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‘महादेव की काशी कभी थमती नहीं’: PM मोदी ने वाराणसी को दी ₹614 करोड़ की 30 विकास परियोजनाओं की सौगात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार (नवंबर 9, 2020) को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी को कई बड़े विकास परियोजनाओं की सौगात दी। वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए सम्बोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि वाराणसी में जो विकास के कार्य हो रहे हैं, सरकार ने जो निर्णय लिए हैं, उनका लाभ यहाँ के लोगों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि ये जो सब कुछ हो रहा है, उसके पीछे बाबा विश्वनाथ का ही आशीर्वाद है। उन्होंने 614 करोड़ रुपए की लागत से 30 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि महादेव के आशीर्वाद से काशी कभी थमती नहीं है, माँ गंगा की तरह निरंतर आगे बढ़ती रहती है। उन्होंने याद दिलाया कि कैसे कोरोना के कठिन काल में भी काशी आगे बढ़ती रही। उन्होंने क्षेत्र के लोगों की तारीफ करते हुए कहा कि कोरोना के खिलाफ वाराणसी ने जिस जीवटता से लड़ाई लड़ी है, इस मुश्किल समय में जो सामाजिक एकजुटता का परिचय दिया है – वो बहुत प्रशंसनीय है।

पीएम मोदी ने कहा कि महादेव का आशीर्वाद ही है कि जब भी काशी के लिए नए कार्यों की शुरुआत होती है, तो पुराने कई संकल्प पूरे हो चुके होते हैं। यानी एक तरफ शिलान्यास, दूसरी तरफ लोकार्पण होता है। उन्होंने जानकारी दी कि आज भी करीब 220 करोड़ रुपए की 16 योजनाओं के लोकार्पण के साथ, करीब 400 करोड़ रुपए की 14 योजनाओं पर काम शुरू हुआ है। उन्होंने कहा कि वाराणसी के शहर और देहात के इस विकास योजना में पर्यटन के साथ-साथ संस्कृति और सड़क, बिजली, पानी भी हो।

पीएम मोदी ने विश्वास दिलाया कि उनकी सरकार का प्रयास यही है कि काशी के हर व्यक्ति की भावनाओं के अनुरूप ही विकास का पहिया आगे बढ़े। उन्होंने बताया कि माँ गंगा को लेकर ये प्रयास, ये प्रतिबद्धता काशी का संकल्प भी है, और काशी के लिए नई संभावनाओं का रास्ता भी है। उन्होंने ध्यान दिलाया कि कैसे धीऱे-धीरे यहाँ के घाटों की तस्वीर बदल रही है और गंगा घाटों की स्वच्छता और सौंदर्यीकरण के साथ-साथ सारनाथ भी नए रंगरूप में निखर रहा है।

पीएम ने महत्वपूर्ण जानकारी दी कि आज गंगा ‘एक्शन प्लान प्रोजेक्ट’ के तहत काशी में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का काम पूरा हो चुका है और साथ ही साही नाला से अतिरिक्त सीवेज गंगा में गिरने से रोकने के लिए डायवर्जन लाइन का शिलान्यास भी किया गया है। उन्होंने बताया कि आज जिस ‘लाइट एंड साउंड कार्यक्रम’ का लोकार्पण किया गया है, उससे सारनाथ की भव्यता और अधिक बढ़ जाएगी।

पीएम मोदी ने ध्यान दिलाया कि काशी की एक बड़ी समस्या यहाँ लटकते बिजली के तारों के जाल की रही है, लेकिन आज काशी का बड़ा क्षेत्र बिजली के तारों के जाल से भी मुक्त हो रहा है। इस सम्बन्ध में उन्होंने जानकारी दी कि तारों को अंडरग्राउंड करने का एक और चरण आज पूरा हो चुका है। उन्होंने आश्वासन दिया कि बनारस की कनेक्टिविटी हमेशा से उनकी सरकार की प्राथमिकता रही है। पीएम मोदी ने वाराणसी में कहा:

“काशीवासियों का और यहाँ आने वाले हर श्रद्धालु का समय सड़क जाम में न लगे, इसके लिए यहाँ नए इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास किया जा रहा है। बाबतपुर से शहर को कनेक्ट करने वाली सड़क भी अब बनारस की नई पहचान बनी है। आज एयरपोर्ट पर दो ‘Passenger Boarding Bridge’ का लोकार्पण होने के बाद इन सुविधाओं का और विस्तार होगा। छः वर्ष पहले जहाँ बनारस से हर दिन 12 फ्लाइट्स चलती थीं, आज इससे 4 गुणा फ्लाइट्स चलती हैं। बीते छः वर्षों में बनारस में हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी अभूतपूर्व काम हुए हैं। आज काशी यूपी ही नहीं, बल्कि एक तरह से पूरे पूर्वांचल के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं का हब बनता जा रहा है।”

प्रधानमंत्री ने लोगों को याद दिलाया कि अब पूर्वांचल के लोगों को छोटी-छोटी जरूरत के लिए दिल्ली-मुंबई के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। बनारस और पूर्वांचल के किसानों के लिए तो स्टोरेज से लेकर ट्रांसपोर्ट तक की अनेक सुविधाएँ यहाँ तैयार की गई हैं। उन्होंने कहा कि इन्टेरशनल राइस इंस्टिट्यूट का सेंटर हो, मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट हो, ‘Perishable कार्गो सेंटर’ का निर्माण हो, ऐसी अनेक सुविधाओं से किसानों को बहुत लाभ हो रहा है।

उन्होंने गर्व की अनुभूति करते हुए कहा कि ये भी हमारे लिए गर्व की बात है कि इस साल पहली बार वाराणसी से फल, सब्जी और धान को विदेश के लिए निर्यात किया गया है। उन्होंने जानकारी दी कि गाँव में रहने वाले लोगों को, गाँव की जमीन, गाँव के घर का, कानूनी अधिकार देने के लिए ‘स्वामित्व योजना’ शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि गाँवों में घर मकान को लेकर जो विवाद होते थे, इस योजना से मिले प्रॉपर्टी कार्ड के बाद, उनकी गुंजाइश नहीं रह जाएगी।

वाराणसी में विकास परियोजनाओं के शुभारम्भ के मौके पर पीएम मोदी ने बताया कि गाँव, गरीब और किसान आत्मनिर्भर अभियान के सबसे बड़े स्तंभ और लाभार्थी हैं। उन्होंने कहा कि हाल में जो कृषि सुधार हुए हैं, उससे किसानों को सीधा लाभ होने वाला है। साथ ही किसानों के नाम पर किसानों की मेहनत हड़प जाने वाले बिचौलियों को सिस्टम से दूर किया जा रहा है। पीएम ने कहा कि आजकल, ‘लोकल के लिए वोकल’ के साथ ही, ‘लोकल फॉर दिवाली’ के मंत्र की गूँज चारो तरफ है।

उन्होंने अपील करते हुए कहा कि हर एक व्यक्ति जब गर्व के साथ लोकल सामान खरीदेगा, नए-नए लोगों तक ये बात पहुँचाएगा कि हमारे लोकल प्रोडक्ट कितने अच्छे हैं, किस तरह हमारी पहचान हैं, तो ये बातें दूर-दूर तक जाएँगी। उन्होंने बताया कि शास्त्रों में कहा गया है- ‘काश्यां हि काशते काशी, काशी सर्वप्रकाशिका‘, अर्थात काशी को काशी ही प्रकाशित करती है और काशी सभी को प्रकाशित करती है।

उन्होंने कहा कि इसलिए आज विकास का जो प्रकाश फैल रहा है और जो बदलाव हो रहा है, ये सब काशी और काशीवासियों के आशीर्वाद का ही परिणाम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12 नवंबर को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के परिसर में स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण करेंगे।

‘अर्णब की तरह मार खाओगे, जान की भीख माँगोगे’ – शाहरुख के ‘दोस्त और ISI एजेंट’ ने पत्रकारों को दी धमकी

कश्मीर में पाकिस्तान के इस्लामी आतंक का समर्थन करने वाला एजेंट टोनी अशाई अब पत्रकारों को लेकर जहर उगल रहा है। उसने अर्णब गोस्वामी की गिरफ्तारी पर अपनी संवेदनहीनता व्यक्त करते हुए पत्रकार आरती टिक्कू और नविका कुमार के लिए ऐसे ही बर्ताव की कामना ट्विटर पर की है।

टोनी अशाई ने लिखा, “कई लोगों पर झूठे आरोप लगा कर उनकी जान खतरे में डालने वाले और उनकी जिंदगी खराब करने वाले अर्णब गोस्वामी अब अपने जिंदगी की भीख माँग रहे हैं। ऐसे ही मुकद्दर आरती टिक्कू और नविका कुमार व अन्य लोगों का इंतजार कर रहा है। मुझे उम्मीद है ट्रंप के जाने से विश्व भर में अच्छे मूल्यों की दोबारा से बहाली होगी।”

इस ट्वीट को पत्रकार आरती टिक्कू सिंह ने शेयर करते हुए गृह मंत्रालय और दिल्ली पुलिस को टैग किया है। उन्होंने इस ट्वीट पर संज्ञान दिलवाते हुए कहा, “यूएस का यह आईएसआई एजेंट मुझे धमकी दे रहा है कि मुझे भी अर्णब गोस्वामी की तरह मारा-पीटा जाएगा, जेल में कैद किया जाएगा, यातनाएँ दी जाएँगी, और मैं अपने जीवन की भीख माँगूगी। ये वही आदमी है, जिसने पाकिस्तान के इस्लामी आतंक का कश्मीर में समर्थन किया था।”

गौरतलब है कि टोनी आईएसआई द्वारा प्रायोजित आतंकवादी संगठन जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट का सदस्य रह चुका है। इसकी दुबई, अबू धाबी और लॉस एंजिलिस में अच्छी-खासी सम्पत्ति है। इसके बेटे बिलाल अशाई ने कश्मीर के युवकों से हथियार उठाने की अपील की थी। 

एक तस्वीर में शाहरुख खान और उनकी पत्नी इस अलगाववादी के साथ नज़र आ रहे हैं। कैलिफोर्निया के रहने वाले अलगाववादी नेता टोनी अशाई पर कश्मीर के युवकों को भारत के विरुद्ध भड़काने का भी आरोप है।

इस पर श्रीनगर के सामाजिक कार्यकर्ता अल सिकंदर ने अपने आधिकारिक ट्विटर एकाउंट से सिलसिलेवार ट्वीट किया था, जिसमें उन्होंने टोनी पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। ट्वीट में उन्होंने टोनी को न केवल आईएसआई द्वारा प्रायोजित आतंकवादी संगठन जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट का सदस्य बताया था बल्कि शाहरुख खान व पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से उसकी नजदीकियाँ भी उजागर की थीं।

इन ट्विट्स में बताया गया था कि टोनी को आईएसआई से वेतन भी मिलता है। इसके अलावा वह जम्मू-कश्मीर और भारत के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले तमाम लोगों से संपर्क में है। 

दरगाह में गंदी लुंगी के कारण हत्या: शारिक आलम ने 12 किलो वजनी पत्थर से सिर पर 2 बार किया वार

कोटा के अधरशिला दरगाह क्षेत्र में एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई थी, जिसका अब पुलिस ने खुलासा किया है। खलील नामक युवक के हत्यारे को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बताया गया है कि आरोपित सनकी किस्म का है। उसने खलील के माथे पर 12 किलो के पत्थर से वार कर के बेरहमी से उसकी हत्या कर दी थी। खलील ने आरोपित को दरगाह में गन्दी लुंगी पहन कर आने से रोका था, इसीलिए उसने गुस्से में आकर उसकी हत्या कर दी।

‘दैनिक भास्कर’ की खबर के अनुसार, एसपी गौरव यादव ने जानकारी दी कि बजाजखाना रामपुरा के रहने वाले शौकत अली अधरशिला दरगाह का खिदमतगार है, जिसने बुधवार (नवंबर 4,2020) को पुलिस को दी गई रिपोर्ट में बताया कि करीब 20-25 दिन पहले कल्लू खान का बेटा 48 वर्षीय खलील खान आकर सोने लगा था। वो कच्ची बस्ती से आता था। मंगलवार की रात उसने उसे चाय पिलाई और फिर चला गया।

इसके अगले दिन दरगाह के खिदमतगार को नूर अली नामक व्यक्ति ने बताया कि खलील की हत्या कर दी गई है। उसने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। सीआई ताराचंद ने मौके पर जाकर निरीक्षण किया और मामला दर्ज किया। इसके साथ ही आरोपित की तलाश के लिए पुलिस टीम का भी गठन किया गया। इसके लिए एक दर्जन सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खँगाली गई। अधरशिला व चंबल गार्डन क्षेत्र में आने-जाने वाले झपटमारों एवं संदिग्ध बदमाशों से पूछताछ भी की गई।

इसके बाद पुलिस ने आरोपित शारिक आलम उर्फ़ बल्लू को गिरफ्तार किया। मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित तलवंडी के जवाहर नगर के रहने वाले 43 वर्षीय बल्लू भी 10-15 दिनों से दरगाह पर ही सोता था। शारिक सनकी है और उसकी आदत है कि वो हर किसी से लड़ पड़ता है। शारिक ने गिरफ़्तारी के बाद पूछताछ में खुलासा किया कि एक दिन वो गन्दी लुंगी पहन कर कोटा के अधरशिला दरगाह आया था तो खलील ने उसे टोक दिया और इसीलिए उसने हत्या की।

उसने बताया कि इसी का बदला लेने के लिए मंगलवार की रात करीब 12:30 बजे उसने 10-12 किलो का पत्थर उठाया और सो रहे खलील के सिर पर दो बार वार कर के बेरहमी से उसकी हत्या कर दी। इसके बाद वो सुबह ही वहाँ से निकल गया और किसी तरह अजमेर शरीफ दरगाह जा पहुँचा। हत्या के बाद पुलिस उसके परिजनों पर नजर रख रही थी। रुपए ख़त्म होने के बाद वो जैसे ही अपनी बहन के पास आया, पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। वो ससुराल जाने की तैयारी में था।

हरियाणा में पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं, दीपावली के दिन 2 घंटों तक उड़ा सकेंगे पटाखे

हरियाणा में मनोहर लाल खट्टर की सरकार ने पटाखे उड़ाने के लिए 2 घंटे का समय दिया है। इसका मतलब है कि दीपावली के दिन रात 8 बजे से 10 बजे तक लोग पटाखे उड़ा कर त्यौहार का आनंद ले सकेंगे। इसके साथ ही क्रिसमस और नए साल के मौके पर भी मध्यरात्रि को 11:55 से लेकर 12:30 तक पटाखे उड़ाने की छूट होगी। इसके साथ ही गुरुपर्व के मौके पर भी लोगों को ऐसे ही सहूलियत दी जाएगी।

राजस्थान, ओडिशा और दिल्ली सहित कई राज्यों ने पटाखों पर पूर्ण रूप से प्रतिबन्ध लगाने की घोषणा की थी। ‘नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल’ (NGT) ने भी कहा है कि देश के जिन शहरों में पर्यावरण में प्रदूषण का स्तर ज्यादा है, वहाँ पटाखे उड़ाने पर प्रतिबन्ध लगा रहेगा। हरियाणा में भी दीपावली के मौके पर पटाखे छोड़ने पर प्रतिबन्ध की बातें चल रही थीं, लेकिन सरकार ने अब 2 घंटे के लिए इस प्रतिबन्ध को हटा दिया है।

‘आज तक’ की खबर के अनुसार, हरियाणा सरकार ने NGT में दाखिल किए गए अपने जवाब में कहा था कि वह अपने राज्य में पटाखों पर प्रतिबंध लगाने के पक्ष में नहीं है। हरियाणा सरकार ने कहा था कि दिल्ली में बढ़ रहे प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए अगर NGT की सोच है कि दिल्ली एनसीआर में आने वाले शहरों (फरीदाबाद और गुरुग्राम) में पटाखे चलाने से देश की राजधानी में प्रदूषण बढ़ सकता है तो वहाँ प्रतिबंध लगाया जा सकता है।

लेकिन, हरियाणा सरकार ने साफ़-साफ़ कह दिया था कि दीपावली के मौके पर राज्य सरकार को लगता है कि पूरे हरियाणा में पटाखों पर प्रतिबंध लगाने की जरूरत नहीं है। वहीं उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार करने की बात कही थी। पर्यावरण मंत्रालय ने भी कहा है कि उसके किसी अध्ययन में अब तक सामने नहीं आया है कि पटाखों से कोरोना के मामलों पर कोई फर्क पड़ता है।

इसी तरह से कर्नाटक राज्य सरकार ने पटाखों पर पहले पूर्ण प्रतिबन्ध लगाया था, लेकिन अब कहा गया है कि लोग यदि चाहें तो ग्रीन-पटाखे जलाकर दिवाली मना सकते हैं। अब तक, कर्नाटक की ही एकमात्र सरकार थी जिसने जनता की भावनाओं का ध्यान रखा है और दीपावली में पटाखों पर पूर्ण प्रतिबन्ध लगाने के अपने निर्णय को वापस लिया है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने पटाखों पर लगे पूर्ण प्रतिबंध को आंशिक रूप से हटाने का फैसला किया। 

JNU में विवेकानंद मूर्ति के नीचे वामपंथियों ने लिखा था – ‘भगवा जलेगा, Fu*# BJP…’ उसका अनावरण करेंगे PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12 नवंबर को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के परिसर में स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण करेंगे। इसकी जानकारी विश्वविद्यालय के कुलपति एम जगदीश ने रविवार (नवंबर 8, 2020) को दी है। 

कुलपति ने अपने बयान में बताया, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12 नवंबर को शाम 6:30 बजे विश्वविद्यालय परिसर में स्थापित स्वामी विवेकानंद की आदमकद प्रतिमा का (वीडियो-कॉन्फ्रेंस से) अनावरण करेंगे। प्रतिमा के अनावरण से पहले स्वामी विवेकानंद पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।”

उन्होंने आगे कहा कि स्वामी विवेकानंद भारत में हुए सबसे प्रिय बौद्धिक और आध्यात्मिक नेताओं में से एक हैं, जिन्होंने युवाओं को भारत में स्वतंत्रता, विकास, सद्भाव और शांति के अपने संदेशों से प्रेरित किया।

बता दें कि स्वामी विवेकानंद की मूर्ति जेएनयू के कुछ पूर्व छात्रों के समर्थन से स्थापित की गई है। कुछ समय पहले दिल्ली की सड़कों को जाम करने के बाद यहाँ के कुछ वामपंथी छात्रों ने स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा को अपना निशाना बनाया था।

इसी नई स्थापित मूर्ति को बदरंग करते हुए उसके पेडेस्टल पर माओवंशियों ने अपशब्द लिखे थे। “भगवा जलेगा”, “Fu(k BJP” आदि को लाल रंग के पेंट से लिखकर पेडेस्टल को कुरूप बना दिया था। इसकी तस्वीर वैज्ञानिक, लेखक और JNU में मॉलिक्यूलर मेडिसिन के प्रोफ़ेसर आनंद रंगनाथन ने ट्विटर पर शेयर की थी।

उन्होंने तस्वीर शेयर करते हुए बताया था कि जिस मूर्ति को निशाना बनाया गया, उस प्रतिमा का तो अनावरण भी अभी तक नहीं हुआ मगर अर्बन नक्सलियों ने इसे अपनी अंधी नफ़रत का शिकार बना दिया।

रंगनाथन का यह पोस्ट देख कर ट्विटर पर कई लोग बिफर उठे थे। उनकी पोस्ट को रीट्वीट कर व उनके कमेंट बॉक्स में लोगों ने कम्युनिस्टों को जमकर कोसा था। उस दौरान JNU को बंद करने की माँग भी उठी थी।

एक यूज़र ने नाराजगी जाहिर करते हुए लिखा था कि भाजपा इन गुंडों के साथ कुछ ज़्यादा ही नरमी से पेश आ रही है। यूजर के मुताबिक, “इनसे निपटने का इंदिरा गाँधी का ही तरीका सही था, जिन्होंने JNU को एक साल के लिए बंद कर दिया और कथित तौर पर डी राजा (वर्तमान भाकपा नेता) को वंदे मातरम गा कर सुनाने के लिए मजबूर कर दिया था।” इस यूजर की जानकारी कितनी सही है, ऑपइंडिया इसकी पुष्टि नहीं करता है।

नुसरत धर्म बदल बनी नेहा: शौहर सुहैब ने दिया ‘तीन तलाक’ तो प्रेमी राहुल संग रचाई शादी

उत्तर प्रदेश के बागपत से एक शादीशुदा महिला द्वारा धर्म परिवर्तन कर के दूसरी शादी रचाने का मामला सामने आया है। शादीशुदा महिला नुसरत ने नेहा बन कर अपने प्रेमी राहुल से शादी कर ली। उसके परिजनों ने उसके लापता होने का मामला दर्ज कराया था। राहुल शर्मा मेरठ का निवासी है। नुसरत (अब नेहा) ने एसडीएम कोर्ट में बताया कि वो राहुल के साथ जाना चाहती है, जिसके बाद पुलिस ने उसे पूरी सुरक्षा में राहुल के पास भेजा।

निवाड़ा गौरीपुर निवासी नुसरत के परिजनों का कहना है कि वो अक्टूबर 19, 2020 को जिला संयुक्त अस्पताल में दवा लेने गई थी लेकिन उसके बाद से ही नहीं लौटी। देर शाम तक उसके घर वापस नहीं आने के बाद परिवार वालों ने अगले दिन बागपत कोतवाली में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। रविवार (नवंबर 8, 2020) को नुसरत ने अपने अधिवक्ता विजय शर्मा के माध्यम से कोतवाली में प्रार्थना-पत्र दिया। उसने खुद की जान को परिजनों से खतरा बताया है।

उसने पुलिस को बताया है कि परिवार वालों ने जून 2, 2020 को निवाड़ा गौरीपुर के युवक सुहैब के साथ जबरदस्ती उसका निकाह करा दिया था। निकाह के बाद पता चला कि सुहैब एक नंबर का नशेड़ी है और उसका व्यवहार ठीक नहीं है। इसके बाद वो दवा लेने निकली और रोहटा थाना क्षेत्र अंतर्गत कल्याणपुर गाँव के रहने वाले अपने प्रेमी राहुल शर्मा के पास चली गई। उसने बताया कि अब वो राहुल के साथ ही रहना चाहती है।

दोनों ने गाजियाबाद स्थित आर्य समाज मंदिर में पूरे विधि-विधान के साथ शादी भी कर ली है। रविवार को ही एसआई सुरेंद्र सिंह द्वारा एसडीएम कोर्ट में नुसरत उर्फ नेहा के बयान दर्ज कराए गए। कोर्ट से नुसरत उर्फ़ नेहा को राहुल के पास जाने की अनुमति मिल गई। अधिवक्ता विजय शर्मा ने बताया कि मूल रूप से गाजियाबाद के ही लोनी की रहने वाली नुसरत ने धर्म-परिवर्तन भी करा लिया है और अब उसका नाम नेहा है।

हालाँकि, नुसरत (अब नेहा) के परिवार वालों ने तहसील पहुँच कर उसे मनाने की खूब कोशिशें की, लेकिन वो नहीं मानी। उसने बताया कि उसका प्रेम-विवाह हुआ है और वो राहुल के साथ ही रहेगी। दोनों ने कोर्ट में भी रजिस्टर्ड मैरिज कर लिया है। उसने बताया कि उसके पूर्व-पति सुहैल उसके साथ मारपीट करता था और एक बार तो उसे ‘तीन तलाक’ भी बोल दिया था। दिल्ली में एक कम्पनी में नौकरी के दौरान उसकी राहुल से मुलाकात हुई थी।

केंद्र सरकार द्वारा ‘तीन तलाक’ की मान्यता रद्द कर के मुस्लिम महिलाओं को न्याय देने के बावजूद इसके मामले सामने आते रहते हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने तो ट्रिपल तलाक पीड़िताओं को 2020 की शुरुआत में ही नए साल पर बड़ी राहत देने का ऐलान करते हुए उन्हें सालाना 6000 रुपए पेंशन देने का फैसला लिया था। दस हजार महिलाओं को पहले तीन महीने में ही पेंशन की राशि दी गई थी। यूपी में केवल एक साल में ही 270 से ज्यादा तीन तलाक मामले दर्ज हुए थे।

‘मैं तुम्हारा रहने-खाने का खर्च उठाऊँगा, पता नहीं क्यों तुमसे जुड़ गया हूँ’: महिला पत्रकार ने शेयर किए अविनाश दास के चैट्स

पत्रकार उत्पन्ना चक्रवर्ती ने ‘अनारकली ऑफ आरा’ के निर्देशक अविनाश दास के साथ अपने चैट्स सार्वजनिक किए हैं। ब्लॉगर रहे अविनाश दास एनडीटीवी में बतौर आउटपुट एडिटर भी काम कर चुके हैं। सबसे पहले उत्पन्ना चक्रवर्ती ने तीन स्क्रीनशॉट्स शेयर किए, जिसने बहुत कुछ साफ़ नहीं हो रहा था। उसे देख कर ऐसा लग रहा था कि वो परेशान हैं और अविनाश उनकी मदद करने की कोशिश कर रहे हैं।

इस चैट में अविनाश दास उत्पन्ना को लिखते हैं कि तुम कुछ ज्यादा ही सख्त हो और मुझे पसंद हो। इसमें उत्पन्ना अपनी किसी समस्या को लेकर बात करती नजर आ रही हैं। साथ ही उन्हें अविनाश ‘बेहिचक’ उनसे वित्तीय मदद लेने की सलाह दे रहे हैं, क्योंकि उत्पन्ना काम को लेकर परेशान नजर आ रही हैं। इसके बाद वो कहते हैं कि ‘मैं हूँ और तुम खुद को अकेला मत समझना।’ इसके बाद वो किसी ‘प्रोड्यूसर को पटा कर बिग शॉट खेलने’ और सीधे प्रोड्यूसर बन जाने की सलाह देते हैं।

अविनाश दास ने लिखा कि इसे अपने लिए ‘प्यार’ मान कर पढ़ो

इसके बाद अविनाश दास लिखते हैं कि उत्पन्ना चक्रवर्ती इसे उनका ‘प्यार’ मान कर पढ़ें और वो उनसे इतना क्यों ‘जुड़ गए हैं’, उन्हें नहीं पता। इन तीन स्क्रीनशॉट्स के बाद जब चीजें साफ़ नहीं हुईं तो उत्पन्ना ने कई अन्य स्क्रीनशॉट्स भी शेयर किए, ताकि वो अपने आरोपों को साबित कर सकें। इसके बाद अविनाश दास ने उत्पन्ना को लिखा कि तुम भरोसेमंद नहीं हो और शशि ने उन्हें बताया है कि जो उनकी मदद करता है, वो उसे ही धोखा देती हैं। इससे पहले दास उत्पन्ना के खाने-रहने का खर्च उठाने की बात कर रहे थे।

अविनाश दास ने लिखा कि मैं तुमसे जुड़ गया हूँ

साथ ही वो उत्पन्ना को ‘मल्टीप्ल पर्सनालिटी डिसऑर्डर’ की बीमारी होने का आरोप भी लगाते हैं और कहते हैं कि दीपावली के बाद वो वापस संपर्क में आएँगे। इसके बाद उत्पन्ना ने लिखा कि वो शशि को कॉल पर ले रही हैं और अविनाश दास उन्हें बताएँ कि उनके किस सूत्र से इस बीमारी की बात पता चली। साथ ही दावा किया कि उन्होंने कभी किसी से रुपए उधार लिए ही नहीं हैं। हालाँकि, उत्पन्ना ने फेसबुक पर कहा कि उन्होंने कोई आरोप नहीं लगाए हैं, सिर्फ मंशा समझाई है। उत्पन्ना ने अपनी सफाई में लिखा:

“मैंने फेसबुक पर अविनाश दास और मेरे वॉट्सऐप चैट के तीन स्क्रीनशॉट शेयर किए थे, सिर्फ इसीलिए कि आप सब को इनकी मंशा समझ आए तो मुझे भी समझाएँ। मैंने आरोप नहीं लगाए थे और आज भी किसी पर कोई आरोप नहीं लगाऊँगी। बस चैट में कही गई बातों को हाईलाइट करके आपसे जानना चाहूँगी कि आप इस चैट का क्या अर्थ समझते हैं? आप ही फ़ैसला करें कि प्रभावशाली पद पर बैठा हुआ कोई व्यक्ति यदि नौकरी चाहने वाली किसी लड़की से एक ही मुलाक़ात के बाद – ध्यान दीजिए, केवल एक मुलाकात के बाद – उसके खाने-रहने का ख़र्चा उठाने को तैयार हो जाए तो क्या यह केवल स्नेहवश है? यदि हाँ, तो मैं जानना चाहूँगी और शायद आप भी जानना चाहेंगे कि अविनाश दास मुंबई में काम की तलाश में आई मुझ जैसी कितनी लड़कियों के खाने और रहने का ख़र्चा उठा रहे हैं या उठाने को तैयार हैं?”

अविनाश ने की उत्पन्ना की खर्च उठाने की पेशकश

उत्पन्ना चक्रवर्ती ने व्हाट्सप्प पर अविनाश दास द्वारा लिखी गई बातों, जैसे कि “मैं इतना किसी से जुड़ता, जितना तुमसे जुड़ गया हूँ और तुमसे बातें कर रहा हूँ“, “पता नहीं क्यों, मुझे भी नहीं मालूम, इसलिए सब सच बोल रहा हूँ। इसे अपने लिए मेरा प्यार मानकर पढ़ना“, की तरफ ध्यान दिलाया। उत्पन्ना ने बताया कि उनके और अविनाश दास बीच केवल एक मुलाक़ात हुई है और वह भी उनके ऑफिस में जब उन्होंने काम के लिए अपने ऑफिस बुलाया था और काम के अलावा इन्होंने बाकी सारी बातें की।

अविनाश दास ने उत्पन्ना को बीमारी होने की बात कही

उत्पन्ना चक्रवर्ती ने बताया कि जब बार-बार अविनाश दास की तरफ से मदद का ऑफर आना बंद नहीं हुआ, तो कुछ इनकी नीयत परखने को और कुछ अपना पीछा छुड़ाने को उन्होंने कहा कि वो अपना घर शिफ्ट कर रही हैं और उन्हें डिपॉजिट के तौर पर पचास हज़ार रुपए की रकम देनी थी, उसमें मदद कर दीजिए। उन्होंने बताया कि ये सुनते ही ‘ख़ुदाई मददगार’ अविनाश दास को अचानक पता लगा कि उन्हें ‘मल्टिपल पर्सनालिटी डिसऑर्डर’ है और कुछ भूत प्रेत की भी कहानी है।

उन्होंने दावा किया कि अविनाश दास एक साथ ‘बैकग्राउंड वैरीफायर, साईकोलॉजिस्ट और तांत्रिक’ तीनों हो गए। उन्होंने बताया कि जो अविनाश दास उन्हें सख्त न होने की सलाह दे रहे थे और जो प्यार से प्रोड्यूसर पटाने की करियर से जुड़े सलाह दे रहे थे, जब उन्होंने इस मल्टिपल पर्सनालिटी डिसऑर्डर और भूत-प्रेत वाली बात पर सवाल किया तो उन्होंने शशि का हवाला दिया कि तुम भरोसेमंद नहीं हो, तुमने शशि से पैसे लिए थे और लौटाए नहीं।

उत्पन्ना ने फेसबुक पोस्ट कर के अविनाश दास के चैट्स पर उठाए सवाल

बकौल उत्पन्ना चक्रवर्ती, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स का कहना है कि वो यह सब इसलिए कर रही हैं कि उन्होंने अविनाश से 50 हजार रुपए माँगे थे और जब उन्होंने नहीं दिए तो उनको बदनाम करने के लिए चैट के स्क्रीनशॉट सार्वजनिक कर दिए। उत्पन्ना ने बताया कि जब उन्होंने फोन पर ‘भड़ास मीडिया’ के संचालक से बात की तो उनका कहना था कि पर्सनल चैट को इस तरह सार्वजनिक करना ग़लत है और सही-ग़लत समझाते हुए उन्होंने बिना अनुमति लिए या बताए ही वो कॉल टैप करके अपने पोर्टल पर डाल दिया।

ज्ञात हो कि अविनाश दास ‘डीबी स्टार’ से बतौर एडिटर जुड़े थे, जो कि हिंदी अखबार ‘दैनिक भास्कर’ का टैबलॉयड है। वहाँ काम करते हुए जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन की एक महिला विद्यार्थी ने उनके खिलाफ यौन शोषण की लिखित शिकायत की थी। अविनाश अतिथि शिक्षक के रूप में भोपाल की माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में पढ़ाने के लिए जाते थे। विश्वविद्यालय के एक दल द्वारा मामले की जाँच किए जाने पर आरोप सही पाए गए थे और अविनाश दास को ‘दैनिक भास्कर’ द्वारा उनकी नौकरी से निकाल दिया गया था।

‘कोई पटाखे नहीं, मुझे नहीं लगता किसी को पटाखे जलाने चाहिए’ – दीवाली पर Tanishq ने फिर परोसा हिंदू विरोधी प्रोपेगेंडा

ज्वैलरी ब्रांड तनिष्क ने अपने लव जिहाद वाले विवादित विज्ञापन के बाद दीवाली के अवसर पर नया ऐड तैयार किया है। इस ऐड में भी उन्होंने अपने प्रचार के नाम पर हिंदू विरोधी प्रोपगेंडा परोसा है जिसकी वजह से सोशल मीडिया पर एक बार फिर बॉयकॉट तनिष्क ट्रेंड करने लगा है।

इस ऐड में दीवाली के नाम पर सिर्फ़ कुछ महिलाएँ नजर आ रही हैं जो हल्के रंग की साड़ियों में हैं और तनिष्क के आभूषण धारण करके बता रही हैं कि इस दीवाली पर क्या-क्या किया जाना चाहिए और क्या-क्या नहीं। 

परंपरागत श्रृंगार के नाम पर महिलाओं ने सिर्फ़ तनिष्क की ज्वैलरी ही पहनी है। विज्ञापन में न दीवाली पूजा से संबंधित कुछ नजर आ रहा है और न ही कुछ उसकी महत्ता से संबंधित। वहीं बैकग्राउंड की बात करें तो उसमें भी सामान्य लाइटिंग है, कोई दीया या कोई साज-सज्जा नहीं है।

ऐड शुरू होते ही एक महिला इसमें कहती है, “यकीनन कोई पटाखे नहीं। मुझे नहीं लगता किसी को पटाखे जलाने चाहिए।” इसके बाद दो-तीन महिलाएँ अपनी बातें रखती हैं और अंत में इकट्ठा होकर खिलखिलाती नजर आती हैं। बस ऐड खत्म।

अब इस ऐड को लेकर कई तरह के सवाल लोगों के मन में हैं। लोगों का पूछना है कि आखिर क्या जिस तरह से दीवाली में पटाखे जलाने को मना किया जाता है उसी प्रकार क्या क्रिसमस पर न क्रिसमस ट्री लगाने की या फिर बकरीद पर जानवरों की कुर्बानी न देने की अपील भी की जाती है? या यह सब सिर्फ़ हिंदुओं को निशाना बनाने का एक तरीका है?

सोचने वाली है बात है कि यह प्रचार दीवाली के लिए निर्मित हुआ है। यदि मान भी लिया जाए कि तनिष्क का प्रोपेगेंडा हिंदू विरोधी नहीं है तो फिर इसमें दीये, कैंडल्स, रंगोली, मिठाई, पूजा की थाली आदि चीजें कहाँ हैं? जो आमतौर पर दीवाली के मौके पर हर घर की शोभा बढ़ाते हैं। क्या दीवाली का मतलब सिर्फ़ तनिष्क का सोना पहनना होता है?

आज से 6 साल पहले भी तनिष्क हर त्योहार पर अपने प्रचार बनाता था, लेकिन तब फर्क बस ये था कि उनका मकसद प्रोपेगेंडा फैलाना नहीं होता था। साल 2014 के दीवाली ऐड में और आज 2020 के विज्ञापन में फर्क देखिए।

पहले बैकग्राउंड में पटाखों की आवाजें थी। लाइटों से जगमगाते घर थे। आस-पास दीये जल रहे थे और एक बेटा अपनी माँ के लिए अपने बोनस से छोटा सा तोहफा लाया था। इस ऐड में सिर्फ़ भावनाओं के साथ उत्पाद का प्रचार हुआ था। कोई बेवजह का ज्ञान या फिर कोई प्रोपेगेंडा नहीं था। किसी ने इसका कोई विरोध भी नहीं किया था।

वहीं आज, इसी तनिष्क के ऐड से उत्पाद का विज्ञापन गायब है और हिंदुओं के त्योहार को लक्षित करते हुए प्रोपेगेंडा प्रमुखता से दिखाया जा रहा है। ऐसे में लोगों का कहना बस यह है कि तनिष्क या तो हिंदुओं को बेवकूफ समझना अब बंद करे या फिर अपनी ऐड फर्म से कॉन्ट्रैक्ट तोड़े, जिनका मकसद एक बने बनाए ब्रांड इमेज को खराब करना मात्र रह गया है।

शोभा गणेशन नाम की यूजर कहती हैं कि दीवाली का त्योहार बिंदी, लक्ष्मी पूजा और भगवान श्रीराम के घर आए बिना नहीं हो सकता। यह कोई किटी पार्टी या नए साल का गेट-टूगेदर नहीं है, जहाँ ऐड में ये सारी चीजें दिखाई जा रही हैं।

कुछ लोग ऐसे प्रयासों को हिंदू त्योहारों का इस्लामीकरण करना भी बता रहे हैं। उनका कहना है कि क्या कभी हिंदुओं में बिना बिंदी या चुनरी के दीवाली मनाते किसी ने किसी को देखा है? Tanishq के इस ऐड में कोई पूजा की थाली नहीं है, न ही कहीं भगवान राम का जिक्र है, आखिर किस आधार पर यह विज्ञापन दीवाली के लिए तैयार हुआ है?

15 साल की हिंदू लड़की को किडनैप कर 6 महीने तक रेप, शाकिब को UP पुलिस ने किया गिरफ्तार

31 मई 2020 को 15 साल की एक लड़की कंकरखेड़ा थाना के सिंधावाली गाँव से लापता होती है। उसे किडनैप करने का आरोप उसके गाँव के ही शाकिब पर उसके परिजन लगाते हैं। 5 महीने से ज्यादा तक लड़की का कुछ अता-पता नहीं चलता है।

दो संप्रदायों के बीच मामला होने के कारण हिंदू संगठनों ने पुलिस पर तेजी से काम करने और किडनैप लड़की को शाकिब के चंगुल से छुड़ाने का दबाव भी बनाया। इस बीच कंकरखेड़ा थाने के इंस्पेक्टर तपेश्वर सागर और एसओजी प्रभारी वरुण शर्मा की टीम ने शाकिब को गिरफ्तार किया।

यह गिरफ्तारी तब हुई, जब आरोपित शाकिब किडनैप की गई किशोरी को लेकर दिल्ली जाने की फिराक में था। लड़की भी बरामद कर ली गई है। पुलिस की पूछताछ में आरोपित शाकिब ने लड़की को बागपत में एक ईंट भट्ठे पर बंधक बनाकर रखने की बात स्वीकार कर ली है।

हिंदुस्तान टाइम्स में प्रकाशित खबर के अनुसार किडनैप की गई लड़की के साथ शाकिब ने रेप भी किया है। कंकरखेड़ा थाना प्रभारी के अनुसार किशोरी को मेडिकल जाँच के लिए भेजा गया है।

इस मामले में देरी होने पर हिंदू जागरण मंच और किडनैप की गई किशोरी के परिजनों ने कंकरखेड़ा थाने के बाहर 28 अक्टूबर को धरना-प्रदर्शन भी दिया था। बात SSP तक पहुँचने पर इस मामले के लिए एक SIT का गठन कर इंस्पेक्टर कंकरखेड़ा तपेश्वर सागर को नोडल अधिकारी बनाया गया। और उनके नेतृत्व में ही आरोपित को गिरफ्तार कर किडनैप किशोरी को सकुशल बचा भी लिया गया।

दिवाली पर PM मोदी देंगे अपने संसदीय क्षेत्र को ₹614 करोड़ की सौगात: वाराणसी में पूरी की गई 19 परियोजनाएँ

दीपावली से पहले पीएम नरेंद्र मोदी अपने संसदीय क्षेत्र काशी के निवासियों को बड़ी सौगात देंगे। 9 नवंबर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पीएम मोदी काशी को 682 करोड़ का उपहार देंगे। सोमवार (नवंबर 9, 2020) को पीएम मोदी वर्चुअल तरीके से 19 परियोजनाओं का लोकार्पण और 17 परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ से कार्यक्रम में शामिल होंगे। हालाँकि कई मीडिया रिपोर्ट में 33 परियोजनाएँ बताई जा रही है।

बता दें कि पीएम मोदी जिन 19 परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे उनके निर्माण में 232 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। खास बात यह है कि ये सभी 19 परियोजनाएँ कोरोना काल में पूरी हुई हैं। वहीं 17 परियोजनाओं के निर्माण में 465 करोड़ रुपए की लागत आएगी।

प्रधानमंत्री मोदी अपने इस वर्चुअल कार्यक्रम के दौरान 118 करोड़ से सीड स्टोर निर्माण आईपीडीएस फेस-2, 60 करोड़ से शिक्षक आवास का निर्माण, 29.6 करोड़ से रीजनल आथ्रोलॉजी विंग, 19 करोड़ से गंगा प्रदूषण नियंत्रण, गौ संरक्षण केंद्र, केंद्रीय कारागार की बाउंड्रीवाल एयरपोर्ट पर यात्री निवास ब्रिज, 8.7 करोड़ से स्पोटर्स स्टेडियम में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास कार्य, 18.4 रामनगर अस्पताल का अपग्रेडेशन, 45 करोड़ से बीएचयू में 100 बेड का एमसीएच विंग सहित अन्य परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे।

वाराणसी कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने वर्चुअल कार्यक्रम की अधिक जानकारी देते हुए कहा कि 9 अक्टूबर को लोकार्पण होने वाली परियोजनाओं की खास बात यह है कि यह सारी परियोजनाएँ कोरोना काल के लॉकडाउन पीरियड में पूरी की गई हैं। जनपद वाराणसी में लगभग 10000 करोड़ की परियोजनाएँ संचालित हैं। यह सारी परियोजनाएँ अगले साल दिसंबर तक पूरी हो जाएँगी। इसमें कई परियोजनाएँ पहले भी पूरी हो सकती है। जिसका सीधा लाभ जनता को मिलेगा।

वाराणसी कमिश्नर ने आगे बताया कि सारनाथ बुद्ध सर्किट का बहुत ही महत्वपूर्ण अंग है। शुरुआत में इस परियोजना को लेकर काफी कठिनाई आई थी और नतीजे भी संतोषजनक नहीं मिल पाए थे क्योंकि हर महीने हजारों की संख्या में पर्यटक धामेख स्तूप पर आते हैं तो लाइट एंड साउंड का एक शो वहाँ पर पर्यटन को बढ़ावा देने के मकसद से शुरू किया जा रहा है। इस आधे घंटे के लाइट और साउंड के शो में बुद्ध धर्म के विकास और सारनाथ के महत्व के बारे में बताया जाएगा।

अमिताभ बच्चन के वॉइस ओवर वाले कार्यक्रम के बारे में उन्होंने कहा कि यहाँ के लिए सबसे मुख्य आकर्षण यह है कि इसमें वॉइस ओवर विख्यात अभिनेता अमिताभ बच्चन की आवाज में है। कमिश्नर दीपक अग्रवाल का मानना है कि इस साउंड और लाइट शो द्वारा आयोजित किया जाने वाला यह कार्यक्रम न केवल पर्यटकों और बौद्ध धर्म को मानने वालों को काफी अच्छा लगेगा, बल्कि वाराणसी की अर्थव्यवस्था में भी बढ़ोतरी होगी।