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अर्णब पर मुंबई पुलिस की एक और FIR, गिरफ्तारी के वक्त महिला पुलिस को मारने का लगाया आरोप

मुंबई पुलिस ने अर्णब गोस्वामी पर एक और FIR दर्ज की है। इस एफआईआर में कहा गया है कि जब पुलिस की टीम अर्णब गोस्वामी को गिरफ्तार करनी पहुँची तो उस दौरान उन्होंने महिला पुलिस अधिकारी से मारपीट की।

जबकि हम सबने टीवी पर देखा कि अर्णब को गिरफ्तार करने के लिए एके-47 के साथ पुलिस फोर्स उनके घर पहुँची थी। मुंबई पुलिस ने अर्णब गोस्वामी के घर में घुसकर न केवल रिपब्लिक टीवी के एडिटर-इन-चीफ को गिरफ्तार करने की कोशिश की, बल्कि उनके नाबालिग बेटे और बुजुर्ग सास-ससुर सहित उनके परिवार पर भी शारीरिक हमला किया।

रिपब्लिक टीवी चैनल के कुछ वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं जिनमें पुलिस अर्णब गोस्वामी के घर के अंदर जबरन घुसती दिख रही है और दोनों के बीच बहस होती दिख रहा है। इस बीच मुंबई पुलिस उनके साथ बदसलूकी भी करती साफ़ नजर आती है।

कथित तौर पर, 30-40 से अधिक मुंबई पुलिस के जवान डराने-धमकाने के लिए एके-47 जैसे हथियारों को लेकर गए थे। उन्होंने अर्णब गोस्वामी को बालों से खींचकर रायगढ़ पुलिस स्टेशन में हिरासत में लेने के लिए एक पुलिस वैन में जबरन बैठाया। इंटरनेट पर एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें मुंबई पुलिस का काफी बुरा बर्ताव देखा जा सकता है, जिसमें न केवल अर्णब गोस्वामी और उनके परिवार को धमकी दी गई, बल्कि उनके परिवार पर भी हमला किया गया।

बता दें कि अर्णब गोस्वामी को महाराष्ट्र सीआईडी ने साल 2018 में इंटीरियर डिजाइनर अन्वय नाइक और उनकी मां कुमुद नाइक की मौत की जाँच के सिलसिले में हिरासत में लिया है। पुलिस उन्हें रायगढ़ थाने ले गई। अर्णब गोस्वामी ने पुलिस वैन से कहा, इन्होंने मुझे मारा है। मेरे साथ शारीरिक रूप से दुर्व्यवहार किया है।

अर्णब गोस्वामी की पत्नी सीनियर एडिटर साम्यब्रता रे गोस्वामी को भी पुलिस अधिकारियों ने पकड़ लिया और फिर कुछ कागजों पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा। मुंबई पुलिस ने भी जबरदस्ती उसे वीडियो रिकॉर्ड करने से रोकने की कोशिश की। मुंबई पुलिस को साम्यब्रता के हाथों से कागजात छीनते हुए भी देखा जा सकता है और उन्हें यह कहते सुना गया, “आपको बस इस पर हस्ताक्षर करना है।”

अर्णब गोस्वामी ने वीडियो में कहा, “मैं रिपब्लिक टीवी का संपादक हूँ, आपने मेरा शारीरिक शोषण किया है, क्या यह सही है? सचिन, आप  मुझे बताओ। मैं सहयोग करूँगा लेकिन मुझे शारीरिक हमला स्वीकार नहीं है। मैं अपने वकीलों की सलाह लूँगा। सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखें।”

एक पुलिस अधिकारी, जो अर्णब को वॉर्निंग दे रहे थे, उन्होंने यूनिफॉर्म भी नहीं पहना था। इस पर अर्णब की पत्नी ने सवाल उठाए थे। वीडियो में अर्णब को यह कहते हुए सुना जा सकता है, “मेरे बेटे को मारा गया है।” रिपब्लिक टीवी के प्रमुख अर्णब गोस्वामी को मुंबई पुलिस ने उनकी बेल्ट पकड़कर खींचा और उन पर वार किया जिससे उन्हें कुछ चोटें आईं। अर्णब ने मुंबई पुलिस पर गुंडागर्दी का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें परिवार से बात करने से भी रोका गया, इसके बाद अर्नब गोस्वामी को मुंबई पुलिस अपने साथ वैन में ले गई।

रिपब्लिक टीवी के मुताबिक, अर्णब के घर पहुँची पुलिस टीम के पास कोई समन, दस्तावेज या कोर्ट के पेपर तक नहीं थे। इसके बाद भी पुलिस ने अपनी जाँच का हवाला दे-दे कर चैनल के पत्रकार निरंजन नारायणस्वामी और संजय पाठक को अर्णब के घर में घुसने से रोका, साथ ही सभी प्रवेश व निकास की जगहों को बंद करवा दिया।

चैनल का कहना है कि उन्हें कुछ इस तरह से वैन में लेकर जाया गया, जैसे वो एक अपराधी हों। उनकी पत्नी ने उन पुलिसकर्मियों को ‘एनकाउंटर कॉप्स’ और चैनल ने इसे अघोषित आपातकाल का फासीवादी कदम बताया है।

अहमदाबाद: फ्रांस के खिलाफ मुस्लिमों को भड़काने का प्रयास कर रहे कॉन्ग्रेस पार्षद समेत 7 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज

वेजलपुर पुलिस ने अहमदाबाद के जुहापुरा इलाके में सड़कों पर फ्रांस राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के पोस्टर चिपकाने के लिए अमवाड नगर निगम के कॉन्ग्रेस पार्षद हाजीभाई सहित 7 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कट्टरपंथी इस्लाम के खिलाफ मैक्रों के कड़े रुख के प्रति अपनी नाराजगी और विरोध दर्ज करने के लिए मुस्लिमों द्वारा 1 नवंबर को सड़क पर पोस्टर चिपकाए गए थे।

इन 7 लोगों के खिलाफ आईपीसी धारा 188 (लोक सेवक द्वारा विधिवत आदेश की अवज्ञा), 269 ​​(जीवन के लिए खतरनाक बीमारी के संक्रमण के फैलने की संभावना ), 270 (घातक बीमारी जीवन के लिए खतरनाक बीमारी के संक्रमण को फैलाने की संभावना ) और 120BB (आपराधिक साजिश) के तहत मामला दर्ज किया गया है। साथ ही आपदा प्रबंधन धारा 54, सार्वजनिक संपत्ति अधिनियम 3 और 4 को नुकसान, और द प्रेस एंड रेजिस्टर ऑफ बुक एक्ट सेक्शन 3 का केस भी दर्ज किया गया है।

निगरानी दल के हेड कांस्टेबल जोगाभाई कर्मनभाई ने 1 नवंबर को शिकायत दर्ज कराई कि दोपहर 12:30 बजे, कुछ लोगों ने सार्वजनिक सड़कों पर फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों के चेहरे पर जूते के प्रिंट के साथ के 150 पोस्टर चिपकाए। उन्होंने शिकायत में उल्लेख किया कि ये लोग इलाके में मुस्लिमों की धार्मिक भावनाओं को भड़काना चाहते हैं और किसी गंभीर हिंसा का कारण बन सकते हैं।

पुलिस ने इस घटना के पीछे 50 वर्षीय यूनुस सबरहुसैन कादरी, करीम मुज़फ़्फ़रभाई कुरैशी की 46 वर्षीय नजमबेन पत्नी, 54 वर्षीय मोहम्मद यूनुस, 36 वर्षीय मुसकीम अब्दुलकदार मास्टर, 59 वर्षीय हाजी असरारबाग अब्दुलशाकुर मिर्ज़ा, 45 वर्षीय मोहम्मदलिम हुसैन शेख और 48 वर्षीय अब्दुलहमीद मोहम्मद शरीफ शेख और प्रिंटिंग प्रेस के मालिक के साथ लगभग 10-15 लोगों का हाथ पाया गया है।

बता दें इसी तरह के पोस्टर वड़ोदरा नवाबवाड़ा के रोपुरा में भी देखे गए थे, जहाँ पुलिस ने लोगों को बरगलाने के मामले तीन लोगों को हिरासत में लिया गया था। मुंबई के भिड़ी बाजार में भी इसी तरह का एक कारनामा देखने को मिला था।

कट्टरपंथी इस्लाम के खिलाफ फ्रांस की इस लड़ाई का भारत ने समर्थन किया है। हालाँकि, इस मामले में इस्लामिक देशों ने फ्रांस और फ्रांसीसी उत्पादों के बहिष्कार का आह्वान किया है। वहीं पाकिस्तान और तुर्की ने फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों के खिलाफ बयान जारी करते हुए इस्लाम और मुस्लिमों के खिलाफ उनके कार्यों और भाषणों की निंदा भी की है। मुस्लिम नेताओं ने प्रेस स्वतंत्रता के लिए राष्ट्रपति के समर्थन का भी जोरदार विरोध किया है, जिसमें शार्ली एब्दो को पैगंबर मुहम्मद के कार्टून प्रकाशित करने की अनुमति दी गई थी।

गौरतलब है कि फ्रांस और अन्य यूरोपीय देशों ने पिछले कुछ हफ्तों में कथित तौर पर कट्टरपंथी इस्लाम के खिलाफ कार्रवाई के लिए कई हमलों का सामना किया है। ये हमले फ्रांस के एक शिक्षक सैमुअल पैटी, जिन्हें पैगंबर मुहम्मद के कार्टून को अपनी कक्षा में दिखाने के लिए मार डाला गया था, की हत्या की निंदा के परिणामस्वरूप किए गए।

इस हमले के बाद कथित तौर पर तीन लोगों को नीस में मार दिया गया था। वहीं ऑस्ट्रिया में भी एक हमला हुआ था जिसमें तीन लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया था और कई लोग भी घायल हुए थे। हमले को मद्देनजर रखते हुए फ्रांस ने विदेशों में रहने वाले फ्रांसीसी लोगों को बचाने के लिए दुनिया भर के कई स्थानों पर अपने दूतावासों को बंद कर दिया है।

दिल्ली में कोरोना की थर्ड वेव, केजरीवाल बोले- ICU बेड के लिए जाएँगे सुप्रीम कोर्ट

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को कोरोना वायरस की तीसरी लहर का डर सताने लगा है। दिल्ली में बढ़ रहे संक्रमण के मामलों को लेकर सीएम ने कहा है कि वह स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और सभी जरूरी कार्रवाई करेंगे। केजरीवाल सरकार के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने भी माना है कि दिल्ली में कोरोना की ‘तीसरी लहर’ है।

मुख्यमंत्री केजरीवाल ने यह भी कहा है कि वह दिल्ली में कोरोना की थर्ड वेव को लेकर बृहस्पतिवार (नवंबर 4, 2020) को रिव्यू मीटिंग करेंगे। अस्पतालों में बेडों की कोई कमी न हो इसके लिए तैयारी चल रही है।

उन्होंने बताया कि आज उनकी सरकार हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने जा रही है जिसमें उन्होंने 33 प्राइवेट अस्पतालों में 80 फीसद आईसीयू बेड रिजर्व करने के लिए कहा था। बता दें कि दिल्ली मुख्यमंत्री का यह बयान कोरोना के बढ़ते आँकड़े देखने के बाद आया है। अकेले दिल्ली में मंगलवार को 6, 275 कोरोना केज दर्ज किए गए हैं जबकि अब तक संक्रमण के कुल आँकड़े 4 लाख हो चुके हैं।

सीएम केजरीवाल ने यह भी बताया कि पराली को गलाने के लिए बनाए गए डी-कंपोजर को लेकर उन्होंने हीराँकि गाँव का दौरा किया और छिड़काव के बाद स्थिति की समीक्षा की। वह मीडिया से बात करते हुए कहते हैं –

“मैं जनता को सूचित करना चाहता हूँ कि दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से कोरोना मामलों में वृद्धि हो रही है। मैं इसे शहर में महामारी की तीसरी लहर कहूँगा क्योंकि सितंबर के अंत में और अक्टूबर की शुरुआत में, हर दिन कोरोना के 3 हजार मामले आ रहे थे।”

केजरीवाल ने जनता से परेशान न होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि फिलहाल, दिल्ली में कोरोना बेड की कमी नहीं है। हालाँकि उनके संज्ञान में आया है कि बड़े निजी अस्पतालों में वेंटिलेटर वाले केवल कुछ आईसीयू बेड खाली पड़े हैं। लेकिन यह मुद्दा एक या दो दिन में हल हो जाएगा जब सुप्रीम कोर्ट उच्च न्यायलय के निर्णय पर अपना फैसला सुनाएगा।

यहाँ बता दें कि पराली की परेशानी के संबंध में अरविंद केजरीवाल ने ट्विटर के जरिए जानकारी दी है कि दिल्ली के खेतों में बायो-डिकम्पोज़र तकनीक कामयाब रही। पराली खाद में बदल गई है जिससे दिल्ली का किसान संतुष्ट भी है और खुश भी। वह आगे लिखते हैं, “हमारे किसान पराली जलाना नहीं चाहते। हमने उनको समाधान भी दिया है और सुविधा भी, अब दूसरे राज्यों को भी बहाने छोड़ अपने किसानों को ये सुविधा देनी चाहिए।”

बागपत: BJP नेता ने मस्जिद में किया हनुमान चालीसा-गायत्री मंत्र का पाठ, मौलाना ने दी थी परमिशन

मथुरा के नंदगाँव स्थित नंदबाबा मंदिर परिसर में नमाज अदा करने के चर्चित प्रकरण के बाद अब बागपत के विनयपुर गाँव की मस्जिद में हनुमान चालीसा और गायत्री मंत्र पढ़ा गया। मस्जिद में भाजपा की जिला कार्यकारिणी सदस्य एवं जनसंख्या फाउंडेशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मनुपाल बंसल ने इसे फेसबुक पर ‘लाइव’ भी किया। एसपी अभिषेक सिंह का कहना है कि जाँच कराई गई है। मौलाना से अनुमति लेने के बाद ही पाठ किया गया। 

बागपत में खेकड़ा क्षेत्र के विनयपुर गाँव में भाजपा नेता मनुपाल बंसल मंगलवार (नंवबर 3, 2020) को मस्जिद में पहुँचे। उनका कहना है कि मौलाना अली हसन से इजाजत लेने के बाद उन्होंने भाईचारे के लिए पवित्र स्थान मस्जिद में हनुमान चालीसा का पाठ किया। हनुमान चालीसा के पाठ को फेसबुक पर लाइव किया गया। गायत्री मंत्र भी पढ़ा गया। 

इसे लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएँ मिल रही हैं। मनुपाल बंसल जिला पंचायत चुनाव की तैयारियाँ में भी जुटे हुए हैं। एसपी अभिषेक सिंह का कहना है कि पुलिस ने जानकारी मिलते ही मामले की जाँच कराई। मौलाना की सहमति ली गई थी। मनुपाल बंसल विनयपुर की मस्जिद में जाते रहते हैं।

वायरल वीडियो में डगरपुर गाँव निवासी व भाजपा नेता मनुपाल बंसल नजर आ रहे हैं। जो पहले मस्जिद के मौलाना अली हसन से पाठ करने की अनुमति लेते हैं और फिर वहीं बैठकर गायत्री मंत्र और हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं।

इस वीडियो में वह यह भी अपील कर रहे हैं कि कोई ऐसे मामलों को तूल न दें। लोग आपसी सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखें। उन्होंने लोगों से अपील की कि सभी लोग भाईचारे से रहें। कोई तर्क-वितर्क न करें। हम सब हिंदुस्तानी हैं, कोई किसी पर कटाक्ष न करें।

वहीं मस्जिद के मौलाना अली हसन ने कहा कि ऊपर वाले का नाम कहीं भी बैठकर लिया जा सकता है। सब जगह उसकी बनाई हुई है। उन्होंने ही मस्जिद में हनुमान चालीसा का पाठन करने की इजाजत दी थी। इसमें कुछ भी गलत नहीं है। सभी लोग भाईचारे से काम लें। इस मामले में भाजपा के जिलाध्यक्ष सूरजपाल का कहना है कि पार्टी की जिला कार्यकारिणी के सदस्य मनुपाल ने मस्जिद में हनुमान चालीसा का पाठ करने से पहले मौलाना की अनुमति ली थी।

उल्लेखनीय है कि सोमवार को विश्व हिंदू परिषद के जिला मंत्री पप्पन राणा द्वारा घोषणा की गई थी कि शुक्रवार को वह बड़ौत स्थित फूंस वाली मस्जिद में हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे। इसके बाद फूंस वाली मस्जिद के शहरी इमाम मौलाना आरिफ उल हक, प्रबंधक अख्तर चौधरी, इसरार खान और जमीयत उलेमा हिंद के तहसील अध्यक्ष शाबिर ने एसपी अभिषेक सिंह से मुलाकात की और कहा कि पुलिस ऐसा होने से रोके।

उनका कहना था कि इस तरह से किसी की भावना को ठेस नहीं पहुँचनी चाहिए। जिसके बाद एसपी ने उन्हें विश्वास दिलाते हुए कहा कि नियम के खिलाफ किसी भी कार्य को नहीं करने दिया जाएगा। इसके साथ ही जिलाधिकारी भी इस पूरे मामले में निगरानी बनाए हुए हैं।

बता दें कि इससे पहले उत्तर प्रदेश में मथुरा के एक मंदिर में नमाज पढ़ने के बाद गोवर्धन इलाके की ईदगाह में चार युवकों ने हनुमान चालीसा का पाठ किया। ईदगाह मस्जिद में मंगलवार (नवंबर 3, 2020) सुबह किए गए इस हनुमान चालीसा पाठ का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो पुलिस एक्शन में आई और तत्काल चारों युवकों को हिरासत में ले लिया गया। 

इससे पहले ब्रज चौरासी कोस यात्रा करते हुए दो मुस्लिम युवकों द्वारा नंदगाँव स्थित नंदबाबा मंदिर परिसर में नमाज अदा करने के फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। जिसके बाद यूपी पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया था। हिरासत में लिए गए लोगों की पहचान फैजल खान और चाँद मोहम्मद के रूप में हुई थी।

लल्लनटॉप ने छुपाया, ऑल्टन्यूज़ के मो. जुबैर ने दिखाया: कथित मोदी समर्थक निकला ‘कम्युनिस्ट पार्टी का भावी विधायक’

प्रोपेगेंडा वेबसाइट ‘ऑल्टन्यूज़’ के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर ने ‘दी लल्लनटॉप’ वेबसाइट के इंटरव्यू का एक हिस्सा शेयर किया। इस वीडियो में एक व्यक्ति मोदी सरकार की खामियों को गिनाता नजर आता है। वीडियो में यह समझाते हुए देखा जा सकता है कि आखिर मोदी चुनाव कैसे जीत जाते हैं और राहुल गाँधी चुनाव क्यों हार जाते हैं। हिटलर के लिंग का ‘फैक्ट चेक’ कर चर्चा में आई प्रोपेगेंडा वेबसाइट ‘दी लल्लनटॉप’ ने दावा किया कि यह शख्स मोदी समर्थक है।

हालाँकि, सोशल मीडिया यूजर्स ने ‘दी लल्लनटॉप’ की इस ‘चालाकी’ का पर्दाफाश कर दिया। सोशल मीडिया यूजर अंकुर सिंह ने उस शख्स के फेसबुक प्रोफाइल का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए बताया कि उसका नाम बीजे बिकास (बिदेश्वर नाथ झा) है और वह कोई आम मोदी समर्थक नहीं बल्कि एक पत्रकार है। वीडियो में नजर आ रहे शख्स बीजे बिकास के सोशल मीडिया प्रोफाइल में आप देख सकते हैं कि उसने खुद को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का भावी विधायक उम्मीदवार बताया है।

अंकुर सिंह ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए लिखा कि ‘दी लल्लनटॉप’ और इसके एडिटर सौरभ द्विवेदी ने उसे मोदी के खिलाफ बोलने वाले पत्रकार बताने की बजाय उसे मोदी समर्थक के रूप में पेश किया। एक अन्य सोशल मीडिया यूजर ने भी उसके प्रोफाइल की फोटो शेयर करते हुए प्रोपेगेंडा वेबसाइट ‘दी लल्लनटॉप’ की पोल खोल दी।

अन्य सोशल मीडिया यूजर्स ने भी इनके मजे लिए हैं। एक यूजर ने लिखा, “कॉन्ग्रेस और लालू मिल के लोगों को बड़ा खुशहाल रखते थे ना ?? सिलेंडर, राशन,खाद, बैंक और तो छोड़ो एक समय था जब पीसीओ में लाइन लगती थी! ब्लैक अलग से? और लालू जैसे जिसने जानवरों का हक नहीं छोड़ा वो आम आदमी को छोड़ेगा?”

इस्लामी प्रचार वेबसाइट ‘ऑल्टन्यूज़’ के सहसंस्थापक मोहम्मद जुबैर के ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए एक ट्विटर यूजर ने लिखा, “अबे तू जा कर पंक्चर की ही दुकान लगा। कम से कम वो तो सही से कर लेगा।”

एक अन्य यूजर ने लिखा, “गजब का ड्रामा तैयार किया है लल्लनटॉप ने और उसको सोशल मीडिया में फैलाने का कार्य मोहम्मद जुबैर ने बखूबी निभाया है। जनता बहुत समझदार है कृपया इस तरह का ड्रामा दिखाकर अपनी औकात बयाँ न करें।”

बता दें कि मोहम्मद जुबैर द्वारा शेयर किए गए एक वीडियो में शख्स मोदी सरकार की बुराई करते हुए कहता है, “मैं ये चीज फैक्ट बता रहा हूँ कि हिंदू होकर के कि मुस्लिम को अगर परेशानी किसी मुद्दे पर हो रही है और मोदी जी कर रहे हैं, तो वो अच्छा है।”

वहीं एक अन्य वीडियो में यही पत्रकार बीजे बिकास कहता है, “उसके घर में 200 रुपए नहीं आ रहा है कि परिवार ठीक से चलेगा लेकिन मोदी को वोट देंगे, क्योंकि टीवी पर बुलेटिन चलता है कि पाक और चीन में मोदी ने किया वार। उससे जनता खुश है। लोगों को ये नहीं पता कि चीन और पाक का बॉर्डर कहाँ से शुरू होता है। कौन पीएम है, कौन सीएम है, उनको कुछ नहीं पता है।”

गौरतलब है कि हाल ही में मोहम्मद जुबैर ने भ्रामक वीडियो पोस्ट कर लोगों में हिन्दू-घृणा को स्थापित कर हिन्दुओं को भी ‘कट्टरपंथी’ साबित करने का बचकाना प्रयास किया था। मोहम्मद जुबैर ने तनिष्क इंदौर के एक शोरूम का वीडियो ट्विटर पर शेयर किया था।

वीडियो शेयर करते हुए जुबैर ने लोगों को गुमराह करने की कोशिश की। जुबैर ने सोशल मीडिया यूजर्स को यह बताने की कोशिश की थी कि किस तरह हिंदू एक विज्ञापन की वजह से तनिष्क शोरूम में काम कर रहे लोगों को प्रताड़ित कर रहे हैं और शोरूम में घुसकर नारेबाजी कर रहे हैं। जबकि मामला इसके बिलकुल विपरीत था।

BJP कार्यकर्ताओं को पश्चिम बंगाल की पुलिस ने सड़क पर घसीटा, महिला मोर्चा के साथ बदसलूकी

पश्चिम बंगाल में एक बार फिर से बीजेपी कार्यकर्ता और पुलिस के बीच झड़प की खबर सामने आ रही है। दरअसल पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ भाजपा कार्यकर्ता ने विरोध प्रदर्शन किया। भाजपा कार्यकर्ता कानून-व्यवस्था को लेकर सड़क पर उतर आए और इसके खिलाफ प्रदर्शन किया। इस पर बंगाल पुलिस ने कार्यकर्ताओं के साथ बदसलूकी की और उन्हें जबरन उठाया। CNN News18 ने ट्वीट करते हुए इसकी जानकारी दी।

मीडिया हाउस ने पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच झड़प का वीडियो भी शेयर किया है। इसमें देखा जा सकता है कि पुलिस जबदस्ती बीजेपी कार्यकर्ताओं को उठा रही है और घसीटते हुए बाहर निकाल रही है। पुलिस ने उनके साथ धक्का-मुक्की भी की।

पुलिस ने बीजेपी महिला मोर्चा की सदस्य के साथ भी बदसलूकी की। उन्हें घसीट कर ले जाते हुए देखा जा सकता है। मीडिया हाउस ने बताया कि बंगाल पुलिस ने कई बीजेपी कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार भी कर लिया है। 

इस तरह की घटना तब सामने आई है, जब गृह मंत्री अमित शाह राज्य का दौरा करने वाले हैं। बताया जा रहा है कि केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा नेता अमित शाह साल 2021 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के संगठनात्मक मामलों का जायजा लेने के लिए आज (नवंबर 4, 2020) से पश्चिम बंगाल की दो दिवसीय यात्रा पर जाएँगे। अमित शाह अपने दौरे पर कई संगठनात्मक बैठक करेंगे।

कोविड-19 के प्रकोप के दौरान अमित शाह का यह बंगाल का पहला दौरा होगा। उन्होंने पिछली बार एक मार्च को राज्य का दौरा किया था। हालाँकि कोविड-19 के दौरान वर्चुअल माध्यम से बंगाल के लोगों को संबोधित किया था। बिहार चुनाव के बीच केंद्रीय गृह मंत्री का यह दौरा महत्व रखता है, क्योंकि पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने पिछले सप्ताह उनसे मुलाकात कर राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था की स्थिति की आलोचना की थी।

भाजपा के महासचिव व प्रदेश भाजपा के केंद्रीय प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय, प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष दिलीप घोष सहित भाजपा के आला नेता भी बंगाल की बिगड़ती कानून व्यवस्था पर सवालिया निशान लगाते रहे हैं और राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की माँग कर चुके हैं। अमित शाह ने भी हाल में अपने साक्षात्कार में बंगाल की बिगड़ती कानून व्यवस्था पर चिंता जताई थी।

‘उद्धव सोनिया होश में आओ’: दिल्ली के प्रेस क्लब के बाहर अर्णब गोस्वामी के समर्थन में उमड़ा हुजूम

मुंबई पुलिस जिस तरह से ‘रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क’ के संस्थापक अर्णब गोस्वामी के घर में घुस कर उठा कर ले गई और उन्हें गिरफ्तार कर लिया, उसे लेकर पूरे भारत में आक्रोश है। दिल्ली के प्रेस क्लब में भी कई पत्रकारों व अन्य लोगों ने पहुँच कर अर्णब गोस्वामी के लिए समर्थन जताया और मुंबई पुलिस व महाराष्ट्र सरकार की निंदा की। ऑपइंडिया सहित कई मीडिया संस्थानों के पत्रकार इस विरोध प्रदर्शन में शामिल रहे।

नीचे संलग्न किए गए तस्वीरों में आप देख सकते हैं कि कैसे दिल्ली के प्रेस क्लब के बाहर आकर लोग अर्णब गोस्वामी के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने अपने साथ ‘संविधान से गद्दारी है, महाराष्ट्र सरकार मीडिया की हत्यारी है’ और ‘उद्धव-सोनिया होश में आओ, मीडिया पर हमले बंद करो’ लिखे बैनर ले रखा था। साथ ही वो ‘अगर आज चुप रहे तो कल आप पर हमला होगा’ लिखे पोस्टर-बैनर भी ले रखे थे।

साथ ही नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) ने भी महाराष्ट्र सरकार की निंदा करते हुए कहा कि अर्णब गोस्वामी को बिना किसी पूर्व-सूचना के जबरन उनके घर में घुस कर गिरफ्तार किया गया। यूनियन ने कहा कि ये पुलिस बल का दुरूपयोग है और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को वश में करने का प्रयास है। यूनियन ने इसे अमानवीय, हृदयहीन और गैर-कानूनी बताया। यूनियन ने ध्यान दिलाया कि कैसे अर्णब को उनके वकीलों की सलाह भी नहीं लेने दी गई।

यूनियन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले में हस्तक्षेप करने की माँग करते हुए कहा कि राजनीतिक कारणों से अर्णब गोस्वामी को प्रताड़ित किया जा रहा है। साथ ही इसे सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का स्पष्ट उल्लंघन भी करार दिया। मेजर जनरल (रिटायर्ड) जीडी बख्शी ने भी विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। पत्रकारों ने कहा कि ये सब उसी महाराष्ट्र में हो रहा है, जहाँ बालासाहब ठाकरे कार्टून्स के जरिए अपनी बात रखते थे।

ज्ञात हो कि ‘इंडियन डिजिटल मीडिया असोसिएशन (IDMA)’ ने ‘रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क’ के मुख्य संपादक अर्णब गोस्वामी की गिरफ़्तारी और मुंबई पुलिस की ‘मनमानी’ पर हैरानी जताई है। ‘रिपब्लिक टीवी’ के अनुसार, अर्णब गोस्वामी के साथ दुर्व्यवहार किया गया, उन्हें जबरन पुलिस थाने ले जाते समय कई गाड़ियों का बदल-बदल कर इस्तेमाल किया गया। चैनल ने ये भी बताया है कि अर्णब गोस्वामी की गिरफ़्तारी के लिए पुलिस न तो कोई वारंट और न ही कोई अदालती आदेश लेकर आई थी।

चीन से काम समेटकर UP पहुँची जर्मन कंपनी: आगरा में शुरू किया प्रोडक्शन, 10,000 लोगों को मिलेगा रोजगार

लाखों डॉलर के जूते निर्यात के कारोबार को चीन से समेटकर भारत आई जर्मनी की कंपनी वॉन वेलेक्स ने UP के आगरा में दो फुटवियर यूनिट्स में उत्पादन शुरू कर दिया है। अभी तक कुल 2000 लोगों को इन यूनिट्स में रोजगार दिया गया है। वॉन वेलक्स कंपनी अब UP में तीन परियोजनाओं में लगभग 300 करोड़ रुपए का निवेश करेगी और लगभग 10,000 लोगों को रोजगार मिल सकेगा।

अपर मुख्य सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आलोक कुमार ने मंगलवार (4 नवंबर, 2020) को वर्चुअल माध्यम से इन इकाइयों का उद्घाटन किया। बता दें कि भारत की जूता निर्यातक कंपनी ‘इआट्रिक इण्डस्ट्रीज ग्रुप’ और जर्मनी की कंपनी ‘कासा ऐवर जिम्ब’ (Casa Everz Gmbh) के बीच हुए साझेदारी में इसकी स्थापना की गई हैं।

‘कासा ऐवर जिम्ब’ ने मई माह में कोरोना वायरस की महामारी के बीच ही भारत के साथ इस प्रस्ताव को रखा था। यह ब्रांड भारत के अलावा चीन में भी काम कर रहा था, जिसका करोड़ डॉलर का टर्नओवर है। अब यह चीन से सारा काम समेटकर भारत में उत्तर प्रदेश राज्य में स्थापित हो रही है।

हिंदुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों इकाइयों की वार्षिक 25 लाख जोड़ी जूतों की उत्पादन क्षमता है। बताया जा रहा यह कंपनी जेवर में 10,000 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में दिसंबर तक एक नई उत्पादन इकाई स्थापित कर सकती है। जबकि कोसी-कोटवान, मथुरा में 7.5 एकड़ में एक और विनिर्माण यूनिट भी प्रस्तावित है। इन परियोजनाओं के तहत कंपनी वार्षिक 50 लाख जोड़ी जूतों का उत्पादन करेगी।

अपर मुख्य सचिव ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व यह संभव हो सका है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में संकट को अवसर में बदलने के विजन के परिणाम मिलने लगे हैं। इसके तहत केवल पाँच माह में निवेश-प्रस्ताव क्रियान्वित होकर उत्पादन शुरू हो गया है।

उन्होंने कहा कि कोविड-19 के बाद के कालखण्ड में यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इकाइयों के संचालन के शुभारम्भ की घोषणा मेट्रो शूज लिमिटेड के अध्यक्ष रफीक ए मलिक तथा जिलाधिकारी आगरा प्रभु एन सिंह द्वारा की गई।

वहीं, ‘आशीष इआट्रिक इण्डस्ट्रीज’ के सीईओ आशीष जैन ने बताया कि इस मौजूदा परियोजना में जर्मन प्रौद्योगिकी और यूपी के जनसांख्यिकीय लाभांश के तालमेल का एक अनुपम उदाहरण है। परियोजना के अधीन प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, अनुसंधान, विकास, विपणन और उत्पादन ईआट्रिक इण्डस्ट्रीज के सहयोग से किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि वॉन वेलेक्स द्वारा 10,000 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में जेवर (यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण) में दिसम्बर 2020 तक एक नई उत्पादन इकाई स्थापित करने की योजना है। इसी तरह कोसी-कोटवान मथुरा में 7.5 एकड़ में एक और विनिर्माण इकाई प्रस्तावित है।

गौरतलब है कि भारत में कंपनी के आने से 10 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा और करोड़ों डॉलर का बिजनेस होगा।

वहीं सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) राज्य मंत्री उदयभान सिंह ने भी इस कदम का स्वागत किया था। उन्होंने कहा “हम यह देखकर बहुत खुश हैं कि कासा ऐवर जिम्ब (Casa Everz Gmbh) देश में निवेश करेगा और इतने लोगों को रोजगार देगा। खास बात यह है कि वो चीन को छोड़ कर भारत के उत्तर प्रदेश आ रहा है।”

पुरुषों और महिलाओं के लिए ऑर्थोपेडिक फुटवियर (Orthopaedic footwear) बेचने वाले इस ब्रांड के 80 देशों में 100 मिलियन से ज्यादा ग्राहक हैं। इसे भारत में 2019 में लॉन्च किया गया था और यह 500 से ज्यादा रीटेल और ऑनलाइन दुकानों पर यह ब्रांड मिलता है।

उल्लेखनीय है कि वॉन वैल्स जर्मनी एक जर्मन ब्रांड है जो ‘5 जोन तकनीक’ पर आधारित है, 5 जोन नाम से महिला और पुरुष के जूते चप्पल सैंडल बनाकर यूरोपीय बाजार में करोड़ों डॉलर का व्यापार करती है। भारत में यह काम वन विलेज जर्मन के नाम से किया जा रहा है।आगरा में उत्पाद होने वाला वन विलेज जर्मन घरेलू और निर्यात का काम पहले से भी कर रहा है। इसमें जूते का निर्माण आपके स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर किया जाता है।

बड़े बेटे पर ₹14 करोड़ जुर्माना, छोटा चला रहा ड्रग्स का अवैध कारोबार: वामपंथी नेता के बेटे पर ED का शिकंजा

केरल की वामपंथी सरकार लगातार मुश्किलों में फँसती जा रही है क्योंकि अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जाँच में पता चला है कि बिनिश कोदियेरी एक काफी बड़े और अवैध अंडरग्राउंड कारोबार का संचालन कर रहा था। वो सीपीएम के स्टेट सेकेट्री कोदियेरी बालाकृष्णन का बेटा है, इसीलिए राज्य की सत्ताधारी पार्टी के लिए मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। नार्कोटिक्स के कारोबार और अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग के मामले में भी उन पर आरोप लगा है।

असल में बिनिश कोदियेरी अलग-अलग लोगों के नाम पर केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में कई दुकानों की चेन, कई लक्जरी कारों (जिनमें से प्रत्येक का दाम 2 करोड़ रुपए है), कई होटल, शोरूम, और इलेक्ट्रिकल फिटिंग की दुकानें चला रहा था। ये सभी दुकानें दूसरे लोगों के नाम पर रजिस्टर कराई गई हैं। मंगलवार (नवंबर 3, 2020) को उसे प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 5 दिनों के लिए कस्टडी में लिया, ताकि आगे की पूछताछ की जा सके।

दरअसल, ED ने बेंगलुरु से मोहम्मद अनूप नामक ड्रग पेडलर को गिरफ्तार किया था, जिसने बिनिश कोदियेरी के अवैध कारोबार के विवरण साझा किए थे। इसके बाद एजेंसी ने रुपयों के लेनदेन की जाँच शुरू कर दी और इससे जाँच एजेंसी को निवेशों के एक बड़े नेटवर्क का पता चला। ये निवेश ड्रग से कमाए गए रुपयों से अर्जित की गई सम्पत्तियों और व्यवसायों में किए गए थे। इसके लिए कई ड्रग पेडलर्स का सहारा लिया गया था।

साथ ही UAE के कॉन्सुलेट के साथ बिनिश कोदियेरी के रिश्ते और कारोबार भी शक के घेरे में आ गए हैं। जाँच में पता चला है कि वो दलालों के जरिए ऐसे कई अधिकारियों से संपर्क में था। वामपंथी नेता का बड़ा बेटा बिनॉय बालाकृष्णन पहले ही दुबई में एक धोखाधड़ी के मामले में आरोपित है और उस पर 14 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया गया था। अब इस परिवार के अन्य वरिष्ठ सदस्यों से भी पूछताछ की जा सकती है।

केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के करीबी अधिकारी एम शिवशंकर पहले से ही मनी लॉन्ड्रिंग के मामले का सामना कर रहे हैं। वहीं ED की एक टीम ने बुधवार को बेंगलुरु स्थित कोदियेरी के आवास पर छापेमारी भी की। उसके कई पार्टनरों के ठिकाने भी ED की रडार पर हैं। उसके एक पार्टनर अब्दुल लतीफ़ के कारोबारी ठिकानों पर भी छापेमारी होनी है। वो फ़िलहाल क्वारंटाइन में है क्योंकि उसकी अम्मी को कोरोना हुआ है।

कुछ ही दिनों पहले खबर आई थी कि केरल में एक दलित महिला अपनी दो बेटियों की हत्या के मामले में न्याय के लिए भटक रही है और उसने फिर से विरोध प्रदर्शन शुरू किया है। ये 3 साल पहले की घटना है, जब दोनों नाबालिग बहनों की वालयार में संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या कर दी गई थी। हत्या से पहले उन दोनों का यौन शोषण भी किया गया था। सोमवार (अक्टूबर 26, 2020) को उनकी माँ ने न्याय के लिए फिर से आंदोलन शुरू किया है।

मुंबई आतंकी हमले के बाद कॉन्ग्रेस डर गई थी, हमने पुलवामा का बदला लिया- योगी आदित्यनाथ

बिहार चुनावों में प्रचार के दौरान यूपी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार RJD और कॉन्ग्रेस पर निशाना साध रहे हैं। आज कटिहार, मधुबनी, दरभंगा में भी जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने आतंकवाद पर पूर्ववर्ती कॉन्ग्रेस सरकार के नजरिए समेत कई अन्य मुद्दों को जनता के सामने रखा। उन्होंने कहा कि मुंबई आतंकी हमलों के बाद कॉन्ग्रेस डर गई थी जबकि वर्तमान सरकार ने पुलवामा आतंकी हमले का मुँहतोड़ जवाब दिया।

मोदी सरकार के नेतृत्व में एनडीए सरकार की खासियतें गिनाते हुए उन्होंने मुंबई में हुए आतंकी हमले की याद दिलाई। उन्होंने बताया कि जब मुंबई में आतंकी हमला हुआ था उस समय कॉन्ग्रेस सत्ता में थी और उसे राजद का समर्थन मिला था, लोग पाकिस्तान को तभी सबक सिखाना चाहते थे, मगर कॉन्ग्रेस डर गई। पुलवामा हमले के बाद पीएम ने कहा था कि हम अपने सैनिकों के बलिदान का बदला लेंगे और हमने यह पाकिस्तान में घुसकर किया भी। योगी आदित्यनाथ ने सवाल किया कि क्या कॉन्ग्रेस ऐसा कर सकती थी?

इसी प्रकार कटिहार में भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घुसपैठ की समस्या को लेकर कहा कि कटिहार घुसपैठ की समस्या से तंग है जब एनडीए सरकार आएगी तो घुसपैठिए को बाहर निकाल फेंकेगी। उन्होंने कटिहार से भाजपा प्रत्याशी तार किशोर के लिए वहाँ की जनता से आशीर्वाद माँगा और आश्वास्त किया कि घुसपैठ की समस्या का समाधान होगा।

वह बोले कि बिहार में नीतिश के नेतृत्व में एक बार फिर एनडीए सरकार बनेगी। उन्होंने जनता से कहा कॉन्ग्रेस और राजद के परिवारों की चिंता आम लोगों की नहीं है। वह कॉन्ग्रेस-राजद पर तंज कसते हुए कहते हैं- “इनके लिए परिवार ही पार्टी है और पार्टी ही देश है। इससे बाहर इनकी दृष्टि नहीं है।” सीएम योगी ने राजद और कॉन्ग्रेस के लिए कहा कि इन्हें जब सत्ता में रहने का अवसर मिला तो इन्होंने परिवारवाद को बढ़ावा दिया।

लालू यादव के चारा घोटाला पर तंज कसते हुए भाजपा के स्टार प्रचारक सीएम योगी ने कहा कि सत्ता में रहते हुए ये गरीबों को मकान, शौचालय, रसोई गैस का कनेक्शन, बिजली का कनेक्शन नहीं दे पाए, स्वास्थ्य बीमा कवर नहीं दे पाए, खाद्यान्न नहीं दे पाए.. और तो और, अवसर मिला तो जानवरों का राशन भी चट कर गए।

मुख्यमंत्री योगी ने एक ओर जहाँ तेजस्वी यादव के 10 लाख नौकरी वाले वादे को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि रोजगार का झुनझुना दिखा कर ये जनता की आँखों में धूल झोंकने का कार्य कर रहे हैं तो वहीं, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली सरकार को लेकर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने विकास को समग्र बनाने पर ज़ोर दिया है। सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, यही मंत्र रहा। हम विकास सबका करेंगे, तुष्टीकरण किसी का नहीं।