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कई सौगात दे PM मोदी ने लॉन्च की ‘असम माला’, कहा- साजिश रचने वालों ने भारत की चाय को भी नहीं छोड़ा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (7 फरवरी, 2021) को असम के बिश्वनाथ और चराइदेव में मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की आधारशिला रखी। असम के सोनितपुर जिले के ढेकियाजुली में ‘असम माला (Asom Mala)’ प्रोग्राम को भी लॉन्च किया। सोनितपुर में जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम ने उन विदेशी साजिशों का भी जिक्र किया जो कथित किसान आंदोलन की आड़ में रचे जा रहे हैं।

बता दें, ‘असम माला’ प्रोजेक्ट के तहत राज्य की सड़कों के बुनियादी ढाँचे को बढ़ावा मिलेगा। यह प्रोजेक्ट राष्ट्रीय राजमार्गों और ग्रामीण सड़कों के नेटवर्क के साथ-साथ निर्बाध मल्टी-मॉडल परिवहन की सुविधा के साथ गुणवत्तापूर्ण अंतर-संपर्क मार्ग प्रदान करेगी। यह परिवहन गलियारों के साथ आर्थिक विकास केंद्रों को भी आपस में जोड़ने का काम करेगा और इससे अंतर-राज्य कनेक्टिविटी में सुधार होगा।

इस प्रोजेक्ट को लेकर प्रधानमंत्री ने कहा, “आज भारत माला की तर्ज पर असम माला की शुरुआत की गई है। अगले 15 सालों में असम में चौड़े हाईवेज का जाल हो, सभी गाँव मुख्य सड़कों से जुड़ें, सड़कें देश के शहरों की तरह आधुनिक हों, यह प्रोजेक्ट सपनों को पूरा करेगा, आपका सामर्थ्य बढ़ाएगा।”

पीएम मोदी ने अपने संबोधन के दौरान कहा, “पिछले महीने असम आकर गरीब, पीड़ित, शोषित लोगों को जमीन के पट्टों के वितरण कार्यक्रम का हिस्सा बनने का मुझे सौभाग्य मिला था। तब मैंने कहा था कि असम के लोगों का स्नेह और आपका प्रेम इतना गहरा है कि वो मुझे बार-बार असम ले आता है।”

उन्होंने आगे कहा, “मेरा सपना है कि हर राज्य में कम से कम एक मेडिकल कॉलेज मातृभाषा में पढ़ाना शुरू करें। जब असम में नई सरकार बनेगी मैं असम के लोगों की तरफ से वादा करता हूँ कि असम में हम एक मेडिकल कॉलेज स्थानीय भाषा में शुरू करेंगे।”

वहीं विपक्षियों के नापाक मंसूबे पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “आज देश को बदनाम करने के लिए साजिश रचने वाले इस स्तर तक पहुँच गए हैं कि भारत की चाय को भी नहीं छोड़ रहे। कुछ दस्तावेज सामने आए हैं जिनसे खुलासा होता है कि विदेश में बैठी कुछ ताकतें चाय के साथ भारत की जो पहचान जुड़ी है, उस पर हमला करने की फिराक में हैं।”

उन्होंने पूछा, “क्या आप ऐसे लोगों के इन हमलो को स्वीकार करेंगे? आप इस हमले में शामिल लोगों को स्वीकार करेंगे? क्या आप इन हमलावरों की प्रशंसा करने वालों को स्वीकार करेंगे ? मैं असम की धरती से षड्यंत्रकारियों से कहना चाहता हूँ कि ये जितनी मर्जी षड्यंत्र कर लें देश इनके नापाक मंसूबों को कामयाब नहीं होने देगा। भारत की चाय पर किए जा रहे हमलों में इतनी ताकत नहीं है कि वो हमारे चाय बागान में काम करने वाले लोगों के परिश्रम का मुकाबला कर सकें।”

पीएम ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए अहा, “गुवाहाटी में एम्स का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। पिछली सरकारें क्यों नहीं समझ पाईं की गुवाहाटी में एम्स होगा तो यहाँ के लोगों को कितना फायदा होगा। सरकार असम के विकास के लिए पूरी निष्ठा से काम कर रही है। असम में आयुष्मान भारत योजना का लाभ करीब सवा करोड़ लोगों को मिल रहा है।”

उन्होंने कहा, “इस बार देश के बजट में चाय बगान में काम करने वाले हमारे भाइयों और बहनों के लिए 1000 करोड़ रुपये की विशेष योजना की घोषणा की गई है। ये पैसा आपको मिलने वाली सुविधाओं को बढ़ाएगा, टी-वर्कर्स का जीवन और आसान बनाएगा।”

गौरतलब है कि असम के कोने-कोने में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर्स भी खोले जा रहे हैं जो गाँव-गरीब के प्राथमिक स्वास्थ्य की चिंता कर रहे हैं। इन सेंटर्स पर अब तक असम के 55 लाख से ज्यादा लोग अपना इलाज करा चुके हैं।

Bra देख कर अपना होठ चाटने का आरोपित The Wire का पत्रकार बना मुंबई प्रेस क्लब का अध्यक्ष

वामपंथी प्रोपेगेंडा पोर्टल ‘द वायर’ के सह संस्थापक और महिलाकर्मियों के साथ यौन शोषण के आरोपित सिद्धार्थ भाटिया को मुंबई प्रेस क्लब का अध्यक्ष चुना गया है। शनिवार (6 फरवरी 2021) को मुंबई प्रेस क्लब के चुनाव हुए थे, जिसमें सिद्धार्थ भाटिया ने सुधाकर कश्यप के खिलाफ जीत दर्ज की। 

पत्रकार स्मिता देशमुख ने ट्वीट करते हुए इस बात की जानकारी दी कि घनघोर वामंथी पत्रकारों ने ‘प्रोग्रेसिव डेमोक्रेटिक अलायन्स’ (Progressive Democratic Alliance) नाम का समूह बना कर मुंबई प्रेस क्लब का चुनाव लड़ा। इसमें सिद्धार्थ भाटिया ने अध्यक्ष पद के लिए, इंडियन एक्सप्रेस के वामपंथी पत्रकार गुरबीर सिंह ने चेयरमैन और महाराष्ट्र टाइम्स के समर खलदस ने वाइस चेयरमैन पद के लिए चुनाव लड़ा था। 

एक अन्य पत्रकार श्रीकांत भोंसले के मुताबिक़ प्रोग्रेसिव डेमोक्रेटिक अलायन्स ने क्लब के पदाधिकारियों के लिए 6 उम्मीदवार उतारे थे और 10 अन्य को समिति के सदस्यों के लिए उतारा था। इन सभी 16 उम्मीदवारों की अगुवाई घनघोर वामपंथी ‘पत्रकार’ सिद्धार्थ भाटिया ने की थी और सभी ने मुंबई प्रेस क्लब के चुनावों में जीत हासिल की है। 

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 2018 के दौरान #Metoo अभियान काफी चर्चा में था। इसमें तमाम दिग्गजों पर कई गंभीर आरोप सामने आए थे। उसी दौरान एक महिला ने सिद्धार्थ भाटिया पर यौन शोषण का आरोप लगाया था। 

सहकर्मियों ने भी लगाया था यौन शोषण का आरोप 

#Metoo अभियान के दौरान दो अलग-अलग घटनाओं में, दो अलग-अलग महिलाओं ने सिद्धार्थ भाटिया पर आरोप लगाया था कि उन्होंने अपनी पावर और पोजिशन का इस्तेमाल करके उनका शोषण किया था। एक महिला के मुताबिक़ भाटिया DNA में रहते हुए नई इंटर्न्स को लिखने से जुड़ी बारीकियाँ समझाने के बहाने अपने झाँसे में लेता था। वहीं एक ट्विटर यूजर ने आरोप लगाया था भाटिया दफ्तर में महिलाकर्मियों की ब्रा की स्ट्रिप देख कर होठों का निचला हिस्सा चाटना शुरू कर देता था। 

हालाँकि DNA के कार्यकाल से जुड़े महिला के आरोपों को भाटिया ने खारिज कर दिया था। भाटिया के मुताबिक़ जब वो DNA में काम करते थे, तब वहाँ इस नाम की कोई महिला काम नहीं करती थी। इसके अलावा भाटिया ने द वायर की कर्मचारी रह चुकी महिला के आरोपों पर कहा कि वो सच नहीं है क्योंकि द वायर हिन्दी में कोई महिला कर्मचारी नहीं थी। 

इस तरह के तमाम आरोपों के सामने आने के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी कि उन पर आरोप लगाने वाले ट्विटर हैंडल्स की जाँच हो। भाटिया ने यहाँ तक दावा किया था कि उन्होंने महिलाओं से कहा था कि वह मामले से जुड़ी अधिक जानकारी के साथ आगे आएँ लेकिन ऐसा किसी ने नहीं किया। 

देश की इकलौती ‘फ़ेक न्यूज़’ वेबसाइट – The Wire

ख़बरों से ज़्यादा विवादों के चलते सुर्ख़ियों में रहने वाले वामपंथी मीडिया समूह ‘द वायर’ हिन्दू विरोधी विचारधारा और देश विरोधी नैरेटिव को बढ़ावा देने के लिए मशहूर है। स्वघोषित ‘समाचार वेबसाइट’ की शुरुआत अमेरिकी नागरिक सिद्धार्थ वरदराजन, एमके वेणु और सिद्धार्थ भाटिया ने की थी। ये वेबसाइट फर्जी ख़बरें फैलाने और प्रोपेगेंडा प्रचार करने के लिए मशहूर है। 

ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जब द वायर झूठ परोसते हुए नज़र आया है लेकिन इन्होंने अपने झूठ के लिए कभी माफ़ी नहीं माँगी। उन तमाम झूठों में ये कुछ झूठ हैं, जो द वायर ने पत्रकारिता के नाम पर परोसे हैं। 

द वायर के संस्थापक सिद्धार्थ वरदराजन पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर फेक न्यूज़ फैलाने पर एफ़आईआर दर्ज की गई थी। इसके अलावा पूर्व न्यूज एंकर विनोद दुआ पर भी दिल्ली के हिन्दू विरोधी दंगों के दौरान गलत रिपोर्टिंग करने और जनता के बीच भ्रम पैदा करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया था। विनोद दुआ पर भी यौन शोषण के आरोप लगाए गए थे।

‘शहर कोई सा हो, राज हमारा होगा’: रचित जाट की हत्या का जश्न मना रहा था नाज़िम, यूपी पुलिस ने दबोचा

उत्तर प्रदेश पुलिस की साइबर सेल ने बिजनौर में रचित जाट की हत्या का जश्न मनाने वाले एक शख्स को गिरफ्तार किया है। आरोपित नाज़िम सोशल मीडिया के जरिए इस हत्याकांड का जश्न मना रहा था। उसने व्हाट्सएप्प पर इस सम्बन्ध में भड़काऊ स्टोरी लगाई थी, जिसके बाद ये कार्रवाई की गई। स्थानीय स्तर पर इस मामले में सांप्रदायिक तनाव गहराने की कोशिश की जा रही है, ऐसा इस गिरफ़्तारी से खुलासा हुआ है।

यूपी पुलिस भी इस चीज को समझती है और इसीलिए सतर्क हो गई है। सोशल मीडिया पर पोस्ट की जा रही आपत्तिजनक सामग्रियों का निरीक्षण किया जा रहा है। ताज़ा घटना शनिवार (फ़रवरी 6, 2021) की है, जब झालू क्षेत्र के कानून गोयान मोहल्ले के रहने वाले मोहम्मद मोहसिन के बेटे नाज़िम को गिरफ्तार किया गया। उसने रचित जाट की हत्याकांड का जश्न मनाते हुए व्हाट्सएप्प पर स्टोरी लगाई थी।

उसमें उसने लिखा था, “गद्दी तेरी, ताज हमारा होगा, शहर कोई सा हो, राज हमारा होगा।” उसने रचित जाट की लाश और आरोपितों की तस्वीर शेयर कर ‘लव यू यारों’ भी लिखा था। इसके बाद से ही स्थानीय इलाके में सांप्रदायिक तनाव बढ़ने लगा था। सोशल मीडिया पर इसके स्क्रीनशॉट्स तेज़ी से वायरल होने से माहौल गरमा रहा था। एसपी के आदेश के बाद उसे तुरंत धर-दबोचा गया और गंभीर धाराओं में मुकदमा भी दर्ज किया जा रहा है। पुलिस ने चेताया है कि सोशल मीडिया के जरिए भड़काने वालों पर कार्रवाई होगी।

पुलिस ने जानकारी दी है कि रचित जाट जब बाजार से अपने दोस्त के लिए गिफ्ट खरीद रहा था, तब हमलावरों ने पीछे से उस पर गोलीबारी की। इससे उसकी मौत हो गई। सर्किल ऑफिसर कुलदीप कुमार गुप्ता ने बताया कि हमलावर और आरोपित पहले दोस्त हुआ करते थे। आरोपितों के खिलाफ NSA (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) के तहत कार्रवाई की जाएगी। झालू में पुलिस बल की तैनाती भी बढ़ा दी गई है।

बताते चलें कि बिजनौर जिले के हल्दौर के कस्बा झालू में सरे बाजार युवा रचित जाट को दिनदहाड़े गोलियों से भूनकर मौत के घाट उतार दिया गया था। अपराधी कत्ल कर मौका-ए-वारदात के पास ही दुकान के बाहर बैठ गए और आराम से सिगरेट पीते रहे। बीच-बीच में फायरिग कर तमंचे लहराते हुए गवाही देने वालों को जान से मारने की धमकी देते रहे। आरोपितों शारिक, सहजन, आसिफ आब्दी, शादाब और शहवर गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

Video: डर, सिहरन, अफरातफरी… उत्तराखंड में ग्लेशियर फटने का खौफनाक मंजर

उत्तराखंड के चमोली जिले में ग्लेशियर फटने से भारी तबाही का मंजर दिख रहा है। अलकनंदा और धौलीगंगा उफान पर हैं। पानी के तेज बहाव के मद्देनजर कीर्ति नगर, देवप्रयाग, मुनि की रेती इलाकों को अलर्ट पर रखा गया है। पानी के बहाव में कई घरों के बहने की आशंका है। इसके कई वीडियो सामने आ रहे हैं, जो काफी खौफनाक हैं।

आसपास के इलाके खाली कराए जा रहे हैं। लोगों से सुरक्षित इलाकों में पहुँचने की अपील की जा रही है। चमोली पुलिस ने अलकनंदा नदी के किनारे रहने वालों को सुरक्षित जगह पर जाने की सलाह दी गई है। प्रशासन नदी किनारे बसे लोगों के घर खाली कराने में जुट गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राज्य के कई जिलों को अलर्ट जारी किया गया है। राज्य के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत लगातार पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने ट्वीट कर कहा है कि जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और आपदा प्रबंधन को इस आपदा से निपटने के आदेश दे दिए हैं। किसी भी प्रकार की अफ़वाहों पर ध्यान ना दें। सरकार सभी ज़रूरी कदम उठा रही है।

बताया जा रहा है कि जब यह हादसा हुआ, तब ऋषिगंगा और धौलीगंगा के पावर प्रोजेक्ट पर काफी संख्या में मजदूर कार्य कर रहे थे। इस हादसे में करीब 150 लोगों के लापता होने की आशंका है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत लगातार इस घटनाक्रम पर निगरानी रखे हुए हैं। वे मौके के लिए रवाना हो गए हैं। वहीं, केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने इस पूरे मामले पर रिपोर्ट माँगी है।

मिली जानकारी के अनुसार रविवार (फरवरी 7, 2021) सुबह एवलांच के बाद चमोली जिले के अंर्तगत ऋषिगंगा नदी पर रैणी गाँव में निर्माणाधीन 24 मेगावाट के हाइड्रो प्रोजेक्ट का बैराज टूट गया। इसके बाद मलबे और पानी का तेज बहाव धौलीगंगा की ओर बढ़ा।

नतीजतन रैणी से करीब 10 किमी दूर तपोवन में धौलीगंगा नदी पर निर्माणाधीन 520 मेगावाट की विद्युत परियोजना का बैराज भी टूट गया। इसके बाद हालात बिगड़ गए। दोनों प्रोजेक्ट पर काम कर रहे बड़ी संख्या में मजदूरों के बहने की सूचना है।

आईटीबीपी के अनुसार, “रेणी गाँव के नजदीक धौलीगंगा में भयानक बाढ़ देखी गई है जहाँ बादल फटने या जलाशय के टूटने के चलते जल निकायों में बाढ़ आ गई है और नदी किनारे स्थित कई घर तबाह हो गए हैं। हताहतों की संख्या बढ़ने की आशंका है। आईटीबीपी के सैकड़ों जवान रेस्क्यू के लिए रवाना हो गए हैं।”

किसानों ने जताया CM योगी का आभार, मिलेंगे प्रति हेक्टेयर ₹71 लाख; सालों से चल रहा आंदोलन खत्म

उत्तर प्रदेश के मानबेला के किसानों का आंदोलन खत्म हो गया है। वे सालों से बढ़े मुआवजे की माँग को लेकर आंदोलनरत थे। जिला न्यायालय का इस मामले में फैसला आने के बाद उन्हें 71 लाख रुपए प्रति हेक्टेयर की दर से मुआवजा मिलने का रास्ता साफ हो गया है। किसानों ने इस फैसले के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताया है।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार मानबेला में गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) ने 215 एकड़ की जमीन अधिग्रहित की थी। 2009 में निर्णय लिया गया था कि किसानों को 18 लाख रुपए प्रति हेक्टेयर की दर से भुगतान किया जाएगा। तब राज्य में बसपा सुप्रीमो मायावती की सरकार थी। किसान इस मुआवजे की राशि से सहमत नहीं थे।

इसके बाद योगी आदित्यनाथ (तब गोरखपुर के सांसद) ने इस मामले में हस्तक्षेप किया और तय हुआ कि किसानों को 28 लाख रुपए प्रति हेक्टेयर की दर से मुआवजे का भुगतान किया जाएगा। लगभग 400 किसानों को 18 लाख रुपए की दर पर मुआवजा मिला, जबकि 100 किसानों ने 28 लाख रुपए की दर से हासिल किया। लेकिन, किसानों ने मुआवजे की राशि बढ़ाने को लेकर अपनी लड़ाई जारी रखी।

इसके कारण प्राधिकरण इन भूमि पर कोई विकास कार्य भी शुरू नहीं कर सका था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुआवजे की राशि बढ़ा कर 71 लाख रुपए प्रति हेक्टेयर तय की, लेकिन तकनीकी कारणों से इस पर अमल नहीं हो पाया था। इसके बाद 70 किसानों ने न्यायालय की शरण ली। अब न्यायालय ने आदेश दिया है कि किसानों को ब्याज सहित पूरी राशि भुगतान की आए।

जिन भी किसानों ने न्यायालय में याचिका दायर की थी, उनके मुआवजे की रकम न्यायालय में प्रशासन को जमा करानी पड़ेगी और मुआवजा सभी किसानों को मिलेगा। जो किसान याचिकाकर्ता नहीं थे, उन्हें इस आदेश की प्रति के साथ भू- अधिग्रहण की धारा 28 ए के तहत भूमि अध्याप्ति अधिकारी के यहाँ बढ़े मुआवजे के लिए आवेदन देने के लिए कहा गया है। उसके आधार पर उन्हें भुगतान जारी कर दिया जाएगा।

सीएम योगी आदित्यनाथ 2017 में मुख्यमंत्री का पद सँभालते ही इस मामले में निदान के लिए एक कमिटी का गठन किया था और मुआवजे की मौजूदा दर इस कमिटी ने सुझाई थी। मानबेला किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष बरकत अली ने कहा कि योगी शुरू से ही किसानों की लड़ाई लड़ते आ रहे हैं। इन किसानों में कई निषाद और मुस्लिम समाज के हैं। अब GDA की बोर्ड की बैठक में इस सम्बन्ध में कानूनी सलाह लेकर आगे की कार्यवाही होगी।

उत्तराखंड ग्लेशियर हादसा: चमोली में 100-150 लोगों के बहने की आशंका, मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी

उत्तराखंड के चमोली जिले में ग्लेशियर टूटने से भारी तबाही हुई है। आशंका है कि 100-150 लोग पानी की तेज धार में बह गए हैं। उत्तराखंड के प्रधान सचिव ओम प्रकाश ने यह आशंका जताई है।

चमोली जिले के रेणी गाँव के पास ग्लेशियर के टूटने से कई गाँव वालों के घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। यह ग्लेशियर धौली गंगा नदी के किनारे-किनारे बह रहा है। इस आपदा से निपटने के लिए आईटीबीपी के 200 से ज्यादा जवान बचाव कार्य में लगे हुए हैं। 

हेल्पलाइन नंबर जारी

आपदा से निपटने या किसी जानकारी के लिए या किसी जगह की सूचना के लिए राज्य सरकार ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। 1070 या 9557444486 नंबर पर कॉल कर आप इस संबंध में सूचना ले या दे सकते हैं।

इससे पहले उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि चमोली ज़िले से एक आपदा का समाचार मिला है। उन्होंने बताया कि ज़िला प्रशासन, पुलिस विभाग और आपदा प्रबंधन को इस आपदा से निपटने के आदेश दे दिए हैं। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के अनुसार:

“चमोली के रिणी गाँव में ऋषिगंगा प्रोजेक्ट को भारी बारिश व अचानक पानी आने से क्षति की संभावना है। नदी में अचानक पाने आने से अलकनंदा के निचले क्षेत्रों में भी बाढ़ की संभावना है। तटीय क्षेत्रों में लोगों को अलर्ट किया गया है। नदी किनारे बसे लोगों को क्षेत्र से हटाया जा रहा है। एहतियातन भागीरथी नदी का फ्लो रोक दिया गया है। अलकनन्दा का पानी का बहाव रोका जा सके, इसलिए श्रीनगर डैम तथा ऋषिकेष डैम को खाली करवा दिया है। SDRF अलर्ट पर है। मेरी आपसे विनती है अफवाहें न फैलाएँ। सरकारी प्रमाणिक सूचनाओं पर ही ध्यान दें। मैं स्वयं घटनास्थल के लिए रवाना हो रहा हूँ।”

ट्विटर इंडिया की पब्लिक पॉलिसी हेड महिमा कौल का इस्तीफा, PM मोदी को लेकर कर चुकी हैं ‘फ# आम आदमी’ वाला ट्वीट

ट्विटर इंडिया की पब्लिक पॉलिसी हेड महिमा कौल ने इस्तीफा दे दिया है। ‘इंडिया टुडे’ की खबर के अनुसार, ट्विटर के एक वरिष्ठ अधिकारी ने व्यक्तिगत कारणों से महिमा के इस्तीफा देने की पुष्टि की है। कौल ने 2015 में ट्विटर इंडिया ज्वाइन किया था।

इस्तीफे की ये खबर ऐसे समय में आई है, जब ट्विटर ने ‘किसान आंदोलन’ के दौरान अफवाह फैलाने और लोगों को भड़काने वाले ट्वीट्स को भारत सरकार के कहने के बावजूद नहीं हटाया। इसको लेकर Meity (इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय) मंत्रालय ने उसे नोटिस भी जारी किया है। ‘इंडिया टुडे’ ने अपने सूत्रों के हवाले से ये भी कहा है कि इस मामले का इस्तीफे से कोई लेना-देना नहीं है और वो अगले कुछ समय तक ट्विटर की पब्लिक पॉलिसी डायरेक्टर बनी रहेंगी।

ट्विटर की पब्लिक पॉलिसी के VP मॉनिक मेक ने कहा, “महिमा कौल ने इस वर्ष की शुरुआत में ही ये निर्णय लिया था और उन्हें ब्रेक की ज़रूरत भी है। ये हमारे लिए एक नुकसान की तरह है, लेकिन यहाँ 5 वर्ष कार्यरत रहने के बाद उन्होंने अपने जीवन के महत्वपूर्ण लोगों और परिवार पर ध्यान देने का फैसला लिया है। वे मार्च 2021 के अंत तक इस पद पर बनी रहेंगी और पद के हस्तानांतरण में भूमिका निभाएँगी।”

ट्विटर की वेबसाइट पर इस पद के लिए जॉब भी लिस्ट कर दी गई है और इसे सार्वजनिक कर दिया गया है। कुछ साल पहले महिमा का एक ट्वीट वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने लिखा था, “नरेंद्र मोदी की राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के आगे बम ब्लास्ट, भूकंप और मौत जैसी चीजें दूसरे नंबर पर आती हैं। फ़क आम आदमी।” राजनीतिक पक्षपात के आरोप लगने के बाद उन्होंने ये ट्वीट डिलीट कर दिया था।

पालघर में ‘लिव इन पार्टनर’ को मारा, बाथरूम की दीवार में चुनवाया: 4 महीने से उसी फ्लैट में रह रहा था प्रेमी

साधुओं की लिंचिंग और हाल में नौसेना के जवान को ज़िंदा जलाने की घटना के बाद पालघर फिर सुर्ख़ियों में है। वहाँ एक व्यक्ति ने अपनी ‘लिव इन पार्टनर’ की कथित तौर पर हत्या की और लाश फ़्लैट की दीवार में चुनवा दी।

घटना महाराष्ट्र के पालघर स्थित वृंदावन दर्शन कॉम्प्लेक्स की है, जिसके बारे में सुनते ही आस-पास के लोग हैरान हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक़ सूरज हरमलकर और उसकी लिव इन पार्टनर अमिता मोहिते वृंदावन दर्शन कॉम्प्लेक्स के फ़्लैट नंबर 101 में रहते थे। 

पिछले कुछ महीनों से अमिता (32) नहीं नज़र आ रही थीं, सिर्फ सूरज ही आते-जाते हुए नज़र आता था। इस बात की शिकायत मिलने पर पुलिस जाँच के लिए फ़्लैट पर पहुँची। इस बीच पुलिस के साथ एम्बुलेंस, पुलिस के फोटोग्राफर और फॉरेंसिक टीम भी आई थी।

पुलिसकर्मियों के साथ मजदूर तक आए थे और यह आस-पास मौजूद लोगों के लिए हैरान करने वाला था। कुछ ही देर में वृंदावन दर्शन कॉम्प्लेक्स के बाहर भीड़ इकट्ठा हो गई लेकिन किसी को घटना समझ नहीं आ रही थी। 

पुलिस ने फ़्लैट के भीतर दाखिल होते ही तोड़-फोड़ शुरू की और थोड़ी देर में पुलिसकर्मी लाश के साथ बाहर आए। इसके बाद आस-पास मौजूद लोगों को पूरा मामला समझ आया। लाश सूरज की लिव इन पार्टनर अमिता की थी, दोनों इस फ़्लैट में साथ ही रहते थे।

पुलिस के मुताबिक़ अमिता का शव फ़्लैट के बाथरूम की दीवार तोड़ कर निकाला गया। लाश लगभग 4 महीने पहले उस दीवार में चुनवाई गई थी। अमिता की आधी लाश सड़ चुकी थी। उसका शव हड्डियों की गठरी बन चुका था। फ़िलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।      

पुलिस ने सूरज से मामले की पूछताछ शुरू कर दी है। रिपोर्ट्स में ऐसा कहा जा रहा है कि कथित तौर पर इस हत्या के पीछे सूरज का हाथ है। पुलिस की जाँच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि अमिता की हत्या का असल जिम्मेदार कौन है।

फ़िलहाल इस घटना की वजह से सभी हैरान हैं लेकिन इसके बाद बहुत से सवाल भी खड़े होते हैं। अगर सूरज ने अमिता की हत्या की तो उसके पीछे क्या वजह हो सकती है? जब दोनों काफी समय से साथ रह रहे थे, ऐसे में हत्या का क्या कारण हो सकता है? फ़िलहाल पुलिस मामले की जाँच कर रही है, जिसके पूरे होने के बाद ही सच सामने आएगा।  

‘हलाल’ का विरोध करने पर Hindu Aikya Vedi के नेता गिरफ्तार, लगाई गई गैर जमानती धाराएँ

हिन्दूवादी संगठन हिन्दू ऐक्य वेदी (Hindu Aikya Vedi) के नेता आरवी बाबू को शुक्रवार (5 फरवरी 2021) को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी की वजह ये थी कि उन्होंने एक बेकरी शॉप का ‘हलाल’ मांस बेचने के लिए विरोध किया था। सोमवार (8 फरवरी 2021) को अदालत के सामने पेश होने की शर्त पर संगठन के महासचिव आरवी बाबू को जमानत पर रिहा किया गया। 

केरल की एर्नाकुलम पुलिस का इस घटना पर कहना है कि 29 जनवरी 2021 को इस घटना के सम्बंध में मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद आरवी बाबू को नोटिस भेजा गया लेकिन इसके बावजूद पेश नहीं होने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया। बाद में उन्हें इस शर्त पर रिहा गया कि वह सोमवार को अदालत के सामने पेश होंगे। आरवी बाबू ने सोशल मीडिया पर लोगों से हलाल प्रमाणीकरण का विरोध करने का आह्वान किया था।

इस घटना पर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के सुरेन्द्रन ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई इस्लामी कट्टरपंथियों के तुष्टिकरण के लिए की गई है। इसके बाद उन्होंने कहा,

“क्या केरल एक इस्लामिक राज्य है, जो ‘हलाल’ के विरोध में बोलने पर पुलिस दबाव बनाने लगती है? केरल के मुख्यमंत्री और सीपीएम (CPM) इस्लामी कट्टरपंथियों का तुष्टिकरण करने में लगे हुए हैं और इस तरह के प्रयास केरल में पिछले कई सालों से हो रहे हैं। यह कार्रवाई सिर्फ उनकी आवाज़ दबाने के लिए की गई है जो सच बोलते हैं, इसका विरोध बहुत ज़रूरी है। इस तरह की कार्रवाई के ज़रिए सीपीएम आगामी चुनावों में अपना हित साधना चाहती है।”      

आरवी बाबू पर भारतीय दंड संहिता की धारा 153 ए के तहत मामला दर्ज किया गया है, जो एक गैर जमानती अपराध है। इस गिरफ्तारी के विरोध में हिन्दू ऐक्य वेदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता प्रदेशव्यापी आंदोलन कर रहे हैं।

आरवी बाबू संघ में बतौर प्रचारक काम कर चुके हैं। इसके अलावा वे सामाजिक मंचों पर अक्सर संगठन का पक्ष रखते हैं। दोनों संगठन पिछले कुछ समय से पूरे प्रदेश में हलाल प्रमाणीकरण के विरुद्ध अभियान चला रहे हैं।   

उत्तराखंड में ग्लेशियर फटने से बाँध टूटने की खबर, तेज आवाज में नदी मचा रही तांडव: CM रावत ने कहा – ‘अफवाहों से बचें’

उत्तराखंड के चमोली से सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें तूफ़ान आने की बातें कही जा रही हैं। मीडिया में कहा जा रहा है कि ग्लेशियर के फटने से पॉवर प्रोजेक्ट का बाँध टूट गया, जिससे ये घटना हुई है।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि चमोली ज़िले से एक आपदा का समाचार मिला है। उन्होंने बताया कि ज़िला प्रशासन, पुलिस विभाग और आपदा प्रबंधन को इस आपदा से निपटने की आदेश दे दिए हैं। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के अनुसार:

“चमोली के रिणी गाँव में ऋषिगंगा प्रोजेक्ट को भारी बारिश व अचानक पानी आने से क्षति की संभावना है। नदी में अचानक पाने आने से अलकनंदा के निचले क्षेत्रों में भी बाढ़ की संभावना है। तटीय क्षेत्रों में लोगों को अलर्ट किया गया है। नदी किनारे बसे लोगों को क्षेत्र से हटाया जा रहा है। एहतियातन भागीरथी नदी का फ्लो रोक दिया गया है। अलकनन्दा का पानी का बहाव रोका जा सके, इसलिए श्रीनगर डैम तथा ऋषिकेष डैम को खाली करवा दिया है। SDRF अलर्ट पर है। मेरी आपसे विनती है अफवाहें न फैलाएँ। सरकारी प्रमाणिक सूचनाओं पर ही ध्यान दें। मैं स्वयं घटनास्थल के लिए रवाना हो रहा हूँ।”

मुख्यमंत्री ने लोगों को सलाह दी कि किसी भी प्रकार की अफ़वाहों पर ध्यान ना दें। साथ ही आश्वासन दिया कि सरकार सभी ज़रूरी कदम उठा रही है। NBT की खबर के अनुसार, पानी के तेज बहाव के मद्देनजर कीर्ति नगर, देवप्रयाग, मुनि की रेती इलाकों को अलर्ट पर रहने को कहा गया। पानी के बहाव में कई घरों के बहने की आशंका जताई जा रही है। वीडियोज में पहाड़ों के बीच तेज़ी से बहते पानी को देखा जा सकता है।

साथ ही पानी की लहरों की तेज़ आवाज़ को भी सुना जा सकता है। ऋषिकेश से लेकर हरिद्वार तक अलर्ट जारी किया गया है। ‘ज़ी यूपी-उत्तराखंड’ की खबर के अनुसार, धौली गंगा घाटी स्थित रैनी नामक गाँव में ग्लेशियर फटने की घटना हुई है, जिसके बाद तपोवन क्षेत्र में अलकनंदा नदी पर बना ऋषिगंगा जल विद्युत् परियोजना का बाँध टूट गया। वीडियोज को देखने से लगता है कि स्थानीय लोग घबराए हुए हैं और उन्हें घटना के बारे में स्पष्ट जानकारी पता नहीं है।

पोस्ट जोशीमठ के हेड कॉन्स्टेबल मंगल सिंह ने जानकारी दी कि रविवार (फ़रवरी 7, 2021) को सुबह के 11 बजे टीम रवाना हुई है। गौचर/श्रीनगर/रतूड़ा टीम को अलर्ट पर रखा गया है। बाढ़ जैसी स्थिति के बाद आपदा प्रबंधन विभाग, जल पुलिस, SDRF और जिला/पुलिस प्रशासन की टीम मौके पर है। भाजपा ने इस घटना के आलोक में स्कूटर रैली को रद्द कर दिया है। कहा जा रहा है कि उत्तराखंड सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत खुद चमोली में ग्लेशियर फटने के बाद उपजी स्थिति का जायजा लेने पहुँचेंगे।