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नेता से लेकर एक्ट्रेस तक, सोशल मीडिया से सड़कों तक: लावण्या को ‘न्याय’ दिलाने की माँग तेज, ईसाई मिशनरियों के खिलाफ गुस्सा

हिंदू बच्ची लावण्या द्वारा आत्महत्या किए जाने के बाद धर्मांतरण का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया। कोई सोशल मीडिया के जरिए उसके लिए इंसाफ माँग रहा है तो कोई सड़कों पर आकर उसे न्याय दिलाने की कोशिशों में है। बच्ची के पिता ने कोर्ट से आत्महत्या मामले की जाँच के लिए सीबी-सीआईडी इन्वेस्टिगेशन की माँग की है जबकि कोर्ट ने फिलहाल लावण्या की आखिरी वीडियो की प्रमाणिकता जाँचने के लिए उसे फॉरेंसिक लैब भेजे जाने के निर्देश दिए हैं।

बता दें कि ईसाई धर्म न अपनाने पर लावण्या के साथ स्कूल में जो कुछ हुआ और उसने जो कुछ अपनी आखिरी वीडियो में बयान किया उसे देख हर कोई विचलित है। इसी क्रम में साउथ इंडियन एक्ट्रेस प्रणिथा सुभाष ने इस संबंध में ट्वीट करते हुए उम्मीद जताई है कि बच्ची को जल्द न्याय मिलेगा। उन्होंने लिखा कि ये देखना हृदयविदारक है कि धार्मिक चीजों को छोटे बच्चों पर थोपा जा रहा है। 

भारतीय जनता पार्टी के नेताओं से लेकर छात्र संगठन एबीवीपी तक आरोपितों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के लिए आवाज उठा रहे हैं। इनके अलावा ट्विटर के सक्रिय यूजर अंशुल सक्सेना भी लावण्या के लिए न्याय माँगने सड़क पर हैं। सामने आई वीडियो में देख सकते हैं कि कैसे वो ईसाई मिशनरियों से सामान्य जन को जागरूक कर रहे हैं और सबसे लावण्या के लिए इंसाफ माँगने की अपील कर रहे हैं। तमिलनाडु के भारतीय जनता युवा मोर्चा के अध्यक्ष विनोज पी सेलवन ने भी उपवास रखकर लावण्या को इंसाफ दिलाने के लिए आवाज उठाई है।

गौरतलब है कि इस मामले की सुनवाई मद्रास हाई कोर्ट में चल रही है। कोर्ट ने लावण्या की आखिरी वीडियो की जाँच के लिए उसे तमिलनाडु फॉरेंसिक साइंस लैब भेजने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान बच्ची के पिता ने कोर्ट को जानकारी दी कि पुलिस आरोपितों को पकड़ने की जगह उस व्यक्ति को फँसाने की कोशिशों में है जिसने उनकी बच्ची की वीडियो रिकॉर्ड की और दुनिया के सामने सच आया। कोर्ट ने पिता की बात सुनने के बाद वीडियो रिकॉर्ड करने वाले व्यक्ति पर किसी तरह की पुलिस प्रताड़ना रोकने के लिए अंतरिम आदेश पास किया है। पिता ने ये भी कहा है कि पुलिस उनके ऊपर दबाव बनाती है। वह लोग इस केस सीबी-सीआईडी जाँच चाहते हैं।

मालूम हो कि तमिलनाडु के तंजावुर में नाबालिग छात्रा लावण्या की आत्महत्या का मामला 19 जनवरी, 2022 का है। लड़की के परिजनों ने आरोप लगाया कि हॉस्टल वॉर्डन द्वारा उसे प्रताड़ित किया था और मारा-पीटा था। ये सब सिर्फ इसलिए हुआ क्योंकि उसने ईसाई मजहब में धर्मांतरण से इनकार कर दिया था। प्रताड़नाओं से तंग लड़की ने 9 जनवरी, 2021 को ही ज़हर खा लिया था। 10 दिन तक चले इलाज के बाद उसकी मौत हो गई। सोशल मीडिया पर लड़की का एक वीडियो भी वायरल हुई, जिसमें वो बताती दिखती है कि धर्मांतरण न करने के कारण उसे प्रताड़ित किया गया था।

एड्स वाला कार्यक्रम… हॉलीवुड के हीरो ने शिल्पा शेट्टी को कर लिया था किस: अश्लीलता मामले में 15 साल बाद अभिनेत्री को राहत

मुंबई की एक अदालत ने मंगलवार (25 जनवरी 2022) को रिचर्ड गेरे (Richard Gere) और शिल्पा शेट्टी (Shilpa Shetty) किसिंग मामले में एक्ट्रेस को 15 साल बाद सभी आरोपों से मुक्त कर दिया है। मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट केतकी चव्हाण ने कहा कि शिल्पा के खिलाफ जो भी आरोप लगाए गए थे, वे सब निराधार थे।

मजिस्ट्रेट के मुताबिक, शिल्पा के खिलाफ शिकायत में जो भी बातें सामने आई हैं, उसमें एक भी बात उनके खिलाफ केस को सही साबित नहीं कर रही है। इसके साथ ही जो भी दस्तावेज प्रस्तुत किए गए हैं, उससे ऐसा नहीं लगता है कि आरोपित को आईपीसी की धारा 34 के दायरे में लाया जा सके।

दरअसल, वर्ष 2007 में राजस्थान में एड्स को लेकर एक प्रचार कार्यक्रम के दौरान हॉलीवुड स्टार रिचर्ड गेरे ने सार्वजनिक रूप से बॉलीवुड अभिनेत्री को किस कर लिया था। इसको लेकर राजस्थान और उत्तर प्रदेश में शिल्पा शेट्टी के खिलाफ तीन केस दर्ज किए गए थे।

बताया जाता है कि अप्रैल 2007 को राजस्थान की एक अदालत ने किसिंग मामले में शिल्पा और गेरे की गिरफ्तारी के लिए वारंट भी जारी किया था, लेकिन बाद में सर्वोच्च न्यायालय ने इस मुकदमे को खारिज कर दिया था। वर्ष 2009 में ओडिशा के साक्षीगोपाल मंदिर में एक पुजारी ने भी शिल्पा शेट्टी के गाल पर किस कर लिया था।

बता दें कि अभिनेत्री ने इस केस को मुंबई ट्रांसफर करने की माँग की थी। 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने शिल्पा की याचिका पर इसकी अनुमति दी थी। इसके बाद मुंबई के बैलार्ड पियर में मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट इस मामले की सुनवाई कर रहे थे। शिल्पा ने धारा 239 और धारा 245 के तहत इस इस मामले से खुद को आरोप मुक्त करने के लिए याचिका दायर की थी।

‘जो आदम और हव्वा को सम्मान नहीं देंगे, उन्हें सही जगह दिखाई जाएगी’: तुर्की के राष्ट्रपति ने दी गायिका की जीभ काटने की धमकी

तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोगन (Recep Tayyip Erdoğan) देश की पॉप आइकन सेजेन अक्सू को लेकर दिए गए एक बयान को लेकर आलोचना का सामना कर रहे हैं। एर्दोगन का कहना है कि सेजेन अक्सू ने अपने गाने के जरिए इस्लाम के पवित्र मूल्यों का तिरस्कार किया है। तुर्की के नोबेल विजेता ओरहान पामुक ने भी एक कलाकार के प्रति राष्ट्रपति के रवैए की आलोचना की है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सेजेन अक्सू ने अपने गाने ‘It is a wonderful thing to live’ (यह जीने के लिए एक अद्भुत चीज़ है) में आदम और हव्वा को अज्ञानी कहा है। जिसके बाद उन पर ‘नैतिक मूल्यों’ के खिलाफ जाने का आरोप लगाया जाने लगा है। आरोप है कि गाने के जरिए उन्होंने इस पवित्र जोड़े का अपमान किया है। एर्दोगन ने अक्सू की आलोचना करते हुए कहा है कि इस्लामी शिक्षाओं के मुताबिक, पहले पैगंबर आदम का अपमान करने वाले ‘किसी भी व्यक्ति की जीभ काटना‘ उनका फर्ज है।

उन्होंने कहा कि हव्वा के लिए उपयोग किए गए शब्दों से सीमाएँ लाँघी गई है। जो लोग भी इन्हें सम्मान नहीं देंगे, उन्हें उनकी सही जगह दिखाई जाएगी। उल्लेखनीय है कि इस्लाम में, आदम को पहला पैगंबर माना जाता है और हव्वा उसकी पत्नी थी। इसके साथ ही देश भर में अक्सू के गाने को टेलीविजन और रेडियो पर ऑन एयर करने से प्रतिबंधित कर दिया गया है।

कई इस्लामी और कट्टर समूहों ने गाने को लेकर सेजेन अक्सू पर हमला किया और इस्तांबुल में उनके घर के सामने विरोध प्रदर्शन किया। हालाँकि एर्दोगन की इस आलोचना पर मुख्य विपक्षी पार्टी रिपब्लिकन पीपुल्स पार्टी के नेता केमल किलिकडारोग्लू ने कहा कि अक्सू पर इस तरह हमला करके एर्दोगन इसे एक राष्ट्रीय एजेंडा बना रहे हैं, क्योंकि अब वो लाचार महसूस कर रहे हैं।

इस्लामवादियों द्वारा 5 साल पहले (2017 में) लिखे गए गीत को लेकर धमकी देने के बाद लेखकों, पत्रकारों, संगीतकारों और शिक्षाविदों सहित 200 से अधिक तुर्की बुद्धिजीवियों ने तुर्की की पॉप क्वीन सेजेन अक्सू का समर्थन किया है।

बुद्धिजीवियों ने एक खुले पत्र में कहा कि सेज़ेन अक्सू अकेली नहीं हैं। पत्र में कहा गया है, “हम सेजेन अक्सू के खिलाफ इस हमले के सामने डटकर खड़े हैं, जो 47 वर्षों से इस भूमि की सांस्कृतिक विरासत को दर्जनों गीत लिख, गा रही है और उपहार में दे रही है।”

कट्टर राष्ट्रीय रक्षा आंदोलन के अध्यक्ष मूरत साहिन ने कहा, “कुछ छद्म कलाकार कला की आड़ में हमारे राष्ट्रीय और आध्यात्मिक मूल्यों को कम करने और धर्म का अपमान करने के लिए एक-दूसरे के साथ प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।”

सेजेन अक्सू ने शनिवार (22 जनवरी 2022) को एक नए गाने के बोल शेयर कर राष्ट्रपति, आलोचकों और हमलों का जवाब दिया। अक्सू ने लिखा, “मैं शिकार हूँ तुम शिकारी हो। बस शूट करो। तुम मुझे महसूस नहीं कर सकते। तुम मेरी जुबान को दबा नहीं सकते। तुम मुझे मार नहीं सकते। मेरे पास मेरी आवाज है, मेरी साज़, मेरी जीभ है। ” उन्होंने आगे कहा कि वह लिखना और गाना जारी रखेंगी।

अब मुंबई में ‘टीपू सुल्तान स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स’, CM उद्धव के कॉन्ग्रेसी मंत्री असलम शेख का कारनामा: VHP ने कहा – शांति भंग करने की कोशिश

मुंबई में कॉन्ग्रेस मंत्री असलम शेख द्वारा एक स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स का नाम टीपू सुल्तान के नाम पर रखे जाने पर बवाल हो रहा है। इस कॉम्प्लेक्स के उद्घाटन की तारीख अब तक 26 जनवरी तय बताई जा रही है। एक बैनर सोशल मीडिया पर शेयर हो रहा है जिसमें असलम की तस्वीर के साथ कॉम्प्लेक्स की भी फोटो है। तस्वीर में गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए सूचना दी गई है कि मैदान का उद्घाटन बुधवार को हो।

अब गौरतलब हो कि जब से ये बैनर सामने आया उसकी के बाद से जगह-जगह इसका विरोध हो रहा है। भाजपा नेता प्रदेश मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए बोल रहे हैं कि जो लोग हिंदुत्व पर अब तक नसीहतें दे रहे थे। अब उनकी सरकार में टीपू सुल्तान नाम वाले मैदान का लोकार्पण किया जाएगा।

विश्व हिंदू परिषद और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने हिंदुओं पर बर्बरता करने वाले टीपू सुल्तान के नाम पर मैदान का नाम रखे जाने पर आपत्ति जाहिर की है। विहिप प्रवक्ता शिराज नय्यर ने कहा, “ये जाहिर तौर मुंबई की शांति भंग करने के लिए हो रहा है और इसे नकारा नहीं जा सकता। महाराष्ट्र संतों की जमीन है और परियोजना का नाम एक बर्बरता हिंदू विरोधी के नाम पर रखना बेहद गलत है।”

महाराष्ट्र बीजेपी ने स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की फोटो ट्वीट करते हुए सीएम उद्धव ठाकरे पर निशाना साधा। ट्वीट में कहा गया कि टीपू सुल्तान ने हजारों हिंदुओं का खून बहाया था और हिंदू मंदिर ध्वस्त किए थे। इस मामले पर राम कदम ने कहा कि यह वही टीपू सुल्तान है जिसने एक नहीं बल्कि हजारों हिंदुओं का कत्ल किया है। हिंदुओं के मंदिर तोड़े, उन्हें प्रताड़ित किया। क्या महाराष्ट्र के हिंदुत्ववादी मुख्यमंत्री ऐसे शख्स के सम्मान में, उसके नाम पर मैदान का लोकार्पण बर्दाश्त करेंगे? वह भी महाराष्ट्र की भूमि पर।

बता दें कि शिवसेना अक्सर अपने हिंदुत्व के स्टैंड पर खुद भाजपा से ऊपर दिखाने के प्रयास में रहती है। यही कारण है कि कॉन्ग्रेस नेता के प्रयास देखने के बाद अब बीजेपी इसका विरोध कर रही है। साथ ही शिवसेना से उनके ‘हिंदुत्व’ पर सवाल कर रही है जिन्होंने मैदान का नाम टीपू सुल्तान के नाम रखने दिया।

मालूम हो कि टीपू सुल्तान इतिहास का वो नाम है जिसे दक्षिण भारत में हिंदुओं पर हुए अत्याचारों के लिए जिम्मेदार माना जाता है। ऐसे कई मामले हैं जब इस बर्बर शासक की सेना ने इसके कहने पर जबरन हिंदुओं के धर्मांतरण करवाएँ, महिलाओं से रेप किया , हिंदुओं को किडनैप किया। कई मंदिर टीपू सुल्तान के कहने पर ध्वस्त किए गए।

पटियाला में माँ काली की प्रतिमा से बेअदबी, हिन्दू संगठनों ने किया बंद का ऐलान: पंजाब पुलिस ने कहा – वो मूर्ति को गले लगा रहा था

पंजाब में एक बार फिर धार्मिक स्थान पर बेअदबी करने का मामला सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पटियाला के ऐतिहासिक श्री काली देवी मंदिर में बेअदबी करने के मामले में एक युवक को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपित पर आईपीसी की धारा 295-ए (जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कृत्य, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाना) सहित संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

बताया जा रहा है कि काली माता मंदिर में सोमवार (24 जनवरी, 2022) दोपहर करीब 2.45 बजे आरोपित ने काली माता (Kali Mata) की प्राचीन मूर्ति के साथ बेअदबी करने की कोशिश की। वह युवक अचानक मंदिर में मुख्य मूर्ति के सामने लगी ग्रिल फांदकर आसन पर चढ़ गया और काली माता की मूर्ति को छूने और गले लगाने लगा। मौके पर मौजूद एक पुजारी और अन्य भक्तों ने आरोपित को उसी वक्त धकेल कर नीचे गिरा दिया। इसी बीच घटना से नाराज मंदिर कमेटी के सदस्यों और वहाँ मौजूद भक्तों ने युवक की बीच सड़क में पिटाई की और उसे पुलिस के हवाले कर दिया।

पुलिस के मुताबिक, प्रारंभिक जाँच में पाया गया है कि पटियाला में काली देवी मंदिर में बेअदबी का प्रयास करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया शख्स देवी का भक्त है और वह उनकी मूर्ति को गले लगाना चाहता था। आरोपित की पहचान पटियाला से आठ किलोमीटर की दूरी पर स्थित नैनाकोट गाँव के निवासी राजदीप (35) के रूप में हुई है। वहाँ मौजूद लोगों ने पुलिस को बताया कि आरोपित ने मंदिर में एक महिला भक्त को भी गले लगाने की कोशिश की थी।

वहीं, मंदिर में बेअदबी से नाराज हिंदू संगठनों ने प्रदेश सरकार के विराेध में मंगलवार (25 जनवरी) काे शहर काे बंद रखा और बाजारों में रोष मार्च निकाल नारेबाजी की। दुकानदाराें ने भी त्रिपड़ी टाउन में बाजार बंद करके नारेबाजी की। आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने कहा कि पटियाला के श्री काली माता मंदिर में बेअदबी की कोशिश बहुत निंदनीय है। कुछ दिन पहले हरिमंदिर साहिब में बेअदबी की कोशिश की गई थी। बेअदबी की घटनाओं की साजिश रचने वालों का चेहरा बेनकाब कर उन्हें सख्त सजा दी जाए।

पंजाब कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने इस संवेदनशील मामले पर ट्वीट करके कहा कि पंजाब में भय, ध्रुवीकरण और घृणा की राजनीति की घुसपैठ हो रही है। पटियाला के श्री काली मंदिर में बेअदबी की घटना निंदनीय है। विघटनकारी शक्तियाँ कभी भी पंजाबियत की सामाजिक-आर्थिक संरचना को तोड़ नहीं सकती हैं। वैश्विक भाईचारा और सभी धर्मों के लिए सम्मान हमारी ढाल है।

बता दें कि पिछले साल दिसंबर में अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में गुरु ग्रन्थ साहिब की बेअदबी के आरोप में उत्तर प्रदेश के युवक की पीट पीटकर हत्या कर दी गई थी।

‘इंशाअल्लाह! हमारी सरकार आई तो उन्हें (हिन्दुओं को) छोड़ेंगे नहीं’: सपा प्रत्याशी आदिल चौधरी की ‘बदला लेने’ की धमकी, वीडियो वायरल

उत्तर प्रदेश के मेरठ दक्षिण से समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के उम्मीदवार आदिल चौधरी (Adil Chaudhary) ने हिंदुओं से बदला (Hindus) लेने की धमकी दी है। आदिल चौधरी ने कहा कि उनकी सरकार आई तो उनको (हिंदुओं को) छोड़ेंगे नहीं… चुनचुन कर बदला लिया जाएगा। सपा उम्मीदवार आदिल चौधरी की धमकी का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

वायरल वीडियो में साफतौर पर देखा जा सकता है कि एक बंद कमरे में कुछ लोगों को समझाते हुए सपा उम्मीदवार आदिल चौधरी कह रहे हैं, “इंशाअल्लाह हमारी सरकार बन रही है, किसी को भी छोड़ेंगे नहीं। जिस तरीके ये हमारे साथ जुल्म कर रहे हैं, इनसे बदला लिया जाएगा और इनको एहसास दिलाया जाएगा कि आगे ये सौ बार सोचेंगे।”

UP के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मीडिया सलाहकार शलभमणि त्रिपाठी ने इस वीडियो को ट्वीट करते हुए लिखा, “इंशाअल्लाह चुन चुन कर इनसे बदला लेंगे, इनको छोड़ेंगे नहीं, हमारी सरकार आ रही है।” समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी आदिल, अपनी क़ौम को भरोसा दिलाते हुए !!”

वहीं बीजेपी नेता संबित पात्रा ने इसे ट्वीट करते हुए लिखा है, “ये हैं सपा प्रत्याशी आदिल चौधरी, इनका कहना है- “हमारी सरकार आई तो इन्हें (हिंदुओं को) छोड़ेंगे नहीं चुनचुन कर बदला लिया जाएगा।” सपा गुंडें और माफियाओं को टिकट देकर कौन सा उत्तम प्रदेश बनाना चाहती हैं? ऐसे गुंडों के लिए दुबारा योगी सरकार जरूरी है ताकि गुंडों पर बुलडोजर चलता रहे।”

गौरतलब है कि इससे पहले शामली में नाहिद हसन के समर्थक का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें वह कह रहा है, “अगर कैराना विधानसभा सीट पर हमारे नाहिद हसन को जाटों ने वोट नहीं दिया तो फिर अच्छा नहीं होगा हम लोग विधानसभा सीट पर रालोद (चौधरी) उम्मीदवार को वोट नहीं देंगे, हमें गड़बड़ी करने में मिनट नहीं लगेगा।”

वीडियो में कुछ लोग टोपी लगाए दिखाई देते हैं। उनमें से एक कह रहा, “ब्लॉक में नाहिद हसन के साथ जाट हरकत कर रहे हैं। अगर वहाँ उन ब्लॉक में जाट नाहिद हसन के साथ हरकत करेंगे तो हम यहाँ उनके साथ हरकत कर देंगे। वहाँ तुम हो 24 हजार, यहाँ हम हैं 90 हजार। इलाज़ बाँध देंगे। भुस भर देंगे। समझ गए?” इस वीडियो को सीएम योगी के मीडिया सलाहकार शलभ मणि त्रिपाठी ने ट्वीट किया था। जिस पर रिप्लाई करते हुए शामली पुलिस ने बताया था कि प्रकरण के संबंध में थाना कांधला पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत करके 1 अभियुक्त को गिरफ्तार कर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।

‘कैराना में नाहिद हसन के साथ गड़बड़ हुई तो हम एक मिनट न लगाएँगे गड़बड़ी करने में’: सपा समर्थक ने दी खुलेआम धमकी, शामली पुलिस ने भेजा जेल

उत्तर प्रदेश में पहले चरण के मतदान की तारीख नजदीक आते ही पश्चिमी यूपी की हॉट सीट कैराना में खुलेआम धमकियों का दौर शुरू हो गया है। समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी नाहिद हसन (Nahid Hassn) के समर्थकों के दो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिसमें वह कैराना के जाट वोटरों को धमकी देते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो को मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार शलभमणि त्रिपाठी ने शेयर किया है जिसमें सपा प्रत्याशी नाहिद हसन के समर्थक जाटों को धमकियाँ दे रहे हैं।

उन्होंने यह कहते हुए ट्वीट किया कि RLD के जाट प्रत्याशी को खुलेआम धमकाते नाहिद हसन के समर्थक। वीडियो में कहा जा रहा है, “हमारा चौधरी (नाहिद हसन) जेल से चुनाव लड़ रहा, वहाँ 24 हजार जाट हैं और यहाँ हम 90 हजार, वहाँ जाट कह रहे कि नाहिद को वोट नहीं देंगे, हमारे चौधरी (नाहिद हसन) के साथ कुछ गड़बड़ हुई तो यहाँ हम एक मिनट न लगाएँगे गड़बड़ी करने में।”

धमकियों का यह दौर तब और तेज हो गया है जब सोमवार को यूपी चुनाव के लिए सपा ने अपनी 159 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की। जिसमें जेल में बंद नाहिद हसन को भी अखिलेश यादव ने कैराना से टिकट थमाया है।

वहीं मामला संज्ञान में आने के बाद शामली पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए खुलेआम धमकी देने वाले शख्स को सलाखों के पीछे भेज दिया है। और युवक के विरुद्ध चुनाव आचार संहिता उल्लंघन का मुकदमा दर्ज किया गया है। इसकी जानकारी शामली पुलिस ने सोशल मीडिया के जरिए दी है।

इसके अलावा भी एक दूसरा वीडियो कल से ही सोशल मीडिया पर पर वायरल है। इसमें भी जाटों को खुलेआम धमकी दी जा रही है। इसे भी कल 24 जनवरी (सोमवार) को शलभमणि त्रिपाठी ने ट्वीट किया है। वीडियो में कुछ लोग जाटों को धमकाते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो शेयर करते हुए शलभमणि त्रिपाठी ने लिखा, “तुम जाट सिर्फ 24 हजार हो, और हम 90 हजार, शामली के जाट सपा और नाहिद हसन के साथ हरकत कर रहे, हम इलाज बांध देंगे, भूस भर देंगे।” हमारे वीर जाट भाइयों को खुलेआम गीदड़ भभकी देते दंगाइयों, बस 10 मार्च तक का इंतज़ार कर लो, बुलडोजर फिर दौड़ेगा।

बता दें कि सपा-रालोद गठबंधन के टिकट बँटवारे के बीच पश्चिमी यूपी की कई सीटों पर जाट बनाम मुसलमान की लड़ाई तेज होती दिख रही है, जिससे सपा-रालोद गठबंधन को नुकसान का दावा किया जा रहा है। कैराना सीट से दो बार के सपा विधायक रहे नाहिद हसन खड़े हैं। वहीं नाहिद हसन मुजफ्फरनगर जेल में बंद होने के कारण उनकी गैरमौजूदगी में उनकी बहन इकरा हसन चुनाव प्रचार कर रही हैं।

गौरतलब है कि हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री और बीजेपी नेता अमित शाह ने उत्तर प्रदेश के कैराना में बीजेपी प्रत्याशी मृगांका सिंह के प्रचार की शुरुआत की थी। डोर टू डोर कैंपेन के तहत घर-घर जाकर लोगों से मिले और उन्हें पार्टी के कामों के बारे में बताने वाले पर्चे सौंपे थे। तब गृहमंत्री ने कहा था कि जनवरी 2014 के बाद कैराना आया हूँ, यहाँ के लोग पलायन करते थे। अब लोगों का कहना है कि पलायन कराने वालों का पलायन हुआ है। अब कैराना में कोई भय नहीं है।

उन्होंने यह भी कहा था कि मोदी जी ने जिन योजनाओं को लागू किया, योगी जी ने उन्हें जमीन तक उतारने का काम किया है। यूपी में तुष्टिकरण, जाति, वंशवाद की राजनीति करने वालों को रोकना है। 2014 के बाद पीएम मोदी ने यूपी के विकास की धुरी अपने हाथ में ली। 2017 में यहाँ भाजपा सरकार बनने के बाद, योगी आदित्यनाथ सीएम बने और विकास को और गति दी है।

जूतों और कपड़ों पर तिरंगा, Amazon पर धड़ल्ले से बिक रहे: CEO जेफ बेजोस पर FIR, MP के गृह मंत्री ने कहा – बर्दाश्त नहीं करेंगे

मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा (Narottam Mishra) ने तिरंगे पर छपे जूते और कपड़े बेचने को लेकर ऑनलाइन शॉ‍पिंग प्‍लेटफॉर्म अमेजन (Amazon) पर एफआईआर FIR दर्ज करने के आदेश दिए हैं।

गृहमंत्री ने मंगलवार (25 जनवरी 2022) को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “ऑनलाइन प्लेटफॉर्म अमेजन पर अपने उत्पाद की बिक्री के लिए राष्ट्रध्वज के इस्तेमाल का मामला मेरे संज्ञान में आया है। यह बहुत ही पीड़ादायक है कि जूते की बिक्री के लिए तिरंगे का इस्तेमाल किया गया है। राष्ट्रीयता, राष्ट्र की भावना और राष्ट्र के अपमान का कोई भी कार्य बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मैंने DGP को ध्वज संहिता के उल्लंघन पर अमेजन कंपनी के मालिक जेफ बेजोस और संस्था पर मध्य प्रदेश में FIR दर्ज करने का आदेश दिया है।”

हालाँकि, यह कोई पहली बार नहीं है, जब अमेजन ने इस तरह की हरकत की हो। वर्ष 2019 में भी अमेजन पर हिंदू देवी-देवताओं के चित्र वाली टॉयलेट सीट कवर और डोरमैट्स (दरवाजे पर बिछाए जाने वाले मैट) बेचने का आरोप लगा था। ई-कॉमर्स वेबसाइट लोगों के विरोध के बाद भी हिंदू देवी-देवताओं के चित्र वाले टॉयलेट कवर और पायदान बेचना बंद नहीं किया था।

बता दें कि इससे पहले वर्ष 2017 में अमेजन की कनाडा वाली वेबसाइट पर भारतीय तिरंगे के चित्र वाले डोरमैट बेचने का आरोप लगा था। तब भारत सरकार ने अमेरिकी और कैनेडियन एंबेसी के सामने ये मुद्दा उठाया था। नवंबर 2020 में ऑनलाइन गांजा बेचे जाने को लेकर अमेजन के डायरेक्टर्स के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था।

‘मेरे पिता जीवित होते तो पाकिस्तान नहीं बन पाता’: नेताजी बोस की बेटी ने PM मोदी के फैसले का किया स्वागत

देश के महान स्वतंत्रता सेनानी और आजाद हिंद फौज के संस्थापक नेताजी सुभाषचंद्र बोस (Netaji Subhash Chandra Bose) की बेटी अनीता बोस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) द्वारा अपने पिता की इंडिया गेट पर होलोग्राम प्रतिमा स्थापित किए जाने पर बेहद खुश हैं। उन्होंने नेताजी की प्रतिमा लगाने को स्वागत योग्य कदम बताया है।

दैनिक भास्कर के एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में जर्मनी में रहने वाली नेताजी सुभाष चंद्र बोस की बेटी अनीता बोस ने (Anita bose) ने बताया कि महात्मा गाँधी मेरे पिता को राजनीति से दूर करना चाहते थे। अगर मेरे पिताजी जीवित होते तो देश का विभाजन नहीं होने देते और एक अलग देश पाकिस्तान नहीं बनने देते।

नेताजी को भारत सरकार से किस तरह का सम्मान मिलना चाहिए था? इस सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि सरकार इस बारे में बहुत कुछ कर सकती थी, लेकिन कुछ तथ्य सरकार ने छिपाए हैं। मैं इस बात से बहुत निराश हूँ। सरकार ने सांप्रदायिक दंगों और झगड़ों पर कुछ नहीं कहा और ना ही कोई ठोस कदम उठाए। ऐसे मामलों पर न बोलना देशहित में नहीं है। आजादी के सात दशक बाद अब नेताजी के आदर्शों और मूल्यों को पहचान मिल रही है। इससे देश में एक अच्छा संदेश जाएगा।”

क्या मोदी सरकार देश के स्वतंत्रता सेनानियों को उनका सही स्थान दे रही है? इस पर उन्होंने कहा, “इस सरकार को भी स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को सराहना देनी चाहिए। उन्हें पहचान देनी चाहिए। INA के सैनिकों ने देश की आजादी के लिए कोई कम त्याग नहीं किया। इंदिरा गाँधी देश की ऐसी पहली प्रधानमंत्री थीं, जिन्होंने INA को पहचान दी, लेकिन उन्होंने भी भेदभाव ही किया। आजादी के बाद INA के सैनिकों को सेना में शामिल नहीं किया। इसके उलट, जिन सैनिकों ने ब्रिटिश सेना में रह कर अपने देश के लोगों पर जुल्म किए थे, उन्हें आर्मी में शामिल किया गया।”

नेता जी के निधन को लेकर अलग-अलग चर्चा होती है। आपके अनुसार सच क्या है? इसको लेकर नेताजी की बेटी ने कहा कि मुझे प्लेन क्रैश की घटना के एक चश्मदीद के साक्षात्कार से पता चला कि 18 अगस्त 1945 को यह घटना हुई थी। उसी दौरान दूसरा विश्वयुद्ध भी समाप्त हुआ था। इस घटना से जुड़े दस्तावेज लंबे समय तक छिपा कर रखे गए। मौजूदा सरकार के समय 37 फाइलें सार्वजनिक की गई हैं।”

बता दें कि नेताजी की बेटी के मुताबिक, उनके पिता विद्रोही स्वभाव के थे, जिस कारण महात्मा गाँधी उन्हें अपने बस में नहीं कर पा रहे थे। गाँधी ने नेहरू का पक्ष लिया। कॉन्ग्रेस के एक धड़े ने नेताजी के साथ गलत किया, उनके साथियों की निंदा की गई। नेताजी के सहयोगियों को वो लाभ भी नहीं मिला, जो कि अंग्रेजों के लिए लड़ने वालों को मिला। नेताजी की मौत के बारे में अनीता मानती हैं कि विमान दुर्घटना में उनकी मौत के सबूत हैं और गुमनामी बाबा वाली कहानी हास्यास्पद है।

यूपी में कॉन्ग्रेस को बड़ा झटका, स्वामी प्रसाद मौर्य को हराने वाले ‘राजा साहेब’ ने छोड़ी पार्टी: थामा BJP का दामन

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले कॉन्ग्रेस के कद्दावर नेता रह चुके कुंवर रंजीत नारायण प्रताप सिंह (RPN Singh) के भाजपा से जुड़ने की खबरों के बीच उनका एक ट्वीट आया है। इस ट्वीट में उन्होंने अपने नए राजनीतिक करियर के आरंभ की बात कही है। उन्होंने अब भाजपा का दामन थाम लिया है।

उन्होंने लिखा, “आज जब पूरा राष्ट्र गणतंत्र दिवस का उत्सव मना रहा है, मैं अपने राजनैतिक जीवन में नया अध्याय आरंभ कर रहा हूँ। जय हिंद।” इस ट्वीट के नीचे कई लोग उन्हें भाजपा में शामिल होने की बात कहकर पहले से बधाई दे रहे हैं, वहीं कुछ लोग उन्हें कॉन्ग्रेस पार्टी छोड़ने के लिए सराह रहे हैं।

इससे पहले आरपीएन सिंह ने अपने ट्वीट में कॉन्ग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी को भेजे गए अपने इस्तीफे की फोटो शेयर की थी। इस्तीफे में उन्होंने कॉन्ग्रेस अध्यक्ष को आभार दिया कि पार्टी ने उन्हें देश की सेवा करने का मौका दिया।

बता दें कि RPN सिंह कुशीनगर के रहने वाले हैं और राहुल गाँधी के करीबी कहे जाते हैं। वह मनमोहन सरकार में केंद्रीय मंत्री थे और उनका नाम कॉन्ग्रेस के स्टार प्रचारकों में शामिल था। उन्होंने कॉन्ग्रेस पार्टी में रहते हुए तीन बार पडरौना विधानसभा सीट पर जीत दर्ज की। उन्होंने 4 दफा लोकसभा चुनाव भी लड़ा लेकिन जीत 2009 में हाथ लगी। उस समय वह स्वामी प्रसाद मौर्य को हराकर लोकसभा पहुँचे थे। वह मनमोहन सरकार के कार्यकाल में केंद्रीय राजमंत्री थे। साल 2014 में उन्हें बीजेपी उम्मीदवार से हार का सामना करना पड़ा।

अब 2022 में उनके इस्तीफे के बाद कयास लग रहे हैं कि बीजेपी में शामिल होने के बाद आरपीएन सिंह पडरौना से ही लड़ेंगे और स्वामी प्रसाद मौर्य के ख़िलाफ़ ही मैदान में उतरेंगे। अभी तक कॉन्ग्रेस में रहते हुए वह विधायक, केंद्रीय मंत्री पद पर रहने के अलावा झारखंड में पार्टी के प्रभारी रहे हैं और उत्तर प्रदेश यूथ कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष भी। वह पडरौना रियासत से ताल्लुक रखते हैं। वहाँ उन्हें राजा साहेब भी कहा जाता है।