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अखिलेश यादव की तुलना भगवान श्रीकृष्ण से, सपा का नया वीडियो: फिर से लैपटॉप का वादा

उत्तर प्रदेश में अगले साल (2022) में होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर समाजवादी पार्टी ने सोशल मीडिया पर पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव का एक वीडियो रिलीज किया है। इसमें अखिलेश यादव को भगवान श्रीकृष्ण के रूप में प्रोजेक्ट किया गया है। इसमें कहा गया है कि ‘मुरलीधारी कृष्ण बदलकर वेश आ रहे हैं, अखिलेश आ रहे हैं, अखिलेश आ रहे हैं।’

सपा नेता राजकुमार भाटी द्वारा लिखे गए इस गाने में अखिलेश यादव का गुणगान करते हुए उनके द्वारा जारी की गई योजनाओं को दिखाया गया है। इस वीडियो को पार्टी के आधिकारिक फेसबुक पेज पर शेयर किया गया है। इसमें जनता को वादों का लॉलीपॉप दिखाते हुए दावा किया गया है कि सपा सरकार के प्रदेश की सत्ता में वापसी से यहाँ के किसान, शिक्षा समेत दूसरी सुविधाओं की हालत पहले से बेहतर होगी।

इसके अलावा वीडियो में सपा ने दोबारा से सत्ता में आने पर छात्रों को फिर से लैपटॉप देने का वादा किया गया है। गाने में कहा गया है, आ जाओ अखिलेश तुम्हें उत्तर प्रदेश बुलाता है। इसमें कहा गया है कि गाँव, गरीब और दलित सभी अखिलेश यादव को ही सीएम की कुर्सी पर देखना चाहते हैं।

गौरतलब है कि 2022 विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राजनीतिक पार्टियों ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। इस कड़ी में बुधवार (16 जून 2021) को भाजपा पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया था, “भाजपा का छलावा बहुत हो गया है, बीजेपी को जनता सबक सिखाएगी। आज सत्ताधारी सोच रहे हैं कि काश वो भ्रस्टाचार का नाम और झूठ के रंग बदल पाते। आज दुनिया भर की आस्थावान जनता खुद को ठगा महसूस कर रही है। ये भाजपा का भ्रस्टाचार है।”

इससे पहले उन्होंने 11 जून 2021 को भी अखिलेश ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया था, “इधर बेकारी-बेरोज़गारी रिकॉर्ड तोड़ रही है, उधर महंगाई कमर तोड़ रही है। न मनरेगा में काम है, न स्किल मैपिंग का कहीं अता-पता है और न ही इंवेस्टमेंट मीट के निवेश का। व्यापार, कारोबार, दुकानदारी, कारीगरी सब ठप्प है।” सपा प्रमुख ने भाजपा सरकार के बंदरबाँट में उलझे होने और जनता के उम्मीद खोने का दावा किया था।

BJP विरोध पर ₹100 करोड़, सरकार बनी तो आप होंगे CM: कॉन्ग्रेस-AAP का ऑफर महंत परमहंस दास ने खोला

राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कथित जमीन विवाद पर विरोधी दल लगातार भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर सवाल खड़ा करके मामले को राजनीतिक रंग देने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे में तपस्वी छावनी के महंत परमहंस दास ने बड़ा खुलासा किया है। महंत ने बताया कि कई राजनैतिक दलों ने उनसे भाजपा का विरोध करने के लिए संपर्क किया था। इसके लिए उन्हें करोड़ों रुपए भी ऑफर किए गए थे।

तपस्वी छावनी के महंत परमहंस दास ने गुरुवार (जून 17, 2021) को एक पत्र जारी कर कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट की जमीन खरीद में घोटाला नहीं हुआ है। सभी आरोप राजनीतिक षड्यंत्र का हिस्सा हैं। उन्होंने आम आदमी पार्टी (AAP) , समाजवादी पार्टी और कॉन्ग्रेस पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें ट्रस्ट व बीजेपी का विरोध करने के लिए करोड़ों का ऑफर दिया गया।

अपने पत्र में महंत ने बताया कि आज सुबह 7 बजे उनके पास दो व्यक्ति आए थे और उन्हें ट्रस्ट और बीजेपी का विरोध करने के लिए 100 करोड़ का ऑफर दिया था। लेकिन जब वह इसके लिए नहीं माने तो उन्हें मुख्यमंत्री बनाने तक का लालच दिया गया।

वह कहते हैं, “जब मैं नहीं माना तो मुझसे कहा गया कि आम आदमी पार्टी और कॉन्ग्रेस की जीत पर प्रदेश का मुख्यमंत्री आपको ही बनाया जाएगा। जब मैंने कहा कि मैं एक संत हूँ और राष्ट्रहित सर्वोपरि है तो वे चले गए। दोनों आम आदमी पार्टी और कॉन्ग्रेस के द्वारा भेजे गए थे।”

महंत परमहंसदास ने कहा कि शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती को आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी और कॉन्ग्रेस ने खरीद लिया है। अब उनके अनुयायी ट्रस्ट और बीजेपी के विरोध में भी जुट गए हैं।

बता दें कि आम आदमी पार्टी और कॉन्ग्रेस द्व्रारा राम मंदिर ट्रस्ट पर लगाए गए आरोपों पर इससे पहले शारदा पीठ के शंकराचार्य जगतगुरु स्वरूपानंद सरस्वती के उत्तराधिकारी और रामालय ट्रस्ट के अध्यक्ष अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहा था कि भगवान श्री राम के नाम पर ट्रस्ट बनाया गया है। उसका उद्देश्य राम जी के आदर्शों की स्थापना है। विवाद पर शीघ्र से शीघ्र निष्पक्ष लोगों की जाँच कमेटी बनाई जाए और जब तक जाँच चले जिन लोगों पर आरोप लगा है उनको हर तरह के दायित्व से मुक्त कर दिया जाए।

अविमुक्तेश्वरानंदनंद सरस्वती ने सीधे तौर पर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा पर निशाना साधते हुए कहा, “जिन्होंने गवाही दी है, जिन्होंने रजिस्ट्री कराई है उन दोनों को तुरंत सस्पेंड कर देना चाहिए। जब तक ये निर्दोष साबित नहीं तब तक हर तरह के दायित्व से मुक्त कर दिया जाना चाहिए। बात निकली है तो बड़ी दूर तलक जाएगी।”

गौरतलब है कि AAP सांसद संजय सिंह और पूर्व कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी द्वारा श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से संबंधित एक भूमि सौदे में भ्रष्टाचार का आरोप लगाने के बाद ट्रस्ट ने पूरे मामले पर अपना स्पष्टीकरण जारी किया था। अपने ऊपर लगाए जा रहे निराधार आरोपों को खारिज करते हुए ट्रस्ट ने अपने ट्विटर हैंडल के माध्यम से भूमि सौदे का विवरण साझा किया था।

‘चुपचाप मेरे बेटे की रखैल बन कर रह, इस्लाम कबूल कर’ – मृत्युंजय बन मुर्तजा ने फँसाया, उसके अम्मी-अब्बा ने धमकाया

उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा की एक सोसायटी में तलाकशुदा महिला के साथ मुर्तजा नाम के युवक ने मृत्युंजय बनकर शादी का झाँसा देकर रेप किया। आरोपित ने महिला का वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल किया। इसके अलावा महिला द्वारा शादी के लिए कहने पर जबरन धर्मान्तरण कराने का दवाब भी बनाया।

मामले में पुलिस ने मुरादाबाद के रहने वाले मुर्तजा को धर्मान्तरण कानून-2020 के तहत केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित को कोर्ट में पेश करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया है।

इस केस में पीड़िता ने डीसीपी महिला सुरक्षा को लिखित शिकायत में बताया है कि तलाक के बाद वह अपने पैरेन्ट्स से अलग रहकर एक दवा कंपनी में काम करती थी। यहीं पर उसकी मुलाकात मृत्युंजय उर्फ मुर्तजा से हुई। ऑफिस में सभी उसे मृत्युंजय के नाम से ही बुलाते थे। साथ में काम करते-करते दोनों में दोस्ती हुई और उन्होंने शादी करने का फैसला किया और साथ रहने लगे। इस दौरान दोनों दो साल तक साथ रहे, उनके बीच शारीरिक संबंध भी बने।

डीसीपी महिला सुरक्षा ने बताया है कि पीड़ित महिला को आरोपित के आधार कार्ड से एक दिन पता चला कि वो मृत्युंजय नहीं मुर्तजा है। इस बारे में युवती (30) ने जब आरोपित से पूछा तो उसने धमकी देते हुए कहा, “मैं मृत्युंजय हूँ या मुर्तजा तुझे इससे कोई मतलब नहीं है। चुपचाप घर में बैठ नहीं तो अंजाम बुरा होगा।”

युवती का कहना है कि जब उसने इसका विरोध किया तो आरोपित ने उसे उसके अश्लील फोटो और वीडियो दिखाकर उसे ब्लैकमेल करने लगा। आरोपित ने जबरन शारीरिक संबंध भी बनाए।

पीड़िता के एफआईआर की कॉपी (साभार: न्यूज ट्रैक)

युवती के मुताबिक, अक्टूबर 2019 में मुर्तजा के माँ-बाप भी आए थे। उन्होंने उस पर इस्लाम कबूल करने का दवाब डाला था। इसके बाद 2020 में उन्होंने ब्लैकमेल करते हुए इस्लाम कबूलने से मना करने पर उसकी वीडियो को लीक करने की धमकी भी दी थी। उन्होंने पीड़ित से ढाई लाख रुपए भी लिए थे। पीड़िता ने कहा है कि उसके पास 1.40 लाख रुपए के लेन-देन का रिकॉर्ड भी है।

पीड़िता ने आरोपित पर मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। उसने शिकायत में बताया है कि जब इसकी शिकायत उसने आरोपित के माँ बाप से की तो उन्होंने कहा, “चुपचाप इसकी रखैल बनकर रह और इस्लाम कबूल कर नहीं तो जान से हाथ धो बैठेगी।”

‘वेस्टर्न कोर्ट में बुलाया, नशीला पदार्थ खिला किया रेप’: चिराग के चचेरे भाई के खिलाफ शिकायत, प्रदेश अध्यक्ष पद से भी हटाए गए

लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) में जारी उठा-पटक के बीच एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें पार्टी के सांसद और एलजेपी नेता चिराग पासवान के चचेरे भाई प्रिंस राज पर एक युवती ने दुष्कर्म का आरोप लगाया है। इस संबंध में युवती ने मंगलवार (जून 15, 2021) को तीन पन्नों में विस्तार से आपबीती सुनाते हुए दिल्ली के कनॉट प्लेस पुलिस स्टेशन में अपनी शिकायत दर्ज करवाई है।

युवती ने आरोप लगाया है कि मार्च 2020 में सांसद प्रिंस राज ने पहली बार उसे वेस्टर्न कोर्ट में बुलाया और वहाँ नशीला पदार्थ पिलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। युवती ने कहा है कि वह खुदकुशी करने की भी कोशिश कर चुकी है।

इस आरोप के बाद चिराग पासवान ने मंगलवार को पार्टी से संबंधित जो चिट्ठी जारी की थी, उसमें उन्होंने इस घटना का जिक्र किया था। चिट्ठी में उन्होंने कहा था कि प्रिंस को ब्लैकमेल किया जा रहा है।

उधर आरोप लगाने वाली युवती के खिलाफ सांसद की ओर से पहले से ही संसद मार्ग थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। युवती के खिलाफ ब्लैकमेल करने का केस दर्ज कराया गया है।

वहीं, दुष्कर्म वाले मामले में अभी एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। पुलिस का कहना है कि मामले की पूरी बारीकी से जाँच की जा रही है। दरअसल युवती के खिलाफ भी ब्लैकमेल करने का मामला दर्ज है। इसलिए, सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जाँच आगे बढ़ाई जा रही है।

दरअसल, लोक जनशक्ति पार्टी के सांसद से जुड़ा यह मसला तब सामने आया है, जब पार्टी पर कब्जे को लेकर जोर-आजमाइश चल रही है। पार्टी के प्रमुख रामविलास पासवान के निधन के बाद बेटे चिराग पासवान और भाई पशुपतिनाथ पारस के बीच वर्चस्व की लड़ाई चल रही है। 

सांसद प्रिंस पासवान दिवंगत रामविलास पासवान के भाई दिवंगत रामचंद्र पासवान के बेटे हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में रामचंद्र पासवान ने समस्तीपुर से चुनाव जीता था, लेकिन उनके असामयिक निधन के बाद उनके बेटे ने यह चुनाव लड़ा था। प्रिंस पासवान लोजपा के उन 5 सांसदों में शामिल हैं, जिन्होंने चिराग पासवान से बगावत कर के चाचा पशुपति कुमार पारस के खेमे का रुख किया है।

कहा जाता है कि लोकसभा चुनाव के दौरान पीड़ित युवती पार्टी से जुड़ी थी।  चुनाव के दौरान प्रिंस राज की पीड़ित युवती से परिचय हुआ था। इसके बाद दोनों में जान-पहचान हुई थी। फिर चुनाव के बाद युवती दिल्ली आकर रहने लगी थी। इधर चिराग पासवान ने लोजपा के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में प्रिंस राज को हटा कर राजू तिवारी को नियुक्त किया है। उनका दावा है कि वो अब भी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं।

‘गाजियाबाद वाली घटना को इंटरनेशनल मीडिया में फैला दो’: ‘जय श्री राम’ वाले झूठ के प्रचार में लगी AAP की सोशल मीडिया टीम

गाजियाबाद में अब्दुल समद नामक एक बुजुर्ग की पिटाई और उसकी दाढ़ी काट लेने के मामले में जबरन ‘जय श्री राम’ जोड़ कर इसे सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की गई, जबकि आरोपितों में मुस्लिम भी शामिल थे। आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं ने भी इसे बढ़ा-चढ़ा कर पेश किया था। AAP की सोशल मीडिया टीम भी इस घटना को लेकर झूठ फैला रही है। टीम के एक सदस्य कपिल के ट्वीट से तो ऐसा ही लगता है।

दरअसल, पीड़ित अब्दुल समद की पिटाई वाले वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने वालों में फैक्ट-चेक का दावा करने वाले प्रोपेगंडा पोर्टल AltNews के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर का भी हाथ था। उसने इस वीडियो को पोस्ट कर के ‘जबरन जय श्री राम बुलवाने’ वाला झूठा नैरेटिव फैलाया। उसने दावा किया कि 5 गुंडों ने बन्दूक की नोंक पर डरा कर और धमकी देकर बुजुर्ग से ‘जय श्री राम’ कहलवाया।

AAP सोशल मीडिया टीम के कपिल ने इस वीडियो को कोट करते हुए सलाह दी कि अंतरराष्ट्रीय न्यूज़ एजेंसियों, राजनेताओं और एक्टिविस्ट्स को ज्यादा से ज्यादा टैग किया जाए, ताकि उन्हें बताया जा सके कि भारत में सत्ताधारी पार्टी के इशारे पर क्या हो रहा है। ये कॉन्ग्रेस के टूलकिट के भी अनुरूप है, जिसमें इंटरनेशनल मीडिया के जरिए देश और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बदनाम करने का खाका पेश किया गया था।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सूचना सलाहकार शलभ मणि त्रिपाठी ने इस ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, अरविंद केजरीवाल की टीम अपने एजेंटों से एक झूठी खबर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैलाने की अपील कर रही है, ये कहते हुए कि दुनिया भर में छवि खराब करने के लिए अफवाह फैलाओ कि भारत में कितनी बुरे हालात हैं। ऐसे में गद्दार बोलो तो बुरा मान जाते हैं। ये ग़द्दारी है या नहीं केजरीवाल जी?

जबकि यूपी पुलिस की जाँच में ये घटना ताबीज के झगड़े के कारण होने की बात पता चली। खुलासा हुआ है कि सद्दाम के जीजा इंतज़ार ने अब्दुल समद को परवेश गुज्जर से मिलवाया था। इंतजार, अब्दुल समद का एजेंट के रूप में काम करता था। अपने बयान में सद्दाम ने बताया है कि अब्दुल समद के ताबीज़ से उसके बेटे पर भी बुरा असर हुआ था। उसके बेटे की भी तबीयत खराब हुई थी। अब्दुल समद तीन बार परवेश गुज्जर से मिल चुका था।

अपनी शिकायत में अब्दुल समद ने बताया था कि उसे ऑटो से अज्ञात लोग पकड़ कर ले गए थे, जिसके बाद मारपीट की गई थी। परवेश ने आदिल को बुलाया, फिर इंतजार को। इसके बाद वहाँ दस-बारह लड़के पहुँच गए थे। इनमें से कल्लू नाम के आरोपित ने बुजुर्ग की दाढ़ी काटी थी। सद्दाम ने बताया कि उस वक़्त वो भी वहाँ मौजूद था। पुलिस अब तक इस मामले में कुल 5 आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी हैं।

स्वरा, आरफा और ट्विटर इंडिया MD के खिलाफ शिकायत दर्ज: ‘जय श्रीराम’ फेक वीडियो मामला, दिल्ली पुलिस करेगी जाँच

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक बुजुर्ग के साथ हुई मारपीट की घटना को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश के मामले में फिल्म अभिनेत्री स्वरा भास्कर, ट्विटर इंडिया के प्रमुख मनीष माहेश्वरी और द वायर की ऐंकर आरफा खानम शेरवानी एवं आसिफ खान के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है।

ये शिकायत दिल्ली के तिलक मार्ग थाने में एडवोकेट अमित आचार्य ने कराई है। आरोप है कि गाजियाबाद में हुई बुजुर्ग के साथ पिटाई के मामले में इन सभी ने भड़काऊ ट्वीट कर माहौल को बिगाड़ने की कोशिश की थी। हालाँकि, मामले में अभी एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।

नई दिल्ली के डीसीपी दीपक यादव ने कहा, “हमें स्वरा भास्कर, ट्विटर इंडिया के एमडी मनीष माहेश्वरी और अन्य के खिलाफ तिलक मार्ग थाने में शिकायत मिली है। इसकी जाँच की जा रही है।”

दरअसल, ट्विटर और इन लोगों ने उस विवादित वीडियो को प्रसारित किया था, जिसमें एक मुस्लिम बुजुर्ग कहता है कि उसे पीटा गया और “जय श्रीराम” का नारा लगाने के लिए कहा गया।

गौरतलब है कि पिछले दिनों गाजियाबाद जिले के लोनी इलाके में एक बुजुर्ग की पिटाई करने और उसकी दाढ़ी काटने का मामला समाने आया था। एक ऑटो चालक व अन्य युवकों ने इस घटना को अंजाम दिया था। हालाँकि, पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया है।

इसी मामले में गाजियाबाद के एसएसपी अमित पाठक के आदेश पर लोनी बॉर्डर थाने में ट्विटर की दो कंपनियों, मीडिया संस्थान द वॉयर, मोहम्मद जुबैर, राना अय्यूब, मसकूर उस्मानी, कॉन्ग्रेस नेता समा मोहम्मद, सलमान निजामी और शबा नकवी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

एफआईआर में कहा गया है, “इन लोगों ने मामले की सच्चाई को सत्यापित नहीं किया और सार्वजनिक शांति को बाधित करने और धार्मिक समूहों के बीच विभाजन पैदा करने के इरादे से इसे ऑनलाइन साझा किया।” पुलिस और खुफिया एजेंसियों की जाँच में यह बात सामने आई है कि देश में सांप्रदायिक सौहार्द्र बिगाड़ने के लिए सुनियोजित तरीके से वीडियो को वायरल किया गया।

इसी मामले में गाजियाबाद के विधायक नंद किशोर गुर्जर ने कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी और एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी और अभिनेत्री स्वरा भास्कर आदि के खिलाफ जिले में पुलिस को तहरीर दी है। आरोप है कि इनके द्वारा बुजुर्ग की पिटाई और दाढ़ी काटने का वीडियो शेयर कर सांप्रदायिक रूप देने की कोशिश की गई।

गुर्जर का कहना है कि इसे हिंदू-मुस्लिम से जोड़कर माहौल खराब करने का प्रयास किया गया, जबकि बुजुर्ग की पिटाई के मामले में मुस्लिम भी शामिल हैं। उन्होंने सभी के खिलाफ रासुका के तहत केस दर्ज करने की माँग की है।

‘सुभाष घई ने कहा – चोली में कुछ भरो’: नीना गुप्ता ने बताई अपनी प्रेग्नेंसी और समलैंगिक से शादी की कहानी, छोड़ गए थे विवियन रिचर्ड्स

फिल्म अभिनेत्री नीना गुप्ता बॉलीवुड से लगभग गुम हो चुकी थीं, लेकिन 2017 में एक इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए उन्होंने काम माँगा और उन्हें 5 फ़िल्में मिलीं। उन्होंने सारे रोल स्वीकार कर लिए और उसके बाद न सिर्फ कई अवॉर्ड बटोरे, बल्कि मध्यम उम्र की महिला की चुनौतीपूर्ण किरदारों के लिए वो फिल्मकरों की पहली पसंद भी बन गईं। अब उन्होंने अपनी आत्मकथा ‘सच कहूँ तो’ में अपनी शादी, रिलेशनशिप बेटी मसाबा को लेकर कई खुलासे किए हैं।

नीना गुप्ता कभी वेस्टइंडीज के बड़े क्रिकेटर विवियन रिचर्ड्स के साथ रिलेशनशिप में थीं। फैशन डिजाइनर मसाबा गुप्ता इन्हीं दोनों की बेटी हैं, लेकिन मसाबा का पालन-पोषण नीना गुप्ता ने अकेले सिंगल मदर के रूप में ही किया है। एक अविवाहित गर्भवती महिला के रूप में उन्होंने अपने संघर्ष और चुनौतियों के बारे में बताया है। विवियन रिचर्ड्स ने नीना के लिए अपनी पत्नी को छोड़ने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद वो अकेली पड़ गई थीं।

इस दौरान उनकी एक दोस्त ने उनकी शादी मुंबई के एक बैंकर से कराने का प्रयास किया था, जो समलैंगिक (Gay) था। उनके मित्र सुजॉय मित्रा ने कहा था कि सामाजिक दबाव से बचाने के लिए वो नीना से शादी करने के लिए तैयार है। उसने कहा था कि वो अपनी बेटी को उसका बता सकती हैं, लेकिन वो उनकी बेटी के जीवन का हिस्सा नहीं बनेगा। नीना ने कहा कि इस ऑफर पर वो हँस दी, क्योंकि वो सिर्फ विवाद से बचने के लिए ये सब नहीं करना चाहती थीं।

उन्होंने लिखा है कि उन्हें पता था कि सार्वजनिक हस्ती होने के कारण लोग उनके बच्चे और उन्हें लेकर अटकलें लगाएँगे और उन्हें कुछ कठिन सवालों के जवाब देने होंगे, लेकिन फैसला लिया कि वो इस समय को भी काट लेंगी। इसी दौरान फ़िल्मकार और अभिनेता सतीश कौशिक ने भी उन्हें शादी का ऑफर दिया था। उन्होंने कहा था कि बच्चा अगर काला होता है तो भी लोग शक नहीं करेंगे और समझेंगे कि इन्हीं दोनों का है।

हालाँकि, सतीश कौशिक को धन्यवाद कह के नीना गुप्ता ने इस ऑफर को भी ठुकरा दिया था। नीना गुप्ता और मसाबा गुप्ता हाल ही में नेटफ्लिक्स पर एक शो में साथ दिखी हैं। अपनी आत्मकथा में नीना गुप्ता ने संजय दत्त और माधुरी दीक्षित की फिल्म ‘खलनायक’ के गाने ‘चोली के पीछे क्या है’ की शूटिंग के दौरान हुए अनुभव को भी साझा किया। उन्होंने लिखा है कि गाने से पहले निर्देशक सुभाष घई ने कहा था ‘कुछ भरो’, जिसके बाद उन्हें ‘हैविली पैडेड ब्रा’ पहनने पड़े थे।

इस गाने में उनके हिस्से का गण इला अरुण और माधुरी दीक्षित के हिस्से का अलका याग्निक ने गया था। इला अरुण और नीना गुप्ता पहले से ही दोस्त थे। नीना ने लिखा है, “मुझे एक गुजरती जनजातीय ड्रेस पहना कर सुभाष घई के पास अप्रूवल के लिए भेजा गया। उन्होंने कहा नहीं, नहीं, नहीं कुछ भरो!’ मैं परेशान हो गईं क्योंकि मुझे लगा कि वो कह रहे हैं कि मेरी चोली खाली है और इसमें कुछ भरो।”

नीना गुप्ता ने अपनी आत्मकथा पुस्तक को लेकर की बात

बकौल नीना गुप्ता, उन्हें पता था कि इसमें कुछ व्यक्तिगत नहीं है और उनका इशारा मेरी चोली की तरफ था। अगले दिन नीना गुप्ता को भारी पैड वाले ब्रा के साथ एक ड्रेस पहना कर शूटिंग के लिए तैयार किया गया, जिसके बाद सुभाष घई संतुष्ट हुए। उन्होंने लिखा है कि सुभाष घई जो चीज भी चाहते थे उसे लेकर सजग रहते थे, इसीलिए वो एक अच्छे फिल्म निर्देशक थे। नीना गुप्ता ने अपनी पहली शादी को लेकर भी खुलासे किए हैं।

असल में युवा उम्र में ही जब वो संस्कृत से मास्टर्स कर रही थीं, तब IIT के एक छात्र अमलन कुसुम घोष से उनकी मुलाकात हुई। उनके परिवार को भी दोनों की नजदीकियों के बारे पता चल गया। नीना ने घोष से शादी कर ली। इसके 1 साल बाद दोनों अलग हो गए। नीना गुप्ता का कहना है कि घोष को लेकर उनके मन में कोई नकारात्मक भाव नहीं है, क्योकि दोनों में लड़ाई नहीं होती थी। एक अन्य व्यक्ति से भी उनकी शादी ठीक हुई थी, लेकिन उसे अंतिम क्षण पर मना कर दिया था।

सेक्स सिर्फ बच्चों के लिए: चर्च की इस डिमांड को लोग करते थे अनसुना, फोरप्ले और डिल्डो हो गए थे लोकप्रिय

मानवता के इतिहास पर नजर डाली जाए तो पता चलता है कि सेक्स कोई नई बात नहीं थी। दुनिया भर के समाजों में रोमांस लंबे समय से रुचि का विषय रहा है। लेकिन, डॉ एलेनोर जेनेगा ने खुलासा किया है कि मध्य युग में ईसाई लोग केवल बच्चे पैदा करने के लिए सेक्स करने की चर्च की सलाह नहीं मानते थे।

डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, इसी महीने की शुरुआत में प्रकाशित हुई किताब ‘द मिडिल एज: ए ग्राफिक हिस्ट्री’ के लेखकर और विशेषज्ञ ने मध्य काल के इतिहास के बारे में इतिहासकार डॉ कैट जरमन से बात की। इस दौरान डॉ जनेगा ने कहा कि मध्य काल में आम लोग बच्चे पैदा करने की बजाय फोर प्ले को ज्यादा बेहतर मानते थे।

क्या चाहता था चर्च

डॉ जेनेगा ने डॉ जरमन से बातचीत के दौरान बताया कि मध्य युग में होने वाले सेक्स के बारे में वो सोचते हैं तो पाते हैं कि यह चर्च का इतिहास रहा है कि वो लोगों को केवल बच्चे पैदा करने के लिए सेक्स करने को कहता था। हालाँकि लेखक ने कहा कि मध्य काल के लोग रोमांस करने को लेकर दिलचस्पी रखते थे, न कि बच्चे पैदा करने को लेकर।

इसके अलावा चर्च का कहना था रविवार को संभोग से बचा जाना चाहिए, क्योंकि यह ईसा मसीह का दिन था। साथ ही मध्य युग में चर्च ने गुरुवार और शुक्रवार के दिन को सेक्स के लिए बैन कर रखा था क्योंकि इस दिन को रविवार के दिन का पवित्र भोज लेने की तैयारी वाला दिन माना जाता था।

लेखिका ने कहा, “वर्तमान में सेक्स को लेकर चर्च के नजरिए को छुपा दिया गया है। जबकि वो खास कर मध्य युग में इसे केवल ‘योनि में लिंग’ वाली क्रिया मानते थे। जबकि हकीकत यह थी कि मध्ययुगीन लोग रोमांस में रुचि रखते थे, जिसे हम फोरप्ले कहते हैं।”

डॉ जनेगा ने कहा कि मध्य काल में चर्च यह मानता था कि पुरुष और महिला दोनों को ही बच्चे पैदा करने के लिए संभोग सुख की जरूरत होती है। इसके अलावा उन्हें और अधिक मजे नहीं लेने चाहिए। जेनेगा ने आगे कहा कि एक प्रभावशाली ईसाई विचारक थॉमस एक्विनास ने तो ‘कामुक चुंबन’ तक के खिलाफ आवाज उठाई थी। उन्होंने अपना मत रखते हुए कहा था कि लोगों को सेक्स के बारे में बहुत अधिक नहीं सोचना चाहिए, इसे सिर्फ वैसे करना चाहिए, जिससे बच्चे पैदा हो सकें।

मध्यकाल में काफी लोकप्रिय थे सेक्स टॉय

डॉ जनेगा ने खुलासा किया है कि मध्य युग में ईसाई लोगों के बीच सेक्स टॉय काफी लोकप्रिय थे। उन्होंने कहा कि मध्य युग में लोग समलैंगिक विचार के कारण सेक्स टॉय को नहीं देखते थे बल्कि उनके लिए वो चीज ऐसी थी, जो किसी को प्रेग्नेंट नहीं कर सकती थी।

सद्दाम ने कबूली अब्दुल से ताबीज लेने की बात, बुजुर्ग के पास से जादू-टोने की चीजें भी बरामद: सपा नेता उम्मेद पहलवान फरार

गाजियाबाद में अब्दुल समद नाम के बुजुर्ग की पिटाई और उसकी दाढ़ी काट लेने के मामले में लोनी थाने की पुलिस ने इंतजार और सद्दाम नाम के दो युवकों को गिरफ्तार किया है। सद्दाम और इंतजार से पूछताछ जारी है। सद्दाम भी घटना वाले दिन मौके पर मौजूद था। सद्दाम ही वो व्यक्ति है, जो पीड़ित अब्दुल समद को स्कूटी पर लेकर बंथला गाँव स्थित परवेश गुज्जर के घर पहुँचा था। सद्दाम के बयान से साफ है कि अब्दुल समद ताबीज बेचने का काम करता था।

ये भी खुलासा हुआ है कि सद्दाम के जीजा इंतज़ार ने अब्दुल समद को परवेश गुज्जर से मिलवाया था। इंतजार, अब्दुल समद का एजेंट के रूप में काम करता था। अपने बयान में सद्दाम ने बताया है कि अब्दुल समद के ताबीज़ से उसके बेटे पर भी बुरा असर हुआ था। उसके बेटे की भी तबीयत खराब हुई थी। अब्दुल समद तीन बार परवेश गुज्जर से मिल चुका था, जबकि अपनी शिकायत में उसने बताया था कि उसे ऑटो से अज्ञात लोग पकड़ कर ले गए थे, जिसके बाद मारपीट की गई थी।

सद्दाम ने कबूल किया कि उसने अब्दुल समद से ताबीज ली थी

परवेश ने आदिल को बुलाया, फिर इंतजार को। इसके बाद वहाँ दस-बारह लड़के पहुँच गए थे। इनमें से कल्लू नाम के आरोपित ने बुजुर्ग की दाढ़ी काटी थी। सद्दाम ने बताया कि उस वक़्त वो भी वहाँ मौजूद था। पुलिस अब तक इस मामले में कुल 5 आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी हैं। साथ ही बुजुर्ग अब्दुल समद के पास से कई जादू-टोने के सामान मिले हैं। इससे साफ़ है कि वो ताबीज़ और वशीकरण का धंधा करता था।

इधर इस पूरे मामले में ‘जय श्री राम’ को बदनाम करने की साजिश रचने वाले स्थानीय सपा नेता उम्मेद इदरिश पहलवान के खिलाफ FIR दर्ज कर के उसकी तलाश शुरू कर दी गई है। FIR के अनुसार, उसने ही सबसे पहले बुजुर्ग के साथ अनावश्यक वीडियो बनाया गया और इसे वायरल करने के लिए इसमें धार्मिक वैमनस्यता फैलाने वाली बातें कही। आरोप है कि घटना की सत्यता जाँचे बिना ही वीडियो में धार्मिक आधार पर बातें की गईं।

अब्दुल समद के पास से मिले जादू-टोने के सामान

आरोप लगाया गया है कि इस वीडियो के कारण जनता की धार्मिक भावनाएँ आहत हुई हैं। साथ ही धार्मिक विभाजन के लिए इसे वायरल किया गया, जिसका फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म्स ने भी कोई फैक्ट-चेक नहीं किया। उम्मेद पहलवान के खिलाफ IT एक्ट की धाराएँ भी लगाई गई हैं। फ़िलहाल वो फरार है। उसे फेसबुक पर लिखा है कि उसके खिलाफ ‘फर्जी मुकदमा’ दायर किया गया है, क्योंकि उसने 72 साल के बुजुर्ग की मदद की है।

सपा नेता उम्मेद पहलवान के खिलाफ FIR

उधर गाजियाबाद मामले में अब अब्दुल समद का एक वीडियो सामने आया है, जिससे पता चल रहा है कि वो ताबीज का कारोबार करता था। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सूचना सलाहकार शलभ मणि त्रिपाठी ने अब्दुल समद की पिटाई से पहले का वीडियो जारी किया है। इसमें वो कहता दिख रहा है, “इंतजार ने कह कर भेजा कि इन्हें ताबीज़ देकर मेरे वश में कर दो, इनसे मेरा काम है।” इसमें वशीकरण और ताबीज की बातें हो रही हैं।

‘इंतजार ने कह कर भेजा कि मेरे वश में कर दो’: सामने आया बुजुर्ग की पिटाई से पहले का वीडियो, सपा नेता इदरिस के खिलाफ FIR दर्ज

सोशल मीडिया पर गाजियाबाद का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें एक अब्दुल समद नाम के बुजुर्ग की कर के उसकी दाढ़ी काट रहे थे। इस वीडियो को वायरल कर के आरोप लगाया गया कि बुजुर्ग से ‘हिन्दू गुंडों ने’ ‘जय श्री राम’ बुलवाया। पुलिस की जाँच में पता चला कि ये व्यक्तिगत झगड़ा था और ताबीज को लेकर हुआ था, इसमें कुछ भी सांप्रदायिक नहीं। वहीं AIMIM के असदुद्दीन ओवैसी जैसे नेताओं ने दावा किया कि अब्दुल समद ताबीज बेचता ही नहीं था।

गाजियाबाद मामले में अब अब्दुल समद का एक वीडियो सामने आया है, जिससे पता चल रहा है कि वो ताबीज का कारोबार करता था। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सूचना सलाहकार शलभ मणि त्रिपाठी ने अब्दुल समद की पिटाई से पहले का वीडियो जारी किया है। इसमें वो कहता दिख रहा है, “इंतजार ने कह कर भेजा कि इन्हें ताबीज़ देकर मेरे वश में कर दो, इनसे मेरा काम है।” इसमें वशीकरण और ताबीज की बातें हो रही हैं।

त्रिपाठी ने कहा कि हिंदुओं और श्रीराम को बदनाम कर दंगा कराने के लिए वीडियो को एडिट कर कहानी गढ़ी गई कि ‘जय श्री राम’ न कहने पर बुजुर्ग को पीट कर उसकी दाढ़ी नोच ली गई। वीडियो में उक्त बुजुर्ग से कोई पूछताछ कर रहा होता है और अब्दुल समद जवाब दे रहा होता है। दोनों के बीच बातचीत में कुछ इस तरह से बातें की जा रही हैं:

प्रश्न: जो दोबारा आया था तू करने, किसने कराया था?
बुजुर्ग: इंतजार ने… इंतजार ने कह कर भेजा है कि ये मेरे वश में कर दो।
प्रश्न: मेरे घर के अंदर जो ताबीज-वाबीज करके गए हो, ये सब इंतजार के कहने पर किए हो?
बुजुर्ग: हाँ।
प्रश्न पूछने वाला: ये झूठ तो बोल कर गया न तू कि ये कर दो, वो कर दो… इंतजार ने यह कह कर भेजा कि सारे उसके फेवर में आ जाने चाहिए?
बुजुर्ग: हाँ, इंतजार ने ये कहा कि ये मेरे वश (वशीकरण) में। इनसे मेरा काम है।

उधर गाजियाबाद के लोनी में समाजवादी पार्टी के स्थानीय नेता पहलवान उमेद इदरिश के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। उस पर धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने और धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ करने का आरोप लगा है। उसकी तलाश शुरू कर दी गई है। सबसे पहले उमेद इदरिश ने ही आरोपित के साथ फेसबुक लाइव किया था। उस दौरान पीड़ित के मुँह से जो अनर्गल बातें उगलवाई गईं, उसके बाद ये वीडियो वायरल हो गया।

बुजुर्ग के साथ मारपीट और दाढ़ी काटने के संबंध में दर्ज पहले मामले में पुलिस ने दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक का नाम सद्दाम है और दूसरे का नाम इंतजार है। इन दोनों ने कबूल किया है कि वो मारपीट के समय मौके पर मौजूद थे। दोनों आरोपितों से पूछताछ की जा रही है। वहीं अब्दुल समद के बेटे बाबुल सैफी ने उलटा पुलिस पर ही मामले को भटाने का आरोप लगा डाला और ‘जय श्री राम’ वाला आरोप दोहराया।

बता दें कि लोनी से बीजेपी विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने बुधवार (16 जून 2021) को राहुल गाँधी, ओवैसी और स्वरा भास्कर के अलावा अन्य लोगों के खिलाफ रासुका के तहत केस दर्ज करने के संबंध में पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। गुर्जर ने इन सभी पर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का आरोप लगाया है। अपनी शिकायत में उन्होंने साजिश की ओर इशारा करते हुए लिखा कि गुर्जर ने कहा कि घटना को भगवान श्रीराम से जोड़ते हुए इसके लिए उनके भक्तों को दोषी ठहराया गया, जबकि इस मामले में मुस्लिम युवक भी शामिल थे।