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मनसुख हिरेन की ‘हत्या’ हुई थी, एंटीलिया केस से मोदी की रैली में ब्लास्ट करने वाले आतंकी का भी कनेक्शन

उद्योगपति मुकेश अंबानी के मुंबई स्थित घर ‘एंटीलिया’ के बाहर विस्फोटक लदी गाड़ी खड़ी करने के मामले के तार दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद इंडियन मुजाहिद्दीन (IM) के आतंकी तहसीन अख्तर से जुड़ रहे हैं। धानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली के दौरान पटना के गाँधी मैदान में हुए धमाकों समेत कई बम बलास्ट में शामिल रहा है। उसके बैरक से दो मोबाइल मिले हैं, जिन्हें फोरेंसिक जाँच के लिए भेजा गया है।

माना जा रहा है कि इसी मोबाइल के जरिए वह टेलीग्राम चैनल क्रिएट किया गया था, जिसके जरिए एंटीलिया के बाहर गाड़ी खड़ी करने की जिम्मेदारी ली गई थी। इस बीच सूत्रों के हवाले से टाइम्स ऑफ इंडिया ने बताया है कि एटीएस को शुरुआती जाँच के बाद लग रहा है कि मनसुख हिरेन की हत्या ही की गई थी। एक ATS अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि करीब-करीब उस लोकेशन का पता लगा लिया गया है, जिसके बाद हिरेन रहस्यमयी तरीके से गायब हो गए थे।

वह गाड़ी हिरेन की ही थी ​जो ‘एंटीलिया’ के बाहर खड़ी मिली थी। बाद में उनकी लाश संदिग्ध परिस्थितियों में मिली थी। इस गाड़ी को लेकर हिरेन के परिजनों का कहना रहा है कि वह चोरी हो गई थी और उसकी रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इस मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच में रहे सचिन वाजे की भूमिका भी संदिग्ध बताई जाती है। उसकी अंतरिम जमानत याचिका ठाणे सेशन कोर्ट ने शुक्रवार (मार्च 12, 2021) रद्द कर दी। अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी।

उद्धव ठाकरे सरकार वाजे का ट्रांसफर सिटीजन फैसिलिटेशन सेंटर (CFC) यूनिट में कर डैमेज कंट्रोल का प्रयास किया है। मनसुख हिरेन के परिजनों ने वाजे पर हत्या का आरोप लगाया है।

अब इस मामले की जाँच ATS (आतंक निरोधी दस्ता) कर रहा है, जिसे कोर्ट ने अगली सुनवाई में बयान देने के लिए बुलाया है। ATS ने अपनी शुरुआती जाँच में पाया भी है कि हिरेन की हत्या हुई थी। TOI के सूत्रों के अनुसार, ATS और NIA की कई टीमें इस मामले में जाँच कर रही हैकी और एक ATS अधिकारी ने बताया कि उन्होंने लगभग उस अंतिम लोकेशन की पहचान कर ली है, जहाँ से मनसुख हिरेन गायब हो गए थे।

हिरेन की लाश को जब खाड़ी से निकला गया था, तब उनके मुँह और चेहरे के पास से एक मास्क और कई रुमाल मिले थे। शरीर में बालू का कोई ट्रेस नहीं था और न ही उनके पेट में पानी घुसा था। उनकी बाईं नाक और कंधे पर जख्म शंका है कि उनकी हत्या कर हाई टाइड के वक़्त वहाँ फेंक दिया गया था। साजिशकर्ताओं की सोची थी कि इससे लाश समुद्र में बह जाएगी। वाजे के CDR मोबाइल लोकेशन दक्षिणी मुंबई में मिले हैं, जब हिरेन गायब हुए।

मनसुख हिरेन के परिजनों के बयान भी ATS ने दूसरी बार दर्ज किए। शुक्रवार को उनके भाई और बेटे को ठाणे स्थित ATS दफ्तर में बुलाया गया था, जहाँ वो 9 घंटे तक रहे। इस पूरे मामले के तार दिल्ली स्थित तिहाड़ जेल से जुड़े हैं, जहाँ तलाशी के दौरान ‘इंडियन मुजाहिद्दीन’ आतंकी संगठन के तहसीन अख्तर के बैरक से मोबाइल फोन बरामद हुआ। उसे शनिवार को रिमांड पर लिया जाएगा। आशंका है कि वो जैश-उल-हिन्द की स्थापना में शामिल है।

दोनों फोन्स की फॉरेंसिक जाँच के लिए भेजा गया है। पुलिस ने अख्तर से पूछताछ के लिए जेल प्रशासन को सूचित कर दिया है। ‘जैश-उल-हिन्द’ नामक टेलीग्राम चैनल का भी खुलासा हुआ है। फरवरी 27 को इसी टेलीग्राम चैनल पर अंबानी के घर के बाहर हमले की साजिश की जिम्मेदारी ली गई थी। सिम ईस्ट दिल्ली के रघुबरपुरा स्थित किसी जयदीप लोढ़िया के नाम पर रजिस्टर्ड था।

वहीं इस मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की सरकार ने तिहाड़ जेल के महनिदेशक से वहाँ कैदी बैरक में दो-दो मोबाइल फोन्स मिलने को लेकर रिपोर्ट माँगी है। दिल्ली के गृह मंत्री सत्येंद्र जैन ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही है। इंडियन मुजाहिदीन के सह-संस्थापक यासीन भटकल की गिरफ्तारी के बाद आतंकी संगठन का नेतृत्व कर रहे अख्तर को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 2014 में गिरफ्तार किया था।

बता दें कि चैनल बनाने के लिए TOR नेटवर्क का उपयोग किया गया था। इस TOR नेटवर्क का इस्तेमाल डार्कनेट एक्सेस करने के लिए किया जाता है। यानी, इंटरनेट के उन पहलुओं के उपयोग के लिए जो सामान्य वेब ब्राउजर पर नजर न आएँ। अंबानी से रुपए माँगने वाला संदेश तिहाड़ जेल से आया था। पेमेंट के लिए क्रिप्टोकरंसी का लिंक भी था। हालाँकि, लिंक एक्टिव नहीं था। बाद में जैश-उल-हिन्द ने इस घटना से अपना लिंक होने से इनकार किया है।

‘दीदी ही वॉल्वरिन है’: बैंडेज में बदल गया ममता बनर्जी के पैर का प्लास्टर, लोगों ने कहा- गिनीज बुक में हो रिकॉर्ड

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कोलकाता के SSKM अस्पताल से डिस्चार्ज होकर निकल गई हैं। अस्पताल से निकलने की दौरान व्हील चेयर पर पैर में बैंडेज के साथ बैठी उनकी तस्वीर भी सोशल मीडिया में वायरल हुई। नंदीग्राम में उन पर हमला होने के दावा किया गया था। वे 2 दिन अस्पताल में रहीं। अब उन्हें उनके घर कालीघाट हाउस में ले जाया गया है। लेकिन, उनके पैर में प्लास्टर की जगह बैंडेज देख कर सोशल मीडिया में लोग पूछ रहे हैं कि क्या ये सच में एक गंभीर चोट थी, जैसा बताया गया?

‘द फ़्रस्ट्रेटेड इंडियन’ के कंसल्टिंग एडिटर अजीत दत्ता ने कहा कि एक ही दिन में प्लास्टर से बैंडेज हो गया, यही तो ‘आसोल परिवर्तन है’, अच्छे दिन’ है। एक ट्विटर यूजर ने कहा कि मात्र 2 दिनों में फ्रैक्चर बैंडेज हटवाने के लिए ममता बनर्जी का नाम ‘गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ में शामिल हो गया है। ‘फैक्ट्स’ नामक हैंडल ने ममता बनर्जी की तुलना हॉलीवुड फिल्म के किरदार ‘वॉल्वरिन’ से कर दी।

दरअसल, ये एक ऐसा कैरेक्टर है जिस पर घावों का असर तो होता है लेकिन ये तुरंत ही ठीक होकर सामान्य हो जाता है। लोग पूछ रहे हैं कि इतनी जल्दी हड्डी में फ्रैक्चर कैसे ठीक हो गया? जहाँ कई नेताओं ने उनके उत्तम स्वास्थ्य लाभ की कामना की है, कई डॉक्टरों तक ने भी ममता बनर्जी के इलाज के दौरान आई तस्वीरों में गलतियाँ ढूँढी। उन्होंने प्लास्टर देख कर भी कहा था कि इसकी प्रक्रिया ठीक नहीं है।

TMC ने ऐलान किया है कि रविवार (मार्च 14, 2021) को वो अपना घोषणा पत्र जारी करेगी। बताया जा रहा है कि ममता बनर्जी व्हील चेयर से ही चुनाव प्रचार करेंगी। वहीं विपक्षी नेता इसे सहानुभूति के लिए तैयार किया गया उपक्रम करार दे रहे हैं। कई पूछ रहे कि जब जख्म गंभीर था तो उन्हें नंदीग्राम की जगह 130 किलोमीटर दूर कोलकाता क्यों ले जाया गया?

‘कुरान से एक हर्फ़ भी नहीं हटेगा’: सुप्रीम कोर्ट में याचिका पर भड़के मौलाना, कहा- सिर काट लाओ

शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के पूर्व चैयरमैन वसीम रिजवी ने कुरान की कुछ आयत को हटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अपील की है। इसके बाद से मुस्लिम कट्टरपंथियों से उन्हें लगातार धमकियाँ मिल रही हैं। लखनऊ में मजलिस उलेमा-ए-हिंद के महासचिव मौलाना कल्बे जवाद नकवी ने कहा कि रिजवी का शिया बोर्ड या इस्लाम से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने रिजवी को चरमपंथी और मुस्लिम विरोधी संगठनों का एजेंट करार दिया।

उन्होंने सभी शिया एवं सुन्नी मुस्लिमों को इसके खिलाफ एकजुट होने को कहा। नकवी ने सरकार से माँग की कि वसीम रिजवी को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने रिजवी को खलीफा यज़ीद का वंशज बताया, जिससे मुस्लिम घृणा करते हैं। उन्होंने कहा कि कुरान पर बयान से देश की शांति-व्यवस्था को खतरा है और दंगों की आग भड़क सकती है। उन्होंने कहा कि गिरफ़्तारी न होने पर माना जाएगा कि सरकार भी इसमें शामिल है।

उन्होंने कहा, “वसीम रिजवी कट्टर मुस्लिम विरोधी ताकतों को खुश करने के लिए ऐसा बयान दे रहे हैं। उस पर बेईमानी और भ्रष्टाचार के आरोप हैं। शिया बोर्ड की CBI जाँच चल रही है। हम ईरान और इराक़ के मराजाए किराम एवं मुजतहिद हज़रात को पत्र लिख कर रिजवी को शिया और इस्लाम से बाहर घोषित करने का आदेश निकलवाएँगे। आगे वो किसी मुस्लिम बोर्ड का सदस्य न बने, हम ये सुनिश्चित करेंगे।”

उधर शियाने हैदर-ए-कर्रार वेलफेयर एसोसिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष हसनैन जाफरी डंपी ने वसीम रिजवी का सिर काटकर लाने वाले को 20 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है। उन्होंने खुद को पैगम्बर मुहम्मद का कलमा पढ़ने वाला और शिया घर में पैदा होने वाला बताते हुए कहा कि रिजवी के बहिष्कार के लिए देश भर में अभियान चलाया जाएगा और उन्हें अपने कार्यक्रमों में बुलाने वालों का भी बहिष्कार किया जाएगा।

उन्होंने भी कहा कि अगर रिजवी पर मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल नहीं भेजा जाता है तो उन्माद बढ़ेगा। उन्होंने आशंका जताई कि उनके बयान के पीछे ज़रूर कोई न कोई है, जिसने उन्हें ऐसा करने को कहा, उसे ढूँढ कर सजा दी जाए। शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि कुरान से एक हर्फ भी नहीं हटाया जा सकता है। मौलाना सुफियान निजामी ने रिजवी को मानसिक रूप से असंतुलित करार दिया।

मौलाना सैफ अब्बास ने कहा कि रिजवी एक पार्टी को खुश करने के लिए मजहब को बेच रहे हैं, जो गलत है। वहीं जम्मू-कश्मीर में अंजुमन-ए-शरी शियान के अध्यक्ष आगा सईद हसन ने कहा कि रिजवी ‘बहुसंख्यक समर्थक सरकार’ के इशारे पर मुस्लिमों की प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचा रहे हैं। उन्होंने इसे कश्मीरियों का भी अपमान बताया। उन्होंने इस्लाम की पवित्र पुस्तक के अपमान के आरोप में उन्हें धारा-295A के तहत कार्रवाई की माँग की।

बता दें कि शिया वक़्फ़ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिज़वी ने सुप्रीम कोर्ट में कुरान की 26 आयत को हटाने के संबंध में याचिका दाखिल की है। उनका कहना है कि इन 26 आयत में से कुछ आयत आतंकवाद को बढ़ावा देने वाली हैं, जिन्हें बाद में शामिल किया गया। उनका मत है कि मोहम्मद साहब के बाद पहले खलीफा हज़रत अबू बकर, दूसरे खलीफा हज़रत उमर और तीसरे खलीफा हज़रत उस्मान के द्वारा कुरान को कलेक्ट करके उसको किताबी शक्ल में जारी किया गया।

₹118000 करोड़ बढ़ी गौतम अडानी की संपत्ति, जेफ बेजोस और एलन मस्क को भी पीछे छोड़ा

अरबपति भारतीय कारोबारी गौतम अडानी ने इस साल दुनिया के किसी भी अन्य उद्योगपति की तुलना में सबसे ज्यादा संपत्ति में वृद्धि दर्ज की है। पोर्ट्स से लेकर पॉवर प्लांट्स तक में उनकी कंपनी की दिलचस्पी ने निवेशकों को उनकी तरफ आकर्षित किया है। मीडिया से दूरी बना कर रहने वाले अडानी की संपत्ति में इस साल $16.2 बिलियन (1.18 लाख करोड़) रुपए का इजाफा हुआ, जो विश्व में सर्वाधिक रहा।

इस तरह से गौतम अडानी की संपत्ति अब $50 बिलियन (3.63 लाख करोड़ रुपए) से भी ऊपर पहुँच गई है। ‘ब्लूमबर्ग बिलियनेयर इंडेक्स’ की रिपोर्ट से ये खुलासा हुआ है। उन्होंने विश्व के शीर्ष अरबपति कारोबारियों अमेजन के जेफ बेजोस और टेस्ला के एलोन मस्क को भी इस मामले में पीछे छोड़ दिया है। 2021 में यही दोनों विश्व के शीर्ष 2 सबसे अमीर व्यक्तियों की सूची में हैं। अडानी ग्रुप के शेयर्स 50% से भी अधिक बढ़े हैं।

एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति मुकेश अंबानी की संपत्ति इस दौरान $8.1 बिलियन (58.87 हजार करोड़ रुपए) बढ़ी। अडानी की कम्पनियाँ पोर्ट्स, डेटा सेंटर्स, कॉल माइंस और एयरपोर्ट्स के जरिए अपने कारोबार का विस्तार कर रही हैं। ऑस्ट्रेलिया में भी उनका एक कोयला प्रोजेक्ट का करार हुआ है। डेटा सेंटर्स के साथ इसने तकनीक की दुनिया में भी धमक दिखाई है। हाल ही में उसने भारत में 1 गीगावॉट डेटा सेंटर कैपेसिटी विकसित करने के लिए करार किया है।

अडानी टोटल गैस लिमिटेड के शेयर्स इस साल 96% बढ़े, जबकि अडानी इंटरप्राइजेस के शेयर्स में भी 90% का उछाल देखने को मिला। अडानी ट्रांसमिशन लिमिटेड के शेयर्स में भी 79% की बढ़ोतरी देखने को मिला। अडानी पॉवर लिमिटेड व अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकनोमिक जोन्स लिमिटेड के शेयर्स 52% बढ़े। अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड के शेयर्स तो पिछले वर्ष 500% बढ़े थे और इस साल भी 12% की वृद्धि दर्ज की गई है।

अडानी इंटरप्राइजेज इस साल 1 ट्रिलियन रुपए के मार्किट कैप वाली देश की तीसरी कंपनी बनी। इस समूह द्वारा संचालित 6 में से 5 कंपनियाँ देश की 100 सबसे बड़ी कंपनियों की सूची में शामिल हैं। गौतम अडानी को ये संपत्ति या कारोबार विरासत में नहीं मिला, बल्कि उत्तरी गुजरात के थराद के एक सामान्य परिवार में जन्मे लड़के ने ये सब कुछ खुद हासिल किया। गुजरात युनिवर्सिटी में उन्होंने कॉमर्स की पढ़ाई दूसरे साल में ही छोड़ दी थी।

सबसे पहले उन्होंने मुंबई के ज़वेरी बाजार में खुद का डायमंड ब्रजरज फर्म खोला था। इसके बाद 1981 में उन्होंने अहमदाबाद में आने भाई महासुख अडानी के साथ मिल कर पोली-विनाइल क्लोराइड (PVC) यूनिट की स्थापना की। इसके बाद 1988 में अडानी इंटरप्राइजेज का जन्म हुआ। अरब सागर के किनारे मुंद्रा में उनके द्वारा विकसित किया गया पोर्ट भारत का सबसे बड़ा प्राइवेट पोर्ट साबित हुआ।

गौतम अडानी दो बार मौत को मात दे चुके हैं। 2008 के जिस मुंबई हमले में 160 से भी अधिक लोग मारे गए थे, उस दौरान गौतम अडानी उन लोगों में शामिल थे, जिन्हें आतंकियों ने ताज होटल में बंधक बनाया हुआ था। उससे पहले  जनवरी 1, 1998 में मोहम्मदपुरा से कार से जाते समय गौतम अडानी और शांतिलाल पटेल को कथित तौर पर फिरौती के लिए अपहृत कर लिया गया था। गौतम अडानी और शांतिलाल पटेल को छोड़ने के लिए 15 करोड़ रुपए की रकम माँगी गई थी।

TMC की महिला सांसद ने कहा- हम जय श्रीराम बोल हत्या नहीं करते, संबित ने पूछा- अल्लाहु अकबर के बारे में बोल सकती हैं ऐसा?

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) तुष्टिकरण की राजनीति को लेकर आलोचनाओं के केंद्र में रहती हैं। लेकिन, विधानसभा चुनाव का बिगुल बजते ही बंगाल की राजनीति हिंदुत्व के इर्द-गिर्द घूमने लगी है। हाल में ममता बनर्जी की चंडी पाठ से शिव पूजा तक की तस्वीरें सामने आईं है। लेकिन, लगता है ‘जय श्रीराम’ का नारा पार्टी को अभी भी सुहा नहीं रहा है।

एक टीवी डिबेट में बंगाल की बारासात लोकसभा क्षेत्र से लगातार तीसरी बार सांसद बनीं टीएमसी नेता काकोली घोष दस्तीदार ने भगवान श्रीराम और ‘जय श्रीराम’ को लेकर विवादित बयान दिया है। उन्होंने यह टिप्पणी एबीपी न्यूज के शो ‘संविधान की शपथ’ के दौरान की। बहस चुनाव में ‘धार्मिक प्रतीकों का इस्तेमाल कितना सही’ विषय पर केंद्रित थी।

ABP न्यूज़ पर रोमाना ईसार खान के डिबेट शो में उनके साथ भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा भी मौजूद थे। इस दौरान TMC सांसद ने कहा, “हम ‘जय श्रीराम’ बोल कर किसी की हत्या नहीं करते हैं।” उन्होंने कहा कि हम भगवान श्रीराम को भी मान्यता देते हैं। लेकिन जब उनकी पूजा की जाती है तो हम सिया-राम को साथ में बिठा कर पूजते हैं। इस पर संबित पात्रा ने उनसे पूछा, “क्या आप कभी बोल सकती हैं कि अल्लाहु अकबर बोल कर कोई बम फोड़ता है?”

उन्होंने पूछा कि क्या पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बोल सकती हैं कि ‘अल्लाहु अकबर’ बोल कर किसी ने चाकू घोंप दिया था और गर्दन काट दी थी? TMC सांसद के इस बयान पर उनकी क्लास लगाते हुए संबित ने उनसे कहा कि आप भगवान श्रीराम और माँ दुर्गा को अलग-अलग कर के नहीं देख सकते। उन्होंने पूछा कि ‘जय श्री राम’ का नारा लगाते हुए रेप करने या हत्या करने की बात कोई कैसे बोल सकता है?

‘जय श्री राम’ को लेकर डिबेट (वीडियो साभार: ABP)

बता दें कि काकोली घोष दस्तीदार पेशे से फिजिसियन भी हैं। वो तृणमूल कॉन्ग्रेस के महिला प्रकोष्ठ ‘बंगा जननी बहिनी’ की अध्यक्ष हैं। 61 वर्षीय घोष का परिवार पिछली तीन पीढ़ियों से बंगाल की राजनीति से जुड़ा हुआ है। उनके चाचा अरुण मोइत्रा प्रदेश कॉन्ग्रेस अध्यक्ष थे। नाना बंगाल के पोस्टमास्टर जनरल थे। वो गृह मामलों की लोकसभा समिति में भी शामिल हैं। उनके पति सुदर्शन घोष पश्चिम बंगाल में कैबिनेट मंत्री हैं।

उधर ममता बनर्जी को भी अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। कहा जा रहा है कि डॉक्टरों की इच्छा के विरुद्ध उन्होंने खुद को वहाँ से डिस्चार्ज किया। TMC ने ऐलान किया है कि रविवार (मार्च 14, 2021) को वो अपना घोषणा पत्र जारी करेगी। 2016 के विधानसभा चुनाव में TMC ने 294 में से 211 सीटें जीत कर एकतरफा जीत दर्ज की थी। अब उसका कड़ा मुकाबला भाजपा से है, जिसे पिछली बार मात्र 3 सीटें मिली थीं।

बंगाल का वोटर कार्ड, मस्जिद के पास डेरा: UP में रोहिंग्या की घुसपैठ कराने वाले बांग्लादेशी बाप-बेटे गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ता (UP ATS) ने पिछले दिनों दो रोहिंग्या भाइयों को गिरफ्तार किया था। दोनों रोहिंग्याओं की अवैध एंट्री करवाकर उन्हें बसाने, उनके लिए रोजगार और फर्जी दस्तावेज तैयार करवाने तक का काम करते थे। अब एटीएस ने बांग्लादेशी बाप-बेटे की एक जोड़ी को गिरफ्तार किया है। बाप-बेटे रोहिंग्या और बांग्लादेशियों की घुसपैठ कराकर उन्हें यूपी में बसाने में संलिप्त थे।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार एटीएस ने सहारनपुर से उमर मुहम्मद उस्मानी और उसके बेटे तनवीर को गिरफ्तार किया है। बांग्लादेशी नागरिक उस्मानी ने पश्चिम बंगाल में अपना वोटर आईडी कार्ड भी बनवा रखा था। आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज भी बाप-बेटे के पास ​से मिले हैं। दोनों सहारनपुर की नदीम कॉलोनी में मुजफ्फर मस्जिद के पास रह रहे थे।

रिपोर्ट के अनुसार ये ठेके पर घुसपैठ कराते थे और कमीशन लेकर रोजगार की व्यवस्था करते थे। एटीएस आज (13 मार्च 2021) दोनों को लखनऊ की कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेगी। एटीएस के आईजी जीके गोस्वामी के हवाले से बताया गया है कि बाप-बेटे के गैरकानूनी तरीके से रहने और देश विरोधी गतिविधियों में संलिप्त होने को लेकर सूचना मिली थी। इसके बाद शुक्रवार को एटीएस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

दोनों मूल रूप से बांग्लादेश के कॉक्स बाजार के रहने वाले हैं। एटीएस ने उमर का भारतीय वोटर आईडी कार्ड, पैन कार्ड, आधार कार्ड और उसके बेटे तनवीर का आधार कार्ड, बांग्लादेश का नागरिक कार्ड, दो बांग्लादेशी सिम और पंजाब नेशनल बैंक की चेकबुक बरामद की है।

इससे पहले इसी महीने की शुरुआत में ATS ने नोएडा से रोहिंग्या हसन अहमद उर्फ मोहम्मद फारुख और उन्नाव से शाहिद को गिरफ्तार किया था। दोनों सगे भाई हैं। पूछताछ में पता चला था कि इनकी माँ और बहन अलीगढ़ में रहती हैं। इनके पास से 5 लाख रुपए व तमाम भारतीय दस्तावेज बरामद किए गए थे। दोनों भाई पहचान बदलकर रह रहे थे और सिंडीकेट के तहत रोहिंग्या को सूबे के कई जिलों में लाकर बसाने और काम दिलाने की गतिवधियों में लिप्त थे। फारुख ने स्वीकार किया था कि वह अपने भाई शाहिद के साथ मिलकर रोहिंग्याओं को बांग्लादेश बॉर्डर से भारत लाता था। दैनिक जागरण ने एटीएस अधिकारियों के हवाले से बताया है कि हसन जिस सिंडीकेट से जुड़ा था, उसमें शामिल कई लोगों से बांग्लादेशी उमर के भी सीधे संपर्क थे। अब इनके आपसी कनेक्शन और अन्य सहयोगियों की तलाश की जा रही है।

गौरतलब है कि हाल ही में करीब 155 रोहिंग्या को जम्मू कश्मीर में होल्डिंग सेंटर में भेजा गया है। इनकी तत्काल रिहाई को लेकर रोहिंग्या की ओर से वकील प्रशांत भूषण ने सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार (मार्च 11, 2021) को एक याचिका दायर की थी। इसमें शीर्ष अदालत से जम्मू-कश्मीर में हिरासत में लिए गए रोहिंग्या को तुरंत रिहा करने और उन्हें प्रत्यर्पित करने के आदेश को लागू करने से केंद्र सरकार को रोकने की गुहार लगाई गई है। कथित तौर पर यह याचिका रोहिंग्या मोहम्मद सलीमुल्ला ने दायर की है और एडवोकेट चेरिल डीसूजा (Cheryl Dsouza) ने इसे तैयार किया है।

Quad summit को PM मोदी बताया- स्थिरता का महत्वपूर्ण स्तंभ: चाइना से निपटने के लिए एकजुट हुए चार देशों के शीर्ष नेता

चाइना से निपटने के लिए निर्मित क्वाड्रीलेटरल सिक्योरिटी डायलॉग (QUAD/क्वाड) अब एक संगठित रूप ले रहा है। इसी क्रम में 4 देशों के शीर्ष नेताओं ने आज पहली डिजिटल शिखर वार्ता की। इसमें भारत की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन, ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन और जापान के प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा शामिल हुए।

इस वार्ता में पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, “हमें कोरोना वैक्सीन, जलवायु परिवर्तन और उभरती प्रौद्योगिकियों जैसे क्षेत्रों को कवर करके क्वॉड को मजबूत बनाना है।” उनके मुताबिक क्वॉड अब धीरे-धीरे परिपक्व हो गया है और हिंद-प्रशांत इलाके की स्थिरता का अहम बिंदु बन गया है।

वह कहते हैं, “मैं इस सकारात्मक दृष्टि को भारत के प्राचीन दर्शन ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के विस्तार के रूप में देखता हूँ। वह दृष्टि जो दुनिया को एक परिवार के रूप में मानती है। हम साझा मूल्यों को आगे बढ़ाने, धर्मनिरपेक्ष, स्थिर और समृद्ध इंडो-पैसिफिक बनाने के लिए मिलकर काम करेंगे।”

इस वार्ता में जो बाइडेन ने कहा कि आपसी सहयोग को बढ़ाने में ‘क्वाड’ एक नया तंत्र बनकर उभरा है। उन्होंने चीन के स्पष्ट संदर्भ में कहा, “हम अपनी प्रतिबद्धताओं को जानते हैं। हमारा क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय कानून द्वारा संचालित है। हम सभी सार्वभौमिक मूल्यों के लिए प्रतिबद्ध है और किसी दबाव से मुक्त हैं। मैं हमारी संभावना के बारे में आशावादी हूँ।” 

जो बाइडन ने कहा, “क्वाड हिंद-प्रशांत क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण क्षेत्र होने जा रहा है और मैं आने वाले वर्षों में आप सभी के साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हूँ।’’

झाओ लिजियान ने कहा, “हम उम्मीद करते हैं कि संबंधित देश खुलेपन, समावेशी और सभी के लिए लाभदायक के सिद्धांत को कायम रखेंगे। वे विशेष समूह बनाने से बचेंगे और ऐसे कार्य करेंगे जो क्षेत्रीय शांति, स्थिरता एवं समृद्धि के हित में हो।”

वहीं ऑस्ट्रेलिया के पीएम स्कॉट मॉरिसन ने अपने भाषण की शुरुआत ही नमस्ते से की। मॉरिसन ने कहा कि चारों देश एक नया भविष्य तैयार करें। समावेशी हिंद प्रशांत क्षेत्र बनाए रखने के लिए आपस में सहयोग करें।

उन्होंने कहा कि इंडो-पैसिफिक अब 21 वीं सदी में दुनिया के भाग्य का निर्धारण करेगा। चीन पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि महान लोकतंत्रों के चार नेताओं के रूप में हमारी साझेदारी शांति, स्थिरता और समृद्धि का प्रतीक है।

बता दें कि क्वाड की शुरुआत साल 2007 में हुई थी। इसकी शुरुआत वर्ष 2004-2005 में हो गई जब भारत ने दक्षिण पूर्व एशिया के कई देशों में आई सुनामी के बाद मदद का हाथ बढ़ाया था। इसमें 4 देश अमेरिका, जापान, ऑस्‍ट्रेलिया और भारत शामिल हैं। इससे पूर्व मार्च में कोरोना वायरस को लेकर भी क्वॉड की मीटिंग हुई थी। इसमें पहली बार न्यूजीलैंड, द कोरिया और वियतनाम भी शामिल हुए थे।

कुरान की 26 आयतों को हटाने के लिए वसीम रिज़वी ने SC में दायर की याचिका, कहा- ये आतंक को बढ़ावा देती हैं

शिया वक़्फ़ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिज़वी ने सुप्रीम कोर्ट में कुरान की 26 आयतों को हटाने के संबंध में याचिका दाखिल की है। उनका कहना है कि इन 26 आयतों में से कुछ आयतें आतंकवाद को बढ़ावा देने वाली हैं जिन्हें बाद में शामिल किया गया।

उनका मत है कि मोहम्मद साहब के बाद पहले खलीफा हज़रत अबू बकर, दूसरे खलीफा हज़रत उमर और तीसरे खलीफा हज़रत उस्मान के द्वारा कुरान को कलेक्ट करके उसको किताबी शक्ल में जारी किया गया। इसमें बहुत सी अच्छी बात भी हैं जो इंसानियत के लिए हैं लेकिन इसमें कुछ आतंकवाद को भी बढ़ावा देती हैं। 

रिजवी कहते हैं कि अल्लाह के संदेश दो तरह के नहीं हो सकते। तीनों खलीफाओं पर आरोप लगाते हुए वह कहते हैं कि उन्होंने ताकत का इस्तेमाल किया। इसी से कुरान में तब्दीली करके इस तरह की आयतों को डाला गया और दुनिया के लिए जारी कर दिया गया। इसकी 26 आयतें इंसानियत के मूल सिद्धांतों को नकारती हैं और धर्म के नाम पर नफरत, घृणा, हत्या, खून खराबा फैलाती हैं।

वह कहते हैं कि जब पूरे कुरान पाक में अल्लाहताला ने भाईचारे, प्रेम, खुलूस, न्याय, समानता, क्षमा, सहिष्णुता की बातें कही हैं तो इन 26 आयतों में कत्ल व गारत, नफरत और कट्टरपन बढ़ाने वाली बातें कैसे कह सकते हैं।

इन्हीं आयतों का हवाला देकर मुस्लिम नौजवानों का ब्रेनवॉश किया जा रहा है। उनको जेहाद के नाम पर भड़काया, बहकाया और उकसाया जा रहा है। इन्हीं की वजह से देश की एकता, अखंडता पर खतरा है।

बता दें कि इस याचिका के दाखिल होने के बाद समुदाय विशेष में वसीम रिजवी को लेकर गुस्सा है। शुक्रवार को इस बाबत उनके खिलाफ़ नारेबाजी भी हुई। रिजवी के पोस्टर जलाए गए। एक प्रदर्शनकारी सय्यद सलमान ने कहा कि कुरान शरीफ का एक शब्द भी कोई बदल नहीं पाएगा, क्योंकि कुरान शरीफ की हिफाजत अल्लाह खुद करते हैं। वासिम रिजवी जैसे कुरान से एक नुक्ते में भी फर्क नहीं करा सकते। 

शौच के लिए निकली नाबालिग लड़की का मो. रब्बान ने किया अपहरण, लाचार पिता ने कहा- कोई नहीं कर रहा मदद

बिहार के मधुबनी जिले के थाना बेनीपट्टी से एक नाबालिग लड़की के गायब होने का मामला सामने आया है। लड़की के पिता का आरोप है कि पिछले महीने एक दूसरे समुदाय के लड़के ने उनकी बेटी का अपहरण किया था। उन्होंने पुलिस में इसकी शिकायत भी की। लेकिन, पुलिस ने जवाब दिया कि वह मामले में जाँच कर रहे हैं। यदि घरवाले कोई एक निश्चित जगह बता दें तो वह जाकर लड़की को ले आएँगे।

ये पूरा मामला गाँव अंधरी दामोदरपुर का है। लड़की का अपहरण 17 फरवरी 2021 को हुआ था। लड़की के पिता कहते हैं कि वह अपनी बेटी का रिश्ता तय कर चुके थे। कुछ दिन पहले वह सब रिश्तेदारी में गए थे, जहाँ उनकी लड़की शाम 5 बजे शौच के लिए गई, तभी मो रब्बान मुजफ्फपुर से बाइक से आया और उनकी बेटी को उठा ले गया। 

वह कहते हैं कि शुरूआत में उन्हें कुछ नहीं पता था लेकिन बहुत समय बीतने के बाद जब वह नहीं लौटी, तो घर में रोना शुरू हो गया। वह लोग घर भी लौट आए और खोजबीन शुरू हुई। इस बीच आरोपित के पिता के मुँह से उन्होंने सुना कि उनका बेटा भी घर से गायब है, जिसे सुन उन लोगों का शक गहराया। वह लोग लड़के को फोन करने लगे, लेकिन कभी फोन मिलता, कभी फोन स्विच ऑफ आता। 

एक दिन नाबालिग के पिता ने लड़के को पहचान छिपाकर फोन किया, तो उससे कहा, ‘जिस लड़की को ले गए हो उसे दे जाओ’ इतना सुनते ही दूसरी ओर से फोन काट दिया गया और दोबारा कोई बात नहीं हो पाई।

गाँव के मुसलमान इसमें शामिल हैं, पुलिस भी नहीं कर रही कार्रवाई: लड़की के पिता

ऑपइंडिया से बात करते हुए पीड़िता के पिता कहते हैं कि उनका साथ इस समय कोई नहीं दे रहा है। गाँव के मुसलमान इसमें शामिल हैं। कोई नहीं बता रहा है कि लड़के का ननिहाल कहाँ पर है। लड़के के पिता भी कोलकाता में रहते हैं। गाँव में कोई नहीं है जो उनकी मदद करे। लड़के के दोस्त भी कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं।

लड़की के पिता ने पूरे मामले के संबंध में पुलिस के पास शिकायत लिखवाई है। शिकायत में उन्होंने बताया है कि उनके गाँव के ही 22 साल के मोहम्मद रब्बान ने अपने अब्बा मोहम्मद साकिम व अम्मी के साथ मिलकर उनकी लड़की का शादी की नीयत से अपहरण किया है। वह पहले भी उनकी बेटी से छेड़छाड़ करता था, जिसे लेकर वह सकीम से शिकायत भी कर चुके थे। उन्हें यकीन है ये काम मो रब्बान का ही है। 

पुलिस कार्रवाई पर पूछने पर लड़की के पिता निराश होकर कहते हैं कि पुलिस से कहते हैं तो वो लोग कहते हैं, “तुम बेटी को खोजो, मिल गई तो साथ लेकर आ जाएँगे। जहाँ भी तुम कहोगे, हम लेकर जाएँगे।”

यहाँ बता दें कि ऑपइंडिया के पास इस पूरे मामले की एफआईआर व लड़की के नाबालिग होने के प्रमाण हैं। लड़की की उम्र एफआईआर में लगभग 18 लिखी गई है। लेकिन वास्तविकता में उसकी उम्र 17 साल 9 महीने है। हमने पीड़ित परिवार से बात करने के बाद इस मामले की जाँच में जुटे पुलिस अधिकारी बीरेंद्र तिवारी से भी बात की।

मामले में कार्रवाई को लेकर पूछे जाने पर पुलिस बताती है कि उनकी ओर से जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं, लेकिन जब तक उन्हें कोई कुछ बताएगा नहीं, तब तक वो कैसे आगे कार्रवाई करेंगे। लड़के के घर पर जाते हैं लेकिन वहाँ ताला लगा है। लड़की का भी कोई फोन नहीं आया जिससे कुछ पता चल सके। लड़की की जैसे ही सूचना मिलेगी तुरंत उसे बरामद कर लिया जाएगा।

मामले में एक ग्रामीण कपिल कुमार मंडल सवाल उठाते हैं कि घटना को 1 महीने से ज्यादा का समय बीत गया है, पुलिस को अब तक लड़के ननिहाल तक का पता नहीं चला। उनके पास कोई सूचना नहीं है। लड़की के पिता सिर्फ़ शिकायत लिखाकर बैठे हैं इस उम्मीद में कि कार्रवाई होगी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही।

मधुबनी से पहले भी आ चुके हैं ऐसे दो मामले

बता दें कि बिहार के मधुबनी जिले से पिछले दिनों नाबालिग के अपहरण के दो और मामले सामने आए थे। एक खिरहर थाना क्षेत्र अंतर्गत बालाराही से एक 15 वर्षीय नाबालिग लड़की के गायब होने का मामला सामने आया था। जहाँ लड़की ट्यूशन पढ़ने निकली थी और छानबीन में पता चला कि एक दूसरे समुदाय के मोहम्मद शोएब ने अपहरण किया था।

इससे पूर्व सितम्बर 2020 में “बिहार के मधुबनी ज़िले से अपहृत हुई बच्ची के मामले में ऑपइंडिया की खबर पर राष्ट्रीय बाल आयोग ने संज्ञान लिया था, जिसके बाद बच्चे का बचाव कर लिया गया था। उसकी बरामदगी अहमदाबाद से हुई थी। आरोपित को भी गिरफ़्तार किया गया था। ये मामला बिहार के मधुबनी जिले के हरलाखी थानांतर्गत नहरनियाँ गाँव का था। आरोपित साबिर ने पीड़िता के पिता को लड़की के इस्लामी धर्मांतरण की धमकी भी दी थी।

‘इंशाअल्लाह जब अखिलेश यादव की सरकार आएगी तब होगा मेरा ब्याह’: 3 फीट के मो. अजीम को पत्नी के बिना नहीं आती नींद

उत्तर प्रदेश के शामली में अक्सर मारपीट, झगड़े समेत कई दूसरे तरह के अपराधिक मामलों को निपटाने में जुटी कोतवाली पुलिस उस वक्त मुश्किल में पड़ गई जब 26 साल के कम हाइट के मो. अज़ीम मंसूरी शादी कराने की गुहार लेकर कोतवाली पहुँच गए। अजीम ने कहा कि एक पब्लिक सर्वेंट होने के नाते पुलिस उनकी मदद करे। उत्तर प्रदेश के शामली में रहने वाले अजीम का घर कैराना इलाके में है। वह एक कॉस्मेटिक शॉप चलाते हैं। उन्होंने कहा कि व पर्याप्त कमाते हैं। फिर भी उनकी शादी नहीं हो रही है।

मोहम्मद अजीम मंसूरी निकाह करना चाहते हैं। बहुत ढूंढने के बाद भी जब उन्हें दुल्हन नहीं मिली तो वह अपनी भारी समस्या लेकर महिला थाने ही पहुँच गए। थाने में उन्होंने पुलिसवालों से शादी करवाने की रट लगाने लगे। 26 साल के अजीम का कहना है कि जब भी उनके घर में कोई शादी का रिश्ता लेकर आकर उन्हें देखकर लौट जाता है। उनका परिवार भी उनकी शादी कराने का कोई प्रयास नहीं कर रहा है। कारण है उनका कद, जो सिर्फ 3 फीट 2 इंच है।

अजीम अब तक डीएम, एसडीएम और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक से शादी की गुहार लगा चुके हैं। वह 6 भाई बहनों में तीसरे नंबर के हैं। ज़िन्दगी में मेहरारू न होने से परेशान अजीम ने अपने जीवनयापन के लिए कोतवाल के यहाँ प्रार्थना पत्र भेजकर पत्नी दिलाने की भारी इच्छा जाहिर की है। हाइट कम होने की वजह से कई बार उनका शादी का सपना टूट चुका है। थाने में उनका कहना है कि आने को तो कई बार रिश्ते आए हैं लेकिन शादी तय नहीं पाई। हमारी शादी तय करवा दो बस।

अजीम मंसूरी का कहना है, ”वो बहुत परेशान हैं। पत्नी के बगैर रात को नींद भी आती है। कई बार प्रार्थना पत्र दे चुका हूँ लेकिन कोई सुनवाई नहीं करता है। अजीम की ख्वाहिश है कि जब शादी हो जाएगी तब वो हनीमून के लिए गोवा, शिमला या फिर और मनाली जाएँगे।”

बुरी तरह से हताश हो चुके अजीम का कहना है कि दो महीने पहले वो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने भी गए थे। जब अजीम ने अपनी शादी करवाने की बात सीएम से कही तो उन्होंने कहा कि मेरी शादी तो खुद नहीं हुई, तो मैं आपकी कैसे करा दूँ।

चारो-तरफ से निराश हो चुके अज़ीम आगे कहते हैं, “इंशाअल्लाह जब अखिलेश यादव की सरकार आएगी तब मेरा ब्याह होगा।” अजीम ने बताया कि वो अखिलेश यादव से मिलने भी गए थे। अखिलेश ने कहा था, “मैं करूँगा तुम्हारी शादी बाद में” अजीम ने यह भी कहा कि अब लग रहा है अल्लाह ताला कराएगा और मेरी दुआ भी वही कबूल करेगा।