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लोगों को पिछले 10-15 सालों से थूक वाली रोटियाँ खिला रहा था नौशाद: पूरे गिरोह के सक्रीय होने का संदेह, जाँच में जुटी पुलिस

उत्तर प्रदेश के मेरठ में थूक कर रोटी बनाए जाने के वीडियो वायरल होने के बाद पकड़े गए नौशाद ने खुलासा किया है कि वो पिछले 10-15 वर्षों से विभिन्न शादी समारोहों में इस तरह की हरकत कर रहा था। थाने का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें उसने बताया है कि वो 10-15 सालों से रोटी बना रहा है और उतने ही समय से रोटियों पर थूक भी लगा रहा है। पुलिस अब आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।

पुलिस उक्त वीडियो के बारे में और अधिक जानकारी जुटा रही है। 16 फरवरी को आयोजित शादी समारोह में समर गार्डन लिसाड़ीगेट निवासी नौशाद का वीडियो वायरल होने के बाद महामारी एक्ट के तहत उसे दबोचकर 14 दिनों की रिमांड पर जेल भेज दिया गया था। नौशाद के साथ शादी समारोह में लगे ठेकेदारों की जानकारी भी जुटाई जा रही है। वो शहर की कई मंडपों और शादियों में खाना बना चुका है।

साथ ही, नौशाद अलग-अलग ठेकेदारों के साथ इस तरह के कार्यक्रमों में जाता था। मोहम्मद नौशाद से जुड़े अन्य लोगों के साथ भी पूछताछ की जाएगी। नौशाद के मोबाइल की कॉल डिटेल्स भी जुटाई गई है। पुलिस उससे जुड़े लोगों को पकड़ कर पूछताछ करेगी क्योंकि उसे संदेह है कि शहर में इस तरह का पूरा का पूरा गैंग कार्य कर रहा हो सकता है। सबसे पहले उसे ले जाने वाले ठेकेदारों से पूछताछ होगी।

बता दें कि मेरठ में थूक लगा कर रोटी बनाने के मामले में गिरफ्तार नौशाद के पिता का नाम अख्तर है। हिरासत में लेकर जब पुलिस ने उससे पूछताछ की तो उसने कबूल किया कि इस वीडियो में दिख रहा शख्स वही है और उसने ही इस तरह की हरकत की है। इस मामले में ‘हिन्दू जागरण मंच’ के सचिन सिरोही ने हाजा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने अपनी शिकायत में कोरोना वायरस संक्रमण महामारी का भी जिक्र किया था।

राष्ट्रपति कोविंद ने मोटेरा में किया दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियम ‘नरेंद्र मोदी स्टेडियम’ का उद्घाटन

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने गुजरात के अहमदाबाद में आज (फरवरी 24, 2021) को ‘नरेंद्र मोदी स्टेडियम’ का उद्घाटन किया। राष्ट्रपति कोविंद ने अपनी पत्नी के साथ सरदार वल्लभ भाई पटेल स्पोर्ट्स एन्क्लैव का भूमि पूजन भी किया। इस दौरान गृह मंत्री अमित शाह और खेल मंत्री किरण रिजूजू भी वहाँ मौजूद रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, “आज भारत के खेल जगत का स्वर्णिम दिन है। आज भारत के राष्ट्रपति जी के कर-कमलों से लौह पुरुष भारत रत्न सरदार पटेल जी के नाम से जोड़कर एक बड़े स्पोर्ट्स एन्क्लेव का भूमि पूजन हुआ है।”

गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि सरदार पटेल स्पोर्ट्स एनक्लेव, नरेन्द्र मोदी स्टेडियम और नारायणपुरा में बनने वाला स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स- ये तीनों मिलाकर किसी भी अंतरराष्ट्रीय स्पर्धा में खेलने वाले सभी खेलों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने की पूरी व्यवस्था एक ही शहर में एक ही स्थान पर होगी। उन्होंने कहा कि हमने यहाँ इस तरह की सुविधा कर दी है कि 6 महीने में ओलंपिक, एशियाड और कॉमनवेल्थ जैसे खेलों का आयोजन कर सकता है और अहमदाबाद को अब स्पोर्ट्स सिटी के नाम से जाना जाएगा। गृहमंत्री ने कहा कि अमित शाह ने कहा कि नरेंद्र मोदी ने बतौर गुजरात सीएम इसका सपना देखा था, जो अब पूरा हुआ।

नए स्टेडियम को दुनिया के सबसे बड़े और सबसे हाइटेक स्टेडियम के तौर पर विकसित किया गया है। इस स्टेडियम पर क्रिकेट मुकाबले की शुरुआत भारत-इंग्लैंड पिंक बॉल टेस्ट से हो रही है। ये दोनों टीमों के बीच चल रही टेस्ट सीरीज का तीसरा मैच होगा। मोटेरा के नए स्टेडियम पर आज से शुरू हो रहा तीसरा टेस्ट मैच दोनों टीमों के लिए अहम है।

मोटोरा में एक विशाल स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स बनाया जा रहा है। इस कॉम्पलेक्स का एक अहम हिस्सा स्टेडियम होगा। इसी स्टेडियम का नाम नरेंद्र मोदी के नाम पर रखा गया है। इस स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में तीन हजार से अधिक खिलाड़ियों के रहने और उनकी ट्रेनिंग की व्यवस्था होगी। सरदार पटेल स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स 233 एकड़ जमीन में बनेगा। यह देश का सबसे बड़ा स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स होगा।

केंद्रीय खेल मंत्री किरण रिजिजू ने मोटेरा स्टेडियम को सिर्फ क्रिकेट नहीं बल्कि पूरे देश के लिए गर्व की बात बताया है। किरण रिजूज का कहना है, ”मोटेरा सिर्फ दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम नहीं है बल्कि यह क्रिकेट का सबसे आधुनिक स्टेडियम है। इस मौके पर पूरे देश को गर्व होना चाहिए।”

अहमदाबाद के मोटेरा स्टेडियम की खूबियों के बारे में बात करें तो यह स्टेडियम 63 एकड़ में बना है। स्टेडियम में चार ड्रैसिंग रुम और तीन प्रैक्टिस ग्राउंड हैं। अहमदाबाद का मोटेरा स्टेडियम करीब 800 करोड़ रुपए की लागत के साथ तैयार हुआ है। इस स्टेडियम का निर्माण होने में पाँच साल लगे।

अहमदबाद के मोटेरा स्टेडियम में 1 लाख 10 हजार दर्शकों के बैठने की जगह है। मोटेरा दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम है। इससे पहले मेलबर्न दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम था जिसमें 1 लाख लोग बैठकर मैच देख सकते थे।

‘कान खोल कर सुन ले दिल्ली, 40 लाख ट्रैक्टरों के साथ संसद घेरेंगे, इंडिया गेट पर फसल उगाएँगे’: राकेश टिकैत की धमकी

‘भारतीय किसान यूनियन (BKU)’ नेता राकेश टिकैत ने अब 40 लाख ट्रैक्टरों के साथ दिल्ली में स्थित संसद भवन को घेरने की धमकी दी है। अब जब दिल्ली की सीमा पर से किसान लौट रहे हैं और किसान नेताओं को मिल रहा समर्थन भी ख़त्म हो गया है, वो बौखला गए हैं। राकेश टिकैत ने मंगलवार (फरवरी 23, 2021) को कहा कि किसान तैयार रहें क्योंकि इस बार 4 लाख नहीं, 40 लाख ट्रैक्टरों के साथ संसद घरने के आह्वान होगा।

उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार चाहती है कि ऐसा न हो तो उसे तीनों कृषि कानूनों को वापस लेना ही पड़ेगा। राजस्थान के सीकर में संयुक्त किसान मोर्चा की किसान महापंचायत को सम्बोधित करते हुए उन्होंने ये बातें कही। उन्होंने कहा, “दिल्ली कान खोल कर सुन ले, किसान भी वही रहेंगे और ट्रैक्टर भी। अबकी संसद का आह्वान होगा। कह कर संसद पर जाएँगे। किसान इंडिया गेट के पास के पार्कों में जुताई करेगा और फसल भी उगाएगा।”

उन्होंने 26 जनवरी को किसानों की ट्रैक्टर रैली में हुई हिंसा की बात करते हुए इसे किसानों को बदनाम करने की साजिश करार दिया और कहा कि संसद के घेराव के लिए जल्द ही तारीख़ तय की जाएगी। उन्होंने बड़ी-बड़ी कंपनियों के गोदामों को ध्वस्त करने की धमकी देते हुए कहा कि देश के नेताओं को तिरंगे से प्यार नहीं है, किसानों को है। योगेंद्र यादव ने भी सभा को सम्बोधित किया। चूरू जिले के सरदार शहर में भी टिकैत ने जनसभा की।

उधर किसान नेताओं ने दावा किया है कि टिकरी धरने पर दिल्ली पुलिस द्वारा कुछ पोस्टर लगाए गए है जिसमें किसानों को धरना खाली करने की चेतावनी दी गई है। उनका कहना है कि इस तरह के पोस्टर प्रासंगिक नहीं है जहाँ किसान अपने मौलिक अधिकारों का प्रयोग करते हुए शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे है। दिल्ली की सीमा पर 3 महीने से अधिक समय से किसान धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं।

‘मस्जिद से ऐलान करके लोगों को उकसाया गया’: सोरम हिंसा को बीजेपी नेता ने बताया पूर्व नियोजित

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के सोरम गाँव में मंगलवार (फरवरी 23, 2021) को बीजेपी और आरएलडी के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई थी। अब इस हिंसा पर केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान का बयान आया है। उन्होंने बताया है कि उस दिन मस्जिद से ऐलान करके लोगों को उनके ख़िलाफ़ उकसाया गया था। उनके मुताबिक पूरी घटना पूर्व नियोजित थी।

बता दें कि मंगलवार को केंद्रीय राज्यमंत्री संजीव बालियान शाहपुर थाना क्षेत्र के गाँव सोरम में तेहरवीं में शामिल होने पहुँचे थे जहाँ बालियान का विरोध कर रहे कुछ युवकों और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प हो गई। भाजपा नेता ने इसके पीछे सपा और आरएलडी का हाथ बताया। पूरी हिंसा में 4 लोग घायल हुए थे।

रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने कहा, “सपा उम्मीदवार के परिवार के 10-12 सदस्यों ने भैसंवाल में मेरे साथ बदसलूकी की। उनके अलावा जब मैं सोरम पहुँचा तो 5 से 6 लोकदल कार्यकर्ताओं ने भी यही किया। मेरे जाने के बाद वहाँ झड़प हुई थी। मेरे खिलाफ एकजुट रहने के लिए मस्जिद से ऐलान कराया गया था।”

उन्होंने इलाके के पूर्व सांसद अमीर आलम पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह सोची समझी साजिश नहीं तो और क्या है कि कुछ देर बाद ही आरएलडी के बड़े नेता वहाँ पहुँच गए। वह सब समाज को बाँटकर अशांति फैलाना चाहते हैं। जिला प्रशासन इस पूरे मामले की जाँच करे और कॉल डिटेल निकाल कर असली दोषियों को बेनकाब किया जाए।

एबीपी गंगा के अनुसार वह बोले, “लोकदल नेताओं की कॉल डिटेल निकाली जाए। अगर मेरी गलती निकलती है तो मैं दिल्ली चला जाऊँगा। तेरहवीं जैसे मौके पर जिंदाबाद या मुदार्बाद नहीं होना चाहिए। मैं अपने जिले के लोगों के साथ दुख-सुख में हर वक्त खड़ा हूँ। ये लोग नहीं चाहते कि मैं लोगों के बीच में रहूँ।”  बालियान ने आरएलडी के बड़े नेता जयंत चौधरी पर भी आरोप मढ़ा। उन्होंने इस बात पर गौर करवाया कि आखिर प्रकरण के कुछ ही मिनट बाद कैसे वह ट्वीट करने लगे।

₹80 करोड़ का बिजली बिल मिलते ही बुजुर्ग का BP हाई, अस्पताल में भर्ती: महाराष्ट्र के इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड का कारनामा

उद्धव ठाकरे के महाराष्ट्र में छोटी सी मिल चलाने वाले एक बुजुर्ग की तबीयत तब अचानक से बिगड़ गई, जब उनके पास 80 करोड़ रुपए का बिजली बिल आया। ये घटना नालासोपारा की है, जहाँ गणपत नाइक नामक 80 वर्षीय बुजुर्ग को ‘महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिट्रिब्यूशन कंपनी लिमिटेड (MSEDCL)’ की तरफ से 80 करोड़ का बिजली बिल मिला। इसके बाद उनका रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) अचानक से बढ़ गया। उन्हें इलाज के लिए तुरंत अस्पताल ले जाना पड़ा।

हालाँकि, बाद में पता चला कि बिल के अमाउंट में गड़बड़ी हुई है और प्रिंट करने के समय ही ऐसा हुआ। निर्मल गाँव के बुजुर्ग के साथ ये घटना सोमवार (फरवरी 22, 2021) को हुई। गणपत नाइक पहले से ही दिल के मरीज हैं, ऐसे में बिजली बिल को देखते हुए उनका BP हाई हो गया। उन्हें मेडिकल चेकअप के लिए अस्पताल लेकर जाना पड़ा। MSEDCL ने कहा कि बिल में हुई गड़बड़ी में सुधार कर लिया गया है। अब बुजुर्ग की तबीयत भी ठीक है।

असल में जिस एजेंसी को मीटर रीडिंग का ठेका दिया गया है, उसने ही ये गलती की थी। एजेंसी को 6 अंकों का बिल बनाना था, लेकिन गलती से ये 9 अंकों का हो गया और इस तरह से 8 लाख रुपए का बिल 80 करोड़ रुपए का हो गया। एजेंसी ने बिल में सुधार कर के उसे फिर से नाइक के पास भेजा। बिजली अधिकारी सुरेंद्र मोनेरे ने कहा कि ताज़ा बिल से गणपत नाइक संतुष्ट हैं और वो सही बिल है।

इसी बिजली बिल से बुजुर्ग को लगा सदमा

नाइक के पोते नीरज ने कहा कि वो लोग काम कर रहे थे, जब ये बिल आया और वो सभी बिल को देखकर शॉक्ड थे। उन्होंने कहा कि उन्हें पहले तो ऐसा लगा कि कहीं पूरे जिले का बिल उनके ही घर में तो नहीं भेज दिया गया है। वो लोग इसीलिए डर गए थे, क्योंकि कोरोना वायरस लॉकडाउन के बाद बिजली विभाग ने बकाए बिल की वसूली शुरू कर दी है। हालाँकि, खबर आते ही अधिकारी हरकत में आए और सुधार किया।

उन्नाव मर्डर केस: तीसरी लड़की को अस्पताल में आया होश, बताई वारदात से पहले की हकीकत

उन्नाव के असोहा थाना क्षेत्र के बबुरहा गाँव में 17 फरवरी को 2 किशोरियों के शव और 1 लड़की के बेहोशी हालात में मिलने से सनसनी फैल गई थी। अब खबर है कि उस तीसरी लड़की को होश आ गया है। उसने एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के सामने बयान भी दिया है। लड़की ने बताया है कि आखिर कैसे उन लड़कियों को पानी के बहाने जहर पिलाया गया।

एसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया, “लड़की ने अपने बयान में कहा कि विनय और उसका दोस्त घटना के दिन खेत में आए थे। उस समय, वह और दो अन्य लड़कियाँ पशुओं के लिए चारा इकट्ठा कर रही थीं। वहाँ विनय ने उन्हें कुछ नाश्ता देने की कोशिश की, जिसे लड़कियों ने मना कर दिया, लेकिन बाद में उसने उन्हें पानी पिलाया।” लड़की के अनुसार, आरोपित ने उनका यौन उत्पीड़न नहीं किया था।

बता दें कि इस केस में छानबीन के दौरान पुलिस ने पाया कि विनय ने लड़कियों को कीटनाशक पिलाकर बेहोश किया और बाद में वहाँ से चला गया। बेहोशी की हालत में लड़कियों के साथ किसी तरह के सेक्सुअल असॉल्ट की बात सामने नहीं आई है। एसपी ने मामले में कहा कि तीसरी लड़की के बयान को दर्ज कर लिया गया है। अब इसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि इससे पहले पूछताछ के दौरान आरोपित विनय ने पुलिस को बताया था कि वह तीनों में से एक लड़की से एकतरफा प्यार करता था। लड़की के इंकार करने पर उसने पानी की बोतल में कीटनाशक मिलाकर उसे पिलाया। लेकिन वह पानी अन्य दोनों लड़कियों ने भी पी लिया। जिससे उनकी मौत हो गई। तीनों लड़कियाँ दोनों आरोपित लड़कों को जानती थीं। आरोपितों ने उन्हें गेहूँ में रखने वाली कीटनाशक पिलाई थी। 

इस पूरे मामले में नमकीन के एक पैकेट ने केस की गुत्थी को सुलझाया था। घटनास्थल पर मिला चिप्स का पैकेट सूँघने के बाद खोजी कुत्ता बार बार एक दुकान की ओर जा रहा था। जब पुलिस उस दुकान पर जाँच के लिए गई तो एक नया एंगल सामने आया। दुकानदार ने बताया कि घटना से पहले लड़कियाँ उसकी दुकान से नमकीन खरीदने आईं थी। 

इसी बिंदु पर आगे जाँच करते हुए विनय के बारे में भी पता चला। पूछताछ में उसने बताया कि वह प्यार करता था उससे बात करने के लिए फोन नंबर माँग रहा था। लड़की के कई बार मना करने पर यह बात उसे बर्दाशत नहीं हुई और उसने गुस्से में ये कदम उठाया। 

‘मछुआरों के लिए कोई मंत्रालय नहीं’- बार-बार झूठ बोल गरीबों को भरमा रहे राहुल गाँधी, ‘पालतू मीडिया’ नहीं कर रहा फैक्ट-चेक

कॉन्ग्रेस के पूर्व (और भावी भी) अध्यक्ष राहुल गाँधी लगातार एक ही झूठ को कई बार दोहराए जा रहे हैं। वो भी ऐसा झूठ, जो देश के सामने प्रत्यक्ष दिख रहा है कि झूठ है और उसके हजार सबूत मौजूद हैं। उनकी इस ढिठाई का कारण क्या है? उन्हें पता है कि मीडिया का एक बड़ा वर्ग और फैक्ट-चेकर्स उनकी गोद में बैठे हुए हैं, इसीलिए कोई उनसे सवाल पूछना तो दूर, उनके झूठ को उलटा छिपाएगा ही।

राहुल गाँधी ने कोल्लम में दोहराया पुडुचेरी वाला झूठ

राहुल गाँधी केरल के वायनाड से सांसद हैं। हालिया केरल दौरे में उन्होंने उत्तर भारतीयों को नीचा दिखाते हुए भारत के दो हिस्सों में फूट डालने की कोशिश की। उससे पहले उन्होंने पुडुचेरी में दावा किया था कि जैसे भूमि के किसान होते हैं, ऐसे ही वो मछुआरों को समुद्र का किसान मानते हैं। साथ ही उन्होंने पूछा था कि जब भूमि के किसानों के लिए मंत्रालय है तो फिर समुद्र के किसानों के लिए दिल्ली में मंत्रालय क्यों नहीं?

अब उन्होंने यही बात केरल के कोल्लम स्थित थांगसेरी बीच पर वहाँ के मछुआरों से बात करते हुए दोहरा दी है। उन्होंने उन मछुआरों से कहा कि दिल्ली में आपके लिए बोलने वाला कोई नहीं है और उनकी सरकार बनते ही वो पहले काम यही करेंगे कि मछुआरों के लिए एक अलग से मंत्रालय बनाएँगे, जिससे उनके मुद्दों की सुरक्षा हो सके और उनका बचाव हो सके। राहुल एक ऐसी चीज का वादा कर रहे हैं, जो पहले से मौजूद है।

हम आगे इस ‘गोदी मीडिया’ की बात करेंगे, जो इस पर सवाल नहीं उठाता। लेकिन, उससे पहले सच्चाई समझ लेते हैं। बेगूसराय से कन्हैया कुमार को हरा कर सांसद बने गिरिराज सिंह पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य विभाग के केंद्रीय मंत्री हैं। जब एक पूरा का पूरा मंत्रालय और विभाग मत्स्य पालन, मछुआरों और मछली से होने वाले व्यापार को समर्पित है, फिर भी राहुल गाँधी बार-बार एक ही झूठ को क्यों दोहरा रहे हैं?

जानिए क्या है सच, क्योंकि ‘पालतू मीडिया’ आपको नहीं बताएगा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ही मई 2019 में इस मंत्रालय का गठन किया था। किसानों की आय दोगुनी करने में कहीं पशुपालक और मत्यपालक पीछे न रह जाएँ, दुग्ध और मछलियों से व्यापार करने वालों का समुचित ध्यान रखा जा सके, उनके लिए योजनाएँ बनाई जा सके, इसीलिए इस मंत्रालय का निर्माण हुआ। जो मंत्रालय मोदी सरकार ने बनाया, उसके अस्तित्व को नकार कर राहुल गाँधी गरीबों को दिग्भ्रमित कर रहे हैं।

एक और बात जानने लायक है। मत्स्य विभाग को भी दो भागों में बाँटा गया है। एक ‘मरीन फिशरी’, जिसके अंतर्गत भारत की लंबी समुद्री सीमा के आसपास रहने वाले मछुआरों की भलाई के लिए कार्य किया जाता है और एक है ‘इनलैंड फिशरी’, जिसके अंतर्गत नदियों और तालाबों में मत्स्य पालन करने वालों को बढ़ावा दिया जाता है। नवंबर 2019 में ‘वर्ल्ड फिशरीज डे’ के अवसर पर गिरिराज सिंह ने कहा था कि वियतनाम में मत्स्य उत्पादन काफी अच्छा है, वहाँ से प्रेरणा ली जा रही है।

मछुआरों को वैज्ञानिक तकनीक से मत्स्य पालन और मछली पकड़ने की विधि सिखाई जाती है। उन्हें प्रशिक्षण दिया जाता है। उन्हें नाव मुहैया कराए जाते हैं। जिन राज्यों में पानी की अधिकता है, वहाँ उनका उपयोग मत्स्य पालन में कैसे हो इसके लिए उपाय किए जाते हैं। मछलियों के स्टोरेज के साथ-साथ डिजीज कंट्रोल पर भी कार्य हो रहा है। किन राज्यों की मछलियाँ स्पेशल हैं, उनके एक्सपोर्ट की व्यवस्था की जाती है।

एक और आँकड़ा है जो ध्यान देने लायक है और ये पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य विभाग के केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने ही बताया है। उन्होंने ध्यान दिलाया कि मोदी सरकार ने ‘प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY)’ बनाई है, जिसके तहत 20,500 करोड़ रुपए का मास्टर प्लान तैयार किया गया है। जबकि, भारत की स्वतंत्रता से लेकर 2014 तक इस विभाग के लिए मात्र 3682 करोड़ ही खर्च किए गए थे। आप खुद ये अंतर देख लीजिए।

आप ‘मत्स्यपालन विभाग’ की सरकारी वेबसाइट पर जाकर डिटेल्स पढ़ सकते हैं, जहाँ साफ़-साफ़ लिखा है कि ये मंत्रालय ताजा तथा खारा जल में जलकृषि का विस्तार और मछुआरा समुदाय आदि के कल्याण के लिए समर्पित है। वहाँ बताया गया है कि ये मंत्रालय अंतर्देशीय तथा समुद्री मत्स्यन व मात्स्यिकी से जुड़े मामलों को भी देखता है। आप यहाँ इससे जुड़े विभिन्न ख़बरों, कार्यक्रमों और योजनाओं की जानकारी ले सकते हैं।

‘प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY)’ की भी अलग से वेबसाइट बनाई गई है, जहाँ अब तक खर्च की गई पूरी राशि के आँकड़े स्पष्ट रूप से दिए गए हैं। आप यहाँ पाएँगे कि इतने कम समय में ही 7 लाख लोगों को रोजगार या इसका लाभ मिला है। ढाई हजार करोड़ रुपए की राशि खर्च की जा चुकी है। इसका लक्ष्य है कि अगले 5 वर्षों में मछलियों का उत्पादन 70 लाख टन हो, 1 लाख करोड़ रुपए का एक्सपोर्ट हो और 55 लाख लोगों को प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार मिले।

कोई फैक्ट-चेक नहीं, ट्विटर के लिए भी ये डिस्प्यूटेड नहीं

अब आते हैं इस पर कि आखिर क्यों राहुल गाँधी खुलेआम झूठ फैला रहे हैं। उन्हें पता है कि जब कोई भी मीडिया संस्थान उनके बयान के बारे में खबरें फैलाएगा तो फिर ये नहीं बताएगा कि इस झूठ का सच क्या है। कोई ये तक नहीं बताएगा कि वो झूठ बोल रहे। ये मीडिया पोर्टल उनके बयानों को ‘आरोप’ या ‘वादा’ लिखकर कर एक सामान्य बयान की तरह दिखाएँगे। सभी उनके पॉकेट में हैं, इसीलिए वो निर्भीक होकर एक झूठ हजार जगह हजार बार बोल सकते हैं।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स भी उनके हाथ में हैं। ट्विटर कभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ट्वीट को ‘सेंसेटिव’ मार्क कर देता है, वहीं कभी अमित शाह की डिस्प्ले पिक्चर हटा देता है। ट्विटर तुरंत अपने नैरेटिव के खिलाफ जाने वाले तथ्यों पर ‘This Claim Is Disputed’ लिख देता है लेकिन राहुल गाँधी के इस खुलेआम झूठ पर वो कुछ नहीं करेगा। यही ट्विटर भारत सरकार के नोटिस के जवाब में कोर्ट बन कर संविधान की मनमानी व्याख्या कर रहा है।

आपको ‘गोदी मीडिया’ या ‘पालतू मीडिया’ का इससे अच्छा उदाहरण कहाँ मिलेगा? जिन मछुआरों के बीच राहुल गाँधी अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके ये झूठ फैला रहे हैं, उन्हें सच्चाई से रूबरू कौन कराएगा? वो ख़बरों में भी देखेंगे तो सच्चाई बताने वाला कोई नहीं। मोदी सरकार के खिलाफ माहौल बनाने के लिए बेशर्मी से खुलेआम झूठ का इस्तेमाल हो रहा है। इसे ठीक करने के लिए भाजपा को समुद्री किनारों पर उतरना पड़ेगा।

ऊपर से राहुल गाँधी तमिल और मलयालम भाषी राज्यों में ये झूठ फैला रहे हैं। समस्या ये है कि ‘पालतू मीडिया’ राहुल गाँधी के झूठ पर परत डाल कर लोगों को और भरमा रहा है। भारत की सुदूर समुद्री सीमाओं पर रह रहे उन गरीबों के बीच झूठ का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। इससे देश का नुकसान हो रहा है। गरीबों को उनके फायदे की योजनाएँ समझाई जानी चाहिए, ये नहीं कि उन्हें उनसे दूर किया जाना चाहिए।

हाँ, बोलने वाले ये भी बोल सकते हैं कि मछुआरों के लिए अलग से कोई एकल मंत्रालय नहीं है। तो क्या फिर महिलाओं के लिए भी कोई मंत्रालय नहीं है, क्योंकि वो तो ‘महिला एवं बाल विकास’ मंत्रालय है। फिर तो किसानों के लिए भी कोई मंत्रालय नहीं है अलग से क्योंकि वो तो ‘कृषि एवं किसान कल्याण’ मंत्रालय है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के लिए कोई भी मंत्रालय नहीं है अलग से, क्योंकि वो ‘विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय’ है।

झूठ फैलाने और आँकड़े बदलने का रहा है राहुल का पुराना इतिहास

इसकी काट के लिए भाजपा को भी अपने नेटवर्क को सक्रिय करना होगा। भाजपा या उससे सम्बद्ध संगठनों के जितने भी कैडर हैं, उन्हें समुद्री सीमाओं पर भेज कर बताया जाए कि उनके लिए अलग मंत्रालय है और उनके लिए कौन सी योजनाएँ चल रही हैं। मत्स्य विभाग भी स्थानीय भाषाओं के अख़बारों और मीडिया के माध्यम से जागरूकता फैलाए। इस झूठ की काट के लिए बहुत मेहनत करनी होगी क्योंकि मीडिया का एक बड़ा धड़ा उनका पालतू हो रखा है।

याद कीजिए, जब 2019 लोकसभा चुनाव से पहले राहुल गाँधी राफेल को लेकर हर जगह आँकड़े बदल देते थे और मीडिया उनसे सवाल पूछने की बजाए लंबे-लंबे लेख लिख कर उनका साथ दे रहा था। कृषि कानूनों को लेकर भी उन्होंने असम और राजस्थान की रैलियों में आँकड़े को सीधा दोगुना कर डाला। हर मामले में उनके झूठ पर मीडिया परत ही चढ़ाता रहा है लेकिन कभी उनके झूठ का फैक्ट-चेक नहीं किया गया।

10 लाख युवाओं को योगी सरकार देगी टैबलेट का तोहफा: 28 फरवरी तक है ‘अभ्युदय’ योजना में पंजीकरण की तारीख

उत्तर प्रदेश में ‘अभ्युदय’ योजना के तहत निशुल्क कोचिंग सेवा में एडमिशन लेने वाले युवाओं को योगी सरकार ने टैबलेट देने का निर्णय लिया है। योगी आदित्यनाथ सरकार 10 लाख युवाओं को टैबलेट देगी। टैबलेट मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए चलाई जा रही निश्शुल्क कोचिंग में दाखिला पाने वाले विद्यार्थियों को ही मिलेगा। इस कोचिंग में एडमिशन लेने के लिए अभ्यार्थी को प्रवेश परीक्षा में पास होना होगा, उसके बाद ही उसे दाखिला मिलेगा।

जानकारी के मुताबिक, अभी तक 5 लाख युवा अभ्युदय कोचिंग में ऑनलाइन व फिजिकल कक्षाओं में पढ़ रहे हैं। युवाओं के उत्साह को देखते हुए फिजिकल कक्षाओं में दाखिले के लिए 28 फरवरी तक पंजीकरण की सुविधा फिर से दी गई है। इसके लिए 5 और 6 मार्च को प्रवेश परीक्षा होगी।

बता दें कि योगी सरकार का इस योजना के जरिए मकसद युवाओं की प्रतिभा को तलाशना है। सरकार इन्हें आगे बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। टैबलेट मुहैया कराने के पीछे भी सरकार की यही सोच है कि इससे युवा छात्र मात्र एक क्लिक में पूरी दुनिया की जानकारी बेहतर ढंग से ले पाएँगे। 

इन कोचिंग्स में सिविल सेवा परीक्षा, जेईई, नीट व एनडीए के लिए तैयारी करवाई जाएगी। रिपोर्ट्स के अनुसार, मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना की क्रियान्वयन समिति के सदस्य व लखनऊ के मंडलायुक्त रंजन कुमार ने बताया कि कोचिंग में विद्यार्थी ऑनलाइन के साथ फिजिकल कक्षाओं में भी पढ़ रहे हैं। अब फिर से फिजिकल कक्षाओं में दाखिले के लिए छात्र-छात्राएँ अपना पंजीकरण कर सकेंगे।

उन्होंने कहा कि 28 फरवरी को रात आठ बजे तक वेबसाइट abhyuday.up.gov.in पर अपना पंजीकरण कराया जा सकता है। ऐसे अभ्यर्थी जो ऑनलाइन कक्षाओं के लिए पहले से पंजीकृत हैं, वह भी फिजिकल क्लासेज में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा दे सकेंगे। कोचिंग में पढ़ रहे विद्यार्थियों में से टैबलेट पाने के पात्र मेधावियों को चयनित करने के लिए जल्द नियम व शर्तें घोषित होंगी।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 15 फरवरी 2021 को सिविल परीक्षाओं के लिए फ्री कोचिंग योजना ‘अभ्युदय’ का शुभारंभ किया था। इस दौरान उन्होंने कोचिंग के लिए चयनित छात्र-छात्राओं से संवाद भी किया था। 16 फरवरी 2021 यानी बसंत पंचमी से इस योजना के तहत कक्षाएँ शुरू हुई थीं। तब तक इस योजना के लिए कुल 4 लाख 84 हजार से अधिक छात्रों ने पंजीकरण करवा लिया था। उनमें से सरकार ने 50 हजार का चयन किया था।

1 महीने के सस्पेंशन के बाद ‘इंडिया टुडे’ पर वापस लौटे राजदीप सरदेसाई, ‘किसान’ की मौत पर फैलाई थी फेक न्यूज़

प्रोपेगंडा पत्रकार राजदीप सरदेसाई 1 महीने तक ‘इंडिया टुडे’ चैनल से ऑफ एयर रहने के बाद अब फिर से स्क्रीन पर लौट आए हैं। गणतंत्र दिवस के दिन हुई हिंसा के दौरान एक प्रदर्शनकारी नवरीत सिंह की मौत को लेकर फेक न्यूज़ फैलाने के बाद चैनल ने उन्हें ऑफ एयर कर दिया था। इसके बाद चर्चा चल रही थी कि वो ‘इंडिया टुडे’ छोड़ सकते हैं। अब वो फिर से रात 9 बजे के शो में वापस लौट आए हैं।

अपने 9 बजे के शो से पहले उसके मुद्दे को बता कर उन्होंने मंगलवार (फरवरी 23, 2021) को ट्विटर पर वापसी की घोषणा की। इसमें उन्होंने लिखा कि वो आज रात दिशा रवि को टूलकिट मामले में मिली जमानत, ममता बनर्जी के परिवार के खिलाफ चल रही CBI जाँच राजनीतिक बदला है या कानून की प्रक्रिया और महाराष्ट्र में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण मामलों पर बात करेंगे। इसके बाद वो शो में बतौर एंकर लौटे भी।

कई लोगों ने तंज कसते हुए उनसे पूछा कि क्या नौकरी वापस मिल गई? एक व्यक्ति ने पूछा कि उन्हें फिर से ऑन एयर क्यों किया जा रहा है? एक यूजर ने लिखा कि राजदीप सरदेसाई फिर से ज़हर फैलाने लौट आए हैं। वहीं कुछ ने उन्हें राहुल गाँधी द्वारा उत्तर-दक्षिण के राज्यों के बीच फूट डालने वाले बयान देने पर बात करने को कहा। एक व्यक्ति ने उन्हें सलाह दी कि अगर उनके पास आत्मसम्मान होता तो वो उस दफ्तर में कदम नहीं रखते।

राजदीप सरदेसाई ने तिरंगे में लिपटी मृतक की लाश की तस्वीर अपने ट्विटर अकाउंट से शेयर करते हुए लिखा था कि गणतंत्र दिवस के दिन ‘किसान’ की मौत पुलिस की गोली से हुई है। राजदीप ने ट्विटर पर लिखा था, “पुलिस फायरिंग में आईटीओ पर 45 साल के नवनीत की मौत हो गई है। किसानों ने मुझे बताया कि उसका ‘बलिदान’ व्यर्थ नहीं जाएगा।” जबकि वीडियो में साफ़ दिख रहा था कि उसकी मौत ट्रैक्टर से स्टंट करते हुए हुई, जब वो पुलिस बैरिकेडिंग तोड़ रहा था।

‘थोथा चना बाजे घना- एहसान फरामोश हैं राहुल गाँधी’: जहाँ जाते हैं होता है कॉन्ग्रेस का बंटाधार

कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी के त्रिवेंद्रम में दिए बयान के ऊपर भाजपा के कई नेता उनसे नाराज हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा से लेकर अमेठी सांसद स्मृति ईरानी ने उन्हें खरी-खरी सुनाई है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तो राहुल को लेकर ये तक कहा है कि वह जहाँ भी कदम रखते हैं, वहाँ पार्टी का बंटाधार होता है।

मालूम हो कि राहुल गाँधी ने त्रिवेंद्रम में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा था, “मैं 15 साल तक उत्तर भारत में सांसद था। मुझे एक अलग तरह की राजनीति की आदत हो गई थी। मेरे लिए केरल आना बेहद नया था क्योंकि मुझे अचानक लगा कि यहाँ के लोग मुद्दों में दिलचस्पी रखते हैं और जमीनी तौर पर मुद्दों के विस्तार में जाने वाले हैं।”

इस बयान के बाद अमेठी से वर्तमान सांसद स्मृति ईरानी ने राहुल गाँधी के लिए ‘एहसान फरामोश’ शब्द का इस्तेमाल किया। साथ ही कहा कि इनके बारे में तो दुनिया कहती है- थोथा चना बाजे घना।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिखा, “सनातन आस्था की तपस्थली केरल से लेकर प्रभु श्री राम की जन्मस्थली उत्तर प्रदेश तक सभी लोग आपको समझ चुके हैं। विभाजनकारी राजनीति आपका राजनीतिक संस्कार है। हम उत्तर या दक्षिण में नहीं, पूरे भारत को माता के स्वरूप में देखते हैं।”

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा लिखते हैं, “कुछ दिन पहले तक यह पूर्वोत्तर में रहकर भारत के पश्चिमी हिस्से के ख़िलाफ़ जहर उगल रहे थे। आज दक्षिण में जाकर उत्तर के ख़िलाफ़ जहर उगल रहे हैं। विभाजनकारी राजनीति काम नहीं करेगी राहुल गाँधी। लोगों ने ऐसी राजनीति करने वालों को नकार दिया है। आज देख लो गुजरात में क्या हुआ।”

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान लिखते हैं, “जहाँ-जहाँ पाँव पड़े राहुल गाँधी के, तहाँ-तहाँ कॉन्ग्रेस का बंटाधार! राहुल जी ने पहले उत्तर भारत को कॉन्ग्रेस मुक्त कर दिया, अब दक्षिण को चले हैं! हमारे और जनता के लिए पूरा देश एक है। कॉन्ग्रेस भारत को उत्तर और दक्षिण में बाँटना चाहती है, जनता ऐसे प्रयासों को सफल नहीं होने देगी।”

गौरतलब है कि राहुल गाँधी को पिछले लोकसभा चुनावों में स्मृति ईरानी से करारी शिकस्त मिली थी। वह अमेठी में साल 2004 से सांसद थे मगर, 2019 में ये सीट ईरानी ने उनसे छीन ली। हालाँकि 2019 में ही उन्होंने केरल के वायनाड से चुनाव लड़ा था, जहाँ उन्हें जीत मिली। अब अमेठी हाथ से जाने के बाद वह उत्तर भारत के लिए देश के अलग-अलग कोने में उल जुलूल बाते कर रहे हैं।