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‘मदरसों से फंडिंग लेकर लव जिहाद’: मुहम्मद अयान ने राहुल बन कर युवती को फाँसा, 6 महीने बंधक बना कर गैंगरेप

उत्तर प्रदेश के रामपुर में मंगलवार (जून 8, 2021) को लव जिहाद का मामला सामने आया। फेसबुक पर मुहम्मद अयान ने राहुल का नाम रख कर फेक आईडी बनाई और खुद को हिन्दू बताया। पहले लड़की को फाँसा और फिर 6 महीने तक बंधक बना कर उसका रेप किया। इस मामले में मुख्य आरोपित सहित 3 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है। अयान और उसके भाई को पुलिस ने धर-दबोचा है।

आरोप है कि मुहम्मद अयान ने अपने दोस्तों के साथ मिल कर युवती का गैंगरेप भी किया। पीड़िता जहाँ कुशीनगर की रहने वाली है, वहीं आरोपित नवाबनगर का निवासी है। युवती ने बताया कि उक्त व्यक्ति ने अपना नाम राहुल बताया था और धीरे-धीरे उनकी बातचीत दोस्ती और फिर प्यार में बदल गई। युवक के कहने पर पीड़िता अपना घर छोड़ कर रामपुर आ गई और वहाँ आरोपित उसे अपने गाँव ले गया।

मुरादाबाद के आईजी को सौंपे गए शिकायत-पत्र में पीड़िता ने आरोप लगाया है कि उसे 6 माह तक घर में बंधक बना कर रखा गया। उसी दौरान उसे पता चला कि युवक का नाम राहुल नहीं है और वो मुस्लिम है। जब वो उससे पीछा छुड़ाना चाहती थी और निकाह से इनकार कर रही थी तो उसे प्रताड़ित किया गया। पीड़िता ने बताया कि राहुल ने तो उसका रेप किया ही, साथ ही अपने दो दोस्तों को बुला कर भी रेप करवाया।

पीड़िता ने बताया कि वो किसी तरह मौका पाकर भागी और स्थानीय कोतवाली में शिकायत की, लेकिन वहाँ कोई सुनवाई नहीं हुई। हालाँकि, अब आईजी के निर्देश पर न सिर्फ FIR दर्ज हुई है, बल्कि दो आरोपित जेल भी भेजे जा चुके हैं। मुहम्मद अयान के पिता का नाम मुहम्मद जहूर है। तूरया सजान गाँव की रहने वाली पीड़िता ने आरोप लगाया कि आरोपित ने उसका जीवन बर्बाद कर दिया है। उसने ही शादी का प्रस्ताव देकर बुलाया था।

युवती ने ये बड़ा आरोप भी लगाया कि मुहम्मद अयान को मदरसों से आर्थिक मदद मिलती है, ताकि वो हिन्दू लड़कियों को धोखा देकर ‘लव जिहाद’ के तहत फँसा सके और उनका जबरन इस्लामी धर्मांतरण कराए। मुहम्मद अयान के साथ उसके भाई रियाज अली को भी गिरफ्तार किया गया है। आरोपितों का चालान कर युवती का मेडिकल परीक्षण कराया गया है। तीसरे आरोपित की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।

मुंबई में 8 बच्चों सहित 11 की मौत: भारी बारिश के कारण गिरी चार मंजिला इमारत, BJP नेता ने कहा हत्या

मॉनसून की पहली बारिश में ही देश की आर्थिक राजधानी मुंबई नाले में तब्दील हो जाती है। परिणाम यह होता है कि कई इमारतें गिर कर मलबा बन जाती हैं। बुधवार को मुंबई में हुई भारी बारिश के कारण पश्चिमी मलाड इलाके में एक चार मंजिला इमारत गिर गई, जिसमें दबकर 11 लोगों को मौत हो गई। मरने वालों में 8 बच्चे शामिल हैं।

इस हादसे में घायल हुए 7 अन्य लोगों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि 18 से अधिक लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। वहीं, मलबे में फँसे अन्य लोगों को बचाने के लिए राहत एवं बचाव कार्य जारी है।

मुंबई के संयुक्त सीपी (कानून एवं व्यवस्था) विश्वास नांगरे पाटिल ने कहा है कि मुंबई पुलिस मकान मालिक और ठेकेदार के खिलाफ आईपीसी की धारा 304 (2) (गैर इरादतन हत्या) के तहत मामला दर्ज करेगी।

मलाड पश्चिम के अतिरिक्त सीपी दिलीप सावंत ने कहा कि यह एक जी+2 बिल्डिंग थी, जो दूसरी बिल्डिंग पर गिर गई। वहीं, बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने बताया कि खराब हालत वाले आस-पास के मकानों को खाली करा लिया गया है, ताकि किसी तरह की दुर्घटना को टाला जा सके।

पुलिस से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, दिन भर हुई बारिश के कारण एक 4 मंजिला इमारत एक 3 मंजिला इमारत पर गिर गई, जिसके बाद यह हादसा हुआ। फायर ब्रिगेड की टीम और स्थानीय पुलिस राहत और बचाव कार्य में लगी हुई है। फँसे हुए लोगों को स्थानीय निवासियों, बीएमसी, पुलिस और फायर ब्रिगेड की मदद से बाहर निकाला जा रहा है।

मौके पर मौजूद एक स्थानीय व्यक्ति सिद्दीकी ने बताया कि यह घटना रात करीब 10:15 बजे हुई। दो लोगों ने उन्हें इमारत से बाहर निकलने के लिए कहा, इसके बाद वह बाहर आ गए। जैसे ही वे बाहर निकले, उन्होंने देखा कि उनकी इमारत के पास एक डेयरी सहित तीन इमारत ध्वस्त हो गए हैं।

वहीं, मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक मुंबई और आसपास के इलाकों में तेज बारिश की चेतावनी दी है। बुधवार को हुई भारी बारिश के के कारण कई इलाकों में जलभराव हो गया है, जिसके कारण यातायात बाधित हो गया है और लोगों को रोजमर्रा के कामों में परेशानी आ रही है।

इस घटना को लेकर बीजेपी ने शिवसेना के नेतृत्व वाली सरकार पर हमला बोला है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता राम कदम ने ट्वीट करके कहा है कि यह हादसा शिवसेना शासित बीएमसी की लापरवाही के कारण हुआ है। यह हादसा नहीं हत्या है।

‘हॉट संघी’: कंगना ने बिकनी तस्वीरें शेयर कर ‘रेप कल्चर’ लिबरलों को लताड़ा, संघी महिलाओं के साथ ‘हेट सेक्स’ पर हो रही थी चर्चा

कंगना रनौत ने अपनी बिकनी तस्वीरें शेयर करते हुए ‘क्लब हाउस’ एप पर लिबरल गिरोह की उस चर्चा पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें कुछ कथित सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स द्वारा ‘हॉट संघी महिलाओं’ के साथ ‘हेट सेक्स’ की बात की जा रही थी। कंगना रनौत ने OPIndia की खबर को शेयर करते हुए लिखा कि ये उन फेमिनिस्ट्स के लिए एक सामान्य दिन है, जब वो या तो बलात्कारियों का बचाव करते रहते हैं या फिर ये चर्चा करते हैं कि किसके साथ कैसे रेप किया जाए।

लिबरलों के ‘रेप कल्चर’ पर कंगना रनौत ने दी प्रतिक्रिया

कंगना रनौत ने लिखा, “लिबरु इंस्टीटूशन ऑफ साइंसेस के एक नए अध्ययन के अनुसार, संघी बेहद ही गरीब लोग होते हैं जिन्हें खरीदा-बेचा जा सकता है। जानवरों की तरह उनका कारोबार किया जा सकता है। वाह-वाह! ये हैं इस देश के होनहार युवा। लाना जरा कीटनाशक दवा।” उन्होंने ऑपइंडिया की जो खबर शेयर की, उसमें लिखा है कि कैसे ‘सेक्स विद योर एक्स’ पर चर्चा के दौरा बोलते हुए नीरज कदंबूर ने कहा कि वो डेटिंग ऐप्स पर वह केवल मजे के लिए कुछ ‘संघी टाइप’ की तलाश में रहता है।

बिकनी तस्वीर शेयर कर कंगना रनौत ने लिबरलों को लगाई फटकार

अगली इंस्टाग्राम स्टोरी में उन्होंने बिकनी में अपनी एक तस्वीर शेयर की और लिखा, “लिबरु कहते हैं कि संघी महिलाएँ हॉट नहीं होती हैं। होल्ड माय बियर (चुनौती स्वीकार है!)।” अगली स्टोरी में उन्होंने फिर से बिकनी में अपनी एक तस्वीर शेयर करते हुए ‘हॉट संघी’ का टैग लगाया। कंगना रनौत ट्विटर से प्रतिबंधित होने के बाद अक्सर इंस्टाग्राम पर सक्रिय रहती हैं और वहीं से वामपंथियों को जवाब देती रहती हैं।

कंगना रनौत ने खुद को बताया ‘हॉट संघी’

बताते चलें कि क्लब हाउस की उस चर्चा में उपस्थित जेनिस नाम के एक यूजर ने नीरज से पूछा कि क्या वह सिर्फ हॉट लोगों को डेट करता है? इस पर नीरज ने जवाब दिया कि वह सभी के साथ डेट करता है लेकिन डेटिंग ऐप्स पर वह केवल मजे के लिए कुछ ‘संघी टाइप’ की तलाश में रहता है। नीरज के इस वक्तव्य पर कई लोग हँसे और क्लब हाउस पर उनमें से एक वर्षिता ने कहा कि संघी हॉट नहीं होते, जिस पर नीरज ने जवाब देते हुए कहा, “दे लुक हॉट बट…” इसके बाद उनकी चर्चा चलती रही।

नीरज ‘हॉट संघी महिलाओं’ के लिए अपनी कुंठा को सही ठहराया और पेपर बैग सेक्स का उदाहरण दिया। इस कन्वर्सेशन में लगभग 8000 लोग शामिल थे, जिसमें नीरज ने ‘संघियों को लेकर अपनी फैंटसी और उनके साथ ‘हेट सेक्स’ की चाहत’ को लेकर बातें की। इस पर नीरज को रोकते हुए क्लब हाउस के एक अन्य सदस्य ने कहा कि यह ‘हेट सेक्स’ के जैसा है। बता दें कि किसी व्यक्ति को न पसंद करने के बावजूद उसके साथ शारीरिक सम्बन्ध बनाने को ‘हेट सेक्स’ नाम दिया गया है। 

राजस्थान में आंबेडकर के पोस्टर पर दलित की हत्या: OBC के 2 युवक गिरफ्तार, पुलिस पर गंभीर आरोप

राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में डॉ. भीमराव आंबेडकर का पोस्टर लगाने के विवाद को लेकर एक दलित युवक की हत्या कर दी गई है। रावतसर थाना क्षेत्र के किंकरालिया गाँव निवासी 21 वर्षीय विनोद भीम आर्मी का सदस्य था।

आंबेडकर जयंती के दिन विनोद अपने घर पर बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर का पोस्टर लगा रह था, जिसको लेकर गाँव के पिछड़ी जाति के कुछ युवकों ने विरोध जताया। विवाद बढ़ने के बाद ओबीसी युवकों ने 5 जून को विनोद पर हमला कर दिया। घायलावस्था में विनोद को उपचार के लिए श्रीगंगानगर ले जाया गया, जहाँ उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।

कहा जा रहा है कि दो आरोपित लड़के राकेश और अनिल ने हॉकी स्टिक से विनोद की पिटाई की थी। विनोद की मौत के बाद परिजनों ने एफआईआर दर्ज कराई है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग को लेकर दलित समुदाय के लोगों ने धरना-प्रदर्शन किया है।

प्रर्शनकारियों की माँग है कि मुआवजे के रूप में विनोद के परिजनों को 25 लाख रुपए और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। इसके अलावा, खेत में जाने के रास्ते को लेकर जो विवाद है, उसे भी जल्द निपटाया जाय। पुलिस ने माँगों पर विचार करने का आश्वासन दिया है।

परिजनों का कहना है कि मकान पर लगा आंबेडकर का पोस्टर हटाने को लेकर विनोद से मारपीट की गई थी। इस मारपीट के बाद पंचायत भी हुई थी, जिसमें दबंग युवकों ने विनोद से माफी माँग ली थी। हालाँकि माफी माँगने के बावजूद वे विनोद से रंजिश रखते थे। इसी कारण उन्होंने विनोद की बुरी तरह पिटाई की।

विनोद के परिजनों का आरोप है कि इस संबंध में पहले भी मामला दर्ज कराया गया था, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। परिजनों का आरोप है कि इस मामले में पुलिस की भी मिलीभगत है। वहीं, एफआईआर में कहा गया है कि पिटाई के दौरान दबंगों ने जातिवादी टिप्पणी भी की और कहा, “आज तुम्हारा आंबेडकरवाद याद दिलवाएँगे।”

विनोद के भाई सतपाल ने बताया कि जब स्कूलों में हनुमान चालीसा बाँटी जा रही थी, तब विनोद ने विरोध किया था। उसके बाद उसे जान से मारने की धमकी मिली थी। इसके अलावा, लोगों द्वारा रोड जाम करने पर विनोद ने आपत्ति जताई थी। सतपाल का कहना है कि इन धमकियों की रिपोर्ट पुलिस में की गई थी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।

वहीं, डीएसपी रणवीर मीणा का कहना है कि मामले में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

यह मामला अब राजनीतिक रंग भी ले चुका है। भाजपा का एसटी-एससी मोर्चा और भीम आर्मी ने भी आक्रोश जताया है और कहा कि अगर पुलिस पहले कार्रवाई की होती तो विनोद की पीट-पीटकर हत्या नहीं की जाती। भीम आर्मी के राजस्थान अध्यक्ष सत्यवान इंदासर का कहना है कि विनोद भीम आर्मी का सक्रिय सदस्य था और जातिगत भेदभाव के मुद्दे को जोर-शोर से उठाता था।

‘तुम्हारी लड़कियों को फँसा कर रोज… ‘: ‘भीम आर्मी’ के कार्यकर्ता का ऑडियो वायरल, पंडितों-ठाकुरों को मारने का दावा

चंद्रशेखर आज़ाद उर्फ़ ‘रावण’ द्वारा स्थापित राजनीतिक दल ‘भीम आर्मी’ के एक कार्यकर्ता दीपू कुमार ने ब्राह्मणों और सामान्य वर्ग के लोगों को गंदी-गंदी गालियाँ देते हुए धमकी दी है, जिसका ऑडियो सोशल मीडिया पर भी सामने आया है। वो न सिर्फ सामान्य वर्ग की बहू-बेटियों के साथ बलात्कार की धमकी दे रहा है, बल्कि ‘सवर्णों’ को जान से मार डालने की बातें भी कर रहा है। उसने ‘आज़ाद सेना’ के अध्यक्ष अभिषेक आज़ाद के साथ फोन कॉल पर ये बातें कही।

ये ऑडियो मंगलवार (जून 8, 2021) की रात का है, जब उसने फोन कर के आपत्तिजनक टिप्पणियाँ की। सोशल मीडिया पर ऑडियो के वायरल होने के बाद लोगों ने ‘अरेस्ट भीम आर्मी वर्कर’ का ट्रेंड भी चलाया और साथ ही उसकी अभद्र भाषा को लेकर उसे कड़ी सज़ा देने की माँग की। इस ऑडियो में दीपू कुमार ब्राह्मण और राजपूत समाज को जान से मार डालने की धमकी देते हुए गंदी-गंदी गालियाँ बकते सुना जा सकता है।

इस ऑडियो में वो धमकी दे रहा है कि एक बार उत्तर प्रदेश में सरकार बदल जाए, फिर वो बता देगा। उसने अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी और मायावती की बहुजन समाज पार्टी का नाम लेते हुए कहा कि उसकी पहुँच इन सभी दलों में है। जब इधर से अभिषेक आज़ाद ने पूछा कि क्या ये दल तुम्हें ब्राह्मण लड़कियों को ‘फँसाने’ को कहते हैं? इस पर उसने जवाब दिया, “फँसानी किसे है? लेनी है, ले लेते हैं।”

उसने साथ ही ये भी दावा किया कि आर्य समाज के लोगों को पंडितों को काटा। दीपू कुमार ने फोन कॉल पर घृणित बयान देते हुए कहा कि उसने कई ब्राह्मण और राजपूत लड़कियों का बलात्कार किया है और पंडितों और ठाकुरों को मौत के घाट उतारा है। उसने कहा, “तुमलोग कुछ नहीं कर सकते। हमने तुम्हारी लड़कियों को लालच देकर फँसा लिया है। मेरे दोस्त रोज तुम्हारी लड़कियों के साथ सेक्स करते हैं।”

इस खबर में उसने किसी नारायण दुबे का नाम लेते हुए उनकी हत्या की जिम्मेदारी अपने सिर पर ली। साथ ही अभिषेक आज़ाद का नंबर लीक करने की भी धमकी दी। उसने कहा कि तुमलोग मात्र 3.5% हो और तुमने पूरे देश को भ्रष्ट बना दिया है। साथ ही दीपू ने हिन्दू-मुस्लिम विभाजन और सांप्रदायिक दंगों का आरोप ब्राह्मण-राजपूत पर मढ़ते हुए कहा कि जब भी मुस्लिमों से लड़ना होता है, दलितों को लड़वा देते हो।

दरअसल, वो अभिषेक आज़ाद से इसीलिए भड़का हुआ था क्योंकि फेसबुक पर उन्होंने आरक्षण के खिलाफ एक पोस्ट लिखा था। उसने अभिषेक को जान से मारने की भी धमकी दी है। उसने दावा किया कि दो महीने पहले एक पंडित की हत्या में वो जेल खट कर आया है और मौका मिलने पर फिर ऐसा करेगा। ‘फलाना दिखाना’ की खबर के अनुसार, दीपू ने कहा कि उसे पुलिस का डर नहीं है और वो आरक्षण विरोधियों को मार डालेगा।

इटावा पुलिस ने इस घटना का संज्ञान लेते हुए कहा कि इस प्रकरण के संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इटावा द्वारा संज्ञान लिया गया है आवश्यक वैधानिक कार्यवाही प्रचलित है। एडीजी जोन कानपुर ने इटावा पुलिस को निर्देश दिया कि वो आवश्यक वैधानिक कार्यवाही कर उन्हें अवगत कराए। वहीं अभिषेक आज़ाद ने कहा कि ‘भीम आर्मी’ के पदाधिकारियों द्वारा उन्हें अब भी फोन पर तरह-तरह की धमकियाँ मिल रही हैं।

‘राज्यों ने नहीं माँगी थी वैक्सीन खरीद की अनुमति’: AltNews ने फैलाई फेक खबर, छिपाया ममता का पत्र, PM मोदी को बताया झूठा

खुद को फैक्ट-चेक मीडिया संस्थान बताने वाले प्रोपेगंडा पोर्टल AltNews ने कोरोना वैक्सीन को लेकर केंद्र सरकार के फैसले पर एक बार फिर से भ्रम फैलाने की कोशिश की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम अपने हालिया सम्बोधन में कहा था कि कुछ राज्यों ने वैक्सीन नीति को डिसेंट्रलाइज करने, अर्थात राज्यों को वैक्सीन खरीद का अधिकार देने की अपील की थी, जिसके बाद ये फैसला लिया गया था।

आगे बढ़ने से पहले बता दें कि टीकाकरण की रणनीति पर पुनर्विचार करने और 1 मई से पहले की व्यवस्था को वापस लाते हुए प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि राज्यों के जिम्मे जो 25 प्रतिशत टीकाकरण था, उसे अब भारत सरकार द्वारा करने का निर्णय लिया गया है। नई व्यवस्था घोषणा के दो सप्ताह के भीतर अमल में लाई जाएगी। प्रधानमंत्री ने इस दौरान कहा था कि राज्यों ने वैक्सीन की खरीद के लिए इच्छा प्रकट की थी, इसीलिए उन्हें ये सुविधा दी गई थी।

अब AltNews ने इस बार ‘फैक्ट-चेक’ नहीं, बल्कि ‘विश्लेषण’ कर के दावा किया है कि प्रधानमंत्री का बयान राज्यों की माँग से मेल नहीं खाता है। इसमें पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा 24 फरवरी को लिखे गए एक पत्र का जिक्र करते हुए कहा गया कि उन्होंने राज्य को वैक्सीन की खरीद की अनुमति देने की अपील की गई थी, लेकिन उनकी माँग नहीं मानी गई। लेकिन, AltNews ने बड़ी चालाकी से एक चीज छिपा ली।

दरअसल, ममता बनर्जी ने 18 अप्रैल को भी केंद्र सरकार को पत्र लिखा था। इस पत्र में उन्होंने अपने पिछले पत्र की याद दिलाते हुए कहा था कि उन्होंने राज्य को वैक्सीन खरीद की अनुमति देने की माँग की थी, जिस पर अमल नहीं किया गया है। इसके ठीक अगले ही दिन प्रधानमंत्री की एक बैठक के बाद राज्यों को वैक्सीन खरीद की अनुमति देने का फैसला लिया गया। फिर AltNews कैसे कह रहा है कि राज्यों की बात नहीं मानी गई थी?

इससे कई चीजें साबित होती हैं। इस लेख में कई राज्यों के नेताओं के बयानों का जिक्र है। लिखा है कि वैक्सीन डिसेंट्रलाइजेशन के फैसले को ममता बनर्जी ने ‘देर से लिया हुआ निर्णय’ करार देते हुए इसकी आलोचना की थी। पहली बात तो ये है कि क्या अगर विपक्षी नेता अपना बयान बदलते रहेंगे तो इसका दोष केंद्र सरकार को दिया जाएगा? AltNews ने राहुल गाँधी के पत्र को लेकर भी भ्रम फैलाते हुए कहा कि उन्होंने वैक्सीन खरीद का अधिकार राज्यों को देने की माँग नहीं की थी।

राहुल ने अपने पत्र में स्पष्ट लिखा था कि वैक्सीन खरीद में राज्यों की भूमिका ज्यादा हो, इसका अर्थ क्या है? अपने पत्र के पॉइंट 2 में उन्होंने स्पष्ट रूप से इसका जिक्र किया था कि राज्यों को वैक्सीन खरीदने का अधिकार नहीं दिया जा रहा है। AltNews फेक न्यूज़ फैला रहा है कि किसी विपक्षी नेता ने ऐसी माँग नहीं रखी थी। जबकि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने वैक्सीन खरीद को लेकर राज्यों पर लगी पाबंदी को हटाने की माँग की थी।

इसी तरह राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे कॉन्ग्रेस के आनंद शर्मा ने भी माँग की थी कि राज्यों को वैक्सीन कंपनियों के साथ प्रत्यक्ष करार की अनुमति दी जाए। इसका इस पत्र में कोई जिक्र ही नहीं है। प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्रियों के साथ कई बैठकें की, जिसमें कुछ ‘इन-हाउस’ भी थीं। फोन पर भी बातें हुईं। क्या AltNews को पता है कि इस दौरान क्या माँगें उठती थीं और क्या बातें होती थीं? फिर वो कैसे इसकी पुष्टि कर सकता है कि राज्यों की क्या माँग थी और क्या नहीं?

पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने भी इसी तरह की गलती की थी लेकिन तथ्य के सामने आने के बाद उन्होंने अपनी गलती कबूल करते हुए ‘भूल-सुधर’ किया था। उन्होंने सवाल दागा था कि किस राज्य के किस मुख्यमंत्री ने किस समय वैक्सीन की खरीद के लिए इच्छा प्रकट की थी या ऐसी माँग की थी? लेकिन, ममता बनर्जी के पत्र के सामने आने के बाद उन्होंने अपना बयान वापस ले लिया। राजदीप ने तो वैक्सीन डिसेंट्रलाइजेशन का श्रेय मनमोहन सिंह को और सेंट्रलाइजेशन का श्रेय विपक्षी दलों को दे डाला।

झारखंड में बीजेपी नेता की 16 साल की बेटी को बेरहमी से मारा, आँख निकाला… फिर पेड़ से लटकाया

झारखंड के पलामू जिले के लालमाटी जंगल में बुधवार (9 जून 2021) को 16 वर्षीय एक लड़की का शव पेड़ से लटका मिला। पनकी थाना क्षेत्र के बुधबार गाँव की रहने वाली नाबालिग लड़की पंकी मंडल के भाजपा पदाधिकारी की बेटी और 10वीं की छात्रा थी।

पुलिस ने बताया कि उनकी हत्या करने से पहले आरोपितों ने उनकी दाईं आँख को फोड़ दिया और उनके शव को पेड़ से लटका दिया। बुधवार (9 जून 2021) की शाम को उनके शव का स्थानीय श्मशान घाट में अंतिम संस्कार किया गया। वह भाजपा नेता की पाँच संतानों में से सबसे बड़ी थीं।

शुरुआती जाँच में पुलिस ने घटना स्थल से एक मोबाइल फोन बरामद किया है। मोबाइल फोन के कॉल रिकॉर्ड के आधार पर 23 वर्षीय आरोपित प्रदीप कुमार सिंह धनुक को गिरफ्तार किया गया है। धनुक विवाहित है। पुलिस के मुताबिक इस अपराध में उसके साथ कई और भी मिले हो सकते हैं।

मृतक लड़की के परिवार ने बताया है कि वह 7 जून 2021 की सुबह 10 बजे घर से निकली थीं, लेकिन वापस नहीं लौटीं। पंकी पुलिस स्टेशन के एसआई अशोक कुमार ने बताया कि पीड़ित परिवार ने मंगलवार (8 जून, 2021) को लड़की के गायब होने की शिकायत की थी। इसके बाद पुलिस ने उनकी तलाश शुरू की तो बुधवार गाँव के पास के जंगल में पेड़ से लटका हुआ उनका शव बरामद किया गया।

लड़की की दाईं आँख बाहर निकली हुई थी। पुलिस अधिकारियों ने आशंका जाहिर की है कि उनकी हत्या करने से पहले हत्यारों ने बड़ी ही बेरहमी से उन्हें मारा होगा और उसके बाद उनके शव को आत्महत्या दिखाने के लिए पेड़ से लटका दिया होगा। लड़की के परिजनों ने उनके साथ रेप किए जाने का भी आरोप लगाया है।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार

पलामू जिले के एसपी ने कहा कि लड़की के साथ रेप हुआ था या नहीं, यह पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट के बाद ही पता चल सकेगा। फिलहाल पुलिस हर एँगल से घटना की जाँच कर रही है। मृतक नाबालिग के परिजनों ने लड़की के किसी शख्स के साथ संबंध से साफ इनकार किया है।

पुलिस अधीक्षक के मुताबिक, हत्या से कुछ दिन पहले ही आरोपित और पीड़ित के परिवार के बीच झगड़ा हुआ था। इसके बाद वह गायब हो गई थीं। इस बीच झारखंड बीजेपी के प्रवक्ता प्रतुल सहदेव ने कहा है कि पार्टी इस मामले की निष्पक्ष जाँच की माँग करती है।

संघी महिलाएँ हॉट, चेहरा ढँक कर करो ‘हेट’ सेक्स,: लिबरलों की सोच वायरल, समलैंगिक बता महिला पत्रकार ने किया बचाव

क्लब हाउस ऐप पर कथित सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स की एक चर्चा 9 जून को ट्विटर पर वायरल हुई। इसमें वक्ता ‘संघियों’ के साथ ‘हेट सेक्स’ को नॉर्मल बता रहा था क्योंकि महिलाएं ‘हॉट’ होती हैं। क्लब हाउस ऐप पर ‘सेक्स विद योर एक्स’ शीर्षक पर एक चर्चा हुई, जिसमें ‘डू यू ऑनली डेट हॉट पीपुल’ टॉपिक पर बोलते हुए एक वक्ता नीरज कदंबूर ने उन महिलाओं पर बेहद आपत्तिजनक बात कही, जो उसकी राजनैतिक विचारधारा से मेल नहीं रखती हैं। Squineon नाम के एक ट्विटर यूजर ने ऑडियो शेयर करते हुए इसे ‘सेक्स जिहाद’ नाम दिया और बातचीत में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की है।

क्लब हाउस की उस चर्चा में उपस्थित जेनिस नाम के एक यूजर ने नीरज से पूछा कि क्या वह सिर्फ हॉट लोगों को डेट करता है? इस पर नीरज ने जवाब दिया कि वह सभी के साथ डेट करता है लेकिन डेटिंग ऐप्स पर वह केवल मजे के लिए कुछ ‘संघी टाइप’ की तलाश में रहता है। नीरज के इस वक्तव्य पर कई लोग हँसे और क्लब हाउस पर उनमें से एक वर्षिता ने कहा कि संघी हॉट नहीं होते, जिस पर नीरज ने जवाब देते हुए कहा, “दे लुक हॉट बट…” इसके बाद उनकी चर्चा चलती रही।

नीरज ‘हॉट संघी महिलाओं’ के लिए अपनी कुंठा को सही ठहराया और पेपर बैग सेक्स का उदाहरण दिया। इस पर नीरज को रोकते हुए क्लब हाउस के एक अन्य सदस्य ने कहा कि यह ‘हेट सेक्स’ के जैसा है।

इन इंफ्लुएंसर्स की यह बातचीत सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कई यूजर्स ने जमकर आलोचना की। इस क्लब हाउस में एक और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स कुशा कपिला भी रही, जिसने बातचीत में महिलाओं के खिलाफ की जा रही टिप्पणियों पर कुछ नहीं कहा।

पेपर बैग सेक्स

यह एक अर्बन (शहरी) बोलचाल भाषा का वाक्यांश है, जिसका मतलब है सेक्स के दौरान लड़की के चेहरे को ढँक (आमतौर पर पेपर बैग से) देना। इसका मकसद होता है सामने वाले को बताना कि उसका (सामान्य तौर पर महिलाओं के लिए) फिगर तो अच्छा है लेकिन चेहरा आकर्षक नहीं है।   

हेट सेक्स

इसे एक ऐसे सेक्स के रूप में परिभाषित किया जा सकता है, जिसमें दो लोगों में शारीरिक संबंध तो हों लेकिन कोई संवेदनात्मक संबंध न हो और दोनों में किसी एक के अंदर दूसरे के लिए घृणा का भाव हो। कई मामलों में इस प्रकार के संबंध बलात्कार, हत्या और एसिड अटैक के कारण बनते हैं।

वोक लिबरलों के ‘रेप कल्चर’ को ठहराया जाता है जायज भी

‘इंडिया टुडे’ की पूर्व पत्रकार ऐश्वर्या सुब्रमण्यम ने वोक लिबरलों के रेप कल्चर का बचाव किया। सुब्रमण्यम भी उस क्लबहाउस बातचीत का हिस्सा थीं, जिसमें रेप कल्चर को जस्टिफाय किया गया और ‘संघियों’ के साथ ‘हेट सेक्स’ की बातें करते हुए उन्हें नीचा दिखाया गया। सुब्रमण्यम ने नीरज कदंबूर द्वारा रेप को लेकर जोक मारे जाने का ये कहते हुए बचाव किया कि वो गे है। उन्होंने दावा किया कि ये जोक एक ‘गे संघी’ को लेकर था, जो नीरज का दोस्त था और इसका महिलाओं से कोई लेनादेना नहीं।

‘इंडिया टुडे’ की पूर्व पत्रकार ने रेप जोक्स को ठहराया जायज

साथ ही उन्होंने इसे हिंसा या रेप से जोड़ कर देखने पर भी आपत्ति जताई। इस कन्वर्सेशन में लगभग 8000 लोग शामिल थे, जिसमें नीरज ने ‘संघियों को लेकर अपनी फैंटसी और उनके साथ ‘हेट सेक्स’ की चाहत को लेकर बातें की।’ बता दें कि किसी व्यक्ति को न पसंद करने के बावजूद उसके साथ शारीरिक सम्बन्ध बनाने को ‘हेट सेक्स’ नाम दिया गया है। ऐश्वर्या की मानें तो अगर ये पुरुषों को लेकर है तो इससे किसी को कोई दिक्क्त नहीं होनी चाहिए।

‘किसान आंदोलन’ में यौन शोषण की 3 घटना: अब पीड़ित नर्स ने बताई प्रताड़ना की दास्ताँ, अमेरिकी सिख डॉक्टर का लिया नाम

टिकरी सीमा पर ‘किसान आंदोलन’ में पश्चिम बंगाल की एक महिला के साथ बलात्कार की घटना को अभी एक साल भी नहीं हुए हैं कि अब एक नर्स ने वहाँ यौन शोषण का आरोप लगाया है। शिवानी ढिल्लों नामक सोशल मीडिया यूजर ने उक्त पंजाबी नर्सिंग असिस्टेंट के साथ हुई वारदात के बारे में बताया। टिकरी सीमा पर किसान प्रदर्शनकारियों ने कई महीनों से हाइवे को ब्लॉक कर के रखा हुआ है और अब वहाँ मेकशिफ्ट कैम्प भी बना लिए गए हैं।

पीड़िता ने टिकरी सीमा पर हो रहे प्रदर्शन के आयोजकों में से एक डॉक्टर सवाईमान सिंह के वॉलंटियर्स पर यौन शोषण का आरोप लगाया। इंस्टाग्राम पर अपनी दास्ताँ शेयर करते हुए पीड़िता ने बताया कि कैसे डॉक्टर सवाईमान सिंह और उनके अनुयायियों ने उसे प्रताड़ित किया। पीड़िता ने बताया कि डॉक्टर सिंह के वीडियोज देख कर वो उनसे प्रभावित थी और प्रदर्शन स्थल पर कोरोना वैक्सीन को लेकर जागरूकता फैलाना चाहती थी।

फिर उसने अप्रैल में इस काम के लिए वॉलन्टियरिंग शुरू की। डॉक्टर सवाईमान सिंह ने वहाँ ‘पिंड कैलिफोर्निया’ नामक अस्थायी अस्पताल बनाया है। उसी इमारत के एक कॉरिडोर में गाँव की अन्य महिला प्रदर्शनकारियों के साथ रहने के लिए पीड़िता को भी जगह दी गई। पीड़िता ने बताया कि कुछ पुरुष वॉलंटियर्स के साथ पहली बातचीत में ही उसे सब कुछ ठीक नहीं लग रहा था, लेकिन उसे जाने दिया।

पहले दो दिन में सिर्फ जरूरत की ही बातें हुईं, लेकिन तीसरे दिन उसके कमरे में रहने वाले एक महिला डॉक्टर को जाना था। नर्स ने बताया कि वो कमरे में अकेले नहीं सोना चाहती थी, इसीलिए बगल के कमरे की महिला प्रदर्शनकारियों को अपने साथ सोने को कहा। अज्ञात नर्स ने बताया कि डॉक्टर सिंह के वॉलन्टियर्स ने उस पर अश्लील टिप्पणियाँ की और साथ ही दावा किया कि वो किसी पुरुष वॉलंटियर के साथ रोमांस कर रही है।

पीड़िता ने बताया कि जब उसने पास खड़े एक बुजुर्ग व्यक्ति से इसकी शिकायत की तो उसके बाद वॉलंटियर्स मिल कर उसके खिलाफ गैंगबाजी करने लगे। जब उसने डॉक्टर सिंह से इसकी शिकायत की तो उन्होंने ‘ये अमेरिका नहीं है’ कहते हुए शिकायत को नजरअंदाज कर दिया और कहा कि वो वॉलंटियर्स 4-5 महीने से हैं, जबकि उक्त नर्स के आए अभी 2-3 दिन ही हुए हैं। अगले दिन जब नर्स ने फिर से डॉक्टर सवाईमान सिंह को इन मुद्दों के बारे में बताया तो उन्होंने स्पष्ट कह दिया कि वो नर्स की सेफ्टी की गारंटी नहीं दे सकते।

महिला के अनुसार, डॉक्टर सवाईमान सिंह ने नर्स से कहा कि वो उसे सिंघु सीमा पर छोड़ आएँगे और तभी बुलाएँगे, जब कोई लेडी डॉक्टर आ जाएगी। महिला ने डॉक्टर सिंह के वॉलंटियर्स पर ‘स्लट-शेमिंग’ का भी आरोप लगाया। पीड़िता ने बताया कि वो लोग एक महिला के मुँह से ना सुनने के आदी नहीं थे और खुद को श्रेष्ठ समझते थे। साथ ही पीड़िता के कारण वो अपने ईगो को हर्ट हुआ भी समझते थे।

महिला ने बताया, “इन लोगों ने जिस तरह से मुझे प्रताड़ित किया, मेरा यौन शोषण किया और स्त्रियों के प्रति उनकी घृणा को जिस तरह से मैंने झेला, उससे स्पष्ट है कि वहाँ कई अन्य महिलाओं को भी ऐसे ही अनुभव हुए होंगे। मोर्चा की चिंता मुझे थी, डॉक्टर सिंह को नहीं। एक महिला का प्रताड़ना के खिलाफ आवाज़ उठाने से उस पर कोई असर नहीं पड़ेगा, लेकिन ऐसे लोगों के चुप होने से पड़ेगा। इस प्रदर्शन में महिलाओं को तुच्छ समझी जाने वाली सोच बदली जानी चाहिए।”

टिकरी बॉर्डर पर पहले भी हुई है रेप की घटना

मई 2021 में दिल्ली के टिकरी बॉर्डर स्थित ‘किसानों’ के प्रदर्शन स्थल पर बंगाल से आई युवती की कोरोना से मृत्यु के बाद युवती के पिता ने आरोप लगाया था कि उन्हें उनकी बेटी ने खुद फोन पर कहा था कि उसका शारीरिक शोषण किया गया था। गैंगरेप के इस मामले के आरोपितों में से दो आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता हैं। ‘स्वराज पार्टी’ के योगेंद्र यादव को किसानों के टेंट में हुई इस घटना के बारे में पता था

शिकायत के अनुसार, युवती ने पिता को बताया कि अनिल और अनूप अच्छे लोग नहीं हैं। यात्रा के दौरान जब सब सो रहे थे तब उनमें से अनिल ने पास आकर उसे जबरन चूमा। उसने हड़बड़ी में उसे अपने से दूर होने को कहा और दोबारा हरकत न दोहराने की चेतावनी दी। मगर, इसके बाद अनिल और अनूप उसे ब्लैकमेल करने लगे, उस पर प्रेशर बनाने लगे। उसके साथ साथ ट्रेन में भी जबरदस्ती हुई और बाद में प्रदर्शनस्थल पर भी उसे आरोपितों के साथ जबरदस्ती टेंट शेयर करने को कहा गया।

बाद में योगेंद्र यादव ने सफाई देते हुए कहा था कि उन्होंने अपनी बांग्ला भाषी पत्नी को लड़की से बात करने को कहा, जहाँ लड़की ने उन्हें अपने शोषण की हल्की-फुल्की हिंट दी। उनके मुताबिक, 25 अप्रैल को यादव ने खुद उसको संपर्क किया था लेकिन लड़की के पिता ने कहा कि उसे कहीं और ले जाया गया है। उन्होंने बताया था कि ये जानने के बाद उन्होंने लड़की को फोन किया और उससे बात की।

इतना ही नहीं, ‘किसान आंदोलन’ में महिला पत्रकारों तक को बदसलूकी का सामना करना पड़ा है। इंडिया टुडे की एडिटर प्रीति चौधरी ने बताया था कि प्रदर्शनस्थल पर मौजूद ‘कुछ प्रदर्शनकारी’ रिपोर्टरों (पत्रकारों) का यौन उत्पीड़न भी करने लगे हैं, वहीं वहाँ मौजूद अन्य लोग ये सब होने देते हैं। महिला पत्रकारों के नितम्बों पर चुटकी काटने के आरोप लगे थे। रिपब्लिक और ज़ी न्यूज़ के पत्रकारों के साथ भी बदसलूकी के वीडियो सामने आए थे।

ISIS आतंकी को दम भर कूट कर तिहाड़ जेल में ‘जय श्री राम’ बुलवाया: वकील कौसर खान ने आरोप लगा दायर की याचिका

देश भर में आत्मघाती हमलों और सीरियल ब्लास्ट की योजना बनाने के आरोप में गिरफ्तार आईएसआईएस के एक कथित आतंकी ने बुधवार (9 जून 2021) को अदालत में याचिका दायर कर आरोप लगाया कि उसे जेल के कैदियों ने पीटा और ‘जय श्री राम’ जैसे धार्मिक नारे लगवाए।

आरोपित राशिद जफर को देश में सीरियल ब्लास्ट और राजनेताओं को निशाना बनाने की साजिश रचने के मामले में 2018 में गिरफ्तार किया गया था। इसकी योजना सरकारी संस्थानों को भी निशाना बनाने की थी। आरोपित के वकील एमएस खान ने याचिका में दावा किया है कि उसके मुवक्किल ने तिहाड़ जेल से ही अपने पिता को फोन कर कैदियों द्वारा पीटने और जबरन ‘जय श्री राम’ बुलवाने की घटना के बारे में बताया था।

वकील कौसर खान ने यह याचिका दायर की, इसमें उन्होंने अदालत से इस मामले की जाँच के लिए जेल सुपरिटेन्डेंट को निर्देश देने की माँग की है।

एनआईए ने 2018 में दिल्ली पुलिस की स्पेशल यूनिट, यूपी एटीएस के साथ मिलकर दिल्ली के जाफराबाद, सीलमपुर और उत्तर प्रदेश के 11 स्थानों पर सर्च ऑपरेशन के बाद 9 लोगों को आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के मामले में गिरफ्तार किया था। ये सभी गिरफ्तारियाँ 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह से एक महीने पहले तलाशी अभियान के दौरान हुई थीं।

NIA ने कई विस्फोटक जब्त किए थे

जाँच एजेंसी ने इस सर्च अभियान के दौरान स्थानीय स्तर पर बनाया गया एक रॉकेट लॉन्चर, सुसाइड जैकेट के लिए सामान और टाइमर के लिए इस्तेमाल की जाने वाली 112 अलार्म घड़ियों को बरामद किया गया था। इसके अलावा 25 किलो पोटैशियम नाइट्रेट, अमोनियम नाइट्रेट और सल्फर जैसे विस्फोटक पदार्थों को जब्त किया गया था।

आतंकियों ने रिमोट कंट्रोल इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइसेज को असेंबल करने के लिए रिमोट कंट्रोल कार और वायरलेस डोरबेल भी खरीदी थी। जाँच एजेंसी को तलाशी के दौरान स्टील के कंटेनर, बिजली के तार, 91 मोबाइल फोन, 134 सिम कार्ड, 3 लैपटॉप, चाकू, तलवार, आईएसआईएस से जुड़े सामान भी मिले थे।

एनआईए ने इस अभियान की शुरुआत में ‘हरकत उल हर्ब ए इस्लाम’ आतंकी संगठन के 16 लोगों को हिरासत में लिया था, जो इस्लाम के लिए युद्ध करते थे। एजेंसी ने कहा था कि हिरासत में लिए गए 16 लोगों में से 10 को बाद में गिरफ्तार किया गया, जिसमें से पाँच यूपी के अमरोहा से और पाँच उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सीलमपुर और जाफराबाद इलाकों से गिरफ्तार किए गए थे।