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‘जाटों तुम सिर्फ 24 हजार हो और हम 90 हजार, भुस भर देंगे’: धमकी भरा वीडियो वायरल, CM योगी के मीडिया सलाहकार ने कहा- ‘इंतज़ार करो, बुलडोजर फिर दौड़ेगा’

सोशल मीडिया पर जाटों को धमकी देते हुए एक वीडियो वायरल हो रहा है। UP के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मीडिया सलाहकार शलभमणि त्रिपाठी ने 24 जनवरी (सोमवार) को इसे ट्वीट किया है। वीडियो में कुछ लोग जाटों को धमकाते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो शेयर करते हुए शलभमणि त्रिपाठी ने लिखा, “तुम जाट सिर्फ 24 हजार हो, और हम 90 हजार, शामली के जाट सपा और नाहिद हसन के साथ हरकत कर रहे, हम इलाज बांध देंगे, भूस भर देंगे।” हमारे वीर जाट भाइयों को खुलेआम गीदड़ भभकी देते दंगाइयों, बस 10 मार्च तक का इंतज़ार कर लो, बुलडोजर फिर दौड़ेगा।

वीडियो में कुछ लोग टोपी लगाए दिखाई देते हैं। उनमें से एक कह रहा, “ब्लॉक में नाहिद हसन के साथ जाट हरकत कर रहे हैं। अगर वहाँ उन ब्लॉक में जाट नाहिद हसन के साथ हरकत करेंगे तो हम यहाँ उनके साथ हरकत कर देंगे। वहाँ तुम हो 24 हजार, यहाँ हम हैं 90 हजार। इलाज़ बाँध देंगे। भुस भर देंगे। समझ गए?” इसी बात का जिक्र ऊपर ट्वीट में शलभमणि त्रिपाठी ने अपने ट्वीट में किया है।

ये वीडियो कब की और कहाँ की है ये फिलहाल पता नहीं चल पाया है। वीडियो में दिखने वाले सभी लोगों ने ठंड के कपड़े पहने हुए हैं। कुछ ने शॉल भी ओढ़ रखी है। ऐसे में माना जा रहा है कि वीडियो ठंड के मौसम का है। ऑपइंडिया ने इस वीडियो की जानकारी के लिए शलभमणि त्रिपाठी से सम्पर्क किया। शलभमणि ने कहा, “वीडियो शामली का बताया जा रहा है। यूपी पुलिस जाँच कर रही है।”

ऑपइंडिया ने शामली पुलिस के पुलिस अधीक्षक से भी इस मामले में सम्पर्क किया है। फोन उनके जनसम्पर्क अधिकारी (PRO) ने उठाया। उन्होंने मामले को देख कर कुछ समय बाद जानकारी देने को कहा। जैसे ही कोई नई जानकारी आती है ऑपइंडिया भी अपनी इस रिपोर्ट को अपडेट करेगा।

शरजील इमाम पर चलेगा देशद्रोह का केस: दिल्ली कोर्ट ने दिया आदेश, एंटी-CAA प्रोटेस्ट के दौरान दिए थे भड़काऊ भाषण

दिल्ली की एक अदालत (Delhi Court) ने हिंदू विरोधी दिल्ली दंगों से जुड़े मुख्य आरोपित शरजील इमाम (Sharjeel Imam) के खिलाफ सोमवार (24 जनवरी 2022) को देशद्रोह, गैरकानूनी गतिविधियों के लिए सजा (UAPA) समेत कई अन्य धाराएँ लगाने का आदेश दिया है। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (यूपी) और जामिया इलाके (दिल्ली) में एंटी-सीएए (Citizenship Amendment Act) प्रदर्शन के दौरान शरजील द्वारा दिए गए भड़काऊ भाषणों को लेकर ये धाराएँ लगाई जाएँगी।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत ने आदेश दिया है कि यूएपीए की धारा 13 (गैरकानूनी गतिविधियों के लिए सजा) के साथ आईपीसी की धारा 124ए (देशद्रोह), 153ए (धर्म के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना), 153बी (आरोप, राष्ट्रीय-एकता के लिए पूर्वाग्रह), 505 (सार्वजनिक शरारत के लिए बयान) के तहत आरोप तय किए जाएँ।

वहीं शरजील इमाम की ओर से पेश हुए वकील तनवीर अहमद मीर ने अदालत से कहा कि उनके मुवक्किल द्वारा दिए गए भाषणों में हिंसा को लेकर कुछ भी नहीं कहा गया था। अभियोजन द्वारा लगाए गए आरोप केवल बयानबाजी थी, जिनका कोई आधार नहीं था। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की आलोचना करना देशद्रोह नहीं हो सकता है।

शरजील इमाम का नाम शाहीन बाग़ प्रदर्शन के मुख्य आयोजकों में भी लिया जाता है। वह JNU का पूर्व छात्र है। 2013 में उसने जेएनयू में आधुनिक इतिहास से पोस्ट ग्रेजुएशन किया था। इसी के साथ उसने एमटेक की पढ़ाई आईआईटी बॉम्बे से पूरी की। वह मूल रूप से वह बिहार के जहानाबाद स्थित गाँव काको का निवासी है। शरजील इमाम पर मणिपुर, असम और अरुणाचल प्रदेश में भी केस दर्ज हैं।

शरजील पर यह भी आरोप लगाया गया था कि उसने अपना भाषण ‘अस-सलामु अलैकुम’ बोल कर शुरू किया था, जो यह दिखाने के लिए पर्याप्त है कि वह एक विशेष समुदाय को भड़काने का प्रयास कर रहा था। इमाम को 13 दिसंबर, 2019 को जामिया मिलिया इस्लामिया में और 16 जनवरी, 2020 को अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवसिर्टी में भड़काऊ भाषण देने के लिए गिरफ्तार किया गया था।

गौरतलब है कि शरजील इमाम को 28 जनवरी को बिहार के जहानाबाद के काको से गिरफ्तार किया गया था। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में भड़काऊ भाषण देते हुए उसने कहा था, “अब वक्त आ गया है कि हम गैर-मुस्लिमों से बोलें कि अगर हमारे हमदर्द हो तो हमारी शर्तों पर आकर खड़े हो। अगर वो हमारी शर्तों पर खड़े नहीं होते तो वो हमारे हमदर्द नहीं हैं। अगर 5 लाख लोग हमारे पास ऑर्गेनाइज्ड हों तो हम नॉर्थ-ईस्ट और हिंदुस्तान को परमानेंटली काट कर अलग कर सकते हैं। परमानेंटली नहीं तो कम से कम एक-आध महीने के लिए असम को हिंदुस्तान से काट ही सकते हैं। मतलब इतना मवाद डालो पटरियों पर, रोड पर कि उनको हटाने में एक महीना लगे। जाना हो तो जाएँ एयरफोर्स से।” वह 28 जनवरी, 2020 से जेल में बंद है।

‘जिनकी पत्नी भाग जाती है, लोग उन्हें मोदी बुलाते हैं’: महाराष्ट्र कॉन्ग्रेस चीफ का फिर विवादित बयान, इससे पहले की थी PM को मारने की बात

महाराष्ट्र कॉन्ग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद फिर विवाद में आ गए हैं। नासिक में मीडिया से बात करते हुए पटोले ने कहा, “जिनकी पत्नी भाग जाती है, लोग उन्हें मोदी बुलाते हैं।” कॉन्ग्रेस नेता के इस बयान के खिलाफ बीजेपी ने पूरे राज्य में आंदोलन की घोषणा की है। राज्य के अलग-अलग इलाकों में भाजपा कार्यकर्ताओं ने पटोले का पुतला फूँका है।

बता दें कि नाना पटोले इससे पहले भी कथित तौर पर पीएम मोदी को मारने की बात कह विवाद खड़ा कर चुके हैं। उनके इस बयान के बाद कई शहरों में उनके खिलाफ शिकायतें दर्ज हुईं हैं। रविवार (23 जनवरी, 2022) को महाराष्ट्र कॉन्ग्रेस अध्यक्ष से पीएम को धमकी देने से संबंधित टिप्पणी पर पत्रकारों ने सवाल किया था। 

जिसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा, “गुंडे को गुंडे ही दिखेंगे। हम जानते हैं कि उनका (पीएम मोदी) राज क्या है। लोग भाजपा पर हँस रहे हैं। जिनकी पत्नी भाग जाती है, लोग उन्हें मोदी कहते हैं। भाजपा बेरोजगारी, गरीबी, किसान पर सवालों का जवाब नहीं दे रही है। क्या वह इसके लिए चुने गए है।” यह पूछे जाने पर कि क्या उन्होंने ‘पीएम मोदी को मारने के लिए गुंडों को तैयार किया’, उन्होंने कहा, “हम महात्मा गाँधी के अनुयायी हैं। हम ऐसी बातें नहीं सोच सकते।”

BJP नेता ने कहा- नाना पटोले आवारा कुत्ता

पुणे भाजपा के अध्यक्ष जगदीश मुलिक ने नाना पटोले पर पलटवार किया है। उन्होंने ट्वीट किया, “नाना पटोले ‘आवारा कु%$’ है। अक्सर कहा जाता है कि भौंकने वाले कुत्ते को नजरअंदाज कर देना चाहिए, लेकिन अगर कुत्ता भौंकता है तो भौंकने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। नाना, कार्यकर्ता आपको सही सबक सिखाएँगे।”

‘पटोले को मानसिक इलाज की जरूरत’

भाजपा नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा, “पटोले की टिप्पणी शर्मनाक है। वह भूल गए कि देश के प्रधानमंत्री के बारे में बात कर रहे हैं। पटोले को मानसिक इलाज की जरूरत है। उन्होंने देश की सवा अरब महिलाओं का अपमान किया है। हम पटोले के खिलाफ राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन करेंगे।”

पटोले ने मोदी को मारने और गाली देने की बात कही

पटोले ने पिछले हफ्ते उस समय विवाद खड़ा कर दिया था, जब उन्होंने कहा था कि वह मोदी को हरा सकते हैं, मोदी को गाली दे सकते हैं। पीएम मोदी के खिलाफ अपनी कथित अपमानजनक टिप्पणी का वीडियो सामने आने के बाद पटोले ने कहा था कि उन्होंने मोदी नाम के एक गुंडे की पिटाई की बात कही थी। इस पर फडणवीस ने सवाल किया कि क्या यह एक राजनीतिक दल है या ‘आतंक’ फैलाने वाला संगठन है।

पटोले ने वीडियो में कहा था, “वे एक या दो पीढ़ियों को समृद्ध करने के लिए स्कूल, कॉलेज स्थापित करते हैं। कई वर्षों के अपने राजनीतिक करियर में, मैंने एक भी स्कूल नहीं बनाया है। मैं जो भी मेरे पास आता है उसकी मदद करता हूँ। इसलिए मैं मोदी को मार सकता हूँ, मोदी को गाली दे सकता हूँ।” भाजपा ने कॉन्ग्रेस नेता के खिलाफ FIR की माँग को लेकर 100 थानों में शिकायत दर्ज कराई।

‘अल्लाह ने चाहा तो इन्हीं से जूते साफ कराऊँगा’: जिस अधिकारी को आजम खान ने धमकाया, उसी ने पहुँचाया जेल, हिला डाला उनका साम्राज्य

यूपी के रामपुर में कभी आजम खान की तूती बोलती थी। सरकार किसी की हो लेकिन प्रशासन उनके इशारों पर काम करता था। आजम खान जहाँ सपा के टिकट पर जेल से ही चुनाव मैदान में हैं वहीं रामपुर में आजम खान के खेमे में IAS आन्जनेय कुमार सिंह के नाम से उनके लोग लोग डरे हुए हैं। इसी आज़म खान ने 2019 की लोकसभा चुनाव के प्रचार के दौरान IAS आन्जनेय सिंह से अपने जूते साफ कराने की बात कही थी। आन्जनेय तब रामपुर के DM थे। आजम खान ने तब उनको धमकाते हुए कहा था, “कलेक्टर-फलेक्टर से मत डरियो, ये तनखैय्ये हैं, अल्लाह ने चाहा तो चुनाव बाद इन्हीं से जूते साफ कराऊँगा।”

ये बात बोलते समय आजम खान ने तब यह नहीं सोचा होगा कि जिस आईएएस अफसर के लिए वो ऐसी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। वही एक दिन उनके पूरे साम्राज्य को हिला देगा। उनके काले करतूतों पर निर्भीक होकर इस तरह से कार्रवाई करेगा कि वह और उनका बेटा जेल में होंगे। और रामपुर की जनता का जो कुछ भी लूटा है सब ब्याज सहित भरना होगा। दरअसल, आज इसी अधिकारी की वजह से रामपुर के सपा सांसद आजम खान करीब 23 महीने से जेल में बंद हैं। उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की विधायकी चली गई है। पत्नी डॉ. तंजीन फातिमा को भी जेल जाना पड़ा। हालाँकि, उनका बेटा 23 महीने बाद जेल से जमानत पर छूट गया है। लेकिन हनक और ऐंठन गायब है। अब आजम खान और उनके बेटे सहित पूरे खेमे को इस विधानसभा चुनाव में इस बात से दहशत है कि कहीं आन्जनेय सिंह फिर से उनपर कोई एक्शन न ले लें।

चुनाव आयोग ने भी की है तारीफ

मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया जा रहा है कि आजम खान नहीं चाहते कि यूपी के विधान सभा चुनाव में आन्जनेय सिंह मुरादाबाद के कमिश्नर रहें। यहाँ तक कि आज़म खान खेमे के डरे हुए उनके लोग कमिश्नर की शिकायत चुनाव आयोग से भी कर चुके हैं। वहीं पिछले दिनों लखनऊ में हुई मीटिंग में चुनाव आयोग ने 2019 के चुनावों में आन्जनेय कुमार सिंह के काम की तारीफ कर चुका है। उनका उदाहरण देते हुए आयोग ने बाकी अफसरों को भी निर्देश दिया कि वे भी निष्पक्ष, निर्भीक और शांतिपूर्ण चुनावों के लिए इसी तरह का प्रशासनिक इंतजाम करें।

ऐसे ढहा आज़म खान का किला

यूपी में योगी आदित्यनाथ की सरकार आने के बाद 19 फरवरी 2019 को आन्जनेय कुमार सिंह के काम और सख्त रवैए को देखते हुए रामपुर का कलेक्टर बनाया गया था। तब रामपुर के इतिहास में यह पहला मौका था जब रामपुर के डीएम की कुर्सी पर बैठा कोई अधिकारी आजम के खिलाफ आने वाली शिकायतों पर बेखौफ होकर एक्शन ले रहा था।

जब 27 किसान डीएम के पास यह शिकायत लेकर आए कि जौहर विश्वविद्यालय के लिए आजम खान ने उनकी जमीनों पर जबरन कब्जा कर लिया है। तब आन्जनेय कुमार सिंह ने उन सभी मामलों में FIR के आदेश दे दिए। बताते हैं कि इसके बाद शिकायतों का ऐसा अंबार उमड़ा कि एक के बाद एक आजम खान के खिलाफ मुकदमें दर्ज होते-होते उनकी संख्या 98 पार कर गई। यह आंजनेय कुमार सिंह के कार्रवाईयों का ही असर था कि जौहर यूनिवर्सिटी की चारदीवारी में कैद 172 एकड़ सरकारी जमीन आजम खान से छिन गई। यहाँ तक सरकारी जमीने कब्जाने के मामले में डीएम ने आजम का नाम प्रदेश सरकार के एंटी भू माफिया पोर्टल पर रजिस्टर कर उन्हें भू माफिया भी घोषित कर दिया।

आन्जनेय सिंह इतने पर ही नहीं रुके। 2017 के चुनाव में आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम के जब विधायकी का मामला उनके सामने आया तो उन्हीं की रिपोर्ट पर आज़म के बेटे की विधायकी छीन गई। दरअसल, अब्दुल्ला आज़म 2017 में स्वार टांडा सीट से सपा के विधायक चुने गए थे। अब्दुल्ला के सामने BSP से चुनाव लड़े नवाब काजिम अली खान ने नॉमिनेशन के समय अब्दुल्ला की उम्र 25 वर्ष से कम होने की बात कहकर निर्वाचन रद्द करने की माँग की थी। 2019 में जब यह मामला आन्जनेय सिंह के सामने आया तो उन्होंने इसकी जाँच कराई।

जाँच में यह बात सामने आई कि अब्दुल्ला आजम ने फर्जी आयु प्रमाण पत्र पर चुनाव लड़ा था और वह नामांकन के समय 25 साल के नहीं थे। यह रिपोर्ट डीएम ने चुनाव आयोग को भेज दी। इसके बाद चुनाव आयोग अब्दुल्ला आज़म का निर्वाचन रद्द कर दिया गया। जाँच में अब्दुल्ला के 2 पैन कार्ड और 2 पासपोर्ट भी सामने आए थे। डीएम आन्जनेय सिंह ने इस मामले में भी मुकदमा दर्ज करा दिया। जिसमें अब्दुल्ला आजम के साथ उनके पिता आजम खान और माँ तंजीन फातिमा को भी जेल की हवा खानी पड़ी।

कौन हैं आन्जनेय कुमार सिंह

बता दें कि आन्जनेय कुमार सिंह, सिक्किम कैडर के 2005 बैच के IAS अधिकारी हैं। 16 फरवरी 2015 को वह सपा सरकार के समय प्रतिनियुक्ति पर यूपी आए थे। साथ ही प्रदेश में योगी की सरकार बनने के बाद 19 फरवरी 2019 को आन्जनेय कुमार सिंह को रामपुर का कलेक्टर बनाया गया था। मूल रूप से यूपी के आजमगढ़ के रहने वाले आन्जनेय रामपुर के जिलाधिकारी (DM) बनाए जाने से पहले बुलंदशहर, फतेहपुर के भी कलेक्टर रह चुके हैं। आन्जनेय करीब 2 साल तक रामपुर के डीएम रहे। प्रमोशन के बाद उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने उन्हें मुरादाबाद मंडल का कमिश्नर बना दिया।

इन दिनों आन्जनेय मुरादाबाद के कमिश्नर हैं और आजम खान का जिला रामपुर इसी कमिश्नरी में आता है। केंद्र सरकार भी उनकी प्रतिनियुक्ति को 2 साल के लिए बढ़ा चुकी है। ऐसे में आन्जनेय कुमार सिंह अब 14 फरवरी 2023 तक उत्तर प्रदेश में ही रहेंगे।

‘सिद्धू हमारे दोस्त, उन्हें मंत्री बना दो’: कैप्टन ने बताया Pak से आया था इमरान खान का सन्देश, पंजाब में NDA सीट शेयरिंग का ऐलान

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कॉन्ग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू को लेकर बड़ा खुलासा किया है। ‘पंजाब लोक कॉन्ग्रेस’ के 79 वर्षीय अध्यक्ष ने कहा कि जब वो सीएम थे, तब सिद्धू को मंत्री बनाने के लिए उनके पास पाकिस्तान से मैसेज आया था। पंजाब में राजग गठबंधन ने ऐलान किया है कि भाजपा 65 सीटों पर, ‘पंजाब लोक कॉन्ग्रेस’ 37 सीटों पर और ‘संयुक्त अकाली दल (ढींढसा)’ 15 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेंगे।

उन्होंने बताया कि पाकिस्तान से उन्हें आए मैसेज में लिखा था कि नवजोत सिंह सिद्धू को आप अपनी सरकार में लेकर मंत्री बना दीजिए और अगर वो काम नहीं करेंगे तो उन्हें निकाल देना। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान से आए मैसेज में कहा गया था कि वहाँ के प्रधानमंत्री इमरान खान ने सिद्धू को अपना दोस्त बताते हुए उन्हें पंजाब की कॉन्ग्रेस सरकार के कैबिनेट में रखने का निवेदन किया है। हालाँकि, उन्होंने ये नहीं बताया कि किसने उन्हें ये मैसेज किया था।

गठबंधन के लिए सीट शेयरिंग फॉर्मूले का ऐलान करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि पंजाब बॉर्डर पर स्थित राज्य है, ऐसे में देश की सुरक्षा के लिए पंजाब में स्थिर और मजबूत सरकार बनना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की हरकतें हमारे देश के लिए कैसी रही हैं, ये हमें मालूम है और हमने वहाँ पर देखा है कि ड्रग्स की और हथियारों की स्मगलिंग का प्रयास वहाँ होता रहता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश बहुत तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है और इसको डीरेल करने का कुत्सित प्रयास, देशविरोधी ताकतें करती हैं, जिसमेंपंजाब के माध्यम से एक्टीविटी हो ये देशविरोधी ताकतों की हमेशा मंशा रहती है।

जेपी नड्डा ने कहा, “ये चुनाव सिर्फ सत्ता परिवर्तन का ही माध्यम नहीं है, सरकार बदलना ही इस चुनाव का उद्देश्य नहीं है। ये चुनाव आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित करने के लिए और पंजाब को स्थिरता देने के लिए है। पंजाब सुरक्षित रहता है तो देश सुरक्षित रहता है। देश की सुरक्षा के लिए पंजाब के लोगों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है, पंजाब ने देश को जो खाद्य सुरक्षा दी है, उसे भी देश कभी भूल नहीं सकता। पंजाब ने हमारी आशाओं को हमेशा पूरा किया है। हम कभी भी गुरु गोबिंद सिंह जी के योगदान को नहीं भूल सकते, गुरु तेगबहादुर जी के बलिदान को हम कभी नहीं भूल सकते। जो शौर्य और बलिदान पंजाब का रहा है, उसे भारत सदैव याद रखेगा।”

इलाके के जिस नेता को फोन कर रहे पूर्व CM हरीश रावत, वो सब उन्हें कर रहे ‘बेइज्जत’: चुनाव लड़ना चाहते हैं, ऑडियो रिकॉर्डिंग लीक

उत्तराखंड विधानसभा चुनाव (Uttarakhand Assembly Election) में कॉन्ग्रेस प्रत्याशियों के चयन को लेकर महाभारत हो रही है। पार्टी उत्तराखंड में अब तक 53 सीटों पर ही उम्मीदवारों की घोषणा कर पाई है। शेष 17 सीटों पर कॉन्ग्रेस (Congress) अभी तक अपने प्रत्याशियों के नाम पर मुहर नहीं लगा पाई है। यहाँ तक कि कॉन्ग्रेस चुनाव अभियान समिति के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत (Harish Rawat) के चुनाव लड़ने को लेकर भी कॉन्ग्रेस हाईकमान फैसला नहीं ले पा रही है।

सोशल मीडिया पर हरीश रावत के कुछ ऑडियो भी वायरल हो रहे हैं, जिसमें वह पार्टी द्वारा नजरअंदाज किए जाने पर काफी भावुक हैं। यही नहीं कभी उत्तराखंड (Uttarakhand) के मुख्यमंत्री रहे रावत के इतने बुरे दिन आ गए हैं कि वह रामनगर सीट से लड़ने के लिए वहाँ के छुटपुट नेताओं को फोन कर रहे हैं, लेकिन वो सब उनकी बेइज्जती कर रहे हैं। बीजेपी नेता तेजिंदर पाल सिंह बग्गा ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर कॉन्ग्रेस नेता हरीश रावत के कुछ ऑडियो भी शेयर किए हैं। साथ ही लिखा, “उत्तराखंड में कॉन्ग्रेस केवल हार ही नहीं रही है, हरीश रावत जी का खुद का भी बुरा हाल है। हरीश रावत जी कौन सी सीट से लड़े वो भी तय नहीं कर पा रहे।”

इस ऑडियो में रावत फोन पर कॉल के दौरान एक नेता से कह रहे हैं, “पार्टी चुनाव लड़ने की बात कर रही है, मुझसे पूछा उन्होंने तो मैंने कहा कि मैं रामनगर से लड़ सकता हूँ। क्या करूँ।” इस पर वह नेता कहता है “सर, यहाँ से तो रणजीत रावत जी चुनाव लड़ रहे हैं।” फिर हरीश रावत कहते हैं “हाँ, मुझे पता है, लेकिन मैंने उनसे (पार्टी) कहा था कि यहाँ से मुझे चुनाव लड़वाओ।”

पूर्व मुख्यमंत्री की बात पर हँसते हुए वह नेता कहता है कि इस बार तो रणजीत रावत जी हैं। आप उनके लिए आगे आइए, आपका स्वागत है। फिर रावत कहते हैं “पार्टी का आदेश होगा तो जरूर उनके लिए आऊँगा। हम तो पार्टी के लोग हैं, पार्टी के लिए जरूर आगे आएँगे। मगर आप लोग विचार किजिए इस पर।” नेता ने आगे कहा कि सर, अब इस पर विचार क्या करना है, इस सीट पर रणजीत रावत जी हैं।

रावत ने भावुक होते हुए कहा “जब पार्टी ने मुझसे कहा था कि आप लड़ो, तो उन्हें अपनी बात पर कायम रहना चाहिए। अगर उन्होंने पार्टी के हित में मुझे लड़वाने का फैसला लिया है, तो वह इससे पीछे कैसे हट सकते हैं।” इसके बाद वह नेता फिर अपनी बात को दोहराता है कि सर हम तो रणजीत रावत के साथ ही हैं, उन्होंने इस बार बहुत मेहनत की है। उनका (पार्टी) जो भी फैसला होगा, वह सर्वोपरी होगा।

तेजिंदर पाल सिंह बग्गा ने ट्विटर पर रावत का एक और ऑडियो शेयर किया है। दूसरी ​ऑडियो में हरीश रावत किसी विनय नाम के नेता को फोन करके कहते हैं कि पार्टी ने मुझसे कहा था कि तुम्हें टिकट देंगे, लेकिन अभी तक नहीं दिया। मैं क्या करूँ। इस पर वह नेता कहता है कि आप प्रचार के लिए आइए, हम तो इस समय पूरी तरह से रणजीत रावत के साथ हैं।

उस नेता ने हरीश रावत से ऊँचे स्वर में कहा, “हमारे लिए कॉन्गेस का मतलब रंजीत रावत जी हैं। हम उनके साथ 10 साल से रामनगर के लिए लगे हुए हैं। कोरोना काल में भी हम यहाँ पर कार्य में जुटे हुए हैं, तो हम उनको कैसे छोड़ सकते हैं।” इस पर पूर्व मुख्यमंत्री निराश होकर कहते हैं कि ठीक कह रहे हैं आप। चलिए अब मैं फोन रखता हूँ।” बता दें कि उत्तराखंड की कुल 70 विधानसभा सीटों के लिए 14 फरवरी को मतदान कराया जाएगा। वहीं 10 मार्च को नतीजे घोषित किए जाएँगे।

रात का समय.. कोकीन लेते वीडियो.. स्पॉट फिक्सिंग के लिए धमकी… जिम्बाब्वे के पूर्व कप्तान का दावा – भारतीय कारोबारी ने किया ब्लैकमेल

जिम्बाब्वे (Zimbabwe) के क्रिकेटर ब्रेंडन टेलर (Brendan Taylor) ने अपने परिवार, दोस्तों, समर्थकों और क्रिकेट देखने-जानने वालों के लिए एक बयान जारी किया है। उन्होंने कहा है कि पिछले 2 वर्षों से वो मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं, जिसका कारण उन पर एक बड़ा भार है। उन्होंने बताया कि हाल ही में अपने परिवार और दोस्तों से अपने अनुभव साझा करने पर उन्हें उनका समर्थन मिला। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक रूप से ये बताने में वो शर्म और डर महसूस कर रहे थे। उन्होंने खुलासा किया कि ICC (अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद) जल्द ही एक फैसला लेने वाला है, लेकिन इसके आने से पहले वो अपना बयान जारी कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि ये पढ़ने में भले अच्छा नहीं लगे, लेकिन इसे बताना ज़रूरी है। बकौल ब्रेंडन टेलर, अक्टूबर 2019 के अंत में एक भारतीय कारोबारी ने उनसे संपर्क किया और जिम्बाब्वे में एक नए T20 टूर्नामेंट के लॉन्च एवं स्पॉन्सरशिप पर विचार-विमर्श को लेकर भारत आने के लिए कहा। साथ ही उनसे कहा गया कि इससे जुड़ने पर उन्हें 15000 डॉलर (11.20 लाख रुपए) भी दिए जाएँगे। उन्होंने कहा कि वो थोड़े सावधान ज़रूर थे, लेकिन वित्तीय हालात गड़बड़ थे।

बकौल ब्रेंडन टेलर, स्थिति ये थी कि पिछले 6 महीने से जिम्बाब्वे क्रिकेट से उन्हें रुपए नहीं मिले थे और इस पर भी सवाल खड़ा हो गया था कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिम्बाब्वे खेलेगा भी या नहीं। उन्होंने बताया कि वो भारत गए और नए T20 प्रतियोगिता पर विचार-विमर्श भी हुआ। उन्होंने बताया कि होटल में रुकने के अंतिम दिन उक्त भारतीय कारोबारी और उनके दोस्त उन्हें जश्न मनाने के लिए एक डिनर पर भी ले गए। उन्होंने बताया कि वहाँ ड्रिंक्स के अलावा उन्हें कोकीन भी दी गई, जिसे उन्होंने स्वीकार किया।

हालाँकि, अब ब्रेंडन टेलर ने अपने इस कृत्य को मूर्खतापूर्ण करार दिया है। उन्होंने कहा कि उसके बाद कई बार ये सोच कर ही बीमारी सी महसूस होती है कि कैसे उस रात ये सब हुआ। ब्रेंडन टेलर ने बताया कि अगले दिन वो लोग कोकीन लेने से पहले के उनके वीडियोज लेकर आए और धमकी दी कि अगर उनके लिए स्पॉट फिक्सिंग नहीं किया तो वो इसे वायरल कर देंगे। उन्होंने बताया कि वो 6 लोग उनके कमरे में घुस आए थे, ऐसे में वो डरे हुए थे और अपनी सुरक्षा की भी उन्हें चिंता थी।

जिम्बाब्वे क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान ने आगे बताया, “मुझे तुरंत 15,000 डॉलर दिए गए और बताया गया कि ये डिपॉजिट है, काम पूरा हो जाने पर 20,000 डॉलर (14.91 लाख रुपए) और मिलेंगे। मैंने रुपए ले लिए, ताकि मैं फ्लाइट से भारत से वापस जिम्बाब्वे आ सकूँ। मुझे लगता है उस समय मेरे पास मना करने का कोई विकल्प नहीं था, क्योंकि मुझे बस वहाँ से निकलने की चिंता थी। घर लौटने पर मेरे शरीर और मन पर इस तनाव का असर पड़ा। मैं फँस चुका था। मुझे ‘Shingles’ (एक प्रकार का चर्मरोग) हो गया और मुझे एक स्ट्रॉन्ग ड्रग (दवा) लिखी गई।”

उन्होंने बताया कि अब वो कारोबरी उस पैसे को वापस चाहता था, लेकिन वो उसे दे नहीं पाए और ICC के समक्ष इसकी शिकायत करने में 4 महीने लग गए। उन्होंने कहा कि ये लंबा समय होता है लेकिन उनके परिवार को बचाने के लिए ये ज़रूरी था। उन्होंने कहा कि उन्हें लगता था कि ICC उनकी बात समझेगा। लेकिन, उनके अनुसार ICC इसे नहीं समझ पाया। वनडे में 11 और टेस्ट मैचों में 7 शतक लगा चुके ब्रेंडन टेलर ने ये भी बताया कि उन्होंने कई एंटी-करप्शन सेमिनार में हिस्सा लिया है और वो जानते हैं कि समय इस मामले में महत्वपूर्ण है।

वनडे मैचों में 6600 से अधिक रन बटोर चुके ब्रेंडन टेलर ने आगे बताया, “मैं कभी भी मैच फिक्सिंग का हिस्सा नहीं रहा। क्रिकेट के लिए मेरा प्यार सारे खतरों से परे है। जाँच के दौरान मैं एकदम ईमानदार रहा और सारी बातें बताई। ICC मुझे पर कुछ वर्षों का प्रतिबंध लगाने जा रहा है और मुझे ये स्वीकार है। इससे अन्य क्रिकेटरों को जल्द से जल्द ऐसी चीजों की रिपोर्टिंग करने की प्रेरणा मिलेगी। पिछले दो साल व्यक्तिगत और प्रोफेशनल रूप से मेरे लिए चुनौती भरा रहा है।”

मात्र 18 वर्ष की उम्र में अप्रैल-मई 2004 से ही जिम्बाब्वे के लिए खेल रहे ब्रेंडन टेलर ने ये जानकारी भी दी कि मंगलवार (25 जनवरी, 2022) से वो एक रिहैबिलिटेशन सेंटर में भी जा रहे हैं। उन्होंने आशा जताई कि उनके अनुभव से बाकी लोग भी सीखेंगे। उन्होंने अपने देश का प्रतिनिधित्व करने को खुद के लिए एक बड़े गर्व व सम्मान की बात बताया। उन्होंने अपनी पत्नी और बच्चों का भी धन्यवाद दिया। साथ ही इन चीजों से उबरने में मदद कर रहे डॉक्टरों को भी धन्यवाद कहा।

टिकट कटने पर फूट-फूट कर रोए सपा नेता जावेद राइन, वीडियो वायरल: ‘सांप्रदायिक ताकतों को बाहर करने’ निकले थे

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में टिकट काटे जाने के बाद समाजवादी पार्टी के एक और नेता जावेद राइन की रोते हुए वीडियो वायरल हो रही है। इस वीडियो में वो फफक-फफक कर रोते हुए बिजनौर की जनता को सम्बोधित कर रहे हैं। जावेद बढ़ापुर विधानसभा से चुनाव लड़ने की तैयारी में थे। यह वीडियो बुधवार (19 जनवरी) से वायरल हो रहा है।

वायरल वीडियो में जावेद राइन कहते दिखाई दिए, “साथियों अस्सलाम वालेकुम। मन तो दुखता है। सारा शहर और जिला जानता है। जब भी रात 2 बजे गरीब, मजदूर की लड़ाई लड़ने के लिए, मैं हमेशा आगे रहा। मैंने कभी किसी के साथ गलत नहीं किया। आपको पता है कि मैंने कितनी मेहनत की है। राष्ट्रीय अध्यक्ष जी का जो भी फैसला है वो हमें मान्य है। मैं क्षेत्र के सभी लोगों से माफ़ी चाहूँगा कि मैं आपकी खिदमत नहीं कर सका। तभी शायद मेरा टिकट नहीं हुआ। आप लोगों का बहुत प्यार मिला। आप सभी ने बहुत इज्जत दी। शायद आपकी खिदमत करना मेरी किस्मत में नहीं था।”

वीडियो वायरल होने के बाद जावेद राइन ने अपनी सफाई में एक और वीडियो शेयर किया। उस वीडियो में उन्होंने कहा, “मुझे बहुत ज्यादा दुःख हुआ। इसलिए मुझे लाइव आना पड़ा। मैं आप लोगों का आभारी हूँ। मैं आप लोगों का एहसान नहीं उतार पाऊँगा। इस वीडियो को वायरल कर के जिन्होंने दुःख में मेरा साथ दिया मैं उनका हमेशा आभारी रहूँगा। मेरे राष्ट्रीय अध्यक्ष का जैसे आदेश होगा मैं वैसे ही काम करूँगा। अगर वो कहेंगे कि निर्दलीय लड़ कर दिखाओ तो मैं निर्दलीय भी चुनाव लड़ कर दिखा दूँगा। जनता मेरे साथ है। उसका जो आदेश होगा मैं वही करूँगा।” इस वीडियो को बनाते समय जावेद राइन ने लाल रंग की समाजवादी टोपी पहन रखी थी। यह वीडियो 20 जनवरी, 2022 (गुरुवार) को जारी किया गया है।

जावेद राइन ने नवम्बर 2021 में ही खुद को समाजवादी पार्टी का बढ़ापुर से संभावित प्रत्याशी घोषित कर रखा गया। उन्होंने इसकी घोषणा का ट्वीट अपने हैंडल पर डाला है। इस वीडियो में वो 2022 के चुनावों में साम्प्रदायिक ताकतों को बाहर कर देने का एलान करते दिखाई दे रहे हैं।

जावेद राइन ने अपने ट्विटर हैंडल पर ‘यह जवानी है कुर्बान अखिलेश भइया तेरे नाम’ लिख रखा है। फिलहाल वो निर्दलीय लड़ने जैसे स्क्रीन शॉट अपने हैंडल पर शेयर कर रहे हैं। साथ ही अपने ट्वीट में अखिलेश यादव को टैग भी करते जा रहे हैं। वो समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष से सच्चाई को चेक करने की भी अपील कर रहे हैं।

गौरतलब है कि टिकट न मिलने पर इस से पहले भी कई संभावितों के रोते हुए वीडियो वायरल हुए हैं। 16 जनवरी को समाजवादी पार्टी के अलीगढ़ से नेता आदित्य ठाकुर ने टिकट न मिलने के चलते शरीर पर पेट्रोल छिड़क कर आत्मदाह की कोशिश की थी। तब उन्हें UP पुलिस ने ऐसा करने से जबरन रोका था। इसी माह मुजफ्फरनगर में बसपा नेता अरशद राणा का भी टिकट कटने पर रोते हुए वीडियो वायरल हुआ था। उन्होंने पश्चिम उत्तर प्रदेश प्रभारी शमशुद्दीन राइन पर पैसा ले कर भी टिकट न देने का आरोप लगाया था। साथ ही न्याय न मिलने पर मायावती के आवास के सामने आत्मदाह की धमकी भी दी थी।

बदहाल मोहल्ला क्लिनिक, कीचड़ वाली सड़क और 106 लोगों की ठंड से मौत: CM केजरीवाल के कहने पर लोगों ने गिनाए काम, साथ डिनर का दिया है ऑफर

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनकी आम आदमी पार्टी इस समय दिल्ली के बाहर अन्य राज्यों में अपनी सरकार बनाने के लिए पुरजोर प्रयास कर रहे हैं। इसी क्रम में अब अपने साथ उन्होंने दिल्ली वालों को भी जोड़ा है। आज सीएम केजरीवाल ने अपील की है कि अब दिल्ली वाले अन्य राज्य के लोगों से कहें कि वो लोग अपने राज्य में केजरीवाल को मौका दें। इस काम के लिए सीएम ने ‘एक मौका केजरीवाल को’ डिजिटल अभियान की शुरुआत की है।

केजरीवाल ने कहा, “आज से ‘एक मौका केजरीवाल को’ कैंपन शुरू कर रहे हैं। इसमें दिल्ली के लोग दूसरे राज्यों के लोगों को वीडियो बनाकर बताएँ की दिल्ली में क्या अच्छे काम हुए हैं। वीडियो में जनता बताए कि दिल्ली सरकार के क्या काम अच्छे लगे और उससे कितना फायदा हुआ।”

अगले ट्वीट में उन्होंने लिखा, “आप लोग वीडियो के अंत में लोगों से अपील करें की आम आदमी पार्टी को एक मौका दें और उसे सोशल मीडिया में अपलोड करें। जिन 50 लोगों की वीडियो सबसे ज़्यादा वायरल होगी मैं चुनाव के बाद उनके साथ डिनर करूँगा।” इस अभियान की शुरुआत होने के बाद से सोशल मीडिया पर लोग अरविंद केजरीवाल का मजाक उड़ाने में लगे हैं।

कुछ लोग उनके वीडियो के नीचे लिख रहे हैं कि अगर केजरीवाल को चुनावी प्रचारक के रोल से फुर्सत मिले तो दिल्ली वालों के बीच भी चलें जाएँ। वहीं कुछ ने इस ट्वीट को पढ़कर कहा है कि अब लगता है कि केजरीवाल ने बेशर्मी की हर हद पार कर दी है।

मीनू हिंदुस्तानी नाम की सोशल मीडिया यूजर ने कहा कि स्कूलों की जगह ठेके, हनुमान मंदिर तोड़कर हज हाउस बनवाना, हिंदू की मौत पर चुप्पी, मुस्लिम को 1 करोड़ रुपए देना, मस्जिदों के लोगों की तन्ख्वाह बढ़ाना, मंदिर के पंडितों को कुछ नहीं, नल में गंदा पानी आना विकास है क्या?

सचिन जाटव ने सड़क की बदहाल तस्वीरों को शेयर करके कहा, “दिल्ली के शानदार काम की बहुत सारी तस्वीर ओर जीता जागता सबूत है मेरे पास जिस को केजरीवाल का विकास देखना हो दिल्ली के किराड़ी क्षेत्र में आ कर देखे ।”

उल्लेखनीय है कि अभी हाल में गैर सरकारी संगठन सेंटर फॉर होलिस्टिक डेवलपमेंट ने दावा किया है कि इस माह ठंड की वजह से दिल्ली में कम से कम 106 लोगों की मौत हो गई। इनमें अधिकांश लोग बेघर थे।

अब इस खबर को दिल्ली के लोग अरविंद केजरीवाल के अनुरोध वाली वीडियो पर पेस्ट कर रहे हैं। सवाल किया जा रहा है कि आखिर उन लोगों के लिए क्यों कुछ नहीं हुआ। 

इसके अलावा दिल्ली में बदहाल हालात में पड़े मोहल्ला क्लिनिक की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर शेयर हो रही है।

‘हमारी बेटी की फोटो क्लिक हुई, चारों तरफ शेयर की गई’: स्टेडियम में वामिका की तस्वीर वायरल हुई तो भड़के विराट-अनुष्का

विराट कोहली  (Virat Kohli) और अनुष्का शर्मा (Anushka Sharma) की बेटी वामिका की पहली झलक रविवार (23 जनवरी, 2022) को दुनिया के सामने आ गई। केपटाउन में खेले गए तीसरे वनडे मैच में कोहली ने जब अर्धशतक जड़ा तो वामिका मम्मी अनुष्का शर्मा की गोद में तालियाँ बजाती हुई नजर आईं। वामिका की फोटो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई है। वामिका की वायरल फोटो पर अब खुद विराट कोहली ने बयान जारी किया है।

विराट कोहली ने अपनी इंस्टाग्राम (Instagram) स्टोरी पर लिखा, “हमारी बेटी की तस्वीर कल स्टेडियम में क्लिक की गई है और वह लगातार शेयर की जा रही है। हम आप सभी को बताना चाहते हैं कि हमें ऑफ गार्ड पकड़ा गया और तब हमें मालूम नहीं था कि कैमरे की नज़र हम पर ही है। बेटी की तस्वीर को लेकर हमारा रुख पहले जैसा ही है। हम आपसे उम्मीद करेंगे कि वामिका की तस्वीर क्लिक ना करें या उसे कहीं ना छापें। इसके पीछे कारण वही है जैसा कि पहले बताया जा चुका है, थैंक यू।” अनुष्का ने भी अपने इंस्टाग्राम स्टोरी में यही बात लिखी है।

विराट कोहली की इंस्टाग्राम स्टोरी

उल्लेखनीय है कि विराट कोहली और अनुष्का शर्मा पिछले साल ही वामिका (Vamika) के पैरेंट्स बने हैं। इसी जनवरी में एक साल की हुई है, उसका जन्मदिन टीम इंडिया के साउथ अफ्रीकी दौरे पर ही मनाया गया था। हालाँकि अभी तक उन्होंने अपनी बेटी का चेहरा नहीं दिखाया है। दरअसल, दोनों बेटी की फोटो तो शेयर करते हैं, लेकिन कभी चेहरा नहीं दिखाया। लेकिन रविवार को मैच के दौरान वामिका की फोटो वायरल हुई जिसमें वामिका का चेहरा दिख गया। इस दौरान वामिका अपनी माँ अनुष्का के साथ नजर आ रही थीं।

अनुष्का शर्मा की इंस्टाग्राम स्टोरी

दरअसल, रविवार के गेम के दौरान अनुष्का शर्मा, स्टैंड में अपनी बेटी के साथ खड़ी थीं। वह बेटी को पापा यानी कि विराट का गेम दिखा रही थीं और इसी दौरान की वामिका की फोटो फोटोग्राफर्स ने कैप्चर कर ली। इसके बाद ये फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगी। अनुष्का और विराट ने सोशल मीडिया पर कई बार रिक्वेस्ट की है कि वामिका की फोटोज क्लिक नहीं की जाए।

विराट कोहली और अनुष्का शर्मा ने पहले भी सभी से अपील की थी कि उनकी बेटी की तस्वीर ना खीचें। उन्हों कहा था कि जब तक वह (वामिका) खुद इतनी बड़ी ना हो जाए कि वह इन चीज़ों को समझ पाए तब तक वो इससे बचना चाहते हैं। उन्होंने कहा था कि वह अपने बच्चे के लिए प्राइवेसी चाहते हैं और उसे मीडिया और सोशल मीडिया की दुनिया से दूर आजाद रखना चाहते हैं।