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CM उद्धव ठाकरे के घर ‘मातोश्री’ के बाहर दही-हांडी फोड़ प्रतिबंधों का विरोध, मुंबई-ठाणे में 11 FIR

कोविड-19 नियमों का उल्लंघन कर ‘दही हांडी’ उत्सव मनाने के आरोप में मुंबई और ठाणे में 11 एफआईआर दर्ज की गई है। 10 मनसे कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुंबई पुलिस ने 9 एफआईआर दर्ज की है, जबकि ठाणे पुलिस ने मंगलवार (31 अगस्त 2021) शाम दो प्राथमिकी दर्ज की।

हिरासत में लिए गए महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के नेताओं में बाला नंदगाँवकर, अखिल चित्रे और संदीप देशपांडे शामिल थे। मुंबई पुलिस ने सभी एफआईआर में सामूहिक रूप से 120 लोगों को नामजद किया और 85 को हिरासत में लिया है। ठाणे में 10 मनसे कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया। मंगलवार को मनसे नेता अखिल चित्रे को महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे के आवास ‘मातोश्री’ के बाहर दही हांडी फोड़ते देखा गया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुंबई के बांद्रा स्थित कलानगर में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के मातोश्री बंगला के बाहर राज ठाकरे की पार्टी एमएनएस के नेता अखिल चित्रे सहित बाकी कार्यकर्ताओं ने दही हांडी फोड़ी। इस इलाके के खेरवाडी पुलिस स्टेशन में पार्टी उपाध्यक्ष अखिल चित्रे और कार्यकर्ता ओंकार खांडेकर के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

ठाणे में मनसे नेता अविनाश जाधव और बाला नांदगाँवकर ने भी काला चौकी में दही हांडी का उत्सव मनाया। पाबंदी के बावजूद दही हांडी का उत्सव मनाने पर बाला नांदगाँवकर समेत 11 लोगों पर केस दर्ज किया गया। वहीं, सार्वजनिक दही हांडी पर रोक की वजह से भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने घर पर ही यह उत्सव मनाया। भाजपा नेता राम कदम ने अपने घर पर ही दही हांडी फोड़ी। बताया जा रहा है कि मंगलवार सुबह साकी नाका में पुलिस ने 5 महिलाओं समेत मनसे पार्टी के नौ कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। मनसे प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व महेंद्र भानुशाली कर रहे थे और घाटकोपर लिंक रोड पर मानव पिरामिड बनाने का प्रयास कर रहे थे।

बता दें कि दही हांडी पर रोक लगाए जाने को लेकर राज ठाकरे और मनसे के कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का जम कर विरोध किया था। राज ठाकरे ने कहा था कि वे दही हांडी उत्सव मना कर रहेंगे। केस से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। इसके जवाब में सीएम ने कहा कि दही हांडी कोई स्वतंत्रता संग्राम नहीं है कि जिस पर पाबंदी को लेकर हायतौबा मची है।

सुपरटेक में गड़बड़ी करने वाले अधिकारियों पर CM योगी सख्त, सुप्रीम कोर्ट ने 40 मंजिला ट्विन टावर ढहाने का दिया है आदेश

सुप्रीम कोर्ट के फैसले बाद अब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुपरटेक ट्विन टावर से जुड़े मामले में नोएडा प्राधिकरण के अतिरिक्त सभी आरोपित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।

समाचार एजेंसी एएनआई ने सीएम कार्यालय के हवाले से बताया, “सीएम योगी आदित्यनाथ ने नोएडा के सुपरटेक एमरॉल्ड कोर्ट के ट्विन टावर निर्माण में कथित अनियमितताओं के लिए आरोपित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं।”

बता दें कि इससे पहले रियल एस्‍टेट कंपनी सुपरटेक को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका मिला था। अदालत ने नोएडा स्थित एक हाउजिंग प्रॉजेक्‍ट (सुपरटेक एमरॉल्ड कोर्ट) में कंपनी के दो- 40 मंजिला टावर को गिराने का आदेश दिया था। 

फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के उस फैसले को बरकरार रखा था जिसमें इन बिल्डिंग्स को अवैध करार दिया गया था। इसके अलावा नोएडा अथॉरिटी को भी अदालत ने फटकार लगाई।

सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार (अगस्त 31, 2021) को अपना फैसला सुनाते हुए कहा इन टावरों का निर्माण नोएडा प्राधिकरण और सुपरटेक के अधिकारियों के बीच मिलीभगत का परिणाम था। इससे पहले कोर्ट ने 3 अगस्‍त को पिछली सुनवाई में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। उस समय भी कोर्ट ने नोएडा अथॉरिटी को खूब फटकारा था।

जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और एम आर शाह की पीठ ने मामले की सुनवाई में पाया था कि अतिरिक्त टावरों का निर्माण जिसमें तकरीबन 1000 फ्लैट बनने थे, वह नियम और कानून के विरुद्ध है। फैसले में ये भी कहा गया है कि ये निर्माण सुपरटेक द्वारा अपनी लागत पर दो माह के भीतर तोड़ा जाना चाहिए।

बेंच ने रियल स्टेट कंपनी को उन सभी लोगों के पैसे लौटाने का निर्देश दिया था जिन्होंने इस बिल्डिंग में घर के लिए पेमेंट की थी। सुप्रीम कोर्ट ने सुपरटेक को इन ट्विन टावरों के सभी फ्लैट मालिकों को 12% ब्याज के साथ रकम वापस करने का आदेश दिया है।

‘यह हिन्दू धर्म और भगवान का अपमान’: कॉन्ग्रेस ने कमलनाथ को बना दिया ‘कृष्ण’, तेजप्रताप लाए ‘चक्रधारी’ लालू यादव

मध्‍य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर कॉन्ग्रेस के पोस्टर पॉलिटिक्स से हिन्दू धर्म के अपमान का नया विवाद छिड़ गया है। राजधानी भोपाल स्थित कॉन्ग्रेस दफ्तर के बाहर लगे पोस्टर में पूर्व सीएम कमलनाथ को ‘कृष्ण’ तो वहीं, सीएम शिवराज सिंह चौहान को ‘कंस मामा’ के रूप में दिखाया गया है। इस पोस्टर के सामने आने के बाद से ही सियासी गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। जहाँ बीजेपी नेताओं ने इसे हिंदू धर्म का अपमान बताया है। वहीं, पोस्टर लगाने वाले कॉन्ग्रेस नेता ने कहा है कि प्रदेश की स्थिति अभी ऐसी ही है। वहीं एक दूसरे मामले में सजायाफ्ता लालू यादव को भी ‘चक्रधारी कृष्ण’ के रूप में दिखाया गया है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कॉन्ग्रेस नेता शहयार खान ने कहा कि भोपाल में पार्टी ऑफिस के बाहर पोस्टर लगाया गया था, जिसमें कमलनाथ को ‘कृष्ण’ के रूप में चित्रित किया गया था। इस पोस्टर के लिए लोग कमलनाथ से 2023 के चुनाव में बीजेपी को सबक सिखाने की अपील कर रहे हैं। शहरयार खान ने गीता के ही कथन का सहारा लेते हुए आगे कहा, “जब धरती पर पाप बढ़ता है तो भगवान किसी को भेजते हैं… कमलनाथ तो विकास पुरुष हैं। उनका छिंदवाड़ा मॉडल प्रदेश में विकास की आदर्श मिसाल है, जबकि सीएम शिवराज सिंह चौहान ने यहाँ कुछ खास नहीं किया।”

पोस्‍टर में हाथ में चक्र लिए कमलनाथ कृष्ण के रूप में दिखाई दे रहे हैं। जबकि तत्कालीन कॉन्ग्रेस सरकार में हुए फैसलों को भी पोस्टर में जगह देते हुए कई दावे किए गए हैं। जैसे- होर्डिंग में कमलनाथ सरकार में लिए गए ओबीसी को 27 फीसदी और सामान्य को 10 फीसदी आरक्षण देने के अलावा 27 लाख से ज्यादा किसानों का कर्जा माफ करने के साथ 100 रुपए में 100 यूनिट बिजली देने जैसे कई दावों को शामिल किया गया है।

इस मुद्दे को लेकर प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कॉन्ग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा, “कॉन्ग्रेस हमेशा हिन्दू धर्म का मख़ौल उड़ाती है। कभी सोनिया गाँधी को दुर्गा बताते हैं तो कभी कमलनाथ को कृष्ण। कॉन्ग्रेस ने हमेशा ही धर्म का मजाक उड़ाया है। कॉन्ग्रेसी हर दिन ऐसा काम करते हैं जिससे मूल राष्ट्रवाद और हिंदू अनुयायियों की धार्मिक भावना आहत हो। यह महान भारत को बदनाम भारत कहते हैं, यह कॉन्ग्रेस की सोच को जाहिर करता है।”

वहीं मध्य प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने भी कॉन्ग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, “इससे ज़्यादा दूषित राजनीति नहीं हो सकती। यह हिन्दू धर्म और भगवान का अपमान है। राम का विरोध करने वाले, राम मन्दिर बनने का विरोध करने वाले कॉन्ग्रेसी हैं। यह प्रदेश की हवा बिगाड़ने की कोशिश है।”

दूसरा मामला बिहार का है जहाँ सजायाफ्ता राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद को भी ‘कृष्ण’ के रूप में दिखाया गया है। उनकी मूर्ति जैसी तस्वीर को कोई और नहीं लालू प्रसाद के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने अपने फेसबुक पेज ‘सेकेंड लालू तेजप्रताप’ पर पोस्ट की है। इसमें लालू प्रसाद हाथ में चक्र लिए हुए हैं और उनके दूसरे हाथ में बाँसुरी है।

तस्वीर में लालू प्रसाद के गले में तीन माला भी है। लालू प्रसाद पैर पर पैर चढ़ाकर अपने अंदाज में बैठे नजर आ रहे हैं। दिलचस्प बात यह कि लालू प्रसाद अपने पसंदीदा ड्रेस कुर्ता पायजामा में हैं। बालों का स्टाइल भी वही है लालू-कट।

कृष्ण के रूप में लालू यादव

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, लालू की इस मूर्ति वाली तस्वीर को फेसबुक पर सबसे पहले राघोपुर के रहने वाले सुनील यादव नाम के अकाउंट से डाली गई थी। उन्होंने इस मूर्ति की फोटो पोस्ट करते हुए लिखा है, “मेरा एक ही धर्म है और वो बड़े साहब लालू जी की विचारधारा को उन्हीं के अंदाज में जन-जन तक पहुँचाना। कृष्ण भक्तों द्वारा आदरणीय लालू जी की मूर्ति बनाकर जन्माष्टमी पर पूजा की।”

कहीं न कहीं इन दोनों सियासी हलकों द्वारा अपनी बात रखने के लिए भगवान कृष्ण की तस्वीरों को विकृत करते हुए दर्शाना, हिन्दुओं की भावनाओं को आहत करने वाला है। पता नहीं ये सियासतदान कब समझेंगे कि अपनी ओछी राजनीति में हिन्दुओं के भगवान को मत लाइए। शायद ऐसा इसलिए भी अभी तक कॉन्ग्रेस या राजद जैसे दल करते आए हैं क्योंकि कोई सख्त विरोध हिन्दू समुदाय द्वारा नहीं होता।

₹500 दे पति-पत्नी करवाते थे धंधा, ग्राहकों को देते शक्तिवर्धक दवाइयाँ: बालिका गृह कांड वाले मुजफ्फरपुर पर नया कलंक

बिहार का मुजफ्फरपुर अब सेक्स रैकेट और पोर्न वीडियो कांड के कारण चर्चा में आया है। वहाँ के अहियापुर थाना क्षेत्र के सर सैयद कॉलोनी में छापेमारी के दौरान एक किराए के मकान पर से पुलिस ने एक लड़की, शराब माफिया और नाबालिग को पकड़ा था। अब इन्हीं लोगों ने पुलिस को सूचना दी है कि इस रैकेट का मास्टरमाइंड चंपारण का चकिया निवासी दिलीप है जो अपनी पत्नी के साथ मिल कर धंधा चलाता है। दोनों मिल कर ग्राहकों की अश्लील वीडियो बनाते है और बाद में उन्हें बेच कर पैसा कमाते हैं।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट बताती है कि गिरोह में आधा दर्जन लड़कियाँ जुड़ी हुई हैं। इनके एक ग्राहक से दोनों पति-पत्नी 2000 रुपए तक लेते हैं, लेकिन लड़कियों को 500 रुपए ही दिए जाते हैं। इसके अलावा लड़कियों को प्रेगनेंट न होने की दवाई दी जाती है और ग्राहकों को शक्ति वर्धक दवा ख़िलाई जाती है। पुलिस का इस मामले में कहना है कि स्थानीय लोगों ने कोई शिकायत नहीं दी है। पुलिस बयानों पर ही एफआईआर करने में लगी है। पकड़ी गई लड़की का क्या होगा इसका निर्णय अधिकारियों से बातचीत के बाद किया जाएगा।

पकड़ी गई लड़की ने बताया कि वो पटना निवासी है और मॉल में काम करती थी। एक दोस्त ने उसका परिचय दिलीप से कराया और ज्यादा पैसों के लालच में इस काम में आ गई। तीन माह से वह दिलीप से जुड़ी है। कथिततौर पर ये दिलीप पूर्वी चंपारण में धंधा चलाता था। पुलिस के शक में आया तो ये काम मुजफ्फरपुर में शुरू कर दिया। यहाँ रात होते ही उसके घर में बियर खुलतीं, गाने बजते, लड़कियाँ नाचतीं और फिर ग्राहक हमबिस्तर होते।

इस मामले में गिरफ्तार हुआ दीपक नामक शराब माफिया बताता है कि दिलीप के ऊपर लाखों का कर्जा है। इसी को चुकता करने के लिए दोनों पति-पत्नी ये सेक्स रैकेट चलाते हैं। उसके भी 32 हजार उन पर उधार हैं। उस रात वह वही लेने गया था, लेकिन पकड़ लिया गया। इस काम में दिलीप की पत्नी किरण भी लगी है। हालाँकि पुलिस ने इस शराब माफिया के बारे में कहा है कि वो कहानियाँ बना रहा है। इस पूरे कांड में दीपक पर लड़कियों को सप्लाई करने का आरोप है। वहीं किरण पर ग्राहकों को फँसाने का इल्जाम लगा है। उसकी कई अश्लील तस्वीरें भी पुलिस को पकड़े गए लोगों के फोन से बरामद हुई है। 

मुजफ्फरपुर में दिलीप को घर देने वाली रिटायर्ड शिक्षिका डॉ आबेदा शाहीन ने बताया कि दिलीप 3 जुलाई को कमरा लेने आया था। पूछताछ में बताया कि वो साबुन फैक्ट्री चलाता है। कमरे में उसकी पत्नी और बच्चों को रहना है। इसके बाद उसका पहचान पत्र लेकर उसे कमरा दे दिया। आबेदा कहती हैं कि कई बार उन्होंने दिलीप के कमरे पर लड़कियों को आते-जाते देखा लेकिन कुछ इसलिए नहीं बोल पाईं क्योंकि उन्हें लगा कि फैमिली है तो लोग मिलने आते होंगे।

बता दें कि इससे पहले बिहार का मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड के कारण बदनाम हुआ था। मामले में 26 जुलाई 2018 को राज्य सरकार ने सीबीआई जाँच की सिफारिश की थी। जिसके बाद एफआईआर हुई।। सीबीआई ने इस मामले में 21 को आरोपित बनाया था। इसमें 10 महिलाएँ थी, जो कि बालिका गृह की लड़कियों के साथ हो रही दरिंदगी को न सिर्फ छिपाती रहीं, बल्कि बच्चियों को चुप रहने के लिए उनको यातनाएँ भी देती थीं। इस केस में बालिका गृह में तैनात रसोइयाँ से लेकर गेटकीपर तक पर लड़कियों के साथ दुष्कर्म के आरोप लगे थे।

काबुल धमाके में मारा गया जो फौजी, उसकी माँ का अकाउंट फेसबुक-इंस्टाग्राम पर सस्पेंड: बायडेन को बताया था बेटे की मौत का जिम्मेदार

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में एयरपोर्ट के बाहर 26 अगस्त 2021 को ​हमला हुआ था। आईएसआईएस के फिदायीन धमाके में 20 वर्षीय अमेरिकी मरीन करीम निकोई (Kareem Nikoui) की भी मौत हो गई थी। फेसबुक और इंस्टाग्राम ने उनकी माँ शाना चैपल के अकाउंट को अस्थायी रूप से सस्पेंड कर दिया था। शाना ने सार्वजनिक तौर पर अपने बेटे और अन्य सैनिकों की मौत के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति जो बायडेन को जिम्मेदार ठहराया था।

फेसबुक पर चैपल ने बार-बार अपने बेटे की मौत के लिए बायडेन को दोषी ठहराया था। सोमवार को अपना अकाउंट सस्पेंड होने से पहले उन्होंने इंस्टाग्राम और फेसबुक पर एक पोस्ट लिखी, जिसमें उन्होंने रविवार को डोवर एयर बेस पर बायडेन से हुई मुलाक़ात का वर्णन किया।

शाना चैपल फेसबुक पोस्ट

उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति की तीखी आलोचना करते हुए पोस्ट में लिखा था, “प्रेसिडेंट जो बायडेन ये मैसेज आपके लिए है! मुझे पता है कि मेरा चेहरा आपके दिमाग में छप चुका है।” उन्होंने लिखा, ”मैं कल आपकी आँखों में सीधा देखना चाहती थी और आपके समक्ष कुछ कहना चाहती थी। जब मैं अपने बेटे को हमेशा के लिए सुलाने जा रही होऊँगी, जब आप मुझे फिर से देखोगे। याद रखें मैं वही हूँ, जो आपके चेहरे से 5 इंच दूर खड़ी थी और आपको बता रही थी कि अब मैं अपने बेटे को फिर से कभी भी गले नहीं लगा पाऊँगी, उसकी हँसी नहीं सुन पाऊँगी और फिर आपने मुझे बीच में ही रोकने की कोशिश की और मुझे अपनी खुद की कहानी सुना दी। उस समय मुझे आपको यह बताना पड़ा कि यह आपके बारे में नहीं है, इसलिए मुझे अपने बारे में मत बताओ। तब आपने कहा था कि आप सिर्फ मुझसे यह कहना चाहते थे कि इस समय मुझ पर क्या बीत रही है, यह आप भलिभाँति समझते हैं। मैं आपको बताती हूँ कि आप नहीं जानते कि मैं उस समय कैसा महसूस कर रही थी और आपको यह बताने का अधिकार नहीं भी नहीं है कि आप मेरी पीड़ा को समझते हैं।”

उन्होंने कहा कि बायडेन ने इसके बाद अपनी आँखें घुमाईं और कहीं ओर देखने लगे। उन्हें पता चल गया था कि वह उनकी बातों से आहत हो गए थे, लेकिन वह केवल अपने बेटे के सम्मान के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति से बात कर रही थीं। जो बाइडेन के आहत होने के बाद भी उन्होंने इस बात को फिर से दोहराया था। उन्होंने कहा कि जब मैंने उन्हें अपने बेटे का खूनी कहा, तो वह दूर चला गए जैसे कि वह कह रहे थे ‘ठीक है, जो भी हो’।

चैपल ने बायडेन को एक कमजोर इंसान और देशद्रोही बताते हुए कहा कि उन्होंने उनके बेटे और सभी सैनिकों से मुँह मोड़ लिया। उन्होंने बायडेन पर आरोप लगाया कि जब सैनिकों के शव विमान से उतारे जा रहे थे, तब बार वह बार-बार अपनी घड़ी देख रहे थे। उन्होंने अपनी पोस्ट के अंत में कहा, “अमेरिका के लोग आपसे नफरत करते हैं।” सोमवार को उन्होंने फेसबुक पर एक और पोस्ट डाला कि उनका इंस्टाग्राम अकाउंट डिसेबल कर दिया गया है।

शाना चैपल की पोस्ट

NYPost की रिपोर्ट के अनुसार फेसबुक ने एक बयान में कहा है, “फेसबुक ने भी गलती से उनका अकाउंट ‘अस्थायी रूप से’ हटा दिया था। हम चैपल और उनके परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। उनके वीर पुत्र को उनकी श्रद्धांजलि हमारी किसी भी नीति का उल्लंघन नहीं करती है, जबकि पोस्ट को हटाया नहीं गया था, उनका अकाउंट गलत तरीके से सस्पेंड हो गया था और हमने इसे बहाल कर दिया है।”

यूएस मरीन लांस सीपीएल करीम निकोई उन 13 अमेरिकी सैनिकों में से एक थे, जो 26 अगस्त को अफगानिस्तान के काबुल हवाई अड्डे पर हुए आत्मघाती हमले में मारे गए थे। सोमवार (30 अगस्त) को अमेरिकी सैनिकों ने आखिरी विमान से काबुल के हामिद करजई एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी। इसके साथ ही अमेरिका ने अफगानिस्तान में लगभग 20 वर्षों तक चलने वाले इस युद्ध को समाप्त कर दिया, जिसमें लगभग 2 ट्रिलियन अमरीकी डालर खर्च हुए और करीब 2,500 अमेरिकी, 2,40,000 अफगान सैनिकों की जान चली गई।

‘मस्जिद में रहता है मुदस्सिर, हिंदू लड़कियों को फँसाने के लिए देता है पैसे’: बागपत का इमाम कैसे कराता है निकाह-धर्मांतरण, साजिद ने बताया

उत्तर प्रदेश के बागपत के बड़ौत में मुस्लिम समुदाय के एक युवक ने स्थानीय इमाम पर मुस्लिम युवकों का हिंदू लड़कियों से निकाह कराकर उनके मतांतरण की साजिश का खुलासा किया है। बड़ौत के हिलवाड़ी गाँव के निवासी साजिद ने अपनी शिकायत में पुलिस को बताया, “26 अगस्त 2021 को इमाम मुदस्सिर मेरी मस्जिद के पास स्थित परचून की दुकान पर आया और उससे कहा कि दुकान पर मुस्लिम लड़के आते-जाते होंगे। उनमें से उन मुस्लिम लड़कों के बारे में बताओ, जिनका हिंदू लड़कियों से प्रेम-प्रसंग चल रहा हो, ऐसे लड़कों को उसके पास भेज दो, वह उसे पैसे देगा और उनका निकाह कराकर युवती का धर्म परिवर्तन भी करा देगा।”

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, साजिद ने बागपत पुलिस को बताया कि उसने इमाम को ऐसा करने से मना कर दिया तो इमाम ने दबंग लड़कों के साथ होने की बात करते हुए उसे अंजाम भुगतने और देख लेने की धमकी भी दी। बताया जा रहा है कि साजिद इस मामले में गंभीरता से कार्रवाई कराना चाहता था, इसलिए उसने स्थानीय थाने या बड़ौत पुलिस से शिकायत न करके सीधा एसपी ऑफिस में की। साजिद ने सोमवार (30 अगस्त, 2021) को पूरे मामले की लिखित में शिकायत बागपत के एसपी कार्यालय में की थी।

साजिद द्वारा इमाम के खिलाफ की गई शिकायत

अपनी लिखित शिकायत में साजिद ने बताया कि इमाम मुस्लिम नवयुवकों को बहकाता है और उन्हें रुपयों का लालच देकर हिदू युवतियों व किशोरियों को अपने प्रेम जाल में फँसाने और फिर दबाव डालकर निकाह कराकर धर्मांतरण कराता है। एएसपी मनीष कुमार मिश्र ने मीडिया को बताया कि साजिद की शिकायत के आधार पर पूरे मामले की जाँच सीओ क्राइम हरीश भदौरिया से कराई जा रही है। और कल तक के अपडेट के अनुसार इस मामले में सीओ क्राइम ने तमाम पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जाँच शुरू भी कर दी है।

हालाँकि, सोमवार को ही देर शाम साजिद का पुलिस को दिया गया शिकायती पत्र और उसकी फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। तब से लगातार फेसबुक और व्हाट्सएप ग्रुप पर भी उसके पत्र और फोटो शेयर होते रहे। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, साजिद की माँ शबीना ने बताया कि उसका बेटा सीधा है और वह गाँव में ही परचून की दुकान चलाता है। उसके बेटे से एक दूसरे व्यक्ति ने शिकायत कराई है। लेकिन पुलिस ने उसके बेटे को ही हिरासत में ले लिया है। जबकि मेरे बेटे का इससे कोई लेना देना नहीं है।

दरअसल, बागपत पुलिस ने शिकायत करने वाले साजिद और उसके सहयोगी जिसके कहने पर उसने शिकायत की थी, को पूछताछ के लिए तो बुला लिया था, लेकिन जिस इमाम पर आरोप लगा पुलिस ने उससे अभी पूछताछ नहीं की। उसकी तलाश की जा रही है। इस मामले में ऑपइंडिया ने बागपत पुलिस से बात करने की कोशिश की मगर पुलिस से फिलहाल बात नहीं हो पाई है जैसे ही हमारी बात होती है आगे इस मामले में अपडेट किया जाएगा।

वहीं इस मामले में कार्रवाई की माँग करते हुए हिन्दू संगठन भी सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, हिदू जागरण मंच के युवा जिलाध्यक्ष नितिन जैन व बजरंग दल के जिला संयोजक अमित तितरौदा ने बताया कि साजिश के तहत हिदू युवतियों का मतांतरण सहन नहीं किया जाएगा। मामले को पुरजोर तरीके से उठाते हुए आरोपित चाहे जो हों उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की माँग की जाएगी। साथ ही स्वदेशी जागरण मंच में प्रचार प्रसार प्रमुख अरविद भोला ने कहा कि भले यह मामला अब सामने आया हो, लेकिन यह पहले से ही होता रहा होगा। वह सभी संगठनों के साथ इस मामले की गहराई तक जाँच करवाएँगे।

अफगानिस्तान से पिंड छुड़ा बोले बायडेन- यह बेस्ट फैसला, गनी ने जुलाई में ही बता दिया था तालिबान का पाकिस्तान कनेक्शन

अफगानिस्तान के काबुल से अमेरिकी सैनिकों का आखिरी जत्था रवाना होने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति जो बायडेन ने देश को संबोधित किया। उन्होंने अफगानिस्तान में अपना मिशन कामयाब बताते हुए कहा कि वह आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई को जारी रखेंगे लेकिन किसी देश में आर्मी बेस नहीं बनाएँगे।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने फैसले को सबसे बेस्ट करार देते हुए कहा, “मुझे यकीन है अफगानिस्तान से सेना बुलाने का फैसला, सबसे सही, सबसे समझदारी वाला और बेस्ट है। अफगानिस्तान में युद्ध अब खत्म हो चुका है। मैं अमेरिका का चौथा राष्ट्रपति था, जो इस सवाल का सामना कर रहा था कि इस युद्ध को कैसे खत्म किया जाएगा। मैंने अमेरिकी लोगों से कमिटमेंट किया था कि यह युद्ध खत्म करूँगा और और आज, मैंने उस प्रतिबद्धता का सम्मान किया है।”

बायडेन ने अपने देशवासियों और फौज की तारीफ करते हुए कहा, “अमेरिकियों ने जो काम किया वह कोई नहीं कर सकता था। हमने अफगानिस्तान में 20 वर्षों तक शांति बनाए रखी।…यह युद्ध का मिशन नहीं था, बल्कि दया का मिशन था। हमारे सैनिकों ने दूसरों की सेवा करने के लिए अपनी जिंदगी दांव पर लगा दी।” बायडेन ने दावा किया कि उन्होंने अफगानिस्तान से 1.25 लाख लोगों को बाहर निकाला।

बायडेन ने कहा, “हम अफगान गठबंधन के साथ मिलकर काम करना चाहेंगे लेकिन अब तालिबान के पास सत्ता है।” दुनिया को सुरक्षित रखने की कामना करते हुए बायडेन ने कहा अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल आतंकी अमेरिका या किसी और देश के खिलाफ न करें इसे सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

इस पूरे फैसले की जिम्मेदारी लेते हुए उन्होंने कहा कि अगर यह मिशन पहले शुरू किया गया होता तो सिविल वॉर में तब्दील हो जाता। वैसे भी कहीं से लोगों को निकालने में कुछ चुनौतियों का सामना तो करना ही पड़ता है। अपनी फौज की तारीफ करते समय बायडेन ने कहा कि उन्होंने यह फैसला रातों-रात नहीं लिया था, अमेरिकी फौज से जुड़े तमाम लोगों से बातचीत करके यह निर्णय लिया गया।

उल्लेखनीय है कि आज अफगानिस्तान के जो भी हालात हैं उसके पीछे का कारण वहाँ से अमेरिकी सेना का लौटना ही माना जा रहा है। लेकिन इसके साथ-साथ एक नाम और है जो लगातार चर्चा में है। ये नाम पाकिस्तान का है। आज रॉयटर्स में जो बायडेन और अशरफ गनी के बीच 23 जुलाई को हुई बातचीत के अंश छपे हैं। इसमें अशरफ गनी, बायडेन को बता रहे हैं कि कैसे उस समय (23 जुलाई के आसपास का वक्त) वो आक्रमण का सामना कर रहे थे। जिसमें तालिबान को पाकिस्तान ने अपना पूरा समर्थन दिया हुआ था। उन्होंने बताया था कि तालिबान के साथ 10-15 हजार अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी और इसमें भी मुख्यरूप से कई पाकिस्तानी शामिल हैं।

जैकलीन फर्नांडीस को तिहाड़ जेल से कॉल करता था सुकेश चंद्रशेखर, भेजता था चॉकलेट और फूल: रैकेट पर ED ने कसा शिकंजा

मनी लॉन्ड्रिंग केस में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 30 अगस्त 2021 को बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडीस से कई घंटों तक पूछताछ की थी। अब मीडिया रिपोर्टों से यह बात सामने आई कि कॉनमैन सुकेश चंद्रशेखर तिहाड़ जेल के भीतर से उनको कॉल करता था। उन्हें महँगे फूल और चॉकलेट भेजता था। बताया जाता है कि सुकेश तिहाड़ के भीतर से ही करीब 200 करोड़ रुपए की रंगदारी वसूल चुका है।

ईडी से जुड़े सूत्रों के अनुसार, सुकेश चंद्रशेखर तिहाड़ जेल के अंदर से स्पूफिंग के जरिए जैकलिन फर्नांडीस को कॉल करता था। वह अपनी पहचान सुकेश चंद्रशेखर की बजाय कुछ और बताता था। उसने जैकलीन को फोन पर बताया वह रसूखदार और बड़े ओहदे पर है। सूत्रों के मुताबिक, “जब जैकलीन उसके झाँसे में आ गई, तो उसने उन्हें महँगे फूल और चॉकलेट भेजना शुरू कर दिया।”

ईडी के अधिकारियों के पास सुकेश के दो दर्जन से अधिक कॉल रिकॉर्ड हैं, जिसके आधार पर वे जैकलीन के साथ हुई धोखाधड़ी के बारे में पता लगाने में सफल रहे। हालाँकि, जाँच एजेंसी ने सुरक्षा कारणों से यह खुलासा नहीं किया है कि सुकेश खुद को क्या बताकर एक्ट्रेस से बातचीत करता था। बताया जा रहा है कि सुकेश ने तिहाड़ जेल से कॉल स्पूफिंग के जरिए एक और मशहूर अभिनेत्री को निशाना बनाने की कोशिश की थी।

गौरतलब है कि ईडी ने सोमवार (30 अगस्त) को मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक मामले में चेन्‍नई का एक बंगला और कुछ लग्‍जरी कारें सीज की थी। यह कार्रवाई सुकेश चंद्रेशखर नाम के ठग के खिलाफ दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग के केस में की गई थी। चंद्रशेखर पर तिहाड़ जेल के अंदर से फिरौती रैकेट चलाने का आरोप है। जाँच एजेंसियों के मुताबिक, तिहाड़ जेल में बंद रहते हुए सुकेश ने 190-200 करोड़ रुपए की फिरौती वसूली।

बता दें कि बेंगलुरु से आने वाले सुकेश चंद्रेशखर को अय्याश जिंदगी जीने के शौक ने शातिर ठग बना दिया। बेंगलुरु पुलिस ने जब सुकेश को पहली बार पकड़ा था, तब उसकी उम्र सिर्फ 17 साल थी। उस दौरान उसने कर्नाटक के पूर्व सीएम एचडी कुमारस्‍वामी के बेटे का दोस्‍त बनकर एक परिवार से 1.14 करोड़ रुपए ठगे थे। बेंगलुरु में जब उसकी पोल खुलने लगी तो वह चेन्‍नई भाग गया।

साहिल को मारने वालों में परवेज भी, भीम आर्मी ने RSS को बदनाम करने के लिए फैलाया झूठ: UP पुलिस ने ऐसे खोली पोल

31 अगस्त को ट्विटर पर भीम आर्मी भारत एकता मिशन के दिल्ली जिलाध्यक्ष और आईटी सेल व सोशल मीडिया इन्चार्ज शिव चावला एएसपी ने ट्विटर पर एक वीडियो शेयर करते हुए आरएसएस पर निशाना साधा। इस वीडियो में कुछ लोगों की भीड़ एक युवक को रॉड और लाठी से मारती नजर आ रही थी। चावला ने दावा किया कि ‘आरएसएस के गुंडे’ युवक को अंधाधुंध इसलिए मार रहे हैं क्योंकि वो ‘जय श्रीराम’ नहीं बोल रहा।

उन्होंने ये भी दावा किया कि ये पूरा मामला मुरादाबाद पुलिस थाने के नजदीक पुलिस बूथ के सामने घटित हुआ। उन्होंने यूपी पुलिस और डीजीपी को टैग करते हुए ‘आरएसएस गुंडों’ के ख़िलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की।

हालाँकि, पूरे दावे की पोल उस समय खुली जब यूपी पुलिस ने इस मामले में संज्ञान लिया और भीम आर्मी नेता के दावे का फैक्ट चेक किया। मुरादाबाद पुलिस ने कन्फर्म किया कि ये वीडियो हरियाणा के यमुना नगर की है और उनके अधिकार क्षेत्र में ये मामला नहीं आता।

उन्होंने भीम आर्मी को अपने ट्वीट से यह भी बताया कि तथ्यों को गलत ढंग से प्रसारित किए जाने के मामले में उनके विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्रवाई निर्देशित की गई है।

उत्तर प्रदेश पुलिस ने अपने आधिकारिक फैक्ट चेक ट्विटर अकॉउंट पर इस पूरी खबर का फैक्ट चेक किया। उन्होंने दैनिक जागरण की रिपोर्ट शेयर करते हुए कहा कि ये वीडियो यूपी पुलिस से जुड़ी हुई नहीं है बल्कि यमुनानगर के थाना हमीदा की है।

दावा

उल्लेखनीय है कि यह वीडियो जिसमें कुछ युवक रॉड और छड़ी से एक युवक को पीटते दिख रहे हैं, उसे वॉट्सएप पर शेयर किया जा रहा है। इसके साथ शेयर मैसेज में लिखा है, “हरियाणा में मेवात की ये घटना है, जहाँ बजरंग दल के कुछ लड़के एक मुस्लिम लड़के की पिटाई कर रहे हैं, क्या कोई जबरदस्ती ‘जय श्रीराम’ कहकर हिंदू बन सकता है या कोई जबरदस्ती ‘अल्लाह-हू- अकबर’ कह कर मुसलमान बन सकता है, आइए हम अपने देश को हिन्दू राष्ट्र गुंडा राज बनने से रोकें और हमारी आने वाली पीढ़ियों को संस्कार दें।”

व्हाट्सएप के संदेश में देखें तो उसमें लिखा है कि इस संदेश को कई बार शेयर किया गया है।

फैक्ट चेक

जागरण द्वारा 18 अगस्त को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, घटना 12 अगस्त को हुई थी। पीड़ित की पहचान साहिल अल्वी के रूप में की गई थी, जिसे हरियाणा के यमुनानगर जिले में युवकों के एक समूह ने पीटा था और उस समय हरियाणा पुलिस ने भी आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

उसी दिन ज़ी न्यूज़ जैसे मीडिया हाउस ने भी इस खबर को कवर किया था। उस समय रिपोर्ट्स में बताया गया था कि युवक को उस समय घेरा गया था जब वह 12 अगस्त को 4 अन्य लोगों के साथ अदालत की सुनवाई से लौट रहा था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच अनबन कई साल पुरानी है। साहिल पर हमला करने वाले पुरुषों का समूह किसी विशेष धर्म से संबंधित नहीं था, जैसा कि रिपोर्ट में बताया गया है।

साहिल के चाचा आमिर ने भी इस मामले में सांप्रदायिक कोण का खंडन किया था। उन्होंने यह भी पुष्टि की थी कि एक समय था जब हमलावरों में से एक और साहिल दोस्त थे। साहिल ने भी इस दावे का खंडन किया था कि घटना सांप्रदायिक रूप से प्रेरित थी। उन्होंने कहा, “हमलावरों में एक मुस्लिम व्यक्ति भी शामिल है। उसका नाम परवेज था।”

हमीदा पुलिस स्टेशन के एसएचओ और यमुनानगर के एसपी कमलदीप ने भी सोशल मीडिया के इस दावे का खंडन किया था कि घटना में बजरंग दल शामिल था। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि घटना सांप्रदायिक नहीं थी। हरियाणा पुलिस ने तब एक आरोपित को गिरफ्तार कर लिया था और बाकी की तलाश कर रही थी।

कुल मिला कर कहें तो सार्वजनिक प्लेटफॉर्म्स पर घटना संबंधी जानकारी होने के बावजूद भीम आर्मी नेता ने पुरानी वीडियो शेयर करके झूठ फैलाया और अपराध की एक कहानी को दुर्भावनापूर्ण रूप से फैलाने के लिए इस्तेमाल किया, बिलकुल वैसे जैसे अक्सर लिबरल और इस्लामवादी करते हैं।

इससे पहले हमने आपको उन 20 घटनाओं की जानकारी दी थी जब जय श्रीराम नारे का इस्तेमाल एक सामान्य अपराध घटना को हेट क्राइम में बदलने के लिए किया गया।

भारत की GDP में अप्रैल-जून में हुई 20% से अधिक की दर से बढ़ोतरी: ग्रोथ रेट ने तोड़े अब तक के सभी पुराने रिकॉर्ड

अप्रैल से जून 2021 के दौरान यानी मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही में देश की जीडीपी ग्रोथ रेट में 20 फीसदी से ज्यादा का उछाल देखने को मिला है। पिछले साल कोरोना म​हामारी के कारण देश की जीडीपी में गिरावट दर्ज की गई थी, लेकिन अब इसमें सुधार दिखने लगा है।

सरकार ने मंगलवार (31 अगस्त) को जीडीपी के ताजा आँकड़े जारी किए गए हैं। वित्त वर्ष 2022 की पहली तिमाही यानी अप्रैल 2021 से जून 2021 में भारत की जीडीपी की ग्रोथ में 20.1 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई है।

आँकड़ों के अनुसार 2021-22 की पहली तिमाही में जीडीपी 32.38 लाख करोड़ रुपए रही है, जो 2020-21 की पहली तिमाही में 26.95 लाख करोड़ रुपए थी। यानी साल दर साल के आधार पर जीडीपी में 20.1 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। पिछले साल अप्रैल-जून के दौरान देश की जीडीपी में 24.4 फीसदी की भारी गिरावट दर्ज की गई थी।

अर्थशास्त्रियों द्वारा पहले की गई भविष्यवाणियों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में देश की जीडीपी में 20.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि एक साल पहले इसी समय अवधि में कोरोनो महामारी की पहली लहर के दौरान लॉकडाउन के परिणामस्वरूप 24.4 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी। सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के अलावा, सकल मूल्य वर्धित (Gross Value Added) भी पहली तिमाही में 18.8 प्रतिशत की दर से बढ़ा है।

बता दें कि 1990 के दशक के मध्य से आधिकारिक जीडीपी ग्रोथ रेट के आँकड़ों पर नजर डाले तो जीडीपी की इतनी शानदार ग्रोथ रेट कभी नहीं रही है। यानी पहली तिमाही में 20.1 प्रतिशत की जीडीपी वृद्धि सबसे अधिक तिमाही विस्तार है। यह वित्त वर्ष 2021 की चौथी तिमाही में दर्ज 1.6 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि का लगभग 13 गुना है।