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जिसका भी नाम ‘नीरज’ है, वो ₹501 का मुफ्त पेट्रोल ले जाए: ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता के सम्मान में पेट्रोल पंप का ऐलान

टोक्यो ओलंपिक में ‘जेवलिन थ्रो’ में स्वर्ण पदक जीत कर भारत का नाम रोशन करने वाले नीरज चोपड़ा का खुमार पूरे देश में छाया हुआ है। अब गुजरात में ‘इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड’ के एक पेट्रोल पंप ने घोषणा की है कि जिस भी व्यक्ति का नाम नीरज है, उसे मुफ्त में रुपए की पेट्रोल दी जाएगी। दक्षिणी गुजरात के भरूच जिले के नेत्रंग में स्थित एक पेट्रोल पंप ने ये ऐलान किया है। एक बोर्ड पर इस ऑफर को लिख कर पेट्रोल पंप पर लगा दिया गया है।

इस पेट्रोल पंप के मालिक अयूब पठान ने ये बोर्ड लगाया है। उन्होंने रविवार (8 अगस्त, 2021) को ये नोटिस बोर्ड लगाया। ये ऑफर आज सोमवार भर के लिए है। सुबह 9 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक नीरज नाम का जो भी व्यक्ति अपनी गाड़ी में पेट्रोल भरवाने आएगा, टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा के सम्मान में उसे 501 रुपए की मुफ्त पेट्रोल दी जाएगी। इसके लिए ग्राहकों को अपना पहचान पत्र दिखाना होगा।

बता दें कि 2008 में बीजिंग में हुए बीजिंग ओलंपिक में भारत के शूटर अभिनव बिंद्रा ने स्वर्ण पदक जीता था। उसके बाद ये पहले मौका है, जब भारत में ओलंपिक स्वर्ण पदक आया हो। हरियाणा स्थित पानीपत के खंडरा गाँव में जन्मे नीरज चोपड़ा ने ये कमाल किया। इसके बाद राष्ट्रपति कोविंद और प्रधानमंत्री मोदी से लेकर पूरे देश ने उन्हें बधाई दी। हरियाणा के खेल मंत्री अनिल विज ने उनके घर जाकर उनके माता-पिता को सम्मानित किया।

बता दें कि नीरज चोपड़ा के गाँव के कई लोगों ने उनके लिए शिवरात्रि का व्रत रखा था और भोला बाबा से प्रार्थना की थी कि उनका ‘निज्जू’ सबसे दूर भाला फेंके। लोगों का पहले ही कहना था कि अगर वो गोल्ड लेकर आते हैं तो पूरे गाँव की तस्वीर बदल जाएगी। युवा इसीलिए खुश हैं क्योंकि प्रदेश सरकार बड़े स्टेडियम या कोई अन्य सौगात गाँव को दे सकती है। किसी ने शिवरात्रि का व्रत रखा तो किसी ने उनकी सफलता के लिए शिवलिंग पर जल चढ़ाया।

मोढ़ेरा सूर्य मंदिर: भगवान सूर्य की स्वर्ण प्रतिमा को इस्लामी आक्रांता खिलजी ने जब लूटा, तब से नहीं होता पूजा-पाठ

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 अगस्त 2020 को ट्वीट करके मोढ़ेरा सूर्य मंदिर की सुंदरता के दर्शन पूरे भारत को कराए थे और शायद उनके इस ट्वीट के बाद यह मंदिर चर्चा में आया। लेकिन वास्तुकला के बेहतरीन उदाहरण वाले इस रामायण कालीन मंदिर को भी उसी कट्टरपंथी इस्लामी मानसिकता ने नुकसान पहुँचाया, जिसके कारण हिन्दुओं के लगभग 40,000 मंदिर नष्ट हो गए। एक इस्लामी आक्रांता की घृणा का ही परिणाम है कि सदियों गुजर जाने के बाद आज भी गुजरात के मेहसाणा में स्थित इस मंदिर में कोई पूजा-पाठ नहीं होती।

मंदिर का इतिहास

गुजरात के मेहसाणा जिले में मोढ़ेरा नामक गाँव में पुष्पावती नदी के किनारे स्थित है, मोढ़ेरा सूर्य मंदिर। इसका वर्णन स्कंद पुराण और ब्रह्म पुराण में भी किया गया है। इसका इतिहास रामायण कालीन है। मंदिर के आसपास का क्षेत्र धर्मरण्य के नाम से जाना जाता था। भगवान श्री राम जब रावण का संहार कर वापस आए तो उन्होंने महर्षि वशिष्ठ से एक ऐसा स्थान बताने का निवेदन किया, जहाँ वह ब्रह्म हत्या के पाप से मुक्ति प्राप्त कर सकें। तब महर्षि ने श्री राम को इसी स्थान के बारे में बताया। इसका तात्पर्य यह हुआ कि यह दिव्य स्थान का अस्तित्व रामायण काल में भी पहले से ही था।

आधुनिक इतिहास की बात करें तो मोढ़ेरा सूर्य मंदिर का निर्माण 11वीं शताब्दी में सूर्यवंशी सोलंकी राजा भीमदेव प्रथम ने कराया था। सूर्य भगवान, सोलंकी राजाओं के कुल देवता थे और उन्हीं को समर्पित करते हुए भीमदेव प्रथम ने सन् 1026 में इस मंदिर का निर्माण कराया था। इसकी जानकारी मंदिर में उत्कीर्णित शिलालेख में मिलती है।

मंदिर की अप्रतिम संरचना

मोढ़ेरा सूर्य मंदिर तीन भागों में विभाजित है, गुढ़ामंडप, सभामंडप और कुंड। गुढ़ामंडप मंदिर का मुख्य भाग है जहाँ गर्भगृह स्थित है। गर्भगृह की दीवारों पर पौराणिक कथाओं का चित्रण किया गया है। मंदिर का सभामंडप 52 स्तंभों पर निर्मित किया गया है और ये 52 स्तंभ वर्ष के 52 सप्ताह को प्रदर्शित करते हैं। कुंड तक पहुँचने के लिए सीढ़ियाँ बनाई गई हैं।

इस कुंड को सूर्यकुंड या रामकुंड के नाम से जाना जाता है। मंदिर की एक विशेषता है कि इस मंदिर को बनाने में चूने या गारे का प्रयोग नहीं हुआ है। मोढ़ेरा सूर्य मंदिर अपनी वास्तुशिल्प के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ कई ऐसे स्तंभ हैं, जो कुंड के पास से देखने पर अष्टकोणीय आकार में दिखाई देते हैं लेकिन जब उन्हें ऊपर से देखा जाता है तो ये स्तंभ गोलाकार दिखाई देते हैं।

मध्य प्रदेश के खजुराहो मंदिर जैसी नक्काशी के कारण मोढ़ेरा सूर्य मंदिर को गुजरात का खजुराहो कहा जाता है। इस मंदिर का निर्माण इस प्रकार किया गया है कि सूर्योदय होने पर सूर्य की किरणें सीधे ही मंदिर के गर्भगृह तक पहुँचती हैं। पूरे मंदिर को मारू-गुर्जर स्थापत्य कला के अनुसार बनाया गया है। हर साल संक्रांति के अवसर पर यहाँ भगवान सूर्य के दर्शन किए जाते हैं और कुंड में स्नान किया जाता है।

इस्लामिक आक्रमण

देश के बहुतायत मंदिरों की तरह मोढ़ेरा सूर्य मंदिर भी इस्लामी आक्रांताओं के कट्टरपंथ की भेंट चढ़ गया। अलाउद्दीन खिलजी ने न केवल इस मंदिर में तोड़फोड़ की बल्कि उसने मंदिर के गर्भगृह में स्थापित भगवान सूर्य की स्वर्ण प्रतिमा और मंदिर के अकूत खजाने को भी लूट लिया। खिलजी ने इस मंदिर को खंडित और अपवित्र कर दिया, जिसके बाद से इस मंदिर में किसी भी तरह की पूजा-पाठ वर्जनीय हो गई और आज भी सदियों पुराने इस मंदिर में किसी भी तरह की कोई उपासना नहीं होती है।

कैसे पहुँचें?

मेहसाणा जिला मुख्यालय से मोढ़ेरा सूर्य मंदिर की दूरी लगभग 26 किलोमीटर (किमी) है। यहाँ का सबसे नजदीकी हवाईअड्डा अहमदाबाद का सरदार वल्लभभाई पटेल एयरपोर्ट है, जो मंदिर से लगभग 97 किमी दूर है।

मेहसाणा रेलवे स्टेशन, रेल मार्ग से दिल्ली, बेंगलुरु और मुंबई जैसे शहरों से जुड़ा हुआ है। जयपुर-अहमदाबाद रेल लाइन पर स्थित मेहसाणा गुजरात के लगभग सभी बड़े शहरों से भी रेलमार्ग से जुड़ा हुआ है। मंदिर से मेहसाणा रेलवे जंक्शन की दूरी लगभग 28 किमी है।

सड़क मार्ग से भी मेहसाणा पहुँचना बहुत आसान है। सड़क मार्ग से भी मेहसाणा, गुजरात और देश के कई बड़े शहरों से जुड़ा हुआ है।

नीरज चोपड़ा की विराट कोहली से तुलना, उड़ाया मजाक: फैंस ने दी माँ-बहन की गंदी-गंदी गाली

टोक्यो ओलंपिक में नीरज चोपड़ा के शानदार प्रदर्शन के बाद सोशल मीडिया पर एक बेहद अजीब मामला सामने आया। एक महिला यूजर ने एथलीट नीरज से तुलना करते हुए भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली को ‘निर्लज’ (निर्लज्ज) कहा, जिस पर क्रिकेटर के फैन्स इतनी बुरी तरह भड़के कि यूजर को गंदी-गंदी गालियाँ देने लगे।

सोशल मीडिया यूजर – कृतिका/Kr!T!kA (@kakthiyawadi07) ने अपने ट्विटर पर 7 अगस्त को एक तस्वीर पोस्ट की थी। अपने पोस्ट में विराट कोहली पर तंज कसते हुए उन्होंने एक ओर नीरज को ‘नीरज’ बताया जबकि विराट कोहली की तस्वीर पर ‘निर्लज’ लिख दिया। अगले ट्वीट में यूजर ने बताया भी कि ऐसा उन्होंने सिर्फ मस्ती के लिए किया है कोई भड़के न। हालाँकि, कोहली के फैन इस अपील को कहाँ सुनने वाले थे। उन्होंने पहले पोस्ट पर यूजर को गाली देनी शुरू कर दी।

कुछ लोगों ने महिला यूजर को रं$% कहा तो कुछ लोगों ने भद्दे-भद्दे कमेंट किए। ‘जस्ट फॉर फन’ के नाम पर रजनीश नाम के यूजर ने कहा, “$%^& दीदी हर किसी के साथ $*x करती हैं। जस्ट फॉर फन।” एक अन्य यूजर ने कहा, “तेरी माँ की $%* बहन की &^%$, सॉरी दीदी बस मजाक है। भड़क मत जाना।”

एक यूजर ने उनको कहा कि कुछ लड़कियाँ अटेंशन और रीच पाने के लिए कुछ भी कर गुजरती हैं और एक ने उन्हें बताया कि जिस विराट को वो निर्लज कह रही हैं वो उनकी सात पुश्तें खरीद सकता है और पैसे एडवांस में भी दे सकता है।

इस पूरे मामले के संबंध में मुंबई पुलिस ने महिला यूजर से संपर्क करने की कोशिश की। हालाँकि महिला यूजर ने निर्णय लिया कि जो लोग ऐसे घटिया कमेंट कर रहे हैं। वह उनकी उम्र देखते हुए उनके खिलाफ़ पहले शिकायत नहीं करेंगी और बस चेतावनी देकर समझाएँगी। कृतिका की टाइमलाइन पर देख सकते हैं कि उनके इस पोस्ट के बाद कई लोगों ने उनसे माफी माँगी और उन्होंने माफ भी किया।

प्रकाश कोली नामक यूजर ने उन्हें लिखा, “मैं सच में माफी माँगता हूँ बस तुमने विराट पर मीम बनाया और गुस्सा आ गया। इसलिए गाली निकल गई। मैंने गलत किया। फिर से कभी किसी को गाली नहीं दूँगा।” प्रकाश कोली के ट्वीट को कृतिका ने अपने अकॉउंट पर शेयर किया है।

बता दें कि ये पहली बार नहीं है जब विराट के फैन्स गुस्से में आए हों और इस तरह भड़के हों। कुछ महीने पहले की बात है, ऐसा ही नजारा इंटरनेट पर किसी अन्य मसले पर देखने को मिला था। उस समय  ICC वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में न्यूजीलैंड की जीत के बाद वहाँ की मीडिया ने उत्साह दिखाने के चक्कर में भारतीय कप्तान विराट कोहली का अपमान किया था। वहाँ की एक स्थानीय वेबसाइट ने ज्यादा क्रिएटिव होने के चलते मीम की तरह एक तस्वीर शेयर की थी जिसमें कोहली की तुलना पट्टे से बँधे व्यक्ति से की गई थी।

इस ट्वीट के बाद कई विराट के फैन्स ने न्यूजीलैंड के गेंदबाज जेमिसन को उनके इंस्टा पर गाली दी थी। कुछ ने कहा था कि जेमिसन का आईपीएमल कॉन्ट्रैक्ट रद्द किया जाना चाहिए और हर भारतीय को उन्हें अनफॉलो कर देना चाहिए। हालाँकि, ये सभी यूजर शर्मिंदा तब हुए जब कुछ भारतीय जेमिसन की पोस्ट पर जाकर ऐसे गंदे व्यवहार के लिए उनसे माफी माँगने लगे।

आजादी के बाद पहली बार CPI हेडक्वॉर्टर में लहराएगा तिरंगा: पहले कहते थे ‘झूठी आजादी’, किया था भारतीय सेना को रक्तदान का विरोध

स्वतंत्र भारत के इतिहास में ऐसा पहली बार होने जा रहा है जब स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) के मौके पर प्रमुख वामपंथी दल CPI(M) अपने मुख्यालयों व दफ्तरों में राष्ट्रीय ध्वज फहराएगा। पार्टी ने निर्णय लिया है कि स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगाँठ पर कोलकाता के अलीमुद्दीन स्ट्रीट स्थित मुख्यालय के अलावा अन्य पार्टी दफ्तरों में तिरंगा फहराया जाएगा। लेफ्ट फ्रंट के नेता और विधायक सुजान चक्रवर्ती ने इस सम्बन्ध में आलाकमान को प्रस्ताव भेजा था।

पार्टी आलाकमान ने इस पर मुहर लगा दी है। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर CPI(M) पूरे साल भर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करेगा और स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगाँठ पूरे धूमधाम के साथ मनाएगा। पार्टी आलाकमान हाल ही में पश्चिम बंगाल में मिली बुरी हार के पीछे का कारण जुटा रहा है और नेताओं से सुझाव माँग रहा है। 2011 तक वहाँ सत्ता में रहे वामपंथी दलों व उनके गठबंधन साथी कॉन्ग्रेस को इस साल हुए विधानसभा चुनावों में एक भी सीट नसीब नहीं हुई।

पूर्व केंद्रीय विदेश सचिव विजय गोखले ने अपनी पुस्तक ‘The Long Game: How the Chinese Negotiate with India’ में बताया है कि चीन किस तरह से भारत में अपना ‘घरेलू विपक्ष’ बनाने के लिए वामपंथी दलों में अपने करीबी तत्वों का इस्तेमाल करता रहा है। 2007-08 में भारत-अमेरिका परमाणु संधि को रुकवाने के लिए चीन ने ये चाल चली थी। उस वक़्त कई वामपंथी नेता इलाज के बहाने चीन की यात्रा करते थे।

हालाँकि, वामपंथी दलों के नेता इस बात को नकारते रहे हैं। ‘न्यूज 18’ के एक लेख में भाजपा के विदेश मामलों के प्रभारी विजय चौथैवेल ने लिखा है कि किस तरह जब बात देशहित और अंतरराष्ट्रीय वैचारिक साथियों की आई तो हमेशा से वामपंथी दलों ने देशहित को ताक पर रखा। 1939 में दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान जब सोवियत संघ (USSR) और जर्मनी साथी थे, तब CPI ने हिटलर की आलोचना करने से इनकार कर दिया था।

इसके बाद जब 1941 में हिटलर ने USSR पर आक्रमण किया, मॉस्को ने भारतीय वामपंथियों को बताया कि असली युद्ध फासिज्म और ‘मित्र राष्ट्रों’ के बीच है। इसीलिए, उन्हें इस युद्ध में अंग्रेजों का समर्थन करने को कहा गया। विजय चौथवेल लिखते हैं कि इसके बाद अचानक से CPI हिटलर का विरोधी बन गया और उसने ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ से भी दूरी बना ली। ग्रेट ब्रिटेन की कम्युनिस्ट पार्टी (CPGP) ने भी CPI को एक पत्र भेजा था।

इसमें उन्हें अंग्रेजों के खिलाफ किसी भी प्रकार के विरोध को रोकने और युद्ध के लिए हथियारों व रसद के उत्पादन के लिए ट्रेड यूनियनों को एकजुट रखने का निर्देश दिया गया था। हैरी पोलिट के इस पत्र को तब भारत में अंग्रेजों के गृह सचिव रेगीनाल्ड मैक्सवेल ने वामपंथी नेताओं को सौंपा था। इसके बाद अंग्रेजों ने CPI नेताओं को जेल से छोड़ा, उन्हें ट्रेड यूनियनों का नियंत्रण लेने दिया और इसे कानूनी वैधता भी प्रदान कर दी।

उसी समय गंगाधर अधिकारी ने 1942 में ‘पाकिस्तान थीसिस’ पेश किया, जिसमें भारत के विभाजन का समर्थन किया गया। 1947 में आज़ादी मिलने के बाद भी CPI ने कभी इसे स्वीकार नहीं किया और पार्टी के वरिष्ठ नेता बीटी रणदिवे ने तब कहा था, “ये आज़ादी झूठी है।” 1959 में तब तिब्बत पर चीन अत्याचार कर रहा था, तब वामपंथी दलों ने चीन का समर्थन किया। उन्होंने दावा किया कि चीन तो तिब्बत को मध्यकालीन अंधकार से निकाल कर आधुनिकता की तरफ ले जा रहा है।

विजय चौथवेल लिखते हैं कि तिब्बत के विद्रोह को इन वामपंथी दलों ने भारत और अमेरिका की साजिश बताया था। 1962 में भारत-चीन युद्ध के दौरान भी ये वामपंथी दल चीन के साथ थे और भारतीय जवानों को रक्तदान करने का विरोध कर रहे थे। केरल के तत्कालीन मुख्यमंत्री EMS नम्बूद्रीपद ने खुल कर चीन का समर्थन किया था। उन्होंने चीन की आक्रामकता व घुसपैठ को मानने से इनकार करते हुए उल्टा भारत को ही शांति से समझौता करने व की सलाह दी थी।

इसी तरह 2017 में जब डोकलाम विवाद हुआ तब भी इन वामपंथी दलों ने चीन की निंदा नहीं की। इन्होंने भारत से कहा कि वो भूटान को चीन के साथ सीमा समझौता करने दे और खुद अलग हट जाए। गाल्वम में जब भारतीय जवान बलिदान हुए, तब भी CPI(M) ने अपने बयान में चीन की आलोचना तक नहीं की। इसका सीधा अर्थ है कि हमेशा से वामपंथी दल अपने विदेशी आकाओं के इशारे पर नाचते रहे हैं।

योगी सरकार के कोविड मैनेजमेंट ने दिखाया असर, 24 घंटों में 50 जिले से नहीं आया एक भी कोरोना केस, न हुई कोई मौत

उत्तर प्रदेश में कोरोना प्रबंधन के लिए हर जगह योगी सरकार की तारीफ हो रही है। इसी बीच राज्य के एडिशनल चीफ सेक्रेट्री (ACS) नवनीत सहगल का ताजा बयान आया है जो बताता है कि राज्य के 75 जिलों में से 50 जिले ऐसे मिले हैं जहाँ आज (8 अगस्त 2021) एक भी कोरोना केस रिपोर्ट नहीं हुआ। इसके अलावा 10 ऐसे जिले भी हैं जहाँ अब एक भी कोरोना का एक्टिव केस नहीं है।  

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ACS नवनीत सहगल ने कहा, “पिछले 24 घंटों में, उत्तर प्रदेश के 75 में से 50 जिलों में कोविड-19 का कोई नया मामला सामने नहीं आया और राज्य के 10 जिले ऐसे हैं जिनमें कोई सक्रिय मामला नहीं है।” उन्होंने कहा कि लोगों को सतर्क रहना चाहिए और COVID प्रोटोकॉल का पालन करना चाहिए। 

सहगल ने जिन 10 जिलों के COVID-19 मामलों से मुक्त होने का उल्लेख किया है, उनमें अलीगढ़, अमेठी, चित्रकूट, एटा, फिरोजाबाद, गोंडा, हाथरस, मिर्जापुर, पीलीभीत और प्रतापगढ़ शामिल हैं। सहगल के अनुसार, ट्रांसमिशन अभी बहुत कम है लेकिन इस समय सावधानी बरतनी आवश्यक है।

यहाँ बता दें कि उत्तर प्रदेश में 8 अगस्त को कुल 58 नए मामले दर्ज किए गए जबकि 49 केस ठीक हुए। इसी के साथ राज्य में आज एक भी मौत दर्ज नहीं की गई। अब वहाँ केवल COVID-19 के 593 सक्रिय मामले हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी आज ‘चिकित्सा सम्मेलन’ में योगी सरकार के मैनेजमेंट की तारीफ की। साथ ही कहा कि यूपी में पीएम मोदी के नेतृत्व में 30 मेडिकल कॉलेज शुरू हो चुके हैं और ‘मिशन इंद्रधनुष’ के तहत लगभग 7.57 करोड़ बच्चों का टीकाकरण किया गया।

गौरतलब है कि कोरोना संकट जब चरम पर था उस समय उत्तर प्रदेश उन राज्यों में से एक था जहाँ कोविड के आँकड़े तेजी से बढ़ते दिखे। बिलकुल महाराष्ट्र और केरल की तरह यहाँ भी केस बढ़ रहे थे। लेकिन योगी सरकार के मैनेजमेंट ने कुछ समय में तस्वीर बदल दी। अब जहाँ यूपी में 593 मामले एक्टिव हैं और एक दिन में सिर्फ 58 मामले आए हैं। वहीं महाराष्ट्र में एक दिन में कोरोना के 5,508 केस आए और 151 मरीजों की मौत हुई। इसी प्रकार केरल में एक दिन में 18, 607 केस रिपोर्ट किए गए और 93 लोगों की मौत हुई।

भारत-रूस के संयुक्त अभ्यास ने पड़ोसी चीन और पाकिस्तान को किया परेशान, समुद्री सुरक्षा पर UNSC में अध्यक्षता करेंगे पीएम मोदी

भारत और रूस के रिश्तों में खटास आने की अटकलों पर तब से पूर्ण विराम लग गया है, जब से दोनों देशों की सेनाएँ इंद्र-2021 संयुक्त युद्धाभ्यास में अपना दमखम दिखा रही हैं। 1 अगस्त से शुरू हुए भारत और रूस के बीच 12वां संयुक्त सैन्याभ्यास इंद्र-2021 रूस के वोल्गोग्राद में 13 अगस्त तक जारी रहेगा। इस अभ्यास के तहत दोनों देशों के जवान अपनी कुशलता एक-दूसरे से साझा कर रहे हैं।

वहीं, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन सोमवार (9 अगस्त) को समुद्री सुरक्षा पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की बैठक में हिस्सा लेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बैठक की अध्यक्षता करेंगे। भारत इस महीने UNSC का अध्यक्ष है।

समाचार एजेंसी एएनआई (ANI) के मुताबिक, समुद्री सुरक्षा पर 9 अगस्त को होने वाली यूएनएससी की बैठक में नाइजर के राष्ट्रपति, केन्या के राष्ट्रपति, वियतनाम के पीएम, अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन और कांगो के राष्ट्रपति के भी हिस्सा लेने की उम्मीद है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ‘समुद्री सुरक्षा का विस्तार: अंतरराष्ट्रीय सहयोग का मामला’ पर यूएनएससी की हाई लेवल मीटिंग की अध्यक्षता करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (8 अगस्त) को ट्वीट कर इसकी जानकारी दी।

सुरक्षा परिषद में यह बहस ऐसे समय में हो रही है, जब भारतीय नौसेना अगस्त की शुरुआत में दो महीने से अधिक समय के लिए दक्षिण चीन सागर, पश्चिमी प्रशांत और दक्षिण पूर्व एशिया जल क्षेत्र में अग्रिम पंक्ति के युद्धपोतों से युक्त एक नौसैनिक कार्य समूह तैनात कर रही है।

बता दें कि भारत और रूस दोनों ही लंबे समय से आतंकवाद से पीड़ित रहे हैं। रूस में एक तरफ जहाँ चेचेन्या के चेचन आतंकियों ने पिछले दशक तक जमकर कोहराम मचाया था, वहीं भारत अब भी पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का शिकार है।

मस्जिद के पास से जुलूस निकालने पर बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमला, कट्टरपंथियों की भीड़ ने मंदिरों में की तोड़फोड़, कई घरों-दुकानों को लूटा

पाकिस्तान के बाद अब बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं के मंदिरों को निशाना बनाया गया है। शनिवार (7 अगस्त) को बांग्लादेश में कुछ कट्टरपंथियों ने अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के कई घरों, दुकानों पर हमला किया और चार मंदिरों में तोड़फोड़ की। यह घटना बांग्लादेश के खुलना जिले के रूपशा उपजिला के शियाली गाँव की है।

बांग्लादेश हिंदू यूनिटी काउंसिल ने अपने ट्विटर हैंडल पर कट्टरपंथी इस्लामिक आतंकियों द्वारा मंदिर में तोड़फोड़ की कुछ तस्वीरें शेयर की हैं। ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गई हैं। ट्वीट में लिखा है, ”खुलना जिले के रूपशा उपजिला में शनिवार को सैकड़ों कट्टरपंथी इस्लामिक आतंकियों ने शियाली (Shiali) और गोवारा (Gowara) गाँव पर हमला किया। उन्होंने इलाके के सभी मंदिरों और 58 हिंदुओं के घरों में तोड़फोड़ की। पुलिस ने इस मामले में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है। यहाँ तक कि बांग्लादेश में किसी भी मीडिया ने इस घटना को सबके सामने लाना जरूरी नहीं समझा।”

समकाल (Samakaal) की एक रिपोर्ट के अनुसार, हमला शनिवार को शाम करीब 5:45 बजे किया गया। हथियारों से लैस आतंकियों ने घात लगाकर गाँव पर हमला किया था। हिंसा के दौरान 4 मंदिरों को तहस-नहस कर दिया गया और हिंदुओं के घरों में तोड़फोड़ की गई। इसके अलावा, आतंकियों ने 6 दुकानों को भी नष्ट कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक (एसपी) समेत वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की टीम मौके पर पहुँची। घटना के बाद से गाँव के लोगों में भय व तनाव का माहौल है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए गाँव में पुलिस बल तैनात कर दिया है।

स्थानीय निवासियों और पूजा परिषद के नेताओं के मुताबिक, शुक्रवार (6 अगस्त) रात करीब नौ बजे महिला श्रद्धालुओं के एक समूह ने पूर्व पारा मंदिर से शियाली श्मशान घाट तक जुलूस निकाला था। उन्होंने रास्ते में एक मस्जिद पार की थी, इस दौरान इमाम (इस्लामी मौलवी) ने जुलूस का विरोध किया। इससे हिंदू भक्तों और मौलवी के बीच तीखी नोक-झोंक हुई। तय हुआ कि शनिवार को इस मामले को पुलिस के समक्ष उठाया जाएगा।

हथियारों से लैस आतंकियों ने हिंदुओं पर किया हमला, मंदिरों को किया अपवित्र

उस दिन गाँव में कई बदमाश हथियार, हंसिया, फावड़ा लेकर पहुँचे और जमकर तोड़फोड़ की। उन्होंने गणेश मल्लिक (फॉर्मेसी), श्रीबास मल्लिक (किराना), सौरभ मल्लिक (चाय और किराना), अनिर्बन हीरा (चाय की दुकान) और उनके पिता मजूमदार सहित स्थानीय हिंदुओं की दुकानों में तोड़फोड़ की। साथ ही शिबपद धार नाम के एक व्यक्ति के आवास को भी लूट लिया। बदमाशों ने उनके घर में ‘गोविंदा मंदिर’ को भी नष्ट कर दिया। जिन अन्य मंदिरों को अपवित्र किया गया, उनमें शियाली पुरबापारा का ‘हरि मंदिर’, दुर्गा मंदिर और शियाली महाश्मशान मंदिर शामिल हैं। मंदिर में रखी कई मूर्तियों को भी तोड़ दिया गया है।

यति नरसिंहानंद का ‘पुराना वीडियो’ वायरल: वामपंथी पत्रकार के ट्वीट का NCW ने लिया संज्ञान, कार्रवाई के लिए यूपी DGP को पत्र

राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) को गाजियाबाद के डासना मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया है। यह निर्देश उनके कथित भाषण का वीडियो ट्विटर पर वायरल होने के बाद आया है।

स्रोत:@NCWIndia/ट्विटर

महिला आयोग ने पत्रकार से फिल्मकार बने विनोद कापड़ी द्वारा साझा किए गए एक वीडियो का हवाला दिया। इस वीडियो को देखकर महिला आयोग ने निष्कर्ष निकाला कि यति नरसिंहानंद ने “महिलाओं पर अनुचित टिप्पणी और उनके लिए अभद्र शब्दों का उपयोग किया था।” कापड़ी ने अपने ट्वीट में महिला आयोग को भी टैग किया था।

वीडियो में यति नरसिंहानंद ने कहा है, “ज्यादातर कॉलगर्ल हिंदू महिलाएँ होती हैं। ये वो महिलाएँ होती हैं, जो प्रेम के चक्कर में जेहादी मुस्लिमों के चंगुल में फँसकर अपनी फोटो खिंचवा बैठती हैं। उनके द्वारा कभी पैसे के लिए, कभी किसी अधिकारी को खुश करने के लिए तो कभी नेताओं के लिए भेजी जाती हैं। कितनी दुर्गति हो गई हमारी बहन-बेटियों की?” हालाँकि, इस वीडियो की सत्यता की ऑपइंडिया पुष्टि नहीं करता है।

गौरतलब है कि हाल के दिनों में यति नरसिंहानंद की हत्या के प्रयास हुए हैं। 2 जून को गाजियाबाद के डासना मंदिर के सेवादारों ने महंत यति नरसिंहानंद की हत्या के प्रयास के संदेह में विपुल विजयवर्गी और काशिफ नाम के दो लोगों को पकड़ा था। यति नरसिंहानंद सरस्वती ने एक ट्वीट में कहा था, “आज दो और सूअर पकड़े गए जो मेरी हत्या करने आए थे। मुझे मारना इतना आसान नहीं है।”

डासना मंदिर के पुजारी के करीबी अनिल यादव ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस अधीक्षक डॉ इराज राजा ने बताया था कि दोनों संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया गया है। 17 मई को दिल्ली पुलिस ने 24 वर्षीय जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी मोहम्मद डार उर्फ जहाँगीर की दिल्ली के पहाड़गंज से गिरफ्तारी थी। इसके बाद डासना देवी मंदिर के महंत यति नरसिघानंद सरस्वती की हत्या की साजिश का खुलासा हुआ था।

जमात-ए-इस्लामी के विरुद्ध टेरर फंडिंग केस में NIA की बड़ी कार्रवाई, J&K में 56 ठिकानों पर मारी रेड

जम्मू-कश्मीर में टेरर फंडिंग मामले में राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित संगठन जमात-ए-इस्लामी के खिलाफ दर्ज एक मामले में प्रदेश पुलिस और सीआरपीएफ की मदद से रविवार (अगस्त 8, 2021) को लगभग 56 स्थानों पर छापेमारी की।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, NIA के प्रवक्ता ने बताया कि एनआईए ने कश्मीर के सभी 10 जिलों और जम्मू प्रांत के 4 जिलों- रामबन, किश्तवाड़, डोडा और राजौरी में 56 स्थानों पर संयुक्त छापेमारी की। इस दौरान एजेंसी ने दस्तावेजों और डिजिटल उपकरणों को जब्त कर लिया। एजेंसी प्रवक्ता ने कहा, “प्रतिबंधित संगठन के पदाधिकारियों, सदस्यों और कथित तौर पर जमात-ए-इस्लामी द्वारा संचालित ट्रस्ट के कार्यालय परिसरों में आज तलाशी अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान, संदिग्धों के परिसर से विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए।”

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी का हालिया एक्शन जमात-ए-इस्लामी के खिलाफ सबसे बड़ी कार्रवाई में से एक है। पूरी कार्रवाई के दौरान श्रीनगर में सौरा निवासी गाजी मोइन-उल इस्लाम के आवास और नौगाम में अलगाववाद का बीज बोने वाले फलाह-ए-आम ट्रस्ट पर भी छापेमारी हुई। इसके अलावा बांदीपोरा में पूर्व जमात अध्यक्ष के आवास, अनंतनाग जिले में मुश्ताक अहमद वानी पुत्र गुलाम हसन वानी, नजीर अहमद रैना पुत्र गुलाम रसूल रैना, फारूक अहमद खान पुत्र मोहम्मद याकूब खान और आफताक अहमद मीर, अहमदुल्ला पारे के ठिकानों पर भी छापेमारी हुई है। बडगाम जिले में डॉ मोहम्मद सुल्तान भट, गुलाम मोहम्मद वानी और गुलजार अहमद शाह समेत कई जमात नेताओं के आवासों पर छापेमारी हुई। 

उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने फरवरी 2019 में आतंकवाद रोधी कानूनों के तहत जमात-ए-इस्लामी को 5 साल के लिए इस आधार पर प्रतिबंधित किया था कि वह आतंकवादी संगठनों के ‘करीबी संपर्क’ में था और उसपर प्रदेश में अलगाववादी आंदोलन को बढ़ाने की आशंका थी। इसके अलावा अभी हाल में एनआईए ने 5 फरवरी 2021 को इस जमात-ए-इस्लामी पर अलगाववादी गतिविधियों में शामिल होने के लिए एक मामला दर्ज किया है। इस संगठन को हिजबुल मुजाहिदीन का राजनीतिक चेहरा कहा जाता है। इसका काम आतंकियों को प्रशिक्षण देना, वित्तीय मदद करना, शरण देना और हर संसाधन मुहैया कराना था। इसके अलावा इसे कई आतंकी घटनाओं के लिए जिम्मेदार माना जाता है।

राहुल गाँधी का अकॉउंट लॉक होने से भड़की कॉन्ग्रेस ने भी शेयर किया पीड़िता के परिवार की फोटो, Twitter को दी कार्रवाई की धमकी

राहुल गाँधी के ट्विटर अकॉउंट पर एक्शन से आहत कॉन्ग्रेस ने भी रेप पीड़िता की पहचान उजागर करते हुए रविवार (अगस्त 8, 2021) को ट्विटर इंडिया को अपना ट्विटर हैंडल लॉक करने की खुलेआम चुनौती दे दी है। राहुल गाँधी का ट्विटर अकाउंट NCPCR की नोटिस के बाद ट्विटर द्वारा लॉक किए जाने के बाद कॉन्ग्रेस पार्टी ने यह चुनौती दी है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ऐसा माना जा रहा है कि दिल्ली के नांगल में 9 साल की एक बच्ची से रेप और हत्या की घटना में पीड़िता की पहचान उजागर करने की वजह से उनपर यह कार्रवाई की गई है।

कॉन्ग्रेस ने #मैं_भी_Rahul हैशटैग के साथ ट्वीट किया, ”ट्विटर इंडिया हमारा भी अकाउंट लॉक कर दो। हम आपको चुनौती देते हैं। न्याय के लिए लड़ने और सच को उजागर करने से हमें कुछ नहीं रोक सकता है।” ऐसी मुहीम चलाते हुए कॉन्ग्रेस ने एक बार फिर विवादित तस्वीर को शेयर किया है, जिसकी वजह से राहुल गाँधी के ट्विटर हैंडल को लॉक किया गया है।

गौरतलब है कि कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी का ट्विटर हैंडल शनिवार को अस्थायी रूप से लॉक कर दिया गया था। कॉन्ग्रेस ने पहले अपने बयान में कहा था कि राहुल गाँधी के अकाउंट को सस्पेंड कर दिया गया है, लेकिन ट्विटर की ओर से इनकार किए जाने के बाद पार्टी ने कहा कि अकाउंट को लॉक किया गया है।

बता दें कि दिल्ली में कथित रेप पीड़िता के माता-पिता की फोटो ट्वीट कर पहचान उजागर करने के मामले में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने ट्विटर इंडिया को नोटिस जारी कर राहुल गाँधी के खिलाफ कार्रवाई करने की माँग की थी। इसके बाद कार्रवाई करते हुए ट्विटर ने उनके विवादित ट्वीट को हटा दिया था।

ट्वीट के बाद राहुल गाँधी के खिलाफ दिल्ली की नांगल बलात्कार पीड़िता की पहचान का खुलासा करने और इस प्रकार यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (POCSO) अधिनियम की धारा 23, किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम की धारा 74, भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) का अधिनियम 228 ए का उल्लंघन करने के लिए दिल्ली पुलिस में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज की गई थी।