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सद्दाम ने कबूली अब्दुल से ताबीज लेने की बात, बुजुर्ग के पास से जादू-टोने की चीजें भी बरामद: सपा नेता उम्मेद पहलवान फरार

गाजियाबाद में अब्दुल समद नाम के बुजुर्ग की पिटाई और उसकी दाढ़ी काट लेने के मामले में लोनी थाने की पुलिस ने इंतजार और सद्दाम नाम के दो युवकों को गिरफ्तार किया है। सद्दाम और इंतजार से पूछताछ जारी है। सद्दाम भी घटना वाले दिन मौके पर मौजूद था। सद्दाम ही वो व्यक्ति है, जो पीड़ित अब्दुल समद को स्कूटी पर लेकर बंथला गाँव स्थित परवेश गुज्जर के घर पहुँचा था। सद्दाम के बयान से साफ है कि अब्दुल समद ताबीज बेचने का काम करता था।

ये भी खुलासा हुआ है कि सद्दाम के जीजा इंतज़ार ने अब्दुल समद को परवेश गुज्जर से मिलवाया था। इंतजार, अब्दुल समद का एजेंट के रूप में काम करता था। अपने बयान में सद्दाम ने बताया है कि अब्दुल समद के ताबीज़ से उसके बेटे पर भी बुरा असर हुआ था। उसके बेटे की भी तबीयत खराब हुई थी। अब्दुल समद तीन बार परवेश गुज्जर से मिल चुका था, जबकि अपनी शिकायत में उसने बताया था कि उसे ऑटो से अज्ञात लोग पकड़ कर ले गए थे, जिसके बाद मारपीट की गई थी।

सद्दाम ने कबूल किया कि उसने अब्दुल समद से ताबीज ली थी

परवेश ने आदिल को बुलाया, फिर इंतजार को। इसके बाद वहाँ दस-बारह लड़के पहुँच गए थे। इनमें से कल्लू नाम के आरोपित ने बुजुर्ग की दाढ़ी काटी थी। सद्दाम ने बताया कि उस वक़्त वो भी वहाँ मौजूद था। पुलिस अब तक इस मामले में कुल 5 आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी हैं। साथ ही बुजुर्ग अब्दुल समद के पास से कई जादू-टोने के सामान मिले हैं। इससे साफ़ है कि वो ताबीज़ और वशीकरण का धंधा करता था।

इधर इस पूरे मामले में ‘जय श्री राम’ को बदनाम करने की साजिश रचने वाले स्थानीय सपा नेता उम्मेद इदरिश पहलवान के खिलाफ FIR दर्ज कर के उसकी तलाश शुरू कर दी गई है। FIR के अनुसार, उसने ही सबसे पहले बुजुर्ग के साथ अनावश्यक वीडियो बनाया गया और इसे वायरल करने के लिए इसमें धार्मिक वैमनस्यता फैलाने वाली बातें कही। आरोप है कि घटना की सत्यता जाँचे बिना ही वीडियो में धार्मिक आधार पर बातें की गईं।

अब्दुल समद के पास से मिले जादू-टोने के सामान

आरोप लगाया गया है कि इस वीडियो के कारण जनता की धार्मिक भावनाएँ आहत हुई हैं। साथ ही धार्मिक विभाजन के लिए इसे वायरल किया गया, जिसका फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म्स ने भी कोई फैक्ट-चेक नहीं किया। उम्मेद पहलवान के खिलाफ IT एक्ट की धाराएँ भी लगाई गई हैं। फ़िलहाल वो फरार है। उसे फेसबुक पर लिखा है कि उसके खिलाफ ‘फर्जी मुकदमा’ दायर किया गया है, क्योंकि उसने 72 साल के बुजुर्ग की मदद की है।

सपा नेता उम्मेद पहलवान के खिलाफ FIR

उधर गाजियाबाद मामले में अब अब्दुल समद का एक वीडियो सामने आया है, जिससे पता चल रहा है कि वो ताबीज का कारोबार करता था। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सूचना सलाहकार शलभ मणि त्रिपाठी ने अब्दुल समद की पिटाई से पहले का वीडियो जारी किया है। इसमें वो कहता दिख रहा है, “इंतजार ने कह कर भेजा कि इन्हें ताबीज़ देकर मेरे वश में कर दो, इनसे मेरा काम है।” इसमें वशीकरण और ताबीज की बातें हो रही हैं।

‘इंतजार ने कह कर भेजा कि मेरे वश में कर दो’: सामने आया बुजुर्ग की पिटाई से पहले का वीडियो, सपा नेता इदरिस के खिलाफ FIR दर्ज

सोशल मीडिया पर गाजियाबाद का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें एक अब्दुल समद नाम के बुजुर्ग की कर के उसकी दाढ़ी काट रहे थे। इस वीडियो को वायरल कर के आरोप लगाया गया कि बुजुर्ग से ‘हिन्दू गुंडों ने’ ‘जय श्री राम’ बुलवाया। पुलिस की जाँच में पता चला कि ये व्यक्तिगत झगड़ा था और ताबीज को लेकर हुआ था, इसमें कुछ भी सांप्रदायिक नहीं। वहीं AIMIM के असदुद्दीन ओवैसी जैसे नेताओं ने दावा किया कि अब्दुल समद ताबीज बेचता ही नहीं था।

गाजियाबाद मामले में अब अब्दुल समद का एक वीडियो सामने आया है, जिससे पता चल रहा है कि वो ताबीज का कारोबार करता था। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सूचना सलाहकार शलभ मणि त्रिपाठी ने अब्दुल समद की पिटाई से पहले का वीडियो जारी किया है। इसमें वो कहता दिख रहा है, “इंतजार ने कह कर भेजा कि इन्हें ताबीज़ देकर मेरे वश में कर दो, इनसे मेरा काम है।” इसमें वशीकरण और ताबीज की बातें हो रही हैं।

त्रिपाठी ने कहा कि हिंदुओं और श्रीराम को बदनाम कर दंगा कराने के लिए वीडियो को एडिट कर कहानी गढ़ी गई कि ‘जय श्री राम’ न कहने पर बुजुर्ग को पीट कर उसकी दाढ़ी नोच ली गई। वीडियो में उक्त बुजुर्ग से कोई पूछताछ कर रहा होता है और अब्दुल समद जवाब दे रहा होता है। दोनों के बीच बातचीत में कुछ इस तरह से बातें की जा रही हैं:

प्रश्न: जो दोबारा आया था तू करने, किसने कराया था?
बुजुर्ग: इंतजार ने… इंतजार ने कह कर भेजा है कि ये मेरे वश में कर दो।
प्रश्न: मेरे घर के अंदर जो ताबीज-वाबीज करके गए हो, ये सब इंतजार के कहने पर किए हो?
बुजुर्ग: हाँ।
प्रश्न पूछने वाला: ये झूठ तो बोल कर गया न तू कि ये कर दो, वो कर दो… इंतजार ने यह कह कर भेजा कि सारे उसके फेवर में आ जाने चाहिए?
बुजुर्ग: हाँ, इंतजार ने ये कहा कि ये मेरे वश (वशीकरण) में। इनसे मेरा काम है।

उधर गाजियाबाद के लोनी में समाजवादी पार्टी के स्थानीय नेता पहलवान उमेद इदरिश के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। उस पर धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने और धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ करने का आरोप लगा है। उसकी तलाश शुरू कर दी गई है। सबसे पहले उमेद इदरिश ने ही आरोपित के साथ फेसबुक लाइव किया था। उस दौरान पीड़ित के मुँह से जो अनर्गल बातें उगलवाई गईं, उसके बाद ये वीडियो वायरल हो गया।

बुजुर्ग के साथ मारपीट और दाढ़ी काटने के संबंध में दर्ज पहले मामले में पुलिस ने दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक का नाम सद्दाम है और दूसरे का नाम इंतजार है। इन दोनों ने कबूल किया है कि वो मारपीट के समय मौके पर मौजूद थे। दोनों आरोपितों से पूछताछ की जा रही है। वहीं अब्दुल समद के बेटे बाबुल सैफी ने उलटा पुलिस पर ही मामले को भटाने का आरोप लगा डाला और ‘जय श्री राम’ वाला आरोप दोहराया।

बता दें कि लोनी से बीजेपी विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने बुधवार (16 जून 2021) को राहुल गाँधी, ओवैसी और स्वरा भास्कर के अलावा अन्य लोगों के खिलाफ रासुका के तहत केस दर्ज करने के संबंध में पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। गुर्जर ने इन सभी पर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का आरोप लगाया है। अपनी शिकायत में उन्होंने साजिश की ओर इशारा करते हुए लिखा कि गुर्जर ने कहा कि घटना को भगवान श्रीराम से जोड़ते हुए इसके लिए उनके भक्तों को दोषी ठहराया गया, जबकि इस मामले में मुस्लिम युवक भी शामिल थे।

‘भारत से ज्यादा सुखी पाकिस्तान’: विदेशी लड़की ने किया ध्रुव राठी का फैक्ट-चेक, मिल रही गाली और धमकी, परिवार भी प्रताड़ित

ध्रुव राठी के वीडियो की पोल खोलने पर उनके समर्थकों ने एक विदेशी लड़की को इतनी धमकियाँ दी कि उसने कहा है कि वो कभी भी इस दर्द भरे अनुभव को भूल नहीं पाएगी। कैरोलिना गोस्वामी नामक यूट्यूबर ने वीडियो बना कर ध्रुव राठी से कहा है कि वो स्थिति को और बदतर होने से रोकें। कैरोलिना ने कहा कि उन्हें गालियाँ देने वाले ध्रुव राठी के अधिकतर समर्थक कट्टरपंथी और अंधभक्त बना दिए गए लगते हैं।

ध्रुव राठी ने ‘वर्ल्ड हैप्पीनेस इंडेक्स 2021’ पर वीडियो बनाया था और दावा किया था कि पाकिस्तान के लोग भारत से ज्यादा सुखी हैं। कैरोलिना गोस्वामी ने इस दौरान ध्रुव राठी द्वारा उनके वीडियो में अपनाए गए फॉर्मूले और तरीके पर सवाल उठाते हुए उका फैक्ट-चेक किया था। इसीलिए, कैरोलिना ने ध्रुव राठी से कहा है कि वो एक ‘थैंक्यू वीडियो’ बना कर अपनी गलतियाँ स्वीकार करें और अपने वीडियो के फैक्ट-चेक का सम्मान करें।

साथ ही उन्होंने कहा कि ध्रुव राठी अपने वीडियो को अपने चैनल से डालें, ताकि जिन लोगों को उन्होंने गुमराह किया है उन्हें सच्चाई का पता चले। कैरोलिना गोस्वामी ने फॉलोवर्स को गुमराह करने के लिए माफ़ी माँगने को भी कहा। कैरोलिना गोस्वामी ने अपने दो वीडियो भी शेयर किए और ध्रुव राठी को देखने को कहा, ताकि वो अपने वीडियो की गलतियों को सुधार सकें। बता दें कि कैरोलिना और उनके परिवार को ध्रुव राठी के समर्थकों से लगातार धमकियाँ मिल रही हैं।

कैरोलिना गोस्वामी ने कहा कि उनकी गलती सिर्फ इतनी थी कि उन्होंने भ्रामक तथ्यों का खुलासा किया और गलत सूचनाओं के बारे में लोगों को बताया। उन्होंने बताया कि कुछ गालियाँ तो ऐसी हैं, जिन्हें दिखाया भी नहीं जा सकता। कैरोलिना गोस्वामी को भाजपा का एजेंट बताया गया, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से रुपए मिलने के आरोप लगाए गए और उनके समर्थकों को मूर्ख बताया गया। कैरोलिना ने कहा कि उनके व उनके परिवार ने शारीरिक और आर्थिक त्याग कर के भारत के लिए कितना कुछ किया है, इस बारे में कइयों को अंदाज़ा भी नहीं है।

कैरोलिना गोस्वामी ने बताया क्यों उनके पीछे पड़े हैं ध्रुव राठी के समर्थक

उन्होंने कहा कि अभी जो हो रहा है, वो डराने वाला है क्योंकि इससे पहले उन्होंने ऑनलाइन इस तरह की प्रताड़ना कभी नहीं झेली। उन्होंने पूछा कि ये भारतीय ऑडिएंस इतनी असहिष्णु क्या है? क्या झूठ का फैक्ट-चेक करना अपराध है? कैरोलिना गोस्वामी ने अपने वीडियो में ध्रुव राठी के वीडियो में 7 गलतियाँ निकाली थीं, लेकिन उन्होंने कहा है कि इसमें और भी कई मिस्टेक्स हैं। साथ ही कहा कि कुछ लोग ‘हैप्पीनेस’ को GDP से भी बढ़ा-चढ़ा कर पेश कर रहे हैं।

कैरोलिना गोस्वामी ने अपने यूट्यूब चैनल पर जानकारी दी है कि उन्होंने कुछ वर्षों पहले एक अच्छा करियर छोड़ कर सोशल मीडिया चैनल शुरू किया, क्योंकि वो भारत की मुख्यधारा की मीडिया द्वारा बनाई गई रूढ़िवादिता को तोडना चाहती थीं। वो दुनिया को ऐसा भारत दिखाना चाहती थीं, जो उन्होंने अब तक नहीं समझा है। कैरोलिना गोस्वामी ने ‘राजनीतिक रूप से प्रेरित चैनल्स’ के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है।

पल्लवी घोष ने गलती से तो नहीं खोल दी राहुल गाँधी की पोल? लोगों ने कहा- ‘तो इसलिए की थी बंगाल रैली रद्द’

न्यूज 18 की पत्रकार पल्लवी घोष ने बुधवार (जून 16, 2021) को खुलासा किया कि कॉन्ग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गाँधी को कोविड की दोनों वैक्सीन लग गई हैं जबकि राहुल गाँधी को पहली डोज 16 अप्रैल 2021 को लेनी थी लेकिन कोविड होने के कारण वह उसे नहीं ले पाए थे।

इस ट्वीट में पल्लवी घोष ने सोनिया गाँधी को लेकर जानकारी सूत्रों के हवाले से दी। लेकिन राहुल से जुड़ी जानकारी मिलने पर सोशल मीडिया यूजर्स ने सवालों की झड़ी लगा दी।

ट्विटर यूजर्स ने तुरंत इस बात को नोटिस किया कि 16 अप्रैल को जब राहुल गाँधी कोविड पॉजिटिव पाए गए थे तो आखिर राहुल ने 18 अप्रैल को पश्चिम बंगाल में रैली कैंसिल के पीछे कोविड स्थिति का हवाला क्यों दिया?

दरसअल, पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के दौरान राज्य में होने वाली चुनावी रैली के मद्देनजर राहुल गाँधी ने 18 अप्रैल को ट्वीट किया था। इसमें उन्होंने लिखा था कि वो कोरोना स्थिति के मद्देनजर पश्चिम बंगाल में अपनी सभी रैलियाँ कैंसिल कर रहे हैं।

इसके बाद राहुल ने अपने ट्वीट में खुद को बेहद संवेदनशील और जिम्मेदार राजनेता के तौर पर दर्शाते हुए अन्य नेताओं से ये अपील भी की थी कि वह पब्लिक रैली में इकट्ठा लोगों से उपजे हालातों के बारे में सोचें।

इस ट्वीट के बाद सोशल मीडिया पर राहुल गाँधी को ऐसा दर्शाया गया जैसे इस कोविड हालातों को समझने वाले वही मात्र एक नेता हैं। दो दिन तक यही चला। 20 अप्रैल को कहीं जाकर राहुल गाँधी ने घोषणा की कि वह कोविड पॉजिटिव पाए गए हैं।

20 अप्रैल के राहुल के ट्वीट में लिखा था, “कोविड के हल्के लक्षण अनुभव करने के बाद, मैं अभी कोविड पॉजिटिव निकला हूँ। जितने भी लोग मेरे संपर्क में आए, सेफ्टी प्रोटोकॉल्स को फॉलो करें और सुरक्षित रहें।”

अब यदि पल्लवी घोष की बात सही है और उनके कहे अनुसार देखा जाए तो मालूम होता है कि राहुल गाँधी पहले ही कोविड पॉजिटिव पाए जा चुके थे और उन्होंने अपनी रैलियाँ भी इसी चक्कर में रद्द की थी न कि कोई जन कल्याण सोचकर।

बता दें कि अभी यह बात क्लियर नहीं है कि राहुल गाँधी ने कोविड वैक्सीन लिया या नहीं। लेकिन घोष के इस ट्वीट के बाद जहाँ यूजर्स उन्हें सोनिया गाँधी को लेकर इतनी महत्तवपूर्ण जानकारी देने के लिए तंज भरे अंदाज में आभार दे रहे हैं। वहीं राहुल गाँधी को लेकर बताया जा रहा है कि कैसे उन्होंने बेवजह वाह-वाही लूट ली।

नवजात ‘गंगा’ का ​योगी सरकार करेगी पालन-पोषण, बचाने वाले नाविक को भी सरकारी आवास समेत देंगे सभी सुविधाएँ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार (16 जून 2021) को ट्वीट कर गाजीपुर में बालिका ‘गंगा’ को बचाने वाले नाविक की सराहना की। मुख्यमंत्री योगी ने कहा, ”गाजीपुर में माँ गंगा की लहरों पर तैरते संदूक में रखी नवजात बालिका ‘गंगा’ के जीवन की रक्षा करने वाले नाविक ने मानवता का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया है। नाविक को आभार स्वरूप सभी पात्र सरकारी योजनाओं से लाभान्वित किया जाएगा।”

उन्होंने कहा कि यूपी सरकार नवजात बच्ची के लालन-पालन का संपूर्ण प्रबंध करेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नवजात बच्ची का चिल्ड्रन होम में रख कर पालन-पोषण करने का आदेश दिया है। उन्होंने जिलाधिकारी गाजीपुर को आदेश दिया कि नवजात बच्ची को चिल्ड्रेन होम में रखा जाए और सरकारी खर्चे पर उसका पालन पोषण हो। साथ ही जिस नाविक ने उस बच्ची की जान बचाई थी उसे भी सरकारी आवास समेत सभी सुविधाएँ मुहैया कराई जाए।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में मंगलवार (15 जून 2021) को गंगा में तैरता हुआ एक लकड़ी का बॉक्स दिखाई दिया। नदी किनारे रह रहे एक नाविक ने जब बॉक्स खोलकर देखा, तो उसमें एक नवजात बच्ची मिली। बॉक्स में माँ दुर्गा की फोटो के साथ कई देवी-देवताओं के फोटो लगे थे। इसमें बच्ची की जन्म कुंडली भी मिली है। बच्ची को पुलिस आशा ज्योति केंद्र ले गई है। बच्ची पूरी तरह स्वस्थ बताई जा रही है।

मामला सदर कोतवाली क्षेत्र के ददरी घाट बताया जा रहा है। यहाँ रहने वाले गुल्लू मल्लाह ने गंगा में तैरता बॉक्स निकाला तो उसमें चुनरी से लिपटी एक बच्ची मिली। उसने बच्ची को सीने से लगाया और अपने घर ले गया। गुल्लू गंगा माँ की पूजा करने आई महिलाओं को भी सहयोग करता है।

उन्होंने पुलिस को बताया कि मंगलवार शाम उन्हें नदी के किनारे लकड़ी का बॉक्स मिला। उसमें से रोने की आवाज आ रही थी। मल्लाह को देख घाट पर मौजूद कुछ और लोग भी आ गए। लोगों ने बॉक्स खोला तो दंग रह गए। इसमें बच्ची चुनरी में लिपटी हुई रो रही थी। बॉक्स में माँ दुर्गा की फोटो के साथ एक पत्र भी लिखा हुआ था। पत्र में लिखा था माँ गंगा आपको कन्यादान कर रही हूँ। पत्र में ऊपर ‘ओम’ और नीचे ‘जय दुर्गा माँ’ लिखा हुआ था। नीचे बच्ची का नाम गंगा और जन्मदिन 21 मई 2021 लिखा हुआ था। साथ ही उसकी रा​शि, नक्षत्र, राशि का नाम व मन्नत का जिक्र किया हुआ ​था।

जागरण में प्रकाशित खबर

बच्ची भूख की वजह से जोर-जोर से रो रही थी। ऐसे में गुल्लू उसे अपने घर ले आया। उनके छोटे भाई की पत्नी ने उसे अपना दूध पिलाया तो बच्ची चुप हो गई। एक बेटी और दो बेटों के पिता गुल्लू बच्ची को माँ गंगा के आर्शीवाद के रूप में अपनाना चाहते हैं, लेकिन पुलिस ने बच्ची को अपने संरक्षण में ले लिया है। फिलहाल, पुलिस बच्ची की मेडिकल जाँच कराकर उसके परिजनों की तलाश कर रही है। चर्चा है कि ऐसा किसी अंधविश्वास या तांत्रिक अनुष्ठान को पूरा करने के लिए किया गया है।

‘रामभक्त’ संजय सिंह ने राम मंदिर मामले पर दी धमकी, कहा- मैंने 3 दिन इंतजार किया अब कोर्ट जाऊँगा

राम मंदिर निर्माण में जमीन के कथित घोटाले को लेकर आम आदमी पार्टी नेता संजय सिंह आजाद अब कोर्ट जाने की धमकी दे रहे हैं। बुधवार को उन्होंने ट्वीट करके कहा कि उन्होंने जब से भूमि घोटाले का खुलासा किया है तभी से वह इंतजार कर रहे थे कि भाजपा एक्शन ले। लेकिन 3 दिन बीतने के बाद अब वह कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं।

संजय सिंह कहते हैं, “मैंने अयोध्या राम मंदिर निर्माण के संबंध में घोटाले का खुलासा किया। इसके बाद केंद्र सरकार और भाजपा के कार्रवाई करने के लिए 3 दिनों तक इंतजार किया, लेकिन अब मैं समझ गया हूँ कि बीजेपी की आस्था प्रॉपर्टी डीलरों/भ्रष्टाचारियों में हैं, भगवान राम में नहीं। मैं इस मामले को अदालत में ले जाने की तैयारी कर रहा हूँ।”

इसके अलावा बुधवार को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में संजय सिंह ने दावा किया कि इस एग्रीमेंट का जिक्र ये लोग बार-बार करते हैं, दरअसल वह एग्रीमेंट 18 मार्च 2021 को कैंसिल हो चुका है और भाजपा बस चंदा चोरों को बचाने में लगी है। प्रभु श्री राम के भव्य मंदिर निर्माण में अगर कोई बाधा डाल रहा है तो ये चंदा चोर। 

संजय सिंह ने कहा, “बीजेपी को पूरी दुनिया में रहने वाले हिंदुओं से हाथ जोड़कर माफी माँगनी चाहिए। रवि मोहन तिवारी और सुल्तान अंसारी के अकाउंट की जाँच की जाए। ये पैसा कहाँ-कहाँ गया, उसकी जाँच की जाए। बीजेपी का एक प्रवक्ता संबित पात्रा चंदा चोरी करने वाले के पक्ष में खड़ा हो जाएगा।”

गौरतलब है कि AAP नेता संजय सिंह द्वारा श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से संबंधित एक भूमि सौदे में भ्रष्टाचार का आरोप लगाने के बाद ट्रस्ट ने पूरे मामले पर अपना स्पष्टीकरण जारी किया था।

जैसा कि आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह का आरोप है कि ट्रस्ट ने 2 करोड़ की जमीन 18.5 करोड़ में खरीदी थी। उनका दावा है कि दोनों लेन-देन 5 मिनट के भीतर किए गए थे और राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के इशारे पर हुए थे।

वहीं राम जन्मभूमि ट्रस्ट ने स्पष्टीकरण जारी कर अपने ऊपर लगाए जा रहे निराधार आरोपों को खारिज किया। ट्रस्ट ने अपने ट्विटर हैंडल के माध्यम से भूमि सौदे का विवरण साझा किया।

ट्रस्ट ने सूचित किया कि यह भूमि एक सड़क से सटी हुई है, जिसे भविष्य में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के पास आने वाले 4-लेन के रास्ते में बनाया जाएगा, जिससे यह एक प्रमुख भूमि बन जाएगी। 1.2080 हेक्टेयर जमीन 1423 रुपए प्रति वर्ग फुट की दर से खरीदी गई है, ट्रस्ट का कहना है कि जो बाजार के भाव से काफी कम है।

बता दें कि संजय सिंह द्वारा अदालत में जाने की धमकी दिए जाने के बाद सोशल मीडिया पर अलग अलग रिएक्शन आ रहे हैं। लोगों ने संजय सिंह से पूछा है, “ये बताओ तुमने या तुम्हारी पार्टी ने राम मंदिर निर्माण के लिए कितना चंदा दिया। इसके बाद बनना राम भक्त।” लोगों ने कहा कि उनका झूठ पहले ही बेनकाब हो चुका है, लेकिन अभी और जलालत झेलनी बाकी है।

‘राहुल गाँधी, ओवैसी, स्वरा भास्कर पर लगे रासुका’: लोनी पिटाई मामले में सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के आरोप में शिकायत दर्ज

गाजियाबाद के लोनी में बुजुर्ग की पिटाई व दाढ़ी काटने का वायरल वीडियो ट्वीट कर कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी, AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी और स्वरा भास्कर फँस गए हैं। लोनी से बीजेपी विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने बुधवार (16 जून 2021) को राहुल गाँधी, ओवैसी और स्वरा भास्कर के अलावा अन्य लोगों के खिलाफ रासुका के तहत केस दर्ज करने के संबंध में पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। गुर्जर ने इन सभी पर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का आरोप लगाया है।

भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने अपनी शिकायत में कहा, ”मेरी विधानसभा लोनी में साजिश के त​हत एक मुस्लिम व्यक्ति की दाढ़ी काटने व मारपीट का वीडियो वायरल किया गया। यह घटना 5 जून 2021 की है।” उन्होंने आगे कहा, ”राहुल गाँधी, एआईएमआईएम असदुद्दीन ओवैसी और अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने अपने वेरिफाइड ट्विटर अकाउंट से एक बुजुर्ग की पिटाई व दाढ़ी काटने का वीडियो शेयर कर इस घटना को सांप्रदायिक रूप देने की कोशिश की है।”

बीजेपी MLA ने शिकायत दर्ज कराई

गुर्जर ने कहा कि घटना को भगवान श्रीराम से जोड़ते हुए इसके लिए उनके भक्तों को दोषी ठहराया गया, जबकि इस मामले में मुस्लिम युवक भी शामिल थे। इससे पता चलता है कि इसे हिंदू-मुस्लिम रंग देकर माहौल खराब करने की कोशिश की गई। वीडियो को सुनियोजित षडयंत्र और साजिश के तहत शेयर किया गया है ताकि दंगा फैले। नंदकिशोर गुर्जर ने थानाध्यक्ष से इन सभी के खिलाफ रासुका के तहत केस दर्ज करने की माँग की है।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित लोनी थाने में मोहम्मद जुबैर और ट्विटर के अलावा सलमान निजामी, राना अयूब, डॉक्टर शमा मोहम्मद, सबा नकवी और मशकूर अहमद के खिलाफ भी FIR दर्ज की गई है। इन सभी ने हिन्दू-मुस्लिम दंगा भड़काने के आपराधिक षड्यंत्र के तहत फेक न्यूज़ को फैलाया कि एक मुस्लिम बुजुर्ग को हिन्दुओं ने पीटा और जबरन ‘जय श्री राम’ बुलवाया।

गाजियाबाद पुलिस ने बताया कि ये घटना जून 5, 2021 की है, जिसके बारे में पुलिस के समक्ष 2 दिन बाद रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की जब पुलिस ने जाँच की, तो पाया कि पीड़ित अब्दुल समद बुलंदशहर से लोनी बॉर्डर स्थित बेहटा आया था। वो एक अन्य व्यक्ति के साथ मुख्य आरोपित परवेश गुज्जर के घर बंथना गया था। वहीं पर कल्लू, पोली, आरिफ, आदिल और मुशाहिद आ गए। वहीं मारपीट हुई

वहीं, पत्रकार स्वाती गोयल शर्मा ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि परवेश से दो घर दूर रहने वाली परवेश की मौसी ने मेरी टीम सेवा न्याय उत्थान के सदस्य से बताया है कि अब्दुल 3 महीने से परवेश के परिवार से मिलने आ रहा था। इसका मतलब यह है कि अब्दुल का एफआईआर में बयान कि हमलावर उसके लिए अज्ञात थे, झूठा है।

इना-मीना-डीका, सबा-राना-ज़ुबैर झूठा, रवीश कुमार छींका-अरफा चुप्पा; क्योंकि FIR ही आज की सच्चाई है

पुरानी आदत के मारों ने अब्दुल चिचा की पिटाई के साथ जय श्रीराम जोड़ दिया। पिंचर जोड़ने के अलावा बस यही एक जोड़न है जो इन्हें प्यारा लगता है। ये हर पिटाई से जय श्रीराम जोड़ने में माहिर हैं। जोड़कर वीडियो करवा दिया। नहीं सोचा था कि FIR हो जाएगी, पर हो गई। 

ज़ुबैर बोला; मुझे लगता है FIR का एक फैक्ट चेक कर लेना चाहिए।  

सुन कर सबा भड़क गई। बोली; अब बस करो तुम। ये फैक्ट चेक की नौटंकी दुनिया के साथ-साथ हमपर भी आजमाओगे? अब तो ये बताओ कि करें क्या?

राना बोली; बोलो मत, इसके चक्कर में फँस गए। मुझे पहले से पता था कि इसने फैक्ट चेक किया है तो इंसिडेंट फेक ही होगा। तुम लोग तो देसी हो। मेरा तो NYT का काम है। पुलिस ने कुछ कर दिया तो?

ज़ुबैर ने राना की बात सुनी और बोला; ये NYT क्या हुआ?

सबा को गुस्सा आ गया। बोली; अरे न्यूयोर्क टाइम्स बेवकूफ। ये वहाँ छपती है न। 

वो बोला; ओह, NYT का मतलब ये होता है? 

राना बोली; तो तुझे क्या लगा था NYT का मतलब क्या होता है? ये बताओ कि करें क्या?

ज़ुबैर बोलै; तुम बोलो तो एकबार पार्टनर से पूछ लूँ। हो सकता है कि उसके पास कोई आइडिया हो। उसको बोलता हूँ कि राना बहुत वरीड है। 

राना और गुस्सा हो गई। बोली;  तुझे पता है न कि वो मेरी हालत देख कर हँसेगा इसलिए उसको इन्वॉल्व करना चाहता है तू? वैसे भी आजकल ये डर लगा रहता है कि किसी दिन डोनेशन का फैक्ट चेक करके कुछ लिख न दे। पुरानी दुश्मनी भूला नहीं है वो।  

ज़ुबैर बोलै; अरे वो तो मेरे दिमाग में ही नहीं आया कि तुम दोनों की पुरानी दुश्मनी है। 

राना बोली; तुम्हारे पास दिमाग है? वो सब छोड़ कर ये बताओ कि क्या करें?

अचानक सबा बोली; एक काम करते हैं। रवीश के पास चलते हैं। उसको एक्सपीरियंस है। वही बताएगा कि क्या करना चाहिए। 

सब पांड़े जी के पास पहुँच गए। वे अरफ़ा के साथ बैठे पुराने दिन याद कर रहे थे जब डर का माहौल नहीं नहीं था। इनलोगों को देखते ही बोले; ऍफ़आईआर का अँधेरा ही आज की सच्चाई है। इसी विषय पर नोआम चोम्स्की ने सितम्बर 2001 में कहा था कि; साम्राज्यवाद वो चूना होता है जो कुछ भी काट सकता है। डर का माहौल है।  

राना बोली; अरे ये डर का माहौल, डर का माहौल जो दुनिया को बताते रहते हैं वही हमारे सामने भी कहेंगे? माने आपके पास आए हैं यही सुनने के लिए?

रवीश बोले; ट्वीट डिलीट कर दो। 

राना बोली; आपको लगता है कि लोगों के पास स्क्रीनशॉट नहीं होगा? ट्वीट डिलीट करके कोई फायदा नहीं। 

रवीश बोले; इसलिए मैं ट्विटर पर नहीं हूँ। मुझे देखो, मैं फेसबुक पर लम्बे-लम्बे पोस्ट लिखता हूँ और जब जी में आता है उसे एडिट आकर देता हूँ। ट्वीट तो एडिट भी नहीं कर सकते। 

सुनकर अरफ़ा बोली; मुझे लगता है कि फोटोशॉप ट्राई करना चाहिए। मेरा तो मानना है कि फोटोशॉप से बहुत कुछ किया जा सकता है। 

सुनकर सबा भड़क गई। बोली; अरे तुम हर चीज में फोटोशॉप का इस्तेमाल नहीं कर सकती। हमने ट्विटर पर लिखा है। ट्वीट में एडिट का ऑप्शन भी नहीं होता। माफ़ी माँगेंगे तो ये संघी स्क्रीनशॉट लेकर रख लेंगे और रोज चिढ़ाएँगे। आगे फेक न्यूज़ फैलाना मुश्किल हो जाएगा। 

रवीश ने आँखें बंद की और बोले; माइकल मूर ने अपने 2004 के एक लेक्चर में बताया था कि प्रोपेगेंडा में कहीं फँस जाओ तो कुछ ऐसा बोलो जिसका मतलब समझ में ही न आए। प्रोपेगेंडा के लिए जो लिखो वह तो बिलकुल स्पष्ट हो पर पकड़े जाने पर कुछ ऐसा उलझा सा लिखो कि किसी को समझ न आए कि तुम कहना क्या चाहते हो। पी साईनाथ की कसम यह बड़ी कारगर टेक्निक है। तुम तीनों ऐसा ट्वीट करो जिसका भावार्थ निकालना वकीलों के भी बस में न हो और कोई वकील निकाल भी ले तो जस्टिस काटजू की तरह सीधा मना कर दो, यह कहते हुए कि भावार्थ गलत है। 

ज़ुबैर बोला; ये सही है। जब पता ही नहीं चलेगा कि क्या लिखा है तो कोई उसका फैक्ट चेक भी नहीं कर पाएगा। 

ये सुनना था कि राना के दिमाग में गैंग्स ऑफ़ वासेपुर का वही सीन चलने लगा जिसमें सुलतान हाथ में जूता लिए कुरैशी को दौड़ा रहा था और कुरैशी आगे-आगे भागा जा रहा था। 

अचानक उसने अपना माथा झटका और ट्वीट लिखने के लिए फोन हाथ में ले लिया। ऐसा ट्वीट जो न ही क्लैरिफिकेशन लगे और न ही माफीनामा।

रवीश के लिए उसके मन में इज़्ज़त थी। साथ ही सोच रही थी कि इस क्राइसिस में फोटोशॉप कैसे काम आता?

महंत अवेद्यनाथ महाविद्यालय में औचक निरीक्षण करने पहुँचे CM योगी, बोले- गुणवत्ता से न हो समझौता, छात्रों को दी जाए हर सुविधा

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार (जून 16, 2021) दोपहर को अचानक गोरखपुर पहुँचकर गोरखनाथ मंदिर में पूजन-अर्चन करने के बाद महंत अवेद्यनाथ राजकीय महाविद्यालय व स्टेडियम का निरीक्षण करने पहुँचे। इस दौरान उन्होंने महाविद्यालय के सभी कमरों और छात्रावास का जायजा लिया। 

निरीक्षण के बाद उन्होंने महाविद्यालय व स्टेडियम का निर्माण कार्य जल्दी से जल्दी पूरा करने को कहा, जिससे इस सत्र से महाविद्यालय में पढ़ाई का काम शुरू हो जाए। सीएम ने इस दौरान निर्देश दिए कि किसी भी हालत में गुणवत्ता से समझौता न किया जाए।

बता दें कि महाविद्यालय में 90 की क्षमता का बालक और 60 की क्षमता का बालिका छात्रावास बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा है कि छात्रावास में हर प्रकार की जरूरी सुविधाएँ होनी चाहिए। क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी से कहा कि वे हर सप्ताह कार्यों का निरीक्षण करें और एक-एक कर सभी कार्यों को फाइनल करते रहें। गुणवत्ता का विशेष ध्यान रहे।

मालूम हो कि ये राजकीय महाविद्यालय करीब 30.34 करोड़ रुपए की लागत से बन रहा है। इसका निर्माण उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम द्वारा कराया जा रहा है। ऐसे में सीएम योगी ने इसके निरीक्षण के बाद कहा कि इस सत्र से महंत अवेद्यनाथ राजकीय महाविद्यालय में पढ़ाई शुरू हो जानी चाहिए, ताकि क्षेत्र के युवाओं को उच्च शिक्षा का नया मंच मिल सके। 

वहीं अधिकारियों ने जानकारी दी कि निर्माण का 80 प्रतिशत का काम पूरा हो चुका है। मुख्य भवन का कार्य 93 प्रतिशत पूरा हो चुका है। बालक व बालिका छात्रावास का निर्माण भी क्रमश: 95 व 93 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। इसके अलावा 10.16 करोड़ रुपए (जीएसटी अतिरिक्त) की लागत से बन रहे महंत अवेद्यनाथ जी महाराज स्टेडियम का निर्माण भी 70 प्रतिशत पूरा कर लिया गया है। इस स्टेडियम में 250 लोगों की क्षमता का पवेलियन बन रहा है। जहाँ मिट्टी समतलीकरण का काम 95 फीसद हो चुका है।

‘केजरीवाल के आवास पर खर्च हो रहे ‘आम आदमी’ के ₹9 करोड़’: बीजेपी नेता ने दिखाए दस्तावेज, पूछा- स्विमिंग पूल बन रहा या वाटर पार्क?

भारतीय जनता पार्टी के नेता नवीन कुमार जिंदल का दावा है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अपने सीएम आवास को अपग्रेड कराने के लिए टैक्सपेयर्स के करोड़ों रुपयों का इस्तेमाल कर रहे हैं। जिंदल के मुताबिक, आवास को आलिशान महल बनाने में 9 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री आवास के बाहर खड़े होकर एक वीडियो शेयर करते हुए जिंदल ने दावा किया कि जब लोग महामारी के बीच स्वास्थ सुविधाओं से जूझ रहे थे, उस वक्त मुख्यमंत्री अपने बंगले का मेकओवर कराने में करोड़ों खर्च कर रहे थे।

अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा, “मुझे गाड़ी, बंगला, सिक्योरिटी कुछ नही चाहिए मै तो एक आम आदमी हूँ। टैक्सपेयर के पैसों से अपने बंगले मे करीब 9 करोड़ खर्च कर आलिशान महल बनवाने मे लगा है दिल्ली का मालिक। अरविंद केजरीवाल को ऐशों आराम के सब ठाठ चाहिए और दिल्ली की जनता गन्दा पानी पिए, बिना अस्पताल और ऑक्सीजन के मरे।”

जिंदल ने प्रूफ के तौर पर कई कागज दिखाते हुए कहा, “ऐसे समय में जब दिल्लीवासी 1 लीटर साफ पानी के लिए तड़प रहे हैं। कई-कई घंटे लाइन में लग रहे हैं। ऐसे समय में दिल्ली का मुखिया जो खुद को दिल्ली का मालिक कहता है वह अपने घर में सरकारी पैसे से करीब 9 करोड़ की लागत से अंदर निर्माण करवा रहा है। पता नहीं अंदर स्विमिंग पूल बन रहा है या फिर वाटर पार्क।”

वह कहते हैं कि जिस समय दिल्ली के लोग पानी के लिए तड़प रहे हैं उस समय अरविंद केजरीवाल के बच्चे स्विमिंग पूल में नहाएँगे। ये हालत है दिल्ली का। कोई इसके बारे में बोल नहीं सकता, कोई इसके बारे में कुछ कह नहीं सकता, क्योंकि मीडिया के मुँह पर चाँदी का जूता मारा जाता है और वह चुप हो जाता है।

वीडियो में जिंदल ने एक ठेकेदार को जारी किया गया दिल्ली सरकार का आदेश दिखाकर बताया कि दिल्ली के मुख्यमंत्री के आवास में एडिशन/ऑल्ट्रेशन के लिए टेंडर को मंजूरी दे दी गई है, और इसके लिए 8,61,63,422 की राशि स्वीकृत की गई है। भाजपा इसी राशि को देखकर हैरानी जताती है कि आखिर इतनी बड़ी रकम से सीएम आवास में क्या होगा। भाजपा नेता ने अपनी बात रखते हुए टैक्सपेयर्स के पैसे को खर्च करने पर सीएम केजरीवाल पर सवाल खड़ा किया।

मीडिया पर अपना गुस्सा जाहिर करते हुए जिंदल ने सोशल मीडिया यूजर्स से इस मामले में आवाज उठाने की अपील की। उन्होंने केजरीवाल के फ्री वैक्सीनेशन के फर्जी दावे पर भी उन्हें आड़े हाथों लिया। आम आदमी पार्टी द्वारा ‘राम मजन्मभूमि ट्रस्ट’ पर लगाए गए भूमि घोटाले के इल्जामों पर उन्होंने सवाल खड़ा किया। उन्होंने कहा कि ये लोग राम मंदिर बनने में बाधा डाल रहे हैं जबकि खुद अपने ऐशोआराम के लिए ऐसे पैसे खर्च रहे हैं। 

बता दें कि इससे पहले अरविंद केजरीवाल द्वारा इस तरह जनता का पैसा बर्बाद करने का इल्जाम अप्रैल में लगा था। उस समय सामने आया था कि कैसे केवल 2021 के तीन महीनों में केजरीवाल सरकार ने मीडिया में एड देने के लिए 150 करोड़ रुपए खर्च कर दिए। वहीं दो साल में विज्ञापनों पर 800 करोड़ रुपए खर्च किए गए।