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दिल्ली में 19 साल के हिमांशु को चाकुओं से गोद डाला, क्योंकि मुस्लिम लड़की से की शादी: शाहरुख ने अपने भाई साहिल के साथ मिलकर मार डाला

दिल्ली के गोकुलपुरी इलाके में मुस्लिम लड़की से प्यार और शादी करने पर हिंदू युवक की हत्या कर दी गई। सोमवार (7 अप्रैल 2025) की रात 19 साल के हिमांशु की चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई।

हिमांशु का कसूर बस इतना था कि उसने एक मुस्लिम लड़की से दोस्ती की थी, जो बाद में शादी तक पहुँच गई। इस बात से नाराज लड़की के भाई शाहरुख (19) और उसके बड़े भाई साहिल (22) ने मिलकर हिमांशु की जान ले ली। ये खबर सुनते ही मृतक के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने सड़क जाम कर इंसाफ की माँग की, जिससे इलाके में हंगामा मच गया।

जानकारी के मुताबिक, हिमांशु और शाहरुख की 16 साल की बहन में पहले दोस्ती थी। बाद में दोनों ने लव मैरिज कर ली। ये बात लड़की के परिवार को इतनी नागवार गुजरी कि शाहरुख और साहिल ने हिमांशु को रास्ते से हटाने की ठान ली। सोमवार देर रात मौका देखकर दोनों ने चाकुओं से ताबड़तोड़ वार किए और हिमांशु को बचने का कोई मौका तक नहीं दिया।

घटना की खबर फैलते ही गोकुलपुरी में सन्नाटा पसर गया। मृतक के परिजनों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। उन्होंने सड़क जाम कर पुलिस से सख्त कार्रवाई की माँग की। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने इलाके में भारी बल तैनात कर दिया, ताकि कोई अनहोनी न हो।

पुलिस ने फौरन एक्शन लिया और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दोनों आरोपित भाईयों शाहरुख और साहिल को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि अपनी बहन के साथ हिमांशु की शादी से शाहरुख इतना नाराज था कि उसने अपने बड़े भाई साहिल के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। ये भी खुलासा हुआ कि हिमांशु का पहले कुछ आपराधिक मामलों से नाम जुड़ा था, जब वो नाबालिग था। लेकिन इस बार उसकी जान लेने की वजह सिर्फ उसकी शादी थी।

हिमांशु की हत्या ने न सिर्फ एक परिवार को तोड़ा, बल्कि पूरे इलाके में डर और तनाव फैला दिया। पुलिस अब मामले की गहराई से जाँच कर रही है, ताकि पूरी सच्चाई सामने आए।

जयपुर की अदालत सुना रही थी सजा, हँस रहे थे आतंकी; शायरी पढ़ रहे थे उनके वकील: 4 को उम्रकैद, सीरियल ब्लास्ट में 71 लोगों की हुई थी मौत

राजस्थान की राजधानी जयपुर में 17 वर्ष पूर्व हुए बम ब्लास्ट के बाद मिले ज़िंदा बम के मामले में 4 आतंकियों को विशेष अदालत ने सज़ा सुनाई है। स्पेशल कोर्ट ने 600 पन्नों का फ़ैसला सुनाया। शुक्रवार (4 अप्रैल, 2025) को ही सैफुर्रहमान, मोहम्मद सैफ, मोहम्मद सरवर आजमी और शाहबाज अहमद को इस मामले में दोषी ठहराया जा चुका था। याद दिला दें कि 13 मई, 2008 को जयपुर में 8 सीरियल ब्लास्ट हुए थे। वहीं चाँदपोल बाजार में स्थिर गेस्ट हाउस के पास से नौवाँ ज़िंदा बम बरामद हुआ था।

इन धमाकों में 71 लोगों की मौत हुई थी और 185 घायल हुए थे। बड़ी बात ये है कि सज़ा सुनाए जाने के दौरान भी इन आतंकियों के चेहरे पर जरा सी भी शिकन नहीं थी, न ही उन्हें अपने कृत्य पर पछतावा था। चारों आतंकी अदालत में और बाहर निकलते समय मुस्कुराते-हँसते नज़र आए। आतंकियों के वकील ने इस दौरान शायरी के जरिए ये जताने की कोशिश की कि ये सभी निर्दोष हैं। उसने कहा, “तुम्हारा शहर, तुम ही कातिल तुम ही मुद्दई, तुम ही मुंशिफ – हमें यकीन है, गलती हमारी ही निकलेगी।”

हालाँकि न्यायाधीश रमेश कुमार जोशी ने शायरी का जवाब शायरी से ही दिया। उन्होंने कहा, कुदरत के फैसले पर कभी शक मत करना ,अगर सजा मिल रही है तो गुनाह भी हुआ होगा, सबसे बड़ा न्यायालय हमारा मन होता है, क्या सही है और क्या गलत उसे सब पता होता है, राह गलत नहीं होती है गलत तो चुनाव होता है।” बता दें कि बम ब्लंट करने के लिए इन्होंने एक नाबालिग के साथ मिलकर रेकी की थी। शाहबाज़ ने एक साइबर कैफे में जाकर ‘इंडियन मुजाहिद्दीन’ के नाम से धमाकों की जिम्मेदारी ली थी।

कोर्ट में सज़ा सुनाए जाने के बाद जब एक आतंकी को पुलिस जेल लेकर जा रही थी, तब वो मुस्कुरा रहा था। वहीं एक आतंकी तो पुलिस की वैन में बैठकर बाहर उँगली भी दिखा रहा था। सीरियल ब्लास्ट के मामले में शाहबाज़ को छोड़कर अन्य को फाँसी की सज़ा सुनाई गई थी, लेकिन फिर हाईकोर्ट ने इन्हें बरी कर दिया था। राज्य सरकार इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट गई है। 12 आतंकी बस में बम लेकर दिल्ली से जयपुर गए थे। इन्होंने 9 साइकिल खरीदीं और अलग-अलग स्थानों पर बम उसपर रखकर पार्क कर दी।

इसके बाद ये आतंकी शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन पकड़कर वापस दिल्ली पहुँच गए। फिर इन्होंने बम ब्लास्ट के बाद हुई दहशत को न्यूज़ चैनलों पर देखा। उत्तर प्रदेश के साहिबाबाद स्थित एक साइबर कैफे से मेल करके जिम्मेदारी ली गई। शाम के 7:20 और 7:36 के बीच 8 बम फट चुके थे। ज़िंदा बम मिलने के मामले में ATS ने दिसंबर 2019 सप्लीमेंट्री चार्जशीट दायर की थी। इस मामले में 112 गवाहों के बयान लिए गए। सबूतों की कमी के कारण आतंकियों को बरी किया गया था।

थाने में हाजिर हुआ सपा MP जियाउर्रहमान बर्क, 10 वकील लेकर आया था-SIT ने ढाई घंटे की पूछताछ: जामा मस्जिद के सदर ने संभल हिंसा का बताया था ‘साजिशकर्ता’

संभल की शाही जामा मस्जिद में नवंबर 2024 को सर्वे के दौरान भड़की हिंसा के मामले में एसआईटी टीम जाँच कर रही है। इसी कड़ी में मंगलवार (8 अप्रैल 2025) को समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क से SIT ने करीब ढाई घंटे तक पूछताछ की।

पूछताछ के दौरान थाने के अंदर का माहौल गर्म था, मानो हर सवाल के साथ हिंसा की परतें खुल रही हों। मस्जिद कमेटी के सदर जफर अली ने गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में बर्क का नाम लिया था, जिसके बाद SIT की नजरें सांसद पर टिक गईं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुबह 11 बजे बर्क अपने 10 वकीलों की ‘फौज’ के साथ संभल के नखासा थाने पहुँचा। बाहर निकलते वक्त बर्क ने कहा, “ये जाँच का मामला है, इस पर क्या बोलूँ?” बर्क ने कहा कि एसआईटी ने जो सवाल उनसे पूछे, उन्होंने सभी के जवाब दे दिए हैं।

SIT इंचार्ज कुलदीप कुमार ने बताया, “24 नवंबर 2024 की हिंसा के सिलसिले में बर्क को बुलाया गया था। ढाई-तीन घंटे तक पूछताछ हुई, उनका बयान दर्ज किया गया। जरूरत पड़ी तो फिर बुलाएँगे।”

जानकारी के मुताबिक, पूछताछ में बर्क से कई तीखे सवालों का सामना करना पड़ा। क्या उन्होंने भीड़ को भड़काया? क्या जफर अली के साथ मिलकर साजिश रची? सर्वे के दौरान अचानक 700-800 लोगों की भीड़ कैसे जुट गई? FIR में साफ लिखा है कि सुहैल इकबाल ने भीड़ को उकसाया और कहा, “सांसद बर्क हमारे साथ हैं, अपने मंसूबे पूरे करो।” इसके बाद पत्थरबाजी और गोलीबारी शुरू हो गई। एक गोली तो सीधे सीओ के पैर में लगी। क्या ये सब सुनियोजित था?

बर्क ने थाने पहुँचने से पहले कहा, “मैं कानून और संविधान में विश्‍वास रखता हूँ। न्‍यायपालिका में मेरी आस्‍था है। आज मेरी तबीयत ठीक नहीं थी। मेरे डॉक्‍टर ने मुझे आराम करने की सलाह दी है, लेकिन इसके बावजूद मैं थाने जा रहा हूँ ताकि पुलिस प्रशासन को यह ना लगे कि मैं जाँच में सहयोग नहीं कर रहा हूँ।”

बता दें कि जफर अली ने SIT को बताया कि बर्क ने 23 नवंबर की रात उनसे फोन पर बात की थी। पुलिस की चार्जशीट में दावा है कि दोनों ने मिलकर हिंसा की साजिश रची। बर्क का नाम अब सिर्फ हिंसा से ही नहीं, बल्कि उनके मकान निर्माण के मामले से भी जुड़ गया है। नपाई हो चुकी है, कई नोटिस जारी हुए, 500 रुपये का जुर्माना भी लगा। लेकिन बर्क जवाब देने से कतराते रहे। बहरहाल, सच जो भी हो, संभल की गलियों में अभी भी डर और सवाल बाकी हैं।

‘सारे बॉयफ्रेंड चुप थे, तब मैं खड़ा हुआ’: ‘इंटरनेशनल लेडी’ पर भिड़े TMC के 2 सांसद, कीर्ति आज़ाद से बोले कल्याण बनर्जी – दम है तो मुझे गिरफ़्तार करवाओ

तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के सांसदों में आपस में ही रार छिड़ गई है। TMC के सांसदों की Whatsapp ग्रुप चैट की स्क्रीनशॉट वायरल हो गई है। भाजपा नेताओं ने भी इसे हाथोंहाथ लिया है और इसे लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की आलोचना भी हो रही है। चैट की शुरुआत में कल्याण बनर्जी ने लिखा है, “मैं कोलकाता पहुँच चुका हूँ। अपनी BSF और दिल्ली पुलिस को मुझे गिरफ़्तार करने के लिए भेजो। इंटरनेशनल ग्रेट लेडी, गृह मंत्रालय में तुम्हारे संपर्क काफ़ी मजबूत हैं।”

ये साफ़ नहीं है कि कल्याण बनर्जी यहाँ ‘इंटरनेशनल ग्रेट लेडी’ किसे बोल रहे हैं। कल्याण बनर्जी आगे लिखते हैं कि वो उस सज्जन को बधाई देना चाहते हैं जिसने ‘बहुमुखी प्रतिभा की धनी इंटरनेशनल लेडी’ की ‘सुंदर गतिविधियों’ का भंडाफोड़ किया। कल्याण बनर्जी लिखते हैं कि उस दिन उसका एक भी बॉयफ्रेंड उसके साथ खड़ा नहीं हुआ, लेकिन वो ‘मूर्ख’ व्यक्ति जिसे वो BSF से गिरफ़्तार कराना चाहती थीं वो उसके पीछे खड़ा था। इसके बाद कल्याण बनर्जी ने लिखा है कि आज एक 30 साल पुराना खिलाड़ी उन्हें गिरफ़्तार कराने के लिए उस महिला के पीछे खड़ा है।

बता दें कि कल्याण बनर्जी पश्चिम बंगाल के श्रीरामपुर से लोकसभा सांसद हैं। उन्होंने 2024 में लगातार चौथी बार इस सीट से जीत दर्ज की है। 1980 के दशक में भारतीय क्रिकेट टीम की तरफ से खेल चुके कीर्ति आज़ाद व्हाट्सएप्प पर ही कल्याण बनर्जी के इस मैसेज पर उखड़ गए। उन्होंने कल्याण बनर्जी को शांत होने की नसीहत देते हुए कहा कि वो नादाँ बच्चों की तरह हरकतें कर रहे हैं। कीर्ति आज़ाद ने कल्याण बनर्जी से कहा कि ‘दीदी’ ने आपको सबको साथ लेकर चलने की एक बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है।

वर्धमान-दुर्गापुर से सांसद कीर्ति आज़ाद ने कल्याण बनर्जी को शांत होकर सो जाने की सलाह देते हुए आगे लिखा, “मेरा आपसे कोई व्यक्तिगत झगड़ा नहीं है, इसीलिए राजनीति न सही लेकिन उम्र में मेरे से बड़े होने के नाते मैं अपील करता हूँ कि आप सबको साथ लेकर चलिए। अपनी बचकानी और अस्थिर हरकतें बंद कीजिए। एक समझदार इंसान की तरह बर्ताव कीजिए, किसी को भड़काइए मत। ठण्डे दिमाग से सोचिए।” इसके बाद ‘शुभ रात्रि’ कहकर कीर्ति आज़ाद ने इतिश्री कर ली।

कीर्ति आज़ाद के इस जवाब से कल्याण बनर्जी और बिदक गए। उन्होंने कीर्ति आज़ाद के राजनैतिक इतिहास को लेकर बात करनी शुरू कर दी। कल्याण बनर्जी ने लिखा, “आप मुझे सलाह मत दीजिए, कीर्ति। आपको आंतरिक राजनीति करने के लिए भाजपा से बाहर फेंक दिया गया था। कल को आप पार्टी को बेचना चाह रहे थे। आप अभी भी आंतरिक राजनीति में कप्तान हैं। आप इतने लोकप्रिय हैं कि चुनाव हार गए। मुझे गिरफ़्तार करवा के अपनी ‘दोस्त’ के सामने अपनी ताक़त साबित कीजिए।”

साथ ही कल्याण बनर्जी ने ये भी धमकाया कि वो दुर्गापुर पहुँचकर कीर्ति आज़ाद की पोल खोलेंगे। साथ ही उन्होंने जवाब दिया कि वो 2011 से ही अपनी जिम्मेदारियों को निभा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कीर्ति आज़ाद व अन्य लोग साजिशें रच रहे हैं। साथ ही याद दिलाया कि ये लोग पार्टी में तब आए हैं, जब ये सत्ता में है। वहीं कृष्णानगर से TMC की संसद महुआ मोइत्रा के पूर्व पार्टनर व अधिवक्ता जय अनंत देहाद्राई ने भी इस पूरे प्रकरण पर प्रतिक्रिया दी है।

याद दिला दें कि जय अनंत देहाद्राई ने महुआ मोइत्रा पर अपने कुत्ते की चोरी का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा कि कल्याण बनर्जी पीड़ितों की उस लंबी सूची में सबसे ताज़ा हैं, जिसमें मनुष्य से लेकर जानवर तक शामिल हैं। जय अनंत देहाद्राई ने भी ‘इंटरनेशनल लेडी’ की तरफ इशारा करते हुए कहा कि मानसिक रूप से अस्थिर और भावनात्मक रूप से संतुलित व्यक्ति ने लगातार परेशान करके धमकाया है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि उसकी मूल प्रवृति एक विक्षिप्त अपराधी की है।

शकीदुल, दुलाल अख्तर, सद्दाम हुसैन… ‘किन्नर’ बन दिल्ली में छिपे थे बांग्लादेशी घुसपैठिए, 7 दिनों की निगरानी के बाद पुलिस ने दबोचा: IMO ऐप का कर रहे थे इस्तेमाल

दिल्ली के जहाँगीर पुरी में पुलिस ने सनसनीखेज तरीके से पाँच अवैध बांग्लादेशियों को धर दबोचा। ये लोग कोई साधारण घुसपैठिए नहीं हैं, बल्कि इन्होंने अपनी पहचान छिपाने के लिए ट्रांसजेंडर का रूप धारण कर रखा था। पकड़े गए लोगों ने हार्मोनल इंजेक्शन और सर्जरी तक करा डाली थी, ताकि उन पर शक न किया जा सके। हालाँकि दिल्ली पुलिस ने उन्हें धर दबोचा और अब इन बांग्लादेशी घुसपैठियों को वापस डिपोर्ट करने की तैयारी चल रही है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम जिला पुलिस ने सात दिन की कड़ी रेकी और तकनीकी जाँच के बाद सोमवार (7 अप्रैल 2025) की सुबह जाल बिछाया। जिसमें जहाँगीर पुरी मेट्रो स्टेशन के पास से मो. शकीदुल (24, शेरपुर), मो. दुलाल अख्तर उर्फ हज़ेरा बीबी (36, जमालपुर), मो. आमिरुल इस्लाम उर्फ मोनिका (31, ढाका), मो. माहिर उर्फ माहि (22, टांगाइल) और सद्दाम हुसैन उर्फ रुबीना (30, दिनाजपुर) को पकड़ा गया। बांग्लादेशी घुसपैठियों के पास से सात मोबाइल फोन बरामद हुए, जिनमें प्रतिबंधित IMO ऐप इंस्टॉल था। इस ऐप से ये बांग्लादेश में अपने परिवार से गुपचुप बात करते थे।

जानकारी के मुताबिक, एजेंटों की मदद से ये लोग भारत में घुसे थे। भारत में अवैध तरीके से रहते हुए वो पकड़े न जाएँ, इसके लिए उन्होंने हार्मोनल इंजेक्शन से लेकर सर्जरी तक का सहारा लिया और ट्रांसजेंडर बन कर जिंदगी काट रहे थे। पुलिस को पता चला कि ये लोग ट्रेनों के जरिए दिल्ली पहुँचे और भीख माँगने जैसी गतिविधियों में लिप्त थे।

इस पूरे मामले में बड़ा सवाल ये भी है कि क्या सिर्फ जीवन यापन के लिए इन घुसपैठियों ने ट्रांसजेंडर बनने जैसा कदम उठाया, या इसके पीछे कोई और मोटिव भी था? बहरहाल, दिल्ली पुलिस अब इनकी मंशा खंगाल रही है। पकड़े गए सभी आरोपितों को आरके पुरम के एफआरआरओ को सौंप दिया गया है और प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

OpIndia इम्पैक्ट: रामनवमी पर गुंडई कर रहा था हिस्ट्रीशीटर वाजिद शाह, अहमदाबाद पुलिस ने 3 को दबोचा; SC-ST सेल कर रही जाँच

अहमदाबाद में रामनवमी के मौके पर बीजेपी कार्यकर्ताओं को गालियाँ देने, बीजेपी के झंडों को फाड़ने और हिंदुओं को निशाना बनाने वाले कुख्यात बदमाश वाजिद शहंशाह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। ये गिरफ्तारी ऑपइंडिया की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट के बाद की गई।

खुद अहमदाबाद पुलिस ने वाजिद की गिरफ्तारी की सूचना दी है। यही नहीं, वाजिद के साथ ही उसके 2 अन्य साथियों को भी गिरफ्तार किया गया है।

बता दें कि रामनवमी (6 अप्रैल 2025) को अहमदाबाद के दानीलिमडा में वाजिद शहंशाह ने तनाव फैलाने की कोशिश की थी। दरअसल, रविवार (6 अप्रैल 2025) को रामनवमी के त्योहार के साथ ही भारतीय जनता पार्टी का स्थापना दिवस भी था। इस मौके पर अगले दिन यानी सोमवार (7 अप्रैल 2025) को पीरकमल मस्जिद के पास स्वामीनारायण हॉस्टल के मैदान में दानीलिमडा विधानसभा क्षेत्र का कार्यकर्ता सम्मेलन भी आयोजित किया जाना था। इसके साथ ही त्योहार का जश्न भी मनाया जाना था। इसकी तैयारियों के लिए दानीलिमडा वार्ड के बीजेपी अध्यक्ष भौमिक और अन्य कार्यकर्ता कार्यक्रम स्थल के पास बीजेपी के झंडे लगा रहे थे और लहरा रहे थे। इसी बीच वाजिद शहंशाह नाम का कुख्यात दंगाई मौके पर पहुँचा और उसने बीजेपी के झंडों को न सिर्फ उतारा, बल्कि फाड़कर फेंकने भी लगा।

यही नहीं, उसने बीजेपी कार्यकर्ताओं को जमकर गालियाँ भी दी। इस दौरान भौमिक व अन्य लोगों ने जब उसे रोकने की कोशिश की, तो वो जातिसूचक गालियाँ भी देने लगा और धक्का देकर उन्हें वहाँ से भगा दिया। इस दौरान ही दोनों ही तरफ से लोग जुटने लगे। जिसमें काफी संख्या मुस्लिमों की रही। हालाँकि इसके बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं ने शहंशाह की कारगुजारियों के खिलाफ प्रदर्शन किया और सड़क जाम कर शहंशाह और उसके साथी आरोपितों की गिरफ्तारी की माँग की।

शिकायतकर्ता भौमिक सोखड़िया दानीलिमडा के बीजेपी वार्ड अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने कहा, “सोमवार के कार्यक्रम के लिए मैं कार्यकर्ताओं के साथ पार्टी के झंडे लगा रहा था। उसी समय वाजिद शहंशाह नाम का कुख्यात बदमाश वहाँ पहुँचा। उसने गालियाँ देते हुए झंडे उखाड़ फेंके। हमारे विरोध करने पर उसने मुझे धक्का दिया और जातिसूचक गालियाँ देने लगा। उसने पीएम मोदी को लेकर भी अपशब्दों का इस्तेमाल किया।”

बहरहाल, अब अहमदाबाद पुलिस ने आरोपित शहंशाह और उसके साथियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस मामले की जाँच एससी-एसटी सेल को सौंपी गई है।

होटल, कैफे, गोदाम… हर जगह किया रेप, नशा दे-देकर 7 दिन में 23 लोगों ने की दरिंदगी: वाराणसी गैंगरेप में दर्ज FIR की हर एक डिटेल

वाराणसी गैंगरेप में एफआईआर से चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। शुरुआत में खबर आई थी कि बॉयफ्रेंड ने अपने 6 दोस्तों के साथ मिलकर 19 साल की युवती का कार में रेप किया। लेकिन एफआईआर के मुताबिक 7 दिनों तक युवती ने हैवानियत झेली। इस दौरान 23 लोगों ने उसके साथ जबर्दस्ती की।

हुक्का बार, होटल, लॉज, कैफे कई जगह उससे रेप हुआ। इस दौरान उसे नशीला पदार्थ भी दिया गया। एफआईआर में 12 नामजद और 11 अज्ञात आरोपित बनाए गए हैं। इनमें से 9 को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

दरिंदगी की शुरुआत 29 मार्च 2025 को हुई थी। युवती अपनी सहेली से मिलने उसके घर गई थी। लेकिन वापस नहीं लौटी। 4 अप्रैल तक बारी-बारी से आरोपितों ने उससे रेप किया। 7 अप्रैल को पीड़िता की माँ की शिकायत के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज किया।

FIR में दर्ज है हर एक दरिंदगी

ऑपइंडिया के पास एफआईआर की कॉपी है। इसमें घटना का पूरा विवरण दर्ज है। इसके अनुसार पीड़िता वाराणसी के लालपुर पांडेयपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली है। 29 मार्च की रात वह अपनी एक सहेली के घर गई थी। वहाँ से लौटते समय उसे रास्ते में राज विश्वकर्मा मिला। दोनों पहले से परिचित हैं। विश्वकर्मा उसे अपने कैफे ले गया जो वाराणसी के लंका में स्थित है। यहाँ उसने रातभर युवती का रेप किया।

अगले दिन 30 मार्च को किसी तरह कैफे से निकली पीड़िता को समीर मिला। जो उसे अपने दोस्त के साथ बाइक पर ले गया। गलत हरकत कर उसे नदेसर के पास छोड़ दिया। 31 मार्च को पीड़िता के पास आयुष आया। उसके साथ सोहेल, दानिश, अनमोल, साजिद और जहीर नाम के उसके 5 दोस्त भी थे।

ये लोग पीड़िता को अपने दोस्त के मलदहिया स्थित कॉन्टिनेंटल कैफे लेकर गए। वहाँ युवती को नशीला पदार्थ पिलाया। फिर एक-एक कर कैफे के ही एक कमरे में उसके साथ रेप किया। इनलोगों ने पीड़िता को धमकी भी दी।

इसके बाद 1 अप्रैल को साजिद अपने दोस्तों के साथ गर्ल्स हॉस्टल के नाम पर एक होटल में ले गया। यहाँ तीन अज्ञात लोग पहले से मौजूद थे। युवती से होटल में मौजूद ग्राहकों का मसाज करने को कहा गया। इनकार करने पर भी आरोपित नहीं माने। इस दौरान भी एक व्यक्ति ने उसका यौन उत्पीड़न किया। फिर उसे होटल से बाहर निकाल दिया गया।

होटल से बाहर किए जाने के बाद इमरान जबर्दस्ती युवती को बाइक पर बिठाकर एक दूसरे होटल ले गया। यहाँ उसने नशीला पदार्थ देकर दुष्कर्म किया। इसके बाद पीड़िता को साजिद अपने दोस्तों के साथ लेकर औरंगाबाद के एक गोदाम में ले गया। यहाँ एक लड़का पहले से मौजूद था, जिसको साजिद जैब नाम से बुला रहा था। यहाँ पर जैब ने युवती के साथ दुष्कर्म किया।

वहां से साजिद अपने दोस्त अमन और एक अन्य व्यक्ति के साथ युवती को एक कमरे पर ले गया। वहाँ साजिद के दो दोस्तों ने युवती के साथ दरिंदगी की। इसके बाद युवती को अनजान सड़क पर छोड़ दिया। पीड़ित युवती ने सिगरा आइपी मॉल के पास पहुँचकर रात गुजारी।

2 अप्रैल को मॉल के पास ही राज खान अपने एक दोस्त के साथ पीड़िता से मिला। उसे हुकुलगंज बगवानाला के एक घर की छत पर ले गए। चाउमीन में नशीला पदार्थ मिलाकर उसे खिलाया और राज खान ने दुष्कर्म किया। इसके बाद नशे की हालत में युवती को अस्सी घाट पर छोड़ दिया।

अगले दिन युवती अपने एक सहेली के घर पहुँची और नशे की हालत में वहीं सो गई। 3 अप्रैल की शाम सहेली के घर से निकलने के बाद युवती को दानिश मिला। वह उसे एक कमरे पर ले गया। जहाँ पहले से सोहेल, शोएब और एक अन्य व्यक्ति मौजूद थे। सभी ने युवती के साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद उसे नशे की हालत मे चौकाघाट के पास छोड़ दिया। 4 अप्रैल को पीड़िता किसी तरह पाने घर पहुँची और परिजनों को पूरी घटना के बारे में बताया।

थाना लालपुर-पाण्डेयपुर के DCP चंद्रकांत मीना ने बताया है कि घटनाक्रम 29 मार्च से चार अप्रैल का है। पीड़िता का कहना है कि वह अपनी मर्जी से दोस्त के घर गई थी। 4 अप्रैल को युवती के परिजन ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दी थी। उसी दिन युवती मिल गई। इसके बाद छह अप्रैल को सामूहिक दुष्कर्म की शिकायत की गई। इसके आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है। 6 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

ढह गए जर्मनी-जापान-चीन के बाजार, लेकिन भारत ने दिखाया दम: शेयर मार्केट क्रैश के लिए मोदी सरकार को कोसने वालों को पसंद नहीं आएँगे ये आँकड़े

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अन्य देशों से अमेरिका में आने वाले वस्तुओं पर अतिरिक्त शुल्क, यानी टैरिफ लगाते हुए दुनिया भर में ‘टैरिफ वॉर’ छेड़ दिया है। इससे दुनिया भर के शेयर मार्केट धड़ाम हो रहे हैं। डोनाल्ड ट्रम्प ने इसे ‘रेसिप्रोकल टैरिफ’ नाम दिया है, अर्थात जितने टैरिफ अमेरिका से निर्यातित वस्तुओं पर दूसरे देश लगाएँगे, अमेरिका भी उन देशों से आयातित वस्तुओं पर उतना ही कर लगाएगा। चीन ने भी अमेरिका से आने वाले सामानों पर 34% टैरिफ लगाया है, जिसपर ट्रम्प ने 50% और टैरिफ बढ़ाने की चेतावनी दी है।

सोमवार (7 अप्रैल, 2025) को चीन और भारत समेत कई बाजारों में इसका असर देखने को मिला। भारत में तो इस दिन का मार्केट क्रैश देश के इतिहास में मार्केट कैप के मामले में तीसरा सबसे बड़ा है। एक दिन में निवेशकों के 14.20 लाख करोड़ रुपए स्वाहा हो गए। वहीं प्रतिशत के मामले में ये एक दिन में छठा सबसे बड़ा क्रैश है। सेंसेक्स में एक दिन में 2227 पॉइंट्स की गिरावट दर्ज की गई। सबसे ज़्यादा क्षति यहाँ टाटा समूह को पहुँची, जिसे 2.40 लाख करोड़ रुपए का नुकसान उठाना पड़ा

रिलायंस को 1.30 लाख करोड़ रुपए और अडानी समूह को 61,000 करोड़ रुपए का घाटा हुआ। हालाँकि, इन आँकड़ों के बीच एक आँकड़ा यह भी है कि अप्रैल 2025 के पूरे पहले सप्ताह की बात करें तो बड़े वैश्विक बाजारों में सबसे कम असर भारत पर ही पड़ा। जैसा कि आप नीचे दिए गए टेबल में देख सकते हैं, भारत में निफ्टी एक सप्ताह में 4.33% घटा और सेंसेक्स 3.79%, जबकि अमेरिका, जापान, हॉन्गकॉन्ग, चीन, यूरोप, जापान, दक्षिण कोरिया और जर्मनी में इससे बड़ी गिरावट दर्ज की गई।

IndexCountry/RegionApr 1, 2025Apr 7, 2025Change (%)
Nifty 50भारत23,165.7022,161.60-4.33%
Sensexभारत 76,024.5173,137.90-3.79%
Dow Jonesअमेरिका41,989.9637,879.65-9.78%
Hang Sengहॉन्गकॉन्ग (चीन)23,206.8419,828.30-14.55%
Shanghai Compositeचीन3,348.443,096.58-7.52%
Euro Stoxx 50यूरोज़ोन5,320.304,662.45-12.36%
Nikkei 225जापान35,624.4831,136.58-12.59%
KOSPIदक्षिण कोरिया2,521.392,328.20-7.66%
DAXजर्मनी22,539.9819,689.75-12.64%

ऊपर दी गई तालिका में 1 अप्रैल एवं 7 अप्रैल 2025 के बीच के शेयर बाजारों के अंकों की तुलना की गई है और प्रतिशत के हिसाब से बताया गया है कि किस देश का बाजार कितना गिरा। सबसे अधिक मार हॉन्गकॉन्ग पर पड़ी है, जहाँ का बाजार 14.55% गिर गया, मात्र एक सप्ताह में। उसके बाद जर्मनी को 12.64% जापान को 12.59% और यूरोप को 12.36% की गिरावट झेलनी पड़ी। कई विपक्षी नेता भारत में शेयर मार्केट गिरने के लिए मोदी सरकार को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं, उन्हें ये आँकड़े देखने चाहिए।

आतंकी तहव्वुर राणा को भारत आना ही होगा, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने प्रत्यर्पण पर रोक से कर दिया इनकार: 26/11 की रची थी साजिश, दोस्त को मुंबई भेज कराई थी रेकी

मुंबई के 26/11 अटैक के आरोपित आतंकी तहव्वुर राणा की भारत आने से बचने की आखिरी कोशिश नाकाम हो गई। अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट ने उसकी वो याचिका ठुकरा दी, जिसमें उसने अपने प्रत्यर्पण पर रोक लगाने की गुहार लगाई थी। अब राणा को भारत लाने का रास्ता साफ हो गया है।

64 साल का तहव्वुर राणा पाकिस्तानी मूल का कनाडाई नागरिक है, इस वक्त लॉस एंजिल्स के मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर में बंद है। उसने अपने बचपन के दोस्त डेविड कोलमैन हेडली की मदद की थी, जिसने मुंबई में हमले की जगहों की रेकी की थी। भारत लंबे वक्त से उसे अपने यहाँ लाने की माँग कर रहा था, और अब ये माँग पूरी होने वाली है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, राणा ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में 27 फरवरी 2025 को ‘इमरजेंसी एप्लिकेशन फॉर स्टे’ दायर की थी। ये याचिका जस्टिस एलेना कागन के पास भेजी गई थी, जो सुप्रीम कोर्ट की एसोसिएट जस्टिस और नाइंथ सर्किट की जस्टिस हैं। उसने दावा किया था कि भारत आने पर उसकी जान को खतरा है और उसे टॉर्चर का शिकार होना पड़ सकता है। लेकिन पिछले महीने जस्टिस कागन ने उसकी अर्जी खारिज कर दी थी।

इसके बाद उसने फिर कोशिश की, पर इस बार भी सुप्रीम कोर्ट ने कोई राहत नहीं दी। राणा की दलील थी कि उसका पाकिस्तानी मूल और मुस्लिम होना उसे भारत में खतरे में डाल सकता है। मगर कोर्ट ने इसे नहीं माना और भारत प्रत्यर्पण को हरी झंडी दे दी।

इससे पहले, फरवरी में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी राणा के प्रत्यर्पण का ऐलान किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वॉशिंगटन में हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने कहा था, “राणा को भारत भेजा जाएगा, जहाँ उसे इंसाफ मिलेगा।” राणा का नाम डेविड हेडली के साथ जुड़ा है, जो 26/11 हमले का मुख्य साजिशकर्ता था। हेडली ने मुंबई में कई जगहों की रेकी की थी, और राणा ने उसे फर्जी पहचान और पैसे देकर सपोर्ट किया था। अब राणा को भारत में कोर्ट के सामने पेश होना होगा, जहाँ उस पर सख्त कार्रवाई तय मानी जा रही है।

बता दें कि 26 नवंबर 2008 को लश्कर-ए-तैयबा के 10 आतंकियों ने पूरे मुंबई शहर को दहला दिया था। उस रात शुरू हुआ हमला चार दिन तक चला। आतंकियों ने लियोपोल्ड कैफे, छत्रपति शिवाजी टर्मिनस, ताज होटल, ओबेरॉय ट्राइडेंट, कामा हॉस्पिटल, नरीमन हाउस, मेट्रो सिनेमा और सेंट जेवियर कॉलेज को निशाना बनाया। उनके पास भारी मात्रा में हथियार थे—IED, RDX, हैंड ग्रेनेड और AK-47। इस हमले में 166 लोग मारे गए, जिनमें कुछ विदेशी नागरिक भी थे। करीब 300 लोग घायल हुए। NSG, मरीन कमांडो, मुंबई पुलिस, RAF, CRPF और फायर ब्रिगेड ने मिलकर ऑपरेशन चलाया। इस दौरान एक आतंकी अजमल कसाब जिंदा पकड़ा गया, जिसे 2012 में फाँसी दे दी गई।

तहव्वुर राणा इस हमले का बड़ा किरदार था। वो पाकिस्तानी मूल का कनाडाई नागरिक है और शिकागो में ‘फर्स्ट वर्ल्ड इमिग्रेशन सर्विसेज’ नाम की फर्म चलाता था। इस फर्म की एक ब्रांच मुंबई में भी थी, जिसके जरिए उसका दोस्त हेडली भारत आया और हमले की जगहों की रेकी की। राणा और हेडली बचपन के दोस्त थे। दोनों ने पाकिस्तान के हसन अब्दाल कैडेट स्कूल में पढ़ाई की थी। हेडली बाद में अमेरिका चला गया, जहाँ उसकी माँ अमेरिकी और पिता पाकिस्तानी थे। राणा ने पाकिस्तानी सेना में डॉक्टर की नौकरी की, फिर कनाडा जाकर वहाँ की नागरिकता ले ली।

भारत की जाँच एजेंसी NIA ने 405 पन्नों की चार्जशीट में राणा को मुख्य आरोपितों में शामिल किया था। चार्जशीट कहती है कि राणा ने लश्कर-ए-तैयबा और ISI के साथ मिलकर हमले की साजिश रची। उसने हेडली को फर्जी कागजात और पैसा दिया, ताकि वो मुंबई में टारगेट ढूँढ सके। राणा को पता था कि हेडली किससे मिल रहा है और क्या प्लान कर रहा है। उसने हमले की पूरी योजना में साथ दिया। अमेरिकी कोर्ट में राणा ने माना था कि उसे हेडली के लश्कर से रिश्तों की जानकारी थी। FBI ने उसे 2009 में शिकागो से पकड़ा था।

हेडली को भी अमेरिका में 2009 में गिरफ्तार किया गया था। 2013 में उसे 35 साल की सजा सुनाई गई। वो अमेरिकी नागरिक है, और भारत उसका भी प्रत्यर्पण चाहता है। हेडली ने मुंबई में कई जगहों की रेकी की थी-ताज होटल, CST, नरीमन हाउस। राणा ने अपनी फर्म के जरिए हेडली को कवर दिया। चार्जशीट में साफ है कि राणा ने आतंकियों को ठहरने की जगह और टारगेट चुनने में मदद की। वो हमले का ब्लूप्रिंट बनाने में शामिल था।

पेट्रोल-डीजल पर सरकार ने ₹2 प्रति लीटर बढ़ाई एक्साइज ड्यूटी, पर पब्लिक को नहीं देने होंगे ज्यादा पैसे: पेट्रोलियम मंत्रालय ने किया क्लियर, कहा- तेल कंपनियाँ उठाएँगी बोझ

केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 2 रुपये प्रति लीटर का इजाफा कर दिया गया है। हालाँकि एक्साइज ड्यूटी बढ़ने के बावजूद आम लोगों के लिए पेट्रोल और डीजल के दामों में कोई बढ़ोतरी नहीं हो रही है। वित्त मंत्रालय के रेवेन्यू डिपार्टमेंट ने नोटिफिकेशन जारी कर इसकी जानकारी दी। ये नया नियम 8 अप्रैल 2025 से लागू होगा।

पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ने के बावजूद आम लोगों के लिए राहत की बात ये है कि उनकी जेब पर कोई असर नहीं पड़ेगा। पेट्रोलियम एंड नैचुरल गैस मंत्रालय ने ट्वीट कर साफ किया कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को हिदायत दी गई है कि वो खुदरा दाम न बढ़ाएँ। यानी ये अतिरिक्त बोझ तेल कंपनियाँ खुद झेलेंगी।

पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 19.90 से बढ़कर 21.90 रुपये और डीजल पर 15.80 से 17.80 रुपये प्रति लीटर हो गई है। ये टैक्स रिफाइनरी से ईंधन निकलते वक्त लगता है और सीधे केंद्र सरकार के खजाने में जाता है। राज्य सरकारों को इसमें से कुछ नहीं मिलता। एक्साइज ड्यूटी एक फिक्स्ड राशि होती है, जो कीमत का बड़ा हिस्सा बनाती है और देश के रेवेन्यू का अहम स्रोत है।

बता दें कि पिछले साल सरकार ने विंडफॉल टैक्स को खत्म किया था। ये टैक्स भारत में बने पेट्रोल-डीजल के निर्यात पर लगता था, जब तेल कंपनियाँ मोटा मुनाफा कमा रही थीं। उस वक्त अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम आसमान छू रहे थे और कंपनियों को फायदा हो रहा था। अब एक्साइज ड्यूटी बढ़ाकर सरकार ने फिर से तेल से कमाई का रास्ता चुना है, लेकिन आम आदमी को राहत देने की कोशिश भी की है।

LPG सिलेंडर के दामों में ₹50 की बढ़ोतरी

एक तरफ एक्साइज ड्यूटी बढ़ने के बावजूद पेट्रोल-डीजल के दामों में आम लोगों के लिए कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है, तो दूसरी तरफ घरेलू एलपीजी के दामों में 50 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। सोमवार (7 अप्रैल 2025) से ये नई कीमत लागू हो गई। दिल्ली में अब 14.2 किलो का घरेलू सिलेंडर 853 रुपये का हो गया है।

उज्जवला योजना के लाभार्थियों के लिए सब्सिडी वाला सिलेंडर 500 से बढ़कर 550 रुपये हो गया। अगस्त 2024 के बाद ये पहली बार है जब घरेलू गैस महँगी हुई है। इससे पहले 1 अप्रैल को कमर्शियल एलपीजी के दाम 41 रुपये घटाए गए थे, जो अब दिल्ली में 1762 रुपये है।