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मंदिर की करोड़ों की जमीन पर कब्जा के लिए अतीक-मकसूद ने महंत को मारने का बनाया प्लान: पहले भी कई महंतों की हत्या का आरोप

उत्तर प्रदेश (Uttar pradesh) के सीतापुर जिले में महंत बजरंग मुनि उदासीन ने खुद पर हमले और अपनी हत्या की साजिश को लेकर पुलिस में शिकायत की है। शिकायत में महंत ने मक़सूद, अतीक, अयान, लईक, सलमान, तबरेज, सैफ व विनीत पासी को आरोपित किया है। इससे पहले भी महंत पर जानलेवा हमला हो चुका है, जिसमें लईक शामिल रहा है। सीतापुर पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज करके जाँच शुरू कर दी है। घटना 20 फरवरी (रविवार) की है।

यह मामला खैराबाद के धर्मस्थल बड़ी संगत का है। ऑपइंडिया से बातचीत में मंदिर के महंत बजरंग मुनि उदासीन ने बताया, “इस मंदिर के साथ इसकी तमाम जमीनों पर आसपास के कुछ असामाजिक तत्व कब्ज़ा करने की फिराक में रहते हैं। पूर्व में इस मंदिर के कुछ महंतों की या तो हत्या हो चुकी है या तो वो गायब हो चुके हैं। मैं मंदिर की कब्ज़ा की गई जमीन को वापस दिलाने और मंदिर को बचाने का प्रयास कर रहा हूँ तो मुझ पर भी पुलिस की मौजूदगी में ही जानलेवा हमला हो चुका है। मेरे पैरों में चाकुओं के घाव आज भी हैं, जिसके कारण मैं ठीक से चल-फिर भी नहीं पाता। वो खुलेआम चुनौती देते हैं कि सपा आने दो, तुम्हें मार डालेंगे।”

FIR

पुलिस को दी गई शिकायत में महंत ने लिखा, “आश्रम की कोर्ट में विचाराधीन जमीन पर मकसूद, छोटे मिस्त्री व अतीक खाँ कब्ज़ा करना चाह रहे हैं। इन्होंने इसके लिए सोच-समझ कर चुनाव का दिन चुना, क्योंकि उस दिन प्रशासन व्यस्त था। किसी विनीत पासी का बिना नंबर का ट्रैक्टर जमीन पर कब्ज़े के लिए भेजा गया। मौके पर 15-20 लोग जमा थे जिनमें अयान, लईक खाँ, सलमान, तबरेज, सैफ, इरफ़ान, ताजुद्दीन व कुछ अज्ञात लोग भी शामिल थे। ये सभी मुझ पर जानलेवा हमले की फिराक में थे।”

मंदिर बड़ी संगत, खैराबाद सीतापुर UP

इस घटना में आरोपित ट्रैक्टर चलाने वाले विनीत पासी का बयान सामने आया है। विनीत पासी ने कहा, “मक़सूद, अतीक और लईक ने हमको बाग़ जोतने के लिए भेजा। हमने जोतने के लिए मना कर दिया। तब उन्होंने मुझे गाली दिया। बोले जाओ नहीं तो तुमको जान से मार देंगे। बाग़ जोतते हुए जब बाबाजी आएँ तो हमको खबर कर देना। हम उन्हें जान से मार देंगे।”

इस घटना से जुड़े अनीस नाम के व्यक्ति की बीवी के मुताबिक, “मेरे बच्चे और पति को अतीक और मकसूद बहका कर ले गए। बाबा को मारने का प्लान था। मेरा बच्चा और मेरे पति बेकसूर हैं।” पुलिस ने इस मामले में धारा 447 और 506 IPC के तहत केस दर्ज किया है।

शौक़ीन का कबूलनामा

इसी मामले में शौक़ीन नाम के एक युवक का वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में शौक़ीन ने कहा, “मेरा नाम शौक़ीन है। मेरे पापा का नाम अनीस है। बाग़ में हम लोगों को इकट्ठा किया गया। अतीक और मकसूद ने बाबाजी को मारने का प्लान बनाया। मगर बाबाजी आए नहीं। बाद में बाबाजी के आदमी आए।”

गौरतलब है कि फरवरी 2021 में ही बाग़ की जमीन पर अवैध कब्ज़ा रोकने गए महंत बजरंग मुनि पर चाकुओं से हमला हुआ था। तब महंत ने 2,800 बीघा जमीन खाली कराई थी। तब उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें लखनऊ रेफर किया गया था। इस केस में कुछ आरोपित जमानत पा चुके हैं। महंत कई बार स्थानीय प्रशासन पर अपनी और मंदिर की सुरक्षा में ढिलाई करने का आरोप भी लगा चुके हैं। एक बार उन्होंने ने आत्मदाह तक की घोषणा कर दी थी।

‘यूक्रेन में बम और मिसाइलें गिर रहीं, हमें सुरक्षित निकाल लो तो बच जाएँगे’: पीएम मोदी से भारतीय छात्रों की अपील, कर रहे हनुमान चालीसा का पाठ

रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध लगातार जारी है। अब तक सैकड़ों लोग, सैनिक दोनों तरफ से मारे जा चुके हैं। खबरें ये भी सामने आ रही हैं कि रूसी सेना यूक्रेन के कीव में घुस गई है। इस बीच वहाँ पर हजारों भारतीय छात्र फँसे हुए हैं, जो चैनलों से सम्पर्क कर अपनी व्यथा को बयाँ कर रहे हैं और इस आस में हैं कि कब उन्हें वहाँ से निकालकर भारत लाया जाएगा।

इन्हीं स्टूडेंट में से एक हैं उत्तर प्रदेश के देवरिया के रामपुर कारखाना कस्बे के रहने वाले प्रणवनाथ सिंह यादव। आज तक की रिपोर्ट के मुताबिक, वो 2018 में एमबीबीएस करने के लिए यूक्रेन गए थे। प्रणव ने वीडियो कॉल पर अपने परिजनों को बताया कि वो अपने हॉस्टल में हैं और लगातार धमाके हो रहे हैं। वो भारत वापस आना चाहते हैं, लेकिन एयरपोर्ट में घुसने नहीं दिया जा रहा। यही कहानी देवरिया के ही शक्तिरमन सिंह और सुनील मद्देशिया की है। ये लोग कह रहे हैं कि अब केवल प्रधानमंत्री मोदी जी से उम्मीद है।

दैनिक भास्कर के मुताबिक, यूक्रेन में भारतीय छात्र बंकरों में छिपे हैं और मार्शल इनके वीडियो डिलीट करवा रहे हैं। बंकर में छात्र हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे हैं। बिहार के शुभम सम्राट ने वीडियो मैसेज के जरिए भारत सरकार से मदद की गुहार लगाई है।

इसी तरह से मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर के रहने वाले पीयूष सक्सेना यूक्रेन के सुमी शहर में एमबीबीएस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हालात इतने खराब हैं कि यहाँ कभी भी कुछ भी हो सकता है। हमें यहाँ से निकाल लो तो हम सुरक्षित बच जाएँगे।

देवास के चापड़ा के रहने वाले ऋषभ यादव यूक्रेन के डेनेप्रो शहर में रहते हैं। वो बताते हैं कि युद्ध के कारण बाजार में कोरोना काल जैसे हालात हैं। बाजार में सामान के लिए लोगों की भगदड़ मची हुई है। यही कहना है सोनकच्छ के सुयश महाजन का भी।

छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा के रहने वाले तुषार गिरी गोस्वामी खार्कीव शहर में रहते हैं। वो बताते हैं कि उन्हें गुरुवार को बंकर में ले जाया गया था। बाहर लगातार बमबारी हो रही है।

न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, यूपी के कानपुर सूटर के रहने वाले विनोद यादव के दो बच्चे खार्कीव नेशनल मेडिकल यूनविवर्सिटी के बंकरों में फँसे हुए हैं। लोकल प्रशासन की तरफ से कोई मदद नहीं की गई। इसी तरह से चकेरी के लालबंगला की रहने वाली आकांक्षा शुक्ला बताती हैं कि युद्ध के कारण यूक्रेन में भूखे मरने की नौबत आ गई है।

एनबीटी की रिपोर्ट के मुताबिक, एमपी के विदिशा की रहने वाली सृष्टि विल्सन भी कीव में फँसी हैं। उन्होंने बताया कि वो बंकर में हैं और ठीक हैं। सृष्टि की माँ वैशाली विल्सन से बात करते हुए कहा कि मम्मी मैं बंकर में हूँ। सामने वाली बिल्डिंग पर बम गिर रहे हैं। इसके बाद उसने अपना फोन बंद कर दिया। इस बीच सृष्टि की माँ के साथ पीएमओ के नाम पर 42 हजार रुपए का फ्रॉड भी हुआ है। प्रदेश के 46 स्टूडेंट यूक्रेन में फँसे हैं।

इसी तरह से बिहार के रहने वाले आर्यन भी यूक्रेन से एमबीबीएस कर रहे हैं। आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, आर्यन ने बताया कि डेनिप्रो शहर में सभी तरह के ट्रंसपोर्ट बंद कर दिए गए हैं। लोग ज्यादा से ज्यादा राशन इकट्ठा कर रखने की कोशिश कर रहे हैं। वो जिस हॉस्टल में रहते हैं वहाँ पर 200 से अधिक भारतीय छात्र हैं। भारत सरकार से मदद की गुहार लगाते हुए आर्यन ने कहा कि अब उनके पास केवल सात दिनों का राशन बचा है।

हरियाणा के करनाल की भाव्या को गुरुवार को यूक्रेन से एयरलिफ्ट कर लिया गया। वो कहती हैं कि वो जेनेट्रो सिटी में रहती थीं। ऐसा मंजर पहली बार देखा है कि चारों तरफ मिसाइलें गिर रही हैं।

‘हजारों मंदिर उपेक्षा के शिकार, इनके गौरव को फिर से लौटाने की जरूरत’: मद्रास हाईकोर्ट ने पूछा- ‘क्या मंदिरों को सरकार के अधीन रहना चाहिए’

तमिलनाडु (Tamil Nadu) में मंदिरों के कंट्रोल को लेकर एक बार फिर से बहस छिड़ गई है। इस बीच मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै बेंच ने शुक्रवार (25 फरवरी 2022) को भक्त और कार्यकर्ता रंगराजन नरसिम्हन के खिलाफ दायर मानहानि के दो मामलों को खारिज कर दिया। नरसिम्हन ने श्री रंगनाथ स्वामी मंदिर का प्रबंधन देखने वाले अधिकारियों पर कुप्रबंधन का आरोप लगाते हुए हजारों मंदिरों के हालातों पर सवाल उठाया था।

हाईकोर्ट के जस्टिस जीआर स्वामीनाथन ने भारत में मंदिरों को फिर से पुनर्जीवित करने की जरूरत पर बल देते हुए बात करते हुए सवाल किया कि क्या हिंदू मंदिरों का प्रशासन सरकार के अधीन रहना चाहिए।

दरअसल, नरसिम्हन ने श्री रंगनाथ स्वामी मंदिर में कुप्रबंधन की तरफ इशारा करते हुए सोशल मीडिया पर हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती विभाग (एचआरसीई) के आयुक्त और मंदिर के न्यासी बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष के कई अवैध कार्यों का भंडाफोड़ किया था। हालाँकि, अधिकारियों ने इन आरोपों को नकारते हुए मंदिर प्रबंधन और उसके ट्रस्टियों को बदनाम करने का आरोप लगाकर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी।

हिंदू मंदिरों के हालातों पर टिप्पणी करते हुए जस्टिस जीआर स्वामीनाथन ने सरकारों को आइना दिखाया और कहा कि खुद को सेक्युलर बताने वाली सरकारों को धार्मिक संस्थानों के साथ समान व्यवहार करना चाहिए। उन्होंने सवाल किया, “क्या टीआर रमेश जैसे जानकार और जिम्मेदार कार्यकर्ता का यह तर्क देना उचित नहीं है कि सरकार को मंदिरों पर उसी स्तर का नियंत्रण रखना चाहिए जैसा कि चर्चों और मस्जिदों पर है?”

मंदिरों की भूमि है तमिलनाडु

हाईकोर्ट की बेंच ने तमिलनाडु को मंदिरों की भूमि बताते हुए कहा, “मंदिरों ने हमारी संस्कृति में एक केंद्रीय भूमिका निभाई है, लेकिन मौजूदा समय में इनकी हालत ये है कि कई वांछित चीजों को छोड़ दिया गया है। इनके भरण-पोषण के लिए दी गई जमीन को निजी स्वार्थों के लिए कब्जा कर लिया गया। देश की प्राचीन मूर्तियों की चोरी कर उसकी तस्करी विदेशों में की गई। मंदिर के पुजारी को मामूली सी पेमेंट दी जाती है। प्रदेश के हजारों मंदिरों को उपेक्षा का शिकार बना दिया गया है। उन मंदिरों में पूजा तक नहीं होती। एक बार फिर से इन मंदिरों के गौरव को लौटाने की जरूरत है और इसके लिए कुछ करने की जरूरत है।”

गौरतलब है कि कार्यकर्ता नरसिम्हन के खिलाफ दो केस दर्ज कराए गए थे। इनमें से समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने के मामले को लेकर धारा 505 (2) के तहत और दूसरा आईटी एक्ट की धारा 45 के तहत केस दर्ज किया गया था। इस मसले पर बेंच ने कहा कि मंदिर ट्रस्ट और एचआरसीई को बेनकाब करने के कारण भक्तों को निशाना बनाने के लिए ये केस दर्ज किए गए थे।

शिव विहार में जिनके घर दंगाइयों ने फूँके, कपिल मिश्रा ने फिर से बसाया: दावा- केजरीवाल के MLA हाजी यूनुस देते रहते हैं उजाड़ने की धमकी

उत्तर-पूर्वी दिल्ली का शिव विहार वह इलाका जहाँ राजधानी पब्लिक स्कूल है। 2020 के दंगों के दौरान इसी स्कूल की छत पर वह गुलेल लगी थी जिससे पेट्रोल बम दागकर हिंदुओं और उनकी संपत्ति को निशाना बनाया गया था। इसी इलाके में अनिल स्वीट्स है, जिसमें काम करने वाले दिलबर नेगी की निर्मम हत्या की गई थी। यहाँ की दो पार्किंग में खड़ी गाड़ियों को भी उस समय फूँक दिया गया था। शिव विहार चौराहे पर स्थित झुग्गियों में भी लूट और आगजनी की गई थी।

दो साल बाद भी इन झुग्गियों में रहने वाले उससे उबर नहीं पाए हैं। मुआवजे के तौर पर इन्हें 25-25 हजार के चेक मिले थे। इस जगह की मौजूदा स्थिति आप नीचे के वीडियो में देख सकते हैं;

इन झुग्गियों में रहने वाले लोगों के अनुसार उन्हें सबसे बड़ी मदद बीजेपी नेता कपिल मिश्रा से मिली। स्थानीय लोगों ने बताया, “कपिल मिश्रा ने 65 हजार के तिरपाल और पन्नी मँगा कर दिए। तखत, बर्तन, गैस चूल्हा और घर-गृहस्थी के सामान दिलवाए। पर्याप्त मात्रा में राशन भी दिए।” अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार से किसी तरह की मदद मिलने के बाबत पूछे जाने पर इनलोगों का कहना था कि AAP के विधायक हाजी यूनुस से मदद मिलना तो दूर की बात है। वे उन्हें यहाँ से हटाने की कई बार चेतावनी दे चुके हैं। इससे डरकर वे कभी उनके पास नहीं जाते। इनलोगों ने बीजेपी सांसद मनोज तिवारी से भी व्यक्तिगत तौर पर मदद मिलने की बात बताई।

जहाँ जला दी गई थीं सैकड़ों गाड़ियाँ

शिव विहार तिराहे के पास स्थित दो पार्किंग स्पेस में खड़ी सैकड़ों गाड़ियाँ भी दिल्ली दंगों के दौरान जला दी गई थी। इनमें से एक राजधानी स्कूल के करीब स्थित है। इसके मालिक ने बात करने से इनकार करते हुए कहा, “अब जाने दीजिए हमें तो कुछ दंगों ने बर्बाद किया है और कुछ कोरोना ने।” अब यह पार्किंग स्पेस मैरिज लॉन के रूप में बदल चुका है।

दंगों के दौरान पार्किंग में जली गाड़ियाँ, अब मैरिज लॉन में बदल चुकी है यह जगह

पार्किंग के मौजूदा हालात को आप नीचे के वीडियो में देख सकते हैं;

दंगों में निशाना बने एक अन्य पार्किंग के मालिक हमें नहीं मिले। इस पार्किंग को भी अब मैरिज लॉन का रूप दे दिया गया है।

शिव विहार चौराहे पर स्थित गजेंद्र परिहार का मैरिज लॉन और पार्किंग एरिया

इस पार्किंग एरिया के मालिक गजेंद्र परिहार ने बीते साल ऑपइंडिया को बताया था, “अब वे पार्किंग नहीं चलाते हैं। दंगों का डर अब उतना तो नहीं रहा। लेकिन असर बना हुआ है।” दिल्ली दंगों के दौरान गजेंद्र का कुल 13 लाख रुपए का नुकसान हुआ था। शिव विहार के दोनों पार्किंग एरिया में ही करीब 170 गाड़ियाँ फूँक दी गई थीं।

‘बीजेपी से जोखिम लेकर 99% वोट कॉन्ग्रेस को, फिर भी इंसाफ नहीं’: बोले राजस्थान के MLA अमीन खान- ‘हिंदूराज में हमें कोई मारेगा नहीं, ये डर पैदा करने की बात’

राजस्थान (Rajasthan) के बाड़मेर (Barmer) के कॉन्ग्रेस विधायक अमीन खान (Congress MLA Ameen Khan) ने कहा कि उन्हें तसल्ली है कि हिंदू राज में कोई मुस्लिमों को मारेगा नहीं। यह डर पैदा करने की बातें हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के 99 प्रतिशत मुस्लिम कॉन्ग्रेस को वोट करते हैं, लेकिन पार्टी इस समुदाय का सपोर्ट नहीं करती है।

अमीन खान के कहा कि मुस्लिमों को भाजपा (BJP) डर दिखाया जाता है। इस कारण 95 प्रतिशत मुस्लिम वोट पोल होती है और उसमें से 99 प्रतिशत मुस्लिम कॉन्ग्रेस को वोट देते हैं। उन्होंने कहा, “हम जितना कॉन्ग्रेस को सपोर्ट करते हैं, बीजेपी वालों का जितना जोखिम उठाते हैं, उतना हमें इंसाफ नहीं मिलता। इसका हमें दुख है।”

उन्होंने कहा कि राजस्थान में मुस्लिमों के पास दो मंत्रालय हैं और एक भी जनता का काम कराने वाला मंत्रालय नहीं है। साले मोहम्मद के पास है कब्रों का मंत्रालय है। इसका मुस्लिम वर्ग से कोई लेना-देना नहीं है। जायदा के पास सरकारी प्रेस का मंत्रालय है। इसमें मुस्लिमों को किताबें छपवानी है नहीं है। ये सब किसी काम के नहीं हैं।

अमीन खान का कहना है कि राजस्थान में उर्दू को महत्व नहीं दिया जा रहा है। यह कॉन्ग्रेस की पुरानी आदत रही है। उन्होंने कहा कि अब लोग समझदार हो गए हैं, चीजों को समझने लगे हैं। इसलिए कॉन्ग्रेस को अपनी आदत बदल देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मुस्लिम भाजपा को वोट नहीं देते, इसलिए वे भाजपा वालों को दोष नहीं दे सकते।

आमीन खान ने आगे कहा, “बीजेपी हिंदुत्व और हिंदू धर्म की बात करती है। हिंदू धर्म में साफ लिखा है कि किसी को मारना नहीं है। हिंदू राज हो गया तो हमें तसल्ली है कि हमें कोई मारेगा नहीं। यह सब डर पैदा करने की बातें हैं।” राज्य के वसुंधरा राजे के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उस सरकार में तबलीगी जमात से ताल्लुक रखने वाले युुनूस खान मंत्री थे और उनके पास दो महत्वपूर्ण मंत्रालय थे।

दरअसल, अमीन खान इस बात से दुखी हैं कि दूसरों के इलाके में सड़कें बन रही हैं और उनके इलाके में नहीं। उनका कहना है कि वे पिछले पाँच बार से विधायक हैं, लेकिन उनके क्षेत्र की अनदेखी हो रही है। उन्होंने कहा, “अपने क्षेत्र में अल्पसंख्यकों के आवासीय स्कूल की मैंने माँग की थी, लेकिन बजट में दोनों की चर्चा नहीं है।”

साल 2011 में अमीन खान तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा देवीसिंह पाटिल के खिलाफ टिप्पणी करने के बाद चर्चाओं में आए थे, जिसके बाद उन्हें मंत्री पद से बर्खास्त कर दिया गया था। उन्होंने कहा था कि प्रतिभा पाटिल को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी की रसोई संभालने का इनाम राष्ट्रपति पद के रूप में मिला है। 

पत्नी रिया पिल्लई पर लिएंडर पेस ने ढाए जुल्म: घेरलू हिंसा के मामले में कोर्ट ने 7 साल बाद सुनाया फैसला, 1.5 लाख गुजारा भत्ता देने का आदेश

प्रसिद्ध टेनिस खिलाडी लिएंडर पेस और उनकी पत्नी रिया पिल्लई के घेरलू हिंसा मामले में मुंबई की बांद्रा कोर्ट ने फैसला सुनाया है। अपने फैसले में मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट ने पाया है कि लिएंडर पेस की पत्नी घेरलू हिंसा का शिकार हुईं थी। न्यायालय ने रिया पिल्लई को लिएंडर पेस के साथ न रहने का भी विकल्प दिया है। ऐसी स्थिति में पेस को रिया के घर के किराए और गुजारा आदि के लिए डेढ़ लाख रुपए प्रतिमाह अदा करना होगा।

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक अलग रहने की स्थिति में लिएंडर को रिया के लिए मकान के भाड़े के लिए 50 हजार रूपए और मेंटिनेंस के लिए 1 लाख रुपए हर महीने देने होंगे। कोर्ट के आदेशानुसार अगर रिया उसी घर में रहना चाहती हैं तो वो इसकी हकदार नहीं हैं। कोर्ट ने माना कि लिएंडर पेस का टेनिस कैरियर लगभग खत्म हो गया है। ऐसे में उन्हें अलग से किराए के मकान में रहने और साथ में रिया को मेंटिनेंस भी देना न्यायोचित नहीं होगा। यह निर्णय मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट कोमल सिंह राजपूत ने सुनाया है। रिया ने लिएंडर द्वारा खुद के विरुद्ध आर्थिक प्रताड़ना का भी आरोप लगाया था।

कोर्ट ने पेस को आदेश दिया कि वो रिया को कानूनी लड़ाई व अन्य खर्च के लिए 1 लाख रुपए अदा करें। इसी के साथ लिएंडर को अपनी बेटी की पढ़ाई व अन्य जरूरी खर्च भी उठाने होंगे। रिया द्वारा की गई पिछले समय के मेंटिनेंस और घर के बँटवारे की माँग को कोर्ट ने अस्वीकार कर दिया। कोर्ट का यह फैसला लिएंडर पेस के खिलाफ रिया द्वारा घरेलू हिंसा का केस किए जाने के 7 साल बाद आया है। रिया द्वारा लिएंडर के पिता वेस पेस को भी आरोपित बनाया गया था। रिया ने दावा किया था कि वो और लिएंडर साल 2003 से लिविंग रिलेशन में थे और उन्हें इस रिश्ते से 2006 में एक बेटी भी हुई थी।

रिया के आरोपों के जवाब में लिएंडर पेस ने कोर्ट में अपनी दलील दी। उनके मुताबिक, “रिया मेंटिनेंस पाने की हकदार नहीं हैं। लिविंग रिलेशनशिप के दौरान वो विवाहिता थीं। उन्होंने साल 2008 में संजय दत्त से शादी की थी जिसमें उनका तलाक नहीं हुआ था। इस बात की जानकारी लिएंडर को भी नहीं थी।” रिया ने लिएंडर के इन आरोपों को झूठा बताते हुए उन्हें सब जानकारी होने की बात कही थी। कोर्ट ने भी लिएंडर के आरोपों को सही नहीं माना। कोर्ट के मुताबिक, “ये संभव नहीं लगता कि इतने बड़े मामले की जानकारी पेस को न रही हो। लिएंडर और रिया के रिलेशनशिप को नकारा नहीं जा सकता।”

उज्जैन में पुजारी की बेटी से मोहम्मद जैद ने चाकू की नोक पर किया रेप: छेड़छाड़ की शिकायत से था नाराज, जेल से बाहर आ घटना को दिया अंजाम

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के उज्जैन (Ujjain) में लव जिहाद का एक बेहद संगीन मामला सामने आया है। मोहम्मद जैद नाम के आरोपित ने छेड़छाड़ की शिकायत पुलिस से करने के बाद एक मंदिर के पुजारी की उसी बेटी के साथ चाकू की नोक पर बलात्कार की घटना को अंजाम दिया है। मामला सामने आने के बाद हिंदू संगठनों में रोष फैल गया है।

दरअसल, मोहम्मद जैद ने पुजारी की बेटी के साथ कुछ दिन पहले छेड़छाड़ की थी। लड़की ने इसकी शिकायत थाने में कर दी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपित को पकड़ लिया और जेल में डाल दिया। जमानत पर बाहर आने के बाद उसने बदला लेने की नियत से इस घटना को अंजाम दिया। घटना सोमवार (21 फरवरी) की बताई जा रही है।

मामला उज्जैन के जीवाजीगंज थाना क्षेत्र का है। गेबी हनुमान मंदिर के पास रहने वाली बी.कॉम में पढ़ने वाली पीड़ित छात्रा जब कॉलेज जाने के लिए निकली तो आरोपित जैद ने उसे पकड़ लिया। इसके बाद चाकू की नोक पर उसे माधव क्लब मार्ग स्थित एक होटल में ले गया और वहाँ उसके साथ बलात्कार किया। घटना को अंजाम देने के बाद वह मौके से फरार हो गया। इसके बाद छात्रा ने थाने जाकर घटना के बारे में पुलिस को बताया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने बलात्कार सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज करते हुए आरोपित जैद को गिरफ्तार कर लिया।

जीवाजीगंज थाना प्रभारी गगन बादल ने बताया कि पूछताछ में आरोपित ने बताया कि वह मूल रूप से मुंबई का रहने वाला है और पिछले कुछ समय से उज्जैन में रहकर मार्केटिंग का काम कर रहा है। उसने बताया कि कुछ समय पहले लड़की ने उसके खिलाफ छेड़छाड़ का मामला दर्ज कराया था। इसकी वजह से उसे जेल जाना पड़ा था। उसने बताया कि इसका बदला लेने के लिए उसने बलात्कार की घटना को अंजाम दिया।

बताया जा रहा है कि छात्रा और आरोपित पूर्व परिचित बताए जा रहे हैं। आरोपित छात्रा को पिछले कई महीनों से कॉल करके परेशान कर रहा था और उस पर शादी का दबाव बना रहा था। जब लड़की नहीं मानी तब उसे वह लगातार तंग करता था। इसके बाद लड़की ने थाने में मामला दर्ज कराया था।

घटना सामने आने के बाद हिंदूवादी संगठनों ने प्रदर्शन करते हुए थाने का घेराव किया था। संगठनों ने इसे लव जिहाद का मामला बताते हुए आरोपित के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की माँग की। आरोपित मोहम्मद जैद को पुलिस ने गिरफ्तार करने के बाद भेरूगढ़ केंद्रीय जेल भेज दिया है। पुलिस ने आरोपित मोहम्मद जैद के मोबाइल की की भी जाँच की। यह बात भी सामने आया कि आरोपित का सोशल मीडिया पर कई हिन्दू लड़कियों से संपर्क में था और उनसे अश्लील चैट करता था।

महाराष्ट्र के शिवसेना पार्षद यशवंत जाधव के परिसरों में IT रेड, BJP ने ₹100 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार के लिंक का किया था खुलासा

आयकर विभाग (Income Tax department) ने शुक्रवार (25 फरवरी 2022) को मुंबई नगर निगम (BMC) के शिवसेना पार्षद (Shiv Sena Corporator) और स्थायी समिति के अध्यक्ष यशवंत जाधव (Yashwant Jadhav) के परिसरों पर छापेमारी की। आईटी अधिकारी सुबह करीब 7:30 बजे जाधव के परिसर में पहुँचे और 100 करोड़ रुपए से अधिक के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उसकी संलिप्तता के सबूतों की तलाशी ली।

बता दें कि आयकर विभाग की यह कार्रवाई भाजपा नेता किरीट सोमैया द्वारा जाधव का पर्दाफाश करने के बाद हुई है। रिपोर्टों के अनुसार, कुछ दिनों पहले भाजपा नेता किरीट सोमैया ने जाधव का पर्दाफाश किया था और कहा था कि उन्होंने COVID के दौरान और शायद उससे पहले भी जनता का पैसा लूटने के लिए फर्जी कंपनियाँ बनाई हैं। किरीट सोमैया ने ईडी, आयकर और चुनाव आयोग से जाधव के 100 करोड़ के घोटाले की जाँच करने का अनुरोध किया था।

दिसंबर 2021 में, भाजपा नेता ने चुनाव आयोग, आयकर विभाग और ईडी को विधायक यामिनी जाधव, यशवंत जाधव और उनके बेटों यतिन और निखिल के खिलाफ प्रधान डीलर्स, स्काईलिंक कॉमर्शियल्स, सुपर सॉफ्ट सप्लायर्स आदि जैसी फर्जी कंपनियाँ बनाने के लिए शिकायत दर्ज की थी। इनका इस्तेमाल जनता के पैसे को डायवर्ट करने के लिए किया जाता है। उन्होंने कहा था कि बीएमसी के ठेकेदार के पैसे और यशवंतराव के घोटाले का जल्द ही पर्दाफाश होगा।

भाजपा नेता ने पहले ही 5 फरवरी को 100 करोड़ के COVID घोटाले का पर्दाफाश कर दिया था। उन्होंने खुलासा किया था कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार द्वारा COVID केयर सेंटर के उन कंपनियों को कॉन्ट्रैक्ट दिया गया था, जिसका कोई अस्तित्व नहीं था। इस प्रक्रिया में तकरीबन 32 करोड़ रुपए खर्च किए गए।

इस बीच, भाजपा नेता अतुल भाटखलकर ने मामले की पुष्टि की और कहा कि यशवंत जाधव और शिवसेना नेताओं ने मुंबई में COVID केयर सेंटरों के लिए 100 करोड़ रुपए का कॉन्ट्रैक्ट शेयर किया था। उन्होंने कहा, “अब समय आ गया है कि मुंबईकरों को इन धोखाधड़ी के बारे में पता चले। आयकर विभाग को जाधव और उनकी संपत्तियों पर बहुत पहले छापेमारी करनी चाहिए थी। वह मुख्य रूप से कोविड ​​धोखाधड़ी मामले में शामिल हैं।” अतुल ने आगे कहा कि भाजपा महाराष्ट्र में शिवसेना द्वारा किए गए धोखाधड़ी का पता लगाएगी।

रिपोर्टों में उल्लेख किया गया है कि जाधव ने विशेष रूप से जनता का पैसा लूटने के लिए कई नकली या शेल कंपनियाँ बनाईं। उसने इन फर्जी कंपनियों के जरिए भारी मात्रा में पैसा निकालकर करोड़ों की ठगी की। सोमैया ने ट्वीट की सीरीज में आगे कहा कि जाधव ने हवाला ऑपरेटर उदय शंकर महावर के माध्यम से अपनी एक फर्जी कंपनी प्रधान डीलर्स में 15 करोड़ रुपए जमा किए। फिर पैसा UAE भेजा गया और जाधव के परिवार के सदस्य के अकाउंट में भेज दिया गया।

जाधव द्वारा भ्रष्टाचार के एक अन्य मामले में, सोमैया ने एक ऑडियो क्लिप जारी किया था जिसमें जाधव को यश कॉर्पोरेशन के सूरज प्रताप सिंह देवड़ा से भायखला में 2.17 करोड़ रुपए के विकास कार्यों के कॉन्ट्रैक्ट को वापस लेने के लिए आर्थिक सहायता माँगते हुए सुना गया था। जैसे ही देवड़ा ने इसे पूरा करने में असमर्थता व्यक्त की, जाधव ने देवड़ा को बीएमसी के साथ काम करना जारी रखने की धमकी दी थी।

गुरुवार (24 फरवरी 2022) को, सोमैया ने भ्रष्टाचार में लिप्त होने के लिए महाराष्ट्र में ठाकरे सरकार के नेतृत्व वाली सरकार की भी आलोचना की और जनता के धन को लूटने के लिए इसके 12 प्रतिनिधियों की सूची जारी की। इस सूची में अनिल परब, संजय राउत, सुजीत पाटकर, भावना गवली, आनंद अडसुल, अजीत पवार, हसन मुशरिफ, प्रताप सरनाइक, रवींद्र वायकर, जितेंद्र अवध, अनिल देशमुख और नवाब मलिक शामिल हैं।

मुंबई में जाधव के परिसरों में आईटी की छापेमारी के बीच सोमैया ने सूची में दो और नाम जोड़े हैं, जिन्हें उन्होंने ठाकरे सरकार का ‘Dirty Dozen’ करार दिया। उन्होंने यशवंत और यामिनी जाधव और मुंबई की मेयर किशोरी पेडनेकर को कथित धोखेबाजों की सूची में शामिल किया।

इस साल मार्च के अंत या अप्रैल की शुरुआत में बीएमसी के चुनाव होने की संभावना है। इससे पहले आयकर विभाग के अधिकारियों की एक टीम जाधव के खिलाफ छापेमारी कर रही है, ईडी के अधिकारी भी परिसर में पहुँच गए हैं और मामले की जाँच कर रहे हैं। जाधव की पत्नी यामिनी जाधव भायखला सीट से पार्टी विधायक हैं।

‘अब जाने दीजिए, दो साल हो गए…’: दिलबर नेगी और अंकित शर्मा को बिसरे सभी बारी-बारी, पीड़ित परिवार और गवाह ने छोड़ा इलाका

दिलबर नेगी वह नाम है जिनकी 2020 के हिंदू विरोधी दिल्ली दंगों के दौरान वीभत्स तरीके से हत्या की गई थी। मूल रूप से उत्तराखंड के रहने वाले नेगी शिव विहार की एक मिठाई दुकान में काम करते थे। नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली के करावल नगर का शिव विहार उन इलाक़ों में से एक है, जहाँ दंगों के दौरान सबसे ज्यादा तबाही बरपाई गई थी। दूसरा चाँदबाग का वह इलाका है, जहाँ AAP पार्षद ताहिर हुसैन की बिल्डिंग से आसपास के हिन्दुओं के घरों और दुकानों को निशाना बनाया गया था। इसी इलाके में IB के लिए काम करने वाले अंकित शर्मा की जघन्य हत्या की गई थी।

दो साल बाद हम उस अनिल स्वीट्स हाउस पर पहुँचे जहाँ दिलबर नेगी काम करते थे। दुकान के मालिक अनिल पाल के बेटे ने ऑपइंडिया को बताया कि नेगी के परिवार को उत्तराखंड सरकार से मदद मिली थी। उन्होंने भी अपनी ओर से उनके परिवार को मदद देने की बात कही। हालाँकि इसका ब्यौरा देने से इनकार कर दिया। इस संबंध में पूछे जाने पर कहा, “अब जाने दीजिए, दो साल हो गए हैं अब इधर शांति है। नहीं लग रहा है कि अब दोबारा ऐसा कुछ होगा।”

पहली तस्वीर में वह गोदाम जिसमें दिलबर नेगी को जलाया गया था, जिसे बाद में रेनोवेट कर दिया गया था। दूसरी तस्वीर में अनिल स्वीट्स हाउस की

बता दें कि 24 फरवरी, 2020 की शाम जब दिल्ली के शिव विहार में हिन्दू विरोधी हिंसा भड़की थी तो उसी शाम को इन दंगों में उत्तराखंड से 6 महीने पहले ही दिल्ली काम करने आए 20 साल के दिलबर सिंह नेगी की दंगाइयों ने वीभत्स हत्या कर दी थी। नेगी को मुस्लिम दंगाइयों की भीड़ ने तलवार से काटने के बाद जलते हुए अनिल स्वीट्स हाउस के बेकरी वाले गोदाम में आग के हवाले कर दिया था। दिलबर नेगी का शव पुलिस ने 26 फरवरी 2020 को बरामद किया था। हालाँकि, अब इस गोदाम को रेनोवेट कर दिया गया है जो अक्सर बंद ही रहता है और अनिल स्वीट्स इसे स्टोर रूम की तरह ही इस्तेमाल करता है।

दिलबर नेगी मामले की चार्जशीट

दिलबर नेगी की हत्या के मामले में दिल्ली पुलिस ने 4 जून 2020 को ही कड़कड़डूमा कोर्ट में चार्जशीट दायर कर दी थी। पुलिस ने दिलबर नेगी की हत्या के मामले में 12 लोगों को आरोपित बनाया था। चार्जशीट के अनुसार, मुस्लिम समुदाय की एक भीड़ उत्तर-पूर्वी दिल्ली के बृजपुरी पुलिया की तरफ से आई थी और हिंदुओं की संपत्तियों को निशाना बनाते हुए दंगा करना शुरू कर दिया था और 24 फरवरी की देर रात तक आगजनी करती रही। पुलिस ने कहा था कि भीड़ ने अनिल स्वीट्स नाम की एक दुकान में आग लगा दी थी, जहाँ से पुलिस ने 26 फरवरी को दिलबर नेगी का शव बरामद किया था। हत्या के वक्त नेगी लंच और आराम करने के लिए दुकान के गोदाम में गया था, जहाँ उसे दंगाइयों ने काटकर आग में झोंक दिया था।

कहाँ है अंकित शर्मा का परिवार?

चाँदबाग पुलिया के पास स्थित ताहिर हुसैन के घर से कुछ ही दूरी पर अंकित शर्मा का भी घर है। दो साल बाद भी इस घर को जाने वाली गली में सन्नाटा पसरा था। शुरुआत में आसपास के लोगों ने बताया कि अंकित शर्मा का परिवार मकान बेचकर कहीं चला गया है। लेकिन जब हमने उस घर का दरवाजा खटखटाया तो ग्राउंड फ्लोर पर रहने वाले एक व्यक्ति ने खुद को किराएदार बताया। उनका कहना था, “दिल्ली दंगों के कुछ समय बाद ही अंकित शर्मा का परिवार गाजियाबाद के पास कहीं चला गया है। अब वो यहाँ कभी-कभी सिर्फ किराया लेने आते हैं।” अंकित शर्मा के घर की मौजूदा स्थिति आप नीचे वीडियो में देख सकते हैं;

इस गली में रहने वाले लोग अब उस घटना पर बातचीत नहीं करना चाहते। उनका कहना था, “हम तो किराएदार हैं। हमें इन सब मामलों में नहीं पड़ना है।” कुछ लोगों ने यह भी बताया कि दंगों में हत्या होने से पहले उन्हें पता भी नहीं था कि अंकित शर्मा IB में काम करते थे। जब हमने अंकित शर्मा मर्डर केस के चश्मदीद प्रदीप वर्मा के बारे में पता की तो पता चला कि वे भी इस इलाके को छोड़कर जा चुके हैं।

कोर्ट ने माना नवाब मलिक के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप पहली नजर में सही, कहा- हिरासत में लेकर पूछताछ करना जरूरी

मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) और आतंकी दाऊद इब्राहिम (Dawood Ibrahim) के साथ लिंक को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate- ED) द्वारा गिरफ्तार राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी (NCP) के नेता और महाराष्ट्र सरकार में कैबिनेट मंत्री नवाब मलिक (Nawab Malik) की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित मामले में विशेष अदालत ने प्रथम दृष्ट्या मामले को सही पाया है।

धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) कोर्ट के विशेष न्यायाधीश आर एन रोकडे (R N Rokade) ने कहा कि मलिक के खिलाफ आरोप ‘अच्छी तरह स्थापित’ हैं। इसलिए उनके हिरासत में पूछताछ आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि अपराध पिछले 20 वर्षों से चली आ रही है। इसलिए इस मामले की जाँच के लिए पर्याप्त समय दिए जाने की आवश्यकता है।

अदालत का यह भी कहना है कि आरोपित ने जाँच में सहयोग नहीं किया है। न्यायाधीश रोकडे ने कहा, “प्रथम दृष्ट्या यह मानने के लिए पर्याप्त आधार है कि धन शोधन अधिनियम के तहत आरोप अच्छी तरह स्थापित हैं।” कोर्ट ने माना कि जाँच अपने प्रारंभिक चरण में है, इसलिए आरोपित से अच्छी तरह पूछताछ कर सभी पहलुओं को सामने लाना आवश्यक है।

बुधवार को पेशी के दौरान जज ने अपने आदेश में कहा कि प्रथम दृष्टया यह साबित होता है कि इस प्रॉपर्टी पर नवाब मालिक का स्वामित्व है। ऐसे में बचाव पक्ष की यह दलील कि नवाब मलिक पर पीएमएलए के तहत मामला नहीं बनता है, यह गलत है। वहीं, खबर यह भी है कि नवाब मलिक जाँच में अधिकारियों को सहयोग नहीं कर रहे हैं। इतना ही नहीं, वे अधिकारियों को डरा-धमका भी रहे हैं।

बता दें कि कोर्ट ने बुधवार (23 फरवरी) को मंत्री मलिक को 3 मार्च तक के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया था, जिसकी रिपोर्ट शुक्रवार (25 फरवरी) को उपलब्ध कराई गई है। ईडी सूत्रों की माने तो कुर्ला लैंड डील में नवाब मलिक के बेटे फराज भी शामिल थे। यह डील साल 1999 से 2003 के बीच में हुई थी।

गौरतलब है कि कुछ महीने पहले पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में नवाब मलिक के ऊपर गंभीर आरोप लगाए थे। उनका कहना था कि मलिक परिवार ने उस जमीन की कीमत को साढ़े तीन करोड़ रुपए दिखाया, जिससे उन्हें स्टैम्प ड्यूटी कम भरनी पड़े। जब इसका पेमेंट करने की बात आई तो इसकी कीमत 25 रुपए प्रति स्क्वायर फुट की दर से बताई गई लेकिन असल में पेमेंट 15 रुपए प्रति स्क्वायर फीट के रेट से हुई। मलिक पर आरोप है कि उन्होंने यह जमीन अंडरवर्ल्ड दाऊद के लोगों से खरीदी थी।