राणा अमरावती से निर्दलीय सांसद हैं, जबकि रवि राणा बडनेरा विधानसभा से निर्दलीय विधायक हैं।

मोहित कंबोज ने इसका एक वीडियो शेयर करते हुए कहा कि इसकी शिकायत पुलिस में कर दी गई है। उन्होंने कहा कि उन्हें जान से मारने की साजिश रची गई। दोषियों के खिलाफ पुलिस को तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए। कंबोज ने कहा कि वे कायर नहीं हैं और BMC के भ्रष्टाचार को उजागर करते रहेंगे। डरेंगे नहीं।

कंबोज पर हमले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र में भ्रष्टाचार के खिलाफ बोलने वालों पर हमला किया जाता है। यह नई सरकार की संस्कृति बन गई है। उन्होंने मुंबई पुलिस से पूछा कि इन्हें गिरफ्तार किया जाएगा या इन ‘कायरों‘ को बचाने के लिए वह कहानी बनाएगी।

नवनीत राणा और उनके पति को नोटिस

उधर उद्धव ठाकरे के आवास मातोश्री के सामने हनुमान चालीसा का पाठ करने की घोषणा के बाद नवनीत राणा और उनके पति रवि राणा को मुंबई पुलिस ने शुक्रवार (22 अप्रैल 2022) को नोटिस जारी किया है। दोनों ने शनिवार (23 अप्रैल 2022) को हनुमान चालीसा का पाठ करने की घोषणा की थी।

हालात को देखते हुए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। वहीं, रवि राणा और उनकी पत्नी के खार स्थित आवास के बाहर भी भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस उपायुक्त (DCP) मंजूनाथ सिंगे के नेतृत्व में एक टीम रवि राणा के आवास पर गई और उन्हें खेरवाड़ी पुलिस थाने से दंड प्रक्रिया संहिता (Cr.PC) की धारा 149 के तहत नोटिस दिया। उन्होंने कहा कि यह नोटिस संज्ञेय अपराध को रोकने के लिए जारी किया गया है।

रवि राणा ने बृहस्पतिवार (21 अप्रैल 2022) को कहा था कि शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के निजी आवास ‘मातोश्री’ के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ करने की अपनी योजना पर वे दृढ़ हैं। उनकी घोषणा के बाद शुक्रवार (22 अप्रैल 2022) को मातोश्री के बाहर बड़ी संख्या में शिवसेना कार्यकर्ता इकट्ठा हो गए और ठाकरे के समर्थन में नारेबाजी की। इसके साथ ही पार्टी कार्यकर्ताओं ने धमकी दी कि अगर नवनीत राणा और रवि राणा आते हैं तो उन्हें सबक सिखाया जाएगा।

उधर शिवसेना के सांसद संजय राउत ने धमकी भरे अंदाज में कहा कि रवि राणा नहीं जानते कि मुंबई शिव सैनिक किस चीज से बने हैं। बता दें कि निर्दलीय विधायक रवि राणा ने 2014-19 में देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली भाजपा-शिवसेना सरकार को अपना समर्थन दिया था।

हनुमान चालीसा पाठ करने को लेकर नवनीत राणा का कहना था, “मैं भी मुंबई से ही हूँ और विदर्भ की बहू हूँ, उनमें कितना ताकत है ये हम देख लेंगे। भगवान का नाम स्मरण करने में कितनी ताकत है ये भी हम देख लेंगे।” नवनीत राणा ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से सवाल किया, “उन्हें हनुमान चालीसा पाठ करने से इतनी एलर्जी क्यों है? उद्धव ठाकरे को संकटमोचन के मंदिर जाने से एलर्जी क्यों है?”

नवनीत राणा का कहना है कि अगर उद्धव ठाकरे हनुमान जयंती के अवसर पर हनुमान चालीसा का पाठ करते या संकटमोचन के मंदिर जाते तो महाराष्ट्र पर चढ़ी साढ़े साती दूर होती। पर उन्होंने ऐसा नहीं किया जिससे पता चलता है कि उद्धव ठाकरे अपनी विचारधारा को पीछे छोड़कर दूसरे रास्तों पर चल पड़े हैं। साथ ही अमरावती की सांसद ने पुलिस से भी उनके रास्ते में नहीं आने के लिए कहा। उनका कहना है कि वे लोग शांति से भगवान का नाम स्मरण करने जा रहे हैं। ऐसे में जो भी उनके रास्ते में आएगा उसे उसी की भाषा में जवाब दिया जाएगा।

इससे पहले मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने राज्य सरकार को 3 मई तक मस्जिदों पर लगे लाउडस्पीकरों को हटाने का अल्टीमेटम दिया था। उन्होंने ऐसा नहीं करने पर मस्जिदों के सामने लाउडस्पीकर पर हनुमान चालीसा पाठ करने की चेतावनी दे रखी है। अब नवनीत राणा और उनके विधायक पति रवि राणा ने राज ठाकरे का समर्थन करते हुए हनुमान चालीसा पाठ करने की अपील की है।


‘ऐसी कार्रवाई होगी कि सात पुश्तेें याद रखेेंगी’: तौकीर रजा के बयान पर बोले यूपी के मंत्री, मौलाना ने PM मोदी को कहा था ‘धृतराष्ट्र’

हनुमान जयंती के दिन दिल्ली के जहाँगीरपुरी में हुई हिंसा के बाद बरेली के मौलाना तौकीर रजा के मुस्लिमों को भड़काने वाले बयान पर उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार (Yogi Adityanath Government) में मंत्री चेतावनी दी है। प्रदेश के कैबनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी (Nand Gopal Gupta Nandi) ने कहा कि जिस किसी ने यह बयान दिया है, उस पर ऐसी कार्रवाई होगी कि उसकी सात पुश्तें याद रखेंगी। तौकीर रजा ने कहा था कि जिस दिन मुस्लिम सड़कों पर उतरेगा किसी के कब्जे में नहीं आएगा।

दिल्ली के जहाँगीरपुरी में हिंसा के बाद अवैध अतिक्रमण पर बुलडोजर चलने से बौखलाए कॉन्ग्रेस नेता और बरेली के मौलाना तौकीर रजा ने कहा था कि जिस दिन मुस्लिम सड़कों पर उतरेगा किसी के कब्जे में नहीं आएगा। तौकीर रजा ने पीएम मोदी को धृतराष्ट्र बताते हुए कहा था कि यदि उनका यही रुख रहा तो देश को महाभारत से कोई नहीं बचा सकता।

तौकीर रजा ने कहा, “ईद के बाद इंशाल्लाह हमारी मीटिंग फाइनल होने वाली है और अगर इस दौरान हुकूमत ने अपने तरीके को दुरुस्त नहीं किया, एकतरफा कार्रवाई का अमल जारी रखा तो दिल्ली से ये ऐलान होगा कि हम देशव्यापी जेल भरो आंदोलन करेंगे। उसमें हिंदू-मुस्लिम तमाम लोग शामिल होंगे। इसमें हर जिले, हर सूबे से देश की एकता में विश्वास रखने वाले, खासकर मुस्लिम समाज के लोग शामिल होंगे। क्योंकि जब तुम हमारे साथ रहना नहीं चाहते, हम कहीं जा नहीं सकते। पाकिस्तान हमें कबूल नहीं करेगा, बांग्लादेश हमें कबूल नहीं करेगा, चीन हमें कबूल नहीं करेगा, हम कहाँ जाएँ?”

मौलाना ने आगे कहा था, “हुकूमत हमारी बात सुनेगी नहीं, हमारी बात मानेगी नहीं, कोर्ट में अब हमें इंसाफ की उम्मीद नहीं रही। कोर्ट से जिस किस्म के फैसले आ रहे हैं, मैं देख रहा हूँ कोर्ट को नजरअंदाज किया जा रहा है। फैसला ऑन द स्पॉट हो रहा है। मुजरिम और मुलजिम में अंतर होता है। आरोपित और अपराधी में अंतर होता है। तो आरोपित के घर पर बुलडोजर चला देना अन्याय है। इस किस्म के अन्याय अगर इस हुकूमत में होते रहे तो इस देशव्यापी जेल भरो आंदोलन को रोकना हुकूमत के बस की बात नहीं रहेगी और जिस दिन मुसलमान सड़कों पर आएगा तो वह फिर किसी के कब्जे में नहीं आने वाला है। यह बात समझ लिया जाए।”

तौकीर रजा ने प्रधानमंत्री को चेतावनी देते हुए कहा, “मैं हुकूमत को चेतावनी देता हूँ, खास तौर से नरेंद्र मोदी सरकार को। मैं उनको चेता देता हूँ कि अगर उन्होंने अपने इस तरीके को फौरी तौर पर दुरुस्त नहीं किया और तुम सबके प्रधानमंत्री हो। तुम्हारे मुल्क में इस किस्म की बेइमानी हो रही है और तुम खामोश हो, मूकदर्शक बने हुए हो, अंधे और बहरे बने हुए हो। ऐसा लगता है कि तुम महाभारत के धृतराष्ट्र हो। अगर धृतराष्ट्र अंधे और बहरे न बने रहे होते और वो तमाम बेईमानी न देख रहे होते तो महाभारत न हुई होती और अगर नरेंद्र मोदी धृतराष्ट्र की भूमिका से बाहर नहीं आए तो हिंदुस्तान में भी महाभारत होने से कोई बचा नहीं सकता।”

पहले भी दिया था विवादित बयान

बता दें कि ये मौलाना तौकीर रजा खान वही हैं जो पहले भी कई ऐसे ही भड़काऊ बयान दे चुके हैं। कॉन्ग्रेस पार्टी को समर्थन देने का ऐलान करने वाले मौलाना तौकीर रजा का हिंदुओं के खिलाफ दिए गए भाषण का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था। इस वायरल वीडियो में वो देश के हिंदुओं को धमकी देते सुनाई दे रहे थे। उनके इसी वायरल वीडियो पर एक चैनल पर जब बहस चल रही थी तो एंकर की तरफ से मौलाना रजा से इसे लेकर सवाल किया जाता है। एंकर का सवाल सुनते ही रजा भड़क जाते हैं और उन्हें मुँह तोड़ने की धमकी तक दे डालते हैं।

इससे पहले वह कॉन्ग्रेस पर हमला बोलते नजर आए थे। चुनाव के वक्त में तौकीर रजा ने विवादित बयान देते हुए बाटला हाउस एनकाउंटर पर बोलते हुए कॉन्ग्रेस पर जमकर हमला बोला था और एनकाउंटर में मारे गए आतंकवादियों को शहीद बता दिया था।

कश्मीर में सुरक्षा बलों पर पत्थरबाजी कर भाग रहे शाबर अली की नाले में डूबने से मौत, बडगाम की घटना

बडगाम के मागम इलाके में शुक्रवार (22 अप्रैल, 2022) दोपहर पत्थरबाजी के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान एक 20 वर्षीय युवक शाबर अली की डूबने से मौत हो गई है।

मीडिया रिपोर्ट में आधिकारिक सूत्रों हवाले से बताया गया कि जुमे की नमाज के बाद बडगाम के मागम इलाके में मामूली विरोध प्रदर्शन हुआ था, जिसके दौरान युवाओं के एक समूह ने सुरक्षा कर्मियों पर पथराव किया। जिस पर वहाँ तैनात जवानों ने युवक को खदेड़ दिया।

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पुलिस जब इन युवकों को खदेड़ रही थी, तभी बडगाम के सुखनाग नाले में एक युवक डूब गया। उन्होंने द कश्मीरियत को बताया, “उनका शव नाले से निकाला गया है।”

स्थानीय समाचार एजेंसी, कश्मीर न्यूज ट्रस्ट के अनुसार, यह घटना गुरुवार (21 अप्रैल, 2022) को बारामूला में मुठभेड़ में मारे गए लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी कमांडर यूसुफ कांट्रो के पैतृक गाँव में हुई।

घटना के दौरान डूबने वाला युवक श्रीनगर के गुंड हस्सी भट इलाके के निवासी अली मोहम्मद मीर का पुत्र शाबर अली था।

वहीं एक और ट्वीट में एक स्थानीय पत्रकार ने लिखा, “मध्य कश्मीर के बडगाम जिले में शुक्रवार को एक किशोर की डूबने से मौत हो गई। सूत्रों ने कहा कि युवाओं के एक समूह ने सुरक्षा बलों पर पथराव किया और जब उनका पीछा किया जा रहा था, एक लड़का सुखनाग नाले में डूब गया।”

शिवसेना सांसद संजय राउत की रैली के लिए की गई बिजली चोरी, महाराष्ट्र के विद्युत मंत्री ने कहा- चोरों पर होगी कार्रवाई

एक तरफ महाराष्ट्र (Maharashtra) के लोग एक महीने से बिजली उत्पादन कम होने के कारण लगातार बिजली कटौती और लोड शेडिंग का सामना कर रहे हैं, वहीं शिवसेना सांसद संजय राउत (Shiv Sena MP Sanjay Raut) ने रैली के लिए बिजली चोरी कर डाली। राउत ने 21 अप्रैल 2022 को नागपुर में इस रैली का आयोजन किया गया था। नागपुर महाराष्ट्र के महा विकास अघाड़ी सरकार (MVA Government) में बिजली मंत्री नितिन राउत का गृहनगर है।

लोकसत्ता की एक रिपोर्ट के अनुसार, बिजली की माँग की तुलना में आपूर्ति में अंतर के कारण राज्य में कई स्थानों पर लोड शेडिंग चल रही है। महाराष्ट्र में लू की स्थिति है, ऐसे में लोड शेडिंग के कारण लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। एक तरफ आम जनता में बिजली कटौती को लेकर आक्रोश है, तो दूसरी ओर यह बात सामने आई है कि 21 अप्रैल 2022 को चोरी की बिजली का उपयोग कर राज्य के ऊर्जा मंत्री डॉ. नितिन राउत के गृहनगर नागपुर में शिवसेना नेता संजय राउत की एक रैली आयोजित की गई थी।

MSEDCL की आपूर्ति लाइनों पर ऐसे हुक लगाए गए थे। (फोटो साभार: लोकसत्ता)

गुरुवार (21 अप्रैल 2022) को डॉ. नितिन राउत (Dr. Nitin Raut) ने कहा था कि राज्य में कोयले की कमी से बिजली उत्पादन प्रभावित हुआ है और लोड शेडिंग केवल उन्हीं क्षेत्रों में हो रही है, जहाँ बिजली की अधिक हानि और बिजली की चोरी होती है। उन्होंने यह भी दावा किया था कि महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (MSEDCL) बिजली चोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी। उनके यह बयान देने के चंद घंटों के भीतर ही नागपुर के गजानन नगर इलाके में चोरी की बिजली का इस्तेमाल कर शिवसेना नेता संजय राउत की बैठक आयोजित की गई।

बैठक के लिए रोशनी के साथ-साथ अन्य चीजों के लिए बिजली सीधे MSEDL के पावर चैनल से गुप्त तरीके से ले लिया गया। इसलिए, महाराष्ट्र में लोग सोच रहे हैं कि MSEDCL इस मामले में किसके खिलाफ कार्रवाई करेगा, क्योंकि बिजली मंत्री डॉ. नितिन राउत पहले बिजली चोरी करने वालों पर कार्रवाई की बात कह चुके हैं।

चोरी की बिजली से मंच को रोशन किया गया। (फोटो साभार: लोकसत्ता)

नागपुर शहर के शिवसेना प्रमुख नितिन तिवारी ने कहा, “बैठक के पीछे गजानन महाराज का मंदिर था। हमने वहाँ के निदेशक की अनुमति से बिजली की आपूर्ति ली थी। हमने इस बारे में जाँच की है कि क्या सजावट का काम करने वाला व्यक्ति MSEDL आपूर्ति लाइनों से गलत तरीके से हैलोजन लैंप कनेक्शन लिया है। हमने कोई बिजली चोरी नहीं की है।”

MSEDCL के जनसंपर्क अधिकारी प्रवीण स्टूल ने कहा, “MSEDCL के संबंधित अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया है और तत्काल जाँच के आदेश दिए हैं। शाम तक रिपोर्ट आने पर किसी के भी दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।” इस संबंध में मीडिया द्वारा पूछे जाने पर संजय राउत ने कहा, “मुझे यह भी पता चला कि बिजली चोरी हो गई है। हम पार्टी के भीतर एक कमेटी बनाएँगे और जाँच कराएँगे।”

‘MMS ही अपलोड कर देते बेगैरत’: मोहम्मद कैफ ने पत्नी की फोटो शेयर कर दी जन्मदिन की बधाई, बुर्का के लिए पिल पड़े इस्लामिक कट्टरपंथी

पूर्व भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद कैफ (Ex Cricketer Mohammad Kaif) भले ही अब मैदान से दूर हों, लेकिन वो सोशल मीडिया और टीवी चैनलों पर काफी सक्रिय हैं। फिलहाल वो इस वक्त अपनी एक रोमांटिक पोस्ट की वजह से सुर्खियों में हैं। दरअसल, यूपी के इस जांबाज खिलाड़ी ने अपनी पत्नी पूजा यादव के जन्मदिन पर एक खूबसूरत तस्वीर शेयर किया है। इसमें उन्होंने फिल्मी अंदाज में अपनी पत्नी को जन्मदिन की बधाई दी है।

अपनी पोस्ट किए तस्वीर में कैफ पत्नी का माथा चूमते हुए नजर आ रहे हैं। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा है “तुम जियो हजारों साल, है मेरी ये आरजू। हैप्पी बर्थडे टू माय फेवरेट ह्यूमन।” कैफ की ये प्यारी सी पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है। इस पर लोग मिसेज कैफ को जन्मदिन की बधाई दे रहे हैं, लेकिन कुछ इस्लामी कट्टरपंथी पोस्ट पर कैफ को ट्रोल कर रहे हैं और उन्हें गालियाँ दे रहे हैं।

मोहम्मद तबरेज नाम के एक यूजर ने लिखा, “सर, पत्नी की फोटो अपलोड करने की जरूरत नहीं है। इसे शेयर करने से पहले सोचना चाहिए। इसे जनता देख लेगी।”

अमान सईद नाम के यूजर ने लिखा, “बुरा MMS ही अपलोड कर देते बेगैरत।”

वहीं, एक अन्य यूजर ने लिखा, “बुर्का कहाँ है? आपको पता होना चाहिए कि आप मुस्लिम हैं। अपने मजहबी रीति-रिवाजों का पालन करें!”

मोहम्मद अब्बास ने लिखा, “भइया इनकी मुर्गी है, चाहे जिधर काटें हमें क्या।”

एक अन्य यूजर ने लिखा, “भाईजान रमजान में बेगम पर पर्दा रखने की जगह ऐसी फोटो डालते हो। कुछ तो हया शर्म रखो। ऐसे ओहदे पर रह के ये सब काफिरों वाली हरकत मत किया करो।”

मोहम्मद कैफ ने पूजा यादव के साथ 26 मार्च 2011 को शादी की थी। दोनों ने करीब 4 साल तक डेट करने के बाद शादी का फैसला किया था। कैफ ने पूजा के साथ जल्दबाजी में शादी की थी, जिसमें सिर्फ फैमिली के करीबी लोगों को ही बुलाया गया था। पूजा दिल्ली में बतौर जर्नलिस्ट काम करती थीं। दोनों की मुलाकात एक कॉमन फ्रेंड के जरिए हुई थी। कैफ से शादी के बाद भी पूजा लाइमलाइट से दूर ही रहती हैं। इस कपल के एक बेटा कबीर और एक बेटी है।

बता दें कि मोहम्मद कैफ को इससे पहले भी कट्टरपंथियों से गाली पड़ चुकी है। चाहे वो योगा डे पर पोस्ट करना हो, राम मंदिर का समर्थन करना हो या फिर कोरोना काल में प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान पर मोमबत्ती जलाना हो, थाली-ताली बजाना हो, हर मौके पर कट्टरपंथियों ने कैफ को निशाने पर लिया।

#Boycott_MalabarGold: अक्षय तृतीया के विज्ञापन में बिना बिंदी के दिखीं करीना कपूर खान, लोगों ने किया ट्रोल, कहा- बिंदी नहीं, तो बिजनेस नहीं

बॉलीवुड एक्ट्रेस करीना कपूर खान एक बार फिर ट्रोलर्स के निशाने पर हैं। इस बार एक्ट्रेस ज्वैलरी ब्रांड मालाबार ग्रुप से जुड़े एक विज्ञापन को लेकर विवादों में घिर गई हैं। दरअसल, अक्षय तृतीया के शुभ मौके पर जारी हुए इस विज्ञापन में एक्ट्रेस करीना कपूर खान के माथे से बिंदी गायब है। यह देख सोशल मीडिया पर यूजर्स का गुस्सा फूट पड़ा और लोगों ने उन्हें जमकर ट्रोल कर दिया। इतना ही नहीं सोशल मीडिया यूजर्स ने करीना के साथ-साथ मालाबार ग्रुप के मालिक एमपी अहमद को लपेटे में ले लिया। इसके साथ ही लोगों ने ये पूछा कि आखिर एक विशेष वर्ग को ही हमेशा क्यों टारगेट किया जाता है।

मालाबार ग्रुप के विज्ञापन में बिना बिंदी के दिखीं करीना कपूर खान

इसी बीच अब करीना कपूर खान के इस विज्ञापन पर लोग अपनी भड़ास निकाल रहे है। इसके साथ ही लोग मालाबार ब्रांड के बाहिष्कार की माँग भी कर रहे हैं। इसके अलावा ट्विटर पर #Boycott_MalabarGold और #No_Bindi_No_Business तेजी से ट्रेंड भी कर रहा है। एक यूजर ने लिखा, “अक्षय तृतीया के मौके पर मालाबार गोल्ड विज्ञापन में करीना कपूर खान बिना बिंदी के! एमपी अहमद कृपया स्पष्ट करें कि विज्ञापन में किसे टारगेट किया जा रहा है?”

एक ने लिखा- “जो भी तथाकथित रिसपॉन्सिबल ज्वैलर है, जिन्होंने करीना कपूर खान के साथ अक्षय तृतीया पर ऐड रिलीज किया है, उसमें उन्होंने बिंदी तक नहीं लगा रखी है, क्या वे हिंदू संस्कृति की परवाह नहीं करते है।”

एक अन्य ने लिखा- “अक्षय तृतीया के मौके पर करीना कपूर खान ने बिना बिंदी लगाए ऐड किया। बिना बिंदी के हिंदू फेस्टिवल कैसे हो सकता है। एक ने ऐड कंपनी पर सवाल उठाते हुए कहा- आर्थिक लाभ के लिए हिंदुओं के पैसों से ही हिंदू धर्म परंपरा का अनादर हो रहा है।”

एक ने लिखा- “हर हिंदू महिला अपने माथे पर कुमकुम या बिंदी लगाती है, चाहे वह त्योहार हो या रोजमर्रा की जिंदगी में। लेकिन इस विज्ञापन में करीना कपूर खान को बिना बिंदी के दिखाया गया है। ये हिंदू धर्म का अपमान है।”

एक यूजर ने लिखा, “मालाबार गोल्ड का एक नया विज्ञापन हिंदुओं के त्योहारों का माखौल उड़ाने का नया उदाहरण है। भारतीय महिलाओं के पारंपरिक पहनावे में बिंदी महत्वपूर्ण है। हिंदू परंपराओं का मजाक उड़ाना और उम्मीद करना कि आपके लिए हिंदू पैसे खर्च करेंगे… अब और नहीं।”

एक यूजर ने लिखा, “बिंदी हिंदुओं के लिए एक लाल डॉट से बढ़कर है। अगर मालाबार गोल्ड जैसा ब्रांड इसे समझने का प्रयास नहीं करता है या जानबूझकर इग्नोर करता है, तो अब समय आ गया है कि हिंदू लोग ऐसे ब्रांड को बाहर का रास्ता दिखा दें।”

बता दें कि अक्षय तृतीया का दिन हिंदू धर्म में अत्यंत शुभ दिन माना गया है। ये पर्व वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि के दिन मनाया जाता है। इस दिन शुभ और मांगलिक कार्य किए जा सकते हैं। इसे आखा तीज के नाम से भी जाना जाता है। इस बार अक्षय तृतीया 3 मई , 2022 को पड़ रही है। इस दिन माँ लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व है। इतना ही नहीं, इस दिन सोना खरीदना शुभ माना जाता है। मालाबार ने यह ऑफर 2 मई तक के लिए रखा है।

हालाँकि, विवाद के बढ़ने के बाद से अभी तक मालाबार गोल्ड या अभिनेत्री करीना कूपर खान की तरफ से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन सवाल ये उठता है कि आखिर हर बार फेस्टिवल के सीजन में हिंदुओं को टारगेट क्यों किया जाता है?

मर्दाना लिंग वाली कोई महिला बाथरूम में घुस कर तुम्हारे सामने सूसू करे तो भी चुप रहो लड़कियाँ: इंग्लैंड की यूनिवर्सिटी में पोस्टर, बवाल

इंग्लैंड (England) की प्लेमाउथ यूनिवर्सिटी (Plymouth University) में महिला और पुरुष शौचालयों के बाहर विवादित पोस्टर चिपकाए गए हैं, जिसको लेकर बवाल हो रहा है। यूनिवर्सिटी में महिलाओं की सुर​क्षा को नजरअंदाज करते हुए उन्हें चेतावनी दी गई है कि अगर मर्दाना लिंग वाली कोई महिला बाथरूम में घुस कर सामने सूसू करे तो लड़कियाँ बिल्कुल चुप रहें। यूनिवर्सिटी के चारों ओर दीवारों पर पुरुष और महिलाओं के शौचालयों के बाहर गुलाबी, नीले और सफेद रंग के चेतावनी भरे पोस्टर चिपकाए गए हैं। डेली मेल के मुताबिक, इसको लेकर यूनिवर्सिटी की आलोचना की जा रही है। आलोचकों ने इस कदम को ‘Repellent Gaslighting’ करार दिया है और सवाल किया कि इसके बजाय तीसरा शौचालय क्यों नहीं बनाया जा सका।

पोस्टर में लिखा है, “यहाँ आपका स्वागत है। क्या आपको लगता है कि कोई व्यक्ति ‘गलत’ बाथरूम का इस्तेमाल कर रहा है? कृपया करके उन्हें ये नहीं बताएँ कि वो गलत कर रहे हैं। उन्हें घूरें नहीं और ना ही उन्हें अपमानित करें। इसकी बजाय कृपया उनकी निजता का सम्मान करें।”

पोस्टर में आगे लिखा है, “तुम्हारे सामने जब वो सूसू करे तो भी चुप रहे लड़कियाँ और वहाँ से हट जाएँ। क्योंकि, वे उन शौचालयों का उपयोग कर रहे हैं, जिनमें वे सुरक्षित महसूस करती हैं। उन्हें असहज महसूस न कराएँ, बल्कि उन्हें प्राइवेसी दें। ट्रांस, नॉन-बाइनरी छात्रों को यहाँ आने का पूरा अधिकार है।”

फोटो साभार: ट्विटर

WomenAreWomen ने इस मामले को लेकर ट्विटर पर लिखा, “ध्यान दें कि इसमें स्पष्ट रूप से यह नहीं कहा गया है कि महिला छात्रों का स्वागत है। Repellent gaslighting। यह एक कुकत्य है, जिसे जानबूझकर युवा महिलाओं को उनकी सीमा और उनके कानूनी अधिकारों से बाहर कर रहा है।” ट्रेसी हिल ने कहा, “निश्चित रूप से वे तीसरी जगह बना सकते हैं? लेकिन जो कदम इन्होंने उठाया है, उससे महिलाओं में भय का माहौल पैदा होगा। यहाँ उनके साथ कुछ भी हो सकता है। शौचालय में मर्दाना लिंग वाला भेजकर उन्हें असहज महसूस न कराएँ?”

उन्होंने यह भी कहा कि लड़कियों को भी इसके लिए आगे आना होगा और तीसरे यूनिसेक्स स्पेस की माँग करनी होगी। वहीं, प्लेमाउथ विश्वविद्यालय ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उसने कुछ भी गलत नहीं किया है और वह सभी के साथ समान व्यवहार करता है। यूनिवर्सिटी की एक प्रवक्ता ने कहा, “हमारे परिसर को खास तरह से डिजाइन किया गया है, ताकि हमारे कर्मचारी, छात्र और विजिटर यहाँ खुद को सहज और सुरक्षित महसूस कर सकें, जहाँ उन्हें single-sex और gender neutral सुविधाएँ मिल रही हैं। इससे हमारा पूरा विश्वविद्यालय और इससे जुड़े लोग खुद को सुरक्षित, सम्मानित और सशक्त महसूस कर रहे हैं।”

हेमंत सोरेन और उनके परिजनों की सम्पत्तियों की जाँच करेगी ED: झारखंड हाईकोर्ट ने दिया आदेश, सत्ता के दम पर खुद को लाभ पहुँचाने का मामला

झारखंड हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के परिवार के साथ उनके खास लोगों की सम्पत्ति की जाँच प्रवर्तन निदेशालय (ED) से कराए जाने के आदेश दिए हैं। इस मामले में याचिकाकर्ता शिव शंकर वर्मा हैं। अगली सुनवाई 2 सप्ताह बाद तय की गई है। सोरेन और उनके करीबियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जिन लोगों की सम्पत्तियाँ ED द्वारा जाँच कराए जाने के हाईकोर्ट ने आदेश दिए हैं उनमें हेमंत सोरेन, बसंत सोरेन, रवि केजरीवाल, अमित अग्रवाल, रमेश केजरीवाल, राजीव अग्रवाल, निधि अग्रवाल, प्रेमनाथ माली, रंजन साहू, विवेकानंद राउत समेत कुल 13 लोग शामिल हैं। जाँच में रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज भी शामिल होगी जो 300 से अधिक कंपनियों के क्रेडिंशयल जाँचेंगी। यह आदेश झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डा. रवि रंजन और न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की पीठ ने दिया है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक जाँच के दायरे में आने वाली 28 कंपनियों में हेमंत सोरेन और उनके भाई बसंत सोरन का पैसा लगा हुआ है। याचिकाकर्ता के मुताबिक इस शेल कंपनियों ने इस मामले में बड़ी भूमिका निभाई है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद ED यह जाँच करेगी कि इन कंपनियों ने पैसों का किस रूप में निवेश कर के कैसे फायदा कमाया है। इसी केस में बसंत सोरेन के महाराष्ट्र निवासी संबंधी सुरेश नागर की भूमिका की जाँच होगी।

गौरतलब है कि हाईकोर्ट के इस आदेश से पहले ही हेमंत सोरेन की कुर्सी खतरे में बताई जा रही थी। चुनाव आयोग ने झारखंड के मुख्य सचिव सचिव सुखदेव सिंह को पत्र लिख कर ‘ऑफिस ऑफ प्रॉफिट’ पर जवाब माँगा है। मुख्यमंत्री सोरेन पर अपने पद का दुरूपयोग करते हुए खुद को ही खदान आवंटित करने का आरोप याचिकाकर्ता शिव शंकर वर्मा ने लगाया है। खदान राँची जिले के अनगड़ा मौजा में 0.88 एकड़ वर्ग क्षेत्र में फैला है।