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पाइप पर धार्मिक झंडा लगा दिया तो क्या पाप कर दिया?: टिकैत ने 26 मार्च को भारत बंद का ऐलान करते हुए दिखाए तेवर

कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसान संगठनों ने शुक्रवार यानी 26 मार्च 2021 को ‘भारत बंद’ का ऐलान किया है। संयुक्‍त किसान मोर्चा ने बताया कि किसान आंदोलन के 4 महीने पूरे होने पर ‘भारत बंद’ किया जा रहा है- 26 मार्च को सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक भारत बंद होगा। इस दौरान सड़क और रेल परिवहन, बाजार और दूसरे सार्वजनिक स्थानों को बंद रखने का प्लान है।

बता दें कि किसानों का यह आंदोलन पिछले साल 26 नवंबर को शुरू हुआ था। कल इस प्रदर्शन के 4 माह पूरे हो रहे हैं। ऐसे में बंद का आह्वान करते हुए किसान संगठनों ने कहा कि सिर्फ अपातकालीन सेवाएँ जारी रहेंगी बाकी सबकुछ बंद रखा जाएगा। रेल, सड़क मार्च सब चक्का जाम होगा। 

गौरतलब है कि एक ओर जहाँ सभी किसान संगठन बार-बार भारत बंद की बात कर रहे हैं। वहीं इसी बीच राकेश टिकैत ने हरियाणा के रोहतक में किसान महापंचायत में सरकार पर निशाना साधते हुए कथित किसानों को भड़काने का काम किया। उन्होंने कहा कि यदि कोई सरकारी एजेंसी किसानों (Farmers) को डराने की कोशिश करे तो उन्हें बंधक बना लो। 

टिकैत ने अपनी बात रखते हुए 26 जनवरी को लाल किले पर हुई अराजकता को भी अप्रत्यक्ष तौर पर समर्थन दिया। टिकैत ने कहा कि एक पाइप पर धार्मिक झंडा लगा दिया तो क्या पाप कर दिया। लालकिला तो सरकार पहले ही बेच चुकी है। उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री खट्टर पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर सीएम खट्टर में हिम्मत है तो हेलिकॉप्टर से नीचे उतरकर दिखाए।

टिकैत ने सभा में मौजूद लोगों को उकसाते हुए महम से निर्दलीय विधायक बलराज कुंडू के घर हुई छापेमारी का मुद्दा उठाया। वह बोले कि जब बलराज ने किसान आंदोलन का समर्थन किया और विधानसभा में कृषि कानूनों के विरोध में आवाज उठाई तो सरकार ने इनकम टैक्स की छापेमारी करवा दी, लेकिन अब बलराज कुंडू या अन्य किसी नेता के घर पर कोई भी विभाग छापेमारी करने आए तो उनके अधिकारियों को बंधक बना लेना।

इससे पहले टिकैत ने जयपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए लोगों से दिल्ली आने का और बैरिकेड्स तोड़ने की बात कही थी। टिकैत ने जयपुर में कहा, “ उन्होंने (केंद्र) हमें जाति और धर्म के आधार पर बाँटने की कोशिश की लेकिन वे असफल रहे। आपको अह्वान करने पर फिर दिल्ली जाना होगा और फिर बैरिकेड्स तोड़ने होंगे।”

आमिर खान भी थूकते थे… वो भी हिरोइन के हाथों पर: जानिए पकड़े जाने पर क्या दिया था तर्क

बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान और उनके प्रैंक्स के बारे में फराह खान ने एक दिलचस्प खुलासा किया है। हाल ही में जियो मामी मुंबई फिल्म फेस्टिवल (Jio MAMI Mumbai Film Festival) में ‘जो जीता वही सिकंदर’ फिल्म की टीम एक बार फिर से एकजुट हुई।

इस दौरान कोरियोग्राफर-फिल्ममेकर फराह खान ने एक पुराना वाकया शेयर करते हुए कहा, “आमिर सभी के साथ ऐसा करते थे और वह अभी भी ऐसा कर रहे हैं। वह कहते हैं मुझे अपना हाथ पढ़ने के लिए दो और फिर उस पर थूक देते हैं।”

इस पर ‘गजनी’ फिल्म के अभिनेता ने मजाकिया अंदाज में सफाई देते हुए कहा, “मैंने जिस हीरोइन के हाथ पर थूका है वो नंबर वन बन गई।” इसी बीच पूजा बेदी ने भी चुटकी लेते हुए कहा, “मैं अपनी बेटी आलिया से कहूँगी कि आप जाकर आमिर अंकल से मिलो उन्हें आपके हाथों पर थूकने की जरूरत है।”

बता दें कि बुधवार (24 मार्च) को आमिर खान कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। कोविड-19 टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद आमिर ने खुद को होम क्वारंटाइन कर लिया है। और उन्होंने दूसरों से भी दूरी बनाए रखने के लिए कहा।

आमिर के प्रवक्ता ने कहा, “आमिर कोरोना संक्रमित हो गए हैं। उन्होंने खुद को होम क्वारंटाइन कर लिया है। वे सभी प्रोटोकॉल को फॉलो भी कर रहे हैं। उन्होंने गुजारिश की है कि जो भी लोग बीते कुछ दिनों में उनके संपर्क में आए हैं, वे सभी अपना कोविड-19 टेस्ट करवा लें। आप सभी की शुभकामनाओं और चिंता के लिए धन्यवाद।”

मनसुख हिरेन की हत्या के समय गाड़ी में मौजूद था सचिन वाजे, क्लोरोफॉर्म देकर नदी में फेंका गया शव

मुंबई में ठाणे व्यवसायी मनसुख हिरेन की मौत के मामले में महाराष्ट्र ATS ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। एटीएस के सूत्रों से मीडिया को पता चला है कि हिरेन को नदी में फेंकने से पहले क्लोरोफॉर्म दिया गया था। वहीं मोबाइल टावर और आईपी मूल्यांकन के बाद ये बात सामने आई है कि जब हिरेन को मारा गया तब सचिन वाजे उसी कार में मौजूद थे।

रिपोर्ट्स के अनुसार, मनसुख हिरेन को ‘मारा’ ही गया था। उनकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी इस बात का खुलासा हुआ है कि शव पर चोट के निशान थे। टाइम्स नाऊ का ये भी दावा है कि हिरेन की मौत के बाद सचिन वाजे ने डोंगरी के एक बार में छापा मारा था। बार के मालिक ने स्वयं इसकी पुष्टि की है। 

बार मालिक ने कहा कि वाजे, डोंगरी पुलिस के साथ वहाँ गया था। पुलिस की टीम 11:30 बजे आई और 2 बजे चली गई। जाँच बेवजह की थी। कोई अनियमतता नहीं मिली। बार उस समय चालू नहीं था।

मीडिया के हाथ लगी एक अन्य सीसीटीवी फुटेज में मनसुख हिरेन को 17 फरवरी को सीएसटी रेलवे स्टेशन के बाहर चलती रोड पर रात 8: 45 पर देखा जा सकता है। इसमें वह अपनी लक्जरी कार में घुसते नजर आ रहे हैं।

NIA ने जाँच में इस गाड़ी को जब्त कर लिया है। जाँच एजेंसियों को लग रहा है कि हिरेन ने अपनी स्कॉर्पियों उसी दिन वाजे को दे दी थी और तभी उन्होंने विखरोली थाने में कार चोरी की शिकायत लिखवाई थी।

पूरे केस में सचिन वाजे को लेकर एक फुटेज भी मीडिया के पास आई है। इसमें उनकी गाड़ी 5 सितारा होटल में घुसती दिख रही है। यहाँ वाजे के हाथ में एक बैग और उस बैग के स्कैन से ये पता लग रहा है जैसे उसमें कैश और जिलेटिन की छड़े हों।

मालूम हो कि मुकेश अंबानी के घर से कुछ दूरी पर जिलेटिन से भरी कार मिलने के मामले में निलंबित पुलिस अधिकारी सचिन वाजे की पुलिस हिरासत 3 अप्रैल तक बढ़ा दी गई। कोर्ट में वाजे ने कहा कि उसका इस अपराध मामले में कोई लेना-देना नहीं है और उसे केवल बलि का बकरा बनाया जा रहा है।

अदालत में वाजे ने कहा कि वो केवल डेढ़ दिनों के लिए जाँच अधिकारी था। इस दौरान उसने मामले की जाँच वैसे ही की, जैसी की जानी चाहिए थी। फिर प्लॉन में कुछ बदलाव हुए। वह खुद NIA दफ्तर गया, जहाँ उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

R से Rejected, A से Absent Minded… असम में ‘मामा’ शिवराज ने अनोखे अंदाज में बताया ‘RAHUL’ का मतलब

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने असम में चुनाव प्रचार के दौरान कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी पर जमकर हमला बोला। सीएम ने गुरुवार को कामरुप (रूरल) जिले के पलासबड़ी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल गाँधी का फुल फॉर्म भी बताया।

उन्होंने अंग्रेजी में राहुल (RAHUL) के नाम का मतलब हुए कहा, ”राहुल गाँधी ने कॉन्ग्रेस को कहीं का भी नहीं छोड़ा है। अब तो RAHUL का मतलब हो गया है- R से Rejected, A से Absent Minded, H से Hopeless, U से Useless और L का मतलब Liar है।”

शिवराज सिंह चौहान ने कॉन्ग्रेस नेता को आड़े हाथों लेते हुए आगे कहा कि राहुल गाँधी कॉन्ग्रेस का भला नहीं कर सके, तो असम का भला क्या कर पाएँगे। राहुल गाँधी से बड़ा झूठा आज तक कोई पैदा नहीं हुआ। वे हमेशा ही झूठी घोषणाएं करते हैं। वे असम की पाँच बातों की गारंटी दे रहे हैं। जिन पर कॉन्ग्रेसियों को ही भरोसा नहीं हो रहा है, तो उनकी गारंटी पर कोई कैसे भरोसा करेगा।

इसके साथ ही उन्होंने गुवाहाटी में कहा कि हम प्यार के खिलाफ नहीं हैं, हम ‘जिहाद’ के खिलाफ हैं। किसी को धोखा देकर, नाम बदलने या बेईमान तरीके से प्यार नहीं करना चाहिए। हमने फ्रीडम टू रिलिजन एक्ट 2021 कानून बनाया है। पार्टी ने कहा है कि राज्य में एक समान कानून लागू किया जाएगा।

जापान में महिला को शादीशुदा महिला से संबंध बनाना पड़ा महँगा, पीड़ित पति को देने होंगे 1.10 लाख येन: कोर्ट का आदेश

जापान की एक स्थानीय अदालत ने एक महिला को शादीशुदा महिला के साथ यौन संबंध बनाने का दोषी मानते हुए जुर्माना देने का आदेश दिया है। टोक्यो की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अदालत ने 16 फरवरी को अपना फैसला सुनाते कहा कि दोषी महिला को दूसरी महिला के पीड़ित पति को 1 लाख 10 हजार येन (70,000 रुपए) का जुर्माना देना होगा।

बताया जा रहा है कि 39 वर्षीय पति ने 37 वर्षीय महिला के खिलाफ कोर्ट में मुकदमा दायर कर आरोप लगाया था कि उसने उसकी पत्नी के साथ यौन संबंध बनाए थे। वह उसकी पत्नी के साथ रिश्ते में थी। पति के मुताबिक दोषी महिला उसकी पत्नी से एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर मिली थी।

वहीं, आरोपित महिला ने कोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि उसके कारण उन दोनों की शादी को कोई नुकसान नहीं हुआ और ना ही कोई बेवफाई हुई। लेकिन कोर्ट ने महिला को यह कहते हुए पीड़ित पति को मुआवजा देने का आदेश दिया कि उसके इस कार्य से शांति भंग हुई है, इसमें बेवफाई का कारण नहीं बनता है।

इस मामले पर टोक्यो कोर्ट ने यह भी कहा था, “समलैंगिक युगल भी दो लोगों के बीच एक समझौता है और इस आधार पर यह कहा जा सकता है कि यह रिश्ता भी निष्ठा के लिए उसी तरह के दायित्वों का निर्वहन करता है जो विपरीत लिंग के रिश्ते के लिए जरूरी होता है। यह एक वैसा ही रिश्ता था जैसे कि एक महिला और पुरुष एक साथ वैवाहिक जोड़े के रूप में अपना जीवन व्यतीत करने के लिए साथ आते हैं।”

बता दें कि जापान में कुछ समय पहले देश की एक जिला अदालत ने समलैंगिक विवाह को अंसवैधानिक बताते हुए समलैंगिक युगल को शादी की अनुमति देने से इनकार कर दिया था।

3 अप्रैल तक और बढ़ी सचिन वाजे की हिरासत, पड़ताल में NIA को घर से मिली 62 बुलेट

मुकेश अंबानी के घर से कुछ दूरी पर जिलेटिन से भरी कार मिलने के मामले में निलंबित पुलिस अधिकारी सचिन वाजे की पुलिस हिरासत 3 अप्रैल तक बढ़ा दी गई। कोर्ट में वाजे ने कहा कि उसका इस अपराध मामले में कोई लेना-देना नहीं है और उसे केवल बलि का बकरा बनाया जा रहा है।

अदालत में वाजे ने कहा, “मैं केवल डेढ़ दिनों के लिए जाँच अधिकारी था। इस दौरान मैंने मामले की जाँच वैसे ही की, जैसी की जानी चाहिए थी। फिर प्लॉन में कुछ बदलाव हुए। मैं खुद NIA दफ्तर गया, जहाँ मुझे गिरफ्तार कर लिया गया।”

सुनवाई में NIA की ओर से एडिशनल सॉलिस्टर जनरल अनिल सिंह ने कहा कि हर कोई इस केस में पुलिस की भूमिका को जानने के बाद हैरान है। पड़ताल में वाजे के घर से NIA को 62 बुलेट मिली है। इसकी जाँच होनी चाहिए कि आखिर वह वहाँ क्यों थी।

एएसजी अनिल सिंह ने बताया कि पुलिस विभाग ने वाजे को सिर्फ़ 30 बुलेट दी। जिसमें से 5 बुलेट मिल चुकी है। और बाकी की मिलनी बाकी है। सिंह ने कहा कि ठाणे के व्यवसायी मनसुख हिरेन की हत्या जिनका कहना था कि कार उनके घर से चोरी हुई, वो इस केस से संबंधित है।

उन्होंने कोर्ट को बताया कि NIA को एक दिन पहले ही ATS ने इस मामले से जुड़े दो आरोपितों की कस्टडी दी है। इसलिए एजेंसी उनसे वाजे का आमना-सामना करवाना चाहती है। सरकारी वकील ने वाजे पर कई सीसीटीवी कैमरा के डीवीआर को खत्म करने के आरोप भी लगाए हैं। इसके साथ ही वाजे पर जाँच में सहयोग न करने के भी आरोप लगे हैं।

बता दें कि मनसुख हिरेन मामले की जाँच एनआईए ही कर रही है। वाजे के घर के अलावा टीम ने दक्षिण मुंबई के एक पाँच सितारा होटल पर भी छापा मारा था। जहाँ से पुलिस को पता चला की वाजे फर्जी आधार कार्ड दिखाकर वहाँ रुके हुए थे। इसके अलावा हाल में एक बिल्डर ने सचिन वाजे के खिलाफ रंगदारी का मामला दर्ज कराया है। 

बिल्डर ने वाजे और उसके साथियों पर डरा-धमका कर रुपए वसूलने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। इस संबंध में मुंबई पुलिस कमिश्नर और महाराष्ट्र के DGP को भी शिकायत पत्र भेजा है। बिल्डर ने कहा है कि जब सचिन वाजे को सस्पेंड कर दिया गया है तो उसके द्वारा चलाए जा रहे रंगदारी और भ्रष्टाचार के रैकेट की जाँच होनी चाहिए। उसने बताया है कि वाजे और उसके साथियों ने उसे बार-बार धमकाया और रुपए न देने पर केस करने की धमकी दी।

धोनी और CSK दोनों हुए संघी, टीम जर्सी में भारतीय सेना को दे रहे सम्मान: IPL से पहले आरोप लगा रो रहे वामपंथी

IPL- 2021 के मद्देनजर चेन्नई सुपरकिंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने टूर्नामेंट के लिए टीम की नई जर्सी का अनावरण किया है। चेन्नई सुपरकिंग्स फ्रेंचाइजी ने इसका वीडियो इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया। इसमें धोनी टीम की जर्सी को अनबॉक्स करते दिखाई दे रहे हैं।

सोशल मीडिया पर लोग इसकी जमकर तारीफ कर रहे हैं, लेकिन टीम की जर्सी में सेना को सम्मान देने से कथित लिबरल वामपंथियों के पेट में दर्द होने लगा है। वामपंथी सीएसके की जर्सी के कंधे पर बने केमोफ्लॉज पर सवाल उठा रहे हैं।

वामपंथी इसे टीम को संघी रंग में रंगने जैसा करार देने से भी नहीं चूक रहे हैं। आपको बता दें कि महेंद्र सिंह धोनी टेरिटोरियल आर्मी में लेफ्टिनेंट कर्नल हैं। CSK टीम की ओर से यह बताया गया कि जर्सी पर यह केमोफ्लॉज सेना के सम्मान में बनाया गया है।

चेन्नई सुपरकिंग्स ने कहा- केमोफ्लॉज सेना के सम्मान के लिए

लिबरल जमात द्वारा जर्सी के संघीकरण के आरोपों के बीच सीएसके ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि जर्सी का केमोफ्लॉज वाला स्वरूप सशस्त्र बलों के सम्मान के लिए है। इसके ऊपर लगा थ्री स्टार फ्रेंचाइजी का लोगो है।

सीएसके के CEO के विश्वनाथन ने कहा, “हमारे दिमाग में बीते कुछ समय से आ रहा था कि सशस्त्र बलों के स्वार्थ रहित कार्य के लिए कुछ करना चाहिए। केमोफ्लॉज उनकी सेवा के सम्मान के लिए है, क्योंकि वे असली हीरो हैं।”

सेना के सम्मान से लिबरल वामपंथियों के पेट में मरोड़

चेन्नई सुपरकिंग्स की कामोफ्लेज वाली नई जर्सी से लिबरल वामपंथियों के दिक्कत होने लगी है। सोशल मीडिया पर कुछ लोग सीएसके के जाँबाज सैनिकों को सम्मान देने के फैसले पर सवाल उठा रहे हैं। उनके मुताबिक ऐसा करके चेन्नई सुपरकिंग्स राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एजेंडे को आगे बढ़ा रहा है।

कुछ लिबरल जमाती सोशल मीडिया पर कह रहे हैं कि सीएसके की जर्सी अब राष्ट्रवादी रंग ले चुकी है। इनका आरोप है कि चेन्नई सुपरकिंग्स सॉफ्ट मिलिट्री और संघी दुष्प्रचार को आगे बढ़ा रहा है। वामपंथियों के मुताबिक राष्ट्र के प्रतीकों और सेना का सम्मान करना संघ के एजेंडे को बढ़ाना है।

एक यूजर ने टीम की जर्सी को कोट करते हुए धोनी को संघी बताया और कहा, ‘सीएसके पागल हो गई है। धोनी को बैन कर देना चाहिए।’ एक अन्य यूजर ने ट्विटर पर लिखा, ‘चेन्नई सुपरकिंग्स हमेशा आईपीएल में जहर घोलती है। आर्मी स्ट्रिप्स नहीं चलेगी।’

केजरीवाल को मोदी के विकल्प के रूप में देख रहे हैं लोग, उनसे डरकर ले आए NCT बिल: मनीष सिसोदिया

लोकसभा के बाद राज्यसभा में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र सरकार (संशोधन) विधेयक, (GNCTD) बिल 2021, पास होने के बाद आम आदमी पार्टी के नेता मोदी सरकार पर निशाना साध रहे हैं। 

दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि इस विधेयक के पास होने से पता चलता है कि भाजपा सरकार सीएम अरविंद केजरीवाल और उनके कामों से कितना असुरक्षित महसूस कर रही है। लोग इस बात को कहने लगे हैं कि अरविंद केजरीवाल, मोदी के विकल्प हो सकते हैं। ये बिल मुख्यमंत्री केजरीवाल को आगे बढ़ने से रोकने के लिए लाया गया है। 

मनीष सिसोदिया ने कहा, “पीएम मोदी आज नकारात्मक राजनीति में उतर आए हैं। तो उन्हें राजनीतिक जवाब मिलेगा। हम अपने कानूनी विशेषज्ञों से बात कर रहे हैं और हमारे विकल्प तलाश रहे हैं। सीएम केजरीवाल एक योद्धा हैं, पिछले 6 वर्षों में उनकी कोशिशों के बावजूद उन्होंने अपने सभी वादे पूरे किए जिनका मेनिफेस्टो में उल्लेख था।”

बता दें कि केंद्र सरकार ने GNCTD विधेयक को लोकसभा और राज्यसभा से पारित करवा लिया है। ये नया बिल एजली को विशेष शक्ति देने वाला विधेयक है। विधेयक में यह स्पष्ट किया गया है कि दिल्ली में सरकार का मतलब उप राज्यपाल है। इसके पास होने पर आम आदमी पार्टी के नेता जमकर विरोध कर रहे हैं। उनका मानना है कि इससे सीएम की शक्तियाँ कम हो जाएँगी। राज्यसभा में विधेयक पेश होने के वक्त भी विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। राज्यसभा सांसद सुशील गुप्ता ने भी इस दौरान भाजपा सरकार पर सवाल उठाए।

सुशील गुप्ता ने कहा कि दिल्ली की जनता ने धर्म और जाति की राजनीति को फेल करके अरविंद केजरीवाल के विकास के मॉडल को तवज्जो दी है। आज दिल्ली का विकास मॉडल जिस तरीके से पूरे देश में फैल रहा है। अरविंद केजरीवाल की लोकप्रियता से घबराकर मोदी जी ने इस सवाल का जवाब संसद में खुद दे दिया।

आगे आप नेता सुशील ने भी PM मोदी का विकल्प अरविंद केजरीवाल को बताया और कहा कि दिल्ली मॉडल को रोकने के लिए यह बिल पास किया गया है। उनके अनुसार, आदमी जिस से डरता है, उसका रास्ता रोकता है। दिल्ली में किस तरीके से विकास हुआ, उस विकास को पसंद कर अब देश के अन्य राज्य भी अरविंद केजरीवाल की तरफ बढ़ रहे हैं।

मोदी सरकार ने नेटफ्लिक्स, अमेजन जैसे OTT प्लेटफॉर्म, डिजिटल मीडिया के लिए जारी किए नए नियम: सख्त होगी निगरानी

केंद्र सरकार ने डिजिटल न्यूज प्लेटफॉर्म्स और ओटीटी (ओवर-द-टॉप) प्लेटफॉर्म के लिए नए नियम जारी किए हैं। नए नियमों का उद्देश्य लोगों को पारंपरिक मीडिया जैसे न्यूज चैनलों व समाचार पत्रों के समान ही ऑनलाइन कंटेंट मुहैया करवाना है। नए नियम फेसबुक, व्हाट्सएप, ट्विटर और ओटीटी प्लेटफॉर्म जैसे नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम, डिजनी हॉटस्टार और कई अन्य जैसे सोशल मीडिया/डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर लागू होंगे।

अधिसूचना में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने कहा, ”भारत सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती संस्थाओं हेतु दिशा-निर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 को 25.02.2021 को अधिसूचित किया है। नियमों का भाग III डिजिटल समाचार प्रकाशकों और ऑनलाइन क्यूरेट सामग्री (ओटीटी प्लेटफॉर्म) के प्रकाशकों से संबंधित है। नियमों के तहत प्रकाशकों को आचार संहिता का पालन करना, शिकायत निवारण तंत्र स्थापित करने और भारत सरकार को कंटेंट संबंधित सभी जानकारी देनी होगी।”

ओटीटी प्लेटफॉर्मों, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों और समाचार पोर्टलों के लिए सरकार ने नए नियम अधिसूचित किए (फोटा: ट्विटर)
ओटीटी प्लेटफॉर्मों, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों और समाचार पोर्टलों के लिए सरकार ने नए नियम अधिसूचित किए (फोटा: ट्विटर)

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद और प्रकाश जावड़ेकर ने फरवरी में डिजिटल मीडिया, सोशल मीडिया और ओवर-द-टॉप (ओटीटी) प्लेटफॉर्म के लिए दिशा-निर्देश जारी किए थे। रविशंकर प्रसाद ने कहा था कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का भारत में कारोबार करने के लिए स्वागत है, लेकिन उन्हें भारत का संविधान और कानून मानना होगा।

वहीं, प्रकाश जावड़ेकर ने कहा था कि ओटीटी प्लेटफॉर्म के लिए तीन स्तर का तंत्र होगा। ओटीटी प्लेटफॉर्म/डिजिटल मीडिया को अपने काम की जानकारी देनी होगी, वो कैसे अपना कंटेंट तैयार करते हैं और उन्हें एक शिकायत निवारण तंत्र बनाना होगा।

दरअसल, डिजिटल मीडिया/ओटीटी प्लेटफॉर्म पर नियंत्रण के लिए अब तक कोई स्वायत्त संस्था नहीं थी, जिसके चलते यहाँ पर हिंसा से लेकर नग्नता तक सब कुछ परोसा जा रहा था। इसे लेकर कई बार हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने भी चिंता जताई थी।

बता दें कि सूचना व प्रसारण मंत्रालय के अंतर्गत आने के बाद नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम वीडियो जैसे ओटीटी प्लेटफार्म पर हिंसा व नग्नता पर लगाम लगेगी।

लाल किले पर निशान साहिब का झंडा फहराने वाले जुगराज के परिवार को मिला सम्मान, पुलिस ने रखा है ₹1 लाख का इनाम

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में गणतंत्र दिवस के अवसर पर हुई हिंसा के दौरान लाल किला पर जाकर निशान साहिब का झंडा फहराहने वाले जुगराज सिंह की तलाश दिल्ली पुलिस काफी समय से कर रही है। इस बीच खबर आई है कि उसके परिवार को अमृतसर के हरमिंदर साहिब में बुधवार को एक आयोजन के दौरान सम्मानित किया गया।  

जुगराज सिंह, पंजाब के वान तारा सिंह गाँव का निवासी है। उसके विरुद्ध दंगे करने और देशद्रोह जैसी धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने 3 फरवरी को पूरे मामले में दीप सिद्धू, जुगराज सिंह और अन्य आरोपितों के ऊपर ईनाम की घोषणा की थी

जानकारी के मुताबिक, बुधवार को हरमिन्दर साहिब में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें मुख्य आयोजकों में संयुक्त किसान मोर्चा के प्रतिनिधि जैसे बीकेयू (क्रांति) के अध्यक्ष सुरजीत सिंह फूल, दल खालसा के अध्यक्ष हरपाल सिंह चीमा, आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता सुखपाल सिंह खैरा, शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के महासचिव प्रो सिंह जैसे तमाम लोग थे। जिन्होंने कार्यक्रम के दौरान 26 जनवरी को हुई हिंसा के आरोपित लक्का सिधाना को अपना समर्थन दिया। सिधाना पर पुलिस ने 1 लाख रुपए का ईनाम घोषित किया हुआ है। इसके अलावा भारत बंद को सबने सपोर्ट किया।

बता दें कि हरमिंदर साहिब में इस कार्यक्रम को नवरीत सिंह की याद में आयोजित किया गया था। नवरीत की मृत्यु गणतंत्र दिवस पर बैरिकेडिंग तोड़ने के कारण हुई थी। गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में अराजकता पैदा करने वाले उन दंगाइयों के परिवारों को सम्मानित करते हुए बुधवार को स्वर्ण मंदिर में पंजाब के सिख युवाओं के परमजीत सिंह मंडा ने बताया,

“26 जनवरी को दिल्ली में ट्रैक्टर मार्च के दौरान पुलिस की गोलियों से मारे गए नवरीत सिंह की याद में समारोह आयोजित किया गया। पंजाब के सिख युवाओं द्वारा अरदास और श्रद्धांजलि समागम का आयोजन उन सभी किसानों को श्रद्धांजलि देने के लिए किया गया जिन्होंने आंदोलन में भाग लेते हुए अपनी जान गँवाई।”

उल्लेखनीय है कि 26 जनवरी को हिंसा के बाद दिल्ली ने तमाम दंगाइयों के विरुद्ध पुलिस ने मुकदमे दर्ज किए थे। नवरीत की मृत्यु पर झूठ फैलाने वाले पत्रकार राजदीप सरदेसाई, शशि थरूर, जैसी नामी हस्तियों के ख़िलाफ़ भी कार्रवाई हुई थी। इसके बाद 19 फरवरी को दिल्ली पुलिस नेलाल किला हिंसा मामले में 200 लोगों की तस्वीर जारी की थी। इन सभी पर हिंसा में शामिल होने का आरोप है। दिल्ली पुलिस ने बताया था कि उन्होंने विभिन्न स्रोतों से मिले वीडियो को स्कैन करने के बाद आरोपितों की तस्वीर जारी की।