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केरल में महिला ने दिखाई दरिंदगी: कुत्ते के 7 पप्पी और उनकी माँ को लगाई आग, देखें वीडियो

केरल में मदर डॉग और उसके सात पिल्लों को आग के हवाले कर देने का जघन्य मामला सामने आया है। घटना शनिवार रात को एर्नाकुलम जिले के परवूर के पास मंजली की बताई जा रही है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस जघन्य कृत्य को दो महिलाओं ने अंजाम दिया। घटना में जहाँ जलने के जख्म के कारण कुत्ते के 7 बच्चों की मौत हो गई है वहीं मदर डॉग जले के निशान के साथ भागने में सफल रही।

इस मामले के एक NGO के संज्ञान में आने के बाद FIR दर्ज करवाई गई थी। दोनों महिलाओं में टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार एक नाम मैरी बताया जा रहा है जो करुमल्लूर पंचायत के वार्ड नंबर तीन की, मंजलि डायमंड मुक्कु की निवासी बताई जा रही है।

हालाँकि अभी तक यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं है कि दोनों महिलाओं ने कुत्ते की माँ और उनके पप्पी को आग क्यों लगाया लेकिन शुरुआती रिपोर्टों में बताया जा रहा है कि मदर डॉग ने महिलाओं के परिसर में ही पप्पी को जन्म दिया था और तब से अपने बच्चों के साथ वहीं रह रही थी। दोनों महिलाओं ने डर और उनके पीछा करने से परेशान होकर कुत्ते की माँ और पिल्लों को आग लगा दी थी।

घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें महिलाओं को आग लगाते देखा जा सकता है। एक एनजीओ, दया एनिमल वेलफेयर ऑर्गनाइजेशन के अनुसार, मदर डॉग को गंभीर चोटें आई हैं, लेकिन वह जीवित है।

दया NGO के एक प्रवक्ता अश्विनी के अनुसार, “हमें इस भीषण घटना के बारे में शनिवार रात कुछ स्थानीय लोगों द्वारा सूचित किया गया था। रविवार को, हमने मदर डॉग की तलाश करने की कोशिश की, लेकिन हमारी टीम उसे नहीं ढूंढ पाई। सोमवार को भी, हमारी टीम मौके पर गई और उसका पता लगाने में सफल रही। फिलहाल, मदर डॉग के कान, गर्दन और पीठ पर चोट के निशान हैं। हम उसकी देखरेख कर रहे हैं और उसे चिकित्सा दी जा रही है।”

रिपोर्ट के अनुसार, महिला ने पुलिस को बताया है कि वे कुत्ते की माँ को डराना चाहती थीं और मारे गए सात बच्चों को दफना दिया गया है। NGO के प्रवक्ता ने बताया कि लोग इस तरह के जघन्य कृत्यों को इसलिए भी अंजाम दे रहे हैं क्योंकि वे जानते हैं कि वे मामूली जुर्माना देकर बच सकते हैं।

वर्तमान कानून के अनुसार, किसी जानवर को पीटना, लात मारना, प्रताड़ित करना, भूख से मारना, ओवरलोड करना, ओवरराइड करना और काटना सहित पशु क्रूरता के किसी भी कार्य में 50 रुपए का जुर्माना लगाया जाता है।

नमाज के लिए मस्जिद जाना पड़ता है, विधानसभा में चाहिए कमरा: UP के सपा विधायक इरफान सोलंकी की सुनिए डिमांड

उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के विधायक हाजी इरफान सोलंकी ने विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित को चिट्ठी लिख कर विधानसभा में नमाज के लिए एक कमरा देने की माँग की है। उनका तर्क है कि विधानसभा की कार्यवाही के दौरान इबादत के समय उनके समुदाय के लोगों को नमाज अता करने के लिए मस्जिद जाना पड़ता है। इससे कार्यवाही में शामिल होने में परेशानी आती है। अगर अंदर एक छोटा सा कमरा मिल जाए तो बाहर जाने वाली समस्या से कुछ विधायकों को आजादी मिल सकेगी।

अपनी वीडियो में इरफान सोलंकी ने झारखंड का उदाहरण देते हुए बताया कि वो इस तरह की परेशानी का सामना पिछले 15 साल से कर रहे हैं। जब भी नमाज का समय होता है तो मुसलमान विधायक कार्यवाही छोड़ कर नमाज अता करने जाते हैं। अगर विधानसभा में ही एक प्रेयर रूम हो। तो ये परेशानी खत्म हो जाएगी।

वह कहते हैं, “कभी-कभी ऐसा होता है कि हमारे यहाँ तो नमाज का समय फिक्स है। 1 बजे वाली 1 बजे होगी 5 बजे वाली 5 बजे होगी, जो उसका टाइम है उसी समय होगी। अगर एक प्रेयर रूम छोटा सा ही सही…जहाँ लोग जाएँ, अपनी नमाज पढ़ें और वापस आएँ। इससे वह लोग हाउस में ही रहेंगे। इससे कार्यवाही नहीं छूटेगी। बहुत सी बार ऐसा होता है कि किसी विधायक का कोई सवाल लगा हुआ है। उसी समय मान लीजिए अजान का समय है और वो न तो सवाल छोड़ सकता है और न ही नमाज।”

अपनी माँग उठाते हुए इरफान कहते हैं, “नमाज और पूजा आस्था का विषय है। मेरा मानना है जहाँ आस्था की बात होती है वहाँ बड़े-बड़े अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर भी एक छोटा सा प्रेयर रूम बना दिया गया है ताकि लोग अपनी इबादत करके आगे बढ़ सकें। अगर विधानसभा अध्यक्ष समझते हैं ये अच्छा काम है तो वो एक कमरा दे सकते हैं। इससे न किसी को हानि होगी और न ही कोई तकलीफ होगी।”

इस वीडियो की कवरेज पर योगी आदित्यनाथ के सूचना सलाहकार शलभ मणि त्रिपाठी ने प्रतिक्रिया दी है। वह कहते हैं, “ये यूपी है झारखंड नहीं, और यहाँ योगी जी की सरकार है कॉन्ग्रेस की नहीं, अब यहाँ वोट के लिए न तो आतंकी छोड़े जाएँगे न ही बनेगा कोई नमाज रूम!”

‘नमाज वाली राजनीति’ पर झारखंड का पारा चढ़ा, विधानसभा घेरने से पहले BJP विधायकों का सदन में हनुमान चालीसा पाठ

झारखंड विधानसभा में नमाज के लिए कमरे के आवंटन के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जारी खींचतान थमती नहीं दिख रही है। बुधवार (8 सितंबर 2021) को हेमंत सोरेन सरकार की तुष्टिकरण की नीति के खिलाफ बीजेपी विधानसभा का घेराव करेगी। उससे पहले मंगलवार को बीजेपी विधायकों ने सदन में ही हनुमान चालीसा का पाठ किया।

भाजपा विधायकों ने रामनामी पहन रखा था। देवघर के विधायक नारायण दास बेलपत्र की माला और माथे पर त्रिपुंड लगाकर सदन में पहुँचे थे। BJP विधायक दल के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बाबू लाल मरांडी ने दैनिक भास्कर से कहा, “विधानसभा को संकट से मुक्ति दिलाने के लिए हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे हैं।” वहीं सारठ से विधायक रंधीर सिंह ने कहा, “सरकार जब तक नमाज अदा करने के लिए अलग कमरे के अलॉटमेंट का आदेश वापस नहीं ले लेती, तब तक हम हनुमान चालीसा का पाठ करते रहेंगे।”

इससे पहले मॉनसून सत्र के दूसरे दिन सोमवार को भी सदन में इस मुद्दे पर हंगामा हुआ था। कार्यवाही शुरू होते ही बीजेपी विधायक वेल में आ गए थे। उन्होंने जय श्रीराम और हर हर महादेव के नारे लगाए थे। बाद में सदन के बाहर बीजेपी विधायकों ने ढोलक और झाल के साथ कीर्तन कर नमाज के लिए कमरे का आवंटन रद्द करने की माँग की।

इस संबंध में आदेश जारी किए जाने के बाद से ही पार्टी हेमंत सोरेन सरकार की तुष्टिकरण का विरोध कर रही है। बीजेपी का कहना है कि जब तक नमाज के लिए कमरा आवंटन रद्द नहीं किया जाता, तब तक यह विरोध जारी रहेगा। गौरतलब है कि 2 सितंबर को जारी आदेश में कहा गया है कि राज्य के नए विधानसभा भवन में एक कमरा नमाज पढ़ने के लिए आवंटित किया गया है। विधानसभा के उप सचिव नवीन कुमार के हस्ताक्षर से जारी आदेश में कहा गया है, “नए विधानसभा भवन में नमाज अदा करने के लिए नमाज कक्ष के रूप में कमरा संख्या TW-348 आवंटित किया जाता है।”

भाजपा ने इस फैसले पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि विधानसभा में हिंदुओं को भी ‘हनुमान चालीसा पढ़ने’ के लिए अलग कमरा आवंटित किया जाए। मरांडी ने आदेश पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि लोकतंत्र का मंदिर, लोकतंत्र के मंदिर के रूप में ही रहना चाहिए। उन्होंने कहा था, “झारखंड विधानसभा में नमाज के लिए अलग कमरा आवंटित करना गलत है। हम इस फैसले के खिलाफ हैं।”

इस फैसले के विरोध में बीजेपी ने बुधवार को विधानसभा के घेराव का ऐलान कर रखा है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने ट्वीट कर कहा है, “झारखण्ड में तुष्टिकरण की राजनीति कर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली सरकार के खिलाफ 8 सितंबर को भाजपा के हज़ारों कार्यकर्ताओं और झारखण्ड की जनता के द्वारा होगा विधानसभा का घेराव किया जाएगा।”

‘Sulli Deals के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं’ – शिवसेना MP प्रियंका चतुर्वेदी का दावा, सच्चाई है – App ब्लॉक, 2-2 FIR

शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने सोमवार (6 सितंबर) को केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को पत्र लिखकर विवादास्पद ‘सुल्ली डील्स’ ऐप के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया। ‘सुल्ली डील्स’ ऐप ने बीते महीनों में अपमानजनक सामग्री पोस्ट करने के बाद काफी सुर्खियाँ बटोरी थी।

जुलाई 2021 में सुल्ली डील्स ऐप ने ऑनलाइन नीलामी के लिए मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरें पोस्ट की थी। चतुर्वेदी ने आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव को लिखे पत्र में निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि मंत्रालय ने अपराधियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।

शिवसेना सांसद ने आरोप लगाया, ”यह बेहद निराशाजनक है कि इस संवेदनशील मुद्दे पर अभी तक कोई लिखित जवाब या कार्रवाई नहीं की गई है। मैं आपसे अनुरोध करती हूँ कि कृपया इस मामले पर गौर करें, क्योंकि इन घटनाओं ने फिर से साइबर स्पेस में महिला सुरक्षा को लेकर हो रही चूक को उजागर किया है। मैं इस संबंध में मैं आपसे कड़ी कार्रवाई की उम्मीद करती हूँ।”

प्रियंका चतुर्वेदी के पत्र का स्क्रीनग्रैब

गौरतलब है कि प्रियंका चतुर्वेदी ने इससे पहले 30 जुलाई को आईटी मंत्री अश्विन वैष्णव को इसी तरह का एक पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने कहा था, ”सुल्ली डील्स ऐप एक विशेष समुदाय की महिलाओं को नीचा दिखाने और अपमानित करने के लिए सामग्री पोस्ट करती है। चतुर्वेदी ने केंद्र सरकार से सख्त और तत्काल कार्रवाई करने को कहा था, क्योंकि महिलाओं की गरिमा की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है।”

सुल्ली डील्स के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं?

प्रियंका चतुर्वेदी ने दावा किया है कि सुल्ली डील ऐप के खिलाफ आईटी मंत्रालय ने कोई कार्रवाई नहीं की गई थी, जबकि सच्चाई इसके उलट है। ऐप के सामने आने के एक दिन बाद, दिल्ली पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मुस्लिम महिलाओं की सहमति के बिना उनकी तस्वीरों का इस्तेमाल करने और उनकी बिक्री के लिए एफआईआर दर्ज की थी।

मामले की जाँच से जुड़े सूत्रों ने बताया, ‘सांसद द्वारा सितंबर में पत्र लिखे जाने से दो महीने पहले ही यानी जुलाई में सरकार इस वेबसाइट के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है। उन्होंने ऐप और यूट्यूब चैनल दोनों को ब्लॉक कर दिया गया है।

सूत्रों ने आगे कहा, “दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने 7 जुलाई को अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ YouTube चैनल चलाने पर प्राथमिकी दर्ज की और सांसद द्वारा पत्र लिखे जाने से पहले 9 जुलाई को एक और एफआईआर दर्ज की गई थी।”

ध्यान दें कि सरकार द्वारा बनाए गए आईटी नियमों में पहले से ही ऐसे ऐप्स से निपटने का प्रावधान है। 25 फरवरी को सरकार द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में, आईटी नियमों ने महिलाओं की सुरक्षा से समझौता करने वाले ऐप्स और सूचनाओं से निपटने के प्रावधान किए हैं। नियम कहता है कि किसी भी व्यक्ति द्वारा आपत्तिजनक फोटो या सामग्री शेयर करने वाले ऐप, वेबसाइट की शिकायत प्राप्त होने के 24 घंटे के भीतर ऐप को ब्लॉक कर दिया जाएगा।

सरकार ने जारी किए आईटी नियम

शुरुआत में यह माना जा रहा था कि इस ऐप को हिंदुओं द्वारा मुस्लिम महिलाओं को बदनाम करने के बनाया गया था। जबकि ‘sullidealsXpose’ नाम के एक यूजर ने आरोप लगाया था कि इस ऐप का मालिक एक मुस्लिम व्यक्ति है, जिसका नाम जावेद आलम है।

‘एक्सपोज़’ अकाउंट में दावा किया गया कि उसने मथुरा में जीएलए विश्वविद्यालय से अपनी पढ़ाई पूरी की है और IT कंपनी एक्सेंचर के साथ काम कर रहा था। उसने बताया कि उसके तीन फोन नंबर भी मिले हैं। मामला सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के सलाहकार शलभ मणि त्रिपाठी ने इस पर संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा कि ऐप के लिए कौन जिम्मेदार है, इसकी आगे जाँच की जा रही है।

‘सुबह तक दिल्ली में फहरा देंगे पाकिस्तान का झंडा’: बिहार के सलीम कुरैशी ने शेयर की बंदूकधारी की Video, हुआ गिरफ्तार

अफगानिस्तान पर तालिबानियों के कब्जे के बाद कुछ समुदाय विशेष के लोग खुल कर अपना समर्थन इस कट्टरपंथी समूह को देने में जुटे हुए हैं। ऐसे में कुछ वो लोग भी हैं जो काबुल पर तालिबानियों की फतह के बाद से भारत में पाकिस्तान का झंडा फहराने के सपने देख रहे हैं। 

ऐसे ही सपने देखने वाले एक 23 वर्षीय सलीम कुरैशी को बिहार पुलिस ने गिरफ्तार किया है। सलीम के फोन से पुलिस को आपत्तिजनक वीडियोज मिली हैं। गोपलगंज के फुलवरिया थाना के कोयलादेवा गाँव निवासी ताज मोहम्मद के पुत्र सलीम कुरैशी पर यह कार्रवाई फेसबुक अकॉउंट पर विवादित वीडियो शेयर किए जाने के बाद हुई।

आरोपित के विरुद्ध आईपीसी की धारा 124ए, 153ए, 153बी तथा आईटी एक्ट की धारा 69 के तहत मुकदमा दर्ज हुआ है। आरोपित युवक से पूछताछ करने के बाद पुलिस ने सोमवार (6 सितंबर) को उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

इस वीडियो में इस्लामी लिबाज पहना एक व्यक्ति दोनों हाथ में रायफल लेकर कहता हुआ सुनाई पड़ रहा है कि कि सुबह तक दिल्ली में पाकिस्तान का झंडा फहरा देंगे। इसके अलावा मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस वीडियो में कई लोगों की आवाजें भी सुनाई पड़ रही हैं जिसमें पाकिस्तान के तमाम मजहबी जमात के लोग कह रहे हैं कि सियासत की दफा आवाज नहीं जिहाद है। लाहौर से कराची तक बच्चा-बच्चा जिहाद के लिए तैयार है। इस वीडियो में मोदी सरकार को बंदूक दिखाकर चुनौती देते हुए आपत्तिजनक बातें भी कही गईं।

जानकारी के मुताबिक, सलीम कुरैशी द्वारा शेयर की गई वीडियो को देखने के बाद से कोयलादेवा गाँव के ग्रामीणों में गुस्सा है। वहीं दूसरी ओर विवादित वीडियो के वायरल होने की सूचना पाने पर 5 सितंबर को रात फुलवरिया थानाध्यक्ष अशोक कुमार ने पुलिस बल के साथ कोयलादेवा गाँव में छापेमारी कर वीडियो अपलोड करने वाले आरोपित सलीम कुरैशी को गिरफ्तार कर लिया है।

‘Selmon Bhoi’ पर कोर्ट में भारी पड़े सलमान खान: जानिए हिरण, कार, एलियन… वाले गेम पर प्रतिबंध क्यों

बॉम्बे सिविल कोर्ट ने मोबाइल गेम ‘सेल्मन भोई (Selmon Bhoi)’ पर अस्थायी तौर पर प्रतिबंध लगा दिया है। हाल ही में काफी वायरल हुआ यह गेम कथित तौर पर बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान के हिट एंड रन और काला हिरण शिकार जैसे चर्चित मामलों पर आधारित बताया जाता है। ​अभिनेता ने इसके खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाते हुए कहा था उनके फैन्स उन्हें ‘सलमान भाई’ कहते हैं। इस गेम का नाम इससे मिलता-जुलता है और इसमें जो कुछ दिखाया गया है इससे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचता है।

लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार जज केएम जायसवाल की अदालत ने सलमान खान के वकील के तर्कों से सहमति जताते हुए गेम पर अस्थायी प्रतिबंध का आदेश दिया। कोर्ट ने माना कि इस गेम को जिस तरह से बनाया गया है, जिन प्रतीकों का इस्तेमाल किया गया है, वे सलमान खान से मिलते-जुलते हैं। अदालत ने कहा कि इससे लिए गेम बनाने वाली कंपनी को अभिनेता ने अनुमति नहीं दी थी। लिहाजा यह उनके निजता के अधिकार का उल्लंघन है और यह उनकी छवि भी खराब कर रहा है।

अदालत ने मौजूदा गेम को गूगल प्ले स्टोर और अन्य प्लेटाफॉर्मों से तत्काल हटाने का निर्देश देते हुए इसके निर्माता पैरोडी स्टूडियोज प्राइवेट लिमिटेड को अभिनेता से संबंधित किसी भी अन्य सामग्री के प्रसार, लॉन्च, रीलॉन्च और पुनर्निर्माण से रोकता है। मामले की अगली सुनवाई 20 सितंबर को होगी। पुणे के पैरोडी स्टूडियो का यह मोबाइल गेम एक डिस्क्लेमर के साथ शुरू होता है, जिसमें इसे ‘काल्पनिक’ बताया गया है। इस खेल में तीन चरण हैं। खेल के शुरुआत में ही खिलाड़ी ‘सेल्मन भोई’ को ड्रिंक करते और आधी रात में गाड़ी चलाते हुए दिखाया गया है।

ग्रीन लेवल में सेल्मन भोई को कार एक अजीब ग्रह से गुजारनी होती है और वहाँ पार्क में हिरण और एलियंस के ऊपर से भागना होता है। स्नो लेवल में ग्रह कुछ-कुछ अंटार्कटिका जैसा दिखता है और यहाँ सेल्मन भोई को कुछ साहसिक कार्य करने होते हैं। उनका सामना एलियंस, ध्रुवीय भालू और पेंगुइन से होता है। वहीं डेजर्ट लेवल में सेल्मन भाई रेगिस्तान में ड्राइव करते ​नजर आते हैं। यहाँ बिच्छू, साँप, ऊँट और नागफनी से उन्हें जूझना पड़ता है। रेगिस्तान में दिख रहे जानवरों के उपर से गुजरना होता है। गेम के दौरान सेल्मन भाई को एलियंस की तरह दिखने वाले लोगों और जानवरों को मार कर अंक हासिल करना होता है।

अदालत ने इस गेम को व्यवसायिक फायदे के लिए बॉलीवुड हस्ती की पहचान का इस्तेमाल माना। यह देखते हुए कि गेम सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है और अभिनेता से इसके लिए आवश्यक अनुमति नहीं ली गई है, तत्काल इस पर अस्थायी तौर पर प्रतिबंध लगाने का फैसला सुनाया।

‘गरीब हूँ, परेशानी है…’ – 15 साल की लड़की ने दिया 75 तोला सोना, सोशल मीडिया फ्रेंड शिबीन और उसकी माँ शाजिला गिरफ्तार

10वीं क्लास की लड़की है। उम्र मात्र 15 साल। शिबीन नाम का एक शख्स सोशल मीडिया पर उससे दोस्ती करता है। अपनी गरीबी का रोना रोता है। लड़की पिघल जाती है। घर से सोना निकाल कर शिबीन को दे देती है। अब पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।

मामला केरल का है। जिस नाबालिग लड़की के साथ ठगी की गई है, उसकी माँ ने पुलिस को सारी जानकारी दी। पीड़िता की माँ ने घर से 75 तोला सोना गायब होने के बारे में पुलिस को बताया।

तिरुवनंतपुरम पुलिस की छानबीन में पता चला कि पीड़ित लड़की के घर में बिस्तर के नीचे एक डब्बे में सोना रखा हुआ था। सोशल मीडिया दोस्त की गरीबी पर तरस आकर नाबालिग लड़की ने इसी डिब्बे से सोना निकाल कर शिबीन को दिया था।

पुलिस ने शिबीन को गिरफ्तार कर लिया है। उसकी माँ का नाम शाजिला है, वो भी अरेस्ट कर ली गई है। क्यों? क्योंकि माँ की ही मदद से शिबीन ने लड़की द्वारा दिए गए सोने को बेचा था और उन पैसों से घर की मरम्मत करवाई थी। 10 लाख रुपए बच भी गए थे। बचे पैसों को माँ-बेटे मजे में घर में रखे हुए थे। पुलिस ने इन पैसों को भी बरामद कर लिया है।

शिबीन नाम के जिस लड़के ने ‘गरीब’ बन कर सोना मँगवाया, वो हालाँकि पुलिस को 27 तोला सोना की ही बात कर रहा है। कहानी में थोड़ा ट्विस्ट भी है। पीड़ित लड़की का कहना है कि इंस्टाग्राम पर मिले एक और लड़के को उसने सोना दिया था। उस लड़के ने सोना मिलते ही पीड़ित लड़की को ब्लॉक कर दिया था।

केरल में सोने की वर्तमान कीमत 44,000/ग्राम से लेकर 48,000/ग्राम तक है। एक तोला सोना 11.66 ग्राम का होता है। कीमत का अंदाजा आप खुद लगा लीजिए।

नीरज चोपड़ा थे जूनियर, हाथ कटा तो आत्महत्या करने जा रहे थे सुंदर सिंह गुर्जर: कोच ने उबारा, पैरालंपिक में ब्रॉन्ज पर मारा भाला

टोक्यो ओलंपिक में नीरज चोपड़ा ने अपने भाले से स्वर्ण पर निशाना साध इतिहास रचा। इसी तरह टोक्यो पैरालंपिक के जैवलिन थ्रो स्पर्धा में देवेंद्र सिंह गुर्जर ने कटे हाथ भाले से कांस्य पदक हासिल किया। सुंदर 2015 तक शारीरिक तौर पर पूरी तरह सक्षम थे। यहाँ तक कि जूनियर राष्ट्रीय शिविर में वे और नीरज साथ-साथ थे। फिर एक हादसे ने सुंदर का हाथ छीन लिया और वे आत्महत्या करने की सोचने लगे। इस तरह के हालात से कोच ने उन्हें उबारा और अब पैरालंपिक के बाद हर तरफ उनके हौसले की चर्चा हो रही है।

पैरालंपिक की सफलता के बाद 25 साल के सुंदर ने अपने कोच महावीर सैनी को विशेष तौर पर आभार जताया है। उन्होंने पीटीआई को दिए इंटरव्यू में बताया है कि कैसे एक मित्र के घर पर उनके साथ हादसा हुआ। फिर 2016 के पैरालंपिक में उन्हें डिस्क्वालिफाई कर दिया गया। इसके बाद वे पूरी तरह टूट गए थे और कोच ने उन्हें सँभाला।

उन्होंने बताया, “मैंने वापसी की और 2016 पैरालंपिक के लिए क्वालिफाई भी हो गया। लेकिन डिस्क्वालिफाई होने के बाद यह सोचकर टूट गया था कि सब कुछ खत्म हो चुका है। मेरे लिए कुछ भी नहीं बचा है।” उल्लेखनीय है कि एक दोस्त के घर टिन की छत सुंदर के ऊपर गिर गई थी। इसके बाद उनका बायाँ हाथ काटना पड़ा था। इस हादसे के बावजूद उनका हौसला कम नहीं हुआ और बतौर पैरा खिलाड़ी उन्होंने अपना करियर आगे बढ़ाया। हादसे के एक साल के भीतर ही 2016 के रियो पैरालंपिक के लिए क्वालिफाई भी कर लिया। लेकिन, यहाँ 52 सेकेंड की देरी की वजह से डिस्क्वालिफाई किए जाने के बाद वे पूरी तरह टूट गए थे।

सुंदर ने बताया, “मैंने आत्महत्या करने के बारे में सोचा। उस समय मेरे कोच (महावीर सैनी) को लगा कि मेरे दिमाग में कुछ गलत चल रहा है। कुछ महीनों तक उन्होंने चौबीस घंटे मुझे अपने साथ रखा। मुझे अकेला नहीं छोड़ा। समय बीतने के साथ मेरे विचार बदल गए। मुझे लगा कि मैं दोबारा खेलना शुरू कर सकता हूँ।”

रियो पैरालंपिक में हुई घटना के संबंध में उन्होंने बताया, “2016 पैरालंपिक के दौरान मैं अपनी स्पर्धा में शीर्ष पर चल रहा था। लेकिन कॉल रूम में 52 सेकेंड देर से पहुँचा और मुझे डिस्क्वालिफाई कर दिया गया। इसके बाद मेरा दिल टूट गया।”

अपनी जिंदगी और करियर बदलने का श्रेय महावीर सैनी को देते हुए सुंदर कहते हैं, “मैं 2009 से खेलों से जुड़ा था। शुरुआत में मैं गोला फेंक का हिस्सा था। मैंने राष्ट्रीय गोला फेंक स्पर्धा में पदक भी जीता। मैंने डेढ़ साल तक गोला फेंक में हिस्सा लिया। इसके बाद कोच महावीर सैनी ने मुझे कहा कि अगर तुम्हें अपने करियर में अच्छा करना है तो गोला फेंक छोड़, भाला फेंक से जुड़ना होगा।” सुंदर ने बताया कि सैनी ने उनके अंदर प्रतिभा देखी। इसके बाद उन्हें प्रशिक्षण दिया और उनका हौसला बनाए रखा।

नीरज चोपड़ा के साथ शिविर के दिनों को याद करते हुए उन्होंने बताया, “वह मेरा दो साल जूनियर था। मैं अंडर-20 में हिस्सा लेता था और वह अंडर-18 में। हम युवा स्तर पर कुछ प्रतियोगिताओं में एक साथ खेले।” सुंदर ने बताया, “जूनियर भारतीय शिविर में मैं और नीरज 2013-14 में साई सोनीपत शिविर में साथ थे। इसके बाद 2015 में मेरे साथ दुर्घटना हुई और मुझे पैरा स्पर्धा में हिस्सा लेना पड़ा।”

पैरालंपिक में मेडल जीतने के बावजूद सुंदर संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने बताया, “मुझे लगता है कि अब भी मेरे में कुछ कमी है। मैंने पैरालंपिक में मेडल जीता है। लेकिन मैं संतुष्ट नहीं हूँ क्योंकि मेरा लक्ष्य गोल्ड जीतना था और उम्मीद है कि 2024 पेरिस पैरालंपिक में इसे हासिल करने में सफल रहूँगा।”

प्रेमी संग भागी दलित युवती को लाने गई राजस्थान पुलिस, रास्ते भर छेड़खानी-पुलिस चौकी में रेप: रिपोर्ट्स

राजस्थान पुलिस के दामन पर एक बार फिर से दाग लगा है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार प्रेमी संग घर से भागी एक ​दलित युवती ने छेड़खानी और पुलिस चौकी में रेप किए जाने का आरोप लगाया है। मामला सीकर जिले के धोद थाना क्षेत्र के सिंगरावट चौकी का है। कथित तौर पर 29 अगस्त को तड़के चौकी में युवती के साथ रेप किया गया। आरोपित चाैकी इंचार्ज सुभाष कुमार है। मामले में मानवाधिकार आयोग ने भी सीकर के एसपी से 15 सितंबर तक रिपोर्ट तलब की है।

रिपोर्ट के अनुसार दलित युवती 12 अगस्त को घर से गायब हो गई थी। परिजनों ने धोद थाने इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई। जाँच से यह बात सामने आई कि वह प्रेमी के साथ श्रीगंगानगर में है। हेड कॉन्स्टेबल सुभाष कुमार दोनों को लाने गए थे।

युवती का आरोप है कि रास्ते में सुभाष ने उसके प्रेमी को गाड़ी में आगे बिठा दिया और खुद उसके साथ पीछे बैठ गया। इस दौरान पूरे रास्ते उसने छेड़खानी की। युवती ने विरोध किया तो उसकी पिटाई की गई। 29 अगस्त को तड़के करीब साढ़े चार बजे सभी लोग चौकी पहुँचे। कथित तौर पर सुभाष ने बयान दर्ज करने के बहाने युवती के साथ चौकी में ही बलात्कार किया। बाद में उसे डरा-धमकाकर प्रेमी के साथ भेज दिया।

युवती ने जब यह बात अपने प्रेमी और परिवार को बताई तो धोद थाने में पंचायत हुई। फिर उसने एसपी के सामने परिवाद दे सुभाष पर छेड़छाड़ और रेप का आरोप लगाया। मामले की जाँच डीएसपी राजेश आर्य को सौंपी गई है। साथ ही आरोपित को चौकी से हटा दिया गया है।

वहीं दैनिक भास्कर ने अपनी रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया है कि साेमवार काे युवती काेर्ट में अपने बयानाें से मुकर गई। बताया जा रहा है कि प्रेमी से अलग न होना पड़े इसलिए उसने आरोप लगाए थे। रिपोर्ट में एसपी कुंवर राष्ट्रदीप के हवाले से कहा गया है, “चौकी इंचार्ज के खिलाफ छेड़छाड़ व ज्यादती के मुकदमे में युवती द्वारा लगाए आरोप प्रथम दृष्टया प्रमाणित नहीं हुए हैं। मामले में जाँच की जा रही है।”

हालाँकि यह पहला मौका नहीं है जब राजस्थान पुलिस पर इस तरह के आरोप लगे हैं। हाल में कई ऐसी घटनाएँ सामने आई हैं जिससे पता चलता है कि राज्य के थाने भी महिलाओं के लिए सुरक्षित नहीं हैं। बीते अगस्त में नागौर जिले से ऐसा ही एक मामला सामने आया था। खुनखुना थाने के एसएचओ रहे एसआई शंभुदयाल मीणा पर 24 साल की युवती ने रेप का आरोप लगाया था।

पीड़िता ने बताया था कि वह 2018 में एक मामले में शिकायत दर्ज कराने के लिए थाने गई थी। उसी दौरान मीणा ने उसका मोबाइल नंबर ले लिया। इसके बाद उसने उसे फोन करना शुरू कर दिया। डींडवाना कस्बा स्थित एक होटल में बुला रेप किया। रेप के बाद कथित तौर पर उसे जान से मारने की धमकी दी। उसके बाद रेप का सिलसिला चल पड़ा। मीणा का तबादला होने के बाद लड़की ने हिम्मत दिखाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। इसके मुताबिक मीणा उसे रोज कॉल करता था और करीब 15-20 बार उसके साथ रेप किया।

इसी साल मार्च में अलवर के खड़ेली थाने में अपने पति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने गई 26 साल की महिला से थाना परिसर में ही सब इंस्पेक्टर द्वारा तीन दिन तक लगातार रेप किए जाने का मामला सामने आया था। पीड़िता ने आऱोप लगाया था कि 2 मार्च 2021 को वह पति से विवाद के निपटारे के लिए खड़ेली थाना गई थी। वहाँ सेकेंड ऑफिसर भरत सिंह ने उसे पति से विवाद के निपटारे का झाँसा देकर रेप किया।

इसी तरह एंटी करप्शन ब्यूरो ने इसी साल मार्च में ACP कैलाश बोहरा को ऑफिस में पीड़िता के साथ आपत्तिजनक हालत में पकड़ा था।पीड़िता ने जवाहर सर्कल थाने में किसी युवक के खिलाफ दुष्कर्म और धोखाधड़ी समेत 3 मामले दर्ज करवा रखे थे। इसी केस की जाँच का हवाला देकर अधिकारी बार-बार युवती को अपने ऑफिस बुलाते और कई बार ड्यूटी पूरी होने के बाद भी मिलने के लिए दबाव बनाते। 

2019 में राजस्थान के चुरु जिले में एम दलित युवक की पुलिस हिरासत में हुई संदिग्ध मौत के मामले में भी पुलिस पर रेप के आरोप लगे थे। मृतक की 35 वर्षीय भाभी और परिजनों ने आधा दर्जन से अधिक पुलिसकर्मियों पर सामूहिक बलात्कार का आरोप लगाया था।

‘रसूल’ के लिए पंजाबी सिंगर-एक्टर एमी विर्क से मँगवाई माफी, सुफना फिल्म के गाने पर गिरफ्तारी की मिली थी धमकी

मुस्लिम समाज की भावनाएँ फिर से आहत हुई हैं। एमी विर्क नाम के पंजाबी सिंगर और एक्टर के साथ-साथ गीतकार जानी ने माफी माँगी है। कारण है गाने में एक शब्द का इस्तेमाल- ‘रसूल’

एक फिल्म है सुफना। इसका एक गीत है ‘कबूल है’। इसी गीत में रसूल शब्द का इस्तेमाल किया गया है और यही लफड़े की वजह है। एक लड़की जसनूर ने रसूल शब्द पर आपत्ति जता दी। विवाद इतना बढ़ गया कि शाही मौलाना तक को बीच में आना पड़ा।

‘रसूल’ पर विरोध-प्रदर्शन और गिरफ्तारी की धमकी

लुधियाना में एक जामा मस्जिद है। यहाँ के शाही मौलाना हैं मुहम्मद उस्मान रहमानी। फिलहाल चर्चा में हैं। एमी विर्क नाम के पंजाबी सिंगर और एक्टर के साथ-साथ शाही मौलाना ने गीतकार जानी से भी माफी मँगवाई है।

शाही मौलाना मुहम्मद उस्मान रहमानी के पास इस मामले को लेकर जसनूर ही गई थीं। जसनूर के अनुसार गाने में रसूल शब्द के कारण मुस्लिम समाज की धार्मिक भावनाएँ आहत हुई हैं। शाही मौलाना ने इस मामले को आगे बढ़ाते हुए पंजाब सरकार से एमी विर्क को गिरफ्तार करने की माँग की थी।

पंजाबी सिंगर और एक्टर एमी विर्क के साथ-साथ गीतकार जानी ने गिरफ्तारी या बवाल से बचने के लिए माफी वाला रास्ता चुना। पिंकी धालीवाल के साथ ये दोनों शाही मौलाना मुहम्मद उस्मान रहमानी के पास गए। उनसे मिले और गलती के लिए माफी माँग ली।

शाही मौलाना मुहम्मद उस्मान रहमानी से मिल कर इन लोगों ने स्पष्ट किया कि ‘सुफना’ फिल्म के गाने ‘कबूल है’ में ‘रसूल’ शब्द का इस्तेमाल अनजाने में किया गया। इन लोगों ने अपनी बात रखते हुए कहा कि पूरी फिल्म बनाने की प्रक्रिया या फिल्म यूनिट में से किसी में भी धार्मिक भावनाएँ आहत करने की कोई मंशा नहीं थी।

एमी विर्क ने क्यों माँगी माफी?

आखिर क्यों सिंगर-एक्टर-गीतकार जैसी जानीमानी हस्ती को माफी माँगनी पड़ी? क्या मामला सिर्फ शाही मौलाना तक सीमित था? नहीं। इस मामले को लेकर पंजाब के मालेरकोटला, पटियाला और जालंधर तक में मुस्लिम समाज ने विरोध-प्रदर्शन किया था।

मुस्लिम समाज की नाराजगी से फिल्म/कंटेंट इंडस्ट्री के लोगों के डरने और माफी माँगने की प्रक्रिया नई नहीं है। ‘मुहम्मद दी मेसेंजर ऑफ गॉड’ (Muhammad: The Messenger of God) नाम की फिल्म को लेकर महाराष्ट्र सरकार ने तो पिछले साल YouTube, फेसबुक, Instagram सब जगह बैन करने के लिए केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री को पत्र लिखा था।

BBC का तो नाम आपने सुना ही होगा। वही BBC जो हिंदू देवी-देवताओं के नाम पर कार्टून छापता है। न कभी माफी माँगता है, न कभी इन कार्टूनों को डिलीट करता है। फरवरी 2021 का महीना BBC के लिए थोड़ा चेंज लेकर आया था। माफी माँगी थी इसने… लेकिन पैगंबर मोहम्मद के नाम पर। शायद शार्ली हेब्दो याद आ गया होगा।